Category: उत्तर प्रदेश

  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं के मानदेय वृद्धि का शासनादेश जारी

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं के मानदेय वृद्धि का शासनादेश जारी

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के अनुपालन में शासन ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि का शासनादेश जारी कर दिया है। मंगलवार को अपर मुख्य सचिव, महिला कल्याण एवं बाल विकास लीना जौहरी ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया। इसके तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के राज्यांश में 4,000 रुपये प्रतिमाह और सहायिकाओं के राज्यांश में 2,000 रुपये प्रतिमाह की अतिरिक्त वृद्धि की गई है। इसके बाद कार्यकर्ताओं को कुल 12,000 रुपये और सहायिकाओं को 6,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा।  
     
    राज्यांश में फिक्स्ड व वैरिएबल पीएलआई शामिल

    शासनादेश के अनुसार, कार्यकर्ताओं के राज्यांश में 1,500 रुपये अतिरिक्त फिक्स्ड मानदेय तथा 2,500 रुपये अतिरिक्त वैरिएबल पीएलआई मानदेय की वृद्धि की गई है। सहायिकाओं के राज्यांश में 750 रुपये अतिरिक्त फिक्स्ड मानदेय और 1,250 रुपये अतिरिक्त वैरिएबल पीएलआई मानदेय बढ़ाया गया है। वर्तमान में भारत सरकार के मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि तथा राज्य सरकार के अतिरिक्त मानदेय को मिलाकर कार्यकर्ताओं को 8,000 और सहायिकाओं को 4,000 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं।  

    सितंबर से लागू, अक्टूबर में भुगतान

    शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि बढ़ा हुआ मानदेय सितंबर 2026 से प्रभावी होगा और इसका भुगतान अक्टूबर 2026 में किया जाएगा। यह निर्णय आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के बढ़े कार्य-दायित्व, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई), पोषण सेवाओं, डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं के अभिसरण में उनकी भूमिका को देखते हुए लिया है।

    निदेशक को कार्रवाई के निर्देश
     
    अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी ने निदेशक, बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार हर्षिता माथुर को शासनादेश के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में इस व्यवस्था में किसी भी बदलाव का निर्णय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के अनुमोदन के अधीन होगा।

  • बांटे नियुक्ति पत्र, किया सम्मानित, बढ़े हुए मानदेय का चेक वितरण भी

    बांटे नियुक्ति पत्र, किया सम्मानित, बढ़े हुए मानदेय का चेक वितरण भी

    लखनऊ,

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘आंगनवाड़ी की आवाज स्वस्थ बच्चा-शिक्षित समाज’ के तहत अयोध्या में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, मेधावी बच्चों तथा पोषण, शिक्षा एवं महिला कल्याण से जुड़ी उत्कृष्ट अधीक्षिकाओं को सम्मानित किया। उन्होंने नव नियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र का वितरण भी किया। बढ़े हुए मानदेय के चेक वितरित किए गए। साथ ही 2,51,162 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को साड़ी के लिए डीबीटी के माध्यम से 29.11 करोड़ रुपये की धनराशि अंतरण किया। इस दौरान ‘नवीन टेक होम राशन’ (टीएचआर) कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी हुआ।
     
    इनका किया गया सम्मान व दिया गया चेक, साड़ी, प्रशस्ति पत्र आदि 

    बढ़े हुए मानदेय का चेक वितरण
     सुनीता पांडेय – आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
     सोनी साहू – आंगनवाड़ी सहायिका

    साड़ी वितरण
     ममता पांडेय – आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
     नीलम यादव – आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
     अर्चना मिश्रा – आंगनवाड़ी सहायिका
     सोनी साहू – आंगनवाड़ी सहायिका

    नव नियुक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र का वितरण
    ज्योति निषाद – आंगनवाड़ी सहायिका
    अमृता निषाद – आंगनवाड़ी सहायिका

    अति कुपोषित श्रेणी से सामान्य पोषण स्थिति प्राप्त करने वाले बच्चों तथा संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का सम्मान
    अनाया पुत्री  आरती
    परी कन्नौजिया पुत्री  सारिका
     मिथलेश कुमारी (आंगनवाड़ी कार्यकर्ता)

    महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित संवासिनी गृह के निवासरत बच्चों द्वारा शिक्षा संस्थान में उत्कृष्ट परिणाम के अंतर्गत
    मोहिनी पाल (इंटर में 82.02 प्रतिशत अंक) – प्रशस्ति पत्र व बैग
    भाविनी शर्मा (हाईस्कूल में 89.16 प्रतिशत अंक) – प्रशस्ति पत्र व बैग
    देवेश यादव (हाईस्कूल में 77 प्रतिशत अंक) – प्रशस्ति पत्र व बैग

    महिला कल्याण विभाग की उत्कृष्ट विभागीय सेवाओं हेतु सम्मान
     सफलता (अधीक्षिका राजकीय बाल गृह बालिका, लखनऊ) – प्रशस्ति पत्र
     नीतू सिंह (पर्यवेक्षक राजकीय बाल गृह बालिका, प्रयागराज) – प्रशस्ति पत्र

    बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत माउंट एवरेस्ट बेस कैंप का विजय अभियान करने वाली बालिकाएं
    नीलांशु – प्रशस्ति पत्र व बैग
    प्रियंका उपाध्याय – प्रशस्ति पत्र व बैग
    प्रियंका प्रजापति – प्रशस्ति पत्र व बैग

    वहीं आईआरएफसी नई दिल्ली के श्वेतकेतु मिश्रा (चीफ जनरल मैनेजर) व अवनीश प्रकाश ने दो करोड़ रुपये के सीएसआर के जरिए जनपद के 1,250 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री स्कूल किट उपलब्ध कराई। भारत केयर्स के सीईओ भोमिक शाह ने 5 हजार छात्राओं को स्कॉलरशिप दी और जगमग अयोध्या कार्यक्रम का क्रियान्वयन कराया। इन्हें भी सीएम योगी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

  • अनुभवी चिकित्सकों की विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा मरीजों को, अस्पतालों को भी मिलेगी बड़ी राहत

    अनुभवी चिकित्सकों की विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा मरीजों को, अस्पतालों को भी मिलेगी बड़ी राहत

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की दिशा में प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। अब सरकारी चिकित्सक सेवानिवृत्ति के बाद 70 वर्ष की आयु तक पुनर्नियुक्ति के माध्यम से अपनी सेवाएं दे सकेंगे। वर्तमान व्यवस्था के तहत सरकारी डॉक्टर 65 वर्ष की आयु तक सेवाएं दे रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव स्तर से इस संबंध में आदेश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    प्रदेश के सरकारी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अनुभवी चिकित्सकों की सेवाएं लंबे समय तक उपलब्ध होने से मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श और बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को भी इस पहल से राहत मिलेगी। 
    उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग स्वास्थ्य विभाग का प्रमुख चिकित्सकीय संवर्ग है। इसमें चिकित्सा अधिकारी एवं विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं, जो प्रदेश के सरकारी अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते हैं। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद योग्य एवं अनुभवी चिकित्सकों को 70 वर्ष की आयु तक सेवाएं देने का अवसर मिलने से उनके लंबे अनुभव का सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा। 

    अधिक सक्षम बनेंगी स्वास्थ्य सेवाएं

    डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि इस निर्णय से विशेष रूप से विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी वाले चिकित्सकीय विभागों में यह व्यवस्था प्रभावी साबित होगी। ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में भी अनुभवी डॉक्टरों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को चिकित्सकों की सेवानिवृत्ति के बाद 70 वर्ष की आयु तक पुनर्नियुक्ति संबंधी आदेश जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य अनुभवी चिकित्सकों की विशेषज्ञता का अधिकतम उपयोग करते हुए प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सक्षम, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाना है।

  • मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ व नाथ संप्रदाय से संबंधित फिल्म के दृश्य भी देखे

    मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ व नाथ संप्रदाय से संबंधित फिल्म के दृश्य भी देखे

    लखनऊ

    फिल्म 'हनुमान अंश' की टीम ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। टीम में फिल्म के निर्माता, निर्देशक व सभी प्रमुख कलाकार शामिल रहे। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी और मुख्य अभिनेता शोभिनव ने सीएम योगी को फिल्म के विषय और इसकी आध्यात्मिक पृष्ठभूमि के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ जी की पावन पंक्तियों और नाथ संप्रदाय से जुड़े फिल्म के अहम दृश्यों को देखा। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि फिल्म में परम पूज्य बाबा नीब करौरी और नाथ संप्रदाय के सिद्ध संतों की ऐतिहासिक मुलाकातों का विशेष चित्रण किया गया है। शोध बताते हैं कि अपने शुरुआती दौर में बाबा नीब करौरी लंबे समय तक नाथ संप्रदाय के संतों के सान्निध्य में रहे थे, जहां से उन्होंने दिव्य आध्यात्मिक ऊर्जा और शक्तियों को ग्रहण किया था।

    सीएम योगी ने फिल्म एवं इसके निर्माण से जुड़े सभी सदस्यों के प्रयासों को सराहा और अपनी शुभकामनाएं भी दीं। गौरतलब है कि फिल्म 'हनुमान अंश' प्रसिद्ध संत बाबा नीब करौरी (नीम करौली बाबा) के जीवन और उनकी हनुमान भक्ति पर आधारित है। कम बजट में बनी इस फिल्म को दर्शकों का भारी समर्थन मिल रहा है।

  • अखिलेश यादव ने लॉन्च की समाजवादी छात्र सभा की नई यूनिफॉर्म, नीली टी-शर्ट और जींस में दिखेंगे छात्र

    अखिलेश यादव ने लॉन्च की समाजवादी छात्र सभा की नई यूनिफॉर्म, नीली टी-शर्ट और जींस में दिखेंगे छात्र

     लखनऊ

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में सपा के छात्र संगठन समाजवादी छात्र सभा के लिए नया यूनिफार्म लॉन्च किया। समाजवादी छात्र सभा के नये यूनिफार्म में नीले रंग की टी-शर्ट और नीले रंग की जींस है। टी शर्ट पर समाजवादी छात्र सभा का लोगो छपा है।

    कार्यक्रम में समाजवादी छात्र सभा की राष्ट्रीय एवं प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए  अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी छात्र सभा दो सप्ताह का कार्यक्रम तय कर कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छात्र जागरूकता अभियान चलाएगी। छात्रों को सदस्य बनाकर, समाजवादी विचारधारा को छात्रों तक पहुंचायेंगे।

    पीडीए वृक्षारोपण के बाद विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में शिविर लगाकर सम्पर्क कार्यक्रम तथा पर्चा वितरण, विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों में छात्र-छात्राओं से सुझाव पत्र भरवाए जाएंगे। संगोष्ठी में वर्तमान राजनीति में छात्र-छात्राओं एवं युवाओं की भूमिका पर चर्चा होगी जबकि मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह आयोजित होगा।  

     अखिलेश यादव ने कहा कि नई पीढ़ी की सोच नई होती है। उसी दिशा में काम कर समाजवादी पार्टी छात्रसभा को नई यूनिफार्म देकर छात्रों के बीच समाजवादी विचारधारा को पहुंचाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि यूनिफार्म सिर्फ यूनिफार्म नहीं होती है, इससे गैरबराबरी खत्म होती है। सब एक तरह से दिखाई देता है। यूनिफार्म यूनिफॉर्मिटी लाती है। इसीलिए छात्रसभा के नौजवान नई सोच, नई विचारधारा के साथ काम करते हुए कालेज-विश्वविद्यालयों में छात्रों को जोड़ेंगे। सपा छात्रसभा के पदाधिकारी छात्रों के बीच समाजवादी विचारों और मूल्यों को लेकर जाएंगे।

      अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी प्रोगेसिव एप्रोच, पॉजिटिव सोच, लोकतांत्रिक तरीका, अपने अफरमेटिव और डेमोक्रेटिक एक्शन, सोशलिस्ट विचारधारा को छात्रों के बीच पहुंचाने और पीडीए आंदोलन से छात्रों नौजवानों को जोड़ने के लिए कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का पीडीए पॉजिटिव, डेमोक्रेटिक और अफरमेटिव एक्शन के लिए जाना जाता है। वहीं हमारा पीडीए भाजपा सरकार से पीड़ित, दुखी, अपमानित लोगों को जोड़कर काम कर रहा है। हम सब एक सकारात्मक सोच के साथ एकजुट होकर जमीन पर समाजवादी विचारधारा के लिए काम करेंगे।

     अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए का मतलब प्रेेम, दया, अपनापन भी है। हम लोग जितने प्रेम से व्यवहार, दया और अपनापन से काम करेंगे, उसी से समाजवादी छात्रसभा और लोगों को जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की बात वर्षों पुरानी है। सिर्फ न्याय से बात नहीं बनेगी इसलिए पीडीए के लोगों को जोड़कर सामाजिक न्याय के राज की स्थापना का काम करेंगे। सपा के सामाजिक न्याय के राज में किसी के साथ भेदभाव,पक्षपात नहीं होगा। इसमें कोई नकारात्मक चीज नहीं होगी।  अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे देश की पहचान अनेकता में एकता है। अनेक जाति धर्म के लोग मिलकर कर एक साथ रहते हैं। हमारे महापुरुषों ने वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया। हम लोग उसी रास्ते पर चलकर बंधुराष्ट्र बनाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि जो लोग नकारात्मक है। समाज को बांटने का काम करते हैं उनके लिए समाजवादी छात्र सभा का संदेश बंधुराष्ट्र का होगा।

        उन्होंने कहा कि समाज में जितना सौहार्द होगा, भविष्य उतना बेहतर होगा। लोकतंत्र यही रास्ता दिखाता है। बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर का संविधान भी यही रास्ता दिखाता है।  यादव ने कहा कि इधर जेन जी, एल्फा और नई पीढ़ी की बात हो रही है। उनके बीच में नई सोच और नए विचारों के साथ सपा के छात्र नौजवान जोड़ने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि नई टेक्नोलॉजी में नए तरह के कार्य और रोजगार विकसित हो रहे हैं। छात्र सभा के नौजवान जब कालेज कैम्पस में जाएंगे तो नए विचार मिलेंगे, समाजवादी पार्टी छात्रों के नए विचारों को अपने चुनाव घोषणा पत्र में शामिल करेगी जिससे हम लोग नियो इंडिया बनाने में सफल हो। उन्होंने कहा समाजवादी पार्टी का रास्ता लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवता का है।

         अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में समाजवादी सरकार बनने के बाद छात्रसंघों के जीते हुए पदाधिकारियों की एक कमेटी बनाकर दुनिया के बेहतरीन विश्वविद्यालय कैम्पस कैम्ब्रिज, आक्सफोर्ड और यूरोपियन यूनियन के विश्वविद्यालयों में टाईअप कर भेंजेगे, भविष्य में छात्रसंघ का क्या रूप हो उस दिशा में काम करेंगे।

         अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे खुशी है कि लोगों ने समाजवादी छात्र सभा की नई ड्रेस के नीले रंग को लोकतंत्र, विचारधारा और संविधान से जोड़ा है। नीला रंग बहुजन समाज और बाबा साहब के साथ तो रहा ही है, इधर हम लोग देखते हैं खेल मैदान ग्रीन से ब्लू टर्फ हो गए है। इस नीलू ब्लू कलर में नौजवान अच्छे दिख रहे है। नीले कलर में उम्र कम दिखती है। उन्होंने कहा कि जींस अपने आप में खास कर ब्लू कलर अन्याय के खिलाफ माना जाता है। आज जींस एक फैशन है। हर नौजवान जींस पहनता है। हम नौजवानों को जोड़ने के लिए बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के विचार नकारात्मक हैं। ये लोग रंगों से डरते हैं, नफरत करते हैं। लेकिन भाजपाई भगवान से नहीं डरते हैं। चढ़ावा और चंदा चोरी कर लेते हैं। चढ़ावा चोरी और चंदा चोरी करने वाले सबसे बड़े बहुरूपिया हैं।

     इस अवसर पर गोरखपुर की सामाजिक कार्यकर्ता सुशीला चौहान पत्नी राजकुमार चौहान, पूर्व पार्षद विराट चौहान, अंकुश निषाद, गोरखपुर से जिला पंचायत सदस्य कुलदीप निषाद, बीडीसी सदस्य प्रमोद चौहान अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए।

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री  अखिलेश यादव ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि इस परिवार के साथ बहुत अन्याय हुआ है। अभी भी न्याय नहीं मिला।
           

  • दो की जगह अब मिलेंगी तीन साड़ियां, स्मार्टफोन से रियल टाइम डेटा से जुड़ेंगे आंगनवाड़ी केंद्र

    दो की जगह अब मिलेंगी तीन साड़ियां, स्मार्टफोन से रियल टाइम डेटा से जुड़ेंगे आंगनवाड़ी केंद्र

    अयोध्या

     प्रदेश की 2.91 लाख आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बड़ी सौगात दी। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय आठ हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये और सहायिकाओं का चार हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। इसके साथ ही कार्यकत्रियों, सहायिकाओं तथा उनके परिवारों को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। अब उन्हें दो के बजाय तीन साड़ियां मिलेंगी। सीएम ने स्मार्टफोन और रियल टाइम डेटा के इस्तेमाल से आंगनवाड़ी केंद्रों को स्मार्ट बनाने की भी घोषणा की।
     
    मुख्यमंत्री योगी अयोध्या धाम में आईसीडीएस के तहत आयोजित आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। अयोध्या में करीब 12 हजार आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं मौजूद रहीं, जबकि सभी 75 जिलों में आयोजित कार्यक्रमों से मंत्री, सांसद, विधायक और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां व सहायिकाएं जुड़ीं। बुधवार से शुरू हो रहे पोषण माह से पहले मुख्यमंत्री योगी ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को मानदेय वृद्धि, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा, अतिरिक्त साड़ी और स्मार्टफोन की चार प्रमुख सौगातें दीं। अपने संबोधन से पहले सीएम ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों के स्टॉल्स का अवलोकन किया, महिलाओं को पुष्टाहार भेंट किया तथा कई बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया।

    सेवा की मिसाल बनीं आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में सरकार बनने के समय आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों को महज तीन हजार रुपये मानदेय मिलता था। सरकार ने इसे परफॉर्मेंस आधारित व्यवस्था से जोड़ते हुए आठ हजार रुपये किया। अब इसे बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया जाएगा। सहायिकाओं का मानदेय भी 1,500 रुपये से बढ़ाकर पहले चार हजार और अब छह हजार रुपये किया जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने कोरोना जैसी सदी की सबसे बड़ी महामारी के दौरान एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे गांव-गांव स्क्रीनिंग से लेकर दस्तक अभियान और संक्रमित लोगों की सेवा तक अपनी जान जोखिम में डालकर जुटी रहीं।

    सीएम योगी ने कहा कि सभी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के साथ उनके परिवार को हर वर्ष पांच लाख रुपये तक कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। इसका लाभ इम्पैनल्ड अस्पतालों के साथ सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में लिया जा सकेगा। हाल में प्रदेश के करीब 15 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को पांच लाख रुपये की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी गई है। लगातार मांग आ रही थी कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को भी इससे जोड़ा जाए। अब सरकार यह सुविधा उन्हें भी देने जा रही है।
     
    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की 2.91 लाख आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए साड़ी की धनराशि जारी कर दी गई है। अब तक उन्हें दो साड़ियां मिलती थीं। अब एक अतिरिक्त साड़ी के लिए 500 रुपये और दिए जाएंगे। इस पर प्रदेश सरकार करीब 20 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार वहन करेगी। पहले चरण में 1.28 लाख स्मार्टफोन भी उपलब्ध कराए गए हैं। इससे योजनाओं का डेटा रियल टाइम में दर्ज किया जा सकेगा और आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों का काम भी आसान होगा।

    हर आंगनवाड़ी केंद्र को अपना भवन देना लक्ष्य

    सीएम ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका को बच्चों के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2018 में इनकी भूमिका की तुलना माता यशोदा से की थी। मां के बाद छोटे बच्चों का पहला संवाद आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं से होता है। बचपन स्वस्थ होगा तो भारत स्वस्थ, समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित बनेगा। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के 70 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों को व्यवस्थित स्वरूप दिया गया है। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र को अपना भवन उपलब्ध कराना है। इसके लिए राज्य वित्त आयोग की धनराशि या अलग बजट से भवनों का निर्माण कराया जाएगा।
     
    शराब माफिया संचालित करता था बच्चों का पोषाहार

    पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले आंगनवाड़ी केंद्र जर्जर थे। बच्चे बैठने के लिए टाट लेकर आते थे। पेयजल और जरूरी उपकरणों का अभाव था। केंद्र सरकार पैसा देती थी, लेकिन पोषाहार पर माफिया का शिकंजा था। प्रदेश में बच्चों का पोषाहार एक शराब माफिया संचालित करता था। सरकार और माफिया व्यवस्था को चौपट करते थे और बदनामी आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को झेलनी पड़ती थी। अब पोषाहार को माफिया से मुक्त कर 204 स्थानों पर टेक होम राशन प्लांट महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं।
     
    सपा-कांग्रेस ने किया राममंदिर का विरोध

    अयोध्या के बदलाव को आंगनवाड़ी केंद्रों के कायाकल्प से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दस वर्ष पहले यहां न पर्याप्त बिजली थी, न सड़कें और न सुविधाएं। आज अयोध्या में फोरलेन सड़कें, भव्य रेलवे स्टेशन और महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। रेलवे की सिंगल लाइन डबल हो चुकी है। राम की पैड़ी का कायाकल्प हुआ और अयोध्या देश की सोलर सिटी बनी है। सपा और कांग्रेस, दोनों दलों ने राम मंदिर का विरोध किया। सपा ने अयोध्या में सड़कों के चौड़ीकरण, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट निर्माण तक का विरोध किया। ये विरासत के भी विरोधी हैं और विकास के भी। लेकिन, इनके विरोध के बावजूद न राम मंदिर अभियान रुका और न अयोध्या का विकास। आज रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हैं और देश-दुनिया के लोग अयोध्या के बदलाव को देख रहे हैं।
     
    समारोह में सैम और मैम श्रेणी से सामान्य पोषण स्थिति में आए बच्चों और उनके अभिभावकों, उत्कृष्ट कार्य करने वाले आंगनवाड़ी केंद्रों तथा एवरेस्ट बेस कैंप अभियान में शामिल बेटियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महिला कल्याण व बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य, महिला कल्याण राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, अयोध्या महापौर पंडित गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत सदस्य रोली सिंह, विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडेय, अयोध्या सदर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, रुदौली विधायक रामचंद्र यादव, मिल्कीपुर विधायक चंद्रभानु पासवान, गोसाईंगंज विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान, अभय सिंह, महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जौहरी, प्रदेश व जिले के अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

  • अयोध्या में सीएम योगी ने बजरंगबली का लिया आशीर्वाद, रामलला के दरबार में टेका माथा

    अयोध्या में सीएम योगी ने बजरंगबली का लिया आशीर्वाद, रामलला के दरबार में टेका माथा

    अयोध्या

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के सम्मान समारोह के समापन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का काफिला सीधे हनुमानगढ़ी पहुंचा। यहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर हनुमान जी का आशीर्वाद लिया। इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर पहुंचे। मंदिर के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जितेंद्र मिश्र ने उनका स्वागत किया। रामलला के दर्शन और पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी भी ली।

    मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की स्वच्छता, श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों एवं मंदिर प्रबंधन के प्रतिनिधियों को निर्देश दिए कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। दर्शन-पूजन के दौरान मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली। हनुमानगढ़ी में मुख्यमंत्री ने पारंपरिक पूजा पद्धति के अनुसार दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। उनके अयोध्या आगमन को लेकर स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा तंत्र पूरी तरह सतर्क रहा। मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

  • मुख्यमंत्री योगी से मिली ‘हनुमान अंश’ की टीम, गुरु गोरक्षनाथ के प्रसंग पर हुई चर्चा

    मुख्यमंत्री योगी से मिली ‘हनुमान अंश’ की टीम, गुरु गोरक्षनाथ के प्रसंग पर हुई चर्चा

     लखनऊ

    फिल्म ‘हनुमान अंश’ के निर्माता, निर्देशक और प्रमुख कलाकारों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके आवास पर मुलाकात की। टीम ने उन्हें फिल्म के कुछ खास अंश दिखाए। इनमें नीब करोरी बाबा की आध्यात्मिक यात्रा और गुरु गोरक्षनाथ की पंक्तियों से जुड़ा हिस्सा भी शामिल था। मुख्यमंत्री योगी ने फिल्म और टीम के प्रयासों की सराहना कर उनका उत्साह बढ़ाया।
     
    करीब दो करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘हनुमान अंश’ के निर्देशक एवं निर्माता विशाल चतुर्वेदी ने मुलाकात के बाद बताया कि फिल्म में नीब करोरी बाबा के घर छोड़कर ईश्वर की खोज में निकलने की यात्रा को दिखाया गया है। बचपन में मां के निधन के बाद लक्ष्मी नारायण शर्मा, जो आगे चलकर नीब करोरी बाबा के नाम से प्रसिद्ध हुए, घर से निकले तो उनका संपर्क नाथ संप्रदाय के संतों से हुआ। संन्यास लेने से पहले उन्होंने इन संतों के साथ समय बिताया था।
     
    विशाल ने बताया कि नीब करोरी बाबा की इसी आध्यात्मिक यात्रा के कारण फिल्म में गुरु गोरक्षनाथ की लिखी पंक्तियों का संदर्भ लिया गया है। उनके अनुसार, नाथ संप्रदाय के संतों के साथ रहने के दौरान नीब करोरी बाबा की अंतर्यात्रा शुरू होने के संदर्भ मिलते हैं। उनके कुंडलिनी जागरण, अन्नपूर्णा समेत कई सिद्धियां प्राप्त होने और पक्षियों की आवाजें सुनने से जुड़े प्रसंगों को भी फिल्म में स्थान दिया गया है।
     
    विशाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी स्वयं संत परंपरा से आते हैं, इसलिए टीम ने उन्हें फिल्म का वह हिस्सा भी दिखाया जो भारतीय सभ्यता और आध्यात्मिक परंपरा से जुड़ा है। फिल्म में नीब करोरी बाबा की भूमिका निभाने वाले शोभिनव सत्या ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात सुखद रही। टीम को उनका आशीर्वाद मिला है और इसके लिए सभी आभारी हैं।
     
    यूपी में शूटिंग के लिए कई बेहतरीन लोकेशन

    विशाल चतुर्वेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में फिल्म निर्माण की व्यापक संभावनाएं हैं। नोएडा में बन रही फिल्म सिटी के अलावा वाराणसी, चित्रकूट, मथुरा, वृंदावन, प्रयागराज और आगरा में शूटिंग के लिए बेहतरीन लोकेशन उपलब्ध हैं। उनका प्रोडक्शन हाउस भी उत्तर प्रदेश में पंजीकृत है और फिल्म के लगभग सभी कलाकार उत्तर और मध्य भारत से हैं।
     
    विशाल मूल रूप से झांसी के रहने वाले हैं और उनकी पढ़ाई गोरखपुर में हुई है, जबकि उनका परिवार लखनऊ में रहता है। नीब करोरी बाबा की भूमिका निभाने वाले शोभिनव सत्या भी लखनऊ के हैं। फिल्म में उनकी पत्नी की भूमिका निभाने वाली पूर्णिमा तिवारी और निर्माता रागिनी सोना भी लखनऊ की रहने वाली हैं।
     
    यूपी के शहरों में होगा टैलेंट हंट

    विशाल ने कहा कि आगे भी उत्तर प्रदेश से जुड़े विषयों को केंद्र में रखकर फिल्में बनाई जाएंगी। यूपी की कहानी और यहां की बोली वाली फिल्मों को दक्षिण भारत में भी दर्शक मिल रहे हैं। आने वाली फिल्मों के लिए प्रदेश के अलग-अलग शहरों में टैलेंट हंट किया जाएगा और थिएटर से जुड़े कलाकारों को भी मौका दिया जाएगा। कोशिश उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के कलाकारों को फिल्म निर्माण से जोड़ने और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर देने की है।

  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा सुपोषित बच्चों के माता-पिता का सम्मान

    आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा सुपोषित बच्चों के माता-पिता का सम्मान

    लखनऊ

     बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के सम्मान तथा कुपोषण से सुपोषित हुए बच्चों के माता-पिता एवं महिला कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित महिलाओं के सम्मान के लिए आयोजित प्रदेशव्यापी कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ जी द्वारा जनपद अयोध्या से किया गया। इसी क्रम में गाजीपुर के राइफल क्लब सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री, पंचायती राज विभाग तथा अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज विभाग,  ओमप्रकाश राजभर जी ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जी के संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया। मुख्यमंत्री जी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण एवं महिला सशक्तिकरण में आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि स्वस्थ मां और स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ एवं सशक्त समाज की आधारशिला हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती सपना सिंह, विधायक जखनियां  बेदी राम सहितजनप्रतिनिधिगण, अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।

    कैबिनेट मंत्री  ओमप्रकाश राजभर जी ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव-गांव और पात्र परिवारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं तथा कुपोषण से सुपोषित हुए बच्चों के माता-पिता को सम्मानित किया। इस अवसर पर बाबा, यश, ऊर्सा फातिमा, सरस्वती, लाडो एवं शिवम कुमारी सहित सुपोषित बच्चों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं कुसुम सिंह, मधुबाला, सीमा मौर्य, पुनीता कुशवाहा, सीमा यादव, अनीता देवी, लक्ष्मी देवी, आशिया खातून एवं शीला देवी सहित अन्य तथा मुख्य सेविकाओं मीना कुमारी, कंचन कुमारी एवं मंजू सिंह को सम्मानित किया गया। महिला कल्याण विभाग की स्पॉन्सरशिप योजना एवं मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थी बच्चों पूनम वर्मा, तन्मय पांडे, पुष्पा पांडे, आशुतोष कुशवाहा एवं रुबिका सहित अन्य लाभार्थियों को भी प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

    कार्यक्रम के दौरान मंत्री जी द्वारा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई एवं नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन कराया गया। गर्भवती महिलाओं को संतुलित एवं पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा चिकित्सकीय परामर्श के पालन के लिए जागरूक किया गया, जबकि छह माह की आयु के बाद बच्चों को मां के दूध के साथ पौष्टिक पूरक आहार देने के महत्व की जानकारी दी गई।

     माताओं एवं अभिभावकों को बच्चों के पोषण, स्वच्छता, टीकाकरण एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के प्रति जागरूक करते हुए कहा गया कि सुपोषण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक प्राथमिकता से पहुंचाने तथा जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए समन्वित प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।
    सम्पर्क सूत्र: राजेश राय

  • निवेश से रोजगार तक नई उड़ान, योगी सरकार की नीतियों ने यूपी में मजबूत किया उद्योगों का भरोसा

    निवेश से रोजगार तक नई उड़ान, योगी सरकार की नीतियों ने यूपी में मजबूत किया उद्योगों का भरोसा

    योगी सरकार की नीतियों से यूपी में उद्योगों का बढ़ा भरोसा, बदली औद्योगिक तस्वीर

    कानून-व्यवस्था, निर्बाध बिजली और बेहतर कनेक्टिविटी ने निवेश को दी रफ्तार, टेक्सटाइल सेक्टर में रोजगार के नए द्वार

    करोड़ों का निवेश, हजारों लोगों को रोजगार; उद्यमियों ने योगी सरकार के प्रयासों को सराहा

    योजनाओं की जानकारी से लेकर निवेश तक, अधिकारियों का सहयोग: उद्यमी

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की तस्वीर तेजी से बदली है। बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्बाध बिजली आपूर्ति, बेहतर सड़क और कनेक्टिविटी के साथ उद्योगों को मिल रही सरकारी सुविधाओं ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। मंगलवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में शुरू हुए दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 में उद्योगपतियों ने प्रदेश में बदले कारोबारी माहौल की खुलकर सराहना की।

    योजनाओं की जानकारी से लेकर निवेश तक, अधिकारियों का सहयोग

    बरेली के राम कुमार एग्रो के राहुल अग्रवाल ने कहा कि अधिकारियों की ओर से उद्योगपतियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ लगातार मार्गदर्शन और सहयोग किया जा रहा है। प्रदेश में नई इंडस्ट्री स्थापित हो रही हैं और कारोबारी अब निडर होकर निवेश करने का माहौल महसूस कर रहे हैं। उनकी फैक्ट्री में करीब 500 लोगों को रोजगार मिलने की जानकारी देते हुए उन्होंने बिजली आपूर्ति, सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार को उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण बताया।

    सब्सिडी और सरकारी सहायता से विस्तार को मिला प्रोत्साहन

    गाजियाबाद की एफको एक्सपोर्ट्स की आरुषि सिंघल ने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। सरकारी सहयोग से उद्योगों को विस्तार का प्रोत्साहन मिल रहा है। उनकी इंडस्ट्री में करीब 800 लोग कार्यरत हैं और आने वाले समय में रोजगार बढ़ाने की योजना है। उन्होंने टीयूएफ योजना के तहत करीब 25 प्रतिशत सरकारी सहायता और एक्सपोर्ट लाइसेंस सहित अन्य सब्सिडी का भी उल्लेख किया।

    टेक्सटाइल नीति ने निवेशकों को दिया मजबूत आधार

    टांडा स्थित पार्थ थ्रेड प्राइवेट लिमिटेड के अम्बिका प्रसाद पांडे ने टेक्सटाइल सेक्टर के लिए लागू नीतियों की सराहना की। उन्होंने बताया कि कंपनी को 35 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी और 60 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी का लाभ मिला है। करीब 150 करोड़ रुपये के निवेश और कई हजार लोगों को रोजगार देने की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण योजनाओं के माध्यम से उद्योगों को कुशल कारीगर भी उपलब्ध हो रहे हैं।

    कानून-व्यवस्था और कनेक्टिविटी बनी निवेश की बड़ी ताकत

    रामपुर के जीएसएल स्पिनर्स के के.के. जैन ने कहा कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपी में बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बेहतर कानून-व्यवस्था, लगातार बिजली, सिंगल पोर्टल से अप्रूवल और मजबूत परिवहन व्यवस्था ने उद्योग स्थापित करना आसान बनाया है। कंपनी करीब 250 करोड़ रुपये का निवेश कर चुकी है और लगभग 700 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। किसी भी निवेशक के लिए कानून-व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण होती है और इस दिशा में प्रदेश में काफी सुधार हुआ है। योगी सरकार की औद्योगिक नीतियां केवल निवेश आकर्षित करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उद्योगों के विस्तार, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।