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  • चांगलांग में गश्ती दल पर हमला, हवलदार जानखोकाई कुकी शहीद; सर्च ऑपरेशन तेज

    चांगलांग में गश्ती दल पर हमला, हवलदार जानखोकाई कुकी शहीद; सर्च ऑपरेशन तेज

    नई दिल्ली
    अरुणाचल प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है। चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास मंगलवार सुबह संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में असम राइफल्स का एक जवान शहीद हो गया। हमले में चार अन्य जवान भी घायल हो गए। यह घटना सीमा के उस संवेदनशील इलाके में हुई, जहां सुरक्षा बल गश्त कर रहे थे और सीमा पर बाड़ लगाने का काम भी चल रहा था। बताया जा रहा है कि घटना चांगलांग जिले के नामपोंग सर्कल में नामपोंग नाले के पास सुबह करीब साढ़े छह बजे हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, 21 असम राइफल्स के जवान उस इलाके में नियमित गश्त पर थे।

    अधिकारियों के मुताबिक, गश्ती दल पर संदिग्ध उग्रवादियों ने अचानक और अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस हमले में 42 वर्षीय हवलदार जानखोकाई कुकी की मौके पर ही मौत हो गई। चार अन्य जवान घायल हो गए। घायल जवानों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलजा चल रहा है। हमले के बाद इलाके में सुरक्षा बलों ने तलाशी और कॉम्बिंग ऑपरेशन तेज कर दिया है। जवान इलाके के जंगलों, नालों और सीमा के आसपास के रास्तों की जांच कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमलावर गश्ती दल के कितने करीब आए, उन्होंने किस दिशा से फायरिंग की और हमले के बाद किस रास्ते से भाग गए।

    चांगलांग के पुलिस अधीक्षक किर्ली पाडू ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिल चुकी है। उन्होंने चांगलांग थाना प्रभारी को मामले की पूरी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि यह इलाका लंबे समय से संवेदनशील माना जाता है। चांगलांग जिला म्यांमार से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा पर है। यहां कई जगहों पर सीमा अभी पूरी तरह बाड़ से बंद नहीं है। घने जंगल, पहाड़ी रास्ते और सीमा पार आवाजाही की वजह से सुरक्षा बलों के लिए यह क्षेत्र चुनौतीपूर्ण रहता है। पूर्वोत्तर के इस हिस्से में कुछ विद्रोही गुट सक्रिय बताए जाते हैं। चांगलांग के साथ तिरप और लोंगडिंग जैसे इलाके भी सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माने जाते हैं।

    शुरुआती जानकारी में एनएससीएन के-वाईए यानी युंग आंग गुट के उग्रवादियों की संलिप्तता की आशंका जताई गई है। कुछ रिपोर्टों में उल्फा-आई का भी जिक्र आया है, लेकिन इस बात की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच असम राइफल्स ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि दी है। महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा और बल के सभी रैंकों ने हवलदार जानखोकाई कुकी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। बल ने शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और कहा है कि पूरा असम राइफल्स परिवार उनके साथ खड़ा है।

  • चंडीगढ़ में ED का बड़ा एक्शन, ₹656 करोड़ गबन केस में 14 जगह छापे

    चंडीगढ़ में ED का बड़ा एक्शन, ₹656 करोड़ गबन केस में 14 जगह छापे

    चंडीगढ़.

    ईडी चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-II ने चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में 14 जगहों पर तलाशी की। यह जांच हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन आदि के 645 करोड़ सार्वजनिक फंड के कथित गबन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में है।

    जांच हरियाणा पुलिस के फरवरी 2026 के एफआईआर पर आधारित है, जिसमें डेवलपमेंट एंड पंचायत विभाग के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक खातों में गड़बड़ी पाई गई थी। तलाशी मलिक ज्वेलर्स, केएलजी ज्वेल्स, एमबी गोल्ड ट्रेडर्स, शाम ज्वेलर्स, सुंदर ज्वेलर्स और बिचौलिये गौरव कंसल सहित ज्वेलरी फर्मों पर हुई। कथित गबन की रकम ज्वेलर्स के खातों से व्यापारिक लेनदेन दिखाकर लेयर्ड की गई और आईएएस अधिकारियों तक पहुंचाई गई।

    सीबीआई ने पहले ही छह हरियाणा कैडर आईएएस समेत आरोपियों के खिलाफ तीसरा चार्जशीट दाखिल किया है। ईडी ने पहले 4 गिरफ्तार किए, 211 करोड़ की संपत्ति अटैच/जब्त की और 14 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दायर की। नई तलाशियों से और सबूत मिले। जांच जारी है।

  • रीवा में तस्कर का पुलिस कस्टडी से फरार होने का सनसनीखेज मामला

    रीवा में तस्कर का पुलिस कस्टडी से फरार होने का सनसनीखेज मामला

    रीवा.

    ओडिशा पुलिस की कस्टडी से रीवा लाया जा रहा कुख्यात गांजा तस्कर आदित्य मिश्रा मंगलवार दोपहर पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र स्थित छूहिया घाटी में तीन गाड़ियों से आए बदमाशों ने पुलिस वाहन को घेरकर कथित तौर पर पुलिसकर्मियों पर बेहोशी का स्प्रे किया और आरोपित को छुड़ाकर ले गए।

    दिनदहाड़े हुई इस घटना से सीधी और रीवा पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, गांजा तस्करी के मामले में ओडिशा पुलिस की हिरासत में बंद आदित्य मिश्रा को ट्रांजिट रिमांड पर रीवा लाया जा रहा था। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस का वाहन जैसे ही छूहिया घाटी के पास पहुंचा, पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने तीन गाड़ियों से उसे घेर लिया। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने पुलिसकर्मियों पर बेहोशी का स्प्रे किया, जिससे वे कुछ देर के लिए अचेत हो गए। इसी दौरान बदमाश आदित्य मिश्रा को लेकर फरार हो गए। हालांकि, पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

    घाटी और आसपास के जंगलों में सघन तलाशी अभियान
    घटना की सूचना मिलते ही सीधी और रीवा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। सीधी एसपी और रामपुर नैकिन थाना पुलिस के साथ रीवा के अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। छूहिया घाटी और आसपास के जंगलों में नाकाबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। आरोपित को भगाने में इस्तेमाल की गई तीनों गाड़ियों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस फरार आरोपित और उसे छुड़ाने वाले बदमाशों की तलाश में जुटी है।

    कई राज्यों में दर्ज हैं गांजा तस्करी के मामले
    आदित्य मिश्रा रीवा-सीधी क्षेत्र का कुख्यात गांजा तस्कर बताया जाता है। उसके खिलाफ कई राज्यों में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। ओडिशा पुलिस की कस्टडी से उसे छुड़ाने के लिए कथित तौर पर की गई इस सुनियोजित कार्रवाई ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • विधेयक के प्रारंभिक प्रारूप पर नागरिकों और संस्थाओं को अपनी बात रखने का अवसर  हिंदी और अंग्रेजी में पुलिस विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रारूप, 30 दिनों के भीतर दे सकेंगे सुझाव और आपत्तियां

    विधेयक के प्रारंभिक प्रारूप पर नागरिकों और संस्थाओं को अपनी बात रखने का अवसर हिंदी और अंग्रेजी में पुलिस विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रारूप, 30 दिनों के भीतर दे सकेंगे सुझाव और आपत्तियां

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी द्वारा छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 का प्रारंभिक प्रारूप तैयार किया है। प्रस्तावित विधेयक को लेकर राज्य के आम नागरिकों, विशेषज्ञों और संबंधित हितधारकों से सुझाव एवं आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।

     गृह विभाग की ड्राफ्ट कमेटी द्वारा कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 में आवश्यक संशोधन करते हुए नए विधेयक का प्रारूप तैयार किया गया है। आम नागरिक प्रस्तावित प्रावधानों का अध्ययन कर अपनी राय शासन के समक्ष रख सकें, इसके लिए विधेयक का प्रारूप हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है।

    विधेयक का प्रारूप पुलिस विभाग की वेबसाइट cgpolice.gov.in के नोटिस/प्रेस रिलीज सेक्शन में हिंदी एवं अंग्रेजी में अपलोड किया गया है। प्रस्तावित विधेयक के किसी प्रावधान को लेकर किसी नागरिक, संस्था अथवा संबंधित हितधारक का कोई सुझाव या आपत्ति है तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत शासन को भेजा जा सकता है।

    सुझाव देने के लिए 30 दिनों का समय

    राज्य शासन ने सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत करने के लिए 30 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की है। इसके माध्यम से प्रस्तावित विधेयक पर आम जनता के साथ ही विषय विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों को भी अपनी राय रखने का अवसर मिलेगा। सुझाव एवं आपत्तियां 'प्रमुख सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, गृह एवं जेल विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नवा रायपुर, अटल नगर' के पते पर भेजी जा सकती हैं।

    इस पहल के माध्यम से प्रस्तावित छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण विधेयक, 2026 पर नागरिकों और संबंधित पक्षों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उनके सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी।

  • अमेरिका-पाकिस्तान की नजदीकी के बीच बोले जयशंकर, आतंकवाद पर समझ जरूरी

    अमेरिका-पाकिस्तान की नजदीकी के बीच बोले जयशंकर, आतंकवाद पर समझ जरूरी

    नई दिल्ली
    विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पड़ोसी देश से उत्पन्न होने वाला आतंकवाद भारत की प्रमुख चिंताओं में से एक है। अगर नई दिल्ली के साझेदार इस चिंता को पूरी तरह नहीं समझते हैं, तो इसका द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ता है। उनका यह बयान अमेरिका और पाकिस्तान की बढ़ती नजदीकी के बीच भारत-अमेरिका संबंधों के संदर्भ में आया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के समापन के अवसर पर एशिया सोसाइटी की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां जयशंकर ने भारतीय-अमेरिकी और प्रवासी भारतीय समुदाय के प्रमुख सदस्यों के साथ-साथ नीति विशेषज्ञों को संबोधित किया।

    एस जयशंकर से भारत-अमेरिका संबंधों के बारे में सवाल किया गया। उनसे खासतौर पर पिछले एक वर्ष के दौरान व्यापार और टैरिफ से जुड़े घटनाक्रम व द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर दिशा में ले जाने के लिए क्या किए जाने की जरूरत है, इस बारे में पूछा गया। जयशंकर ने कहा, 'अगर मैं व्यापक नजरिए से देखूं तो मैं देखता हूं कि दुनिया के कई देशों के अमेरिका के साथ संबंध अधिक कठिन रहे हैं। मेरा मतलब है कि इससे हमें सांत्वना शायद न मिले, लेकिन यह एक वास्तविकता है।' उन्होंने अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संबंधों का जिक्र किया, जिनमें पिछले एक वर्ष के दौरान सुधार आया है, खासकर जनवरी 2025 में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के कुछ ही महीनों बाद।

    आतंकवाद को लेकर क्या बोले जयशंकर
    जयशंकर ने कहा कि एक मुद्दा हर देश की संवेदनशीलताओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा, 'भारत के लिए जो बात विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, वह आतंकवाद का मुद्दा है। हमारा मानना है कि शायद बहुत कम ऐसे देश हैं, जिन्हें कई दशकों से किसी पड़ोसी देश की ओर से जानबूझकर और सुनियोजित नीति के तहत उस तरह के आतंकवाद का सामना करना पड़ा है, जैसा हमने किया है।' पाकिस्तान का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा, 'अगर जो बात हमारे लिए इतनी अहम है, उसके बारे में पर्याप्त समझ या सराहना या सहानुभूति नहीं है, तो मुझे लगता है कि इससे भी एक समस्या पैदा होती है। यदि मेरी प्रमुख चिंताओं में से किसी एक को मेरा साझेदार पूरी तरह नहीं समझता है, तो स्पष्ट रूप से इसका संबंधों पर असर पड़ता है।'

    पहलगाम हमले के बाद और बढ़ा तनाव
    पिछले साल मई में भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाकर ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस हमले को पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने अंजाम दिया था और इसमें 26 लोग मारे गए थे जिनमें से ज्यादातर पर्यटक थे। पिछले पूरे साल और यहां तक कि गत सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में भी ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रुकवाया था। भारत लगातार किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से इनकार करता रहा है।

    ट्रंप का अब तक कैसा रहा है रवैया
    पिछले साल जून में कनाडा के कनानास्किस में आयोजित जी7 नेताओं के शिखर सम्मेलन से लौटने के बाद ट्रंप ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर की व्हाइट हाउस में दोपहर के भोजन पर मेजबानी की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जी7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और मुनीर ने पिछले साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के दौरान व्हाइट हाउस में ट्रंप से फिर मुलाकात की थी। ट्रंप ने विभिन्न मौकों पर सार्वजनिक रूप से मुनीर की प्रशंसा की और उन्हें महान जनरल, महान फील्ड मार्शल, एक महान व्यक्ति बताया। जयशंकर ने कहा, 'हम निश्चित रूप से उम्मीद करेंगे और अपेक्षा करेंगे कि भारत-अमेरिका संबंध आगे बढ़ते हुए बेहतर दिशा में जाएं। लेकिन मुझे सामने मौजूद मुद्दों को लेकर वास्तविकता को ध्यान में रखना होगा और जिस हद तक हम इनमें से कुछ मुद्दों पर आगे बढ़ने में सक्षम होंगे, मुझे लगता है कि हमारे संबंध बेहतर होंगे।'

  • पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर मिलेगा आरक्षण

    पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर मिलेगा आरक्षण

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के समग्र विकास और जनहित को गति देने के लिए लगभग 24 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी। युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए मंत्रि-परिषद ने पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का बड़ा फैसला किया है।

    शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के मानदेय के लिए आगामी पांच वर्षों के लिए 5,329.17 करोड़ रुपये, स्कूली विद्यार्थियों को गणवेश राशि के लिए 348 करोड़ 7 लाख रुपये तथा स्वास्थ्य केंद्रों व औषधि नियंत्रण के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। अधोसंरचना विस्तार के तहत 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से दमोह-कटनी 4-लेन मार्ग निर्माण, ग्रामीण विकास निधि के लिए 3,580 करोड़ 22 लाख रुपयें और सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत उज्जैन की कान्ह डायवर्सन परियोजना सहित दतिया, नीमच व सागर की बंडा वृहद सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता को स्वीकृति दी गई। यह निर्णय प्रदेश में रोजगार, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण को गति प्रदान करेंगे।

    पुलिस आरक्षक सहित विशेष सशस्त्र बल,जेल प्रहरी,वन रक्षक और आबकारी आरक्षक के पदों पर अग्निवीरों को मिलेगा 20 प्रतिशत आरक्षण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की युवाओं को सशक्त बनाने की मंशा के अनुरूप मंत्रिपरिषद ने प्रदेश की वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मंत्रि-परिषद के निर्णय अनुसार अब गृह विभाग के अंतर्गत आरक्षक (सामान्य ड्यूटी)की भर्ती में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इसी तरह गृह विभाग अंतर्गत विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों 20 प्रतिशत, जेल विभाग अंतर्गत जेल प्रहरी में होमगार्ड को 15, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20, वन विभाग अंतर्गत वन रक्षक में होमगार्ड को 15, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत तथा वाणिज्यिक कर विभाग अंतर्गत आबकारी आरक्षक में होमगार्ड को 10, भूतपूर्व सैनिक को 5 और अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण (हॉरिजेन्टल) दिये जाने का निर्णय लिया गया है।

    कक्षा 1 से 8 तक शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को गणवेश की राशि प्रदाय करने के लिए 348 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने सत्र 2026-27 में कक्षा 1 से 8 तक शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र और छात्राओं के लिये गणवेश की राशि डीबीटी के माध्यम से छात्र, छात्राओं और पालकों के खातों में प्रदाय करने के लिए 348 करोड़ 7 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।

    अतिथि शिक्षकों को मानदेय प्रदाय करने के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने अतिथि शिक्षकों के मानदेय प्रदाय संबंधी योजना को आगामी 5 वर्षों 2026-27 से 2030 -31 तक निरंतर संचालन के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। प्रदेश के शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी शालाओं में शिक्षकों के विषयमान से स्वीकृत पदों में से रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षकों के माध्यम से अध्यापन की व्यवस्था की जाती है। प्रदेश में वर्तमान में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत है।

    सिंगरौली में 605 बिस्तरीय जिला चिकित्सालय निर्माण के लिए 372 करोड़ 12 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने जिला चिकित्सालय सिंगरौली में अतिरिक्त 155 बिस्तरों की वृद्धि करते हुए 450 से 605 बिस्तरीय चिकित्सालय में विस्तार कार्य के साथ आंतरिक और बाह्य विकास कार्यों तथा बॉयोमेडिकल उपकरण एवं अस्पताल फर्नीचर आदि कार्य के लिए 372 करोड़ 12 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है।

    उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में जिला चिकित्सालय सिंगरौली के परिसर में 400 बिस्तरीय अस्पताल भवन एवं 50 बिस्तरीय क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक के एकजाई भवन निर्माण कार्य के लिए 188 करोड़ 72 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई थी। जिला चिकित्सालय के क्षेत्रफल वृद्धि एवं 450 बिस्तर से 605 बिस्तरीय अस्पताल भवन सहित अन्य कार्य के फलस्वरूप लागत में वृद्धि होने से राशि रूपये 372 करोड़ 12 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

    दमोह-कटनी मार्ग के निर्माण के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने दमोह-कटनी मार्ग लम्बाई 105.10 कि.मी. का 4-लेन मय पेव्हड शोल्डर के साथ हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (एच.ए.एम) के लिए बनाए गए मॉडल कंसेशन एग्रीमेंट के आधार पर निर्माण के लिए 4,470 करोड़ 30 लाख रूपये (जीएसटी सहित) की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।

    स्वीकृति अनुसार परियोजना निर्माण लागत की 40 प्रतिशत राशि 865 करोड़ 15 लाख रूपये (जीएसटी सहित) का भुगतान निर्माण अवधि के दौरान म.प्र. सडक विकास निगम द्वारा लिये जा रहे ऋण के माध्यम से किया जायेगा।  निर्माण लागत की शेष 60 प्रतिशत राशि, एन्यूटी, ओ.एण्ड.एम, ब्याज, निर्माण पूर्व कार्यकलाप (भू-अर्जन एवं अन्य कार्य) एवं सुपरविजन चार्जेस के लिए कुल राशि 3,605 करोड़ 15 लाख रूपये का व्यय किये जाने के लिए शासन द्वारा म.प्र. सडक विकास निगम को राज्य बजट के माध्यम से इक्विटी के रूप में दिये जाने एवं इसके विरूद्ध निगम द्वारा राज्य शासन को शेयर्स जारी किये जाने का अनुमोदन किया गया है।

    लोक स्वास्थ्य केंद्रों, ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम के सुदृढीकरण और औषधि नियंत्रण के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अंतर्गत तीन योजनाओं के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार प्रदेश के सामुदायिक स्वास्थ्य, उप स्वास्थ्य और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन निर्माण से संबंधित योजना के लिए 3,113 करोड़ 27 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। इसी तरह ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम का सुदृढीकरण से संबंधित योजना के लिए 20 करोड़ 90 लाख रूपये और औषधि नियंत्रण से संबंधित योजना के लिए 111 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी है।

    छिन्दवाडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल के निर्माण के लिए 953 करोड़ 69 लाख रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने छिन्दवाडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल एवं अन्य भवनों का निर्माण तथा सभी संबंद्ध सेवाओं सहित बाहय विकास कार्यों के लिए 953 करोड़ 69 लाख रूपयें की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी है।

    वर्ष 2022 में छिन्दवाडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल एवं अन्य भवनों के निर्माण के लिए 768 करोड़ 22 लाख रूपयें की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। वर्तमान में शासन द्वारा जी.एस.टी. की दरों को 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत होने से अंतर की राशि, डेडीकेडेट विद्युत फीडर लाईन, नगर पालिक निगम द्वारा भवन अनुज्ञा फीस में वृद्धि होने के फलस्वरूप 953 करोड़ 69 लाख रूपयें की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

    दतिया की माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिये  1,608.02 करोड़ रूपयें की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने दतिया जिले की माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 1,608.02 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से दतिया जिले के 78,484 हेक्टेयर में क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित करना है।

    नीमच की रामपुरा मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 524 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने नीमच जिले की रामपुरा मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 524 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। यह एक वृहद सिंचाई परियोजना है। परियोजना अन्तर्गत गांधीसागर जलाशय से जल उद्वहन कर नीमच जिले के 65,400 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित की जा रही है।

    उज्जैन की कान्ह डायवर्सन क्लोस डक्ट परियोजना के निरंतर संचालन के लिए 358 करोड़ 22 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने उज्जैन की कान्ह डायवर्सन क्लोस डक्ट परियोजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 358 करोड़ 22 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य उज्जैन की पवित्र शिप्रा नदी में प्रदूषित कान्ह नदी के पानी को प्रवेश करने से रोकना है। यह योजना 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महापर्व के दृष्टिगत निर्माणाधीन है। इसके तहत प्रदूषित कान्ह नदी के पानी को 30.15 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग और ढकी हुई नहर के माध्यम से मोड़ कर प्रदूषित पानी को गंभीर नदी तक पहुंचाना है।

    सागर की बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना की निरंतरता के लिए 1,052 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने सागर जिले के बण्डा तहसील के ग्राम उल्दन में धसान नदी पर प्रस्तावित बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 1,052 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बांध निर्माण कर सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से सागर जिले के 80,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई करना है।

    विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग के छात्रावास, आश्रम और सामुदायिक कल्याण केन्द्रों में रहवासियों के लिए 1 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न वितरण की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रावासों और आश्रमों की तरह ही विमुक्त, घुमन्तु एवं अर्द्धघुमन्तु कल्याण विभाग के छात्रावास, आश्रम और सामुदायिक कल्याण केन्द्रों में रहवासियों को भोजन के लिए रु. 1 प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न वितरण किये जाने की स्वीकृति दी है। इसके लिए वितरित खाद्यान्न पर राज्य अनुदान का भुगतान विद्यार्थियों को रियायती दर पर खाद्यान्न योजना पर राज्य शासन से अनुदान मद अंतर्गत विकलनीय होगा।

    मउगंज, छिन्दवाडा, मैहर और टीकमगढ जिलों में नवीन जिला हाथकरघा कार्यालय के लिए 12 नवीन पदों के सृजन के साथ हथकरघा संचालनालय के लिए 2 करोड़ 41 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने मउगंज, छिन्दवाडा, मैहर और टीकमगढ जिलों में नवीन जिला हाथकरघा कार्यालय के लिए 3-3 नवीन पद कुल 12 नवीन पदों के सृजन के साथ हथकरघा संचालनालय के लिए 2 करोड़ 41 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृत पदों को विभागीय सुसंगत भर्ती नियमों में सम्मिलित करने की आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को अधिकृत किया गया है।

    भूमि के अंतरण पर उपकर का ग्रामीण विकास निधि में अंतरण की योजना की निरंतरता के लिए 3,580.22 करोड़ रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने म.प्र. उपकर अधिनियम, 1982 के अंतर्गत भूमि के अंतरण पर उपकर का ग्रामीण विकास निधि में अंतरण की योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 3,580.22 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में भूमि व संपत्तियों का क्रय-विक्रय और उनका पंजीयन एक सतत वैधानिक प्रक्रिया है, जिससे उपकर की राशि निरंतर प्राप्त होती है। इस राशि का उपयोग त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं (मुख्यतः जनपद व जिला पंचायतों) के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए किया जाता है।

    विधि विभाग की 14 योजनाओं के लिए 1,342 करोड़ 48 लाख रुपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग की 14 प्रमुख योजनाओं की 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1,342 करोड़ 48 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। यह राशि न्यायिक अधोसंरचना और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर व्यय की जाएगी।

    स्वीकृति अनुसार प्रमुख रूप से उच्च न्यायालय भवन व आवासीय परिसर निर्माण के लिए 372 करोड़ रुपये, महाधिवक्ता कार्यालय के लिए 357 करोड़ 77 लाख रुपये और राज्य न्यायिक अकादमी भवन के लिए 200 करोड़ रुपये का व्यय किया जायेगा। इसके अलावा अधिवक्ता कल्याण, ए.डी.आर. सेंटर्स, लोक अदालत और विभागीय आईटी व पुस्तकालय सुदृढ़ीकरण के लिए भी वित्तीय स्वीकृति दी गई है।

    न्यायालयों के निर्वाह पत्र तामिल से संबंधित योजना की निरंतरता के लिए 622 करोड़ 37 लाख रूपये की स्वीकृति

    मंत्रि-परिषद ने विधि एवं विधायी कार्य विभाग के पंजीयक, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के अंतर्गत निर्वाह पत्र तामिल से संबंधित योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 के लिये निरंतरता के लिए 622 करोड़ 37 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में राज्य के समस्त अधीनस्थ न्यायालयों यथा जिला एवं सत्र न्यायालय, सिविल न्यायालय आदि में पदस्थ ऐसे शासकीय सेवकों (प्रोसेस सर्वर) का वेतन आहरित किया जाता है जो न्यायालयों के पत्रों की तामिल करवाते है। योजना में उनके वेतन, भत्तों के साथ यात्रा देयकों का भुगतान भी किया जाता है।

    वनोपज एवं खनिज परिवहन के अभिवहन शुल्क की नई दरों का अनुमोदन

    मंत्रि-परिषद ने राज्य में उत्पादित वनोपज (खनिज वनोपज, लघु वनोपज एवं बांस को छोड़कर) तथा अन्य राज्यों से आयातित वनोपज के परिवहन के लिए अभिवहन शुल्क एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एन.ओ.सी) शुल्क की नवीन दरों को स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही खनिज वनोपजों के परिवहन पर भी प्रति टन की दर से शुल्क निर्धारित किया गया है।

    स्वीकृति अनुसार सामान्य वनोपज के परिवहन के लिए एक घनमीटर तक की मात्रा पर 200 रुपये का शुल्क तय किया गया है। एक घनमीटर से अधिक मात्रा होने की स्थिति में पहले घनमीटर के लिए 200 रुपये और उसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त घनमीटर के लिए 100 रुपये अतिरिक्त देय होंगे। यदि अतिरिक्त मात्रा आधे (1/2) घनमीटर से कम है तो उसकी गणना शून्य मानी जाएगी वहीं यदि यह मात्रा आधे घनमीटर से अधिक और एक घनमीटर से कम है तो उसकी गणना पूरे एक घनमीटर के रूप में की जाएगी।

    मंत्रि-परिषद ने खनिज वनोपजों के परिवहन के लिए भी प्रति टन शुल्क की दरें अनुमोदित की हैं। इसके तहत पहली श्रेणी के खनिजों—जैसे लाइम स्टोन, डोलोमाइट, फायर क्ले, मैंगनीज अयस्क, कॉपर अयस्क, रॉक फॉस्फेट, पायरोफिलाइट, डायस्पोर, ऑकर, बॉक्साइट, आयरन अयस्क, कैल्साइट, कोयला, क्वार्ट्ज, सिलिका सैंड, शेल, स्लेट और सोप स्टोन के परिवहन पर 81 रुपये प्रति टन की दर से शुल्क निर्धारित किया गया है। दूसरी श्रेणी में शामिल फ्लैग स्टोन, ग्रेनाइट, मार्बल एवं मिट्टी पत्थर के परिवहन के लिए 52 रुपये प्रति टन का शुल्क देय होगा।

    अन्य निर्णय

    मंत्रि-परिषद ने केन्द्र प्रवर्तित योजना "न्यायालय भवनों का निर्माण" में स्वीकृत निर्माण कार्यों के लंबित दायित्वों में भारत सरकार द्वारा नियत की गई अधिकतम व्यय सीमा से अधिक की राशि 691 करोड़ 1 लाख रूपये का भुगतान राज्य शासन द्वारा राज्य योजना में उपलब्ध करायी गई राशि से किए जाने की अनुमति प्रदान की है।

     

  • मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: बच्चों को ड्रेस के ₹600, अग्निवीरों को आरक्षण

    मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: बच्चों को ड्रेस के ₹600, अग्निवीरों को आरक्षण

    भोपाल.

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। प्रदेश सरकार ने स्कूली छात्रों, अग्निवीरों और राज्य के विकास कार्यों को लेकर बड़े निर्णय लिए हैं, जिनमें कक्षा एक से आठवीं तक के विद्यार्थियों को ड्रेस के स्थान पर नगद राशि देना और वर्दीधारी पदों पर अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देना प्रमुख है।

    58 लाख विद्यार्थियों के खातों में डीबीटी से आएंगे 600 रुपये
    कैबिनेट बैठक में स्कूली शिक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब प्रदेश में कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस (गणवेश) के स्थान पर 600 रुपये की नगद राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे छात्रों या उनके अभिभावकों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से भेजी जाएगी। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 58 लाख विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा।

    अग्निवीरों को वर्दीधारी पदों की भर्ती में 20% आरक्षण
    सेना में अपनी सेवाएं देने वाले अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से भी कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। राज्य में पुलिस, वन विभाग और अन्य वर्दीधारी पदों पर होने वाली सरकारी भर्तियों में अब अग्निवीरों को 20 प्रतिशत का सीधा आरक्षण दिया जाएगा।

    दमोह-कटनी मार्ग और छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज को मंजूरी
    बैठक में बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास पर भी चर्चा हुई। कैबिनेट ने कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए दमोह-कटनी मार्ग के निर्माण कार्य को अपनी मंजूरी प्रदान की है। इसके साथ ही, छिंदवाड़ा मेडिकल साइंस कॉलेज के निर्माण के लिए भी पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है, जिससे क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को और मजबूती मिलेगी।

  • राज्य प्रशासनिक सेवा के 125 अफसरों का ट्रांसफर, कई जिलों में बदले अपर कलेक्टर

    राज्य प्रशासनिक सेवा के 125 अफसरों का ट्रांसफर, कई जिलों में बदले अपर कलेक्टर

    रायपुर
    राज्य शासन ने मंगलवार को राज्य प्रशासनिक सेवा के 125 अधिकारियों के तबादले किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश में अधिकारियों को प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरित करते हुए नई पदस्थापना दी गई है। आदेश में अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर समेत मंत्रालय और विभिन्न विभागों में पदस्थ अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

    कई जिलों के अपर कलेक्टर भी बदले
    तबादला सूची में कई जिलों के अपर कलेक्टर भी बदले गए हैं। सुरेंद्र प्रसाद वैद्य को कोरिया के अपर कलेक्टर से बालोद का अपर कलेक्टर बनाया गया है। चंद्रकांत कौशिक को बालोद से सारंगढ़-बिलाईगढ़, सुनील कुमार नायक को सरगुजा से जशपुर और राजेश कुमार पात्रे को दंतेवाड़ा के अपर कलेक्टर पद से हटाकर नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक की जिम्मेदारी दी गई है।

    ट्रांसफर लिस्ट में कई महत्वपूर्ण जिलों के अपर कलेक्टर और संयुक्त कलेक्टर लेवेल के अधिकारी के पद प्रभावित हुए हैं:

    • सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य (अपर कलेक्टर, कोरिया) को बालोद का नया अपर कलेक्टर बनाया गया है। 
    • चन्द्रकांत कौशिक (अपर कलेक्टर, बालोद) को सारंगढ़-बिलाईगढ़ स्थानांतरित किया गया है। 
    • सुनील कुमार नायक (अपर कलेक्टर, सरगुजा) अब जशपुर के अपर कलेक्टर का पदभार संभालेंगे। 
    • राजीव कुमार पाण्डेय (अपर संचालक, उच्च शिक्षा) को जशपुर का अपर कलेक्टर नियुक्त किया गया है। 
    • सुश्री योगिता देवांगन (अपर कलेक्टर, दुर्ग) को कोरबा का नया अपर कलेक्टर बनाया गया है। 
    • चन्द्रिका प्रसाद बघेल (अपर कलेक्टर, बस्तर) को सुकमा भेजा गया है। 

    कई अन्य को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी
    इसी तरह राजीव कुमार पांडेय को उच्च शिक्षा संचालनालय में अपर संचालक से जशपुर का अपर कलेक्टर बनाया गया है। अरविंद कुमार पांडेय को रायपुर विकास प्राधिकरण से छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी, निमोरा रायपुर में संयुक्त संचालक की जिम्मेदारी दी गई है। निष्ठा पांडेय तिवारी को मुंगेली से बेमेतरा और प्रदीप कुमार साहू को जशपुर से बेमेतरा का अपर कलेक्टर बनाया गया है।

    रायपुर से जुड़े अधिकारियों की भी बदली जिम्मेदारी
    आदेश में रायपुर से जुड़े कई अधिकारियों की पदस्थापना में भी बदलाव किया गया है। रवि राही को रायगढ़ के अपर कलेक्टर पद से रायपुर नगर निगम में अपर आयुक्त बनाया गया है। अतुल विश्वकर्मा को नवा रायपुर में संयुक्त आयुक्त, भू-अभिलेख से रायपुर नगर निगम में अपर आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई है। ऋचा शर्मा को पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अवर सचिव पद से रायपुर नगर निगम में उपायुक्त बनाया गया है।

    इसके अलावा नितिन तिवारी को बिलासपुर के डिप्टी कलेक्टर से नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण में प्रबंधक बनाया गया है। गोविंद कुमार सिन्हा को नारायणपुर के डिप्टी कलेक्टर पद से हटाकर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड, रायपुर में मुख्य कार्यपालन अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को नई पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण कर पालन प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

  • कचरा प्रबंधन में रायपुर-बिलासपुर आगे, ‘प्रगति-50’ में मिली जगह

    कचरा प्रबंधन में रायपुर-बिलासपुर आगे, ‘प्रगति-50’ में मिली जगह

    रायपुर.

    भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की महत्वाकांक्षी ‘प्रगति-50’ (PRAGATI-50) योजना में छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर को शामिल किया गया है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से योजना का शुभारंभ किया।

    देश के चुनिंदा 50 शहरों में राज्य के दो शहरों के शामिल होने से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ के नगरीय विकास एवं स्वच्छता प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। शुभारंभ कार्यक्रम में चयनित राज्यों के नगरीय विकास विभागों, शहरी स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सहभागिता की। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू नई दिल्ली से कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव राजनांदगांव से कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री साय और उप मुख्यमंत्री साव ने ‘प्रगति-50’ में शामिल होने पर रायपुर और बिलासपुर नगर निगमों, दोनों शहरों के स्वच्छता मित्रों और शहरवासियों को बधाई दी है। रायपुर की महापौर मीनल चौबे और बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी के साथ दोनों नगर निगमों के आयुक्त भी कार्यक्रम में ऑनलाइन सम्मिलित हुए।

    प्रधानमंत्री द्वारा ‘प्रगति’ की बैठक में दिए गए निर्देशों पर शुरू हुई पहल
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित 51वीं ‘प्रगति’ बैठक के निर्देशों पर शुरू की गई यह पहल स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत चयनित शहरों में स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को तेज गति से सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। योजना में देश के 50 शहरों को शामिल किया गया है। इन शहरों को केंद्र सरकार की ओर से विशेष तकनीकी सहयोग, सतत मार्गदर्शन और गहन निगरानी मिलेगी। साथ ही श्रेष्ठ कार्य-पद्धतियों को अपनाने के लिए भी सहयोग दिया जाएगा। ‘प्रगति-50’ के तहत घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का वैज्ञानिक पृथक्करण एवं प्रसंस्करण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाने तथा सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं व शहरों की साफ-सफाई में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। भारत सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल के अंतर्गत उपयोग किए गए जल के उपचार, पुन: उपयोग और समुचित प्रबंधन को बढ़ावा देने तथा स्वच्छता अभियानों में नागरिकों, संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता बढ़ाने के साथ ही निर्धारित संकेतकों के आधार पर शहरों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग भी की जाएगी।

    राज्य की कोशिशों का परिणाम
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नगरीय निकायों में स्वच्छता, जनसुविधाओं के विस्तार, प्रभावी कचरा प्रबंधन और बेहतर सेवा-प्रदाय के लिए प्राथमिकता से काम कर रही है। ‘प्रगति-50’ के लिए रायपुर और बिलासपुर का चयन राज्य सरकार की इन कोशिशों का परिणाम है। इसमें दोनों नगर निगमों की सक्रिय भूमिका, स्वच्छता मित्रों की मेहनत और नागरिकों का सहयोग भी शामिल है।

    राज्य के अन्य नगरीय निकायों के लिए बनेगा मॉडल
    ‘प्रगति-50’ के माध्यम से रायपुर और बिलासपुर को राष्ट्रीय स्तर की श्रेष्ठ कार्य-पद्धतियां अपनाने का अवसर मिलेगा। दोनों शहरों में स्वच्छता व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, प्रयुक्त जल प्रबंधन तथा नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार किया जाएगा। इन शहरों के अनुभव और नवाचार छत्तीसगढ़ के अन्य नगरीय निकायों के लिए भी उपयोगी मॉडल बन सकेंगे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के लिए रायपुर और बिलासपुर के चयन पर नगरीय प्रशासन विभाग तथा दोनों निकायों के अधिकारियों एवं स्वच्छता मित्रों को बधाई देते हुए कहा कि दोनों शहरों का चयन पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। यह हमारे स्वच्छता मित्रों के परिश्रम और नागरिकों की भागीदारी का सम्मान है। केंद्र सरकार के सहयोग से दोनों शहर स्वच्छता के क्षेत्र में देश के अग्रणी शहरों में अपनी जगह बनाएंगे।

  • गोल्डी बराड़ पर ₹85 करोड़ से ज्यादा का इनाम, जानें भारत के मोस्ट वांटेड नाम

    गोल्डी बराड़ पर ₹85 करोड़ से ज्यादा का इनाम, जानें भारत के मोस्ट वांटेड नाम

    वाशिंगटन
    अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने कुख्यात गैंगस्टर सतविंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को अपनी 'टॉप 10 मोस्ट वांटेड' सूची में शामिल कर लिया है। साथ ही FBI ने बराड़ की सूचना देने पर 10 लाख अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा भी कर दी है। इसके बाद अब भारत के दुश्मनों की चर्चा भी शुरू हो गई है। जानते हैं कौन हैं भारत के 10 मोस्ट वांटेड अपराधी।

    इससे पहले एफबीआई ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा है कि लॉरेंस बिश्नोई का गिरोह दक्षिणी कैलिफोर्निया के साथ-साथ पूरे अमेरिका और कनाडा में कई तरह की हिंसक गतिविधियों में शामिल है और गोल्डी बराड़ भी उसी गैंग से जुड़ा है। एफबीआई के मुताबिक गोल्डी बराड़ राजनीतिक और धार्मिक नेताओं की हत्या, गोलीबारी, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी, मारपीट और नशीली पदार्थों और हथियारों की तस्करी जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है। एफबीआई ने बताया कि वह अमेरिका में है और उत्तरी अमेरिका में गिरोह का सरगना है।

    भारत के दुश्मन कौन?
    भारत में गैर-कानूनी गतिविधियां निवारण अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 35 के तहत तैयार की गई सूची में कुल 80 लोगों को आतंकवादी घोषित किया गया है। इस सूची में गोल्डी बराड़ 56वें नंबर पर है। गृह मंत्रालय की इस मोस्ट वांटेड लिस्ट में से भारत के कई दुश्मन पाकिस्तान, अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों में छिपे हैं। कौन हैं भारत के
    सबसे बड़े दुश्मन?

    1. मौलाना मसूद अजहर
    आतंकी संगठन: जैश-ए-मोहम्मद
    उम्र: 58 वर्ष, ठिकाना: पाकिस्तान
    मसूद अजहर जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक और प्रमुख है। उसे 1 मई 2019 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने वैश्विक आतंकवादी घोषित कर दिया था। काले कारनामों की बात करें तो 13 दिसंबर 2001 के संसद हमले, 5 जुलाई 2005 के अयोध्या राम जन्मभूमि मंदिर पर हमले, 2016 के पठानकोट एयरबेस हमले और 14 फरवरी 2019 के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले का सरगना मसूद अजहर ही है। मसूद अजहर को 1999 में IC 814 विमान हाईजैक के दौरान छोड़ दिया गया था।

    2. हाफिज सईद
    आतंकी संगठन: लश्कर-ए-तैयबा/जमात-उद-दावा
    उम्र: 76 वर्ष, ठिकाना: पाकिस्तान
    लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख और संस्थापक। 10 दिसंबर 2008 को यूएन द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित। हाफिज सईद 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का मुख्य साजिशकर्ता है। एनआईए (NIA) ने इसे 2025 के पहलगाम आतंकी हमले में भी आरोपी बनाया है।

    3. जकी-उर-रहमान लखवी
    आतंकी संगठन: लश्कर-ए-तैयबा
    उम्र: 76 वर्ष, ठिकाना: पाकिस्तान
    लश्कर-ए-तैयबा का चीफ ऑपरेशनल कमांडर और संस्थापक सदस्य। 22 दिसंबर 2000 का लाल किला हमला, 2008 का रामपुर हमला और 26/11 मुंबई हमला इसके नेतृत्व में हुआ। इसके अलावा उधमपुर में बीएसएफ काफिले पर हुए हमले में भी इसका नाम शामिल है।

    4. दाऊद इब्राहिम कास्कर
    उम्र: 71 वर्ष, ठिकाना: पाकिस्तान
    अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट 'डी-कंपनी' का सरगना। 1986 में भारत से भागा था। 3 नवंबर 2003 को यूएन द्वारा वैश्विक आतंकी घोषित। टेरर फंडिंग, हथियारों की तस्करी, जाली नोट, मनी लॉन्ड्रिंग और 1993 के मुंबई ब्लास्ट का मास्टरमाइंड है। अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन को सहयोग देने का भी आरोप। SAFEMA के तहत इसकी संपत्तियों की नीलामी की जा चुकी है।
    5. वाधवा सिंह बराड़

    आतंकी संगठन: बब्बर खालसा इंटरनेशनल

    उम्र: 72 वर्ष, ठिकाना: पाकिस्तान

    प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का प्रमुख। जून 1985 में एयर इंडिया कनिष्क विमान विस्फोट (329 मौतें), अगस्त 1995 में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की मानव बम से हत्या, 2004 का बुड़ैल जेल ब्रेक, और अप्रैल 2024 में वीएचपी नेता विकास बग्गा की हत्या।

    6. लखबीर सिंह रोडे
    आतंकी संगठन: इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन
    उम्र: 74 साल, ठिकाना: पाकिस्तान (मृत होने की आशंका)
    इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (ISYF) का प्रमुख। सीमा पार से भारत में हथियारों और विस्फोटकों की खेप भेजना। 2019-2020 के दौरान पंजाब में ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के नेटवर्क का संचालन करने के आरोप हैं।

    7. रणजीत सिंह उर्फ नीता
    आतंकी संगठन: खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स
    उम्र: 58 वर्ष, ठिकाना: पाकिस्तान
    1993 में बने खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) का संस्थापक और प्रमुख। 1996 में झेलम एक्सप्रेस ब्लास्ट, 1997 में पठानकोट बस ब्लास्ट, 1999 में पूजा एक्सप्रेस ब्लास्ट और 2 दिसंबर 2024 को पंजाब पुलिस चौकी पर हुआ ग्रेनेड हमले में हाथ है।

    8. भूपिंदर सिंह भिंडा
    आतंकी संगठन: खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स
    उम्र: 51 वर्ष, ठिकाना: जर्मनी
    खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का मुख्य सदस्य। उत्तर भारत में 1996 से 2005 के बीच हुए विभिन्न बम धमाकों में शामिल। जुलाई 2010 में विएना में डेरा सच्चा सौदा/राधास्वामी संप्रदाय के प्रमुख को निशाना बनाने की साजिश के सिलसिले में जर्मनी में गिरफ्तार हुआ था और सजा काट चुका है।

    9. गुरपतवंत सिंह पन्नू
    आतंकी संगठन: सिख्स फॉर जस्टिस
    उम्र: लगभग 50, ठिकाना: अमेरिका
    भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित संगठन 'सिख्स फॉर जस्टिस' (SFJ) का संस्थापक और कानूनी सलाहकार। 'रेफरेंडम 2020' अभियान चलाना, पंजाब के युवाओं और गैंगस्टरों को हिंसा के लिए उकसाना, सोशल मीडिया के जरिए देश की संप्रभुता को चुनौती देना और अलगाववादी गतिविधियों की फंडिंग करना।

    10. परमजीत सिंह उर्फ पम्मा
    आतंकी संगठन: बब्बर खालसा इंटरनेशनल
    उम्र: 42 साल, ठिकाना: ब्रिटेन
    बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का मुख्य ऑपरेटिव। पंजाब में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए गैंगस्टरों और गोल्डी बराड़ के नेटवर्क के साथ हाथ मिलाना। मई 2026 में एनआईए ने इसके और इसके नेटवर्क के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।