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  • 8वां वेतन आयोग: 10 अक्टूबर है अहम तारीख, संगठनों को अनुरोध जमा करने की डेडलाइन

    8वां वेतन आयोग: 10 अक्टूबर है अहम तारीख, संगठनों को अनुरोध जमा करने की डेडलाइन

    नई दिल्ली

     केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अक्टूबर का महीना काफी हलचल वाला रहेगा। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आठवें वेतन आयोग से जुड़ी कुछ अहम डेडलाइन अक्टूबर के महीने में ही है। इसमें से एक डेडलाइन अगले हफ्ते आने वाली है। आइए डिटेल में इसके बारे में जान लेते हैं।

    मुंबई में होने वाली है अहम बैठक
    दरअसल, अक्टूबर में वेतन आयोग मुंबई में अहम बैठक करने जा रहा है। आयोग की यह बैठक 22 और 23 अक्टूबर 2026 को होने वाली है। इस दौरान केंद्रीय कर्मचारियों से जुड़े संगठन, संस्थान, एसोसिएशन और यूनियन आयोग के सामने अपनी मांगें और सुझाव रख सकेंगे। जो भी केंद्रीय कर्मचारी संगठन, एसोसिएशन या यूनियन, वेतन आयोग से मुंबई में मुलाकात करना चाहते हैं, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपॉइंटमेंट के लिए आवेदन करना होगा।

    मुंबई में वेतन आयोग के साथ बातचीत के इच्छुक संगठनों को 10 अक्टूबर 2026 तक अपना अनुरोध जमा करना होगा। मतलब ये कि अगर आप वेतन आयोग की बैठक में हिस्सा लेना चाहते हैं तो 10 अक्टूबर तक आवेदन कर देना होगा। आवेदन के साथ Unique Memo ID देना भी जरूरी होगा। यह यूनिक मेमो आईडी उस समय जनरेट होती है, जब संबंधित संगठन आयोग के सामने अपना मेमोरेंडम जमा करता है।

    बैठक का कहां होगा स्थान?
    आठवें वेतन आयोग ने वैसे तो मुंबई में बैठक का ऐलान किया था लेकिन बातचीत का स्थान और विस्तृत कार्यक्रम के बारे में जानकारी नहीं दी गई। इसका मतलब है कि अभी से सभी संगठनों को बैठक का सटीक समय और वेन्यू नहीं बताया गया है। आसान भाषा में समझें तो मुंबई बैठक में शामिल होने के इच्छुक केंद्रीय कर्मचारी संगठनों के लिए 10 अक्टूबर की तारीख बेहद अहम है।

    7-8 अक्टूबर 2026: वेतन आयोग 7-8 अक्टूबर (बुधवार-गुरुवार) को बेंगलुरु का दौरा करेगा। अपॉइंटमेंट चाहने वालों के पास आधिकारिक पोर्टल के जरिए आवेदन करने के लिए 18 सितंबर तक का समय था। अब देखना अहम होगा कि अगले हफ्ते होने वाली इस बैठक में किन मुद्दों पर बात होती है। अब तक के पैटर्न को देखें तो वेतन आयोग की ऐसी बैठकों में कर्मचारी संगठन वेतन, भत्ते, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़े अपने सुझाव और मांगें आयोग के सामने रखते रहे हैं। फिटमेंट फैक्टर, बेसिक पे में बदलाव, भत्तों की समीक्षा और पेंशन से जुड़े मुद्दे भी कर्मचारियों के लिए अहम बने हुए हैं।

    बता दें कि अक्टूबर में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते पर भी फैसला होना है। ऐसा माना जा रहा है कि कर्मचारियों का भत्ता 4 पर्सेंट तक बढ़ सकता है। अगर ऐसा हुआ तो कुल भत्ता 64 पर्सेंट हो जाएगा।

  • सिर्फ 1 घंटे की सौर ऊर्जा से मंगल पर तैयार होगा घर? वैज्ञानिकों की नई तकनीक ने चौंकाया

    सिर्फ 1 घंटे की सौर ऊर्जा से मंगल पर तैयार होगा घर? वैज्ञानिकों की नई तकनीक ने चौंकाया

    हांगकांग
     लाल ग्रह (Mars) पर इंसानी बस्ती बसाने की राह में सबसे बड़ी चुनौती वहां रहने के लिए घर बनाना था। लेकिन वैज्ञानिकों ने अब इसका एक चौंकाने वाला तोड़ खोज निकाला है। एक नई रिसर्च के मुताबिक महज इंजीनियर यीस्ट, जिलेटिन और मंगल की स्थानीय रेत के इस्तेमाल से बेहद मजबूत और रेडिएशन-प्रूफ शेल्टर तैयार किए जा सकते हैं। इस क्रांतिकारी बायोटेक्नोलॉजी ने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है।

    हांगकांग के वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने जेनेटिकली इंजीनियर किए गए यीस्ट, जिलेटिन और रेत से एक सस्ता और तेजी से बनने वाला 'लिविंग' (जीवित) निर्माण मटीरियल बनाया है। इसे मंगल ग्रह जैसे माहौल में 3D प्रिंट किया जा सकता है। वैज्ञानिकों की यह स्टडी पिछले महीने 'केम सर्कुलैरिटी' नाम के एक इंटरनेशनल 'सेल प्रेस' जर्नल में ऑनलाइन छपी थी। इसमें एक ऐसे बायोलॉजिकल बाइंडर के बारे में बताया गया है जो दानेदार मटीरियल को आपस में जोड़े रखता है।

    1000 डिग्री तापमान और भारी मशीनों की जरूरत खत्म
    वैज्ञानिकों ने अपने रिसर्च रिपोर्ट में बताया है कि पृथ्वी पर घर बनाने के लिए कंक्रीट और भारी मशीनों की आवश्यकता होती है जिन्हें मंगल ग्रह तक ले जाना लगभग नामुमकिन है। इसके अलावा पारंपरिक तरीकों में पत्थरों या खनिजों को 1000 डिग्री सेल्सियस तक गर्म करना पड़ता है जिसमें काफी ऊर्जा खर्च होती है। हांगकांग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर किउ जिशेन और उनकी टीम ने इस चुनौती का तोड़ इंजीनियर यीस्ट, जिलेटिन और मंगल की स्थानीय बालू के कॉम्बिनेशन से निकाला है।

    कितना मजबूत होगा यह 'बायो-हाउस'?

    • वैज्ञानिकों की इस नई सामग्री का कंप्रेसिव स्ट्रेंथ 12 मेगापास्कल (MPa) मापा गया है। यह आम निर्माण सामग्रियों के बराबर और सामान्य मिश्रण से लगभग 170% ज्यादा मजबूत है।
    • यीस्ट कोशिकाओं, जिलेटिन और बालू के कणों को आपस में जोड़ने के लिए वैज्ञानिकों ने सी-फूड (मसेल) के चिपचिपे प्रोटीन का उपयोग किया है।
    • मंगल के कम दबाव और शून्य से 50 डिग्री नीचे के तापमान में यह मिश्रण सूखकर बेहद मजबूत और छिद्रपूर्ण ढांचा बना लेता है।
    • प्रयोगशाला में मंगल जैसा कृत्रिम माहौल यानि माइनेस 30 डिग्री तापमान और 0.01 वायुमंडलीय दबाव बनाकर 3D प्रिंटर के जरिए इस मटेरियल से एक छोटा ढांचा सफलतापूर्वक प्रिंट किया गया।

    सिर्फ 1 घंटे की सौर ऊर्जा में तैयार होगा 1 क्यूबिक मीटर शेल्टर
    मंगल की मिट्टी (Regolith) को पिघलाकर ईंट बनाने में कई दिनों का समय और ऊर्जा लगती है। वहीं इस बायोलॉजिकल तकनीक से महज 1 घंटे की सोलर पावर क्षमता का इस्तेमाल कर 1 क्यूबिक मीटर मजबूत निर्माण सामग्री तैयार की जा सकती है।

  • रूस ने भारत संग रिश्तों पर दिया बड़ा संदेश, G20 से BRICS तक सहयोग का किया जिक्र

    रूस ने भारत संग रिश्तों पर दिया बड़ा संदेश, G20 से BRICS तक सहयोग का किया जिक्र

    मॉस्को
     रूसी विदेश मंत्रालय ने शनिवार को भारत-रूस संबंधों पर बयान जारी किया है। मंत्रालय ने कहा कि रूस और भारत ने अपने संबंधों को "खास और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी" के स्तर तक पहुंचा दिया है। यह बयान तब आया है, जब रूस की चीन और पाकिस्तान के साथ नजदीकियां बढ़ रही हैं। चीन के साथ रूस के आर्थिक और सैन्य संबंध अपने चरम पर हैं। वहीं, पाकिस्तान के साथ भी रूस की गलबहियां बढ़ रही हैं। पाकिस्तान लगातार रूस की तारीफ कर रहा है और मॉस्को के करीब जाने की कोशिश में है। ऐसे में रूस की तरफ से भारत के साथ संबंधों पर बयान आना महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

    रूस ने भारत संग संबंधों की तारीफ की
    मंत्रालय ने टेलीग्राम पर कहा, "3 अक्टूबर, 2000 को रूस और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी पर घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए गए थे… तब से, रूस-भारत सहयोग और भी ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है – यानी खास और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर।" बयान में कहा गया है कि इस दस्तावेज पर 2 से 5 अक्टूबर, 2000 तक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे। मंत्रालय ने कहा, "भारत रूस का एक पुराना और भरोसेमंद साझेदार है। दशकों से, हमारे देशों के बीच भरोसे पर आधारित दोस्ताना संबंध रहे हैं।"

    वैश्विक मंचों पर बढ़ रहा भारत-रूस सहयोग
    मंत्रालय ने आगे कहा कि दोनों देश अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लोकतंत्रीकरण की वकालत करते हैं और अंतरराष्ट्रीय मंचों – मुख्य रूप से G20, UN, BRICS और SCO – पर सहयोग बढ़ा रहे हैं। मंत्रालय ने 5 दिसंबर, 2025 को नई दिल्ली में रूस-भारत बातचीत के बाद पुतिन की उन टिप्पणियों को भी याद किया, जिनमें कहा गया था कि रूस और भारत स्वतंत्र और स्वायत्त विदेश नीतियां अपनाते हैं।

    भारत-रूस संबंध महत्वपूर्ण क्यों?
    भारत-रूस संबंध ऐतिहासिक हैं। दोनों देशों ने मुश्किल वक्त में भी एक दूसरे का साथ दिया है। वर्तमान में भी भारत और रूस के आर्थिक और सैन्य संबंध काफी प्रगाढ़ हैं। अमेरिका के भारी दबाव के बावजूद रूस, भारत की ऊर्जा सुरक्षा का मजबूत स्तंभ बना हुआ है। वहीं, हथियारों के मामले में भी वह अब भी भारत का सबसे बड़ा रक्षा साझेदार है। भारत और रूस वर्ष 2030 तक अपने आर्थिक संबंधों को 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। दोनों देश अंतरिक्ष, कृषि, व्यापार, फार्मास्यूटिकल्स, परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक साथ काम कर रहे हैं।

     

  • ‘मिडिल पावर’ से अमेरिका-चीन तक: जयशंकर ने बताया बदलती विश्व व्यवस्था में भारत की भूमिका

    ‘मिडिल पावर’ से अमेरिका-चीन तक: जयशंकर ने बताया बदलती विश्व व्यवस्था में भारत की भूमिका

    नई दिल्ली
    62वें म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दुनिया को कई अहम मुद्दों पर संदेश दिया। उन्होंने कहा कि इस कमरे में मौजूद कोई भी इस बात से असहमत नहीं होगा कि आज की स्थिति मुख्य रूप से अमेरिका की बदली हुई स्थिति से तय हो रही है। यह बदलाव उसने खुद चुना है और एक तरह से, वह जान-बूझकर ज्यादा अकेला पड़ गया है। मौजूदा हालात की दूसरी अहम बात चीन का उभार है। चीन खुद को एक अनोखा देश मानता है।

    कई मायनों में यह उसकी अपनी सोच भी है और हकीकत भी और हम बहुत कड़ा मुकाबला देख रहे हैं। आज यह मुकाबला सिर्फ इन दो देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि किसी भी देश के पास जो भी ताकत या बढ़त है, उसका इस्तेमाल हथियार की तरह किया जा रहा है और यह मुकाबला आपसी निर्भरता की जटिलताओं के साथ-साथ चल रहा है।

    जयशंकर ने समझाया 'मिडिल पावर' का मतलब
    एस जयशंकर ने कहा कि मुझे लगता है कि यह बताना ज्यादा आसान है कि 'मिडल पावर' (मध्यम शक्ति) क्या नहीं है, बजाय इसके कि आज यह बताया जाए कि 'मिडल पावर' क्या है। हमें इस शब्द को बहुत शाब्दिक अर्थ में नहीं लेना चाहिए क्योंकि ऐसे देश होंगे। चलिए G20 जैसी परिभाषा को ही लेते हैं। ऐसे देश हो सकते हैं जो G20 में शामिल न हों, लेकिन फिर भी यह अर्थव्यवस्था के आकार पर आधारित सीधी परिभाषा नहीं है। वे किसी खास क्षेत्र में बहुत अहम भूमिका निभाते हों।

    US की धरती से जयशंकर ने ट्रंप और पाकिस्तान को आंतकवाद पर बुरा धो डाला
    मेरे दिमाग में एक उदाहरण नीदरलैंड का आता है, जो सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में है या फिर UAE जैसे देश को देखें, जो अपनी क्षमता से कहीं ज्यादा असरदार भूमिका निभाता है। मैं यही कहूंगा कि उभरती हुई शक्तियों और मध्यम शक्तियों, दोनों ही मामलों में, हमें इस बात को लेकर बहुत लचीला और व्यापक नजरिया अपनाना चाहिए कि हम असल में किस बारे में बात कर रहे हैं।

    अमेरिका और चीन को लेकर भी दिया संदेश
    विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि जब हम संभावनाओं की बात करते हैं, तो हम अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर भी नजर डालते हैं। जैसा कि मैंने कहा, यह तय करना जरूरी है कि 'मिडल पावर' (मध्यम शक्ति) क्या नहीं है। यहां सबसे पहले अमेरिका का नाम आता है, जो कई दशकों से वैश्विक व्यवस्था का मुख्य आधार रहा है और जो किसी भी पैमाने पर, दूसरी किसी भी शक्ति से काफी आगे है। कुछ हद तक चीन भी। चीन, अपनी आर्थिक ताकत की वजह से, वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग का एक-तिहाई हिस्सा संभालता है, और आज उसकी आर्थिक क्षमताएं राजनीतिक प्रभाव में बदल रही हैं। असल में, एक तरह से यही हमारी चर्चा का मुख्य विषय है।

     

  • रिलायंस Jio IPO की तारीखों पर बड़ा खुलासा! कब खुलेगा इश्यू और किस दिन हो सकती है लिस्टिंग?

    रिलायंस Jio IPO की तारीखों पर बड़ा खुलासा! कब खुलेगा इश्यू और किस दिन हो सकती है लिस्टिंग?

    मुंबई 

    भारत के सबसे बड़े मोबाइल नेटवर्क देने वाली रिलायंस इंडस्‍ट्रीज की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड अपना आईपीओ लाने जा रही है. रिपोर्ट में कहा गया है कि JIO का आईपीओ इसी महीने लाने की तैयारी चल रही है. कंपनी के अंदर की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और विदेशी निवेशकों की ओर से पॉजिटिव रिस्‍पॉन्‍स मिल रहा है। 

    जियो का आईपीओ अबतक लिस्‍टेड कंपनियों की तुलना में काफी अधिक प्रीमियम वाला हो सकता है. रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि यह IPO 21 से 23 अक्‍टूबर तक सब्सक्रिप्‍शन के लिए खुल सकता है, जिसमें एंकर बुक 19 अक्टूबर को खुलने की संभावना है. यह आईपीओ 28 अक्‍टूबर तक एक्‍सचेंजों पर लिस्‍ट हो सकता है। 

    जियो आईपीओ को लेकर बना है उत्‍साह
    मनीकंट्रोल की रिपोर्ट में कहा गया है कि सेबी के साथ नियामक प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और सभी आवश्यक अप्रूवल मिल चुके हैं. जियो ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) के साथ निवेशक बैठकें आयोजित कीं, जिनकी प्रतिक्रिया उत्साहजनक रही है. वहीं दूसरी ओर, घरेलू निवेशकों की रुचि भी उम्‍मीदों से कहीं ज्‍यादा मजबूत हैं. रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि बाजार की स्थिति पर रोजाना बारीकी से नजर रखी जा रही है. निवेशकों ने कहा कि बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव से शेयरों में उनकी रुचि पर कोई खास असर नहीं पड़ना चाहिए। 

    जून में ही फाइल हुआ था DRHP
    जियो प्लेटफॉर्म्स ने जून में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के सामने अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था. सेबी ने 28 अगस्त को अपने बयान में जियो के आईपीओ आने का रास्‍ता साफ कर दिया था. यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्‍यू होगा। 

    अगले हफ्ते होगा वैल्‍यूवेशन पर फैसला
    आईपीओ में मिले पैसों से कंपनी लगभग 27,500 करोड़ रुपये के बकाया लोन का भुगतान करेगी. बाकी अमाउंट से कंपनी अपने बाकी उद्देश्‍यों को पूरा करेगी. हालांकि, अभी इस आईपीओ की वैल्‍यूएशन तय नहीं की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, निवेशकों की प्रतिक्रिया और बाजार की स्थितियों को ध्यान में रखते हुए, कीमत पर निर्णय अगले सप्ताह लिया जाएगा। 

    जियो का कारोबार 
    निवेशक जियो को केवल एक दूरसंचार ऑपरेटर के बजाय एक डिजिटल सेवा कंपनी के रूप में देख रहे हैं, जिसमें मोबिलिटी, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज टेक्नोलॉजी और अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में विकास के अवसर मौजूद हैं. जियो प्लेटफॉर्म्स की टेलिकॉम कंपनी, रिलायंस जियो इन्फोकॉम के पास 31 मार्च तक 524.4 मिलियन ग्राहक थे, जिससे यह ग्राहक आधार के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी है. इसके 268.5 मिलियन 5G ग्राहक थे और यह चीन के बाहर सबसे बड़ी 5G स्टैंडअलोन ऑपरेटर थी। 

  • Weather Update: 5 अक्टूबर को इन राज्यों में बरसेंगे बादल, तेज हवाओं का भी अलर्ट

    Weather Update: 5 अक्टूबर को इन राज्यों में बरसेंगे बादल, तेज हवाओं का भी अलर्ट

    नई दिल्ली
    देश में मानसून के अंतिम पड़ाव में एक बार फिर से मौसम विभाग ने मुश्किल बढ़ाने वाला अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक आज यानी 5 अक्टूबर को दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 20 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी है। हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना में तूफानी हवा लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है। वहीं, पहाड़ी राज्यों में लैंडस्लाइड की चेतावनी जारी की गई है। तेज आंधी और बारिश के चलते उत्तर भारत के राज्यों में फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। पूर्वी भारत के राज्यों में बिजली और वज्रपात की भी चेतावनी है। वहीं, मछुआरों को समुद्री किनारे से दूर जाने की सलाह दी गई है। दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी की रेखा रांची, सुपौल, रायपुर होकर गुजर रही है।

    इस बीच बंगाल की खाड़ी में तूफानी हवा चलने से पूर्वी भारत में लोगों की टेंशन बढ़ सकती है। वहीं, 2 से अधिक राज्यों में तूफानी हवा के साथ ओले भी गिर सकते हैं। उत्तर-पूर्वी बिहार से उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मन्नार की खाड़ी और उससे सटे दक्षिणी तटीय तमिलनाडु के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। तो चलिए आज हम आपलोगों को बताते हैं कि आज यानी 5 अक्टूबर को देश के अन्य राज्यों में मौसम का हाल कैसा रहेगा। इसके अलावा हम जिलावार भी मौसम का हाल बताने जा रहे हैं…

    देश के 20 राज्यों में भारी बारिश-आंधी का अलर्ट
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज यानी 5 अक्टूबर को 20 राज्यों दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल, नागालैंड और मणिपुर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी है।

    दिल्ली में आज मौसम कैसा रहेगा
        दिल्ली(5 अक्टूबर-बारिश-आंधी की चेतावनी): मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में आज यानी 5 अक्टूबर से लेकर 6 अक्टूबर के बीच भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से आंधी चलने की संभावना है। वहीं, दिल्ली में आज यानी 5 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा।

    यूपी में आज मौसम कैसा रहेगा
        यूपी(5 अक्टूबर-बारिश-आंधी की चेतावनी): मेरठ, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, कानपुर, रायबरेली, लखीमपुर खीरी, बहराइच, गोंडा, आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, संतकबीर नगर, बलिया, सीतापुर, मैनपुरी, पीलीभीत, मिर्जापुर, सोनभद्र, गोरखपुर और कन्नौज में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अलर्ट है। वहीं, लखनऊ में आज यानी 5 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा।

    बिहार में आज मौसम कैसा रहेगा
        बिहार(5 अक्टूबर- भारी बारिश और आंधी का अलर्ट): गया, पटना, जहानाबाद, भोजपुर, बक्सर, अलवर, मुंगेर, बांका, जमुई, भागलपुर, कैमूर, नवादा, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, कटिहार, लखीसराय और किशनगंज में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, पटना में आज यानी 5 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा।

    झारखंड में आज मौसम कैसा रहेगा
        झारखंड(5 अक्टूबर-तेज बारिश-आंधी की चेतावनी): रांची, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला, रामगढ़, हजारीबाग, दुमका, लातेहार, गुमला, पलामू और लोहरदगा में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलेगी। वहीं, रांची में आज यानी 5 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।

    उत्तराखंड में आज मौसम कैसा रहेगा
        उत्तराखंड (5-6 अक्टूबर- बारिश-आंधी का अलर्ट): नैनीताल, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर, ऋषिकेश, हरिद्वार, पिथौरागढ़ और चंपावत में बारिश-तेज हवा की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी। वहीं, देहरादून में आज यानी 5 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।

    हिमाचल में आज मौसम कैसा रहेगा
        हिमाचल (5 अक्टूबर-बारिश-आंधी की चेतावनी): शिमला, सोलन, बिलासपुर, सिरमौर, मंडी, चंबा और किन्नौर में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। वहीं, मनाली में आज यानी 5 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।

    जम्मू-कश्मीर में आज मौसम कैसा रहेगा
        जम्मू-कश्मीर (5 अक्टूबर-भारी बारिश-आंधी का अलर्ट): जम्मू, बडगाम, किश्तवाड़, अनंतनाग, कठुआ, पुंछ, राजौरी और उधमपुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चलने की संभावना है। वहीं, श्रीनगर में आज यानी 5 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस जाएगा तो न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा।

    पश्चिम बंगाल में आज का मौसम कैसा रहेगा
        पश्चिम बंगाल(5 अक्टूबर-तेज बारिश-आंधी की संभावना): कोलकाता, दार्जिलिंग, बांकुड़ा, हावड़ा, दुर्गापुर, मालदा, कालिम्पोंग और पुरबा बर्धमान भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी। वहीं, कोलकाता में आज यानी 5 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।

    पंजाब में आज मौसम कैसा रहेगा
        पंजाब (5 अक्टूबर-भारी बारिश-आंधी का अलर्ट): फिरोजपुर, होशियारपुर, संगरूर, पठानकोट, बरनाला, जालंधर, फाजिल्का, अमृतसर और रूपनगर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी।

    राजस्थान में आज मौसम कैसा रहेगा
        राजस्थान (5 अक्टूबर-बारिश-आंधी की चेतावनी): जयपुर, अलवर, अजमेर, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, चुरू और फलौदी में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलेगी। वहीं, जयपुर में आज यानी 5 अक्टूबर का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा।

    मध्य प्रदेश में आज मौसम कैसा रहेगा
        मध्य प्रदेश (5 अक्टूबर-भारी बारिश-आंधी का अलर्ट): डिंडोरी, जबलपुर, पन्ना, दमोह, नीमच, शहडोल, रायसेन, मांडला, खरगोन, होशंगाबाद, छिंदवाड़ा, छतरपुर, दमोह, विदिशा, सिवनी, खांडवा, देवास और बालाघाट में मध्यम से भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, भोपाल में आज यानी 5 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा।

  • 43वीं मंजिल से कूदकर इंजीनियर ने दी जान, पिता से चैट में डिप्रेशन और आत्महत्या की बात कही थी

    43वीं मंजिल से कूदकर इंजीनियर ने दी जान, पिता से चैट में डिप्रेशन और आत्महत्या की बात कही थी

    नॉएडा
    दिल्ली NCR की गगन छूती इमारत सुपरनोवा की 43वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर की आत्महत्या केस में नई बातें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि मृतक इंजीनियर संभव जैन काफी लंबे समय से डिप्रेशन के शिकार थे। इसके पीछे की वजह थीं- सातवें महीने में पैदा हुए बच्चे की बीमारी और पत्नी से तलाक के बाद पैदा हुई परिस्थितियां। बेटे के इलाज में करीब 35 लाख रुपये खर्च हुए थे। वहीं शादी के कुछ साल बाद पत्नी के साथ विवाद के बाद हुए तलाक समझौते में एलिमनी के तौर पर 1 करोड़ की रकम मांगी गई थी।

    बच्चे के इलाज में खर्च हुए थे 35 लाख
    पुलिस के मुताबिक, संभव की शादी साल 2024 में हुई थी। 2025 में उनके घर बेटे का जन्म हुआ। लेकिन बच्चा सातवें महीने में ही पैदा हो गया था। प्रीमैच्योर डिलीवर के चलते वह काफी नाजुक था। इसके चलते बीमार रहता था।  मीडिया रिपोर्ट में परिजनों के हवाले से बताया गया है कि बच्चे के इलाज में करीब 35 लाख से अधिक खर्च हो गए। इस बीच संभव की उसकी पत्नी के साथ अनबन रहने लगी। दोनों के बीच खूब विवाद बढ़ गया, तो मामला कोर्ट में पहुंचा।

    पत्नी ने सेटलमेंट के मांगे थे 1 करोड़ रुपये
    पत्नी ने तलाक के लिए मुकदमा दायर कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पत्नी द्वारा सेटलमेंट की रकम 1 करोड़ मांगी गई। लेकिन, फिर दोनों में करीब 15 लाख रुपये में सेटलमेंट हुआ। परिजनों के मुताबिक, 7 लाख रुपये की पहली किस्त संभव और उसके परिवार की तरफ से पत्नी को दी जा चुकी थी। दूसरी किस्त का भुगतान बाकी था।

    पिता से कही थी आत्महत्या और डिप्रेशन की बात
    थाना प्रभारी सुमनेश कुमार के मुताबिक, संभव ने आत्महत्या करने से पहले अपने पिता से बातचीत की थी। चैट से हुई बाचतीच में उसने खुदके डिप्रेशन में होने की बातें कहीं। इसके साथ ही उसने आत्महत्या करने की बात भी कही। जानकारी में सामने आया है कि उसने एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। पिता ने लगातार उसे घर वापस आने के लिए कहा था।

    3 दिन से नहीं गया था घर, फिर कूदकर दी जान
    पुलिस के अनुसार, संभव तीन दिन से घर नहीं गया था। वह दो दिन तक गुरुग्राम के किसी होटल में ठहरा और बृहस्पतिवार को नोएडा आया था। थाना प्रभारी सोमनेश कुमार सिंह ने बताया कि संभव ने एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए माध्यम से सोसाइटी में फ्लैट बुक किया था। इसके बाद उसने 43वीं मंजिल की बालकनी से कूदकर अपनी जान दे दी। पुलिस आगे की जांच में जुटी हुई है।

  • डायबिटीज का बढ़ता खतरा: विदिशा में 10 हजार मरीज चिन्हित, नींद की कमी और देर रात तक जागना जिम्मेदार

    डायबिटीज का बढ़ता खतरा: विदिशा में 10 हजार मरीज चिन्हित, नींद की कमी और देर रात तक जागना जिम्मेदार

    विदिशा.

    विदिशा जिले में ही करीब 8 से 10 हजार लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं और अपनी बीमारी से परिचित हैं, लेकिन इससे करीब दोगुने लोग ऐसे हो सकते हैं जिन्हें शरीर में बढ़ रही शुगर की जानकारी ही नहीं है। यही वजह है कि डॉक्टर नियमित जांच को जरूरी बता रहे हैं।

    शनिवार से सांची रोड स्थित मगधम रिजॉर्ट में शुरू हुए रिसर्च सोसाइटी फॉर द स्टडी ऑफ डायबिटीज इन इंडिया (आरएसएसडीआई) मध्य प्रदेश चैप्टर के 11वें दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन में प्रदेशभर से आए विशेषज्ञों ने डायबिटीज के बढ़ते खतरे, बदलती जीवनशैली और आधुनिक उपचार पर मंथन किया।सम्मेलन में करीब 70 शोध प्रस्तुत किए गए।

    इस सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पहुंचे। उन्होंने ‘मधुमेह मित्र’ पुस्तक का विमोचन किया और विशेषज्ञ डॉक्टरों को सम्मानित किया। उन्होंने स्वास्थ्य को सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए लोगों से अपनी सेहत के प्रति सजग रहने की अपील की। वे करीब एक घंटे तक कार्यक्रम में रहे और डॉक्टरों से चर्चा की।

  • रूस में तालिबान की सैन्य मौजूदगी से बदलेगा समीकरण? भारत-चीन समेत कई देशों से संपर्क

    रूस में तालिबान की सैन्य मौजूदगी से बदलेगा समीकरण? भारत-चीन समेत कई देशों से संपर्क

    नई दिल्ली
    भारत का दोस्त रूस ऐसा कुछ कर रहा है, जिससे पाकिस्तान की टेंशन बढ़ गई है। यूं कहे तो दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति को हिलाकर रख दिया है। अफगान तालिबान का एक उच्च-स्तरीय रक्षा प्रतिनिधिमंडल आधिकारिक तौर पर रूस के बड़े रणनीतिक युद्ध अभ्यास 'सेंटर-2026' में शामिल हुआ। यह भागीदारी सिर्फ औपचारिक दौरा नहीं मानी जा रही। विशेषज्ञों का कहना है कि मास्को अब तालिबान को आधुनिक सैन्य कौशल, उन्नत उपकरण और क्षेत्रीय सुरक्षा मंचों तक पहुंच दे रहा है। इस घटनाक्रम से इस्लामाबाद में गहरी चिंता पैदा हो गई है। कई विश्लेषक इसे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था के लिए संभावित 'गेम चेंजर' बता रहे हैं।

    रिपोर्ट के अनुसार, अब्दुल्ला बिन मसूद कोर के कमांडर मौलवी नसीबुल्लाह 'मदानी' के नेतृत्व में तालिबान प्रतिनिधिमंडल ने इस अभ्यास में हिस्सा लिया। दल ने कठिन युद्ध अभ्यासों को करीब से देखा और कई देशों के वरिष्ठ सैन्य प्रतिनिधियों से विस्तृत बातचीत की। इन देशों में चीन, भारत, उत्तर कोरिया, वियतनाम, कोलंबिया, उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान शामिल हैं। एक ही मंच पर इतने अलग-अलग देशों के अधिकारियों से मुलाकात को काबुल की बढ़ती कूटनीतिक और सैन्य पहुंच का संकेत माना जा रहा है

    आधुनिक हथियारों और तकनीक का जायजा
    'सेंटर-2026' के दौरान तालिबान अधिकारियों ने रूसी सेना की उन्नत तकनीक की बड़ी प्रदर्शनी देखी। प्रतिनिधिमंडल ने कई प्रणालियों का बारीकी से निरीक्षण किया। इनमें बिना पायलट वाले हवाई सिस्टम शामिल थे, यानी निगरानी और हमले वाले नए ड्रोन।

    अधिकारियों ने लंबी दूरी की मिसाइल व्यवस्था, सटीक तोपखाना और भारी हथियार मंच भी देखे। इसके अलावा अगली पीढ़ी की रोबोटिक युद्ध तकनीक और स्वचालित रसद प्रणालियों का भी जायजा लिया गया।

    जानकारों का मानना है कि इस तरह का संपर्क सिर्फ प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहता। इससे तालिबान को आधुनिक युद्ध के तरीकों, उपकरणों के इस्तेमाल और प्रशिक्षण की जरूरत की बेहतर समझ मिलती है।

    प्रशिक्षण और क्षेत्रीय सहयोग पर जोर
    बताया जा रहा है कि इस दौरे का एजेंडा हथियार देखने से कहीं आगे था। तालिबान अधिकारियों ने सैन्य शिक्षा बढ़ाने, युद्ध प्रशिक्षण और पड़ोसी देशों के साथ सीमा पार सुरक्षा सहयोग पर औपचारिक बैठकें कीं। बातचीत में यह भी शामिल था कि काबुल अपने लड़ाकों को आधुनिक कौशल कैसे दे और क्षेत्रीय सुरक्षा मंचों में अपनी भूमिका कैसे मजबूत करे।

    बता दें कि यह यात्रा काबुल और मास्को के बीच मई 2026 में बड़े सैन्य-तकनीकी सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर के कुछ महीने बाद हुई है। उस समझौते के बाद दोनों पक्षों के बीच संपर्क तेज हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि 'सेंटर-2026' में तालिबान की मौजूदगी उनकी अंतरराष्ट्रीय छवि बदलने की कोशिश का हिस्सा है। वे खुद को एक अलग-थलग सशस्त्र समूह की बजाय यूरेशियाई रक्षा नेटवर्क के मान्यता प्राप्त सरकारी हिस्सेदार के रूप में पेश करना चाहते हैं।

    पाकिस्तान के लिए क्या मायने?
    तालिबान, रूस, चीन और भारत जैसे बड़े क्षेत्रीय खिलाड़ियों के बीच बढ़ता तालमेल ऐसे समय में हो रहा है जब काबुल और इस्लामाबाद के रिश्ते पहले से ही बहुत तनावपूर्ण हैं। सीमा पर झड़पें, आतंकी हमलों के आरोप और कूटनीतिक ठहराव ने दोनों पड़ोसियों के बीच अविश्वास बढ़ा दिया है।

    रूस तालिबान को क्षेत्रीय सुरक्षा अभ्यासों में तेजी से शामिल कर रहा है। ऐसे में पाकिस्तान अफगानिस्तान को लेकर अपनी रणनीति में खुद को अलग-थलग पा रहा है। इस्लामाबाद लंबे समय से काबुल पर अपनी सुरक्षा चिंताओं को गंभीरता से लेने का दबाव बनाता रहा है। लेकिन अब तालिबान को मास्को जैसे बड़े खिलाड़ी से प्रशिक्षण, नेटवर्किंग और आधुनिक सैन्य उपकरणों तक पहुंच मिल रही है।

    वहीं, जानकारों का आकलन है कि इससे तालिबान की पारंपरिक युद्ध क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। ड्रोन, लंबी दूरी के हथियार, बेहतर प्रशिक्षण और क्षेत्रीय संपर्कों का असर डूरंड रेखा पर शक्ति संतुलन को बदल सकता है। पाकिस्तान के लिए यह संदेश साफ है कि अफगानिस्तान अब सिर्फ उसके प्रभाव क्षेत्र का मुद्दा नहीं रहा। काबुल नई सैन्य और कूटनीतिक साझेदारियां बना रहा है, और इसका सीधा असर सीमा सुरक्षा व क्षेत्रीय समीकरणों पर पड़ सकता है।

  • मुख्यमंत्री ने 9.04 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को अंतरित की 36.17 करोड़ की बोनस राशि

    मुख्यमंत्री ने 9.04 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को अंतरित की 36.17 करोड़ की बोनस राशि

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रकृति पूजक जनजातीय समुदाय प्रदेश की धरोहर है। हम सबको प्राणवायु देने वाले वनों की सुरक्षा, इनके संवर्धन और प्रबंधन में जनजातियों का योगदान अतुलनीय है। ऐसे सभी जनजातीय भाई-बहनों और तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनका वाजिब हक, मेहनत का पूरा सम्मान दिलाना तथा इनके सभी हितों की सुरक्षा हमारा संकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनोपजों से जुड़ी आजीविका को मजबूत कर जनजातीय परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनोपज से जुड़े परिवारों के हितों को मजबूत करना ही राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को मण्डला जिले में प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के सदस्यों के लिए हुए प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम तथा तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में सहभागिता की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां प्रदेश के 8 वन मंडलों के 9 लाख 4 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के बोनस के रूप में 36 करोड़ 17 लाख 37 हजार 518 रुपये की बोनस राशि का अंतरण किया। मंडला जिले के पूर्व और पश्चिम वन मंडल, सिवनी जिले के उत्तर एवं दक्षिण वन मंडल, बालाघाट जिले के उत्तर और दक्षिण वन मंडल सहित डिण्डोरी एवं जबलपुर वन मंडल के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का लाभ मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के बोनस के रूप में लगभग 139 करोड़ रुपए से अधिक की बोनस राशि वितरित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मण्डला जिले के जंगलों की रक्षा में वन विभाग को सहयोग देने वाली 84 वन समितियों के करीब 40 हजार सदस्यों को 26 करोड़ 56 लाख 53 हजार 929 रुपये की काष्ठ लाभांश राशि भी वितरित की। मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन, रानी दुर्गावती, एवं राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडला जिले को लगभग 460 करोड़ रुपए की लागत वाले 74 विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। इसमें 263 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 47 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं 197 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 27 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 75.28 करोड़ रुपए से बनने वाले 19 शासकीय हाईस्कूल शाला भवनों, 33.92 करोड़ रुपए से मंडला में बनने वाले नवीन एकीकृत कलेक्टर कार्यालय भवन, 14.80 करोड़ रुपए से मंडला में बनने वाले नर्सिंग कॉलेज भवन तथा 1 करोड़ रुपए से मंडला में स्थापित होने वाले ट्राईबल मल्टीपर्पज मार्केटिंग सेंटर (टीएमएमसी) के भवन निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। साथ ही 137.11 करोड़ रुपए की लागत से निवास, बिछिया, घुटास और सागर कस्बे में नवनिर्मित चार सांदीपनि विद्यालय भवनों का लोकार्पण भी किया।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर किसान कल्याण वर्ष पर केन्द्रित प्रदर्शनी में विभिन्न शासकीय विभागों के स्टॉल्स का अवलोकन किया तथा मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत जिले के मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने इन होनहार विद्यार्थियों को स्कूटी की चाबी देकर अपने हाथों से हेलमेट पहनाया और इन्हें खूब पढ़-लिखकर आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं
    स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडला जिले के लिए कई घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि मंडला जिले के मोहगांव और घुघरी में शासकीय महाविद्यालय खोला जाएगा। मंडला में लघु वनोपज का बहुतायत में संग्रहण होता है। इसीलिए मंडला में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अधीन लघु वनोपज की प्रोसेसिंग यूनिट खोली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जिले में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को वन्य जीवों के देखने की स्थानीय सुविधा के लिए मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इस जिले में पान की खेती हुआ करती थी, यह स्थानीय लोगों की आमदनी का बड़ा जरिया थी। इसीलिए अब मंडला में पान की खेती पुन: प्रांरभ की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में देश का 12 प्रतिशत दूध उत्पादन हो रहा हैं। हम इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक लेकर जाएंगे। इस लक्ष्य की दिशा में हम दूध उत्पादन से पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में दुग्ध सहकारी समितियां बना रहे हैं। मंडला जिले में भी आवश्यकतानुसार दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जाएंगी और गौपालकों को उनके दूध उत्पादन का सही दाम दिलाया जाएगा।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातियों के समग्र विकास के साथ ही उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। राज्य सरकार जनजातीय नायकों के शौर्य-पराक्रम का स्मरण करते हुए इनके मान-सम्मान के लिए सभी प्रयास कर रही हैं। हमने रानी दुर्गावती के सम्मान में पहले जबलपुर और फिर उनकी राजधानी सिंग्रामपुर में कैबिनेट की बैठक की। फिर राजा भभूत सिंह एवं अन्य जनजातीय नायकों के स्थल पर भी कैबिनेट की। यह राज्य सरकार की जनजातीय वीरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रमाण है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2024 के तेंदूपत्ता बोनस और लाभांश की मिल रही राशि वन समितियों तथा वनोपज संग्राहकों की मेहनत और समर्पण का प्रतिफल है। राज्य सरकार का प्रयास है कि वनक्षेत्रों से लगे गांवों में वनोपज संग्रहण से आमदनी आधारित अर्थव्यवस्था का विकास हो। इस आजीविका से जुड़े परिवारों को संग्रहित वनोपज का बेहतर मूल्य मिले और उनकी आर्थिक हालत को भी मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि मंडला जिले में वन्य जीव पर्यटन के विकास और विस्तार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास की दौड़ में मंडला अब किसी से पीछे नहीं है। यहां मेडिकल कॉलेज बनने जा रहा है। नर्सिंग कॉलेज का भूमि पूजन आज हो गया है। मंडला से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण से प्रदेश का ड्रापआउट शून्य प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप और पूरे स्कूल में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी दे रही हैं। यह मध्यप्रदेश में दिनों-दिन बढ़ती शैक्षणिक गुणवत्ता और सांदीपनि विद्यालयों का असर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले महीने ही मप्र सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ कर प्रदेशवासियों को सुगम बसों की सौगात दी हैं। अभी 1500 बसों के संचालन से प्रारंभ हुए इस कारवां को हम तेजी से और आगे लेकर जाएंगे।

    कार्यक्रम को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया उईके तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं मंडला के वर्तमान लोकसभा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने भी संबोधित कर क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी विभिन्न विकास कार्यों की मांगे रखीं। कार्यकम में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा मंडला जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, नगरपालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा, नवीनगिरि गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।