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  • सुशासन की निरंतर यात्रा – मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश

    सुशासन की निरंतर यात्रा – मुख्यमंत्री डॉ. यादव का संदेश

    सुशासन का है यह दौर, जिसका ओर है ना छोर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    नवाचारों के साथ हमने प्रदेश की तरक्की के बनाए हैं नए रास्ते
    मुख्यमंत्री का निगम-मंडल-बोर्ड एवं विकास प्राधिकरणों के अध्यक्षों और उपाध्यक्षों ने किया अभिनंदन

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैसी नीयत होती है, वैसी ही बरकत होती है। हमारा प्रदेश आज देश में सुशासन के जरिए लोक कल्याण का पर्याय बन चुका है। लोक कल्याण के अवसर सबको मिलते हैं, लेकिन जो हृदय की गहराईयों से लोगों के कल्याण की सोच रखते हैं, ईश्वर उसकी मदद करते हैं। हमारी सरकार लोक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्ध सोच, कर्मठता, समर्पण और नवाचारों के साथ आगे बढ़ रही है। आज प्रदेश के हर कोने में, हर छोर में सुशासन का दौर है। उन्होंने कहा कि हमने 'विरासत से विकास' की परम्परा को कायम रखते हुए जनहित में अधिकाधिक नवाचार अपनाकर प्रदेश की तरक्की के नए रास्ते बनाये हैं। प्रदेश की जनता की सेवा, कल्याण और सबके जीवन में खुशहाली लाने में हम कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए विधायकों, जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 'सच्चा वादा- पक्का काम' यही हमारी सरकार का मूलमंत्र है। प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और वन पर्यटन बढ़ाने के लिए हम भरपूर प्रयास कर रहे हैं। पर्यटन बढ़ेगा तो प्रदेश में रोजगार बढ़ेंगे और इसका सीधा लाभ हमारे अपने नागरिकों को होगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा आयोग-निगम-मंडलों एवं विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है। प्रदेश की जनता के कल्याण के लिए सभी श्रेष्ठ व्यक्तियों को अवसर दिया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव का प्रदेश के विभिन्न निगम-मंडल-बोर्ड एवं विकास प्राधिकरणों के नवनियुक्त अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुए गरिमामय समारोह में अभिनंदन कर आभार जताया। अभिनंदन समारोह में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप भी उपस्थित थे।

    समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष रामनिवास रावत, मध्यप्रदेश राज्य सहरिया विकास प्राधिकरण की नवनियुक्त अध्यक्षा श्रीमती गुड्डीबाई आदिवासी, मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. कृष्णपाल सिंह यादव, निगम के उपाध्यक्ष संजीव कांकर, रतलाम विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, प्राधिकरण के उपाध्यक्षद्वय गोविंद काकाणी एवं प्रवीण सोनी तथा मध्यप्रदेश राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष महेश केवट एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करके उन्हें जनकल्याण का सेवा दायित्व देने के लिए आभार ज्ञापित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रतीक चिन्ह भी दिए गए।

     

  • बस्तर में बैंकिंग सुविधाओं का तेजी से विस्तार, शांति और विकास का संदेश– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    बस्तर में बैंकिंग सुविधाओं का तेजी से विस्तार, शांति और विकास का संदेश– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    बस्तर अंचल में बैंकिंग सुविधाओं में तेजी से विस्तार शांति और विकास का प्रतीक– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम, ग्रामीणों को मिलेगी सहज बैंकिंग सुविधा– वित्त मंत्री ओपी चौधरी

    सरकार बनने के बाद बस्तर संभाग में 31वीं बैंक शाखा का शुभारंभ, तेज़ी से मजबूत हो रहा बैंकिंग नेटवर्क

    वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा का वर्चुअल उद्घाटन किया

    रायपुर,
     साय सरकार के गठन के बाद से  बस्तर संभाग में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार को नई गति मिली है। इसी क्रम में बीजापुर जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत ग्राम तर्रेम में बैंक ऑफ बड़ौदा की नई शाखा का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ऑनलाइन जुड़कर कार्यक्रम में शामिल हुए और शाखा का शुभारंभ किया। यह पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में खुलने वाली 31वीं नई बैंक शाखा है।

    वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तर्रेम में बैंक शाखा खुलने से स्थानीय लोगों को अब बैंकिंग कार्यों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपने क्षेत्र में ही सभी आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि इससे वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिलेगा और शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे एवं पारदर्शी तरीके से हितग्राहियों तक पहुंचेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर अब बदलाव की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है—जहां पहले बैंकिंग सुविधाओं का अभाव था, वहीं आज गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंच रही हैं। यह नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में बढ़ते कदमों के साथ आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत आधार तैयार कर रहा है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर संभाग में बैंकिंग सुविधाओं के लगातार विस्तार को सुशासन और समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। 

     मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता से आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा, युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार एवं वित्तीय गतिविधियों से जुड़ने में आसानी होगी तथा शासकीय योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब भय और अभाव की पहचान से निकलकर विश्वास, विकास और आत्मनिर्भरता की नई दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    जहां नक्सलियों ने किया था हमला, वहीं अब विकास की नई कहानी

    इससे पूर्व भी वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तत्कालीन धुर नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा-सुकमा जिले  के सीमावर्ती जगरगुंडा क्षेत्र में भी बैंक की नई शाखा का उद्घाटन किया था। उस दौरान वे रायपुर से सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचे थे।

    उन्होंने अपने दंतेवाड़ा में कलेक्टर कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि उस समय यह क्षेत्र अत्यधिक नक्सल प्रभावित था और अधिकारी अंदरूनी क्षेत्रों में जाने से भी कतराते थे। उन्होंने कहा कि “जिस इमारत में कभी ग्रामीण बैंक की शाखा थी और जिसे नक्सलियों ने निशाना बनाया था, उसी स्थान पर पुनः बैंक शाखा शुरू होना विकास और विश्वास का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आदिवासी भाइयों एवं बहनों के आर्थिक संबल के लिए प्रतिबद्ध है और लगातार इस दिशा में काम कर रहे हैं। 

    ढाई वर्षों में बस्तर संभाग में खुले 31 नई बैंक शाखाएं

    पिछले ढाई वर्षों में बस्तर संभाग के विभिन्न जिलों के दूरस्थ इलाकों में बैंकिंग नेटवर्क का व्यापक विस्तार हुआ है। बस्तर जिले में आईसीआईसीआई बैंक की शाखा बादेककलूर में, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की शाखा जगदलपुर में, इंडसइंड बैंक की शाखा धरमपुरा (जगदलपुर) में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का होम लोन सेंटर (RACPC) जगदलपुर में खोला गया है। 

    बीजापुर जिले में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाएं बीजापुर और तर्रेम में, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा पामेड़ में, आईसीआईसीआई बैंक और आईडीबीआई बैंक की शाखाएं बीजापुर में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा मड्डेड में खोली गई हैं।

    दंतेवाड़ा जिले में एचडीएफसी बैंक की शाखा चेरपाल में, आईसीआईसीआई बैंक की शाखा दंतेवाड़ा में, इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखाएं दंतेवाड़ा और समलवार में, कोटक महिंद्रा बैंक की शाखा परचेली में तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा काटेकल्याण में खोली गई है।

    कांकेर जिले में एक्सिस बैंक की शाखाएं पनडोबिर और पाखांजूर में, बैंक ऑफ इंडिया की शाखा चरामा में तथा आईसीआईसीआई बैंक की शाखा भानुप्रतापपुर में खोली गई है। कोंडागांव जिले में एक्सिस बैंक की शाखा फरसगांव में तथा बंधन बैंक की शाखा कोंडागांव में शुरू की गई हैं। नारायणपुर जिले में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा सोनपुर में तथा एचडीएफसी बैंक की शाखा कोहकामेटा में खोली गई है। इसी प्रकार सुकमा जिले में एक्सिस बैंक की शाखा चिंतलनार में, बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा सुकमा में, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा सुकमा में, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की शाखा किस्टाराम में तथा इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखाएं सुकमा और जगरगुंडा में नई शाखाएं शुरू की गई हैं। 

    स्थानीय ग्रामीणों ने तर्रेम में बैंक शाखा खुलने पर खुशी जताई और इसे अपने लिए बड़ी सुविधा बताया। इस पहल से न केवल बैंकिंग सेवाएं सुलभ होंगी, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलेगी। बस्तर में हो रहे ये सकारात्मक बदलाव आने वाले समय में समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव साबित होंगे।

  • महिलाओं के लिए बड़ी सौगात: छत्तीसगढ़ में अब जमीन पर आधी कीमत की रियायत

    महिलाओं के लिए बड़ी सौगात: छत्तीसगढ़ में अब जमीन पर आधी कीमत की रियायत

    महिला सशक्तिकरण की नई इबारत 

    छत्तीसगढ़ में अब महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्री पर 50 प्रतिशत की छूट

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ की आधी आबादी को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और संपत्ति का स्वामी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के पहल पर एवं  वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में सरकार ने महिलाओं के नाम पर होने वाले भूमि रजिस्ट्रेशन (पंजीयन) शुल्क में 50 प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है। इस महत्वपूर्ण फैसले की आधिकारिक अधिसूचना आज राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है।

    निर्णय का मुख्य उद्देश्य

             इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य महिलाओं को संपत्ति अर्जन के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि इस छूट से अधिक से अधिक परिवार अपनी संपत्ति महिलाओं के नाम पर दर्ज कराएंगे। संपत्ति का मालिकाना हक मिलने से महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक आर्थिक सुरक्षा बढेगी। यह निर्णय महिला सशक्तिकरण औरा महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में अधिक प्रभावी भूमिका निभाने में मदद करेगा।

    मुख्यमंत्री का विजन- सशक्त महिला, सशक्त प्रदेश

           मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि जमीन के स्वामित्व से महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी।

    सैनिकों और पूर्व सैनिकों को स्टाम्प शुल्क में 25% छूट

    छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, ₹25 लाख तक की संपत्ति खरीद पर मिलेगा लाभ

        छत्तीसगढ़ सरकार ने सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं के सम्मान और कल्याण को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने ₹25 लाख तक की संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया  है। माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी की पहल पर विभाग द्वारा यह प्रस्ताव तैयार किया गया ।  अधिसूचना जारी होने पश्चात सैनिक एवं भूतपूर्व सैनिको को मिलने वाली यह छूट प्रभावशील हो गई है।

    अधिसूचना के अनुसार, सैनिकों एवं भूतपूर्व सैनिकों  एवं दिवंगत होने पर उनके जीवन साथी को इस छूट की पात्रता केवल एक बार के लिए होगी।  ₹25 लाख तक की सीमा तक यह छूट मिलेगी । यदि संपत्ति का मूल्य इससे अधिक होता है, तो अतिरिक्त राशि पर नियमानुसार स्टाम्प शुल्क देय होगा।

    देश की सेवा करने वाले सैनिकों के योगदान को सम्मान देने के लिए यह एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय है।
        वर्तमान में अचल संपत्ति के क्रय-विक्रय विलेखों पर  लगभग 5 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क देय होता है, अब इस नई व्यवस्था से पात्र हितग्राहियों को स्टाम्प शुल्क में राहत मिलेगी। मातृभूमि की रक्षा के लिए अपनी जन्मभूमि से दूर रहकर सेवा करने वाले सैनिकों को आवास क्रय लागत में कमी की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

    अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि छूट का लाभ लेने के लिए छत्तीसगढ़ का मूल निवासी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। साथ ही, लाभ केवल एक बार ही लिया जा सकेगा, जिसके लिए शपथ पत्र देना होगा तथा संबंधित सैनिक/पूर्व सैनिक या विधवा होने के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

    राजस्व में निवेश, भविष्य में लाभ

            वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने इस योजना के आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा। रजिस्ट्रेशन शुल्क में इस रियायत से राज्य सरकार को लगभग 153 करोड़ रुपये के राजस्व का भार आएगा। वित्त मंत्री के अनुसार, यह कोई राजस्व हानि नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा निवेश है, जिसके दूरगामी सामाजिक परिणाम होंगे।

    क्या कहती है अधिसूचना?

           राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, अब किसी भी अचल संपत्ति के हस्तांतरण के दस्तावेज यदि महिलाओं के पक्ष में निष्पादित किए जाते हैं, तो उन पर लागू होने वाले निर्धारित रजिस्ट्रेशन शुल्क में सीधे 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा।

  • 50Km/घंटा की रफ्तार से चलेगी आंधी, एमपी के 28 जिलों में मौसम अलर्ट, ग्वालियर और जबलपुर भी होंगे प्रभावित

    50Km/घंटा की रफ्तार से चलेगी आंधी, एमपी के 28 जिलों में मौसम अलर्ट, ग्वालियर और जबलपुर भी होंगे प्रभावित

    भोपाल 

    मध्य प्रदेश में इस समय आंधी और बारिश के एक साथ दो सिस्टम एक्टिव हैं। यही कारण है कि, मई में भीषण गर्मी के बजाए कई जिलों में रुक-रुककर आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। जबकि, कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि होने की भी खबर है। वहीं, मौसम विभाग ने बुधवार को लेकर भी अपडेट जारी किया है। बताया जा रहा है कि, सूबे के अधिकतर इलाकों में दिनभर जहां गर्मी का अहसास होगा तो वहीं दूसरी तरफ शाम होते ही आंधी और बारिश का दौर शुरु होने की संभावना है। मौसम विभाग ने सूबे के 28 जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, इस समय मौसम के दो सिस्टम एक्टिव हैं, जिसका प्रभाव सूबे के 28 जिलों में देखने को मिलेगा। इसी के चलते संबंधित क्षेत्रों में आंधी और बारिश होने की संभावना जताई गई है। जबकि, कई इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की भी आशंका जताई जा रही है। कई जिलों में मौसम बदलेगा।भोपाल समेत कई शहरों में दिन में गर्मी, शाम को बारिश के आसार हैं। आमतौर पर मई के महीने को हीटवेव का महीना कहा जाता है, लेकिन इस बार मौसम ने अचानक करवट ली है। हिमालयी पश्चिमी विक्षोभ और मध्य भारत पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के संयुक्त असर से प्रदेश में असामान्य बदलाव दर्ज किया गया है।

    इन जिलों में दिन में तेज गर्मी पड़ेगी
    मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, श्योपुर, गुना, शिवपुरी और अशोकनगर में दिन में गर्मी का असर बना रहेगा।

    लगातार पांचवें दिन भी बारिश
    प्रदेश में मंगलवार को लगातार पांचवें दिन भी आंधी-बारिश का दौर बना रहा। ग्वालियर, छतरपुर, धार, बड़वानी, डिंडौरी, बालाघाट समेत कई जिलों में सुबह से ही आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। रात में भी भोपाल समेत कई जिलों में तेज आंधी चली।

    मंगलवार को दिन के तापमान में भी गिरावट हुई है। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 37.2 डिग्री, इंदौर में 37.6 डिग्री, ग्वालियर में 34.7 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री और जबलपुर में पारा 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    वहीं, खरगोन सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री, खंडवा में 41.5 डिग्री और नरसिंहपुर में 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नौगांव में सबसे कम 33.5 डिग्री रहा। सीधी में 34 डिग्री, टीकमगढ़ में 34.5 डिग्री, रीवा में 34.6 डिग्री, सतना-दतिया में 34.8 डिग्री, मलाजखंड में 35 डिग्री, उमरिया में 35.4 डिग्री और गुना में पारा 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    10 मई से एक्टिव हो रहा नया सिस्टम
    प्रदेश में लगातार पांचवें दिन भी आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। 10 मई से नया सिस्टम एक्टिव होगा, गर्मी-बारिश का ट्रेंड बरकरार रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 6 मई तक यह सिस्टम सक्रिय रहेगा और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में इसका असर देखने को मिलेगा। मई आमतौर पर हीटवेव का महीना माना जाता है, लेकिन इस बार मौसम ने अचानक करवट ली है। हिमालयी पश्चिमी विक्षोभ और मध्य भारत पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के संयुक्त असर से प्रदेश में असामान्य बदलाव दर्ज किया गया है।

    28 जिले येलो से ऑरेंज अलर्ट
    मौसम विभाग ने 39 जिलों में अलर्ट जारी किया है। 28 जिले येलो से ऑरेंज अलर्ट प्रभावी हैं। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री से गिरकर 34.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जबलपुर में तापमान 38 डिग्री दर्ज किया गया। हालांकि कुछ जिले जैसे खरगोन में 43 डिग्री और रायसेन में 44 डिग्री तापमान बना हुआ है। लेकिन शाम के समय मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

     

     

  • एक खबर ने बदला बाजार का मूड, 5 मिनट में क्रूड 6% टूटा और सेंसेक्स 1000 अंक चढ़ा

    एक खबर ने बदला बाजार का मूड, 5 मिनट में क्रूड 6% टूटा और सेंसेक्स 1000 अंक चढ़ा

    मुंबई 

     देश भर के पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के नतीजों के बीच शेयर बाजार में आज (4 मई) जो हफ्ते का पहला ट्रेडिंग दिन है. तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स लगभग 1,000 अंकों की बढ़त के साथ 77,850 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी में भी लगभग 300 अंकों की बढ़त हुई है. यह 24,250 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है। 

    सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 23 में बढ़त देखने को मिल रही है, जबकि 7 में गिरावट दर्ज की जा रही है. मारुति, हिंदुस्तान यूनिलीवर और अडानी पोर्ट्स जैसे शेयरों में 4% तक की बढ़त देखी जा रही है. इस बीच, निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो मीडिया सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरों में तेजी का रुख देखने को मिल रहा है. ऑटो, FMCG, मेटल, फार्मा, पब्लिक सेक्टर बैंक और रियल्टी जैसे सेक्टरों में लगभग 2% तक की बढ़त देखने को मिल रही है। 

    लेकिन शुरुआती तेजी ज्यादा देर टिक न सकी,  दोपहर 12 बजे तक बाजार की रफ्तार कमजोर पड़ गई. ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली बढ़ी और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए. बाजार में कमजोरी की वजह वेस्ट एशिया तनाव और ग्लोबल अनिश्चितता बनी हुई थी. निवेशक लगातार क्रूड ऑयल की कीमतों और अमेरिका-ईरान से जुड़ी खबरों पर नजर रखे हुए थे। 

    लेकिन दोपहर करीब 2 बजे अचानक बाजार का मूड बदल गया. AXIOS की एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें कहा गया कि अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म करने को लेकर लगभग सहमत हो गए हैं. इस खबर का असर सीधे क्रूड ऑयल पर दिखाई दिया। 

    कच्चे तेल यानी क्रूड का भाव करीब 3 फीसदी टूट गया. क्रूड की कीमतों में गिरावट आते ही भारतीय बाजार में खरीदारी लौट आई. क्योंकि भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए सस्ता क्रूड बड़ी राहत माना जाता है. इससे महंगाई कम होने, कंपनियों की लागत घटने और अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है। 

    सेंसेक्स 941 अंक उछलकर 77,959 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 298 अंक चढ़कर 24,331 के पार पहुंच गया. सबसे ज्यादा दम बैंकिंग शेयरों में दिखा। 

    बैंक निफ्टी 1,434 अंक की बड़ी छलांग लगाकर 55,981 पर बंद हुआ. भारती एयरटेल, फाइनेंशियल शेयर और एमएंडएम ने बाजार को ऊपर की ओर खींचने में बड़ी भूमिका निभाई। 

    तेल की कीमतों में गिरावट ने भी बाजार में जान फूंक दी. ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया. इसका असर ऑयल कंपनियों पर साफ दिखा. डाउनस्ट्रीम ऑयल कंपनियों में तेजी आई, जबकि अपस्ट्रीम कंपनियों में दबाव दिखा। 

    मिडकैप शेयरों में तो मानो त्योहार जैसा माहौल रहा. कोफोर्ज शानदार तिमाही नतीजों के बाद 10% उछल गया. वॉकहार्ट में लगातार दूसरे दिन जोरदार खरीदारी हुई और शेयर 13% चढ़ गया. फर्स्टसोर्स 12% और अरविंद फैशंस 10% उछले। 

    निफ्टी में इंटरग्लोब एविएशन सबसे बड़ा स्टार रहा. शेयर 6% से ज्यादा भागा. वहीं, एलएंडटी के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे, जिससे शेयर 1% से ज्यादा टूट गया। 

    एसआरएफ 8% चढ़ा, जबकि हीरो मोटोकॉर्प में मैनेजमेंट की पॉजिटिव टिप्पणी के बाद तेजी दिखी. दूसरी तरफ एक्साइड इंडस्ट्रीज पर बढ़ती कमोडिटी लागत का दबाव दिखा और शेयर 2% से ज्यादा फिसल गया। 

    एनएसई का एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो 3:1 पर रहा, यानी हर गिरने वाले शेयर के मुकाबले तीन शेयर चढ़े. इससे साफ है कि आज की तेजी सिर्फ कुछ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे बाजार में खरीदारी का माहौल था। 

    निफ्टी की दिनभर की चाल: कब आई गिरावट और कब बाजार ने पकड़ी रफ्तार
    सुबह 9:00 बजे: प्रीओपन में निफ्टी ने मजबूत शुरुआत की. इंडेक्स करीब 24,171 के आसपास खुला और शुरुआती मिनटों में ही 24,200 के ऊपर निकल गया. बाजार में शुरुआती उत्साह दिखा। 

    सुबह 10:00 बजे से 12:30 बजे तक: बाजार में धीरे-धीेरे मुनाफावसूली हावी हुई. निफ्टी लगातार दबाव में रहा और इंडेक्स फिसलकर 24,100 के नीचे पहुंच गया. ट्रेडर्स सतर्क नजर आए। 

    दोपहर 1:00 बजे: बाजार ने दिन का निचला स्तर छुआ. निफ्टी करीब 23,998 तक फिसल गया. इस दौरान बाजार में हल्की घबराहट दिखी, लेकिन बड़ी बिकवाली नहीं आई। 

    दोपहर 1:30 बजे से 2:15 बजे तक: निचले स्तरों से खरीदारी शुरू हुई. धीरे-धीरे निफ्टी ने रिकवरी पकड़ी और 24,100 के ऊपर वापस पहुंच गया। 

    दिनभर हाल एक मिनट में जानिए
    दोपहर 2:30 बजे: बाजार में अचानक तेज खरीदारी देखने को मिली. निफ्टी ने जोरदार उछाल के साथ 24,250 का स्तर पार कर लिया. बैंकिंग और बड़े शेयरों में तेजी बढ़ी। 

    दोपहर 3:00 बजे के बाद: निफ्टी ने दिन का उच्च स्तर करीब 24,356 छुआ. बाजार में बुल्स पूरी तरह हावी दिखे.बाजार बंद होने के समय: निफ्टी 24,330.95 पर बंद हुआ. इंडेक्स में 298 अंकों यानी 1.24 फीसदी की मजबूत तेजी दर्ज हुई। 

  • 12वीं में झारखंड के टॉपर हुए घोषित, छोटी, रशीदा और श्वेता के साथ लड़कों ने भी दिखाई शानदार प्रदर्शन

    12वीं में झारखंड के टॉपर हुए घोषित, छोटी, रशीदा और श्वेता के साथ लड़कों ने भी दिखाई शानदार प्रदर्शन

    रांची 
    झारखंड में 12वीं के छात्रों का अपने परीक्षा परिणाम का इंतजार खत्म हो गया है. झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने वार्षिक इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के नतीजे 6 मई, 2026 दिन बुधवार को जारी कर दिया है. इस परीक्षा परिणाम में कुल 81,144 सफल रहे. वहीं, 85,104 छात्रों एग्जाम दिया था. इंटरमीडिएट के रिजल्ट में एक बार फिर छात्राओं ने बाजी मारी है. मगर, छात्र भी पीछे नहीं रहे. लड़कियों के साथ लड़कों ने भी अपना परचम परीक्षा में लहराया है। 

    झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से जारी इंटरमीडिएट के रिजल्ट में बोकारो की छोटी कुमारी 478 नंबर के साथ आर्ट्स की टॉपर बनी. जबकि, दुमका के अंकित कुमार को दूसरा स्थान और सदमा रांची की अंशु कुमारी आर्ट में थर्ड टॉपर बनी. वहीं, कॉमर्स में रांची के छात्र-छात्राओं का शानदार प्रदर्शन रहा। 

    कॉमर्स में 478 मार्क्स के साथ श्वेता प्रसाद साइंस में टॉप किया. कृष कुमार बरनवाल सेकंड टॉपर और प्रियांशी खत्री थर्ड टॉपर बनी.  श्वेता प्रसाद धुर्वा स्थित योगदान सत्संग इंटरमीडिएट महाविद्यालय की छात्रा हैं. कृष कुमार बरनवाल बाल कृष्णा हाई स्कूल छात्र हैं. संत जेवियर गर्ल्स इंटर कॉलेज चाईबासा की छात्रा प्रियांशी खत्री हैं। 

    अब बात करें साइंस में झारखंड 12वीं बोर्ड परीक्षा में किसने बाजी मारी, तो साइंस स्ट्रीम में धनबाद की रशीदा नाज ने पहला स्थान हासिल किया है. नाज ने 489 नंबर लाकर टॉप किया है. वह वह डीएवी +2 हाई स्कूल की छात्रा हैं. वहीं, पाटन के रहने वाले फैजान आलम साइंस के सेकंड टॉपर बने हैं. उनको 483 अंक मिला है. 481 नंबर के साथ आकांक्षा कुमारी सिमरिया और सना आफरीन सतबरवा ने संयुक्त रूप से तीसरे स्थान हासिल किया है। 

    आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस: मिलिए झारखंड के स्टेट टॉपर्स से

    झारखंड बोर्ड की इस परीक्षा में छोटी कुमारी, रशीदा नाज और श्वेता प्रसाद ने अपने-अपने स्ट्रीम में टॉप कर राज्य का मान बढ़ाया है। 
    साइंस स्ट्रीम (Science): धनबाद की रशीदा नाज़ ने 500 में से 489 अंक प्राप्त कर पूरे राज्य में टॉप किया है. वो DAV +2 हाई स्कूल, पाथरडीह की छात्रा हैं। 
    आर्ट्स स्ट्रीम (Arts): बोकारो की छोटी कुमारी ने 478 अंक लाकर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है. छोटी KN +2 हाई स्कूल, हरनाद की छात्रा हैं। 
    कॉमर्स स्ट्रीम (Commerce): रांची की श्वेता प्रसाद ने 478 अंकों के साथ राज्य में टॉप किया है. वे योगदा सत्संग इंटर कॉलेज, रांची की छात्रा हैं। 

    बेटियों का शानदार प्रदर्शन
    राज्य स्तरीय आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष भी छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत छात्रों से बेहतर रहा है. आर्ट्स स्ट्रीम में जहाँ 96.68% छात्राएं सफल रहीं, वहीं छात्रों का सफलता प्रतिशत 95.34% रहा. गुमला और लोहरदगा जैसे जिलों में छात्राओं का प्रदर्शन शत-प्रतिशत के करीब रहा है, जो राज्य में महिला शिक्षा के बढ़ते स्तर को दर्शाता है.  परीक्षार्थी अपना विस्तृत रिजल्ट DigiLocker के माध्यम से results.digilocker.gov.in पर देख सकते हैं.

  • ‘No इस्तीफा’ स्टंट में ममता की लाइफलाइन, कल तक ही बची राहत

    ‘No इस्तीफा’ स्टंट में ममता की लाइफलाइन, कल तक ही बची राहत

    कलकत्ता

    पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजे चार मई को आ गए. इस बार विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने परचम लहराया और इस तरह बीते 15 सालों से टीएमसी की सत्ता का सूपड़ा साफ हो गया. चुनाव नतीजे आने के बाद से ही अब तक सीएम रहीं ममता बनर्जी आक्रामक मोड में हैं. उन्होंने पहले तो यह आरोप लगाया कि मतगणना केंद्रों पर वोटों की हेरफेर हुई है. यहां तक कि उन्होंने कहा कि कुछ गुंडों ने उन्हें भवानीपुर के मतगणना केंद्र पर पीटा भी। 

    ममता बनर्जी ने कहा- वह हारी नहीं, उन्हें हराया गया
    मंगलवार शाम को ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बीजेपी पर तमाम आरोप लगाते हुए कहा कि, उनके सीएम पद से इस्तीफा देने का सवाल नहीं. ममता बनर्जी के इस बयान से राज्य में एक तरह का संवैधानिक संकट खड़ा होने की आशंका जताई जा रही है. सवाल उठ रहे हैं कि ममता ने इस्तीफा नहीं दिया तो क्या होगा? असल में बीजेपी 10 मई से पहले-पहले शपथ ग्रहण की तैयारी में जुटी है। 

    बुधवार को छह तारीख हो चुकी है. सात मई 2026 को पश्चिम बंगाल की 17वीं विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. ऐसा होने पर सभी पद संवैधानिक रूप से खुद ही समाप्त हो जाएंगे. ऐसे में ममता बनर्जी खुद-ब-खुद सीएम नहीं रहेंगी. यानी वह इस्तीफा दें या न दें, विधानसभा भंग होने के बाद वह वैसे भी सीएम नहीं रहने वाली हैं। 

    सिर्फ आज तक ही है उनके इस बयान का मतलब?
    यानी ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने की मियाद सिर्फ एक दिन यानी आज ही के दिन तक है.  इसके बाद उनके इस बयान कि मैं 'इस्तीफा नहीं दूंगी.' इसका भी कोई मतलब नहीं रह जाएगा. चुनाव आयोग (ECI) ने चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई विधानसभा के गठन के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है और इसे राज्यपाल को भेज भी दिया है तो ममता बनर्जी के इस्तीफा देने या न देने के लिए भी सिर्फ आज ही का दिन है। 

    वैसे भी ममता बनर्जी बीते तीन महीने से औपचारिक तौर पर सीएम नहीं हैं. इस बात को बताया है टीएमसी सांसद और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने. उन्होंने ममता बनर्जी का बचाव करते हुए कहा कि ममता व्यावहारिक रूप से सीएम के तौर पर काम नहीं कर रही थीं. उन्होंने कहा कि 'पिछले तीन महीनों से राज्य में आचार संहिता लागू थी, इसलिए ममता बनर्जी व्यावहारिक रूप से मुख्यमंत्री के तौर पर काम नहीं कर रही थीं. ऐसे में इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। 

    कल्याण बनर्जी ने कहा, 'पिछले 3 महीनों से मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू है. सरकार कौन चला रहा था? मुख्य सचिव. इसलिए पिछले 3 महीनों से ममता बनर्जी मुख्यमंत्री के तौर पर काम नहीं कर रही थीं. फिर इस्तीफे का सवाल कहां है?'

    हालांकि ममता बनर्जी के बयान ने ये एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया कि क्या कोई मुख्यमंत्री चुनाव हारने के बाद भी पद पर बना रह सकता है? संविधान क्या कहता है? दो बड़े कानून के जानकारों ने इस पर अपनी राय दी है। 

    क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
    वकील और संविधान के जानकार ज्ञानंत सिंह कहते हैं कि ममता का यह बयान संविधान से ज्यादा एक राजनीतिक चाल है. यानी इसका असर कानूनी कम और राजनीतिक ज्यादा होगा. उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 164 के मुताबिक मुख्यमंत्री और बाकी मंत्री राज्यपाल की मर्जी तक अपने पद पर रहते हैं. इसका मतलब यह है कि राज्यपाल चाहें तो ममता को हटा सकते हैं.लेकिन एक पेच है। 

    अगर राज्यपाल अभी ममता को हटाते हैं और नई सरकार नहीं बनती तो राज्य में एक खालीपन आ जाएगा यानी राज्य चलाने वाला कोई नहीं होगा. यह संवैधानिक रूप से सही नहीं होगा. इसके अलावा उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 356 के तहत अगर ममता खुद को मुख्यमंत्री मानते हुए बड़े फैसले लेने लगें तो राज्यपाल राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश कर सकते हैं। 

    एक और अहम बात उन्होंने यह बताई कि अगर कोई मुख्यमंत्री विधानसभा में बहुमत साबित नहीं कर पाता तो राज्यपाल किसी नए मुख्यमंत्री को नियुक्त कर सकते हैं. भले ही हारने वाला मुख्यमंत्री इस्तीफा देने से मना कर दे. एक और जरूरी बात यह है कि पुरानी विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो चुका है और नई विधानसभा के लिए चुनाव हो चुके हैं. इसलिए SR बोमई वाला फ्लोर टेस्ट का नियम यहां लागू नहीं होगा. पुरानी विधानसभा में ममता को बिना फ्लोर टेस्ट के भी हटाया जा सकता है। 

    ममता न दें इस्तीफा तो राज्यपाल कर सकते हैं बर्खास्त
    वहीं, सुप्रीम कोर्ट के वकील और संविधान के जानकार आर के सिंह और भी सीधी बात करते हैं. वो कहते हैं कि अगर ममता इस्तीफा नहीं देतीं तो राज्यपाल सीधे उन्हें बर्खास्त कर सकते हैं. उन्होंने एक बहुत दिलचस्प बात कही. उन्होंने कहा कि जिस दिन विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो जाता है, उस दिन से मौजूदा मुख्यमंत्री संविधान की भाषा में 'संवैधानिक रूप से मृत' हो जाते हैं. यानी कानूनी तौर पर उनका अस्तित्व खत्म हो जाता है. और हमारे संविधान में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि कोई 'संवैधानिक रूप से मृत' नेता देश या राज्य चला सके. उन्होंने संविधान के चार अनुच्छेदों का हवाला दिया। 

    क्या कहते हैं संविधान के अनुच्छेद 164 और 172
    अनुच्छेद 164 कहता है कि मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं और मंत्री राज्यपाल की मर्जी तक पद पर रहते हैं. सरकार तभी तक चलती है जब तक उसे विधानसभा का भरोसा मिला हुआ है. जैसे ही बहुमत जाता है, मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए. अनुच्छेद 163 कहता है कि राज्यपाल आमतौर पर मंत्रिपरिषद की सलाह पर चलते हैं. लेकिन जब नई सरकार बनानी हो या बहुमत खो जाए तो राज्यपाल अपनी मर्जी से फैसला ले सकते हैं। 

    अनुच्छेद 172 कहता है कि विधानसभा का कार्यकाल 5 साल का होता है. जब यह खत्म होता है तो नई विधानसभा को सत्ता में आना ज़रूरी हो जाता है. अनुच्छेद 174 राज्यपाल को विधानसभा बुलाने, बंद करने और भंग करने का अधिकार देता है. चुनाव में जब किसी पार्टी को साफ बहुमत मिलता है तो राज्यपाल उस बहुमत वाले नेता को सरकार बनाने का मौका दे सकते हैं। 

    उन्होंने SR बोमई केस का भी जिक्र किया जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि बहुमत की जांच विधानसभा में होनी चाहिए. लेकिन अगर कोई सरकार संविधान के नियम मानने से ही इनकार कर दे तो राज्यपाल बेबस नहीं हैं. ऐसी स्थिति में राज्यपाल पूरी मंत्रिपरिषद को बर्खास्त कर सकते हैं और नई सरकार बनवा सकते हैं। 

  • टिकट विवाद के चलते IPL 2026 फाइनल बेंगलुरु से अहमदाबाद शिफ्ट, BCCI ने लिया बड़ा फैसला

    टिकट विवाद के चलते IPL 2026 फाइनल बेंगलुरु से अहमदाबाद शिफ्ट, BCCI ने लिया बड़ा फैसला

    अहमदाबाद 

    IPL final to be played in Ahemdabad: इंड‍ियन प्रीम‍ियर लीग (IPL) 2026 के प्लेऑफ वेन्यू को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसने फैन्स के बीच हलचल मचा दी है. सूत्रों के मुताबिक इस बार टूर्नामेंट का फाइनल अहमदाबाद में होगा. वहीं, क्वालिफायर-1 धर्मशाला में खेला जाएगा, जबकि एलिमिनेटर और क्वालिफायर-2 के मुकाबले चंडीगढ़ में होंगे। 

    गौर करने वाली बात यह है कि IPL के नियमों के अनुसार फाइनल मुकाबला डिफेंडिंग चैम्प‍ियन के होम ग्राउंड पर होना चाहिए था. ऐसे में बेंगलुरु इस रेस में सबसे आगे था, लेकिन हाल ही में हुए टिकट विवाद ने पूरा समीकरण बदल दिया। 

    सूत्रों की मानें तो टिकटों की बिक्री और उससे जुड़े मैनेजमेंट इश्यूज के कारण BCCI ने वेन्यू बदलने का फैसला लिया. यही वजह है कि अब फाइनल को अहमदाबाद शिफ्ट करने की तैयारी की जा रही है। 

    हालांकि अभी तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. फैन्स और फ्रेंचाइजियों को अब बोर्ड के फाइनल ऐलान का इंतजार है. अगर यह प्लान फाइनल होता है, तो IPL 2026 के प्लेऑफ अलग-अलग शहरों में खेले जाएंगे, जिससे टूर्नामेंट का रोमांच और भी बढ़ सकता है। 

    हालांकि प्लेऑफ और फाइनल मुकाबले की तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है. इसकी तारीखों का ऐलान भी जल्द होने की उम्मीद है. ध्यान रहे आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च को हुई थी. अंत‍िम लीग मुकाबला यानी 70वां मैच 24 मई को खेला जाएगा. बाकी बचे प्लेऑफ मुकाबले और फाइनल मुकाबला इसके बाद होगा. फाइनल का द‍िन 31 मई तय है। 

    IPL 2026 क्वालीफायर और एलिमिनेटर मैच के बदले वेन्यू  
    बता दें कि सिर्फ आईपीएल 2026 का फाइनल ही नहीं, बल्कि क्वालीफायर-1 और 2, एलिमिनेटर मैचों के वेन्यू में भी बड़े बदलाव देखने को मिले हैं।

    IPL 2026 Qualifier 1: अब धर्मशाला के खूबसूरत मैदान पर खेला जाएगा।

    Eliminator & Qualifier 2: चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्टेडियम में इन दो अहम मुकाबलों की भिड़ंत होगी।

    फाइनल मैच: अहमदाबाद के मैदान पर ही होगा, जहां से विजेता टीम मिलेगी।
    IPL 2026 Final Date: प्लेऑफ और फाइनल मैच कब?

    आईपीएल 2026 क्वालीफायर-1: 26 मई 2026, मंगलवार, धर्मशाला

    आईपीएल 2026 का एलिमिनेटर 2026: 27 मई 2026, बुधवार, चंडीगढ़

    आईपीएल 2026 का क्वालीफायर-2: 29 मई 2026, शुक्रवार, चंडीगढ़

    आईपीएल 2026 फाइनल मैच: 31 मई 2026, रविवार, अहमदाबाद
    क्या है MLA टिकट विवाद?

    आईपीएल 2026 का फाइनल मैच का वेन्यू बदलने की वजह MLA टिकट विवाद बताई जा रही है। ये विवाद सीजन के ओपनिंग मैच से पहले शुरू हुआ था कि हर MLA को कम से कम 5 टिकट मिलनी चाहिए, यह कहते हुए कि जनप्रतिनिधि VIP होते हैं और उन्हें टिकट के लिए लाइन में नहीं लगना चाहिए। 

    इसके बाद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि MLA और MP को आरसीबी मैचों के लिए 3-3 टिकट दिए जाएंगे। इस फैसले के बाद टिकट के दुरुपयोग के आरोप लगने लगे। हालांकि, कर्नाटक के गृह मंत्री जी.परमेश्वर ने इन आरोपों को खारिज किया और कहा कि टिकट ऑनलाइन बुक होते हैं और उनका गलत इस्तेमाल नहीं होता। 

    उन्होंने ये भी साफ किया कि ये टिकट नॉन-ट्रांसफरेबल हैं और आमतौर पर विधायक या उनके परिवार के सदस्य ही मैच देखने आते हैं। अब इस विवाद की वजह से डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी के होम ग्राउंड में आईपीएल 2026 का फाइनल मैच नहीं खेलने का फैसला लिया है।

    सीजन का समापन 31 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में ग्रैंड फाइनल के साथ होगा. यह दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम है, कुछ ऑपरेशनल और लॉजिस्टिक कारणों की वजह से, TATA IPL 2026 प्लेऑफ्स इस बार विशेष रूप से तीन अलग-अलग वेन्यू पर आयोजित किए जाएंगे. बेंगलुरु को पहले फाइनल की मेजबानी के लिए चुना गया था. लेकिन स्थानीय एसोसिएशन और अधिकारियों की कुछ आवश्यकताओं के कारण फाइनल का वेन्यू बदल दिया गया। 

    प्लेऑफ्स के शेड्यूल के मुताबिक, मंगलवार 26 मई को धर्मशाला के एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम में पहला क्वालीफायर खेला जाएगा। इसको जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी और हारने वाली टीम क्वालीफायर 2 में जाएगी। वहीं, अगले दिन यानी बुधवार 27 मई को न्यू चंडीगढ़ के न्यू इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में एलिमिनेटर मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच को जीतने वाली टीम क्वालीफायर 2 में क्वालीफायर 1 को हारने वाली टीम से भिड़ेगी, जबकि एलिमिनेटर हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी।

    आईपीएल 2026 का दूसरा क्वालीफायर शुक्रवार 29 मई को न्यू चंडीगढ़ में ही आयोजित होगा। वहीं, आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रविवार 31 मई को खेला जाएगा। क्वालीफायर 1 की विजेता और क्वालीफायर 2 की विजेता टीम की टक्कर फाइनल में होगी। आपको बता दें, क्वालीफायर 1 उन टीमों के बीच खेला जाता है, जो लीग फेज के बाद पॉइंट्स टेबल में नंबर एक और नंबर दो पर रहती हैं, जबकि एलिमिनेटर में नंबर 3 और नंबर 4 की टीम भिड़ती हैं। इस तरह पॉइंट्स टेबल में टॉप 2 में रहने पर आपको दो मौके प्लेऑफ्स में पहुंचने के मिलते हैं। इसलिए टॉप 4 से ज्यादा टॉप 2 के लिए भी लड़ाई होती है।

    IPL 2026 प्लेऑफ्स का शेड्यूल

    क्वालीफायर 1 – मंगलवार 26 मई – HPCA स्टेडियम, धर्मशाला

    एलिमिनेटर – बुधवार 27 मई – न्यू इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, न्यू चंडीगढ़

    क्वालीफायर 2 – शुक्रवार 29 मई – न्यू इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, न्यू चंडीगढ़

    फाइनल – रविवार 31 मई – नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद

    आमतौर पर आईपीएल के प्लेऑफ्स के मुकाबले दो शहरों में खेले जाते हैं, लेकिन बीसीसीआई ने इस बार स्पेशल केस का हवाला देकर तीन शहरों में इसका आयोजन करने का फैसला किया है। अभी तक क्वालीफायर 1 और एलिमिनेटर मैच एक मैदान पर, जबकि क्वालीफायर 2 और फाइनल दूसरे मैदान पर खेला जाता था, लेकिन इस बार क्वालीफायर 1 अलग, एलिमिनेटर और क्वालीफायर 2 अलग और फाइनल अलग मैदान पर खेला जाएगा। यहां तक कि बोर्ड ने यह भी जानकारी दी है कि बेंगलुरु से मेजबानी क्यों छिनी?

    बीसीसीआई ने अपनी मीडिया रिलीज में बताया, "कुछ ऑपरेशनल और लॉजिस्टिक वजहों से, IPL 2026 प्लेऑफ्स के मुकाबले इस सीजन में तीन जगहों पर एक स्पेशल केस के तौर पर कराए जाएंगे। बेंगलुरु को शुरू में फाइनल होस्ट करने के लिए चुना गया था, लेकिन लोकल एसोसिएशन और अधिकारियों की कुछ जरूरतों की वजह से, जो BCCI की तय गाइडलाइंस और प्रोटोकॉल के दायरे से बाहर थीं। इसलिए फाइनल की जगह बदल दी गई है और उसे फिर से असाइन कर दिया गया है।"

    5 सीजन में चौथा IPL फाइनल
    यह लगातार दूसरी बार है जब अहमदाबाद IPL फ़ाइनल होस्ट करेगा. इसने 2022 और 2023 में भी होस्ट किया था. पिछले चार सीजन में, चेन्नई का MA चिदंबरम स्टेडियम IPL फाइनल के लिए एकमात्र दूसरी वेन्यू है. 2024 एडिशन का फाइनल चेन्नई में हुआ था जब कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को हराकर अपना तीसरा टाइटल जीता था। 

  • कतर एयरस्पेस से लापता अमेरिकी विमान, होर्मुज में इमरजेंसी स्थिति पैदा

    कतर एयरस्पेस से लापता अमेरिकी विमान, होर्मुज में इमरजेंसी स्थिति पैदा

    वाशिंगटन

    मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अमेरिकी वायुसेना का KC-135 स्ट्रैटो टैंकर अचानक सुर्खियों में आ गया है. हवा में फ्यूल भरने की क्षमता के कारण फ्लाइंग गैस स्टेशन कहे जाने वाला ये विमान उड़ान के दौरान इमरजेंसी सिग्नल भेजने के बाद रडार से गायब हो गया. इसके बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। 

    फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, बोइंग KC-135 ने कतर के पास 7700 स्क्वॉक कोड टेलिकास्ट किया यह एक अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी संकेत होता है. इसका इस्तेमाल तब किया जाता है, जब विमान किसी गंभीर स्थिति का सामना कर रहा हो. इसके कुछ ही समय बाद विमान रडार से गायब हो गया. माना जा रहा है कि उस समय यह किसी सैन्य बेस की ओर बढ़ रहा था। 

    आखिरी लोकेशन और संभावित वजहें
    रिपोर्ट के मुताबिक विमान ने अपनी ऊंचाई कम की और कतर की दिशा में मुड़ने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर सिग्नल खो दिया. यह भी कहा जा रहा है कि विमान उस समय खाड़ी के ऊपर एयर-टू-एयर रीफ्यूलिंग मिशन पर था. 7700 कोड कई वजहों से ट्रिगर हो सकता है, जैसे तकनीकी खराबी, आग लगना, मेडिकल इमरजेंसी या किसी बाहरी खतरे का सामना किया होगा। 

    रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ट्रांसपॉन्डर कोड 7700 जारी करने के बाद विमान नीचे उतर रहा था और अपना कोर्स बदलकर कतर की ओर मुड़ रहा था. तभी अचानक रडार से लापता हो गया. ये घटना खाड़ी में हवा में ईंधन भरने के अभियान के दौरान विमान द्वारा रास्ता बदलने और ऊंचाई कम करने के बाद हुई. हालांकि, अमेरिकी एयरफोर्स ने इस घटना को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। 

    शुरुआत में यह स्पष्ट नहीं था कि विमान में कितने चालक दल के सदस्य सवार थे. अमेरिकी वायु सेना के आंकड़ों के अनुसार, इस विमान को आमतौर पर एक ही चालक दल का सदस्य संचालित करता है और इसमें एक कार्गो डेक होता है, जिसमें यात्री भी बैठ सकते हैं. ट्रांसपॉन्डर सिग्नल गायब होने से दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है. हालांकि, अभी तक मलबे, डिस्ट्रेस कॉल, बचाव अभियान या समुद्री अलर्ट की कोई पुष्टि नहीं हुई है। 

    बता दें कि 28 फरवरी से शुरू हुए पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद से ईरान ने इस क्षेत्र में लक्षित हमलों में कई अमेरिकी सैन्य विमानों को मार गिराने का दावा किया था। 

    एक घंटे बाद पूरी तरह गायब
    गल्फ न्यूज़ के अनुसार, इमरजेंसी कोड दिखने के लगभग एक घंटे बाद विमान का ट्रांसपोंडर सिग्नल पूरी तरह बंद हो गया. हालांकि, सिर्फ सिग्नल खो जाना किसी दुर्घटना की पुष्टि नहीं करता, लेकिन इमरजेंसी अलर्ट के बाद ऐसा होना चिंता बढ़ाता है. अब तक किसी मलबे, संकट संदेश (distress call), रेस्क्यू ऑपरेशन या समुद्री अलर्ट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. विमान में कितने क्रू मेंबर थे, यह भी स्पष्ट नहीं है, हालांकि आमतौर पर KC-135 सीमित क्रू के साथ ऑपरेट किया जाता है। 

    क्यों अहम है यह मामला?
    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ग्लोबल ऑयल सप्लाई का प्रमुख मार्ग है. इस इलाके में किसी भी सैन्य या तकनीकी घटना का असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पड़ सकता है. ऐसे में KC-135 का अचानक गायब होना सुरक्षा और रणनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

  • पंजाब के धमाकों में खुली खालिस्तानी और ISI साजिश, एजेंसियों ने शुरू की विस्तृत जांच

    पंजाब के धमाकों में खुली खालिस्तानी और ISI साजिश, एजेंसियों ने शुरू की विस्तृत जांच

     जालंधर/अमृतसर

    पंजाब में एक बार फिर सुरक्षा हालात को लेकर गंभीर चिंता सामने आ रही है। पाकिस्तान समर्थित खुफिया एजेंसी, खालिस्तानी आतंकी नेटवर्क और गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ के सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। हाल के घटनाक्रम और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई से साफ है कि राज्य को अस्थिर करने की कोशिशें सुनियोजित तरीके से की जा रही हैं। बीते महीनों में कई घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। अप्रैल 2026 में पटियाला-राजपुरा रेल ट्रैक पर कम तीव्रता का आईईडी विस्फोट हुआ जिसे बड़े हमले की साजिश के तौर पर देखा गया। 

    चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमला हुआ जिससे राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में हलचल मच गई। जनवरी 2026 में गणतंत्र दिवस से पहले सिरहिंद रेलवे ट्रैक पर विस्फोट किया गया जबकि नवंबर 2025 में मोगा के सीआईए कार्यालय पर ग्रेनेड फेंका गया था। 

    मार्च 2025 में अमृतसर के खंदवाला इलाके में धार्मिक स्थल के बाहर विस्फोट की घटना भी सामने आई जिसकी जांच एनआईए ने की थी। इन घटनाओं के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने कई बड़ी कामयाबियां भी हासिल की हैं। अप्रैल 2026 में तरनतारन से भारी मात्रा में आरडीएक्स और आधुनिक हथियार बरामद कर एक बड़े हमले को टाल दिया गया। जनवरी 2026 में होशियारपुर में बीकेआई से जुड़े मॉड्यूल से ढाई किलो आरडीएक्स, पिस्तौल और कारतूस बरामद हुए। गुरदासपुर, नवांशहर और अमृतसर में भी हथियारों की बरामदगी ने संकेत दिया कि आतंकी नेटवर्क सक्रिय हैं।

    सीसीटीवी गैंग की गिरफ्तारी
    पंजाब और देश के अन्य इलाकों में बीते कुछ समय से ऐसी गतिविधियां नोटिस की जा रही है जिससे खुफिया एजेंसियों के काम खड़े हो गए हैं. बीते कुछ समय में देश के अलग-अलग इलाकों में सीसीटीवी गैंग की गिरफ्तारी भी इसी से जुड़ी घटना मानी जा रही है. ये गैंग हाईवे टोल प्लाजा और अन्य इलाकों संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी इंस्टॉल कर उसका एक्सेस पाकिस्तान में बैठे आकाओं को देते थे. इन सभी गतिविधियों के पीछे आतंकी लांडा और रिंदा का हाथ माना जा रहा है। 

    आतंकी लखबीर सिंह लांडा आतंकी घोषित
    बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा खालिस्तानी आतंकी लखबीर सिंह लांडा को भारत सरकार ने यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया है. कनाडा में बैठे लांडा पर मोहाली इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर RPG हमले का मास्टरमाइंड होने, पाकिस्तान से IED और हथियारों की तस्करी, टारगेट किलिंग और जबरन वसूली के आरोप हैं. वह हरदीप सिंह निज्जर और गुरपतवंत सिंह पन्नून जैसे आतंकियों से जुड़ा था. एनआईए ने उस पर इनाम रखा है. लांडा पंजाब के तरन तारन का रहने वाला है और कनाडा के एडमंटन में छिपा बैठा ISI के इशारे पर मॉड्यूल चला रहा है। 

    हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा गैंग फिर सक्रिय
    दूसरी ओर, पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के गैंग को फिर सक्रिय करने की कोशिशें सामने आई हैं. महाराष्ट्र के नांदेड़ पुलिस ने रिंदा के पिता चरण सिंह संधू और भाई नवजोत सिंह संधू को एक्सटॉर्शन के मामले में गिरफ्तार किया है. पुलिस को शक है कि रिंदा अभी भी अपने परिवार के जरिए नांदेड़ और आसपास के इलाकों में धमकियां देकर वसूली करवा रहा है. रिंदा पर 2021 में पंजाब पुलिस पर हमले समेत कई मामलों में 10 लाख का इनाम है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या रिंदा ISI के साथ मिलकर अपना पुराना गैंग भारत में फिर से खड़ा कर रहा है। 

    इधर, लखनऊ में यूपी एटीएस की एक बड़ी कामयाबी भी इसी सिलसिले में देखी गई. संदिग्ध आतंकी तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्लाह अली खान और समीर खान की कस्टडी रिमांड खत्म होने वाली है. एटीएस ने नोएडा से दोनों को पिस्टल, रकम और अन्य सुराग मिलने की बात कही है. दोनों पाकिस्तानी हैंडलर्स (ISI से जुड़े मेजर हामिद, इकबाल आदि) के इशारे पर ग्रेनेड अटैक और टारगेट किलिंग की तैयारी कर रहे थे. सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को रैडिकलाइज करने की साजिश भी सामने आई। 

    अंतरराष्ट्रीय सीमा से ड्रोन के जरिए हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी बड़ी चुनौती बन चुकी है। अमृतसर और फिरोजपुर सेक्टर में कई बार पाकिस्तान से ड्रोन के माध्यम से हथियार गिराए जाने के मामले सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि इन गतिविधियों के पीछे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और विदेशों में सक्रिय खालिस्तानी आतंकी शामिल हैं। इनमें रंजीत नीटा और लखबीर लंडा जैसे नाम प्रमुख हैं।

    इस पूरे परिदृश्य में गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ नई चुनौती बनकर उभरा है। वर्ष 2025 में एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 400 से अधिक गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया जिससे स्पष्ट हुआ कि संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच तालमेल बढ़ रहा है। यही नेटवर्क स्थानीय स्तर पर हमलों को अंजाम देने और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने में भूमिका निभा रहा है।
     
    भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर पर ग्रेनेड हमला और पुलिस थानों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं दर्शाती हैं कि आतंकी संगठनों का मकसद पंजाब के शांत माहौल को बिगाड़ना और डर फैलाना है। हालांकि पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की सतर्कता से कई साजिशें नाकाम हुई हैं।इसके बावजूद सीमा पार से मिल रहे समर्थन और स्थानीय नेटवर्क के कारण चुनौती बनी हुई है। पंजाब फिलहाल संवेदनशील दौर से गुजर रहा है जहां सुरक्षा तंत्र लगातार सतर्क है।