Tag: featured

  • नर्मदापुरम में भूकंप का असर, 3.8 मैग्नीट्यूड की तीव्रता दर्ज; गांवों में फैली दहशत

    नर्मदापुरम में भूकंप का असर, 3.8 मैग्नीट्यूड की तीव्रता दर्ज; गांवों में फैली दहशत

    नर्मदापुरम

     नर्मदापुरम जिले के केसला ब्लॉक के ग्राम चिचवानी और छीतापुरा क्षेत्र में सोमवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक आए कंपन से ग्रामीणों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।

    रात करीब 9:38 बजे महसूस हुआ कंपन
    मौसम केंद्र भोपाल और नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, 8 जून 2026 की रात करीब 9:39 बजे भूकंप दर्ज किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.8 मैग्नीट्यूड मापी गई। जबकि इसकी गहराई जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे बताई गई।

    छीतापुरा गांव तक महसूस हुए झटके
    चिचवानी गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर छीतापुरा में भी लोगों ने झटके महसूस किए। स्थानीय जनपद पंचायत सदस्य संतोष सल्लाम ने बताया कि वह रात में छत पर सो रहे थे, तभी अचानक कुछ सेकंड के लिए कंपन महसूस हुआ। शुरुआत में ऐसा लगा कि घर हिल रहा है, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई।

    हल्की श्रेणी का माना जाता है 3.8 मैग्नीट्यूड का भूकंप
    विशेषज्ञों के अनुसार 3.8 मैग्नीट्यूड का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है। ऐसे भूकंप में आमतौर पर बड़े नुकसान की संभावना कम रहती है, लेकिन इसके झटके लोगों को स्पष्ट रूप से महसूस हो सकते हैं।

    छत सो रहा था, अचानक से कंपन हुआ
    ग्राम चिचवानी से 2 किमी दूर स्थित छीतापुरा में भी झटके महसूस हुए। जनपद पंचायत सदस्य संतोष सल्लाम ने बताया रात करीब 9.30 बजे के आसपास जब में छत पर सो रहा था, तब कुछ पलभर के लिए कंपन हुआ। ऐसा लगा मानो घर हिल गया है लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ।

    3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है
    जानकारों के अनुसार 3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है। इसमें आमतौर पर बड़ा नुकसान नहीं होता, लेकिन झटके साफ महसूस होते हैं। एसडीएम निलेश शर्मा ने बताया मुझे इसकी जानकारी मिली है। अधिकृत पता करके थोड़ी देर में बताऊंगा।

    हल्की श्रेणी का भूकंप, नुकसान की खबर नहीं
    विशेषज्ञों के अनुसार 3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में माना जाता है। ऐसे भूकंपों में आमतौर पर बड़े नुकसान की संभावना कम होती है, लेकिन झटके स्पष्ट रूप से महसूस किए जा सकते हैं। प्रशासन ने भी फिलहाल किसी तरह की क्षति की पुष्टि नहीं की है।

    प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट
    एसडीएम निलेश शर्मा ने बताया कि भूकंप की जानकारी प्राप्त हुई है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। अब तक किसी गांव से नुकसान या घायल होने की सूचना नहीं मिली है।

  • रोजगार और सियासत साथ-साथ: भगवंत मान ने बांटे नियुक्ति पत्र, धुरी में विपक्ष पर किया हमला

    रोजगार और सियासत साथ-साथ: भगवंत मान ने बांटे नियुक्ति पत्र, धुरी में विपक्ष पर किया हमला

    चंडीगढ़ 
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अलग-अलग विभागों में उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे। चंडीगढ़ के म्युनिसिपल भवन में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गयया। अब तक पंजाब सरकार 65,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है।इस दाैरान मान ने कहा कि आज अलग-अलग विभागों के 355 युवा लड़के-लड़कियों को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। आने वाले दिनों में पंजाब सरकार इन युवा लड़के-लड़कियों को और भी कई नौकरियां देगी। ये नौकरियां मेरिट के आधार पर दी जाएंगी। 

    युवाओं ने खुद अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इसके लिए उन्हें कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ा और न ही किसी सिफारिश की जरूरत पड़ी। इसलिए मैं सभी को बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं। 

    भाजपा पर साधा निशाना
    इस दाैरान सीएम ने भाजपा पर निशाना साधा। मान ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री धुरी आए थे और आप जानते ही हैं कि उनके सामने कितने लोग बैठे थे। वह एक फ्लॉप शो था। पंजाब के लोग भाजपा को बिल्कुल भी पसंद नहीं करेंगे क्योंकि पंजाब की जनता और किसानों ने भाजपा का नफरत भरा चेहरा देख लिया है।  

    युवाओं के सशक्तिकरण के लिए सरकार के व्यापक दृष्टिकोण को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब न सिर्फ नौकरियां पैदा कर रहा है बल्कि ऐसे मौके भी पैदा कर रहा है जो युवाओं को अपने प्रदेश में रहने, आगे बढ़ने और सफल होने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने हुनरमंद युवाओं के पलायन के रुझान को पलटने, 65,000 ठेका कर्मचारियों के लिए रेगुलर नौकरी का रास्ता खोलने, 25 नई आई.टी.आई. और 13 मौजूदा आई.टी.आई. संस्थानों के अपग्रेडेशन के माध्यम से हुनर विकास में बड़े निवेश की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप सरकार पंजाब के युवाओं को देश में रहकर ही अपना भविष्य बनाने के लिए उन्हें विश्वास भरने, उचित मौके और हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है। तकनीकी शिक्षा, सहकारिता, स्थानीय निकायों, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, पशुपालन, लोक निर्माण, आवास निर्माण एवं शहरी विकास तथा अन्य विभागों में नए चुने गए उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दिन पंजाब सरकार के राज्य के युवाओं को रोजगार और सुशासन के माध्यम से सशक्त बनाने के चल रहे मिशन में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

    इस अवसर की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “आज 355 और युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिससे अब तक दी गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 67,037 हो गई है। ये सारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर दी गई हैं। ऐसे समय में जब देश भर में नीट जैसे पेपर लीक हो रहे हैं, पंजाब ने ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ भर्ती प्रक्रियाओं को सुनिश्चित करके और शिक्षा के क्षेत्र में देश भर में शीर्ष स्थान हासिल करके मिसाल कायम की है। मैं नव-नियुक्त उम्मीदवारों से अपील करता हूं कि वे सरकारी दफ्तरों में वरिष्ठ नागरिकों और आम लोगों के काम को प्राथमिकता दें। ‘आप’ सरकार युवाओं के विदेशों की ओर पलायन को रोकने और उन्हें पंजाब में ही तरक्की के मौके प्रदान करके उनके सपनों को पंख देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

    नव-नियुक्त उम्मीदवारों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार में उम्मीदवारों के चयन का एकमात्र मापदंड कड़ी मेहनत, समर्पण और योग्यता है। वह दिन गए जब सरकारी नौकरियां रिश्वत, सिफारिशों या राजनीतिक संबंधों के आधार पर बांटी जाती थीं। आज योग्य उम्मीदवारों को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से नौकरियां दी जा रही हैं। इन युवाओं ने सफलता प्राप्त करने के लिए दिन-रात मेहनत की है और यह उनके सफर की सिर्फ शुरुआत है। उनके लिए तरक्की की उड़ान भरने के लिए आसमान खुला है और मैं सभी उम्मीदवारों को आगे और बड़े मुकाम हासिल करने के लिए प्रयासरत रहने की सलाह देता हूं।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज से ये नव-नियुक्त कर्मचारी सरकारी परिवार का एक अभिन्न अंग बन गए हैं और ये कर्मचारी खुशहाल व रंगला पंजाब के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा, “हम सब एकजुट होकर रंगला पंजाब की शान को बहाल करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। आपके हर एक की अब समाज और राज्य के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सरकार ने आपको मौके देकर अपना फर्ज निभाया है। अब आपकी बारी है कि आप ईमानदारी, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ लोगों की सेवा करें।

    पंजाब सरकार द्वारा अपनाई गई पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के रिकॉर्ड की तुलना देश के अन्य हिस्सों की वर्तमान स्थिति से की। उन्होंने कहा, “2017 से अब तक देश भर में लगभग 93 परीक्षा पेपर लीक होने की रिपोर्ट मिली है। नीट समेत प्रमुख परीक्षाओं से जुड़ी ऐसी घटनाओं ने लाखों युवाओं को निराश किया है। हालांकि, 2022 में हमारी सरकार के सत्ता संभालने के बाद पंजाब में एक भी पेपर लीक होने की घटना सामने नहीं आई है। इसका कारण यह है कि राज्य में एक ईमानदार सरकार काम कर रही है। होनहार विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा और मेहनत के आधार पर नौकरियां और मौके मिल रहे हैं।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा मेरिट के आधार पर अब तक 67,037 सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं और हर नियुक्ति भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद या पक्षपात से मुक्त होकर की गई है। शिक्षा क्रांति के तहत सरकार द्वारा किए गए शिक्षा सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में शानदार बदलाव लाया है। उन्होंने कहा, “जब हमारी सरकार ने सत्ता संभाली थी तो स्कूल शिक्षा में पंजाब देश भर में 27वें स्थान पर था। आज नीति आयोग के अनुसार पंजाब ने स्कूल शिक्षा में केरल जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए पहले नंबर पर कब्जा कर लिया है। यह उपलब्धि इसलिए संभव हुई क्योंकि हमने सरकारी स्कूलों को मजबूत करने और विश्व स्तरीय शैक्षणिक बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भर के स्कूल अब अत्याधुनिक सुविधाओं और आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस हैं, जिससे स्कूलों में ऐसा माहौल सृजित हुआ है जो सीखने, नवाचार और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करता है। उन्होंने आगे कहा, “विद्यार्थी हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि वे अब सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में जो बदलाव आया है, वह बेमिसाल है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बेहद गर्व और संतोष की बात है कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में अब विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारे प्रिंसिपलों और शिक्षा अधिकारियों ने सिंगापुर में विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त किया है। मुख्य शिक्षकों ने आईआईएम अहमदाबाद में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्राइमरी शिक्षकों ने फिनलैंड की तुर्कू यूनिवर्सिटी से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इन पहलकदमियों का उद्देश्य हमारे शिक्षकों की दक्षता बढ़ाना है ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य भर में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आम घरों और पिछड़े वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करके उनके भविष्य को सुरक्षित करना है। उन्होंने कहा, “ये स्कूल ऑफ एमिनेंस आधुनिक शिक्षा के मंदिर के रूप में उभर रहे हैं। ये विद्यार्थियों के जीवन को रोशन कर रहे हैं और ऐसे मौके सृजित कर रहे हैं जो पहले अधिकांश परिवारों के लिए उपलब्ध नहीं थे। इन स्कूलों की सफलता का अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थी अब स्कूल ऑफ एमिनेंस में दाखिला ले रहे हैं। यह सरकारी शिक्षा प्रणाली के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।”

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन स्कूलों के विद्यार्थियों को आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी कार्यक्रमों, नीट, जेईई, सीएलएटी, एनआईएफटी और कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा, “हम अपने बच्चों को सिर्फ परीक्षाएं पास करने के लिए नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सफलतापूर्वक मुकाबला करने और हर क्षेत्र में बड़े पद हासिल करने के लिए तैयार कर रहे हैं। तकनीकी शिक्षा और हुनर विकास पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार युवाओं को हुनरमंद बनाने और भविष्य के लिए तैयार करने के लिए ठोस कदम उठा रही है ताकि आधुनिक उद्योगों और उभरती प्रौद्योगिकियों की मांगों को पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा, “हमने तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने और युवाओं में रोजगार योग्यता बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। वर्तमान समय में 25 नई औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का निर्माण प्रगति पर है। इसके साथ ही मौजूदा 13 आई.टी.आई. को बेहतर बुनियादी ढांचे और आधुनिक सुविधाओं से अपग्रेड किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के आधुनिकीकरण के लिए 20 करोड़ रुपए का निवेश किया गया है। उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा नंगल में 23 करोड़ रुपए की लागत से कैप्टन अमोल कालिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जा रहा है। यह संस्था अत्याधुनिक हुनर विकास और उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण के लिए एक हब के रूप में काम करेगी और युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य के सभी 91 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सेमेस्टर इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, “यह पहल विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान उद्योगों से संबंधित व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और नौकरी के लिए जरूरी हुनर हासिल करने योग्य बनाती है। हमारा उद्देश्य शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने के साथ-साथ राज्य के युवाओं को तेजी से बदल रही अर्थव्यवस्था की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार करना भी है।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये पहलकदमियां भविष्य के लिए युवाओं को हुनरमंद करने, रोजगार योग्यता बढ़ाने और राज्य के युवाओं के लिए अधिक मौके सृजित करने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। नए भर्ती हुए कर्मचारियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि ये कर्मचारी आगामी वर्षों में कड़ी मेहनत और समर्पण की भावना से अपने लिए विशिष्ट स्थान बनाएंगे। उन्होंने नव-नियुक्त कर्मचारियों को दृढ़ता और समर्पण की भावना से अपनी सेवाएं निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आगे कहा, “कड़ी मेहनत ही सफलता की एकमात्र कुंजी है। पंजाब विकास और खुशहाली के लिए असीम मौके प्रदान करता है। आपको अपनी विशिष्ट पहचान बनाने और समाज पर सकारात्मक छाप छोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। कभी भी सपने देखना बंद नहीं करना चाहिए और उन सपनों को साकार करने के लिए लगातार मेहनत करते रहना चाहिए।”

    सरकार की भूमिका की तुलना हवाई अड्डे के रनवे से करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य की जिम्मेदारी ऐसे मौके और सहायता प्रणालियां प्रदान करना है जो युवाओं को अपनी इच्छाओं को प्राप्त करने योग्य बनाती हैं। उन्होंने आगे कहा, “एक हवाई अड्डे का रनवे जहाज को नहीं उड़ाता। यह सिर्फ सुचारू उड़ान के लिए सुविधा प्रदान करता है। इसी तरह राज्य सरकार एक अनुकूल वातावरण प्रदान करके युवाओं को उनके सपनों को साकार करने योग्य बनाती है। हम युवा मनाओं की इच्छाओं को पंख दे रहे हैं और उनकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि सभी नौकरियां भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद को नजरअंदाज करके केवल योग्यता के आधार पर प्रदान की गई हैं।

    उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कोई भी युवा नौकरी की तलाश में विदेश जाने को मजबूर न हो। उन्होंने आगे कहा, “हम पंजाब के अंदर ऐसे मौके पैदा करना चाहते हैं कि हमारे युवा अपने देश में रहकर ही अपना भविष्य तैयार करें। यह हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को पूरा करने और हमारे राज्य को मजबूत बनाने के लिए बहुत जरूरी है। वास्तव में सरकार के निरंतर प्रयासों से पहले ही अनेक युवा विदेशों से वापस अपने देश लौट रहे हैं और कई युवा विदेशों से ही अपनी मातृभूमि की सेवा करते हुए देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार द्वारा दी जा रही नौकरियां उनके लिए कोई एहसान नहीं बल्कि योग्य उम्मीदवारों का सही मायने में बनता हक है। उन्होंने आगे कहा, “ये युवा अपनी योग्यता और कड़ी मेहनत के कारण इन नौकरियों के हकदार हैं। बदकिस्मती से पिछली सरकारों ने कभी भी उनकी ओर ध्यान नहीं दिया। आज ये युवा अपनी योग्यता के आधार पर सफल हुए हैं और यह हर पंजाबी के लिए बड़े गर्व की बात है।

    मुख्यमंत्री ने नए भर्ती हुए युवाओं को सरकारी व्यवस्था के सक्रिय और समर्पित सदस्य बनने तथा पूरे जोश के साथ लोगों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आगे कहा, “अब जब आप सरकारी परिवार का हिस्सा बन गए हैं, तो आपका फर्ज लोगों की भलाई के लिए काम करना है। अपनी कलम और अधिकार का उपयोग जरूरतमंदों, दबे-कुचले लोगों और उन लोगों की मदद के लिए करें जिन्हें सरकार से सहायता की जरूरत है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करें कि समाज के हर वर्ग को आपकी सेवाओं का लाभ मिले। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि सभी भर्तियां पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से की गई हैं और उम्मीदवारों ने मुकाबले वाली परीक्षाओं में सफल होने के बाद ही रोजगार प्राप्त किया था। उन्होंने आगे कहा, “हमारी सरकार का पहले दिन से ही एकमात्र एजेंडा युवाओं को रोजगार के मौके देकर सशक्त बनाना रहा है। आज एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि आप पंजाब के सामाजिक-आर्थिक विकास और तरक्की में सक्रिय भागीदार बन गए हैं।

    मुख्यमंत्री ने ठेका आधारित कर्मचारियों के बारे में पंजाब सरकार के ऐतिहासिक फैसले का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “एक बड़े जन हितैषी फैसले में राज्य सरकार ने ठेकेदारी प्रणाली को खत्म करने और लगभग 65,000 कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 65,000 से अधिक ठेका आधारित कर्मचारियों ने अपनी जिंदगी के महत्वपूर्ण साल पंजाब की सेवा में समर्पित किए हैं। उन्होंने कहा, “इन कर्मचारियों ने राज्य के लिए अथक मेहनत की है। यह बिल्कुल उचित है कि उन्हें अपने रोजगार में सम्मान, सुरक्षा और स्थिरता मिले। अब कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच कोई ठेकेदार नहीं रहेगा।”

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कर्मचारियों को अब सीधा रोजगार, अधिक सम्मान और स्थायी सेवा के लिए स्पष्ट रास्ता मिलेगा। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार के विभागों और संस्थाओं में निजी ठेकेदारों के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों को सीधे तौर पर राज्य रोजगार के अधीन लाया जाएगा। उन्होंने कहा, “पांच साल लगातार आउटसोर्स पर काम करने के बाद कर्मचारी सीधे सरकार के अंदर रोजगार के लिए योग्य हो जाएंगे। इसके बाद, 10 साल की ठेका सेवा पूरी करने के बाद उन्हें रेगुलर मंजूरशुदा रिक्तियों के विरुद्ध रेगुलर करने के लिए विचार किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस सकारात्मक बदलाव को सुचारू बनाने के लिए दो नए कानून लाए जा रहे हैं। पहला कानून आउटसोर्स्ड रोजगार से सीधे सरकार के अंदर ठेके पर रोजगार में तब्दीली को नियंत्रित करेगा। दूसरा कानून मंजूरशुदा रिक्तियों के विरुद्ध सीधे ठेका आधारित रोजगार से रेगुलर सेवा तक का रास्ता प्रशस्त करेगा। यह एक ऐतिहासिक कदम है जो हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों के जीवन में मिसाली बदलाव लाएगा। इस दौरान, पंजाब के विभिन्न हिस्सों से नव-भर्ती हुए उम्मीदवारों ने पूरी तरह योग्यता-आधारित, स्वतंत्र और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री और पंजाब सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राजनीतिक समर्थन, सिफारिशों या रिश्वतखोरी के बिना सरकारी नौकरी प्राप्त करना आखिरकार एक हकीकत बन गया है और पंजाब की रोजगार प्रणाली में एक बड़ी तब्दीली को दर्शाता है।

    धूरी से रणजोध सिंह ने पक्षपात की बजाय योग्यता को प्राथमिकता देने और सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की। इसी तरह की भावनाओं को दोहराते हुए पटियाला के गांव बूटा सिंह वाला के एक पूर्व सैनिक काला सिंह ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शी तरीके से की गई थी और इसमें किसी प्रकार की कोई हेराफेरी की बिल्कुल भी गुंजाइश नहीं थी। अमृतसर से मनप्रीत कौर ने इस दिन को अपने और अपने परिवार के लिए ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के नौकरी प्राप्त की है और उन्हें मेहनत का फल मिला है। उन्होंने आगे कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ने बहुत से परिवारों के लिए लंबे समय से आ रही बाधाओं को तोड़ा है और युवाओं में विश्वास बहाल किया है।

    मोहाली से परमीत कौर ने सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाली अपने परिवार की पहली सदस्य बनने पर बहुत खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की गई थी और इस मौके ने उनके परिवार का भविष्य बदल दिया है। एक और प्रेरणादायक उदाहरण में एक चौकीदार के पुत्र ने अपनी चौथी सरकारी नौकरी पूरी तरह योग्यता के आधार पर प्राप्त की बताई। उन्होंने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ने उनके कई एनआरआई दोस्तों को पंजाब वापस आने और सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन देने के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित किया है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और गुरमीत सिंह खुड्डियां सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

        भगवंत मान सरकार ने योग्यता के आधार पर 67,037 नौकरियां पैदा की, 25 नई आई.टी.आई. के साथ कौशल आधारित ढांचे का विस्तार किया और तकनीकी शिक्षा में बड़ा निवेश किया

    भगवंत मान सरकार की प्रमुख उपलब्धियां

        वर्ष 2022 से अब तक 67,037 सरकारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता, पारदर्शिता और बिना किसी सिफारिश के प्रदान की गई हैं।
        पंजाब के गांवों, कस्बों और शहरों के युवाओं को सरकार की रोजगार अभियान का लाभ हुआ है।
        कई विभागों में भर्ती जारी है, जिसमें और नौकरियों की भर्ती का काम शुरू किया जा रहा है।
        कई उम्मीदवारों ने प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से कई बार सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं, जो भर्ती प्रणाली में लोगों के भरोसे का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

    कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा सुधार

        पंजाब भर में 25 नई आई.टी.आई. निर्माणाधीन हैं।
        13 मौजूदा आई.टी.आई. को बेहतर बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जा रहा है।
        सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों के आधुनिकीकरण पर 20 करोड़ रुपए खर्च किए गए।
        सरकारी पॉलिटेक्निक इमारतों के निर्माण, मरम्मत और नवीनीकरण में 12 करोड़ रुपए का निवेश किया गया।
        आईआईटी रोपड़ के सहयोग से 8 सरकारी पॉलिटेक्निकों में साइबर-फिजिकल सिस्टम लैब स्थापित की जा रही हैं।
        5 सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में इनोवेशन लैब स्थापित की गई हैं।
        नंगल में 23 करोड़ रुपए की लागत से कैप्टन अमोल कालिया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जा रहा है।
        सरदूलगढ़ में 17 करोड़ रुपए की लागत से नई आईटीआई बनाई जा रही है।
        उद्योग की मांग के अनुसार कौशल तैयार करने और नौकरी के लिए तैयार युवाओं को प्रदान करने के लिए सभी 91 पॉलिटेक्निक कॉलेजों में सेमेस्टर इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू किया गया है।

  • संवेदनशील प्रशासन ही सुशासन की पहचान: सीएम विष्णु देव साय ने अधिकारियों को दिया मंत्र

    संवेदनशील प्रशासन ही सुशासन की पहचान: सीएम विष्णु देव साय ने अधिकारियों को दिया मंत्र

    सकारात्मक सोच, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे शासन की योजनाओं का लाभ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    सुशासन तिहार 2026 के तहत बालोद और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों की विस्तृत समीक्षा

    लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, पीएम आवास निर्माण में तेजी और पीएम सूर्यघर योजना के विस्तार पर दिया विशेष जोर

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व प्रकरणों, ग्रामीण एवं शहरी विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविरों और चौपालों के माध्यम से सीधे लोगों से संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद प्रशासनिक अमले ने आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है और इस प्रतिबद्धता को आगे भी बनाए रखना होगा।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक सोच, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की किसी भी योजना का पात्र हितग्राही लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

    राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और स्वामित्व योजना पर जोर

    मुख्यमंत्री साय ने दोनों जिलों में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन तथा नक्शा सुधार से संबंधित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना तथा राजस्व अभिलेखों के अद्यतन कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।

    प्रधानमंत्री आवास और पीएम सूर्यघर योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश

    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले अधिकतम स्वीकृत आवासों का निर्माण पूर्ण किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण कार्यों को गति देने के लिए अधिक से अधिक कारीगरों को मेसन प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुनिश्चित हो सके।

    प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में पांच लाख सौर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाए तथा योजना से मिलने वाले आर्थिक और ऊर्जा संबंधी लाभों की जानकारी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए।

    किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दें

    मुख्यमंत्री साय ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के संबंध में किसानों को जागरूक किया जाए तथा इसके लाभों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए।

    मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सभी पात्र किसानों को योजना से लाभान्वित करने और एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। धान उपार्जन और धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर राइस मिलों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक पहल करने को कहा।

    महिला सशक्तिकरण, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन पर विशेष फोकस

    बिहान योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री निर्माण में महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने तथा दोनों जिलों में इस कार्य को प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति, कुपोषित बच्चों की संख्या और सुपोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कुपोषण उन्मूलन के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 20 हजार 245 तथा बालोद जिले में 36 हजार 312 लखपति दीदी तैयार हो चुकी हैं। इसके अलावा औराटोला को लखपति ग्राम के रूप में विकसित किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।

    स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बरसात पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश

    मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु के दौरान संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

    उन्होंने टीबी मुक्त पंचायत अभियान, संस्थागत प्रसव तथा विभिन्न जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। बालोद जिले में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने आवश्यक रोकथाम, जागरूकता और उपचार संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    पेयजल, सड़क और डिजिटल सेवाओं की प्रगति की समीक्षा

    जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्मी और आगामी वर्षा ऋतु के दौरान निर्बाध पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मोहला-मानपुर क्षेत्र में स्वीकृत 60 किलोमीटर सड़क निर्माण में से 50 किलोमीटर कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ऐसे मार्गों की भी समीक्षा की जो वर्षा ऋतु में आवागमन के लिए कठिन हो जाते हैं और उन्हें बारिश से पहले दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट और अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों के माध्यम से नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सेवा सेतु पोर्टल में और अधिक सेवाओं को जोड़ा जाएगा, जिससे ऑनलाइन सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और नागरिकों को घर बैठे सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी के निर्देश दिए।

    शिक्षा की गुणवत्ता, कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर विशेष बल

    मुख्यमंत्री ने पीएम स्कूलों तथा शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े प्रयासों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए सतत निगरानी, नवाचार आधारित शिक्षण और परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली अपनाने पर बल दिया।

    पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान नए तीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा सड़क सुरक्षा संबंधी उपायों की जानकारी ली गई। समीक्षा में बताया गया कि बालोद जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है।

    मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि हेलमेट पहनने तथा अन्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए।

    बैठक में तेंदूपत्ता संग्रहण, खनिज राजस्व प्राप्ति, डीजल, पेट्रोल एवं एलपीजी की उपलब्धता सहित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसी भावना के साथ सभी अधिकारियों को कार्य करना होगा।

    बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, दुर्ग संभाग के कमिश्नर एस.एन. राठौर, दुर्ग एवं राजनांदगांव रेंज के आईजी, बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित थे।

  • ED के रडार पर AAP नेता संजीव अरोड़ा, दिल्ली समेत कई शहरों में छापेमारी से मचा हड़कंप

    ED के रडार पर AAP नेता संजीव अरोड़ा, दिल्ली समेत कई शहरों में छापेमारी से मचा हड़कंप

    लुधियाना 
    पंजाब की भगवंत मान सरकार के पूर्व मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक्शन तेज कर लिया है. ईडी ने सुबह-सुबह यूपी से पंजाब तक छापेमारी की है. संजीव अरोड़ा को ईडी ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था वो अभी गुरुग्राम की जेल में बंद हैं। 

    ईडी ने संजीव अरोड़ा से जुड़े जिस मामले में देश के अलग-अलग राज्यों में छापेमारी की है, वो दुबई को मोबाइल फोन के फर्जी एक्सपोर्ट से जुड़ा है. कई जगहों पर सुबह से छापेमारी चल रही है. यूपी के नोएडा और बरेली, दिल्ली और पंजाब के जालंधर शहर में ईडी की कार्रवाई जारी है। 

    अधिकारियों के अनुसार, जिन परिसरों में सर्च ऑपरेशन चल रहा है, उनमें हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड मामले में जांच के दायरे में आए व्यक्तियों और संस्थाओं से जुड़े आवास और व्यावसायिक कार्यालय दोनों शामिल हैं। 

    केजरीवाल बोले- हिंदू व्यापारियों पर ईडी की रेड
    आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने ईडी को ईडी पार्टी बताते हुए कहा, 'ED पार्टी आज फिर पंजाब के हिंदू व्यापारियों पर ED की रेड कर रही है. ED पार्टी पंजाब के छोटे-छोटे हिंदू व्यापारियों को तंग कर रही है. मेरी सभी व्यापारियों से अपील है- घबराने की कोई बात नहीं है, पूरा पंजाब और पंजाब सरकार आपके साथ है, हम सब मिलकर ED पार्टी का मुकाबला करेंगे। 

        ED पार्टी आज फिर पंजाब के हिंदू व्यापारियों पर ED की रेड कर रही है। ED पार्टी पंजाब के छोटे छोटे हिंदू व्यापारियों को तंग कर रही है।

    पंजाब, यूपी और दिल्ली-NCR में 6 ठिकानों पर छापेमारी
    प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (Hampton Sky Realty Ltd.) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR में 6 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है। ED ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जारी जांच के क्रम में लुधियाना और जालंधर (पंजाब), बरेली (उत्तर प्रदेश) तथा दिल्ली-नोएडा क्षेत्र में एक साथ छापेमारी की।

    जांच एजेंसी के अनुसार, जिन परिसरों पर तलाशी ली जा रही है उनमें मामले से जुड़े व्यक्तियों और संस्थाओं के आवासीय एवं व्यावसायिक कार्यालय शामिल हैं।

    सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड से जुड़े वित्तीय लेन-देन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों की जांच के तहत की जा रही है। तलाशी के दौरान दस्तावेजों, डिजिटल उपकरणों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। फिलहाल ED की कार्रवाई जारी है और एजेंसी द्वारा बरामद सामग्री का विश्लेषण किया जा रहा है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।

    संजीव अरोड़ा के खिलाफ एक्शन क्यों?
    संजीव अरोड़ा को ED ने 100 करोड़ रुपये के जीएसटी धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन मामले में गिरफ्तार किया था, जिसमें उनसे जुड़ी कुछ इकाइयां शामिल हैं. अरोड़ा से जुड़ी कंपनी हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड (HSRL) ने फर्जी दस्तावेजों और फर्जी निर्यात के जरिए करीब ₹102.5 करोड़ की अवैध कमाई की और GST रिफंड लेकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया. बता दें कि HSRL को पहले रितेश प्रॉपर्टीज एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड के नाम से जाना जाता था। 

  • क्यों भागा शेयर बाजार? इस बड़े ट्रिगर से सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल, टाटा और इंडिगो के शेयर चमके

    क्यों भागा शेयर बाजार? इस बड़े ट्रिगर से सेंसेक्स-निफ्टी में उछाल, टाटा और इंडिगो के शेयर चमके

    मुंबई 

    शेयर बाजार में जारी गिरावट पर ब्रेक लगा नजर आ रहा है और सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को सेंसेक्स-निफ्टी ने उबरते हुए तेज शुरुआत की. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स 74000 के पार खुला, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने भी 23,200 के पार निकलकर कारोबार शुरू किया. इस तेजी के बीच बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल 30 कंपनियों में से 25 के शेयर तेजी के साथ ग्रीन जोन में ट्रेड करते हुए नजर आए. सबसे ज्यादा तेजी टाटा की कंपनी Trent और IndiGo के शेयर में दिखी। 

    सेंसेक्स-निफ्टी की धांसू शुरुआत 
    मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार के लिए विदेशों से पॉजिटिव संकेत मिल रहे थे और कारोबार की शुरुआत भी धांसू हुई. बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,524 की तुलना में तेज रफ्तार के साथ उछला और 74,035 के लेवल पर खुला. एनएसई निफ्टी ने भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए ग्रीन जोन में ओपनिंग की. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स पिछले बंद 23,123 के मुकाबले खुलते ही 23,259 पर पहुंच गया। 

    इन 10 शेयरों में जोरदार तेजी
    शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होते ही कई दिग्गज कंपनियों के शेयर छलांग लगाते हुए नजर आए. बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में Trent Share (2.50%), ICICI Bank Share (2%), Axis Bank Share (1.75%) और IndiGo Share (1.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था। 

    तो वहीं मिडकैप कैटेगरी में शामिल IDFC First Bank Share (3.50%), TI India Share (2.80%), Nykaa Share (2.30%), Bharat Forge Share (2.10%) और Yes Bank Share (2%) की उछाल में नजर आए. स्मॉलकैप कैटेगरी में देखें, तो सबसे तेज उछाल Radington Share  में आई और ये 3 फीसदी की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था। 

    शेयर बाजार में तेजी का बड़ा कारण
    Stock Market में अचानक आई इस तेजी के पीछे के कारणों की बात करें, तो सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट को माना जा सकता है, जिससे महंगाई का जोखिम कम हुआ है और निवेशकों को सेंटीमेंट सुधरा है। 

    दरअसर, बीते कारोबारी दिन सोमवार को ईरान-इजरायल संघर्ष बढ़ने के बीच Crude Oil Price में आग लगी हुई नजर आई थी और ब्रेंट क्रूड की कीमत 5 फीसदी के आसपास उछलकर 98 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थी, लेकिन फिर एक दम से तेल की दाम गिर गए और खबर लिखे जाने तक Brent Crude Price 93 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा था। 

    इसके अलावा एशियाई शेयर बाजारों में तेजी के चलते भी निवेशकों की धारणा में बदलाव देखने को मिला. जापान का निक्केई से लेकर साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स तक खुलने के साथ ही तूफानी तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। 

  • मानसून की दस्तक से पहले बरसे बादल, MP में सामान्य से 65% अधिक बारिश; ग्वालियर सहित कई जिलों में बारिश के आसार

    मानसून की दस्तक से पहले बरसे बादल, MP में सामान्य से 65% अधिक बारिश; ग्वालियर सहित कई जिलों में बारिश के आसार

    भोपाल
     मध्यप्रदेश में मानसून की औपचारिक एंट्री भले ही अभी नहीं हुई हो, लेकिन प्रदेश में बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। जून महीने में अब तक औसत से करीब 65 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। कई जिलों में तो सामान्य से कहीं अधिक पानी गिर चुका है।

    कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश
    प्रदेश में औसतन जून में जहां लगभग 8.3 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार अब तक इससे कहीं अधिक वर्षा दर्ज की गई है। भोपाल, आगर-मालवा और शाजापुर में करीब 2 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि नीमच में ढाई इंच तक पानी गिर चुका है।

    मानसून से पहले ही सक्रिय हुआ मौसम
    रविवार को मानसून महाराष्ट्र में प्रवेश कर चुका है, जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि मध्य प्रदेश में 15 से 18 जून के बीच मानसून दस्तक दे सकता है। पिछले वर्ष मानसून 16 जून को प्रदेश में पहुंचा था।

    मौसम विभाग का अलर्ट
    मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। जबकि, कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर मौजूदा मौसम प्रणाली इसी तरह सक्रिय रही तो मध्य प्रदेश में मानसून तय समय के आसपास यानी 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मानसून की दस्तक के साथ प्रदेशभर में तेज बारिश का दौर शुरू होने की संभावना भी है।

    तापमान में आई गिरावट
    वहीं, राजधानी भोपाल समेंत प्रदेश के कई जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश दर्ज हुई, जिससे तापमान में गिरावट देखी जा रही है और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। बारिश के कारण कई इलाकों का मौसम सुहावना हो गया है और कई क्षेत्रों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।

    नीमच जिले में 2.5 इंच बारिश
    अबतक प्रदेशभर में सबसे अधिक नीमच जिले में करीब 2.5 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं, कई अन्य जिलों में भी एक इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। लगातार सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेशभर में प्री-मानसून बारिश का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी तथा पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के असर के चलते प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। यही कारण है कि, मानसून आने से पहले ही कई जिलों में अच्छी बारिश हो रही है।

    भोपाल में 15 जून तक तेज गर्मी
    राजधानी में जून महीने में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही ट्रेंड है। पिछले 10 साल में 15 जून से पहले तेज गर्मी का असर दिखा है। 3 साल तो तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। वहीं, रात का तापमान 17.4 डिग्री तक आ गया। साल 2020 में सबसे ज्यादा 16 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई थी। वहीं, 2024 में पूरे महीने 10.9 इंच पानी गिरा था। ये 10 साल में दूसरी बार था जब शहर में इतनी बारिश हुई। उस समय 24 घंटे में ही करीब 5 इंच बारिश हुई थी।

    कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
    मौसम विभाग (IMD) भोपाल के अनुसार, सोमवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी सहित कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    लगातार बदल रहा मौसम
    प्रदेश में जून की शुरुआत से ही रुक-रुक कर बारिश और आंधी का दौर जारी है, जिससे तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना जताई है।

    मानसून की एंट्री से पहले बारिश का दौर प्रदेश में मानसून की एंट्री से पहले आंधी-बारिश का दौर चल रहा है। जून की शुरुआत से ही बारिश हो रही है। रविवार को देवास, सीहोर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर बना रहा।

    ऐसा ही मौसम सोमवार को भी रहेगा। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल की माने तो आज ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी में आंधी-बारिश का अलर्ट है।

    अब तक इन जिलों में 1 इंच से ज्यादा बारिश सतना, सीधी, आगर-मालवा, भोपाल, बुरहानपुर, हरदा, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर में 1 इंच या इससे ज्यादा बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग की माने तो मानसूनी बारिश 1 जून से ही रिकॉर्ड की जाती है, जो 30 सितंबर तक चलती है। इस दौरान होने वाली वाली मानसूनी बारिश कहलाती है। वर्तमान में प्रदेश में प्री-मानसूनी एक्टिविटी चल रही है।

     

  • गोल्ड-सिल्वर खरीदारों के लिए राहत! सोना 3,400 रुपये से ज्यादा सस्ता, चांदी भी लुढ़की

    गोल्ड-सिल्वर खरीदारों के लिए राहत! सोना 3,400 रुपये से ज्यादा सस्ता, चांदी भी लुढ़की

    इंदौर 
    सोने और चांदी की कीमतों में आज सोमवार को भारी गिरावट देखने को मिली है। सोने का रेट 3422 रुपये प्रति 10 ग्राम गिर गया है। वहीं, चांदी का रेट 13000 रुपये से अधिक लुढ़क चुका है। जिसकी वजह से चांदी का रेट 250000 रुपये के नीचे चला आया है। बता दें, इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन ने सोने और चांदी की नई कीमतें जारी कर दी हैं।

    क्या है आज गोल्ड का रेट? 
    इंडियन बुलियंस ज्वैलर्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार 24 कैरेट गोल्ड का रेट आज सोमवार की सुबह 150768 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इससे पहले शुक्रवार की दोपहर में गोल्ड का रेट 154190 रुपये प्रति 10 ग्राम था। यानी तब से अबतक गोल्ड की कीमतों में 3422 रुपये की गिरावट देखने को मिली है।

    सर्राफा बाजार में 23 कैरेट गोल्ड का रेट 150164 रुपये, 22 कैरेट गोल्ड का रेट 138130 रुपये, 18 कैरेट गोल्ड का रेट 113076 रुपये और 14 कैरेट गोल्ड का रेट 88199 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर है।

    चांदी का रेट 2.50 लाख रुपये के नीचे आया 
    आज सिल्वर की कीमतों में तो भारी गिरावट देखने को मिली है। 1 किलोग्राम चांदी का रेट 241160 रुपये के स्तर पर आ गया है। इससे पहले शुक्रवार को चांदी का रेट 254950 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर था। बता दें, तब से अबतक चांदी की कीमतों में 13790 रुपये की गिरावट देखने को मिली है।

    चांदी का रेट 25000 रुपये कुछ चंद दिनों में गिरा
    2 जून को 24 कैरेट गोल्ड का रेट बुलियंस मार्केट में 156296 रुपये प्रति 10 ग्राम था। उसके मुकाबले आज सोमवार को सोने का दाम 5528 रुपये लुढ़क चुका है। वहीं, चांदी का रेट 2 जून को 266200 रुपये के स्तर पर था। सिल्वर की कीमतों में तब से अबतक 25040 रुपये की गिरावट देखने को मिली है।

    क्यों गिर रहा है सोने का रेट?
    कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी का असर सोने और चांदी की कीमतों में साफ देखने को मिल रहा है। क्रूड ऑयल का रेट बढ़ने की वजह से दुनिया भर में महंगाई बढ़ रही है। यही कारण है कि सेंट्रल बैंक्स ब्याज दर बढ़ाने पर लगातार विचार कर रहे हैं। जिसका नकारात्मक प्रभाव बुलियंस मार्केट पर दिखता है।

    घरेलू स्तर की बात करें तो डिमांड में गिरावट का असर देखा जा रहा है। शादियों का सीजन बीत चुका है। नया सीजन भी काफी दूर है। मौजूदा परिस्थितियों का असर सोने की कीमतों में पर साफ देखने को मिल रहा है।

  • भारत में LPG की कीमत बढ़ी, फिर भी पड़ोसियों से बेहतर हाल! पाकिस्तान से श्रीलंका तक सिलेंडर के रेट जानिए

    भारत में LPG की कीमत बढ़ी, फिर भी पड़ोसियों से बेहतर हाल! पाकिस्तान से श्रीलंका तक सिलेंडर के रेट जानिए

    नई दिल्ली
    भारत में घरेलू इस्तेमाल वाला एलपीजी सिलेंडर और महंगा हो गया है. इसकी कीमत में सीधे 29 रुपये का इजाफा किया गया है, जो रसोई के बजट को बढ़ाने वाला है. तीन महीने में एलपीजी की कीमत पर महंगाई का ये दूसरा बम फूटा है और अब 14 किलोग्राम वाला गैस सिलेंडर 913 रुपये की जगह 942 रुपये का हो गया है। 

    गैस सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी के बाद सरकार का बयान भी आ गया है. एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में नई बढ़ोतरी को जायज ठहराते हुए पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की ओर से इस बढ़ोतरी के पीछे का कारण बताया गया है और दावा किया गया है कि एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद भी भारत में कुकिंग गैस की कीमत पड़ोसी देशों ही नहीं, बल्कि दुनिया के तमाम विकसित देशों की तुलना में भी सबसे कम है। 

    7 मार्च के बाद 7 जून को महंगाई का बम
    देश में एलपीजी प्राइस हाइक का बम तीन महीने में दूसरी बार फूटा है. मिडिल ईस्ट तनाव और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के चलते गहराए तेल-गैस संकट के बीच बीते 7 मार्च को 14 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. इसके बाद 7 जून को एक बार फिर गैस की कीमतों पर महंगाई का बम फोड़ा गया और एलपीजी गैस सिलेंडर 29 रुपये महंगा होकर 942 रुपये का हो गया, जबकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 642 रुपये का है। 

    सिलेंडर महंगा होने पर सरकार ने क्या कहा? 
    अब बताते हैं कि एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद सरकार की ओर से जारी किए गए बयान पर गौर करें, तो इसमें कहा गया है कि न सिर्फ भारत में सिलेंडर किसी भी पड़ोसी देश के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे विकसित देशों के मुकाबले काफी सस्ता है। 

    सरकार की ओर से कहा गया कि बीते कई सालों से लगभग सभी भारतीय ग्राहकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों से बहुत कम कीमत पर मिल रही है, और भारतीय परिवार अभी भी पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका के परिवारों की तुलना में कम कीमत चुका रहे हैं। 

    इन देशों में भारत से ज्यादा है कीमत
    सरकार की ओर से कुछ देशों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों के आंकड़े भी शेयर किए गए हैं, जिनसे साफ की भारत में तीन महीने में दो बढ़ोतरी के बाद भी एलपीजी सिलेंडर सस्ता मिल रहा है। 

    देश                                 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत (रुपये में)
    भारत                               (उज्ज्वला सब्सिडी वाला)      642 रुपये
    भारत (बिना सब्सिडी)       942 रुपये
    पाकिस्तान                       1046 रुपये
    नेपाल                               1207 रुपये
    बांग्लादेश                           करीब 1225 रुपये
    श्रीलंका                            1241 रुपये
    अमेरिका                        करीब 1755 रुपये
    ऑस्ट्रेलिया                    करीब 1765 रुपये
    कनाडा                        करीब 2411 रुपये

    हर सिलेंडर पर 700 रुपये का घाटा
    सरकार के बयान पर गौर करें, तो एक सिलेंडर की सप्लाई की लागत 1,600 रुपये से ज्यादा हो चुकी है, जिससे हर घरेलू सिलेंडर पर लगभग 700 रुपये का नुकसान (अंडर-रिकवरी) हो रहा है. फरवरी और जून 2026 के बीच LPG के लिए सऊदी CP (कॉन्ट्रैक्ट प्राइस) बेंचमार्क में लगभग 46% की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि होर्मुज में रुकावट से खाड़ी देशों से सप्लाई कम हुई और इससे 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की सप्लाई कॉस्ट काफी बढ़ गई. ये बड़ा कारण है कि  और इसके चलते आम ग्राहकों के लिए रिटेल कीमत बदलकर 942 रुपये प्रति सिलेंडर कर दिया गया है। 

    केंद्र ने स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी पर होने वाली 'अंडर-रिकवरी' सब्सिडी से अलग है. यह अंतरराष्ट्रीय लागत और उपभोक्ताओं से वसूली जाने वाली कीमत के बीच का अंतर होता है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार घरेलू एलपीजी पर अंडर-रिकवरी का बोझ पिछले वर्ष लगभग 60,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि उससे एक वर्ष पहले यह 41,338 करोड़ रुपये था। 

  • मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में नया मोड़, बीजेपी के तीसरे कैंडिडेट की एंट्री से नटराजन की बढ़ी चिंता?

    मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में नया मोड़, बीजेपी के तीसरे कैंडिडेट की एंट्री से नटराजन की बढ़ी चिंता?

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर हो रहे चुनाव के लिए शह-मात का खेल शुरू हो गया है. विधायकों की संख्या के लिहाज से दो बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के लिए कन्फर्म मानी जा रही थी, लेकिन बीजेपी ने तीसरे उम्मीदवार के तौर पर महेश केवट को उतारकर राहुल गांधी की करीबी मिनाक्षी नटरजान की सियासी टेंशन बढ़ा दी है? 

    राज्यसभा सीटों के लिए बीजेपी ने तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल के बाद महेश केवट को प्रत्याशी बनाया है तो कांग्रेस ने पूर्व सांसद मिनाक्षी नटराजन पर दांव खेला है. इस तरह तीन सीटों के लिए चार उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। 

    मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवारों के नाम का ऐलान के बाद निर्विरोध चुनाव की संभावना खत्म हो गई है और वोटिंग के जरिए ही फैसला होगा.  ऐसे में अब असल पेंच विधायकों की क्रॉस वोटिंग को लेकर फंसता दिख रहा है । 

    कौन हैं महेश केवट, जिन्हें बीजेपी ने एमपी से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया
    मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को उतारा है. महेश केवट मध्य प्रदेश में मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हैं.  महेश केवट को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने मछुआरा वर्ग को संदेश दिया है. महेश केवट 1984 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े है.  वो ओरछा शाखा में मुख्य शिक्षक रह चुके हैं. छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के ब्लॉक संयोजक के रूप में कार्य किया। 

    महेश केवट 1995 से भाजपा की सक्रिय राजनीति में हैं और विभिन्न संगठनात्मक पदों पर काम कर चुके हैं. 2000 में पार्षद निर्वाचित हुए तथा नगर परिषद ओरछा के उपाध्यक्ष भी रहे. भाजपा के जिला मंत्री, जिला उपाध्यक्ष और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य के रूप में संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. इसके अलावा हरियाणा विधानसभा चुनाव, शहडोल लोकसभा उपचुनाव, चित्रकूट, मुंगावली और पृथ्वीपुर उपचुनावों में संगठन की ओर से अहम जिम्मेदारियां संभालीं। 

    भाजपा से तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल भी कर चुके नामांकन
    मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होना है. भाजपा ने दो सीटों के लिए पहले ही तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल के नाम की घोषणा कर दी थी. इन दोनों ने नामांकन भी दाखिल कर दिया है. तीसरे सीट के लिए अब महेश केवट को उतार कर भाजपा ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी है. अब कांग्रेस विधायकों के क्रॉस वोटिंग का खतरा मंडराने लगा है।

     कांग्रेस के पास 62 वोट, एकजुट रखना चुनौती
    मालूम हो कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस के पास 62 वोट हैं. एक सीट जीतने के लिए 58 वोट चाहिए. उधर बीजेपी को तीसरी सीट जीतने के लिए केवल आठ अतिरिक्त वोट चाहिए. इसी कारण कांग्रेस में हड़कंप मच गया है. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है. मीनाक्षी की जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस को अपने वोटों को एकजुट रखना होगा. लेकिन इससे पहले कांग्रेस विधायकों में टूट हो चुकी है. लिहाज़ा एमपी में राज्य सभा चुनाव काँटे का हो गया है। 

    कर्नाटक से भाजपा ने एम नागराज को बनाया उम्मीदवार
    भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने कर्नाटक में होने वाले राज्यसभा के ‌द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए डॉ. एम नागराज को उम्मीदवार बनाया है. आरएसएस से जुड़े नागराज अभी पार्टी का बिल्डिंग कमेटी संभाल रहे हैं. इसका काम राज्य भर में हर जिले में पार्टी कार्यालय बनाना है। 

    साथ ही कर्नाटक के विधान परिषद् द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने लिंगराज पाटील और रघु कौटिल्य को उम्मीदवार बनाया है। 

    राज्यसभा चुनाव का नंबर गेम क्या है? 
    मध्य प्रदेश में विधानसभा के कुल 230 सदस्यों की संख्या है, लेकिन फिलहाल 228 सदस्य हैं. इनमें बीजेपी के 164 विधायक हैं और कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं. राज्यसभा चुनाव की एक राज्यसभा सीट पर जीत दर्ज करने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 58 विधायकों (प्रथम वरीयता के वोट) के समर्थन चाहिए। 

    विधायकों के आधार पर बीजेपी की दो सीटें कन्फर्म है और कांग्रेस एक सीट जीत सकती है, लेकिन बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार के उतरने के बाद मामला उलझ गया है. बीजेपी 164 विधायकों की आधार पर दो राज्यसभा सीट जीतने के लिए 116 विधायकों के वोट चाहिए। 

    बीजेपी दो सीटें जीतने के बाद 48 अतिरिक्त वोट चाहिए जबकि कांग्रेस 64 विधायकों के दम पर एक सीट जीत सकती है, उसके बाद भी उसके बाद 6 विधायकों का अतरिक्त वोट हो रहा है, लेकिन मामला बीजेपी के तीसरे प्रत्याशी के उतरने से है। 

    तीसरी राज्यसभा सीट के लिए मुकाबला
    विधायकों की संख्या के आधार पर बीजेपी 2 राज्यसभा सीटें सेफ करने के बाद 48 विधायक बचेंगे, जिसके तीसरी राज्यसभा की सीट जीतने के लिए उसे अतिरिक्त 10 वोटों की जरूरत होगी. वहीं कांग्रेस के पास एक राज्यसभा सीट जीत के लिए जरूरी संख्या बल है, लेकिन बीजेपी के द्वारा तीसरे उम्मीदवार की घोषणा ने उसकी चिंताएं बढ़ा दी हैं और मिनाक्षी नटराजन की जीत की राह मुश्किल कर दी है। 

    बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार महेश केवट को मैदान में उतारने के फैसले ने कांग्रेस की धड़कने बढ़ा दी है. बीजेपी का यह कदम बताता है कि पार्टी या तो अपनी पार्टी से बाहर के विधायकों का समर्थन हासिल करने को लेकर आश्वस्त है या उसे लगता है कि क्रॉस-वोटिंग अंतिम नतीजे को बदल सकती है। 

    राज्यसभा के लिए क्रॉस वोटिंग का खतरा
    मध्य प्रदेश का राज्यसभा चुनाव, जिसे एक सामान्य चुनाव माना जा रहा था, एक ऐसे मुकाबले में बदल दिया है, जिस पर सबकी नज़रें टिकी हैं, अब सबकी नजरें वोटिंग के दिन से होने वाली क्रॉस-वोटिंग, वोटिंग से दूर रहने और आखिरी समय की सियासी चालों पर होंगी। 

    बीजेपी के लिए, तीसरा उम्मीदवार उतारना अपर हाउस में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की एक महत्वाकांक्षी कोशिश है. कांग्रेस के लिए यह अपनी पार्टी को एकजुट रखने और उस सीट को बचाने की क्षमता का इम्तिहान है, जो मौजूदा आंकड़ों के हिसाब से उसकी पहुंच में दिख रही है। 

    कांग्रेस की बढ़ी सियासी टेंशन
    कांग्रेस के पास वैसे तो 64 विधायक हैं, लेकिन विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा को चुनाव हलफनामे के मामले में अदालत से दोषी ठहराए जाने के चलते सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा चुनाव में वोट डालने से रोक दिया है. वहीं, बीना से विधायक निर्मला सप्रे लोकसभा चुनाव से पहले अनौपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल हो गई थीं और उनकी अयोग्यता का मामला फंसा है। 

    दतिया के राजेंद्र भारती को पहले ही अयोग्य घोषित किया जा चुका है. ऐसे में कांग्रेस के पास 62 वैध वोट बचे हैं. आंकड़े के लिहाज से कांग्रेस एक सीट आसानी से जीत सकती है, लेकिन बगावत के चलते क्रॉस वोटिंग का खतरा मंडरा रहा है और एक सीट भारत आदिवासी पार्टी के पास है. इतना ही नहीं कांग्रेस ने राहुल गांधी की करीबी मानी जाने वाली मीनाक्षी नटराजन को मैदान में उतारा है, लेकिन इस फैसले से पार्टी में असंतोष दिखने लगा है. इसके चलते ही क्रॉस वोटिंग का संकट गहरा गया है। 

    मध्य प्रदेश की राजनीति को करीब से जानने वालों के लिए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस में 'टूट' या 'बगावत' कोई नई बात नहीं है. राज्य में राज्यसभा चुनाव और कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग या बगावत का एक पुराना और कड़वा नाता रहा है। 

    मार्च 2020 का घटनाक्रम याद है. उस वक्त भी राज्यसभा के चुनाव सिर पर थे और क्रॉस वोटिंग का भारी डर था, लेकिन जो हुआ उसने पूरे देश की राजनीति में भूचाल ला दिया. यही वजह है कि महेश केवट के मैदान में उतरने से, मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव इस सीज़न के सबसे दिलचस्प राजनीतिक मुकाबलों में से एक बन गया है। 

  • भूकंप से दहला फिलीपींस, 8.2 तीव्रता के झटकों के बाद कई देशों में सुनामी का खतरा

    भूकंप से दहला फिलीपींस, 8.2 तीव्रता के झटकों के बाद कई देशों में सुनामी का खतरा

    मनीला
    दक्षिणी फिलीपींस के मिंडानाओ में सोमवार सुबह जोरदार भूकंप से धरती कांप उठी है। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 8.2 रही है, जिसके बाद फिलीपींस और इंडोनेशिया के कुछ हिस्सों में चेतावनी जारी की गई है। चेतावनी में तटीय इलाके में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा गया है। भूकंप जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर की गहराई पर था, जिससे झटके और जोर से महसूस किए गए।

    जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) ने शुरू में इसकी तीव्रता 7.2 बताई थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 8.2 कर दिया। भूकंप के बाद अमेरिका के सुनामी चेतावनी सिस्टम ने सुनामी का अलर्ट जारी किया है। इसने चेतावनी दी कि खतरनाक लहरें इलाके के तटीय इलाकों को प्रभावित कर सकती हैं।

    इंडोनेशिया में भी सुनामी की चेतावनी
    इंडोनेशिया की जियोफिजिस्ट एजेंसी ने देश के उत्तर-पूर्वी तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है। इसमें लोगों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने को कहा है। इंडोनेशियाई एजेंसी ने भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.7 मापी है।

    फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्कानोलॉजी एंड सिस्मोलॉजी ने भूकंप के 7.0 तीव्रता का होने का अनुमान लगाया है। इसने एक मीटर ऊंची सुनामी की लहरें उठने की चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने कहा है कि भूकंप के बाद ये लहरें कई घंटे तक रह सकती हैं।

    जापान, इंडोनेशिया समेत इन देशों में अलर्ट
    अलजजीरा के मुताबिक, फिलीपींस के पास आए जबरदस्त भूकंप के बाद जा
    पान ने अपने प्रशांत महासागर तट के कुछ हिस्सों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग का अनुमान है कि जापान के कुछ इलाकों में एक मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। 

    भूकंप के बाद अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्र ने सुनामी का खतरा बताते हुए चेतावनी जारी की है. एजेंसी के मुताबिक, खतरनाक लहरें समुद्र तट पर स्थित द्वीप को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसके बाद इंडोनेशिया की जियोफिजिक्स एजेंसी ने भी देश के उत्तरपूर्वी तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की और अपने नागरिकों को सतर्क रहने के साथ-साथ निर्देशों का पालन करने की अपील की। 

    चेतावनी में कहा गया है कि शक्तिशाली भूकंप से काफी नुकसान हो सकता है और आने वाले घंटों और दिनों में इसके बाद तेज झटके आ सकते हैं. बीते रविवार को भी भारत समेत कई देशों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे. भारत के साथ-साथ नेपाल, चीन और भूटान में आए भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.3 मापी गई थी. इस भूकंप का केंद्र भूटान था। 

    किसी के मारे जाने की खबर नहीं
    इंडोनेशिया और फिलीपींस में अभी तक किसी बड़े नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। अधिकारियों ने भूकंप के केंद्र के पास जोरदार झटके आने की बात कही है, जिससे भारी नुकसान हो सकता है। लोगों से सावधान रहने को कहा गया है, क्योंकि आने वाले घंटों और झटके महसूस किए जा सकते हैं। इलाके में एजेंसियां समुद्र के जलस्तर पर नजर रख रही हैं।

    दक्षिणी फिलीपींस के सारांगनी प्रांत में स्थित अलाबेल के पुलिस चीफ बेंजी अंचेता ने बताया कि भूकंप के बाद स्थानीय पुलिस स्टेशन की इमारत में दरार पड़ गई। अंचेता ने बताया कि तत्काल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। उन्होंने कहा, "यह अब तक का सबसे जोरदार भूकंप है, जो हमने महसूस किया है।"