Category: पंजाब

  • मजीठिया-खैहरा के आरोपों पर CM मान की पत्नी का पलटवार, 24 घंटे में माफी नहीं तो कानूनी कार्रवाई

    मजीठिया-खैहरा के आरोपों पर CM मान की पत्नी का पलटवार, 24 घंटे में माफी नहीं तो कानूनी कार्रवाई

    चंडीगढ़ 
    पंजाब के CM भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में दोनों से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने को कहा गया है। नोटिस में कहा गया है कि अगर दोनों ने ऐसा नही किया तो करवाई की जाएगी। 

    यह पूरा मामला हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह के आरोपों से जुड़ा है। जिसमें उन्होंने दावा किया था कि डॉ. गुरप्रीत कौर ने एक रेप केस, जिसमें गुर चहल को मुख्य आरोपी बताया गया, को दबाने और एक कारोबारी के खिलाफ मामला रद्द कराने के लिए कथित तौर पर ₹5 करोड़ की मांग की थी।

    2 सितंबर को अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो-वीडियो पोस्ट किया था। मजीठिया ने दावा किया कि इसमें आरोपी से जुड़े कथित बिचौलियों और डॉ. गुरप्रीत कौर के रिश्तेदार के बीच पैसों के लेनदेन संबंधित बातचीत है।

    इधर, सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा कि आज मुझे सीएम भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर की ओर से एक कानूनी नोटिस मिला है। मैं इस नोटिस का कोई जवाब नहीं दूंगा और उन्हें चुनौती देता हूं कि मेरे खिलाफ मानहानि का केस या उनकी ‘पुलिस स्टेट’ जो भी कार्रवाई कर सकती है, कर ले।

    पहले जानिए क्या है पूरा मामला
    अगस्त 2026 में सीएम भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज रणजीत सिंह ने आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि डॉ. गुरप्रीत ने कथित तौर पर एक रेप के मामले में आरोपी से 5 करोड़ रुपए की मांग की थी, और एक व्यवसायी के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करवाने में मदद करने का प्रस्ताव दिया था।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि डॉ गुरप्रीत का एक करीबी रिश्तेदार आरोपी के लगातार संपर्क में था और उसे पैसे देने और अपनी जान बचाने के लिए परेशान कर रहा था।

    रिटायर्ड जज को नोटिस भेज चुकीं
    23 अगस्त को डॉ. गुरप्रीत कौर ने रिटायर्ड जज रणजीत सिंह को नोटिस भेजते हुए 5 करोड़ रुपए के आरोपों को खारिज किया था। कानूनी नोटिस में रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह से अपने बयान वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया था। इसके लिए 24 घंटे की समय-सीमा दी गई थी।

    नोटिस में दावा किया गया था कि आरोप लगाने वाले रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा के रिश्तेदार हैं। इसमें आरोपों के पीछे राजनीतिक मंशा होने की बात कही गई है।

    NHRC ने दो सप्ताह में मांगा था जवाब
    अगस्त में ही लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी (LRO) की शिकायत के आधार पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मामले का संज्ञान लिया था। आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP से मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी और दो सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा था।

    मजीठिया ने ऑडियो-वीडियो जारी किए
    2 सितंबर को अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की तरफ से सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो-वीडियो शेयर की। मजीठिया ने दावा किया कि इसमें आरोपी से जुड़े कथित बिचौलियों और डॉ. गुरप्रीत कौर के रिश्तेदार के बीच पैसों के लेनदेन, पटियाला जेल में आरोपी को कथित सुविधाएं देने और मुख्यमंत्री आवास में मुलाकात से संबंधित बातचीत है।

    कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने 2 सितंबर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मजीठिया वाला एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का वीडियो शेयर किया था। जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस के DGP से सवाल किया कि क्या वे 5 करोड़ रुपए मांगने वाले अमरदीप ग्रेवाल के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। खैरा ने दावा किया कि अमरदीप का कथित ऑडियो और डॉ. गुरप्रीत कौर के साथ कथित CCTV फुटेज इस मामले से जुड़े हैं।

  • चंडीगढ़ में आज संभलकर निकलें, PU दौरे और जन्माष्टमी के चलते रूट डायवर्जन; नो-पार्किंग पर होगी कार्रवाई

    चंडीगढ़ में आज संभलकर निकलें, PU दौरे और जन्माष्टमी के चलते रूट डायवर्जन; नो-पार्किंग पर होगी कार्रवाई

    चंडीगढ़

    उपराष्ट्रपति और पीयू के चांसलर सीपी राधाकृष्णन आज पंजाब यूनिवर्सिटी के दाैरे पर हैं। उपराष्ट्रपति सुबह करीब 11 बजे चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से सीधे पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित कार्यक्रम स्थल जाएंगे।  चंडीगढ़ में आज उपराष्ट्रपति चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन पंजाब यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

    चांसलर बनने के बाद यह उनका यूनिवर्सिटी का पहला दौरा होगा। इस दौरान वह एसएआईएफ/सीआईएल (सॉफिस्टिकेटेड एनालिटिकल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी/सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन लेबोरेटरी) की अपग्रेड की गई अत्याधुनिक रिसर्च सुविधाओं और पीयू टीआईएफ (पूर्व में बायो नेस्ट) का उद्घाटन करेंगे। उपराष्ट्रपति यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को भी संबोधित करेंगे।

    कार्यक्रम में शामिल होने और लंच के बाद करीब 3:30 बजे एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। इसी दौरान वीआईपी रूट पर ट्रैफिक को नियंत्रित किया जाएगा। उपराष्ट्रपति के दौरे का असर शहर के ट्रैफिक पर भी पड़ेगा। वीआईपी मूवमेंट के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट और नियंत्रित किया जाएगा। 

    चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से प्रभावित रास्तों से बचने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है। उपराष्ट्रपति के दौरे को लेकर पुलिस ने पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस की किलेबंदी कर दी है। सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए वीरवार को रूट रिहर्सल भी की गई।

    ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक सुबह 10:30 से 11:30 बजे और दोपहर 2:45 से 3:30 बजे तक कुछ मार्गों पर यातायात आंशिक रूप से डायवर्ट और नियंत्रित रहेगा। इस दौरान एयरपोर्ट से पीयू आने-जाने वाले वीआईपी रूट पर खास निगरानी रहेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जरूरी होने पर ही इन मार्गों का इस्तेमाल करें। ट्रैफिक की ताजा स्थिति के लिए चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल पर रियल टाइम अपडेट भी देखे जा सकेंगे।

    इन रूटों पर सबसे ज्यादा असर
    दक्षिण मार्ग: एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट से न्यू लेबर चौक (सेक्टर 20/21-33/34) तक।
    सरोवर पथ: न्यू लेबर चौक से सेक्टर 7/8-18/19 चौक तक।
    मध्य मार्ग: सेक्टर 7/8-18/19 चौक से सेक्टर 11/12-14/15 चौक (पीजीआई चौक) तक।
    विद्या पथ: पीजीआई चौक से सेक्टर 24/25 लाइट प्वाइंट होते हुए सेक्टर 25 स्थित यूआईईटी कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर।

      पीयू में गेट नंबर-2 बंद, पार्किंग भी बदली
    सुरक्षा के मद्देनजर गेट नंबर-2 पूरी तरह बंद रहेगा। आमंत्रितों, मेहमानों और आधिकारिक कर्मचारियों को गेट नंबर-3 से प्रवेश दिया जाएगा। कार्यक्रम में शामिल वीवीआईपी गेट नंबर-1 से दाखिल होंगे। आम लोगों के वाहनों के लिए लॉ ऑडिटोरियम के सामने पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

    हाईराइज इमारतों पर स्नाइपर तैनात
    सुरक्षा के लिए वीआईपी मूवमेंट रूट पर आने वाली हाईराइज इमारतों पर स्नाइपर तैनात किए गए हैं। पुलिस ने साइकिल ट्रैक, पैदल मार्ग और नो-पार्किंग जोन में वाहन नहीं खड़े करने की चेतावनी दी है। नियम तोड़ने पर कार्रवाई के साथ वाहन टो किए जा सकते हैं। पुलिस ने लोगों से सहयोग की अपील की है।

     

  • युवा विदेश गए तो भी बढ़ती रही पंजाब की वोटर लिस्ट, 2009 से 2024 तक 45 लाख से ज्यादा बढ़े मतदाता

    युवा विदेश गए तो भी बढ़ती रही पंजाब की वोटर लिस्ट, 2009 से 2024 तक 45 लाख से ज्यादा बढ़े मतदाता

    चंडीगढ़ 

     पंजाब में एक बड़ा विरोधाभास सामने आया है। राज्य के गांवों और शहरों से युवा बेहतर शिक्षा और रोजगार के लिए विदेश जा रहे हैं। इसके बावजूद पंजाब की मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ी है। यह स्थिति राज्य के बदलते सामाजिक ढांचे पर सवाल उठाती है।

    2009 से 2024 के बीच पंजाब में मतदाताओं की संख्या में करीब 45 लाख की वृद्धि हुई। यह संख्या 1.69 करोड़ से बढ़कर 2.14 करोड़ से अधिक हो गई। 2009 के लोकसभा चुनाव में 1,69,58,380 मतदाता थे। 2022 के विधानसभा चुनाव तक यह आंकड़ा 2,14,99,804 तक पहुंच गया।

    2024 के लोकसभा चुनाव में भी मतदाता आधार करीब 2.15 करोड़ रहा। हालांकि, इसी दौरान मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई। 2012 के विधानसभा चुनाव में 78.60 फीसदी मतदान हुआ था। यह 2024 के लोकसभा चुनाव में घटकर 62.80 फीसदी रह गया। मतदाताओं की संख्या बढ़ने के बावजूद मतदान का उत्साह कम हुआ है।

    विदेश जाने की होड़
    इसी अवधि में पंजाब के युवाओं में विदेश जाने की होड़ तेज हुई है। प्रवासन अध्ययनों के अनुसार कुल विदेश प्रवासन का 73.16 फीसदी हिस्सा 2016 के बाद का है। कनाडा 41.88 फीसदी के साथ पंजाबियों का सबसे पसंदीदा गंतव्य है। दुबई 16.25 फीसदी और ऑस्ट्रेलिया 9.63 फीसदी के साथ अन्य प्रमुख गंतव्य हैं। 2016 के आसपास 75 हजार विद्यार्थी सालाना कनाडा जाते थे, जो 2022 से 2024 के बीच बढ़कर 1.35 लाख से 1.50 लाख हो गए।

    उच्च शिक्षा पर असर और आर्थिक बोझ
    विदेश जाने की इस दौड़ का असर राज्य की उच्च शिक्षा पर भी पड़ा है। पिछले कुछ वर्षों में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एक लाख से अधिक विद्यार्थियों की कमी आई है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के अध्ययनों के अनुसार ग्रामीण परिवारों ने बच्चों को विदेश भेजने के लिए 14,342 करोड़ रुपये का कर्ज लिया।

    विदेश भेजने की लागत जुटाने के लिए 5,636 करोड़ रुपये की कृषि भूमि और घरेलू संपत्तियां बेची गईं। एक बच्चे को विदेश भेजना कई परिवारों के लिए लाखों रुपये की परियोजना बन चुका है। इसके बावजूद विदेश जाने की चाह लगातार बढ़ी है।

    मतदाताओं की संख्या में वृद्धि का कारण
    राजनीति के विशेषज्ञ प्रो कुणाल ने इस विरोधाभास पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि हजारों युवा विदेश जा रहे हैं, पर पंजाब की जनसांख्यिकी बदली है। चंडीगढ़ से सटे क्षेत्रों में हिमाचल और जेएंडके के लोगों की संख्या बढ़ी है।

    लुधियाना, फतेहगढ़ साहब और मंडी गोबिंदगढ़ जैसे औद्योगिक शहरों में बाहरी प्रदेशों से लोग आकर बसे हैं। मतदाता सूची में नाम होना और चुनाव में मतदान करना अलग बातें हैं। विदेश में रहने वाले भारतीयों की मतदाता पात्रता कानूनी परिस्थितियों पर निर्भर करती है। 

     

  • CM फेस या सामूहिक नेतृत्व? पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पार्टियों की रणनीति, जानें किसे मिल सकता है फायदा

    CM फेस या सामूहिक नेतृत्व? पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पार्टियों की रणनीति, जानें किसे मिल सकता है फायदा

    चंडीगढ़

    पंजाब के विधानसभा चुनावों से पहले सीएम चेहरा घोषित करने का भी ट्रेंड रहा है। यह पैटर्न असरदार तो रहता है मगर इसे निर्णायक नहीं कहा जा सकता, क्योंकि मजबूत सीएम फेस के साथ-साथ जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन और अनुकूल राजनीतिक माहौल भी जीत के लिए बड़ा आधार बनते हैं। कमजोर चेहरों और पार्टी विरोधी लहर की वजह से दलों ने नुकसान भी झेला है।

    साल 1997 से 2022 तक के विधानसभा चुनावों में ट्रेंड देखें तो अधिकतर दलों ने सीएम फेस पर ही चुनाव लड़े और उन्हें फायदा भी मिला। इन चुनावों में सीएम फेस के साथ-साथ मुद्दे भी अहम रहे। इसके अलावा दलों ने जातीय समीकरणों को भी साधते हुए अपने सीएम फेस घोषित किए। अब फरवरी 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के दौरान भी दलों की ओर से सीएम फेस पर मंथन जारी है। अभी तक आम आदमी पार्टी अपना सीएम फेस घोषित कर चुकी है, जबकि भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल की रणनीति अबकी इस दिशा में अलग है।

    सीएम फेस के साथ चुनाव लड़ने के पैटर्न को यदि देखें तो साल 1997 में प्रकाश सिंह बादल शिअद-भाजपा गठबंधन के प्रमुख चेहरे थे। मुद्दे भी असरदार रहे, लिहाजा पार्टी को जीत हासिल हुई। साल 2002 के चुनाव में शिअद की ओर से बादल ही चेहरा थे, मगर कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को प्रमुख चेहरा बनाकर मैदान में उतारा। सत्ता विरोधी लहर भी थी। नतीजतन बादल हार गए और कैप्टन अमरिंदर सीएम बने।

    साल 2007 और 2012 में शिअद-भाजपा गठबंधन ने प्रकाश सिंह बादल के नाम और सरकार के काम पर चुनाव लड़ा। इस दौरान कांग्रेस की ओर से पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को ही प्रमुख चेहरा बनाया गया। पहले चुनाव में कांग्रेस सरकार के खिलाफ सत्ता-विरोधी माहौल, मजबूत ग्रामीण-सिख आधार, अकाली दल का संगठन और गठबंधन का सामाजिक समीकरण जीत का आधार बना, जबकि 2012 में बादल के चेहरे और उनकी पहली पारी के विकास कार्यों पर मतदाताओं ने फिर मुहर लगाई।  नतीजतन लगातार दूसरी जीत हासिल हुई।

    साल 2017 में भी मुकाबले में बादल और कैप्टन ही प्रमुख चेहरों के तौर पर आमने-सामने थे, मगर 10 साल की शिअद-भाजपा सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर, नशे, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी जैसे मुद्दों ने कांग्रेस को फायदा पहुंचाया। हालांकि प्रकाश सिंह बादल का व्यक्तिगत कद बड़ा था, लेकिन सरकार के खिलाफ नाराजगी की वजह से शिअद-भाजपा गठबंधन का नुकसान हुआ।

    साल 2022 में बने थे नए समीकरण
    साल 2022 में कांग्रेस ने दलित चेहरे पर दांव खेलते हुए दो बार के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को दरकिनार कर छह माह के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को प्रमुख चेहरा बनाया। ‘साड्डा चन्नी-साड्डा सीएम’ नारा भी दिया गया, मगर कांग्रेस की अंदरूनी कलह और आम आदमी पार्टी के वादों ने सत्ता पलट दी। आप ने अपने वादों और गारंटियों के साथ भगवंत सिंह मान को प्रमुख चेहरे के तौर पर मैदान में उतारा। नतीजतन भगवंत मान की लोकप्रियता ने चन्नी के दलित कार्ड को पीछे छोड़ दिया।

    साल 2027 के लिए क्या?
    आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल साल 2027 के लिए भगवंत सिंह मान को सीएम फेस घोषित कर चुके हैं। कांग्रेस ने 2027 के लिए अब तक किसी एक नेता को औपचारिक मुख्यमंत्री चेहरा घोषित नहीं किया है। इसी मुद्दे पर अंदरूनी कलह के बीच पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल कह चुके हैं कि पार्टी सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ेगी। जीत के बाद राहुल गांधी सीएम फेस तय करेंगे। 

    शिरोमणि अकाली दल की ओर से सुखबीर सिंह बादल चुनावी तैयारी में सक्रिय हैं और उन्होंने चुनाव लड़ने की घोषणा भी की है मगर पार्टी की ओर से औपचारिक सीएम फेस की घोषणा अभी नहीं हुई है। भाजपा भी साफ कर चुकी है कि सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा। जीते तो संभवतः जट सिख चेहरे को सीएम बनाया जाएगा। 

     

  • Punjab School Van Drivers: बठिंडा में महापंचायत, मांगें पूरी न होने पर दी आंदोलन की चेतावनी

    Punjab School Van Drivers: बठिंडा में महापंचायत, मांगें पूरी न होने पर दी आंदोलन की चेतावनी

    बठिंडा.

    पंजाब भर के निजी स्कूलों से जुड़ी स्कूल वैनों के चालकों ने अपनी मांगों को लेकर बठिंडा में महापंचायत की। इसमें पंजाब के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में स्कूल वैन चालक और इस कारोबार से जुड़े लोग शामिल हुए।

    महापंचायत के दौरान सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताते हुए स्कूल वैनों के लिए अलग पॉलिसी बनाने की मांग की गई। पंजाब स्कूल वैन एसोसिएशन के प्रधान गुरप्रीत हैप्पी ने कहा कि सरकार स्कूल वैनों के मामले में दोहरे मापदंड अपना रही है। स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने वाली वैनों को सामान्य कमर्शियल वाहनों की श्रेणी में रखकर ऐसे नियम और टैक्स लागू किए जा रहे हैं, जिन्हें छोटे वैन चालकों के लिए पूरा करना बेहद मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि स्कूल वैनों पर सालाना करीब 30 हजार रुपये तक का टैक्स लिया जा रहा है। इसके अलावा सरकार द्वारा पुराने जीपीएस सिस्टम को बदलकर नया सिस्टम लगाने की शर्त के कारण वैन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उनके अनुसार नया जीपीएस सिस्टम लगाने पर 35 हजार रुपये से लेकर ढाई लाख रुपये तक खर्च आने की बात सामने आ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि छोटे स्तर पर स्कूल वैन चलाकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले लोग इतना बड़ा खर्च कैसे उठा सकते हैं।

    365 दिनों में सिर्फ 220 दिन चलती हैं स्कूल वैन
    गुरप्रीत हैप्पी ने कहा कि स्कूल वैनों का इस्तेमाल सामान्य कमर्शियल वाहनों से बिल्कुल अलग है। स्कूल वैन साल के 365 दिनों में से करीब 220 दिन ही चलती हैं और आमतौर पर इनका रोजाना सफर भी 50 किलोमीटर से अधिक नहीं होता। इसके बावजूद उनसे कमर्शियल वाहनों के बराबर टैक्स और अन्य फीस वसूली जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि स्कूल वैनों की पासिंग कम से कम पांच साल के लिए की जाए, ताकि हर साल पासिंग और इससे जुड़े खर्चों के कारण वैन चालकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

    नए-नए नियमों के नाम पर जुर्माना वसूलने का आरोप
    वैन चालकों ने आरोप लगाया कि सरकारी विभागों की ओर से स्कूल वैनों के लिए लगातार नए नियम लागू किए जा रहे हैं और नियमों के उल्लंघन के नाम पर भारी जुर्माने वसूले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले ही महंगाई, डीजल, बीमा, मरम्मत और अन्य खर्चों से जूझ रहे वैन चालकों के लिए यह अतिरिक्त बोझ बन गया है। उन्होंने सरकार पर वैन चालकों के साथ भेदभाव करने और नए-नए नियमों के जरिए उनका काम मुश्किल बनाने का भी आरोप लगाया।

    मांगें नहीं मानी तो बड़े संघर्ष की चेतावनी
    एसोसिएशन नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर सरकार से कई बार अपील कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसके चलते वैन चालकों को मजबूर होकर पंजाब भर में स्कूल वैनों का चक्का जाम करने जैसा सख्त कदम उठाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि इस हड़ताल के कारण 80 प्रतिशत से अधिक स्कूल वैन बंद रहीं, जिससे हजारों बच्चों और उनके अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    एसोसिएशन ने इस असुविधा के लिए बच्चों और अभिभावकों से माफी भी मांगी, लेकिन साथ ही कहा कि अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने के लिए संघर्ष के अलावा उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। वैन चालकों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो संघर्ष को और बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए पीछे नहीं हटेंगे और जरूरत पड़ी तो पंजाब स्तर पर इससे भी बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

  • नशे के खिलाफ पंजाब सरकार का अभियान तेज, 55 लाख परिवारों तक पहुंचा सर्वे

    नशे के खिलाफ पंजाब सरकार का अभियान तेज, 55 लाख परिवारों तक पहुंचा सर्वे

    चंडीगढ़.

    पंजाब में नशे की स्थिति और इससे प्रभावित परिवारों की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए शुरू किया गया पहला ड्रग एंड सोशल-इकोनामिक सेंसस लगभग पूरा हो गया है। सरकार ने 30 अगस्त तक 55.61 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 55.36 लाख परिवारों का सर्वे कर लिया है। इस तरह लक्ष्य का 99.56 प्रतिशत हिस्सा कवर किया जा चुका है।

    हालांकि, 3,48,692 परिवारों ने सर्वे में सहयोग नहीं किया या सर्वे से इन्कार कर दिया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 55.36 लाख परिवारों को कवर करने के दौरान 51.88 लाख सर्वे ऐसे रहे, जिन्हें गुणवत्ता जांच के लिए एआइ आधारित प्रणाली के माध्यम से परखा गया। इनमें से 44.63 लाख सर्वे एआइ प्रणाली ने स्वीकार कर लिए, जबकि 7.24 लाख सर्वे को एआइ ने अस्वीकार करते हुए मैनुअल गुणवत्ता जांच के लिए भेजा। यह कुल जांचे गए सर्वे का 13.96 प्रतिशत था।

    मैनुअल जांच में अधिकांश सर्वे हुए स्वीकार
    सरकारी सूत्र के अनुसार मैनुअल जांच के लिए भेजे गए 7.24 लाख मामलों में से 7.23 लाख की जांच पूरी हो चुकी है। इनमें 6.77 लाख सर्वे संपादन के बाद स्वीकार कर लिए गए। मैनुअल जांच के बाद केवल 19,432 सर्वे ऐसे बचे, जिन्हें अस्वीकार श्रेणी में रखा गया। यह गुणवत्ता जांच के लिए पात्र कुल सर्वे का महज 0.37 प्रतिशत है।

    अमृतसर सबसे आगे, फरीदकोट पीछे
    जिलेवार आंकड़ों में अमृतसर ने निर्धारित लक्ष्य को पार कर लिया है। यहां 4,75,079 के लक्ष्य के मुकाबले 4,80,030 सर्वे किए गए, जो 101.04 प्रतिशत है। मानसा, तरनतारन, संगरूर और फिरोजपुर ने भी 100 प्रतिशत से अधिक कवरेज हासिल किया। फाजिल्का, मोगा और पठानकोट ने अपना निर्धारित लक्ष्य पूरा कर लिया। सबसे कम कवरेज फरीदकोट में 95.32 प्रतिशत रही। इसके बाद एसएएस नगर 98.04, रूपनगर 98.13 और लुधियाना 98.15 प्रतिशत पर रहा। हालांकि संख्या के लिहाज से सबसे बड़ा अंतर लुधियाना में रहा, जहां लक्ष्य 6,58,844 के मुकाबले 6,46,634 सर्वे हुए। यहां 12,210 परिवार लक्ष्य से कम रहे।

    परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति भी जानी
    अप्रैल में शुरू किए गए इस सर्वे में करीब 28 हजार सरकारी कर्मचारियों को लगाया गया था। इसका उद्देश्य सिर्फ नशा करने वालों की पहचान करना नहीं था, बल्कि नशे की प्रकृति, लत की अवधि, उपचार की स्थिति और नशामुक्ति केंद्र तक पहुंच जैसी जानकारी जुटाना भी था। परिवार में शिक्षा, रोजगार, मासिक आय, जमीन, कर्ज, पलायन और विदेश जाने से जुड़ी जानकारी भी ली गई। सर्वे में जाति और उपजाति तथा सरकारी सेवाओं, स्कूलों, स्वास्थ्य सुविधाओं, धार्मिक स्थलों और पानी के स्रोतों तक पहुंच के दौरान भेदभाव से जुड़े सवाल भी शामिल थे।

    विपक्ष ने इतने व्यापक सवालों को लेकर सरकार पर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सामाजिक और जनभावना से जुड़ा डाटा जुटाने का आरोप लगाया था। अब सरकार सर्वे के आंकड़ों को एकत्र कर उनका विश्लेषण करेगी। मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है, जिसमें संबंधित विभागों के सचिव शामिल हैं। समिति आंकड़ों के आधार पर नशे की स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों, नशे के प्रकार और प्रभावित परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का अध्ययन कर नई योजनाओं और नीतियों के लिए सुझाव तैयार करेगी।

  • 14 किलो अफीम के साथ नशा तस्कर गिरफ्तार, पंजाब पुलिस ने Verna कार भी जब्त की

    14 किलो अफीम के साथ नशा तस्कर गिरफ्तार, पंजाब पुलिस ने Verna कार भी जब्त की

    तरनतारन.

    जिले के थाना वल्टोहा की पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को 14 किलो 110 ग्राम अफीम, वरना कार और एक हजार रुपये की ड्रग मनी समेत गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया है।

    जिले के एसएसपी सुरिंदर लांबा ने जानकारी देते हुए बताया कि थाना वल्टोहा के प्रभारी इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ गांव दासूवाल में एक स्कूल के नजदीक विशेष नाकाबंदी कर वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान उत्तराखंड नंबर लगी एक वरना कार को रुकने का इशारा किया गया।
    पुलिस के अनुसार कार चालक ने पूछताछ के दौरान अपनी पहचान गुरमीत सिंह उर्फ गीतू पुत्र अमरीक सिंह निवासी मरगिंदपुरा, जिला तरनतारन के रूप में बताई। पुलिस पार्टी ने जब कार की तलाशी ली तो उसमें से 14 किलो 110 ग्राम अफीम बरामद हुई। इसके अलावा पुलिस ने एक हजार रुपये की ड्रग मनी और कार भी कब्जे में ले ली।

    एसएसपी लांबा ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर थाना वल्टोहा में 1 सितंबर को मामला दर्ज किया गया। आरोपी को माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया गया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है।

  • गले में फंसी चाइना डोर ने काटी गर्दन, लड़की के 10 इंच तक लगा गहरा जख्म

    गले में फंसी चाइना डोर ने काटी गर्दन, लड़की के 10 इंच तक लगा गहरा जख्म

    लुधियाना.

    प्रशासनिक पाबंदी और तमाम दावों के बावजूद इंसानी जिंदगियों के लिए काल बनी 'चाइना डोर' की अवैध बिक्री और उपयोग थमने का नाम नहीं ले रहा है। शिमलापुरी इलाके में स्थित व्यस्त क्वालिटी चौक के नजदीक एक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां काम खत्म कर घर लौट रही 22 वर्षीय कंप्यूटर ऑपरेटर युवती के गले में अचानक चाइना डोर उलझ गई।

    तेज धार वाली इस खूनी डोर से युवती की गर्दन पर करीब 10 इंच लंबा और आधा इंच गहरा कट लग गया, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान हो गई। राहगीरों की तत्परता से युवती को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने समय रहते इलाज कर उसकी जान बचा ली। जानकारी देते हुए मुस्कान (22) ने सिविल अस्पताल में खौफनाक मंजर बयां करते हुए बताया कि वह एक निजी दफ्तर में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है। बुधवार शाम को वह अपना रोजाना का काम खत्म कर घर लौट रही थी। जैसे ही वह शिमलापुरी के क्वालिटी चौक के पास पहुंची, रास्ते में हवा में लटकती हुई चाइना डोर अचानक उसके गले में आ फंसी।मुस्कान ने बताया कि इससे पहले कि वह कुछ समझ पाती या हाथ से डोर को हटाने का प्रयास करती, धारदार डोर ने उसकी गर्दन को चीर दिया। गर्दन कटते ही खून का फव्वारा फूट पड़ा और वह दर्द से चीख उठी।

    सड़क पर युवती को लहूलुहान हालत में तड़पता देख आसपास मौजूद राहगीरों और दुकानदारों ने तुरंत इंसानियत दिखाते हुए उसे संभाला और बिना देर किए सिविल अस्पताल पहुंचाया। आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉक्टरों ने तुरंत खून का बहाव रोकते हुए जख्म पर टांके लगाए और मरहम-पट्टी की। डॉक्टरों के मुताबिक, गनीमत यह रही कि डोर सांस की नली या मुख्य नस (कैरोटिड आर्टरी) तक नहीं पहुंची, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान टल गया।

    प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने युवती को घर भेजते हुए मुकम्मल आराम की सलाह दी है। इस दिल दहला देने वाले हादसे ने एक बार फिर शहर में पुलिस व प्रशासन की मुस्तैदी पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। प्रशासन कागजों में भले ही चाइना डोर की बिक्री और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध के दावे करता रहे, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि महानगर के कई अंदरूनी इलाकों में यह जानलेवा डोर बेखौफ होकर बेची और उड़ाई जा रही है।

    'राहगीरों के लिए मौत का फंदा बनी डोर, तुरंत लगे पूर्ण रोक'
    हादसे के बाद गहरा सदमा झेल रही मुस्कान ने कड़ा रोष जाहिर करते हुए कहा कि सड़कों पर चलने वाले बेकसूर राहगीरों के लिए यह डोर साक्षात मौत का फंदा बन चुकी है। उसने जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नर से हाथ जोड़कर अपील की है कि चाइना डोर बेचने और इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सिर्फ औपचारिकता न की जाए, बल्कि कड़े गैर-जमानती मुकदमों के तहत ठोस कार्रवाई कर खूनी कारोबार को जड़ से खत्म किया जाए, ताकि अन्य बेकसूर की जिंदगी इस तरह दांव पर न लगे। 

  • पटियाला में नशे में लड़की का वीडियो सामने आने से हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस

    पटियाला में नशे में लड़की का वीडियो सामने आने से हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस

    पटियाला.

    पटियाला के लकड़ मंडी इलाके की एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर एक लड़की बेसुध या बेहोशी की हालत में दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद दावा किया जा रहा है कि लड़की नशे की हालत में थी।

    इस वायरल वीडियो को लेकर पटियाला पुलिस की ओर से भी स्पष्टीकरण जारी किया गया है। पुलिस के मुताबिक, जिस स्थान की यह वीडियो बताई जा रही है, वहां पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, लेकिन उस समय वहां कोई भी लड़की मौजूद नहीं मिली। पुलिस अब वायरल वीडियो में दिखाई दे रही लड़की की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि यदि लड़की की पहचान कर उसे ढूंढ लिया जाता है तो उसका मेडिकल टेस्ट करवाया जाएगा। अगर जांच के दौरान उसके नशे की हालत में होने की पुष्टि होती है तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने यह भी कहा है कि जांच के दौरान यदि कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर भी उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वायरल वीडियो में दिखाई दे रही लड़की के नशे की हालत में होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि वायरल वीडियो के पीछे वास्तविक मामला क्या है।

  • पंजाब के छात्रों के लिए बड़ी सुविधा, अब घर बैठे ऑर्डर कर सकेंगे PSEB की किताबें

    पंजाब के छात्रों के लिए बड़ी सुविधा, अब घर बैठे ऑर्डर कर सकेंगे PSEB की किताबें

    चंडीगढ़.

    पंजाब के विद्यार्थियों और माता-पिता की सुविधा के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड, मोहाली और डाक विभाग, पंजाब रीजन, चंडीगढ़ के बीच एक अहम समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत क्लास 1 से 12 तक की पाठ्यपुस्तकें भारतीय डाक के जरिए सीधे विद्यार्थियों के घर पहुंचाई जाएंगी।

    1 सितंबर को हुए इस एग्रीमेंट के तहत बोर्ड द्वारा 'पुस्तक पोर्टल' नामक एक ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। इस पोर्टल के जरिए विद्यार्थी, माता-पिता और स्कूल प्रबंधक आसानी से किताबें खरीद सकते हैं और ऑर्डर मिलने के बाद, डाक विभाग अपने बड़े नेटवर्क के जरिए इन किताबों को घर-घर पहुंचाएगा। इससे पहले ऑनलाइन ऑर्डर की गई किताबों के खरीदारों को बोर्ड के निर्धारित जिला दफ्तरों में खुद जाकर प्राप्त करनी पड़ती थी। अब नई व्यवस्था से न सिर्फ घर बैठे किताबें मिलेंगी बल्कि पोर्टल के जरिए ऑर्डर करने पर 15 परसेंट का डिस्काउंट भी मिलेगा।

    इस कदम से खासकर गांव और दूर-दराज के इलाकों के स्टूडेंट्स को बहुत फायदा होगा। अब किताबें लेने के लिए ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जिससे लोगों का कीमती समय और आने-जाने का खर्च बचेगा। इस अहम समझौते के मौके पर पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन अमरपाल सिंह (रिटायर्ड IAS), बोर्ड सेक्रेटरी सेक्रेटरी सिंह बल, चंडीगढ़ डिवीजन के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पोस्ट ऑफिस कुमार संजीव (IPOS) और BPC चंडीगढ़ इंचार्ज किशोरी लाल समेत दोनों डिपार्टमेंट के कई सीनियर अधिकारी मौजूद थे।