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  • पीएम-जुगा के तहत जशपुर को बड़ी मंजूरी, जनजातीय पर्यटन के लिए बनेगा क्लस्टर होमस्टे

    पीएम-जुगा के तहत जशपुर को बड़ी मंजूरी, जनजातीय पर्यटन के लिए बनेगा क्लस्टर होमस्टे

    जशपुर में जनजातीय पर्यटन को बड़ी सौगात, पीएम-जुगा के तहत क्लस्टर होमस्टे परियोजना को मिली मंजूरी

    बगीचा-मयाली-जशपुर क्षेत्र के 6 जनजातीय गांवों में विकसित होंगे 30 होमस्टे, स्थानीय परिवारों को पर्यटन से मिलेगा सीधा रोजगार और आय के नए अवसर

    जनजातीय संस्कृति और स्थानीय आजीविका को पर्यटन से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता-पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल

    रायपुर
    छत्तीसगढ़ में जनजातीय पर्यटन को नई ऊंचाई देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पर्यटन से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (PM-JUGA) के अंतर्गत जशपुर जिले के बगीचा-मयाली-जशपुर क्लस्टर में क्लस्टर आधारित होमस्टे परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस परियोजना के माध्यम से जनजातीय अंचल के गांवों में पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने के साथ-साथ स्थानीय परिवारों को पर्यटन गतिविधियों से सीधे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

    परियोजना के तहत किंकेल, कमतरा, डंगरी, महनई, सरुधाप और पंडरापाठ सहित 6 जनजातीय गांवों में कुल 30 नए होमस्टे विकसित किए जाएंगे। प्रत्येक गांव में 5 होमस्टे तैयार किए जाने का प्रस्ताव है। इस क्लस्टर के विकास पर लगभग 1.80 करोड़ रुपये व्यय प्रस्तावित है। इसमें होमस्टे निर्माण के साथ गांव स्तर पर आवश्यक सामुदायिक सुविधाओं के विकास का भी प्रावधान किया गया है।

    पर्यटक जशपुर को सिर्फ देखेंगे नहीं, यहां के जीवन को भी अनुभव करेंगे

    यह परियोजना पारंपरिक होटल आधारित पर्यटन से आगे बढ़कर कम्यूनिटी बेस्ड को प्रोत्साहित करेगी। होमस्टे के माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय परिवारों के बीच रहकर जशपुर की जनजातीय संस्कृति, खान-पान, लोक परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और ग्रामीण जीवन को करीब से जानने और अनुभव करने का अवसर मिलेगा। इससे पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय परिवारों तक पहुंचेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

    प्रस्तावित होमस्टे स्थानीय परिवेश और पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रत्येक गांव में सामुदायिक स्तर की सुविधाओं के लिए 5 लाख रुपये तक के कार्य प्रस्तावित हैं। इन सुविधाओं से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलने के साथ गांवों में सामूहिक उपयोग की आधारभूत सुविधाएं भी विकसित होंगी।

    प्राकृतिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों से जुड़ेगा होमस्टे क्लस्टर

    क्लस्टर का चयन क्षेत्र की पर्यटन क्षमता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। प्रस्तावित गांव बगीचा और जशपुर नगर के साथ-साथ कैलाश गुफा, खुड़ियारानी गुफा, बादलखोल अभयारण्य, रानीदाह जलप्रपात, देशदेखा पहाड़, लोरोघाट सहित अनेक प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों के निकट स्थित हैं। होमस्टे सुविधा विकसित होने से पर्यटकों के लिए इन क्षेत्रों में ठहरने के बेहतर विकल्प उपलब्ध होंगे। इससे जशपुर में पर्यटकों की ठहरने की अवधि बढ़ने की संभावना है और पर्यटन गतिविधियों का लाभ स्थानीय स्तर पर व्यापक रूप से पहुंच सकेगा।

    गाइडिंग से लेकर स्थानीय व्यंजन और हस्तशिल्प तक बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

    होमस्टे क्लस्टर का प्रभाव केवल आवास सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा। परियोजना के माध्यम से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को आतिथ्य सेवा, स्थानीय व्यंजन, पर्यटक गाइड, परिवहन, हस्तशिल्प तथा अन्य पर्यटन सेवाओं से जोड़ने की संभावनाएं विकसित होंगी। पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक खान-पान और हस्तशिल्प की मांग में भी वृद्धि हो सकती है। इस प्रकार पर्यटन गतिविधियां गांवों में रोजगार और आय के अनेक सहायक अवसरों को जन्म देंगी।

    जनजातीय संस्कृति और स्थानीय आजीविका को पर्यटन से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता-पर्यटन मंत्री  राजेश अग्रवाल

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय और ग्रामीण संस्कृति प्रदेश की विशिष्ट पहचान है और सरकार का प्रयास है कि इस विरासत को संरक्षित करते हुए स्थानीय समुदायों को पर्यटन से प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिले।

    उन्होंने कहा कि जशपुर प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति और विशिष्ट लोक परंपराओं से समृद्ध क्षेत्र है। प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान के तहत स्वीकृत यह क्लस्टर होमस्टे परियोजना पर्यटन को गांवों तक पहुंचाने और स्थानीय परिवारों को इसके आर्थिक लाभ से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य है कि पर्यटक जब जशपुर आएं तो वे यहां की प्रकृति के साथ-साथ जनजातीय जीवन, संस्कृति और परंपराओं को भी करीब से अनुभव करें।

    मंत्री अग्रवाल ने कहा कि स्थानीय युवाओं और महिलाओं को पर्यटन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में अवसर मिलने से रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से विकसित पर्यटन मॉडल न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि जशपुर की सांस्कृतिक पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    पर्यटन का लाभ गांव और स्थानीय परिवारों तक पहुंचे-सौमिल रंजन चौबे

    छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने कहा कि पर्यटन का लाभ केवल बड़े पर्यटन स्थलों अथवा होटल व्यवसाय तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गांव और स्थानीय परिवारों को भी इसका सीधा भागीदार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जशपुर का यह होमस्टे क्लस्टर स्थानीय संस्कृति, प्रकृति और आजीविका को एक साथ जोड़ने वाला मॉडल बनेगा। इससे पर्यटकों को प्रामाणिक छत्तीसगढ़ी अनुभव मिलेगा और जनजातीय परिवारों के लिए स्थायी आय के नए अवसर विकसित होंगे।

    जशपुर को जनजातीय एवं ग्रामीण पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में कदम

    क्लस्टर होमस्टे परियोजना के माध्यम से जशपुर में पर्यटन का विस्तार प्रमुख पर्यटन स्थलों से आगे आसपास के गांवों तक होने की उम्मीद है। इससे पर्यटकों को स्थानीय जीवन का अनुभव मिलेगा और ग्रामीण समुदाय पर्यटन मूल्य-श्रृंखला का सक्रिय हिस्सा बनेगा।

    प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय संस्कृति, स्थानीय खान-पान, हस्तशिल्प और ग्रामीण जीवन को एक साथ जोड़ने वाली यह पहल आने वाले समय में जशपुर को छत्तीसगढ़ के प्रमुख जनजातीय एवं ग्रामीण पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

  • शिवपाल के हाथों से लिया लोहिया ट्रस्ट, सियासत तेज; ओपी राजभर बोले- अखिलेश को चाचा पर भरोसा नहीं

    शिवपाल के हाथों से लिया लोहिया ट्रस्ट, सियासत तेज; ओपी राजभर बोले- अखिलेश को चाचा पर भरोसा नहीं

    अखिलेश ने शिवपाल से छीनी लोहिया ट्रस्ट की कमान, राजभर बोले- भरोसा नहीं; मंत्री नरेंद्र कश्यप ने भी उठाए सवाल

    पार्टी के बाद शिवपाल से छिना लोहिया ट्रस्ट, अखिलेश यादव पर राजभर-कश्यप ने साधा निशाना

    शिवपाल के हाथों से लिया लोहिया ट्रस्ट, सियासत तेज; ओपी राजभर बोले- अखिलेश को चाचा पर भरोसा नहीं

    लखनऊ
     सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हाथों अब लोहिया ट्रस्ट की कमान होगी। अब तक इसकी कमान पूर्व कैबिनेट मंत्री और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव के हाथों थी। शिवपाल सिंह यादव से कमान लिए जाने को लेकर भाजपा ने सपा पर निशाना साधा है।

    योगी सरकार के मंत्री ओपी राजभर और नरेंद्र कश्यप ने इसे लेकर अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है, इसलिए उनसे ट्रस्ट की कमान ले ली गई।

    ओपी राजभर ने साधा निशाना, भरोसे पर उठाया सवाल
    योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने इस बदलाव को लेकर अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है।

    राजभर ने शिवपाल के पुराने राजनीतिक रुख का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव जी पर भरोसा नहीं है। इससे पहले शिवपाल यादव अखिलेश यादव को छोड़कर चले गए थे। उन्होंने अपनी खुद की पार्टी बना ली थी। उस दौरान उन्होंने सपा को क्या-क्या नहीं कहा। चोर-उचक्कों की पार्टी बताया, शराब-माफियाओं की पार्टी, जमीन हड़पने वाली पार्टी तक बताया था। ऐसे में अखिलेश यादव शिवपाल यादव पर कैसे ट्रस्ट करेंगे? इसीलिए उन्होंने शिवपाल यादव से लोहिया ट्रस्ट की कमान ले ली है।

    मंत्री नरेंद्र कश्यप बोले- सपा में लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं
    योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने भी इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की जिम्मेदारी शिवपाल यादव से अखिलेश यादव के पास जाना अपने आप में कोई बड़ा बदलाव नहीं है, क्योंकि कमान अब भी परिवार के ही हाथों में है।

    नरेंद्र कश्यप ने कहा कि किसी संस्था की जिम्मेदारी परिवार के सदस्यों के बीच ही केंद्रित रहना लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है अखिलेश यादव को आशंका रही हो कि आगे चलकर शिवपाल यादव अपनी शर्तों या अपने तरीके से ट्रस्ट चलाएं, इसलिए उन्होंने खुद इसकी जिम्मेदारी संभाल ली।

    बता दें कि शिवपाल और अखिलेश के बीच राजनीतिक रिश्तों में उतार-चढ़ाव का लंबा इतिहास रहा है। शिवपाल सिंह यादव अलग होकर अपनी पार्टी बना चुके हैं और बाद में दोबारा समाजवादी पार्टी के साथ आए। ऐसे में ट्रस्ट का जिम्मा उनके हाथों से निकलकर अखिलेश के पास जाना सामान्य बदलाव नहीं, बल्कि परिवार और पार्टी की मौजूदा शक्ति-संरचना के बीच भरोसे को लेकर भी देखा जा रहा है।

    अखिलेश के पास अब पार्टी, लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की कमान
    शिवपाल यादव से लोहिया ट्रस्ट लिए जाने और उसकी कमान खुद के हाथों में लेने के बाद अब अखिलेश के पास सपा के साथ लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की भी कमान आ गई है। बता दें कि लोहिया ट्रस्ट का गठन सपा के गठन से पहले हुआ था। इसका उद्देश्य समाजवादी विचारधारा और डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का प्रचार-प्रसार करना रहा है।

  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में रामजल सेतु लिंक परियोजना जैसी योजनाओं के जरिए जल सुरक्षा की दिशा में पहल

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में रामजल सेतु लिंक परियोजना जैसी योजनाओं के जरिए जल सुरक्षा की दिशा में पहल

    जयपुर
     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तरी भारत की वर्षों से लंबित जल परियोजनाएं अब धरातल पर क्रियान्वित होने जा रही हैं। इस दिशा में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के लिए 6 राज्यों के मध्य एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। किशाऊ परियोजना से प्राप्त जल शेखावाटी के जल की दृष्टि से अभावग्रस्त रहे क्षेत्रों की जल आवश्यकताओं की पूर्ति में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सी आर पाटिल की मौजदगी में हुए इस एमओयू पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित 6 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हस्ताक्षर किये।

    किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना यमुना की प्रमुख सहायक टौंस नदी पर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर प्रस्तावित है। करीब 15,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना से 660 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन होगा तथा इससे राजस्थान सहित उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा लाभान्वित होंगे।

    परियोजना के तहत हिमाचल प्रदेश के जल हिस्से का एक भाग राजस्थान और दिल्ली को आवंटित किया जाएगा। इसके बदले इन राज्यों द्वारा हिमाचल प्रदेश के विद्युत घटक की लागत में योगदान किया जाएगा। जल घटक की 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार द्वारा सहायता के रूप में वहन की जाएगी और शेष 10 प्रतिशत भागीदार राज्यों द्वारा दिया जाएगा।

    किशाऊ बांध परियोजना को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय परियोजनाओं की सूची में शामिल किया गया है। परियोजना के निर्माण, संचालन एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी किशाऊ कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा निभाई जाएगी तथा इसकी निगरानी अपर यमुना बेसिन से संबंधित व्यवस्था के तहत होगी।

    शेखावाटी के लिए जल सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम
    किशाऊ बांध से राजस्थान को आवंटित 124 एमसीएम पानी को यमुना जल परियोजना के अंतर्गत तीन भूमिगत पाइपलाइन प्रणालियों के माध्यम से हरियाणा के हांसीवासी से चूरू तक पहुंचाने की योजना है। इससे सीकर, चूरू, झुंझुनंू और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल तथा अन्य आवश्यकताओं के लिए जल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।

    यह परियोजना शेखावाटी के सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक और स्वास्थ्य मानकों में सुधार की आधारभूमि भी तैयार करेगी। पर्याप्त और नियमित जल उपलब्धता से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी तथा लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।

    यमुना जल समझौते से किशाऊ तक, एक व्यापक जल दृष्टि
    प्रदेश के शेखावाटी क्षेत्र के लिए इस उपलब्धि के तहत दीर्घकालीन जल सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यमुना जल समझौते के तहत सीकर, चूरू, झुंझुनूं और अन्य क्षेत्रों की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से पानी राजस्थान लाने हेतु संयुक्त डीपीआर तैयार करने पर सहमति बनी है।

    अब किशाऊ परियोजना के संशोधित एमओयू से इस पूरी जल व्यवस्था को और मजबूत आधार मिलेगा। परियोजना से उपलब्ध जल का उपयोग पेयजल, सिंचाई और अन्य हितकारी उपयोगों के लिए किया जा सकेगा।

    राजस्थान के हितों का विशेष ध्यान
    संशोधित समझौते में राजस्थान के हितों को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। हिमाचल प्रदेश द्वारा अपने विद्युत घटक से संबंधित लागत वहन किए जाने के बदले किशाऊ परियोजना के उसके आवंटित जल हिस्से का 95 प्रतिशत दिल्ली और राजस्थान को उपलब्ध होगा, जबकि 5 प्रतिशत हिस्सा हिमाचल प्रदेश अपने स्थानीय उपयोग के लिए रखेगा। इस 95 प्रतिशत हिस्से में दिल्ली और राजस्थान की हिस्सेदारी 75ः25 के अनुपात में होगी।

    शेखावाटी में विकास का नया अध्याय
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से शेखावाटी अब जल उपलब्धता के साथ ही कनेक्टिविटी, पर्यटन, विरासत संरक्षण और हवाई संपर्क के क्षेत्र में भी व्यापक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
    क्षेत्र में यमुना जल समझौता, ऐतिहासिक हवेलियों एवं समृद्ध विरासत के संरक्षण के प्रयास, एक्सप्रेस-वे और हाईवे परियोजनाएं, तथा सीकर और झुंझुनूं में हवाई संपर्क से जुड़ी योजनाएं शेखावाटी को विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

    इन परियोजनाओं का समन्वित प्रभाव शेखावाटी की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। बेहतर जल उपलब्धता के साथ बेहतर सड़क और हवाई कनेक्टिविटी, पर्यटन एवं विरासत संरक्षण से रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे। इससे शेखावाटी के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की संभावनाएं मजबूत होंगी।

    32 वर्षों से लंबित जल हिस्से की दिशा में निर्णायक पहल
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जल अभावग्रस्त राजस्थान में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रामजल सेतु लिंक परियोजना सहित प्रदेश के प्रत्येक जिले में पेयजल व सिंचाई के लिए जल संसाधन उपलब्ध कराने की योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।

    वर्ष 1994 में पांच राज्यों के बीच संपन्न यमुना जल समझौते के तहत ताजेवाला हेड से मानसून अवधि में राजस्थान के लिए 1917 क्यूसेक (577 एमसीएम) जल आवंटित किया गया था। जल प्रवाह प्रणाली उपलब्ध नहीं होने के कारण राजस्थान को पिछले 32 वर्षों से अपने हिस्से का पानी प्राप्त नहीं हो पा रहा था।

  • महिला-बाल कल्याण योजनाओं को मिलेगी नई गति, मंत्री भूरिया ने शक्ति सदन और मिशन वात्सल्य ई-पोर्टल किया लॉन्च

    महिला-बाल कल्याण योजनाओं को मिलेगी नई गति, मंत्री भूरिया ने शक्ति सदन और मिशन वात्सल्य ई-पोर्टल किया लॉन्च

    मंत्री सुश्री भूरिया ने शक्ति सदन और मिशन वात्सल्य अनुदान ई-पोर्टल का किया शुभारंभ

    डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ेगी पारदर्शिता
    रियल टाइम मॉनिटरिंग और डेटा आधारित निर्णय होंगे आसान

    भोपाल 

    महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने मंगलवार को मंत्रालय में मिशन शक्ति के शक्ति सदन और मिशन वात्सल्य की अशासकीय बाल देखरेख संस्थाओं के लिए अनुदान ई-पोर्टल का शुभारंभ किया। सरकार ने प्रदेश में इन संस्थाओं को अनुदान देने की अब तक चली आ रही मैनुअल प्रक्रिया को डिजिटल व्यवस्था में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आवेदन, दस्तावेज अपलोड, प्रस्ताव परीक्षण, स्वीकृति, भुगतान और प्रगति की निगरानी सहित पूरी प्रक्रिया एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर होगी।

    फाइलों की जगह डिजिटल ट्रैकिंग, हर स्तर पर जवाबदेही

    ऑनलाइन पोर्टल से अनुदान प्रस्तावों की प्रक्रिया को ट्रैक किया जा सकेगा। संस्थाओं को बार-बार दस्तावेज और प्रस्ताव लेकर विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी। प्रस्तावों के परीक्षण और स्वीकृति की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी तथा भुगतान में लगने वाले समय को न्यूनतम करने में मदद मिलेगी। रियल टाइम मॉनिटरिंग से यह भी पता रहेगा कि किस संस्था का प्रस्ताव किस स्तर पर है।

    अनुदान व्यवस्था में आएगी गति, पारदर्शिता और जवाबदेही

    पोर्टल के लागू होने से अनुदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी तथा कागजी कार्यवाही कम होगी। डिजिटल रिकॉर्ड के कारण दस्तावेजों के संधारण और प्रस्तावों की निगरानी अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी। उपलब्ध डेटा के आधार पर विभाग को योजनाओं की प्रगति का आंकलन करने और आवश्यक निर्णय लेने में भी सुविधा होगी।

    13 जिलों में 14 शक्ति सदन, 2,386 महिलाओं को मिला लाभ

    मिशन शक्ति में प्रदेश के 13 जिलों में 14 शक्ति सदन संचालित हैं। भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, बालाघाट, खंडवा, ग्वालियर, बैतूल, मंडला, मुरैना, राजगढ़, पांढुर्णा और छतरपुर में संचालित इन शक्ति सदनों में कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाली, निराश्रित, जेल से रिहा महिला कैदी, प्राकृतिक आपदा से प्रभावित तथा हिंसा से पीड़ित महिलाओं को आश्रय और पुनर्वास की सुविधाएं दी जाती हैं।

    शक्ति सदनों में महिलाओं को आश्रय, पोषण, वस्त्र, स्वास्थ्य सुविधा, कानूनी सलाह एवं सहायता सहित आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। विगत वर्ष 2,386 महिलाओं को इन सेवाओं का लाभ मिला।

    130 बाल देखरेख संस्थाओं में 2,377 बच्चे

    मिशन वात्सल्य में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रदेश में 130 बाल देखरेख संस्थाएं संचालित हैं। इनमें 62 बाल गृह, 12 खुला आश्रय गृह, 35 विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण, 18 सम्प्रेक्षण गृह और 3 विशेष गृह शामिल हैं। इन संस्थाओं में वर्तमान में 2,377 बच्चे निवासरत हैं।

    इन संस्थाओं के माध्यम से देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले तथा विधि का उल्लंघन करने वाले बच्चों को संरक्षण उपलब्ध कराने के साथ उनके पारिवारिक पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। मिशन वात्सल्य के तहत वर्तमान में 79 अशासकीय बाल देखरेख संस्थाओं को अनुदान दिया जा रहा है, जिनमें 44 बाल गृह, 9 खुला आश्रय गृह और 26 विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण शामिल हैं।

    16 सितम्बर को संस्थाओं के प्रबंधक-लेखापालों का प्रशिक्षण

    पोर्टल के संचालन और रिपोर्टिंग के लिए 16 सितम्बर 2026 को होटल मैनेजमेंट एवं इंस्टीट्यूट, भोपाल में तकनीकी प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इसमें शक्ति सदन और बाल देखरेख संस्थाओं से प्रबंधक एवं लेखापाल सहित दो-दो प्रतिभागी शामिल होंगे। प्रशिक्षण में पोर्टल के संचालन, ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज अपलोड और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया समझाई जाएगी

     

  • ICC टी20 रैंकिंग के टॉप-5 में स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा को बड़ा फायदा; श्री चरणी ने रचा इतिहास

    ICC टी20 रैंकिंग के टॉप-5 में स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा को बड़ा फायदा; श्री चरणी ने रचा इतिहास

    नई दिल्ली

    इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने मंगलवार को महिला टी20 प्लेयर्स की ताजा रैंकिंग जारी की है। भारत की युवा स्पिनर श्री चरणी ने इतिहास रच डाला है। वह महिला T20I बॉलर्स की रैंकिंग में 800 रेटिंग अंक हासिल करने वाली पहली भारतीय गेंदबाज बन गई हैं। चरणी 804 अंकों के साथ शीर्ष पर कायम है। उनसे ज्यादा सिर्फ ऑस्ट्रेलिया की मेगन शुट्ट की रेटिंग (806) रही है। तीसरे नंबर पर इंग्लैंड की सोफी एक्लेस्टोन (802) हैं। इन तीनों के अलावा और कोई महिला गेंदबाज 800 अंकों तक नहीं पहुंची। 22 वर्षीय चरणी ने हाल ही में समाप्त महिला एशिया कप 2026 में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने टूर्नामेंट में पांच मैचों में 12 विकेट चटकाए। चरणी ने श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में 20 रन देकर चार शिकार किए। भारत ने 72 रनों से फाइनल जीता और रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।

    दीप्ति शर्मा ने लगाई छलांग
    स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने महिला गेंदबाजों की लिस्ट में चार स्थान की छलांग लगाई है। वह दूसरे नंबर पर पहुंच गई हैं। दीप्ति और चरणी में 75 अंकों का अंतर है। दीप्ति के खाते में फिलहाल 729 अंक हैं। उन्होंने महिला एशिया कप में पांच मैचों में सर्वाधिक 14 विकेट झटके। उन्होंने खिताबी मुकाबले में 19 रन खर्च किए और तीन विकेट लिए। बांग्लादेश की कई गेंदबाजों को फायदा हुआ है। मारुफा अख्तर (तीन पायदान ऊपर 15वें पर), राबेया खान (तीन पायदान ऊपर 18वें पर), सुल्ताना खातून (पांच पायदान ऊपर 32वें पर) और फहीमा खातून (छह पायदान ऊपर 49वें पर) एशिया कप के बाद रैंकिंग में आगे बढ़ी हैं।

    टॉप 5 में स्मृति मंधाना मौजूद
    वहीं, T20I बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारत की युवा ओपनर शेफाली वर्मा (741 अंक) को एक स्थान का लाभ मिला है। वह छठे नंबर पर आ गई हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में 47.20 की औसत से सबसे ज्यादा 236 रन बनाए। शेफाली इसके अलावा ऑलराउंडर्स की लिस्ट में पांच स्थान चढ़कर 15वें नंबर पर चली गई हैं। स्मृति मंधाना (745) बैटर्स की फेहरिस्त में पांचवें नंबर पर बरकरार हैं। वह टूर्नामेंट में दूसरी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली प्लेयर रहीं। स्टार सलामी बल्लेबाज मंधाना ने 213 के औसत से 213 रन जुटाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर (657) दसवें नंबर पर हैं।

    ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी का दबदबा
    बैटर्स की रैंकिंग में टॉप 2 में ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी बेथ मूनी और जॉर्जिया वोल का दबदबा बना हुआ है। मूनी 785 अंकों के साथ नंबर-1 बल्लेबाज हैं। वोल (779) दूसरे स्थान पर हैं। वहीं, बांग्लादेश की निगार सुल्ताना (एक पायदान ऊपर 20वें पर), शर्मिन अख्तर सुप्ता (तीन पायदान ऊपर 40वें पर), श्रीलंका की इमेशा दुलानी (दो पायदान ऊपर 20वें पर) और पाकिस्तान की शवाल जुल्फिकार (चार पायदान ऊपर 45वें पर) की रैंकिंग में एशिया कप के बाद सुधार हुआ है।

  • यूपी की स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को बड़ा प्लेटफॉर्म, ONDC, Amazon-Flipkart समेत कई बाजारों से जुड़ेंगे उत्पाद

    यूपी की स्वयं सहायता समूहों की दीदियों को बड़ा प्लेटफॉर्म, ONDC, Amazon-Flipkart समेत कई बाजारों से जुड़ेंगे उत्पाद

    अब ग्लोबल मार्केट में दिग्गज कंपनियों को टक्कर देंगी यूपी की दीदियां

    अब गांव से दुनिया के बाजार तक पहुंचेंगे तीन हजार से अधिक उत्पाद

    ओएनडीसी, ई-सरस, प्रेरणा मार्ट, मीशो, अमेजन और फ्लिपकार्ट के जरिए मंगा सकेंगे स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद

    योगी सरकार में दीदियों को अब मिलेगी ब्रांडिंग, बिक्री और डिजिटल बाजार की ताकत

    543 प्रेरणा सरस स्टोर और स्थानीय उत्पादों के लिए ऑनलाइन-ऑफलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म तैयार

    लखनऊ
     प्रदेश की महिलाएं अब ग्लोबल मार्केट में दिग्गज कंपनियों को टक्कर देंगी। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने के लिए 543 प्रेरणा सरस स्टोर स्थापित किए गए हैं। वहीं 3,000 से अधिक उत्पादों के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं। इससे ग्रामीण उत्पादों को ब्रांडिंग, बिक्री और डिजिटल बाजार की ताकत देने का रास्ता खुला है।

    अब स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद ओएनडीसी, ई-सरस, प्रेरणा मार्ट, मीशो, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े बाजार तक पहुंच सकेंगे। जनपद और ब्लॉक स्तर पर स्थापित प्रेरणा सरस स्टोर जहां स्थानीय उत्पादों को व्यवस्थित बिक्री मंच दे रहे हैं, वहीं डिजिटल प्लेटफॉर्म उनकी पहुंच गांव और जिले से बाहर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक बढ़ाने का माध्यम बन रहे हैं।

    छोटे उद्यमों का विस्तार करने का अवसर मिलेगा : अरुण कुमार

    स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए उत्पादन के बाद बाजार तक पहुंच उनकी उद्यमिता की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। योगी सरकार ने इस कड़ी को मजबूत करने के लिए स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और बिक्री का नेटवर्क तैयार किया है। इससे समूहों को केवल उत्पाद तैयार करने के बजाय बाजार की मांग समझकर अपने छोटे उद्यमों का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार के अनुसार, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को केवल बचत और ऋण तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर है। उत्पादन के साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जुड़ाव बढ़ने से ग्रामीण महिलाओं के छोटे उद्यमों को विस्तार का अवसर मिल रहा है।

    स्थानीय उत्पादों को दूर बैठे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा

    डिजिटल बाजार की दिशा में बिजनौर राज्य एग्रीगेशन सेंटर के माध्यम से ऑनलाइन विपणन कार्य शुरू किया जा चुका है। अलग-अलग समूहों के उत्पादों को एक मंच पर लाकर उनकी बिक्री और बाजार तक पहुंच को व्यवस्थित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय उत्पादों को दूर बैठे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। खासकर किसी जिले या क्षेत्र विशेष की पहचान वाले उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में यह व्यवस्था मददगार होगी।

    बाजार से जुड़ाव से बनेगी ब्रांड वैल्यू

    स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए बाजार तक पहुंच सिर्फ बिक्री बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि उत्पाद की पहचान और ब्रांड वैल्यू बनाने का अवसर भी है। प्रेरणा सरस स्टोर और ऑनलाइन-ऑफलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए उत्पादन से आगे बढ़कर ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर जोर दिया जा रहा है। मिशन निदेशक अरुण कुमार के मुताबिक, बाजार से जुड़ाव महिलाओं को अपने उत्पादों की मांग समझने और उसी के अनुरूप उत्पादन व विपणन की दिशा तय करने का अवसर देता है। इससे समूहों की गतिविधियां केवल आजीविका तक सीमित न रहकर छोटे उद्यमों का रूप ले सकती हैं।

    लोकल हुनर की ग्लोबल उड़ान

    3,000 से अधिक उत्पादों के लिए 543 प्रेरणा सरस स्टोर, मार्केटिंग प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन विपणन ग्रामीण महिला उद्यमिता के बदलते स्वरूप की तस्वीर पेश करते हैं। गांव में तैयार उत्पाद अब गांव में ही बिकने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्टोर से डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्थानीय बाजार से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचेंगे। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश की ग्रामीण ‘दीदियों’ के स्थानीय हुनर को बाजार, पहचान और ब्रांड वैल्यू देने के साथ उन्हें लोकल से ग्लोबल कारोबार की दिशा में आगे बढ़ाने का नया रास्ता तैयार कर रही है।

  • स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री पर कैबिनेट में उठा विरोध, CM मोहन ने कलेक्टरों को दिए निर्देश; बस सेवा और स्कूटी योजना को भी मंजूरी

    स्वामित्व योजना की रजिस्ट्री पर कैबिनेट में उठा विरोध, CM मोहन ने कलेक्टरों को दिए निर्देश; बस सेवा और स्कूटी योजना को भी मंजूरी

    भोपाल

     मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल समूह की अहम बैठक मंगलवार को दोपहर में मंत्रालय में हुई, जिसमें कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। इसमें सबसे अहम सरकारी बसों को पुनः चालू करने के फैसले पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा कई अहम प्रस्तावों पास किए गए।

    मोहन कैबिनेट की अहम बैठक की जानकारी लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने मीडिया को दी। पटेल ने बताया कि मध्यप्रदेश में 25 सितंबर 2026 से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा के बारे में अहम चर्चा हुई। इसी दिन इस सेवा का शुभारंभ होगा। सुगम परिवहन बस सेवा अंतर्गत लगभग 150 सिटी रूट तय किए गए हैं, 450 इंटरसिटी रूट और 436 अंतर्राज्यीय रूटों पर यह बस सेवा शुरू होगी।

    पटेल ने आगे बताया कि केंद्र सरकार की ओर से प्रारंभ की गई स्वामित्व योजना को मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में नई गति दी जा रही है। पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर 17 सितंबर को इंदौर से ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना’ का शुभारंभ किया जाएगा। पटेल ने बताया कि डॉ. मोहन यादव की दुबई यात्रा के दौरान लगभग 53 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।

    मोहन यादव कैबिनेट की बैठक में स्वामित्व योजना के हितग्राहियों की मुफ्त रजिस्ट्री को लेकर पटवारियों के विरोध का मुद्दा उठा। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने रजिस्ट्री की समय-सीमा चार-पांच महीने के बजाय एक महीने में पूरी कराने की बात कही।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पर सहमति जताई। उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि कलेक्टर पटवारियों को समझाएं कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। शासन स्तर से यह काम कराया जा रहा है, इसलिए पटवारी इसमें नहीं उलझेंगे। उन्होंने रजिस्ट्री का काम प्राथमिकता से कराने के निर्देश देने को कहा।

    प्रदेश में 17 सितंबर से स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री शुरू होनी है। पटवारी रजिस्ट्रीकर्ता के रूप में अपना नाम दर्ज किए जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ड्रोन सर्वे या आबादी रिकॉर्ड में गलती होने पर रजिस्ट्री की जिम्मेदारी किसकी होगी, यह सरकार को स्पष्ट करना चाहिए। पटवारियों ने डीड ऑफ कन्वेयंस की भूमिका दिए जाने पर भी आपत्ति जताई है। इसे लेकर जिलों में विरोध शुरू हो गया है।

    पहले पटवारियों और रजिस्ट्री की पावर रखने वाले अफसरों को एक दिन में 40 रजिस्ट्री करने का टारगेट दिया गया था। अब इसे बढ़ाया जाएगा। इसी बीच कैबिनेट बैठक में मुख्य सचिव ने रजिस्ट्री की समय-सीमा पांच महीने से घटाकर एक महीने करने का सुझाव दिया, जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति दी।

    रेल परियोजना के लिए जताई खुशी
    पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के अंतर्गत जोबट-टांडा रोड रेलखंड के लोकार्पण से धार का गुजरात से सीधा रेल संपर्क स्थापित होने पर पीएम नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया है। साथ ही क्रिकेट, हॉकी सहित विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाने वाली भारतीय टीमों और उनमें शामिल मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों को मंत्रीपरिषद ने हार्दिक बधाई दी है।

    7500 से अधिक छात्रों को मिलेगी स्कूटी
    मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना पकी भी जानकारी दी। पटेल के मुताबिक 19 सितंबर को सीएम मोहन यादव मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना के अंतर्गत कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रं को ई-स्कूटी प्रदान करेंगे। इस योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के 7500 से अधिक छात्रों को लाभ मिलने वाला है। पटेल ने बताया कि इसके अलावा मंत्रिमंडल समूह ने मध्य प्रदेश के विकास, अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण एवं जनकल्याण के लिए लगभग ₹42,490 करोड़ की स्वीकृति दी गई।

    50 लाख रिकॉर्ड की होगी मुफ्त रजिस्ट्री मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन और पंजीयन योजना के तहत 17 सितंबर से काम शुरू होगा। इंदौर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन इसकी शुरुआत करेंगे। योजना पर सरकार करीब 4 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी।

    उन्होंने बताया कि स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क से ग्रामीणों को छूट दी गई है। योजना के तहत 68 लाख रिकॉर्ड तैयार किए जा चुके हैं। इनमें से करीब 50 लाख रिकॉर्ड की मुफ्त रजिस्ट्री कराकर दी जाएगी। इसके बाद ग्रामीण आबादी को भूमि और भवन के अधिकार मिलेंगे। इससे बैंकों से लोन लेने, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने और संपत्ति का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने में आसानी होगी।

    25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम बस परिवहन सेवा

    कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा की जानकारी दी। मंत्री पटेल ने बताया कि इसका शुभारंभ 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर होगा। इसके तहत करीब 150 सिटी रूट, 450 इंटरसिटी और 436 अंतर्राज्यीय रूट विकसित किए जाएंगे।

    यह बस सेवा 21 साल से ठप थी, जिसे फिर शुरू करने का फैसला सरकार ने लिया है। वर्ष 2030 तक 75 प्रतिशत विकासखंडों को बस सेवा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

    ₹42,490 करोड़ के काम 2031 तक जारी रहेंगे

    मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि कैबिनेट ने ₹42,490 करोड़ के कार्यों को वर्ष 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया है।

    इसमें ₹13,000 करोड़ से अधिक की सिंचाई परियोजनाएं शामिल हैं। बैठक में स्कूलों के उन्नयन के साथ उनके लिए पद स्वीकृत करने सहित अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

    आदिवासी शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान जनजातीय कार्य विभाग के प्रस्ताव पर वर्ष 1973-74 से 1997-98 तक नियुक्त उप शिक्षक, उपशाला शिक्षक, प्रशिक्षण शिक्षक, कनिष्ठ बोर्ड से चयनित शिक्षक, ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड योजना के तहत नियुक्त शिक्षक और सहायक शिक्षकों को नियुक्ति दिनांक से नियमित वेतनमान देने को मंजूरी दी गई। इसके साथ एरियर राशि के भुगतान को भी स्वीकृति दी गई।

    चार हाई स्कूलों के पद स्वीकृत जनजातीय कार्य विभाग के प्रस्ताव पर वर्ष 2016-17 में माध्यमिक शालाओं के उन्नयन के तहत चार हाई स्कूलों के पदों की स्थिति तय करने को मंजूरी दी गई।

    दो सिंचाई परियोजनाओं को जारी रखने की मंजूरी जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव पर चंदेरी माइक्रो सिंचाई परियोजना को लगातार जारी रखने और गोंड वृहद सिंचाई परियोजना को वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई। ये परियोजनाएं ₹13,000 करोड़ से अधिक की सिंचाई परियोजनाओं में शामिल हैं।

    न्यायिक अधिकारियों के उपकरणों की नीति में संशोधन न्यायिक सेवा के अधिकारियों को लैपटॉप, कंप्यूटर और प्रिंटर उपलब्ध कराने से संबंधित नीति में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

    लाड़ली बहनों को ₹250 अतिरिक्त देने का अनुमोदन मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं को दी गई ₹250 की अतिरिक्त सहायता से संबंधित कार्रवाई का अनुमोदन किया गया।

    एमएसपी उपार्जन के लिए ब्याज मुक्त ऋण प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के तहत खाद्यान्न उपार्जन के लिए निर्धारित ऋण सीमा के पुनर्भुगतान के लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

    अशासकीय विधि महाविद्यालयों के स्टाफ को UGC का सातवां वेतनमान राज्य सरकार से अनुदान प्राप्त अशासकीय विधि महाविद्यालयों में कार्यरत प्राचार्य, प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ा अधिकारी और ग्रंथपाल को UGC का सातवां वेतनमान देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

  • आधुनिक खेती और नवाचार की मिसाल बने दमोह के किसान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    आधुनिक खेती और नवाचार की मिसाल बने दमोह के किसान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    खेती में नवाचार की नई कहानी लिख रहे हैं दमोह जिले के किसान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    अन्नदाताओं की आमदनी बढ़ाना ही सरकार का लक्ष्य
    न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान एवं ज्वार-बाजरा के उपार्जन के लिए पंजीयन शुरू
    10 अक्टूबर तक होगा किसान पंजीयन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दमोह जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव में किसानों से वीसी से किया आत्मीय संवाद

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दमोह जिले ने बीते कुछ वर्षों में खेती-किसानी में एक अलग ही पहचान बना ली है। बुंदेलखंड की वीरभूमि, धर्म, संस्कृति और आस्था की धरती को नमन करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहां से मोह न छूटे, वो अपना दमोह है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। अन्नदाताओं की आमदनी बढ़ाना हमारा प्रमुख लक्ष्य है। खेत से लेकर बाज़ार तक और खाद से लेकर किसानों के खातों तक हम पक्की और स्थायी व्यवस्थाएं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों द्वारा अपने परिश्रम से उत्पादित अनाज का एक-एक दाना हमारे लिए भगवान के प्रसाद समान है। हमारे लिए अन्न का दाना-दाना अनमोल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान और ज्वार-बाजरा के उपार्जन के लिए किसान पंजीयन मंगलवार, 15 सितम्बर से प्रारंभ हो गया है। यह काम 10 अक्टूबर तक चलेगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय से दमोह जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री तथा दमोह जिले के प्रभारी मंत्री इन्दर सिंह परमार तथा अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई ने मंत्रालय में हुई वीसी से बलराम कृषि महोत्सव में सहभागिता की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दमोह जिले के किसानों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि हमारी सरकार अन्नदाताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। हर सुख-दुख में हम सब हमेशा किसानों के साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से फसल विविधीकरण, नई तकनीक, नवाचार, उद्यानिकी, प्राकृतिक-जैविक खेती तथा गौपालन सहित अन्य दुधारू पशुओं का पालन एवं मछली पालन व्यवसाय अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ाने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह में लगभग 6 लाख 72 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में खेती हो रही है। इसमें से 86 प्रतिशत कृषि क्षेत्र सिंचित है। दमोह का चना देशभर में प्रसिद्ध है। खाद्य प्रसंस्करण तथा एग्रो प्रोडक्ट्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में भी इस जिले में नई-नई संभावनाएं आकार ले रही हैं। किसान गेहूं, चना और धान के साथ ही हाई-वैल्यू क्रॉप की ओर भी बढ़ रहे हैं। दमोह जिले में अश्वगंधा की खेती के प्रोत्साहन के लिए 100 से अधिक किसानों को निःशुल्क बीज एवं कृषि प्रशिक्षण दिया गया है। दमोह जिले में अगले खरीफ सीजन में मखाने का उत्पादन भी नवाचार के रूप में शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह जिले में पशुपालन को तेजी से बढ़ावा मिल रहा है‌यहां बीते एक साल में 9 नई दुग्ध सहकारी संस्थाएं पंजीकृत हुई हैं। क्षीरधारा ग्राम योजना के पहले चरण में जिले के 65 गांवों का चयन हुआ है। मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना में जिले में 14 स्वच्छ फिश पार्लर बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना दमोह जिले के लिए वरदान बनने जा रही है। उन्होंने बताया कि तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ रुपए से अधिक की झापन नाला मध्यम सिंचाई परियोजना से दमोह जिले के 17 से अधिक गांवों की करीब 3 हजार 600 हैक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। सतधरु मध्यम सिंचाई परियोजना, पारना जलाशय निर्माण और दादपुर स्टाप डेम का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। हमारी सरकार ने दमोह जिले की सूक्ष्म सिंचाई का रकबा बढ़ाकर अब 1.35 लाख हैक्टेयर तक करने का लक्ष्य लिया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले के सभी 7 विकासखंडों में जैविक एवं प्राकृतिक खेती हाट बाजार शुरू किए गए हैं। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन को भी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने प्रदेश के किसानों की सुविधा के लिए किसान क्रेडिट कार्ड के ऑनलाईन पोर्टल शुरू किया है। किसान भाई अब एक क्लिक में अपना क्रेडिट कार्ड बनवा सकते हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दमोह जिले के प्राकृतिक और जैविक खेती कर रहे प्रगतिशील किसान खम्मन सिंह लोधी, समीर कुमार अहिरवाल, राम कुरेरिया एवं अन्य किसानों से भी आत्मीय संवाद कर उनकी खेती-किसानी की जानकारी ली।

    दमोह जिले में हुए बलराम कृषि महोत्सव को स्थानीय लोकसभा सांसद राहुल सिंह लोधी, वरिष्ठ विधायक जयंत मलैया एवं विधायक श्रीमती उमादेवी खटीक ने भी संबोधित किया। इस अवसर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रंजीता गौरव पटेल, कपिल यार्दे, गोपाल पटेल, कप्तान सिंह यादव, श्याम शिवहरे, अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

     

  • मुख्यमंत्री ने कहा – नवा रायपुर ओपन बनेगा छत्तीसगढ़ की नई पहचान, गोल्फ को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग

    मुख्यमंत्री ने कहा – नवा रायपुर ओपन बनेगा छत्तीसगढ़ की नई पहचान, गोल्फ को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग

    देश-दुनिया के गोल्फ मानचित्र पर नई पहचान बना रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री ने किया ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ की ट्रॉफी का अनावरण, गोल्फ में हाथ आजमाकर बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह

    देश-विदेश के 132 प्रोफेशनल गोल्फर ले रहे हिस्सा, 18 विदेशी खिलाड़ी भी दिखाएंगे अपना कौशल

    मुख्यमंत्री ने कहा – नवा रायपुर ओपन बनेगा छत्तीसगढ़ की नई पहचान, गोल्फ को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार देगी हरसंभव सहयोग

    1983 विश्वकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान एवं पीजीटीआई अध्यक्ष कपिल देव की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ आयोजन

    दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता की तरह भविष्य में प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन बनेगा छत्तीसगढ़

    मुख्यमंत्री ने देश-विदेश से आए खिलाड़ियों का किया आत्मीय स्वागत, बस्तर और सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता देखने का दिया न्योता

    रायपुर 
     छत्तीसगढ़ तेजी से देश के उभरते स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्रदेश में खेल अधोसंरचनाओं के विस्तार, प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराने तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित खेल आयोजनों की मेजबानी से छत्तीसगढ़ की खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिली है। अब प्रोफेशनल गोल्फ के बड़े टूर्नामेंट का नवा रायपुर में आयोजन इस यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित फेयरवे गोल्फ एंड कंट्री क्लब रिजॉर्ट में प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनेगा और नवा रायपुर को देश-दुनिया के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    मुख्यमंत्री साय ने प्रतियोगिता की आकर्षक ट्रॉफी का अनावरण किया तथा देश-विदेश से आए प्रोफेशनल गोल्फ खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर 1983 क्रिकेट विश्वकप विजेता भारतीय टीम के कप्तान एवं प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कपिल देव की विशेष उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।

    मुख्यमंत्री ने गोल्फ कोर्स पर स्वयं गोल्फ में हाथ आजमाया और शानदार शॉट लगाकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री को गोल्फ खेलते देखकर उपस्थित खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और अतिथियों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

    132 प्रोफेशनल खिलाड़ियों की भागीदारी छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का अवसर

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए प्रसन्नता और गौरव का विषय है कि नवा रायपुर में देश के प्रोफेशनल गोल्फ का इतना प्रतिष्ठित आयोजन हो रहा है। प्रतियोगिता में देश-विदेश के 132 प्रोफेशनल खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 18 विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं। इतने बड़े स्तर पर देश और दुनिया के श्रेष्ठ गोल्फ खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ आना प्रदेश में खेलों के लिए विकसित हो रहे अनुकूल वातावरण का परिचायक है।

    उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का प्रभाव केवल खेल मैदान तक सीमित नहीं रहता। इससे प्रदेश की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होती है, खेल पर्यटन को प्रोत्साहन मिलता है और स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय खिलाड़ियों को करीब से देखने एवं उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ में विभिन्न खेलों के बड़े आयोजन लगातार हों और प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध हो।

    पहले फिल्मों में देखते थे गोल्फ, आज छत्तीसगढ़ कर रहा बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी

    मुख्यमंत्री साय ने गोल्फ से जुड़ी अपनी स्मृतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय था, जब हम गोल्फ के बारे में केवल सुना करते थे या फिल्मों में लोगों को गोल्फ खेलते देखते थे। आज बदलते छत्तीसगढ़ में हम स्वयं प्रोफेशनल गोल्फ के इतने बड़े आयोजन की मेजबानी कर रहे हैं। यह प्रदेश के विकास के साथ यहां तेजी से विस्तार ले रही खेल संस्कृति का सुखद संकेत है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले गोल्फ को सामान्यतः उद्योगपतियों और संपन्न वर्ग से जुड़ा खेल माना जाता था, लेकिन समय के साथ इस खेल का दायरा बढ़ा है और बड़ी संख्या में नए खिलाड़ी इससे जुड़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी गोल्फ की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। राज्य सरकार गोल्फ को प्रोत्साहित करने, इसके लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार और प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं के आयोजन में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

    खेल अधोसंरचना के विस्तार के साथ प्रतिभाओं को मिल रहे नए अवसर

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को युवाओं के व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रदेश की पहचान से जोड़कर आगे बढ़ा रही है। छत्तीसगढ़ में खेल अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। प्रदेश में देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियमों में शामिल भव्य क्रिकेट स्टेडियम मौजूद है और विभिन्न खेल विधाओं के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन लगातार हो रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, बेहतर संसाधन और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचने के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन को बजट में शामिल किया है। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के आगे बढ़ने में संसाधनों और अवसरों की कमी बाधा नहीं बनेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में खेलों के प्रति व्यापक वातावरण तैयार किया जा रहा है। प्रदेश में नेशनल ट्राइबल गेम्स का सफल आयोजन हुआ, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 2500 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसी प्रकार बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक जैसे अभिनव आयोजनों ने दूरस्थ अंचलों के हजारों बच्चों और युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का बड़ा मंच प्रदान किया है।

    बस्तर में शांति और विकास के साथ युवाओं के सपनों को मिल रही नई उड़ान

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। आज बस्तर शांति, विश्वास, विकास और नई संभावनाओं की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक में युवाओं की व्यापक भागीदारी इस सकारात्मक बदलाव की सशक्त अभिव्यक्ति है। जिन क्षेत्रों को कभी हिंसा और नक्सलवाद के कारण जाना जाता था, वहां आज खेल के मैदानों में युवा अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और सपनों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह बदलते बस्तर और बदलते छत्तीसगढ़ की तस्वीर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में क्रिकेट, हॉकी, तीरंदाजी, एथलेटिक्स सहित अनेक खेल विधाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अब प्रोफेशनल गोल्फ के बड़े आयोजनों का सिलसिला प्रदेश की खेल यात्रा को एक नया आयाम प्रदान करेगा।

    गोल्फ के साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य को भी जानें – मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री साय ने प्रतियोगिता में हिस्सा लेने पहुंचे देश-विदेश के खिलाड़ियों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन स्थलों को देखने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी जब यहां से लौटें तो अपने साथ केवल टूर्नामेंट की यादें ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के लोगों के आत्मीय आतिथ्य और यहां की खूबसूरत स्मृतियां भी लेकर जाएं।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकृति ने छत्तीसगढ़ को अनुपम सौंदर्य से समृद्ध किया है। बस्तर का प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, जिसे भारत का नियाग्रा भी कहा जाता है, सहित अनेक जलप्रपात, वन क्षेत्र और प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसी तरह सरगुजा भी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ियों, वनों और विशिष्ट संस्कृति के लिए जाना जाता है। उन्होंने खिलाड़ियों से प्रतियोगिता के साथ समय निकालकर छत्तीसगढ़ को करीब से जानने और यहां के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री ने ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ के आयोजन से जुड़े सभी प्रायोजकों, प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया की टीम तथा आयोजन से जुड़े सभी लोगों को धन्यवाद देते हुए प्रतियोगिता की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

    हर वर्ष छत्तीसगढ़ में हो गोल्फ का बड़ा टूर्नामेंट : कपिल देव

    प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एवं 1983 विश्वकप विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान कपिल देव ने ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ के आयोजन में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के बड़े प्रोफेशनल आयोजन किसी भी प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और नई प्रतिभाओं को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    कपिल देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में गोल्फ के साथ-साथ अन्य खेलों के विकास की भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि इस प्रतिष्ठित गोल्फ प्रतियोगिता का आयोजन छत्तीसगढ़ में प्रत्येक वर्ष हो और आने वाले वर्षों की तारीखें पहले से निर्धारित की जाएं। इससे देश-विदेश के प्रोफेशनल खिलाड़ी अपने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट कैलेंडर के अनुरूप छत्तीसगढ़ आने की योजना बना सकेंगे।

    उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का वातावरण गोल्फ के लिए बेहद अनुकूल है और यहां खिलाड़ियों को मिल रहा आत्मीय आतिथ्य इसकी एक विशेष पहचान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जिस प्रकार आज दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता गोल्फ के महत्वपूर्ण केंद्रों के रूप में जाने जाते हैं, उसी तरह आने वाले समय में छत्तीसगढ़ भी देश के प्रमुख गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।

    कपिल देव ने खेलों के प्रति मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सकारात्मक सोच की सराहना करते हुए गोल्फ जैसे खेल को प्रोत्साहित करने और बड़े प्रोफेशनल टूर्नामेंट के आयोजन को सहयोग देने के लिए उनका विशेष रूप से धन्यवाद दिया।

    पीजीटीआई के सीईओ अमनदीप चहल ने कहा कि प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया की टीम जब भी छत्तीसगढ़ आती है, यहां उसका आत्मीय और भव्य स्वागत होता है। छत्तीसगढ़ में खेलने वाले खिलाड़ी यहां के वातावरण, गोल्फ कोर्स और व्यवस्थाओं से प्रभावित होकर दोबारा यहां आकर खेलने की इच्छा व्यक्त करते हैं।छत्तीसगढ़ को अब पर्यटन और अन्य खेलों के साथ-साथ एक उभरते हुए गोल्फ डेस्टिनेशन के रूप में भी पहचाना जाने लगा है।

    उल्लेखनीय है कि ‘डीपी वर्ल्ड नवा रायपुर ओपन 2026’ का आयोजन न केवल देश-विदेश के शीर्ष खिलाड़ियों को एक प्रतिष्ठित प्रतिस्पर्धात्मक मंच उपलब्ध करा रहा है, बल्कि नवा रायपुर और छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय गोल्फ मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है। राज्य में लगातार हो रहे बड़े खेल आयोजन, विकसित होती खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों के लिए तैयार हो रहे नए अवसर छत्तीसगढ़ को आने वाले समय में देश के प्रमुख स्पोर्ट्स डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं।

  • यूपी के कारोबारियों को मिला सरकारी खरीद का बड़ा प्लेटफॉर्म, GeM पर एक साल में 1 लाख से ज्यादा नए विक्रेता जुड़े

    यूपी के कारोबारियों को मिला सरकारी खरीद का बड़ा प्लेटफॉर्म, GeM पर एक साल में 1 लाख से ज्यादा नए विक्रेता जुड़े

    योगी सरकार की नीतियों से जेम पर बढ़ी यूपी के कारोबारियों की धमक, एक साल में 1 लाख से अधिक नए विक्रेता जुड़े

    सरकारी खरीद में स्थानीय उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी, महिला, एससी-एसटी और स्टार्टअप फर्मों के पंजीकरण में भी उल्लेखनीय वृद्धि

    31 मार्च 2026 तक कुल पंजीकृत फर्मों की संख्या 7.86 लाख पहुंची, एमएसई फर्मों का पंजीकरण 16 फीसदी और महिला फर्मों का 21 फीसदी बढ़ा

    उद्यमिता, एमएसएमई विकास और कारोबारी सुगमता पर जोर के चलते प्रदेश की अर्थव्यवस्था में छोटे कारोबारियों की भूमिका हो रही और अधिक मजबूत

    लखनऊ
     योगी सरकार की कारोबारी सुगमता, एमएसएमई प्रोत्साहन और स्थानीय उद्यमियों को सरकारी खरीद से जोड़ने की नीतियों का असर अब सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर भी दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश के कारोबारियों की सरकारी खरीद व्यवस्था में भागीदारी लगातार बढ़ रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश में जेम पर पंजीकृत कुल फर्मों की संख्या बढ़कर 7,86,687 पहुंच गई। यह 31 मार्च 2025 को दर्ज 6,85,488 फर्मों के मुकाबले 15 फीसदी अधिक है। यानी एक साल में 1,01,199 नई फर्में जेम से जुड़ीं। सरकारी खरीद के इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कारोबारियों की बढ़ती मौजूदगी प्रदेश में छोटे उद्यमों, महिला उद्यमियों और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के कारोबार को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत है। आंकड़े बताते हैं कि कुल पंजीकरण के साथ-साथ एमएसई, महिला, एससी-एसटी और स्टार्टअप फर्मों की भागीदारी में भी तेजी आई है।

    एमएसई फर्मों का पंजीकरण 16 फीसदी बढ़ा

    जेम पर उत्तर प्रदेश की सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (एमएसई) फर्मों का पंजीकरण 31 मार्च 2025 के 1,06,855 से बढ़कर 31 मार्च 2026 को 1,23,075 हो गया। इस श्रेणी में 16,220 फर्मों की वृद्धि दर्ज की गई, जो 16 फीसदी है। इससे संकेत मिलता है कि प्रदेश के छोटे उद्यम सरकारी खरीद के लिए उपलब्ध डिजिटल बाजार का अधिक लाभ उठा रहे हैं। योगी सरकार की एमएसएमई केंद्रित नीतियों के तहत छोटे कारोबारियों को प्रोत्साहन देने, कारोबार के अवसर बढ़ाने और सरकारी खरीद प्रक्रिया में उनकी पहुंच आसान बनाने पर जोर दिया जा रहा है। जेम पर पंजीकरण में यह बढ़ोतरी इसी दिशा में आगे बढ़ती भागीदारी को दर्शाती है।

    महिला उद्यमियों की भागीदारी में 21 फीसदी उछाल

    सरकारी खरीद व्यवस्था में महिला उद्यमियों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। 31 मार्च 2025 को GeM पर कुल 19,418 महिला फर्म पंजीकृत थीं, जिनकी संख्या 31 मार्च 2026 को बढ़कर 23,407 हो गई। एक वर्ष में 3,989 महिला फर्मों का इजाफा हुआ। इस तरह महिला फर्म पंजीकरण में 21 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी प्रदेश में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयासों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सरकारी खरीद में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी उन्हें अपने उत्पादों और सेवाओं के लिए व्यापक बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर देती है।

    एससी-एसटी फर्मों का पंजीकरण 18 फीसदी बढ़ा

    जेम पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की फर्मों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 31 मार्च 2025 को 4,890 एससी/एसटी फर्म पंजीकृत थीं। 31 मार्च 2026 तक यह संख्या बढ़कर 5,783 हो गई। इस श्रेणी में 893 फर्मों की बढ़ोतरी हुई, जो 18 फीसदी है। सरकारी खरीद के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इन वर्गों की बढ़ती भागीदारी समावेशी कारोबारी अवसरों की दिशा में महत्वपूर्ण है। इससे छोटे उद्यमों को सरकारी संस्थानों के लिए उत्पाद एवं सेवाएं उपलब्ध कराने का अवसर मिलता है।

    स्टार्टअप फर्मों की संख्या 21 फीसदी बढ़ी

    प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम की बढ़ती सक्रियता भी GeM के आंकड़ों में दिखाई दे रही है। 31 मार्च 2025 को कुल 4,404 स्टार्टअप फर्में पंजीकृत थीं, जो 31 मार्च 2026 को बढ़कर 5,350 हो गईं। एक वर्ष में 946 स्टार्टअप फर्मों का इजाफा हुआ। इस श्रेणी में 21 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। स्टार्टअप फर्मों की बढ़ती मौजूदगी यह दर्शाती है कि नए उद्यम सरकारी संस्थानों के लिए अपने नवाचार, तकनीकी समाधान और सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में निवेश, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की सरकार की प्राथमिकताओं के बीच यह आंकड़ा महत्वपूर्ण है।

    सरकारी खरीद में स्थानीय कारोबारियों के लिए बढ़ते अवसर

    उत्तर प्रदेश में जेम के स्टेट नोडल और डिप्टी सीईओ कृष्ण मुरारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की क्रय नीति छोटे और स्थानीय उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। उत्तर प्रदेश जेम क्रय नीति-2024 छोटे उद्यमियों के लिए वरदान साबित हुई है। इस नीति के माध्यम से सरकारी खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ छोटे उद्यमियों को भी सरकारी खरीद में भागीदारी का बेहतर अवसर मिल रहा है। उत्तर प्रदेश द्वारा अपनाई गई इस व्यवस्था की उपयोगिता अब व्यापक स्तर पर दिखाई दे रही है और देश के अन्य हिस्सों में भी इसे अपनाया जा रहा है। यह नीति स्पष्ट रूप से योगी सरकार की उस मंशा को दर्शाती है, जिसमें बड़े उद्योगों के साथ छोटे और स्थानीय उद्यमियों को आगे बढ़ाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर समान रूप से जोर दिया गया है। उत्तर प्रदेश में कुल फर्मों के साथ एमएसई, महिला, एससी-एसटी और स्टार्टअप फर्मों की संख्या में वृद्धि यह संकेत देती है कि सरकारी खरीद व्यवस्था में विविध कारोबारी समूहों की भागीदारी बढ़ रही है। 

    एक नजर में जेम पर यूपी की बढ़ती भागीदारी

    श्रेणी| कुल विक्रेता-31 मार्च 2025| कुल विक्रेता-31 मार्च 2026| वृद्धि

    कुल पंजीकृत फर्म| 6,85,488| 7,86,687| 15%
    कुल एमएसई फर्म| 1,06,855| 1,23,075| 16%
    कुल महिला फर्म| 19,418| 23,407| 21%
    कुल एससी/एसटी फर्म| 4,890| 5,783| 18%
    कुल स्टार्टअप फर्म| 4,404| 5,350| 21%