Category: उत्तर प्रदेश

  • 2027 की गर्मी से पहले लखनऊ में बिजली व्यवस्था होगी मजबूत, 3 नए उपकेंद्र और सैकड़ों ट्रांसफार्मर लगेंगे

    2027 की गर्मी से पहले लखनऊ में बिजली व्यवस्था होगी मजबूत, 3 नए उपकेंद्र और सैकड़ों ट्रांसफार्मर लगेंगे

    लखनऊ
     इस गर्मी जिन बिजली उपकेंद्रों में उपभोक्ताओं ने बिजली संकट को लेकर नाराजगी जताई, घेराव किया और सड़क जाम की। वहां बिजली विभाग ने हकीकत जानने का प्रयास कि आखिर बिजली ने परेशान क्यों किया?

    इसकी रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें स्थानीय अवर अभियंता व सहायक अभियंता ने स्थलीय रिपोर्ट तैयार की और ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि, नई 33 केवी लाइन, एक बिजली उपकेंद्र से दूसरी बिजली उपकेंद्र को इंटरलिंकिंग, पावर ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि, 11 केवी लाइन निर्माण, रिले, कंट्रोल पैनल, आइसोलेटर सहित तीन नए बिजली उपकेंद्रों को शामिल करते हुए दर्जनों कामों के सुधार की सिफारिश की गई।

    मुख्यालय स्तर पर चर्चा हुई और लेसा के सभी चारों जोन से कुल 232 करोड़ का प्रस्ताव तैयार करके 26 सितंबर 2026 को प्रस्तावित बोर्ड आफ डायरेक्टर की बैठक में रखा जाएगा। इस एडिशन बिजनेस प्लान को स्वीकृति भी मिलने की सौ प्रतिशत संभावनाएं अफसरों ने जताई है। क्योंकि अगर यह व्यवस्था अभी से आगामी गर्मी के लिए नहीं की गई तो वर्ष 2027 में बिजली का सबसे ज्यादा बुरा हाल होगा और उपभोक्ता सड़कों पर उतरने को विवश होंगे।

    बनाए जाएंगे तीन उपकेंद्र
    अमौसी जोन के उतरेटिया, निलमथा, कल्ली पश्चिम, एकता नगर, पारा के लोगों ने बिजली संकट को लेकर गर्मी में खूब नाराजगी जताई। इसलिए यहां कल्ली पश्चिम, पारा और गोसाईगंज, मोहनलालगंज व पूरनपुर के बीच पड़ने वाले बेलीराम में बिजली संकट से उबरने के लिए तीन नए उपकेंद्र बनाए जाएंगे।

    इससे आगामी कई सालों तक बिजली संकट खत्म जाएगा। उतरेठिया में दस एमवी का पावर ट्रांसफार्मर रखे जाने से यहां भी संकट पूरी तरह से खत्म होगा। इसके लिए 90 कराेड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। इसमें 63 से 250 केवीए तक 233 ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, इनमें कइयों की क्षमतावृ़द्धि की जाएगी।

    लखनऊ मध्य जोन में 46 करोड़ का काम होगा। ऐशबाग बिजली उपकेंद्र में इस साल उपभोक्ताओं ने घेराव, तोड़फोड़ की थी, बिजली संकट से निजात दिलाने के लिए यहां दस एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। इसके अलावा पुराने लखनऊ सहित कई बिजली उपकेंद्रों में छोटे व बड़े मिलाकर 564 काम कराए जाएंगे। यहां भी सौ से अधिक ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि का काम किया जाएगा।

    जानकीपुरम जोन में प्रियदर्शनी, इंटिग्रल, सृष्टि सहित पांच बिजली उपकेंद्रों में पावर ट्रांसफार्मर पांच व दस एमवीए के लगाए जाएंगे। इसके अलावा 63 से 250 केवीए के 150 ट्रांसफार्मर अतिरिक्त लगेंगे और उनकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। ऐसे तीन सौ से अधिक काम होंगे और उस पर 40 करोड़ खर्च होंगे।

    गोमती नगर जोन में चिनहट के शिवपुरी बिजली उपकेंद्र के लिए नई 33 केवी लाइन बनाने के साथ ही पावर ट्रासंफार्मर यहां लगाया जाएगा। इसके अलावा इंदिरा नगर, गोमती नगर, चिनहट सहित आसपास क्षेत्र में 74 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इन कामों के लिए 56 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

     

  • ‘मछुआरे दरी बिछाने वाली कौम नहीं, हक के लिए लड़ने वाली कौम हैं’… संजय निषाद का दो टूक संदेश

    ‘मछुआरे दरी बिछाने वाली कौम नहीं, हक के लिए लड़ने वाली कौम हैं’… संजय निषाद का दो टूक संदेश

    ‘साढ़े चार साल सुख-दुख में नहीं आए, अब पंचायत के बहाने कूद रहे बरसाती मेंढक’… संजय निषाद का तीखा हमला

    ‘फूलन देवी की हत्या करवाकर मछुआरा समाज की राजनीति रोकी’… संजय निषाद का परोक्ष रूप से सपा पर तीखा हमला 

    ‘मछुआरे दरी बिछाने वाली कौम नहीं, हक के लिए लड़ने वाली कौम हैं’… संजय निषाद का दो टूक संदेश

    ‘भेष बदल-बदलकर आएंगे बरसाती मेंढक, उनसे सावधान रहना है’… संजय निषाद ने मछुआरा समाज को चेताया

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने आगामी चुनाव को देखते हुए शुक्रवार को मछुआरा समाज को सावधान करते हुए तीखा सोशल मीडिया पोस्ट किया है। उन्होंने कहा कि जो लोग साढ़े चार साल तक समाज के सुख-दुख में दिखाई नहीं दिए, वही अब पंचायत के बहाने मछुआरा समाज के आसपास नजर आने लगे हैं। संजय निषाद ने परोक्ष रूप से समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए ऐसे लोगों को ‘बरसाती मेंढक’ और ‘दरी बिछाने वाले सौदागर’ बताते हुए समाज से सतर्क रहने की अपील की। 

    ‘साढ़े चार साल नहीं आए, अब पंचायत के बहाने कूदने लगे’

    संजय निषाद ने मल्लाह, निषाद, केवट, कश्यप, बिंद, धीवर, कहार, बाथम, रायकवार और माझी समेत पूरे मछुआरा समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि चुनावी मौसम में ऐसे लोगों से सावधान रहना होगा, जो लंबे समय तक समाज के बीच नहीं रहे और अब पंचायत के बहाने उसके आसपास सक्रिय होने लगे हैं।

    उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि 'जो साढ़े चार साल आपके सुख-दुख में नहीं आए- अब दरी बिछाने वाले वही सौदागर पंचायत के बहाने आपके आसपास बरसाती मेंढक की तरह कूदने लगे हैं।'

    फूलन देवी की हत्या और राजनीतिक विरासत का मुद्दा

    संजय निषाद ने अपने पोस्ट में वीरांगना फूलन देवी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने फूलन देवी की हत्या करवाकर मछुआरा समाज की अलग राजनीति को खड़ा होने से रोकने का काम किया, उनसे और उनकी मदद करने वालों से समाज को सावधान रहना होगा।

    उन्होंने आगे आरोप लगाया कि जिस पार्टी ने फूलन देवी की हत्या की सुपारी दी, उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया और उनकी राजनीतिक विरासत को मछुआरा समुदाय से छीनने का प्रयास किया, ऐसे लोग मछुआरा समाज का भला चाहने वाले नहीं हो सकते।

    दरअसल, फूलन देवी की हत्या को लेकर संजय निषाद सपा पर निशाना साधते रहे हैं। उनका दावा है कि फूलन देवी की बढ़ती लोकप्रियता देखकर सपा ने उनके खिलाफ साजिश की थी।

    ‘मछुआरे दरी बिछाने वाली कौम नहीं’

    संजय निषाद ने अपने पोस्ट में मछुआरा समाज की राजनीतिक पहचान को लेकर भी दो टूक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 'मछुआरों की अब स्वतंत्र पहचान निषाद पार्टी हैं।' उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मछुआरे दरी बिछाने वाली कौम नहीं हैं, बल्कि ओबीसी समाज के हक के लिए लड़ने वाली कौम हैं।

    उनका संदेश था कि समाज को चुनावी मौसम में आने वाले ऐसे चेहरों को पहचानना होगा, जो अलग-अलग रूप और भेष में उसके बीच पहुंचेंगे। संजय निषाद ने लिखा, 'बरसाती मेंढक भेष बदल-बदल के आएंगे। उनसे सावधान रहना है।'

    ‘समाज को अपने हक के लिए खड़ा होना होगा’

    संजय निषाद के इस पूरे पोस्ट में मछुआरा समाज की राजनीतिक पहचान, उसके अधिकार और अलग राजनीतिक ताकत के तौर पर खड़े होने का संदेश प्रमुखता से सामने आया। उन्होंने समाज को आगाह किया कि चुनावी मौसम में आने वाले राजनीतिक सौदागरों के बहकावे में आने के बजाय अपने हित और अधिकारों को प्राथमिकता देनी होगी।

  • PM मोदी के जन्मदिन को लेकर ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान, बोले- दीया जलाने पर होगा हल्ला

    PM मोदी के जन्मदिन को लेकर ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान, बोले- दीया जलाने पर होगा हल्ला

    घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाने और आशीर्वाद का दीया जलाने पर मचेगा हल्ला: ओम प्रकाश राजभर

    कैबिनेट मंत्री बोले- तेल जल गया, बाती जल गई और दीया बर्बाद हो गया का शोर मचाने का टूलकिट तैयार

    कांग्रेस, सपा और वामपंथी सवर्णों पर साधा निशाना, कहा- सबसे ज्यादा यही लोग मचाएंगे हल्ला

    वामपंथी नेतृत्व की सामाजिक पृष्ठभूमि पर उठाए सवाल, बोले- ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, कौन बैठा है और कौन बैठेगा, यह भी देखिए

    मार्क्स-लेनिन से अंबेडकर और लोहिया-जेपी से जय भीम तक की राजनीति पर कसा तंज

    कहा- पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया, जितना बांटने की कोशिश करेंगे उतना ही जुड़ता जाएगा

     लखनऊ
     प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सेवा संकल्प अभियान के तहत आशीर्वाद का दीया जलाए जाने को लेकर कांग्रेस, सपा और वामपंथियों पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में उन्होंने कहा कि एक-दो दिन रुकिए, हो-हल्ला होने वाला है। हल्ला होगा कि तेल जल गया, त्राहि-त्राहि हो गई। इसका टूलकिट भी तैयार है, बस हल्ले का इंतजार कीजिए।

    राजभर ने कहा कि पूरे देश ने घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया। अति पिछड़े और दलित समाज के लोगों ने सेवा संकल्प अभियान से खुद को खुशी-खुशी जोड़ा। जनता से आशीर्वाद मांगा और हर्षोल्लास के साथ आशीर्वाद का दीया जलाया।

    सबसे ज्यादा हल्ला कांग्रेस के टूलकिट वामपंथी और सपाई मचाएंगे

    राजभर ने सवाल किया कि इससे बुरा किसे लगा? उन्होंने कांग्रेस, सपा और वामपंथी सवर्णों का नाम लेते हुए कहा कि अब यही लोग चिल्लाएंगे कि इतना तेल जल गया, बाती जल गई और दीया बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा कि देख लीजिएगा, सबसे ज्यादा हल्ला कांग्रेस के टूलकिट वामपंथी सवर्ण और सपाई मचाएंगे।

    उन्होंने कहा कि वामपंथी सवर्णों को छोड़ दिया जाए तो पूरा सवर्ण समाज उनके साथ है। सबसे ज्यादा दिक्कत उस खास जमात को है, जो वर्षों से समाज में अपना वैचारिक जहर बो रही है।

    वामपंथ की ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, यह भी देखिए

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अति पिछड़ों, दलितों और बहुजनों को एक बार उन वामपंथी नेताओं की जाति भी देखनी चाहिए, जो दिन-रात उन्हें जाति और ब्राह्मणवाद समझाते हैं। वामपंथी विचार की ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, कौन बैठा है और कौन बैठेगा, यह भी देखना चाहिए। राजभर ने दावा किया कि सभी वामपंथी अगड़े मिलेंगे।

    उन्होंने कहा कि ब्राह्मणवाद के नाम पर गाली किसे दिलाई जाती है और विचार की दुकान किसके हाथ में है, तस्वीर अपने आप साफ हो जाएगी।

    गरीब और सामान्य परिवार से निकला व्यक्ति पसंद नहीं

    राजभर ने कहा कि वास्तव में ये राजा और राज परिवारों के इर्द-गिर्द जीने वाले लोग हैं। गरीब और सामान्य परिवार से निकलकर कोई व्यक्ति अपने दम पर ऊपर पहुंचे, यह इन्हें कतई पसंद नहीं आता। चाहे वह मोदी हों, राजभर हों, निषाद हों या किसी अन्य दलित या अति पिछड़े समाज से निकला कोई व्यक्ति।

    मार्क्स-लेनिन को मानने वाले अचानक अंबेडकरवादी हो गए

    राजभर ने वामपंथी और समाजवादी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि कल तक मार्क्स और लेनिन को मानने वाले अचानक अंबेडकरवादी हो गए। लोहिया और जेपी के नाम पर पार्टी चलाने वाले अचानक रंग बदलकर जय भीम करने लगे। इतनी जल्दी विचार, नारे और महापुरुष बदल जाएं तो यह सोचने वाली बात है।

    उन्होंने कहा कि अति पिछड़ों और दलितों को वर्षों से अपने विचारों के जाल में फंसाने की कोशिश एक खास जमात ने की। उन्होंने इसे आइडेंटिटी क्राइसिस से जूझ रही जमात बताते हुए कहा कि इसे सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब अति पिछड़ा, दलित और बहुजन इनके बताए रास्ते के बजाय अपना रास्ता खुद चुनने लगता है। घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इन्हें यही परेशानी है।

    भारतीय वामपंथ कांग्रेस की प्रयोगशाला

    राजभर ने कहा कि वास्तव में भारतीय वामपंथ कांग्रेस की प्रयोगशाला है, जहां देश और समाज को बांटकर कुछ परिवारों की गुलामी करने की ट्रेनिंग मिलती है। उन्होंने कहा कि सारे वामपंथी अंत में वहीं नौकरी करते हैं।

    पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया

    पोस्ट के आखिर में राजभर ने कहा कि पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया है। आपके चेहरे पर लगा नकाब उतर चुका है। आप जितना पिछड़ों-दलितों को बांटने की कोशिश करेंगे, वे उतना ही जुड़ते जाएंगे। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को टैग करते हुए लिखा, बस देखते जाइए।

  • नकली सिक्कों की फैक्ट्री से 59 डाई और 6 मशीनें मिलीं, अब खुलेगा पूरे नेटवर्क का राज

    नकली सिक्कों की फैक्ट्री से 59 डाई और 6 मशीनें मिलीं, अब खुलेगा पूरे नेटवर्क का राज

    लखनऊ
    यूपी के सहारनपुर में नकली सिक्के बनाने की फैक्ट्री से बरामद छह मशीनों और 59 डाई ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटेगी कि 70 करोड़ के नकली सिक्के बनाने में इस्तेमाल मशीन, डाई और अन्य सामान कहां से खरीदा गया। सप्लायरों की कड़ी खुलने पर नकली सिक्कों के नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

    पुलिस ने फैक्ट्री से छह मशीनों के साथ 59 डाई बरामद की थी। इनमें 39 डाई बिना निशान वाली और 20 पर निशान लगे थे। इसके अलावा डाई की पॉलिश करने की मशीन, ग्राइंडिंग स्टोन, हथौड़ा, फाइल, रिंच, आरी, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और ओवन समेत अन्य सामान भी मिला था। अब जांच में इन सभी सामान के स्रोत को खंगालने की तैयारी है।

    पुलिस के मुताबिक फैक्ट्री में तैयार नकली 20 रुपये के 6,400 सिक्के बरामद हुए थे, जिनकी कीमत 1.28 लाख रुपये थी। करीब पांच लाख कीमत के अधबने सिक्के भी मिले थे। आरोपियों के मुताबिक एक सिक्का तैयार करने में पांच से छह रुपये खर्च होते थे और उसे एजेंटों को 12 से 15 रुपये में बेचा जाता था। शराब ठेकों, टोल प्लाजा और किराना दुकानों तक इनकी खेप पहुंचने की बात सामने आई थी।

    मशीन से डाई तक बड़ा सेटअप
    फैक्ट्री में नकली सिक्के तैयार करने के लिए छह मशीनें और 59 डाई लगी थीं। इनमें 39 डाई बिना निशान वाली और 20 पर निशान लगे थे। इसके अलावा डाई पॉलिश करने की मशीन, ग्राइंडिंग स्टोन, हथौड़ा, फाइल, रिंच, आरी, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और ओवन भी मिला था। इतनी बड़ी मात्रा में मिले सामान के स्रोत की पड़ताल अब जांच का अहम हिस्सा होगी।

    पांच आरोपी जेल भेजे जा चुके
    नकली सिक्के बनाने के मामले में पुलिस ने उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन और अनुराग पाल उर्फ लंकेश को गिरफ्तार किया था। पांचों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के सामने अब फैक्ट्री तक मशीन और डाई समेत अन्य सामान पहुंचाने वालों की पहचान करने की चुनौती है। सप्लायरों की जानकारी मिलने पर जांच आगे बढ़ेगी।

    मशीन और सामानों की कहीं और भी हुई है सप्लाई
    अब यह भी आशंका जताई जा रही है कि जिस तरह से मशीन यहां भेजी गई, उसी तरह कहीं और भी तो मशीन देकर सिक्कों का निर्माण नहीं हो रहा है। सप्लायर तक पहुंचने के बाद कई और नकली सिक्कों की फैक्ट्री का खुलासा हो सकता है।

  • ‘आशीर्वाद के दीये’ से रोशन हुआ प्रेरणा स्थल, CM योगी ने किया सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ

    ‘आशीर्वाद के दीये’ से रोशन हुआ प्रेरणा स्थल, CM योगी ने किया सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ

    प्रेरणा स्थल पर जले आशीर्वाद के दीये, सीएम योगी ने शुरू किया सेवा संकल्प अभियान

    पीएम मोदी के 76वें जन्मदिवस पर पं. दीनदयाल, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अटल जी की प्रतिमाओं पर दीप जलाकर की अभियान की शुरुआत

    पीएम के जन्मदिन पर प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान, सीएम बोले- नए भारत की पहचान दुनिया में मजबूत हुई

    विश्वकर्मा जयंती पर बोले सीएम योगी- नए भारत के शिल्पी हैं प्रधानमंत्री मोदी, यूपी की 25 करोड़ जनता उनके साथ

    लखनऊ
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित प्रेरणा स्थल पर आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाओं पर दीप जलाकर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रेरणा स्थल पर मौजूद छात्रों से संवाद किया। उन्होंने मोबाइल से वीडियो बनाया और वहां मौजूद छात्रों को चॉकलेट भी दी। 

    करोड़ों दीप सकारात्मक भाव और ऊर्जा के साथ प्रज्ज्वलित हो रहे

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की और विश्वकर्मा पूजन की भी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देश को विकसित भारत की संकल्पना की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। पीएम के जन्मदिन पर देशभर में करोड़ों दीप सकारात्मक भाव और ऊर्जा के साथ प्रज्ज्वलित हो रहे हैं। राष्ट्र प्रेरणा स्थल समेत प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों और लोक कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के घरों में भी दीप जलाए जा रहे हैं। उन्होंने अभियान से जुड़े कर्मयोगी कार्यकर्ताओं, लाभार्थियों और नागरिकों का अभिनंदन किया।

    प्रदेश की 25 करोड़ जनता पीएम मोदी के साथ खड़ी

    सीएम योगी ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की पावन जयंती भी है। भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि का शिल्पी बताते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नए भारत का शिल्पी बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने अपनी नई पहचान बनाई है और नए भारत का दर्शन हो रहा है। हर क्षेत्र के व्यक्ति को इस बदलाव पर गौरव की अनुभूति हो सकती है। भारत आज नई पहचान, नए इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक तकनीक में नेतृत्व देने वाले देश के रूप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने पीएम को देश की विकास यात्रा का नेतृत्व करने वाला बताते हुए कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना के साथ उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ जनता उनके साथ खड़ी है।

    इस दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद बृजलाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. लाल जी निर्मल, विधान परिषद सदस्य डॉ. अविनाश सिंह, विधायक डॉक्टर नीरज बोरा, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

  • मोदी के जन्म दिन के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र देकर किया उत्साहवर्धन

    मोदी के जन्म दिन के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र देकर किया उत्साहवर्धन

    मोदी के जन्म दिन के उपलक्ष्य में रक्तदान शिविर का आयोजन, रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र देकर किया उत्साहवर्धन

    लखनऊ
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चल रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत लखनऊ विश्वविद्यालय स्थित आरोग्य भवन में बलरामपुर चिकित्सालय द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी, पूर्व मंत्री नटवर गोयल एवं लखनऊ उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीरज बोरा ने रक्तदाताओं से भेंट कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें प्रमाण पत्र वितरित किए।
    इस अवसर पर पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने रक्तदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि स्वस्थ, संवेदनशील एवं सशक्त समाज के निर्माण के लिए रक्तदान आवश्यक है। रक्तदान के माध्यम से जरूरतमंद लोगों की सहायता की जा सकती है और यह सामाजिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
    विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कहा कि समाज के प्रत्येक स्वस्थ एवं सक्षम व्यक्ति को आगे आकर नियमित रूप से रक्तदान करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने लोगों से स्वयं रक्तदान करने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करने की अपील की।
    शिविर में महानगर उपाध्यक्ष सौरभ वाल्मीकि, मंडल अध्यक्ष रमन निगम, विशाल गुप्ता, डॉ. अमिता कन्नौजिया, डॉ. मनीषा बैनर्जी एवं डॉ. अंकिता सिंह सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

  • यूपी की 136 ग्राम पंचायतों पर शिकंजा, सचिव और प्रधानों से वसूले जाएंगे ₹13 करोड़

    यूपी की 136 ग्राम पंचायतों पर शिकंजा, सचिव और प्रधानों से वसूले जाएंगे ₹13 करोड़

    अंबेडकरनगर
    यूपी के अंबेडकरनगर में गांवों में विकास कार्य के लिए शासन स्तर से दी गई धनराशि में ऑडिट के दौरान वित्तीय अनियमितता पकड़ी गई है। कहीं बिना कार्य कराए धन निकाल लिया गया है तो कहीं आधा अधूरा कार्य पर ही धनराशि में हेराफेरी की गई है। सत्यापन के बाद ऐसी 136 ग्राम पंचायतों से कुल 13 करोड़ रुपए की वसूली की कार्रवाई शुरू की गई है। ग्राम पंचायत सचिव और प्रधानों पर ऐक्शन शुरू हो गया हे। जिला पंचायत राज अधिकारी ने आरोपित सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी किया गया है। जबकि ग्राम प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों के खिलाफ ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।

    ग्राम पंचायतों में विकास के बजट से कराए गए कार्यों की ऑडिट टीम के जांच दौरान अभिलेख न प्रस्तुत करने व कार्य के स्थलीय सत्यापन में अनियमितता पाई जाने पर आरोपित ग्राम पंचायत के प्रधान और सचिव से कुल 13 करोड़ 37 लाख 53 हजार 854 ररुपए की वसूली की जाएगी। इसमें जिलाधिकारी स्तर से आरसी का अनुमोदन होने के उपरान्त पंचायती राज विभाग ने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। विभागीय स्तर से तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी किया गया है। प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों से वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।

    कई रिटायर तो कई की मृत्यु भी हो चुकी
    यह अनियमितता वित्तीय वर्ष 211-12 से 2018-19 में ऑडिट के दौरान पायी गई थी। प्रकरण पुराना होने व विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी करने में विलम्ब होने के चलते कई सचिवों और ग्राम प्रधान की मृत्यु भी हो चुकी है। जबकि कई सचिव सेवानिवृत्त हो चुके हैं।अकबरपुर के सुबारपुर ग्राम पंचायत में वर्ष 2012-13 में ऑडिट के दौरान तीन प्रकरणों में 1881760 रुपए की अनियमितता पायी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 940880 रुपए व तत्कालीन सचिव से 940880 रुपए की वसूली की जाएगी। 

    अकबरपुर नैली में वर्ष 2012-13 में ऑडिट के दौरान कुल 1163529 रुपए की अनियमिता पकड़ी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 581764 रुपए तथा तत्कालीन सचिव से 581764 रुपए की वसूली की जाएगी। वहीं रोशनगढ़ ग्राम पंचायत में वर्ष 2013-14 में दो प्रकरणों में 1648294 रुपए की अनियमिता पायी गई है, जिसमें पूर्व प्रधान से 824147 व तत्कालीन सचिव से 824147 रुपए की वसूली की जाएगी। इसी तरह ऑडिट के दौरान विभिन्न वित्तीय वर्षों में जनपद की कुल 136 ग्राम पंचायतों में कुल 13 करोड़ 37 लाख 53 हजार 854 रुपए के गबन का मामला पकड़ा गया है।

    सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी
    इस बारे में डीपीआरओ उपेंद्र कुमार पांडेय का कहना है कि आरोपित सचिवों व ग्राम प्रधानों से धन के रिकवरी की कार्रवाई की जा रही है। सचिवों के वेतन से कटौती का आदेश जारी हो गया है। ग्राम प्रधान और सेवानिवृत्त सचिवों से वसूली के लिए ऑनलाइन आरसी जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। गबन में जिन अरोपितों की मृत्यु हो चुकी है उनकी वसूली संभव नहीं होगी।

  • UP चुनाव से पहले BJP-RSS की रणनीति पर मंथन, तावड़े संगठन की चुनौतियों और नाराजगी का लेंगे फीडबैक

    UP चुनाव से पहले BJP-RSS की रणनीति पर मंथन, तावड़े संगठन की चुनौतियों और नाराजगी का लेंगे फीडबैक

     लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की फतह की स्क्रिप्ट लिखने में आरएसएस और बीजेपी जुट गई हैं. बीजेपी राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष और प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के यूपी प्रवास और दौरों के बीच आरएसएस के साथ तीन स्थानों पर बैठकों की रूपरेखा बनाई गई है. संघ-भाजपा के बीच समन्वय बनाने का दायित्व निभाने वाले राष्ट्रीय सह सरकार्यवाह अरुण कुमार इन बैठकों में मौजूद रहेंगे. इस तरह यूपी में जो इलाके कमजोर हैं, उन्हें बीजेपी-आरएसएस मिलकर दुरुस्त करने का प्लान बनाएंगे। 

    मिशन-2027 को लेकर बीएल संतोष और विनोद तावड़े लखनऊ के दौरे पर पहुंचे हैं. इस बार वे राजधानी के दायरे से बाहर निकलकर यूपी के अलग-अलग इलाकों में जाकर सियासी नब्ज टटोलेंगे, जिसके लिए लखनऊ-उन्नाव रोड पर बीजेपी और संघ की समन्वय बैठक चल रही है. इस बैठक में बीजेपी की सत्ता की हैट्रिक का खाका खींचा जा रहा है। 

    विनोद तावड़े लखनऊ में हैं और अगले कुछ दिनों तक यूपी में डेरा डाले रखेंगे. इस दौरान वे सबसे पहले गोरक्ष क्षेत्र के गोरखपुर और काशी क्षेत्र के प्रयागराज में बैठक करेंगे. इसके बाद अवध क्षेत्र के अयोध्या में बैठक करने के बाद दूसरे राउंड में कानपुर, ब्रज और पश्चिम क्षेत्र की सियासी नब्ज समझने के लिए महामंथन करेंगे। 

    संघ-बीजेपी मिलकर लिख रहे 2027 की स्क्रिप्ट
    2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और आरएसएस दोनों ही एक्टिव हो गए हैं. लखनऊ-उन्नाव रोड पर संघ-बीजेपी और सरकार की समन्वय बैठक चल रही है, जिसमें बीएल संतोष और विनोद तावड़े सहित संघ के राष्ट्रीय सह सरकार्यवाह अरुण कुमार मौजूद हैं. इसके अलावा बीजेपी के सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार के दो मंत्री भी मौजूद हैं. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह भी पहुंचे हैं। 

    संघ-बीजेपी की यह ब्रेनस्टॉर्मिंग मीटिंग 2027 चुनाव की जमीनी तैयारी को लेकर है. संघ, सरकार और संगठन जमीनी स्तर पर किस तरीके से समन्वय के साथ काम करें, जमीनी मुद्दे और खासकर जो नाराजगी इस वक्त उपजी हुई है, उससे निपटने की रणनीति को लेकर यह बैठक है। 

    यूपी में बीजेपी के सामने फिलहाल, जहां जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन के बीच आंतरिक विरोध खत्म करने की चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ धार्मिक कार्यक्रमों, जनसंख्या असंतुलन, घुसपैठ, हिंदुत्व, पीडीए और ध्रुवीकरण समेत कई विषयों पर पार्टी नए सिरे से एजेंडा तय करने की तैयारी में है. बैठकों में संघ से विभाग, प्रांत व क्षेत्र प्रचारक भी रहेंगे। 

    अवध से पूर्वांचल तक समझेंगे सियासी नब्ज
    बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को 18 अगस्त को उत्तर प्रदेश के प्रभारी की कमान सौंपी गई थी. उसके बाद से उनका यह प्रदेश का तीसरा दौरा है. पहली बार उन्होंने लखनऊ में पदाधिकारियों संग बैठक कर फीडबैक लिया था. दूसरी बार राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष संग लखनऊ आए थे और कानपुर का भी दौरा किया था. इस बार वह अवध और पूर्वांचल में सियासी माहौल परखने का काम करेंगे। 

    विनोद तावड़े अब यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा करेंगे. इस दौरान वे क्षेत्र से लेकर जिला स्तर तक के कार्यकर्ताओं संग बैठकें करेंगे. साथ ही वे पार्टी की चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे और नाराजगी दूर करने की कवायद करेंगे. तावड़े यूपी में प्रयागराज से लेकर गोरखपुर और अयोध्या तक मंथन करेंगे. इस फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति तैयार करेंगे। 

    गोरखपुर से अयोध्या तक तावड़े करेंगे मंथन
    विनोद तावड़े यूपी में अपने अभियान का आगाज गोरखपुर क्षेत्र से कर रहे हैं. 17 और 18 सितंबर तक तावड़े गोरखपुर में रहेंगे, जहां वे गोरखपुर क्षेत्र की बैठक करेंगे. उसके बाद अवध क्षेत्र की बैठक के लिए 19 और 20 सितंबर को अयोध्या जाएंगे. इसके बाद वे काशी क्षेत्र की बैठक प्रयागराज में 21 और 22 सितंबर के बीच करेंगे। 

    विनोद तावड़े के इस दौरे का मुख्य मकसद है कि प्रदेश के सियासी माहौल को समझकर आगे की दिशा तय की जाए. इसमें अपनी पार्टी के साथ ही विपक्षियों के कमजोर और मजबूत पक्ष को भी समझने की कोशिश होगी. संगठन, सरकार के कामकाज, प्रत्याशियों की स्थिति और संभावित प्रत्याशियों को लेकर लोगों की राय लेंगे. इस राय के आधार पर वह आगे की चुनावी रणनीति तैयार करेंगे. इससे चुनाव के लिए बेहतर रोडमैप तैयार किया जा सकेगा। 

    संघ, सरकार और संगठन का तालमेल

    यूपी में इन तीनों ही जगहों पर अब संघ और भाजपा के बीच समन्वय बैठकें भी साथ चलेंगी. रणनीतिकारों का कहना है कि चुनाव से पहले संघ और भाजपा के शीर्ष पदाधिकारी साथ बैठकर अनुकूल वातावरण बनाने का प्रयास करेंगे. विनोद तावड़े और संघ की तरफ से अरुण कुमार क्षेत्रीय पदाधिकारियों के अलावा जिलाध्यक्षों और प्रभारियों के साथ भी बैठकें करेंगे। 

    क्षेत्रीय बैठकों में निचले स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर उनका जोर होगा. क्षेत्र की विभिन्न विधानसभा सीटों पर पार्टी के मजबूत और कमजोर पक्ष पर फीडबैक लेंगे. मौजूदा विधायकों के कामकाज के साथ ही संभावित प्रत्याशियों पर भी चर्चा करेंगे. कई विधायकों, मंत्रियों व सांसदों को लेकर संघ के पास नकारात्मक फीडबैक है, जिसे समन्वय बैठकों में उठाया जाएगा। 

    पश्चिम और काशी क्षेत्र में 71-71, ब्रज में 65, अवध में 82, कानपुर में 52 और गोरखपुर क्षेत्र में 62 विधानसभा सीटें हैं, जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में 2022 की तुलना में बीजेपी की सीटें घटी हैं. अयोध्या और काशी के बाद अब पार्टी मथुरा-वृंदावन और संभल से हिंदुत्व के एजेंडे को रणनीति पर धार दे रही है. वहीं जातिवाद, क्षेत्रवाद, मतांतरण व ध्रुवीकरण के साइड इफेक्ट से बचने के लिए संघ द्वारा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाने का। खाका खींचा जा रहा है.

     

     

  • विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से कामगारों को नई उड़ान, स्वरोजगार के लिए मिली आर्थिक मदद

    विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से कामगारों को नई उड़ान, स्वरोजगार के लिए मिली आर्थिक मदद

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला 2026 तथा टूलकिट एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए चेक और विभिन्न जिलों के कामगारों को टूलकिट वितरित किए। मुख्यमंत्री के हाथों आर्थिक सहायता और कामकाज के उपकरण पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे। कामगारों ने योगी सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इनसे उन्हें अपना काम आगे बढ़ाने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिल रही है।

    लखनऊ के आलमबाग निवासी मोहम्मद मुश्ताक को सैलून के काम के लिए दो लाख रुपये का चेक मिला। वह पिछले 25 वर्षों से सैलून का काम कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। मुश्ताक ने कहा कि पिछली सरकारों में उन्हें कभी इस तरह की टूलकिट नहीं मिली थी। आज मुख्यमंत्री के हाथों सहायता पाकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है।
    कानपुर निवासी अवधेश को सुनार की टूलकिट मिली। करीब 20 वर्षों से सोने के आभूषण बनाने का काम कर रहे अवधेश ने मुख्यमंत्री से टूलकिट पाकर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि वह खुद को धन्य मानते हैं।

    महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा

    बाराबंकी की वंदना और रमा जायसवाल को सिलाई मशीन मिली। सिलाई का कोर्स कर चुकीं वंदना ने बताया कि वह सिलाई के जरिए अपने परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं। मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें बहुत प्रसन्नता हुई। वहीं रमा जायसवाल ने बताया कि उन्होंने टूलकिट के लिए आवेदन किया था। सिलाई का काम करने के साथ वह घर की जिम्मेदारियां भी संभालती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि योगी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। पिछली सरकार और वर्तमान सरकार में काफी अंतर है। 

    युवाओं को रोजगार से जोड़ रहीं योजनाएं

    कारपेंटर का काम करने वाले राहुल शर्मा को एक लाख रुपये का चेक मिला। वह पिछले आठ वर्षों से इस पेशे में काम कर रहे हैं। राहुल ने कहा कि योगी सरकार आने के बाद से उन्हें कई बार आर्थिक सहायता, टूलकिट और प्रशिक्षण का लाभ मिल चुका है। एक लाख रुपये से उन्हें अपने काम के लिए जरूरी औजार खरीदने में मदद मिलेगी। उन्होंने ऐसी योजनाएं आगे भी जारी रखने की अपील की, ताकि युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।

    उन्नाव निवासी आनंद कुमार को भी बढ़ई के काम के लिए एक लाख रुपये का चेक मिला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। पिछली सरकारों में निम्न आय वर्ग के लोगों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता था, जबकि अब उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

    कुम्हारों को भी मिला संबल

    कार्यक्रम में अयोध्या निवासी राम को कुम्हार के काम के लिए टूलकिट प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय उन्हें किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला था, लेकिन अब उन्हें योजनाओं का लाभ मिल रहा है। राम ने योगी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वजह से भाजपा से जुड़े हैं और आगे भी जुड़े रहेंगे।

  • डिप्टी CM केशव मौर्य का सख्त संदेश, लापरवाह और अनुशासनहीन अफसरों पर जारी रहेगा एक्शन

    डिप्टी CM केशव मौर्य का सख्त संदेश, लापरवाह और अनुशासनहीन अफसरों पर जारी रहेगा एक्शन

    लखनऊ
     यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लापरवाह अफसरों पर ऐक्शन शुरू कर दिया है। डिप्टी सीएम ने गुरुवार को सुल्तानपुर के परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं। यह कार्रवाई शासकीय पद की गरिमा के विपरीत आचरण, अधीनस्थ कार्मिकों के साथ आपत्तिजनक व्यवहार के चलते की गई है।

    डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अशोक कुमार सिंह के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली, 1999 के नियम-7 के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनहित एवं जनसेवा है। शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनता को समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध जारी रहेगी कार्रवाई
    उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जनसेवा से विमुखता, शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। सुलतानपुर के परियोजना निदेशक का निलंबन इसी नीति के तहत की गई कार्रवाई का एक उदाहरण है। डिप्टी सीएम ने कहा, शासकीय कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता तथा पदीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

    अपनी हंसी न उड़वाएं अखिलेश यादव
    वहीं दूसरी ओर आजमगढ़ पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, सपा अध्यक्ष कानून व्यवस्था पर बात न करें। वह कानून व्यवस्था पर सवाल उठाएंगे तो प्रदेश की जनता उन पर हंसेगी। उनकी सरकार में नकल, भू माफिया और अपराधियों को संरक्षण दिया जाता था। भाजपा के गोरखपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय के बरदह थाना क्षेत्र के जिवली स्थित आवास पर बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश की जनता को यह बताने की जरूरत नहीं है कि अखिलेश यादव और उनके परिवार के लोग क्या करते थे। ऐसे में सपा अध्यक्ष को अपनी हंसी उड़ाने का काम नहीं करना चाहिए। वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है। जो भी अपराध करेगा, कानून अपना काम करेगा।