Category: राजस्थान

  • PM मोदी के जन्मदिन पर राजस्थान में जलेगा आशीर्वाद का दीपक, CM भजनलाल ने की जनभागीदारी की अपील

    PM मोदी के जन्मदिन पर राजस्थान में जलेगा आशीर्वाद का दीपक, CM भजनलाल ने की जनभागीदारी की अपील

    जयपुर
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का सम्पूर्ण जीवन कर्मयोगी के रूप में जनसेवा और राष्ट्रसेवा के संकल्प के लिए समर्पित रहा है। उनके परिश्रम, दूरदृष्टि और राष्ट्रनिष्ठा ने भारत के सामर्थ्य को नई पहचान दी है। उनका जीवन यह प्रेरणा देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और देशहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ बड़े से बड़ा लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है।

    प्रधानमंत्री का नेतृत्व, भारत के नव निर्माण की आधारशिला-
     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भरता, सुशासन और विकसित भारत की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। विकास की गति गांव से शहर और समाज के अंतिम पायदान तक पहुंची है तथा जनकल्याणकारी योजनाओं से करोड़ों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साहसिक नेतृत्व में देश की आंतरिक सुरक्षा सुदृढ़ हुई है, रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी सामर्थ्य बढ़ रहा है तथा विश्व में भारत की साख और छवि मजबूत हुई है।

    प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राजस्थान विकास की नई राह पर-
      मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का राजस्थान के प्रति विशेष स्नेह और आत्मीय लगाव रहा है। उनके मार्गदर्शन में राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, राजस्थान रिफाइनरी और जयपुर मेट्रो फेज-2 जैसे महत्वपूर्ण निर्णय प्रदेश के विकास को नई गति दे रहे हैं। जल, ऊर्जा, परिवहन और औद्योगिक विकास से जुड़े प्रयासों में भी प्रधानमंत्री का निरंतर मार्गदर्शन मिल रहा है।

    युवाओं के हित में डबल इंजन सरकार ने मजबूत कदम उठाएं-
     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने युवाओं के हित में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ढाई वर्ष में 1 लाख 90 हजार पदों पर नियुक्तियां दी हैं तथा 1 लाख 20 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 में सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है। इससे युवाओं का भरोसा राज्य सरकार पर और अधिक मजबूत हुआ है।

    हर घर, हर गांव और हर शहर में आशीर्वाद का दीपक जलाएं-
     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के जन्मदिवस को पूरा राष्ट्र ‘सेवा संकल्प अभियान-जन सेवा ही प्रभु सेवा’ के रूप में मना रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान और आत्मीयता को जनभागीदारी के माध्यम से अभिव्यक्त करें। साथ ही, 17 सितम्बर को शाम 7 बजे राजस्थान के हर घर, हर गांव और हर शहर में आशीर्वाद का दीपक जलाएं। जिससे राजस्थान की धरती पर प्रज्वलित होने वाला प्रत्येक दीप विकसित भारत-विकसित राजस्थान के संकल्प का प्रतीक बने।

  • पंचायत चुनाव को लेकर भजनलाल सरकार का बड़ा अपडेट, 23-24 सितंबर को आरक्षण लॉटरी

    पंचायत चुनाव को लेकर भजनलाल सरकार का बड़ा अपडेट, 23-24 सितंबर को आरक्षण लॉटरी

    जयपुर
     राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों को लेकर भजनलाल सरकार ने आरक्षण लॉटरी की तिथि तय कर दी है। जिला स्तर पर 23 सितंबर को जिला परिषद सदस्य, प्रधान एवं पंचायत समिति सदस्यों के पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। वहीं, उपखंड स्तर पर 24 सितंबर को सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा और लॉटरी निकाली जाएगी। आयुक्त और शासन सचिव डाॅ. जोगाराम ने बुधवार को इसके निर्देश जारी कर दिए हैं।

    बता दें कि पहले प्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के आरक्षण की लॉटरी 17 सितंबर और पंच, सरपंच की लॉटरी 18 सितंबर को निकाली जानी थी। लेकिन 15 सितंबर को इसे स्थगित कर दिया था। इसके पीछे वजह शहरी निकाय प्रमुखों का चुनाव बताया था। इससे पहले 16 अगस्त को भी पंचायत चुनाव की लॉटरी को स्थगित कर दिया गया था, तब 18 अगस्त को सरंपचों और वार्ड पंचों की लॉटरी निकाली जानी थी। लेकिन, अब पंचायतीराज आयुक्त जोगाराम ने बुधवार देर रात सभी कलेक्टरों को लेटर भेजकर 23 और 24 सितंबर को आरक्षण की लॉटरी निकालने के आदेश दिए हैं।

    सरकार ने पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को सही ठहराया
    इधर, राजस्थान सरकार ने निकाय और पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को सही ठहराया हैं। इस बारे में हाईकोर्ट में जवाब पेश किया गया है, जिसमें सरकार ने कहा है कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर लॉटरी के जरिए चुनाव में ओबीसी आरक्षण दिया गया है। सरकार का यह जवाब ऐसे समय आया है जब प्रदेश में प्रधान, पंचायत समिति सदस्य, सरपंच और पंच के लिए लॉटरी निकालने की तारीख तय की गई है।

    जिला प्रमुख के पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी में 41 जिलों में से 5 पद ही ओबीसी के लिए आरक्षित हुए थे। सरकार ने अपने जवाब में कहा कि हमने सुप्रीम कोर्ट की 50 प्रतिशत की सीमा के अंदर ही एससी, एसटी और ओबीसी को आरक्षण दिया हैं। इसमें आयोग की सिफारिश को भी ध्यान में रखा गया है। पंचायत चुनाव में जिला प्रमुख के पदों के मुकाबले ओबीसी की सीटें नहीं बढ़ने पर हाईकोर्ट ने आर आर गोदारा की याचिका पर सरकार से जवाब मांगा गया था। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया है। अब इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रखा जाएगा।

  • राजस्थान निकाय चुनाव: री-पोलिंग के नतीजों से बदला गणित, जयपुर में कांग्रेस और कोटा में BJP का दबदबा

    राजस्थान निकाय चुनाव: री-पोलिंग के नतीजों से बदला गणित, जयपुर में कांग्रेस और कोटा में BJP का दबदबा

    जयपुर
     राजस्थान में निकाय चुनाव के तहत पुनर्मतदान वाले वार्डों के परिणाम सामने आ गए हैं। जयपुर नगर निगम के शेष चार वार्डों के परिणाम भी घोषित हो गए हैं। चारों वार्डों में कांग्रेस उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। जयपुर नगर निगम के वार्ड 9 से कांग्रेस की कैलाशी देवी, वार्ड 18 से कांग्रेस की बंदिता शर्मा, वार्ड 25 से कांग्रेस की रेखा देवी और वार्ड 34 से कांग्रेस के सुरेश विजयी रहे।

    कोटा में 3 वार्डों के नतीजे
    कोटा नगर निगम में पुनर्मतदान वाले तीन वार्डों के परिणाम भी जारी हो गए हैं। वार्ड 11 में कांग्रेस की कमलेश कुमारी, जबकि वार्ड 44 में भाजपा के प्रेम सिंह और वार्ड 87 में भाजपा की पुष्पा चौधरी ने जीत दर्ज की।

    कोटा नगर निगम में कुल 100 वार्ड हैं। अब भाजपा के 57 पार्षद, कांग्रेस के 39 पार्षद हैं, जबकि 4 वार्डों में निर्दलीय जीते हैं। भाजपा के 57 सीटों पर पहुंचने के बाद कोटा नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बनना तय हो गया है। अब महापौर के नाम को लेकर शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर मंथन चल रहा है। वार्ड 4 सुकेत नगर पालिका में कांग्रेस प्रत्याशी मोहम्मद रफीक आर्मी 117 वोट से विजयी हुए।

    जोधपुर वार्ड 50 में भाजपा की जीत
    जोधपुर नगर निगम के वार्ड 50 का मतगणना परिणाम भी घोषित कर दिया गया है। यहां भाजपा के हेमाराम चौधरी ने कांग्रेस के युवराज सिंह को 83 मतों से हराया। हेमाराम चौधरी को कुल 1,725 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के युवराज सिंह को 1,642 वोट मिले। युवराज सिंह के वोटों में 1,641 ईवीएम और 1 डाक मतपत्र का वोट शामिल है।

    अन्य प्रत्याशियों में निर्दलीय रिंकू मेवाड़ा को 540 वोट, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के दीपक जांगिड़ को 155 वोट और निर्दलीय देशराज सिंह को 113 वोट मिले। वहीं 82 मतदाताओं ने NOTA का विकल्प चुना।

    वार्ड 50 के बूथ संख्या 338 की ईवीएम खराब होने के कारण पहले मतगणना नहीं हो पाई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने बुधवार को यहां पुनर्मतदान कराया था। पुनर्मतदान के बाद हुई मतगणना में भाजपा के हेमाराम चौधरी विजयी रहे। जोधपुर नगर निगम में भाजपा के 45 पार्षद, कांग्रेस के 44 पार्षद, RLP का एक और 10 निर्दलीय पार्षद हो गए हैं।

  • मोदी परिवार की चाय दुकान से रेलवे स्टेशन तक आती थी चाय, 73 साल की सुधा ने सुनाया किस्सा

    मोदी परिवार की चाय दुकान से रेलवे स्टेशन तक आती थी चाय, 73 साल की सुधा ने सुनाया किस्सा

    कोटा
    चांदी जैसी चमकदार केतली, हाथ में गिलास और पिता के साथ रेलवे के वेटिंग रूम में बैठकर चाय पीने की यादें कोटा निवासी 73 वर्षीय सुधा शर्मा के जेहन में आज भी ताजा हैं। सुधा के अनुसार, यह चाय गुजरात के वडनगर में मोदी परिवार की चाय की दुकान से आती थी। उस समय उनके पिता वीपी तिवारी वडनगर रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के पद पर तैनात थे।

    सुधा शर्मा ने ‘पत्रिका’ से बातचीत में बताया कि यह बात वर्ष 1957-58 की है। उस समय वे पांचवीं कक्षा में पढ़ती थीं। उनके पिता वडनगर रेलवे स्टेशन पर स्टेशन मास्टर थे और उनकी नौकरी के चलते परिवार का जुड़ाव वडनगर से था। सुधा के मुताबिक, उस दौर में वडनगर में मोदी परिवार की लकड़ी की चाय की एक दुकान हुआ करती थी।

    वडनगर रेलवे स्टेशन पर मोदी टी स्टॉल का फाइल फोटो
    सुधा बताती हैं कि नरेंद्र मोदी और परिवार के अन्य सदस्य बचपन में इसी दुकान पर चाय बनाने और बेचने का काम करते थे। बच्चे नेकर पहनकर चाय लेकर रेलवे स्टेशन भी आया करते थे। उस समय स्टेशन पर पिता के साथ रहना और वहां आने वाली चाय को देखना सुधा के बचपन का हिस्सा था। हालांकि उस वक्त यह उनके लिए रोजमर्रा की बात थी, लेकिन आज इतने साल बाद वही छोटे-छोटे पल उनकी यादों में खास जगह रखते हैं।

    पिता को पसंद थी दुकान की चाय
    सुधा शर्मा के अनुसार, उनके पिता को मोदी परिवार की दुकान की चाय काफी पसंद थी। वे अक्सर वहीं से चाय मंगवाते थे। चाय चमकदार केतली में रेलवे स्टेशन पहुंचती थी। पिता के साथ वेटिंग रूम में बैठकर चाय पीना सुधा के लिए बचपन की एक खास याद बन गया।

    कोटा निवासी सुधा
    सुधा बताती हैं कि आज भी जब वे गुजरात के वडनगर जाती हैं तो उस जगह को जरूर देखती हैं, जहां कभी मोदी परिवार की चाय की दुकान हुआ करती थी। उनके लिए वह जगह बीते समय और बचपन की यादों से जुड़ी हुई है।

    वडनगर से जुड़ीं बचपन की यादें
    सुधा ने पांचवीं कक्षा तक गुजराती माध्यम से पढ़ाई की। वडनगर का हाटकेश्वर महादेव मंदिर भी उनकी बचपन की स्मृतियों का हिस्सा है। वडनगर से जुड़ी कई यादें आज भी उनके साथ हैं। वे कहती हैं कि वडनगर उनके लिए सिर्फ एक शहर नहीं है, बल्कि पिता की नौकरी और बचपन के उन दिनों से जड़ी जगह है, जिन्हें वे आज भी अपने मन में संजोकर रखे हुए हैं।

    CM भजनलाल ने दी शुभकामनाएं
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उन्हें राज्य की जनता की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर जनसेवा और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 साल पहले जनसेवा से शुरू हुई प्रधानमंत्री की यात्रा लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के विकास को नई ऊर्जा मिली है, जनकल्याणकारी योजनाओं से लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और युवाओं के हित में उठाए गए कदमों से सरकार में उनका विश्वास मजबूत हुआ है।

     

  • उदयपुर के महासतिया में राजपरिवार का अंतिम संस्कार, भव्य छतरियां बताती हैं मेवाड़ का गौरव

    उदयपुर के महासतिया में राजपरिवार का अंतिम संस्कार, भव्य छतरियां बताती हैं मेवाड़ का गौरव

    उदयपुर
    मेवाड़ पूर्व राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की मां और अरविंद सिंह मेवाड़ की पत्नी विजयराज कुमारी के देवलोकगमन के बाद एक बार फिर उदयपुर का 'महासतिया' स्थल चर्चा में है। दरअसल, यहां विजयराज कुमारी के पार्थिव शरीर को पारंपरिक रीति-रिवाजों और राजशाही सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के लिए इसी ऐतिहासिक स्थान पर लाया गया। मेवाड़ के इतिहास और गौरवशाली परंपराओं को अपने आंचल में समेटे 'महासतिया' केवल एक मोक्ष स्थल नहीं, बल्कि स्थापत्य कला और पूर्व राजघरानों की अमर गाथाओं का एक जीवंत प्रतीक है।

    जानिए कहां है उदयपुर का 'महासतिया'
    महासतिया, उदयपुर शहर के प्राचीन आहड़ (आयड़) क्षेत्र में प्रसिद्ध गंगू कुंड के पास स्थित है। यह स्थान सदियों से मेवाड़ राजपरिवार का शाही श्मशान स्थल (शाही समाधि स्थल) रहा है। यहां राजपरिवार के सदस्यों, महाराणाओं, महारानियों और राजकुमारों के अंतिम संस्कार के बाद उनकी याद में भव्य और कलात्मक छतरियों (स्मारकों) का निर्माण कराया जाता है।

    सबसे पहले महाराणा अमर सिंह प्रथम का यह हुआ था अंतिम संस्कार
    इतिहास के पन्नों को पलटें और विद्वानों से मिली जानकारी के अनुसार तो उदयपुर की स्थापना के बाद शुरुआती दौर में महाराणाओं के समाधि स्थल अलग-अलग जगहों पर थे। लेकिन महासतिया में सबसे पहले महाराणा अमर सिंह प्रथम का अंतिम संस्कार किया गया था। महाराणा अमर सिंह प्रथम, महान योद्धा महाराणा प्रताप के पुत्र थे। वर्ष 1620 में जब महाराणा अमर सिंह प्रथम का निधन हुआ, तो उनका अंतिम संस्कार इसी स्थान पर किया गया। तभी से यह परंपरा लगातार चली आ रही है और राजपरिवार के सभी महाराणाओं और सदस्यों का दाह संस्कार इसी पावन और ऐतिहासिक परिसर में किया जाता है।

    हेरिटेज लुक और भव्य छतरियां है पहचान
    बताया जाता है कि महासतिया परिसर अपनी संगमरमर और बलुआ पत्थरों से बनी खूबसूरत छतरियों के लिए जाना जाता है। यहां लगभग 19 से अधिक महाराणाओं की भव्य छतरियों सहित सैकड़ों ऐतिहासिक छतरियां बनी हुई हैं, जो मेवाड़ की स्थापत्य शैली का अद्भुत नमूना पेश करती हैं। इनमें महाराणा अमर सिंह प्रथम, महाराणा संग्राम सिंह द्वितीय, महाराणा जगत सिंह प्रथम और महाराणा भीम सिंह जैसे महान शासकों की छतरियां बेहद आकर्षक और विशाल हैं।

    मेवाड़ की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार दी गई अंतिम विदाई
    लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की माता विजयराज कुमारी के निधन के बाद पूरी मर्यादा और मेवाड़ की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार महासतिया में ही उनका अंतिम संस्कार संपन्न किया गया। यह स्थान आज भी मेवाड़ के स्वर्णिम इतिहास, परंपरा और त्याग की मूक गवाही दे रहा है।

     

  • फतेहाबाद में 138 लोकेशन पर पावर ग्रिड का काम, हरित बिजली पहुंचाने की तैयारी तेज

    फतेहाबाद में 138 लोकेशन पर पावर ग्रिड का काम, हरित बिजली पहुंचाने की तैयारी तेज

     फतेहाबाद
     राजस्थान के मरुस्थल में तैयार हो रही सस्ती और हरित सौर ऊर्जा जल्द ही हरियाणा और पंजाब के शहरों तक पहुंचाने की तैयारी है। करीब 12 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत बीकानेर से 400 केवी की हाई वोल्टेज बिजली लाइनें सिवानी मंडी तक पहुंचेंगी और यहां से अलग-अलग रूट के जरिए आगे भेजी जाएंगी।

    इसी कड़ी में फतेहाबाद जिले में सिवानी-पातड़ा 400 केवी और सिवानी-फतेहाबाद पावर ग्रिड परियोजनाओं पर काम चल रहा है। दोनों परियोजनाओं के तहत जिले में कुल 138 लोकेशन पर कार्य से संबंधित गतिविधियां की जानी हैं।

    बुधवार को डीसी डॉ. विवेक भारती ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) की बैठक में इन परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में तय मानदंडों के अनुसार गुणवत्तापूर्वक कार्य पूरा करने और विभिन्न विभागों व एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल रखने के निर्देश दिए।ॉ

    सिवानी-फतेहाबाद रूट पर 51 लोकेशन
    बैठक में पावर ग्रिड के अधिकारियों ने बताया कि सिवानी-पातड़ा 400 केवी परियोजना के तहत टोहाना और भूना क्षेत्र के 11 गांवों में 87 लोकेशन शामिल हैं। वहीं सिवानी-फतेहाबाद पावर ग्रिड परियोजना के तहत चार गांवों में 51 लोकेशन पर कार्य किया जाना है।

    सिवानी मंडी से फतेहाबाद तक प्रस्तावित लाइन की कुल लंबाई 165 किलोमीटर होगी और इस मार्ग पर 197 बड़े बिजली टावर लगाए जाएंगे। इनमें 57 पोल सिवानी क्षेत्र, 89 हिसार जिले की सीमा और 51 पोल फतेहाबाद जिले में लगाए जाएंगे। परियोजना के तहत फतेहाबाद शहर के बस स्टैंड के समीप स्थित 220 केवी सब-स्टेशन तक बिजली लाइन पहुंचाने की योजना है।

    पातड़ा तक जाएगा दूसरा 400 केवी रूट
    दूसरी 400 केवी लाइन सिवानी से पंजाब के पातड़ा तक जाएगी। इसकी कुल लंबाई 281 किलोमीटर होगी और पूरे रूट पर 354 बड़े बिजली पोल लगाए जाएंगे। योजना के अनुसार भिवानी में 57, हिसार में 118, फतेहाबाद में 85 और जींद में आठ स्थानों पर पोल स्थापित किए जाएंगे।

    इसके बाद लाइन पंजाब में प्रवेश करेगी, जहां संगरूर में 48 और पातड़ा क्षेत्र में 38 स्थानों पर टावर खड़े किए जाएंगे। राजस्थान में बड़े स्तर पर सोलर सिस्टम और पार्क स्थापित होने के बाद वहां अतिरिक्त हरित ऊर्जा का उत्पादन बढ़ा है।

    इसी अतिरिक्त ऊर्जा को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने के लिए नई 400 केवी लाइन बिछाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार लाइन के पूरी तरह चालू होने से जिले सहित पूरे उत्तर भारत में बिजली की सप्लाई सुदृढ़ होगी।

    मुख्य सचिव ने भी वीसी के माध्यम से की समीक्षा
    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने भी वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रगति की बैठक में जिले में चल रही पावर ग्रिड परियोजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने परियोजनाओं की प्रगति, कार्यों की समयसीमा और संबंधित विभागों व एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा की।

    डीसी डॉ. विवेक भारती ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं की नियमित मानिटरिंग की जाए और किसी भी स्तर पर प्रशासनिक, तकनीकी या अन्य समस्या सामने आने पर आपसी समन्वय से उसका शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

  • पचपदरा रिफाइनरी से निकलती LPG की चोरी, बंद होटल के पीछे चल रहा था अवैध रिफिलिंग का खेल

    पचपदरा रिफाइनरी से निकलती LPG की चोरी, बंद होटल के पीछे चल रहा था अवैध रिफिलिंग का खेल

    बाड़मेर
     राजस्थान के बालोतरा जिले की हाईटेक पचपदरा रिफाइनरी से निकलने वाली एलपीजी गैस की सप्लाई के दौरान टैंकर चालकों की मिलीभगत से गैस चोरी कर सिलेंडरों में भरने का बड़ा मामला सामने आया है। बालोतरा जिला पुलिस की डीएसटी ने मंगलवार देर रात कुड़ी शरद में कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन से करीब 64 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए। इनमें गैस भरकर अवैध रूप से चोरी किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि टैंकर चालकों की मिलीभगत से रास्ते में टैंकर की सील तोड़कर एलपीजी गैस सिलेंडरों में भरकर चोरी की जाती थी।

    रिफाइनरी शुरू होने के बाद एलपीजी गैस अलग-अलग डिपो तक टैंकरों के माध्यम से भेजी जा रही थी। आरोप है कि इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर टैंकर चालकों की मिलीभगत से रास्ते में टैंकर की सील तोड़ी जाती थी और गैस सिलेंडरों में भरकर चोरी की जा रही थी। लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार की सूचना मिलने के बाद डीएसटी ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

    अंधेरे में चल रहा था खेल
    डीएसटी ने एक बंद पड़ी होटल के पीछे कार्रवाई करते हुए एलपीजी से भरे टैंकर, पिकअप वाहन और सिलेंडरों को अपने कब्जे में लिया। पुलिस के अनुसार होटल केवल दिखावे के तौर पर संचालित हो रही थी, जबकि पीछे सुनसान स्थान पर अंधेरे में गैस की अवैध रिफिलिंग का कारोबार चल रहा था। डीएसटी प्रभारी आईदान राम ने बताया कि बंद पड़ी होटल के पीछे टैंकरों से गैस चोरी कर सिलेंडरों में भरने की गतिविधि चल रही थी। पुलिस की कार्रवाई देर रात तक जारी रही।

    नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश
    कार्रवाई के बाद पुलिस अब इस अवैध कारोबार से जुड़े लोगों और टैंकर चालकों की भूमिका की जांच में जुटी है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर लंबे समय से चल रहे इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस मामले का विस्तृत खुलासा कर सकती है। इससे अवैध कारोबार से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आने की संभावना है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। साथ ही नेटवर्क से जुड़े लोगो की तलाश के लिए जगह-जगह छापेमारी की कार्रवाई चल रही है।

  • राजस्थान में ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण अनुकूल शीतलन तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर

    राजस्थान में ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण अनुकूल शीतलन तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर

    जयपुर
    विश्व ओजोन दिवस के अवसर मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने सचिवालय में राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के  पोस्टर का विमोचन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ओजोन परत पृथ्वी पर जीवन की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक कवच है। इसके संरक्षण के लिए वैश्विक स्तर पर किए गए प्रयास यह दर्शाते हैं कि विज्ञान आधारित नीतियों, प्रभावी क्रियान्वयन और सामूहिक भागीदारी के माध्यम से बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान संभव है।

    उन्होंने कहा कि आज ओजोन संरक्षण को जलवायु परिवर्तन से जोड़कर देखने की आवश्यकता है। बढ़ते तापमान और शीतलन की बढ़ती जरूरत के बीच ऐसी तकनीकों एवं प्रणालियों को बढ़ावा देना जरूरी है, जो ऊर्जा की बचत के साथ पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव डालें। पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। विद्यार्थियों, युवाओं, शिक्षकों, उद्योग जगत, तकनीकी विशेषज्ञों और आमजन को पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों से जोड़कर ही व्यापक बदलाव लाया जा सकता है।

    मुख्य सचिव ने कहा कि मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के बाद से ही पर्यावरण रक्षा के गंभीर प्रयास जारी है। ओजोन दिवस का संदेश केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि इसे आमजन के दैनिक जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

    सतत शीतलन को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता : अध्यक्षा, आरएसपीसीबी
    कार्यक्रम में राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल की अध्यक्षा श्रीमती अपर्णा अरोरा ने कहा कि ओजोन परत का संरक्षण केवल एक वैश्विक पर्यावरणीय दायित्व नहीं बल्कि मानव स्वास्थ्य, पारिस्थितिकी तंत्र और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से सीधे जुड़ा विषय है। वर्तमान में बढ़ते तापमान के कारण शीतलन की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ऊर्जा दक्ष एवं पर्यावरण अनुकूल शीतलन तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है।

    अरोरा ने कहा कि राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ जन-जागरूकता को भी प्राथमिकता दी जा रही है। उद्योगों एवं आमजन को पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अरोरा ने कहा कि ओजोन संरक्षण की सफलता हमें यह संदेश देती है कि जब सरकार, उद्योग और समाज एक साझा उद्देश्य के साथ आगे बढ़ते हैं तो पर्यावरणीय बदलाव संभव है। पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को सफल बनाने के लिए आमजन की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। ऊर्जा की बचत, ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग, पर्यावरण अनुकूल शीतलन साधनों को प्राथमिकता तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपना कर प्रत्येक नागरिक अपना योगदान दे सकता है।

    जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को और प्रभावी बनाने की जरूरत : एसीएस, वन एवं पर्यावरण
    अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन एवं पर्यावरण आनंद कुमार ने कहा कि ओजोन संरक्षण वैश्विक पर्यावरणीय सहयोग की एक महत्वपूर्ण सफलता का उदाहरण है। मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल और उसके तहत किए गए प्रयासों ने यह साबित किया है कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं निरंतर प्रतिबद्धता के माध्यम से पर्यावरणीय चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा सकता है।

    इसके अतिरिक्त विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए पर्यावरण सचिव शैलजा देवल ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भविष्यगामी एप्रोच के साथ काम कर रही है। जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, पर्यावरण प्रदूषण का सीधा असर पड़ा है। प्रजातियां नष्ट हो रही है तो नेपाल त्रासदी जैसी घटनाएं हो रही है। उन्होंने कहा कि हमें उर्जा दक्षता, रिसाइक्लिंग और पानी की बूंद बूंद बचत की और ध्यान देना होगा।

    इस दौरान मैसर्स एसआरएफ लिमिटेड, भिवाड़ी के सहायक उपाध्यक्ष पर्यावरण, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा मुकेश किरार ने “ओजोन परत का संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन में कमी” विषय पर ओजोन परत को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों के प्रभाव तथा उनके नियंत्रण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। वहीं मैसर्स डाइकिन एयरकंडीशनिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नीमराना के प्रबंधक पर्यावरण एवं स्थायित्व शिवदीप सिंह ने “सतत शीतलन की आवश्यकता” विषय पर ऊर्जा दक्ष शीतलन तकनीकों, पर्यावरण अनुकूल प्रशीतकों तथा सतत शीतलन समाधानों की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी दी।

    गौरतलब है कि विश्व ओजोन दिवस 2026 की थीम “शीतल ग्रह के लिए वैश्विक कार्यवाही” का मूल संदेश ओजोन परत की सुरक्षा और जलवायु संरक्षण के लिए वैश्विक प्रतिबद्धताओं को स्थानीय स्तर पर ठोस कार्रवाई में बदलना है। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि ओजोन संरक्षण केवल वैज्ञानिकों, विशेषज्ञों या सरकारी विभागों का विषय नहीं है, बल्कि हर नागरिक से जुड़ा दायित्व है। विद्यार्थियों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक, उद्योगों से लेकर शैक्षणिक संस्थानों तक और नीति-निर्माताओं से लेकर आम परिवारों तक सभी की सहभागिता पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मजबूत कर सकती है। ऊर्जा बचत, पर्यावरण अनुकूल शीतलन उपकरणों का चयन, उपकरणों का उचित रखरखाव तथा पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने जैसे छोटे-छोटे कदम सामूहिक रूप से बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं।

    इस अवसर पर राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के मुख्य पर्यावरण अभियंता प्रेमालाल, विष्णु दत्त पुरोहित, मुख्य वैज्ञानिक अधिकारी शीबा, अतिरिक्त पर्यावरण अभियंता भुवनेश माथुर सहित मंडल के अन्य अधिकारी, विशेषज्ञ, औद्योगिक प्रतिनिधि एवं प्रतिभागी मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने ओजोन परत के संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने तथा पर्यावरण अनुकूल शीतलन तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर विचार साझा किए।

  • अलवर मेयर की कुर्सी पर बीजेपी का दावा मजबूत, 9 निर्दलीयों के समर्थन का दावा

    अलवर मेयर की कुर्सी पर बीजेपी का दावा मजबूत, 9 निर्दलीयों के समर्थन का दावा

    जयपुर
    राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के तहत अलवर नगर निगम के नतीजों के बाद अब नगर सरकार की तस्वीर अब साफ होती नजर आ रही है. 65 वार्डों वाले अलवर नगर निगम में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने के बाद निर्दलीय पार्षदों की भूमिका सबसे अहम हो गई थी. बीजेपी ने दावा किया है कि अब 9 निर्दलीय पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी को अपना समर्थन दे दिया है, जिसके साथ ही बीजेपी ने बहुमत का जरूरी आंकड़ा (33) आसानी से पार कर लिया है.  

    भाजपा का दावा है कि उनके पास 9 से 11 पार्षदों का समर्थन है. जबकि कांग्रेस का दावा है कि उनके पास 8 पार्षदों का समर्थन है. दोनों ही पार्टी मेयर बनने के लिए दावा ठोक रही है. भाजपा की तरफ से पूर्व सभापति अजय अग्रवाल की पत्नी सुमन लता अग्रवाल ने मेयर के लिए नामांकन पत्र भरा है  जबकि कांग्रेस की तरफ से तीन नामांकन पत्र लिए गए हैं. इसमें से एक नामांकन पत्र पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष की पत्नी द्वारा भरा गया है.

    9 और 11 सितंबर को दो चरणों में हुए मतदान के बाद 14 सितंबर को मतगणना पूरी हुई थी. घोषित नतीजों में 65 वार्डों में से बीजेपी ने सबसे ज्यादा 28 सीटों पर जीत हासिल की. वहीं, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को 23 सीटों से ही संतोष करना पड़ा. इसके अलावा 13 वार्डों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने परचम लहराया था, जबकि 1 सीट बहुजन समाज पार्टी (BSP) के खाते में गई थी.

    निर्दलीयों ने पलटी बाजी
    अलवर में महापौर (मेयर) की कुर्सी तक पहुंचने के लिए 33 पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता थी. बीजेपी के पास 28 सीटें थीं, यानी उसे केवल 5 और पार्षदों की जरूरत है दूसरी तरफ, कांग्रेस भी निर्दलीयों के भरोसे बोर्ड बनाने की जुगत में लगी हुई है.

    9 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिलते ही भाजपा का कुल आंकड़ा 37 तक पहुंच जाएगा, जो कि 33 के मैजिक नंबर से 4 ज्यादा है. स्थानीय भाजपा नेताओं का कहना है कि शहर के विकास को रफ्तार देने के लिए निर्दलीय पार्षदों ने पार्टी की नीतियों और विजन में विश्वास जताया है.

     

  • राजस्थान सरकार की कमाई बढ़ी, GST से ₹19,622 करोड़ और रजिस्ट्रेशन से ₹6,313 करोड़

    राजस्थान सरकार की कमाई बढ़ी, GST से ₹19,622 करोड़ और रजिस्ट्रेशन से ₹6,313 करोड़

    जयपुर
    मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में अगस्त 2026 तक प्रदेश के प्रमुख राजस्व अर्जक मदों से कुल राजस्व प्राप्तियां 57 हजार 396 करोड़ रुपये रही हैं, जो गत वर्ष की समान अवधि में 51 हजार 61 करोड़ रुपये थीं। इस प्रकार राजस्व प्राप्तियों में 12.41 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्य सचिव बुधवार को शासन सचिवालय में प्रमुख राजस्व अर्जक विभागों की राजस्व प्राप्तियों एवं कार्ययोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।

    मुख्य सचिव ने विभागों को राजस्व वृद्धि की गति बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभाग अपने राजस्व लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करें और जहां प्राप्तियां कम हैं, वहां कारणों की पहचान कर सुधार के लिए कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने बकाया राजस्व की वसूली, प्रभावी प्रवर्तन, लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण और तकनीक के बेहतर उपयोग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

    मुख्य सचिव ने सभी राजस्व अर्जक विभागों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए नियमित समीक्षा और प्रभावी कार्ययोजना के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग और परिवहन नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।

    बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव खान एवं पेट्रोलियम अपर्णा अरोड़ा ने बताया कि खान क्षेत्र से अगस्त तक 4 हजार 162 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो गत वर्ष की समान अवधि से 20.26 प्रतिशत अधिक है। पेट्रोलियम क्षेत्र से 1 हजार 107 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई।

    प्रमुख शासन सचिव वित्त श्री वैभव गालरिया ने राज्य की समग्र राजस्व स्थिति और विभागवार प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने प्रमुख राजस्व अर्जक विभागों की लक्ष्य के मुकाबले राजस्व प्राप्तियों तथा गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में राजस्व वृद्धि से अवगत कराया।

    प्रमुख शासन सचिव राजस्व टी. रविकांत ने बताया कि लंबित भूमि आवंटन प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के लिए संभागीय आयुक्तों और जिला कलक्टरों के स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है। भू-राजस्व की बकाया वसूली तथा राजस्व एवं सिविल न्यायालयों में लंबित महत्वपूर्ण प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    प्रमुख शासन सचिव परिवहन भवानी सिंह देथा ने बताया कि अगस्त तक परिवहन विभाग को 3 हजार 95 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि गत वर्ष की समान अवधि में यह 2 हजार 748 करोड़ रुपये था।

    वाणिज्यिक कर आयुक्त आनंदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ीं और बताया कि अगस्त तक वस्तु एवं सेवा कर से 19 हजार 622 करोड़ रुपये तथा मूल्य संवर्धित कर से 11 हजार 448 करोड़ रुपये की प्राप्तियां हुई हैं। गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में इनमें क्रमशः 9.07 प्रतिशत और 14.09 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी प्रकार पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग द्वारा अगस्त तक 6 हजार 313 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो गत वर्ष की समान अवधि के 4 हजार 956 करोड़ रुपये की तुलना में 27.38 प्रतिशत अधिक है।

    बैठक में आबकारी, श्रम तथा नगरीय विकास एवं आवासन विभाग की राजस्व प्राप्तियों की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।