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  • Russia-Ukraine War: 68 मिसाइल, 351 ड्रोन और बड़ा हमला, NATO बैठक से पहले रूस की ताकत का प्रदर्शन; 14 की मौत

    Russia-Ukraine War: 68 मिसाइल, 351 ड्रोन और बड़ा हमला, NATO बैठक से पहले रूस की ताकत का प्रदर्शन; 14 की मौत

    कीव 

    यूक्रेन एक बार फिर रूसी से हमले से दहला उठा है। राजधानी कीव पर ताबड़तोड़ मिसाइल और ड्रोन हमले में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। इस घटना में 46 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हं। कीव इलाके के सैन्य प्रशासन के प्रमुख तिमुर तकाचेंको ने इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि रूसी हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 46 लोग घायल हुए हैं, जिनमें पांच बच्चे शामिल हैं। आपातकालीन सेवाओं ने बताया कि शहर के विभिन्न इलाकों में तीन और लोगों की मौत हुई है। तकाचेंको ने टेलीग्राम पर लिखा कि 20 से अधिक जगहों पर बचाव अभियान चल रहे हैं।

    वहीं, मेयर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों ने कई इमारतों को क्षतिग्रस्त किया, अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में आग लग गई और गोदामों तथा गैरेज वर्कशॉप को नुकसान पहुंचा। सुबह तक तीन बड़ी इमारतें आंशिक रूप से ढह गईं। बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि हेलीकॉप्टर नदी से पानी लेकर आग बुझाने की कोशिश की जा रही है

    नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हमला
    बता दें कि ये हमले तुर्की में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से महज पहले हुए हैं, जहां यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की उम्मीद है। हमलों से कुछ घंटे पहले जेलेंस्की ने चेतावनी दी थी कि गुरुवार के हमले (जिसमें 30 लोग मारे गए) के बाद रूस एक और बड़ा हमला करने की तैयारी कर रहा है।

    रूस ने दागीं 68 मिसाइलें और 351 ड्रोन
    यूक्रेन की वायु सेना के अनुसार, रूस ने 23 बैलिस्टिक मिसाइलें, छह सुपरसोनिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों सहित कुल 68 मिसाइलें तथा 351 ड्रोन दागे। यूक्रेनी वायु रक्षा ने 37 मिसाइलों और 326 ड्रोनों को नष्ट या निष्क्रिय कर दिया, लेकिन बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों में से कोई भी रोक नहीं पाई। इस हमले के बाद जेलेंस्की ने पश्चिमी देशों से पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर सिस्टम की और मांग की है, जिसे वे बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ एकमात्र प्रभावी सुरक्षा मानते हैं।

    क्या बोला रूस?
    दूसरी ओर रूस के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उसने हवा, जमीन और समुद्र से लॉन्च किए गए लंबी दूरी के सटीक हथियारों और ड्रोनों से हमला किया। मॉस्को का दावा है कि उसने कीव समेत यूक्रेन के कई इलाकों में सैन्य, ऊर्जा और रक्षा औद्योगिक सुविधाओं को निशाना बनाया। बता दें कि यह हमला कीव पर हाल ही में हुए सबसे घातक हमले के महज कुछ दिनों बाद हुआ है, जिसमें 31 लोग मारे गए थे। इस सप्ताह तुर्की के अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन होना है, जहां ट्रंप जेलेंस्की से मुलाकात के अलावा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी बातचीत कर सकते हैं।

    यूक्रेन का जवाबी हमला
    रात भर यूक्रेन ने भी रूस के अंदर ड्रोन हमले किए। रॉयटर्स के अनुसार, यूक्रेनी ड्रोनों ने बाल्टिक सागर के वायसोटस्क और उस्त-लुगा बंदरगाहों को नुकसान पहुंचाया, जो रूस का प्रमुख तेल निर्यात टर्मिनल है। क्रीमिया के सेवस्तोपोल में अस्थायी रूप से बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रूस ने इन हमलों को यूक्रेन के हालिया हमलों का जवाब बताया, जबकि यूक्रेन का आरोप है कि रूस जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बना रहा है।

  • बाबा बर्फानी के दर्शन को जा रहे हैं? शिवलिंग तेजी से पिघला, अब सिर्फ 1 फीट बाकी

    बाबा बर्फानी के दर्शन को जा रहे हैं? शिवलिंग तेजी से पिघला, अब सिर्फ 1 फीट बाकी

    श्रीनगर 

    अमरनाथ यात्रा का आज चौथा दिन है। तीर्थ यात्रियों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है। वहीं, इसके बीच एक चिंता बढ़ाने वाली खबर भी है। कहा जा रहा है कि पवित्र शिवलिंग का आकार पिघलकर 1 फीट रह गया है। खास बात है कि जून के अंत में ऊंचाई करीब 7 फीट देखी गई थी। खास बात है कि यह यात्रा 57 दिनों तक चलती है।

    तेजी से पिघल रहे बाबा बर्फानी
    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमरनाथ में शिवलिंग अब पिघलकर करीब 1 फीट बचे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, 23 मई को ऊंचाई 7 फीट थी, जो 29 जून को 5 फीट पर आ गई थी। अब ताजा तस्वीर में देखा जा रहा है कि शिवलिंग की ऊंचाई घटकर 1 फीट के आसपास रह गई है। खास बात है कि शिवलिंग का निर्माण प्राकृतिक रूप से हर साल होता है, जिसे जियोलॉजी में स्टैलेगमाइट कहा जाता है।

    कैसे होता है शिवलिंग का निर्माण
    दरअसल, गुफा के ऊपर चूना पत्थर और जिप्सम दरारों से बर्फ और ग्लेशियर के पिघलने से पानी बहता है। पानी जैसे ही गुफा की जमीन तक पहुंचता है, तो बेहद कम तापमान में यह जमना शुरू कर देता है। ऊपर की ओर जमने के क्रम के बाद एक शिवलिंग का आकार तैयार हो जाता है।

    श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी
    अमरनाथ यात्रा के तीसरे दिन रविवार को लगभग 24 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकतिक रूप से निर्मित हिम शिवलिंग के दर्शन किए। इसके साथ ही बीते तीन दिन में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 60 हजार के आसपास पहुंच गई है। तीन जुलाई से शुरू अमरनाथ यात्रा 28 अगस्त तक जारी रहेगी।

    जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से 1,211 महिलाओं सहित 5,794 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था सोमवार तड़के अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ। उन्होंने बताया कि पांचवें जत्थे में 21 बच्चे, 599 साधु और 76 साध्वियां शामिल हैं। वे तड़के तीन बजकर 10 मिनट से तीन बजकर 45 मिनट के बीच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में अलग-अलग काफिलों में आधार शिविर से रवाना हुए।

    इनमें से 139 वाहनों में सवार 3,490 तीर्थयात्री अनंतनाग जिले के पहलगाम में नुनवान आधार शिविर की ओर जा रहे हैं। जबकि 128 वाहनों में 2,304 तीर्थयात्री गांदरबल जिले के बालटाल आधार शिविर के लिए रवाना हुए हैं।

    कठिन यात्रा और हजारों किमी की ऊंचाई
    तीर्थयात्री अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के छोटे लेकिन खड़ी चढ़ाई वाले 14 किलोमीटर के बालटाल मार्ग से एक साथ यात्रा कर रहे हैं। यह गुफा मंदिर दक्षिण हिमालय में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

    यात्रा के लिए वैध परमिट है जरूरी
    उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को अमरनाथ यात्रा पर जाने के इच्छुक सभी तीर्थयात्रियों से अपील की कि वे अपनी तय तारीख के लिए वैध पंजीकरण परमिट मिलने के बाद ही यात्रा करें। उन्होंने कहा कि सिर्फ पंजीकृत यात्रियों को ही तय तारीख पर पवित्र गुफा मंदिर तक जाने की अनुमति दी जाएगी। यह अपील जम्मू-कश्मीर में बिना सही पंजीकरण के बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के पहुंचने की वजह से की गई है।

    कड़ी सुरक्षा के बीच हो रही है यात्रा
    सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए कई स्तरों वाला सुरक्षा घेरा, दोनों रास्तों पर नो-फ्लाई जोन, वॉचटावर, कड़ी निगरानी और तीर्थयात्रियों के काफिले की रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। पुलिस ने सभी रजिस्टर्ड सर्विस प्रोवाइडर्स को क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र जारी किए हैं, ताकि उनके पहचान पत्रों की तुरंत जांच हो सके और उग्रवादियों को सपोर्ट स्टाफ बनकर घुसने से रोका जा सके।

    इसके अलावा तीर्थयात्रियों, गाड़ियों और सर्विस देने वालों के लिए आरएफआईडी टैग जारी किए गए हैं ताकि उनकी रियल टाइम ट्रैकिंग की जा सके। साथ ही, सीसीटवी कैमरों का एक बड़ा नेटवर्क दोनों तीर्थ मार्गों पर आवाजाही पर नजर रख रहा है।

  • मुंबई Rain Alert: मूसलाधार बारिश से मायानगरी बेहाल, घुटनों तक पानी, रेलवे ट्रैक लबालब, स्कूल-कॉलेज बंद

    मुंबई Rain Alert: मूसलाधार बारिश से मायानगरी बेहाल, घुटनों तक पानी, रेलवे ट्रैक लबालब, स्कूल-कॉलेज बंद

    मुंबई 

    मॉनसून की बारिश ने मायानगरी मुंबई की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है. पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने शहर को पूरी तरह जलमग्न कर दिया है. सड़कें नदियों में तबदील हो गई हैं, घरों और दुकानों में पानी घुस गया है, लोकल ट्रेनें प्रभावित हैं. बारिश की वजह से लोगों की जिंदगी ठप हो गई है। 

    वसई-विरार, मालाड, अंधेरी, भांडुप, दादर, माटुंगा और नवी मुंबई जैसे इलाकों में कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है. कई जगहों पर गाड़ियां पानी में फंस गई हैं. सड़कों पर सिर्फ कारों की छतें नजर आ रही हैं. इस बीच भारत मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के इलाकों को बारिश से राहत नहीं मिलने की संभावना जताई है। 

    वहीं, भांडुप में सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. तेज हवाओं और बारिश के कारण पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए हैं, जिससे कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं. कई जगहों पर पेड़ गिरने से तबाही का मंजर सामने आया है. वहीं, मुंबई के उपनगरीय रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से लोकल ट्रेनें प्रभावित हैं. दादर, वडाला और घाटकोपर जैसे स्टेशनों पर रेलवे ट्रैक बारिश के पानी से लबालब हैं। 

    मुंबई में बीते 5 दिनों से मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. पूरा शहर मानों तालाब बन गया है. सड़कों पर पानी जमा है. घरों-दुकानों में पानी भर गया है. गाड़ियों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया है. कई जगहों पर तो रेलवे ट्रैक भी पानी में डूब गया है. तेज बारिश के बीच भांडुप इलाके में सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंसने से वहां खड़ी एक गाड़ी गड्ढे में समा गई. हालांकि, गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। 

    चाहे अंधेरी हो या नालासोपारा, वसई या विरार. हर तरफ मूसलाधार बारिश से हाहाकार मचा है. लगातार हो रही बारिश ने मुंबई के लोगों का जीवन दूभर कर दिया है. तस्वीरें गवाही दे रही हैं कि आखिर मॉनसून की बारिश के बीच मुंबई किस तरह की मुसीबत झेल रही है. गाड़ियां पानी के बीच फंसी हुई हैं. कहीं आना-जाना मुश्किल है. बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है. सड़कों पर बढ़ता जलस्तर लोगों का संकट बढ़ा रहा है। 

    नालासोपारा का रेलवे ट्रैक बारिश के पानी में डूब गया है. जिसका सीधा असर लोकल ट्रेनों की आवाजाही पर पड़ रहा है. वसई इलाके का हाल तो और भी ज्यादा बुरा है. जहां पानी इतना ज्यादा भर गया है कि मानों पूरा इलाका टापू बन गया है. जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. करीब 30 से 40 सोसाइटियां पानी में घिरी हुई हैं. बारिश थम नहीं रही और लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही हैं। 

    पूरे पालघर में भारी बारिश से हाल बेहाल है. सड़कों पर घुटनों से ऊपर तक पानी है. लोग इसी मॉनसूनी आफत के बीच कहीं आने जाने को मजबूर हैं. मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. इस बीच मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है.उधर, प्रशासन ने लोगों को बेहद जरूरी यात्रा करने की सलाह दी है ताकि मौसम की मार किसी की जिंदगी पर संकट ना बने. बता दें कि मुंबई में हर साल की यही कहानी है, बारिश हुई और लोगों की जिंदगी आफत के बीच घिर जाती है। 

    नालासोपारा: स्टेशन परिसर में कमरभर पानी
    लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नालासोपारा पूर्व रेलवे स्टेशन परिसर में गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क पर कमर तक पानी जमा होने से दफ्तर जाने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर रेलवे स्टेशन तक पहुंचना पड़ रहा है.इस बीच, इलाके में एक विशाल होर्डिंग गिरने की घटना भी सामने आई है. गनीमत रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। 

    मुंबई के मानखुर्द में भारी बारिश के बीच चार मंजिला चॉल ढही, हादसे में 6 लोगों की मौत
    मुंबई के मनखुर्द इलाके में भारी बारिश के बीच रविवार रात एक तीन मंजिला चॉल (झोपड़पट्टी जैसी इमारत) ढह गई. इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई है.बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के मुताबिक, इस हादसे में चार महिलाओं और 2 पुरुषों की मौत हुई है. वहीं, एक घायल व्यक्ति का इलाज राजावाड़ी अस्पताल में चल रहा है। 

    स्कूल-कॉलेज बंद, बारिश के कारण परीक्षाएं टलीं
    भारी बारिश को देखते हुए सोमवार को मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर में सभी सरकारी, निजी और BMC चलित स्कूलों-कॉलेजों को छुट्टी घोषित कर दी गई है. मुंबई में IMD ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है तो वहीं पुणे में 'रेड अलर्ट' है. मुंबई विश्वविद्यालय ने 6 जुलाई को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं. नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल जरूरी काम ने पर ही घर से बाहर निकलें। 

  • 3 साल तक अटकी रही, नाम बदलकर रिलीज हुई और 2 दिन में हट गई! दिलजीत दोसांझ ने तोड़ी चुप्पी

    3 साल तक अटकी रही, नाम बदलकर रिलीज हुई और 2 दिन में हट गई! दिलजीत दोसांझ ने तोड़ी चुप्पी

    चंडीगढ़ 

    दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'पंजाब 95' को 3 जुलाई को OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर नाम बदलकर रिलीज किया गया था, पर दो दिन बाद ही इसे हटा दिया गया। अब अगले आदेश तक इसे भारत में OTT पर नहीं दिखाया जाएगा। तीन साल तक सेंसर बोर्ड के साथ विवाद में फंसे रहने के बाद 'सतलज' बड़ी मुश्किल से अब रिलीज की रोशनी देख पाई थी, पर अचानक हटाए जाने से न सिर्फ आम जनता में गुस्सा है, बल्कि सेलेब्स भी गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। 'सतलज' को हटाए जाने पर अब सियासी घमासान तेज हो गया है। अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने इसे 'अभिव्यक्ति की आजादी' पर हमला बताया। एक्टर रणवीर शौरी से लेकर फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने भी नाराजगी जाहिर की है।

    'सतलज' की कहानी ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालरा पर आधारित है। उन्होंने 90 के दशक में 25 हजार लापता सिखों के लिए लड़ाई लड़ी थी। साथ ही 2000 लोगों की मौत का पता लगाया था, जिनकी लाशों को लावारिस बताकर जला दिया गया था। पर बाद में पुलिस ने खालरा का ही फेक एनकाउंटर कर लाश को नदी में फेंक दिया था।

    'सतलज' को बंपर रिस्पॉन्स, फिल्म देख रो पड़े थे लोग
    3 जुलाई को जब 'सतलज' OTT पर आई, तो जिन्होंने भी फिल्म देखी वो रो पड़े और सभी से इसे देखने की अपील की। यहां तक कि IMDb पर भी इसे 9.7/10 रेटिंग मिली है। लेकिन अब अचानक ही इस फिल्म को OTT से भारत में हटा दिया है। इससे जनता और सेलेब्स भड़के हुए हैं।

    सुखबीर सिंह बादल भड़के- अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला
    अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने 'सतलज' हटाए जाने पर गुस्सा निकालते हुए X पर लिखा, 'भारत में ZEE5 से 'सतलज' को मनमाने ढंग से हटाए जाने से मैं स्तब्ध और दुखी हूं। यह सशक्त फिल्म, जो पंजाब के दर्दनाक इतिहास को साहसपूर्वक उजागर करती है और एस. जसवंत सिंह जी खालरा के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, उसे इस तरह चुप नहीं कराया जा सकता। यह केवल सेंसरशिप नहीं है, यह हमारी सामूहिक स्मृति, सत्य और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। मैं इस कदम की कड़ी निंदा करता हूं। पंजाब को अपने अतीत का ईमानदारी से सामना करने का अधिकार है, दमन का नहीं।'

    यह सशक्त फिल्म, जो पंजाब के दर्दनाक इतिहास को साहसपूर्वक उजागर करती है और एस जसवंत सिंह जी खालरा के सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करती है, उसे इस तरह चुप नहीं कराया जा सकता। यह केवल सेंसरशिप नहीं है, यह हमारी सामूहिक स्मृति, सत्य और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है।

    रणवीर शौरी ने यूं जाहिर किया गुस्सा
    रणवीर शौरी ने भी गुस्सा निकालते हुए X पर लिखा, 'यह सुनकर बहुत निराशा हुई कि 'सतलज' को हटा दिया गया है। मैं इसे देखने का इंतजार कर रहा था। जिस देश का इतिहास और विरासत कहानियों से सीखने का रहा है, वहां न जाने क्यों हम कहानियों को दबाने या खत्म करने वाले कल्चर को बढ़ावा देते रहते हैं।'

    मैं इसे देखने का इंतजार कर रहा था। जिस देश का इतिहास और विरासत कहानियों से सीखने का रहा है, वहां न जाने क्यों हम कहानियों को दबाने या खत्म करने वाले कल्चर को बढ़ावा देते रहते हैं।

    पहले फिल्म के बारे में जानिए…

        मानवाधिकार कार्यकर्ता पर आधारित, 2022 में बननी शुरू हुई: मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के नाम पर 2022 में फिल्म बनाने की घोषणा की। फिल्म का शुरुआती नाम 'घल्लूघारा' रखा गया था, जिसका अर्थ 'नरसंहार' होता है। फिल्म की शूटिंग पंजाब के विभिन्न हिस्सों, खासकर अमृतसर में पूरी हुई। अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने जसवंत सिंह खालड़ा की भूमिका निभाने के लिए अपने लुक और शारीरिक बनावट में बदलाव किया।

        सेंसर बोर्ड ने नाम बदलवाया: साल 2023 में फिल्म बनकर तैयार हो गई। इसके बाद इसे सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास मंजूरी के लिए भेजा गया, तो बोर्ड ने फिल्म के टाइटल पर आपत्ति जताई और कई बदलाव तथा कट्स सुझाए। इसके बाद फिल्म का नाम बदलकर 'पंजाब 95' रखा गया।

        127 कट लगाने को भी कहा: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CBFC ने फिल्म में 127 कट्स और कई बदलाव सुझाए। इनमें कुछ ऐतिहासिक संदर्भों, स्थानों और पात्रों के नामों में बदलाव की मांग भी शामिल थी। हालांकि, CBFC ने सार्वजनिक रूप से इन सभी प्रस्तावित बदलावों का विस्तृत आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया। भारत में सेंसर बोर्ड की मंजूरी नहीं मिलने के कारण फिल्म भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी।

        विदेशों में रिलीज नहीं हो सकी: इसके बाद 7 फरवरी 2025 को इसे चुनिंदा देशों में रिलीज किया गया। इसके बाद साल 2023 में फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ, जहां इसकी कहानी और दिलजीत दोसांझ के अभिनय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली।

        सिर्फ OTT पर रिलीज करने की छूट मिली: इसके बाद इसे OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की छूट मिली। उसमें किसी तरह के कट नहीं लगाए गए थे। 2 दिन के भीतर पंजाब में इस फिल्म को खूब देखा गया। जिसके बाद अचानक OTT प्लेटफॉर्म से फिल्म हट गई। इसके बारे में सिर्फ इतना कहा गया कि अगले आदेश तक फिल्म हटा दी गई है।

    फिल्म हटाने पर दिलजीत दोसांझ ने क्या कहा…

        इंसानियत होती है, जो मर गई: फिल्म को हटाए जाने पर दिलजीत ने कहा कि मैं लोगों के मुंह की तरफ देखता हूं। एक इंसानियत होती है, लेकिन वह इंसानियत मर गई। कमाल है। फिल्म इंटरनेट से हट गई, इसलिए मैं उदास नहीं हूं। फिल्म तो लोगों तक पहुंच ही गई। अब वह कहीं नहीं जाने वाली। एक प्यार, इत्तेफाक और इंसानियत होती है, लेकिन लोगों का रवैया कमाल का है। बस इसी बात का थोड़ा दुख है।
        मुझे पहले पता था ऐसा होना है: दिलजीत ने कहा- मुझे पहले से ही पता था कि ऐसा होना है। मैंने सोचा था कि अगर फिल्म दो-तीन दिन भी चल जाए तो हमारा काम हो जाएगा। इंटरनेट पर एक बार कोई चीज आ जाए, तो उसे पूरी तरह हटाना आसान नहीं होता। इनके सलाहकार ठीक नहीं हैं।
        प्रोजेक्ट आया था, जो बैन हो गया, यूरोप टूर पर जाएंगे: एक प्रशंसक ने जब दिलजीत से उनके अपकमिंग प्रोजेक्ट के बारे में पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया- एक प्रोजेक्ट आया था, जो अब बैन हो गया है। इसके बाद अब हम यूरोप टूर पर जाएंगे। पहला शो बर्लिन में होगा।

  • Gold Silver Price Today: अचानक लुढ़के चांदी के दाम, 24 कैरेट सोना कितने में मिल रहा? देखें ताजा रेट

    Gold Silver Price Today: अचानक लुढ़के चांदी के दाम, 24 कैरेट सोना कितने में मिल रहा? देखें ताजा रेट

    नई दिल्ली

    सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rate) में बीते सप्ताह तमाम उतार-चढ़ाव के बाद तेजी देखने को मिली थी, लेकिन सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही दोनों कीमती धातुएं फिसल गईं. जहां सोना रेड जोन में ओपन होने के कुछ देर बाद रिकवरी मोड में नजर आया, तो अगले ही पल फिर से फिसल गया. हालांकि, चांदी में कारोबार बढ़ने के साथ गिरावट तेज होती दिखाई दी. 1 Kg Silver Price 1400 रुपये टूट गया और भाव में इस कमी के बाद अब वायदा चांदी अपने हाई लेवल से और भी ज्यादा सस्ती हो गई है। 

    Gold की बदली-बदली चाल  
    एमसीएक्स पर वायदा कारोबार की शुरुआत के साथ ही 4 सितंबर की एक्सपायरी वाली चांदी और 5 अगस्त की एक्सपायरी वाला सोना गिरावट के साथ ओपन हुआ. अपने पिछले बंद भाव 1,47,378 रुपये प्रति 10 ग्राम की तुलना में कीमती पीली धातु गिरावट के साथ 1,47,135 रुपये पर ओपन हुई और फिर गिरावट से उबरते हुए 1,47,509 तक उछली भी, लेकिन खबर लिखे जाने तक आधे घंटे के कारोबार के बाद ये फिर से रेड जोन में कारोबार कर रही थी। 

    चांदी की कीमत में गिरावट तेज
    जहां वायदा कारोबार में सोने की चाल ने हैरान किया, तो वहीं रेड जोन में खुलने के बाद वायदा चांदी का भाव फिसलता चला गया. MCX Silver Price देखें, तो बीते शुक्रवार के अपने बंद 2,37,410 रुपये की तुलना में सिल्वर प्राइस गिरावट के साथ खुला और कुछ देर में तेज गिरावट लेकर 2,36,001 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. यानी एक झटके में चांदी 1409 रुपये सस्ती हो गई। 

    सोमवार को आई इस ताजा गिरावट के बाद वायदा कारोबार में सोना-चांदी की कीमतें अब अपने हाई लेवल से और भी ज्यादा कम हो गई है. बता दें कि साल के शुरुआती जनवरी महीने में Gold-Silver ने अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए हाई लेवल छुआ था. सोना जहां पहली बार 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार निकला था, तो चांदी ने इतिहास रचते हुए 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर पार किया था. हालांकि, इसके बाद हाई से दोनों लगातार क्रैश होती नजर आईं। 

    बीते हफ्ते चमके थे सोना-चांदी 
    जहां नए सप्ताह की शुरुआत सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट के साथ हुई है. वहीं बता दें कि पिछले हफ्ते दोनों धातुओं के भाव उतार-चढ़ाव के बाद कुछ मिलाकर बढ़त में रहे थे. 26 जून को 10 Gram 24 Karat Gold का रेट 1,44,162 रुपये था, जो बीते शुक्रवार को 1,47,378 रुपये पर क्लोज हुआ था। 

    वहीं चांदी की बात करें, तो इसकी कीमत भी बीते सप्ताह बढ़ी थी और 26 जून के 2,23,472 रुपये प्रति किलो के बंद भाव की तुलना में बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को ये कीमती धातु 2,37,410 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। 

    (नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

  • डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की नींव रखेंगे CM डॉ. मोहन यादव, निवेश और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

    डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की नींव रखेंगे CM डॉ. मोहन यादव, निवेश और रोजगार को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क का भूमि-पूजन और शिलान्यास

    – भोपाल को मिलेगा 25 एकड़ क्षेत्रफल का विश्वस्तरीय कन्वेंशन और एग्जिबिशन सेंटर
    – ग्रीन और स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क से औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक एवं निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिये औद्योगिक अधोसंरचना के विस्तार, निवेश-अनुकूल वातावरण के निर्माण और रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी पहल की जा रही हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 6 जुलाई को सतगढ़ी में विकसित किए जा रहे 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क' का भूमि-पूजन एवं शिलान्यास करेंगे। राष्ट्रवादी चिंतक एवं भारत के प्रथम उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम प्रदेश की औद्योगिक विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। कार्यक्रम में देश और प्रदेश के लगभग 200 से अधिक प्रमुख उद्योगपति, निवेशक और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

    लगभग 173 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का नया आधार बनेगा। परियोजना में आधुनिक औद्योगिक अधोसंरचना, उत्कृष्ट सड़क एवं परिवहन संपर्क, आईटी एवं एआई आधारित सुविधाएं, लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग कॉम्प्लेक्स तथा भविष्य की औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा, जिससे निवेशकों को विश्वस्तरीय औद्योगिक वातावरण उपलब्ध हो सके। यह परियोजना 'वर्क-लिव-ग्रो' मॉडल पर आधारित होगी, जहां उद्योगों के साथ कौशल विकास, नवाचार और गुणवत्तापूर्ण जीवन के लिए आवश्यक सुविधाओं का समन्वित विकास किया जाएगा। पार्क में उच्च मूल्य विनिर्माण, गारमेंट, टॉयज, आईटी, एआई, लॉजिस्टिक्स तथा उभरती तकनीकों से जुड़े उद्योगों को स्थापित करने की परिकल्पना की गई है। इससे राजधानी में विविध औद्योगिक क्षेत्रों का संतुलित विकास सुनिश्चित होगा और नए निवेश के अवसर सृजित होंगे।

    25 एकड़ में बन रहा परिसर
    सतगढ़ी में विकसित हो रहा यह
    स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क कोलार क्षेत्र के विकास की दिशा भी बदलेगा। अब तक मुख्य रूप से आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित कोलार आने वाले समय में निवेश, उद्योग और रोजगार का नया केंद्र बनेगा। परियोजना से 15 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है, जिनका लाभ विशेष रूप से भोपाल और आसपास के युवाओं को मिलेगा। इसके साथ ही बढ़ती औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी। परियोजना की एक विशेष उपलब्धि यहां विकसित किया जाने वाला विश्वस्तरीय कन्वेंशन एवं एग्जिबिशन सेंटर होगा। लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित यह परिसर 10 हजार से अधिक लोगों की क्षमता वाला होगा, जहां राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के निवेशक सम्मेलन, औद्योगिक प्रदर्शनियां, व्यापारिक आयोजन और वैश्विक व्यवसायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इससे भोपाल को मध्य भारत के प्रमुख एमआईसीई (मीटिंग्स, इंसेन्टिव्स, कॉन्फ्रेंसेस एण्ड एग्जिबिशन) गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार मिलेगा।

    कुशल प्रबंधन को मिलेगा बढ़ावा 
    रणनीतिक दृष्टि से भी यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है। सतगढ़ी क्षेत्र राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, कोलार रोड तथा प्रस्तावित वेस्टर्न बायपास से बेहतर संपर्क के कारण निवेशकों के लिए सुविधाजनक औद्योगिक गंतव्य के रूप में विकसित होगा। यह कनेक्टिविटी उद्योगों की स्थापना, लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पार्क को पर्यावरण अनुकूल एवं स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत एससीएडीए आधारित जल प्रबंधन प्रणाली, जल एवं सीवेज शोधन संयंत्र, ऑटोमेटेड एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम, इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन, आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था तथा अत्याधुनिक यूटिलिटी कॉरिडोर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण-संरक्षण और संसाधनों के कुशल प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क राजधानी भोपाल में औद्योगिक निवेश, आधुनिक विनिर्माण और रोजगार सृजन के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह परियोजना औद्योगिक अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण के साथ प्रदेश की निवेश क्षमता को और मजबूत करेगी तथा भोपाल को मध्य भारत के प्रमुख औद्योगिक एवं व्यावसायिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • योगी सरकार का ग्रीन मिशन तेज, 12 जुलाई को पौधरोपण महाभियान-2026 में रचा जाएगा नया इतिहास

    योगी सरकार का ग्रीन मिशन तेज, 12 जुलाई को पौधरोपण महाभियान-2026 में रचा जाएगा नया इतिहास

    पौधरोपण में 12 जुलाई को फिर नया इतिहास रचेगी योगी सरकार 

    पौधरोपण महाभियान-2026 

    जनसहभागिता से रविवार को पूरे प्रदेश में एक दिन में लगाए जाएंगे 35 करोड़ पौधे

    अभियान की सफलता के लिए बैठक कर जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे मुख्यमंत्री, अधिकारियों को भी देंगे दिशा निर्देश 

    वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग लगाएगा सर्वाधिक 15.50 करोड़ पौधे, ग्राम्य विकास 10 करोड़ पौधरोपण करेगा

    लखनऊ
     योगी सरकार 12 जुलाई (रविवार) को फिर नया इतिहास रचेगी। पौधरोपण महाभियान-2026 के तहत जनसहभागिता से पूरे प्रदेश में एक दिन में 35 करोड़ पौधे रोपे जाएंगे। इसके लिए नोडल (वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग) ने तैयारी शुरू कर दी है। अभियान की सफलता के लिए मुख्यमंत्री सोमवार से जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे और अधिकारियों की भी निरंतर बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। वहीं वन मंत्री भी अन्य विभागों के मंत्रियों के साथ बैठक कर इसकी सफलता को लेकर विचार-विमर्श करेंगे। 

    जनसहभागिता से फिर होगा अभूतपूर्व आयोजन
    मुख्यमंत्री के निर्देश पर केंद्र-प्रदेश सरकार के विभागों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्कूलों-कॉलेजों समेत व्यापक जनसहभागिता से उत्सव के रूप में महाभियान चलेगा। व्यापक जनसहभागिता के साथ ही केंद्र व प्रदेश सरकार के विभाग मिलकर इस वर्ष 35 करोड़ पौधरोपण करेंगे।

    वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग लगाएगा सर्वाधिक 15.50 करोड़ पौधे
    वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग सर्वाधिक 15.50 करोड़ पौधरोपण करेगा। ग्राम्य विकास विभाग 10 करोड़,  कृषि विभाग 3.25 करोड़, उद्यान 1.50 करोड़, पंचायती राज विभाग 1.22 करोड़ पौधे लगाएगा। गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे भी 5.50 लाख पौधे लगेंगे। नोडल विभाग (वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन) होगा। इसे लेकर जिला वृक्षारोपण समिति की नियमित बैठकें भी चल रही हैं। 

    कई विशिष्ट वनों की होगी शुरुआत, सार्वजनिक स्थलों पर भी लगेंगे छायादार पौधे
    योगी सरकार प्रत्येक वर्ष नवीन विशिष्ट वन स्थापित करती है। इस थीम के अंतर्गत पौधरोपण महाभियान-2026 में इस वर्ष समरस वन, समृद्धि वन, कृषि वन, ऊर्जा वन, कपि वन समेत अनेक नवीन वन तैयार किए जाएंगे। महर्षि चरक औषधि वन की शुरुआत 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) पर की गई है। अभियान का प्रमुख हिस्सा मिशन छाया, अविरल धारा पौधरोपण, सहजन भंडारा, आम भंडारा भी होगा। मिशन छाया के तहत गर्मी से राहत देने के लिए सड़क किनारे व सार्वजनिक स्थलों पर छायादार पौधे भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा 15 अगस्त को वंदे मातरम वाटिका, 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर भाई-बहन पौधरोपण व 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ भी लगाया जाएगा। 

    52.44 करोड़ पौधे कराए जा रहे तैयार 
    वृहद पौधरोपण के लिए वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन विभाग निरंतर बैठक व संवाद स्थापित कर रहा है। इसके साथ ही पौधों को लेकर भी विभाग की तैयारी चल रही है। वन विभाग की लगभग दो हजार नर्सरी में इस वर्ष 52.44 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं। इन पौधों को भी अब वितरित किया जाएगा। 

    गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे लगेंगे 5.50 लाख पौधे 
    प्रदेश के एक्सप्रेसवे के किनारे भी पौधरोपण किया जाएगा। इस बार विशेष रूप से गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे पौधे लगाए जाएंगे। 594 किमी. लंबे गंगा एक्सप्रेसवे की दोनों पटरियों पर वन विभाग 500 हेक्टेयर क्षेत्र में 5.50 लाख पौधरोपण करेगा। दोनों पटरी पर हर एक किमी. पर हरिशंकरी रोपा जाएगा, जबकि बीच-बीच में पीपल, पाकड़, बरगद, नीम, गूलर, महुआ, आम, अर्जुन, चिलबिल, अमलतास, कचनार, जकरकंडा, गुलमोहर आदि प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इनकी सुरक्षा के लिए तार से फेंसिंग व सिंचाई के लिए ड्रिप इरीगेशन सुनिश्चित की जाएगी। 

    मुख्यमंत्री का निर्देश- जनसहभागिता से मनाया जाए उत्सव 
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पौधरोपण महाभियान-2026 की तैयारी को लेकर निरंतर बैठक करेंगे। वहीं वन मंत्री अन्य विभागों के मंत्रियों, अधिकारियों के साथ ही इसकी सफलता को लेकर विचार-विमर्श करेंगे। मुख्यमंत्री ने जनसहभागिता पर विशेष जोर देते हुए इसे उत्सव के रूप में मनाने का निर्देश दिया है। सीएम योगी ने महाभियान में सभी जनप्रतिनिधियों, संस्थाओं, एनसीसी, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, युवक-महिला मंगल दल, रोटरी-लायंस, इको क्लब, एफपीओ, व्यापार मंडल आदि की भी सहभागिता अनिवार्य रूप से करने के लिए वन विभाग को निर्देश दिया है। कृषि विभाग की देखरेख में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पंजीकृत किसान भी महाभियान का हिस्सा बनेंगे।  

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 12 जुलाई को पौधरोपण महाभियान-2026 का आयोजन होगा। वन विभाग इसकी तैयारी में जुट गया है। इस बार भी एक दिन में 35 करोड़ पौधरोपण होगा। सभी विभागों, संस्थाओं, स्कूल-कॉलेज, सामाजिक संगठनों आदि के सहयोग से व्यापक जनसहभागिता के साथ इस महाभियान को उत्सव के रूप में मनाया जाएगा। विभागों, मंडलों व जनपदों के लक्ष्य प्रस्तावित किए जा चुके हैं। इस बार भी कई विशिष्ट वनों की शुरुआत होगी। 

    सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक व विभागाध्यक्ष 
    वन विभाग, उत्तर प्रदेश

  • लाल सागर मार्ग असुरक्षित: हूती धमकियों के बीच व्यापारिक जहाज पर ताजा हमला

    लाल सागर मार्ग असुरक्षित: हूती धमकियों के बीच व्यापारिक जहाज पर ताजा हमला

    नई दिल्ली
    लाल सागर में एक बार फिर समुद्री सुरक्षा को गंभीर चुनौती मिली है। यमन के पश्चिमी तट के निकट एक व्यावसायिक मालवाहक जहाज पर अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने हमला कर दिया। यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने रविवार को इस घटना की पुष्टि की। हालांकि अभी तक किसी भी संगठन, समूह या गुट ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हमले में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की तत्काल कोई पुष्टि नहीं हुई है।

    UKMTO केंद्र ने एक आधिकारिक सूचना में बताया कि हमला तटीय शहर होदेइदाह के पास हुआ। होदेइदाह ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के मजबूत नियंत्रण वाले इलाके में स्थित है। जहाज होदेइदाह से लगभग 30 समुद्री मील (करीब 55 किलोमीटर) दक्षिण-पश्चिम दिशा में था, जब अज्ञात सशस्त्र हमलावरों ने उस पर हमला किया। UKMTO ने स्पष्ट किया कि जहाज के चालक दल ने तुरंत हमले की सूचना दी। फिलहाल संबंधित अंतरराष्ट्रीय अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।

    हूती विद्रोहियों की धमकी
    बता दें कि यमन के हूती विद्रोहियों ने हाल ही में लाल सागर और अदन की खाड़ी में गुजरने वाले जहाजों पर हमले दोबारा शुरू करने की खुली धमकी दी थी। हालांकि, उन्होंने अभी तक इन धमकियों को अमली जामा नहीं पहनाया है। हूती प्रवक्ता ने इस घटना पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

    गौरतलब है कि हूतियों ने अक्टूबर 2023 से गाजा युद्ध के समर्थन में लाल सागर के दक्षिणी हिस्से में स्थित संकरे बाब अल-मंडाब के आसपास अपने नियंत्रण वाले क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाना शुरू किया था। उन्होंने ड्रोन, बैलिस्टिक मिसाइलें और अन्य हथियारों का इस्तेमाल कर कई अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हमले किए। इन हमलों के कारण वैश्विक जहाजरानी कंपनियों को स्वेज नहर के बजाय अफ्रीका के दक्षिणी सिरे (केप ऑफ गुड होप) का लंबा और महंगा रास्ता अपनाना पड़ा।

    सोमाली समुद्री लुटेरों भी हैं ऐक्टिव
    लाल सागर संकट के बीच सोमाली समुद्री डाकू भी अदन की खाड़ी और आसपास के दूरवर्ती इलाकों में फिर से सक्रिय हो गए हैं। एक जुलाई को यमन के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित बलहाफ बंदरगाह शहर से 76 समुद्री मील (लगभग 140 किलोमीटर) दक्षिण में एक और घटना हुई थी। UKMTO के अनुसार, चार सशस्त्र व्यक्ति छोटी नाव पर सवार होकर आए और एक जहाज के ब्रिज (नियंत्रण कक्ष) को मामूली नुकसान पहुंचाया। इस घटना को संदिग्ध समुद्री लुटेरों का काम माना जा रहा है।

    बता दें कि लाल सागर और अदन की खाड़ी विश्व व्यापार का अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग है। यहां से रोजाना लाखों टन तेल, गैस, कंटेनर माल और अन्य सामान गुजरता है। आये दिन हो रहे हमलों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। अमेरिका, ब्रिटेन और उनके सहयोगी देशों के युद्धपोत क्षेत्र में गश्त बढ़ाए हुए हैं, इसके बावजूद चुनौतियां बरकरार हैं।

  • 235 करोड़ का लग्जरी बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 खरीदेगी MP सरकार, अगले महीने बेड़े में होगी एंट्री

    235 करोड़ का लग्जरी बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 खरीदेगी MP सरकार, अगले महीने बेड़े में होगी एंट्री

    भोपाल.

    मध्य प्रदेश सरकार आगामी अगस्त महीने में अपने राजकीय विमानन बेड़े का विस्तार करने जा रही है। सरकार करीब 235 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से कनाडा निर्मित 'बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500' बिजनेस जेट खरीदने जा रही है।

    यह अत्याधुनिक विमान तकनीक के मामले में गुजरात सरकार के पास मौजूद चैलेंजर 650 से भी कहीं अधिक उन्नत माना जा रहा है। इस नए जेट के संचालन के लिए जुलाई के अंतिम सप्ताह में दो पायलटों को विशेष ट्रेनिंग के लिए अमेरिका भेजा जाएगा। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से जुड़े तमाम कानूनी कागजी काम पूरे किए जा चुके हैं।

    विमान खरीदने की क्यों आई नौबत?
    दरअसल, मई 2021 में कोरोना काल के दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन की इमरजेंसी सप्लाई करते समय राज्य सरकार का 'बीचक्राफ्ट किंग एयर बी-200जीटी' विमान ग्वालियर में क्रैश हो गया था। तत्कालीन कमलनाथ सरकार द्वारा 62 करोड़ रुपए में खरीदे गए इस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद से मध्य प्रदेश सरकार के पास अपना कोई चालू विमान नहीं था। वर्तमान में बेड़े में सिर्फ एक चालू हेलीकॉप्टर है।

    किराए के विमानों पर ही 290 करोड़ खर्च
    सरकारी विमान न होने के कारण मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य अतिविशिष्ट (VIP) दौरों के लिए निजी चार्टर विमान और हेलीकॉप्टर किराए पर लेने पड़ रहे थे। विधानसभा में पेश आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2021 से नवंबर 2025 के बीच केवल किराए के विमानों पर ही सरकार 290 करोड़ रुपए की मोटी रकम फूंक चुकी है।

    सीएम डेली खर्च कर रहे 21 लाख रुपये
    मौजूदा समय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरों के लिए औसतन 21 लाख रुपए रोजाना किराए पर खर्च हो रहे हैं। एक तरफ जहां मध्य प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ बढ़कर 4.64 लाख करोड़ रुपए पहुंच चुका है और सालाना ब्याज ही 27 हजार करोड़ रुपए चुकाना पड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ इसी किराए के दैनिक खर्च को रोकने के लिए सरकार ने स्थाई रूप से इस नए बिजनेस जेट को खरीदने का फैसला किया।

    डील को कैबिनेट से मिल चुकी है मंजूरी
    इस नए विमान को खरीदने की कवायद लगभग दो साल पहले शुरू हुई थी। शुरुआत में टेक्सट्रॉन कंपनी ने 145 करोड़ रुपए का कोटेशन दिया था, लेकिन बाद में दाम बढ़ाकर 208 करोड़ रुपए करने के कारण वह प्रक्रिया निरस्त कर दी गई। इसके बाद, 10 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस कनाडाई चैलेंजर 3500 जेट को हरी झंडी दी गई। सितंबर 2024 से शुरू हुई वित्तीय और तकनीकी प्रक्रियाओं के समापन के बाद अब अगस्त 2026 में यह जेट आधिकारिक तौर पर प्रदेश की सेवा में तैनात हो जाएगा।

  • MP के PG डॉक्टरों के लिए नई DRP नीति लागू, पोस्टिंग का अधिकार अब मेडिकल कॉलेज डीन के पास

    MP के PG डॉक्टरों के लिए नई DRP नीति लागू, पोस्टिंग का अधिकार अब मेडिकल कॉलेज डीन के पास

    भोपाल.

    मध्य प्रदेश सरकार ने जिला रेजिडेंट प्रोग्राम (डीआरपी) नीति में तीन साल बाद बड़ा बदलाव किया है। अब जिला अस्पतालों में तीन माह की सेवा देने वाले रेजिडेंट डॉक्टरों की पोस्टिंग राज्य स्तर से नहीं होगी। इसके बजाय संबंधित मेडिकल कॉलेज के डीन की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय डीआरपी प्लेसमेंट एलोकेशन कमेटी पोस्टिंग का निर्णय करेगी।

    नई व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय जरूरतों के अनुसार डॉक्टरों की तैनाती करना और जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। हालांकि, नई नीति में आवास भत्ता समाप्त किए जाने से रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच असंतोष भी देखा जा रहा है।

    डीन की अध्यक्षता वाली समिति करेगी पोस्टिंग
    नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में गठित पांच सदस्यीय समिति रेजिडेंट डॉक्टरों के जिला आवंटन का फैसला करेगी। पहले यह प्रक्रिया राज्य स्तर पर होती थी। अब जिस मेडिकल कॉलेज में जिस क्षेत्र के मरीज अधिक आते हैं, उसी क्षेत्र के जिला अस्पतालों में वहां के रेजिडेंट डॉक्टरों को भेजा जाएगा।

    क्षेत्र के अनुसार होगा जिला आवंटन
    नई नीति के अनुसार गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल के रेजिडेंट डॉक्टरों की तैनाती भोपाल, विदिशा, रायसेन और सीहोर जैसे जिलों में होगी। वहीं एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर के डॉक्टरों को इंदौर, धार, झाबुआ और आसपास के जिलों में सेवाएं देनी होंगी। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

    आवास भत्ता खत्म, खुद करनी होगी व्यवस्था
    नीति में सबसे बड़ा बदलाव आवास भत्ते को समाप्त करना है। अब रेजिडेंट डॉक्टरों को अपने रहने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। जिला प्रशासन केवल सुरक्षित आवासों की सूची उपलब्ध कराएगा। वहीं महिला और दिव्यांग रेजिडेंट डॉक्टरों को सुविधा के अनुसार नजदीकी जिलों में पदस्थापना देने का प्रयास किया जाएगा। जिला अस्पतालों में मेंटर और रेजिडेंट डॉक्टरों का अनुपात 1:3 रखा गया है।

    रेजिडेंट डॉक्टरों ने रखीं मांगें
    रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि पहले की तरह आवास भत्ता जारी रखा जाना चाहिए। साथ ही अधिक मेडिकल कॉलेजों वाले क्षेत्रों से बाहर भी जिलों को डीआरपी में शामिल किया जाए। उन्होंने पूरे प्रदेश में डिवीजन से बाहर म्युचुअल ट्रांसफर की सुविधा लागू करने की भी मांग की है।