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  • दिल्ली दंगों से जुड़े हेट स्पीच मामलों में FIR नहीं होगी? हाईकोर्ट ने 15 याचिकाएं ठुकराईं, SIT जांच को भी नकारा

    दिल्ली दंगों से जुड़े हेट स्पीच मामलों में FIR नहीं होगी? हाईकोर्ट ने 15 याचिकाएं ठुकराईं, SIT जांच को भी नकारा

    नई दिल्ली

    दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों और दिसंबर 2019 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध के दौरान जामिया मिलिया इस्लामिया में हुई हिंसा से जुड़ी याचिकाओं के पूरे समूह को खारिज कर दिया है। इन याचिकाओं में नेताओं के खिलाफ कथित नफरती भाषण (Hate Speech) के लिए FIR दर्ज करने, स्वतंत्र एसआईटी (SIT) का गठन करने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की गई थी।

    दिल्ली हाई कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े कथित हेट स्पीच मामले में कपिल मिश्रा और अनुराग ठाकुर जैसे नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने और SIT जांच की मांग वाली सभी 15 याचिकाएं खारिज कर दीं. जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनोज जैन की बेंच ने इन याचिकाओं पर फैसला सुनाया. ये सभी याचिकाएं दंगों के बाद 2020 में दाखिल की गई थीं। 

    याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि CAA और NRC के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान कुछ राजनीतिक नेताओं के भाषणों ने हिंसा भड़काने में भूमिका निभाई. याचिकाओं में नेताओं के साथ-साथ उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई थी, जिन पर ड्यूटी में लापरवाही का आरोप लगाया गया था। 

    जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनोज जैन की बेंच ने फैसला सुनाते हुए याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट ने कहा कि याचिकाओं के समूह को दो हिस्सों में बांटा गया था – एक उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित और दूसरा जामिया मिलिया हिंसा से संबंधित। बेंच ने कहा, "फैसले में बताई गई वजहों से, सभी याचिकाएं खारिज की जाती हैं।"

    कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर समेत कई नेताओं के खिलाफ FIR की मांग
    शेख मुजतबा की एक याचिका में BJP नेताओं कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर, परवेश वर्मा और अभय वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई थी. याचिका में आरोप लगाया गया कि इन नेताओं के भाषणों ने 2020 के दंगों के दौरान हिंसा में योगदान दिया। 

    याचिका में अनुराग ठाकुर के एक भाषण का भी जिक्र था, जिसमें उन पर CAA विरोधी प्रदर्शनकारियों को लेकर ‘देश के गद्दारों को गोली मारो’ नारे का नेतृत्व करने का आरोप लगाया गया था. वहीं, परवेश वर्मा पर शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को लेकर भड़काऊ बयान देने का आरोप लगाया गया था। 

    एक अन्य याचिका में कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा, AAP नेताओं मनीष सिसोदिया और अमानतुल्लाह खान, AIMIM प्रमुख अकबरुद्दीन ओवैसी और पूर्व विधायक वारिस पठान के खिलाफ भी FIR की मांग की गई थी। 

    पुलिस कार्रवाई और NIA जांच की भी मांग
    CPI(M) नेता बृंदा करात की याचिका में पुलिस, RAF और दूसरे सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कथित गलत आचरण और लापरवाही की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी. वहीं, एक अन्य याचिका में CAA विरोधी प्रदर्शनों की कथित फंडिंग और समर्थन की जांच NIA से कराने की मांग की गई थी। 

    24 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में CAA और NRC के खिलाफ प्रदर्शनों के बीच सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी. इसमें कम से कम 53 लोगों की मौत हुई थी, जबकि करीब 700 लोग घायल हुए थे. हिंसा के दौरान आगजनी और तोड़फोड़ की कई घटनाएं सामने आई थीं। 

    याचिकाओं में नेताओं के खिलाफ कथित हेट स्पीच के लिए FIR की मांग की गई थी

    उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित याचिकाओं में राजनीतिक नेताओं के खिलाफ हिंसा के संबंध में कथित हेट स्पीच के लिए FIR दर्ज करने के निर्देश देने की मांग भी शामिल थी।

    याचिकाओं में दंगों की जांच के लिए SIT, जांच आयोग या फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाने की भी मांग की गई थी। कुछ याचिकाओं में हिंसा में शामिल होने के आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावित लोगों के इलाज और मुआवजे से संबंधित निर्देश देने की भी मांग की गई थी।

    इसलिए, राजनीतिक नेताओं के खिलाफ FIR की मांग करने वाली याचिकाएं 2020 के दंगों से संबंधित याचिकाओं के व्यापक समूह का हिस्सा थीं। हालांकि, हाई कोर्ट ने सोमवार को याचिकाओं के इस समूह को खारिज कर दिया।

    कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला 24 जुलाई को सुरक्षित रख लिया था। खारिज करने की वजहों को बताने वाले विस्तृत आदेश का इंतजार है।
    2020 के दिल्ली दंगों के दौरान क्या हुआ था?
    नागरिकता कानून के विरोध के बीच 24 फरवरी, 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक झड़पें हुईं। कोर्ट के सामने पेश की गई जानकारी के अनुसार, हिंसा में कम से कम 53 लोगों की मौत हुई और लगभग 700 लोग घायल हुए। दंगों से संबंधित याचिकाओं में हिंसा की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी, जिसमें SIT, जांच आयोग या फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी के माध्यम से जांच शामिल थी। कुछ याचिकाकर्ताओं ने उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ़ FIR दर्ज करने की भी मांग की, जिन पर हिंसा के दौरान गलत काम करने का आरोप था। याचिकाओं में दंगों से प्रभावित लोगों के इलाज और मुआवज़े से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए।

    जामिया हिंसा से जुड़ी अलग-अलग याचिकाएं
    दिल्ली हाई कोर्ट के सामने याचिकाओं का दूसरा सेट उस हिंसा से जुड़ा था जो दिसंबर 2019 में CAA के खिलाफ़ विरोध-प्रदर्शनों के बाद जामिया मिलिया इस्लामिया में हुई थी।

    याचिकाकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों द्वारा छात्रों के साथ की गई कथित बर्बरता की जांच के लिए एक ऐसी SIT की मांग की थी जो पुलिस और केंद्र सरकार से स्वतंत्र हो। सोमवार को अपना फ़ैसला सुनाते हुए हाई कोर्ट ने मामलों के इन दोनों सेटों पर अलग-अलग सुनवाई की। बेंच ने कहा, "इस मामले के समूह को दो हिस्सों में बांटा गया है: एक उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगों के लिए और दूसरा जामिया मिलिया दंगों के लिए।"

    अब जब याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं, तो उम्मीद है कि विस्तृत फ़ैसले में कोर्ट के इस निर्णय के पीछे के कारण बताए जाएंगे।

  • मंडला को CM मोहन यादव की बड़ी सौगात, टाइगर सफारी-जू और रेस्क्यू सेंटर का ऐलान

    मंडला को CM मोहन यादव की बड़ी सौगात, टाइगर सफारी-जू और रेस्क्यू सेंटर का ऐलान

     मंडला को मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात… टाइगर सफारी-जू और रेस्क्यू सेंटर की घोषणा, घुघरी-मोहगांव में खुलेगा कॉलेज

     मंडला

    मंडला से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंडला जिले के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मंडला में अब टाइगर सफारी-जू के साथ वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही घुघरी और मोहगांव में महाविद्यालय शुरू करने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 4 अक्टूबर को मंडला में आयोजित तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने जिले को शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क और प्रशासनिक अधोसंरचना से जुड़ी कई बड़ी सौगातें दीं।

    मंडला की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरती पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आगमन हुआ। तेंदूपत्ता संग्राहकों के बोनस वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने मंडला की पहचान और विरासत का उल्लेख किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडला केवल एक जिला नहीं, बल्कि वीरता, जनजातीय गौरव और नर्मदा सभ्यता का संगम है। गोंडवाना साम्राज्य की गौरवशाली विरासत, वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य, गोंड और बैगा जनजातियों की समृद्ध संस्कृति तथा मां नर्मदा मंडला की पहचान को विशेष बनाते हैं।

     टाइगर सफारी-जू की बड़ी घोषणा
    कार्यक्रम के दौरान मंडला के लिए सबसे बड़ी घोषणा टाइगर सफारी-जू और वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर को लेकर रही।
    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके की मांग पर मुख्यमंत्री ने मंडला में टाइगर सफारी-जू स्थापित करने की घोषणा की।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडला आने वाले पर्यटकों को कई बार सफारी के दौरान बाघ या अन्य वन्यजीव देखने का अवसर नहीं मिल पाता। ऐसे में टाइगर सफारी-जू के माध्यम से पर्यटकों को बाघ सहित अन्य वन्यजीवों को देखने का अवसर मिलेगा।
    इसके साथ ही यहां वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर भी स्थापित किया जाएगा, जहां घायल और बीमार वन्यप्राणियों के उपचार की व्यवस्था होगी।
    सरकार की इस घोषणा से मंडला में पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। साथ ही पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

    घुघरी और मोहगांव को कॉलेज की सौगात
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घुघरी और मोहगांव में महाविद्यालय शुरू करने की घोषणा भी की।इस घोषणा से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर कॉलेज की सुविधा मिलने से क्षेत्र के विद्यार्थियों को शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।इसके अलावा मुख्यमंत्री ने एमएसएमई के माध्यम से चार और चिरौंजी जैसी लघु वनोपज की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य स्थानीय वनोपज को बाजार से जोड़ना और रोजगार के अवसर पैदा करना है।

    21 लाख से ज्यादा तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस

    कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का वितरण करना है।मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के पर्व को प्रदेशवासी उत्साह और उमंग के साथ मना सकें, इसी उद्देश्य से तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि वितरित की जा रही है।प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को करीब 149 करोड़ रुपये की बोनस राशि वितरित की गई।वहीं मंडला, डिंडौरी, जबलपुर, सिवनी और बालाघाट जिले के 9 लाख 4 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 की बोनस राशि के रूप में 36 करोड़ 17 लाख 37 हजार 518 रुपये का वितरण किया गया।

    इसके साथ ही मंडला के पूर्व सामान्य और पश्चिम सामान्य वनमंडल की 84 वन समितियों के 39 हजार 399 सदस्यों को वर्ष 2025-26 की 26 करोड़ 56 लाख 53 हजार 929 रुपये की काष्ठ लाभांश राशि भी वितरित की गई।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वन आधारित अर्थव्यवस्था से जुड़े परिवारों को उनकी मेहनत का उचित लाभ मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है।
    460 करोड़ से अधिक के विकास कार्य

    मंडला जिले के लिए विकास के लिहाज से भी कार्यक्रम महत्वपूर्ण रहा।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले में 460 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले कुल 74 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।इनमें 260 करोड़ 62 लाख 38 हजार रुपये की लागत वाले 47 विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 200 करोड़ 2 लाख 38 हजार रुपये की लागत वाले 27 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है।लोकार्पित कार्यों में बिछिया एनएच-30 से सरई गेट मार्ग, सांदीपनि शासकीय मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल बिछिया का भवन, संयुक्त तहसील कार्यालय भवन निवास, सांदीपनि विद्यालय घुटास और सांदीपनि विद्यालय सागर सहित शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और अधोसंरचना से जुड़े कई कार्य शामिल हैं।

    कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय की भी सौगात
    मुख्यमंत्री द्वारा भूमिपूजन किए गए प्रमुख कार्यों में नवीन एकीकृत कलेक्ट्रेट कार्यालय भवन मंडला भी शामिल है, जिसकी लागत करीब 33 करोड़ 92 लाख रुपये बताई गई है।इसके साथ ही नवीन नर्सिंग कॉलेज मंडला, शासकीय महाविद्यालय नारायणगंज, पुलिस लाइन में आवास गृह और नवीन पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन का निर्माण भी शामिल है।पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन की लागत करीब 4 करोड़ 11 लाख रुपये है।वहीं पुलिस लाइन मंडला में 12 एनजीओ और 48 आरक्षक आवास गृह के निर्माण के लिए करीब 12 करोड़ 54 लाख रुपये की लागत स्वीकृत की गई है।

     स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
    मुख्यमंत्री ने मंडला में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया।मंडला में मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य जारी है। इसके साथ ही क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक के लिए 16 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति का भी उल्लेख मुख्यमंत्री ने किया।इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जिले में गंभीर मरीजों के उपचार सहित स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है।

     किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
    मुख्यमंत्री ने मंडला में पान की खेती को विकसित करने की बात कही। इसके साथ ही पशुधन संवर्धन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गांव-गांव में दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत करने की बात कही।मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादक किसानों को उनके दूध का उचित मूल्य मिलना चाहिए और इसके लिए सहकारी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।वहीं सरकार की सुगम बस परिवहन सेवा का विस्तार गांव-गांव तक करने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सके।

    मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी
    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले के 163 मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत स्कूटी की चाबी सौंपी।इसके साथ ही विद्यार्थियों को यातायात सुरक्षा का संदेश देते हुए हेलमेट भी पहनाए गए।
    कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास कार्यों, योजनाओं और गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया।

     जनप्रतिनिधियों ने भी रखी बात
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके ने मुख्यमंत्री के मंडला आगमन को जिलेवासियों के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय बताया।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंडला सहित पूरे प्रदेश में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरण के साथ विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन जिले के विकास को नई गति देगा।वहीं सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार गरीब, किसान, श्रमिक और जनजातीय समाज के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है।उन्होंने कहा कि मंडला सहित पूरे क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और पर्यटन के क्षेत्र में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं।

    कुल मिलाकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मंडला दौरा जिले के लिए कई बड़ी घोषणाओं और विकास कार्यों की सौगात लेकर आया।
    टाइगर सफारी-जू और रेस्क्यू सेंटर, घुघरी और मोहगांव में कॉलेज, नया कलेक्ट्रेट भवन, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, नर्सिंग कॉलेज और करोड़ों रुपये के सड़क एवं अधोसंरचना कार्य मंडला के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
    अब इन घोषणाओं और भूमिपूजन किए गए कार्यों के धरातल पर उतरने का इंतजार रहेगा। इससे मंडला में पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सुविधाओं को कितनी नई दिशा मिलती है, यह आने वाला समय बताएगा।

  • भोपाल में 6 अक्टूबर को जुटेंगे 20 हजार युवा, CM मोहन यादव बताएंगे AI-रोबोटिक्स और रोजगार का रोडमैप

    भोपाल में 6 अक्टूबर को जुटेंगे 20 हजार युवा, CM मोहन यादव बताएंगे AI-रोबोटिक्स और रोजगार का रोडमैप

    भोपाल
     मध्य प्रदेश की युवा शक्ति को रोजगार, कौशल, स्टार्टअप और नई तकनीकों से जोड़ने के लिए सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन 6 अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड मैदान में किया जाएगा। इस आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 हजार से अधिक युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। कॉन्क्लेव में युवाओं को कॅरियर और रोजगार के नए विकल्पों के साथ ही नवाचार और उभरती तकनीकों की संभावनाओं से भी रूबरू कराया जाएगा।

    उच्च शिक्षा विभाग के तत्वावधान में होने वाले इस आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। रविवार को उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने लाल परेड मैदान पहुंचकर कार्यक्रम स्थल, प्रदर्शनी कक्षों और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी तैयारियां तय समय-सीमा में पूरी करने और युवाओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

    रोजगार से स्टार्टअप तक, युवाओं के लिए क्या-क्या होगा?
    कॉन्क्लेव में रोजगार, कौशल विकास, स्वरोजगार, उद्यमिता, नवाचार, अनुसंधान और नई तकनीकों पर विशेष सत्र और गतिविधियां होंगी। विशेषज्ञों के साथ शैक्षणिक संस्थान, उद्योग और स्टार्टअप भी इसमें शामिल होंगे। युवाओं को बदलते जॉब मार्केट, नए कौशल की जरूरत, स्वरोजगार की संभावनाओं और अपने आइडिया को बिजनेस में बदलने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी।

    17 विभाग बताएंगे रोजगार और योजनाओं की राह
    कॉन्क्लेव में 17 शासकीय विभागों और विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी रहेगी। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, उद्योग, एमएसएमई, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, श्रम, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, परिवहन, आयुष, पुलिस और साइबर सुरक्षा समेत कई विभाग युवाओं के लिए संचालित योजनाओं और अवसरों की जानकारी देंगे।

    मध्यप्रदेश स्टार्टअप सेंटर और सेडमैप की ओर से भी स्वरोजगार, उद्यमिता, कौशल विकास और नवाचार से जुड़ी गतिविधियां प्रस्तुत की जाएंगी।
    80 से ज्यादा प्रदर्शनी कक्षों में दिखेगा भविष्य

    कार्यक्रम में 80 से अधिक प्रदर्शनी कक्ष लगाए जाएंगे। इनमें विश्वविद्यालयों, सरकारी विभागों, संस्थाओं और स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार, कॅरियर, प्रशिक्षण, अनुसंधान, उद्यमिता और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्रदर्शित की जाएगी। विश्वविद्यालयों की ओर से ड्रोन तकनीक, नवाचार, अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और कॅरियर से जुड़े प्रोजेक्ट और प्रस्तुतियां भी होंगी।

    AI से ड्रोन और रोबोटिक्स तक नई तकनीक पर फोकस
    युवा कॉन्क्लेव में भविष्य की तकनीकों को खास जगह दी गई है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) जैसे क्षेत्रों में शिक्षा, प्रशिक्षण, रोजगार और रिसर्च की संभावनाओं से युवाओं को परिचित कराया जाएगा।

    इसका मकसद युवाओं को केवल नौकरी की तलाश तक सीमित रखने के बजाय उन्हें नई तकनीकों और इनोवेशन के क्षेत्र में अवसर तलाशने के लिए प्रेरित करना है।

    आइडिया से बिजनेस तक का सफर समझेंगे युवा
    मध्यप्रदेश स्टार्टअप सेंटर के माध्यम से नवोदित उद्यम अपने उत्पाद और नए प्रयोग प्रदर्शित करेंगे। युवा इन स्टार्टअप के जरिए यह समझ सकेंगे कि किसी विचार को उत्पाद, सेवा और सफल उद्यम में कैसे बदला जा सकता है। कॉन्क्लेव में कॅरियर मार्गदर्शन और कौशल विकास के साथ मानसिक स्वास्थ्य, स्वास्थ्य, आयुष, उद्योग, रोजगार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञ जानकारी देंगे।

    पुलिस विभाग की ओर से महिला सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, यातायात जागरूकता, सामुदायिक पुलिसिंग और जन-सुरक्षा से जुड़े विषयों पर युवाओं के साथ संवाद किया जाएगा।

    जुबिन नौटियाल और कबीर कैफे बढ़ाएंगे कार्यक्रम की रौनक
    युवा कॉन्क्लेव में ज्ञान और मार्गदर्शन के साथ मनोरंजन का भी इंतजाम रहेगा। कार्यक्रम में प्रसिद्ध पार्श्व गायक जुबिन नौटियाल और मुंबई के कबीर कैफे की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां युवाओं का उत्साह बढ़ाएंगी।

    युवाओं को अवसर और नई दिशा देने की पहल
    सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को संवाद, कौशल, कॅरियर, रोजगार और नवाचार के अवसरों से जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ 20 हजार से अधिक युवाओं का संवाद और 80 से ज्यादा प्रदर्शनी कक्ष इस आयोजन को प्रदेश के युवा केंद्रित बड़े आयोजनों में शामिल करेगा। सरकार का जोर युवा प्रतिभा और ऊर्जा को सही अवसर देकर विकसित मध्य प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ाने पर है।

     

  • कब्जामुक्त कराएं जमीन, पीड़ित को न्याय और दोषियों को दिलाएं सजा: मुख्यमंत्री

    कब्जामुक्त कराएं जमीन, पीड़ित को न्याय और दोषियों को दिलाएं सजा: मुख्यमंत्री

    जनता दर्शन

    उचित समस्या को लेकर दूसरी बार फरियादी आए तो जवाबदेही तय: मुख्यमंत्री

    पीड़ित की संतुष्टि सरकार का ध्येय, प्रशासन हर उचित समस्या का कराए समयबद्ध निस्तारण: सीएम योगी

    कब्जामुक्त कराएं जमीन, पीड़ित को न्याय और दोषियों को दिलाएं सजा: मुख्यमंत्री

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह ‘जनता दर्शन’ में दूरदराज से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। लोगों को समाधान का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन हर उचित समस्या का समयबद्ध निस्तारण कराए, यदि पीड़ित एक ही समस्या को लेकर दूसरी बार आया और वह समस्या वास्तविक रही तो जवाबदेही तय होगी। पीड़ित की संतुष्टि सरकार का ध्येय है। यदि पीड़ित की समस्या वास्तविक है और समय से उसका निस्तारण नहीं हो पाया, तो यह अक्षम्य है। 

    हर व्यक्ति से मिले मुख्यमंत्री
    मुख्यमंत्री ने कुर्सियों पर बैठाए गए लो
    गों तक पहुंचकर उनकी पीड़ा जानी और आश्वस्त किया कि सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने 'जनता दर्शन' में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और समयबद्ध/पारदर्शी निस्तारण कराएं। 

    पीड़ित को न्याय और दोषियों को सजा दिलाएं
    इस दौरान कुछ लोगों ने जमीन जबरन कब्जा कर लिए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी दबंग ने किसी गरीब की जमीन हड़पी है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। जमीन अवैध या जबरन कब्जे से मुक्त होनी चाहिए। जमीन कब्जामुक्त कराने के साथ जबरन कब्जा करने वालों को कड़ा कानूनी सबक सिखाया जाए। पीड़ित को न्याय और दोषियों को सजा दिलाएं।

  • नौरादेही में 7 अक्टूबर को आएंगे कूनो के 2 चीते, अब एक ही अभयारण्य में दिखेंगी तीन ‘बड़ी बिल्लियां’

    नौरादेही में 7 अक्टूबर को आएंगे कूनो के 2 चीते, अब एक ही अभयारण्य में दिखेंगी तीन ‘बड़ी बिल्लियां’

    सागर
     रानी दुर्गावती बाघ अभयारण्य नौरादेही अब प्रदेश में वन्यजीवों की नई पहचान बनने जा रहा है। यह दुनिया की अनोखी बसाहट होगी, जहां बड़ी बिल्लियों के परिवार (बिग कैट फैमिली) के तीन प्रमुख शिकारी बाघ, तेंदुआ और चीता एक साथ रहेंगे। सात अक्टूबर को कूनो राष्ट्रीय उद्यान से दो चीते, नर थोलो और मादा सीसीबी-तीन नौरादेही लाए जाएंगे। इसके साथ ही नौरादेही, कूनो और गांधीसागर के बाद मध्य प्रदेश में चीतों का 'तीसरा घर' बन जाएगा।

    चीतों के स्वागत की तैयारियां पूरी
    चीतों की सुरक्षित बसाहट के लिए मुहाली रेंज में आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं। यहां दो प्रकार के बोमा (डोम) बनाए गए हैं। पहले चरण में चीतों को क्वारेंटाइन बोमा में रखा जाएगा। यह अपेक्षाकृत आकार में छोटे हैं, ताकि चीतों के स्वास्थ्य, व्यवहार, संभावित बीमारियों और नए स्थान में सर्वाइवल का आंकलन किया जा सके।

    12 से 15 दिन तक क्वारेंटाइन में रखने के बाद चीतों को सॉफ्ट रिलीज बोमा में शिफ्ट किया जाएगा, जिसका क्षेत्रफल लगभग 80 से 100 हेक्टेयर होगा। चीतों की निगरानी और प्रबंधन के लिए करीब 100 वनकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

    यहां एशिया की सबसे छोटी बिल्ली भी
    नौरादेही की विशेषता केवल बाघ, तेंदुए और आने वाले चीतों तक सीमित नहीं है। यहां रस्टी-स्पॉटेड कैट, जिसे एशिया की सबसे छोटी बिल्ली माना जाता है, की भी मौजूदगी दर्ज की गई है। मध्यप्रदेश वन विभाग और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के सालाना बाघ निगरानी अभियान के तहत किए गए कैमरा ट्रैप सर्वे में इस बिल्ली की तस्वीर रिकॉर्ड हुई थी।

    एक नजर में नौरादेही की कैट फैमिली
    बाघ : जंगल का सबसे बड़ा शिकारी – संख्या 30 से अधिक
    तेंदुआ : घने जंगल और जंगल के पथरीले क्षेत्र में मौजूद – संख्या 15 से अधिक
    चीता : सात अक्टूबर को कूनो से आएंगे – संख्या दो
    रस्टी-स्पॉटेड कैट: एशिया की सबसे छोटी बिल्ली – संख्या एक (कैमरा ट्रैप में दर्ज)

        रानी दुर्गावती बाघ अभयारण्य में चीतों के आगमन के बाद बाघ, तेंदुए और रस्टी-स्पाटेड कैट जैसी प्रजातियां एक ही परिदृश्य में मौजूद होंगी। इससे नौरादेही की जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ेगा।
        -रजनीश सिंह, उप संचालक, रानी दुर्गावती बाघ अभयारण्य

     

  • Flydubai केस ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल, ओमान की चेतावनी के बाद भी UAE और इजरायल में नहीं रोका गया

    Flydubai केस ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल, ओमान की चेतावनी के बाद भी UAE और इजरायल में नहीं रोका गया

     नई दिल्ली
    फ्लाईदुबई फ्लाइट 1073 में जो कुछ हुआ, उसकी शुरुआत कॉकपिट के अंदर नहीं हुई थी. हमाम अल-हम्मामी के कप्तान के पीछे खड़े होकर इमरजेंसी कुल्हाड़ी उठाने तक तीन देशों के स्तर पर उसे रोकने के कई मौके आ चुके थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि ओमान, UAE और इजरायल की सुरक्षा व्यवस्था में अलग-अलग स्तर पर हुई चूक की वजह से वह उस फ्लाइट के कॉकपिट तक पहुंच सका। 

    सबसे पहले ओमान में हम्मामी को लेकर चिंता सामने आई थी. वॉल स्ट्रीट जर्नल यानी WSJ की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान एयर ने उसकी ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की थी. अधिकारियों ने पाया कि वह कट्टरपंथी विचारधारा में जरूरत से ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहा था. इसके बाद उसे ओमान एयर की फ्लाइंग ड्यूटी से हटा दिया गया. उसे डि-रेडिकलाइजेशन प्रोग्राम से गुजारा गया और बाद में डेस्क जॉब दे दी गई। 

    ओमान ने खतरा पहचाना, लेकिन जानकारी आगे नहीं पहुंची
    यहां पहली बड़ी चूक हुई. रिपोर्ट मुताबिक, मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि ओमान ने हम्मामी को उड़ान से हटा दिया, लेकिन उसके बारे में उठी चिंताओं को दूसरे देशों या एयरलाइंस के साथ व्यापक तौर पर साझा नहीं किया गया. इसके कुछ समय बाद फरवरी 2026 में फ्लाईदुबई ने हम्मामी को नौकरी पर रख लिया. रिपोर्ट के मुताबिक, एयरलाइन ने उसकी पिछली नौकरी के बारे में ओमान एयर से संपर्क नहीं किया और न ही वहां सामने आई चिंताओं की जानकारी ली. फ्लाईदुबई की हायरिंग प्रक्रिया से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक, एयरलाइन ने उसका क्रिमिनल बैकग्राउंड चेक जरूर किया था। 

    नौकरी मिलने के बाद हम्मामी को दुबई-तेल अवीव रूट पर तैनात किया गया. WSJ के मुताबिक, वह इस रूट पर कई बार उड़ान भी भर चुका था. अब इसी हायरिंग प्रक्रिया को लेकर UAE के अधिकारी फ्लाईदुबई के कर्मचारियों की जांच कर रहे हैं. जांच पूरी होने तक फ्लाईदुबई ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया है। 

    इजरायल के पास भी था हम्मामी को रोकने का मौका
    WSJ के मुताबिक, हम्मामी को रोकने का आखिरी बड़ा मौका इजरायल में था. ओमान जैसे देशों के पायलट, जिनके इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं, वहां उड़ान नहीं भर सकते. ऐसे में हम्मामी की राष्ट्रीयता ही उसे रोकने के लिए काफी होनी चाहिए थी. विदेशी एयरलाइंस को इजरायल पहुंचने से पहले यात्रियों और क्रू की सूची जमा करनी होती है. फ्लाईदुबई ने फ्लाइट 1073 का मैनिफेस्ट भी इजरायल को दिया था. इजरायल की टैक्स अथॉरिटी के मुताबिक, यह जानकारी देश के पैसेंजर डेटा सिस्टम में मौजूद थी। 

    लेकिन यहां भी एक अहम सवाल सामने आया. इजरायल के ट्रांसपोर्टेशन मंत्रालय ने कहा कि उसके पास विदेशी एयरलाइंस के क्रू की जांच करने का अधिकार या विशेषज्ञता नहीं थी. मंत्रालय के मुताबिक, 2023 में यह डेटाबेस बनने के बाद उसने कभी यात्रियों या क्रू की सूची मांगी ही नहीं थी. इतना ही नहीं, मंत्रालय को यह भी पता नहीं था कि वह इस डेटाबेस को एक्सेस कर सकता है. मंत्रालय ने बताया कि इसके बजाय फ्लाईदुबई ने लिखित तौर पर अपने पायलटों की बैकग्राउंड और राष्ट्रीयता की जांच करने पर सहमति दी थी। 

    2024 में भी दी गई थी सुरक्षा कमियों की चेतावनी
    इस मामले में एक और अहम कड़ी सामने आई है. WSJ के मुताबिक, 2024 की एक क्लासिफाइड रिपोर्ट में इजरायल आने वाली विदेशी एयरलाइंस की उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था में कमियों को लेकर पहले ही चेतावनी दी गई थी. इसके बावजूद फ्लाइट 1073 के मामले में उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल उसे रोकने के लिए नहीं हो सका। 

    एक के बाद एक छूटते गए मौके
    WSJ की रिपोर्ट का केंद्रीय सवाल यही है कि हम्मामी को रोकने के इतने मौके होने के बावजूद वह कॉकपिट तक कैसे पहुंच गया. ओमान ने उसके कट्टरपंथी विचारों को लेकर उसे उड़ान से हटा दिया, लेकिन यह जानकारी आगे नहीं पहुंची. UAE में फ्लाईदुबई ने कथित तौर पर उसकी पिछली हिस्ट्री की जांच नहीं की और उसे दुबई-तेल अवीव जैसे संवेदनशील रूट पर भेज दिया. वहीं इजरायल के पास उसकी राष्ट्रीयता और फ्लाइट क्रू की जानकारी मौजूद थी, फिर भी उसे उड़ान ऑपरेट करने से नहीं रोका गया। 

  • एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन, सितारों ने रचा गौरवशाली इतिहास

    एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन, सितारों ने रचा गौरवशाली इतिहास

    एशियन गेम्स में चमके भारत के सितारे

    विश्‍वास कैलाश सारंग

    भोपाल 

    जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिभा की चमक को पूरी दुनिया ने देखा है। भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, परिश्रम और जज्बे का शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरी दुनिया को भारत की बढ़ती खेल शक्ति का परिचय कराया। तिरंगे की आन, बान और शान के लिए मैदान में उतरे हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य सहित कुल 85 पदक जीतकर पदक तालिका में भारत को गौरवपूर्ण चौथा स्थान दिलाया। यह उपलब्धि केवल पदकों की संख्या नहीं बल्कि भारत की युवा खेल प्रतिभा के निरंतर निखरते सामर्थ्य और वैश्विक खेल मंच पर बढ़ते प्रभाव की स्वर्णिम चमक है। वहीं इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने 10 मेडल जिनमें 5 स्वर्ण, 4 रजत 1 कांस्य पदक अर्जित कर अपनी सर्वोच्च प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विशेष योगदान दिया है।

    देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में आज खेल भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में एक महत्वपूर्ण स्थान बना चुका है। मोदी जी के मार्गदर्शन में एवं केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया जी के नेतृत्व में खेलो इंडिया जैसी योजना के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने, प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। छोटे शहरों, गांवों और सामान्य परिवारों से आने वाले युवा आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। उनके पास अब केवल प्रतिभा नहीं बल्कि उसे निखारने के लिए अवसर, प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी वातावरण भी उपलब्ध हो रहा है। प्रधानमंत्री जी का यह विजन कि भारत का युवा केवल खेलों में भाग लेने वाला नहीं बल्कि दुनिया में भारत का नेतृत्व करने वाला बने, आज मैदानों में दिखाई दे रहा है। मिट्टी के मैदानों से लेकर आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक, स्कूलों से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम तक, भारत की नई पीढ़ी खेलों को अपना भविष्य बनाने के लिए निरंतर आगे बढ़ रही है।

    वहीं मध्यप्रदेश में भी हम प्रधानमंत्री जी के विजन को दृष्टिगत रखते हुए एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में खेल, खिलाड़ी और खेल मैदान के उन्नयन व विस्तार के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश में 18 खेलों की 11 अकादमी संचालित हैं। इन अकादमियों में विश्व स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। नवीन सीएम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स योजना के तहत प्रदेश की सभी 230 विधानसभा में खेल परिसर का निर्माण किया जा रहा है। खेलो एमपी यूथ गेम्स, पार्थ योजना, खेलो बढ़ो अभियान, टैलेंट सर्च, समर कैंप सहित अन्य आयोजनों के माध्यम से नई प्रतिभाओं की तलाश और उन्हें नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

    इस प्रतियोगिता में भारत के खिलाड़ियों ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कर विश्व पटल पर राष्ट्र को गौरवान्वित किया है। भारत के कुल पदकों में एथलेटिक्स का सबसे बड़ा योगदान रहा, जिसमें कुल 24 पदक जीते गए। इसके बाद शूटिंग का नंबर रहा, जिसमें 15 पदक मिले। इनमें तीन बार खिलाड़ी टॉप पोडियम पर रहे। बॉक्सिंग में भी तीन स्वर्ण पदक मिले, जिनमें लवलीना बोरगोहेन भी शामिल थीं। आर्चरी में सबसे ज्यादा पांच बार खिलाड़ी शीर्ष पोडियम पर रहे। अमन सहरावत और सुजीत कलकल ने रेसलिंग में एशियन गेम्स चैंपियन का खिताब जीता। भारत की महिला और पुरुष क्रिकेट, कबड्डी और हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल हासिल किए। नीरू ढांडा, कुमकुम मोहोद, गुलवीर सिंह और विथ्या रामराज जापान में भारत के प्रमुख प्रदर्शन करने वाले एथलीट में शामिल रहे, जिन्होंने कई पदक जीतने में योगदान दिया। सुचिका तरियाल ने महिला ट्रेडिशनल -60 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भारत का पहला एशियन गेम्स पदक हासिल किया। सेमी-फाइनल में पहुंचने के बाद जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस में भी वही कारनामा दोहराया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने फ़ाइनल में श्रीलंका को हराकर अपना ख़िताब बरकरार रखा और इस टूर्नामेंट में देश के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। बाद में पुरुष टीम ने भी पाकिस्तान को फ़ाइनल में करारी शिकस्त देकर अपना ख़िताब सफलतापूर्वक बचाया। वहीं, शूटर नीरू ढांडा ने महिलाओं के ट्रैप इवेंट में जीत हासिल करके एशियन गेम्स 2026 में भारत का पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीता। मीराबाई चानू ने महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही उन्होंने 1998 के बैंकॉक गेम्स के बाद वेटलिफ्टिंग में भारत के लिए पहला एशियाई गेम्स मेडल हासिल किया। रोशिबिना देवी ने भी वुशू में लगातार अपना तीसरा कॉन्टिनेंटल मेडल जीता। सीमा कुमारी ने भी एशियाई गेम्स में महिलाओं की 10,000 मीटर दौड़ में मेडल जीतकर भारत के 16 साल बाद पदक जीता। कमलजीत और सुरुचि सिंह ने मिक्स्ड टीम 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीतने के दौरान एशियन रिकॉर्ड की बराबरी की। बरानिका इलांगोवन ने ब्रॉन्ज मेडल जीता और एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय पोल वॉल्टर बन गईं। सावन बरवाल ने नया नेशनल रिकॉर्ड बनाते हुए 1982 के बाद मैराथन में भारत का पहला मेडल जीता। स्क्वैश में, अनाहत सिंह एशियन गेम्स में वूमेंस सिंगल्स सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। विथ्या रामराज ने वूमेंस 400 मीटर हर्डल रेस में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर 42 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा। जैवलिन थ्रो इवेंट में यश वीर सिंह और रोहित यादव ने भारत के लिए दो मेडल पक्के किए। उन्होंने क्रमशः सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते। चिकिता तनिपार्थी और साहिल जाधव ने कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर एलए 2028 ओलंपिक कोटा हासिल किया। अंकिता भकत, कुमकुम मोहोद और कीर्ति शर्मा ने फाइनल में दक्षिण कोरिया को हराकर एशियन गेम्स में भारत के लिए वूमेंस टीम रिकर्व इंवेट का पहला गोल्ड मेडल जीता। महान मुक्केबाज मैरी कॉम (इंचियोन 2014) के बाद एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली लवलीना बोरगोहेन दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गईं। भारत ने 44 साल बाद एशियन गेम्स में महिला हॉकी का खिताब भी जीता। 17 साल की कुमकुम मोहोद इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में व्यक्तिगत रिकर्व गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। प्रणवी उर्स गोल्फ में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।

    वहीं मध्यप्रदेश के खिलाड़ी भी इस गौरवमयी उपलब्धि में अहम योगदान दिया। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की खिलाड़ी नीरू ढांढा ने शूटिंग (शॉटगन) के वुमेंस ट्रैप इंडिविजुअल में स्वर्ण, ट्रैप मिक्स्ड टीम में स्वर्ण और वुमेंस ट्रैप टीम में रजत पदक सहित नीरू ने 3 मेडल हासिल कर इतिहास रचा। मनीषा कीर ने शूटिंग (शॉटगन) वुमेंस ट्रैप टीम में रजत पदक, ऐश्वर्य प्रताप सिंह ने शूटिंग (राइफल) 50मी. राइफल 3 पोजिशन मेन्स टीम में सिल्वर पदक, आशी चौकसे ने शूटिंग (राइफल) 50मी. राइफल 3 पोजिशन वुमेंस टीम में सिल्वर पदक, पुरुष हॉकी टीम का हिस्सा रहे विवेक सागर ने स्वर्ण पदक, महिला हॉकी टीम का हिस्सा रहीं इशिका चौधरी ने स्वर्ण पदक, क्रांति गौड़ ने क्रिकेट (टीम इवेंट) में स्वर्ण पदक, जय मीणा ने सॉफ्ट टेनिस (व्यक्तिगत स्पर्धा) में कांस्य पदक अर्जित कर प्रदेश व देश का मान बढ़ाया है।

    भारत के युवा खिलाड़ी आज केवल पदक नहीं जीत रहे, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए सपनों की नई सीमा तय कर रहे हैं। पदक मंच पर जब भारतीय खिलाड़ी तिरंगे को अपने कंधों पर लेकर खड़े होते हैं और राष्ट्रगान की धुन बजती है, तब वह क्षण केवल खिलाड़ी का नहीं होता बल्कि वह 140 करोड़ भारतीयों के गौरव का क्षण होता है। एशियन गेम्स में चमके भारत के इन सितारों ने एक बार फिर साबित किया है कि भारत की युवा शक्ति दुनिया के किसी भी मंच पर इतिहास रच सकती है।

     

  • पंजाब में करप्शन केस CBI के हवाले, हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश; 2 महीने में रिपोर्ट तलब

    पंजाब में करप्शन केस CBI के हवाले, हाईकोर्ट ने दिए जांच के आदेश; 2 महीने में रिपोर्ट तलब

    चंडीगढ़ 
    पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने सीएम भगवंत मान के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन और अन्य लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच सीबीआई को साैंप दी है। कोर्ट ने पंजाब के डीजीपी को ईडी की ओर से भेजे गए पत्रों की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने वकील निखिल सराफ की ओर से दायर एक पीआईएल पर यह आदेश दिया। कोर्ट ने सीबीआई को दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। 

    सरकार से जुड़े करप्शन के मामले की जांच अब CBI करेगी। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने CBI को 2 महीने में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है।इस मामले में ED ने पंजाब के DGP को पत्र भेजकर करप्शन के आरोपों को लेकर केस दर्ज करने को कहा था। जब पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया तो ED ने हाईकोर्ट का रुख किया।इसके बाद मामले में जनहित याचिका दायर की गई थी। अब हाईकोर्ट ने मामले की जांच CBI को सौंप दी है।

    भ्रष्टाचार के आरोपों पर ED ने DGP को क्यों लिखी चिट्ठी?

        ईडी ने क्या कहा: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव को कई पत्र भेजकर कथित भ्रष्टाचार और सरकारी कामकाज में दखल के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ईडी की जांच में ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी टेंडर, नीतिगत फैसलों, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव और दूसरे सरकारी कामों को प्रभावित करने के आरोप सामने आने की बात कही गई है। जुलाई और अगस्त 2026 में भेजे गए पत्रों को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भी मामला पहुंचा।

        किस पर आरोप हैं: ईडी की कार्रवाई में नितिन गोहल, रियल एस्टेट कारोबारी अजय सहगल, सुरेश कुमार बजाज और अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं। जांच में मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मण से जुड़े संपर्कों का भी उल्लेख किया गया है। ईडी का आरोप है कि कुछ लोग सरकारी अधिकारियों की पोस्टिंग-ट्रांसफर और दूसरे प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित करने के लिए बिचौलिये की भूमिका निभा रहे थे।
        ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर टेंडर तक: ईडी के मुताबिक जांच में मिले चैट और अन्य सामग्री में अधिकारियों की पोस्टिंग, तबादलों और सरकारी पदों पर नियुक्ति से जुड़ी बातचीत का उल्लेख है। मार्कफेड के टेंडर, अधिकारियों की पोस्टिंग, लाइसेंस और अन्य सरकारी मंजूरियों को प्रभावित करने के आरोप भी लगाए गए हैं। ईडी ने भ्रष्टाचार निवारण कानून के साथ-साथ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ी धाराओं के तहत अपराध बनने की बात कही है।

        तलाशी में क्या मिला: ईडी ने मई 2026 में नितिन गोहल, अजय सहगल और अन्य से जुड़े ठिकानों पर तलाशी ली थी। एजेंसी के मुताबिक इस दौरान दस्तावेज और डिजिटल सामग्री मिली। करीब एक करोड़ रुपए नकद बरामद होने का भी दावा किया गया है। ईडी ने मोबाइल फोन से मिले वाट्सऐप चैट और कॉल रिकॉर्ड को भी जांच का हिस्सा बनाया है।

        जमीन और रियल एस्टेट का एंगल: मामला एक बड़े चेंज ऑफ लैंड यूज (सीएलयू) और मनी लॉन्ड्रिंग जांच से भी जुड़ा है। ईडी की कार्रवाई मूल रूप से करीब 348 करोड़ रुपए के सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान आगे बढ़ी। एजेंसी ने आरोप लगाया कि सरकारी अधिकारियों के जरिए कुछ रियल एस्टेट संस्थाओं को जमीन के इस्तेमाल में बदलाव और दूसरी मंजूरियां दिलाने की कोशिश की गई।
        डीजीपी ने क्या किया: ईडी के पत्र के बाद पंजाब पुलिस ने मामले को सीधे एफआईआर में बदलने के बजाय ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन से कानूनी राय मांगी। इसी बीच ईडी ने दोबारा पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की। सितंबर में ईडी ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब पुलिस को उसकी ओर से कई संचार भेजे जा चुके हैं, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई।
        मामला हाईकोर्ट पहुंचा: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अगस्त 2026 में इस मामले पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा। कोर्ट ने कहा कि लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और राज्य से सावधानीपूर्वक जवाब अपेक्षित है। ईडी को डीजीपी को भेजे गए अपने पत्र कोर्ट के सामने रखने को भी कहा गया। सितंबर में मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया गया।
        सरकार और आरोपियों का पक्ष: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ईडी के आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें बेबुनियाद बताया। नितिन गोहल ने भी ईडी के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि चैट तथा बातचीत को गलत संदर्भ में पेश किया गया।

  • बुंदेली बोली की मिठास और माधुर्य पर बोले CM डॉ. यादव, युवाओं को लेकर कही बड़ी बात

    बुंदेली बोली की मिठास और माधुर्य पर बोले CM डॉ. यादव, युवाओं को लेकर कही बड़ी बात

    युवाओं को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    बुंदेली बोली में है माधुर्य और मिठास
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुंदेली समागम का किया शुभारंभ
    बुंदेलखंडी मूवी बिन्नू की बारात के टीज़र और मोशन पोस्टर का किया विमोचन

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत युवाओं का देश है। हम युवाओं को साथ लेकर ही विकसित भारत और विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को पाने के लिए आगे बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड अपने शौर्य के लिए जगज़ाहिर है। बुंदेली बोली भी आजकल बहुत लोकप्रिय हो रही है, क्योंकि उसमें एक माधुर्य है, अपनत्व की मिठास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखण्ड के विकास के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इस क्षेत्र की संस्कृति, साहित्य ओर लोककला के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी हम सभी कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को रविन्द्र भवन में तीन दिवसीय बुंदेली समागम का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। यह बुंदेली समागम 6 अक्टूबर तक चलेगा।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 'बिन्नू की बारात' नामक पूर्णत: बुंदेली बोली में निर्मित फीचर फिल्म के टीज़र और मोशन पोस्टर का विमोचन किया, साथ ही बुंदेलखंडी कलाकारों का सम्मान कर क्षेत्रीय समाजसेवियों को बुंदेली सम्मान से सम्मानित किया। इस अवसर पर प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता श्री मुकेश तिवारी, अभिनेत्री सुश्री चाहत पांडे, श्री रोहित पंडित, कार्यक्रम के संयोजक श्री सचिन चौधरी, श्री विपुल तिवारी सहित बुंदेलखण्ड क्षेत्र के करीब 300 से अधिक अनेक जेन जी कंटेट क्रियेटर्स एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंटेट क्रियेटर्स के साथ संवाद में उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम में पौधा बुंदेलखंडी वाद्ययंत्र 'तमूरा' भेंटकर अभिनन्दन किया गया। कार्यक्रम में बुंदेली कलाकारों द्वारा आकर्षक लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुंदेली बोली के प्रेमी एवं सुधिजन उपस्थित थे।

     

  • मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रकृति पूजक जनजातीय समुदाय प्रदेश की धरोहर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को दी जाएगी बोनस राशि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मोहगांव और घुघरी में खुलेगा महाविद्यालय
    मंडला में लघु वनोपज की प्रोसेसिंग यूनिट खोली जाएगी
    जिले में पान की खेती पुन: प्रारंभ की जाएगी
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की घोषणा
    मुख्यमंत्री ने 9.04 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को अंतरित की 36.17 करोड़ की बोनस राशि
    84 वन समितियों के 40 हजार सदस्यों को दिया 26.56 लाख का काष्ठ लाभांश
    मंडला जिले को दी लगभग 460 करोड़ के 74 विकास कार्यों की सौगात
    मंडला में 8 वनमंडलों के तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिली वर्ष 2024 की बोनस राशि

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रकृति पूजक जनजातीय समुदाय प्रदेश की धरोहर है। हम सबको प्राणवायु देने वाले वनों की सुरक्षा, इनके संवर्धन और प्रबंधन में जनजातियों का योगदान अतुलनीय है। ऐसे सभी जनजातीय भाई-बहनों और तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनका वाजिब हक, मेहनत का पूरा सम्मान दिलाना तथा इनके सभी हितों की सुरक्षा हमारा संकल्प है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनोपजों से जुड़ी आजीविका को मजबूत कर जनजातीय परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों और वनोपज से जुड़े परिवारों के हितों को मजबूत करना ही राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को मण्डला जिले में प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के सदस्यों के लिए हुए प्रशिक्षण-सह-जागरूकता कार्यक्रम तथा तेंदूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में सहभागिता की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां प्रदेश के 8 वन मंडलों के 9 लाख 4 हजार 126 तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के बोनस के रूप में 36 करोड़ 17 लाख 37 हजार 518 रुपये की बोनस राशि का अंतरण किया। मंडला जिले के पूर्व और पश्चिम वन मंडल, सिवनी जिले के उत्तर एवं दक्षिण वन मंडल, बालाघाट जिले के उत्तर और दक्षिण वन मंडल सहित डिण्डोरी एवं जबलपुर वन मंडल के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का लाभ मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 21 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष 2024 के बोनस के रूप में लगभग 139 करोड़ रुपए से अधिक की बोनस राशि वितरित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मण्डला जिले के जंगलों की रक्षा में वन विभाग को सहयोग देने वाली 84 वन समितियों के करीब 40 हजार सदस्यों को 26 करोड़ 56 लाख 53 हजार 929 रुपये की काष्ठ लाभांश राशि भी वितरित की। मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन, रानी दुर्गावती, एवं राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडला जिले को लगभग 460 करोड़ रुपए की लागत वाले 74 विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। इसमें 263 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 47 विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं 197 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 27 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 75.28 करोड़ रुपए से बनने वाले 19 शासकीय हाईस्कूल शाला भवनों, 33.92 करोड़ रुपए से मंडला में बनने वाले नवीन एकीकृत कलेक्टर कार्यालय भवन, 14.80 करोड़ रुपए से मंडला में बनने वाले नर्सिंग कॉलेज भवन तथा 1 करोड़ रुपए से मंडला में स्थापित होने वाले ट्राईबल मल्टीपर्पज मार्केटिंग सेंटर (टीएमएमसी) के भवन निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। साथ ही 137.11 करोड़ रुपए की लागत से निवास, बिछिया, घुटास और सागर कस्बे में नवनिर्मित चार सांदीपनि विद्यालय भवनों का लोकार्पण भी किया।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर किसान कल्याण वर्ष पर केन्द्रित प्रदर्शनी में विभिन्न शासकीय विभागों के स्टॉल्स का अवलोकन किया तथा मुख्यमंत्री स्कूटी योजना के तहत जिले के मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने इन होनहार विद्यार्थियों को स्कूटी की चाबी देकर अपने हाथों से हेलमेट पहनाया और इन्हें खूब पढ़-लिखकर आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रमुख घोषणाएं

    स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडला जिले के लिए कई घोषणाएं की। मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि मंडला जिले के मोहगांव और घुघरी में शासकीय महाविद्यालय खोला जाएगा। मंडला में लघु वनोपज का बहुतायत में संग्रहण होता है। इसीलिए मंडला में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के अधीन लघु वनोपज की प्रोसेसिंग यूनिट खोली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जिले में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को वन्य जीवों के देखने की स्थानीय सुविधा के लिए मंडला में टाइगर सफारी जू बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले इस जिले में पान की खेती हुआ करती थी, यह स्थानीय लोगों की आमदनी का बड़ा जरिया थी। इसीलिए अब मंडला में पान की खेती पुन: प्रांरभ की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश में देश का 12 प्रतिशत दूध उत्पादन हो रहा हैं। हम इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक लेकर जाएंगे। इस लक्ष्य की दिशा में हम दूध उत्पादन से पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में दुग्ध सहकारी समितियां बना रहे हैं। मंडला जिले में भी आवश्यकतानुसार दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जाएंगी और गौपालकों को उनके दूध उत्पादन का सही दाम दिलाया जाएगा।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातियों के समग्र विकास के साथ ही उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण हमारी जिम्मेदारी है। राज्य सरकार जनजातीय नायकों के शौर्य-पराक्रम का स्मरण करते हुए इनके मान-सम्मान के लिए सभी प्रयास कर रही हैं। हमने रानी दुर्गावती के सम्मान में पहले जबलपुर और फिर उनकी राजधानी सिंग्रामपुर में कैबिनेट की बैठक की। फिर राजा भभूत सिंह एवं अन्य जनजातीय नायकों के स्थल पर भी कैबिनेट की। यह राज्य सरकार की जनजातीय वीरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रमाण है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2024 के तेंदूपत्ता बोनस और लाभांश की मिल रही राशि वन समितियों तथा वनोपज संग्राहकों की मेहनत और समर्पण का प्रतिफल है। राज्य सरकार का प्रयास है कि वनक्षेत्रों से लगे गांवों में वनोपज संग्रहण से आमदनी आधारित अर्थव्यवस्था का विकास हो। इस आजीविका से जुड़े परिवारों को संग्रहित वनोपज का बेहतर मूल्य मिले और उनकी आर्थिक हालत को भी मजबूती मिले। उन्होंने कहा कि मंडला जिले में वन्य जीव पर्यटन के विकास और विस्तार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास की दौड़ में मंडला अब किसी से पीछे नहीं है। यहां मेडिकल कॉलेज बनने जा रहा है। नर्सिंग कॉलेज का भूमि पूजन आज हो गया है। मंडला से नक्सलवाद का पूरी तरह सफाया हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण से प्रदेश का ड्रापआउट शून्य प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप और पूरे स्कूल में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी दे रही हैं। यह मध्यप्रदेश में दिनों-दिन बढ़ती शैक्षणिक गुणवत्ता और सांदीपनि विद्यालयों का असर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पिछले महीने ही मप्र सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ कर प्रदेशवासियों को सुगम बसों की सौगात दी हैं। अभी 1500 बसों के संचालन से प्रारंभ हुए इस कारवां को हम तेजी से और आगे लेकर जाएंगे।

    कार्यक्रम को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पतिया उईके तथा पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं मंडला के वर्तमान लोकसभा सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते ने भी संबोधित कर क्षेत्र के विकास के लिए जरूरी विभिन्न विकास कार्यों की मांगे रखीं। कार्यकम में कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा मंडला जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय कुशराम, नगरपालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा, नवीनगिरि गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण और बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्राहक उपस्थित थे।