Category: उत्तर प्रदेश

  • सीएम योगी ने महिला को गाय देने और दिव्यांग की भूमि से अवैध कब्जा हटाने का दिया निर्देश

    सीएम योगी ने महिला को गाय देने और दिव्यांग की भूमि से अवैध कब्जा हटाने का दिया निर्देश

    लखनऊ

    सीतापुर के गुरुदेव नगर हरगांव की रहने वाली पूनम देवी ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री से मिलीं और गोपालन की अभिलाषा बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल उनकी मांगों पर विचार करते हुए अपर मुख्य सचिव (पशुधन) को निर्देश दिया कि इन्हें निराश्रित गाय उपलब्ध कराई जाए और नियमानुसार योजनाओं का लाभ भी दिलाया जाए। वहीं एक दिव्यांग ने अवैध कब्जे की भी शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने जांच कराकर निराकरण का निर्देश दिया। 

    सीएम से बोलीं पूनम- आत्मनिर्भर बनना चाहती हूं, मुख्यमंत्री ने किया आश्वस्त- हरसंभव मदद करेंगे 
    मुख्यमंत्री को दिए प्रार्थना पत्र में पूनम देवी ने लिखा कि वह गोपालन करके आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं। अभी उनके पास 5 गाय हैं और अन्य गोमाता को रखने के लिए पर्याप्त जगह भी है। ऐसे में उन्हें और भी गाय दिला दी जाएं, जिससे वे दूध आदि की बिक्री कर परिवार को समृद्ध करेंगी। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल अपर मुख्य सचिव (पशुधन) को निर्देश दिया कि इन्हें निराश्रित गाय उपलब्ध कराई जाए और मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत गोवंश की देखभाल के लिए आर्थिक सहायता भी दिलाई जाए। 

    गो सेवा करो, बाधाएं और कष्ट मिटेंगे 

    ‘जनता दर्शन’ में मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी का हालचाल जाना, फिर सभी की समस्याएं भी पूछीं। पूनम का प्रार्थना पत्र पढ़कर मुख्यमंत्री ने उनकी हौसलाअफजाई भी की। मुख्यमंत्री ने पूनम से कहा कि हम आपको सरकार की तरफ से नियमानुसार योजनाओं का लाभ दिलाएंगे। आप गोसेवा कीजिए क्योंकि गोमाता में 33 कोटि देवताओं का वास होता है। मुख्यमंत्री ने उनसे अनुभव साझा किया कि आप मन से गोसेवा करो, सारी बाधाएं और कष्ट दूर होंगे। पूनम ने भी श्रावण मास में इच्छा पूरी करने के लिए मुख्यमंत्री जी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।  

    दिव्यांग ने की अवैध कब्जे की शिकायत, मुख्यमंत्री ने जांच कराकर निराकरण का दिया निर्देश 
    ‘जनता दर्शन’ में पहुंचे दिव्यांग ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी जमीन पर किसी ने कब्जा कर लिया है। इस पर मुख्यमंत्री ने जांच कराकर पीड़ित के यथासंभव मदद करने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त सीएम योगी ने प्रदेश के अन्य जनपदों से आए लोगों की समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण का भी निर्देश दिया।

  • रायबरेली को 879 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात देंगे मुख्यमंत्री

    रायबरेली को 879 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात देंगे मुख्यमंत्री

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को रायबरेली के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे रायबरेली, बछरावां व हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों को 879 करोड़ रुपये से अधिक की 346 विकास परियोजनाओं की सौगात भी देंगे। सीएम सपेरा समुदाय व अन्य आवास विहीन 60 परिवारों को आवासीय पट्टे का आवंटन भी करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के अमर नायक अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती पर भाव समर्पण समारोह में भी शामिल होंगे। 

    तीन विधानसभा क्षेत्रों के लिए देंगे बड़ा उपहार 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रायबरेली की रायबरेली, बछरावां व हरचंदपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए 879 करोड़ रुपये से अधिक की 346 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करेंगे। सीएम यहां 624 करोड़ रुपये की 185 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, जबकि 277 करोड़ रुपये की 162 नई परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। 

    सपेरा समुदाय व अन्य आवास विहीन 60 परिवारों को आवासीय पट्टे का करेंगे आवंटन 

    मुख्यमंत्री यहां सपेरा समुदाय व अन्य आवास विहीन 60 से अधिक परिवारों को आवासीय पट्टे का आवंटन भी करेंगे। यहां विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के खाते मे 19 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का अंतरण करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को भी आयुष्मान कार्ड, लैपटॉप, स्वीकृति पत्र व चाबी आदि प्रदान करेंगे। 

    इन प्रमुख योजनाओं का होगा लोकार्पण/शिलान्यास 

    36 करोड़ से अधिक की महराजगंज-इन्हौना मार्ग के सुदृढ़ीकरण, 24 करोड़ से अधिक की राशि से पुलिस लाइन में ट्रांजिट हॉस्टल (जी प्लस 12) के निर्माण, 21 करोड़ से अधिक की कुंदनगंज व पश्चिमगांव-टेरा-अघौरा मार्ग का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण कार्य का भी लोकार्पण होगा। वहीं 24-24 करोड़ से अधिक की लागत से शिवगढ़ विकास खंड के ओसाह ग्राम तथा बेला-भेला में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण कार्य का शिलान्यास करेंगे। 3 करोड़ रुपये से हरचंदपुर में खीरों-पाहो संपर्क मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुलिया के स्थान पर 4.10 मीटर स्पान आरसीसी बॉक्स पुलिया के निर्माण का शिलान्यास भी करेंगे। 

    अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती पर भाव समर्पण समारोह में भी होंगे शामिल 

    सीएम योगी अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती पर भाव समर्पण समारोह में भी शामिल होंगे। वह उनकी स्मृति में 21 करोड़ से नवनिर्मित सभागार का लोकार्पण भी करेंगे। सीएम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों व शहीदों के परिवारों को सम्मानित तथा अवध केसरी स्मारिका का विमोचन भी करेंगे।

  • मानदेय बढ़ा, सेहत का सहारा मिला, रसोइयों की आंखों में हर्ष के आंसू

    मानदेय बढ़ा, सेहत का सहारा मिला, रसोइयों की आंखों में हर्ष के आंसू

    लखनऊ

     परिषदीय विद्यालयों में पीएम पोषण योजना (मिड-डे मील) के तहत वर्षों से बच्चों के लिए भोजन बनाने वाली रसोइया बहनों के लिए यह सप्ताह किसी त्योहार से कम नहीं रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मानदेय में प्रतिमाह एक हजार रुपये की बढ़ोतरी और परिवार सहित पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की घोषणा से प्रदेशभर की रसोइयों में खुशी की लहर दौड़ गई। सोमवार को लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में सीएम योगी ने इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया और उत्कृष्ट कार्य करने वाली रसोइयों को सम्मानित भी किया। जिलों में इसका सजीव प्रसारण किया गया।

    मेहनत को मिला सम्मान, बढ़ा हौसला

    सहारनपुर के पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय जाटोवाला की रसोइया रीता देवी ने कहा कि यह वृद्धि उनके श्रम और समर्पण के प्रति योगी सरकार द्वारा दिए जा रहे सम्मान को दर्शाती है। इस निर्णय से सभी रसोइया बहनों का उत्साह और मनोबल बढ़ा है। जिले की अन्य रसोइयों ने भी इसे सरकार की समाज के हर वर्ग को आत्मनिर्भर बनाने की नीति का हिस्सा बताया।

    सजीव प्रसारण देख झूम उठीं रसोइयां

    आदमगढ़ में लखनऊ के मुख्य समारोह का सीधा प्रसारण आजमगढ़ के नेहरू हॉल में देखा गया, जहां सैकड़ों रसोइयां जुटीं। जैसे ही पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की घोषणा हुई, पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार पटेल ने कहा कि नौनिहालों का पोषण संभालने वाली रसोइयों के स्वास्थ्य की चिंता करना सरकार का दायित्व था, जबकि बीएसए राजीव पाठक ने बताया कि अब रसोइयों को इलाज के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ेगा।

    घर के बजट को मिली राहत

    मेरठ के खानपुर जूनियर हाईस्कूल की रसोइया विमलेश ने कहा कि मानदेय बढ़ने से घर के खर्च में राहत मिलेगी। परिवार के लिए पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलना उनके लिए बड़ी राहत है, क्योंकि अब बीमारी के समय पैसों की चिंता कम होगी।
    मुख्यमंत्री ने हमारी मेहनत को समझा
    आगरा के प्राथमिक विद्यालय नगला डिठवार की रसोइया आशा देवी ने खुशी जताते हुए कहा कि बढ़े हुए मानदेय और पांच लाख के कैशलेस इलाज से उन्हें बड़ी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी जी ने उनकी मेहनत और जरूरतों को समझा है, जिसके लिए वे हृदय से आभार व्यक्त करती हैं।
    कर्ज के डर से मिली मुक्ति
    मुरादाबाद के प्राथमिक विद्यालय मिलक नगरिया जट में बीते 10-12 वर्षों से कार्यरत रसोइया सूरजमुखी, जो चार बच्चों के परिवार का भरण-पोषण करती हैं, ने कहा कि मानदेय में एक हजार रुपये की बढ़ोतरी से घर का बजट संभालने में मदद मिलेगी। सबसे बड़ी राहत पांच लाख रुपये के कैशलेस इलाज से मिली है, जिससे अब गंभीर बीमारी में कर्ज में डूबने का डर नहीं रहेगा।

    रक्षाबंधन का बड़ा तोहफा

    वाराणसी के ग्राम लेढ़ूपुर, विकासखंड चिरईगांव की रसोइया संतरा देवी ने कहा कि योगी सरकार ने रक्षाबंधन पर रसोइया बहनों को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने बताया कि पहले बीमार होने पर इलाज के लिए कई बार सोचना पड़ता था, लेकिन अब परिवार के इलाज की चिंता कम होगी और महिलाओं को सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिला है।

    अब समय पर हो सकेगा इलाज

    सोनभद्र के प्राथमिक विद्यालय दुरावलखुर्द, घोरावल की रसोइया अमरावती देवी ने कहा कि पैसों की तंगी के चलते पहले तबियत खराब होने पर भी दर्द दबाकर काम करना पड़ता था। अब बिना पैसे के इलाज मिलने से समय रहते डॉक्टर को दिखाया जा सकेगा और जान बचाई जा सकेगी।

    सम्मान पाकर खिले चेहरे

    कानपुर के प्राथमिक विद्यालय दूल, कल्याणपुर की रसोइया मंजू ने बताया कि पहले दो हजार रुपये मानदेय में घर का खर्च चलाना मुश्किल होता था। मानदेय बढ़ने से राहत तो मिलेगी ही, लेकिन सबसे ज्यादा खुशी पांच लाख रुपये के हेल्थ कार्ड की है, क्योंकि अब बीमारी में कर्ज नहीं लेना पड़ेगा। इस तरह प्रदेशभर की रसोइया बहनों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए इस निर्णय को अपने परिवार की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

  • रक्षाबंधन पर महिलाओं को निशुल्क बस यात्रा, सुरक्षित संचालन के लिए परिवहन विभाग ने कसी कमर

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को निशुल्क बस यात्रा, सुरक्षित संचालन के लिए परिवहन विभाग ने कसी कमर

    लखनऊ 

    रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं को निशुल्क बस यात्रा की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद परिवहन विभाग ने यात्रियों की सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की बसों के बेहतर रखरखाव, चालकों के नशामुक्त संचालन और यातायात नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए हैं। वहीं प्राइवेट बस, टैक्सी और ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन कराया जाएगा, ताकि महिलाओं की सुरक्षा का सुनिश्चित किया जाए।

    महिलाओं की निशुल्क यात्रा को सुरक्षित बनाने पर जोर

    परिवहन मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की सुविधा देने के निर्णय के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस पर्व पर बड़ी संख्या में महिलाओं और परिवारों के यात्रा करने को देखते हुए परिवहन व्यवस्था सुरक्षित, सरल और सुविधाजनक रहनी चाहिए। विभागीय अधिकारियों को सरकार की गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। 

    प्राइवेट बस, टैक्सी और ई-रिक्शा चालकों का सत्यापन

    रक्षाबंधन के दौरान संचालित होने वाली निजी बसों के संचालकों को चालकों और परिचालकों का पुलिस/चरित्र सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। सत्यापन संबंधी अभिलेख भी सुरक्षित रखे जाएंगे। टैक्सी और ई-रिक्शा संचालकों को भी केवल सत्यापित और सक्षम चालकों से ही वाहन चलवाने के लिए निर्देशित किया गया है।

    क्षमता से अधिक सवारी पर रोक

    सभी परिवहन ऑपरेटरों को निर्धारित यात्री क्षमता के अनुसार ही सवारी बैठाने के निर्देश दिए गए हैं। क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने पर कार्रवाई की जाएगी। परिवहन अधिकारियों को पर्व के दौरान फील्ड में सक्रिय रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा गया है।

    नशे में ड्यूटी पर मिले तो होगी कार्रवाई

    परिवहन मंत्री ने कहा कि कोई भी चालक या परिचालक नशे की हालत में ड्यूटी पर नहीं होना चाहिए। ड्यूटी से पहले जांच अनिवार्य रूप से की जाए। नशे की हालत में ड्यूटी करने या कराने का मामला सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग पर सख्ती

    जिला प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय कर सड़क सुरक्षा, रूट डायवर्जन और यातायात नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है। वाहनों की निर्धारित गति सीमा की निगरानी और ओवरस्पीडिंग पर कार्रवाई की जाएगी। माल वाहनों या ट्रैक्टर-ट्रॉली में यात्रियों के अनधिकृत परिवहन, ओवरलोडिंग और नियम विरुद्ध संचालन पर भी सख्त प्रवर्तन किया जाएगा।

    डीजे और अवैध वाहन मॉडिफिकेशन पर भी नजर

    रक्षाबंधन के दौरान अत्यधिक ध्वनि वाले डीजे सिस्टम के इस्तेमाल और वाहनों की मूल संरचना में अवैध बदलाव के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन विभाग और संबंधित अधिकारी पुलिस व जिला प्रशासन के साथ मिलकर पर्व के दौरान सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगे।

    बसों की फिटनेस जांच अनिवार्य

    परिवहन मंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन पर महिलाओं और बच्चों समेत यात्रियों की आवाजाही बढ़ेगी। ऐसे में सभी बसों की फिटनेस और तकनीकी स्थिति की पहले ही जांच कर ली जाए। किसी भी खराब या असुरक्षित बस का संचालन न किया जाए। चालक, परिचालक और अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी से पहले भी आवश्यक जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • पोषण की नई ताकत बना यूपी का टेक होम राशन, बच्चों की सेहत से महिलाओं की आत्मनिर्भरता तक दिखा असर

    पोषण की नई ताकत बना यूपी का टेक होम राशन, बच्चों की सेहत से महिलाओं की आत्मनिर्भरता तक दिखा असर

    लखनऊ

     उत्तर प्रदेश में कुपोषण के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान केवल पोषण सामग्री के वितरण तक सीमित नहीं है। टेक होम राशन (टीएचआर) योजना के जरिए बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं की अलग-अलग पोषण जरूरतों के अनुसार उत्पाद तैयार कर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। योजना के तहत शिशु अमृत, शिशु आहार, बाल पुष्टिकर, संपूर्ण मातृ आहार, आरोग्य पोषण, बाल संजीवनी और सक्षम पोषण जैसे सात उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इनमें ऊर्जा, प्रोटीन, आयरन समेत जरूरी पोषक तत्व शामिल किए गए हैं। इससे लाभार्थियों को उनकी उम्र और जरूरत के अनुरूप पोषण उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

    बच्चों में नाटेपन की दर में लगातार गिरावट आई है। वर्ष 2015-16 में यह दर 46.3 प्रतिशत थी, जो 2019-21 में घटकर 39.7 प्रतिशत हो गई। वहीं अब में यह आंकड़ा 31.5 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके अलावा अल्पवजन और दुबलापन जैसी समस्याओं में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। 

    आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषण के साथ निगरानी और जागरूकता

    टीएचआर योजना की व्यवस्था को आंगनबाड़ी सेवाओं से जोड़ा गया है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां लाभार्थियों को पोषण सामग्री उपलब्ध कराने के साथ बच्चों का वजन मापने, उनके विकास की निगरानी करने और गर्भवती व धात्री महिलाओं को पोषण संबंधी परामर्श देने का काम करती हैं। परिवारों को संतुलित आहार और पोषण के महत्व के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी भी निभाई जा रही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल पोषण सामग्री पहुंचाना नहीं, बल्कि लाभार्थियों की जरूरत को समझकर उन्हें लगातार पोषण संबंधी सहयोग उपलब्ध कराना है।

    4 हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार, गांवों में मजबूत हुई आर्थिक भागीदारी

    टेक होम राशन योजना को महिला सशक्तीकरण से जोड़ना इसकी अहम विशेषता है। उत्पादन और आपूर्ति की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों को दी गई है। वर्तमान में 4,000 से अधिक महिलाएं इन उत्पादन इकाइयों से जुड़कर रोजगार प्राप्त कर रही हैं। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर आय का अवसर मिला है और स्वयं सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को भी विस्तार मिला है। पोषण उत्पाद तैयार करने से लेकर उनकी आपूर्ति व्यवस्था तक महिलाओं की भागीदारी ने योजना को आजीविका और पोषण, दोनों से जोड़ दिया है।

    गुणवत्ता व साफ-सफाई को लेकर सख्त निर्देश

    बाल विकास एवं पुष्टाहार तथा राज्य पोषण मिशन की निदेशक हर्षिता माथुर ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को दिए जाने वाले पोषाहार की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर शासन ने सम्बंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। भोजन की गुणवत्ता उच्च स्तर की होना अनिवार्य है। खाना बनाने से पहले खाद्य सामग्री की अच्छी तरह सफाई और हरी सब्जियों को दो से तीन बार पानी से धोना सुनिश्चित किया जाए। बच्चों को परोसने से पहले हर दिन कम से कम दो वयस्कों द्वारा भोजन की गुणवत्ता की जांच कराई जाए।  स्वच्छता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

    9 साल में बदला पोषण अभियान का स्वरूप

    पिछले 9 वर्षों में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के द्वारा उत्तर प्रदेश में पोषण सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया गया है। डिजिटल निगरानी, पारदर्शी वितरण व्यवस्था और महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी के साथ पोषण अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की कोशिश हुई है। टीएचआर मॉडल में एक ओर बच्चों और माताओं को गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराने पर जोर है, तो दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भरता का रास्ता तैयार किया गया है। योगी सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में इस व्यवस्था को और प्रभावी बनाते हुए प्रत्येक पात्र परिवार तक बेहतर पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं पहुंचाना है।

  • मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन पर दी बड़ी सौगात, 27 की सुबह 6 बजे से 29 मध्यरात्रि तक निःशुल्क यात्राएं कर सकेंगी महिलाएं

    मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन पर दी बड़ी सौगात, 27 की सुबह 6 बजे से 29 मध्यरात्रि तक निःशुल्क यात्राएं कर सकेंगी महिलाएं

    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रदेश की माताओं, बेटियों और बहनों को दिए गए निःशुल्क बस यात्रा के समय में वृद्धि की है।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अब यह निःशुल्क यात्रा 27 अगस्त की सुबह 6 बजे 29 अगस्त की मध्यरात्रि तक की जा सकेगी। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में महिला यात्री एक सहयोगी के साथ फ्री यात्रा कर सकेंगी। रक्षाबंधन पर बहनें सुरक्षित और आसानी से अपने घर पहुंच सकें, इसके लिए परिवहन, पुलिस, प्रशासन व संबंधित विभाग मिलकर सारी व्यवस्था सुनिश्चित करें। त्योहारों के मद्देनजर शहरों, एक्सप्रेसवे, हाईवे व प्रमुख मार्गों पर पेट्रोलिंग तेज की जाए।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रक्षाबंधन के मद्देनजर रविवार को परिवहन निगम/विभाग, नगर विकास, पुलिस, यातायात आदि विभागों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन पर प्रदेश में सुगम, सुरक्षित, व्यवस्थित परिवहन एवं यातायात व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित की जाए। रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में माताओं, बहनों और बेटियों के आवागमन को देखते हुए परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और स्थानीय प्रशासन आपसी समन्वय से सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ले। रक्षाबंधन के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग की 900 से अधिक बसों में भी यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निजी बसों, ऑटो और टैक्सी चालकों के भी सत्यापन सुनिश्चित करते हुए महिला यात्रियों की सुरक्षा के निर्देश दिए। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन 28 अगस्त को है और 25 अगस्त की सुबह से 29 अगस्त की रात तक आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण अवधि रहेगी। 26 अगस्त को अवकाश होने के कारण लंबी दूरी और अंतरजनपदीय यात्राओं में वृद्धि की संभावना है। प्रदेश सरकार द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं एवं एक सहयात्री के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की व्यवस्था की गई है। इसके साथ अतिरिक्त बसों के संचालन की भी तैयारी की गई है। 

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में 25 अगस्त तक बस, टैक्सी और ऑटो-टेम्पो यूनियनों के साथ समन्वय बैठक की जाए। निर्धारित किराया ही लिया जाए, ओवरलोडिंग न हो, यात्रियों के साथ विनम्र व्यवहार किया जाए और यात्री सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। रक्षाबंधन के दौरान संचालित होने वाली टैक्सी और ई-रिक्शा के चालकों का आवश्यक सत्यापन कराया जाए।  केवल सत्यापित और सक्षम चालकों से ही वाहनों का संचालन कराया जाए। 

    मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर विशेष यातायात प्रबंधन के निर्देश दिए। मथुरा-वृंदावन, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, विंध्याचल-मिर्जापुर और गोरखपुर जैसे स्थलों पर विशेष व्यवस्था की जाए। बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, बाजारों तथा शहरों के प्रवेश और निकास मार्गों पर यातायात दबाव को देखते हुए पहले से कार्ययोजना तैयार रखी जाए। 

    मुख्यमंत्री ने त्योहारों के दौरान बस स्टेशनों पर सीसीटीवी, पेयजल, साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था रहे। वहीं उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की ओऱ से रक्षाबंधन पर फर्स्ट एड की अलग से व्यवस्था भी बस स्टेशनों पर की जाए। ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग, अधिक किराया वसूली तथा अन्य अनियमितताओं के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई के निर्देश दिए। बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, नशे में वाहन चलाने तथा मालवाहक वाहनों और ट्रैक्टरों में यात्रियों के अनधिकृत परिवहन पर सख्ती की जाए। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें और दुर्घटना की स्थिति में गोल्डन ऑवर का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए। राहत एवं बचाव केंद्रों को तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी कार्य किया जाए, ताकि दुर्घटना की सूचना मिलते ही निकटतम राहत एवं बचाव केंद्र, ट्रॉमा केयर और एंबुलेंस तक तत्काल पहुंच बनाई जा सके।

    मुख्यमंत्री ने परिवहन व्यवस्था को नागरिक सुविधा से सीधे जोड़ते हुए कहा कि प्रदेश में परिवहन सेवाओं को अधिक सुरक्षित, सरल और तकनीक आधारित बनाया जाए। रक्षाबंधन के अवसर पर विशेष रूप से महिलाओं और परिवारों की यात्रा को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित विभाग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि त्योहार के दौरान किसी यात्री को अनावश्यक परेशानी न हो।

  • रक्षाबंधन पर हर साल बहनों को योगी सरकार की बड़ी सौगात, अब तक बांटे 188 करोड़ रुपये से अधिक के निशुल्क टिकट

    रक्षाबंधन पर हर साल बहनों को योगी सरकार की बड़ी सौगात, अब तक बांटे 188 करोड़ रुपये से अधिक के निशुल्क टिकट

    लखनऊ

     रक्षाबंधन पर बहनों को भाइयों तक पहुंचने में किराये की चिंता न हो, इसके लिए योगी सरकार वर्ष 2017 से लगातार निशुल्क बस यात्रा का उपहार देती आ रही है। वर्ष 2017 से 2025 तक लगातार नौ रक्षाबंधन पर महिलाओं को दी गई इस सुविधा के तहत 2.01 करोड़ निशुल्क टिकट जारी किए गए। इन टिकटों के किराये पर खर्च 188.41 करोड़ रुपये (समतुल्य धनराशि) आंकी गई है। यानी योगी सरकार के कार्यकाल में रक्षाबंधन पर बहनों व महिलाओं को अब तक 188.41 करोड़ रुपये की निशुल्क यात्रा का उपहार मिल चुका है।

    2017 से लगातार जारी है बहनों के लिए निशुल्क सफर 

    योगी सरकार ने वर्ष 2017 में रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए निशुल्क बस यात्रा की पहल शुरू की। इसके बाद लगातार 2025 तक यह सुविधा दी गई। नौ वर्षों में इस सुविधा का लाभ लेने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ी और 2025 तक कुल 2.01 करोड़ से अधिक निशुल्क टिकट जारी किए गए।

    188.41 करोड़ रुपये का निशुल्क यात्रा उपहार 

    परिवहन निगम के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 से 2025 तक रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को जारी निशुल्क टिकटों के किराये के समतुल्य धनराशि करीब 188.41 करोड़ रुपये है।

    2025 में महिला के साथ सहयात्री को भी निशुल्क सफर

    वर्ष 2025 में योगी सरकार ने रक्षाबंधन की यात्रा को और सुविधाजनक बनाते हुए महिला के साथ एक सहयात्री को भी निशुल्क यात्रा का लाभ दिया। 8 अगस्त 2025 की सुबह छह बजे से 10 अगस्त की मध्यरात्रि तक कुल 66 घंटे की अवधि में करीब 63.14 लाख महिला यात्रियों और 15.11 लाख से अधिक महिला यात्रियों के सहयात्रियों को निशुल्क यात्रा की सुविधा मिली। इस दौरान 78.26 लाख से अधिक निशुल्क टिकट जारी हुए, जिनका कुल किराया मूल्य करीब 86.98 करोड़ रुपये रहा।

    हर साल बढ़ता गया बहनों का भरोसा

    आंकड़ों पर नजर डालें तो 2017 में 11,16,332 महिला यात्रियों ने इस सुविधा का लाभ लिया था। 2018 में यह संख्या 11,69,226, 2019 में 12,04,085 और 2020 में 7,36,605 रही। 2021 में 9,63,466, 2022 में 22,32,322, 2023 में 29,29,755 और 2024 में 19,78,403 महिला यात्रियों ने निशुल्क यात्रा की। 2025 में महिलाओं के साथ सहयात्री को जोड़ने के बाद कुल निशुल्क टिकटों की संख्या 78,26,324 तक पहुंच गई। 

    यूपीएसआरटीसी प्रधान प्रबंधक (संचालन) अनिल कुमार ने कहा कि 2017 में शुरू हुई निशुल्क बस यात्रा की पहल अब रक्षाबंधन पर योगी सरकार की प्रमुख जनसुविधाओं में शामिल हो चुकी है। 9 वर्षों में 2.01 करोड़ से अधिक निशुल्क टिकट और 188.41 करोड़ रुपये के किराये के समतुल्य लाभ इस योजना के व्यापक असर को दर्शाते हैं। सरकार इस कदम में विभाग पूरी तरह आगे भी तत्पर्रता से जुटा रहेगा। प्रदेश के यात्रियों को सुविधाजनक यात्रा करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। 

    त्योहार पर आर्थिक राहत के साथ आसान हुई यात्रा

    रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए दूसरे शहरों और गांवों की यात्रा करती हैं। ऐसे में मुफ्त बस यात्रा उन्हें सीधे आर्थिक राहत देती है। खासतौर पर सामान्य और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह सुविधा त्योहार के दौरान यात्रा का अतिरिक्त खर्च कम करने में मदद करती है। साथ ही सरकारी बसों में अतिरिक्त बसों और फेरों की व्यवस्था से त्योहार के समय आवागमन को सुगम बनाने का प्रयास किया जाता है।

    महिला सम्मान और आत्मनिर्भरता के विजन से जुड़ी पहल

    योगी सरकार की सोच महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके सम्मान, सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने पर भी केंद्रित है। रक्षाबंधन पर निशुल्क बस यात्रा इसी विजन का एक प्रत्यक्ष उदाहरण है। सरकार का प्रयास है कि महिलाओं को जरूरी यात्राओं के दौरान आर्थिक और परिवहन संबंधी बाधाओं का सामना कम करना पड़े और वे अपने परिवार के साथ त्योहारों और महत्वपूर्ण अवसरों में सहजता से शामिल हो सकें।

  • मुख्यमंत्री ने अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह को किया नमन, 1857 के सेनानियों को याद किया

    मुख्यमंत्री ने अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह को किया नमन, 1857 के सेनानियों को याद किया

    लखनऊ

     1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के अमर नायक अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह की 222वीं जयंती पर आयोजित भाव समर्पण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी के मनुस्मृति को लेकर दिए गए बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उनसे लोकतंत्र व संविधान के प्रति जवाबदेही की अपेक्षा की जाती है। यदि मनु को जानना है तो अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण और मत्स्य पुराण पढ़ना चाहिए। ऐसा कौन व्यक्ति है, जिसे जीवन में मां, बहन, पत्नी या बेटी के रूप में किसी महिला का संरक्षण न मिला हो। महिलाओं व पुरुषों के पारस्परिक संबंधों को लेकर भारत की परंपरा को एकतरफा तरीके से देखने के बजाय उसके व्यापक संदर्भ को समझने की जरूरत है।

    भारत की परंपरा-विरासत को कोसना ही राहुल गांधी का काम

    सीएम योगी ने कहा कि राहुल गांधी ने संविधान की शपथ ली है, लेकिन इसके बावजूद वह भारत की परंपरा व विरासत को कोसना अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझते हैं। राहुल यूपी से बाहर जाकर उत्तर प्रदेश को लांछित और अपमानित करते हैं और भारत से बाहर जाकर देश का अपमान करते हैं। सेना सीमाओं पर दुश्मनों से लड़ती है, लेकिन राहुल जवानों से प्रमाण मांगते हैं। कांग्रेस तो अयोध्या में प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर भी सवाल खड़ा करती रही है। बच्चों व नौजवानों को ऐसी दिशा में नहीं ले जाना चाहिए, जहां बाद में माता-पिता या परिवार को शर्मिंदा होकर माफी मांगनी पड़े। मुख्यमंत्री ने जंतर-मंतर पर प्रधानमंत्री के प्रति कथित अभद्र भाषा के इस्तेमाल का उदाहरण देते हुए कहा कि बाद में उस बेटी और उसकी मां ने अपने शब्द वापस लेते हुए माफी मांगी। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि भारत की एक संवैधानिक संस्था हैं। जब प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है तो यह केवल व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि उस संस्था और देश का अपमान है।

    भारत की वर्तमान पीढ़ी के भविष्य से खिलवाड़ न करें

    मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी पर अर्बन नक्सलियों के हाथों वर्तमान पीढ़ी का भविष्य खराब करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि वह भारत की विरासत को क्यों बर्बाद करना चाहते हैं? क्यों देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं? देश ने राहुल गांधी से नेता प्रतिपक्ष के रूप में सकारात्मक और जिम्मेदार भूमिका की अपेक्षा की थी, लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों से स्वयं को पूरी तरह अलग कर लिया है। मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र के प्रति कांग्रेस की निष्ठा पर भी सवाल उठाते हुए 1975 के आपातकाल का उल्लेख किया।

    अमेठी-रायबरेली के सामने बनाया पहचान का संकट

    मुख्यमंत्री ने गांधी परिवार के राजनीतिक प्रभाव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेठी व रायबरेली ने लंबे समय तक इस परिवार को ढोया, लेकिन इस क्षेत्र के सामने पहचान का संकट भी इसी परिवार ने खड़ा किया। अब जनता को तय करना है कि विकास के लिए किस प्रकार की राजनीति और नेतृत्व की आवश्यकता है।

    एक ही परिवार का नाम बढ़ाती रही कांग्रेस

    सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस को देश के स्मारकों और संस्थानों का नामकरण एक ही परिवार के नाम पर करने में रुचि रही है। उसने राना बेनी माधव बख्श सिंह, लालचंद स्वर्णकार और महापराक्रमी वीर पासी जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर संस्थानों व स्मारकों के नाम रखने के बारे में कभी नहीं सोचा। देश के वास्तविक नायकों को उचित सम्मान देना कांग्रेस की प्राथमिकता नहीं रही। काकोरी ट्रेन एक्शन को लूट कहकर कांग्रेस सालों तक हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करती रही। हमारी सरकार ने स्वंतत्रा सेनानियों के साथ ही सभी महापुरुषों का सम्मान स्थापित किया। प्रभु राम के भव्य मंदिर के निर्माण के साथ महर्षि वाल्मीकि, गोस्वामी तुलसीदास, निषादराज और माता शबरी को भी सम्मान दिया है।

    कांग्रेस के परिवार ने भारत नहीं बनाया, विभाजन जरूर कराया

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष परिवार पर देश के विभाजन और उस दौरान हुए बड़े पैमाने पर जनसंहार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने हमेशा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम किया, जिसके लिए उसे देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस को वीर सावरकर, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे राष्ट्रनायकों को स्वीकार करने में भी परेशानी रही। वाजपेयी सरकार में पोर्ट ब्लेयर एयरपोर्ट का नाम वीर सावरकर के नाम पर किया गया था, लेकिन बाद में कांग्रेस सरकार ने उसे बदल दिया। कांग्रेस ने ऐसे लोगों को महिमामंडित किया, जिन्होंने अंग्रेजों की मुखबिरी कर क्रांतिकारियों के खिलाफ साजिश रची। वर्तमान पीढ़ी को देश के वास्तविक नायकों का इतिहास बताने की जरूरत है।

    सचिंद्र नाथ बख्शी को जेल भिजवाने वाला कांग्रेस नेता

    मुख्यमंत्री ने काकोरी ट्रेन एक्शन के क्रांतिकारी सचिंद्र नाथ बख्शी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। आजादी के बाद उन्हें मुक्त किया गया। बाद में वह भारतीय जनसंघ से जुड़े और वाराणसी दक्षिण से विधायक बने। सचिंद्र नाथ बख्शी ने विधानसभा में बताया था कि उनके खिलाफ पैरवी करने वाला एक कांग्रेस नेता था, जिसने अंग्रेजों की मुखबिरी कर उन्हें जेल भिजवाने में भूमिका निभाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने ऐसे व्यक्ति के नाम पर लखनऊ में सड़क का नामकरण किया, जबकि सचिंद्र नाथ बख्शी जैसे क्रांतिकारी को भुला दिया।

    हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद मछली की दावत!

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं के कथित दोहरे आचरण पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग विरासत का अपमान करने के साथ धार्मिक आस्था को लेकर भी दिखावा करते हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अयोध्या में हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद मछली की दावत उड़ाई। यही कांग्रेस का दोहरा चरित्र है। मंदिर में राम-राम चिल्लाने और बजरंग बली के सामने दंडवत होने का ढोंग करने के बाद ऐसा आचरण शर्मनाक है। इन लोगों से गिरगिट भी शर्मा जाए। इन प्रदेश अध्यक्ष के भाई की हत्या एक माफिया ने की थी। प्रदेश अध्यक्ष ने उस माफिया के खिलाफ आवाज उठाने के बजाय उसके सामने घुटने टेककर नतमस्तक होने का काम किया।

    अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह को किया नमन

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राना बेनी माधव बख्श सिंह भारत माता के महान सपूत और स्वाधीनता संग्राम के प्रखर हस्ताक्षर थे। उनके अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान को देश सदैव स्मरण करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश की जनता की ओर से उनकी स्मृतियों को नमन किया। सीएम योगी ने कहा कि 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर उत्तर प्रदेश के बगैर अधूरा है। अवध क्षेत्र में इस पूरे आंदोलन को राना बेनी माधव बख्श सिंह ने नेतृत्व प्रदान किया। उन्होंने हजारों स्थानीय नागरिकों को अपनी सेना का हिस्सा बनाकर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। उनके नेतृत्व में अवध की धरती पर स्वतंत्रता की लड़ाई ने व्यापक रूप लिया। सीएम ने मंगल पांडे, धन सिंह गुर्जर, नाना साहेब, तात्या टोपे, रानी लक्ष्मीबाई, वीरा पासी, राजा माधव सिंह, राजा चंद्रिका बख्श सिंह, लालचंद स्वर्णकार, फतेह बहादुर और बसंत सिंह समेत भारत माता के महान सपूतों को नमन कर श्रद्धांजलि दी।

    वीरा पासी की प्रतिमा लगाने का सुझाव

    सीएम योगी ने कहा कि राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मारक के पहले चरण का काम पूरा हो चुका है। कुल बजट 21 करोड़ रुपये था और करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने दूसरे चरण के कार्य में वीरा पासी और उनके सहयोगियों की प्रतिमाएं लगाने का सुझाव दिया। सीएम ने कहा कि पूरे वर्ष कार्यक्रम आयोजित कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों के परिवारों को आमंत्रित कर उनका सम्मान किया जाना चाहिए।

  • ₹100 करोड़ से ऊपर के प्रोजेक्ट्स पर कड़ी नजर, यूपी में अब थर्ड पार्टी करेगी क्वालिटी ऑडिट

    ₹100 करोड़ से ऊपर के प्रोजेक्ट्स पर कड़ी नजर, यूपी में अब थर्ड पार्टी करेगी क्वालिटी ऑडिट

     लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में ₹100 करोड़ से अधिक लागत वाले बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की अब थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट (TPQA) कराई जाएगी. सड़कों, पुलों, सीवर, जलापूर्ति और अन्य सार्वजनिक उपयोगिता से जुड़े कामों की गुणवत्ता जांच की जिम्मेदारी देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों को सौंपी गई है. वित्त विभाग की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक प्रदेश के अलग-अलग मंडलों के लिए IITs को प्रोजेक्ट्स की जांच की जिम्मेदारी दी गई है। 

    इसके तहत IIT कानपुर को कानपुर, लखनऊ, बांदा, प्रयागराज, अयोध्या, आगरा, झांसी और देवीपाटन मंडल के जिलों में चल रहे ₹100 करोड़ से अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट्स की गुणवत्ता जांच का जिम्मा मिला है. वहीं IIT BHU वाराणसी को बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी और मिर्जापुर मंडल के जिलों में परियोजनाओं की जांच करनी होगी. जबकि IIT रुड़की को सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, मेरठ और अलीगढ़ मंडल के प्रोजेक्ट्स की थर्ड पार्टी ऑडिट की जिम्मेदारी दी गई है। 

    राज्य सरकार परियोजनाओं की गुणवत्ता को लेकर गंभीरता दिखाई है और बड़ा फैसला लिया है. यानी कि 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाओं का थर्ड पार्टी ऑडिट होगा.परियोजनाओं का कम से कम पांच बार निरीक्षण होगा. रिपोर्ट निरीक्षण के दिन से अधिकतम एक माह के भीतर उपलब्ध करानी होगी. यूपी में 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत की सभी निर्माण परियोजनाओं का थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट होगा. सड़क, पुल, पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन और सीवरलाइन संबंधी कार्य का ऑडिट होगा. आईआईटी और एनआईटी समेत विभिन्न तकनीकी संस्थानों को मंडलवार जिम्मेदारी दी गई है। 

    आईआईटीज ऐसे करेंगी ऑडिट
    योजना विभाग की पहल पर शुरू की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स में निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और सुरक्षा मानकों की निगरानी करना है. थर्ड पार्टी ऑडिट में किसी बाहरी और स्वतंत्र एजेंसी द्वारा परियोजना की डिजाइन, निर्माण प्रक्रिया, इस्तेमाल की गई सामग्री और तय मानकों के पालन की जांच की जाती है. इससे परियोजनाओं की निगरानी में पारदर्शिता आती है और किसी भी तरह के हितों के टकराव की संभावना कम होती है। 

    अधिकारियों के मुताबिक IITs की टीम प्रोजेक्ट शुरू होने से लेकर उसके पूरा होने तक अलग-अलग चरणों में निरीक्षण करेगी. निरीक्षण के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके बाद जरूरत पड़ने पर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। 

  • हम अहीरों के हरवाह नहीं, ठेकेदार बनना बंद कीजिए- अखिलेश यादव पर ओपी राजभर का हमला

    हम अहीरों के हरवाह नहीं, ठेकेदार बनना बंद कीजिए- अखिलेश यादव पर ओपी राजभर का हमला

    लखनऊ

     सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी प्रमुख ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अगर सपा प्रमुख अखिलेश यादव को पिछड़ों का नेता बनना है तो उन्हें ‘पीट देगा अहीर’ की भावना से बाहर निकलना पड़ेगा।

    ‘CM पिता की बदौलत ऑस्ट्रेलिया घूमने की बधाई’- ओपी राजभर
    ओपी राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “अखिलेश यादव जी! आपका एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें आप बता रहे हैं कि आपको खुद याद नहीं कि आप कितनी बार फेल हुए हैं।"

    राजभर ने कहा कि एक इंटरव्यू में आपने ही बताया था कि आप सिर्फ एक विषय में पास हुए, बाकी में फेल हो गए थे। उन्होंने कहा कि आपके पिता CM थे, इसके चलते आप ऑस्ट्रेलिया घूम आए, उसके लिए आपको बधाई, लेकिन आपके इतिहास में एक सच्चाई भी छुपी है। सच्चाई ये है कि आप सिर्फ एक बार पास होंगे, बाकी हर बार फेल हुए।”

    ‘फेल होने पर भी बन गए CM’- राजभर

    ओपी राजभर ने कहा, “आप चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, इसलिए फेल होने पर भी आपको CM बना दिया गया। अगर आप सामान्य घर के अहीर होते तो गली-मोहल्ले में लठैत बनकर घूम रहे होते और किसी राजभर, मल्लाह, निषाद, बिंद, केवट, प्रजापति, मौर्य, कुर्मी, बंजारा, पाल, नाई, धोबी की पीठ पर लाठी मार रहे होते। उनकी जमीन कब्जा कर रहे होते।”

    राजभर ने गैर-यादव पिछड़ी जातियों के आरक्षण और उनके साथ कथित भेदभाव को लेकर भी सपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आज भी आपकी जाति के लोग हम लोगों को मार रहे हैं, धमका रहे हैं और जमीन कब्जा कर रहे हैं। सपा को तो चौधरी चरण सिंह जी की मेहरबानी से CM की कुर्सी मिल गई। ये कुर्सी लोगों की सेवा करने के लिए दिलाई गई थी, लेकिन आपने ‘अहीर’ और ‘अशफाक’ के चक्कर में सिर्फ गरीबों का आरक्षण खाने का काम किया।

    ‘गैर-यादव पिछड़ा समाज सैफई परिवार की गुलामी नहीं करेगा’

    ओपी राजभर ने कहा कि यूपी में सपा की चार बार सरकार बनी और इसमें सिर्फ और सिर्फ गैर-यादव पिछड़ों के आरक्षण पर डकैती डालने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि यकीन न हो तो अपने चाचा शिवपाल जी से पूछ लीजिएगा, वह खुद सच्चाई बता देंगे।

    ‘हम आपके हरवाह नहीं हैं’- राजभर

    राजभर ने कहा कि अखिलेश जी, आप और आपके स्वजातियों के आगे अब अगड़े भी पिछड़े हो गए हैं। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को उन पिछड़ी जातियों के बारे में सोचना पड़ेगा, जिन पर तीन दशक से उनके स्वजातियों ने अत्याचार किया है और उनके हक पर डकैती डाली है।
    राजभर ने कहा, “अखिलेश जी, हम लोग अहीरों के हरवाह नहीं हैं। इसलिए हमारे ठेकेदार बनना बंद करिए। गैर-यादव पिछड़ा समाज सैफई परिवार की गुलामी नहीं करेगा।”