Category: पंजाब

  • पंजाब के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, DA में 18% बढ़ोतरी; 85 हजार कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

    पंजाब के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, DA में 18% बढ़ोतरी; 85 हजार कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

    चंडीगढ़

    पंजाब सरकार ने राज्य के कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (डीए) को लेकर एक अहम घोषणा की है। पंजाब सरकार के मंत्री अमन अरोड़ा द्वारा किए गए इस एलान से राज्य के हजारों कर्मचारियों के वेतन में सीधा इजाफा होगा।

    डीए में भारी बढ़ोतरी
    17 जुलाई 2020 के बाद ड्यूटी जॉइन करने वाले सभी कर्मचारियों को अब 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) दिया जाएगा। वर्तमान में इन कर्मचारियों को केवल 42 प्रतिशत डीए मिल रहा था, जिसमें अब सीधे 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

    किन 85 हजार कर्मियों को मिलेगा 60%  DA/ महंगाई भत्ता 
    पंजाब कैबिनेट सब-कमेटी ने साल 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को केंद्र सरकार के बराबर DA देने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे मान सरकार मंजूरी देने वाली है. कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 17 जुलाई 2020 के बाद जितने कर्मी बहाल हुए हैं उन्‍हें केंद्र के पे-स्‍केल पर बहाल किया गया था, लेकिन उन्‍हें राज्‍य के मुताबिक, 42% महंगाई भत्ता ही दिया जा रहा था. इनकी संख्‍या राज्‍य में करीब 85 हजार है. अब इन्‍हें मान सरकार, केंद्र के बराबर यानी 60 फीसदी महंगाई भत्ता देने जा रही है। 

    केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर सैलरी मिलेगी 
    कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि पंजाब सरकार ने 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए करीब 85,000 नए कर्मचारियों को राहत देते हुए उनके महंगाई भत्ते (DA) को 42% से बढ़ाकर 60% करने की सिफारिश की गई है. इस संबंध में कैबिनेट सब-कमेट्री की मीटिंग में फैसला लिया गया है ताकि इन कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर सैलरी दी जा सके। 

    अमन अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि पिछली सरकार ने 17 जुलाई 2020 को फैसला लिया था कि उसके बाद भर्ती होने वाले कर्मचारियों को पंजाब के वेतनमान की बजाय केंद्रीय वेतनमान पर रखा जाएगा. मौजूदा आम आदमी पार्टी की सरकार का रुख बिल्कुल साफ है कि नए कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में कम सैलरी नहीं मिलनी चाहिए। 

    मंजूरी के लिए मुख्‍यमंत्री के पास भेजी गई फाइल 
    उन्‍होंने बताया कि कैबिनेट सब-कमेट्री के इस अहम फैसले को अब मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास भेज दिया गया है और उम्मीद है कि इस पर जल्द ही अंतिम मुहर लग जाएगी. मंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अन्य राज्यों की सरकारों को भी अपने कर्मचारियों को पंजाब की तर्ज पर बेहतर वेतन देना चाहिए। 

    85,000 कर्मचारियों को सीधा लाभ
    सरकार के इस कदम से पंजाब के करीब 85,000 कर्मचारियों को फायदा होगा और उनके वेतन में अच्छी-खासी वृद्धि देखने को मिलेगी।

    केंद्रीय कर्मियों के बराबर मिलेगा हक
    मंत्री अमन अरोड़ा ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर वेतन और महंगाई भत्ता (डीए) देने के लिए पूरी तरह से तैयार है। यह कदम कर्मचारियों के लिए एक बड़ी सौगात माना जा रहा है, जिससे आगामी त्योहारों से पहले उन्हें बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी। 
     

     

  • मानसून की बेरुखी के बीच आज बारिश के आसार, पंजाब-चंडीगढ़ के 6 जिलों में यलो अलर्ट; अब तक 34% कम बारिश

    मानसून की बेरुखी के बीच आज बारिश के आसार, पंजाब-चंडीगढ़ के 6 जिलों में यलो अलर्ट; अब तक 34% कम बारिश

    अमृतसर
    पंजाब में शनिवार पांच जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद बारिश का दायरा लगातार कम होने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार कल, 6 सितंबर को केवल पठानकोट में भारी बारिश का अलर्ट रहेगा, जबकि सात और आठ सितंबर को पूरे राज्य में कोई चेतावनी नहीं है।

    इसके अलावा शुक्रवार को राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई। इसके बावजूद तापमान सामान्य के आसपास रहा। सबसे अधिक तापमान बठिंडा हवाई अड्डे पर 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मानसून सीजन में अब तक 34 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज पंजाब के 22 जिलों में बारिश की संभावना है। पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, नवांशहर और मोहाली में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

    अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, लुधियाना, संगरूर और फतेहगढ़ साहिब में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला और मानसा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

    हिमाचल से सटे जिलों में बारिश के बने आसार
    5 सितंबर:
    पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, मोहाली और रूपनगर में भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों के अलावा मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में भी कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, बरनाला और बठिंडा में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। फाजिल्का, मुक्तसर और फरीदकोट में छिटपुट बारिश हो सकती है।

    6 सितंबर: केवल पठानकोट में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, मोहाली और पटियाला में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। मध्य और पश्चिमी पंजाब के कुछ जिलों में छिटपुट बारिश हो सकती है।

    7 सितंबर: किसी भी जिले के लिए मौसम चेतावनी नहीं है। पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। वहीं फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, फिरोजपुर, बरनाला और मानसा में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा।

    8 सितंबर: पूरे पंजाब में कोई चेतावनी नहीं है। उत्तरी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश संभव है, जबकि दक्षिण-पश्चिमी पंजाब के अधिकांश हिस्से शुष्क रहेंगे। मध्य पंजाब में भी बारिश की संभावना बहुत कम है।

    डैम खतरे के निशान से नीचे
    भाखड़ा डैम में पानी का स्तर 1,641.2 फीट है, जबकि इसकी एफआरएल सीमा 1,680 फीट है। पोंग डैम का जलस्तर 1,371.16 फीट है और इसकी एफआरएल सीमा 1,390 फीट है। दोनों डैम में जलस्तर अभी निर्धारित सीमा से नीचे है।

    बिजली की डिमांड हुई कम
    बारिश होने से बिजली की मांग में कमी आई है। शुक्रवार रात पंजाब में बिजली की मांग 12,296 मेगावाट रही। इस दौरान राज्य ने 8,004 मेगावाट बिजली बाहर से ली, जबकि राज्य ने खुद 3,799 मेगावाट बिजली पैदा की।

    शुक्रवार को तापमान में गिरावट दर्ज
    राज्य के औसत अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई। इसके बावजूद तापमान सामान्य के आसपास रहा। सबसे अधिक तापमान बठिंडा हवाई अड्डे पर 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    शुक्रवार को पटियाला में 24.6 मिलीमीटर, जालंधर में 15.5 मिलीमीटर, फतेहगढ़ साहिब में 12.5 मिलीमीटर, रूपनगर के श्री आनंदपुर साहिब में 9 मिलीमीटर और अमृतसर में 8 मिलीमीटर बारिश हुई। होशियारपुर में 7 मिलीमीटर और संगरूर में 4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

     

  • किसी ने बनाया 3D थिएटर, तो किसी ने 100 मॉडल और वर्चुअल फिजिक्स लैब, 2 शिक्षकों को राष्ट्रीय सम्मान

    किसी ने बनाया 3D थिएटर, तो किसी ने 100 मॉडल और वर्चुअल फिजिक्स लैब, 2 शिक्षकों को राष्ट्रीय सम्मान

    चंडीगढ़
    शिक्षक दिवस के मौके पर देशभर के 48 चुनिंदा शिक्षकों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दिल्ली में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करेंगी। इनमें पंजाब और चंडीगढ़ के दो शिक्षक भी शामिल हैं, जिन्होंने सरकारी स्कूलों में विज्ञान की पढ़ाई को किताबों से आगे निकला। 

    चंडीगढ़ के रवि जयसवाल ने स्कूल में 3D गुंबद थिएटर और मौसम केंद्र बनाकर बच्चों को अंतरिक्ष और विज्ञान का सीधा अनुभव दिया।

    वहीं, पटियाला के डॉ. दिनेश कुमार ने वर्चुअल फिजिक्स लैब और 100 से ज्यादा जीरो-कॉस्ट मॉडल तैयार कर छात्रों के मन से फिजिक्स का डर दूर किया। दोनों शिक्षकों की ये पहल अब पूरे देश के लिए मिसाल बन गई है।

    अब दोनों टीचरों के बारे में विस्तार से पढ़िए…
    स्कूल में एक 3D गुंबद थिएटर बनाया रवि जयसवाल चंडीगढ़ के मलोया कॉलोनी के गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल में साइंस टीचर हैं। उन्होंने विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों को बच्चों के लिए आसान और रोचक बनाने के लिए स्कूल में एक 3D गुंबद थिएटर बनाया है। इसके लिए उन्होंने स्कूल के हॉल में टिन और थर्मोकोल जैसी बेकार चीजों का इस्तेमाल किया। इस गुंबद पर छात्रों को अंतरिक्ष और विज्ञान से जुड़े वीडियो और तस्वीरें दिखाई जाती हैं। इससे बच्चे विषयों को केवल किताबों में पढ़ने के बजाय देखकर और समझकर सीखते हैं।

    कपूरथला की साइंस सिटी से आया आइडिया जायसवाल ने बताया कि स्कूल के स्टूडेंट्स अकसर उनसे कपूरथला की साइंस सिटी घूमने की इच्छा जताते थे। इसी से उन्हें स्कूल में ही बच्चों को ऐसा अनुभव देने का विचार आया। उन्होंने सबसे पहले अपने स्कूल में गुंबद थिएटर तैयार कराया। बाद में उनके इस प्रयोग को चंडीगढ़ के छह अलग-अलग सरकारी स्कूलों में भी शुरू किया गया।

    स्कूल के हॉल में टिन और थर्मोकोल की मदद से गुंबदनुमा ढांचा बनाया गया। इस पर अंतरिक्ष और दूसरे वैज्ञानिक विषयों से जुड़े वीडियो और तस्वीरें दिखाई जाती हैं। इससे स्टूडेंट्स विज्ञान के कठिन विषयों को भी आसानी से समझ पाते हैं।

    20 छात्रों ने राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनियों में लिया हिस्सा जायसवाल ने मालोया स्कूल में स्टूडेंट्स के लिए एक मौसम केंद्र भी बनाया है। यहां बच्चे मौसम से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं। इसके अलावा वे वर्षामापी यंत्र की मदद से बारिश की मात्रा भी मापते हैं। इस तरह स्टूडेंट विज्ञान को केवल किताबों में पढ़ने के बजाय उसे अपने आसपास की चीजों से जोड़कर समझते हैं। जायसवाल के स्टूडेंट्स ने राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रदर्शनियों में भी हिस्सा लिया है। उनके अनुसार करीब 20 स्टूडेंट्स ने राष्ट्रीय स्तर पर स्कूल का नाम रोशन किया है।

    जरूरतमंद विद्यार्थियों की आर्थिक मदद भी करते हैं जायसवाल खुद चंडीगढ़ में पढ़ाई कर चुके हैं। जरूरत पड़ने पर उन्होंने अपने स्टूडेंट्स को आर्थिक मदद भी दी है, ताकि पैसे की कमी के कारण उनकी पढ़ाई न रुके। उन्होंने बताया कि उनके दो पूर्व स्टूडेंट्स इस समय पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में पीएचडी कर रहे हैं।

    खुद की अधूरी पढ़ाई को छात्रों के सपनों से जोड़ते हैं जायसवाल ने बताया कि उनके पढ़ाने का तरीका उनके खुद के छात्र जीवन से भी जुड़ा है। उनका मानना है कि पढ़ाई के दौरान जो अवसर उन्हें नहीं मिल सके, वे अवसर आज के स्टूडेंट्स को उपलब्ध होने चाहिए।

    सहकर्मी से मिली पुरस्कार की जानकारी जायसवाल ने बताया कि उन्हें अपने चयन की जानकारी एक सहकर्मी से मिली। उनके सहकर्मी ने शुक्रवार को पुरस्कार के लिए चुने गए शिक्षकों की सूची देखी थी। इसके बाद जायसवाल को ईमेल मिला, जिसमें उनके चयन की पुष्टि की गई। आधिकारिक सूची में उनका नाम चंडीगढ़ के मालोया कॉलोनी स्थित गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल के शिक्षक के रूप में शामिल है।

    पंजाब से अकेले शिक्षक, राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित पटियाला के सरकारी विक्टोरिया गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल के फिजिक्स लेक्चरर डॉ. दिनेश कुमार को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए चुना गया है। वे पूरे पंजाब से इस सम्मान के लिए चयनित होने वाले एकमात्र शिक्षक हैं। करीब 25 वर्षों से शिक्षण क्षेत्र में सक्रिय डॉ. कुमार पिछले 10 से अधिक वर्षों से इसी स्कूल में सेवाएं दे रहे हैं।

    वर्चुअल फिजिक्स लैब और 100 से ज्यादा मॉडल डॉ. दिनेश कुमार ने कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की मदद से वर्चुअल फिजिक्स लैब तैयार की है। इसके जरिए छात्र बिना महंगे लैब उपकरणों के डिजिटल माध्यम से फिजिक्स के प्रयोगों को समझ सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने रोजमर्रा की बेकार और कम लागत वाली वस्तुओं से 100 से ज्यादा जीरो-कॉस्ट मॉडल तैयार किए हैं। इनका इस्तेमाल कठिन वैज्ञानिक अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाने के लिए किया जाता है।

    सरकारी स्कूलों की छात्राओं को सीधा फायदा वर्चुअल लैब का सबसे बड़ा फायदा उन सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स को होता है, जहां पर्याप्त प्रयोगशाला उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। इंटरैक्टिव विजुअल्स और डिजिटल प्रयोगों के जरिए छात्र फिजिक्स की अवधारणाओं को आसानी से समझ पाते हैं। डॉ. कुमार का प्रयास है कि स्टूडेंट्स के मन से फिजिक्स का डर दूर हो और वे इसे प्रयोग करके सीखें।

    पीएचडी की, 2020 में मिला स्टेट अवॉर्ड 52 वर्षीय डॉ. दिनेश कुमार ने फिजिक्स में पीएचडी की है। उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पटियाला के सरकारी मोहिंद्रा कॉलेज और एमएससी पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से की। शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें 2020 में पंजाब सरकार के स्टेट टीचर अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। डॉ. कुमार स्कूल समय के बाद और छुट्टियों में जरूरतमंद छात्राओं को मुफ्त अतिरिक्त कक्षाएं और मार्गदर्शन देते हैं।

  • दो दशक से पंजाब की राजनीति में नशे का दबदबा, सरकारें बदलीं लेकिन समस्या बरकरार; 2027 में फिर होगी परीक्षा

    दो दशक से पंजाब की राजनीति में नशे का दबदबा, सरकारें बदलीं लेकिन समस्या बरकरार; 2027 में फिर होगी परीक्षा

    चंडीगढ़ 

    पंजाब की राजनीति में नशा करीब दो दशक से ऐसा मुद्दा है जो सरकार बदलने के साथ खत्म नहीं हुआ। 2007 के बाद अकाली-भाजपा सरकार फिर 2017 में कांग्रेस और 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार आई। तीनों सरकारों ने नशे के खिलाफ कार्रवाई की लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सवाल फिर वही है कि इतने वर्षों की कार्रवाई के बाद नशे की जड़ कितनी कमजोर हुई और युवा इससे कितना दूर हुआ।

    उपलब्ध सरकारी पुलिस एनसीआरबी एनसीबी और केंद्रीय जांच एजेंसियों के आंकड़ों के अनुसार आप सरकार के दौरान कार्रवाई का पैमाना सबसे बड़ा दिखता है। हालांकि अधिक मामले और गिरफ्तारियां नशे की खपत का सीधा पैमाना नहीं हैं। ये पुलिस की अधिक सक्रियता और मामलों के ज्यादा पंजीकरण का नतीजा भी हो सकते हैं। अब बहस सिर्फ गिरफ्तारियों और बरामदगी की नहीं बल्कि सप्लाई लाइन और बड़े नेटवर्क को तोड़ने की है।

    अकाली-भाजपा सरकार : 6,000 करोड़ के नेटवर्क ने बढ़ाई सियासी तपिश
    2007 से 2017 तक अकाली-भाजपा सरकार रही। एनसीआरबी के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2007 से 2011 के बीच एनडीपीएस मामलों में 30,422 गिरफ्तारियां हुईं। 2012 से 2015 के बीच 58,511 गिरफ्तारियां दर्ज हुईं। 2012 में 11,715 2013 में 16,821 2014 में 17,084 और 2015 में 12,171 गिरफ्तारियां हुईं। एनसीबी के अनुसार 2015 में पंजाब में 601.88 किलोग्राम हेरोइन जब्त हुई।

    इसी दौर में पूर्व डीएसपी और अर्जुन पुरस्कार विजेता पहलवान जगदीश भोला को 2013 में सिंथेटिक ड्रग तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने नेटवर्क का आकार करीब 6,000 करोड़ रुपये बताया। बाद में कई बड़े नाम जांच के दायरे में आए। 2019 में भोला को सजा हुई और 2024 में धनशोधन मामले में भोला समेत 17 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए करीब 12.37 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त करने का आदेश दिया गया।

    कांग्रेस से आप तक : कार्रवाई का दायरा बढ़ा पर सवाल कायम
    2017 में कांग्रेस सरकार ने स्पेशल टास्क फोर्स बनाई। 2017 से 2021 के उपलब्ध आंकड़ों में 52,255 एनडीपीएस मामले और 68,064 गिरफ्तारियां दर्ज हुईं। करीब 2,412-2,415 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई। दिसंबर 2021 में अकाली नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ एनडीपीएस कानून के तहत मामला दर्ज हुआ। उन्होंने आरोपों से इनकार किया और बाद में जमानत मिली।

    मार्च 2022 में भगवंत मान के नेतृत्व में आप सरकार आई और ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान शुरू किया। 2022 से 2026 तक सरकार के अनुसार 73,541 एनडीपीएस मामले दर्ज हुए और 98,596 लोग गिरफ्तार हुए। करीब 5,979 किलोग्राम हेरोइन 93 किलो आईसीई 3,583 किलो अफीम और 8.7 करोड़ फार्मा गोलियां-कैप्सूल जब्त किए गए। 772 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त या ध्वस्त करने और 54.47 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद करने का दावा है। दोषसिद्धि दर करीब 89 प्रतिशत बताई गई है।

    तस्करों से पुलिस और नेताओं तक पहुंची जांच
    2012 में रंजीत सिंह कंडोला उर्फ राजा कंडोला गिरफ्तार हुआ। उसकी सहयोगी वानिया खन्ना को 2 किलो हेरोइन के साथ पकड़ा गया और उसे 10 साल की सजा हुई। 2013 में एनआरआई अनूप सिंह काहलो 540 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर 16 किलो और सहयोगी की कार से 10 किलो हेरोइन मिली। इसी जांच से भोला नेटवर्क सामने आया।

    भोला के साथ फार्मा कारोबारी जगजीत सिंह चहल और पूर्व अकाली नेता मनिंदर सिंह ‘बिट्टू’ औलख के नाम भी सामने आए। 2017 में पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर इंदरजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया। उसके सरकारी क्वार्टर से 4 किलो हेरोइन 3 किलो स्मैक हथियार और नकदी मिली। उस पर ड्रग आरोपियों को बचाने के आरोप लगे। 2023 में एसएसपी राजजीत सिंह हुंदल को सेवा से बर्खास्त किया गया। वह ड्रग और भ्रष्टाचार मामलों में फरार हैं और घोषित अपराधी हो चुके हैं।

    नेता, पुलिसकर्मी भी धरे गए
    2020 में पूर्व एसएसबी सदस्य और अकाली नेता अनवर मसीह गिरफ्तार हुए। उनके मकान से 188-194 किलो हेरोइन और ड्रग प्रोसेसिंग लैब का सामान मिलने का मामला सामने आया। कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा को 2021 में ईडी और 2023 में पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया। मूल मामले में 2 किलो हेरोइन गुरदेव सिंह से मिली थी। 2024 में खैरा को हाईकोर्ट से जमानत मिली। उन्होंने आरोपों से इनकार किया।

    2022 में मजीठिया ने एनडीपीएस मामले में आत्मसमर्पण किया। 2025 में आय से अधिक संपत्ति के कथित 540 करोड़ रुपये के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया। 2024 में पूर्व विधायक सतकार कौर गेहरी को 128 ग्राम हेरोइन के मामले में गिरफ्तार किया गया और भाजपा ने निष्कासित किया। 2025 में पुलिस कांस्टेबल अमनदीप कौर 17 ग्राम हेरोइन के साथ पकड़ी गईं और सेवा से बर्खास्त हुईं। 

    खैरा के पूर्व पीएसओ जोगा सिंह को 2015 के मामले में 2025 में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। मार्च 2026 में तरनतारन के सरपंच परमजीत सिंह उर्फ पम्मा से 18 किलो हेरोइन बरामद होने का मामला सामने आया। इसे सीमा-पार नेटवर्क से जोड़ा गया। 

     

  • बैंक खाते में पड़ा पैसा हो सकता है लावारिस, पंजाब में 82.68 लाख खातों में ₹3,111 करोड़ जमा

    बैंक खाते में पड़ा पैसा हो सकता है लावारिस, पंजाब में 82.68 लाख खातों में ₹3,111 करोड़ जमा

    चंडीगढ़ 

    पंजाब के 82.68 लाख बैंक खातों में 3111 करोड़ रुपये ऐसी रकम है, जिसके असली हकदार या तो खातों से दूर हो चुके हैं या फिर उन्हें अपनी जमा राशि की याद ही नहीं रही। लंबे समय तक लेन-देन नहीं होने के कारण इनमें से बड़ी संख्या में खाते निष्क्रिय हो गए और नियमों के तहत बैंकों ने जमा रकम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के डिपॉजिटर एंड अवेयरनेस फंड (डीईए) में ट्रांसफर कर दी गई। 

    हैरानी की बात यह है कि बैंकों की तमाम कोशिशों के बावजूद महज 0.48 फीसदी खाताधारकों तक ही पहुंच बनाई जा सकी और उनकी रकम लौटाई गई। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की हालिया बैठक में पेश रिपोर्ट ने बैंक खातों में जमा इस लावारिस धन की तस्वीर सामने रखी है।

    रिपोर्ट के अनुसार बैंकों की तरफ से विशेष अभियान के तहत 39,918 बैंक खातों में 130 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। पंजाब सरकार ने ओडिशा की तर्ज पर सिंगल नोडल अकाउंट तैयार किया है ताकि खातों में जमा राशि के भुगतान में किसी भी तरह की देरी न हो लेकिन बावजूद इसके अधिकतर बैंक इस खाते में राशि जमा नहीं करवा रहे हैं। जानकारी के अनुसार अधिकतर खाते ऐसी परिस्थितियों में निष्क्रिय हुए जब खाताधारक स्थानांतरित हो गए या फिर उनका बैंक बदल गया। समिति के अनुसार बैंक खाताधारकों को ढूंढ रहे हैं जिसके लिए लगातार बैंकों को उचित दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

    इस तरह निष्क्रिय हो जाता है खाता
    जब किसी खाते में दो साल से ज्यादा कोई लेनदेन या गतिविधि नहीं होती है तो उसे निष्क्रिय कर दिया जाता है। वहीं अगर खाता 10 साल से ज्यादा समय तक निष्क्रिय रहता है तो बैंक उस खाते की राशि को आरबीआई के विशेष फंड में जमा करवा देता है।

    2.49 लाख खाते निष्क्रिय 
    रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न बैंकों में इस समय 2.49 लाख बचत खाते निष्क्रिय हैं जिनमें करोड़ों रुपये जमा हैं। इसी तरह प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खुले 33.50 लाख खाते निष्क्रिय हो गए हैं और इनमें 435 करोड़ रुपये जमा हैं। इनमें ज्यादातर ऐसे खाते शामिल हैं जिन्हें लोगों ने न तो अपडेट करवाया और न ही पिछले काफी समय से लेन-देन किया है जिस कारण यह निष्क्रिय हो रहे हैं।

    निष्क्रिय होने से बचाने के लिए यह सावधानी जरूरी 

        अपने खाते में कुछ महीनों में एक बार लेन-देन जरूर करें।
        नियमित रूप से अपने सभी बैंक खातों की समीक्षा करें, उपयोग में नहीं आने वाले खाते बंद कर दें
        बैंकों में संपर्क के लिए अपनी नवीनतम जानकारी अपडेट करवाएं।
        पासबुक, नेट बैंकिंग से समय-समय पर खाता जांचें
        बैंक के किसी भी अलर्ट और नोटिस को अनदेखा न करें।

     

  • Janmashtami पर पंजाब के कर्मचारियों को बड़ी सौगात, 85 हजार कर्मियों को मिलेगा केंद्र के बराबर DA

    Janmashtami पर पंजाब के कर्मचारियों को बड़ी सौगात, 85 हजार कर्मियों को मिलेगा केंद्र के बराबर DA

    चंडीगढ़ 
    पंजाब के सरकारी
    कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. पंजाब सरकार ने राज्‍य के 85 हजार कर्मचारियों को जन्‍माष्‍टमी का बड़ा तोहफा दिया है. कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि पंजाब के 85 हजार कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता मिलेगा. अभी इन कर्मचारियों को बेसिक पे यानी मूल वेतन का 42% महंगाई भत्ता दिया जाता है. भगवंत मान सरकार के नए फैसले के मुताबिक, अब 85,000 सरकारी कर्मियों को केंद्र के बराबर यानी मूल वेतन का 60 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा। 
     
    किन 85 हजार कर्मियों को मिलेगा 60%  DA/ महंगाई भत्ता 
    पंजाब कैबिनेट सब-कमेटी ने साल 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को केंद्र सरकार के बराबर DA देने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे मान सरकार मंजूरी देने वाली है. कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 17 जुलाई 2020 के बाद जितने कर्मी बहाल हुए हैं उन्‍हें केंद्र के पे-स्‍केल पर बहाल किया गया था, लेकिन उन्‍हें राज्‍य के मुताबिक, 42% महंगाई भत्ता ही दिया जा रहा था. इनकी संख्‍या राज्‍य में करीब 85 हजार है. अब इन्‍हें मान सरकार, केंद्र के बराबर यानी 60 फीसदी महंगाई भत्ता देने जा रही है। 

     

     चीमा ने यह भी दावा किया कि राज्य अपने कर्मचारियों को देश में सबसे अधिक वेतन देता है। उन्होंने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते को लेकर विपक्षी दलों पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा और सामाजिक सुरक्षा बलजीत कौर के साथ मौजूद चीमा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पंजाब के कई प्रमुख श्रेणियों के कर्मचारी पहले से ही अधिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं।कैबिनेट मंत्री अरोड़ा ने कर्मचारी संगठनों से अपील की कि वे टकराव का रास्ता अपनाने के बजाय सरकार के साथ बातचीत के माध्यम से अपनी बात रखें।

    उन्होंने कहा, ‘‘कर्मचारी सुशासन की रीढ़ हैं। हम कर्मचारी संगठनों से अपील करते हैं कि वे विपक्षी दलों के राजनीतिक अवसरवाद को समझें, जिन्होंने चुनाव से पहले बिना आवश्यक वित्तीय प्रावधान किए वादे किए थे।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘हम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ बातचीत की मेज पर सभी लंबित मुद्दों का समाधान करने के लिए तैयार हैं, ताकि कर्मचारियों के हितों की रक्षा हो सके और पंजाब की जनता पर असहनीय वित्तीय बोझ भी न पड़े।’’

    मंत्रियों का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब पंजाब सरकार ने उच्च न्यायालय के उस आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है, जिसमें राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का लंबित महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) का बकाया पैसा दो हफ़्ते के अंदर देने को कहा गया था। सरकार की दलील है कि इतने कम समय में कुल 14,191 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने का आदेश संवैधानिक रूप से असंभव है।

    चीमा ने करीब 14,000 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान नहीं किए जाने के लिए पिछली सरकारों को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने अब तक 4,500 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान कर दिया है।सरकारी कर्मचारी, जिन्होंने 27 अगस्त को राज्यव्यापी हड़ताल की थी, लंबित डीए जारी करने समेत अपनी विभिन्न मांगों को स्वीकार करने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बना रहे हैं।

    चीमा ने कहा कि पंजाब के कर्मचारियों का मूल वेतन और डीए मिलाकर मिलने वाली राशि हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे अन्य राज्यों के कर्मचारियों से अधिक है। उन्होंने दावा किया कि गुजरात में सरकारी कर्मचारियों का वेतन पंजाब सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन से 28 प्रतिशत कम है।चीमा ने यह भी दावा किया कि राज्य के कुल राजस्व में सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर 51 प्रतिशत राशि खर्च होती है, जबकि अन्य राज्यों में यह औसतन 38 प्रतिशत है।उन्होंने पंजाब में क्लर्क, ड्राइवर, शिक्षक और स्टेनोग्राफर के वेतन की तुलना केंद्र सरकार में इन्हीं पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन से भी की।उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों को केंद्र सरकार की तुलना में अधिक मूल वेतन दे रही है।

    वित्त मंत्री ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद उसने अपने कर्मचारियों का डीए 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत कर दिया।उन्होंने कहा, ‘‘जब आम आदमी पार्टी की सरकार बनी थी, तब कर्मचारियों को 28 प्रतिशत डीए मिल रहा था। हमने इसे अक्टूबर 2022 में बढ़ाकर 34 प्रतिशत, दिसंबर 2023 में 38 प्रतिशत और 2024 में 42 प्रतिशत कर दिया।’’

    उन्होंने विपक्षी दलों पर यह दुष्प्रचार फैलाने का आरोप लगाया कि आप सरकार ने अपने कर्मचारियों का बकाया भुगतान नहीं किया है।

  • लुधियाना में अनोखी अंतिम विदाई, बहुओं ने सास की अर्थी उठाई; आंखें आई सेंटर और शरीर मेडिकल कॉलेज को दान

    लुधियाना में अनोखी अंतिम विदाई, बहुओं ने सास की अर्थी उठाई; आंखें आई सेंटर और शरीर मेडिकल कॉलेज को दान

    लुधियाना 

    लुधियाना में महिला की मौत के बाद जब घर से उनकी अर्थी निकाली गई तो बहुओं ने एक नई मिसाल कायम की। दोनों बहुओं ने अपनी सास की अर्थी को आगे से अपने कंधों पर उठाया, जबकि दोनों बेटों ने पीछे से कंधा लगाकर मां को अंतिम विदाई दी।

    घर से कुछ दूर तक बहुओं ने सास की अर्थी को कंधा दिया और उसके बाद शव हारमनी आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल फिरोजपुर की मैनेजमेंट के हवाले कर दिया। शव लेकर अस्पताल की मैनेजमेंट फिरोजपुर के लिए रवाना हुई। मेडिकल कॉलेज में अब उनके शव पर स्टूडेंट्स प्रैक्टिकल करेंगे।

    अंतिम यात्रा से पहले महिला सुखदेव कौर की आंखें भी दान की गई। आंखें डॉ रमेश सुपरस्पेशिलिटी आईएंड लेजर सेंटर को दी गई। उनकी आंखें भी किसी दृष्टिहीन को लगाई जाएंगी और वो भी दुनियां देख सकेंगे।

    महिला अपने दो बेटों व बहुओं के साथ लुधियाना के प्रताप सिंह वाला में रहती थी। उन्होंने 10 साल पहले मरणोपरांत शरीर दान करने का फैसला किया था। उन्होंने बाकायदा इसके लिए फॉर्म भर दिया था। परिवार ने भी एफिडेविट दिया था कि उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।

    परिवार व रिश्तेदारों ने ऐसे दी सुखदेव कौर को अंतिम विदाई…

        मौत होते ही आई हॉस्पिटल को किया फोन: सुखदेव कौर ने 10 साल पहले शरीर व आंखें दान करने का संकल्प लिया था। बुधवार शाम को जैसे ही सुखदेव कौर की हार्ट अटैक से मौत हुई तो बेटों यादविंदर सिंह व गुरविंदर सिंह ने डॉ रमेश सुपरस्पेशलिटी आई एंड लेजर सेंटर को फोन किया और मां की आंखों को ले जाने के लिए कहा। आई अस्पताल की टीम आई और उनकी आंखें लेकर चली गई।

        शरीर के लिए डेरे की टीम से किया संपर्क: सुखदेव कौर ने एक सत्संग के दौरान डेरे में शरीर दान का संकल्प लिया था। जब उनकी मौत हुई तो बेटों ने डेरे की टीम से संपर्क किया। हारमनी आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल फिरोजपुर को शव लेने के लिए कहा। गुरुवार को अस्पताल की टीम शव लेने लुधियाना पहुंची।

        बहुओं ने दिया अर्थी को कांधा: धार्मिक रीति रिवाज निभाने के बाद अंतिम यात्रा की शुरुआत में समाज की पुरानी मान्यताओं को दरकिनार करते हुए सुखदेव कौर की दोनों बहुओं मनप्रीत कौर और राजवीर कौर ने अपनी सास की अर्थी को आगे से अपने कंधों पर उठाया, जबकि बेटे यादविंदर सिंह और गुरविंदर सिंह पीछे से सहारा बने।

        फूलों से सजी एंबुलेंस को दी हरी झंडी: पार्थिव शरीर को एंबुलेंस में सम्मानपूर्वक रखा गया और पूरे वाहन को फूलों से सजाया गया। गांव प्रताप सिंह वाला के सरपंच गुरमेज सिंह ने हरी झंडी दिखाकर एम्बुलेंस को फिरोजपुर के मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया। अंतिम विदाई के दौरान उपस्थित परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने उनकी इस अंतिम सेवा और त्याग को नमन किया।

    मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और शोध में आएगा काम गांव प्रताप सिंह वाला के सरपंच गुरमेज सिंह कामरेड ने कहा कि इंसानी शरीर मृत्यु के बाद मिट्टी में मिल जाता है, लेकिन सुखदेव कौर का यह शरीर अब अमर हो गया है। वे बेहद सहृदय और मीठे स्वभाव की महिला थीं, जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए तैयार रहती थीं। उनके जाने से गांव को अपूरणीय क्षति हुई है, लेकिन उनके परिवार ने शरीरदान करके पूरे समाज को एक मिसाल दी है।

    उन्होंने आगे कहा कि शरीरदान की मुहिम बेहद सराहनीय है। इस पार्थिव देह पर हारमनी आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल फिरोजपुर के छात्र प्रैक्टिकल करेंगे और बीमारियों पर शोध करेंगे, जो भविष्य में मानव जाति के इलाज के काम आएगा।

    शरीर दान की प्रक्रिया जानिए…
        जीवनकाल में संकल्प व पंजीकरण:
    जब कोई व्यक्ति जीवित रहते हुए शरीरदान का फैसला करता है, तो उसे किसी नजदीकी मेडिकल कॉलेज या अधिकृत संस्थान में जाकर बॉडी डोनेशन फॉर्म भरना होता है, जिसमें उसकी स्पष्ट सहमति दर्ज होती है। इस आवेदन पत्र में परिवार के सदस्यों या नॉमिनी का विवरण भी लिया जाता है, जिसके बाद संस्थान आवेदक को एक औपचारिक पंजीकरण या शपथ पत्र जारी कर देता है।

        परिवार को सूचित करना: शरीरदान की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए यह बेहद जरूरी है कि व्यक्ति अपने फैसले की जानकारी अपने निकटतम परिजनों को पहले से दे दे। व्यक्ति की मृत्यु के तुरंत बाद परिवार के सदस्यों को ही संबंधित मेडिकल कॉलेज या संस्थान से संपर्क करके दान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना होता है।

        मृत्यु के बाद संस्थान को सूचना: डॉक्टर द्वारा मृत्यु की पुष्टि किए जाने के बाद परिजनों को बिना किसी देरी के मेडिकल कॉलेज को तुरंत सूचित करना चाहिए। इसके बाद संस्थान के विशेषज्ञ यह जांचते हैं कि क्या शरीर उनके निर्धारित मानकों और स्वीकार्यता की शर्तों के अनुसार सही स्थिति में है।

        जरूरी दस्तावेजों की पूर्ति: प्रक्रिया को कानूनी रूप से पूरा करने के लिए मृत्यु प्रमाणपत्र, पहले से भरा हुआ संकल्प-पत्र, मृतक व उनके निकट संबंधी के पहचान पत्र और संस्थान का निर्धारित सहमति फॉर्म तैयार रखना होता है।

        मेडिकल कॉलेज को शव सौंपना: सभी कागजी प्रक्रियाएं और प्राथमिक जांच पूरी होने के बाद पार्थिव देह को सम्मानपूर्वक मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी डिपार्टमेंट को सौंप दिया जाता है, जहां इसका उपयोग मेडिकल छात्रों के प्रैक्टिकल, अध्ययन और जटिल बीमारियों पर शोध के लिए किया जाता है।

        अंतिम संस्कार की प्रक्रिया: शोध व अध्ययन का कार्य पूरा हो जाने के बाद संबंधित संस्थान अपनी नीतियों के तहत शव का अंतिम संस्कार करता है। कई मामलों में परिजनों की इच्छा अनुसार उन्हें भी इस प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर दिया जाता है।

  • मणिमहेश डल झील में आस्था की डुबकी, शाही स्नान के लिए पंजाब-चंडीगढ़ से पहुंचे हजारों श्रद्धालु

    मणिमहेश डल झील में आस्था की डुबकी, शाही स्नान के लिए पंजाब-चंडीगढ़ से पहुंचे हजारों श्रद्धालु

    मणिमहेश 

    उत्तर भारत की पवित्र मणिमहेश यात्रा में जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आज आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भगवान शिव के धाम मणिमहेश पहुंच रहे श्रद्धालु पवित्र ‘डल झील’ में सुबह से ही आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। इस मौके पर हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और जम्मू से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मणिमहेश पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु पवित्र झील में स्नान कर भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मणिमहेश यात्रा 2026 आधिकारिक तौर पर 19 सितंबर तक चलेगी।

    मणिमहेश झील समुद्र तल से करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर कैलाश पर्वत की तलहटी में स्थित है। जिला चंबा प्रशासन के अनुसार, कैलाश चोटी की ऊंचाई करीब 18,564 फीट है। मणिमहेश को भगवान शिव का प्रमुख तीर्थ माना जाता है और यहां हर साल हजारों श्रद्धालु पवित्र डल झील में स्नान के लिए पहुंचते हैं।

    हड़सर से 13 किलोमीटर पैदल चढ़ाई
    मणिमहेश पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को हड़सर से करीब 13 किलोमीटर का पैदल ट्रेक करना पड़ता है। हड़सर तक वाहन पहुंचते हैं। इसके बाद यात्रा पैदल शुरू होती है। रास्ते में धनछो प्रमुख पड़ाव है, जहां श्रद्धालु विश्राम करते हैं। इसके आगे चढ़ाई पार कर मणिमहेश डल झील तक पहुंचा जाता है।

    झील से करीब डेढ़ किलोमीटर पहले गौरी कुंड और शिव क्रोत्री भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल हैं। मान्यता के अनुसार, गौरी कुंड और शिव क्रोत्री में क्रमश: माता पार्वती और भगवान शिव ने स्नान किया था। ज्यादातर श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हैं, मगर काफी लोग हेलीटैक्सी से भी मणिमहेश पहुंचते हैं। प्रशासन ने इस बार चार हेलीटैक्सी के साथ मणिमहेश यात्रा के लिए करार किया है।

    राधाष्टमी पर होगा बड़ा शाही स्नान
    जन्माष्टमी के शाही स्नान के बाद अब श्रद्धालुओं की नजर राधाष्टमी पर होने वाले बड़े शाही स्नान पर है। यह 18 और 19 सितंबर को होगा। मणिमहेश यात्रा का यह सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक पड़ाव माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

    इस बार मौसम भी दे रहा साथ
    यात्रा के दौरान इस बार मौसम श्रद्धालुओं का साथ दे रहा है। मौसम अनुकूल रहने से पैदल ट्रैक पर आवाजाही सुगम बनी हुई है। प्रशासन भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर निगरानी कर रहा है। एसडीएम भरमौर अजय कुमार सिंह ने बताया कि जन्माष्टमी के शाही स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मणिमहेश पहुंचे हैं।

    डल झील में शाही स्नान चल रहा है। पिछले साल भारी बारिश और बादल फटने के कारण मणिमहेश यात्रा के दौरान काफी मुश्किलें आई थीं। 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालु भरमौर से मणिमहेश के रास्ते में फंस गए थे।

    यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य
    प्रशासन ने इस बार मणिमहेश यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया है। श्रद्धालुओं को भरमौर पहुंचने से पहले पंजीकरण कराने और उसकी रसीद साथ रखने की सलाह दी गई है। हड़सर बेस कैंप पर स्वास्थ्य जांच के बाद ही श्रद्धालुओं को आगे यात्रा की अनुमति दी जाती है। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम को देखते हुए गर्म कपड़े, रेनकोट, छाता, टॉर्च और उचित जूते साथ रखने की अपील की है।

    यात्रा का मुख्य आकर्षण भगवान शिव के धाम मणिमहेश में पवित्र डल झील में स्नान है। जन्माष्टमी के शाही स्नान के बाद अब 18-19 सितंबर को होने वाले बड़े शाही स्नान को लेकर भी प्रशासन और श्रद्धालुओं में उत्साह है।

  • केंद्र जैसा वेतन-DA देने को तैयार पंजाब सरकार, फिर भी कर्मचारियों का आंदोलन जारी

    केंद्र जैसा वेतन-DA देने को तैयार पंजाब सरकार, फिर भी कर्मचारियों का आंदोलन जारी

    अमृतसर 

    पंजाब सरकार और कर्मचारियों के बीच चल रहे डीए विवाद के बीच मान सरकार ने कर्मचारियों को नया ऑफर दिया है। वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने वीरवार को दावा किया कि पंजाब सरकार सूबे के कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मियों के बराबर वेतन प्लस डीए देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार केवल केंद्र के डीए प्रतिशत की नकल करने के बजाय समग्र वेतन पैकेज को केंद्र के बराबर करने के लिए तैयार है। 

    वित्तमंत्री ने दावा किया कि पंजाब अपने राजस्व का 51 फीसदी वेतन और पेंशन पर खर्च करता है, जो प्रमुख राज्यों में सबसे अधिक है। साथ ही पंजाब में कर्मचारियों का वेतन पड़ोसी राज्य हरियाणा, गुजरात, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश समेत अन्य राज्यों से अधिक है। वित्तमंत्री चीमा ने कहा कि डीए के बकाया भुगतान के लिए सरकार ने लिक्विडेशन प्लान बनाया हुआ है। इसके तहत चरणबद्ध भुगतान योजना के तहत बकाया डीए का किस्तों में भुगतान किया जा रहा है और आगे भी इसी तरह किया जाता रहेगा।

    मंत्री अमन अरोड़ा और डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह बकाया शिअद-भाजपा गठबंधन और कांग्रेस के कार्यकाल का है, जिसे आम आदमी पार्टी की सरकार डीए की दर बढ़ाते हुए चुका रही है। लिहाजा कर्मचारियों को सरकार का सहयोग करना चाहिए, क्योंकि कर्मचारी प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। उन्हें विपक्षी दलों के बहकावे में नहीं आना चाहिए। सरकार कर्मचारियों के साथ फिर बातचीत के लिए तैयार है।

    क्या है लिक्विडेशन प्लान?
    पंजाब सरकार ने कर्मचारियों और पेंश
    नभोगियों के छठे वेतन आयोग के तहत लंबित डीए/डीआर के करीब 14,191 करोड़ रुपये के बकाये के भुगतान के लिए लिक्विडेशन प्लान तैयार किया है। इसके तहत सरकार ने पूरी राशि एकमुश्त देने के बजाय पांच वित्तीय वर्षों (2024-25 से 2028-29) में चरणबद्ध तरीके से भुगतान का प्रस्ताव रखा है। वित्तमंत्री का दावा है कि बकाये की अदायगी मासिक किस्तों के जरिये की जा रही है।

    इसके तहत पेंशनभोगियों के लिए उम्र के आधार पर अलग-अलग किस्तों का प्रावधान किया गया था। 85 वर्ष से अधिक उम्र वालों को दो, 75 से 85 वर्ष वालों को 12 और 75 वर्ष से कम उम्र वालों को 42 मासिक किस्तों में भुगतान की रूपरेखा बनाई गई है। अब तक करीब 4500 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अगस्त 2026 में इस लिक्विडेशन प्लान को रद्द कर 14 दिनों में पूरा बकाया चुकाने का आदेश दिया। इसके खिलाफ पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल की है।

    केंद्र-पंजाब के वेतन और डीए में फर्क
    – पंजाब में क्लर्क इस वक्त 42 प्रतिशत डीए के हिसाब से टेक होम यानी हाथ में आने वाला शुद्ध वेतन 54,812 रुपये प्राप्त करते हैं जबकि केंद्र के अधीन क्लर्कों को 60 प्रतिशत डीए के साथ 36,960 रुपये वेतन मिलता है।
    – इसी तर्ज पर पंजाब के ड्राइवर 40,612 रुपये वेतन पाते हैं जबकि केंद्र के ड्राइवरों को 36,960 रुपये मिलते हैं।
    – पंजाब के स्टेनोग्राफर का वेतन 56,374 रुपये है जबकि केंद्र का 47,360 रुपये।
    – पंजाब के ईटीटी टीचर का 67,592 रुपये वेतन मिल रहा है जबकि केंद्र के टीचरों का वेतन 65,760 रुपये है।
    – पंजाब के पुलिस कांस्टेबल 54,812 रुपये वेतन पाते हैं, जबकि केंद्र के 36,960 रुपये।
    – सरकार यदि पंजाब के कर्मचारियों को केंद्र की तर्ज पर 60 प्रतिशत डीए देती है तो कर्मियों का वेतन और बढ़ जाएगा।

    कर्मचारियों का कड़ा रुख
    बकाया डीए के लिए संघर्ष कर रही पंजाब कर्मचारियों की विभिन्न जत्थेबंदियों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी के समन्वयक सुखचैन सिंह खैहरा समेत अन्य नेताओं ने कहा कि कर्मचारी किसी भी तरह से गुमराह नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट पंजाब सरकार का लिक्विडेशन प्लान रद्द करते हुए बकाया डीए के भुगतान का आदेश दे चुका है। इसके बावजूद पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर दी है।

    कर्मचारी नेताओं ने कहा कि इसके अलावा आंदोलन के तहत कर्मचारियों द्वारा सामूहिक अवकाश लेने के बावजूद उनके खिलाफ अनधिकृत रूप से अवकाश लेने पर कार्रवाई के नोटिस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार हाईकोर्ट का आदेश लागू नहीं करेगी और सुप्रीम कोर्ट से याचिका तथा कार्रवाई के नोटिस वापस नहीं लेगी, तब तक कर्मचारी किसी भी बात के लिए तैयार नहीं हैं। 

    वेतन और डीए पर सरकार ने बताए छह प्रमुख तथ्य
    – पंजाब के कर्मचारी देश में सबसे अधिक वेतन पाने वालों में

    पंजाब सरकार के कर्मचारी देश में सबसे अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों में शामिल हैं। राज्य की अधिक बेसिक-पे संरचना के कारण कई प्रमुख श्रेणियों में पंजाब के कर्मचारियों का टेक-होम वेतन उनके केंद्र सरकार के समकक्ष कर्मचारियों की तुलना में अधिक है।

    – राजस्व का 51% वेतन और पेंशन पर खर्च
    पंजाब अपने राजस्व प्राप्तियों का 51% वेतन और पेंशन पर खर्च करता है, जो प्रमुख राज्यों में सबसे अधिक है। इसके मुकाबले अखिल भारतीय औसत 38% है।

    – तीन किस्तों में डीए में 14% की बढ़ोतरी
    भगवंत मान सरकार ने नवंबर 2021 में डीए को 28% से बढ़ाकर नवंबर 2024 में 42% किया है। तीन किस्तों में हुई इस बढ़ोतरी के तहत अक्टूबर 2022 में डीए 34%, दिसंबर 2023 में 38% और नवंबर 2024 में 42% किया गया।

    – 14,100 करोड़ रुपये की डीए बकाया देनदारी विरासत में मिली
    तथ्य पत्र के अनुसार, लगभग 14,100 करोड़ रुपये की डीए बकाया देनदारी 2016-21 की अवधि से संबंधित है और पिछली कांग्रेस तथा अकाली-भाजपा सरकारों से विरासत में मिली है।

    – विरासत में मिले बकाये में से 4,500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
    भगवंत मान सरकार ने विरासत में मिले डीए बकाये को समाप्त करने की प्रतिबद्धता जताई है और कर्मचारियों तथा पेंशनरों को इस देनदारी में से 4,500 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान पहले ही किया जा चुका है।

    – 60% डीए करने पर सालाना 6,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ
    पंजाब में डीए को 60% करने पर राज्य के सरकारी खजाने पर लगभग 6,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक बोझ पड़ेगा। इसके लिए इसे आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं पर होने वाले खर्च के साथ संतुलित करना होगा।

    क्या बोले मंत्री?
    – वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे कहा कि भगवंत मान सरकार ने तीन किस्तों में डीए में 14 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी की है। उन्होंने कहा, “राज्य की पर्याप्त वित्तीय चुनौतियों के बावजूद वर्तमान सरकार ने नवंबर 2021 में डीए को 28% से बढ़ाकर तीन किस्तों में 42% किया है। अक्टूबर 2022 में यह 34%, दिसंबर 2023 में 38% और नवंबर 2024 में 42% किया गया।

    – मंत्री अमन अरोड़ा ने कर्मचारी यूनियनों से टकराव के बजाय बातचीत के माध्यम से सरकार के साथ मुद्दे उठाने की अपील की। उन्होंने कहा, कर्मचारी सुशासन की रीढ़ हैं। हम यूनियनों से अपील करते हैं कि वे विपक्षी दलों के राजनीतिक अवसरवाद को पहचानें, जिन्होंने चुनावों से पहले वित्तीय प्रावधान किए बिना वादे किए थे। हम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ बातचीत की मेज पर सभी लंबित मुद्दों को हल करने के लिए तैयार हैं, ताकि कर्मचारियों के हितों की रक्षा हो और पंजाब की जनता पर असहनीय बोझ भी न पड़े।

    – कानूनी और वैधानिक स्थिति स्पष्ट करते हुए सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि राज्य का रुख पंजाब सिविल सर्विसेज (रिवाइज्ड पे) रूल्स, 2021 पर आधारित है। उन्होंने कहा, पंजाब सरकार के कर्मचारियों के वेतन और डीए का निर्धारण पंजाब सिविल सर्विसेज (रिवाइज्ड पे) रूल्स, 2021 के तहत होता है, जिन्हें संविधान के अनुच्छेद 309 के तहत बनाया गया है।

    इन नियमों में डीए का कोई निश्चित प्रतिशत या ऐसा कोई स्वचालित फॉर्मूला निर्धारित नहीं है, जिसके तहत पंजाब को केंद्र सरकार की डीए दर से मेल करना अनिवार्य हो। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास अपने कर्मचारियों की सेवा शर्तें निर्धारित करने का सांविधानिक  अधिकार है। उन्होंने कहा, पंजाब के पास अपनी वित्तीय परिस्थितियों के अनुसार अपने कर्मचारियों के वेतन का निर्धारण करने का संवैधानिक और वैधानिक अधिकार है। ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है, जिसके तहत प्रत्येक राज्य के लिए केंद्र सरकार की डीए दर को स्वतः दोहराना अनिवार्य हो। राज्य को अपने कर्मचारियों के कल्याण और सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए उपलब्ध वित्तीय संसाधनों के बीच संतुलन बनाना होगा। 

  • Punjab Rain Alert: 5 जिलों में अलर्ट, जालंधर-पठानकोट में बारिश; तापमान भी गिरा

    Punjab Rain Alert: 5 जिलों में अलर्ट, जालंधर-पठानकोट में बारिश; तापमान भी गिरा

    जालंधर
    पंजाब में मौसम बदल गया है। जालंधर, लुधियाना और पठानकोट में शुक्रवार को बारिश हुई। वहीं चंडीगढ़ और मोहाली में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज (4 सितंबर) पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, नवांशहर और मोहाली में कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है।

    राज्य का अधिकतम तापमान 0.1 डिग्री गिरा है। बठिंडा में सबसे अधिक 36.6 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 4 और 5 सितंबर को बारिश का जोर रहेगा। इसके बाद भी बारिश की संभावना है। वहीं, मानसून सीजन में बारिश सामान्य से 34% कम हुई है।

    चंडीगढ़ समेत कई जिलों में बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक आज गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में एक-दो जगह बारिश के आसार हैं।

    9 सितंबर तक बारिश की संभावना
    मौसम विभाग के अनुसार उत्तर हरियाणा में बने चक्रवाती सिस्टम व मानसून ट्रफ के असर से पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश का दौर जारी रहेगा। पंजाब में 9 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिलेगी।

    बारिश होने से बिजली की मांग घटी
    पंजाब में बिजली की कुल मांग 11,944 मेगावाट रही, जबकि राज्य में 3,799 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ। 8,146 मेगावाट बिजली ड्रॉ की गई, जो तय शेड्यूल से 68 मेगावाट ज्यादा रही। बिजली की फ्रीक्वेंसी 50 हर्ट्ज दर्ज की गई। हालांकि, वीरवार को दिन में बिजली की मांग 15 हजार मेगावाट से अधिक पहुंच गई थी।