Category: उत्तर प्रदेश

  • मोदी के जन्म दिन के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र देकर किया उत्साहवर्धन

    मोदी के जन्म दिन के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र देकर किया उत्साहवर्धन

    मोदी के जन्म दिन के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र देकर किया उत्साहवर्धन

    लखनऊ
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत लखनऊ विश्वविद्यालय स्थित आरोग्य भवन में बलरामपुर चिकित्सालय द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी, पूर्व मंत्री नटवर गोयल एवं लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीरज बोरा ने रक्तदाताओं से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें प्रमाण पत्र वितरित किए।
    इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने रक्तदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि स्वस्थ, संवेदनशील एवं सशक्त समाज के निर्माण के लिए रक्तदान आवश्यक है। रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की सहायता की जा सकती है और यह सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
    विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि समाज के प्रत्येक स्वस्थ एवं सक्षम व्यक्ति को आगे आकर नियमित रूप से रक्तदान करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने लोगों से स्वयं रक्तदान करने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने की अपील की।
    शिविर में महानगर उपाध्यक्ष सौरभ वाल्मीकि, मंडल अध्यक्ष रमन निगम, विशाल गुप्ता, डॉ. अमिता कन्नौजिया, डॉ. मनीषा बैनर्जी एवं डॉ. अंकिता सिंह सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

  • यूपी की 136 ग्राम पंचायतों पर शिकंजा, सचिव और प्रधानों से वसूले जाएंगे ₹13 करोड़

    यूपी की 136 ग्राम पंचायतों पर शिकंजा, सचिव और प्रधानों से वसूले जाएंगे ₹13 करोड़

    अंबेडकरनगर
    यूपी के अंबेडकरनगर में गांवों में विकास कार्य के लिए शासन स्तर से दी गई धनराशि में ऑडिट के दौरान वित्तीय अनियमितता पकड़ी गई है। कहीं बिना कार्य कराए धन निकाल लिया गया है तो कहीं आधा अधूरा कार्य पर ही धनराशि में हेराफेरी की गई है। सत्यापन के बाद ऐसी 136 ग्राम पंचायतों से कुल 13 करोड़ रुपए की वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है। ग्राम पंचायत सचिव और प्रधानों पर ऐक्शन शुरू हो गया हे। जिला पंचायत राज अधिकारी ने आरोपित सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी किया गया है। जबकि ग्राम प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों के खिलाफ ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।

    ग्राम पंचायतों में विकास के बजट से कराए गए कार्यों की ऑडिट टीम के जांच दौरान अभिलेख न प्रस्तुत करने व कार्य के स्थलीय सत्यापन में अनियमितता पाई जाने पर आरोपित ग्राम पंचायत के प्रधान और सचिव से कुल 13 करोड़ 37 लाख 53 हजार 854 ररुपए की वसूली की जाएगी। इसमें जिलाधिकारी स्तर से आरसी का अनुमोदन होने के उपरान्त पंचायती राज विभाग ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय स्तर से तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी किया गया है। प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों से वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।

    कई रिटायर तो कई की मृत्यु भी हो चुकी
    यह अनियमितता वित्तीय वर्ष 211-12 से 2018-19 में ऑडिट के दौरान पायी गई थी। प्रकरण पुराना होने व विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी करने में विलम्ब होने के चलते कई सचिवों और ग्राम प्रधान की मृत्यु भी हो चुकी है। जबकि कई सचिव सेवानिवृत्त हो चुके हैं।अकबरपुर के सुबारपुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2012-13 में ऑडिट के दौरान तीन प्रकरणों में 1881760 रुपए की अनियमितता पायी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 940880 रुपए व तत्कालीन सचिव से 940880 रुपए की वसूली की जाएगी। 

    अकबरपुर नैली में वर्ष 2012-13 में ऑडिट के दौरान कुल 1163529 रुपए की अनियमिता पकड़ी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 581764 रुपए तथा तत्कालीन सचिव से 581764 रुपए की वसूली की जाएगी। वहीं रोशनगढ़ ग्राम पंचायत में वर्ष 2013-14 में दो प्रकरणों में 1648294 रुपए की अनियमिता पायी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 824147 व तत्कालीन सचिव से 824147 रुपए की वसूली की जाएगी। इसी तरह ऑडिट के दौरान विभिन्न वित्तीय वर्षों में जनपद की कुल 136 ग्राम पंचायतों में कुल 13 करोड़ 37 लाख 53 हजार 854 रुपए के गबन का मामला पकड़ा गया है।

    सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी
    इस बारे में डीपीआरओ उपेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि आरोपित सचिवों व ग्राम प्रधानों से धन के रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है। सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी हो गया है। ग्राम प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों से वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। गबन में जिन अरोपितों की मृत्यु हो चुकी है उनकी वसूली संभव नहीं होगी।

  • UP चुनाव से पहले BJP-RSS की रणनीति पर मंथन, तावड़े संगठन की चुनौतियों और नाराजगी का लेंगे फीडबैक

    UP चुनाव से पहले BJP-RSS की रणनीति पर मंथन, तावड़े संगठन की चुनौतियों और नाराजगी का लेंगे फीडबैक

     लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की फतह की स्क्रिप्ट लिखने में आरएसएस और बीजेपी जुट गई हैं. बीजेपी राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष और प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के यूपी प्रवास और दौरों के बीच आरएसएस के साथ तीन स्थानों पर बैठकों की रूपरेखा बनाई गई है. संघ-भाजपा के बीच समन्वय बनाने का दायित्व निभाने वाले राष्ट्रीय सह सरकार्यवाह अरुण कुमार इन बैठकों में मौजूद रहेंगे. इस तरह यूपी में जो इलाके कमजोर हैं, उन्हें बीजेपी-आरएसएस मिलकर दुरुस्त करने का प्लान बनाएंगे। 

    मिशन-2027 को लेकर बीएल संतोष और विनोद तावड़े लखनऊ के दौरे पर पहुंचे हैं. इस बार वे राजधानी के दायरे से बाहर निकलकर यूपी के अलग-अलग इलाकों में जाकर सियासी नब्ज टटोलेंगे, जिसके लिए लखनऊ-उन्नाव रोड पर बीजेपी और संघ की समन्वय बैठक चल रही है. इस बैठक में बीजेपी की सत्ता की हैट्रिक का खाका खींचा जा रहा है। 

    विनोद तावड़े लखनऊ में हैं और अगले कुछ दिनों तक यूपी में डेरा डाले रखेंगे. इस दौरान वे सबसे पहले गोरक्ष क्षेत्र के गोरखपुर और काशी क्षेत्र के प्रयागराज में बैठक करेंगे. इसके बाद अवध क्षेत्र के अयोध्या में बैठक करने के बाद दूसरे राउंड में कानपुर, ब्रज और पश्चिम क्षेत्र की सियासी नब्ज समझने के लिए महामंथन करेंगे। 

    संघ-बीजेपी मिलकर लिख रहे 2027 की स्क्रिप्ट
    2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और आरएसएस दोनों ही एक्टिव हो गए हैं. लखनऊ-उन्नाव रोड पर संघ-बीजेपी और सरकार की समन्वय बैठक चल रही है, जिसमें बीएल संतोष और विनोद तावड़े सहित संघ के राष्ट्रीय सह सरकार्यवाह अरुण कुमार मौजूद हैं. इसके अलावा बीजेपी के सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार के दो मंत्री भी मौजूद हैं. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह भी पहुंचे हैं। 

    संघ-बीजेपी की यह ब्रेनस्टॉर्मिंग मीटिंग 2027 चुनाव की जमीनी तैयारी को लेकर है. संघ, सरकार और संगठन जमीनी स्तर पर किस तरीके से समन्वय के साथ काम करें, जमीनी मुद्दे और खासकर जो नाराजगी इस वक्त उपजी हुई है, उससे निपटने की रणनीति को लेकर यह बैठक है। 

    यूपी में बीजेपी के सामने फिलहाल, जहां जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन के बीच आंतरिक विरोध खत्म करने की चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ धार्मिक कार्यक्रमों, जनसंख्या असंतुलन, घुसपैठ, हिंदुत्व, पीडीए और ध्रुवीकरण समेत कई विषयों पर पार्टी नए सिरे से एजेंडा तय करने की तैयारी में है. बैठकों में संघ से विभाग, प्रांत व क्षेत्र प्रचारक भी रहेंगे। 

    अवध से पूर्वांचल तक समझेंगे सियासी नब्ज
    बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को 18 अगस्त को उत्तर प्रदेश के प्रभारी की कमान सौंपी गई थी. उसके बाद से उनका यह प्रदेश का तीसरा दौरा है. पहली बार उन्होंने लखनऊ में पदाधिकारियों संग बैठक कर फीडबैक लिया था. दूसरी बार राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष संग लखनऊ आए थे और कानपुर का भी दौरा किया था. इस बार वह अवध और पूर्वांचल में सियासी माहौल परखने का काम करेंगे। 

    विनोद तावड़े अब यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा करेंगे. इस दौरान वे क्षेत्र से लेकर जिला स्तर तक के कार्यकर्ताओं संग बैठकें करेंगे. साथ ही वे पार्टी की चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे और नाराजगी दूर करने की कवायद करेंगे. तावड़े यूपी में प्रयागराज से लेकर गोरखपुर और अयोध्या तक मंथन करेंगे. इस फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति तैयार करेंगे। 

    गोरखपुर से अयोध्या तक तावड़े करेंगे मंथन
    विनोद तावड़े यूपी में अपने अभियान का आगाज गोरखपुर क्षेत्र से कर रहे हैं. 17 और 18 सितंबर तक तावड़े गोरखपुर में रहेंगे, जहां वे गोरखपुर क्षेत्र की बैठक करेंगे. उसके बाद अवध क्षेत्र की बैठक के लिए 19 और 20 सितंबर को अयोध्या जाएंगे. इसके बाद वे काशी क्षेत्र की बैठक प्रयागराज में 21 और 22 सितंबर के बीच करेंगे। 

    विनोद तावड़े के इस दौरे का मुख्य मकसद है कि प्रदेश के सियासी माहौल को समझकर आगे की दिशा तय की जाए. इसमें अपनी पार्टी के साथ ही विपक्षियों के कमजोर और मजबूत पक्ष को भी समझने की कोशिश होगी. संगठन, सरकार के कामकाज, प्रत्याशियों की स्थिति और संभावित प्रत्याशियों को लेकर लोगों की राय लेंगे. इस राय के आधार पर वह आगे की चुनावी रणनीति तैयार करेंगे. इससे चुनाव के लिए बेहतर रोडमैप तैयार किया जा सकेगा। 

    संघ, सरकार और संगठन का तालमेल

    यूपी में इन तीनों ही जगहों पर अब संघ और भाजपा के बीच समन्वय बैठकें भी साथ चलेंगी. रणनीतिकारों का कहना है कि चुनाव से पहले संघ और भाजपा के शीर्ष पदाधिकारी साथ बैठकर अनुकूल वातावरण बनाने का प्रयास करेंगे. विनोद तावड़े और संघ की तरफ से अरुण कुमार क्षेत्रीय पदाधिकारियों के अलावा जिलाध्यक्षों और प्रभारियों के साथ भी बैठकें करेंगे। 

    क्षेत्रीय बैठकों में निचले स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर उनका जोर होगा. क्षेत्र की विभिन्न विधानसभा सीटों पर पार्टी के मजबूत और कमजोर पक्ष पर फीडबैक लेंगे. मौजूदा विधायकों के कामकाज के साथ ही संभावित प्रत्याशियों पर भी चर्चा करेंगे. कई विधायकों, मंत्रियों व सांसदों को लेकर संघ के पास नकारात्मक फीडबैक है, जिसे समन्वय बैठकों में उठाया जाएगा। 

    पश्चिम और काशी क्षेत्र में 71-71, ब्रज में 65, अवध में 82, कानपुर में 52 और गोरखपुर क्षेत्र में 62 विधानसभा सीटें हैं, जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में 2022 की तुलना में बीजेपी की सीटें घटी हैं. अयोध्या और काशी के बाद अब पार्टी मथुरा-वृंदावन और संभल से हिंदुत्व के एजेंडे को रणनीति पर धार दे रही है. वहीं जातिवाद, क्षेत्रवाद, मतांतरण व ध्रुवीकरण के साइड इफेक्ट से बचने के लिए संघ द्वारा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाने का। खाका खींचा जा रहा है.

     

     

  • विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से कामगारों को नई उड़ान, स्वरोजगार के लिए मिली आर्थिक मदद

    विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से कामगारों को नई उड़ान, स्वरोजगार के लिए मिली आर्थिक मदद

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला 2026 तथा टूलकिट एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए चेक और विभिन्न जिलों के कामगारों को टूलकिट वितरित किए। मुख्यमंत्री के हाथों आर्थिक सहायता और कामकाज के उपकरण पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे। कामगारों ने योगी सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इनसे उन्हें अपना काम आगे बढ़ाने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिल रही है।

    लखनऊ के आलमबाग निवासी मोहम्मद मुश्ताक को सैलून के काम के लिए दो लाख रुपये का चेक मिला। वह पिछले 25 वर्षों से सैलून का काम कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। मुश्ताक ने कहा कि पिछली सरकारों में उन्हें कभी इस तरह की टूलकिट नहीं मिली थी। आज मुख्यमंत्री के हाथों सहायता पाकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है।
    कानपुर निवासी अवधेश को सुनार की टूलकिट मिली। करीब 20 वर्षों से सोने के आभूषण बनाने का काम कर रहे अवधेश ने मुख्यमंत्री से टूलकिट पाकर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि वह खुद को धन्य मानते हैं।

    महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा

    बाराबंकी की वंदना और रमा जायसवाल को सिलाई मशीन मिली। सिलाई का कोर्स कर चुकीं वंदना ने बताया कि वह सिलाई के जरिए अपने परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं। मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें बहुत प्रसन्नता हुई। वहीं रमा जायसवाल ने बताया कि उन्होंने टूलकिट के लिए आवेदन किया था। सिलाई का काम करने के साथ वह घर की जिम्मेदारियां भी संभालती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि योगी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। पिछली सरकार और वर्तमान सरकार में काफी अंतर है। 

    युवाओं को रोजगार से जोड़ रहीं योजनाएं

    कारपेंटर का काम करने वाले राहुल शर्मा को एक लाख रुपये का चेक मिला। वह पिछले आठ वर्षों से इस पेशे में काम कर रहे हैं। राहुल ने कहा कि योगी सरकार आने के बाद से उन्हें कई बार आर्थिक सहायता, टूलकिट और प्रशिक्षण का लाभ मिल चुका है। एक लाख रुपये से उन्हें अपने काम के लिए जरूरी औजार खरीदने में मदद मिलेगी। उन्होंने ऐसी योजनाएं आगे भी जारी रखने की अपील की, ताकि युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।

    उन्नाव निवासी आनंद कुमार को भी बढ़ई के काम के लिए एक लाख रुपये का चेक मिला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। पिछली सरकारों में निम्न आय वर्ग के लोगों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता था, जबकि अब उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

    कुम्हारों को भी मिला संबल

    कार्यक्रम में अयोध्या निवासी राम को कुम्हार के काम के लिए टूलकिट प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय उन्हें किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला था, लेकिन अब उन्हें योजनाओं का लाभ मिल रहा है। राम ने योगी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वजह से भाजपा से जुड़े हैं और आगे भी जुड़े रहेंगे।

  • डिप्टी CM केशव मौर्य का सख्त संदेश, लापरवाह और अनुशासनहीन अफसरों पर जारी रहेगा एक्शन

    डिप्टी CM केशव मौर्य का सख्त संदेश, लापरवाह और अनुशासनहीन अफसरों पर जारी रहेगा एक्शन

    लखनऊ
     यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लापरवाह अफसरों पर ऐक्शन शुरू कर दिया है। डिप्टी सीएम ने गुरुवार को सुल्तानपुर के परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं। यह कार्रवाई शासकीय पद की गरिमा के विपरीत आचरण, अधीनस्थ कार्मिकों के साथ आपत्तिजनक व्यवहार के चलते की गई है।

    डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अशोक कुमार सिंह के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली, 1999 के नियम-7 के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनहित एवं जनसेवा है। शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनता को समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध जारी रहेगी कार्रवाई
    उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जनसेवा से विमुखता, शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। सुलतानपुर के परियोजना निदेशक का निलंबन इसी नीति के तहत की गई कार्रवाई का एक उदाहरण है। डिप्टी सीएम ने कहा, शासकीय कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता तथा पदीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

    अपनी हंसी न उड़वाएं अखिलेश यादव
    वहीं दूसरी ओर आजमगढ़ पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, सपा अध्यक्ष कानून व्यवस्था पर बात न करें। वह कानून व्यवस्था पर सवाल उठाएंगे तो प्रदेश की जनता उन पर हंसेगी। उनकी सरकार में नकल, भू माफिया और अपराधियों को संरक्षण दिया जाता था। भाजपा के गोरखपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय के बरदह थाना क्षेत्र के जिवली स्थित आवास पर बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश की जनता को यह बताने की जरूरत नहीं है कि अखिलेश यादव और उनके परिवार के लोग क्या करते थे। ऐसे में सपा अध्यक्ष को अपनी हंसी उड़ाने का काम नहीं करना चाहिए। वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है। जो भी अपराध करेगा, कानून अपना काम करेगा।

     

  • श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए 160 विशेष बसें और 50 पार्किंग स्थल तैयार

    श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए 160 विशेष बसें और 50 पार्किंग स्थल तैयार

    मथुरा/बरसाना

     ब्रज के प्रमुख पर्वों में से एक श्री राधा अष्टमी पर्व को लेकर योगी सरकार ने बरसाना में व्यापक तैयारियां की हैं। आगामी 19 सितंबर 2026 (शनिवार) को बरसाना स्थित प्रसिद्ध श्री लाडली जी मंदिर में राधा रानी का जन्मोत्सव पूरी भव्यता और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर श्री जी का विशेष अभिषेक और कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। पर्व में लगभग 25 लाख श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था की है।

    7 जोन और 20 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र
    भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिहाज से पूरे बरसाना मेला क्षेत्र को 7 जोन और 20 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। चप्पे- चप्पे पर नजर रखने के लिए लगभग 3 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें 8 अपर पुलिस अधीक्षक, 38 पुलिस उपाधीक्षक, 75 निरीक्षक, 320 उप निरीक्षक, 68 महिला उप निरीक्षक, पीएसी की 2 कंपनी और पीएसी फ्लड की 2 प्लाटून शामिल हैं। इसके अलावा 155 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए पूरे मेला क्षेत्र की सघन निगरानी की जाएगी। श्रद्धालुओं की मदद के लिए 2 खोया- पाया केंद्र और 6 वॉच टावर भी स्थापित किए गए हैं।

    यातायात और सुगम दर्शन के लिए विशेष प्रबंध
    श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई असुविधा न हो, इसके लिए भारी वाहनों का रूट डायवर्जन लागू किया गया है। उ.प्र.राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपी रोडवेज) द्वारा 160 विशेष बसें चलाई जाएंगी, जबकि 40 बसों को रिजर्व रखा गया है। प्रत्येक बस पर दो- दो चालकों की ड्यूटी लगाई गई है। बरसाना में एक अस्थायी बस स्टैंड भी बनाया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 38 होल्डिंग एरिया, 50 पार्किंग स्थल, 88 बैरियर, 14 बैरिकेडिंग और 7 स्थानों पर जूता-घर की व्यवस्था की गई है।

    स्वास्थ्य, स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त मेले पर जोर
    स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेला क्षेत्र में 12 मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। आपात स्थिति के लिए बाइक एंबुलेंस, नियमित दूरी पर एंबुलेंस और एंटी-वेनम दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मेला क्षेत्र में उत्कृष्ट साफ- सफाई और पूरी तरह 'प्लास्टिक मुक्त' बनाने की व्यवस्था की गई है। भंडारा संचालकों को भी नियमित कूड़ा उठान और कूड़ादान रखने की हिदायत दी गई है।

    रोशनी से जगमग हुआ बरसाना 
    सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने, निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा सुरक्षा के लिहाज से ट्रांसफार्मर और पोल की प्लास्टिक रैपिंग करने का कार्य किया गया है। मथुरा- वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) द्वारा फसाड लाइटिंग, वॉल पेंटिंग और कपड़ों की सजावट से पूरे बरसाना को एक नव्य-भव्य रूप दिया गया है। वहीं खाद्य सुरक्षा मथुरा/बरसाना

     ब्रज के प्रमुख पर्वों में से एक श्री राधा अष्टमी पर्व को लेकर योगी सरकार ने बरसाना में व्यापक तैयारियां की हैं। आगामी 19 सितंबर 2026 (शनिवार) को बरसाना स्थित प्रसिद्ध श्री लाडली जी मंदिर में राधा रानी का जन्मोत्सव पूरी भव्यता और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर श्री जी का विशेष अभिषेक और कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। पर्व में लगभग 25 लाख श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था की है।

    7 जोन और 20 सेक्टरों में बंटा मेला क्षेत्र

    भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिहाज से पूरे बरसाना मेला क्षेत्र को 7 जोन और 20 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। चप्पे- चप्पे पर नजर रखने के लिए लगभग 3 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें 8 अपर पुलिस अधीक्षक, 38 पुलिस उपाधीक्षक, 75 निरीक्षक, 320 उप निरीक्षक, 68 महिला उप निरीक्षक, पीएसी की 2 कंपनी और पीएसी फ्लड की 2 प्लाटून शामिल हैं। इसके अलावा 155 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए पूरे मेला क्षेत्र की सघन निगरानी की जाएगी। श्रद्धालुओं की मदद के लिए 2 खोया- पाया केंद्र और 6 वॉच टावर भी स्थापित किए गए हैं।

    यातायात और सुगम दर्शन के लिए विशेष प्रबंध

    श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई असुविधा न हो, इसके लिए भारी वाहनों का रूट डायवर्जन लागू किया गया है। उ.प्र.राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपी रोडवेज) द्वारा 160 विशेष बसें चलाई जाएंगी, जबकि 40 बसों को रिजर्व रखा गया है। प्रत्येक बस पर दो- दो चालकों की ड्यूटी लगाई गई है। बरसाना में एक अस्थायी बस स्टैंड भी बनाया गया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 38 होल्डिंग एरिया, 50 पार्किंग स्थल, 88 बैरियर, 14 बैरिकेडिंग और 7 स्थानों पर जूता-घर की व्यवस्था की गई है।

    स्वास्थ्य, स्वच्छता और प्लास्टिक मुक्त मेले पर जोर

    स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेला क्षेत्र में 12 मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे। आपात स्थिति के लिए बाइक एंबुलेंस, नियमित दूरी पर एंबुलेंस और एंटी-वेनम दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। मेला क्षेत्र में उत्कृष्ट साफ- सफाई और पूरी तरह 'प्लास्टिक मुक्त' बनाने की व्यवस्था की गई है। भंडारा संचालकों को भी नियमित कूड़ा उठान और कूड़ादान रखने की हिदायत दी गई है।

    रोशनी से जगमग हुआ बरसाना 
    सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने, निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा सुरक्षा के लिहाज से ट्रांसफार्मर और पोल की प्लास्टिक रैपिंग करने का कार्य किया गया है। मथुरा- वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) द्वारा फसाड लाइटिंग, वॉल पेंटिंग और कपड़ों की सजावट से पूरे बरसाना को एक नव्य-भव्य रूप दिया गया है। वहीं खाद्य सुरक्षा विभाग भी मिलावटखोरों पर नकेल कसने के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।  

    स्थानीय निवासियों को भी मिलेंगे दर्शन के पास: जिलाधिकारी
    जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि 19 सितंबर को श्री राधा अष्टमी पर्व को बरसाना में अत्यंत दिव्य, भव्य और धूमधाम से मनाया जाएगा। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि बरसाना आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधाएं मिलें और वे बिना किसी परेशानी के सुगमता के साथ श्रीजी के दर्शन कर सकें। इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। बाहरी श्रद्धालुओं के साथ- साथ इस बार बरसाना के स्थानीय निवासियों की सहूलियत का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। स्थानीय लोग भी इस पावन अवसर पर अपने आराध्य श्रीजी (श्री राधारानी जी) के दर्शन कर सकें, इसके लिए उन्हें प्रशासन की ओर से विशेष पास जारी किए गए हैं, ताकि उन्हें भीड़भाड़ में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

      

    स्थानीय निवासियों को भी मिलेंगे दर्शन के पास: जिलाधिकारी
    जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने कहा कि 19 सितंबर को श्री राधा अष्टमी पर्व को बरसाना में अत्यंत दिव्य, भव्य और धूमधाम से मनाया जाएगा। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है कि बरसाना आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को हर संभव सुविधाएं मिलें और वे बिना किसी परेशानी के सुगमता के साथ श्रीजी के दर्शन कर सकें। इसके लिए प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। बाहरी श्रद्धालुओं के साथ- साथ इस बार बरसाना के स्थानीय निवासियों की सहूलियत का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। स्थानीय लोग भी इस पावन अवसर पर अपने आराध्य श्रीजी (श्री राधारानी जी) के दर्शन कर सकें, इसके लिए उन्हें प्रशासन की ओर से विशेष पास जारी किए गए हैं, ताकि उन्हें भीड़भाड़ में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

  • विश्वकर्मा जयंती पर बोले CM योगी, यूपी में 3 करोड़ से अधिक लोग शिल्प-कौशल से रोजगार से जुड़े

    विश्वकर्मा जयंती पर बोले CM योगी, यूपी में 3 करोड़ से अधिक लोग शिल्प-कौशल से रोजगार से जुड़े

    लखनऊ
    भगवान विश्वकर्मा की पावन जयंती पर शिल्पकारों-कारीगरों सहित समस्त प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो देश शिल्पकारों व कारीगरों को सम्मान देता है, वही आगे बढ़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने इसी भावना को अपनाकर पीएम विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का प्लेटफार्म दिया है। उन्होंने शिल्प व कारीगरी को आधुनिक तकनीक और नए बाजार से जोड़कर शिल्पकारों-कारीगरों को समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ाया है। सीएम योगी गुरुवार सुबह जटाशंकर स्थित श्री विश्वकर्मा पंचायत मंदिर में आयोजित श्री विश्वकर्मा पूजनोत्सव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    विश्वकर्मा मंदिर में सीएम योगी ने पूजा की
    मंदिर में भगवान विश्वकर्मा की विधि विधान से आराधना करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राजमिस्त्री, बढ़ई, हलवाई, सोनार का काम करने वालों सहित कारीगरी के तमाम पेशे से जुड़े लोगों के लिए उनकी शिल्प कला ही स्वावलंबन का आधार थी। पर, यह हुनर, शिल्प-कारीगरी आजादी के बाद दशकों तक उपेक्षा का शिकार रही। पीएम मोदी जी के मार्गदर्शन में पहली बार डबल इंजन सरकार ने शिल्पकारों-कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट और रोजगार के विभिन्न आयामों के साथ जोड़कर उन्हें आगे बढ़ाया है। डबल इंजन सरकार के प्रोत्साहन से यूपी में आज तीन करोड़ से अधिक लोग कारीगरी, शिल्प से जुड़कर रोजगार और स्वावलंबन की राह पर सफलतापूर्वक आगे बढ़े हैं।

    भगवान विश्वकर्मा सृष्टि और PM मोदी नए भारत के शिल्पी- योगी
    सीएम योगी ने कहा कि आज का दिन अत्यंत पवित्र है। आज सृष्टि के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती है तो साथ ही आज नए भारत के शिल्पी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन भी है। आज हर कारीगर, शिल्पी जिसके पास कोई विशिष्ट शिल्प है, वह पूजन के जरिये सृष्टि के शिल्पी प्रभु विश्वकर्मा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहा है। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी के सुदीर्घ स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा, ‘गुरु गोरखनाथ की पावन धरा से भगवान विश्वकर्मा के मंदिर में सृष्टि के शिल्पी के श्रीचरणों में नमन करते हुए मैं यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन पर प्रदेशवासियों की तरफ से हृदय से बधाई देता हूं। यह प्रार्थना है कि लंबे समय तक उनका मार्गदर्शन प्राप्त होता रहे और उनकी विकसित भारत की परिकल्पना साकार हो।’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री विश्वकर्मा पूजनोत्सव पुस्तक का विमोचन भी किया।

    मंदिर समिति के अध्यक्ष ने सीएम का स्वागत किया
    मुख्यमंत्री का स्वागत श्री विश्वकर्मा पंचायत मंदिर समिति के अध्यक्ष दयानंद शर्मा ने किया। इस अवसर पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, प्रदेश महामंत्री अभिजात मिश्रा, क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय, महानगर अध्यक्ष रमेश प्रताप गुप्ता, स्थानीय पार्षद छट्ठीलाल गुप्ता, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास, श्री विश्वकर्मा पंचायत मंदिर समिति से जुड़े जयप्रकाश शर्मा, अनूप शर्मा, अजय विश्वकर्मा सहित बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही।

  • सीएम बोले- पहले कारीगर उद्यमी था, बाजार-बैंक और तकनीक से दूर होने के कारण श्रमिक बनने को मजबूर हुआ

    सीएम बोले- पहले कारीगर उद्यमी था, बाजार-बैंक और तकनीक से दूर होने के कारण श्रमिक बनने को मजबूर हुआ

    लखनऊ 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026 के अवसर पर प्रदर्शनी एवं मार्जिन मनी ऋण पोर्टल का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि जब सरकारों को सैफई में महोत्सव आयोजित कर मुंबई से डांस कराने और बर्मिंघम की बग्गी लाकर अपना जन्मदिन मनाने से फुर्सत न हो, तब कारीगरों के बारे में सोचने का समय कहां से आता। उन्होंने कहा कि तब स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के बारे में सोचने की भी फुर्सत नहीं थी। हमारी सरकार ने परंपरागत कारीगरों के हुनर को सम्मान देने और उसे बाजार की आवश्यकता से जोड़ने का काम किया। वर्ष 2018 में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना लागू की गई और वर्ष 2019 में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना शुरू की गई।

    छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों और कारीगरों को प्रदान की टूलकिट 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की जयंती और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस का यह अवसर अत्यंत महत्वपूर्ण है। कारीगरों और हस्तशिल्पियों के सम्मान का यह कार्यक्रम नए भारत के शिल्पी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वकर्मा से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन दिया। उत्तर प्रदेश में 2019 से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों और हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण, टूलकिट तथा स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। पिछले सात-आठ वर्षों में छह लाख से अधिक हस्तशिल्पियों और कारीगरों को टूलकिट उपलब्ध कराने के साथ प्रशिक्षण दिया गया है और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया गया है।

    भगवान विश्वकर्मा के मानस प्रतिनिधि हैं हमारे कारीगर

    मुख्यमंत्री ने भगवान विश्वकर्मा के शिल्प और उनकी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि अपनी अद्भुत शिल्पकला से भगवान विश्वकर्मा ने समाज के कल्याण में योगदान दिया। भगवान शिव का त्रिशूल, इंद्र का वज्र और श्रीकृष्ण का सुदर्शन चक्र भी भगवान विश्वकर्मा की शिल्पकला से जुड़े उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई उद्योग या कारीगरी का क्षेत्र नहीं होगा, जहां विश्वकर्मा पूजन की परंपरा न रही हो। उन्होंने रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जब भगवान राम को लंका पर चढ़ाई करनी थी, तब समुद्र पर सेतु का निर्माण करने वाले नल और नील भगवान विश्वकर्मा के मानस पुत्र माने जाते हैं। सौ योजन समुद्र में बिना पिलर के सेतु का निर्माण कुछ ही दिनों में पूरा होना उस समय की अद्भुत कारीगरी और शिल्पकला को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा के उन्हीं मानस प्रतिनिधियों के रूप में आज हमारे कारीगर और हस्तशिल्पी समाज के सामने हैं।

    पहले कारीगर उद्यमी था, फिर श्रमिक बनने को मजबूर हुआ

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत उस समय दुनिया में विकसित था, जब भारत का कारीगर उद्यमी था और हस्तशिल्पी आत्मनिर्भर था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने गरीबी और पैसे का हवाला देकर कारीगरों को सुविधाओं से वंचित रखा। उनके पास हुनर और कारीगरी थी, लेकिन बाजार उनसे दूर कर दिया गया। बैंकिंग व्यवस्था से उन्हें दूर रखा गया और डिजाइन तथा तकनीक की बदलती मांग के अनुरूप उन्हें आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम यह हुआ कि जो कारीगर कभी उद्यमी हुआ करता था, वह श्रमिक बनने और बदहाली में जीवन जीने को मजबूर हो गया। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री का दायित्व मिलने पर उन्होंने प्रदेश के कारीगरों की स्थिति को लेकर चिंता जताई। उस समय हस्तशिल्पी और कारीगर हताश और निराश थे तथा पलायन कर रहे थे। जिनके परिश्रम से प्रदेश में रौनक और रोजगार का सृजन होता था, वही कारीगर कथित बीमारी, भ्रष्टाचार और अराजकता के कारण प्रदेश से बाहर जाने को मजबूर थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थिति यह थी कि कारीगरों के हित में काम करने के बजाय लोग कारीगरों से वसूली और उनका शोषण करते थे।

    प्रशिक्षण के साथ मानदेय और टूलकिट भी

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह समझा कि बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची और धोबी जैसे परंपरागत कार्य करने वाले लोग रोजाना मेहनत कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। यदि उन्हें प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा तो प्रशिक्षण अवधि में उनके परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें कैसे पूरी होंगी। इसलिए सरकार ने केवल प्रशिक्षण देने के बजाय प्रशिक्षण के साथ मानदेय, प्रशिक्षण पूरा होने पर टूलकिट और उसके बाद बैंक से जोड़ने की व्यवस्था की। उन्होंने बताया कि योजना के तहत 10 दिन का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है और प्रशिक्षण के दौरान ₹5,000 का मानदेय उपलब्ध कराया जाता है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ₹15,000 तक की टूलकिट दी जाती है। इसका उद्देश्य पारंपरिक हुनर को आज की बाजार और समाज की मांग के अनुरूप विकसित करना है।

    16 से बढ़कर 25 ट्रेड, परंपरागत कारीगरों के साथ युवाओं को भी अवसर

    मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के पहले चरण में 16 ट्रेड शामिल किए गए थे। इनमें 11 पारंपरिक ट्रेड-बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची और धोबी थे। अब सरकार ने पांच नए पारंपरिक ट्रेड भी जोड़े हैं। इनमें मूर्तिकार, दूधिया, माला बनाने वाला माली, भड़भूजा और मछुआरा शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन पारंपरिक कार्यों से समाज का पेट भरता रहा, उनके करने वालों को लंबे समय तक पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। सरकार ने अब ऐसे लोगों के साथ खड़े होकर उन्हें आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके अलावा युवाओं की रुचि और आज की जरूरतों को देखते हुए मोबाइल रिपेयर, ऑटोमोबाइल रिपेयर, इलेक्ट्रॉनिक आइटम की मरम्मत, विद्युत उपकरणों का रिपेयर, प्लंबिंग, कंप्यूटर रिपेयर, सोलर इंस्टॉलेशन, डिजिटल फोटोग्राफी और ब्यूटी पार्लर जैसे ट्रेड भी जोड़े गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा अपनी रुचि के अनुसार किसी भी ट्रेड में जा सकता है। इन 25 ट्रेड का मूल उद्देश्य एक ही है कि कारीगर और हस्तशिल्पी श्रमिक न बने, बल्कि उद्यमी बने।

    ₹10 लाख तक ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त ऋण

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कारीगर को उद्यमी बनाने की प्रक्रिया में प्रशिक्षण और टूलकिट के साथ बैंक से जोड़ना भी जरूरी है। सीएम युवा उद्यमी योजना में युवाओं को ₹5 लाख तक का ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त ऋण दिया जा रहा है, जबकि कारीगरों के लिए इसकी सीमा ₹10 लाख तक की गई है। इसमें ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त ऋण के साथ 10 से 15 प्रतिशत तक मार्जिन मनी की व्यवस्था भी है। उन्होंने कहा कि सरकार कारीगर के साथ मजबूती से खड़ी है। कारीगर को ऋण के लिए गारंटी देने की जरूरत नहीं है और ब्याज का भार भी सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि बैंक कारीगर को ऋण उपलब्ध कराएं, सरकार ब्याज की जिम्मेदारी उठाएगी।

    हर जिले में टूलकिट वितरण और ऋण की सुविधा

    मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 सितंबर से 29 सितंबर तक हर जनपद में टूलकिट वितरण के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से कारीगरों को टूलकिट के साथ ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी कारीगर को ₹8 लाख, किसी को ₹2 लाख और किसी को ₹1 लाख का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैंकों के अधिकारी भी इन कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं और कारीगरों को मौके पर ही बैंक ऋण से जोड़ने का काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कारीगर को आत्मनिर्भर बनाना है।

    96 लाख एमएसएमई यूनिट, 3.25 करोड़ लोगों को रोजगार

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को आगे बढ़ाने की नीति का परिणाम प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश में अब 96 लाख सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयां स्थापित हो चुकी हैं, जिनमें करीब 3 करोड़ 25 लाख लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था, जबकि प्रदेश के पास सबसे बड़ी आबादी, सबसे उर्वरा भूमि, पर्याप्त जल संसाधन और सबसे युवा जनशक्ति थी। अब उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की चर्चा होती है तो उत्तर प्रदेश की भी गिनती होती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बीमारू नहीं था, बल्कि इसे संचालित करने वाले राजनेताओं की मानसिकता बीमारू थी, जिन्होंने हस्तशिल्प और कारीगरों का सम्मान नहीं किया।

    इंडिया एक्सपो सेंटर में लगेगा यूपी का ट्रेड शो

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों का यह एक हिस्सा है। इसी क्रम में 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में उत्तर प्रदेश ट्रेड शो आयोजित किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि ट्रेड शो में उत्तर प्रदेश के उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों द्वारा तैयार उत्पादों को शोकेस किया जाएगा। इसमें ढाई हजार से अधिक एग्जिबिटर्स भाग लेंगे और साढ़े छह सौ से अधिक फॉरेन बायर्स भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका मानना है कि ट्रेड शो में ₹12 हजार करोड़ से ₹15 हजार करोड़ तक का टर्नओवर हो सकता है। यहां होने वाले ऑर्डर और बिक्री से प्राप्त धन सीधे प्रदेश के कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों तक पहुंचेगा। इससे कारीगरों की आय बढ़ेगी और प्रदेश के विकास को गति मिलेगी।

    इस अवसर पर, उत्तर प्रदेश सरकार में सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री भूपेंद्र चौधरी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यम विभाग शशि भूषण लाल सुशील, एसएलबीसी के कन्वीनर शैलेंद्र कुमार सिंह, आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के विजेंद्र पांडियन समेत कारीगर और हस्तशिल्पी उपस्थित रहे। 

    सीएम ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को वितरित की टूल किट

    मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत विभिन्न जिलों के लाभार्थियों को टूल किट वितरित की। टूल किट पाने वालों में अयोध्या के श्रवण कुमार और राम तीरथ, बाराबंकी के राम जयसवाल और वंदना, उन्नाव के रंजीत, हरदोई के बाबूराम, कानपुर के शिवसेवक और अवधेश, रायबरेली के शाहिद खान, इटावा के विजयपाल तथा लखनऊ के मनीष शामिल रहे।

    लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए वितरित किए चेक

    मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए चेक भी वितरित किए। चेक पाने वालों में लखनऊ के प्रकाश दीन साहू को 8 लाख रुपये, राहुल कुमार को 1 लाख रुपये और मोहम्मद मुस्ताक को 2 लाख रुपये का चेक दिया गया। वहीं, उन्नाव के रामबाबू को 1.50 लाख रुपये और आनंद कुमार को 1 लाख रुपये का चेक वितरित किया गया। इसके साथ ही कॉरपोरेट प्रशिक्षण संस्थानों के साथ एमओयू तथा वीएसएसवाई 2.0 के मार्जिन मनी ऋण पोर्टल का शुभारंभ किया गया।
    विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 से पारंपरिक कारीगरों को मिलेगा आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता का संबल : भूपेंद्र चौधरी

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने कारीगरों और हस्तशिल्पियों के चौमुखी उत्थान के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और ओडीओपी जैसी कारीगरपरक योजनाओं की देशभर में चर्चा हो रही है। पिछले वर्षों में इन योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के 6 लाख से अधिक हस्तशिल्पियों एवं कारीगरों को लाभान्वित किया गया है। इससे उनकी दक्षता और उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ उन्हें नए बाजार भी उपलब्ध हुए हैं। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना 2.0 के अंतर्गत योजना का दायरा बढ़ाते हुए पारंपरिक एवं आधुनिक व्यवसायों को शामिल किया गया है। भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि योजना के माध्यम से कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण और टूलकिट उपलब्ध कराने के साथ उनके उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। कार्यक्रम में योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई और वीएसएसवाई 2.0 के मार्जिन मनी ऋण पोर्टल का शुभारंभ किया गया। उन्होंने बताया कि प्लेज योजना के अंतर्गत 14 जनपदों में 205.8 एकड़ से अधिक भूमि स्वीकृत की जा चुकी है तथा इनमें 668 भूखंड उपलब्ध कराए गए हैं। 

    प्रदर्शनी में लगाए गए हैं 125 स्टॉल
    ‘विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला-2026’ पर आधारित प्रदर्शनी 17 से 19 सितंबर, 2026 तक आयोजित की जा रही है। प्रदर्शनी में ओडीओपी, ओडीओसी, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, एमएसएमई, सेक्टर स्किल काउंसिल, फ्रेंचाइजी ब्रांड एवं बैंक से संबंधित 125 स्टॉल लगाए गए हैं। प्रदर्शनी में 25 ट्रेड से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार, तकनीकी उन्नयन, बाजार की मांग, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग एवं विपणन आदि के संबंध में मार्गदर्शन दिया जा रहा है। साथ ही कॉरपोरेट प्रशिक्षण संस्थानों के साथ एमओयू भी किए गए।

  • योगी सरकार के ग्लोबल ट्रेड विजन को मिलेगी नई उड़ान, 25 सितंबर से शुरू होगा ट्रेड शो

    योगी सरकार के ग्लोबल ट्रेड विजन को मिलेगी नई उड़ान, 25 सितंबर से शुरू होगा ट्रेड शो

    योगी सरकार के ग्लोबल ट्रेड विजन को नई उड़ान देगा यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण

    25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का होगा आयोजन, अब तक 45 हजार से ज्यादा घरेलू खरीदारों का पंजीकरण

    आयोजन में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर और ऑस्ट्रिया जैसे देशों की होगी भागीदारी, पार्टनर कंट्री के रूप में होंगे सम्मिलित

    प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों, उत्पादों, सरकारी विभागों और विकास प्राधिकरणों को वैश्विक खरीदारों तथा निवेशकों के समक्ष किया जाएगा प्रस्तुत

    लखनऊ/ग्रेटर नोएडा
    उत्तर प्रदेश में निवेश, निर्यात और औद्योगिक विकास को वैश्विक बाजार से जोड़ने की योगी सरकार की पहल को चौथे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 के माध्यम से नई गति मिलने जा रही है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में उत्तर प्रदेश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों, उत्पादों, सरकारी विभागों और विकास प्राधिकरणों को वैश्विक खरीदारों तथा निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। आयोजन में घरेलू खरीदारों के साथ अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर पंजीकरण, प्रचार और आमंत्रण प्रक्रिया चल रही है।

    1.5 लाख से ज्यादा घरेलू खरीदारों के पंजीकरण का लक्ष्य

    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो 2026 में घरेलू बिजनेस-टू-बिजनेस खरीदारों के लिए अब तक 45 हजार से ज्यादा पंजीकरण किए जा चुके हैं और जैसे जैसे आयोजन की तिथि नजदीक आ रही है, पंजीकरण की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। घरेलू खरीदारों का लक्ष्य 1.5 लाख से अधिक रखा गया है। इसके अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भागीदारी के लिए करीब  1500 पंजीकरण प्राप्त हुए हैं। इनमें साक्षात्कार भी आयोजित किए जा चुके हैं, जबकि 500 से ज्यादा खरीदारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है और 300 से अधिक खरीदारों के टिकट सुरक्षित होने की जानकारी दी गई है। इस प्रकार आयोजन में उत्तर प्रदेश के उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने के लिए खरीदारों और प्रदर्शकों के बीच व्यावसायिक संवाद का व्यापक मंच तैयार किया जा रहा है। योगी सरकार की निवेश एवं निर्यातोन्मुखी नीतियों के संदर्भ में यह आयोजन प्रदेश के उद्यमियों, एमएसएमई इकाइयों, निर्यातकों और औद्योगिक संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में सामने आ रहा है।

    36,500 वर्गमीटर प्रदर्शनी क्षेत्र बुक

    ट्रेड शो के लिए 36,500 वर्गमीटर प्रदर्शनी क्षेत्र बुक किया जा चुका है, जबकि लगभग 1,000 वर्गमीटर क्षेत्र की बुकिंग और संभावित है। इस प्रदर्शनी में प्रदेश के औद्योगिक एवं वाणिज्यिक सामर्थ्य को विभिन्न सेक्टरों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। आयोजन की थीम उत्तर प्रदेश के उत्पादों, निवेश संभावनाओं, औद्योगिक आधारभूत ढांचे और वैश्विक व्यापारिक अवसरों को एक मंच पर लाने पर केंद्रित है।

    जापान समेत पांच देशों की भागीदारी की पुष्टि

    अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के तहत जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर और ऑस्ट्रिया की पुष्टि की जा चुकी है। थाईलैंड की भागीदारी की स्थिति अभी प्रतीक्षित है। विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों, खरीदारों और कारोबारी संस्थानों की भागीदारी से उत्तर प्रदेश के उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की जरूरतों, व्यापारिक साझेदारी और निर्यात संभावनाओं पर संवाद का अवसर मिलेगा। योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने और प्रदेश के उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान दिलाने की दिशा में आयोजित यह ट्रेड शो राज्य की औद्योगिक क्षमता को अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक समुदाय के सामने रखने का माध्यम बनेगा।

    20 नॉलेज सेशन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी

    ट्रेड शो में उद्घाटन एवं समापन समारोह के अतिरिक्त 20 नॉलेज सेशन भी संभावित है। जानकारी के अनुसार 25 सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रस्तावित स्लॉट भी निर्धारित किए गए है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापार, उद्योग, निर्यात और उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित करने की तैयारी है। उद्घाटन समारोह 25 सितंबर 2026 को पूर्वाह्न में प्रस्तावित है, जबकि समापन एवं पुरस्कार समारोह 29 सितंबर को दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक आयोजित किए जाने की योजना है। राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस बैंड का प्रस्ताव भी है।

  • सिख समाज के हित में यूपी सरकार के कार्यों की जानकारी लेकर दिल्ली LG से मिले सरदार परविंदर सिंह

    सिख समाज के हित में यूपी सरकार के कार्यों की जानकारी लेकर दिल्ली LG से मिले सरदार परविंदर सिंह

    लखनऊ

     दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू जी के लखनऊ आगमन पर उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग के वरिष्ठ सदस्य एवं उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कोऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष सरदार परविंदर सिंह के नेतृत्व में कमेटी के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उनसे शिष्टाचार भेंट की।

    भेंट के दौरान सरदार परविंदर सिंह ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में सिख समाज के हित में किए जा रहे कार्यों एवं लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी उपराज्यपाल महोदय को दी।

    सरदार परविंदर सिंह ने बताया कि वीर बाल दिवस के आयोजन की पहल उन्होंने वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री जी के समक्ष रखी थी और वर्ष 2018 में पुनः आग्रह किया था कि चारों साहिबजादों की महान शहादत को देखते हुए वीर बाल दिवस (साहिबजादा दिवस) को सम्मानपूर्वक मनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार मुख्यमंत्री जी ने इस आग्रह को स्वीकार करते हुए लखनऊ से इसकी शासकीय स्तर पर शुरुआत की तथा मुख्यमंत्री आवास पर पहली बार गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश और कीर्तन-गुरबाणी का आयोजन कराया गया।

    उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के कक्षा 8, 9 एवं 10 के पाठ्यक्रम में श्री गुरु नानक देव जी, श्री गुरु तेग बहादुर जी, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी एवं चारों साहिबजादों के इतिहास को शामिल किया गया है। वीर बाल दिवस के अवसर पर प्रदेश के लगभग तीन करोड़ विद्यार्थी भाषण, निबंध, चित्रकला एवं प्रश्नोत्तरी जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं, जिससे नई पीढ़ी तक सिख गुरुओं और साहिबजादों के इतिहास एवं बलिदान की जानकारी पहुंच रही है।

    सरदार परविंदर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा पिछले वर्षों में सिख धर्म के गुरुओं के प्रकाश उत्सव, शहीदी पर्व एवं अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर लगभग 100 कार्यक्रमों में सहभागिता की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके अनुरोध पर लखनऊ में खालसा चौक का निर्माण कराया गया तथा प्रदेश के विभिन्न गुरुद्वारों के जीर्णोद्धार एवं विकास के लिए भी सरकार द्वारा धनराशि उपलब्ध कराई जा रही है।

    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सिख समाज को राजनीतिक, सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन में प्रतिनिधित्व और भागीदारी देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। उन्होंने उपराज्यपाल महोदय को बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के साथ-साथ सिख समाज की धार्मिक भावनाओं और गौरवशाली इतिहास को भी सम्मान दिया जा रहा है।

    इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल की ओर से श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष को समर्पित स्मृति-चिह्न (मोमेंटो) उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू जी को भेंट किया गया तथा शॉल और पुष्पगुच्छ देकर उनका सम्मान किया गया।

    इसके अतिरिक्त गुरुद्वारा यहियागंज द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में भी सरदार परविंदर सिंह ने सहभागिता की और प्रतिनिधिमंडल की ओर से उपराज्यपाल महोदय का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

    प्रतिनिधिमंडल में सरदार तरनजीत सिंह, सरदार हरप्रीत सिंह, सरदार चरणजीत सिंह होरा, सरदार कवलजीत सिंह एवं सरदार त्रिलोचन सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

    सरदार परविंदर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश का सिख समाज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा सिख समाज के हित में किए जा रहे कार्यों के लिए उनका आभार व्यक्त करता है और प्रदेश में सामाजिक समरसता, धार्मिक सद्भाव तथा राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर सहयोग करता रहेगा।