Category: उत्तर प्रदेश

  • चयन आयोग के सचिव हरिकेश चौरसिया ने कहा, इसमें अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं

    चयन आयोग के सचिव हरिकेश चौरसिया ने कहा, इसमें अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) के सचिव हरिकेश चौरसिया ने लेखपाल परीक्षा परिणाम को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर कहा कि आयोग द्वारा पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और शुद्धता के साथ रिजल्ट जारी किया गया है। परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं है।

    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और आयोग लगातार निष्पक्षता के साथ परीक्षाओं का आयोजन कर रहे हैं। परीक्षाओं के परिणाम भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत सही तरीके से घोषित किए जा रहे हैं। आयोग की पूरी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर आधारित है, जिसमें मानवीय हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है। ऐसे में रिजल्ट में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं है।

    सचिव ने कहा कि परीक्षा परिणामों को लेकर आरोप लगाने वालों के पास यदि कोई तथ्य हैं, तो उन्हें सामने रखना चाहिए। बिना किसी ठोस तथ्य के आरोप लगाना उचित नहीं है। कुछ लोग या तो अपने माता-पिता को गुमराह कर रहे हैं या फिर किसी बाहरी उद्देश्य से ऐसा कर रहे हैं। ऐसे आरोपों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग की प्राथमिकता अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य के साथ आयोग लगातार कार्य कर रहा है और भविष्य में भी परीक्षाओं तथा परिणामों की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • लखनऊ में साहित्य और संस्कृति का महाकुंभ, गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ

    लखनऊ में साहित्य और संस्कृति का महाकुंभ, गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ

    लखनऊ
     लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 के पांचवें संस्करण का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महोत्सव का उद्घाटन किया। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत की ओर से आयोजित यह महोत्सव 12 से 20 सितंबर तक चलेगा। नौ दिवसीय महोत्सव में पुस्तक प्रदर्शनी के साथ साहित्यिक संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बाल गतिविधियां, कार्यशालाएं और तकनीक से जुड़े आयोजन होंगे। योगी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में पुस्तक संस्कृति, शिक्षा, साहित्य और ज्ञान के प्रसार को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बीच यह महत्वपूर्ण आयोजन है।

    250 पुस्तक स्टॉल, 121 प्रकाशकों की भागीदारी
    महोत्सव में लगभग 250 पुस्तक स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें 121 प्रकाशक शामिल हैं। यहां हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, अवधी समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं की हजारों पुस्तकें पाठकों के लिए उपलब्ध हैं। साहित्य, इतिहास, संस्कृति, जीवनी, कला, शिक्षा, आध्यात्मिकता और समकालीन विषयों से जुड़ी पुस्तकों का व्यापक संग्रह यहां देखने को मिल रहा है।
    राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के प्रोग्राम ऑफिसर नरेंद्र सिंह ने बताया कि एनबीटी करीब 70 भाषाओं में किताबें प्रकाशित कर रहा है और इसके संग्रह में लगभग 10 हजार पुस्तकें हैं। दिव्यांश पब्लिकेशन के प्रबंध निदेशक नीरज अरोड़ा ने बताया कि उनके स्टॉल पर कई विषयों पर पुस्तकें मौजूद हैं। यहां हिंद युग का भी स्टॉल लगाया गया है। राज कमल प्रकाशन के सीनियर सेल्स मैनेजर विनोद तिवारी ने बताया कि उनके पास हिंदी की करीब 5,000 पुस्तकें हैं।

    साहित्य से विज्ञान तक होंगे संवाद
    गोमती पुस्तक महोत्सव में प्रतिष्ठित लेखकों, विशेषज्ञों और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों के साथ संवाद सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला, प्रसिद्ध लोकगायिका मालिनी अवस्थी, लेखक शांतनु गुप्ता और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. विद्या विंदु सिंह सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित कलाकार, लेखक और विशेषज्ञ भाग लेंगे।

    बच्चों के लिए विशेष बाल मंडल
    नन्हे पुस्तक प्रेमियों को ध्यान में रखते हुए नेशनल सेंटर फॉर चिल्ड्रन्स लिटरेचर की ओर से पूरे नौ दिनों के लिए विशेष बाल मंडप तैयार किया गया है। इसमें अलग-अलग आयु वर्ग के बच्चों के लिए कठपुतली नाटक, स्टोरीटेलिंग, वैदिक गणित, माइंडफुलनेस वर्कशॉप, क्ले आर्ट, पोस्टर निर्माण, सुलेख, कैरिकेचर स्टूडियो, कविता पाठ, मंडला कला और रचनात्मक लेखन जैसी गतिविधियां होंगी। इसके साथ ही चित्रकला और क्विज प्रतियोगिताएं भी आयोजित होंगी। ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के साथ बच्चों के लिए विशेष संवाद सत्र भी प्रस्तावित है।

    हर शाम दिखेगी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत
    महोत्सव में प्रत्येक शाम उत्तर प्रदेश की समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले कार्यक्रम होंगे। इनमें पारस बैंड की प्रस्तुति, कथक कार्यक्रम, बिरजू महाराज कथक संस्थान की कथक नृत्य-नाटिका रघुवंशम, सुगम संगीत की शाम, मुशायरा, लोक प्रस्तुतियां और भारतेन्दु नाट्य अकादमी की नाट्य प्रस्तुति शामिल हैं। बेगम अख्तर को समर्पित विशेष दास्तानगोई सत्र भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।

    राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष प्रदर्शनी
    एनबीटी के चेयरमैन मिलिंद मराठे ने बताया कि वंदे मातरम राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की ओर से विशेष प्रदर्शनी तैयार की गई है, जिसे देशभर में एनबीटी के पुस्तक आयोजनों में प्रदर्शित किया जा रहा है।  

    7 हजार से अधिक ई-पुस्तकों का डिजिटल संसार
    महोत्सव में बच्चों, युवाओं, विद्यार्थियों और शिक्षकों को राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय से परिचित कराने की व्यवस्था भी की गई है। राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय की क्षेत्रीय जुड़ाव विशेषज्ञ मुस्कान कोहली ने बताया कि यह एक डिजिटल लाइब्रेरी है, इसमें 22 से अधिक भाषाओं की 7,000 से ज्यादा ई-पुस्तकें उपलब्ध हैं।

    राष्ट्र निर्माण में पुस्तकों की महत्वपूर्ण भूमिका
    राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के निदेशक युवराज मलिक ने कहा कि यह महोत्सव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पुस्तकालयों और पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने की मुहिम का हिस्सा है। बच्चों और जेनजी के लिए प्रतिदिन विभिन्न गतिविधियां और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी तथा महोत्सव में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा।

  • योगी सरकार ने परिषदीय स्कूलों में निगरानी और चाइल्ड ट्रैकिंग के लिए 6.55 करोड़ रुपये किए जारी

    योगी सरकार ने परिषदीय स्कूलों में निगरानी और चाइल्ड ट्रैकिंग के लिए 6.55 करोड़ रुपये किए जारी

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों में बच्चों से जुड़ी सूचनाओं की निगरानी, विद्यालयी प्रबंधन और शैक्षिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में वर्ष 2026-27 के लिए एमआईएस (यू-डायस प्लस) और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के प्रभावी संचालन एवं उपयोग के लिए 6.55 करोड़ रुपये जारी किए जा रहे हैं।

    महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को धनराशि के उपयोग और निगरानी के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। ज्ञात हो कि इस व्यवस्था के माध्यम से योगी सरकार विद्यालयी आंकड़ों को अधिक व्यवस्थित, बच्चों की शैक्षिक प्रगति की निगरानी को अधिक प्रभावी तथा स्कूल प्रबंधन को अधिक जवाबदेह बनाने की दिशा में डिजिटल प्रणालियों के उपयोग को मजबूत कर रही है।

    निर्देशों के अनुसार कुल 655.01 लाख रुपये की धनराशि जारी की जा रही है। इसमें एमआईएस (यू-डायस प्लस) के लिए 262.00 लाख रुपये तथा चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के लिए 393.01 लाख रुपये शामिल हैं। यह धनराशि विद्यालय स्तर पर एसएमसी के माध्यम से निर्धारित गतिविधियों पर व्यय की जाएगी।

    हर बच्चे की जानकारी को व्यवस्थित करने पर जोर
    निर्देशों में यू-डायस प्लस पर विद्यालयों एवं विद्यार्थियों से संबंधित आंकड़ों के संकलन और उनके उपयोग को महत्वपूर्ण माना गया है। साथ ही चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से बच्चों की शैक्षिक स्थिति पर नजर रखने की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। पत्र में अपार आईडी और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के बीच समन्वय स्थापित करने की दिशा में भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी की विशिष्ट पहचान के साथ उसकी शैक्षिक जानकारी को व्यवस्थित रूप से ट्रैक किया जा सके।

    मॉनिटरिंग को बनाया जाएगा अधिक प्रभावी
    निर्देशों में जिला स्तर से लेकर विद्यालय स्तर तक धनराशि के उपयोग की निगरानी के लिए जिम्मेदारियां तय की गई हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को एसएमसी स्तर पर हुए व्यय की प्रगति की समीक्षा करने तथा निर्धारित पोर्टल पर उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।  

    कोट:
    योगी सरकार विद्यालयी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के साथ हर बच्चे की शैक्षिक प्रगति पर प्रभावी नजर सुनिश्चित कर रही है। एमआईएस और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम से बच्चों से जुड़ी जानकारी के बेहतर उपयोग को नई मजबूती मिलेगी।
    *संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा*

    कोट:
    एमआईएस, यू-डायस प्लस और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। अपार आईडी के माध्यम से विद्यार्थियों की जानकारी को व्यवस्थित रूप से जोड़ते हुए एसएमसी स्तर पर स्वीकृत धनराशि का निर्धारित मद में पारदर्शी उपयोग और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो।
    मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारीगरी को मिलेगा नया बाजार

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारीगरी को मिलेगा नया बाजार

    लखनऊ
     योगी सरकार के निर्देश पर स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कारीगरी को नया बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगरा, वाराणसी और लखनऊ में आधुनिक पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इन मॉल का उद्देश्य पारंपरिक उद्योगों, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित और विपणन करने के लिए स्थायी मंच उपलब्ध कराना है, जिससे कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को बड़े बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। प्रदेश के विभिन्न जिलों के ओडीओपी और जीआई-टैग उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।

    परंपरागत उद्योगों को मिलेगी संजीवनी
    ग्रामीण क्षेत्रों में दम तोड़ रहे परंपरागत उद्योगों को फिर से खड़ा करने के लिए सरकार की ओर से बढ़ाया गया यह कदम न सिर्फ शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत कर रहा है, बल्कि स्थानीय उत्पादों को “स्वदेशी की नई ताकत” के रूप में स्थापित भी कर रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना पीएम यूनिटी मॉल राज्यों में स्थानीय उत्पादों की बिक्री, प्रदर्शन और ब्रांडिंग का बड़ा केंद्र बनकर उभर रही है।

    आगरा में 128 करोड़ से बन रहा पीएम यूनिटी मॉल
    आगरा के शिल्पग्राम क्षेत्र में लगभग 11.53 एकड़ भूमि पर करीब 128.85 करोड़ रुपये की लागत से पीएम यूनिटी मॉल का निर्माण किया जा रहा है। बेसमेंट की खुदाई, फाउंडेशन की पीसीसी, आरसीसी, बेसमेंट फ्लोर के कॉलम एवं रिटेनिंग बाल की आरसीसी का कार्य 100% तक पूर्ण हो चुका है। यहां ब्रज क्षेत्र, आगरा, फिरोजाबाद और आसपास के जिलों के हस्तशिल्प व पारंपरिक उत्पादों को ब्रांडिंग के साथ देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी। 6 फ्लोर के मॉल में कुल 135 दुकानें होगी। यह मॉल नवंबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है।

    वाराणसी में काशी की विरासत को मिलेगा नया मंच
    वाराणसी के गंगानगर कॉलोनी में करीब 154.71 करोड़ रुपये की लागत से 1.46 एकड़ क्षेत्र में यूनिटी मॉल बनाया जा रहा है। डी-वाल और छत की स्लैब की ढलाई का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि बेसमेंट 3 में फाउंडेशन का कार्य प्रगति पर है। यहां बनारसी साड़ी, जरी-जरदोजी, लकड़ी के खिलौने, रुद्राक्ष और अन्य पारंपरिक उत्पादों को प्रदर्शित और बिक्री के लिए विशेष स्थान मिलेगा। 6 फ्लोर के मॉल में कुल 111 दुकानें होगी। यह मॉल दिसंबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है।

    लखनऊ में अवध शिल्पग्राम में बनेगा मॉल
    लखनऊ के अवध शिल्पग्राम में लगभग 4.86 एकड़ क्षेत्र में 64 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना अक्टूबर 2026 तक पूरी होने की संभावना है। अभी यहां दुकानों में फिनिशिंग एवं एडमिन ब्लॉक के स्ट्रक्चर का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि ब्रिक वर्क और लिफ्ट का कार्य प्रगति पर है। यहां चिकनकारी, जरी-जरदोजी और अवध क्षेत्र के अन्य प्रसिद्ध उत्पादों को बड़ा बाजार मिलेगा। 6 फ्लोर के मॉल में कुल 139 दुकानें होगी। इस मॉल के आगामी अक्टूबर तक पूरी होने की संभावना है।

    कारीगरों और स्थानीय उद्योग को मिलेगा बड़ा लाभ
    यूनिटी मॉल बनने से प्रदेश के 75 जिलों के उत्पादों को एक ही मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय कारीगरों की आय बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही यह पहल स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और पर्यटन को भी प्रोत्साहित करेगी।

  • प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर ग्राम पंचायतों और नगर निकायों में जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

    प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर ग्राम पंचायतों और नगर निकायों में जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’

     लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ न कोई वंश परंपरा थी और न ही उन्हें कोई विरासत वंशानुगत रूप से मिली थी। उनके पास तप, साधना, संघर्ष और देश के लिए कुछ कर गुजरने की चाहत थी। आज उनकी साधना और तप का लाभ पूरे देश को योग्य नेतृत्व के रूप में मिल रहा है। सात अक्तूबर को गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर देश के प्रधानमंत्री के रूप में शासन प्रमुख के तौर पर नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस यात्रा के प्रति कृतज्ञता जताने के लिए प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन मिलकर 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएंगे।
     
    भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री ने अभियान की कार्ययोजना साझा करते हुए कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री का जन्मदिन प्रदेशभर में ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन हर ग्राम पंचायत, नगर निकाय और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया जाएगा। इसके जरिये प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना करेगी। अस्पतालों में फल वितरण के साथ रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। भाजपा और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भी सेवा कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की बड़नगर से काशी तक की यात्रा को भी अभियान से जोड़ा गया है। बड़नगर से काशी के लिए 10 और काशी से बड़नगर के लिए 10 यात्राएं निकाली जाएंगी। बड़नगर का जल लेकर यात्राएं काशी आएंगी, जबकि उत्तर प्रदेश की 10 नदियों का पवित्र जल लेकर यात्राएं बड़नगर जाएंगी। सभी यात्राएं 17 सितंबर को शुरू होंगी और सात अक्तूबर को अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी। यात्रा मार्ग पर हर दिन चार स्थानों पर चौपाल और जनसंवाद के कार्यक्रम होंगे।
     
    वंचित पात्रों तक योजनाएं पहुंचाएगा ‘सेवा सेतु’
    अभियान के तहत सरकारी योजनाओं से अब तक वंचित पात्र लोगों को लाभ दिलाने के लिए ‘सेवा सेतु’ शिविर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 29-30 सितंबर से 10 अक्तूबर के बीच प्रत्येक विकासखंड और जिला मुख्यालय के नगर निकाय में छह से सात दिन तक शिविर लगाने की योजना है। इनमें स्वास्थ्य योजनाओं के साथ पेंशन, आवास, शौचालय, राशन कार्ड समेत विभिन्न योजनाओं के लिए पात्र लोगों का पंजीकरण कराया जाएगा।
     
    योगी ने कहा कि पंजीकरण के बाद दो-तीन दिन के भीतर सत्यापन कर संबंधित कार्ड अथवा योजना का लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश में 826 विकासखंड और 762 नगर निकाय हैं। जरूरत पड़ी तो अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा। प्रयास यह रहेगा कि पात्र व्यक्ति केवल आवेदन देकर वापस न जाए, बल्कि शिविर के दौरान ही उसे संबंधित योजना से जोड़ दिया जाए। जनप्रतिनिधि भी इन शिविरों में मौजूद रहेंगे।
     
    बच्चों और युवाओं के बीच होंगी तीन प्रतियोगिताएं
    सेवा संकल्प अभियान में बच्चों और युवाओं की भागीदारी के लिए तीन स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। कक्षा पांच से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला और नौवीं से 12वीं तक के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता होगी। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
     
    इन प्रतियोगिताओं की थीम ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश’ होगी। गांव, विकासखंड और जिला स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। सात अक्तूबर को प्रदेश स्तर पर होने वाले आयोजन में चयनित बच्चों को पुरस्कार भी दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्वयं इस कार्यक्रम में शामिल होकर विद्यार्थियों को सम्मानित करेंगे।
     
    मलिन बस्ती से देवालय तक ‘सेवा मेरा योगदान’
    मुख्यमंत्री ने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्तूबर के बीच ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम भी चलेगा। मलिन बस्तियों, घाटों, देवालयों और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता एवं सेवा के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंत्री, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और आम लोग इनमें भाग लेंगे।
     
    अभियान के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’, रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर, मतदाता जागरूकता, वोकल फॉर लोकल, गोसेवा और युवाओं की करियर काउंसलिंग जैसे कार्यक्रम भी जोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान से प्रेरित होकर लोग इन कार्यक्रमों में अपना सेवा योगदान देंगे।
     
    स्टार्टअप और तकनीकी छात्रों के लिए इनोवेशन चैलेंज
    आईटीआई, पॉलिटेक्निक, तकनीकी संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप को जोड़कर ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ भी आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल 120 स्टार्टअप कार्यरत थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। अटल टिंकरिंग लैब, इनक्यूबेटर सेंटर के साथ ड्रोन, रोबोटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े विद्यार्थियों और युवाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
     
    प्रदेश में ‘राष्ट्र के रंग, सेवा के रंग और राष्ट्र के संग’ थीम पर रंगोली प्रतियोगिताएं भी होंगी। अलग-अलग स्थानों पर रंगोली के माध्यम से देश की प्रमुख उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। पंचायत और नगर निकाय के जनप्रतिनिधियों के साथ ‘सुशासन सेवा संवाद’ का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
     
    राजीव गांधी के बयान का जिक्र कर कांग्रेस पर हमला
    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कांग्रेस पर भी निशाना साधा। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस कथन का उल्लेख किया, जिसमें दिल्ली से भेजे गए सौ रुपये में केवल 15 रुपये गरीब तक पहुंचने की बात कही गई थी। योगी ने कहा कि यह उस समय की व्यवस्था की लाचारी और बेचारगी को प्रदर्शित करता था। जनधन खातों और डीबीटी के बाद अब दिल्ली से सौ रुपये भेजे जाते हैं तो पूरे सौ रुपये लाभार्थी के खाते में पहुंचते हैं।
     
    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ‘फ्रेजाइल फाइव’ से निकलकर दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में पहुंचा। हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट और वाटरवे के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हुआ है। वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें नए भारत की पहचान बनी हैं। एम्स की संख्या बढ़ने के साथ आईआईटी, आईआईएम और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों का भी विस्तार हुआ है।
     
    ‘2014 के बाद गुलामी की मानसिकता से बाहर निकला भारत’
    योगी ने देश की विरासत के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा। सोमनाथ मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के वहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का विरोध किया था। लंबे समय तक भारत की विरासत को अपमानित करने और देशवासियों के मन में गुलामी की मानसिकता बनाए रखने का प्रयास किया गया। वर्ष 2014 के बाद भारत इस मानसिकता से बाहर निकला।
     
    उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण और भव्य-दिव्य कुंभ का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने विरासत और विकास को एक साथ आगे बढ़ाया है।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के कारण देश में 26 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं, जिनमें छह करोड़ से अधिक उत्तर प्रदेश के हैं। प्रदेश में करीब 16 करोड़ गरीब विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए हैं। आवास, शौचालय, उज्ज्वला, बिजली, राशन और पेयजल जैसी योजनाओं ने गरीबों को आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का आधार दिया है।
     
    योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्ष की सेवा यात्रा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय और महात्मा गांधी का ग्राम स्वराज भी समाहित है। इसलिए 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती और दो अक्तूबर को गांधी जयंती को भी अलग-अलग कार्यक्रमों के साथ सेवा संकल्प अभियान से जोड़ा जाएगा। अभियान गांव और बूथ से लेकर शक्ति केंद्र, विकासखंड, जिला और प्रदेश स्तर तक 17 अक्तूबर तक चलेगा।

  • कक्षा 9 से 12 तक छात्रों को मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण, सरकार उठाएगी पूरा खर्च

    कक्षा 9 से 12 तक छात्रों को मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण, सरकार उठाएगी पूरा खर्च

    बांदा
     जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर है। अब यहां पढ़ने वाले छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ रोजगारपरक हुनर का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

    उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत इसकी तैयारी पूरी कर ली है। इस योजना से मंडल के सात विद्यालयों में अध्ययनरत 5123 छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा।

    मंडल में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित कुल सात जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। इसमें बांदा जिले में दो, चित्रकूट में तीन, जबकि हमीरपुर और महोबा में एक-एक विद्यालय संचालित है। ये सभी आवासीय विद्यालय हैं, जहां मुख्य रूप से अनुसूचित जाति वर्ग के गरीब मेधावी छात्रों को निशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है।

    अभी तक इन विद्यालयों में केवल अकादमिक शिक्षा यानी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई ही कराई जाती थी। अब सरकार ने इन छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बड़ी पहल की है।

    स्किल इंडिया मिशन को बढ़ावा देते हुए इन विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों को उनकी स्कूली पढ़ाई के साथ ही कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    इन सेक्टरों में मिलेगा प्रशिक्षण
    उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के जिला समन्वयक के अनुसार छात्रों को उनकी रुचि के आधार पर विभिन्न रोजगारपरक सेक्टरों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से अपैरल सेक्टर, आईटी-आईटीईएस, रिटेल मैनेजमेंट, ब्यूटी एंड वेलनेस, इलेक्ट्रानिक्स व आटोमोबाइल जैसे सेक्टर शामिल हैं। छात्रों को तीन माह से लेकर छह माह तक का सर्टिफिकेट कोर्स कराया जाएगा, ताकि इंटरमीडिएट पास करते ही उनके हाथ में डिग्री के साथ-साथ हुनर का प्रमाण पत्र भी हो।

    निश्शुल्क मिलेगा प्रशिक्षण, सरकार उठाएगी खर्च
    प्रशिक्षण का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। इसके लिए विद्यालयों में ही प्रशिक्षकों की तैनाती की जाएगी। सप्ताह में दो दिन प्रैक्टिकल क्लास भी आयोजित की जाएगी।

    प्रशिक्षण के बाद छात्रों का मूल्यांकन कर उन्हें उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनएसडीसी) का संयुक्त प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जो पूरे देश में मान्य होगा।

    रोजगार से सीधा जुड़ाव होगा
    इस योजना का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति के मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के लिए भटकना न पड़े। अक्सर देखा जाता है कि सर्वोदय विद्यालयों के छात्र इंटर के बाद उच्च शिक्षा के लिए संसाधनों के अभाव में रोजगार की तलाश में लग जाते हैं। हुनर प्रशिक्षण मिलने से वे स्वरोजगार शुरू कर सकेंगे या फिर निजी कंपनियों में सीधे नौकरी पा सकेंगे।

    शासन से इस संबंध में दिशा-निर्देश प्राप्त हो गए हैं। जल्द ही विद्यालयवार छात्रों का पंजीकरण शुरू कर ट्रेड का आवंटन किया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया जाएगा जो कौशल प्रशिक्षण की मानिटरिंग करेगा। -अभिषेक चौधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी

     

  • युवाओं से बोले सीएम योगी- किताबों से बनाएं अपना बुक बैंक, जीवन को मिलेगी नई दिशा

    युवाओं से बोले सीएम योगी- किताबों से बनाएं अपना बुक बैंक, जीवन को मिलेगी नई दिशा

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हर बच्चे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ जरूर पढ़नी और आत्मसात करनी चाहिए। यह कहना अन्याय होगा कि युवा किताब नहीं पढ़ता, जरूरत किताबों को उन तक पहुंचाने की थी। ज्ञान को संकुचित दायरे में सीमित करने के दुष्परिणाम समाज और राष्ट्र, दोनों को भुगतने पड़ते हैं। 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर दिया गया था। यूपी के नौजवान के सामने पहचान का संकट था और नागरिक अपनी पहचान बताने से बचते थे। सकारात्मक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज प्रदेश की तस्वीर बदली है। डिजिटल युग ने शहर और गांव की दूरी को कम किया है।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित 5वें गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 का शुभारंभ करने के उपरांत युवाओं को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सीएम ने वहां मौजूद बच्चों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पुस्तक ‘एग्जाम वॉरियर्स’ वितरित की।

    उन्होंने कहा कि हर बच्चे को यह पुस्तक पढ़नी और आत्मसात करनी चाहिए। यह केवल स्कूली छात्रों के लिए नहीं, बल्कि हर युवा और नागरिकों के लिए भी उपयोगी है। जीवन में हर व्यक्ति को किसी न किसी परीक्षा से गुजरना पड़ता है। कभी डिग्री के लिए, कभी सर्टिफिकेट कोर्स के लिए और कभी जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में। जब मुश्किल समय में व्यक्ति की हिम्मत जवाब देने लगती है, तब ‘एग्जाम वॉरियर्स’ उसका संबल और मार्गदर्शक बन सकती है। सीएम के हाथों पुस्तक पाने वाले बच्चों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री ने छात्राओं के साथ तस्वीर भी खिंचवाई।

    युवा किताब नहीं पढ़ता, यह कहना अन्याय
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कहना कि युवा पुस्तकों से दूर हो गया या सोशल मीडिया पर अपना समय खराब कर रहा, पूरी तरह सही नहीं। ऐसा कहना युवा के साथ अन्याय होगा। जरूरत पुस्तकों को उसके पास पहुंचाने की व्यवस्था करने की है। जब पहली बार युवराज मलिक ने लखनऊ में पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का प्रस्ताव रखा था, तब मैंने तत्कालीन अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी से चर्चा की। इसे प्रोत्साहित करने की बात कही। इसके बाद लखनऊ में पुस्तक महोत्सव शुरू हुआ। इसका जब अच्छा परिणाम मिला तो मैंने गोरखपुर में भी पुस्तक महोत्सव आयोजित करने का सुझाव दिया। वहां लखनऊ से भी ज्यादा लोग पहुंचे और अधिक पुस्तकों की बिक्री हुई। इससे यह धारणा पूरी तरह गलत साबित हुई कि आज का युवा पुस्तक नहीं पढ़ता।

    पहले संकुचित दायरे में बांधने का प्रयास किया गया
    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी व्यक्ति की तरह ही समाज और राष्ट्र भी तब बीमार होता है, जब उसकी क्षमता समाप्त होने लगती है और वह अपनी विरासत से दूरी बनाने लगता है। पहले भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को संकुचित दायरे में बांधने का प्रयास किया गया, जिसके परिणाम सहने पड़े। उत्तर प्रदेश की धरती भारतीय ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण केंद्र रही है। लखनऊ से करीब 70 किलोमीटर दूर नैमिषारण्य में ऋषियों ने चिंतन और ज्ञान की परंपरा को आगे बढ़ाया। काशी ज्ञान और संवाद की भूमि रही है। इसी प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित शुक्रतीर्थ में करीब 5 हजार वर्ष पहले श्रीमद्भागवत महापुराण की पहली कथा के वाचन की परंपरा जुड़ी है।

    पुस्तक मेला ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान का मंच
    सीएम योगी ने कहा कि पुस्तक महोत्सव युवाओं, छात्रों, लेखकों और प्रकाशकों को मंच उपलब्ध कराता है। यहां युवा विभिन्न ज्ञानवर्धक, मनोरंजक और रोचक पुस्तकों को देख सकते हैं, उनके बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अगले 9 दिनों तक चलने वाले गोमती पुस्तक महोत्सव-2026 में पुस्तकों के विमोचन के साथ लेखकों से संवाद और उनकी रचनात्मक यात्रा को समझने का अवसर भी मिलेगा। आत्मकथाओं के माध्यम से महापुरुषों के जीवन संघर्ष को जाना जा सकता है। वैज्ञानिकों के शोध और उनकी यात्राओं को पुस्तकों के माध्यम से समझा जा सकता है। यह रचनात्मकता को आगे बढ़ाने और जीवन में नई दिशा देने का माध्यम बन सकता है।

    ज्ञान को सीमित मत करें, सभी रास्ते खुले रखें
    मुख्यमंत्री ने भारतीय ऋषि परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि ज्ञान को सीमित नहीं किया जाना चाहिए। हमारी परंपरा ज्ञान को चारों ओर से आने देने के लिए द्वार खुले रखने की पक्षधर रही है। केवल स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय जाकर पाठ्यक्रम पढ़ लेना ही व्यक्ति को पूर्ण रूप से ज्ञानवान नहीं बनाता। समाज, देश और दुनिया को समझने के लिए अलग-अलग विषयों और विचारों से परिचित होना जरूरी है। भारत की ज्ञान परंपरा श्रुति और स्मृति से आगे बढ़कर शास्त्रों, पांडुलिपियों, ताम्रपत्रों और विभिन्न अभिलेखों के माध्यम से पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ी। लखनऊ साहित्य की पुरानी भूमि है और यहां से अनेक साहित्यकारों ने अपनी कालजयी रचनाओं के माध्यम से देश-समाज को दिशा दी है

    डिजिटल युग ने घटाई गांव-शहर की दूरी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग ने गांव और शहर की दूरी कम करने का काम किया है। उन्होंने ग्राम सचिवालयों का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले ग्राम प्रधान गांव की व्यवस्था अपने घर से संचालित करता था। सरकार ने ग्राम सचिवालय की व्यवस्था विकसित की और उसमें केवल प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी के बैठने की व्यवस्था नहीं की, बल्कि ग्रामीणों के लिए कॉन्फ्रेंस रूम और डिजिटल लाइब्रेरी भी बनाई।

    प्रदेश की 57,600 ग्राम पंचायतों में पुस्तकालय की व्यवस्था की गई है। इनमें नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। पहले सरकारों ने युवाओं और ग्रामीणों को प्लेटफार्म नहीं दिया, इसके बावजूद प्रतिभा के कम उपयोग के लिए उनके बारे में गलत शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था। सुविधा मिलने पर वही युवा और ग्रामीण अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

    सरकारें जर्जर थीं तो सिस्टम का जर्जर होना स्वाभाविक था
    मुख्यमंत्री ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले इन स्कूलों की स्थिति ऐसी थी कि उनके भवन और व्यवस्थाएं जर्जर नजर आती थीं। जब सरकारें ही जर्जर थीं तो सिस्टम का जर्जर होना स्वाभाविक था। प्रदेश में ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से स्कूलों की तस्वीर बदली गई। भवनों का निर्माण हुआ और स्मार्ट क्लास की सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

    चित्रकूट का उदाहरण देते हुए सीएम ने बताया कि जब मैं वहां गया तो स्थिति बेहद खराब थी। एक वर्ष बाद जब मैं दोबारा पहुंचा तो एक विद्यालय में तीसरी कक्षा की छात्रा ने डिजिटल लाइब्रेरी संचालित करके दिखाई और पाठ्यक्रम से संबंधित सामग्री भी प्रदर्शित की। पहले सुविधा नहीं थी, इसलिए बच्ची अपनी क्षमता प्रदर्शित नहीं कर पाती थी। सुविधा मिलने के बाद वही बच्ची आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा दिखा रही थी।

    अपना बुक बैंक बनाएं, सुविधा मिले तो बेहतर उपयोग करें
    मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी जरूरत के अनुसार किताबें खरीदने और पढ़ने की आदत विकसित करें। उन्होंने कहा कि जब भी कोई पुस्तक खरीदने का अवसर मिले तो पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ रचनात्मकता और सकारात्मक सोच विकसित करने वाली पुस्तकों को भी प्राथमिकता दें। अच्छी साहित्यिक कृति, धार्मिक ग्रंथ, किसी महापुरुष की आत्मकथा या वैज्ञानिक के शोध से जुड़ी पुस्तक व्यक्ति को जीवनभर प्रेरणा दे सकती है।

    सीएम ने युवाओं से अपना ‘बुक बैंक’ बनाने की अपील करते हुए कहा कि खाली समय में पुस्तक पढ़ने की आदत जीवन में नई दिशा दे सकती है। कोई भी मंजिल कठिन नहीं है। युवाओं को अपनी राह स्वयं तैयार करनी है और पुस्तक मेले इस राह को बनाने में महत्वपूर्ण प्लेटफार्म साबित हो सकते हैं।

    सरकार नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकों की सबसे बड़ी खरीदार
    मुख्यमंत्री ने गोमती पुस्तक महोत्सव आयोजन के लिए आयोजकों, नेशनल बुक ट्रस्ट व सहयोगी संस्थाओं का आभार जताते हुए कहा कि पुस्तक मेले को केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इसे प्रदेश के अन्य स्थानों तक व्यापक रूप से ले जाने की जरूरत है।

    उत्तर प्रदेश सरकार इसके लिए पूरा सहयोग करेगी। प्रदेश सरकार नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकों की सबसे बड़ी खरीदार है। गांवों, स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पुस्तकालय उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है। यह आज की आवश्यकता है और ज्ञान की इस परंपरा को और व्यापक बनाने की जरूरत है।

  • आजमगढ़ में ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग पर शिकंजा, शादी के बाद दूल्हे से 80 हजार और जेवर लेकर भागे थे आरोपी

    आजमगढ़ में ‘लुटेरी दुल्हन’ गैंग पर शिकंजा, शादी के बाद दूल्हे से 80 हजार और जेवर लेकर भागे थे आरोपी

     लखनऊ
    यूपी के आजमगढ़ में एक दुल्हन ने ससुराल पहुंचने से पहले ही दूल्हे को तगड़ा झटका दे दिया। दरअसल, शादी के बाद जब दुल्हन के साथ आए लोगों ने रास्ते में दूल्हे को कार से उतार दिया और जेवर,नकदी और शादी में मिले अन्य सामान के साथ फरार हो गए। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। साथ ही शुक्रवार को लुटेरी दुल्हन गैंग के दो महिलाओं समेत सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया

    पुलिस के अनुसार लुटेरी दुल्हन गैंग के शातिरों ने हरदोई जिले के बिलग्राम थाना क्षेत्र के छिबरामऊ गांव के रहने वाले राजकुमार को शादी कराने के नाम पर अपने जाल में फंसाया। व्हाट्सऐप पर लड़की का फोटो भेजा था। लड़की पसंद आने पर शादी तय हो गई। बुधवार को दोनों पक्षों के लोग जिले के बरदह के बंधवा महादेव मंदिर पहुंचे। मंदिर में लड़की और राजकुमार की शादी हुईं। लड़का पक्ष ने दुल्हन को सोने जेवर और 80 हजार रुपये नकद, कपड़े आदि दिए थे। शादी के बाद दूल्हा-दुल्हन को लेकर घर जाने के लिए रवाना हो गया। बंधवा मोड़ के पास लड़की के कथित पिता, परिजनों ने दूल्हे को गाड़ी से उतारकर दुल्हन सहित सभी सामान लेकर फरार हो गए थे।

    दूल्हे के पिता रामबिलास की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर करा दिया। पुलिस ने शुक्रवार को कोदहरा चौराहे के पास से घटना में शामिल दो महिलाओं सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी मधुवन कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के पास से 19,650 रुपये नकदी, पायल, मंगलसूत्र, झुमका, साड़ी, कपड़ा, दो बाइक सहित अन्य सामान बरामद हुआ।

    पकड़े गए सभी आरोपी जौनपुर के
    गिरफ्तार आरोपियों में सभी जौनपुर के रहने वाले हैं। इनमें बजरंगी बिन्द निवासी मलहज थाना शाहगंज, राजन विश्वकर्मा निवासी रोचनपुर थाना सराय ख्वाजा, बहादुर निवासी जमालपुर,जौनपुर, रामबिलास निवासी मलहज थाना शाहगंज, जय किशन उर्फ अजीत लाइन बाजार, माधुरी पत्नी रिंकू निवासी जासोपुर थाना सराय ख्वाजा और करीना पत्नी शिवकुमार निवासी समोधीपुर थाना गौरा बादशाहपुर शामिल हैं।

    बुलेट और एक लाख के लिए विवाहिता को घर से निकाला
    उधर, भदोही दहेज में बुलेट एवं एक लाख रुपये की मांग पूरी ना होने पर विवाहिता को ससुराल के लोगों ने प्रताड़ित किया। इतना ही नहीं, उसे मायके लाकर छोड़ दिया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर औराई थाने की पुलिस ने मिर्जापुर निवासी छह लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया।

    औराई थाना क्षेत्र के गौरीडीह गांव निवासी शिवचंद गौड़ की बेटी रिया ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया था। कहा कि रवि शंकर गौड़ के साथ उनकी शादी 12 मई को हुई थी। पिता ने सोने की चेन, 50 हजार रुपया नकद, बाइक, अंगूठी दूल्हे को दिया था। ससुराल जाने के बाद आरोपितों ने एक लाख रुपये नकद और बुलेट की मांग करने लगे। फिर दो जुलाई को मायके लाकर छोड़ दिया।

  • 17 सितंबर से यूपी में ‘सेवा संकल्प’ अभियान, सीएम योगी बोले- पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक ताकत बना

    17 सितंबर से यूपी में ‘सेवा संकल्प’ अभियान, सीएम योगी बोले- पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक ताकत बना

    लखनऊ
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोहन के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर भाजपा उत्तर प्रदेश में सेवा संकल्प के रूप में बड़ा अभियान चलाएगी। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक यह अभियान चलेगा। शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभियान की जानकारी विस्तार से साझा की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया।

    सीएम योगी ने कहा कि पिछले 12 वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश और उसके पहले 13 वर्षों तक गुजरात को जैसा कुशल नेतृत्व प्रदान किया वह अतुलनीय है। पीएम मोदी के साथ कोई वंश परंपरा नहीं जुड़ी थी लेकिन एक साधना-तप और देश के लिए कुछ कर गुजरने की चाहत थी। आज उस साधना और तप का लाभ पूरे देश को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद भारत का तेजी से उभार हुआ है। 500 सालों के बाद अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हुआ है।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहे। सीएम योगी ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के कामों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी के कार्यकाल में देश में विकास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और जनकल्याण से जुड़े कामों को नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को हर बूथ पर प्रत्येक लाभार्थी परिवार आर्शीवाद का दीया जलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में प्रतियोगिताओं के जरिए युवाओं तक पहुंचना है।

    देश के अंतिम आदमी तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ
    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के 'हेड ऑफ द स्टेट' के रूप में 7 अक्टूबर को 25 साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसके उपलक्ष्य में उनके द्वारा किए गए योगदान के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए पार्टी और सरकार मिलकर सेवा के इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास कर रही है। इस दिशा में कई आयोजन किए गए हैं। 7 अक्टूबर 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात में और प्रधानमंत्री के रूप में देश अंदर, कार्य करने के 25 साल पूरे होने का दिन है।

    सरकार और संगठन ने मिलकर तैयार की कार्ययोजना
    सीएम योगी ने कहा कि 25 साल की पीएम मोदी की यशस्वी यात्रा का अभिनंदन करने की दृष्टि से राज्य सरकार ने और संगठन ने मिलकर एक कार्य योजना तैयार की है। वास्तव में जब 25 साल के 'हेड ऑफ द स्टेट' के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामों का हम अवलोकन करते हैं तो यह एक समग्र विकास की योजना और विजन देशवासियों को प्रदान करता है। जिस भी क्षेत्र में उन्होंने, मुख्यमंत्री के रूप में देखें या प्रधानमंत्री के रूप में, कोई कदम बढ़ाया, योजना बनाई तो वह योजना केवल योजना तक ही सीमित नहीं रही। उसका सफल क्रियान्वयन हुआ और अंतिम पंक्ति तक उसकी पहुंच कैसे हुई ये भी पूरे देश और दुनिया ने देखा।

    सीएम योगी ने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस राज्य को भीषण सूखे का सामना करना पड़ता था, जहां पेय जल का संकट था, सिंचाई की बात तो बहुत दूर थी कनेक्टिविटी की समस्याएं थीं , ढेर सारी समस्याएं थीं। उस गुजरात में सरदार सरोवर की लंबित परियोजना को पूरा करके, उन्होंने गुजरात को न केवल वेलफेयर प्रदेश के रूप में बल्कि देश के अंदर एक मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया। सीएम योगी ने कहा कि आज भारत गरीब या कमजोर देश नहीं है। यह दुनिया में पिछलग्गु नहीं है बल्कि दुनिया के अंदर वैश्विक ताकत के रूप में अपने आप को स्थापित कर चुका है।

    क्या बोले प्रदेश अध्यक्ष
    प्रेस कॉफ्रेन्स में मौजूद बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने 'सेवा संकल्प' अभियान पर कहा कि संवैधानिक प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल 7 अक्टूबर को पूरे होंगे। इस उपलक्ष्य में 17 सितंबर से लेकर 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा। जन सेवा ही प्रभु सेवा का मूल भाव है, इसी भाव के साथ ये अभियान चलाया जा रहा है।

  • लखनऊ में 1010 बेड का नया अस्पताल, यूपी में 65 मेडिकल प्रोजेक्ट्स को मिली रफ्तार

    लखनऊ में 1010 बेड का नया अस्पताल, यूपी में 65 मेडिकल प्रोजेक्ट्स को मिली रफ्तार

     लखनऊ
     प्रदेश के मरीजों को बेहतर इलाज और मेडिकल छात्रों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग 1,606.83 करोड़ रुपये की 65 परियोजनाएं शुरू करने जा रहा है। इनमें 21 परियोजनाओं का जल्द लोकार्पण होगा, जबकि 44 परियोजनाओं का शिलान्यास प्रस्तावित है।

    लोकार्पण होने वाली परियोजनाओं में किडनी, लिवर और बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट जैसी सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं शामिल हैं। वहीं, नई परियोजनाओं में ट्रामा सेंटर, नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास, लेक्चर थिएटर और अन्य जरूरी सुविधाओं का निर्माण होगा।

     48.15 करोड़ रुपये खर्च होना प्रस्तावित
    सबसे बड़ी परियोजना लखनऊ स्थित डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के नए परिसर में 1010 बेड के अस्पताल भवन की है। इसके निर्माण पर 855.04 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मेरठ मेडिकल कॉलेज में मौजूदा लेवल-2 ट्रामा सेंटर को 100 बेड के लेवल-1 ट्रामा सेंटर में विकसित किया जाएगा। इस पर 48.15 करोड़ रुपये खर्च प्रस्तावित हैं।

    बाल रोग विभाग में एमसीएच सेंटर के निर्माण पर 34.82 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कानपुर में 49.40 करोड़ रुपये से संक्रामक रोग चिकित्सालय, गोंडा में 9.93 करोड़ रुपये से नर्सिंग कॉलेज और झांसी में लेक्चर थिएटर, पुस्तकालय, परीक्षा हाल व छात्रावास विकसित किए जाएंगे।

    अयोध्या, बस्ती, जौनपुर, मिर्जापुर, एटा और कुशीनगर समेत अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी अस्पताल और कैंपस सुविधाओं का विस्तार होगा।