Category: राजस्थान

  • गुजरात जा रही थी 50 लाख की शराब, पुलिस ने नाकाबंदी कर चालक को किया गिरफ्तार

    गुजरात जा रही थी 50 लाख की शराब, पुलिस ने नाकाबंदी कर चालक को किया गिरफ्तार

    डूंगरपुर
    राजस्थान-गुजरात सीमा पर पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 लाख रुपए की अंग्रेजी शराब बरामद की है। तस्कर शराब को वाशिंग मशीनों की आड़ में कंटेनर के जरिए गुजरात ले जाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने रतनपुर चौकी पर नाकाबंदी के दौरान कंटेनर को जब्त करते हुए चालक को गिरफ्तार कर लिया। कंटेनर से अंग्रेजी शराब के कुल 395 कार्टन बरामद किए गए हैं।

    यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देशन में बिछीवाड़ा थाना पुलिस ने ऑपरेशन स्वच्छता के तहत की। नगर निकाय चुनावों को देखते हुए जिले में पुलिस की ओर से संदिग्ध वाहनों और अवैध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है। इसी दौरान पुलिस को रतनपुर बॉर्डर के रास्ते अवैध शराब की खेप गुजरने की सूचना मिली थी।

    मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई
    बिछीवाड़ा थानाधिकारी देवेंद्र सिंह देवल के अनुसार, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर रतनपुर चौकी पर नाकाबंदी की गई थी। इसी दौरान उदयपुर की तरफ से गुजरात की ओर जा रहे एक बंद बॉडी कंटेनर ट्रक को पुलिस ने रुकवाकर उसकी जांच की। पूछताछ में चालक ने अपनी पहचान भीलवाड़ा निवासी त्रिलोक सिंह के रूप में बताई।

    वाशिंग मशीनों के पीछे रखी थी शराब
    चालक ने पुलिस को बताया कि कंटेनर में वाशिंग मशीनें भरी हुई हैं। हालांकि, पुलिस द्वारा सामान से संबंधित बिल और बिल्टी मांगे जाने पर वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर पुलिस को संदेह हुआ और कंटेनर की गहन तलाशी ली गई।

    395 कार्टन शराब पकड़ी गई
    तलाशी के दौरान कंटेनर में वाशिंग मशीनों के पीछे और उनकी आड़ में शराब के कार्टन छिपाकर रखे हुए मिले। पुलिस ने कंटेनर से सभी कार्टन बाहर निकलवाकर उनकी गिनती कराई। जांच में कुल 395 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक बरामद शराब की बाजार कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी गई है।

    पुलिस जांच में जुटी
    पुलिस ने शराब की खेप और कंटेनर को जब्त कर लिया है। साथ ही चालक त्रिलोक सिंह को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे गुजरात में किस स्थान पर पहुंचाया जाना था।

    पुलिस मामले में तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक पूछताछ के आधार पर शराब तस्करी से जुड़े कनेक्शन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • बांसवाड़ा में बिजली कटौती से नाराज युवक ने शिकायत में की अमर्यादित टिप्पणी, पुलिस ने दर्ज किया मामला

    बांसवाड़ा में बिजली कटौती से नाराज युवक ने शिकायत में की अमर्यादित टिप्पणी, पुलिस ने दर्ज किया मामला

      बांसवाड़ा
    बांसवाड़ा जिले में राजस्थान संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ गाली-गलौज और अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर बांसवाड़ा नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी ने युवक के खिलाफ राजतालाब थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।

    बता दें कि राजतालाब थाने में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, अंबिका कॉलोनी निवासी प्रतीक नाम के युवक ने 7 सितंबर को राजस्थान संपर्क पोर्टल के 181 नंबर पर दो बार शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बिजली कटौती को लेकर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ अभद्र भाषा और अपशब्दों का प्रयोग किए जाने की बात सामने आई है।

    नगर परिषद आयुक्त ने ली शिकायत की जानकारी
    मामला सामने आने के बाद नगर परिषद आयुक्त प्रकाश डूडी ने शिकायत की जानकारी ली। जांच में सामने आया कि युवक प्रतीक बिजली की समस्या से आहत था। हालांकि, शिकायत में अपनी समस्या रखने के दौरान उसने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ अमर्यादित शब्दों और अपशब्दों का इस्तेमाल किया।

    राजतालाब थाने में युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
    इसके बाद बांसवाड़ा नगर परिषद आयुक्त ने मामले को लेकर राजतालाब थाने में युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मामला राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज की गई शिकायत से जुड़ा है।

    गौरतलब है कि राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लोग अपनी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाते हैं। इस मामले में बिजली कटौती की समस्या को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन शिकायत में प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किए जाने के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया।

  • राजस्थान में 15 सितंबर तक बारिश के आसार, कोटा संभाग में भारी बारिश की चेतावनी

    राजस्थान में 15 सितंबर तक बारिश के आसार, कोटा संभाग में भारी बारिश की चेतावनी

    जयपुर
     मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर राजस्थान में अच्छी बारिश का दौर आने वाला है। एक साथ सक्रिय कई मौसम प्रणालियों के प्रभाव से 11 से 15 सितंबर तक प्रदेशभर में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है तो कहीं झमाझम बारिश होने के आसार है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून का अंतिम दौर प्रदेशवासियों लिए राहत देने वाला हो सकता है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश से जलभराव की समस्या भी बन सकती है।

    मौसम विभाग के अनुसार वर्तमान में राजस्थान के अधिकांश भागों में शुष्क पश्चिमी हवाएं प्रभावी है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी से लगे उत्तरी आंध्रप्रदेश तथा दक्षिणी उड़ीसा तट के आसपास 11 सितंबर को नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। ऐसे में पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, कोटा संभाग के कुछ भागों में बारिश का एक नया दौर शुरू होगा

    साथ ही 12 से 15 सितंबर के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर संभाग के कुछ और भागों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। 13-14 सितंबर को कोटा संभाग व आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के जिलों में 13 से 15 सितंबर को छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।

    जानें: 11-12 और 13 सितंबर को कहां कहां बारिश की चेतावनी
    11 सितंबर: मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार नया कम दबाव का क्षेत्र बनने 11 सितंबर को बारां, भरतपुर, धौलपुर और करौली में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी ​किया है।

    12 सितंबर: मौसम विभाग ने अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, कोटा, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सिरोही, टोंक, उदयपुर और पाली जिले में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

    13 सितंबर: अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, ब्यावर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटा, कोटपूतली-बहरोड़, प्रतापगढ़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, जालोर और पाली जिले में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

  • श्री महावीर जी मंदिर के प्रबंधन पर फैसला सुरक्षित, दोनों पक्षों को 8 दिन में लिखित बहस के निर्देश

    श्री महावीर जी मंदिर के प्रबंधन पर फैसला सुरक्षित, दोनों पक्षों को 8 दिन में लिखित बहस के निर्देश

    जयपुर
     सुप्रीम कोर्ट ने प्रसिद्ध 'श्री महावीर जी जैन मंदिर' के प्रबंधन और संचालन को लेकर जैन धर्म के श्वेतांबर और दिगंबर संप्रदायों के बीच चल रहे विवाद पर बुधवार को सुनवाई पूरी कर ली। फैसला बाद में सुनाया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को धार्मिक भावनाओं से जुड़े इस मामले में संयम बरतने की सलाह देते हुए कहा, जिस भगवान के नाम पर दोनों पक्ष लड़ रहे हैं, क्या वह इस तरह कानूनी लड़ाई से खुश होंगे?

    न्यायाधीश जेबी पारदीवाला और न्यायाधीश के. विनोद चंद्रन की पीठ ने इस मामले पर बुधवार को सुनवाई की। दोनों पक्षों को आठ दिन के भीतर लिखित बहस पेश करने के निर्देश दिए हैं। लोक न्यास अधिनियम, 1959 के तहत कार्यवाही से विवाद शुरू हुआ था। मंदिर प्रबंधन से दिगंबर समिति अध्यक्ष और सचिव को हटाने तथा श्वेतांबर संप्रदाय की नई प्रबंध समिति बनाने की मांग की गई।

    विवाद करें समाप्त
    सुनवाई के दौरान न्यायाधीश पारदीवाला ने दोनों पक्षों से कहा, यह बहुत ही संवेदनशील मामला है और किसी भी पक्ष की भावनाओं को ठेस पहुंचाए बिना विवाद को समाप्त करने की जरूरत है। उन्होंने दोनों पक्षों से पूछा कि क्या ऐसा संभव है कि सुबह श्वेतांबर संप्रदाय अपनी परंपरा के अनुसार भगवान की पूजा करे और शाम को दिगंबर संप्रदाय भगवान के वस्त्र बदलकर अपनी पद्धति से पूजा करे। आप अनावश्यक मुकदमेबाजी कर भगवान को क्यों परेशान कर रहे हैं? क्या आपको लगता है भगवान इस सबसे खुश होंगे?

    बताते चलें कि साल 1970 में एसडीएम ने दिगंबर समिति के खिलाफ प्रार्थना पत्र मंजूर किया। दिगंबर समिति की ओर से पूजा स्थल अधिनियम, 1991 के तहत पेश प्रार्थना पत्र के आधार पर अक्टूबर 1994 में ट्रायल कोर्ट ने रोक लगा दी। हाईकोर्ट में अपील दायर की गई, जिसका दिगंबर समिति ने विरोध किया कि 1991 के अधिनियम के तहत कार्यवाही समाप्त हो चुकी थी।

    क्या है दोनों पक्षों की दलीलें?
    वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान का तर्कः इस मामले में पूजास्थल परिवर्तन की कोई मांग नहीं की गई है, इसलिए पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 इस मामले में लागू नहीं होता है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल संपूर्ण जैन समुदाय के हित में मंदिर के प्रबंधन से जुड़ा है।

    दिगंबर समिति की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर्यमा सुंदरम का तर्क
    हाईकोर्ट को अपील पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए थी, क्योंकि 1991 के कानून के तहत कार्यवाही समाप्त कर दी गई और उसमें अपील का प्रावधान नहीं है। ऐसे में हाईकोर्ट में याचिका दायर होनी चाहिए थी। तथ्य यह है कि मूर्ति (देवता), मंदिर और उससे जुड़ी संपत्तियों का नियंत्रण, कब्जा और प्रबंधन दिगंबर जैन संप्रदाय के पास ही रहा है।

  • चुनाव प्रचार थमा, अब डोर-टू-डोर जनसंपर्क; जयपुर में 2,256 बूथों पर होगी वोटिंग

    चुनाव प्रचार थमा, अब डोर-टू-डोर जनसंपर्क; जयपुर में 2,256 बूथों पर होगी वोटिंग

    जयपुर
     नगर निकाय चुनाव परिणामों के बाद राजधानी जयपुर में विजय जुलूस निकालने पर रोक रहेगी। पुलिस आयुक्तालय ने कानून-व्यवस्था और लोक शांति बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा जारी की है। आदेश के अनुसार, नगर निकाय चुनाव-2026 में निर्वाचित किसी भी सदस्य, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष की ओर से विजय जुलूस नहीं निकाला जा सकेगा।

    एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून एवं व्यवस्था) राजीव पचार ने आदेश जारी किया। कार्यक्रम के अनुसार प्रथम चरण का मतदान 9 सितंबर (हो चुका), द्वितीय चरण 11 सितंबर और मतगणना 14 सितंबर को होगी। अध्यक्ष पद का चुनाव 21 सितंबर तथा उपाध्यक्ष पद का चुनाव 22 सितंबर को प्रस्तावित है।

    इन चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। यह निषेधाज्ञा 13 से 25 सितंबर तक प्रभावी रहेगी। जयपुर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में किसी भी प्रकार का विजय जुलूस निकालना प्रतिबंधित रहेगा। उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

        2 हजार 256 मतदान केंद्र बनाए गए।
        551 केंद्र संवेदनशील और अति संवेदनशील श्रेणी में रखे गए।
        मतदान के दौरान सुरक्षा में 9 हजार अतिरिक्त पुलिसकर्मी होंगे।
        प्रत्येक केंद्र पर दो पुलिसकर्मी और संवेदनशील केंद्रों पर पांच होंगे।

    रैली, रोड शो और सभाओं पर रोक, प्रत्याशियों ने डोर-टू-डोर जनसंपर्क शुरू किया
    जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए बुधवार शाम छह बजे चुनाव प्रचार थम गया। इसके साथ ही सार्वजनिक रैलियों, रोड शो, सभाओं और अन्य प्रचार गतिविधियों पर रोक लग गई। अंतिम दिन प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी। अब गुरुवार को प्रत्याशी और उनके समर्थक डोर-टू-डोर जनसंपर्क से मतदाता तक पहुंच रहे हैं। सार्वजनिक प्रचार के बजाय व्यक्तिगत संपर्क पर जोर दिया जा रहा है।

    इधर, जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से 11 सितंबर को होने वाले नगर निगम चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। गुरुवार को मतदान दलों को मतदान सामग्री और अंतिम प्रशिक्षण के बाद मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा। सीकर रोड भिवानी निकेतन कॉलेज से 2256 मतदान केंद्रों के लिए मतदान दल रवाना होंगे।

    बता दें कि जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में 723 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। प्रचार थमने के साथ प्रत्याशियों का फोकस समर्थकों को बूथ तक पहुंचाने और अंतिम समय में मतदाताओं से संपर्क पर रहेगा। मतदान के साथ प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो जाएगी।

    दो पारियों में पोलिंग पार्टियों की रवानगी
    पोलिंग पार्टियों की रवानगी के लिए दो पारियों में व्यवस्था की गई है। जयपुर नगर निगम क्षेत्र में आने वाले 10 विधानसभा क्षेत्रों के मतदान दल निर्धारित व्यवस्था के तहत रवाना होंगे। मतदान दलों को ईवीएम, मतदान सामग्री और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के साथ मतदान प्रक्रिया से जुड़ी अंतिम जानकारी भी दी जाएगी।

    मानसरोवर में पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च
    निकाय चुनाव शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में कराने के लिए जयपुर साउथ पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को मानसरोवर सर्कल क्षेत्र में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकालकर आमजन को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया कि मतदाता बिना किसी डर या दबाव के मतदान करें।

    डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज के नेतृत्व में पुलिस बल ने मानसरोवर क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों का जायजा लिया। स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा व्यवस्था भी जांची गई। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती का संदेश दिया गया।

  • कमल-हाथ की टक्कर के बीच बागी और निर्दलीय बने चुनौती, जयपुर में बड़े नेताओं की अग्निपरीक्षा

    कमल-हाथ की टक्कर के बीच बागी और निर्दलीय बने चुनौती, जयपुर में बड़े नेताओं की अग्निपरीक्षा

    जयपुर
     जयपुर के 150 वार्डों में फिलहाल मुकाबला पार्षद बनने का है, लेकिन दांव इससे कहीं बड़ा है। दस विधानसभा क्षेत्रों में फैली इस सियासी बिसात पर कहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की साख का सवाल है, कहीं उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी की पकड़ की परीक्षा और कहीं कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ की सियासी ताकत का इम्तिहान।

    हर वार्ड में समीकरण अलग हैं। कहीं 'कमल' और 'हाथ' आमने-सामने हैं तो कहीं अपनों की नाराजगी ने मुकाबले में नया कोण जोड़ दिया है। इसलिए नगर निगम का यह चुनाव सिर्फ पार्षदों की संख्या का हिसाब नहीं, राजधानी में सियासी असर की पैमाइश भी है। इस सबसे ऊपर बिना पार्षद बने किसी बाहरी को भी महापौर बनाने की 'रस्म-ए-रियायत' भी तमाम सियासी जोड़-बाकी के गणित को बिगाड़ने के लिए काफी है।

    भाजपा ने प्रचार के आखिरी दिन मुख्यमंत्री को जयपुर में उतारकर अपनी प्राथमिकता साफ कर दी। इससे पहले संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष की बैठक भी पार्टी की गंभीरता का संकेत दे चुकी है। अब अपनों को साधना और वोटों को एकजुट रखना बड़ी चुनौती है।

    मालवीय नगर और झोटवाड़ा में टिकट को लेकर उपजी नाराजगी ने कई वार्डों में मुकाबले के कोण बढ़ा दिए हैं। सांगानेर में सीएम की साख के साथ निर्दलीयों ने समीकरणों में तड़का लगाया है, जबकि विद्याधर नगर में कहीं दो, कहीं तीन तो कहीं चार कोण तक मुकाबले हैं। कांग्रेस भी पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं।

    विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी बुधवार को अलवर में मतदान कर राजधानी पहुंचे और उन्होंने यहां कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए जनसंपर्क किया। कांग्रेस के विधायक और विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी अपने-अपने इलाकों में सक्रिय हैं। उसके लिए यह चुनाव सत्ता की लड़ाई से ज्यादा राजधानी में अपनी राजनीतिक जमीन नापने का मौका है।

    आदर्श नगर में पार्टी के भीतर की खींचतान, सिविल लाइंस में नए चेहरों की आजमाइश और हवामहल में पुराने चेहरों व व्यक्तिगत पकड़ का असर दिख रहा है। यहां भी बागी और निर्दलीय अधिकृत प्रत्याशियों के सामने नई चुनौती बनकर खड़े हैं। इसी बीच, एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी की गुलाबीनगर परिक्रमा ने भी छोटे चुनाव पर बड़ा सियासी तड़का लगा दिया है।

    दस विधानसभा क्षेत्रों का अपना अलग मिजाज है। कहीं संगठन की पकड़ भारी है, कहीं व्यक्तिगत रिश्ते और राजनीतिक विरासत, तो कहीं बागी उम्मीदवार पूरे गणित को नए सिरे से लिखने की कोशिश में हैं। बगरू में व्यक्तिगत पकड़ और पार्टी की साख आमने-सामने है, किशनपोल में पुराने शहर के स्थानीय और सामाजिक समीकरण अपना रंग दिखा रहे हैं, जबकि आमेर में सीधे मुकाबलों के बीच निर्दलीय तीसरा कोण बना रहे हैं।

    लेकिन वार्ड की चौखट पर बड़े नेताओं के नाम से ज्यादा सड़क, सीवर, सफाई, जलभराव, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक और अतिक्रमण जैसे सवाल असर डालेंगे। पिछली बार 250 वार्डों वाला जयपुर ग्रेटर और हैरिटेज के दो निगमों में बंटा था। अब शहर फिर एक निगम और 150 वार्डों में लौट आया है। नक्शा बदला है, मगर सियासत की गलियां वही हैं।

  • बाबा रामदेव के दर्शन के लिए आसान होगा सफर, जोधपुर-रामदेवरा के बीच नियमित और मेला स्पेशल ट्रेनें

    बाबा रामदेव के दर्शन के लिए आसान होगा सफर, जोधपुर-रामदेवरा के बीच नियमित और मेला स्पेशल ट्रेनें

     जैसलमेर
    किसी के हाथ में बाबा की ध्वजा है, किसी के सिर पर चुनरी, आंखों में दर्शन की चमक और जयकारों से मेले की आस्था परवान चढ़ रही है। भोर की पहली किरण के साथ कोई बाबा के दरबार के लिए निकल रहा है तो कोई शाम ढलते ही ट्रेन पकड़कर धोरों की उस धरती की ओर बढ़ रहा है, जहां हर रास्ता आस्था से जुड़ जाता है। जोधपुर से रामदेवरा के बीच चल रही नियमित ट्रेनों ने श्रद्धालुओं के इस आस्था-सफर को आसान बना दिया है। इस वर्ष रामदेवरा मेला 13 सितंबर 2026 से शुरू होकर 21 सितंबर 2026 (भादवा सुदी दशमी) तक चलेगा।

    उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मेले में बढ़ते यात्री भार को देखते हुए नियमित ट्रेनों के साथ मेला स्पेशल ट्रेन का भी संचालन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम आवागमन के लिए रेलवे की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।

    रामदेवरा जाने वाली ट्रेनें
    जोधपुर से रामदेवरा के लिए सुबह से रात तक नियमित ट्रेनों के विकल्प हैं। ट्रेन संख्या 12249 शकूरबस्ती-जैसलमेर स्वर्णनगरी एक्सप्रेस सुबह 4 बजे जोधपुर से रवाना होकर 7.01 बजे रामदेवरा पहुंचती है वहीं ट्रेन संख्या 20492 साबरमती-जैसलमेर सुपरफास्ट सुबह 6.10 बजे चलकर 9.07 बजे रामदेवरा पहुंचती है।

    इसी तरह दोपहर में ट्रेन संख्या 74844 भगत की कोठी-जैसलमेर डेमू दोपहर 2 बजे जोधपुर से रवाना होकर 5.25 बजे रामदेवरा पहुंचती है। दोपहर में ही ट्रेन 20486 साबरमती-जैसलमेर सुपरफास्ट जोधपुर से दोपहर 2.50 बजे रवाना होकर शाम 6.25 बजे रामदेवरा, जबकि शाम को ट्रेन संख्या 15014 काठगोदाम-जैसलमेर रानीखेत एक्सप्रेस और 25014 काठगोदाम-जैसलमेर कॉर्बेट पार्क लिंक एक्सप्रेस शाम 5 बजे रवाना होकर करीब 8 बजे रामदेवरा पहुंचती हैं।

    ट्रेन संख्या 14087 दिल्ली-जैसलमेर रुणिचा एक्सप्रेस शाम 7.40 बजे जोधपुर से रवाना होती है जो रात 11.20 बजे रामदेवरा पहुंचा देती है। साप्ताहिक ट्रेन के रूप में ट्रेन संख्या 22931 बांद्रा टर्मिनस-जैसलमेर सुपरफास्ट प्रत्येक शनिवार को सुबह 3.50 बजे जोधपुर से रवाना होकर 6.40 बजे रामदेवरा पहुंचती है।

    दर्शन के बाद वापसी की भी राह आसान
    बाबा के दर्शनों के बाद जोधपुर लौटने वालों के लिए भी सुबह से रात तक ट्रेनें हैं। ट्रेन संख्या 15013 जैसलमेर-काठगोदाम रानीखेत एक्सप्रेस सुबह 4.55 बजे रामदेवरा से रवाना होकर 8.20 बजे जोधपुर पहुंचती है। जबकि ट्रेन संख्या 20485 जैसलमेर-साबरमती सुपरफास्ट सुबह 7.53 बजे चलकर 11.30 बजे जोधपुर पहुंचती है। वहीं 74843 जैसलमेर-भगत की कोठी डेमू सुबह 9.10 बजे रामदेवरा से रवाना होकर 1.10 बजे जोधपुर, 20491 जैसलमेर-साबरमती सुपरफास्ट शाम 5.35 बजे चलकर रात 9 बजे और 12250 जैसलमेर-शकूरबस्ती स्वर्णनगरी एक्सप्रेस शाम 6.21 बजे चलकर रात 9.50 बजे जोधपुर आती है। इसी प्रकार रात में ट्रेन संख्या 14088 जैसलमेर-दिल्ली रुणिचा एक्सप्रेस 8.24 बजे रामदेवरा से रवाना होकर 11.40 बजे जोधपुर पहुंच रही है। वहीं ट्रेन संख्या 22932 जैसलमेर-बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक सुपरफास्ट प्रत्येक शनिवार रात 8.10 बजे रामदेवरा से चलकर 11.30 बजे जोधपुर आने का समय निर्धारित है।

  • कमीशन विवाद ने पकड़ा तूल, कान्हा-एलएमबी समेत 60 मिठाई दुकानों ने बंद किया जोमैटो

    कमीशन विवाद ने पकड़ा तूल, कान्हा-एलएमबी समेत 60 मिठाई दुकानों ने बंद किया जोमैटो

    जयपुर
    जोमैटो के कमीशन व्यावसायिक शर्तों को लेकर जयपुर के मिठाई विक्रेताओं का विवाद अब बहिष्कार तक पहुंच गया है। श्री हलवाई समिति के आह्वान पर शहर की करीब 60 मिठाई दुकानों और आउटलेट्स ने 7 सितंबर से जोमैटो पर अपने स्टोर अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए हैं। समिति का कहना है कि पिछले करीब एक माह से जोमैटो से कई बार पत्राचार के बावजूद कंपनी की ओर से कोई औपचारिक जवाब नहीं दिया गया। समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र रावत के अनुसार, जोमैटो ने वर्ष 2016 में जयपुर में लॉजिस्टिक्स पार्टनर के रूप में 0 फीसदी कमीशन पर सेवाएं शुरू की थीं। अब मिठाई विक्रेताओं से 22 प्रतिशत तक कमीशन लिया जा रहा है। समिति का तर्क है कि मिठाई कारोबार में कीमतों पर प्रतिस्पर्धा अधिक होने के कारण इतना कमीशन दुकानदारों के लिए आर्थिक रूप से अव्यावहारिक है।

    न बैठक न जवाब
    7 अगस्त को जोमैटो ने बड़े दुकानदारों के साथ बैठक कर समाधान का आश्वासन दिया था। इसके बाद समिति ने ईमेल के जरिए कमीशन कम करने की मांग रखी और 31 अगस्त तक जवाब व बैठक का अनुरोध किया, लेकिन कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद समिति ने सामूहिक बहिष्कार का फैसला किया।

    इन बड़े आउटलेटस ने किया किनारा…
    कान्हा, आनंद जी स्वीट्स, एस.एस. सोढ़ानी, रिद्धि सिद्धि, एलएमबी, बीएमबी, भगत मिष्ठान भंडार सहित कई प्रमुख प्रतिष्ठान बहिष्कार में शामिल हैं। समिति अब भी बातचीत से समाधान के लिए तैयार है।

    नया नहीं है विवाद
    फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म और रेस्टोरेंट कारोबारियों के बीच कमीशन, डिस्काउंट, विज्ञापन शुल्क और भुगतान कटौती को लेकर विवाद नया नहीं है। 2022 में नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने जोमैटो और स्विगी की कमीशन व्यवस्था पर सवाल उठाए थे। उस समय आरोप लगाया था कि प्लेटफॉर्म की कमीशन दरें कई मामलों में 20 से 30 प्रतिशत तक पहुंच रही थीं। मामला भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआइ) तक भी पहुंचा।

    जोमैटो के बारे में जानिए
    जोमैटो एक प्रमुख भारतीय ऑनलाइन फूड डिलीवरी और रेस्तरां डिस्कवरी प्लेटफॉर्म है। इसकी स्थापना 2008 में दीपिंदर गोयल और पंकज चड्डा ने फूडीबे नाम से की थी, जिसे बाद में जोमैटो कर दिया गया। मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा में है। यह यूजर्स को घर बैठे रेस्तरां से खाना ऑर्डर करने, मेनू देखने, रिव्यू पढ़ने और टेबुल बुक करने की सुविधा देता है। मूल कंपनी अब इटरनल लिमिटेड के नाम से जानी जाती है, जिसके तहत ब्लिंकिट जैसी क्विक कॉमर्स सेवा भी चलती है। जोमैटो मुख्य रूप से भारत में सक्रिय है और देश के सबसे बड़े फूड-टेक ब्रांड्स में से एक है।

  • बारिश थमी तो चढ़ा पारा, राजस्थान में 12 सितंबर से फिर बरसेंगे बादल

    बारिश थमी तो चढ़ा पारा, राजस्थान में 12 सितंबर से फिर बरसेंगे बादल

    जयपुर
    राजस्थान में मानसून ने फिलहाल ब्रेक ले लिया है। प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने के साथ मौसम का मिजाज एक बार फिर गर्म होने लगा है। हालांकि, यह राहत ज्यादा लंबी नहीं रहने वाली। मौसम विभाग के अनुसार अगले 4-5 दिन मानसून कमजोर रहेगा, लेकिन 12 सितंबर से प्रदेश में एक बार फिर बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। आज भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।

    सोमवार को भी प्रदेश में बारिश का दायरा काफी सीमित रहा। अलवर, कोटपूतली, सीकर और राजसमंद में ही कुछ स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। राजसमंद के नाथद्वारा में सबसे ज्यादा करीब 28 मिलीमीटर यानी एक इंच से ज्यादा पानी बरसा। देर शाम श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के कुछ इलाकों में बादल छाए और हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं।

    उत्तर भारत की तरफ खिसका मानसून ट्रफ
    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक सोमवार को मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से खिसककर उत्तर भारत की तरफ चली गई। इसका सीधा असर राजस्थान में बारिश की गतिविधियों पर पड़ा है। ट्रफ की स्थिति बदलने के कारण अब प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून की सक्रियता कमजोर रहने का अनुमान है।

    इस दौरान आसमान में बादल जरूर नजर आ सकते हैं, लेकिन व्यापक स्तर पर तेज या भारी बारिश की उम्मीद कम है। स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 सितंबर से मानसून फिर सक्रिय होगा, जिसके बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

    राजस्थान में 24 फीसदी बारिश कम
    इस मानसून सीजन में राजस्थान को अब तक सामान्य बारिश का इंतजार ही है। 1 जून से 6 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य से करीब 24 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूरे प्रदेश में सिर्फ चार जिले ऐसे हैं जहां सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है।

    इनमें सबसे आगे भरतपुर है। यहां 1 जून से 6 सितंबर तक सामान्य बारिश 481.7 एमएम मानी जाती है, जबकि इस सीजन में अब तक 638.8 एमएम बारिश हो चुकी है। यानी भरतपुर में सामान्य से करीब 33 फीसदी ज्यादा पानी बरसा है।

    भरतपुर के अलावा दौसा, धौलपुर और झुंझुनूं में भी सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। इन जिलों में बारिश सामान्य से करीब 7 से 13 फीसदी अधिक रही है। दूसरी ओर अलवर में सामान्य से करीब 1 फीसदी कम और करौली में 5 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    नाथद्वारा में सबसे ज्यादा बारिश
    पिछले 24 घंटे के दौरान राजसमंद का नाथद्वारा बारिश के लिहाज से प्रदेश में सबसे आगे रहा। यहां करीब 28 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कोटपूतली, अलवर शहर और सीकर के कुछ इलाकों में भी बारिश हुई।

    देर शाम पश्चिमी राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू में मौसम ने थोड़ी करवट ली। बादल छाने के साथ कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं। हालांकि, यह बारिश इतनी व्यापक नहीं रही कि प्रदेश में कमजोर पड़े मानसून को फिर से सक्रिय माना जाए।

    बारिश रुकी तो चढ़ने लगा पारा
    बारिश थमने और धूप निकलने का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। सोमवार को करौली, कोटा, प्रतापगढ़, फतेहपुर, अलवर, पिलानी, टोंक और भीलवाड़ा समेत कई शहरों में दिन के तापमान में करीब 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हुई।

    प्रदेश में सोमवार को सबसे गर्म फलोदी रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने के साथ आने वाले दिनों में दिन के तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, 12 सितंबर के बाद बारिश का नया दौर शुरू होने पर एक बार फिर तापमान में राहत मिलने की उम्मीद है।

    आज का मौसम कैसा रहेगा?
    आज भरतपुर और कोटा संभाग में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अगले 4-5 दिन मानसून कमजोर रहने का अनुमान है। ऐसे में प्रदेश में फिलहाल तेज बारिश का इंतजार करना होगा। मौसम विभाग की नजर अब 12 सितंबर से बनने वाले नए बारिश के दौर पर है। अगर सिस्टम अनुकूल रहा तो मानसून की सुस्ती टूट सकती है और प्रदेश के कई हिस्सों में दोबारा बारिश का सिलसिला तेज हो सकता है।

  • वोटिंग से पहले जरूरी खबर: वोटर ID के बिना भी कर सकेंगे मतदान, ये 11 डॉक्यूमेंट होंगे मान्य

    वोटिंग से पहले जरूरी खबर: वोटर ID के बिना भी कर सकेंगे मतदान, ये 11 डॉक्यूमेंट होंगे मान्य

    जयपुर
    राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए बुधवार (9 सितंबर) को मतदान होगा. पहले चरण में 162 नगरीय निकायों में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे. मतदान को लेकर निर्वाचन विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं. पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों पर पहुंच रही हैं. मतदान के लिए मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है. इसके साथ पहचान के लिए फोटोयुक्त दस्तावेज दिखाना होगा. अगर किसी मतदाता के पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है, तो भी वह मतदान कर सकता है. इसके लिए चुनाव आयोग ने 11 वैकल्पिक फोटो पहचान दस्तावेज मान्य किए हैं.

    जयपुर में 565 मतदान केंद्र पर वोटिंग
    पहले चरण में 17 नगर पालिकाओं के 25 वार्ड, 4 नगर परिषदों के 6 वार्ड और एक नगर निगम का एक वार्ड निर्विरोध चुना जा चुका है. इन वार्डों को छोड़कर बाकी सीटों पर मतदान होगा. जयपुर जिले में 18 नगरीय निकायों के लिए 565 मतदान केंद्रों पर वोटिंग होगी.

    पहले चरण में मतदान वाले प्रमुख नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में चौमूं, शाहपुरा, बाड़मेर, जैसलमेर, तिजारा, खैरथल, भिवाड़ी, करौली, कुचामन सिटी, डीडवाना, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, झालावाड़, बूंदी, बारां, जालोर, झुंझुनूं, फतेहपुर, सवाई माधोपुर, धौलपुर, सुजानगढ़, चूरू, कोटपूतली, ब्यावर और नागौर शामिल हैं.

    वोटर आई के अलावा 11 वैकल्पिक दस्तावेज

    1.     आधार कार्ड
    2.     विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी मनरेगा कार्ड
    3.     बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक
    4.     श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड या आयुष्मान भारत हेल्थ कार्ड
    5.     ड्राइविंग लाइसेंस
    6.     पैन कार्ड
    7.     भारतीय पासपोर्ट
    8.     फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज
    9.     केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम या सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी की ओर से जारी फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र
    10.     सांसद या विधानसभा सदस्य को जारी सरकारी पहचान पत्र
    11.     सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से जारी यूडीआईडी

    कार्ड में से कोई एक दस्तावेज
    मतदान केंद्र पर जाने से पहले मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में जरूर जांच लें. साथ ही मतदान केंद्र की जानकारी पहले से कर लें. मतदान के बाद 11 सितंबर को दूसरे चरण का मतदान होगा. निकाय चुनाव की मतगणना 14 सितंबर को होगी.