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  • शेयर बाजार में भारी गिरावट से निवेशकों के उड़े होश, सेंसेक्स-निफ्टी की तेजी पलटी; जानें 3 बड़े कारण

    शेयर बाजार में भारी गिरावट से निवेशकों के उड़े होश, सेंसेक्स-निफ्टी की तेजी पलटी; जानें 3 बड़े कारण

    मुंबई 
    मंगलवार का दिन शेयर बाजार में पैसे लगाने वालों के लिए अमंगलकारी साबित हो रहा है. सबसे बड़ी बात ये है कि सेंसेक्स-निफ्टी ने तूफानी शुरुआत की थी, लेकिन देखते ही देखते बाजार में ऐसा भूचाल आया कि दोनों इंडेक्स क्रैश हो गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन के हाई लेवल से एक झटके में 1400 अंक से ज्यादा टूटकर बंद हुआ. वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने भी डे-हाई से 474 अंकों का गोता लगा गया. शेयर मार्केट में अचानक आई इस बड़ी गिरावट के पीछे एक नहीं, बल्कि कई बड़े कारण हैं।   

    तूफानी तेजी, फिर तगड़ी गिरावट
    शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत धुआंधार तेजी के साथ हुई और निवेशकों को लगा कि बीते सप्ताह की गिरावट पर ब्रेक लग गया, लेकिन उनकी खुशी महज घंटेभर बाद ही टेंशन में तब्दील हो गई. सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट का जो सिलसिला शुरू हुआ वो कारोबार आगे बढ़ने के साथ तेज होता चला गया. शेयर बाजार में कारोबार खत्म होने पर BSE Sensex 777 अंक की गिरावट लेकर 74,003 के लेवल पर क्लोज हुआ, जो दिन के हाई लेवल से 1433 अंक की गिरावट है। 

    सिर्फ सेंसेक्स ही नहीं, बल्कि NSE Nifty ने भी निवेशकों को बुरी तरह चौंकाया है. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,398 की तुलना में तेज रफ्तार के साथ 23,576 पर कारोबार की शुरुआत की थी और 23,592 तक उछला था, लेकिन फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए ये भी टूटता चला गया और खबर लिखे जाने तक अपने दिन के हाई लेवल से 474 अंक फिसलकर 23,118 पर आकर बंद हुआ। 

    शेयर मार्केट क्रैश के कारण
    Share Market Crash के पीछे के कारणों की बात करें, तो एक नहीं बल्कि कई हैं. इनमें कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से लेकर US बॉन्ड यील्ड तक का रोल है। 

    पहला कारण: वेस्ट एशिया में अमेरिका-ईरान टेंशन और मध्य पूर्व में फैलते संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डाल दिया है. इसके असर तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत तेज उछाल के साथ 107 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रही है. इसने महंगाई के जोखिम को बढ़ाते हुए शेयर बाजारों का सेंटीमेंट खराब किया है। 

    दूसरा कारण: शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट के पीछे दूसरा कारण अमेरिका से जुड़ा हुआ है. दरअसल, सोमवार को बेंचमार्क 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5 फीसदी पर जा पहुंची, जो अक्टूबर 2023 के बाद पहली बार है. गौरतलब है कि 10 साल की बॉन्ड यील्ड को ग्लोबल बेंचमार्क माना जाता है और ये सीधे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है. वहीं बीते कारोबारी दिन अमेरिकी शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई थी, जिसका असर मंगलवार को भारतीय बाजार पर भी नजर आया है। 

    तीसरा कारण: शेयर बाजार में मंगलवार को IT इंडेक्स के अलावा ज्यादातर कैटेगरी में तेज गिरावट दर्ज की गई. मार्केट टूटने का तीसरा बड़ा कारण तमाम ग्लोबल टेंशन और तेल की कीमतों में इजाफे के बीच शेयर बाजार के लिए डर का पैमाना माने जाने वाले India VIX में अचानक उछाल भी है. ये 6 फीसदी के आसपास बढ़कर 13 के पार निकल गया, जो आने वाले दिनों में शेयर मार्केट में बिकवाली का इंडिकेशन देता है। 

    ये शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे
    Stock Market Crash के बीच सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की लिस्ट देखें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल BEL Share (5%), IndiGo Share (3.56%), Bajaj Finserv Share (2.96%), Adani Ports Share (2.50%), SBI Share (2.42%), Titan Share (2.35%), Bajaj Finance Share (2.34%), Asian Paints Share (2.31%), M&M Share (2.19%), Trent Share (2%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. 

  • कोई जरूरतमंद परिवार आवास से वंचित न रहे, सम्मानजनक घर उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य: राजेश अग्रवाल

    कोई जरूरतमंद परिवार आवास से वंचित न रहे, सम्मानजनक घर उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य: राजेश अग्रवाल

    हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता: मंत्री राजेश अग्रवाल

    लखनपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से मिले पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

    17 सितंबर को आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित कर ‘सेवा संकल्प अभियान‘ में सहभागी बनने का किया आह्वान

    रायपुर, 
     सरगुजा दौरे के दौरान नगर पंचायत लखनपुर पहुंचे पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से मुलाकात कर उनसे आत्मीय संवाद किया। उन्होंने हितग्राहियों से आवास निर्माण की स्थिति, योजना से मिले लाभ तथा आवास से जुड़ी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार गरीब तथा जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी संकल्प का महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसके माध्यम से अनेक परिवारों को अपने पक्के घर का सपना साकार करने का अवसर मिला है।
    मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों के सम्मान, स्वाभिमान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने का जो संकल्प लिया है, उससे देश के लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पक्का मकान मिलने से परिवारों को न केवल सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिला है, बल्कि उनके भीतर आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति नई उम्मीद भी मजबूत हुई है।

    उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र हितग्राहियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पहुंचे। प्रधानमंत्री आवास योजना ने समाज के अंतिम छोर पर खड़े परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी जरूरतमंद परिवार को आवास जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित न रहना पड़े। 

    हितग्राहियों से चर्चा के दौरान मंत्री अग्रवाल ने उनकी व्यक्तिगत समस्याओं और आवास निर्माण से संबंधित आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब उसका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी हितग्राहियों की समस्याओं के निराकरण तथा योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने की अपेक्षा की।

    ‘सेवा संकल्प अभियान‘ से जुड़कर जनभागीदारी को मजबूत करने का आह्वान

    मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से सेवा संकल्प अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश सेवा, जनकल्याण और जनभागीदारी के भाव को निरंतर मजबूती मिल रही है। सेवा संकल्प अभियान इसी भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

    उन्होंने हितग्राहियों से आग्रह किया कि 17 सितंबर की संध्या 7 बजे अपने-अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित करें और सेवा, समर्पण तथा जनभागीदारी के इस संकल्प से जुड़ें। उन्होंने कहा कि घरों में प्रज्ज्वलित होने वाला आशीर्वाद का दीया समाज में सेवा और सकारात्मकता का संदेश भी देगा।

    मंत्री अग्रवाल ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान‘ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सेवा और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री आवास योजना ने जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा और खुशहाली का प्रकाश फैलाया है, उसी तरह ‘आशीर्वाद का दीया‘ सेवा, विश्वास और संकल्प की भावना को घर-घर तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।

    उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों सहित नागरिकों से अपील की कि वे 17 सितंबर को अपने घरों में आशीर्वाद का दीया प्रज्ज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें और अधिक से अधिक लोगों को इस जनभागीदारी से जोड़ें।

    इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों ने मंत्री अग्रवाल से अपने अनुभव साझा किए और योजना से मिले लाभ के संबंध में जानकारी दी। हितग्राहियों ने बताया कि पक्का आवास मिलने से उनके परिवारों के जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की उम्मीद बढ़ी है। मंत्री अग्रवाल ने हितग्राहियों की बातों को सुना और शासन की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से संबंधित सुझावों पर भी चर्चा की।

    मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और जनसेवा को केंद्र में रखकर अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ने गरीब परिवारों को पक्की छत देकर उनके जीवन में सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर समाज की मजबूत नींव तभी तैयार होगी, जब प्रत्येक परिवार के पास सुरक्षित आवास, सम्मानजनक जीवन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हों। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से जनभागीदारी को मजबूत करते हुए सेवा और सामाजिक सरोकारों की इस भावना को और व्यापक बनाया जा सकता है।

  • UCC को लेकर OP चौधरी ने गिनाईं मुस्लिम महिलाओं की मुश्किलें, कहा- समान कानून से परंपराएं रहेंगी सुरक्षित

    UCC को लेकर OP चौधरी ने गिनाईं मुस्लिम महिलाओं की मुश्किलें, कहा- समान कानून से परंपराएं रहेंगी सुरक्षित

    रायपुर
     छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को 2029 तक भाजपा शासित राज्यों में लागू करने के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने यूसीसी को संविधान के अनुच्छेद 44 में वर्णित नीति निर्देशक तत्वों का हिस्सा बताते हुए इसे भाजपा के घोषित एजेंडे का हिस्सा बताया। इसके साथ ही उन्होंने ब्रिक्स सम्मेलन में विपक्षी दलों के कुछ मुख्यमंत्रियों के शामिल नहीं होने पर भी सवाल उठाए। भारत-चीन संबंधों और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी सेना पीएलए की तैनाती में कमी की खबरों पर भी चौधरी ने केंद्र की कूटनीति की सराहना की।

    अमित शाह के बयान का किया समर्थन
    अमित शाह के 2029 तक भाजपा शासित प्रदेशों में समान नागरिक संहिता लागू करने के बयान पर ओपी चौधरी ने कहा कि शाह अपने संकल्पों को दृढ़ता से लागू करने के लिए जाने जाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने यूसीसी को अपने घोषित एजेंडे और चुनावी घोषणापत्र में शामिल किया है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में राज्य के लिए समान नागरिक संहिता की दिशा में प्रयास करने की बात कही गई है। यूसीसी का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए व्यक्तिगत कानूनों में समानता की दिशा में आगे बढ़ना है।
    विपक्ष भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है

    उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यूसीसी नहीं होने के कारण मुस्लिम समाज की महिलाओं को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। उन्होंने संपत्ति में अधिकार, तीन तलाक और बहुविवाह जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी वर्ग की महिलाओं को समान अधिकार मिलना जरूरी है। यूसीसी को लेकर आदिवासी समाज की परंपराओं और संस्कृति पर उठने वाली आशंकाओं को खारिज करते हुए ओपी चौधरी ने कहा कि विपक्षी ताकतों की ओर से इस संबंध में भ्रम और अफवाह फैलाने का प्रयास किया जा रहा है।

    आदिवासी परंपरा को कोई नुकसान नहीं
    उन्होंने दावा किया कि समान नागरिक संहिता से आदिवासी समाज की परंपराओं और संस्कृति को कोई नुकसान नहीं होगा। आदिवासी समुदाय को इस मुद्दे पर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। भाजपा यूसीसी को एक प्रगतिशील और समान अधिकारों वाले समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानती है। इसके माध्यम से महिलाओं को अधिक समान और उचित अधिकार देने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

  • महिला राइडर को टक्कर मारकर फरार हुआ आरोपी गिरफ्तार, गुरुग्राम हिट-एंड-रन केस में बड़ा एक्शन

    महिला राइडर को टक्कर मारकर फरार हुआ आरोपी गिरफ्तार, गुरुग्राम हिट-एंड-रन केस में बड़ा एक्शन

    गुरुग्राम 

    गुरुग्राम के हिट एंड रन मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। महिला बाइक राइडर सिया चौहान को टक्कर मारने वाले आरोपी कल्याण बैंसला को गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि, इस हादसे का वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला देशभर में चर्चा में है। वहीं गुरुग्राम पुलिस ने खुद संज्ञान लेते हुए थाना सेक्टर-56 में एफआईआर दर्ज की थी। जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास की धारा एफआईआर में जोड़ दी गई है।

    सिया ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए थे सवाल
    बता दें कि इससे पहले गुरुग्राम की महिला बाइक राइडर सिया ने पुलिस के एक्शन पर सवाल उठाए थे। हादसे को लेकर पीड़िता सिया ने बताया कि, उन्हें घुटनों में चोट लगी है। हादसे के समय उन्होंने राइडिंग शूज और राइडिंग ग्लव्स पहन रखे थे, जिसकी वजह से उन्हें चोट कम लगी। उनके मुताबिक, अगर उन्होंने ये सुरक्षा उपकरण नहीं पहने होते तो उनके हाथ पर लगी चोट इतनी गंभीर हो सकती थी कि कंधे की हड्डी भी टूट सकती थी।

    वीडियो फुटेज से मिली सुराग 

    गुरुग्राम पुलिस ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए थाना सेक्टर-56 में अभियोग दर्ज किया था। शुरुआत में लापरवाही से वाहन चलाने से संबंधित बीएनएस की धारा 281 और 125 के तहत केस दर्ज किया गया था।

    घटना से जुड़े वीडियो फुटेज के गहन विश्लेषण के बाद पुलिस के सामने कार चालक द्वारा सिया की बाइक की तरफ जानबूझकर कार मोड़ने का तथ्य आया। इसके आधार पर मामले में बीएनएस की धारा 109 यानी हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी गई।

    घटना के बाद फरार था आरोपी
    13 सितंबर को गोल्फ कोर्स रोड पर हुई घटना के बाद कल्याण बैंसला फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए बड़े स्तर पर तलाश शुरू की थी और तीन विशेष टीमों का भी गठन किया गया था।

    अब राजस्थान के दौसा से गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी से घटना को लेकर पूछताछ करेगी और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    राइडर सिया को मारी टक्कर
    सिया अपनी Aprilia RS 457 बाइक से अन्य राइडरों के साथ जा रही थीं। घटना के बाद इसका वीडियो इंस्टाग्राम पर प्रसारित हुआ था। बाद में सिया ने भी वीडियो जारी कर कार चालक पर जानबूझकर टक्कर मारने का आरोप लगाया था।

    सिया के अनुसार, कार चालक ने पहले उन्हें रुकने का इशारा किया था। जब वह नहीं रुकीं तो चालक ने कार उनकी बाइक की तरफ मोड़ दी और टक्कर मार दी।

    हत्या के प्रयास की धारा जुड़ी
    पुलिस के अनुसार, मामले में जोड़ी गई बीएनएस की धारा 109 में 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। वीडियो फुटेज के विश्लेषण के आधार पर यह धारा जोड़ी गई है।

    कल्याण बैंसला की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब घटना के पूरे क्रम और वीडियो फुटेज से सामने आए तथ्यों की जांच आगे बढ़ाएगी।

    वहीं सिया ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा था कि, आरोपी न्यूज रिपोर्टर्स को बयान दे रहा है और अपनी बात रख रहा है। उन्होंने सवाल किया कि पुलिस उसे गिरफ्तार करने में इतनी देर क्यों कर रही है। सिया ने कहा कि उन्होंने अपनी पोस्ट के कैप्शन में गाड़ी का नंबर भी बताया था। इसके बावजूद पुलिस अब तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।

    रविवार की है घटना
    दरअसल, यह घटना गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड की है, जिसका वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हुआ था। महिला बाइकर सिया चौहान, अपनी बाइक चला रही थी। तभी एक कार उसका पीछा करने लगी। जब महिला नहीं रुकी तो आरोपी ने बाइकर को टक्कर मार दी। महिला का कैमरा चालू था, ऐसे में यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई थी।

  • भोपाल में तालाब किनारे कब्जों पर NGT सख्त, सर्वे रिपोर्ट आज होगी पेश; कई फार्म हाउस और रेस्टोरेंट मिले

    भोपाल में तालाब किनारे कब्जों पर NGT सख्त, सर्वे रिपोर्ट आज होगी पेश; कई फार्म हाउस और रेस्टोरेंट मिले

    भोपाल 

    भोपाल की लाइफ लाइन बड़ा तालाब और कलियासोत डैम की 'हद' की रिपोर्ट मंगलवार को नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (NGT) में पेश की जाएगी। एनजीटी के आदेश पर विशेष टीम ने 5 दिन तक सर्वे किया था।इस दौरान ड्रोन भी उड़ाया। सर्वे में बैरसिया विधायक विष्णु खत्री के फार्म हाउस समेत कई रेस्टोरेंट और कब्जे तालाब-डैम की सीमा में मिले। सुनवाई में एनजीटी कार्रवाई के संबंध में आदेश जारी कर सकता है।

    बता दें कि 4 सितंबर को भोपाल के भदभदा डैम के गेट खोलने पर सवाल उठे थे। बड़ा तालाब के एफटीएल (फुल टैंक लेवल) पर अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति पता करने के लिए एनजीटी ने पानी 1666.80 फीट पर बनाए रखने और गेट नहीं खोलने को कहा था, लेकिन तालाब में जब 0.10 फीट पानी कम था, तब ही डैम का गेट खोल दिया गया था।

    अगले दिन से ही सर्वे शुरू किया अगले दिन 5 सितंबर से ही एनजीटी की टीम ने सर्वे शुरू किया था। पहले दिन भदभदा डैम, सैर सपाटा समेत कई जगहों पर टीमें पहुंची। 9 सितंबर तक सर्वे कार्य जारी रहा।

    सर्वे में क्या-क्या मिला था?
        बैरसिया विधायक खत्री के फार्म हाउस तक पहुंचने के लिए तालाब के वेटलैंड क्षेत्र के अंदर सड़क का निर्माण देखने को मिला। यह सड़क तालाब के एफटीएल क्षेत्र में स्थित दो मुनारों के बीच से होकर फार्म हाउस तक जाती हुई पाई गई।

        राकेश शर्मा नामक व्यक्ति द्वारा तालाब क्षेत्र के अंदर मकान बनाए जाने की भी जानकारी सर्वे टीम को मिली।

        सीआई ऑटोमोबाइल का यार्ड भी एफटीएल क्षेत्र से लगा हुआ पाया गया। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुड़े एक कर्मचारी द्वारा तालाब के नजदीक कब्जा कर रेस्टोरेंट निर्माण किए जाने की भी जानकारी सर्वे के दौरान सामने आई।

        कई स्थानों पर मुनार से पानी की सीमा लगभग 5 से 10 फीट आगे तक पहुंची हुई पाई गई।

        कई जगह रिटेनिंग वॉल के ऊपर से पानी बहता हुआ पाया गया। करबला पंप हाउस के सामने, श्रीन नदी के आसपास और अन्य स्थानों पर तालाब में जलकुंभी एवं् पानी में उगने वाली घास का फैलाव भी दिखाई दिया।

        खानूगांव क्षेत्र में कई स्थानों पर FTL एवं ग्रीन बेल्ट के मुनारे मौके पर दिखाई नहीं दिए।

        हलालपुरा के फिजा फार्म क्षेत्र में पक्का पुल बना हुआ पाया गया और उसके आगे तक पानी फैला हुआ था। वहीं, लैंडमार्क मैरिज गार्डन के पीछे सड़क के आसपास लगभग 6 फीट तक का भराव दिखाई दिया।

        वार्ड क्रमांक 26, ग्राम खुदागंज के कई स्थानों पर जलस्तर FTL सीमा से काफी आगे तक पहुंचा हुआ दिखाई दिया। सर्वे के दौरान दर्जनों रेस्टोरेंट और अन्य निर्माण पानी की सीमा से बिल्कुल सटे हुए पाए गए।

        कलियासोत तालाब के जलभराव क्षेत्र के अंदर से ही सड़क का निर्माण मिला।

        प्रभावशाली लोगों से जुड़े बड़े रेस्टोरेंट और व्यावसायिक निर्माण तालाब की सीमा के भीतर या बेहद करीब पाए गए। कई स्थानों पर प्लॉटिंग के लिए मुनारें गाड़कर पानी के प्राकृतिक बहाव और जलभराव के रास्ते को बाधित करने की बात भी सामने आई है।

    सुनवाई में केरवा डैम को लेकर फैसले की संभावना
    टीम को केरवा डैम के आसपास भी सर्वे करना था, लेकिन डैम के FTL पर वर्तमान में पानी उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण इस क्षेत्र में ग्राउंड ट्रुथिंग और सर्वे की प्रक्रिया नहीं हुई।

    टीम सदस्यों के बीच चर्चा और विचार-विमर्श के बाद सभी पक्षों में यह सहमति बनी कि केरवा की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट किए बिना आगे की कार्रवाई में कोई जल्दबाजी न की जाए। मंगलवार को होने वाली सुनवाई के बाद केरवा क्षेत्र में आगे की ग्राउंड ट्रुथिंग और जांच की प्रक्रिया तय की जाएगी।

    टीम ने यहां किया सर्वे
    खानूगांन के अंडर कंस्ट्रक्शन क्रूज साइट, आर्मी स्पोर्ट्स एरिया, कोहेफिजा, हलालपुरा के फिजा फार्म, लैंडमार्क मैरिज गार्डन के पीछे, चिरायु अस्पताल क्षेत्र, भौंरी, कोलूखेड़ी, खजूरी सड़क, बैरागढ़ सहित कई क्षेत्रों में मौके पर पहुंचकर ग्राउंड ट्रुथिंग की गई।

    टीम में ये रहे शामिल
    ग्राउंड ट्रुथिंग के दौरान सीपीसीबी, एमपीपीसीबी के अधिकारी, पटवारी और याचिकाकर्ता राशिद नूर खान के साथ एनजीटी द्वारा नियुक्त विशेष सदस्य डॉ. सुभाष सी. पांडेय भी मौजूद रहे।

  • चीमा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग, सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस का मार्च आज

    चीमा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग, सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस का मार्च आज

    चंडीगढ़
     पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट मंगलवार को पहली बार पंजाब पहुंच रहे हैं और उनके आगमन के साथ ही कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी की है।

    पंजाब कांग्रेस भवन सेक्टर-15 से वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के आवास की ओर प्रस्तावित मार्च को देखते हुए चंडीगढ़ में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रदर्शन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है।

    पुलिस ने प्रदर्शन स्थल और मार्च के संभावित मार्ग पर चार से पांच स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की है। पंजाब कांग्रेस भवन से करीब एक किलोमीटर पहले ही भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

    बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद
    सुरक्षा व्यवस्था में चंडीगढ़ पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां भी लगाई गई हैं। प्रशासन की ओर से किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन समेत अन्य इंतजाम भी किए गए हैं।
    बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने के कारण सेक्टर-15 और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित होना शुरू हो गया है।

    करीब 11:30 बजे सचिन पायलट के पंजाब कांग्रेस भवन पहुंचने की उम्मीद है। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के प्रदर्शन में शामिल होने की संभावना है।

    कांग्रेस गुलजार सिंह मामले में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने, उनकी गिरफ्तारी और मामले की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर यह प्रदर्शन कर रही है। पार्टी इसे कानून-व्यवस्था और सरकार के खिलाफ अपने अभियान को तेज करने के तौर पर भी देख रही है।

    8 सितंबर को भी हुआ था प्रदर्शन
    इससे पहले आठ सितंबर को भी कांग्रेस ने चंडीगढ़ में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उस दौरान राजा वड़िंग समेत 150 से अधिक कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया था।

    हालांकि, मंगलवार का प्रदर्शन राजनीतिक रूप से ज्यादा अहम माना जा रहा है, क्योंकि नए प्रभारी सचिन पायलट की मौजूदगी में पंजाब कांग्रेस के लगभग सभी बड़े नेताओं के एक मंच पर आने की संभावना है।

    यह प्रदर्शन आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है। इससे पार्टी के भीतर नेताओं की सक्रियता, गुटों की ताकत और चुनावी रणनीति की दिशा का संकेत मिलने की उम्मीद है।

     

  • MP में मानसून की रफ्तार थमी, 37 जिलों में बारिश का आंकड़ा कम; आज से और कमजोर होगा सिस्टम

    MP में मानसून की रफ्तार थमी, 37 जिलों में बारिश का आंकड़ा कम; आज से और कमजोर होगा सिस्टम

    भोपाल
    प्रदेश में वेदर सिस्टम कमजोर पड़ने के साथ मानसूनी वर्षा का दौर धीमा पड़ गया है। सोमवार को प्रदेश के अधिकांश इलाकों में मौसम साफ रहा। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे तक श्योपुर में 21 और शिवपुरी में 18 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं नर्मदापुरम में 13.1, खरगोन में 10.8, इंदौर में 7.2 और राजगढ़ में 7 मिमी पानी गिरा। राजधानी भोपाल सहित बाकी जिलों में हल्की बूंदाबांदी के बाद धूप खिल गई।

    यहां पड़ सकती हैं बौछारें
    मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को दमोह, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, पन्ना, कटनी सागर, नर्मदापुरम व जबलपुर जैसे जिलों में मामूली बारिश हो सकती है।

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं, लेकिन विदाई से पहले प्रदेश में वर्षा का एक और दौर देखने को मिलेगा।

    ये वेदर सिस्टम सक्रिय
    वर्तमान में राजस्थान-गुजरात सीमा पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही मुख्य मानसून ट्रफ राजगढ़ व दमोह से और अरब सागर से झारखंड तक फैली दूसरी ट्रफ लाइन भी प्रदेश के ऊपर से गुजर रही है। इन सक्रिय वेदर सिस्टम के चलते अगले 48 से 72 घंटों के दौरान भोपाल, सीहोर, राजगढ़, उज्जैन और चंबल-ग्वालियर संभाग सहित राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक की स्थिति बनी रहने का अनुमान है।

    मानसूनी सीजन को अब 15 दिन बाकी बचे हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में 88% बारिश ही हुई है। इंदौर, उज्जैन-जबलपुर समेत 37 जिलों में कोटा फुल नहीं हुआ है।भोपाल, ग्वालियर सहित 18 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया। आलीराजपुर में तो कोटे की आधी बारिश भी नहीं हुई, जबकि निवाड़ी में 49% पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश में बारिश का सिस्टम आज से और कमजोर हो गया है।

    IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के मुताबिक अगले 4 दिन तक प्रदेश में कहीं भी अति भारी या भारी बारिश का अनुमान नहीं है।

    बता दें कि प्रदेश के पश्चिमी हिस्से यानी- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में पिछले चार दिन से भारी बारिश का दौर चल रहा था।

    सोमवार को भी कुछ जिलों में तेज बारिश रिकॉर्ड की गई, लेकिन मंगलवार से सिस्टम कमजोर हो जाएगा। इस वजह से 15 से 17 सितंबर तक प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा।

    पूर्वी हिस्से में रिकॉर्ड बारिश, लेकिन पश्चिम पिछड़ा
    मौसम विभाग के अनुसार, इस बार प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में रिकॉर्ड बारिश हुई। सागर के निवाड़ी में कोटे से 49%, मऊगंज में 44%, सतना में 34%, मैहर में 29% पानी ज्यादा गिर गया।

    यदि इंच के हिसाब से बात करें तो मऊगंज में सबसे ज्यादा 54.9 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। सतना में 50 इंच से ज्यादा पानी गिरा। दूसरी ओर, इंदौर संभाग के आलीराजपुर में सिर्फ 16 इंच पानी ही गिरा है।

    आज से और कमजोर होगा सिस्टम
    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया, 15 सितंबर से प्रदेश में बारिश की तीव्रता और प्रसार में धीरे-धीरे कमी आने का पूर्वानुमान है। सात दिन के पूर्वानुमान में पश्चिमी मध्य प्रदेश में कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होने की संभावना है।

    अब तक 32.8 इंच बारिश, 23 जिलों में ज्यादा
    IMD (मौसम केंद्र) की माने तो प्रदेश में अब तक 834.4 मिमी यानी, 32.8 इंच बारिश हो चुकी है। हालांकि, यह अब तक की सामान्य बारिश 34.9 इंच (886.6 मिमी) की तुलना में 2.1 इंच कम है।

    वहीं, ओवरऑल 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है। पूर्वी हिस्से में 1% और पश्चिमी हिस्से में औसत से 11% बारिश कम हुई है।

     

     

  • नुआखाई में झलकी कृषि संस्कृति, अन्नदाता के परिश्रम और प्रकृति के प्रति आभार का संदेश : CM साय

    नुआखाई में झलकी कृषि संस्कृति, अन्नदाता के परिश्रम और प्रकृति के प्रति आभार का संदेश : CM साय

    नुआखाई समृद्ध कृषि परंपरा, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और अन्नदाता के परिश्रम का उत्सव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री ने नुआखाई पर्व की दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

    रायपुर 
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई फसल के स्वागत और प्रकृति के अनुपम उपहार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाले पावन पर्व नुआखाई के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अन्नदाता किसानों की सुख-समृद्धि, अच्छी फसल और सभी परिवारों की खुशहाली की मंगलकामना की है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नुआखाई समृद्ध कृषि संस्कृति और लोक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। नई फसल के आगमन की खुशी में मनाया जाने वाला यह पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, अन्न के सम्मान और किसान के अथक परिश्रम के प्रति आदर का भाव प्रकट करता है। खेतों में उपजी नई फसल केवल किसान की मेहनत का प्रतिफल नहीं, बल्कि प्रकृति की कृपा और हमारी कृषि प्रधान संस्कृति की समृद्धि का भी प्रतीक है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति में खेती-किसानी केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। हमारे अनेक पर्व और परंपराएं कृषि चक्र, प्रकृति और लोकजीवन से गहराई से जुड़ी हुई हैं।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नुआखाई अपनी मिट्टी, अपनी जड़ों और अपनी गौरवशाली परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है। यह पर्व सामाजिक आत्मीयता, पारिवारिक एकजुटता और आपसी सद्भाव को भी मजबूत करता है। नई फसल की खुशियां जब परिवार और समाज मिलकर साझा करते हैं, तब लोकसंस्कृति और अधिक जीवंत तथा समृद्ध होती है।

    मुख्यमंत्री साय ने नुआखाई के पावन अवसर पर कामना करते हुए कहा कि प्रकृति की कृपा छत्तीसगढ़ पर सदैव बनी रहे। हमारे किसान साथियों के खेत हरे-भरे और फसलों से लहलहाते रहें, अन्न के भंडार भरें तथा अन्नदाताओं के घर-आंगन में समृद्धि आए। प्रदेश के प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली का संचार हो तथा आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव निरंतर मजबूत होता रहे।

  • गैंगस्टरों और नशा तस्करों पर पंजाब पुलिस का शिकंजा, 60 हजार से ज्यादा FIR दर्ज

    गैंगस्टरों और नशा तस्करों पर पंजाब पुलिस का शिकंजा, 60 हजार से ज्यादा FIR दर्ज

    चंडीगढ़ 
    पंजाब सरकार ने गैंगस्टरों और नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई को तेज करते हुए अब तक की गई पुलिस कार्रवाई के आंकड़े साझा किए हैं। सरकार की ओर से सोमवार को ‘गैंगस्टरों पर वार’ और ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इस दौरान गैंगस्टरों और नशा तस्करों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी गई।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर पंजाब पुलिस ने अब तक 1,234 गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। इसके साथ ही विदेशों में छिपे 10 भगोड़ों को डिपोर्ट करवाकर भारत लाया गया है। पुलिस की कार्रवाई का उद्देश्य पंजाब में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना और अपराध पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाना है।

    नशा तस्करी के रूट पर भाजपा को घेरा
    प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने नशे की तस्करी को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर गुजरात स्थित मुंद्रा पोर्ट पर ध्यान दिया जाए तो पंजाब में नशे की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब पुलिस ने मुंद्रा पोर्ट से नशे की बड़ी खेप बरामद की है और करीब 3,000 किलो नशा वहां जब्त किया गया था। मान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से तस्करी रोकना मुख्य रूप से केंद्र की जिम्मेदारी है, फिर भी पंजाब सरकार ने अपने फंड से एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 532 किलोमीटर लंबी सीमा के पार से पंजाब में नशा भेजने की कोशिशें जारी हैं। उनके मुताबिक सरकार ने केवल गिरफ्तारियों पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि नशा और गैंगस्टर नेटवर्क की पहचान, सप्लाई चेन को तोड़ने, वित्तीय माध्यमों को रोकने और अपराधियों को कानून के कठघरे में लाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस बिना किसी राजनीतिक प्रभाव के कार्रवाई कर रही है।

    विपक्ष पर 'गिद्धों वाली राजनीति' का आरोप
    मान ने कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा पर पंजाब को लेकर सकारात्मक एजेंडा पेश करने के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए घटनाओं का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने विपक्ष की राजनीति को 'गिद्धों वाली राजनीति' बताते हुए कहा कि लोग विवाद नहीं, समाधान चाहते हैं। साथ ही उन्होंने कांग्रेस और अकाली दल पर पहले गैंगस्टरों को राजनीतिक संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को कुछ घटनाओं के आधार पर बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य देश का प्रवेश द्वार और भारत का गौरव है। सरकार पंजाब को सुरक्षित, नशामुक्त और खुशहाल बनाने के लिए अपनी कार्रवाई जारी रखेगी तथा किसी भी शरारती तत्व को राज्य की शांति और सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।

    मान ने बताया कि 2022 से एजीटीएफ ने 1.24 लाख गैंगस्टरों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई की है। उनके अनुसार 1,170 हथियार, 15 हथगोले, 858.26 किलो हेरोइन, 480.26 किलो अफीम, 3,056.85 ग्राम सोना और 1.28 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पंजाब पुलिस ने दूसरे देशों से 18 गैंगस्टरों को डिपोर्ट कराया है। उन्होंने कहा कि सरकार का रोडमैप स्पष्ट है और नशों, गैंगस्टरों तथा संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

    वहीं, नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक 60,582 एफआईआर दर्ज की गई हैं। नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ वित्तीय कार्रवाई करते हुए करीब 366 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।सरकार ने दावा किया कि पंजाब में फिलहाल अमन-शांति पूरी तरह कायम है और राज्य की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।  

    पंजाब की शांति और कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि गैंगस्टरों और नशा तस्करों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और पंजाब की धरती पर अपराध तथा नशे के नेटवर्क को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।

  • रहवासी क्षेत्रों में कारोबार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई स्थगित, 62,500 प्रतिष्ठानों पर फैसला टला

    रहवासी क्षेत्रों में कारोबार को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई स्थगित, 62,500 प्रतिष्ठानों पर फैसला टला

    भोपाल 

    भोपाल के रहवासी इलाकों में कारोबार के मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में तय सुनवाई टल गई है। जस्टिस के अवकाश पर होने के कारण अब सुनवाई बाद में होगी। हालांकि अभी तारीख तय नहीं है।

    भोपाल के रहवासी इलाकों में 62 हजार 500 प्रतिष्ठान हैं, जिनको लेकर आज फैसला आने की उम्मीद थी। नगर निगम भी अब तक की एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश कर चुका है। वहीं, रहवासी सीलिंग की कार्रवाई को झूठी बताते हुए रिकॉर्ड पेश करेंगे।

    बता दें कि 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नगर निगम ने पूरे शहर में ऐसे प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए थे, जो आवासीय क्षेत्र में चल रहे थे।

    करीब 15 दिन तक नोटिस देने का दौर चला। इस दौरान लिस्टेड 62 हजार 500 में से 8084 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए गए थे। फिर 3 दिन तक 190 प्रतिष्ठान बंद किए थे।

    विरोध के बाद रुकी कार्रवाई, नया शपथ-पत्र पेश
        हालांकि, शहर में व्यापारियों ने निगम की कार्रवाई के विरोध में लगातार बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए थे, जिसके निगम ने कार्रवाई को रोक दिया। 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई में पेश करने के लिए जो शपथ-पत्र तैयार किया था, उसमें शहरभर में 7,951 प्रतिष्ठानों को आवासीय क्षेत्रों में कारोबार करते हुए चिह्नित करने और उन्हें नोटिस जारी करने की बात सामने आई थी।

        आंकड़ों के इस अंतर ने कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे। सूत्रों के अनुसार, नवदुनिया ने इस विसंगति को सामने लाने के बाद निगम ने अपने रिकार्ड का दोबारा मिलान किया और शपथ-पत्र में कार्रवाई की जानकारी को लेकर बदलाव कर नया शपथ-पत्र न्यायालय के सामने पेश किया है।

    प्रदेश सरकार की समिति पर भी होगी सुनवाई
        बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर निगम प्रशासन ने अरेरा कालोनी, रोहित नगर, बावड़िया कलां में नोटिस देने की कार्रवाई शुरू की थी, जिसके बाद एक अगस्त को इन क्षेत्रों में दो प्रतिष्ठानों को सील और 99 के स्वेच्छा बंद करने के पंचनामे बनाए थे। दो अगस्त को प्रदेश सरकार ने इस मामले में एक समिति गठित कर दी थी, जिसके बाद निगम ने अपनी कार्रवाई रोक दी और बंद किए गए प्रतिष्ठान भी खुल गए।

        सुप्रीम कोर्ट ने सरकार द्वारा बनाई गई इस समिति को प्रथम दृष्टया अवमानना मानते हुए समिति गठित करने के मूल दस्तावेज पेश करने को कहा था। अब 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई में निगम की कार्रवाई के साथ ही प्रदेश सरकार की इस समिति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

    व्यापारी सड़क पर उतरे तो कार्रवाई रोकी
    निगम की सीलिंग और नोटिस देने के विरोध में जब व्यापारी सड़क पर उतरे तो कार्रवाई रोक दी गई थी। पिछले 15 दिन से कार्रवाई नहीं हुई।

    दूसरी ओर, रहवासी निगम के जिम्मेदारों पर पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा कि निगम की एक्शन टेकन रिपोर्ट पर आपत्ति की है।

    हमने सुप्रीम कोर्ट में अपने दस्तावेज पेश किए हैं। जिसमें बताया गया कि निगम ने झूठी कार्रवाई की। जिन प्रतिष्ठानों को सील किया गया, वे फिर से खुल गए।

    यह है मामला- सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश
    भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई की थी। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को बड़ा झटका देते हुए राज्य सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।

    साथ ही इस मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से दुकान संचालकों को मिले सभी राहत आदेश (स्टे ऑर्डर) निरस्त कर दिए थे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि उसके निर्देश पर चल रही जांच में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

    इस दौरान नगर निगम को कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करना है। इसके चलते ही नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई की गई। अब तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश की जा चुकी है।

    रहवासियों की यह मांग
        रहवासी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियां गलत है। इन्हें बंद किया जाए।
        कमर्शियल गतिविधि होने से आवासीय क्षेत्र में व्यवधान जैसे- शोर, भीड़ और सार्वजनिक शांति भंग जैसी स्थितियां बन रही हैं।

        असामाजिक तत्वों की गतिविधियां भी बढ़ रही हैं। इस वजह से सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

        स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता हो रही है। बढ़ते ट्रैफिक की वजह से हादसों का खतरा बना रहता है।