Category: उत्तर प्रदेश

  • जनभवन में सीएम योगी की मौजूदगी में गंगासागर नमो नम: का हुआ लोकार्पण

    जनभवन में सीएम योगी की मौजूदगी में गंगासागर नमो नम: का हुआ लोकार्पण

    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनभवन परिसर में आयोजित गंगासागर नमो नम: लोकार्पण कार्यक्रम में सम्मलित हुए। इससे पूर्व जनभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने छात्राओं को उपहार देकर शिक्षा से लगाव के लिए प्रेरित किया।

    गंगासागर नमो नम: लोकार्पण के अवसर पर पूजन भी किया गया। वहीं उपस्थित सभी गणमान्य आरती में भी शामिल हुए। जनभवन में छात्राओं ने भजन व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी प्रस्तुत किया।

  • खेलों के नए केंद्र के रूप में दुनिया के सामने आएगा मेरठ

    खेलों के नए केंद्र के रूप में दुनिया के सामने आएगा मेरठ

    मेरठ

     मेरठ अब सिर्फ खेल प्रतिभाओं की धरती के रूप में नहीं, बल्कि खेल शिक्षा और आधुनिक प्रशिक्षण के उभरते केंद्र के तौर पर भी देश-दुनिया के सामने अपनी पहचान दर्ज कराने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-4.0 में प्रदेश के खेल क्षेत्र की बदलती तस्वीर पेश की जाएगी। इसके लिए पहली बार खेल विभाग का अलग पवेलियन तैयार किया जा रहा है। करीब 200 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाले इस पवेलियन में मेरठ की खेल यूनिवर्सिटी प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगी।
    खेल विभाग के इस मंच पर प्रदेश की खेल उपलब्धियों, आधुनिक सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं को एक साथ प्रदर्शित किया जाएगा। खेल निदेशालय, प्रादेशिक विकास दल एवं युवा कल्याण विभाग, स्पोर्ट्स कॉलेज और खेल यूनिवर्सिटी इसमें संयुक्त रूप से भाग लेंगे। डिजिटल डिस्प्ले से लेकर मॉडल और वीडियो प्रस्तुति तक, अलग-अलग माध्यमों से प्रदेश में खेल क्षेत्र में हुए बदलावों की जानकारी दी जाएगी।

    खेल पढ़ाई से करियर तक, मेरठ की यूनिवर्सिटी पर नजर

    ट्रेड शो में आने वाले लोगों को मेरठ की खेल यूनिवर्सिटी में उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों की जानकारी दी जाएगी। विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों, प्रवेश व्यवस्था, पात्रता और शैक्षणिक गतिविधियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारी कर रहे युवाओं को उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण के नए विकल्पों की जानकारी मिलेगी।
    प्रदेश की प्रमुख खेल परियोजनाओं को थ्री-डी मॉडल के जरिए भी समझाया जाएगा। मेरठ की खेल यूनिवर्सिटी के साथ अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और कानपुर में विकसित हो रही खेल सुविधाओं के मॉडल पवेलियन में रखे जाएंगे। प्रदेश में तैयार हो रहे खेल ढांचे पर आधारित डॉक्यूमेंट्री के जरिए भी आगंतुकों को विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
    उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की उपलब्धियां भी पवेलियन का हिस्सा होंगी। तस्वीरों, वीडियो और डिजिटल स्क्रीन पर खिलाड़ियों की सफलताओं को प्रदर्शित कर प्रदेश की खेल प्रतिभा की कहानी बताई जाएगी।

    मैदान से डिजिटल दुनिया तक दिखेगा खेलों का नया अंदाज

    युवाओं को सीधे खेल गतिविधियों से जोड़ने के लिए पवेलियन में इंटरएक्टिव गेमिंग जोन भी तैयार किया जा रहा है। फुटबॉल, हॉकी और टेबल टेनिस समेत चार खेलों पर आधारित डिजिटल गेम में आगंतुक खुद हिस्सा ले सकेंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहन के तौर पर छोटे उपहार दिए जाएंगे।

    पवेलियन में जेन-जी को ध्यान में रखते हुए फिटनेस, अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े संदेश भी दिए जाएंगे। वहीं खेलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल और खिलाड़ियों के डिजिटल डेटा को व्यवस्थित करने की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य खेल प्रतिभाओं की पहचान से लेकर उनके प्रदर्शन के विश्लेषण तक तकनीक की बढ़ती भूमिका को सामने लाना है।

    युवा कल्याण विभाग की ओर से युवक मंगल दल और महिला मंगल दल की गतिविधियों, पुरस्कारों और उपलब्धियों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। खेल विभाग के विशेष सचिव विनीत कुमार के अनुसार प्रदेश में खेल विद्यालयों, खेल विश्वविद्यालयों, स्पोर्ट्स हॉस्टल और उच्च उत्कृष्टता केंद्रों के जरिए खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाली प्रतिभाओं को अवसर देने के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर है।

  • ‘पहले लड़कियों के साथ लव जिहाद, अब लड़कों का हो रहा माइंडवॉश’, संगीत सोम बोले- यूसीसी ही उतारेगा ये ‘बुखार’

    ‘पहले लड़कियों के साथ लव जिहाद, अब लड़कों का हो रहा माइंडवॉश’, संगीत सोम बोले- यूसीसी ही उतारेगा ये ‘बुखार’

    लखनऊ
    पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर बेहद तीखा बयान दिया है। शामली के आयुष मलिक प्रकरण को सामने रखते हुए सोम ने कहा कि पहले लव जिहाद लड़कियों के साथ चलता था, अब लड़कों के साथ हो रहा है। इसीलिए UCC जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अच्छे परिवारों के लड़कों का बड़े स्तर पर ‘माइंडवॉश’ किया जा रहा है और इसके पीछे फंडिंग से लेकर एक खास नैरेटिव तैयार करने तक का काम हो रहा है।

    सोम ने कहा कि शामली का मामला इसका एक उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे खेल में विदेशी और ‘सो-कॉल्ड सेक्युलर’ लोग भी शामिल हैं। उनके मुताबिक यह केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में बड़े स्तर पर फंडिंग करके युवाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, सोम ने इन आरोपों के समर्थन में कोई विशिष्ट सार्वजनिक साक्ष्य नहीं दिया।

    यूसीसी ही इस बुखार को उतारने का काम करेगा
    संगीत सोम ने यूसीसी को इसका समाधान बताते हुए कहा कि समान नागरिक कानून ही इस बुखार को उतारने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समान नागरिक कानून लागू होना चाहिए और जिस मजबूती के साथ इसे लागू करने की जरूरत है, उसी तरह इसे लागू किया जाना चाहिए। एक दिन पहले भी सोम ने यूसीसी का विरोध करने को लेकर अखिलेश यादव और असदुद्दीन ओवैसी पर हमला बोला था।

    ‘मुस्लिमों की तीन बर्बादी- अखिलेश, ओवैसी और राहुल गांधी’
    सोम ने अपने बयान में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर भी सीधा हमला किया। उन्होंने कहा कि मैंने पहले ही कहा था कि मुस्लिमों की तीन बर्बादी- अखिलेश, ओवैसी और राहुल गांधी। सोम ने तीनों नेताओं पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और दावा किया कि शामली का प्रकरण इसका एक उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश, राहुल और ओवैसी देश में शांति नहीं चाहते और हमेशा देश को बांटने की राजनीति करते हैं। सोम ने कहा कि सनातनी इसे समझ चुके हैं और 2027 में इनकी औकात पता चलेगी।

    दंगा करेंगे तो सात पुश्तें याद रखेंगी
    प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक तनाव का जिक्र करते हुए संगीत सोम ने कहा कि यूपी में धार्मिक संतुलन बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद इन लोगों को पता है कि दंगा करेंगे तो ऐसा इलाज होगा कि सात पुश्तें याद रखेंगी। सोम ने एक वर्ग की बढ़ती आबादी को भी चिंता का विषय बताते हुए यूसीसी को पूरी दमदारी से लागू करने की मांग की।

  • 2022 में थमा था पोलियो ड्रॉप का उत्पादन, अब बिबकॉल को बंद करने पर कैबिनेट की मुहर

    2022 में थमा था पोलियो ड्रॉप का उत्पादन, अब बिबकॉल को बंद करने पर कैबिनेट की मुहर

    बुलंदशहर
    37 साल पहले बुलंदशहर में स्थापित हुई बिबकॉल कंपनी अब बंद हो जाएगी। ये कंपनी पोलियो ड्राप बनाती थी। 2022 में इसका प्रोडक्शन पूरी तरह से बंद हो चुका है। कभी भारत के पोलियो उन्मूलन अभियान की अहम ताकत रही सरकारी वैक्सीन कंपनी भारत इम्यूनोलॉजिकल्स एंड बायोलॉजिकल्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बिबकॉल) अब अपने अस्तित्व के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है। दो साल से इस कंपनी के कर्मचारियों को सैलरी तक नहीं मिली है। अफसरों के मुताबिक दिल्ली में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बिबकॉल को बंद करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

    बिबकॉल की स्थापना 10 मार्च 1989 को भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के तहत की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश के राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के लिए ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) का उत्पादन करना और वैक्सीन के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाना था। कंपनी का प्लांट उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के चोला में स्थापित किया गया था। 1990 के दशक में बिबकॉल ने ओपीवी उत्पादन की दिशा में काम शुरू किया और बाद में इसे डब्लयूएचओ-जीपीएम प्रमाणन भी मिला। 2000 के दशक की शुरुआत में कंपनी को भारत सरकार और यूनिसेफ की ओर से बड़े वैक्सीन सप्लाई ऑर्डर मिले। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, बिबकॉल ने भारत के पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम में बड़ी मात्रा में ओपीवी की आपूर्ति की।

    पोलियो उन्मूलन अभियान में रही अहम भूमिका
    भारत में पोलियो उन्मूलन अभियान के दौरान बिबकॉल देश की उन सरकारी संस्थाओं में शामिल थी जिन्होंने बड़े पैमाने पर ओरल पोलियो वैक्सीन उपलब्ध कराने में योगदान दिया। वर्ष 2015 में सरकार ने भी कहा था कि बिबकॉल ने भारत के इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम के लिए अरबों डोज की ओपीवी सप्लाई की और देश को पोलियो मुक्त बनाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में बिबकॉल के पीएसयू पर सरकार ने अहम फैसला किया है जिसके तहत अब सरकार वैक्सीन और बायोलॉजिकल बनाने वाली इस कंपनी के पीएसयू को पूरी तरह से बंद करने वाली है।

    क्यों लिया गया ये फैसला
    बिबकॉल कंपनी को लगातार नुकसान हुआ, जिसकी वजह से आर्थिक तंगी के कारण कंपनी ने पिछले करीब दो साल से कर्मचारियों को लंबे समय तक वेतन नहीं दिया। जिसके कारण इस कंपनी को बंद करने का फैसला किया गया।

    वर्ष 2022 में बंद हो गया था प्रोडक्शन
    बिबकॉल सरकारी कंपनी है, जो वैक्सीन और बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स बनाती है। इसकी मुख्य मैन्युफैक्चरिंग यूनिट ने दिसंबर 2022 के आखिर में अपने मुख्य प्रोडक्ट, ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) का उत्पादन बंद कर दिया था। इसके बाद से ही कंपनी को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। यह कंपनी बच्चों के लिए पोलियो वैक्सीन (ओपीवी), जिंक टैबलेट, डायरिया मैनेजमेट किट और अन्य दवाएं बनाने का काम करती है। भारत को पोलियो मुक्त बनाने में इस कंपनी ने ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।

    करीब 90 कर्मचारी अभी सेवारत
    कंपनी की स्थापना के समय और बीच में प्रोडक्शन बढ़ाने पर स्थाई और स्थाई मिलाकर लगभग 300 अधिकारी कर्मचारी इसमें सेवारत थे। इसके बाद जब प्रोडक्शन कम हुआ तो कर्मचारियों अधिकारियों की संख्या घटती गई और इनमें से कुछ सेवानिवृत हो गए और कुछ की सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो गई। बिबकॉल के सीनियर प्लांट सुपरिंटेंडेंट सुनील शर्मा ने बताया कि वर्तमान में लगभग 90 अधिकारी कर्मचारी सेवारत हैं। बिबकॉल बंद होने का बेहद दुख है। हम वर्ष 2022 से अपने वेतन और कंपनी को चलाने की मांग को लेकर जगह-जगह संपर्क कर रहे थे मगर विफलता ही हाथ लगी। पूर्व वाइस प्रेसीडेंट बिबकॉल सुनील शर्मा ने बताया, पोलियो वैक्सीन बनाने वाली बिबकॉल कंपनी को आज नई दिल्ली में हुई कैबिनेट की बैठक में बंद करने का निर्णय लिया गया है।

  • टीबी मुक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने में जुटी सरकार

    टीबी मुक्त उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने में जुटी सरकार

    लखनऊ

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेशभर में संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत गुरुवार को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू), लखनऊ में 500 टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि टीबी के उपचार के साथ मरीजों के पोषण और स्वास्थ्य की देखभाल भी सरकार की प्राथमिकता है। हम सब टीबी को मिलकर हराएंगे। 

    उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की सेवा में लगातार 25 वर्षों से अनवरत कार्य कर रहे हैं। उनके ‘सेवा ही संकल्प’ के भाव को आत्मसात करते हुए प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि टीबी के खिलाफ देश और दुनिया में लगातार प्रयास हो रहे हैं और भारत ने टीबी उन्मूलन का संकल्प लिया है। आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और प्रभावी उपचार के माध्यम से टीबी को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है, इसलिए इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है।

    स्वच्छता की भूमिका महत्वपूर्ण

    उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि टीबी से बचाव और उपचार में स्वच्छता की महत्वपूर्ण भूमिका है। मरीजों और उनके परिवारों को अपने घर एवं आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। एकजुट प्रयासों से ही भारत और उत्तर प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

    आधुनिक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध

    उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। टीबी मरीजों के उपचार के साथ उन्हें पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि वे जल्द स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जी सकें।

    संविधान स्थल का भी हुआ शुभारंभ

    केजीएमयू में डिप्टी सीएम द्वारा संविधान स्थल का शुभारंभ भी किया गया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान हमारे राष्ट्र की आत्मशक्ति है। संविधान स्थल विद्यार्थियों, चिकित्सकों, कर्मचारियों और यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति में राष्ट्र के प्रति कर्तव्य एवं संविधान के प्रति निष्ठा के भाव को और सशक्त करने का कार्य करेगा।

    पोषण पोटली का किया वितरण

    कार्यक्रम में टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई तथा प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए सरकार, स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और समाज के सभी वर्गों से मिलकर प्रयास करने का आह्वान किया गया।

    इनकी रही उपस्थिति 

    इस अवसर पर केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद, प्रति कुलपति प्रो. अंजू अग्रवाल, कुलसचिव अर्चना गहरवार, डीन पैरामेडिकल प्रो. के.के. सिंह, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. रश्मि कुशवाहा, विभागाध्यक्ष, रेस्पिरेटरी मेडिसिन एवं उपाध्यक्ष, नेशनल टीबी टास्क फोर्स प्रो. सूर्यकांत सहित केनरा बैंक, इंडियन बैंक एवं रोटरी क्लब ऑफ लखनऊ के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

  • सपा पर हमला, बोले- जिन्हें सैफई महोत्सव और बर्मिंघम की बग्घी से फुर्सत नहीं थी, वे कारीगरों और आत्मनिर्भरता के बारे में क्या सोचते

    सपा पर हमला, बोले- जिन्हें सैफई महोत्सव और बर्मिंघम की बग्घी से फुर्सत नहीं थी, वे कारीगरों और आत्मनिर्भरता के बारे में क्या सोचते

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्वकर्मा जयंती पर कारीगरों और हस्तशिल्पियों के सम्मान समारोह में पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था, जबकि प्रदेश के पास सबसे बड़ी आबादी, उर्वरा भूमि, भरपूर जल संसाधन और युवा जनशक्ति थी। मुख्यमंत्री ने कहा, बीमारू यूपी नहीं था, बीमारू तो यूपी को संचालित करने वाले राजनेताओं की मानसिकता थी, जो हमारे हस्तशिल्प और कारीगरों का अपमान करते थे।
     
    विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 और टूलकिट एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले परंपरागत कारीगर हताशा और निराशा के साये में जीने को मजबूर थे। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन व्यवस्था के अधिकारी और गुर्गे कारीगरों से वसूली करते और उनका शोषण करते थे।
     
    सैफई महोत्सव और बर्मिंघम की बग्घी पर हमला
    मुख्यमंत्री योगी ने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, जिन्हें सैफई में महोत्सव कराकर वहां मुंबई से लोगों को लाकर डांस कराने से फुर्सत न हो और बर्मिंघम की बग्घी लाकर अपना जन्मदिन मनाने से फुर्सत हो, वे कारीगरों के बारे में कब सोचते। वे स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के बारे में कब सोचते। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने कारीगरों के लिए योजना लागू की तो वे लोग हंसते थे।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से 2018 में उत्तर प्रदेश दिवस पर वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना लागू की गई। इसके बाद 2019 में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना शुरू की गई। इसका उद्देश्य परंपरागत कारीगरों को प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट और बैंक ऋण से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना था।
     
    कारीगर श्रमिक नहीं, उद्यमी बने
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा, हमारा कारीगर और हमारा हस्तशिल्पी श्रमिक न बने, बल्कि उद्यमी बने। उन्होंने कहा कि कारीगर रोज काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। इसलिए प्रशिक्षण के दौरान उसकी आय प्रभावित न हो, इसकी भी व्यवस्था की गई है।
     
    योजना के तहत 10 दिन का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान पांच हजार रुपये मानदेय और इसके बाद 15 हजार रुपये तक की आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराई जाती है। कारीगरों को बैंक से जोड़कर अपना उद्यम स्थापित करने में भी सहयोग दिया जा रहा है।
     
    कारीगरों को 10 लाख तक ब्याज और गारंटी मुक्त ऋण
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम युवा उद्यमी योजना में पांच लाख रुपये तक ब्याज और गारंटी मुक्त ऋण की सुविधा है। कारीगरों के लिए इसकी सीमा 10 लाख रुपये तक की गई है। इसमें 10 से 15 प्रतिशत तक मार्जिन मनी की भी व्यवस्था है। मुख्यमंत्री ने कहा, गारंटी हमारा कारीगर नहीं देगा, ब्याज भी वह नहीं देगा, ब्याज हम देंगे, बस उसको आप लोन दीजिए।
     
    उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि पूंजी की कमी किसी कारीगर के उद्यमी बनने की राह में बाधा न बने।
     
    अब 25 ट्रेड में प्रशिक्षण और सहयोग
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि योजना के पहले चरण में 16 ट्रेड लिए गए थे। इनमें बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची और धोबी जैसे पारंपरिक ट्रेड शामिल थे। अब मूर्तिकार, दुधिया, माला बनाने वाले माली, भड़भूजा और मछुआरा जैसे नए पारंपरिक ट्रेड भी जोड़े गए हैं।
     
    युवाओं की जरूरतों को देखते हुए मोबाइल रिपेयर, ऑटोमोबाइल रिपेयर, इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल उपकरणों की मरम्मत, प्लंबरिंग, कंप्यूटर रिपेयर, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी और ब्यूटी पार्लर जैसे आधुनिक ट्रेड को भी योजना में जगह दी गई है। अब कुल 25 ट्रेड में प्रशिक्षण और सहयोग दिया जाएगा।
     
    बॉटम फाइव से बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में यूपी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश देश के बॉटम फाइव राज्यों में आता था। आज देश की दो या तीन बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की चर्चा होती है तो उसमें उत्तर प्रदेश की भी गिनती होती है। उन्होंने कहा कि कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को सम्मान और सहयोग देने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 96 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयां स्थापित कराई गई हैं और इनमें 3.25 करोड़ लोग काम कर रहे हैं। प्रदेश अब देश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।
     
    ट्रेड शो में 12 से 15 हजार करोड़ के ऑर्डर की उम्मीद
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में यूपी ट्रेड शो आयोजित होगा। इसमें प्रदेश में बने उत्पादों को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। ट्रेड शो में 2,500 से अधिक प्रदर्शक और 650 से अधिक विदेशी खरीदार शामिल होंगे।
     
    उन्होंने उम्मीद जताई कि इस आयोजन से 12 हजार से 15 हजार करोड़ रुपये तक का कारोबार और ऑर्डर मिल सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका पैसा सीधे प्रदेश के कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों की जेब में जाएगा।
     
    छह लाख से अधिक कारीगरों को मिला लाभ
    एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और ओडीओपी के माध्यम से छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों और कारीगरों को लाभ मिला है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 में नए ट्रेड जोड़कर युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
     
    उन्होंने बताया कि प्लेज योजना के तहत 14 जिलों में 205.8 एकड़ से अधिक भूमि प्लेज पार्कों के लिए स्वीकृत की गई है। महिला उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज उपादान सहायता की व्यवस्था भी की गई है।

    टूलकिट बांटी, मार्जिन मनी ऋण पोर्टल शुरू
    मुख्यमंत्री योगी ने कार्यक्रम में विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण कर उत्पादों की जानकारी ली। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने उन्हें भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा भेंट की। मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर मार्जिन मनी ऋण पोर्टल का शुभारंभ भी किया।
     
    मुख्यमंत्री ने अयोध्या के श्रवण कुमार को हलवाई और रामतीर्थ को कुम्हार की टूलकिट दी। बाराबंकी की रमा जायसवाल व वंदना को दर्जी, उन्नाव के रणजीत को नाई, हरदोई के बाबूराम को मोची, कानपुर के शिवसेवक को लोहार, अवधेश को सुनार, रायबरेली के शाहिद को बढ़ई, इटावा के विजयपाल को राजमिस्त्री और लखनऊ के मनीष को धोबी के कार्य के लिए वाशिंग मशीन दी।
     
    प्रकाश साहू को हलवाई के लिए आठ लाख रुपये, राहुल कुमार को बढ़ई के लिए एक लाख, मुश्ताक को सैलून के लिए दो लाख और उन्नाव के रामबाबू व आनंद कुमार को बढ़ई के कार्य के लिए एक-एक लाख रुपये के ऋण के चेक दिए गए।
     
    कौशल विकास के लिए एमओयू का आदान-प्रदान
    कार्यक्रम में कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए विभिन्न संस्थानों के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल काउंसिल के डॉ. मोहित सोनी, इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया के माधवेंद्र सिंह, एनएसडीसी के सीईओ डॉ. कृष्ण कुमार, हैंडीक्राफ्ट एंड कार्पेट स्किल काउंसिल के विकास भारद्वाज, टाटा पावर के उदय प्रताप सिंह और उत्तर प्रदेश के आयुक्त एवं निदेशक उद्योग विजयेंद्र पांडयन के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया गया।

  • प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में आए सकारात्मक परिवर्तन पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन

    प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में आए सकारात्मक परिवर्तन पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन

    वाराणसी
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं सम्मेलन केंद्र में रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री सभी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी ‘जनसेवा से राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष’ का अवलोकन किया। रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री ने पीएम की कर्मभूमि वाराणसी से उनकी जन्मभूमि वडनगर जाने वाली ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ को झंडी दिखाकर रवाना किया। 250 बाइकों पर सवार 500 युवा इस यात्रा को पूरा करेंगे। यात्रा शुरू होने पर इन युवाओं पर पुष्पवर्षा की गई। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में आए सकारात्मक परिवर्तन पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने काशी के लोकप्रिय सांसद व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने बाबा विश्वनाथ, मां गंगा व मां अन्नपूर्णा से पीएम मोदी के स्वस्थ दीर्घायु जीवन की कामना के साथ प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर व विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने की प्रार्थना की।

    पीएम मोदी के सेवा संकल्प के 25 वर्ष
    सीएम ने इस वर्ष को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के सेवा संकल्प के 25 वर्ष 7 अक्टूबर 2026 को पूरे होने जा रहे हैं। 7 अक्टूबर 2001 को मोदी जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने बिना रुके, झुके, डिगे ‘चरैवेति-चरैवेति’ के मंत्र के साथ इस यात्रा को बढ़ाया। तप, परिश्रम, साधना के साथ प्रधानमंत्री के रूप में उनकी गौरवशाली यात्रा का दर्शन कर देशवासी नए भारत पर गौरव की अनुभूति कर रहे हैं। मोदी जी के नेतृत्व में सुरक्षित भारत अब दुनिया से आंख से आंख मिलाकर बात करता है।

    आज से दो यात्राओं का प्रारंभ
    सीएम योगी ने पीएम मोदी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज से दो यात्राएं प्रारंभ हो रही है। 75 वर्ष पहले मोदी जी का जन्म गुजरात के पौराणिक गांव वडनगर में हुआ था। गुजरात की पावन नदियों के जल को लेकर 25-25 बाइक पर वहां से 10 यात्राएं चलेंगी। इसी क्रम में यूपी की 10 पावन नदियों का जल लेकर काशी से 10 यात्राएं विभिन्न मार्गों से होते हुए वडनगर को प्रस्थान करेंगी। ये यात्राएं काशी व वडनगर के महत्व को 10 राज्यों तक पहुंचाएंगी। यूपी की पवित्र नदियों का जल वडनगर में भगवान हाटकेश्वर को अर्पित होगा और गुजरात की नदियों का जल बाबा विश्वनाथ को समर्पित होगा।

    सीएम ने युवाओं का किया अभिनंदन
    मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा के प्रतीक युवा इस यात्रा के सहभागी बने हैं। 20 दिन की बाइक यात्रा में समय देने वाले युवाओं का अभिनंदन करते हुए सीएम ने कहा कि ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ को बढ़ाने वाली इस यात्रा में युवाओं को प्रतिदिन 100 किलोमीटर की दूरी तय कर चार बड़े कार्यक्रमों से जुड़ना है। रोमांच से भरी इस यात्रा के जरिए युवाओं का अलग-अलग राज्यों में संवाद व सेवा के कार्यक्रमों से भी जुड़ाव होगा। आज से 7 अक्टूबर तक चलने वाली यह यात्रा हमेशा स्मरणीय रहेगी।

    पीएम की सेवा संकल्प यात्रा में सहभागी हैं भारतवासी
    सीएम ने कहा कि आज से 75 वर्ष पहले वडनगर से भी एक यात्रा प्रारंभ हुई थी। वहां के सामान्य परिवार में जन्म लेकर भारत के प्रधानमंत्री और विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता के रूप में मोदी जी की यात्रा देश-दुनियावासी देख रहे हैं। 25 वर्ष पहले सेवा की जो यात्रा मोदी जी ने गुजरात से प्रारंभ की थी, उसमें भारत का हर नागरिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहभागी रहा है।

    गांव, गरीब, नारी, युवा समेत सबके जीवन में बदलाव
    सीएम ने प्रधानमंत्री की 25 वर्ष की शानदार यात्रा में आए बदलाव की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि गांव अपनी बदलती कहानी को सुनाते हुए आत्मनिर्भर हो गए हैं। आजादी के बाद दशकों तक गरीबों को आवास नहीं मिला, लेकिन पीएम मोदी जी ने 12 वर्ष में 4 करोड़ लोगों को आवास उपलब्ध कराया। नारी गरिमा का जिक्र करते हुए सीएम ने परिवर्तन की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि घर में शौचालय न होने के कारण नारी को अंधेरा होने का इंतजार करना पड़ता था, किंतु आज 12 करोड़ घरों में बने शौचालय नारी गरिमा के प्रतीक हैं।

    गांव-गांव में इंटरनेट व बैंकिंग सेवा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी जी के 25 वर्ष के सेवा संकल्प की यह यात्रा बिना किसी सिफारिश, लेनदेन के योग्यतानुसार युवाओं को नौकरी मिलने की कहानी सुनाती है। यह यात्रा 11 करोड़ परिवारों में उज्जवला योजना के तहत हर माता के जीवन में आए बदलाव की कहानी भी सुना रही है। जिन गांवों ने आजादी के बाद दशकों तक बिजली नहीं देखी, अब वहां हर घर में दूधिया प्रकाश चमकता है। गांव-गांव में इंटरनेट व बैंकिंग सेवा मिल रही है। यह कहानी उस गरीब की भी है, जिसे पीएम मोदी ने अपने विजन से सामान्य परिवार के रूप में स्थापित करने के लिए स्वस्थ माहौल उपलब्ध कराया। इस यात्रा में आयुष्मान भारत के तहत वार्षिक स्वास्थ्य बीमा कवर के कारण 60 करोड़ लोगों के जीवन में आए बदलाव की कहानी भी है।

    *युवाओं के जीवन में भी आया परिवर्त

  • सत्ता के लिए व्याकुल हैं अखिलेश, मोदी-योगी का विकास नहीं दिख रहा… राजभर का सपा पर तीखा हमला

    सत्ता के लिए व्याकुल हैं अखिलेश, मोदी-योगी का विकास नहीं दिख रहा… राजभर का सपा पर तीखा हमला

    लखनऊ
    एक्सप्रेसवे, ऑनलाइन पेमेंट, वक्फ संपत्ति, सरकारी नौकरियों और कानून-व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने तीखा पलटवार किया। राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव सत्ता पाने के लिए व्याकुल हैं, इसलिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विकास के काम पसंद नहीं आ रहे। उन्होंने कहा कि सड़कें बनती हैं तो टूटती भी हैं और टूटने पर ठेकेदार उन्हें दोबारा बनाता है। अगर अखिलेश को सड़कों की चिंता है तो उन्हें अपने कार्यकाल की सड़कों को भी झांककर देखना चाहिए।

    ‘ऑनलाइन पेमेंट पर चुंगी की बात कर गुमराह कर रहे अखिलेश’
    ऑनलाइन पेमेंट पर चुंगी लगाए जाने के अखिलेश यादव के आरोप पर राजभर ने कहा कि उन्हें सही जानकारी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि 95 प्रतिशत लोगों पर इसका कोई भार नहीं है, जबकि 5 प्रतिशत सक्षम लोगों पर भार है। राजभर ने आरोप लगाया कि विपक्ष इसी तरह की बातों से लोगों को गुमराह कर रहा है।

    सीए-एनआरसी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इसके विरोध में विपक्षी दलों ने आंदोलन किया और दिल्ली का शाहीन बाग पूरे देश में चर्चा का विषय बना, लेकिन कानून लागू हुआ। राजभर ने दावा किया कि लागू होने के तीन साल से ज्यादा समय बाद भी एक भी मुसलमान देश से नहीं निकाला गया।

    ‘वक्फ की संपत्ति का हिसाब होने लगा तो विपक्ष परेशान’
    वक्फ बोर्ड की संपत्ति के मुद्दे पर राजभर ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कानून आने के बाद विपक्षी दल रोना-रोने लगे कि अब क्या होगा। उन्होंने कहा कि संपत्ति ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज होने के बाद चोरी नहीं की जा सकेगी।

    राजभर ने आरोप लगाया कि सपा, बसपा और कांग्रेस की सरकारों के दौरान वक्फ की करोड़ों की संपत्ति को हजारों में लेकर किसी ने होटल बनाया, किसी ने मॉल बनाया और किसी ने बेच दिया। उन्होंने कहा कि अब रिकॉर्ड दर्ज होने की व्यवस्था से ऐसे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

    ‘अखिलेश के कार्यकाल में नौकरी बिकती थी’
    सरकारी नौकरियों को लेकर अखिलेश यादव के दावों पर राजभर ने कहा कि उन्हें सही जानकारी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि योगी सरकार अपने कार्यकाल में 9.5 लाख से ज्यादा सरकारी नौकरियां दे चुकी है। वहीं, अखिलेश सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में नौकरियां बिकती थीं।

    राजभर ने दावा किया कि नौकरी का विज्ञापन निकलते ही शिवपाल यादव और उनके लोग सक्रिय हो जाते थे। उनके मुताबिक पांच, दस और पंद्रह लाख रुपये तक की बोली लगती थी। पैसा लेने के बाद सूची बनती थी, शिवपाल यादव सूची तैयार करते थे, अखिलेश यादव उस पर दस्तखत करते थे और संबंधित विभाग उसी सूची को जारी करता था।

    ‘नौकरियां बिना पैसे मिल रही हैं, इसलिए परेशान हैं’
    राजभर ने कहा कि अब योगी सरकार बिना पैसे के नौकरियां दे रही है, इसलिए अखिलेश यादव परेशान हैं। अखिलेश के सत्ता में आने पर नौकरी देने के दावे पर तंज कसते हुए उन्होंने पूछा, ‘कहां से देंगे, अपने घर से?’ उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश खुलकर नहीं कह पा रहे कि सरकार बनने पर अपनी जाति को नौकरी देंगे।

    राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने अपने पांच साल के कार्यकाल में अपनी बिरादरी को आगे बढ़ाने का काम किया और अब उन्हें चिंता है कि योगी सरकार नौकरियां देती गई तो सत्ता में लौटने पर उनके लोगों को नौकरी कैसे मिलेगी।

    ‘सपा सरकार में गुंडों की सरकार कही जाती थी’
    इबर और महिला अपराध को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर राजभर ने उन्हें अपने गिरेबान में झांकने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश सरकार को गुंडों की सरकार कहा जाता था। मुजफ्फरनगर दंगे का जिक्र करते हुए राजभर ने आरोप लगाया कि जब मुजफ्फरनगर जल रहा था और लोग मारे जा रहे थे, तब सैफई में नाच देखा जा रहा था।

    राजभर ने दावा किया कि सपा सरकार के दौरान एक हजार दंगे हुए, कर्फ्यू लगा और 1,200 लोगों की जान गई। उन्होंने कहा कि उस दौर में हर जिले में एक माफिया होता था, गैंगवार चलता था और लोग असलहे लहराते हुए सड़कों पर घूमते थे। राजभर ने सवाल किया कि क्या अखिलेश यादव उसी तरह का राज चाहते हैं। उन्होंने योगी सरकार को कानून के राज वाली सरकार बताते हुए कहा कि आज अपराध करने वाला 48 घंटे के भीतर जेल की सलाखों के पीछे पहुंच जाता है।

    ‘मंदिर भी बनाएंगे और मौलाना के साथ नमाज भी पढ़ेंगे?’
    अखिलेश यादव के मंदिर बनवाने के बयान पर भी राजभर ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो मंदिर बनवाने की बात करते हैं, वही मौलाना के साथ जाकर नमाज भी पढ़ते हैं। राजभर ने सवाल किया कि मंदिर बनाकर वहां पूजा भी करेंगे और टीका लगाकर नमाज पढ़ने भी जाएंगे?

  • दीपावली-छठ के लिए रेलवे ने कसी कमर, झांसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी स्पेशल ट्रेनें

    दीपावली-छठ के लिए रेलवे ने कसी कमर, झांसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर रुकेंगी स्पेशल ट्रेनें

    झाँसी 

    रेल प्रशासन द्वारा सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि रेलवे द्वारा दुर्गा पूजा, दीपावली एवं छठ पूजा के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इन विशेष ट्रेनों में झाँसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए संबंधित विवरण निम्नानुसार है।

    1. गाड़ी संख्या 01703/01704 जबलपुर–हरिद्वार–जबलपुर साप्ताहिक विशेष ट्रेन यह विशेष ट्रेन जबलपुर से प्रत्येक गुरुवार तथा हरिद्वार से प्रत्येक शुक्रवार चलेगी।
    संचालन अवधि: 01703 जबलपुर से 22 अक्टूबर 2026 से 19 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे तथा 01704 हरिद्वार से 23 अक्टूबर 2026 से 20 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे।

    2. गाड़ी संख्या 01707/01708 जबलपुर–नई दिल्ली/हज़रत निजामुद्दीन–जबलपुर साप्ताहिक विशेष ट्रेन यह विशेष ट्रेन जबलपुर से प्रत्येक शनिवार तथा हज़रत निजामुद्दीन से प्रत्येक रविवार चलेगी।

    संचालन अवधि: 01707 जबलपुर से 17 अक्टूबर 2026 से 14 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे तथा 01708 हज़रत निजामुद्दीन से 18 अक्टूबर 2026 से 15 नवम्बर 2026 तक 5 फेरे।

    यात्रियों के लिए अपील: यात्रा से पहले अपनी गाड़ी, तिथि एवं समय की पुष्टि कर लें तथा निर्धारित समय से पर्याप्त पहले स्टेशन पहुँचें।

    ट्रेन संख्या 01703/01704 – जबलपुर–हरिद्वार विशेष ट्रेन
    स्टेशन    01703 जबलपुर–हरिद्वार    01704 हरिद्वार–जबलपुर
        आगमन    प्रस्थान    आगमन    प्रस्थान
    जबलपुर    17.10    15.30    16.20    —
    कटनी मुरवारा    17.17    17.15    14.20    14.30
    दमोह    18.40    18.42    12.20    12.22
    सागर    19.50    19.55    11.15    11.20
    बीना मालखेड़ी    21.00    21.02    10.00    10.02
    अगासोद    —    21.45    —    08.30
    वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी    00.05    00.10    05.55    06.00
    ग्वालियर जंक्शन    02.15    02.20    04.20    04.25
    आगरा कैंट    04.20    04.25    01.40    01.45
    मितावली    —    05.40    —    00.30
    अलीगढ़ जंक्शन    07.03    07.05    23.15    23.17
    खुर्जा जंक्शन    08.00    08.02    22.05    22.07
    हापुड़    09.30    09.35    20.10    20.15
    मेरठ सिटी    10.30    10.35    19.30    19.35
    टपरी    —    12.10    —    17.15
    रुड़की    13.15    13.17    16.20    16.22
    हरिद्वार    14.20    —    —    15.10
    ट्रेन संख्या 01707/01708 – जबलपुर–नई दिल्ली साप्ताहिक विशेष ट्रेन
    स्टेशन    01707 जबलपुर–नई दिल्ली    01708 नई दिल्ली–जबलपुर

        आगमन    प्रस्थान    आगमन    प्रस्थान
    जबलपुर    —    20.20    09.30    —
    कटनी मुरवारा    21.35    21.40    06.10    06.15
    दमोह    22.55    22.57    04.40    04.42
    सागर    00.15    00.20    03.30    03.35
    अगासोद    —    03.00    —    02.30
    वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी    05.55    06.00    00.05    00.10
    ग्वालियर जंक्शन    07.30    07.35    22.40    22.45
    धौलपुर जंक्शन    08.50    08.52    21.45    21.47
    आगरा कैंट    09.35    09.40    20.30    20.35
    मथुरा जंक्शन    10.35    10.40    19.35    19.40
    कोसी कलां    11.10    11.12    17.15    17.17
    पलवल    —    13.20    —    16.42
    नई दिल्ली    14.25    —    —    15.45

    यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण अपील
    पटाखे साथ न लाएँ — सुरक्षित यात्रा अपनाएँ।
    ज्वलनशील वस्तुओं से दूरी रखें — स्वयं और दूसरों की सुरक्षा करें।
    कम सामान, सुखद सफर — आवश्यक सामान के साथ ही यात्रा करें

     

  • UP में सरकारी नौकरी का मौका, नागरिक सुरक्षा विभाग के 191 पदों पर होगी भर्ती

    UP में सरकारी नौकरी का मौका, नागरिक सुरक्षा विभाग के 191 पदों पर होगी भर्ती

    योगी सरकार नागरिक सुरक्षा विभाग के 191 पदों पर जल्द करेगी भर्ती

    – सबसे अधिक सहायक उप नियंत्रक के 104 पदों पर होगी भर्ती 
     
    – सहायक उप नियंत्रक, भंडार अधीक्षक-द्वितीय और स्टोरमैन के कुल 6 पदों पर होगी भर्ती

    सीएम योगी ने एक लाख नौकरियां उपलब्ध कराने का किया है ऐलान 

    लखनऊ
    योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिन पहले ही एक कार्यक्रम में 19 सितंबर से एक लाख नई नौकरी देने का ऐलान किया था। इसी क्रम में नागरिक सुरक्षा विभाग में छह अलग-अलग पदों पर कुल 191 रिक्तियों पर भर्ती की शुरू कर दी गयी है। इसमें सबसे अधिक सहायक उप नियंत्रक (सा.वे.) के 104 पद शामिल हैं। इसके अलावा भंडार अधीक्षक-द्वितीय, स्टोरमैन, आशुलिपिक, कनिष्ठ सहायक और डिस्पैच राइडर के पद भी शामिल हैं।

    मुख्यमंत्री ने एक लाख युवाओं को नौकरी उपलब्ध कराने का किया है ऐलान
    योगी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के युवाओं को साढ़े नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए हैं। वहीं प्रदेश के युवाओं को अगले छह माह में एक लाख नई नौकरी उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न विभागों को निर्देश दिये हैं। इसमें सबसे अधिक 77 हजार भर्तियां अकेले यूपी पुलिस और होमगार्ड विभाग में की जाएंगी। ऐसे में सीएम योगी के निर्देश पर नागरिक सुरक्षा विभाग में 191 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग में अलग-अलग जिम्मेदारियों वाले पदों पर नियुक्तियां होने से विभागीय कामकाज को भी मानव संसाधन का सहयोग मिलेगा। विभाग में सहायक उप नियंत्रक के 104, भंडार अधीक्षक-द्वितीय के 6, स्टोरमैन के 33, आशुलिपिक के 9, कनिष्ठ सहायक के 25 और डिस्पैच राइडर के 14 खाली पदों पर भर्ती की जाएगी।

    इनमें सहायक उप नियंत्रक के 104 पदों पर होगी भर्ती 
    नागरिक सुरक्षा विभाग की 191 रिक्तियों में अकेले 104 पद
    सहायक उप नियंत्रक के हैं। विभाग की ओर से जल्द ही इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। नागरिक सुरक्षा विभाग आपात परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा और सहायता से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करता है। ऐसे में विभाग में रिक्त पदों को भरने से उसके प्रशासनिक और मैदानी कार्यों के संचालन में अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध होगा। सहायक उप नियंत्रक के पद विभागीय स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़े हैं। वहीं भंडार अधीक्षक और स्टोरमैन के पद विभाग की सामग्री एवं भंडार व्यवस्था से संबंधित हैं। आशुलिपिक और कनिष्ठ सहायक कार्यालयी कार्यों के संचालन में सहयोग करेंगे जबकि डिस्पैच राइडर से जुड़े पद विभागीय दस्तावेजों और अन्य आवश्यक सामग्री के आवागमन जैसे कार्यों के लिए उपयोगी होंगे।