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  • Stock Market Rally: एक खबर ने अमेरिका से बढ़ाई शेयर बाजार की रफ्तार, वॉर का डर धुंधला

    Stock Market Rally: एक खबर ने अमेरिका से बढ़ाई शेयर बाजार की रफ्तार, वॉर का डर धुंधला

    मुंबई 

    मंगलवार को शेयर बाजार (Stock Market) में मंगल ही मंगल नजर आ रहा है. ओपनिंग के साथ ही मार्केट के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी रॉकेट की रफ्तार से भाग रहे हैं. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) जहां खुलते ही 500 अंक से ज्यादा की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) भी जोरदार तेजी पकड़े हुए नजर आया. मिडिल ईस्ट में टेंशन फिर से बढ़ने के बाद भी बाजार बमबम है और इसके पीछे भारत-अमेरिका में ट्रेड डील को लेकर आया बड़ा अपडेट माना जा सकता है, जिससे US-Iran War का खौफ धुआं-धुआं हो गया है. शुरुआती कारोबार में Axis Bank, Adani Ports से लेकर IndiGo तक के शेयर बढ़त में कारोबार करते नजर आए। 

    सेंसेक्स-निफ्टी में तगड़ी उछाल 
    बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स मंगलवार को अपने पिछले कारोबारी बंद 78,520 की तुलना में तेज रफ्तार के साथ ओपन हुआ और 78,617 पर खुला. इसके बाद कुछ ही मिनट के कारोबार के दौरान Sensex 79 हजार का आंकड़ा पार कर गया और 500 अंक से ज्यादा की तेजी लेकर 79,032 पर ट्रेड करता दिखा। 

    दूसरी ओर एनएसई निफ्टी की बात करें, तो ये भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलता दिखाई दिया है. अपने पिछले बंद 24,364 की तुलना में इसकी ओपनिंग भी तेजी के साथ 24,374 पर हुई और फिर करीब 150 अंक की तगड़ी उछाल के साथ ही Nifty भी 24,500 का आंकड़ा पार कर गया। 

    शेयर बाजार में ये रैली ऐसे समय में देखने को मिल रही है, जबकि अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध फिर से बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनातनी चरम पर है और दूसरे दौर की शांति वार्ता पर भी संकट मंडरा रहा है। 

    इस रैली की ये बड़ी वजह 
    बात करें, शेयर बाजार में आई इस तूफानी तेजी के पीछे के बड़े कारण के बारे में, तो अमेरिका से आई एक खबर को माना जा सकता है. दरअसल, India-US Trade Deal का नया दौर शुरू हो रहा है. 20 अप्रैल से शुरू हुई चर्चा के तहत बड़े बदलाव की उम्‍मीद जताई जा रही है। 

    खासकर टैरिफ को लेकर फिर से बातचीत हो सकती है, क्‍योंकि अमेरिका कोर्ट ने टैरिफ को गैर-कानूनी बताते हुए रद्द कर दिया था. इस चर्चा में मुख्य वार्ताकार दर्पण जैन के लीडरशिप में करीब एक दर्जन भारतीय अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल तीन दिनों तक अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत करेगा. इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है और ब्रेंट क्रूड की कीमत अंतरराष्ट्रीय मार्केट में 95 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गई है, जिसका असर भी बाजार पर दिखा है। 

    इन शेयरों में दिखी तेजी 
    शेयर मार्केट में तेजी के बीच सबसे ज्यादा भागने वाले स्टॉक्स की बात करें, तो बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल AsianPaints Share (2%), Axis Bank Share (2%), Adani Ports Share (1.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल AU Bank Share (4%), Godrej Properties Share (2.50%), Phoenix Share (2.10%), Voltas Share (1.70%) की तेजी में दिखे. Paytm, Dixon, Zentech, Suzlon जैसे शेयर भी तेजी में कारोबार करते हुए नजर आए। 

  • हमलावर कभी भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए: योगी

    हमलावर कभी भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए: योगी

    सदियों के आक्रमणों के बावजूद आज भी अडिग है सनातन आस्था: सीएम योगी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित "सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश" का किया शुभारंभ

    जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है: मुख्यमंत्री

    हमलावर कभी भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए: योगी

    सरदार पटेल की दृढ़ संकल्प शक्ति के सामने नेहरू की भी नहीं चली: सीएम

    एक ओर कांग्रेस कश्मीर में अनुच्छेद 370 लगा रही थी तो दूसरी ओर सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार का विरोध कर रही थी: योगी आदित्यनाथ

    आज उत्तर प्रदेश में काशी की जीवंतता है, अयोध्या की मर्यादा है, मथुरा-वृंदावन की भक्ति है और प्रयागराज की समरसता है: मुख्यमंत्री

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत लखनऊ में आयोजित सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी गौरवशाली सनातन विरासत और आधुनिक विकास के नए युग में एक साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सदियों के आक्रमणों के बावजूद सनातन आस्था अडिग रही और आज “यतो धर्मस्ततो जयः” के भाव के साथ पुनः अपने स्वाभिमान के शिखर पर स्थापित हो रही है। मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक पुनरुत्थान का उल्लेख करते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल और राजेंद्र प्रसाद के योगदान को याद किया और कहा कि आज वही सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अभियान नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है। इस अवसर पर उन्होंने सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा को रवाना करते हुए इसे भारत की आस्था, एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक बताया।

    सनातन आस्था भी अजर-अमर पथ का प्रतीक
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और दृढ़ नेतृत्व में अपनी गौरवशाली विरासत के साथ-साथ आधुनिक विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। आज का यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि भारत के शास्त्रों की मान्यता के अनुसार जैसे आत्मा अजर-अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर-अमर पथ का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबने देखा है कि भारत की सनातन संस्कृति पर सदियों से हमले होते रहे, लेकिन हमलावर भारत की आस्था को न तो तोड़ पाए और न ही झुका पाए। लगभग 1000 वर्ष पहले द्वादश ज्योतिर्लिंगों में देवाधिदेव महादेव के प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ भगवान के मंदिर पर विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी के नेतृत्व में कायराना हमला किया गया। आक्रांताओं ने भारत की धन-संपदा लूटी, मंदिरों को अपवित्र किया और सनातन आस्था पर प्रहार किया। लेकिन भारत के सनातन धर्म की अटूट आस्था भगवा पताका के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी रही। आज 1000 वर्ष बाद जब हम देखते हैं तो भारत की सनातन आस्था पूरी दृढ़ता से विश्व के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है, जबकि आक्रांताओं का कोई नामोनिशान इस धरती पर नहीं बचा है। यही है “यतो धर्मस्ततो जयः” का शंखनाद। आक्रांताओं की बर्बरता जिसे रोक नहीं पाई, तोड़ नहीं पाई और झुका नहीं पाई, वही सनातन आस्था आज सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाई जा रही है।

    सरदार पटेल के प्रयासों से मंदिर का निर्माण पूरा हुआ
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत में हर भारतवासी की यह अभिलाषा थी कि देश को केवल राजनीतिक स्वतंत्रता ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक स्वाधीनता भी प्राप्त हो। इसके लिए लगातार प्रयास किए गए और अनेक स्वर उठाए गए। भारत माता के सपूत, भारत की अखंडता के शिल्पी और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर की दुर्दशा देखकर संकल्प लिया था कि इस मंदिर का पूर्ण जीर्णोद्धार होगा और द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के मंदिर की गरिमामयी पुनर्स्थापना की जाएगी। लेकिन इस मार्ग में बाधक बने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू। उनकी इच्छा थी कि यह कार्य न हो, परंतु सरदार पटेल की दृढ़ संकल्प शक्ति के सामने नेहरू की नहीं चली। सरदार पटेल के प्रयासों से मंदिर का निर्माण पूरा हुआ। प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन को आगे बढ़ाने के लिए आयोजन समिति ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी को आमंत्रित किया। तभी कांग्रेस सरकार और पंडित जवाहरलाल नेहरू फिर बाधक बन गए। उन्होंने लिखित रूप से कहा कि राष्ट्रपति को इस आयोजन में भाग नहीं लेना चाहिए, क्योंकि यह धर्मनिरपेक्षता की भावना के विपरीत होगा। एक ओर कांग्रेस की सरकार कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू कर तुष्टिकरण की पराकाष्ठा कर रही थी और आतंकवाद की नींव रख रही थी, वहीं दूसरी ओर सनातन आस्था के प्रतीक सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार और प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम का विरोध कर रही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम कृतज्ञ हैं डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी के प्रति, जिन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री के विरोध की परवाह किए बिना सोमनाथ मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के भव्य कार्यक्रम को अपने हाथों से संपन्न किया।

    अयोध्या का नाम आते ही गूंजता है "जय राम"
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कार्य आजाद भारत में
    लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जी ने आगे बढ़ाया था, उसी अभियान को आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जा रहा है। यह भारत के स्वाभिमान को, सनातन आस्था के गौरव को और हमारी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि 10-11 वर्ष पहले कोई सोच भी नहीं सकता था कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो पाएगा। आज हर भारतवासी, देश या दुनिया के किसी भी कोने में जाए हर जगह एक ही आवाज गूंजती है और वह है जय राम। कोई भी भारतीय चाहे देश में हो या विदेश में, जब अयोध्या का नाम सुनता है तो स्वतः उसके मुंह से “जय राम” निकलता है और वह तुरंत कहता है कि उसे अयोध्या जाने की बहुत इच्छा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 500 वर्ष पहले जिन आक्रांताओं ने अयोध्या के राम मंदिर को अपवित्र किया और हिंदुओं की आस्था पर कुठाराघात किया था, आज उनका नाम तक लेने वाला नहीं बचा है। लेकिन सनातन की अटूट आस्था आज भी आकाश की ऊंचाइयों पर है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन चुका है और केसरिया ध्वज-पताका वहां लहरा रही है। इसी प्रकार काशी में काशी विश्वनाथ धाम और भव्य कॉरिडोर बन गया है। मां विंध्यवासिनी मंदिर का भव्य कॉरिडोर बन चुका है। प्रयागराज की पावन धरती पर गत वर्ष का महाकुंभ हो या 2019 का कुंभ, दुनिया को यह दिखा दिया गया है कि सांस्कृतिक आयोजन किस भव्य और समरसता भरे रूप में हो सकते हैं।

    भारत की सनातन शक्ति बिना डिगे, बिना रुके और बिना झुके निरंतर अपनी यात्रा आगे बढ़ा रही है
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में काशी की जीवंतता है, अयोध्या की मर्यादा है, मथुरा-वृंदावन की भक्ति है और प्रयागराज की समरसता है। आज ये सभी पावन स्थल पूरे देश को अपनी ओर खींच रहे हैं। महाकालेश्वर जाएं तो महाकाल का महालोक, केदारनाथ जाएं तो केदारेश्वर का भव्य मंदिर, बद्रीनाथ जाएं तो बद्री विशाल का दिव्य मंदिर और रामेश्वरम जाएं तो रामेश्वरम धाम, ये सभी हमें आकर्षित करते हैं। यही है भारत की सनातन शक्ति, जो बिना डिगे, बिना रुके और बिना झुके निरंतर अपनी यात्रा आगे बढ़ा रही है। यह पूरे भारत का गौरव है। इस गौरव का साक्षी बनने के लिए आज उत्तर प्रदेश से 1000 से अधिक श्रद्धालु भगवान सोमनाथ धाम के दर्शन करने के लिए गुजरात की धरती की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। जब ये दर्शन करेंगे, तो उनसे प्राप्त पुण्य में हम सब भी भागीदार बनेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभारी हैं, जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों और जनपदों से कम से कम 11-11 श्रद्धालुओं को इस यात्रा के लिए चुना है। इनमें उद्यमी, नौजवान, महिला उद्यमी, छात्र और शिक्षक शामिल हैं। रेलवे इन श्रद्धालुओं को फ्री ट्रेन उपलब्ध करा रहा है, जबकि बाकी खर्चा पर्यटन एवं संस्कृति विभाग उठा रहा है। ये श्रद्धालु काशी और अपने-अपने क्षेत्र के ज्योतिर्लिंग तथा तीर्थों का जल लेकर भगवान सोमनाथ का अभिषेक करेंगे और “हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ यात्रा करेंगे।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, मंत्री डॉ संजय निषाद, विधायक डॉ नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य पवन चौहान, मुकेश शर्मा, लाल जी प्रसाद निर्मल और अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति विभाग अमृत अभिजात उपस्थित रहे।

  • प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की सराहना की

    प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की सराहना की

    योगी सरकार की पहल से पूरी हुई वर्षों पुरानी इच्छा, सोमनाथ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं ने जताया आभार

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व यात्रा को दिखाई हरी झंडी

    प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की सराहना की  

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अंतर्गत सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा 'उत्तर प्रदेश' का शुभारंभ किया। धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के बीच शुरू हुई इस यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रवाना हुई इस विशेष ट्रेन ने श्रद्धालुओं की आस्था को नया आयाम दिया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने आम लोगों की वर्षों पुरानी मनोकामना पूरी करने का कार्य किया है। 

    श्रद्धालुओं ने सीएम योगी का जताया आभार 

    खासतौर पर मुजफ्फरनगर के बंती खेड़ा निवासी सतीश कुमार भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से उनकी इच्छा थी कि बाबा सोमनाथ मंदिर के दर्शन करने जाएं, लेकिन कभी अवसर नहीं मिला। सरकार की पहल से यह यात्रा शुरू होने से उनका सपना पूरा हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने आम लोगों की भावनाओं को समझा है। वहीं बरेली की बिंदु इशिका सिंघानिया ने कहा कि यह यात्रा केवल दर्शन का माध्यम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति को मजबूत करने वाली पहल है। इससे एक राज्य के लोग दूसरे राज्य की संस्कृति को जान सकेंगे और युवा पीढ़ी भी अपनी परंपराओं से जुड़ेगी। बिंदु इशिका ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। 

    यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान 
    आजमगढ़ के अनंत तिवारी ने कहा कि सरकार की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान है। कई लोग श्रद्धा रखते हैं, लेकिन आर्थिक अभाव में तीर्थ यात्रा नहीं कर पाते। अब उन्हें भी सोमनाथ धाम जाने का अवसर मिलेगा। मेरठ के अनंत राना ने बताया कि वह पहली बार सोमनाथ दर्शन के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को इस यात्रा से बड़ा लाभ मिलेगा। बिजनौर और गोरखपुर से आए श्रद्धालुओं ने भी सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि योगी सरकार हर वर्ग की आस्था का सम्मान कर रही है। सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के शुभारंभ के साथ योगी सरकार ने यह संदेश दिया है कि विकास के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

  • 7.3 तीव्रता का भूकंप आया जापान में, सुनामी का अलर्ट जारी, लोग दहशत में

    7.3 तीव्रता का भूकंप आया जापान में, सुनामी का अलर्ट जारी, लोग दहशत में

    टोक्यो 

     सोमवार को जापान के पूर्वोत्तर तट पर प्रशांत महासागर में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने इसकी पुष्टि की है। भूकंप का केंद्र उत्तरी इवाते प्रांत के पास समुद्र में था। भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर 4:53 बजे आया। इसकी गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जिससे झटके काफी तेज महसूस किए गए।

    टोक्यो तक महसूस हुए झटके
    भूकंप इतना शक्तिशाली था कि केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो में भी ऊंची इमारतें हिल गईं। कई इलाकों में लोगों ने तेज झटके महसूस किए। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं आई है, लेकिन स्थिति की निगरानी की जा रही है। 

    इसके अलावा, क्योडो के अनुसार, जापान में आए जोरदार भूकंप के बाद टोक्यो-आओमोरी बुलेट ट्रेन लाइन पर परिचालन रोक दिया गया।

    सुनामी की चेतावनी जारी
    भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने सुनामी अलर्ट जारी कर दिया है। इवाते प्रांत और होक्काइडो के कुछ हिस्सों में 3 मीटर (10 फीट) तक ऊंची सुनामी लहरों की चेतावनी दी गई है।

    एजेंसी ने तटीय इलाकों के निवासियों को तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है। सुनामी लहरों के आने की उम्मीद जताई जा रही है, इसलिए सतर्कता बरतने का आग्रह किया गया है। जापान के मीडिया NHK के हवाले से रॉयटर्स ने बताया कि जोरदार भूकंपीय गतिविधि के कारण समुद्र तट के पास सुनामी भी आ गई।

    मौसम एजेंसी ने चेतावनी दी कि सुनामी की लहरें उत्तरी तटरेखा तक लगभग तुरंत पहुंच सकती हैं। एजेंसी ने कहा कि तटीय क्षेत्रों और नदी के किनारे वाले इलाकों से तुरंत किसी सुरक्षित जगह, जैसे कि ऊंची जमीन या किसी सुरक्षित इमारत में चले जाएं, और साथ ही यह भी चेताया कि सुनामी की लहरों से नुकसान होने की संभावना है।

    एजेंसी ने आगे कहा, "सुनामी की लहरें बार-बार आने की उम्मीद है। जब तक चेतावनी वापस नहीं ले ली जाती, तब तक सुरक्षित जगह न छोड़ें।"

    सालो पहले जापान में आया था प्रलय
    जापान में अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं जो कई बार भयानक तबाही भी मचाते हैं। इसी वजह से यहां सरकार ने सख्त निर्माण नियम लागू किए हैं जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इमारतें मजबूत झटकों का सामना कर सकें। जापान के जहन में अभी भी 2011 की फुकुशिमा त्रासदी की काली यादें कैद हैं। सालो पहले जापान में 9.0-9.1 तीव्रता का भयानक भूकंप आया था जिसने एक घातक सुनामी को जन्म दिया जिसने फुकुशिमा परमाणु संयंत्र को बर्बाद कर दिया था। सुनामी से 18,500 लोग मारे गए थे या लापता हो गए थे। 

     

  • मध्यप्रदेश में पारा 44°C पार, नौगांव सबसे गर्म, जबलपुर ने तोड़ा 3 साल पुराना गर्मी का रिकॉर्ड

    मध्यप्रदेश में पारा 44°C पार, नौगांव सबसे गर्म, जबलपुर ने तोड़ा 3 साल पुराना गर्मी का रिकॉर्ड

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार को राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। इस बीच छतरपुर के नौगांव में इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड हुआ, जहां पारा 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं जबलपुर में पिछले तीन वर्षों का तापमान रिकॉर्ड टूट गया है।

    नौगांव बना सबसे गर्म शहर
    छतरपुर जिले के नौगांव में तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक है। इससे पहले शनिवार को रतलाम में पारा 44 डिग्री तक पहुंचा था।

    प्रदेश के कई शहरों में 40°C से ऊपर तापमान
    मंडला में 43.9 डिग्री, खजुराहो में 43.4 डिग्री, उमरिया और सतना में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री, नर्मदापुरम में 42.8 डिग्री, सीधी और सागर में 42.6 डिग्री, मलाजखंड में 42.5 डिग्री, दतिया और रीवा में 42.4 डिग्री तथा धार में 42.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    भोपाल, रायसेन और बैतूल में आज सोमवार सुबह से बादल छाए हैं। रायसेन में रात में बूंदाबांदी भी हुई। धार जिले में तेज धूप निकली है। शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

    इससे पहले रतलाम में रविवार रात 12 बजे बूंदाबांदी हुई। बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बिजली चमकी। खरगोन में भी रविवार रात 12 बजे तेज बिजली कड़की। 15 मिनट तक बारिश का दौर चला। बड़वानी जिले के मंडवाड़ी निहाली गांव में रविवार देर रात आकाशीय बिजली गिरी। इससे किसान सलु बरडे के दो बैलों की मौत हो गई।

    जबलपुर में 3 साल का रिकॉर्ड टूटा
    प्रदेश के बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह अप्रैल महीने में पिछले तीन वर्षों का सबसे अधिक तापमान है। इसके अलावा ग्वालियर में 42.4 डिग्री, भोपाल में 41.8 डिग्री, उज्जैन में 41.4 डिग्री और इंदौर में 40.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश में पहली बार 44°C के पार पहुंचा पारा
    शनिवार को इस सीजन में पहली बार मध्यप्रदेश में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा। रतलाम में अधिकतम तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि उमरिया, मंडला, गुना और अन्य कई जिलों में भी तेज गर्मी का असर रहा।

    20 अप्रैल का मौसम पूर्वानुमान
    मौसम विभाग के अनुसार 20 अप्रैल को प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि कुछ स्थानों पर यह 42 डिग्री से भी ऊपर जा सकता है। अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर और बैतूल जैसे जिलों में तापमान 35 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

    जनजीवन पर असर
    तेज गर्मी के चलते दिन के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। लोग केवल जरूरी काम के लिए ही घर से बाहर निकल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में लू के कारण पशुधन और फसलों पर भी असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ते तापमान से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ सकते हैं, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए।

    आगे क्या
    मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए चुनौतीपूर्ण रहेंगे। तापमान ऊंचा बना रहेगा, हालांकि कुछ क्षेत्रों में आंशिक बादल छाने से हल्की राहत मिल सकती है। एमपी मौसम अपडेट के अनुसार, अप्रैल के अंतिम सप्ताह में भी गर्मी का असर जारी रहने की संभावना है, जिससे प्रदेश में लू की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

    मौसम में बदलाव की वजह क्या है?
    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन की वजह से बादल बन रहे हैं। इसी कारण कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश और बादल देखने को मिल रहे हैं। इसके अलावा 23 अप्रैल के आसपास एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय हो सकता है, लेकिन इसका असर मध्य प्रदेश में सीमित रहने की संभावना है।

    प्रदेश में छतरपुर जिला सबसे गर्म
    इससे पहले रविवार को पूरा प्रदेश गर्म रहा। छतरपुर के नौगांव में पारा सबसे ज्यादा 44.3 डिग्री दर्ज किया गया। गर्मी के इस सीजन में पहली बार पारा 44 डिग्री के पार पहुंचा। मंडला प्रदेश का दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। यहां तापमान 43.9 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह छतरपुर के खजुराहो में 43.4 डिग्री, दतिया, उमरिया-सतना में 43.1 डिग्री, दमोह में 43 डिग्री, नर्मदापुरम में 42.8 डिग्री, सीधी-सागर में 42.6 डिग्री, मलाजखंड में 42.5 डिग्री, रीवा में 42.4 डिग्री, धार में 42.2 डिग्री, टीकमगढ़ और श्योपुर में तापमान 42 डिग्री रहा।

    बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में सबसे ज्यादा 42.5 डिग्री, ग्वालियर में 42.4 डिग्री, भोपाल में 41.8 डिग्री, इंदौर में 40.6 डिग्री और उज्जैन में 41.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

     

  • ₹5000 टूटी चांदी, गोल्ड की कीमतें हुईं 1.87 लाख रुपये सस्ती, नए रेट्स देखें

    ₹5000 टूटी चांदी, गोल्ड की कीमतें हुईं 1.87 लाख रुपये सस्ती, नए रेट्स देखें

    इंदौर 

    सोना-चांदी की कीमतों में फिर बड़ी गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) देखने को मिली है. बीते सप्ताह दोनों कीमती धातुओं के दाम में जोरदार तेजी देखने को मिली थी, लेकिन हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को जैसे ही मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर वायदा कारोबार शुरू हुआ, एक झटके में चांदी 5357 रुपये सस्ती हो गई. इस ताजा गिरावट के बाद अब 1 Kg Silver अपने हाई लेवल से 1.87 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई है। 
     
    चांदी ही नहीं एमसीएक्स पर सोने की कीमत में भी गिरावट आई है. 10 Gram 24 Karat Gold का रेट अपने पिछले कारोबार बंद के मुकाबले ओपनिंग के साथ ही 1780 रुपये कम हो गया और इस गिरावट के साथ अब सोना अपने हाई से 50000 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता मिल रहा है। 

    खुलते ही धड़ाम हो गई चांदी 
    एमसीएक्स पर 5 मई की एक्सपायी वाली चंदी का भाव बीते शुक्रवार को तेजी के साथ 2,57,142 रुपये प्रति किलोग्राम पर क्लोज हुई थी और सोमवार को जब कारोबार की शुरुआत हुई, तो ये धड़ाम होकर 2,51,785 रुपये पर आ गई. इस हिसाब से चांदी 5,357 रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई. 

    अगर चांदी के हाई लेवल से तुलना करें, तो ये हफ्ते के पहले दिन की गिरावट के बाद अब 1,87,552 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ता हो गया है. बता दें कि इस साल जनवरी महीने में ही पहली बार चांदी का वायदा भाव 4 लाख रुपये के पार निकला था और 4,39,337 रुपये प्रति किलो का लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था। 

    US-Iran जंग के बाद कितनी गिरावट? 
    अगर बात करें, मिडिल ईस्ट युद्ध की शुरुआत के बाद अब तक फिसले चांदी के भाव के बारे में, तो 28 फरवरी को पहली बार अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर स्ट्राइक्स की शुरुआत की थी और इससे एक दिन पहले यानी 27 फरवरी को MCX Silver Price 2,82,644 रुपये पर ट्रेड कर रहा था और ताजा कीमत से तुलना करें, तो ये कीमती धातु इस दौरान 30,859 रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है। 

    सोना भी चांदी की तरह फिसला
    अब MCX Gold Rate पर नजर डालें, तो पिछले शुक्रवार को 5 जून की एक्सपायरी वाले वायदा सोना का भाव 1,54,609 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और सोमवार को खुलने के साथ ही ये 1780 रुपये की गिरावट लेकर  1,52,829 रुपये पर आ गया।  

    इस गिरावट के बाद सोना अपने लाइफ टाइम हाई लेवल 2,02,984 रुपये से  50,155 रुपये सस्ता हो गया है. वहीं अमेरिका-ईरान युद्ध की शुरुआत से अब तक Gold Rate में 12,830 रुपये की कमी आ चुकी है. 27 फरवरी को सोना 1,65,659 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। 

    बीते हफ्ते खूब भागा Gold-Silver
    अगर बीते सप्ताह गोल्ड-सिल्वर रेट्स की बात करें, तो एमसीएक्स पर 5 मई की एक्सपायरी वाली चांदी का रेट चार कारोबारी दिनों में 14,805 रुपये बढ़ा था. पिछले 10 अप्रैल को 1 किलो चांदी की कीमत 2,43,274 रुपये थी, जो बीते शुक्रवार को 2,58,079 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई।  

    चांदी की तरह सोना भी पिछले हफ्ते चमका थी. ये कीमती पीली धातु 10 अप्रैल के 1,52,652 रुपये की तुलना में बीते शुक्रवार को 1,54,605 रुपये पर बंद हुआ था. यानी ये चार दिन में 1953 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ था। 

  • नीतीश कुमार के बाद सम्राट सरकार का कदम, महिलाओं को मिलेगा 20 हजार, जानें क्या है शर्त

    नीतीश कुमार के बाद सम्राट सरकार का कदम, महिलाओं को मिलेगा 20 हजार, जानें क्या है शर्त

    पटना
     बिहार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में चल रही मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना अब जमीन पर असर दिखाने लगी है. बड़ी संख्या में महिलाओं ने छोटे स्तर पर रोजगार शुरू कर अपनी आय के साधन विकसित किए हैं. हाल ही में किए गए सर्वे से यह संकेत मिला है कि योजना का लाभ धीरे-धीरे व्यापक रूप से सामने आ रहा है. इसको लेकर राज्य सरकार की सहयोगी संस्था जीविका (JEEViKA) की ओर से अब तक करीब 40 लाख महिलाओं का सर्वे किया जा चुका है. इन महिलाओं को योजना के तहत शुरुआती सहायता के रूप में 10-10 हजार रुपये दिए गए थे. सर्वे के आधार पर यह पता लगाया गया कि कितनी महिलाओं ने इस राशि का उपयोग कर स्वरोजगार शुरू किया और उनकी स्थिति क्या है। 

    70 प्रतिशत महिलाओं ने शुरू किया काम
    जानकारी के अनुसार, बिहार सरकार उन महिलाओं को प्राथमिकता दे रही है, जिन्होंने पहले मिली राशि से अपना रोजगार शुरू कर उसे सही तरीके से आगे बढ़ाया है. इस बीच सर्वे के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, लगभग 70 प्रतिशत लाभुक महिलाओं ने किसी न किसी रूप में अपना काम शुरू कर लिया है. यह आंकड़ा योजना की सफलता को दर्शाता है. जिन महिलाओं का व्यवसाय बेहतर तरीके से चल रहा है, उन्हें जल्द ही दूसरी किस्त के रूप में 20-20 हजार रुपये दिए जाने की तैयारी है। 

    किस्तों में मिलती है पूरी सहायता
    इस योजना के तहत महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से आर्थिक मदद दी जाती है. पहली किस्त 10 हजार रुपये की दी जा चुकी है. दूसरी किस्त 20 हजार रुपये की होगी, जिसमें लाभुक को कुछ अंशदान भी करना होगा. इसके बाद तीसरी और चौथी किस्त में क्रमश: 40 हजार और 80 हजार रुपये दिए जाएंगे. अंतिम चरण में 60 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी, जिसमें लाभुक को कोई योगदान नहीं करना होगा. विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 2 लाख रुपये तक की एकमुश्त सहायता देने का भी प्रावधान है। 

    किस तरह के रोजगार शुरू किए गए
    सर्वे में यह भी सामने आया है कि महिलाओं ने अपनी सुविधा और स्थानीय जरूरत के अनुसार विभिन्न प्रकार के रोजगार शुरू किए हैं. सबसे अधिक महिलाओं ने पशुपालन को अपनाया है, जिसमें गाय, बकरी और मुर्गी पालन प्रमुख हैं. इसके अलावा फल-सब्जी की दुकान, किराना, सिलाई-कढ़ाई, चाय-पकौड़े की दुकान और ब्यूटी पार्लर जैसे छोटे व्यवसाय भी बड़ी संख्या में शुरू किए गए हैं। 

    महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में कदम
    यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की व्यापक पहल का हिस्सा है. सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हों और परिवार की आय में योगदान दें. सर्वे का कार्य पूरा होते ही योग्य लाभुकों को अगली किस्त जारी की जाएगी, जिससे उनका व्यवसाय और मजबूत हो सके। 

    महिला सशक्तिकरण के लिए बड़ी पहल
    मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बनकर उभर रही है. बड़ी संख्या में महिलाओं का रोजगार शुरू करना इस योजना की सफलता का संकेत है. आने वाले समय में यदि यह प्रक्रिया इसी तरह जारी रहती है, तो यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है। 

  • पीएम मोदी ने 10 रुपये दिए दुकानदार को, लेकिन जेब से निकले थे इतने नोट, जानिए पूरी कहानी

    पीएम मोदी ने 10 रुपये दिए दुकानदार को, लेकिन जेब से निकले थे इतने नोट, जानिए पूरी कहानी

    झाड़ग्राम 
    झाड़ग्राम की गलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘झालमुड़ी प्रेम’ सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है. सुरक्षा के कड़े घेरे को तोड़कर जब पीएम मोदी एक साधारण सी दुकान पर पहुंचे, तो वहां का माहौल पूरी तरह बदल गया. अपनी जेब से पैसे निकालने से लेकर दुकानदार के साथ उनकी मजेदार बातचीत ने लोगों का दिल जीत लिया है. पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में चुनावी रैली करने के बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल को किनारे रखते हुए एक छोटी सी झालमुड़ी की दुकान पर रुकने का फैसला किया. वहां पहुंचकर उन्होंने कहा- भाई हमें अपना झालमुड़ी खिलाओ? कितने का होता है आपका झालमुड़ी? इस पर दुकानदार कहता है- आप जितने का कहेंगे उतना का खिलाएंगे। 

    इस पर पीएम मोदी दुकानदार से कहते हैं कि अच्छे वाला कितने का होता है? इस पर दुकानदार कहता है 10, 20 और 30. इस पर पीएम मोदी कहते हैं जो भी है बना दो. इसके बाद पीएम जेब से पैसे निकालते हैं. वीडियो में दिख रहा है कि उनके जेब से 50 रुपया का एक नोट, 20 रुपया का दो नोट औऱ 10 रुपये का एक नोट निकला. पीएम मोदी उसमें से 10 रुपये निकालकर दुकानदार को दे देते हैं. दुकानदार कहता है आप आए यही काफी है. इस पर मोदी कहते हैं नहीं भाई ऐसा नहीं. इस पर दुकानदार फिर कुछ कहता है और 10 रुपये गल्ले में डाल देता है. फिर दुकानदार कुछ कहता है. इस पर पीएम कहते हैं, ‘दिमाग नहीं खाते भाई’. यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी हंसने लगे. पीएम ने न केवल बड़े चाव से बंगाल के इस प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड का आनंद लिया. इस दौरान सबलोग उनको देख रहे थे। 

    जेब से निकाले 100 रुपये के आसपास, दिए केवल 10
    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि झालमुड़ी का लुत्फ उठाने के बाद प्रधानमंत्री अपनी जेब से तीन-चार नोट निकालते हैं. वीडियो को गौर से देखने पर पता चलता है कि उनकी हाथ में 50 रुपये का एक नोट, 20 रुपये के दो नोट और 10 रुपये का एक नोट था. कुल मिलाकर लगभग 100 रुपये. पीएम ने बड़ी सहजता से उनमें से 10 रुपये का नोट निकाला और दुकानदार को थमा दिया. दुकानदार, जो प्रधानमंत्री को अपने सामने देखकर दंग था, उसने पैसे लेने से मना करते हुए कहा, ‘सर, आप यहां आए यही काफी है। 

    ‘दिमाग नहीं खाते भाई’- पीएम का मजेदार जवाब
    जब दुकानदार ने पैसे लेने में संकोच किया, तो प्रधानमंत्री ने उसे डांटने के अंदाज में प्यार से कहा, ‘नहीं भाई, ऐसा नहीं होता.’ दुकानदार के बार-बार मना करने पर मोदी ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में कहा, ‘दिमाग नहीं खाते भाई, पैसे लो.’ उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी अपनी हंसी नहीं रोक पाए. पीएम ने साफ किया कि वह बिना पैसे दिए कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे. अंत में मासूम दुकानदार को प्रधानमंत्री से वह 10 रुपये लेने ही पड़े। 

    बिहार का रहने वाला है दुकानदार
    पीएम मोदी ने जिस दुकानदार की दुकान से झालमुरी खाई वो बिहार के गया का रहने वाला है। उसका नाम विक्रम साहो है। उसने न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में पीएम के साथ हुई बातचीत को साझा किया। उसने बताया कि पीएम मोदी ने उससे उसके बारे में पूछा। उन्होंने पीएम मोदी को बताया कि वो 9वीं पास है। परिवार की आर्थिक तंगी के चलते वो आगे पढ़ाई नहीं कर पाया।

    माता-पिता के बारे में भी पूछा
    पीएम मोदी ने विक्रम से उसके माता-पिता के बारे में भी पूछा। उन्होंने बताया कि परिवार में तीन लोग है। उन्होंने पीएम मोदी को अपने माता पिता का नाम भी बताया। दुकानदार ने बताया कि उनकी माता का नाम सुनीता देवी और पिता का नाम उत्तम साहो है। पीएम मोदी ने पूछा कि आपकी कितनी दुकानें हैं तो उन्होंने बताया कि सिर्फ एक ही दुकान है।
    एक बात का रह गया मलाल
    दुकानदार विक्रम ने बताया कि उन्होंने एक बात का मलाल है कि वो पीएम मोदी का ऑटोग्राफ नहीं पाया है। उसने बताया कि पीएम ने उनसे राजनीति से जुड़ी कोई बात नहीं की। उन्होंने झालमुरी के पैसे भी दिए। पीएम मोदी ने उसने कहा कि बढ़िया से रहो। मुझे बहुत अच्छा लगा कि पीएम मोदी मेरी दुकान में आए और झालमुरी खाई। 

    जनता के बीच बनी चर्चा
    यह दृश्य देखकर झाड़ग्राम की जनता हैरान रह गई. एक तरफ जहां बंगाल में करोड़ों के घोटालों की खबरें चर्चा में रहती हैं, वहीं देश के प्रधानमंत्री का एक-एक रुपये का हिसाब रखना और दुकानदार के स्वाभिमान का सम्मान करना लोगों को काफी पसंद आ रहा है. भाजपा समर्थकों का कहना है कि यह मोदी की ‘गारंटी’ और उनकी ‘सादगी’ का प्रमाण है। 

    कुल मिलाकर, झाड़ग्राम की यह छोटी सी दुकान अब इलाके में मशहूर हो गई है. प्रधानमंत्री के ‘झालमुड़ी ब्रेक’ ने न केवल स्थानीय जायके को प्रमोट किया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि सत्ता के शिखर पर बैठने के बाद भी वे अपनी जड़ों और सामान्य शिष्टाचार को नहीं भूले हैं. सोशल मीडिया पर अब लोग पीएम की जेब से निकले उन नोटों और उनकी ‘दिमाग नहीं खाने’ वाली बात पर जमकर कमेंट्स कर रहे हैं। 

  • US-Iran युद्ध फिर से छिड़ा, वैश्विक तनाव और क्रूड की कीमतें बढ़ीं

    US-Iran युद्ध फिर से छिड़ा, वैश्विक तनाव और क्रूड की कीमतें बढ़ीं

    मुंबई 

    अमेरिका और ईरान के बीच फिर जंग (US-Iran War) शुरू हो गई है. होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) पर अमेरिकी नाकाबंदी और ईरान के पलटवार ने ग्लोबल टेंशन को एक बार फिर से बढ़ा दिया है. इस बीच क्रूड की कीमतें फिर छलांग लगाने लगी हैं और ब्रेंट क्रूड करीब 6% महंगा हो गया. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को इस टेंशन का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिली. शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट दिखी, तो अगले ही पल तेज रिकवरी भी नजर आई। 

    लेकिन कुछ ही मिनटों में बाजी पलटी नजर आई और जंग की आहट व तेल के झटके से उबरते हुए सेंसेक्स-निफ्टी ने तेज रिकवरी करनी शुरू कर दी. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा चढ़कर कारोबार करता हुआ नजर आया. हालांकि, ये तेजी भी कुछ देर के लिए कायम रही और दोनों इंडेक्स फिर से फिसलते हुए नजर आए। 

    सेंसेक्स-निफ्टी की बदली चाल 
    सोमवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ रेड जोन में हुई. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले शुक्रवार के बंद 78,493 की तुलना में खुलने के साथ ही फिसलकर 78,203 के लेवल पर आ गया. हालांकि, कुछ देर बाद ही ये इंडेक्स रिकवरी मोड में आ गया और उछलकर 78,733 के लेवल पर कारोबार करने लगा. वहीं कुछ देर तेजी में कारोबार के बाद अचानक फिर गिरावट आई और सेंसेक्स 140 अंक से ज्यादा फिसल गया।

    NSE Nifty भी सेंसेक्स की तरह ही चलता हुआ नजर आया. 50 शेयरों वाला ये इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,353 की तुलना में ओपनिंग के साथ ही गिरकर 24,241 के लेवल पर आ गया, लेकिन फिर अचानक इसकी गिरावट पर भी ब्रेक लग गया और ये उछलकर 24,420 के स्तर पर कारोबार करता नजर आने लगा और फिर सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाकर ग्रीन से रेड जोन में आ गया। 

    इन शेयरों ने दिया बाजार को सपोर्ट 
    मिडिल ईस्ट में फिर टेंशन बढ़ने के साथ ही होर्मुज पर तनातनी के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल से गिफ्ट निफ्टी बुरी तरह टूटकर ट्रेड कर रहा था और इससे आशंका जताई जा रही थी कि सेंसेक्स-निफ्टी में भी गिरावट देखने को मिली. लेकिन शुरुआती गिरावट के बाद कुछ दिग्गज कंपनियों ने बाजार को सपोर्ट दिया और दोनों इंडेक्स रिकवरी मोड में आ गए। 

    सबसे तेज भागने वाले शेयरों पर नजर डालें, तो लार्जकैप कैटेगरी में शामिल SBI Share (2.10%), ICICI Bank Share (2%) और Trent Share (1.10%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप में शामिल BHEL Share (3%), AU Bank Share (1.50%), Voltas Share (1.40%) चढ़कर कारोबार कर रहे थे. स्मॉलकैप कैटेगरी पर नजर डालें, तो यहां पर CUB Share (3%), Radico Khetan Share (2.50%) की बढ़त में थे। 

     

     

     

  • रायपुर: ग्राम माकड़ी में जनसमस्या निवारण शिविर, 13 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्यों का हुआ शिलान्यास

    रायपुर: ग्राम माकड़ी में जनसमस्या निवारण शिविर, 13 करोड़ रुपये की लागत के विकास कार्यों का हुआ शिलान्यास

    रायपुर : ग्राम माकड़ी में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन

    विधायक सुउसेण्डी ने 13 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्यों की दी सौगात

    शासकीय महाविद्यालय सहित 18 निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन

    रायपुर 

    राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों का लगातार आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दूरस्थ अंचलों के गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को  कोंडागांव जिले के ग्राम माकड़ी में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों को शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और कोंडागांव विधायक सुलता उसेंडी उपस्थित रहीं। 

    विधायक सुउसेंडी ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा विकास कार्यों के साथ-साथ आम नागरिकों को व्यक्तिगत योजनाओं का लाभ भी सुनिश्चित किया जा रहा है। महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रत्येक गांव के सर्वांगीण विकास हेतु योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के माध्यम से क्षेत्र स्वस्थ बस्तर की दिशा में अग्रसर है, जिसके तहत विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य जांच की जा रही है।

    उन्होंने सभी ग्रामवासियों से अपील की कि स्वास्थ्य विभाग की टीम जब घर-घर पहुंचे, तो उन्हें सही जानकारी प्रदान करें, ताकि सभी के लिए स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कुपोषण एवं एनीमिया मुक्त समाज के निर्माण के लिए महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हेतु सामूहिक सहभागिता पर जोर दिया। साथ ही युवाओं सहित सभी नागरिकों से अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया, ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।

    कलेक्टर ने कहा कि माओवादमुक्त होने के पश्चात शासन द्वारा बस्तर क्षेत्र के समग्र विकास के लिए अनेक योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के माध्यम से सघन स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु बस्तर मुन्ने अभियान के साथ सुशासन तिहार का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, योजनाओं के शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करने के लिए ‘नियद नेल्लानार 2.0’ की भी शुरुआत की जा रही है।

    विधायक ने प्री. मेट्रिक आश्रम में क्लास रूम निर्माण कार्य लागत 19 लाख रूपए, कन्या आश्रम में क्लास रूम निर्माण कार्य लागत 19.39 लाख रूपए, प्री. मे. बालक छात्रावास में क्लासरूम निर्माण लागत 19.39 लाख रूपए, लैब निर्माण कार्य लागत 22.89 लाख रूपए, नीति आयोग द्वारा लाइब्रेरी निर्माण कार्य 42 लाख रूपए, हीरावण्डी से बालेंग तक पुल पुलिया सहित निर्माण कार्य लंबाई 6.50 किलोमीटर लागत 685.29 लाख रूपए और शासकीय महाविद्यालय माकड़ी निर्माण कार्य लागत 465.84 लाख रूपए सहित कुल लागत 13 करोड़ 79 लाख रूपए के 18 विकास कार्यो का भूमिपूजन किया  

    27 हितग्राहियों को मिली आवास की चाबी
    शिविर में ग्रामवासियों से विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर कुल 57 आवेदन प्राप्त हुए। शिविर स्थल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत 27 हितग्राहियों को आवास निर्माण पूर्ण होने पर प्रतीकात्मक चाबी वितरित, समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को 07 छड़ी और 10 हितग्राहियों को पेंशन स्वीकृति, शिक्षा विभाग द्वारा 12 जाति प्रमाण पत्र और गणवेश वितरण, श्रम विभाग द्वारा 07 श्रम कार्ड, खाद्य विभाग द्वारा 46 राशन कार्ड, उद्यान विभाग द्वारा  वर्मी बेड प्रदान किए गए। राजस्व विभाग द्वारा  किसान किताब, कृषि विभाग द्वारा  05 हितग्राहियों को उड़द बीज वितरण, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 04 हितग्राहियों को पोषण किट और 02 गोद भराई कार्यक्रम संपन्न कराया गया। इसी प्रकार पशुधन विभाग द्वारा श्रीमती योगश्वरी प्रधान को राज्य पोषित डेयरी उद्यमिता योजना से 70 हजार, उन्नत मादा वत्स पालन योजना अंतर्गत दीपेन्द्र साहू को 14 हजार 625 रूपए और श्रीमती सुपोती मरकाम को 17 हजार 550 रूपए, त्रयी सुकर योजना अंतर्गत मंगलु मरकाम और मुकेश नेताम 09-09 हजार रूपए की अनुदान राशि दी गई। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, सहकारी समिति द्वारा 06 नवीन केसीसी धारक किसानों को ऋण स्वीकृति और राजस्व विभाग द्वारा 09 किसानों को डिजिटल किसान किताब का वितरण किया गया।

    इस अवसर पर पूर्व विधायक सेवकराम नेताम, दीपेश अरोरा, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जुगबती पोयाम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रदमा बघेल एवं श्रीमती भगवती नेताम, जनपद उपाध्यक्ष बैसाखु कोर्राम, दीपेश अरोरा, जनपद सदस्य पन्नालाल नेताम, पूजा शर्मा, विरेन्द्र प्रधान, श्रीमती रूखमणी पोयाम, जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई, जनपद पंचायत सीईओ गजेंद्र धुरडे, सरपंचगण, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।