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  • जापान, कोरिया, अमेरिका और स्वीडन के प्रतिनिधियों से की मुलाकात

    जापान, कोरिया, अमेरिका और स्वीडन के प्रतिनिधियों से की मुलाकात

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली के यशोभूमि स्थित सेमीकॉन इंडिया 2026 में मध्यप्रदेश पवेलियन का भ्रमण कर सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने मध्यप्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विस्तार की संभावनाओं पर उद्योग प्रतिनिधियों से चर्चा की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। सेमीकंडक्टर, चिप डिजाइनिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार उद्योगों को आवश्यक सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने पारस सेमीकंडक्टर्स, थॉमसन सेमीकंडक्टर्स, स्प्रिन्टोनिक्स एआई, एनएक्सपी इंडिया, मार्वल सेमीकंडक्टर्स, एल एंड टी सेमीकंडक्टर्स और स्वदेश आईसी सेमीकंडक्टर्स सहित विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से संवाद किया।

    वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से चर्चा

    मुख्यमंत्री ने इंटरनेशनल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्रुप (आईएसआईजी) के प्रतिनिधिमंडल से भी मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में जापान की एक्रेटेक, केनन और कैइजो, कोरिया की हनवा और जेनसेम इंक तथा अमेरिका की मेकडरमिड अल्फा के प्रतिनिधि शामिल थे। जापानी प्रतिनिधिमंडल में आक्साईड कार्पोरेशन, स्केल फोटोनिक्स और इम्प्यूट इंक के प्रतिनिधियों से भी चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “सेमीकॉन इंडिया-2026" वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग के साथ संवाद और सहयोग का महत्वपूर्ण मंच है। मध्यप्रदेश अपनी औद्योगिक क्षमता, निवेश की संभावनाओं और उपलब्ध संसाधनों के साथ इस क्षेत्र में नई साझेदारियों के लिए तैयार है।

    मुख्यमंत्री ने किष्किंधा इंटरनेशनल, डिजिकॉम, सिग्निटयूट, स्टेम्बो टेक्नोलॉजी, ट्रू-चिप सोल्युशन, बना सेमीकंडक्टर्स, वीएलएसआई एक्सपर्ट और न्यूजिमो सेमीकंडक्टर्स सहित चिप डिजाइनिंग एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।

    मुख्यमंत्री ने मोहाली चिप डिजाइनिंग पेवेलियन और स्वीडिश पेवेलियन का भी अवलोकन किया। सेमीकॉन इंडिया-2026 के दौरान हुई इन बैठकों में मध्यप्रदेश में सेमीकंडक्टर, चिप डिजाइनिंग एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर संवाद हुआ।

    मध्यप्रदेश के इंदौर में 23-24 अक्टूबर को होगा बड़ा निवेशक सम्मेलन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सेमीकंडक्टर सेक्टर के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार लगातार देश और विदेश के निवेशकों को आकर्षित करने के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास कर रही है। नई दिल्ली के सेमिकॉन इंडिया-2026 में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से एक स्टॉल लगाया गया है, जहां प्रदेश के अधिकारी विभिन्न क्षेत्रों के निवेशकों और कारोबारी प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सेमीकंडक्टर उद्योग को लेकर रुचि बढ़ी है। मध्यप्रदेश इस क्षेत्र में निवेश का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के यशोभूमि द्वारका में हो रहे सेमीकॉन इंडिया-2026 में स्थापित मध्यप्रदेश पवेलियन के भ्रमण के उपरांत स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में यह जानकारी दी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी 23 और 24 अक्टूबर को इंदौर में एक बड़ा निवेशक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री से जुड़े निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों और राज्य की नीतियों से अवगत कराया जाएगा। इस सम्मेलन का उद्देश्य प्रदेश की निवेश संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश को लेकर राज्य सरकार अपनी नीतियों के आधार पर प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है। प्रदेश में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए सभी प्रकार से अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। मध्यप्रदेश सरकार देश-विदेश में इस इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिये निवेशकों को अपनी आकर्षक पॉलिसी के माध्यम से राज्य में इन्वेस्टमेंट के लिए मौका भी दे रही है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2025) के दौरान भी सेमीकंडक्टर सेक्टर से जुड़े निवेशकों को आमंत्रित किया गया था। कुछ निवेशकों ने इस दिशा में प्रभावी कदम भी उठाए हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के विस्तार से मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर उपलब्ध होंगे। कई कारोबारी समूह विदेशी कंपनियों के साथ साझेदारी कर अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं। इससे प्रदेश में नए उद्योगों और कारोबार का व्यापक इको सिस्टम विकसित हो सकता है। मध्यप्रदेश बिजनेस का एक बड़ा मॉडल स्टेट और निवेश कैपिटल बनकर उभरा है, लगभग हर क्षेत्र के निवेशक मध्यप्रदेश आना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सभी निवेशकों से हमारी तरफ से संवाद जारी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियां, पर्याप्त लैंड बैंक और स्किल डेवलपमेंट की बेहतर संभावनाएं मौजूद हैं। आने वाले समय में मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर सेक्टर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भोपाल और इंदौर मेट्रोपोलिटन एरिया में इसकी व्यापक संभावनाएं हैं। पर्याप्त लैंड बैंक और स्किल डेवलपमेंट के लिए भी मध्यप्रदेश में बहुत सम्भावनाएं है।

     

  • युवाओं की प्रतिभा से बनेगा विकसित भारत, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोले राज्यपाल पटेल

    युवाओं की प्रतिभा से बनेगा विकसित भारत, बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोले राज्यपाल पटेल

    ज्ञान, प्रतिभा और संकल्प से युवा विकसित भारत के निर्माण में दें योगदान : राज्यपाल पटेल

    बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह सम्पन्न

    भोपाल 

    राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि युवाओं को अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग व्यक्तिगत सफलता के साथ समाज, पर्यावरण और राष्ट्र के हित में करना चाहिए। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और जनसेवा की भावना महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से सफलता के साथ विनम्रता बनाए रखने तथा माता-पिता, शिक्षकों और समाज के योगदान का सदैव स्मरण रखने का आह्वान किया।

    राज्यपाल पटेल ने यह बात बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल के दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही। दीक्षांत कार्यक्रम का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को किया गया।

    राज्यपाल पटेल ने महान स्वतंत्रता सेनानी और शिक्षाविद् बरकतउल्लाह जी के देश प्रेम तथा अपनी माटी की सेवा के जज्बे का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और लगन का उत्सव है, जो उनके जीवन में नई जिम्मेदारियों और अवसरों के द्वार खोलता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की यात्रा अलग होती है। उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ माता-पिता के त्याग और शिक्षकों के सहयोग के लिए सदैव आभारी रहना चाहिए। वे जहाँ भी जाएँ, अपने विश्वविद्यालय और परिवार की गरिमा बढ़ाने का प्रयास करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में शिक्षा व्यवस्था का केवल सूचना और ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं रही, बल्कि सत्य की खोज, चरित्र निर्माण और लोक कल्याण का मार्ग रही है। गुरु-शिष्य परंपरा में समानता, अनुशासन और चरित्र निर्माण को महत्व दिया गया। श्रीकृष्ण, बलराम और सुदामा का गुरु सांदीपनि के आश्रम में समान शिक्षा प्राप्त करने का प्रसंग इसका प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को वर्तमान चुनौतियों के समाधान और भविष्य के नवाचार का माध्यम बनाना होगा।

    राज्यपाल पटेल ने दीक्षांत समारोह की थीम ‘हरित ऊर्जा से विकसित भारत बनाने की पहल’ की सराहना की, कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी आवश्यक है। प्रकृति के निरंतर दोहन से जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग जैसी चुनौतियां सामने आई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का उल्लेख किया। विद्यार्थियों से शुद्ध प्राणवायु के लिए पौधरोपण और जल संरक्षण को जनभागीदारी से आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कच्छ के रण में शिक्षक दंपत्ति द्वारा बच्चों की सहभागिता से पौधरोपण के द्वारा विद्यालय की बाउंड्री वॉल बनाने के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि काम छोटा हो सकता है, लेकिन सोच बड़ी और संकल्प मजबूत हो तो उसका प्रभाव दूरगामी होता है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से ऊर्जा, नवीकरणीय ऊर्जा और जल संरक्षण के क्षेत्र में नवाचार के साथ आदर्श जीवनशैली के उदाहरण प्रस्तुत करने की अपेक्षा की है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘जन सेवा संकल्प’ अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से विद्यार्थियों की सहभागिता से सेवा शिविर आयोजित करने तथा सिकल सेल, थैलेसीमिया और कैंसर से पीड़ित मरीजों के लिए रक्तदान जैसी समाजोपयोगी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि रक्तदान जीवनदान के समान है और युवाओं की सेवा भावना से ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगी।

    प्रदेश में उच्च शिक्षा में बेटियों का हुआ अधिक नामांकन

    उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत कार्यक्रमों के नियमित आयोजन व्यवस्था के लिए आभार ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में बेटियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। प्रदेश में इस वर्ष उच्च शिक्षा में बेटियों का नामांकन लड़कों की तुलना में अधिक हुआ है। उन्होंने कहा कि बेटियों की बढ़ती भागीदारी केवल शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव नहीं, बल्कि बदलते भारत की सशक्त तस्वीर है। गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश में नीति के प्रावधानों के अनुरूप व्यापक स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।

    भारतीय विदेश व्यापार संस्थान के कुलपति प्रो. के. रंगराजन ने विश्वविद्यालय को नमन करते हुए बताया कि वह इसके पूर्व छात्र है। दीक्षांत समारोह में शामिल होकर गर्व का अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक होने के लिए विदेश जाने की आवश्यकता नहीं है। भारत में अपार अवसर उपलब्ध हो गए है। उन्होंने बताया कि दुनिया के सभी विकसित देशों के साथ भारत मुक्त व्यापार के समझौते के प्रयास तेजी से कर रहा है।  

    अपर मुख्य सचिव कुलगुरू बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय अनुपम राजन ने बताया कि दीक्षांत समारोह में 85 शोधार्थियों को पी.एच. डी. उपाधि और 27 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दीक्षांत शपथ दिलाई।

     

  • नंदीग्राम में बदले चुनावी समीकरण, ममता गुट की प्रत्याशी ने छोड़ा मैदान; शुभेंदु से हुई मुलाकात

    नंदीग्राम में बदले चुनावी समीकरण, ममता गुट की प्रत्याशी ने छोड़ा मैदान; शुभेंदु से हुई मुलाकात

    कोलकाता

    ममता बनर्जी की पार्टी, ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने नंदीग्राम सीट से अपना नामांकन वापस ले लिया है. ये ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है. नामांकन प्रक्रिया अब खत्म हो चुकी है, ऐसे में अब ममता टीएमसी नंदीग्राम उपचुनाव नहीं लड़ पाएगी। बीजेपी के सूत्रों ने बताया कि ममता गुट की नंदीग्राम उम्मीदवार संचिता प्रधान डे नेशाम कोलकाता में सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी, जिसके बाद उम्मीदवार ने अपना नाम वापस ले लिया। 

    उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने पर ममता बनर्जी ने कहा कि ये लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है. उद्धव ठाकरे की पार्टी को भी ऐसे ही तोड़ा गया. चुनाव आयोग का फैसला असंवैधानिक है. राजनीतिक बदले की भावना से ये कार्रवाई की गई है. बीजेपी ने चुनाव को हाइजैक किया है. बीजेपी का काम संविधान को खत्म करने का है. लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन नहीं किया गया। 

    ममता ने कहा कि बीजेपी ने मेरी पार्टी को खत्म करने की बात कही थी. उन्होंने SIR के नाम पर शुरुआत की और फिर चुनावों को हाईजैक कर लिया. बीजेपी ने AI के ज़रिए वोटरों के नाम हटा दिए. बिहार, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में वोट लूटे. बीजेपी एक 'जुमला पार्टी' है. ममता ने कहा कि उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी के साथ भी ऐसा ही किया था। 

    हालांकि, संचिता ने किस वजह से अपनी उम्मीदवारी वापस ली, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. ऐसे में नंदीग्राम की सियासत में इस फैसले के मायने तलाशे जा रहे हैं। 

    टीएमसी के बंटवारे के बीच नंदीग्राम में नया मोड़
    यह पूरा घटनाक्रम टीएमसी के दोनों गुटों को नाम और सिंबल आवंटन के बीच आया है. चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को 'Mamata All India Trinamool Congress' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिह्न दिया है. वहीं, अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट को 'Democratic Trinamool Congress' नाम और 'लिफाफा' चुनाव चिह्न मिला है। 

    आयोग ने दोनों गुटों को आगामी उपचुनाव के लिए पुराने 'All India Trinamool Congress' नाम और 'जोड़ा घास फूल' वाले चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया था। 

    नंदीग्राम उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया था. 13 सितंबर को उनके नाम का ऐलान किया गया था. वहीं बीजेपी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है. वह शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं. ऋतब्रत गुट की ओर से मोहम्मद एतेशामुल हक मैदान में हैं. कांग्रेस और वाम मोर्चे ने भी अपने उम्मीदवार उतारे हैं। 

    उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर को होना है मतदान
    बता दें कि राज्य की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है. नतीजे 9 अक्टूबर हो जारी होंगे. राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी. बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ने का फैसला किया, जिससे यह सीट रिक्त हुई. वहीं एजेयूपी (AJUP) नेता हुमायूं कबीर ने नौदा और रेजीनगर दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी, जिसके बाद उन्होंने रेजीनगर सीट से इस्तीफा दे दिया था. इसके चलते नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है। 

  • नंदीग्राम में बदला चुनावी समीकरण, ममता बनर्जी ने कांग्रेस के मिलन प्रधान को समर्थन देने का किया ऐलान

    नंदीग्राम में बदला चुनावी समीकरण, ममता बनर्जी ने कांग्रेस के मिलन प्रधान को समर्थन देने का किया ऐलान

    कोलकाता
    पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला है. ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने सीएम शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात करने के बाद अपना नामांकन वापस ले लिया. इसको लेकर अब पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. साथ ही इस सीट पर होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन का ऐलान किया है। 

    संचिता प्रधान डे के उम्मीदवारी वापस लिए जाने के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. उन्होंने ऐलान किया कि उनका गुट नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन करेगा और अब इस सीट पर अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारेगा। 

    उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें गुरुवार को फोन किया था. ममता ने INDIA गठबंधन के प्रति पूरी एकजुटता जताते हुए कहा कि सभी मिलकर लड़ेंगे. उन्होंने अरविंद केजरीवाल के ट्वीट का भी जिक्र किया और कहा कि सभी मिलकर लड़ाई लड़ेंगे। 

    बता दें कि नंदीग्राम उपचुनाव के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार बनाया था. 13 सितंबर को उनके नाम का ऐलान किया गया था. वहीं बीजेपी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है. वह शुभेंदु अधिकारी के पूर्व निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की मां हैं. ऋतब्रत गुट की ओर से मोहम्मद एतेशामुल हक मैदान में हैं. कांग्रेस ने मिलन प्रधान को टिकट दिया है. वहीं वाम मोर्चे ने भी अपना उम्मीदवार उतारा है। 

    चुनाव आयोग पर बरसीं ममता
    ममता बनर्जी ने मौजूदा घटनाक्र
    म पर चुनाव आयोग और बीजेपी पर कई आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र के इतिहास में काला दिन है. ममता ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को हराने के लिए SIR का इस्तेमाल किया गया और EVM को हाईजैक किया गया. उन्होंने चुनाव आयोग पर बीजेपी के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए काम करने का आरोप लगाया। 

    ममता ने यह भी आरोप लगाया कि बंगाल चुनाव में मतगणना का काम CRPF के जरिए कराया गया. उन्होंने कहा कि टीएमसी 29 साल पुरानी पार्टी है और इसके बावजूद पार्टी का बैंक खाता फ्रीज कर दिया गया। 

    ममता ने दावा किया कि पुलिस उनके कार्यकर्ताओं पर बीजेपी में शामिल होने का दबाव बना रही है और करीब 14 हजार कार्यकर्ता जेल में हैं. उनके पार्टी कार्यकर्ताओं को उनसे मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है और वह खुद भी हाउस अरेस्ट में हैं। 

    'इंटरिम ऑर्डर है, लड़ाई जारी रखेंगे'
    टीएमसी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग के अंतरिम फैसले पर ममता ने कहा कि यह अंतिम फैसला नहीं है और उनकी पार्टी इसे कानूनी तौर पर चुनौती देगी. उन्होंने कहा कि वह सिर नहीं झुकाएंगी और पार्टी फिर वापसी करेगी। 
    वह अपनी आखिरी सांस तक ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नहीं छोड़ेंगी. उन्होंने खुद को टीएमसी की संस्थापक चेयरपर्सन बताया। 

    उन्होंने यह भी कहा कि चार महीने पहले जिन लोगों ने एक चुनाव चिह्न पर जीत हासिल की थी, वे अब उसी के खिलाफ कैसे खड़े हो सकते हैं. ममता ने बागी गुट पर निशाना साधते हुए कहा कि अब यह सामने आ गया है कि असली तृणमूल कौन है और कौन लोग पार्टी के नाम पर फायदा उठा रहे थे. ममता ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का नाम लिए बिना उन पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि वह योगी से भी बदतर हो गए हैं और सभी को धमका रहे हैं। 

    टीएमसी के नाम-सिंबल की लड़ाई के बीच नया मोड़
    यह पूरा घटनाक्रम टीएमसी के दोनों गुटों को नाम और सिंबल आवंटन के बीच आया है. चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को 'Mamata All India Trinamool Congress' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिह्न दिया है. वहीं, अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट को 'Democratic Trinamool Congress' नाम और 'लिफाफा' चुनाव चिह्न मिला है. आयोग ने दोनों गुटों को आगामी उपचुनाव के लिए पुराने 'All India Trinamool Congress' नाम और 'जोड़ा घास फूल' वाले चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया था। 

    6 अक्टूबर को दो विधानसभा सीटों पर होना है उपचुनाव
    बता दें कि राज्य की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है. नतीजे 9 अक्टूबर हो जारी होंगे. राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी. बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ने का फैसला किया, जिससे यह सीट रिक्त हुई. वहीं एजेयूपी (AJUP) नेता हुमायूं कबीर ने नौदा और रेजीनगर दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी, जिसके बाद उन्होंने रेजीनगर सीट से इस्तीफा दे दिया था. इसके चलते नंदीग्राम और रेजीनगर सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है। 

  • जनजातीय महापुरुषों के जीवन पर बनेंगी फिल्में, CM यादव बोले- बलिदानियों की गाथाएं नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी

    जनजातीय महापुरुषों के जीवन पर बनेंगी फिल्में, CM यादव बोले- बलिदानियों की गाथाएं नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी

    राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह ने सनातन संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जनजातीय महापुरुषों और बलिदानियों के जीवन पर फिल्में तैयार की जा रही हैं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी जनजातीय समुदाय के विकास के लिए समर्पित हैं
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय महानायक अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह बलिदान दिवस समारोह को किया संबोधित
    नमो-प्रेरणा कार्यक्रम का किया शुभारंभ

    जबलपुर

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि 1857 के स्वतंत्रता आंदोलन से पहले अपनी कलम और कविताओं के बल पर मध्यप्रदेश के जनजातीय महानायक अमर शहीद राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह ने ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ अलख जगाई थी। अंग्रेजों के दमन के विरोध में उस समय में जो काम तलवार नहीं कर पाई, वह राजा शंकर शाह की लेखनी ने कर दिखाया। उनके लिखे गीतों ने जनता के बीच आजादी की ललक और अलख जगा कर नयी ऊर्जा का संचार किया। वे देश और धर्म को साथ लेकर चले। स्वभाषा-स्वधर्म-रचनात्मकता और साहित्य की साधना के प्रति राजा रघुनाथ शाह के समर्पण के कारण स्थानीय जन में उनके प्रति बहुत अधिक श्रद्धा थी। उनके बेटे कुंवर रघुनाथ शाह भी कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े रहे। देखते ही देखते अंग्रेजी सरकार की जड़े हिल गईं। ब्रिटिश सैनिकों ने दोनों को बंदी बना लिया और उनके सामने महारानी की अधीनता स्वीकार करने और धर्म बदलने की शर्त रखी। लेकिन राजा शंकर शाह ने अंग्रेजों को मुंहतोड़ जवाब देकर पराधीनता स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने अंग्रेज अफसरों को बता दिया कि वे रानी दुर्गावती के वंशज हैं, भारतीय संस्कृति के जीवन मूल्यों और सनातन पर हमें गर्व है। राजा शंकर शाह की हिम्मत के आगे अंग्रेज अफसर डर गए, उन्हें तोप से बांध कर अन्यायपूर्वक बलिदान कर दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जबलपुर में जनजातीय महानायक राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    कैंसर और नशामुक्ति के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए आरंभ हुआ अभियान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कैंसर एवं नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नमो प्रेरणा कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत स्कूल एवं कॉलेजों में विद्यार्थियों को कैंसर से बचाव एवं जागरूकता के प्रति प्रेरित किया जाएगा। कैंसर मरीजों को समुचित उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण पहल है।

    विरासत से विकास की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी व्यक्ति का शरीर साथ छोड़ता है, लेकिन उसके विचार सदैव जीवित रहते हैं। यही हमारे गौंडवाना के वीर शहीदों ने कर दिखाया। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह ने सनातन संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग किया। उनका जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में विरासत से विकास की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार प्रदेश के जनजातीय महानायकों के गौरवशाली इतिहास संरक्षित करने और इसे जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनजातीय समुदाय को विभिन्न योजनाओं का लाभ देकर स्वावलंबी बनाने के लिए जनजातीय कार्य विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय से सिकल सेल एनीमिया को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रदेश स्तर पर स्क्रीनिंग और इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी जनजातीय समुदाय की पीड़ा को अच्छी तरह से समझते हैं, उन्होंने सिकल सेल उन्मूलन के लिए अभियान की शुरुआत की, जिसे राज्यपाल मंगुभाई पटेल की देखरेख में प्रदेश के विभिन्न जिलों में बेहतर तरीके से संचालित किया जा रहा है।

    जनजातीय समुदाय के गौरवशाली अतीत को सबके सामने लाना राज्य सरकार का दायित्व है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने जनजातीय महापुरुषों राजा भभूत सिंह, राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह जैसी विभूतियों के जीवन के प्रेरक प्रसंगों को पाठ्यक्रम में स्थान दिया है। प्रदेश की भावी पीढ़ियां उनके बलिदान और जीवन के प्रेरणादायी कार्यों से परिचित होंगी। राज्य सरकार रानी दुर्गावती लोक का निर्माण करेगी, निमाड़ के जनजातीय नायक क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम पर खरगोन में विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। बुंदेलखंड के सागर में भी रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर विश्वविद्यालय की शुरुआत की गई है। जनजातीय समुदाय के गौरवशाली अतीत को सबके सामने लाना राज्य सरकार का दायित्व है। सरकार जनजातीय महापुरुषों और बलिदानियों के जीवन पर फिल्म तैयार करने सहित सभी योजना को प्रोत्साहित कर रही है।

    रानी दुर्गावती की जयंती पर 52 गढ़ों के वशंजों को राज्य सरकार सम्मानित करेगी

    लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह सहित प्रदेश के अनेक महापुरुषों की जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों को पाठ्यक्रम में शामिल कर सम्मान दिया है। हमारे जनजातीय वीरों ने अंग्रेजों से क्षमा-याचना नहीं की। आज हम सभी पवित्र भूमि जबलपुर में राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह की शहादत का स्मरण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनजातीय महापुरुषों से मिली प्रेरणा और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि जबलपुर वही पुण्यभूमि है, जहां अंग्रेजों ने राजा शंकरशाह और रघुनाथ शाह को जनता के सामने तोप के मुंह से बांधकर शहीद किया था। अंग्रेजों ने उन्हें माफी मांगने का अवसर दिया, लेकिन पिता-पुत्र ने क्षमा याचना करने से इनकार कर दिया और देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देना स्वीकार किया। मंत्री सिंह ने कहा कि राजा शंकरशाह और रघुनाथ शाह रानी दुर्गावती की वंश परंपरा से जुड़े थे। उनके बलिदान से प्रेरणा लेकर प्रत्येक नागरिक को देश और प्रदेश के विकास में अपने हिस्से का योगदान देना चाहिए।

    जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि जनजातीय वीरों और महापुरुषों को देश की भावी पीढ़ी याद रखे, इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी जनजातीय छात्रावासों के नाम जनजातीय महानायकों के नाम पर रखे हैं। राजा शंकर शाह और रघुनाथ शाह के बलिदान और जीवन पर फिल्म तैयार की गई है। अब हमारी सरकार ने पाठ्यपुस्तकों में जनजातीय महापुरुषों के योगदान को शामिल किया है। मंत्री शाह ने कहा कि आगामी 5 अक्तूबर को वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती है, इस अवसर पहली बार उनके 52 गढ़ों के वशंजों को राज्य सरकार सम्मानित करेगी। जबलपुर के अलावा हरसूद में भी रानी दुर्गावती की जयंती पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रक्तदाताओं से भेंट कर बढ़ाया हौसला

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत नेताजी सुभाषचंद्र बोस कल्चरल एंड इनफार्मेशन सेंटर, गीता भवन में आयोजित रक्तदान शिविर में शामिल होकर रक्तदाताओं से भेंट की। उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके इस सेवाभावी कार्य की सराहना की और उनका हौसला बढ़ाया।

    कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’, विधायक अजय विश्नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी ‘इंदू’, संतोष वरकड़े, नीरज सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोटिया, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय के नागरिक उपस्थित थे।

     

  • देश के 130 शहरों के स्वच्छता सर्वे में लखनऊ ने हासिल किया है पहला स्थान, अन्य शहरों का प्रदर्शन भी रहा अच्छा: भूपेंद्र यादव

    देश के 130 शहरों के स्वच्छता सर्वे में लखनऊ ने हासिल किया है पहला स्थान, अन्य शहरों का प्रदर्शन भी रहा अच्छा: भूपेंद्र यादव

    एनसीआर की हवा को शुद्ध बनाने के लिए यूपी में बड़ा प्लान

    मुख्यमंत्री आवास पर सीएम योगी के साथ बैठक में शामिल हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव

    देश के 130 शहरों के स्वच्छता सर्वे में लखनऊ ने हासिल किया है पहला स्थान, अन्य शहरों का प्रदर्शन भी रहा अच्छा: भूपेंद्र यादव

    विगत वर्षों में ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ के तहत लक्ष्य से अधिक पौधरोपण पर केंद्रीय मंत्री ने सीएम योगी को दी बधाई

    ईवी पॉलिसी के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बसों, व्हीकल पॉल्यूशन पर हुई चर्चा, डस्ट पॉल्यूशन को लेकर बनी विस्तृत कार्ययोजना

    बैठक में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स और कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशिंग मैनेजमेंट रूल को लेकर की गई चर्चा

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। इसमें उत्तर प्रदेश के एनसीआर से जुड़े नोएडा, हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर समेत आठ जिलों में वायु प्रदूषण की रोकथाम के उपायों और कार्ययोजना की समीक्षा की गई।

    बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि वाहन प्रदूषण के तहत पुराने वाहनों, नई ईवी नीति, इलेक्ट्रिक बसों, प्रदूषण प्रमाणपत्र की अनिवार्यता और एग्रीगेटर वाहनों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। औद्योगिक प्रदूषण की समीक्षा में करीब 80 प्रतिशत उद्योगों में ओसीईएमएस (ऑनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली) और एयर पॉल्यूशन डिवाइस लगाए जाने की जानकारी दी गई। शेष उद्योगों में भी इन्हें लागू करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

    केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बैठक में धूल प्रदूषण पर मैकेनाइज्ड और डीप क्लीनिंग की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट तथा कंस्ट्रक्शन एंड डेमोलिशन वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभिन्न विभागों और हितधारकों के साथ कंसल्टेशन कार्यक्रम चलाने पर भी सहमति बनी है। एनसीएपी के तहत देश के 130 शहरों के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ ने प्रथम स्थान हासिल किया है। आगरा समेत प्रदेश के अन्य शहरों का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा है। केंद्रीय मंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लक्ष्य से अधिक पौधरोपण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी।

    उन्होंने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक हुई है। अब राजस्थान और पंजाब के मुख्यमंत्रियों के साथ भी बैठक कर प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को आगे बढ़ाया जाएगा। पराली प्रबंधन को लेकर राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ केंद्रीय कृषि मंत्रालय के स्तर पर भी समन्वय किया जा रहा है। एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर पिछले दिसंबर से अब तक 30 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं। 63 छोटे शहरों के स्थानीय निकायों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान को सफल बनाने में जनता के सहयोग और मीडिया की जागरूकता की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।

    इस बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अध्यक्ष राजेश वर्मा तथा उत्तर प्रदेश के विभिन्न विभागीय उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे।

  • पाकिस्तान में नमाज के दौरान धमाके से दहला इलाका, 16 लोगों की गई जान; 50 घायल

    पाकिस्तान में नमाज के दौरान धमाके से दहला इलाका, 16 लोगों की गई जान; 50 घायल

    खैबर पख्तूनख्वा 
    पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में पुलिस लाइंस इलाके में शुक्रवार की नमाज के दौरान मस्जिद के पास जोरदार विस्फोट हुआ। इस घटना में 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से ज्यादा घायल हैं। जिला मुख्यालय अस्पताल के डॉक्टर ताहिर अली शाह ने बताया कि विस्फोट के बाद अस्पताल में 16 शव और 50 से अधिक घायलों को लाया गया। पुलिस के मुताबिक, धमाका मस्जिद के बाहर हुआ, जिससे वहां बड़ा गड्ढा बन गया। घायलों में पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। विस्फोट के बाद पुलिस लाइंस में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।

    अधिकारियों के मुताबिक, विस्फोट वाली जगह पर राहत और बचाव अभियान जारी है। घटना के बाद प्रशासन ने कोहाट-हंगू सड़क को सभी तरह के यातायात के लिए बंद कर दिया है। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद कोहाट के जिला मुख्यालय अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने बाद में बताया कि विस्फोट में घायल कम से कम 25 लोगों को इलाज के लिए अस्पताल लाया गया है।

    विस्फोटकों से लदी गाड़ी पुलिस लाइंस के गेट से टकराई
    खैबर पख्तूनख्वा के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस जुल्फिकार हमीद ने बताया कि विस्फोटकों से लदा एक वाहन पुराने पुलिस लाइंस के गेट से टकराया और इसके बाद उसमें जोरदार धमाका हो गया। उन्होंने बताया कि वाहन के गेट से टकराने के बाद विस्फोट हुआ और गोलीबारी भी शुरू हो गई। आईजीपी के मुताबिक, यह आत्मघाती हमला था। गोलीबारी के दौरान स्पेशल ब्रांच की इमारत में भी एक अन्य आत्मघाती विस्फोट हुआ। खैबर पख्तूनख्वा पुलिस आतंकवाद के खिलाफ लोहे की दीवार की तरह खड़ी है और ऐसे हमले पुलिसकर्मियों का मनोबल नहीं तोड़ सकते। उन्होंने कहा कि शहीदों का खून व्यर्थ नहीं जाएगा और आतंकवादियों व उनके मददगारों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

    धमाके के बाद हमलावरों और सुरक्षा बलों में गोलीबारी
    केंद्रीय पुलिस कार्यालय ने बताया कि आईजीपी जुल्फिकार हमीद ने कोहाट के क्षेत्रीय पुलिस अधिकारी से घटना की रिपोर्ट मांगी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विस्फोटकों से लदा वाहन पुराने पुलिस लाइंस के गेट से टकराया था। केंद्रीय पुलिस कार्यालय के मुताबिक, अधिकारी विस्फोट की पूरी प्रकृति और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रहे हैं। धमाके के बाद हमलावरों और सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी जारी रही। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर राहत-बचाव के साथ-साथ पूरे इलाके की जांच में जुटी हैं।

    धमाके की जांच जारी 
    शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, 'विस्फोटकों से लदे एक वाहन को ओल्ड पुलिस लाइन्स में घुसाया गया था, हालांकि, धमाके के पीछे का असल कारण अभी पता नहीं चला है। रेस्क्यू 1122 के प्रवक्ता बिलाल अहमद फैज़ी ने एक बयान में कहा, 'धमाके के बाद हथियारबंद आतंकवादियों के साथ गोलीबारी हुई।'

    आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ी पुलिस 
    IG हमीद ने कहा, 'KP पुलिस आतंकवाद के ख़िलाफ़ एक मज़बूत दीवार की तरह खड़ी है, कायरतापूर्ण हमले हमारे हौसले को नहीं तोड़ सकते।' बयान में उनके हवाले से कहा गया, 'शहीदों का खून बेकार नहीं जाएगा, आतंकवादियों और उनके मददगारों का अंजाम बहुत बुरा और मिसाल बनने वाला होगा।' उन्होंने घायलों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

     

  • ‘सारथी दीदी’ से महिलाओं को मिलेगी सुरक्षित यात्रा की सुविधा, ई-रिक्शा से कैब तक ड्राइविंग ट्रेनिंग

    ‘सारथी दीदी’ से महिलाओं को मिलेगी सुरक्षित यात्रा की सुविधा, ई-रिक्शा से कैब तक ड्राइविंग ट्रेनिंग

    महिलाओं की यात्रा को सुरक्षित और आसान बनाएंगी "सारथी दीदी", 24×7 मॉनिटरिंग करेगी योगी सरकार

    अब शहर से लेकर गांव तक चलेंगी कैब, प्रदेशभर में बड़ी सुविधा देने की तैयारी

    महिला ड्राइवरों को ई-रिक्शा, दोपहिया और कैब चलाने का मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

    महिला सुरक्षा के लिए प्रदेश में पहली बार शुरू होने जा रही अभिनव पहल 

    बदल रहा उत्तर प्रदेश : सफर को लेकर आपातकालीन सुरक्षा और कंट्रोल रूम से रखी जाएगी नजर

    पल पल की रहेगी अपडेट, पुलिस करेगी समन्वय, सुविधा के साथ बड़े पैमाने पर महिलाओं को मिलेगा रोजगार

    लखनऊ
     बहनों और बेटियों की यात्रा को ‘सारथी दीदी’ के जरिए अधिक सुरक्षित और सहज बनाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर महिला यात्रियों के लिए महिला चालकों की विशेष सेवा के साथ यात्रा के दौरान सुरक्षा पर 24×7 निगरानी का तंत्र विकसित किया जा रहा है। इसमें आपात स्थिति में एसओएस बटन के जरिये सहायता लेने की सुविधा होगी और जरूरत पड़ने पर पुलिस के साथ तत्काल समन्वय किया जा सकेगा। यानी सफर केवल वाहन में बैठने से लेकर गंतव्य तक पहुंचने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी यात्रा मजबूत सुरक्षा के साथ आगे बढ़ेगी। योगी सरकार इस सेवा को भारत टैक्सी मॉडल के माध्यम से शहरों से गांवों तक ले जाने की तैयारी में है। इसके लिए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को जोड़कर ग्रामीण स्तर पर राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं के विस्तार की योजना है। 

    ‘सारथी दीदी’ का एक अहम पहलू महिला ड्राइवरों को परिवहन सेवा से जोड़ना है। इसके तहत महिलाओं को ई-रिक्शा, दोपहिया और कैब चलाने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे एक ओर महिला यात्रियों को महिला चालक का विकल्प मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ड्राइविंग को महिलाओं के लिए रोजगार के नए क्षेत्र के रूप में विकसित करने का रास्ता भी खुलेगा।

    हर पल सुरक्षा की निगरानी

    महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए आपातकालीन एसओएस बटन, 24×7 मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम और पुलिस सहायता समन्वय को व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाएगा। यात्रा के दौरान किसी तरह की आपात स्थिति सामने आने पर सहायता तंत्र सक्रिय करने का प्रावधान होगा। भारत टैक्सी के मौजूदा महिला-केंद्रित ‘सारथी दीदी’ योजना में एसओएस, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग और 24×7 सहायता जैसी सुरक्षा सुविधाएं रहेंगी। इस व्यवस्था का सीधा लाभ उन परिवारों को विशेष रूप से होगा, जिनकी बेटियां पढ़ाई, नौकरी या अन्य काम से नियमित रूप से अकेले यात्रा करती हैं। महिला चालक का विकल्प मिलने और आपात स्थिति में सहायता तंत्र उपलब्ध होने से यात्रा के दौरान सुरक्षा संबंधी चिंता कम करने की दिशा में व्यवस्था तैयार की जा रही है।

    महिलाओं के लिए ड्राइविंग से रोजगार

    ‘सारथी दीदी’ को केवल महिला यात्रियों की सुविधा से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है। इसका दूसरा पक्ष महिलाओं को चालक के रूप में तैयार करना है। ई-रिक्शा, टू-व्हीलर और कैब चलाने के प्रशिक्षण से महिलाओं को बड़े पैमाने पर परिवहन क्षेत्र में आर्थिक गतिविधि से जोड़ा जा रहा है। इस मॉडल में महिला केवल यात्री नहीं होगी, बल्कि सेवा देने वाली चालक भी बन सकेगी। यानी एक तरफ सुरक्षित यात्रा का विकल्प और दूसरी तरफ महिलाओं के लिए आय का अवसर, दोनों पहलू एक साथ जुड़ते हैं।

    सहकारी नेटवर्क के जरिए शहर से गांव तक पहुंचेगी कैब

    योगी सरकार भारत टैक्सी मॉडल को शहरों तक सीमित रखने के बजाय गांवों तक ले जाने की तैयारी में है। इसके लिए प्राथमिक कृषि ऋण समितियों को जोड़कर ग्रामीण स्तर पर राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन की उपलब्धता स्थानीय स्तर पर बढ़ेगी। गांव से बाजार, अस्पताल, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन या नजदीकी शहर तक आने-जाने के लिए डिजिटल माध्यम से वाहन सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में सहकारी नेटवर्क का इस्तेमाल होगा।

    पैक्स से मोबिलिटी तक सहकारिता का विस्तार

    प्राथमिक कृषि ऋण समिति (पैक्स) का इस्तेमाल अब तक मुख्य रूप से ग्रामीण ऋण और कृषि से जुड़ी गतिविधियों में होता रहा है। इन्हें राइड-हेलिंग और डिलीवरी सेवाओं से जोड़कर सहकारिता का यह नेटवर्क ग्रामीण मोबिलिटी और डिजिटल सेवाओं तक विस्तार पा सकता है। इसका मतलब यह होगा कि गांव में मौजूद सहकारी ढांचा केवल कृषि जरूरतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय परिवहन और डिलीवरी जैसी सेवाओं के लिए भी आधार बनेगा।

    महिला सुरक्षा, डिजिटल परिवहन और ग्रामीण कनेक्टिविटी को एक साथ जोड़ने की कोशिश

    ‘सारथी दीदी’ के जरिए महिला यात्री और महिला चालक, दोनों को केंद्र में रखा गया है। महिला यात्रियों के लिए महिला चालक की सुविधा, एसओएस और निगरानी तंत्र सुरक्षा को मजबूत करते हैं, जबकि प्रशिक्षण से महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का रास्ता तैयार होगा। इस तरह प्रस्तावित मॉडल का दायरा केवल कैब सेवा बढ़ाने तक सीमित नहीं है। इसमें महिला सुरक्षा, महिला रोजगार, डिजिटल परिवहन और ग्रामीण कनेक्टिविटी को एक साथ जोड़ने की कोशिश है। शहरों से गांवों तक भारत टैक्सी मॉडल के विस्तार के साथ यह नेटवर्क शहर से लेकर ग्रामीण परिवहन तक के नए विकल्प के रूप में विकसित किए जाने की तैयारी है।

  • यूपी के नौनिहालों के लिए अच्छी खबर, पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन 8.2% कम

    यूपी के नौनिहालों के लिए अच्छी खबर, पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन 8.2% कम

    राष्ट्रीय पोषण माह पर विशेष

    योगी सरकार के प्रयासों से यूपी के नौनिहालों की बढ़ रही कद-काठी

    प्रदेश के पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन 8.2 प्रतिशत घटा
     
    एनएफएचएस- 5 में ऐसे बच्चों का प्रतिशत 39.7 था, जो घटकर 31.5 प्रतिशत हो गया

    लखनऊ
     योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश के नौनिहालों की सेहत और पोषण की तस्वीर में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगा है। प्रदेश में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन यानी उम्र के अनुपात में कम लंबाई की समस्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (एनएफएचएस-5) में जहां प्रदेश में ऐसे बच्चों का प्रतिशत 39.7 था, वहीं एनएफएचस-6 में यह घटकर 31.5 प्रतिशत रह गया है। यानी करीब चार वर्षों में नाटेपन के मामलों में 8.2 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई है।

    बच्चे की लंबाई में होने वाला सुधार एक दिन में नहीं आता : डॉ. पिंकी जोवल
    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल ने बताया कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े और विविध आबादी वाले राज्य में नाटेपन में कमी का उल्लेखनीय है क्योंकि बच्चे की लंबाई में होने वाला सुधार एक दिन में नहीं आता। यह लंबे समय तक बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं और परिवार की देखभाल का परिणाम होता है। एनएफएचएस-5 से एनएफएचएस-6 के बीच नाटेपन के आंकड़ों में आई गिरावट इसलिए प्रदेश के बच्चों के स्वास्थ्य की बदलती तस्वीर का महत्वपूर्ण संकेत है। अब चुनौती इस सुधार को और गति देने तथा यह सुनिश्चित करने की है कि हर बच्चे को जीवन के शुरुआती वर्षों में पर्याप्त पोषण और स्वस्थ विकास का अवसर मिले। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अभियान चलाकर गर्भवती महिलाओं को जागरुक करने के साथ उन्हे पोषण पोटली वितरित की जा रही है। सर्वेक्षण रिपोर्ट में 31.5 प्रतिशत का आंकड़ा यह भी बताता है कि अभी बड़ी संख्या में बच्चे इस समस्या से प्रभावित हैं इसलिए शुरुआती वर्षों में पोषण की निगरानी, गर्भवती महिलाओं के पोषण, छह माह तक केवल स्तनपान, समय पर पूरक आहार, संक्रमण की रोकथाम तथा बच्चों की नियमित वृद्धि निगरानी पर लगातार जोर देने की जरूरत है और इस पर फोकस काम किया जा रहा है। 

    बच्चे के जीवन के शुरुआती 1,000 दिन शारीरिक – मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण
    किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की बाल रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. शालिनी त्रिपाठी के अनुसार बच्चे के जीवन के शुरुआती 1,000 दिन उसके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। गर्भावस्था से लेकर बच्चे के दो वर्ष की उम्र तक पर्याप्त पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच, समय पर टीकाकरण, स्तनपान और उचित पूरक आहार पर ध्यान देने से कुपोषण की स्थिति को कम किया जा सकता है। इसी दिशा में आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य विभाग और समुदाय के स्तर पर चलाए जा रहे पोषण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सीएम योगी के निर्देश पर सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण-2.0 की गाइडलाइन के तहत संचालित हॉट कुक्ड मील योजना के जरिए 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को नियमित रूप से ताजा, गर्म और पौष्टिक पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। यूपी में करीब 1.45 लाख को-लोकेटेड और 0.44 लाख नॉन को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले लगभग 32.88 लाख बच्चे नियमित लाभान्वित हो रहे हैं।

    शुरुआती वर्षों में मिलने वाले पोषण की अहम भूमिका
    प्रोफेसर ने बताया कि नाटेपन को बच्चों में लंबे समय तक रहने वाले कुपोषण का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। यह केवल बच्चे की लंबाई तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि इसके पीछे गर्भावस्था के दौरान मां का पोषण, जन्म के समय बच्चे की स्थिति, स्तनपान, छह माह बाद पूरक आहार, बार-बार होने वाले संक्रमण और शुरुआती वर्षों में मिलने वाले पोषण की अहम भूमिका होती है। ऐसे में आंकड़ों में आई गिरावट को बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में देखा जा सकता है। एनएफएचएस-5 में उत्तर प्रदेश में पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन 39.7 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इसी सर्वे में 17.3 प्रतिशत बच्चे दुबलापन (वेस्टिंग) और 32.1 प्रतिशत बच्चे कम वजन की श्रेणी में थे। एनएफएचएस-6 के आंकड़े बताते हैं कि बच्चों के पोषण से जुड़े संकेतकों में देशभर में भी सुधार हुआ है। राष्ट्रीय स्तर पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों में नाटापन 35.5 प्रतिशत से घटकर 29.3 प्रतिशत हुआ है जबकि उत्तर प्रदेश में नाटापन 39.7 प्रतिशत से घटकर 31.5 प्रतिशत हुआ है।

     

    प्रोफेसर शालिनी त्रिपाठी, केजीएमयू

  • MP में जाते-जाते फिर तरबतर करेगा मानसून, 21 सितंबर से बारिश तेज; अब तक 33.1 इंच पानी

    MP में जाते-जाते फिर तरबतर करेगा मानसून, 21 सितंबर से बारिश तेज; अब तक 33.1 इंच पानी

    भोपाल
     मध्य प्रदेश में मानसून अब अपने अंतिम दौर में है। सितंबर के आखिरी सप्ताह में इसकी विदाई का सिलसिला शुरू होने का अनुमान है। हालांकि, इससे पहले प्रदेश में बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, 21 सितंबर तक कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।

    मौसम के आगामी सात दिनों के पूर्वानुमान के अनुसार 18 से 21 सितंबर तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। 22 सितंबर से बारिश में कुछ कमी आ सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून की वापसी सबसे पहले पश्चिमी राजस्थान से शुरू होने के संकेत हैं, जबकि मध्य प्रदेश में इसकी सक्रियता सितंबर के आखिरी सप्ताह तक बनी रह सकती है।

    कम बारिश वाले जिलों को मिल सकती है राहत
    मानसून के बचे हुए दिनों में होने वाली बारिश से प्रदेश के उन जिलों में स्थिति सुधर सकती है, जहां इस सीजन अब तक सामान्य से कम पानी गिरा है। फिलहाल प्रदेश के 18 जिलों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया शामिल हैं।

    वहीं, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। आलीराजपुर में सामान्य बारिश की तुलना में करीब आधा पानी ही दर्ज हुआ है। दूसरी ओर निवाड़ी में सामान्य से 54% ज्यादा बारिश हो चुकी है।

    भोपाल-सीहोर और देवास में झमाझम बारिश
    गुरुवार दोपहर भोपाल, सीहोर और देवास में बारिश
    का तेज दौर देखने को मिला। भोपाल-इंदौर रोड पर सोनकच्छ में कुछ समय के लिए इतनी तेज बारिश और अंधेरा छाया कि वाहन चालकों को दिन में ही हेडलाइट जलानी पड़ी। ग्वालियर में भी दिनभर की उमस के बाद शाम को मौसम बदला। शहर में झमाझम बारिश होने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।

    अरब सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र
    मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, फिलहाल सौराष्ट्र और उससे लगे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है।
    इसके अलावा मानसून ट्रफ भी इसी कम दबाव वाले क्षेत्र से होकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। इन मौसम प्रणालियों के कारण मध्य भारत में नमी और बारिश की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

    19 सितंबर के बाद बन सकता है नया सिस्टम
    मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक, 18 से 19 सितंबर के दौरान मध्य प्रदेश में अलग-अलग चरणों में बारिश हो सकती है। इसके बाद 19 सितंबर की शाम के आसपास एक नई मौसम प्रणाली बनने के संकेत हैं।
    उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर की शाम तक उत्तर अंडमान सागर के आसपास पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर के आसपास उत्तर अंडमान सागर में नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
    यह सिस्टम आगे दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तट की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है। इसके असर से मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।

    मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की सामान्य विदाई आमतौर पर 2 अक्टूबर के आसपास होती है। हालांकि, इस साल मानसून के जाने से पहले सितंबर के आखिरी हफ्ते में राज्य में बारिश का एक और दौर शुरू होने की संभावना है।

    मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, 18 सितंबर की शाम तक बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से 19 सितंबर की शाम तक एक कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। यदि यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए मजबूत होता है, तो 21 सितंबर से राज्य में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक औसतन 33.1 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य बारिश का 88.7 प्रतिशत है। राज्य में आमतौर पर मानसून के दौरान औसतन 37.3 इंच बारिश होती है। वर्तमान में राज्य में सामान्य से लगभग 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है, लेकिन नए सिस्टम के सक्रिय होने से इस कमी में सुधार हो सकता है।

    MP में अब तक 33.1 इंच बारिश
    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक 842.1 मिलीमीटर यानी करीब 33.1 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। यह मानसूनी कोटे का 88.9% है। इस अवधि में सामान्य बारिश 905.3 मिलीमीटर यानी करीब 35.6 इंच होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अभी करीब 2.5 इंच बारिश कम है।
    ओवरऑल प्रदेश में बारिश सामान्य से 7% कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में यह कमी करीब 2% और पश्चिमी हिस्से में 11% दर्ज की गई है।