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  • मुंबई में फार्मा-मेडिकल डिवाइस उद्योगपतियों से मिलेंगे CM मोहन यादव, निवेश पर होगी चर्चा

    मुंबई में फार्मा-मेडिकल डिवाइस उद्योगपतियों से मिलेंगे CM मोहन यादव, निवेश पर होगी चर्चा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुंबई में फार्मा, मेडिकल डिवाइस सेक्टर के उद्योगपतियों से करेंगे संवाद

    सेक्टर आधारित निवेश अवसरों को उद्योगों की जरूरत से जोड़कर रोजगार के नए अवसरों पर रहेगा फोकस

    भोपाल 
    मध्यप्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 अक्टूबर को मुंबई में उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ संवाद करेंगे। जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले होने वाले इस संवाद में मध्यप्रदेश में विकसित किए जा रहे विभिन्न सेक्टर के औद्योगिक क्षेत्रों और उनमें उपलब्ध निवेश अवसरों को संबंधित उद्योग समूहों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रमुख उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे।

    मुंबई देश के प्रमुख औद्योगिक और कारोबारी केंद्रों में ही नहीं है बल्कि देश की आर्थिक राजधानी भी है। यहां ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्युटिकल्स, टेक्सटाइल्स, केमिकल्स और उभरती ऊर्जा प्रौद्योगिकियों से जुड़े बड़े उद्योग समूह हैं। मध्यप्रदेश इन क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को संबंधित कंपनियों तक पहुंचा रहा है, ताकि प्रदेश में विकसित किए जा रहे औद्योगिक अवसरों को उद्योगों की जरूरत और उनकी विस्तार योजनाओं से जोड़ा जा सके।

    विशेष क्षेत्रों में निवेश के अवसर

    मुंबई संवाद में ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, नर्मदापुरम के बाबई मोहासा रिन्यूएबल एनर्जी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग जोन, धार के पीएम मित्र पार्क और उज्जैन के मेडिकल डिवाइसेज पार्क को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा। ये परियोजनाएं अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार तैयार किए जा रहे विशेष औद्योगिक क्षेत्रों का हिस्सा हैं।

    ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग, नर्मदापुरम में रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण, धार में टेक्सटाइल और गारमेंट तथा उज्जैन में मेडिकल डिवाइसेज और हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े उद्योगों के लिए अवसर उपलब्ध हैं। इन क्षेत्रों में निवेश से संबंधित उद्योगों के साथ सहायक इकाइयों और स्थानीय सप्लाई चेन के विकास की संभावनाएं भी बनेंगी।

    निवेश के साथ रोजगार पर जोर

    मध्यप्रदेश सरकार का जोर ऐसे निवेश पर है, जिससे प्रदेश में उत्पादन बढ़ने के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ें। बड़ी औद्योगिक इकाइयों के साथ उनके सप्लायर, सहायक उद्योग, लॉजिस्टिक्स और दूसरी सेवाओं का काम भी बढ़ता है। इससे स्थानीय उद्यमियों के लिए नए अवसर और युवाओं के लिए रोजगार की संभावनाएं बनती हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें इसी दृष्टि से महत्वपूर्ण होंगी। इन बैठकों में कंपनियों की निवेश और विस्तार योजनाओं के साथ उनकी जरूरतों को भी समझा जाएगा। भूमि, बिजली, लॉजिस्टिक्स, कुशल मानव संसाधन, सप्लाई चेन, अनुमतियों और नीतिगत सहयोग जैसे विषयों पर सीधे चर्चा होगी।

    उद्योगपतियों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर प्रदेश की निवेश सुविधा व्यवस्था को उनकी जरूरतों के अनुरूप और बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी। सरकार के लिए यह जानना महत्वपूर्ण होगा कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने वाली कंपनियों को किस तरह की सुविधाओं और सहयोग की आवश्यकता है।

    फार्मा और मेडिकल डिवाइसेज क्षेत्र पर विशेष चर्चा

    मुंबई कार्यक्रम में फार्मास्युटिकल क्षेत्र के साथ केंद्रित राउंडटेबल मीटिंग भी होगी। इसमें मध्यप्रदेश के फार्मा और हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। उज्जैन के मेडिकल डिवाइसेज पार्क से संबंधित प्रेजेंटेशन भी उद्योग प्रतिनिधियों के दिया जाएगा।

    मध्यप्रदेश में विशेष क्षेत्र के अनुरूप औद्योगिक अधोसंरचना तैयार करने का उद्देश्य संबंधित उद्योगों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे निवेशकों को अपने क्षेत्र के अनुसार औद्योगिक आधार मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर सहायक उद्योगों और रोजगार के अवसर विकसित होने की संभावना रहेगी।

    उद्योगों के साथ सीधे संपर्क का विस्तार

    मध्यप्रदेश सरकार ने जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों के साथ देश और विदेश के प्रमुख उद्योग समूहों से सीधा संपर्क बढ़ाया है। क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों के बाद अब देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में जाकर संबंधित उद्योगों से बातचीत की जा रही है।

    मुंबई में भारत स्थित विदेशी मिशनों के साथ भी संवाद होगा। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों को अंतर्राष्ट्रीय कारोबारी नेटवर्क तक पहुंचाने और विदेशी निवेशकों को प्रदेश के क्षेत्र विशेष के अवसरों से जोड़ने की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

    प्रधानमंत्री मोदी के भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश में भी नई औद्योगिक अधोसंरचना और क्षेत्र विशेष के औद्योगिक अवसर तैयार किए जा रहे हैं। निवेश के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के साथ उद्योगों की जरूरत के अनुसार सुविधाओं और निवेश सुविधा तंत्र को मजबूत किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव उद्योगपतियों से मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों और उनकी जरूरतों पर सीधे चर्चा करेंगे। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट : 2027 से पहले यह संवाद निवेश के इच्छुक उद्योग समूहों से संपर्क बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।

     

  • UP में IT-ITES सेक्टर की बड़ी छलांग, एक्सपोर्ट ₹48 हजार करोड़ से बढ़कर ₹1.02 लाख करोड़ के करीब

    UP में IT-ITES सेक्टर की बड़ी छलांग, एक्सपोर्ट ₹48 हजार करोड़ से बढ़कर ₹1.02 लाख करोड़ के करीब

    एक लाख करोड़ के पार पहुंचा यूपी का आईटी एक्सपोर्ट
     
    पांच साल में दोगुने से ज्यादा हुआ आईटी-आईटीईएस निर्यात, 48 हजार करोड़ से बढ़कर 1.02 लाख करोड़ के करीब
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आईटी सेक्टर के विस्तार पर जोर, लखनऊ में बड़ी कंपनियों ने खोले कार्यालय
     
    एसटीपीआई से 52,778 करोड़ और एसईजेड से 49,192 करोड़ रुपये का निर्यात
     
    लखनऊ

     यूपी से आईटी और आईटीईएस का निर्यात पहली बार एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश से 1,01,970 करोड़ रुपये का आईटी-आईटीईएस निर्यात हुआ। पांच साल पहले 2020-21 में यह 48,004 करोड़ रुपये था। यानी पांच साल में निर्यात दोगुने से ज्यादा हो गया। रकम के हिसाब से इस दौरान 53,966 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
     
    आईटी-आईटीईएस निर्यात में यह बढ़ोतरी सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड), दोनों में दर्ज हुई है। पांच साल के आंकड़े देखें तो एसईजेड से निर्यात बढ़ने की सालाना औसत रफ्तार एसटीपीआई से कुछ ज्यादा रही है। वहीं रकम के लिहाज से एसटीपीआई से होने वाला निर्यात एसईजेड से आगे है।
     
    एसटीपीआई से निर्यात हुआ दोगुना
    एसटीपीआई इकाइयों से वित्तीय वर्ष 2020-21 में 25,642 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 52,778 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस तरह पांच साल में एसटीपीआई से होने वाले निर्यात में 27,136 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस अवधि में इसकी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 15.5 प्रतिशत रही। पांच साल में एसटीपीआई से होने वाला निर्यात करीब दोगुना हो गया है।
     
    एसईजेड की रफ्तार ज्यादा
    विशेष आर्थिक क्षेत्रों से आईटी-आईटीईएस निर्यात में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में एसईजेड से 22,362 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 49,192 करोड़ रुपये पहुंच गया। यानी पांच साल में एसईजेड से निर्यात में 26,830 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इस अवधि में इसकी चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर 17.1 प्रतिशत रही। एसटीपीआई की 15.5 प्रतिशत की दर के मुकाबले एसईजेड से निर्यात बढ़ने की रफ्तार अधिक रही।
     
    दोनों के आंकड़ों को मिलाकर देखें तो वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रदेश का आईटी-आईटीईएस निर्यात 48,004 करोड़ रुपये था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह 1,01,970 करोड़ रुपये पहुंच गया। पांच साल में इसमें करीब 112 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
     
    बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आईटी और आईटीईएस सेक्टर के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। लखनऊ में आईबीएम, जेनपैक्ट और टेलीपरफॉर्मेंस जैसी बड़ी कंपनियों ने अपने कार्यालय स्थापित किए हैं। आईटी सेक्टर का दायरा बढ़ने से प्रदेश में निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे। खासतौर पर तकनीकी और आईटी क्षेत्र के युवाओं के लिए अपने ही प्रदेश में काम के अधिक विकल्प तैयार होंगे। पांच साल में आईटी-आईटीईएस निर्यात का 48 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचना इस सेक्टर के बढ़ते आकार को भी दिखाता है।

  • डिप्टी CM अरुण साव का बड़ा निर्देश, ₹145 करोड़ से सड़क चौड़ीकरण-उन्नयन और विद्युतीकरण का काम होगा तेज

    डिप्टी CM अरुण साव का बड़ा निर्देश, ₹145 करोड़ से सड़क चौड़ीकरण-उन्नयन और विद्युतीकरण का काम होगा तेज

    सड़कों के काम युद्धस्तर पर शुरू करने की तैयारी, पीडब्लूडी ने 4 कार्यों की निविदा को दी मंजूरी

    कुल 145.28 करोड़ की लागत से होंगे सड़कों के उन्नयन, चौड़ीकरण और विद्युतीकरण के काम, नई सड़क भी बनेगी

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्यपालन अभियंता को कार्यादेश जारी कर तत्काल काम शुरू कराने के दिए निर्देश 

    रायपुर.
    बरसात के बाद राज्य में सड़कों के काम युद्धस्तर पर शुरू होंगे। लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए निविदा प्रक्रिया तत्परता से पूर्ण कर कई कार्यों के लिए निविदा को मंजूरी प्रदान की है। विभाग ने रायगढ़ जिले में 4 कार्यों के लिए कुल 145 करोड़ 27 लाख 56 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। इनमें दो सड़कों के मजबूतीकरण और चौड़ीकरण, एक सड़क के उन्नयन तथा एक सड़क के निर्माण का काम शामिल है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने इन कार्यों की निविदा मंजूर करते हुए रायगढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता को चयनित ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को कार्यादेश जारी कर तत्काल कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए हैं। 

    फोरलेन निर्माण के साथ सड़कों का होगा विद्युतीकरण

    लोक निर्माण विभाग ने रायगढ़ जिले के रायगढ़-लोइंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग में पांच किलोमीटर हिस्से के फोरलेन चौड़ीकरण एवं विद्युतीकरण के लिए 59 करोड़ 49 लाख 4 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी है। रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के पांच किलोमीटर हिस्से में फोरलेन चौड़ीकरण एवं विद्युतीकरण के लिए भी 47 करोड़ 77 लाख 76 हजार रुपए की निविदा स्वीकृत की गई है।

    विभाग द्वारा 3.40 किलोमीटर उर्दना-कृष्णापुर-खैरपुर मार्ग के निर्माण लिए 13 करोड़ 74 लाख 29 हजार रुपए की निविदा को मंजूरी दी गई है। कोड़ातराई-पुसौर-सूरजगढ़ सड़क में 12.30 किलोमीटर लंबाई के फोरलेन में उन्नयन के लिए 24 करोड़ 26 लाख 47 हजार रुपए की निविदा लोक निर्माण विभाग ने स्वीकृत की है। इस राशि से सड़क के 8.30 किलोमीटर और 4 किलोमीटर के दो हिस्सों का फोरलेन में उन्नयन किया जाएगा।

    मापदंडों के अनुसार कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण सुनिश्चित करें, गुणवत्ता व समय-सीमा पर दें विशेष ध्यान – अरुण साव

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के रायगढ़ संभाग के कार्यपालन अभियंता को अनुबंधित कार्यों का संपादन और पर्यवेक्षण विभागीय मापदंडों के अनुसार सुनिश्चित करते हुए कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ये कार्य किसी अन्य को सबलेट नहीं करने तथा कार्य संपादन के लिए पॉवर-ऑफ-अटॉर्नी को मान्य नहीं करने भी कहा है। साव ने अनुबंधित समयावधि में कार्यों को पूर्ण करने, कार्यों का संपादन अनुबंधानुसार प्रशासकीय स्वीकृति एवं आबंटन की सीमा में करने के भी निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा इन निविदाओं का अनुमोदन अनुबंध के पूर्व ठेकेदारों से संपूर्ण कार्यावधि के लिए प्रभावशील एपीएस (Additional Performance Security) की राशि की बैंक गारंटी प्राप्त करने की शर्त पर किया गया है।

  • सीएम ने साधा सपा पर निशाना, बोले-80 फीसदी पर एनडीए और 20 फीसदी पर पीडीए

    सीएम ने साधा सपा पर निशाना, बोले-80 फीसदी पर एनडीए और 20 फीसदी पर पीडीए

    राज्यसभा चुनाव ने बता दिया उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणामः मुख्यमंत्री 

    मुख्यमंत्री योगी ने सेवा ज्योति यात्रा ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ कार्यक्रम को किया संबोधित

    सीएम ने साधा सपा पर निशाना, बोले-80 फीसदी पर एनडीए और 20 फीसदी पर पीडीए
     
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने वर्चुअली सभा को संबोधित किया 

    भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता ने भारत को दिलाई वैश्विक पहचानः सीएम

    पीएम मोदी ने असंभव को बनाया संभवः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    गांव से ग्लोबल तक पहुंची पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन की यात्राः सीएम योगी

    पीएम ने दिलाया ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प, सीएम ने रवाना की सेवा ज्योति यात्रा 

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर बुधवार को जीपीओ स्थित पटेल पार्क में सेवा ज्योति यात्रा ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। प्रधानमंत्री मोदी व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया। सीएम ने 'जनसेवा से देशसेवा' प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम में सीएम योगी ने परोक्ष रूप से समाजवादी पार्टी पर प्रहार किया। कहाकि राज्यसभा चुनाव ने बता दिया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणाम क्या होने जा रहा है। यह लड़ाई फिर 80-20 की हो गई है। 80 फीसदी एनडीए और 20 फीसदी पीडीए का हिस्सा है। पीडीए का क्या हाल होगा, यह बाद में पता चलेगा। 

    भाजपा के सामान्य कार्यकर्ता ने भारत को दिलाई वैश्विक पहचान
    मुख्यमंत्री ने कहाकि नरेंद्र मोदी जी के सार्वजनिक सेवा के अहर्निश 25 वर्ष पूरे होने पर हर भारतवासी के लिए आज गौरव का दिन है। गुजरात के छोटे से गांव से निकलकर वह भारत को नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं। एक सामान्य कार्यकर्ता/ स्वयंसेवक ने वैश्विक स्तर पर देश को नई पहचान दिलाई। सीएम योगी ने बताया कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी जी ने पद व गोपनीयता की शपथ ली थी। उस समय भीषण आपदा के कारण गुजरात में हाहाकार मचा था और देश भर में चिंता का माहौल था तो दूसरी ओर समाज-राष्ट्र विरोधी तत्व अराजकता व अव्यवस्था का तांडव पैदा करना चाहते थे। उन स्थितियों में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री का पद संभाला था। उन्होंने गुजरात को मॉडल स्टेट के रूप में प्रस्तुत किया। 

    सीएम ने उत्तर प्रदेश की महत्ता पर डाला प्रकाश 
    सीएम ने कहा कि 12 वर्ष से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को दुनिया के सामने सशक्त व समर्थ देश के रूप में प्रस्तुत किया। भारत के हर नागरिक के मन में विश्वास पैदा करके एक भारत-श्रेष्ठ भारत के रूप में नए भारत के निर्माण में सफलता प्राप्त की। जब मोदी जी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तब प्रधानमंत्री लखनऊ के सांसद अटल बिहारी वाजपेयी जी थे, आज प्रधानमंत्री मोदी जी उत्तर प्रदेश के वाराणसी से बतौर सांसद देश को नेतृत्व दे रहे हैं। 

    गांव से ग्लोबल की है पीएम मोदी की यात्रा
    सीएम ने इसे गांव से ग्लोबल की यात्रा बताया, कहाकि इस यात्रा ने प्रत्येक नागरिक के जीवन में परिवर्तन और युवाओं के मन में विश्वास पैदा किया है। हर बहन को सुरक्षा की गारंटी, किसान के जीवन में खुशहाली, नौजवान के सामने रोजगार की संभावनाओं को मजबूत किया है। 

    आर्थिक मोर्च पर सफल हुआ भारत, युवाओं के सामर्थ्य को मिल रही नई दिशा 
    सीएम ने कहाकि 12 वर्ष पहले भारत बॉटम-5 में गिना जाता था। भारत की गिनती सबसे खराब अर्थव्यवस्था में होती थी। प्रति व्यक्ति आय सबसे कम हुआ करती थी परंतु अब भारत ने आर्थिक मोर्चे पर टॉप-5 में स्थान बनाया है और प्रति व्यक्ति आय को बढ़ाने में भी सफलता प्राप्त की है। भारत में पहले कुछ हजार ही स्टार्टअप होते थे, आज ढाई लाख से अधिक स्टार्टअप हैं। भारत दुनिया में इसकी गूंज सुना रहा है। मिशन रोजगार के तहत नौजवानों के लिए नौकरी, रोजगार व स्वरोजगार है। आत्मविश्वास से भरा युवा देश के लिए कुछ कर गुजरने का सामर्थ्य रखता है। उसकी प्रतिभा देश की ताकत और विश्वास देश का सामर्थ्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं के सामर्थ्य को नई दिशा दे रहे हैं। 

    भारत में है कनेक्टिविटी का बेहतर नेटवर्क
    सीएम ने कहा कि एक समय रेलवे की स्पीड मीटरगेज तक सीमित रह गई थी। इलेक्ट्रिफिकेशन न होने के कारण ठहराव होता था। कोलकाता से दिल्ली पहुंचने में मालगाड़ी को कई दिन लगते थे। एक ही लाइन पर मालगाड़ी व पैसेंजर ट्रेन चलती थी परंतु अब देश में कनेक्टिविटी का बेहतर नेटवर्क है। रेलवे की ब्रॉडगेज, इलेक्ट्रिफिकेशन की सुविधा के साथ ही माल ढुलाई के लिए ईस्टर्न-वेस्टर्न फ्रेट डेडिकेटेड कॉरिडोर है। वंदे भारत, अमृत भारत, नमो भारत की विश्वस्तरीय सुविधा के साथ रेलवे नित नई ऊंचाई को प्राप्त कर रहा है। सीएम ने एयर कनेक्टिविटी में भी भारत की उड़ान को इंगित किया। कहा कि 1947 के पहले से लेकर 2014 तक जितने एयरपोर्ट थे, आज उससे दोगुने हो गए हैं। हवाई चप्पल पहनने वाला भी अब हवाई जहाज की यात्रा कर रहा है। 

    हर हुनरमंद को मिल रहा सम्मान
    सीएम ने कहा कि पहले यूपी में एक जिला-एक माफिया सत्ता के समानांतर सत्ता चलाते थे, लेकिन अब एक जिला- एक मेडिकल कॉलेज, एक उत्पाद, एक व्यंजन है। हर हुनरमंद कारीगरों व हस्तशिल्पियों को सम्मान मिल रहा है। सेवा के संकल्प का कार्यक्रम भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहा है। 

    कांग्रेस व इंडी गठबंधन की बेईमानी पर प्रहार है डिजिटल इंडिया
    सीएम ने कहाकि पहले आवास समेत अन्य सुविधाओं का हाल किसी से छिपा नहीं है। जब जनधन अकाउंट खोले जा रहे थे तो लोग डिजिटल इंडिया का मखौल उड़ाते थे, कहते थे कि अकाउंट खोलकर गरीब का मजाक उड़ाया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस व इंडी गठबंधन की बेईमानी पर प्रहार था। अब डीबीटी के जरिए महिला, किसान, युवा, गरीब, श्रमिक आदि लाभार्थियों के खाते में सीधे पैसा जाता है। 

    पीएम मोदी ने असंभव को संभव बनाया
    सीएम ने कहा कि पीएम मोदी ने असंभव को संभव बनाया। 80 करोड़ लोगों को फ्री राशन, रसोई गैस का कनेक्शन, स्टार्टअप का इकोसिस्टम, हाईवे-एक्सप्रेसवे का बेहतरीन नेटवर्क, यूपी में इनलैंड वाटर वे की सुविधा संभव हुई है। पहले एक चिप के लिए दुनिया पर निर्भर रहना पड़ता था, यदि दुनिया ने चिप नहीं दिया तो इलेक्ट्रानिक मैन्युफैक्चरिंग बंद हो जाती थी। अब भारत में सेमीकंडक्टर के 12 से अधिक उद्योग क्रियाशील हैं या निवेश हो रहा है। अब भारत चिप निर्यात के लिए आत्मनिर्भर हो रहा है। 

    रक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में भी समृद्ध हुआ भारत 
    सीएम ने कहाकि एक समय भारत रक्षा क्षेत्र में दुनिया पर निर्भर रहता था, लेकिन आज हजारों करोड़ के डिफेंस मैन्युफेक्चरिंग को दुनिया के अन्य देशों में पहुंचा रहा है। एक समय केवल दिल्ली में एम्स था, अटल जी ने इसे छह तक पहुंचाया और मोदी जी ने यह संख्या 23 कर दी। युवाओं के आकांक्षाओं की पूर्ति करने वाले आईआईटी, आईआईएम समेत इमर्जिंग टेक्नोलॉजी का प्रत्येक क्षेत्र मोदी जी के विजन के परिणाम स्वरूप प्राप्त हो रहा है। पीएम मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ को धरातल पर उतारा।  

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद मेधा कुलकर्णी, ब्रजलाल, संजय सेठ, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, विजय बहादुर पाठक, मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, पवन सिंह चौहान, विधायक पंकज सिंह, नीरज बोरा, योगेश शुक्ला, जय देवी, राजेश्वर सिंह, ओपी श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय मौर्य, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

    इनसेट 

    पीएम ने दिलाया ‘विकसित भारत-2047’ का संकल्प, सीएम ने रवाना की सेवा ज्योति यात्रा 
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने उद्बोधन के उपरांत वर्चुअली रूप से देशवासियों को ‘विकसित भारत-2047’ का सामूहिक संकल्प दिलाया। वहीं लखनऊ में भाजपा पदाधिकारियों की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मशाल दी गई। इसके पश्चात यह  यात्रा आगे की तरफ प्रस्थान की।

  • ‘सेवा-सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे 25 साल’, CM डॉ. यादव ने PM मोदी की सराहना की

    ‘सेवा-सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे 25 साल’, CM डॉ. यादव ने PM मोदी की सराहना की

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्र निर्माण की इस अविराम यात्रा के गौरवपूर्ण पड़ाव के लिए प्रदेशवासियों को दी बधाई
    प्रदेशवासी विकसित भारत के निर्माण में दें अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में सेवा ज्योति कलश यात्रा को किया संबोधित

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवा-सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्र निर्माण के संकल्प की यह अविराम यात्रा 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई। प्रधानमंत्री मोदी की जनसेवा की यात्रा आज 25 वर्षों के गौरवपूर्ण पड़ाव पर पहुंच रही है। यह यात्रा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प को साकार करने की निरंतर साधना रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश की प्रगति के लिए अपने जीवन का प्रत्येक क्षण राष्ट्र की सेवा में समर्पित करने का देशवासियों से आहवान किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से प्रधानमंत्री मोदी के सुदीर्घ, स्वस्थ एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के शुभ अवसर पर देशभर के लाखों नागरिक सेवा संकल्प ज्योति यात्रा में सम्मिलित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में सेवा ज्योति कलश यात्रा को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए।

    मध्यप्रदेश, प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में विकास और जनकल्याण के पथ पर अग्रसर है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा में सम्मिलित लोगों को 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का संकल्प दिलवाया। मध्यप्रदेश, प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में विकास और जनकल्याण के पथ पर निरंतर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर तैयार हो चुका है। मध्यप्रदेश सरकार ने भी एक देश, एक प्रधान, एक विधान के संकल्प को पूरा करते हुए विधानसभा के माध्यम से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कराने का रास्ता साफ किया है। प्रधानमंत्री मोदी की कर कमलों से उज्जैन में बाबा महाकाल के महाकाल लोक का लोकार्पण हुआ, परिणामस्वरूप उज्जैन धार्मिक तीर्थाटन का प्रमुख केंद्र बन गया है। यहां वर्ष 2022 तक लगभग 60 से 70 लाख श्रद्धालु ही आते थे, लेकिन वर्ष 2025 में 7 करोड़ तीर्थ यात्री उज्जैन आए और प्रदेश में कुल पर्यटकों की संख्या 20 करोड़ के पार पहुंच गई।

    प्रधानमंत्री मोदी भारत को विकास एवं प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार थे कि 21वीं शताब्दी भारत की होगी। आज भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, प्रधानमंत्री मोदी सतत् राष्ट्र सेवा करते हुए भारत को विकास एवं प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं। उन्होंने कोरोना जैसे वैश्विक संकट से देश को बाहर निकालने के साथ अनुच्छेद 370 का ऐतिहासिक निर्णय, नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई से लेकर आयुष्मान भारत, उज्ज्वला गैस योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी अनेक योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाकर प्रधानमंत्री मोदी ने करोड़ों लोगों के जीवन को बदलने का कार्य -किया है। प्रधानमंत्री मोदी की यह पूरी यात्रा विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

    कार्यक्रम एवं सेवा ज्योति मशाल यात्रा में सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सदस्य उमेश नाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, जितेंद्र पंडिया, सतीश मालवीय, डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, संगठन मंत्री चंद्रशेखर, नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, ग्रामीण अध्यक्ष राजेश धाकड़, रूप पमनानी, जगदीश पांचाल,राकेश पंड्या, विवेक गुप्ता, कमल बैरवा, अनिल शिंदे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

  • पम्प ऊर्जीकरण के लिए किसानों के खेतों पर लगाए जाऐगे सोलर सिस्टम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    पम्प ऊर्जीकरण के लिए किसानों के खेतों पर लगाए जाऐगे सोलर सिस्टम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    वृंदावन ग्राम में उन्नत नस्ल के पशुओं की प्रतियोगिता आयोजित करें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    उन्नत नस्ल के पशुपालकों में प्रथम आने वाले को मिलेंगे एक लाख रूपये: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    पम्प ऊर्जीकरण के लिए किसानों के खेतों पर लगाए जाऐगे सोलर सिस्टम: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को उज्जैन से वर्चुअली संबोधित किया

    भोपाल 
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उन्नत नस्ल के पशुपालन को बढ़ावा दिया जाए। पशुपालकों को प्रोत्साहन मिले, इसके लिए वृंदावन ग्राम में पशु प्रतियोगिता का आयोजन करवाया जाए। प्रथम आने वाले पशुपालक को सरकार एक लाख रुपये देगी। द्वितीय आने वाले को 50 हजार रुपये एवं तीसरे स्थान पर आने वाले को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार का वितरण दीपावली पर गौवर्धन पूजा के अवसर पर किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को रतलाम में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव कार्यक्रम को उज्जैन से वर्चुअल संबोधित किया। उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि रतलाम के किसान खेती में बदलाव के साथ अलग-अलग प्रकार की खेती कर रहे है। किसान अपनी आय बढ़ाने के लिए फसल उत्पादन, प्रोसेसिंग, पशुपालन एवं उद्यानिकी जैसी गतिविधियों को अपना रहे है। किसानों को कृषि क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार द्वारा सिंचाई का रकबा बढ़ाने के साथ ही पम्प ऊर्जीकरण के लिए 30 लाख किसानों के खेतों पर सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है। रबी सीजन में सिंचाई के लिए किसानों को दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध करवाई जाएगी। रतलाम में चंबल के पानी से सिंचाई हो रही है। नदी जोड़ो अभियान से रतलाम के किसानों के जीवन में बदलाव आएगा। एक्सप्रेस-वे के बनने से रतलाम में अच्छी बाजार व्यवस्था उपलब्ध हुई है। रतलाम के किसान बहुउद्देशीय फसलें उगाते हैं। साथ ही प्रोसेसिंग का कार्य भी करते है। रतलाम में अंगूर की खेती और अंगूर की प्रोसेसिंग का व्यवसाय भी अच्छे से चल रहा है। रतलाम स्वर्ण, सेव और उन्नत खेती के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने रतलाम की सेव के साथ ही तेल वाली कचौरी की भी तारीफ की।

    उन्नतशील किसानों से किया संवाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद करते हुए सरकार की पीएम एफएमई योजना का लाभ लेकर घी के व्यवसाय को यूएस एवं श्रीलंका तक पहुंचाने वाले किसान दिलीप पाटीदार ने कहा कि उन्हें सरकार की योजना के अंतर्गत 30 लाख 10 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई है। वह बिलोना पद्धति से घी बनाते हैं, जिससे घी की शुद्धता और स्वाद अच्छा होना है जिससे देश के साथ-साथ विदेशों में भी घी की मांग बढ़ी है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। गुलाब की खेती करने वाले प्रवीण पाटीदार ने भी अपने अनुभव साझा किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमरूद का उत्पादन करने वाले किसान कन्हैयालाल पाटीदार से चर्चा की। कन्हैयालाल ने बताया कि वह कम शुगर वाले वीएनआर, पिंक और रेड डायमंड किस्म के अमरूद का उत्पादन करते हैं। अमरूद को मुंबई, दिल्ली और असम तक के बाजारों में मांग के अनुसार भेजते हैं।

    जैविक उर्वरक के लिए रिसर्च सेंटर का संचालन करने वाली रेखा व्यास ने अपने जैविक खाद की जानकारी दी। लहसुन-प्याज का उत्पादन करने वाले किसान धर्मेंद्र जाट ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव से स्थानीय मालवी भाषा में संवाद किया।

    कार्यक्रम में किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, आधुनिक खेती के तौर-तरीकों और कृषि के साथ-साथ पशुपालन, उद्यानिकी एवं अन्य संबद्ध गतिविधियों को अपनाकर आय के विभिन्न स्रोत विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप, विधायक जावरा डॉ. राजेन्द्र पाण्डेय, विधायक रतलाम ग्रामीण मथुरालाल डामर ने भी संबोधित किया।

     

  • फ्रांस में छात्र आंदोलन को ट्रंप ने बताया ‘इस्लामी टेकओवर’, बयान पर मचा सियासी घमासान

    फ्रांस में छात्र आंदोलन को ट्रंप ने बताया ‘इस्लामी टेकओवर’, बयान पर मचा सियासी घमासान

    पेरिस /वाशिंगटन

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने  फ्रांस में बड़े पैमाने पर हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के लिए "सामूहिक प्रवासन" और इस्लाम को जिम्मेदार ठहराया, और घर पर होने वाले कठिन मध्यावधि चुनावों से पहले अपने वैश्विक दक्षिणपंथी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया।

    "फ्रांस में जो हो रहा है वह अनियंत्रित सामूहिक प्रवासन से कम नहीं है। यह स्कूलों के बारे में नहीं है, यह इस्लाम द्वारा एक समय के महान देश पर कब्जा करने की चाहत के बारे में है!" ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा।

    फ्रांस के छात्रों ने बेहतर परिस्थितियों की मांग को लेकर सितंबर के अंत से ही देश भर के सैकड़ों हाई स्कूलों के प्रवेश द्वारों को अवरुद्ध कर दिया है, और ये विरोध प्रदर्शन सुरक्षा बलों के साथ छिटपुट झड़पों में तब्दील हो गए हैं।

    फ्रांस में इन दिनों स्कूल और यूनिवर्सिटी के छात्र सड़कों पर हैं. शुरुआत स्कूलों में शिक्षकों, नर्स और स्टाफ की कमी से हुई, लेकिन अब इस आंदोलन पर अमेरिका की राजनीति का असर भी दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में हो रहे प्रदर्शनों को सिर्फ स्कूलों की समस्या मानने से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि यह बेकाबू सामूहिक प्रवासन और इस्लाम के फ्रांस पर कब्जे की कोशिश से जुड़ा है। 

    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि फ्रांस में जो हो रहा है, वह सिर्फ स्कूलों का मामला नहीं है. उनके मुताबिक, इसके पीछे बड़ी संख्या में हो रहा प्रवासन है और इस्लाम फ्रांस पर कब्जा करना चाहता है. ट्रंप के इस बयान के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि फ्रांस में जमीन पर हो क्या रहा है? क्या वाकई यह आंदोलन धर्म और प्रवासन को लेकर है या कहानी कुछ और है?

     फ्रांस भर में ढाई लाख प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए।
    लेकिन ट्रंप और उनके प्रशासन ने लंबे समय से यूरोपीय सामाजिक समस्याओं के लिए प्रवासन को दोषी ठहराया है, यूरोप से अपनी सीमाओं को बंद करने का आह्वान किया है और धुर दक्षिणपंथी दलों की तरह ही तथाकथित सभ्यतागत पतन की चेतावनी दी है।

    ट्रंप के मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (एमएजीए) आंदोलन के प्रमुख नेता अगले महीने होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले आव्रजन के मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए फ्रांस में हो रहे विरोध प्रदर्शनों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

    MAGA के टिप्पणीकारों ने बार-बार फ्रांसीसी अशांति के वीडियो पोस्ट किए हैं, जिसमें ट्रंप के सहयोगी ग्लेन बेक ने सोमवार को कहा कि "फ्रांस में दंगे बाकी पश्चिमी देशों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी हैं।"

    ट्रंप की अलोकप्रियता और ईरान के साथ उनके युद्ध को लेकर आशंकाओं के बीच रिपब्लिकन पार्टी प्रवासन और ट्रांसजेंडर विरोधी बयानबाजी पर और भी जोर दे रही है, क्योंकि उन्हें डर है कि इससे उन्हें कांग्रेस पर अपना नियंत्रण खोने का खतरा है।

    फ्रांस में आखिर हो क्या रहा है?
    मौजूदा आंदोलन की शुरुआत पेरिस के पास स्थित शहर के एक हाई स्कूल से हुई. यहां छात्रों की शिकायत है कि क्लास में 32-35 बच्चे हैं, लेकिन स्कूल में न नर्स है, न शिक्षक. दिव्यांग बच्चों की मदद करने वाला स्टाफ यानी AESH भी कम है। 

    21 सितंबर को छात्र प्रदर्शन कर रहे थे. शुरुआत में आंदोलन एक स्कूल तक सीमित दिख रहा था, लेकिन इसके बाद दूसरे स्कूलों के छात्र भी जुड़ने लगे. अब फ्रांस के अलग-अलग इलाके के कई स्कूलों के बाहर ब्लॉकेड लगे हैं और छात्र अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। 

    आंदोलन ऐसे समय में बढ़ रहा है, जब फ्रांस में बजट को लेकर भी दबाव है. फ्रेंच प्रधानमंत्री सेबास्तियन लेकोर्नू 2027 के बजट में 54 अरब यूरो की बचत की योजना बता रहे हैं. सरकारी कर्मचारियों के वेतन फ्रीज करने की बात भी हो रही है. हालांकि, यह 54 अरब यूरो पूरे बजट में बचत का आंकड़ा है, सिर्फ स्कूलों के लिए नहीं है. इमैनुएल मैक्रों शासन का भी कहना है कि इसको लेकर लोगों के बीच अफवाह फैली है। 

    क्या आंदोलन में हिंसा भी हो रही है?
    आंदोलन के दौरान कुछ हिस्सों में हिंसा भी हो रही है. 6 अक्टूबर को तीसरा राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन हो रहा है. स्कूल और यूनिवर्सिटी के छात्र सड़कों पर उतर रहे हैं और कई ट्रेड यूनियन भी उनके साथ आ रही हैं. फ्रेंच गृह मंत्रालय 2,66,000 लोगों के शामिल होने की बात कर रहा है, जबकि छात्र संगठन USL 4,50,000 लोगों के शामिल होने का दावा कर रहा है। 

    प्रधानमंत्री के मुताबिक, 215 छात्र और 85 स्कूल कर्मचारी घायल हुए हैं. न्याय मंत्रालय ने 6,000 से ज्यादा गिरफ्तारियों की जानकारी दी है. 100 से ज्यादा स्कूलों को नुकसान पहुंचा है. मार्सेई में आग बुझाने पहुंचे दमकल के ट्रक को भी जला दिया गया. लेकिन यहां एक फर्क समझना जरूरी है। 

    कुछ जगह हिंसा हो रही है, इसका मतलब यह नहीं है कि पूरा छात्र आंदोलन हिंसक है. सरकार कुछ सख्त वामपंथी कार्यकर्ताओं और बाहरी उपद्रवियों की भूमिका की तरफ भी इशारा कर रही है, जबकि हजारों छात्र स्कूलों की सुविधाओं और स्टाफ को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। 

    तो फिर ट्रंप इसे इस्लामी आंदोलन क्यों बता रहे हैं?
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फ्रांस के छात्र आंदोलन को धार्मिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं. छात्रों की शुरुआती मांगों में शिक्षक, नर्स, स्टाफ और स्कूल के संसाधन शामिल हैं. आप्रवासन या इस्लाम को लेकर आंदोलन शुरू नहीं हुआ था. इसके बावजूद ट्रंप पूरे विवाद को प्रवासन और इस्लाम से जोड़ रहे हैं. वह इसे एक बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक संकट के रूप में देख रहे हैं। 

    ट्रंप के बयान से ऐसा संदेश जा रहा है कि फ्रांस में स्कूलों से जुड़ी शिकायत के पीछे असल समस्या आबादी में हो रहा बदलाव और इस्लाम का कथिर रूप से बढ़ता प्रभाव है. लेकिन जानकारी इस दावे से मेल नहीं खा रही है. फ्रांसीसी अधिकारियों की तरफ से सामने आ रही जानकारी भी यह नहीं दिखा रही कि छात्र किसी संगठित इस्लामी एजेंडे के तहत प्रदर्शन कर रहे हैं। 

    ट्रंप का यह नजरिया कहां से आ रहा है?
    अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान को अमेरिकी और यूरोपीय दक्षिणपंथ की राजनीति के संदर्भ में समझा जा सकता है. इस राजनीति में यूरोप के कई विरोध प्रदर्शनों को प्रवासन, इस्लाम और सुरक्षा के मुद्दों से जोड़कर देखा जाता है. ट्रंप लंबे समय से अमेरिका में सख्त बॉर्डर पॉलिसी और अवैध प्रवासन के खिलाफ सख्त रुख रखते हैं। 

    ऐसे में फ्रांस की अशांति को वह अमेरिकी बहस के लिए एक उदाहरण की तरह पेश कर रहे हैं. यानी फ्रांस में जो समस्या स्कूल से जुड़कर शुरू हुई, उसे ट्रंप एक बड़े सांस्कृतिक संघर्ष के तौर पर देख रहे हैं. फॉक्स की होस्ट टॉमी लाहरेन भी इन प्रदर्शनों को अमेरिकियों के लिए एक "चेतावनी भरी कहानी" बता रही हैं. इससे पता चलता है कि फ्रांस का यह प्रदर्शन अब सिर्फ फ्रांस तक सीमित बहस नहीं रह गया है। 

    अमेरिका के राष्ट्रपति ब्रिटेन के प्रदर्शनों को भी इस्लाम के टेकओवर से जोड़कर देखते हैं. बीते दिनों जब ब्रिटेन में राइट विंग के नेताओं ने सड़क पर प्रदर्शन किए, तो उसे ट्रंप से लेकर एलॉन मस्क और बाकी बड़े अमेरिकी नेताओं ने भी समर्थन दिया था. इन प्रदर्शनों को ट्रंप के करीबियों ने भी संबोधित किया था। 

    सोशल मीडिया इस कहानी को और कैसे बदल रहा है?
    सोशल मीडिया पर ही सबसे ज्यादा भ्रम पैदा हो रहा है. फ्रांस 24 के "ट्रुथ और फेक" के मुताबिक, एलेक्स जोन्स और टॉमी रॉबिन्सन जैसे दक्षिणपंथी चेहरे पुराने और दूसरी घटनाओं के वीडियो शेयर कर रहे हैं. उन्हें मौजूदा प्रदर्शनों से जोड़ रहे हैं. कुछ वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि फ्रांस में एंटी-व्हाइट या इस्लामी विद्रोह हो रहा है। 

    एक वायरल वीडियो की जांच की गई तो पता चला कि वह दिसंबर 2022 का है. उसमें पेरिस में कुर्द समुदाय पर हुई गोलीबारी के बाद के प्रदर्शन दिख रहे हैं. यानी वीडियो असली है, लेकिन उसे जिस घटना से जोड़कर दिखाया जा रहा है, वह गलत है। 

    प्रदर्शनों में कुछ जगहों पर फिलिस्तीन के झंडे के साथ लोगों को प्रदर्शन करते देखा गया है. हालांकि, यह भी समझना जरूरी है कि यूरोपीय देशों में फिलिस्तीन के मुद्दे पर ईसाई समुदाय के लोगों का रुख भी काफी अलग रहा है. वे फिलिस्तीन को एक राज्य के तौर पर देखते हैं. गाजा में जंग के बीच इजरायल की आलोचना भी देखी गई है। 

    फ्रांस में आंदोलन अब बड़ा हो रहा है और अब यूनियन भी इसमें शामिल हो रही हैं. स्कूल और यूनिवर्सिटी के छात्र सड़क पर आ रहे हैं और ट्रेड यूनियनें भी उनका समर्थन कर रही हैं. पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. कुछ छात्र कह रहे हैं कि प्रदर्शन पर जरूरत से ज्यादा सख्ती हो रही है. मसलन आंदोलन को धार्मिक रंग देने की ट्रंप की कोशिशों खुद फ्रेंच अधिकारियों ने ही खारिज कर दिया है, और स्पष्ट किया है कि वे छात्र ही हैं। 

  • दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, भारत-जापान के रिश्ते ट्रस्ट पर आधारित: मुख्यमंत्री योगी

    दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, भारत-जापान के रिश्ते ट्रस्ट पर आधारित: मुख्यमंत्री योगी

    प्रधानमंत्री मोदी-आबे की दोस्ती पद से नहीं, विश्वास से बनी थी: मुख्यमंत्री योगी
     
    रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आबे मेमोरियल कॉरिडोर का लोकार्पण, अकी आबे के साथ मुख्यमंत्री योगी ने किया अनावरण
     
    भारत-जापान की दोस्ती का जीवंत प्रतीक बनेगा स्मृति गलियारा, नई पीढ़ी के लिए होगा ‘क्लासरूम’
     
    नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 500 एकड़ में विकसित होगी जापानी सिटी, यामानाशी बना ग्रीन हाइड्रोजन पार्टनर
     
    जापान के पास टेक्नोलॉजी और यूपी के पास स्केल, सेमीकंडक्टर-एआई तक पहुंची दोनों देशों की साझेदारी
     
    प्रधानमंत्री मोदी की जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के दिन मित्र आबे की स्मृति को काशी में मिला स्थायी स्थान
     
    दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, भारत-जापान के रिश्ते ट्रस्ट पर आधारित: मुख्यमंत्री योगी
     
    वाराणसी

     प्रधानमंत्री मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे की दोस्ती का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह रिश्ता पद से नहीं, विश्वास से बना था। पद बदलते रहे, लेकिन मित्रता नहीं बदली। सात अक्टूबर 2001 को प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। जनसेवा की इस यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने के दिन उनके मित्र आबे की स्मृति को समर्पित गलियारे का उद्घाटन इससे सुंदर संयोग नहीं हो सकता।
     
    मुख्यमंत्री योगी बुधवार को रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आबे मेमोरियल कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जापान की पूर्व प्रथम महिला और शिंजो आबे की पत्नी अकी आबे के साथ कॉरिडोर का अनावरण किया। मुख्यमंत्री योगी ने इसे उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता, प्रधानमंत्री मोदी और 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से आबे को विनम्र श्रद्धांजलि बताया। कहा कि जापान ने काशी को रुद्राक्ष दिया और अब काशी उसी रुद्राक्ष में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री की स्मृति को हमेशा के लिए बसा रही है।
     
    2007 में हुई थी दोनों नेताओं की पहली मुलाकात
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2007 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री मोदी जापान गए थे। वहीं उनकी शिंजो आबे से पहली मुलाकात हुई। उसी वर्ष आबे ने भारत की संसद में कहा था कि मजबूत भारत जापान के सर्वोत्तम हित में है और मजबूत जापान भारत के सर्वोत्तम हित में। वर्ष 2014 में काशी-क्योटो पार्टनर सिटी समझौता हुआ और 2015 में आबे ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ काशी में गंगा आरती देखी।
     
    वर्ष 2017 में दोनों नेताओं ने अहमदाबाद में बुलेट ट्रेन का शिलान्यास किया। 2018 में आबे ने प्रधानमंत्री मोदी को यामानाशी स्थित अपने निजी आवास पर आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जब दो नेताओं की मित्रता दो राष्ट्रों का विश्वास बन जाती है तो इतिहास बदलता है।
     
    अंतिम विदाई देने टोक्यो पहुंचे थे प्रधानमंत्री मोदी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2021 में शिंजो आबे को भारत के प्रमुख नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। सितंबर 2022 में प्रधानमंत्री मोदी अपने मित्र को अंतिम विदाई देने टोक्यो पहुंचे। पूरे भारत ने राष्ट्रीय शोक रखा। उन्होंने कहा, “यह प्रोटोकॉल नहीं था, एक रिश्ता था।”
     
    गोस्वामी तुलसीदास की चौपाई का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज की दुनिया में बिना लाभ-हानि का हिसाब लगाए साथ खड़ा रहने वाला मित्र मिलना कठिन है। दुनिया इंटरेस्ट देखकर रिश्ते बनाती है, जबकि भारत और जापान के रिश्ते ट्रस्ट यानी विश्वास पर आधारित हैं।
     
    500 एकड़ में बनेगी जापानी सिटी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि करीब 1400 जापानी कंपनियां भारत में काम कर रही हैं। दोनों देशों की साझेदारी अब सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन और क्रिटिकल मिनरल्स तक पहुंच चुकी है। जापान के पास टेक्नोलॉजी और अनुभव है तो भारत के पास टैलेंट और युवा ऊर्जा है।
     
    इसी वर्ष फरवरी की जापान यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि टोक्यो और यामानाशी में जापानी कंपनियों के साथ हजारों करोड़ के निवेश पर समझौते हुए। उन्होंने 500 किलोमीटर प्रति घंटे से तेज चलने वाली मैग्लेव ट्रेन में जापान की प्रिसिजन इंजीनियरिंग को करीब से देखा। यामानाशी अब उत्तर प्रदेश का ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी पार्टनर है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ईडा क्षेत्र में 500 एकड़ में जापानी सिटी विकसित की जा रही है। इन्वेस्ट यूपी में यामानाशी डेस्क भी बनाई गई है। जापान के पास प्रिसिजन है तो उत्तर प्रदेश के पास स्केल, 25 करोड़ लोगों का बाजार, देश का सबसे युवा वर्कफोर्स और एक्सप्रेसवे व एयरपोर्ट का सबसे बड़ा नेटवर्क है।
     
    जापान की आस्था का रास्ता यूपी से
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2027 में भारत-जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होंगे और यह गलियारा उस अमृत पर्व की पहली भेंट है। जापान ‘लैंड ऑफ द राइजिंग सन’ है और उत्तर प्रदेश ‘लैंड ऑफ द सन डायनेस्टी’। सारनाथ, कुशीनगर, कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कौशाम्बी और संकिसा भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े तीर्थ हैं। इसलिए जापान की आस्था का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है। काशी और क्योटो अपनी-अपनी सभ्यता की आत्मा हैं। दोनों ने विरासत को संभालकर विकास करना सिखाया है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने आबे मेमोरियल कॉरिडोर को नई पीढ़ी के लिए जीवंत क्लासरूम बताया। कहा कि यहां आने वाला हर युवा सीखेगा कि दूर की सोच रखने वाला एक नेता दो देशों का भविष्य कैसे बदल देता है।
     
    आबे को याद कर छलके अकी के आंसू
    जापान की पूर्व प्रथम महिला अकी आबे पति शिंजो आबे को याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उनके पति का प्रधानमंत्री मोदी से गहरा लगाव और आत्मीय संबंध था। वर्ष 2015 में काशी आने के बाद वह उनसे गंगा आरती और वाराणसी की यादें साझा करते थे। तभी से उनके मन में भी वाराणसी आने की इच्छा थी। उन्होंने कहा कि आज उनके पति जीवित होते तो अपने नाम पर बने इस स्मारक को देखकर बहुत खुश होते। यह कहते हुए उनकी आंखों में आंसू छलक आए।
     
    अकी आबे ने रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के डिजाइन की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसकी बाहरी दीवारों पर 108 रुद्राक्ष लगे हैं। जापान में भी 108 की संख्या का विशेष महत्व है और नया कार्य शुरू होने पर बौद्ध मंदिरों में 108 बार घंटियां बजाई जाती हैं।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने अकी आबे को वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी से निर्मित मोर का स्मृति चिह्न भेंट किया। कार्यक्रम में मंत्री रविंद्र जायसवाल, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, विधायक सौरभ श्रीवास्तव और जापान से आए प्रतिनिधिमंडल के सदस्य मौजूद रहे।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर हुआ आयोजन, नागरिकों और युवाओं ने उत्साह से निभाई सहभागिता

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर हुआ आयोजन, नागरिकों और युवाओं ने उत्साह से निभाई सहभागिता

    विकसित भारत के संकल्प से जगमगाया जशपुर, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में निकली ‘सेवा ज्योति यात्रा’

    रणजीता स्टेडियम में विकसित भारत संकल्प सभा, वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में सक्रिय भागीदारी का लिया संकल्प

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर हुआ आयोजन, नागरिकों और युवाओं ने उत्साह से निभाई सहभागिता

    रायपुर, 
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जशपुर के रणजीता स्टेडियम में विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया गया। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल की उपस्थिति में आयोजित सभा में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी और सामूहिक प्रयास का संदेश दिया गया।

    संकल्प सभा के पश्चात पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में रणजीता स्टेडियम से ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली गई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। राष्ट्रसेवा और विकसित भारत के संकल्प के साथ निकली इस यात्रा के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने और जनभागीदारी के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने का संदेश दिया गया।

    रणजीता स्टेडियम से संगम चौक तक निकली सेवा ज्योति यात्रा

    सेवा ज्योति यात्रा रणजीता स्टेडियम से प्रारंभ होकर जयस्तंभ चौक होते हुए संगम चौक पहुंची, जहां यात्रा का समापन हुआ। यात्रा के दौरान विकसित भारत, राष्ट्रसेवा और सामूहिक सहभागिता का संदेश प्रमुखता से सामने आया। इसमें विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कृष्ण कुमार राय सहित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, युवाओं और आम नागरिकों ने सहभागिता की।

    विकसित भारत का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से होगा साकार: मंत्री राजेश अग्रवाल

    इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा और राष्ट्रसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होना महत्वपूर्ण अवसर है। इन वर्षों में राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए देश के विकास और जनकल्याण को नई दिशा देने के निरंतर प्रयास हुए हैं।

    मंत्री अग्रवाल ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य व्यापक जनभागीदारी से ही साकार होगा। सरकार के प्रयासों के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय सहभागिता, अपने कर्तव्यों के प्रति सजगता और राष्ट्र के विकास में योगदान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति, सामूहिक प्रयास और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।

    उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में पूरी ऊर्जा, क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दें। गांव, शहर, समाज और प्रदेश के विकास में प्रत्येक व्यक्ति की सकारात्मक भागीदारी अंततः विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का हुआ वर्चुअल प्रसारण

    रणजीता स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का वर्चुअल प्रसारण भी किया गया। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित उपस्थित जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नागरिकों ने प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के साथ प्रारंभ हुई अपनी जनसेवा की यात्रा के 25 वर्ष पूर्ण होने का उल्लेख किया। उन्होंने देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए जनता के विश्वास और आशीर्वाद को अपनी शक्ति बताया। उन्होंने भारतीय लोकतंत्र और संविधान के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि इन 25 वर्षों में प्राप्त अनुभव और जनविश्वास देश की जनता की पूंजी है।

    प्रधानमंत्री ने राष्ट्रसेवा को सर्वाेपरि बताते हुए कहा कि जीवन की प्रत्येक घटना सीख देती है और चुनौतियां संकल्प को मजबूत बनाती हैं। साधन और संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन सपने और हौसले बड़े होने चाहिए। उन्होंने कर्तव्य और निरंतर कर्म के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया।

    युवा ऊर्जा और सामूहिक शक्ति से विकसित भारत की ओर बढ़ेगा देश

    प्रधानमंत्री ने देश के विकास में युवा शक्ति और नागरिक सहभागिता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की बढ़ती ताकत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभा, सामर्थ्य और क्षमता की पहचान वैश्विक स्तर पर बढ़ी है और देश की सामूहिक शक्ति भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 140 करोड़ देशवासियों की सामूहिक शक्ति और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में देश आगे बढ़ेगा। उन्होंने नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में अपनी पूरी ऊर्जा, क्षमता और सामर्थ्य के साथ योगदान देने का आह्वान किया।

    कार्यक्रम के दौरान विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी, कर्तव्यबोध, राष्ट्रसेवा और युवा शक्ति की भूमिका का संदेश प्रमुखता से दिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

  • प्रदेश के 38 स्थानों पर बनेंगे ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    प्रदेश के 38 स्थानों पर बनेंगे ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष देश के विकास और परिवर्तन की प्रेरक यात्रा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री साय

    प्रदेश के 38 स्थानों पर बनेंगे ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री ने हाथों में मशाल लेकर किया ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का नेतृत्व, बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    तेलीबांधा चौक भी ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में होगा विकसित

    रायपुर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में शासन प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज राजधानी रायपुर में सेवा, संकल्प और राष्ट्र निर्माण की भावना से ओतप्रोत ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ एवं ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के जिला मुख्यालयों सहित कुल 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक को भी ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के रूप में विकसित करने की घोषणा की।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ये संकल्प चौक जनसेवा, राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प के प्रतीक बनेंगे। ये आने वाली पीढ़ियों को यह प्रेरणा देंगे कि राष्ट्र की प्रगति में प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है।

    मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प दिलाया। इसके पश्चात उन्होंने हाथों में मशाल लेकर ‘सेवा ज्योति यात्रा’ का नेतृत्व किया और बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से प्रारंभ हुई यह यात्रा तेलीबांधा चौक तक निकाली गई। बड़ी संख्या में नागरिकों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक यात्रा में सहभागिता की।

    प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्ष का सेवाकाल राष्ट्र निर्माण की प्रेरक यात्रा

    मुख्यमंत्री साय ने विकसित भारत संकल्प सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में  जिम्मेदारी संभाली थी। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में उनके निरंतर सेवाकाल के आज 25 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं। इन 25 वर्षों की यात्रा जनसेवा, सुशासन, विकास और राष्ट्रहित के प्रति अटूट समर्पण की यात्रा है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं को देश का ‘प्रधान सेवक’ मानते हैं। देश के 140 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं और उनके बेहतर भविष्य की चिंता करते हुए वे ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत ने विकास के प्रत्येक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुआ है और आज पूरी दुनिया भारत के बढ़ते सामर्थ्य और नेतृत्व को देख रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा ज्योति यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा के प्रति समर्पण को सम्मान देने के साथ ही विकसित भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना की।

    सेवा संकल्प अभियान में प्रदेशभर की भागीदारी

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश में एक माह का ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है। इस दौरान सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जनकल्याण और सामाजिक सहभागिता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि अभियान की शुरुआत में 17 सितंबर को छत्तीसगढ़ के लोगों ने पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ डेढ़ करोड़ से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की थी। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से प्रदेश के नागरिक सेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से लगातार जुड़ रहे हैं।

    विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का विराट लक्ष्य देश के सामने रखा है। यह केवल सरकार का लक्ष्य नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सामूहिक संकल्प है। इस संकल्प को सिद्ध करने की क्षमता और सामर्थ्य हमारे देश और देशवासियों में है।

    उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण भी आवश्यक है। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047’ के माध्यम से आने वाले वर्षों के विकास की दिशा तय की है। प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में सहभागी बनें।

    छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मिलता है भरपूर सहयोग

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने से पहले विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के अनेक क्षेत्रों का व्यापक भ्रमण किया था। इस कारण वे प्रदेश की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों के साथ यहां की संभावनाओं से भी भली-भांति परिचित हैं।

    उन्होंने कहा कि जब भी प्रधानमंत्री मोदी से छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा होती है, प्रदेश को अपेक्षा से बढ़कर उनका सहयोग और मार्गदर्शन मिलता है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास के नए अवसरों से जुड़ रहा है और विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है।

    वैश्विक अवसरों से जुड़ रहा छत्तीसगढ़

    अपने हालिया सिंगापुर प्रवास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सोच है कि भारत के राज्य भी दुनिया के विभिन्न देशों के साथ अपने आर्थिक और संस्थागत संबंधों को मजबूत करें तथा निवेश, तकनीक, कौशल और नवाचार के वैश्विक अवसरों का लाभ उठाएं।

    उन्होंने कहा कि इसी दिशा में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ और हरियाणा को सिंगापुर में आयोजित प्रथम ‘Singapore-India Network for Growth (SING) Forum-2026’ में भागीदारी के लिए चुना गया। सिंगापुर प्रवास के दौरान उद्योग जगत, निवेशकों और बिजनेस फेडरेशन के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और साझेदारी को लेकर सार्थक चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और सिंगापुर के संबंध पुराने और मजबूत हैं। सिंगापुर में विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के प्रति वैश्विक विश्वास तेजी से बढ़ा है। आज दुनिया भारत को विश्वास, संभावनाओं और विकास के बड़े केंद्र के रूप में देख रही है और इसका लाभ छत्तीसगढ़ जैसे तेजी से आगे बढ़ते राज्यों को भी मिल रहा है।

    ‘वी विल डू इट’ के संकल्प को जनभागीदारी से करेंगे साकार

    मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री मोदी के ‘वी विल डू इट’ के उद्घोष का उल्लेख करते हुए कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य बड़ा अवश्य है, लेकिन देशवासियों के सामूहिक प्रयास से इसे हासिल करना निश्चित रूप सेसंभव है।

    उन्होंने कहा कि विकसित राष्ट्र के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। हमें भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प के साथ अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करना होगा। जब देश का प्रत्येक नागरिक राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर अपनी जिम्मेदारी निभाएगा, तब विकसित भारत का संकल्प निश्चित रूप से सिद्ध होगा।

    सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन प्रमुख के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु रहने तथा इसी ऊर्जा के साथ निरंतर देश की सेवा करते रहने की कामना की। उन्होंने नागरिकों से सेवा ज्योति यात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता कर राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

    इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक सुनील सोनी, मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्षगण, यशवंत जैन, अखिलेश सोनी, राम गर्ग सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।