Category: उत्तर प्रदेश

  • अकेला नहीं है आउटसोर्स कर्मी, उसकी समस्या को सुनने व सुलझाने का तंत्र विकसित किया सरकार ने: मुख्यमंत्री

    अकेला नहीं है आउटसोर्स कर्मी, उसकी समस्या को सुनने व सुलझाने का तंत्र विकसित किया सरकार ने: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री ने दिया आउटसोर्स सेवाकर्मियों को बड़ा उपहार

    उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ किया सीएम योगी ने, यूपीकॉस पोर्टल व वेबसाइट की लॉन्चिंग और लोगो का अनावरण भी 

    सीएम ने आउटसोर्स कर्मियों को वितरित किए बढ़ाए गए पारिश्रमिक के चेक, पांच तारीख तक सीधे अकाउंट में जाएगा पारिश्रमिक

    घटना-दुर्घटना, आपदा का शिकार होने पर निर्धारित श्रेणी के अनुसार परिवार को मिलेगा 20 से 40 लाख तक दुर्घटना बीमा कवर 

    3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को ही नहीं, पारिवारिक सदस्यों समेत 17-20 लाख लोगों को मिलेगा निगम का लाभ: सीएम योगी

    ईपीएफ व ईएसआई का अंशदान भी जमा होगा, सरकार आउटसोर्स एजेंसी को देगी सर्विस चार्ज, कर्मचारी से नहीं होगी कटौती

    आउटसोर्स कर्मी को सीधे निकाल नहीं सकेगी कंपनी, पहले सरकार को बताना होगा, जांच के बाद होगा निर्णय

    ‘सैफई-रामपुर सिंडिकेट’ के बाद अब एजेंसियों के माध्यम से होने वाले आउटसोर्स कर्मियों के शोषण पर होगा प्रहार 

    किसी व्यक्ति की कृपा पर नहीं, बल्कि श्रेणी व शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप सुनिश्चित होगा पारिश्रमिक

    अकेला नहीं है आउटसोर्स कर्मी, उसकी समस्या को सुनने व सुलझाने का तंत्र विकसित किया सरकार ने: मुख्यमंत्री

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के आउटसोर्स कर्मियों को बुधवार को बड़ा उपहार दिया। इन कर्मियों से जुड़ी सभी समस्याओं को सुनने व सुलझाने के लिए सीएम ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का शुभारंभ करने के साथ ही यूपीकॉस के पोर्टल व वेबसाइट की लॉन्चिंग और इसके लोगो का अनावरण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने आउटसोर्स कर्मियों को बढ़ाए गए पारिश्रमिक के चेक सौंपे तथा 40 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम बनने से 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मियों को ही नहीं, बल्कि उनके पारिवारिक सदस्यों समेत 17-20 लाख व्यक्तियों को इसका लाभ मिलेगा। 

    आउटसोर्स कर्मचारियों की गरिमा स्थापित करने का प्रयास  
    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यूपी की साढ़े 9 वर्ष में विकास यात्रा का श्रेय नगर निकाय कर्मियों, पंप ऑपरेटरों, सचिवालयों, चिकित्सालयों व शासन व्यवस्था से जुड़े स्थायी, संविदा व आउटसोर्स कर्मियों को दिया। उन्होंने कहा कि यह शासन की जिम्मेदारी है कि हर व्यक्ति को गरिमा के अनुरूप सम्मान प्राप्त हो। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के जरिए हमारी सरकार का प्रयास इसी गरिमा व गौरव को स्थापित करना है।

    सरकार ने समझी पीड़ा, दूर की चिंता
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की व्यवस्था तीन खेमों में बंटी थी। एक तरफ कार्मिक, दूसरी तरफ एजेंसी और तीसरी तरफ सरकारी विभाग होता था। कर्मचारी समस्या लेकर अलग-अलग दरवाजों पर जाता था, लेकिन सुनवाई नहीं होती थी। वेतन की चिंता, सामाजिक व सेवा संबंधी सुरक्षा की गारंटी भी नहीं थी। तब इन कर्मियों का प्रश्न होता था कि आखिर मेरी पीड़ा कौन सुनेगा, मेरे परिवार की चिंता कौन करेगा। हमारा मानना है कि सरकार व कर्मचारी का रिश्ता केवल वेतन और कार्य का नहीं हो सकता, वह विश्वास और जिम्मेदारी का होता है। कर्मचारी का जीवन कागजों व कार्यालयों के चक्कर में न बीते। उसे महसूस होना चाहिए कि उसके बेहतर काम का रिकॉर्ड और अधिकारों को सुरक्षित रखा जा रहा है। वह अकेला नहीं, उसकी समस्या को सुनने का भी तंत्र है। समय से वेतन, भविष्य निधि, बीमा अधिकार, मेहनत के अनुरूप मानदेय हर कार्मिक का अधिकार है और सरकार ने यही सुनिश्चित किया है।

    सामाजिक के साथ आर्थिक भेदभाव भी नहीं होना चाहिए
    सीएम ने कहा कि जब कर्मचारियों से मानदेय पूछते थे तो कोई 8 हजार, कोई  11 हजार बताता था। जो 9 हजार बताते थे, उन्हें भी 6 हजार ही मिलता था। हमारा मानना है कि सामाजिक भेदभाव दूर करने के लिए आर्थिक भेदभाव भी दूर किया जाना चाहिए। व्यक्ति को मेहनत का उचित मानदेय मिलना ही श्रम का सम्मान है। उसे सामाजिक सुरक्षा की गारंटी, बल्कि घटना-दुर्घटना पर बीमा कवर भी मिलना चाहिए। हमारी सरकार ने संवेदनशीलता को सुशासन की पहली शर्त मानते हुए आउटसोर्स सेवा निगम का गठन किया। इसके माध्यम से हर कार्मिक को संस्थागत सुरक्षित भविष्य प्राप्त होगा। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अधिकार किसी व्यक्ति की कृपा पर नहीं, बल्कि मेहनत से प्राप्त होगा। व्यवस्था में बिचौलियों की जगह नहीं होगी। पोर्टल पर सारी जानकारी उपलब्ध होगी। अब कर्मचारी अकेला नहीं है, निगम उसके साथ होगा। 

    20 लाख लोगों को मिल सकेगा सुरक्षा कवर 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसी को समय पर अधिकार मिलता है तो उसका लाभ केवल एक व्यक्ति को नहीं मिलता। बच्चे की पढ़ाई, मां की दवाई, बेटी का भविष्य सुनिश्चित होता है। परिवार को भरोसा मिलता है कि मेहनत बेकार न जाएगी। सरकार निगम के माध्यम से 20 लाख लोगों को सुरक्षा कवर प्रदान करना चाहती है। अब सरकारी विभाग, आउटसोर्स एजेंसी व कर्मचारी आधुनिक, पारदर्शी, तकनीक आधारित व्यवस्था से जुड़ जाएंगे। मैनपावर की आवश्यकता का आकलन, रिक्तियों का पूर्वानुमान व मानव संसाधन की योजना बनाई जा सकेगी। 

    श्रेणी व शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप होगा पारिश्रमिक 
    सीएम ने कहा कि राज्य सरकार की आरक्षण नीतियों के अनुरूप योग्यता व मेरिट के आधार पर भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन व पारदर्शी होगी। भर्ती, पोस्टिंग, उपस्थिति, मानदेय, ग्रेच्युटी, बीमा व सेवा लाभ की डिजिटल मॉनिटरिंग भी होगी। कर्मचारी अब सेवा विवरण, अकाउंट, उपस्थिति, भुगतान व कटौती आदि एक ही जगह देख सकेगा। यहीं शिकायत दर्ज कराकर समय से निराकरण भी पा सकेगा। श्रेणी व शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप प्रत्येक कर्मचारी का पारिश्रमिक भी सुनिश्चित होगा। 

    पांच तारीख तक अकाउंट में जाएगा पारिश्रमिक 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 से 5 तारीख तक सीधे बैंक अकाउंट में पारिश्रमिक जाएगा। नियमित रूप से ईपीएफ व ईएसआई का अंशदान भी जमा होगा। सरकार आउटसोर्स एजेंसी को सर्विस चार्ज देगी, वे कर्मचारी के पैसे से कटौती नहीं सकेंगे। कंपनी किसी आउटसोर्स कर्मी को निकाल नहीं सकेगी। वह पहले सरकार को बताएगी, जिसकी जांच होगी। कंपनी की रिपोर्ट गलत हुई तो कर्मचारी का उत्पीड़न नहीं हो पाएगा।

    मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ भी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ईएसआई अंशदान का पैसा ईएसआई अस्पतालों में निशुल्क उपचार के लिए देंगे, यदि वहां किसी उपचार की सुविधा नहीं मिली तो आयुष्मान भारत से इसे जोड़ेंगे। इससे आउटसोर्स कर्मी व परिवार को पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर भी मिलेगा। मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ भी सुनिश्चित किए जाएंगे। 

    20 से 40 लाख तक दुर्घटना बीमा कवर 
    सीएम ने आउटसोर्स सेवा निगम के साथ एसबीआई के एमओयू का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मानदेय सीधे बैंक में जाएगा और घटना-दुर्घटना, आपदा का शिकार होने पर निर्धारित श्रेणी के अनुसार 20 से 40 लाख तक का दुर्घटना बीमा कवर परिवार को मिलेगा। अग्निकांड का शिकार होने पर 10 लाख, आकस्मिक दवा के लिए पांच लाख, आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस की सुविधा के लिए 10 लाख, बेटे की शिक्षा के लिए 8 लाख, बेटी की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक मिलेगा। दो पुत्रियों के विवाह के लिए 8-10 लाख तक तथा किसी कर्मचारी की मृत्यु पर बैंक के माध्यम से निगम परिजनों को तत्काल 50 हजार रुपये उपलब्ध कराएगा। जीरो बैलेंस पर बैंक खाता खुलेगा और इसके माध्यम से परिवार के चार सदस्यों को विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अब आउटसोर्स कर्मचारियों को ऑर्गनाइज्ड, स्किल्ड, सिक्योर व डिग्निफाइड वर्कफोर्स में बदलने वाला निगम प्रारंभ हो रहा है। 

    पहले सत्ताधारी लोगों के रिश्तेदारों की थीं कंपनियां
    सीएम ने आरोप लगाया कि 2017 के पहले की सरकारें आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ मानती थीं। उस समय उन्होंने जो कंपनियां रखी थीं, उसमें अधिकतर सत्ताधारी लोगों के रिश्तेदारों की थीं, जो भर्ती, यूनिफॉर्म व अन्य कार्यों के नाम पर शोषण करती थीं। भाजपा सरकार ने कर्मचारियों को बोझ नहीं, बल्कि मानव संसाधन के रूप में संपत्ति माना है। 

    कभी नहीं बदलेगी मानव श्रम की गरिमा
    सीएम ने कहा कि ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, ऑटोमेशन व नई अर्थव्यवस्था के दौर में कार्य की प्रकृति बदल रही है, लेकिन मानव के श्रम की गरिमा कभी नहीं बदलेगी। टेक्नोलॉजी जितना आगे जाएगी, गवर्नेंस को उतना अधिक मानवीय होना पड़ेगा। साढ़े 9 वर्ष में डबल इंजन सरकार ने भय-अराजकता से मुक्ति दिलाई तो पारदर्शिता के साथ नई कार्य संस्कृति को भी बढ़ाया। व्यवस्था के किनारे खड़े व्यक्ति को मुख्यधारा में लाया गया। यूपी की अर्थव्यवस्था में किसान, नौजवान, महिलाएं, कारीगर, रेहड़ी-पटरी वाले, मेहनतकश नागरिक, सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यम से जुड़े उद्यमी, स्टार्टअप शुरू करने वाले युवा से लेकर सरकारी कर्मचारी और आउटसोर्स कर्मचारी मजबूत भागीदारी निभा रहे हैं। 

    किसानों को उद्यमिता से जोड़ रही सरकार
    सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने किसानों को बाजार तक पहुंच दी। उसे तकनीक, सिंचाई, बीमा और सीधे भुगतान से जोड़ा। हमारी सोच है कि किसान सिर्फ खेती न करे, बल्कि कृषि अर्थव्यवस्था का मजबूत उद्यमी भी बने। 2017 से पहले कारीगरों में निराशा थी। पिछली सरकारों की अकर्मण्यता के कारण पीढ़ियों का धंधा चौपट हो चुका था। हमारी सरकार ने एक जनपद-एक उत्पाद योजना लागू की, उसे तकनीक, बाजार दिया। आज कारीगर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। 

    अब दौड़ रहा है उत्तर प्रदेश
    सीएम ने कहा कि पहले छोटे उद्यमी विभागों में चक्कर लगाते थे। हमने एमएसएमई के लिए पहले उद्योग लगाने और 1000 दिन में एनओसी की व्यवस्था बनाई। आज 96 लाख एमएसएमई यूनिट में 3.15 करोड़ से अधिक लोग काम कर रहे हैं। हमने सिंगल विंडो सिस्टम बनाया। अब उत्तर प्रदेश दौड़ रहा है। हमने केवल सुरक्षा नहीं दी, बल्कि प्रदेश को आर्थिक रूप से संपन्न बनाने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं।

    महिला समृद्धि के लिए लगातार काम किए सरकार ने
    सीएम ने कई महिला सदस्यों वाले मिल्क प्रोड्यूसर समूहों का जिक्र करते हुए कहा कि वे झांसी, आगरा, लखनऊ, काशी, गोरखपुर, रायबरेली आदि जनपदों में सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं। इससे 4 लाख बहनें जुड़कर आत्मनिर्भरता की कहानी कह रही हैं। राज्य में स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर लगभग 1 करोड़ महिलाएं प्रदेश की प्रगति को गति दे रही हैं। 

    छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले भर्ती निकलती थी तो युवा को पेपर लीक समेत कई चुनौतियों से जूझना पड़ता था। हमने यूपी सरकार के सभी आयोग व बोर्ड में आवश्यक बदलाव किए। सुनिश्चित किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने पर जेल और संपत्ति जब्त होगी। अगले छह महीने में एक लाख नए युवाओं को सरकारी नौकरी मिलेगी। यूपी पुलिस में 2.25 लाख भर्ती की गईं। 2017 से पहले यूपी पुलिस में 10 हजार महिला कार्मिक थीं, अब 44 हजार हैं और नई भर्ती के बाद 11-12 हजार और भर्ती हो जाएंगी। यूपी में 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए। पहले बड़े उद्योग महज 14 हजार थे, अब यह संख्या 35 हजार होने जा रही है। 2017 के पहले 120 स्टार्टअप थे, आज 24 हजार से अधिक हैं।

    ‘सैफई-रामपुर सिंडिकेट’ के बाद अब एजेंसियों के शोषण पर प्रहार 
    सीएम ने कहा कि हम युवाओं को स्किल, इनोवेशन व टेक्नोलॉजी से जोड़कर मार्केट-इंडस्ट्री रेडी वर्कफोर्स के रूप में तैयार कर रहे हैं। एआई, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स के साथ थ्री-डी प्रिटिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है। यूपी के हर मंडल में एक विश्वविद्यालय है। अब यूनिवर्सिटी बनाने के लिए ‘रामपुर सिडिंकेट’ व अन्य लोगों के लिए अलग-अलग प्रावधान जैसा नहीं है। 2017 के पहले ‘सैफई-रामपुर सिंडिकेट’ व्यवस्था का खून चूसता था। एजेंसियों के माध्यम से शोषण होता था। आउटसोर्स निगम के माध्यम से अब तीसरे सिंडिकेट पर भी प्रहार होगा।

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

  • उत्तर प्रदेश और जर्मनी के बीच निवेश, नवाचार एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर हुई सार्थक चर्चा

    उत्तर प्रदेश और जर्मनी के बीच निवेश, नवाचार एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर हुई सार्थक चर्चा

    उत्तर प्रदेश और जर्मनी के बीच निवेश, नवाचार एवं औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं पर हुई सार्थक चर्चा

    लखनऊ 

    उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को लखनऊ स्थित कैम्प कार्यालय में जर्मनी के प्रतिनिधिमंडल से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश और जर्मनी के बीच निवेश, नवाचार, कौशल विकास तथा औद्योगिक सहयोग को और अधिक मजबूत करने की संभावनाओं पर सार्थक एवं सकारात्मक चर्चा हुई।

    उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज निवेश, उद्योग और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण, बेहतर आधारभूत सुविधाओं तथा कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता से वैश्विक निवेशकों के लिए व्यापक संभावनाएं सृजित हुई हैं। उन्होंने जर्मनी के साथ आर्थिक एवं औद्योगिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने पर बल दिया।

    बैठक में दोनों पक्षों के बीच तकनीकी सहयोग, नवाचार, कौशल विकास, रोजगार सृजन तथा औद्योगिक निवेश के क्षेत्रों में संभावित साझेदारी पर भी विचार-विमर्श हुआ। इससे उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के नए अवसर सृजित होने तथा प्रदेश में आधुनिक तकनीक और निवेश को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं हैं।

    इस अवसर पर राउनहेम, जर्मनी के महापौर श्री डेविड रेंडल, इनोवेशन हब राइनमेन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री स्टीफन विट्टेकाइंड, जर्मन इंडियन बिजनेस अलायंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री निर्मल रमन, जर्मन इंडियन बिजनेस अलायंस के अध्यक्ष श्री सेल्वाकुमार पेरियासामी सहित अन्य प्रतिष्ठितजन उपस्थित रहे।

  • लोगों को भ्रमित कर रही एआई जनित खबरें

    लोगों को भ्रमित कर रही एआई जनित खबरें

    लोगों को भ्रमित कर रही एआई जनित खबरें

    एनएमसी से जुड़ी फेक न्यूज़ सोशल मीडिया पर वायरल 

    लखनऊ
     सोशल मीडिया लोगों की दिनचर्या का एक हिस्सा बन गया है। जहां दिन भर तरह-तरह की खबरें प्रसारित और प्रचारित होती रहती हैं। देखने और पढऩे में सामान्य सी लगने वाले कई समाचार सच से कोसों दूर होते हैं। यह खबरें केवल न्यूज पेपर कटिंग तक सीमित नहीं है घटना-दुर्घटना के वीडियो भी एआई से बनाकर व्यूज बटोरने के लिए सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे हैं। खबरों से प्रभावित होने वाले जब उसकी पड़ताल करते हैं तो पता चलता है कि वह समाचार एआई यानि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बना है। 

    तकनीक के हमेशा से ही दो पहलू रहे हैं। एक वह जो मानव सभ्यता के लिए लाभदायक होता है तो दूसरा आम आदमी का जीवन खतरे में डाल सकता है। इसी तकनीक का ताजा उदाहरण है एआई। आज के समय में हर कोई एआई का मास्टर बनना चाहता है। एआई आपकी तस्वीर को सुन्दर बनाने से लेकर कपड़े और लोकेशन तक बदल सकता है। इतना ही नहीं आप एआई की मदद से कोई भी वीडियो बना सकते हैं। आज इसी तकनीक का सहारा लेकर कई लोग फेक न्यूज़ और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर व्यूज बढ़ा रहे हैं। यही लोग समाचार पत्र की कटिंग सी लगने वाली खबर भी एआई से बनाकर सोशल मीडिया में पोस्ट कर रहे हैं। कई समाचार पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली खबरों के फैक्ट जांचे बगैर ही उन्हें अखबार में जगह दे देते हैं। जो लोगों की परेशानी का सबब बन जाता ह है। फर्जी खबरों की कड़ी में एक न्यूज सोशल मीडिया पर वायरल हुई जो राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से जुड़ी थी । जिसमें NMC द्वारा डमी फैकल्टी की लिस्ट तैयार किये जाने की जानकारी दी गयी थी। लिस्ट उन डॉक्टरों की जो तैनात तो हैं पर कॉलेज नहीं जाते। अब प्रभावित लोगों ने इसकी पड़ताल की हकीकत सामने आई कि समाचार फर्जी और एआई जनित है। लोगों का कहना है कि इससे होने वाली परेशानी से मानसिक दबाव बनाता है।
    कभी किसी दुर्घटना की फर्जी खबर आ जाती है तो कभी किसी प्रतियोगी परीक्षा का रिजल्ट आ जाता है। यहां तक की एआई से लोग अफसरों के नियुक्ति और आदेश पत्र बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं। और ऐसे लोगों की भी संख्या कम नहीं है जो बगैर सच को जाने समझे उस पत्र को शेयर करते चले जाते हैं। आए दिन ऐसी दर्जनों पोस्ट वायरल होती हैं जिनका सच से कोई लेना देना नहीं। किसी कोई भी जागरूक नागरिक इसकी पड़ताल करता है तब यह पता चला है कि समाचार पत्र या वीडियो एआई से जेनरेट किया गया है।

  • मंत्री ने बताया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का तत्काल संज्ञान लेकर अधिकारियों को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश

    मंत्री ने बताया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का तत्काल संज्ञान लेकर अधिकारियों को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश

    अंकित बालियान हत्याकांड पर सीएम योगी का सख्त रुख, मंत्री ने परिजनों से मिलकर जताई संवेदना

    मंत्री कपिल देव अग्रवाल बोले- अपराधी कितना भी प्रभावशाली हो, कानून के शिकंजे से नहीं बच सकता
     
    मंत्री ने बताया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का तत्काल संज्ञान लेकर अधिकारियों को दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश 

    लखनऊ/शामली
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत शामली के अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस कार्रवाई तेज हुई है। मुख्यमंत्री ने घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी क्रम में प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने शामली के बंतीखेड़ा गांव पहुंचकर दिवंगत अंकित बालियान के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।

    मंत्री ने परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अंकित बालियान की हत्या की घटना बेहद कष्टदायी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और सरकार की स्पष्ट नीति है कि प्रदेश में अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को संरक्षण नहीं मिलेगा।

    मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई
    मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि करीब पांच दिन पूर्व हरियाणा से आए शार्प शूटर द्वारा अंकित बालियान की सरेआम हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल संज्ञान लिया और अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट संदेश है कि उत्तर प्रदेश में अपराध करके कोई भी व्यक्ति कानून से बच नहीं सकता। अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस कार्रवाई में घायल हुए दोनों आरोपी
    मंत्री ने बताया कि हत्याकांड में शामिल आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा पकड़े जाने के दौरान आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल हुए। उन्होंने कहा कि मामले में शामिल सभी आरोपियों और किसी भी संभावित साजिशकर्ता के खिलाफ कानून के दायरे में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में हत्याकांड के पीछे किसी बड़े षड्यंत्र या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    ‘परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर संतोष जताया’
    मंत्री अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने अंकित बालियान के पिता से भी बातचीत की। परिवार ने पुलिस की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है और शार्प शूटरों की पहचान भी की है। उन्होंने कहा कि परिवार ने अपना बेटा खोया है। दीपावली, होली, रक्षाबंधन समेत हर त्योहार पर परिजनों को अंकित की कमी महसूस होगी। जिस मां की कोख सूनी हुई है, उसकी पीड़ा को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है।

    एनकाउंटर पर सवाल उठाने पर विपक्ष पर निशाना
    अखिलेश यादव द्वारा पुलिस एनकाउंटर पर सवाल उठाए जाने को लेकर मंत्री ने कहा कि पहले विपक्ष अपराधियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई की मांग करता है और जब पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करती है तो उसी कार्रवाई पर सवाल खड़े किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि दुख और शोक की इस घड़ी को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है। यदि पुलिस कार्रवाई को लेकर कोई तथ्यात्मक सवाल है तो उसकी जांच की मांग की जा सकती है, लेकिन बिना आधार के सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाना उचित नहीं है।

    ‘योगी सरकार में अपराधियों को संरक्षण नहीं’
    कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य स्पष्ट है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “अपराधी कितना भी प्रभावशाली हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता।” सरकार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में पीछे नहीं हटेगी और अंकित बालियान हत्याकांड में भी दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

  • परिवहन मंत्री के निर्देश पर कानपुर नगर के 02 एआरटीओ निलंबित, आरटीओ को कारण बताओ नोटिस जारी

    परिवहन मंत्री के निर्देश पर कानपुर नगर के 02 एआरटीओ निलंबित, आरटीओ को कारण बताओ नोटिस जारी

    परिवहन मंत्री के निर्देश पर कानपुर नगर के 02 एआरटीओ निलंबित, आरटीओ को कारण बताओ नोटिस जारी

    अनियमितता पर परिवहन कार्यालय के दो लिपिक सहित 15 व्यक्तियों के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज 

    वरिष्ठ सहायक मधुर मिश्रा एवं विपिन कुमार के विरूद्ध खुली सतर्कता जांच

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के निर्देश पर शासन नेे परिवहन विभाग के 02 एआरटीओ और 01 आरटीओ को कार्मिकों द्वारा बरती गयी अनियमितताओं में संलिप्तता, कार्यालय में विफल पर्यवेक्षण, अधीनस्थों पर शिथिल नियंत्रण, शासनादेशों/उच्चादेशों की अवहेलना किये जाने पर प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए सख्त कार्यवाही की है। इसमें कानपुर नगर के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) तृतीय दल, श्रीमती सोमलता यादव एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) आलोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और कानपुर नगर के ही संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन), राकेन्द्र सिंह को 15 दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। 
    संबंधित प्रकरण में प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेकर जिलाधिकारी कानपुर ने अपर पुलिस उपायुक्त एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी कानपुर नगर द्वारा संभागीय/सहायक परिवहन कार्यालय कानपुर नगर का औचक निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण के दौरान वहां पर उपस्थित लगभग 50 व्यक्तियों से पूछताछ की गयी, जिसमें 11 संदिग्ध व्यक्ति चिन्हित हुए जो कि आवेदकों से गाड़ियों का पंजीकरण कराने एवं ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर धोखाधड़ी करके अवैध धन उगाही कर रहे थे। इन व्यक्तियों के पास से 43,485 रूपये नगद भी बरामद किया गया था। इस मामले में परिवहन कार्यालय के दो लिपिक मधुर मिश्रा एवं विपिन कुमार की भी संलिप्तता पाई गयी। इस प्रकार मौके पर कुल 15 व्यक्तियों के विरूद्ध जिला प्रशासन द्वारा थाना काकादेव कानपुर नगर में प्रथम सूचना रिपोर्ट भी दर्ज करा दी गयी। निरीक्षण के दौरान यह तथ्य भी सामने आया वाहन संख्या यूपी 91 एटी 4251 (ट्रक) के चालक द्वारा अवगत कराया गया कि संभागीय परिवहन कार्यालय कानपुर नगर के कार्मिक द्वारा 26,750 रूपये की धनराशि उससे ली गयी और उसे मात्र 21,750 रूपये की जमा पर्ची उपलब्ध कराई गयी। जांच में उपलब्ध कैश के मिलान में भी उक्त अनियमितता पायी गई। संबंधित प्रकरण की निरीक्षण रिपोर्ट जिलाधिकारी द्वारा परिवहन आयुक्त कार्यालय को भी प्रेषित की गयी थी।
    परिवहन मंत्री ने कहा कि अधीनस्थ कार्यालयों में अधिकृत व्यक्तियों द्वारा कार्य न लिये जाने के संबंध में शासन एवं मुख्यालय स्तर से समय-समय पर दिशा निर्देश दिये जाने के बावजूद संभागीय/सहायक परिवहन कार्यालय कानपुर नगर में अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा कार्यालय के अधिकारियों/कर्मचारियों की मिलीभगत से कार्य किया जाना, उनके साथ पैसों का अवैध लेन देन किया जाना, इस बात का दोतक है कि उक्त कार्यालय में कार्यों का निस्तारण अवैध तरीके से किया जा रहा है जो कि उक्त पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की शिथिलता का परिचायक है। उन्हांेने सख्त निर्देश दिये हैं कि परिवहन विभाग में किसी भी स्तर पर कार्यों में शिथिलता एवं लोगों के साथ धोखाधड़ी होना बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।
    निलम्बन की अवधि में श्रीमती सोमलता यादव एवं आलोक कुमार मुख्यालय से संबद्ध रहेंगे तथा उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इस मामले में शासन द्वारा उप परिवहन आयुक्त (परिक्षेत्र) वाराणसी को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
    परिवहन मंत्री के निर्देश पर परिवहन आयुक्त द्वारा जिलाधिकारी कानपुर द्वारा प्रेषित पत्र के आधार पर उक्त प्रकरण में संलिप्त कार्मिकों विपिन कुमार एवं मधुर मिश्रा वरिष्ठ सहायक को उ0प्र0 सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली-1956 में वर्णित प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से 27 अगस्त को ही निलंबित कर दिया गया। साथ ही उक्त कार्मिकों के विरूद्ध खुली सतर्कता जांच भी विभाग द्वारा कराया जा रहा है। जांच प्रकरण में पाया गया कि विपिन कुमार द्वारा एवं मधुर मिश्रा द्वारा चालान रसीद में अंकित धनराशि के सापेक्ष क्रमशः 7000 रूपये तथा 15,000 रूपये कम पाये गये।
    सम्पर्क सूत्र- आशीष सिंह

  • UPCOS लॉन्च: यूपी के 20 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को सुरक्षा कवच, सरकार ने शुरू की नई व्यवस्था

    UPCOS लॉन्च: यूपी के 20 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को सुरक्षा कवच, सरकार ने शुरू की नई व्यवस्था

    लखनऊ 

    उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम यानी UPCOS की शुरुआत की. लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की विकास यात्रा में आउटसोर्स कर्मचारियों से लेकर स्थायी कर्मचारियों और नगर निकायों के सफाईकर्मियों तक, हर वर्ग के श्रमिकों का योगदान रहा है. अब सरकार की जिम्मेदारी है कि उनके श्रम को सम्मान मिले और उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप अधिकार और सुरक्षा उपलब्ध हो। 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास और प्रगति की जो यात्रा तय की है, उसके पीछे प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और श्रमिकों का योगदान है, उन्होंने कहा कि चाहे नगर निकायों में काम करने वाले सफाईकर्मी हों या शासन की अलग-अलग व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने वाले कर्मचारी, सभी ने प्रदेश को आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है। 

    उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों में स्थायी और आउटसोर्स, दोनों तरह के कर्मचारी शामिल हैं. ऐसे में शासन की जिम्मेदारी बनती है कि हर कर्मचारी को उसकी गरिमा के अनुरूप सम्मान मिले। 

    'सरकार और कर्मचारी का रिश्ता सिर्फ वेतन का नहीं'
    सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम की स्थापना का उद्देश्य केवल कर्मचारियों के प्रबंधन तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके सम्मान और गरिमा को स्थापित करना भी है. उन्होंने कहा, सरकार और कर्मचारी का रिश्ता केवल वेतन का नहीं, बल्कि विश्वास का होता है, इस विश्वास को मजबूत करने के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है, जिसमें कर्मचारी को यह महसूस हो कि उसके बेहतर काम का रिकॉर्ड रखा जा रहा है और उसकी समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने का प्रभावी तंत्र मौजूद है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी को यह महसूस होना चाहिए कि वह व्यवस्था में अकेला नहीं है और उसकी मेहनत को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। 

    सीएम ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन मिलना चाहिए और हर कर्मचारी को उसकी मेहनत के अनुरूप मानदेय प्राप्त होना चाहिए, उन्होंने श्रम के सम्मान को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए कहा कि सामाजिक भेदभाव को खत्म करने के लिए आर्थिक भेदभाव को भी दूर करना जरूरी है। 

    बिचौलियों की भूमिका होगी खत्म, पोर्टल से मिलेगी जानकारी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ी व्यवस्थाओं में अब बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी. कर्मचारियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पोर्टल की व्यवस्था की जाएगी. इससे व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और कर्मचारी सीधे अपनी सेवाओं तथा सुविधाओं से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेंगे। 

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से सरकार करीब 20 लाख लोगों को सुरक्षा कवर देने जा रही है. इसका उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों और उनके परिवारों को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद व्यवस्था उपलब्ध कराना है। 

    पेपर लीक पर बोले सीएम
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया को लेकर कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में जब भी कोई भर्ती निकलती थी, तो युवाओं को सबसे पहले पेपर लीक होने की चिंता सताती थी. परीक्षा देने के बाद परिणाम की चिंता होती थी और परिणाम आने पर चयन प्रक्रिया पर कोर्ट की रोक लगने का डर रहता था. चयन होने के बाद नियुक्ति और नौकरी मिलने के बाद अपनी सेवा को लेकर चिंता बनी रहती थी. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस पूरी मानसिकता को बदलने का काम किया है. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति की जगह जेल होगी और उसकी पूरी संपत्ति जब्त की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है और अगले छह महीनों में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे। 

  • भाजपा विधायक के निधन पर मुख्यमंत्री योगी ने जताया शोक

    भाजपा विधायक के निधन पर मुख्यमंत्री योगी ने जताया शोक 

    काफी समय से बीमार थे बुलंदशहर के शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक अनिल शर्मा 

    लखनऊ
     भारतीय जनता पार्टी के विधायक अनिल शर्मा का बुधवार को निधन हो गया। वे काफी समय से बीमार चल रहे थे, उनका अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनके निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक जताया। 

    मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्यमंत्री एवं जनपद बुलंदशहर के शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के माननीय विधायक अनिल शर्मा का निधन अत्यंत दु:खद है। विनम्र श्रद्धांजलि।

    सीएम योगी ने लिखा कि प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।

  • UP Rain Alert: भारी बारिश और बाढ़ की आशंका से प्रशासन अलर्ट, 6 सितंबर तक सतर्क रहने के निर्देश

    UP Rain Alert: भारी बारिश और बाढ़ की आशंका से प्रशासन अलर्ट, 6 सितंबर तक सतर्क रहने के निर्देश

    योगी सरकार सतर्क, कई जिलों में 6 सितंबर तक भारी बारिश-बाढ़ का पूर्वानुमान

    आईएमडी के पूर्वानुमान पर योगी सरकार ने कसी कमर, हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचाने के निर्देश

    भारी बारिश और आकस्मिक बाढ़ की आशंका पर तैयारियां तेज, राहत आयुक्त कार्यालय ने जारी किए निर्देश

    मंत्री नंद गोपाल नंदी ने चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा, वितरित की राहत किट

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए योगी सरकार लगातार हर स्तर पर सक्रिय है। इसी क्रम में भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के 1 से 6 सितंबर तक के मौसम पूर्वानुमान को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने संबंधित जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश जारी किए हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आकस्मिक बाढ़, मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका जताई है। सरकार ने लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रभावित एवं संभावित क्षेत्रों में आवश्यक तैयारियां मजबूत रखने और जरूरतमंदों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

    6 सितंबर तक भारी बारिश का पूर्वानुमान
    6 सितंबर तक उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भारी बारिश यानी मूसलाधार बारिश की आशंका है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में मेघगर्जन और वज्रपात भी हो सकता है। इसे देखते हुए राहत आयुक्त कार्यालय ने जिला प्रशासन को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और स्थानीय स्तर पर आवश्यक सावधानियां बरतने को कहा है।

    इन जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान
    भारी बारिश की आशंका वाले जिलों में बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, संत रविदास नगर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, रायबरेली, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, एटा, कासगंज, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।

    इन जिलों में आकस्मिक बाढ़ की आशंका
    सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर, वाराणसी,
    प्रयागराज, जौनपुर, भदोही, चित्रकूट और कौशाम्बी में आकस्मिक बाढ़ की आशंका भी जताई है। ऐसे में इन जिलों में प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने और नदियों, नालों व जलभराव वाले क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

    वज्रपात को लेकर भी व्यापक अलर्ट
    प्रदेश के कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना व्यक्त की है। इसमें पूर्वांचल से लेकर मध्य यूपी, बुंदेलखंड, पश्चिमी यूपी और एनसीआर से जुड़े जिले भी शामिल हैं। प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, जौनपुर, गाजीपुर, लखनऊ, अयोध्या, आगरा, कानपुर, झांसी, मथुरा, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर समेत अनेक जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है।

    बाढ़ राहत के साथ आपदा से पहले तैयारी पर जोर
    योगी सरकार का फोकस केवल बाढ़ आने के बाद राहत पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि संभावित आपदा से पहले ही प्रशासन को तैयार रखने पर भी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर जिलों को समय रहते अलर्ट जारी कर दिया गया है, ताकि बारिश या आकस्मिक बाढ़ की स्थिति बनने पर लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक कदम उठाने और लोगों की हर संभव मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील
    राहत आयुक्त कार्यालय ने संभावित प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से तेज बारिश, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और वज्रपात की स्थिति में सावधानी बरतने व प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया है।

    राहत एवं बचाव व्यवस्था को मजबूत रखने के निर्देश
    प्रदेश में पहले से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सरकार की ओर से राहत और बचाव व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखा जा रहा है। अब मौसम विभाग के नए पूर्वानुमान के बाद संबंधित जिलों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

    बॉक्स
    मंत्री नंद गोपाल नंदी ने चित्रकूट में वितरित की राहत किट 
    चित्रकूट में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए राहत किट वितरण का कार्य तेजी से जारी है। तहसील कर्वी में प्रभारी मंत्री नंद गोपाल नंदी ने राहत किट वितरित की। साथ ही उन्होंने जिले की अन्य हिस्सों में भी प्रभावित लोगों को हाल-चाल लिया। सभी तक मदद प्रशासन द्वारा पहुंच रही मदद का भी जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को लोगों की हर स्तर पर मदद करने के लिए भी कहा।

  • संत समिति ने अखिलेश यादव को घेरा, CM योगी के वीडियो को लेकर लगाए सनातन विरोधी मानसिकता के आरोप

    संत समिति ने अखिलेश यादव को घेरा, CM योगी के वीडियो को लेकर लगाए सनातन विरोधी मानसिकता के आरोप

    संत समिति का अखिलेश यादव पर तीखा हमला : CM योगी के वीडियो को बताया सनातन पर कुठाराघात

    – स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा- चुनाव प्रचार करें लेकिन सनातन संस्कृति और परंपराओं पर प्रहार स्वीकार नहीं

    वाराणसी
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से जारी AI वीडियो पर संत समाज की नाराजगी बढ़ती जा रही है। अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने इस वीडियो की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे सनातन धर्म, संत परंपरा और संस्कृति पर कुठाराघात बताते हुए कहा कि इस तरह का प्रचार समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को राजनीतिक रूप से भारी पड़ सकता है।

    स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि AI तकनीक का इस्तेमाल चुनाव प्रचार और राजनीतिक विरोध के लिए किया जा सकता है, लेकिन इसकी आड़ में सनातन संस्कृति, परंपरा और धार्मिक प्रतीकों का अपमान नहीं किया जाना चाहिए।

    उन्होंने वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शिखाधारी ब्राह्मण के रूप में नोट गिनते और कथित तौर पर गांजा-चिलम का सेवन करते दिखाए जाने पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि योगी आदित्यनाथ केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि संत परंपरा से भी जुड़े हैं। ऐसे में उनकी छवि को इस तरह प्रस्तुत करना राजनीतिक आलोचना की सीमा से आगे जाकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है।

    'सनातन पर प्रहार का परिणाम भुगतना पड़ेगा'
    स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि समाजवादी पार्टी को राजनीतिक और चुनावी प्रचार करने का पूरा अधिकार है, लेकिन सनातन परंपरा और संस्कृति पर प्रहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रचार का राजनीतिक नुकसान अखिलेश यादव को उठाना पड़ सकता है।

    उन्होंने अखिलेश यादव पर अपने पिता के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि उसका हिसाब भी अभी बाकी है। अब यदि देश की सनातन परंपरा पर प्रहार किया जाता है तो इसका परिणाम समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस को भी भुगतना पड़ सकता है।

    संत समिति ने की माफी की मांग
    अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव ने मांग की कि विवादित AI वीडियो को वापस लिया जाए और इसके लिए माफी मांगी जाए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध और आलोचना लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन इसके लिए धर्म, संस्कृति और संत परंपरा को निशाना बनाना उचित नहीं है।

  • ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएं, न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचे सरकार की उपलब्धियों की कहानी: मुख्यमंत्री

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएं, न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचे सरकार की उपलब्धियों की कहानी: मुख्यमंत्री

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएं, न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचे सरकार की उपलब्धियों की कहानी: मुख्यमंत्री

    17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा ‘सेवा संकल्प अभियान’, 13 प्रमुख कार्यक्रमों के जरिए जन-जन तक पहुंचेगी प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा और विकास की यात्रा

    उपलब्धियों को आंकड़ों तक सीमित न रखें, लाभार्थियों के जीवन में आए बदलाव की वास्तविक कहानियां सामने लाएं: मुख्यमंत्री

    ‘आशीर्वाद का दीया’ से होगा अभियान का शुभारंभ, लाभार्थी परिवारों के घर जलेंगे दीप, दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण भी दिए जाएंगे

    25 लाख लाभार्थियों की कहानी से लेकर डिजिटल इन्फ्लुएंसर और 400-500 सांस्कृतिक टोलियों तक, गांव से राज्य स्तर तक चलेगा जनसंपर्क अभियान

    सभी 75 जिलों में ‘सेवा ज्योति’ के लिए स्थान चिन्हित करें, राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज में उत्तर प्रदेश की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री 

    17 अक्टूबर को 1.25 लाख जनप्रतिनिधियों के साथ होगा ‘जनसेवा महाकुंभ’, पंचायत से पार्लियामेंट तक लिया जाएगा ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प

    लखनऊ, 
     प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के 25 वर्षों के निरंतर सेवा काल की जनकल्याणकारी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। एक माह के इस व्यापक अभियान में 13 प्रमुख कार्यक्रमों के माध्यम से सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण, विकास और जनभागीदारी की कहानी समाज के हर वर्ग तक पहुंचाई जाएगी। ‘आशीर्वाद का दीया’, ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर-सेवाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘सेवा सेतु अभियान’, ‘रंगोली राष्ट्र एवं घर-घर से राष्ट्र तक’, ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ और ‘जनसेवा महाकुंभ’ इसके प्रमुख कार्यक्रम होंगे। इनके साथ प्रमुख स्मारकों पर लेजर शो, प्रमुख तीर्थस्थलों पर महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान तथा ग्राम चौपाल और सीधा संवाद भी अभियान का हिस्सा होंगे।  

    मंगलवार को अभियान की कार्ययोजना पर उच्चस्तरीय चर्चा के के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की निरंतर यात्रा है। इस अवधि में देश में हुए नीतिगत सुधारों, जनकल्याणकारी कार्यों और ऐतिहासिक बदलावों को जनता के सामने प्रभावी ढंग से रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के 12 वर्षों और प्रदेश सरकार के 10 वर्षों में हुए विकास कार्यों से आम नागरिक के जीवन में जो सकारात्मक परिवर्तन आया है, उसकी वास्तविक तस्वीर सामने आए। अभियान का उद्देश्य केवल उपलब्धियों को बताना नहीं, बल्कि युवा, महिला, किसान और वंचित वर्ग समेत प्रत्येक नागरिक को ‘विकसित भारत 2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ना भी है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान की पहुंच जिला मुख्यालयों और विकासखंडों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। न्याय पंचायत और ग्राम पंचायत स्तर तक अभियान को पहुंचाने का विशेष प्रयास किया जाए। स्थानीय स्तर पर लोगों को यह जानकारी मिले कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं तथा विकास परियोजनाओं से उनके गांव, क्षेत्र और परिवार के जीवन में क्या बदलाव आया है। उन्होंने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिलाओं, लाभार्थियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अभियान को वास्तविक जनभागीदारी का स्वरूप दिया जाए। उन्होंने कहा कि उपलब्धियों को केवल योजनाओं की सूची अथवा आंकड़ों के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय लोगों के जीवन में आए बदलाव की कहानी के रूप में सामने लाया जाए। इसके लिए लाभार्थियों के अनुभवों का संकलन भी किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान तैयार होने वाली सामग्री प्रमाणिक और तथ्यपरक हो तथा उसका स्थायी डेटा-बैंक तैयार किया जाए। इसमें विधानसभा, विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर तक केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों तथा राज्य सरकार के पिछले 10 वर्षों के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं का विवरण तथा लाभार्थियों की अद्यतन सूची शामिल हो। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों, महत्वपूर्ण अवस्थापना एवं कनेक्टिविटी परियोजनाओं, शिक्षा एवं कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं खेल, पंचायती राज एवं सुशासन तथा ओडीओपी से जुड़े कार्यों को भी डेटा-बैंक में शामिल किया जाए। काशी विश्वनाथ धाम, राम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या समेत प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्विकास, एक्सप्रेसवे, मेट्रो रेल नेटवर्क, नए एयरपोर्ट, विश्वविद्यालय, आयुष विश्वविद्यालय, अटल आवासीय विद्यालय, मेडिकल कॉलेज, एम्स, खेल विश्वविद्यालय और आधुनिक स्टेडियम, ग्राम सचिवालय, पंचायत भवन, डिजिटल लाइब्रेरी, अमृत सरोवर तथा ओडीओपी से जुड़े उद्यमियों और लाभार्थियों की सफलता की कहानियों का भी संकलन किया जाए। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के प्रभावी संचालन के लिए शासन, मुख्यमंत्री कार्यालय और जनपद स्तर पर समन्वय की स्पष्ट व्यवस्था हो।  मुख्यमंत्री कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा और प्रतिदिन की प्रगति मुख्यमंत्री को उपलब्ध कराई जाएगी। सभी जिलों में मुख्य विकास अधिकारी पूरे अभियान के नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। वे संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए कार्यक्रमों को न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत, वार्ड और मोहल्ला स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। अभियान की प्रदेश और जनपद स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा होगी। 

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस के अवसर पर शाम सात बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से अभियान की शुरुआत हो। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित परिवार अपने घरों में दीप प्रज्वलित करें। इसके लिए लाभार्थियों की सूची न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत, ब्लॉक, वार्ड और मोहल्ला स्तर तक तैयार कर लगातार अपडेट रखी जाए। उन्होंने कहा कि नगर विकास, ग्राम्य विकास और पंचायती राज विभाग इस कार्यक्रम में विशेष भूमिका निभाएं और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में इसकी प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करें। प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, नदी घाटों, मंदिरों, पार्कों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और चिकित्सालयों में भी विशेष दीप प्रज्वलन कराया जाए। इसी अवसर पर दिव्यांगजन को कृत्रिम अंग एवं अन्य सहायक उपकरण वितरित करने की व्यवस्था की जाए। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ को केवल प्रतीकात्मक आयोजन न बनाकर सरकार और लाभार्थियों के बीच सीधे जुड़ाव का अवसर बनाया जाए। ग्राम पंचायत और न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि अभियान की गतिविधियां गांव के अंतिम छोर तक पहुंचें। 
    इसके साथ ही 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की संकल्पना को बच्चों के माध्यम से प्रत्येक परिवार तक पहुंचाया जाए। प्रतियोगिताओं का आयोजन पहले विद्यालय स्तर, फिर ब्लॉक स्तर, जिला स्तर और अंत में प्रदेश स्तर पर किया जाए। कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए ड्राइंग तथा कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता के साथ ‘स्कूल, विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ विषय पर डिबेट प्रतियोगिता भी कराई जाए। विद्यालय स्तर की प्रदर्शनी में अभिभावकों और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित हो तथा श्रेष्ठ प्रतिभागियों को अगले स्तर के लिए चयनित किया जाए। उत्कृष्ट प्रविष्टियों को प्रमाण-पत्र और पुरस्कार दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ‘नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से 25 वर्षों की सेवा, प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और देश में आए बदलाव की कहानी गांव-गांव और शहरों तक पहुंचाई जाए। प्रस्तुतियों को प्रभावी बनाने के लिए भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय का सहयोग लिया जाए। 

    25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन का उत्सव’ के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय उत्सव और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्वस्थ बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए पुरस्कृत किया जाए, कुपोषण से सुपोषण की स्थिति तक पहुंची माताओं को सम्मानित किया जाए तथा अच्छा कार्य करने वाली आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जाए। पोषण, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में माताओं तक पहुंचाई जाए। बच्चों को कॉमिक बुक्स, पौष्टिक फल और मिठाई देने के साथ अतिरिक्त पोषाहार एवं सामग्री वितरण की व्यवस्था भी की जाए। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘कहानी बदलाव की’ को ऐसा माध्यम बनाया जाए, जिसमें गांव से लेकर राज्य स्तर तक डबल इंजन सरकार के प्रयासों से हुए बदलाव और नवाचारी मॉडलों की वास्तविक कहानी सामने आए। ग्राम सचिवालय, अटल आवासीय विद्यालय, इंटर-स्टेट कनेक्टिविटी, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, रैपिड रेल, मेडिकल कॉलेज, फोरेंसिक लैब, राष्ट्र प्रेरणा स्थल, नेवल म्यूजियम सहित बड़ी अवस्थापना परियोजनाओं और जनोपयोगी योजनाओं से हुए बदलाव को रील और वीडियो के माध्यम से दिखाया जाए। इसी क्रम में ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के तहत डिजिटल इन्फ्लुएंसर, पॉडकास्टर और व्लॉगर प्रदेश के उन स्थानों का प्रत्यक्ष भ्रमण करेंगे, जहां विकास के बड़े बदलाव दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उन्हें वास्तविक ‘पहले और बाद’ की स्थिति दिखाई जाए, ताकि वे स्वयं देखकर प्रामाणिक कंटेंट तैयार कर सकें। प्रेरणा स्थल, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, बीआईडीए झांसी, राम मंदिर, काशी कॉरिडोर, खेल विश्वविद्यालय मेरठ, महिला पुलिस अकादमी, डिफेंस कॉरिडोर और उत्तर प्रदेश राज्य फोरेंसिक विज्ञान संस्थान जैसे स्थलों को यात्रा में शामिल किया जाए। अन्य राज्यों से आने वाले इन्फ्लुएंसरों को भी प्रदेश की सफलता की कहानियां और प्रमुख विकास परियोजनाएं दिखाई जाएं। 

    मुख्यमंत्री ने 7 अक्टूबर को होने वाली ‘सेवा ज्योति यात्रा’ के लिए निर्देश दिए कि सभी 75 जिलों में प्रमुख स्थानों को पहले से चिन्हित कर लिया जाए, जहां स्थायी अथवा अखंड ‘सेवा ज्योति’ स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। जनपद के विभिन्न हिस्सों से पैदल, साइकिल और बाइक रैलियां इन स्थानों तक पहुंचेंगी। बड़ी एलईडी स्क्रीन पर प्रधानमंत्री जी के संबोधन का प्रसारण होगा और ‘विकसित भारत 2047’ का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा। ‘वडनगर-सेवाराणसी यात्रा’ के माध्यम से प्रधानमंत्री जी की जन्मभूमि और कर्मभूमि को पवित्र जल के आदान-प्रदान से जोड़ा जाएगा। तय कार्ययोजना के अनुसार वाराणसी से 250 बाइक और 500यात्री गंगाजल लेकर वडनगर जाएंगे। यात्रा के दौरान प्रतिदिन 60 से 80 ग्रामीण और शहरी पड़ावों पर जनसंवाद तथा योजनाओं का प्रचार किया जाएगा। 

    17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम में प्रत्येक नागरिक को 25 निर्धारित सेवा गतिविधियों में से किसी एक से जुड़कर समाज के लिए अपना योगदान देने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता अभियान, नदी घाटों की सफाई, सघन वृक्षारोपण, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, वंचित बच्चों को शिक्षा सहयोग, करियर काउंसलिंग, अंगदान संकल्प, नशामुक्त भारत, मतदाता जागरूकता, ‘वोकल फॉर लोकल’, गोसेवा और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता जैसी गतिविधियों में व्यापक जनभागीदारी कराई जाए। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम दो स्थलों का कायाकल्प कराया जाए। नागरिक कम से कम 25 मिनट श्रमदान कर विशेष पोर्टल पर फोटो या वीडियो अपलोड कर डिजिटल सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकेंगे। 

    इसके बाद ‘सेवा सेतु अभियान, सरकार आपके द्वार’ के तहत सभी विकासखंडों में सात दिवसीय बहुउद्देशीय सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका मूल उद्देश्य पात्र नागरिक को उसके अधिकार का लाभ उसके द्वार तक पहुंचाना होना चाहिए। तय कार्ययोजना के अनुसार लोककल्याणकारी योजनाओं के ऐसे पात्र व्यक्ति, जो किसी कारण से अभी तक योजना के लाभ से वंचित हैं, उन्हें चिन्हित कर तत्काल योजना का लाभ दिलाया जाए। शिविर में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के साथ मौके पर आवेदन, पात्रता सत्यापन और स्वीकृति की व्यवस्था हो। इन्हीं शिविरों में आरोग्य शिविर भी लगाए जाएं, ताकि लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी एक ही स्थान पर मिल सके। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़ते हुए 100 प्रतिशत सैचुरेशन का लक्ष्य रखा जाए। 

    ‘रंगोली राष्ट्र एवं घर-घर से राष्ट्र तक’ कार्यक्रम के तहत चयनित प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर 108 मीटर व्यास का ‘भारत मंडल’ और भव्य ह्यूमन रंगोली बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इसमें प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्रीय प्रतीकों और ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को रचनात्मक ढंग से प्रदर्शित किया जाए। फाइन आर्ट्स के विद्यार्थियों, महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय कलाकारों को विशेष रूप से जोड़ा जाए, ताकि युवाओं और महिलाओं की रचनात्मक भागीदारी सुनिश्चित हो। फूल, प्राकृतिक रंग, अनाज और मिट्टी जैसी प्राकृतिक सामग्री का उपयोग किया जाएगा तथा ड्रोन और एरियल कवरेज की व्यवस्था की जाएगी। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज’ में उत्तर प्रदेश की मजबूत भागीदारी सुनिश्चित की जाए। दिल्ली, बेंगलुरु, कोलकाता, महाराष्ट्र और गुजरात में पांच प्रमुख केंद्रों पर होने वाले आयोजनों में प्रदेश के युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में जोड़ा जाए। विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, आईटीआई और पॉलीटेक्निक संस्थानों में व्यापक स्तर पर छात्रों का ओरिएंटेशन और मोटिवेशन कराया जाए। स्टार्टअप नेटवर्क, इनक्यूबेशन सेंटर, निजी कंपनियों और शिक्षा संस्थानों की भागीदारी से ऑनलाइन आवेदन, विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुति, लाइव डेमो, युवा संवाद और पुरस्कार की व्यवस्था होगी। प्रत्येक केंद्र से श्रेष्ठ इनोवेशन राष्ट्रीय अंतिम चरण के लिए चुने जाएंगे। 17 अक्टूबर को ‘पंचायत से पार्लियामेंट’ थीम पर होने वाले ‘जनसेवा महाकुंभ’ के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें उत्तर प्रदेश की मजबूत और प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित की जाए। ग्राम प्रधान और सरपंच से लेकर सांसदों तक के जनप्रतिनिधियों का राष्ट्रीय समागम सेवा और सुशासन के 25 वर्षों की यात्रा को जनप्रतिनिधियों के अनुभव से जोड़ने का अवसर होगा। 

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन प्रमुख कार्यक्रमों के साथ प्रदेश के ऐतिहासिक एवं लोकप्रिय स्मारकों और पर्यटन स्थलों पर ‘नमो सेवा’ की थीम पर लेजर शो आयोजित किए जाएं। प्रमुख तीर्थस्थलों और शक्तिपीठों में राष्ट्रकल्याण, शांति और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए महायज्ञ एवं विशेष अनुष्ठान हों। ग्राम चौपालों के माध्यम से योजनाओं की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करने के साथ ग्रामीणों से सीधे फीडबैक और सुझाव लिए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि तय कार्ययोजना के अनुसार अभियान की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। 10 सितंबर तक कार्ययोजना, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की बैठक तथा डेटा-बैंक और लाभार्थी सूचियों की तैयारी पूरी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ को केवल एक महीने के कार्यक्रम के रूप में न देखा जाए। यह 25 वर्षों की जनसेवा की यात्रा को जनभागीदारी से जोड़ने का अवसर है। उन्होंने कहा कि अभियान में सरकार की उपलब्धियों के साथ उन लोगों की आवाज भी सामने आनी चाहिए, जिनके जीवन में योजनाओं और विकास कार्यों से बदलाव आया है। बैठक में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय तथा शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।