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  • मध्य प्रदेश सरकार का VVIP बेड़ा होगा हाईटेक, 24 साल बाद नया जेट और 15 साल बाद नया हेलिकॉप्टर आने की संभावना

    मध्य प्रदेश सरकार का VVIP बेड़ा होगा हाईटेक, 24 साल बाद नया जेट और 15 साल बाद नया हेलिकॉप्टर आने की संभावना

    भोपाल 
    राज्य शासन को नए सुपर मिड साइज जेट विमान और ट्विन इंजन हेलिकॉप्टर की डिलेवरी जल्द होने वाली है। राज्य सरकार को मिलने वाला आधुनिक बिजनेस जेट बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 जुलाई 2026 तक मिल सकता है। यह अत्याधुनिक विमान कनाडा की कंपनी बॉम्बार्डियर इंक. द्वारा तैयार किया जा रहा है।  राज्य सरकार इस विमान को संचालित करने के लिए अपने पायलट को विशेष प्रशिक्षण के लिएअमेरिका भेजेगी। ताकि वे इस अत्याधुनिक जेट को सुरक्षित और कुशलता से उड़ा सकें। 

    आधुनिक सुविधाओं से लैस है विमान
    करीब 236 करोड़ रुपए के चैलेंजर 3500 एक सुपर मिड-साइज जेट है, जिसमें नौ यात्रियों के बैठने की क्षमता है। इसकी केबिन ऊंचाई लगभग 6 फीट और चौड़ाई 7 फीट 2 इंच है। यह विमान करीब 459 नॉट्स यानी 850 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है और लगभग 6,297 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है। इसके अलावा, यह 45,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है और कम लंबाई वाले रनवे (करीब 1,474 मीटर) से भी उड़ान भर सकता है। विमानन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला ने बताया कि जून-जुलाई 2026 में डिलीवरी का समय है।   

    H160 हेलीकॉप्टर 2027 तक बेड़े में शामिल होगा
    राज्य सरकार का करीब 170 करोड़ का अत्याधुनिक H160 हेलीकॉप्टर जनवरी 2027 तक बेड़े में शामिल हो जाएगा। यह हेलीकॉप्टर फ्रांस की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी एयरबस हेलीकॉप्टर द्वारा निर्मित है। बताया जा रहा है कि भारत में फिलहाल इस मॉडल के केवल 5 से 6 हेलीकॉप्टर ही संचालित हो रहे हैं। 

    हर मौसम और रात में उड़ान भरने में सक्षम
    विमानन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, H160 हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और हर मौसम में उड़ान भरने के साथ-साथ रात में भी संचालन करने में सक्षम है। इस हेलीकॉप्टर की खासियत इसकी अल्ट्रा-क्वाइट यानी बेहद कम शोर वाली तकनीक है। इसमें अत्याधुनिक जेट इंजन, पूरी तरह वॉयस कंट्रोल्ड कॉकपिट, एडवांस एवियोनिक्स सिस्टम और बेहतर सुरक्षा के लिए बाई-प्लेन स्टेबलाइजर दिया गया है। 

    20 हजार फीट की ऊंचाई और 890 किमी की रेंज
    H160 हेलीकॉप्टर की प्रमुख खूबियां में यह है कि यह 20 हजार फीट की अधिकमत ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। इसकी रेंज 890 किमी हैं। इसके एक साथ आठ यात्री बैठ सकते है। हेलीकॉप्टर का इंटीरियर लग्जरी और सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। 

    2002 में खरीदा था पुराना विमान 
    सुपर किंग बी-200- यह विमान राज्य शासन ने वर्ष 2002 में रेथ्यॉन एयरक्राफ्ट कंपनी से 23 करोड़( 47,56,804 अमेरिकन डॉलर) में खरीदा था। यह सात सीटर है। ये 3000 हजार घंटे उड़ान कर चुका है। 2021 के दौरान ग्वालियर एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। न तो उसकी मरम्मत कराई गई और न ही अब तक नया विमान खरीदा जा सका है। स्थिति यह है कि सरकार के पास फिलहाल संचालन योग्य कोई फिक्स्ड-विंग विमान नहीं है और हेलिकॉप्टरों की संख्या भी जरूरत के मुकाबले कम है। इसी कारण सरकारी यात्राओं के लिए निजी एविएशन कंपनियों पर निर्भरता लगातार बढ़ी है, जिससे खर्च में भी इजाफा हुआ है।

    पुराने यूरोकॉप्टर की जगह लेगा नया चॉपर
    शासन ने ईसी-155, बी-1 हेलीकॉप्टर वर्ष 2011 में फ्रांस की यूरोकॉप्टर कंपनी से खरीदा था। यह उड़ान भर रहा है। इसे 10.5 मिलियन यूरो में खरीदा गया था। दो इंजन है। छह सीटर है। इसका मेंटेनेंस खर्च बढ़ रहा है। पुराने हेलीकॉप्टर की देखरेख पर बढ़ रहे खर्च के कारण सरकार ने अधिक आधुनिक और किफायती विकल्प चुनने का निर्णय लिया। राज्य सरकार के वरिष्ठ पायलट कैप्टन इस हेलीकॉप्टर के संचालन की दो माह की विशेष ट्रेनिंग के लिए फ्रांस जाएंगे। 

     2003 और 1998 में खरीदे थे दो हेलीकॉप्टर 
    सरकार ने इससे पहले 2003 में हेलिकॉप्टर बैल-407 अमेरिका से 9 करोड़ रुपए में खरीदा था। यह चार सीटर था। इसके अलावा वर्ष 1998 में अमेरिका से ही 21 करोड़ रुपए हेलिकॉप्टर बैल-430, टेक्सट्रान खरीदा था। यह दो इंजिन का छह सीटर हेलीकॉप्टर था। इनको बहुत पुराने होने के विमानन विभाग ने बेड़े से पहले ही बाहर कर दिया। 

    प्रदेश में किराए पर भारी भरकम राशि खर्च 
    विधानसभा में पेश जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश सरकार का हवाई यात्रा खर्च लगातार बढ़ रहा है। हाल के कुछ वर्षों में किराये के विमान और हेलिकॉप्टरों पर खर्च औसतन 20 से 21 लाख रुपए प्रतिदिन तक पहुंच गया है। यह जानकारी विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में विधानसभा में दी गई। आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2021 से नवंबर 2025 के बीच सरकार ने निजी विमान और हेलिकॉप्टर किराये पर लेने के लिए करीब 290 करोड़ रुपए खर्च किए। इनमें सिर्फ 2025 के पहले 11 महीनों में ही 90.7 करोड़ रुपए खर्च हुए, जो अब तक का सबसे अधिक वार्षिक खर्च है। सरकार ने बताया कि जनवरी 2024 से नवंबर 2025 के बीच लगभग दो वर्षों में 143 करोड़ रुपए खर्च हुए, जो औसतन 6.2 करोड़ रुपए प्रति माह है। वहीं 2021 से 2023 के बीच तीन वर्षों में खर्च 147 करोड़ रुपए रहा। विधानसभा दस्तावेजों के अनुसार, वर्ष 2023 में विमान और हेलिकॉप्टर किराये की दरों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई। सरकार ने इसके पीछे कोविड के बाद बढ़ी मांग, ईंधन लागत और मेंटेनेंस खर्च बढ़ने को वजह बताया है।

    प्रदेश के 31 जिलों में विमानतल और हवाई पटि्टयां उपलब्ध 
    प्रदेश में विमानन विभाग एवं विमानन संचालनायल को गठन 1 जून 1982 को किया गया। इस विभाग का काम अतिविशिष्ट व्यक्तियों के लिए शासकीय विमान/हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराना, शासन के बेड़े के विमान/हेलीकॉप्टरों का संधारण तथा परिचालन, प्रदेश में वायु सेवाओं का विस्तार के लिए स्वयं के संसाधनों से हवाई पट्टियों का विकास एवं क्षेत्रीय संपर्कता नीति के अंतर्गत राज्य के अंदर और बाहर वायु सेवा का विस्तार करना है। बता दें मध्य प्रदेश के 55 जिलों में से 31 जिलों में विमानतल और हवाई पटि्टयां उपलब्ध हैं। 

     

  • योगी सरकार की पहल से प्रयागराज में विदेशी श्रद्धालुओं की बढ़ी रुचि, आध्यात्मिक पर्यटन को मिली गति

    योगी सरकार की पहल से प्रयागराज में विदेशी श्रद्धालुओं की बढ़ी रुचि, आध्यात्मिक पर्यटन को मिली गति

    योगी सरकार में विदेशी श्रद्धालुओं का बढ़ा भरोसा, प्रयागराज बना आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र

    एक साल में 20.53 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे प्रयागराज, संगम नगरी की बढ़ी लोकप्रियता

    आस्था और संस्कृति का आकर्षण: यूपी में विदेशी मेहमानों की पहली पसंद बना प्रयागराज

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली नीतियों के चलते विदेशी पर्यटकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण प्रयागराज के रूप में सामने आया है, जहां वर्ष 2025 में 20,53,918 से अधिक विदेशी श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि संगम नगरी केवल देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों के लिए आस्था और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। 

    सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक संगम नगरी पहुंचे 
    प्रयागराज में 20,53,918, वाराणसी में 3,21,358, मथुरा में 1,42,134, अयोध्या में 65,487 विदेशी पर्यटक साल 2025 में पहुंचे। प्रयागराज सदियों से गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां की धार्मिक मान्यताएं, प्राचीन मंदिर, घाट, आश्रम और आध्यात्मिक वातावरण विदेशी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। विदेशी श्रद्धालु संगम स्नान, पूजा-अर्चना, योग, ध्यान और भारतीय संस्कृति को करीब से समझने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। खासतौर पर माघ मेला, कुम्भ और धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।

    योगी सरकार की नीतियों से बढ़ा विश्वास

    उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है, जिससे विदेशी पर्यटकों में विश्वास बढ़ा है। पर्यटन स्थलों पर पुलिस व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, साफ-सफाई, बेहतर सड़क संपर्क, एयरपोर्ट और रेलवे सुविधाओं में सुधार का सकारात्मक असर देखने को मिला है। प्रयागराज में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, घाटों के सुंदरीकरण, प्रकाश व्यवस्था और आधुनिक व्यवस्थाओं ने भी विदेशी मेहमानों को आकर्षित किया है। सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के विकास और प्रचार-प्रसार से प्रदेश की छवि वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है।

    आध्यात्मिक पर्यटन का बनता वैश्विक केंद्र

    पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रयागराज केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनकर उभर रहा है। यूरोप, अमेरिका, रूस, जापान, नेपाल, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। विदेशी मेहमान भारतीय परंपराओं, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन शैली से प्रभावित हो रहे हैं। वर्ष 2025 में 20 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों का आगमन इस बात का प्रमाण है कि प्रयागराज की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हुई है। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिससे प्रदेश के पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

    धार्मिक आयोजनों में प्रयागराज ने रचा इतिहास

    प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 ने दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में नया इतिहास रचा। 45 दिवसीय इस भव्य आयोजन में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। महाकुंभ 13 जनवरी 2025 से प्रारंभ हुआ और 144 वर्षों बाद बने विशेष संयोग के कारण देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे। प्रतिदिन औसतन एक करोड़ से ज्यादा लोगों की मौजूदगी दर्ज की गई। वहीं मात्र 33 दिनों में 50 करोड़ श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार होना अपने आप में विश्व रिकॉर्ड है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 7-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। साथ ही 300 से अधिक गोताखोर तैनात किए गए और 10 लाख से अधिक लोगों के ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई थी।

  • ‘झालमुड़ी खाई, मिर्ची TMC को लगी…’, पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी ने TMC पर किया हमला

    ‘झालमुड़ी खाई, मिर्ची TMC को लगी…’, पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी ने TMC पर किया हमला

    कृष्णानगर 
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर में एक जनसभा को संबोधित किया. यहां हुई विजय संकल्प सभा में पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार और सीएम ममता बनर्जी पर हमला बोला और उनकी सरकार की नीतियों-नियमों की आलोचना की. जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने चुनावी माहौल पर बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि झालमुड़ी मैंने खाई है, पर मिर्ची टीएमसी को लग रही है। 

    टीएमसी पर पीएम मोदी का निशाना
    असल में अभी हाल ही में पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल में झालमुड़ी खाई थी, जो चर्चा का विषय बन गई थी. इसी पर सीएम ममता ने पीएम पर निशाना साधते हुए कहा था कि 'यह कोरा नाटक था, झालमुड़ी की दुकान में माइक लगा दिया, फिर एसपीजी से झालमुड़ी बनवाई ताकि एक ड्रामा रचा जा सके! कभी चुनाव के समय वह गुफा में चले जाते हैं, कभी खुद को चायवाला बताते हैं! उन्होंने 10 रुपये निकालकर झालमुड़ी खाई, जरा सोचिए. वह झालमुड़ी पहले से ही उनके लिए तैयार की गई थी. अगर ऐसा नहीं था, तो दुकान के अंदर कैमरा क्यों लगाया गया था? उनसे पूछिए. सब ड्रामा है!'

    चार मई को मिठाई भी बंटेगी और झालमुड़ी भी
    पीएम मोदी ने ऐसी ही बयानों पर हमला बोलते हुए कहा कि चार मई को मिठाई भी बंटेगी और झालमुड़ी भी बांटी जाएगी. पीएम मोदी ने कहा कि, राज्य में पहले चरण की वोटिंग चल रही है और वह सभी मतदाताओं का अभिनंदन करते हैं. प्रधानमंत्री ने लोगों से अपील की कि इस बार मतदान का नया रिकॉर्ड बनाया जाना चाहिए। 

    पीएम मोदी ने चुनावी हिंसा के मुद्दे पर भी बात की. उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों में यह पहला चुनाव है, जिसमें हिंसा काफी कम देखने को मिली है. उन्होंने इसे चुनाव आयोग की बड़ी सफलता बताया। 

    अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने स्थानीय संस्कृति का भी जिक्र किया और ‘झालमुरी’ को लेकर तंज कसते हुए कहा कि 4 मई को बंगाल में बीजेपी की जीत का जश्न मनाया जाएगा, जिसमें मिठाई भी बांटी जाएगी और झालमुरी भी. उन्होंने कहा कि “मैंने सुना है कि झालमुरी ने कुछ लोगों को झन्नाटेदार झटका दिया है. मैंने झालमुरी खाई है, लेकिन ‘झाल’ टीएमसी को लगा है। 

    प्रधानमंत्री के इस बयान को तृणमूल कांग्रेस पर सीधा हमला माना जा रहा है. रैली के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और पीएम मोदी ने एक बार फिर बंगाल में सत्ता परिवर्तन का भरोसा जताया। 

  • झारखंड बोर्ड 10वीं रिजल्ट जारी, 95% पास, रिजल्ट jacresults.com पर चेक करें

    झारखंड बोर्ड 10वीं रिजल्ट जारी, 95% पास, रिजल्ट jacresults.com पर चेक करें

    रांची 

    झारखंड अकादमिक काउंसिल (JAC) ने कक्षा 10वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में शीर्ष स्थान के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिली। बोर्ड ने टॉप-3 की पूरी मेरिट लिस्ट जारी की है। चार-चार छात्रों ने संयुक्त रूप से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया है। चार छात्रों (2 लड़कियां और 2 लड़के) ने 500 में से 498 अंक यानी 99.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं अगर जिलावार प्रदर्शन की बात करें तो गुमला जिला ने 99.32% उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ पूरे प्रदेश में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। दुमका और पाकुड़ जिले शीर्ष तीन जिलों में शामिल रहे। वहीं, रांची, हजारीबाग, गुमला, सिमडेगा समेत विभिन्न जिलों के छात्रों ने मैट्रिक परीक्षा के टॉपर्स लिस्ट में अपना दबदबा बनाया है। अधिक जानकारी के लिए छात्र अपना रोल नंबर और अन्य विवरण दर्ज करके आधिकारिक वेबसाइट jac.jharkhand.gov.in पर रिजल्ट देख सकते हैं।

    पिछले साल झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने पहले इंटरमीडिएट साइंस और कॉमर्स का परिणाम जारी किया था और उसके बाद आर्ट्स का। वहीं 12वीं से पहले जैक बोर्ड 10वीं का परिणाम जारी हुआ था। देखना होगा कि क्या इस बार भी जैक बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 12वीं से पहले घोषित होता है। रिजल्ट घोषित होने पर छात्र आधिकारिक पोर्टल के अलावा लाइव हिन्दुस्तान (livehindustan.com) पर भी अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं।

    प्रथम श्रेणी पाने वाले छात्रों की संख्या 2.26 लाख पार

    झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा घोषित 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणामों में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। प्रथम श्रेणी प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या 2.26 लाख से अधिक हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष कुल 2.26 लाख से ज्यादा छात्र प्रथम श्रेणी में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हुए हैं। बड़ी संख्या में छात्रों ने उच्च अंक प्राप्त कर न सिर्फ अपनी मेहनत का फल पाया बल्कि राज्य के शैक्षणिक रिकॉर्ड को भी नई ऊंचाई दी है।

     दक्षिण छोटानागपुर में लड़कियों ने लड़कों को पछाड़ा
     दक्षिण छोटानागपुर संभाग की लड़कियों ने परीक्षा परिणाम में लड़कों को काफी बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है। संभाग में लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 96.25% रहा, जबकि लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.03% रहा। इस प्रकार लड़कियों ने लड़कों को 2.22 प्रतिशत के अंतर से पछाड़ दिया। 

     इस बार 4 लाख से अधिक छात्र पास
     झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की कक्षा 10वीं की परीक्षा 2026 में अभूतपूर्व सफलता मिली है। इस वर्ष कुल 4,02,178 छात्र-छात्राएं मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण कर सफलता हासिल की है। इस शानदार परिणाम के साथ जेएसी 10वीं का पास प्रतिशत हाल के वर्षों में सबसे मजबूत रहा है। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, चार लाख से अधिक छात्रों के उत्तीर्ण होने से यह परिणाम राज्य की शैक्षणिक प्रगति का प्रतीक बन गया है।

     प्रियंशु कुमारी ने किया 10वीं टॉप
    झारखंड अकादमिक परिषद (JAC) ने वर्ष 2026 की जेएसी 10वीं (मैट्रिक) परीक्षा के लिए शीर्ष 3 छात्रों की पूरी मेरिट सूची जारी कर दी है। इस बार प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर कुल 12 छात्रों का कब्जा रहा है। चार-चार छात्रों ने प्रथम स्थान, चार-चार ने द्वितीय स्थान और चार-चार छात्रों ने तृतीय स्थान हासिल किया है। शीर्ष स्थान के लिए हुई कड़ी टक्कर इस वर्ष के नतीजों की खासियत रही। मेरिट लिस्ट में रांची, हजारीबाग, गुमला, सिमडेगा समेत अन्य जिलों के छात्रों ने अपना दबदबा बनाया है।

     छात्र इस तरह डाउनलोड कर सकते हैं स्कोरकार्ड
    झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) बोर्ड की 10वीं कक्षा का रिजल्ट 2026 आज जारी कर दिया गया है। छात्र अब अपना रिजल्ट आसानी से ऑनलाइन देख और डाउनलोड कर सकते हैं। JAC बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 चेक करने और स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए छात्र इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा…

        सबसे पहले JAC बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट    jacresults.com या jac.jharkhand.gov.in पर जाएं
        होमपेज पर 'JAC Board 10th Result 2026' वाले लिंक पर क्लिक करें
        इसके बाद अपना रोल नंबर और रोल कोड (एडमिट कार्ड के अनुसार) दर्ज करें
        इसके बाद Submit बटन पर क्लिक करें
        इसके बाद आपका JAC मैट्रिक रिजल्ट 2026 आपके सामने स्क्रीन पर होगा
        इसे आप डाउनलोड भी कर सकते हैं, साथ ही प्रिंट भी निकाल सकते हैं

    छात्रों को ओरिजिनल मार्कशीट और सर्टिफिकेट कहां से मिलेगा?
     झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। पास होने वाले छात्रों को बहुत जल्द ही मूल मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट संबंधित स्कूलों से प्राप्त होंगे। JAC के अनुसार, छात्रों को रिजल्ट आने के तुरंत बाद ऑनलाइन अंक प्राप्त हो जाएंगे, लेकिन उनकी ओरिजिनल मार्कशीट और प्रमाण-पत्र स्कूल के माध्यम से दिए जाएंगे। छात्रों को अपनी मार्कशीट और सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए अपने संबंधित स्कूल से संपर्क करना होगा। बता दें कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा रिजल्ट जारी होने के कुछ दिनों बाद ही सभी छात्रों की ओरिजिनल मार्कशीटें संबंधित स्कूलों को भेज दी जाती हैं, जहां से छात्र प्राप्त कर सकते हैं।

  • बंगाल वोटिंग में हिंसा: हुमायूं कबीर की कार पर हमला, सुवेंदु सरकार को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

    बंगाल वोटिंग में हिंसा: हुमायूं कबीर की कार पर हमला, सुवेंदु सरकार को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

     कोलकाता

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया है. एक तरफ मतदाता भारी संख्या में पोलिंग बूथों पर पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राज्य के विभिन्न हिस्सों से आगजनी, मारपीट और तोड़फोड़ के गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। मुर्शिदाबाद, कूचबिहार, सिलिगुड़ी और मालदा में जमकर बवाल हो रहा है. मुर्शिदाबाद में उपद्रवियों ने हुमायूं कबीर की कार पर लाठी और ईंटों से हमला किया। 

    मुर्शिदाबाद के नौदा में उस समय हड़कंप मच गया जब AJUP प्रमुख और रेजीनगर से उम्मीदवार हुमायूं कबीर के काफिले पर उपद्रवियों ने ईंटों और लाठियों से हमला कर दिया. इस दौरान टीएमसी और एजेयूपी कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प हुई. कबीर की पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई. उन्होंने इस हमले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। 

    कूचबिहार में केंद्रीय बलों का एक्शन
    कूचबिहार के तूफानगंज इलाके में मतदान के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई. स्थिति को नियंत्रण से बाहर होता देख वहां तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने मोर्चा संभाला. सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज कर और भीड़ को खदेड़कर स्थिति को तितर-बितर किया. आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व मतदाताओं को डराने का प्रयास कर रहे थे, जिसके बाद जवानों को बल प्रयोग करना पड़ा। 

    मुर्शिदाबाद-कूचबिहार में बवाल
    दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज (Kumarganj) विधानसभा क्षेत्र से एक बेहद विचलित करने वाली घटना सामने आई है. यहाँ के भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों ने हमला कर दिया. बताया जा रहा है कि सुवेंदु सरकार को सूचना मिली थी कि एक विशेष बूथ पर 'बूथ जैमिंग' की जा रही है. जब वे अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे, तो उन पर लाठियों और घूंसों से हमला किया गया. सुवेंदु सरकार ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में टीएमसी के गुंडों ने उन्हें पीटा। 

    मालदा में हंगामा
    मालदा के मोथाबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में बालुआचारा हाई स्कूल स्थित मतदान केंद्र के बाहर EVM में खराबी आने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. चुनाव आयोग के अधिकारी के पहुंचने में देरी होने पर वोटर भड़क गए और उन्होंने अधिकारी को घेर लिया और बंधक सा बना लिया. कई मतदाता अफसर की बांह पकड़कर उन्हें खींचते हुए और उनके साथ हाथापाई करते हुए दिखाई दिए। 

    तृणमूल कैंप ऑफिस में तोड़फोड़
    मालदा जिले के हरिश्चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब तृणमूल कांग्रेस के ही दो गुट आपस में भिड़ गए. यह विवाद इतना बढ़ गया कि राज्य के निवर्तमान मंत्री ताज़मुल हुसैन के पैतृक गांव बांगरुआ (बूथ संख्या 200 और 201) में टीएमसी के एक चुनावी कैंप ऑफिस में जमकर तोड़फोड़ की गई। 

    हरिश्चंद्रपुर-I ब्लॉक पंचायत समिति में टीएमसी के नेता स्वपन अली ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मंत्री ताजमुल हुसैन और उनके समर्थक खुलेआम कांग्रेस पार्टी के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं. स्वपन अली का आरोप है कि मंत्री के ही निर्देश पर उनके समर्थकों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर टीएमसी के कैंप ऑफिस पर हमला किया, पार्टी के झंडे फाड़े और बैनरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। 

    सिलीगुड़ी में भिड़े TMC और बीजेपी कार्यकर्ता भिड़े
    सिलीगुड़ी के जगदीश चंद्र विद्यापीठ स्थित बूथ संख्या 26/237 पर वोटिंग के बीच मतदान केंद्र के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच अचानक बहस शुरू हो गई. देखते ही देखते यह विवाद गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। 

    घटना के वक्त इलाके से बीजेपी उम्मीदवार शंकर घोष भी मौके पर मौजूद थे. केंद्र पर तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया. सुरक्षा बलों की मुस्तैदी की वजह से प्रिय घटना टल गई और मतदान की प्रक्रिया को फिर से सुचारू रूप से शुरू कराया जा सका। 

    '5 स्पेशल ट्रेनों से वोटर लाए गए'
    आसनसोल उत्तर सीट से टीएमसी प्रत्याशी मलय घटक ने दावा किया कि वोटिंग से एक दिन पहले रात में पांच विशेष ट्रेनें राज्य में पहुंची हैं, जिनमें से चार गुजरात और एक मध्य प्रदेश से आई हैं. बिहार से भी बसों के जरिए बाहरी लोगों को लाया गया है. उनकी टीम ने इन बसों और संदिग्ध गतिविधियों के फोटो और अन्य सबूत जुटाए हैं. मामले की शिकायत चुनाव आयुक्त से की गई है। 

    गाड़ी में EVM मिलने का दावा
    जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम को लेकर विवाद हो गया. श्रीपुर इलाके में एक सड़क किनारे ढाबे के पास खड़ी एक गाड़ी में ईवीएम मिलने का आरोप सामने आया है, जिससे चुनावी माहौल गरमा गया. स्थानीय लोगों और विपक्षी नेताओं का कहना था कि 'ऑन इलेक्शन ड्यूटी- जमुरिया AC 279' लिखी गाड़ी में कई रिजर्व EVM रखी हुई थीं, लेकिन मौके पर कोई सुरक्षा कर्मी नहीं था। 

  • बद्रीनाथ धाम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच खुले द्वार, जयकारों से गूंजे पूरी घाटी

    बद्रीनाथ धाम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच खुले द्वार, जयकारों से गूंजे पूरी घाटी

     

    चमोली
    विश्व प्रसिद्ध चारधाम में शुमार भू बैकुंठ बदरीनाथ धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार और विधि विधान से खोल दिए गए हैं. भगवान बदरी विशाल के कपाट सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर 6 महीने के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए. इस मौके पर बदरीनाथ मंदिर को करीब 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया. जिससे धाम की छटा देखते ही बन रही है. इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। 

    सुबह 6:15 बजे खुले बदरीनाथ धाम के कपाट:बता दें कि गुरुवार यानी 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनों के लिए खोल दिए गए हैं. कपाट खुलते ही पूरा मंदिर परिसर 'जय बदरी विशाल' के जयकारों से गूंज उठा. इस मौके पर हजारों लोग कपाट खुलने के साक्षी बने. जो भगवान बदरी विशाल के दर्शन और खास पल के साक्षी बन कर खुद को भाग्यशाली मानते दिखे. कपाट खुलते ही भक्तों की लाइन दर्शनों के लिए लग गई हैं. खुद सीएम धामी बदरीनाथ में मौजूद हैं। 

    आस्था, भक्ति और श्रद्धा से जुड़े चारधाम यात्रा का आगाज:वहीं, अब बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 पूरी तरीके से सुचारू हो गई है. गौर हो कि सबसे पहले यानी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खोल दिए गए थे. जिसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट भी खोले गए. इसके साथ ही अब आस्था, भक्ति और श्रद्धा से जुड़ा चारधाम यात्रा का आगाज हो गया है. चारधाम यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह श्रद्धालुओं में देखने को मिल रहा है। 

    बदरीनाथ धाम में तमाम व्यवस्थाएं जुटाई गई हैं. बदरी केदारनाथ मंदिर समिति से लेकर पुलिस ने सारी व्यवस्थाएं चाक चौबंद की है. ताकि, देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े. चमोली एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने चारधाम यात्रा ड्यूटी में तैनात पुलिस बल को भीड़ नियंत्रण के साथ यात्रियों के साथ 'अतिथि देवो भवः' एवं उत्तराखंड पुलिस की थीम 'मित्रता, सेवा, सुरक्षा' की भावना के अनुरूप व्यवहार करने को कहा है. ताकि, श्रद्धालु उत्तराखंड से पॉजिटिव अनुभव लेकर लौटें। 

    क्यों कहा जाता है बदरीनाथ धाम को भू यानी धरती का बैकुंठ?बता दें कि भगवान विष्णु को समर्पित बदरीनाथ धाम चमोली जिले में अलकनंदा नदी तट पर स्थित है. जो हिंदुओं के प्रमुख और अहम तीर्थ स्थलों में ये एक है. यह मंदिर समुद्र तल से करीब 3,133 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद है. जो देश के चारधाम (बदरीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम) के अलावा यह छोटे चारधाम (उत्तराखंड के चारधाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ) में भी से एक है। 

    बदरीनाथ धाम को भू बैकुंठ यानी धरती का बैकुंठ भी कहा जाता है. यहां मंदिर परिसर में 15 मूर्तियां हैं. जिनमें सबसे प्रमुख भगवान विष्णु की एक मीटर ऊंची काले पत्थर (शालिग्राम) की प्रतिमा है. बदरीनाथ धाम में भगवान विष्णु ध्यान मग्न मुद्रा में विराजमान हैं. जबकि, भगवान विष्णु के प्रतिमा के बगल में कुबेर जी, लक्ष्मी जी और नारायण जी की मूर्तियां है। 

    बदरीधाम में बदरी नारायण के 5 स्वरूपों की पूजा-अर्चना होती है. भगवान विष्णु के इन 5 रूपों को 'पंच बदरी' के नाम से भी जाना जाता है. बदरीनाथ के मुख्य मंदिर के अलावा अन्य चार बद्रियों के मंदिर भी चमोली जिले में ही स्थित हैं. बदरीनाथ पांचों मंदिरों में से मुख्य एवं अहम है. इसके अलावा योगध्यान बदरी, भविष्य बदरी, वृद्ध बदरी और आदिबदरी शामिल हैं। 

    दक्षिण भारत से आते हैं बदरीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी: माना जाता है कि भगवान नारायण यानी विष्णु को समर्पित बदरीनाथ मंदिर को आदि गुरु शंकराचार्य ने चारों धाम (बदरीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम) में से एक के रूप में स्थापित किया था. यह मंदिर 3 भागों में बंटा हुआ है. जिसमें गर्भगृह, दर्शन मंडप और सभामंडप शामिल हैं. शंकराचार्य व्यवस्था के तहत बदरीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी दक्षिण भारत के केरल राज्य से आते हैं। 

  • पंजाब विधानसभा चुनाव में अकेले मैदान में उतरेगी BJP, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा – पिछली बार कम सीटें मिलीं, लेकिन जुड़ाव कम नहीं हुआ

    पंजाब विधानसभा चुनाव में अकेले मैदान में उतरेगी BJP, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा – पिछली बार कम सीटें मिलीं, लेकिन जुड़ाव कम नहीं हुआ

    चंडीगढ़ 

    पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में शिरोमणि अकाली दल (SAD) व भारतीय जनता पार्टी (BJP) में गठबंधन की अटकलों पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने विराम लगा दिया। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि पंजाब में भाजपा अकेले चुनाव लड़ेगी।

    नितिन नबीन ने साफ कहा कि भाजपा पंजाब में इस चुनाव में नए स्वरूप में दिखेगी। पार्टी चुनाव मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसमें किसी का सहयोग नहीं होगा।

    उन्होंने कहा- पंजाब का मिजाज हमेशा भाजपा के साथ रहा है और भाजपा पंजाब के मिजाज को समझती है। हमने कभी भी पंजाब के मूल्यों के साथ समझौता नहीं किया। हमें पंजाब में सीटें कम मिलीं, इसके बावजूद पंजाब से भाजपा का जुड़ाव हमेशा बना रहा।

    नितिन नबीन ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) अपने कृत्यों के कारण हारने वाली है। इसमें कोई दो राय नहीं है। पंजाब में जनाधार स्थापित करना निश्चित तौर पर हमारे लिए चुनौती रही है। हमने जनसंघ के समय से पंजाब में निरंतर काम किया और लोगों के साथ हमारा सीधा जुड़ाव है।

    पंजाब में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेगी BJP- अमित शाह

    भारतीय जनता पार्टी 2027 में अपनी सरकार बनाने जा रही है. मैं पंजाब की माताओं-बहनों और बुजुर्गों से आशीर्वाद मांगने आया हूं. आप हमको आशीर्वाद दीजिए, हमारी ताकत बढ़ाइए. अगर पंजाब को नशे से कोई मुक्त कर सकता है, तो केवल और केवल नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है. पंजाब को नशे से मुक्त करवाना है, तो डबल इंजन की भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाना है. भारतीय जनता पार्टी पंजाब में सरकार बनाने के लिए जी जान लगा देगी। 

    सुखबीर सिंह बादल बोले- हर पार्टी को फैसला लेना का हक
    वहीं भारतीय जनता पार्टी के आगामी विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने के ऐलान के साथ ही पंजाब में सियासत गरमा गई है. शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा, 'मोस्ट वेलकम है. हर पार्टी को अपना फैसला लेने का हक है. हमारे लिए पंजाब पहले है और पंजाब के लोग पहले हैं। 

  • लुधियाना के स्कूलों में बम की धमकी से हड़कंप, पुलिस ने ईमेल मिलने के बाद बढ़ाई सुरक्षा

    लुधियाना के स्कूलों में बम की धमकी से हड़कंप, पुलिस ने ईमेल मिलने के बाद बढ़ाई सुरक्षा

    लुधियाना
    लुधियाना के स्कूलों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल जारी हुआ है। फिलहाल चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, बीआरएस नगर का डीएवी पब्लिक स्कूल शामिल है।

    धमकी भरा ई-मेल जारी होने के बाद स्कूलों ने अभिभावकों के ग्रुपस में जानकारी शेयर की और पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर दिया। स्प्रिंग डेल स्कूल ने तो बच्चों की छुट्टी कर दी। फिलहाल स्कूल में पुलिस की ओर से चैकिंग चल रही है।

    इससे पहले 10 मार्च को भी लुधियाना के कुछ स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिससे हड़कंप मच गया था। सुबह करीब 7 बजे ई-मेल के जरिए सीबीएसई से संबंधित 3 स्कूलों को धमकी भरा संदेश मिला था, जिसमें स्कूल परिसर में बम होने की बात कही गई थी।

    धमकी भरा मेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं थी और स्कूल परिसरों की गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया था।

    सुबह 9.15 पर मिली धमकी भरी ईमेल
    स्कूल के प्रिंसिपल अनिल शर्मा ने बताया कि सुबह करीब 9:15 बजे स्कूल को एक ईमेल के जरिए धमकी मिली। ईमेल में स्कूल को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। धमकी मिलते ही स्कूल प्रशासन ने बिना देरी किए सभी विद्यार्थियों के अभिभावकों को सूचित किया और करीब 2500 छात्रों को सुरक्षित घर भेज दिया।

    स्कूल की चेयरपर्सन अविनाश कौर वालिया ने बताया कि जब ई-मेल मिला, उस समय स्कूल में बच्चे मौजूद थे। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और एहतियात के तौर पर सभी बच्चों को सुरक्षित घर भेज दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:30 बजे स्कूल प्रबंधन को एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि शहर के कई स्कूलों और रेलवे ट्रैक को निशाना बनाया जा सकता है। ई-मेल में यह भी कहा गया कि ‘ब्लैकआउट’ के कारण 23 और 24 अप्रैल को बड़े धमाके हो सकते हैं।

    धमकी के बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने रेलवे लाइनों की भी बारीकी से जांच शुरू कर दी है। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। साइबर सेल की मदद से ई-मेल आईडी को ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। पूरे शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और हर जगह निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि यह शरारत है या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।

    स्टाफ और अभिभावकों में चिंता का माहौल
    प्रिंसिपल अनिल शर्मा ने बताया कि स्कूल में इस तरह की धमकी पहली बार मिली है, जिससे स्टाफ और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। स्कूल प्रबंधन ने धमकी भरे ईमेल की आईडी पुलिस को सौंप दी है, जिसके आधार पर आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

    मामले की हर एंगल से जांच-पुलिस
    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले को गंभीरता से लिया गया है और हर एंगल से जांच की जा रही है। जल्द ही सच्चाई सामने लाने का दावा किया गया है।

  • खेलों के माध्यम से बस्तर में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    खेलों के माध्यम से बस्तर में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन बदलते बस्तर की सशक्त पहचान : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    जनजातीय अंचल में खेलों के जरिए बदलाव की नई लहर – सचिन तेंदुलकर का दौरा प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    खेलों के माध्यम से बस्तर में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज माँ दंतेश्वरी की पावन धरा पर भारत रत्न और क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर के आगमन पर सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि दंतेवाड़ा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र छिंदनार ग्राम में सचिन तेंदुलकर का आगमन बदलते हुए बस्तर की सशक्त पहचान है। यह उस नए बस्तर की तस्वीर प्रस्तुत करता है, जो अब भय और असुरक्षा की छाया से निकलकर विकास, अवसर और आत्मविश्वास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पहल बस्तर के युवाओं को नई दिशा देंगी और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित करेंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सचिन तेंदुलकर द्वारा बच्चों के बीच जाकर समय बिताना, उन्हें खेलों के प्रति प्रेरित करना और उनके भीतर आत्मविश्वास का संचार करना इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। इससे न केवल खेल प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा, बल्कि युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार 
    होगा।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  कहा कि सचिन तेंदुलकर का बस्तर आगमन प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और उनका आगमन यहां के बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रेरणा का एक सशक्त स्रोत बनेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन एवं  माणदेशी फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘मैदान कप अभियान’ खेल अधोसंरचना के विकास की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। विशेष रूप से जनजातीय अंचलों में बच्चों को खेल मैदान और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का यह प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल और युवा विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है तथा भविष्य में भी इस दिशा में निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।

    दंतेवाड़ा के ग्राम छिंदनार में सचिन तेंदुलकर ने रखी खेल क्रांति की नींव

    सचिन एवं मानदेशी फाउंडेशन के जरिए संवरेगा वनांचल का युवाओं के भविष्य’

    स्थानीय खेल प्रतिभाओं के लिए  बुनियादी खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए फाउंडेशन प्रतिबद्ध

    छात्र जीवन में प्रतिभा के साथ-साथ अनुशासन एवं कड़ी मेहनत सर्वाधिक जरूरी- तेंदुलकर
     
    छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का स्वामी आत्मानंद हिन्दी मिडियम हाई स्कूल छिंदनार गाँव बुधवार को एक ऐतिहासिक बदलाव का साक्षी बना, जहाँ क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने सचिन तेंदुलकर एवं मानदेशी फाउंडेशन द्वारा निर्मित मल्टी-स्पोर्ट्स ग्राउंड का उद्घाटन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मानदेशी फाउंडेशन की फाउंडर चेतना सिन्हा भी सचिन के साथ मौजूद रहीं, जो इस क्षेत्र में बुनियादी विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में मिलकर कार्य कर रही हैं। कार्यक्रम में तेंदुलकर परिवार की विशेष उपस्थिति रही।
     
    कार्यक्रम की शुरुआत में सचिन, सारा और सोनिया ने विभिन्न खेल गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने न केवल बच्चों को खेलों के प्रति प्रेरित किया, बल्कि स्वयं भी उनके साथ शामिल होकर एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया। कार्यक्रम के दौरान रस्साकशी, वॉलीबॉल, दौड़ और खो-खो जैसे रोचक खेल आयोजित किए गए, जिनमें बच्चों ने पूरे जोश और उमंग के साथ हिस्सा लिया। इन गतिविधियों से बच्चों में टीम भावना, आत्मविश्वास और खेल भावना का विकास हुआ। साथ ही, सचिन, सारा और सोनिया के सहयोग से बच्चों को प्रोत्साहन मिला और वे नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हुए। उल्लेखनीय है कि छिंदनार के गांव के ही छात्र छात्राएं भूमिका ठाकुर, नियासा मौर्य, निर्मला तरमा, पायल ठाकुर, सीताराम पुनर्म, अमित कुमार द्वारा सचिन तेंदुलकर को खेल गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। 
     
    मैदान के उद्घाटन के पश्चात सचिन तेंदुलकर ने देश की युवा प्रतिभाओं को तराशने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि भविष्य के चैंपियन तैयार करने के लिए केवल व्यक्तिगत जुनून पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर आधुनिक और सुदृढ़ खेल सुविधाओं का होना अनिवार्य है। इस दौरान सचिन ने खुद को केवल क्रिकेट पिच तक सीमित न रखते हुए वॉलीबॉल और अन्य मैदानी खेलों के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया कि विभिन्न खेलों में भागीदारी करने से खिलाड़ियों की रणनीतिक समझ और मानसिक परिपक्वता बढ़ती है।

     फाउंडेशन की इस दूरगामी पहल के तहत क्षेत्र के 50 गाँवों में इसी तरह के खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं, जहाँ क्रिकेट के साथ-साथ फुटबॉल और कबड्डी जैसी विधाओं को भी समान रूप से बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही सचिन तेंदुलकर ने  छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा कि उन्होंने एक अपनी जीवन की शुरुआत मैदान से ही प्रारंभ किया था और आज इन सभी बच्चों को देख कर पुरानी यादें ताजा हो रही है। उन्होंने छात्रों को इंगित करने हुए कहा कि यहां सब ऐसे हीरे उपस्थित है जिन्हें तराशा जाना है क्योंकि हीरे की कीमत उसके पॉलिश करने के उपरांत ही होती है और उन्हें खुशी है कि माणदेशी फाउंडेशन के कोच बच्चों की प्रतिभा को तराशने का काम बखूबी कर रहे हैं उन्हेंने आगे कहा कि जीवन में कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा का संगम ही व्यक्ति को ऊंचाइयों पर ले जाता है अतः सफलता के लिए जरूरी है कि हम शॉर्टकट न अपनाए और उपरोक्त सिद्धांतों पर अमल करें।

     इस मौके पर तेंदुलकर ने अपने जीवन में पिता की भूमिका का भी स्मरण किया। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी संतुलन बना कर चले। इसके अलावा तेंदुलकर ने कहा कि सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के प्रारंभ होने में  उनकी पत्नी अंजली का सर्वाधिक योगदान है। और अब उनकी पुत्री सारा, पुत्र अर्जुन, तथा बहु सानिया भी उसी नक्शे कदम पर चलकर फाउंडेशन कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। अंत में उन्होंने कहा कि आज आपके बीच मुझे उपस्थित रहकर आपसे भी ज्यादा खुशी का अहसास हो रहा है इस दौरान बच्चों के द्वारा सचिन तेंदुलकर के आगामी जन्म दिवस  को देखते हुए अग्रिम केक काटा गया। जिसके लिए सचिन तेंदुलकर ने बच्चों को धन्यवाद दिया। ज्ञात हो कि इस दौरान पूरा कार्यक्रम स्थल ’’जन्म दिवस मुबारक हो’’ के  नारों से गूंज उठा।

     इसके साथ ही कार्यक्रम के समापन पर कलेक्टर द्वारा तेंदुलकर को स्मृति चिन्ह के रूप में टेराकोटा शिल्प एवं छिंदनार के ग्राम वासियों द्वारा लौह शिल्प की कलाकृतियां दी गई। इसके अलावा कार्यक्रम मानदेशी  फाउंडेशन द्वारा विभिन्न खेल जैसे रस्साकस्सी, बालिवाल, कबड्डी, दौड़ के विजेता प्रतिभागियों को सचिन तेंदुलकर के हाथों मोमेन्टो प्रदान किया। 
     
    इस अवसर पर कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने कहा कि बस्तर अब नक्सल मुक्त होकर शांति और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर प्राकृतिक सौंदर्य और संभावनाओं से भरपूर क्षेत्र है, जहां के बच्चों में अपार प्रतिभा है। सचिन एवं माणदेशी फाउंडेशन के माध्यम से बच्चों को खेलों के प्रति जो प्रेरणा मिल रही है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर बस्तर के बच्चे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। कलेक्टर ने युवाओं पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि खेल, शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए सभी प्रतिभागियों को निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बस्तर सुंदरराज पी, पुलिस अधीक्षक  गौरव राय, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, डीएफओ रामकृष्ण रगंनाथा वाय, सहित जनप्रतिनिधि, सचिन एवं माणदेशी फाउंडेशन के कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।

  • दिल्ली में लागू हुआ ‘NO PUC, NO Fuel’ रूल! अब बिना PUC के नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल या CNG

    दिल्ली में लागू हुआ ‘NO PUC, NO Fuel’ रूल! अब बिना PUC के नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल या CNG

     नई दिल्ली
     दिल्ली की सड़कों पर गाड़ी चलाते हैं तो अब यह खबर सीधे आपसे जुड़ी है. क्योंकि सरकार ने साफ कर दिया है कि अब पेट्रोल-डीजल लेने से पहले आपकी गाड़ी का ‘हेल्थ रिपोर्ट’ यानी PUC सर्टिफिकेट देखी जाएगी. नहीं है तो सीधा मना. कोई बहाना नहीं, कोई राहत नहीं. प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए सरकार अब सीधे आम लोगों की जिम्मेदारी तय कर रही है। 

    दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर अब सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ निर्देश दिए हैं कि अब बिना वैलिड पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) के किसी भी वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा. सरकार का कहना है कि यह कदम एयर क्वॉलिटी सुधारने के लिए बेहद जरूरी है और अब इसमें किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

    ‘No PUC, No Fuel’ नियम पर सख्ती
    बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘No PUC, No Fuel’ नियम को सख्ती से लागू किया जाए. दरअसल, यह नियम पिछले साल दिसंबर में शुरू की गई थी, लेकिन अब भी कई वाहन बिना वैलिड पीयूसी सर्टिफिकेट के सड़कों पर चल रहे हैं. सरकार का मानना है कि ऐसे वाहन प्रदूषण को तेजी से बढ़ा रहे हैं. नए आदेश के मुताबिक अब पेट्रोल पंप और गैस स्टेशनों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल उन्हीं वाहनों को फ्यूल दें जिनके पास वैलिड PUC सर्टिफिकेट हो. सभी पंपों को इस नियम का सख्ती से पालन करने को कहा गया है ताकि प्रदूषण पर लगाम लगाई जा सके। 

    पेट्रोल पंपों पर जाम की स्थिति
    दिल्ली के कई पेट्रोल पंपों पर इस नए नियम की सख्ती का असर साफ तौर पर देखने को मिलने लगा है. पेट्रोल पंप बिना वैलिड पीयूसी के फ्यूल देने से इंकार कर रहे हैं, ऐसे में कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की भारी भीड़ जमा होते देखी गई है. हालांकि सरकार ने इसकी तैयारी कर रखी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मामले को तत्काल निपटाया जा सके। 

    इस नियम को सख्ती से लागू कराने के लिए फूड एंड सप्लाई विभाग, ट्रांसपोर्ट विभाग, नगर निगम और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को जिम्मेदारी दी गई है. अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस नियम के पालन में किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं होगी. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ वाहन जब्त करने और अधिकतम जुर्माना लगाने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे. सभी एजेंसियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है ताकि इस नियम का पूरी सख्ती से पालन हो। 

    रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है. इसमें वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने दिल्ली के लोगों से अपील की है कि वे अपने PUC सर्टिफिकेट को समय-समय पर अपडेट रखें और स्वच्छ और स्वस्थ दिल्ली बनाने में सहयोग करें। 

    क्या बोलीं CM
    राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए हमारी सरकार ने सख्त निर्णय लेते हुए यह फैसला लिया है कि दिल्ली में अब बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा. सभी पेट्रोल पंपों और एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें. अब बिना वैध ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ प्रमाणपत्र वाले किसी भी वाहन को दिल्ली के फ्यूल स्टेशंस पर पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी जैसे ईंधन उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे. वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाना समय की आवश्यकता है और हमारी सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।