Category: पंजाब

  • 20 लाख वोटरों के नाम कटने पर सवाल, केबीएस सिद्धू ने 2002 मैपिंग नियम को घेरा

    20 लाख वोटरों के नाम कटने पर सवाल, केबीएस सिद्धू ने 2002 मैपिंग नियम को घेरा

    चंडीगढ़.

    पंजाब में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर पूर्व विशेष मुख्य सचिव केबीएस सिद्धू ने कहा है कि किसी मतदाता के नाम को उसके माता-पिता की 2002-03 की मतदाता सूची में दर्ज नाम से मैप करना कानून में निर्धारित शर्त नहीं है।

    उन्होंने कहा कि ऐसी कृत्रिम शर्त को पुनरीक्षण प्रक्रिया में शामिल किया गया है, जिसके कारण मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। सिद्धू ने कहा कि पंजाब में 13 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची से 20 लाख से अधिक मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट श्रेणी में रखकर बाहर किया गया है। उन्होंने ऐसे लोगों से नया फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की अपील की है।

    "एसआईआर" में 12.8 लाख मतदाता लापता
    पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा 4 अगस्त 2026 को जारी किए गए उत्सवपूर्ण प्रेस नोट में, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के घर-घर जनगणना चरण के समापन के उपलक्ष्य में, एक ऐसा वाक्य छिपा है जिस पर जनता का ध्यान कहीं अधिक जाना चाहिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, सुश्री अनिंदिता मित्रा, आईएएस ने कहा कि मसौदा मतदाता सूची में शामिल 93.40% मतदाताओं का मिलान 2003 की मतदाता सूचियों या पिछली एसआईआर की सूचियों से सफलतापूर्वक कर लिया गया है। इसके बाद का गणित स्पष्ट है: लगभग 6.60% – 1,93,94,408 एकत्रित जनगणना प्रपत्रों के आधार पर, लगभग 12.8 लाख पंजाबी मतदाता – वर्तमान में मिलान से बाहर हैं। इस समूह को नोटिस 13 अगस्त 2026 से भेजे जाने शुरू होंगे, "ईसीआई के निर्देशों के अनुपालन में।"

    2.14 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं वाले राज्य के लिए 12.8 लाख कोई मामूली संख्या नहीं है। यह कई विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं की कुल संख्या से भी कहीं अधिक है। प्रत्येक प्रभावित नागरिक और वास्तव में पंजाब की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रत्येक जागरूक पर्यवेक्षक का यह प्रश्न पूछने का पूरा अधिकार है: आगे क्या होगा और इसका क्या समाधान है? समाधान पर चर्चा करने से पहले, प्रेस विज्ञप्ति में उल्लिखित श्रेणियों के अनुसार, पंजाब के 2.14 करोड़ मतदाताओं को जिन विशिष्ट वर्गों में विभाजित किया गया है, उन्हें स्पष्ट रूप से समझना आवश्यक है। ये शब्द एक दूसरे के पर्यायवाची नहीं हैं, और इन्हें आपस में मिलाना समस्या की गंभीरता को गलत समझने का सबसे पक्का तरीका है।

  • केजरीवाल बोले- पंजाब से नहीं, मुंद्रा पोर्ट से शुरू हो नशे के खिलाफ लड़ाई

    केजरीवाल बोले- पंजाब से नहीं, मुंद्रा पोर्ट से शुरू हो नशे के खिलाफ लड़ाई

    चंडीगढ़.

    पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर निशाना साधा है।

    केजरीवाल ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कहा कि अगर पंजाब की रत्ती भर भी चिंता है तो गुजरात से आने वाले नशे को रोकना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत पंजाब की धरती से नहीं, बल्कि मुंद्रा पोर्ट से होनी चाहिए। केजरीवाल ने नितिन नवीन के उस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें प्रधानमंत्री के हवाले से पंजाब के युवाओं और भविष्य को नशे से बचाने की बात कही गई थी।

  • सरकारी बस सेवा पर संकट, पंजाब में कल से 5500 कर्मचारी हड़ताल पर

    सरकारी बस सेवा पर संकट, पंजाब में कल से 5500 कर्मचारी हड़ताल पर

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़. त्योहारी और कामकाजी सीजन के बीच पंजाब की सड़कों पर एक बार फिर परिवहन सेवाएं ठप होने का खतरा मंडराने लगा है।

    अपनी लंबित मांगों और सेवाओं को नियमित कराने की मांग को लेकर पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के लगभग 6500 अनुबंध कर्मचारी आर-पार की लड़ाई के मूड में आ चुके हैं। यूनियन की घोषणा के मुताबिक आगामी 22 सितंबर से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी, जिसके चलते करीब 2700 से ज्यादा सरकारी बसों के पहिए थम सकते हैं। इस बड़े फैसले से रोजाना सफर करने वाले आम यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों की परेशानियां बढ़ना तय माना जा रहा है।

    साढ़े चार साल से टल रही है नियमितीकरण की मांग
    चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी पिछले साढ़े चार साल से लगातार अपनी नौकरी पक्की करने और शोषणकारी ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने की गुहार लगा रहे हैं। सरकार के नुमाइंदों के साथ इस सिलसिले में अब तक 60 से 65 दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन नतीजा सिफर रहा है। बीते 17 सितंबर को परिवहन मंत्री के साथ होने वाली अहम बैठक भी ऐन वक्त पर रद्द कर दी गई, जिसके बाद कर्मचारियों के पास आंदोलन के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा।

    पीएफ, ईएसआई और किलोमीटर स्कीम पर गंभीर आरोप
    यूनियन के महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों ने ठेकेदारों के मार्फत काम कर रहे कर्मियों के भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) के नाम पर हो रहे कथित शोषण का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि कागजी दावों के उलट धरातल पर कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। इसके साथ ही यूनियन ने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकारी बेड़े की करीब 800 बसें कंडम घोषित हो चुकी हैं, तो नई बसें खरीदने के बजाय किलोमीटर स्कीम को क्यों बढ़ावा दिया जा रहा है? वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरकेश कुमार विक्की ने कहा कि सरकारी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की बजाय इसे कमजोर करने की साजिश रची जा रही है।

    मंत्रियों के आवास के बाहर प्रदर्शन और आर-पार का अल्टीमेटम
    यूनियन नेताओं ने दोटूक शब्दों में चेताया कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगें नहीं मानीं, तो 22 सितंबर को होने वाले चक्का जाम के साथ-साथ कर्मचारी मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के सरकारी आवासों के बाहर भी जोरदार धरने-प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा आंदोलन के दौरान पूर्व में कर्मचारियों पर दर्ज किए गए पुलिस मामलों को वापस लेने और जेलों में बंद साथियों की रिहाई की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई है। बहरहाल, यदि इस गतिरोध को समय रहते बातचीत के जरिए नहीं सुलझाया गया, तो आने वाले दिनों में पंजाब की सड़कों पर यात्रियों का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

  • पंजाब में भाजपा की नशा मुक्ति यात्रा, अर्जुन राम मेघवाल बोले- युवाओं को नशे के दलदल से निकालना लक्ष्य

    पंजाब में भाजपा की नशा मुक्ति यात्रा, अर्जुन राम मेघवाल बोले- युवाओं को नशे के दलदल से निकालना लक्ष्य

    फाजिल्का.

    पंजाब को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से चलाई जा रही मुहिम के तहत आज तीसरी 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का भव्य आगाज फाजिल्का से हुआ।

    इस सामाजिक जागरूकता यात्रा के शुभारंभ के लिए विशेष रूप से पहुंचे केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयघोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा किसी प्रकार का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि समाज सुधार से जुड़ा एक बेहद गंभीर और महत्वपूर्ण अभियान है। मुख्य कार्यक्रम से पूर्व केंद्रीय मंत्री आसफवाला स्थित ऐतिहासिक 1971 युद्ध स्मारक पहुंचे।

    वहां उन्होंने देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले बलिदानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और नमन किया। इसके बाद उन्होंने वार मेमोरियल में दर्ज 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीर जवानों के अदम्य साहस, वीरता और शहादत की अमर गाथा के बारे में विस्तृत जानकारी ली।

  • 300 करोड़ की हेरोइन तस्करी का खुलासा, फरीदकोट में 4 गिरफ्तार; 3 पिस्टल भी मिलीं

    300 करोड़ की हेरोइन तस्करी का खुलासा, फरीदकोट में 4 गिरफ्तार; 3 पिस्टल भी मिलीं

    फरीदकोट.

    नशा विरोधी अभियान के तहत फरीदकोट पुलिस की सीआईए टीम को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक संदिग्ध होंडा सिटी कार को रोककर उसकी तलाशी ली तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। कार से 47 किलो 332 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन, तीन विदेशी .30 बोर पिस्टल, मैगजीन और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। जिसकी इंटरनेशनल वेल्यू 315 करोड़ है।

    पुलिस ने मौके से ही कार सवार चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, सीआईए स्टाफ की टीम ने सादिक-दीप सिंह वाला मार्ग पर स्थित गांव काउंनी के पास एक गुप्त सूचना और सुरक्षा जांच के सिलसिले में विशेष नाकेबंदी की हुई थी। इसी दौरान दीप सिंह वाला की दिशा से आ रही एक संदिग्ध होंडा सिटी कार को पुलिस कर्मचारियों ने रुकने का इशारा किया। पुलिस टीम को अचानक सामने देखकर कार सवार युवकों के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने तुरंत वाहन को पीछे मोड़कर मौके से तेजी से भागने का प्रयास किया। हालांकि, हड़बड़ाहट में अचानक कार बंद हो गई, जिसका फायदा उठाकर मुस्तैद पुलिस टीम ने चारों युवकों को चारों तरफ से घेरकर मौके पर ही धर दबोचा।

    कार में गट्टे से निकले 42 पैकेट
    इसके बाद जब पुलिस ने गाड़ी की गहनता से तलाशी ली तो कार के अंदर रखे एक बोरे (गट्टे) से 42 अलग-अलग पैकेट बरामद हुए। जांच करने पर उनमें कुल 47 किलो 332 ग्राम हेरोइन पाई गई। इसके अलावा जब पुलिस अधिकारियों ने कार के डैशबोर्ड को खंगाला तो उसमें रखे एक लिफाफे से तीन अत्याधुनिक विदेशी .30 बोर पिस्टल, उनकी मैगजीन और 15 जिंदा कारतूस मिले।

    पुलिस ने मामला किया दर्ज
    पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुरुहरसहाय क्षेत्र के गांव गूदड़ पंजगराई निवासी मंगल सिंह तथा जलालाबाद के गांव लमोचड़ खुर्द निवासी अंकुश, सचिन उर्फ संजू और अनमोल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने थाना सादिक में सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशे और हथियारों की यह इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। पुलिस इस गिरोह के बैकवर्ड और फॉरवर्ड नेटवर्क को खंगालने में जुटी है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।

  • खालसा पंथ से SGPC सदस्य और अतिरिक्त हेड ग्रंथी निष्कासित, आजीवन सेवा करने पर प्रतिबंध

    खालसा पंथ से SGPC सदस्य और अतिरिक्त हेड ग्रंथी निष्कासित, आजीवन सेवा करने पर प्रतिबंध

    अमृतसर.

    श्री अकाल तख्त साहिब ने गंभीर आरोपों और सिख मर्यादा से जुड़े मामलों में रविवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सदस्य अमरजीत सिंह और अतिरिक्त हेड ग्रंथी मलकित सिंह के खिलाफ फैसला सुनाया।

    पांच सिंह साहिबान की बैठक में दोनों को खालसा पंथ से निष्कासित कर दिया गया। साथ ही, किसी भी सिख संस्था में जीवनभर सेवा करने पर रोक लगा दी गई है। यह मामला एक महिला की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़ा बताया गया है। अकाल तख्त साहिब ने दोनों मामलों पर विचार करने के बाद प्रस्ताव पारित किए।श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में रविवार को कार्यकारी जत्थेदार कुलदीप सिंह की अगुवाई में पांच सिंह साहिबान की बैठक हुई। इसमें सिख मर्यादा और गुरुद्वारा प्रबंध से संबंधित विभिन्न मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के बाद चार प्रस्ताव पारित किए गए।

    अमरजीत सिंह के मामले में फैसला
    पहले प्रस्ताव में अमरजीत सिंह के मामले पर निर्णय सुनाया गया। बैठक में कहा गया कि उनके खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों से सिख संगत की भावनाएं आहत हुई हैं और सिख संस्थाओं की छवि को नुकसान पहुंचा है। अकाल तख्त साहिब ने उन्हें खालसा पंथ से निष्कासित करते हुए कहा कि जब तक वह खुद को निर्दोष साबित कर अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश नहीं होते, तब तक संगत उनसे किसी प्रकार का संबंध न रखे। इसके अलावा, सिख संस्थाओं में काम करने पर भी आजीवन रोक लगाई है।

    मलकित सिंह पर भी कार्रवाई
    दूसरे प्रस्ताव में मलकित सिंह के मामले पर फैसला लिया गया। बैठक में कहा गया कि जिम्मेदार पदों पर रहने वाले व्यक्तियों का आचरण गुरु की शिक्षाओं और सिख मर्यादा के अनुरूप होना चाहिए। उनके खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों और मामले से सिख पंथ की बदनामी होने का हवाला देते हुए उन्हें भी खालसा पंथ से निष्कासित कर दिया गया। उन पर सिख संस्थाओं में जीवनभर सेवा करने की रोक लगाई गई है। उल्लेखनीय है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पहले ही मलकित को निलंबित कर चुकी है।

    दिल्ली की गुरुद्वारा कमेटी को चेतावनी
    तीसरे प्रस्ताव में नई दिल्ली के सुभाष नगर स्थित श्री गुरु सिंह सभा की प्रबंधक कमेटी को अकाल तख्त साहिब के आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए गए। कमेटी के प्रधान भूपिंदर सिंह और सदस्यों को चेतावनी दी गई कि आदेशों की अवहेलना जारी रहने पर पंथक मर्यादा के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    मुंबई गुरुद्वारा प्रबंध विवाद पर हिदायत
    चौथे प्रस्ताव में मुंबई के मीरा रोड ईस्ट स्थित श्री गुरु नानक दरबार गुरुद्वारा साहिब के प्रबंध से जुड़े विवाद पर विचार किया गया। अकाल तख्त साहिब ने कमेटी के प्रधान दलवीर सिंह और जनरल सचिव दविंदर सिंह को आदेशों का पालन करने की हिदायत दी। आदेशों का पालन नहीं होने पर अगली पंथक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

  • चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप 31 अक्टूबर से, नेशनल के लिए चयनित होंगे खिलाड़ी

    चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप 31 अक्टूबर से, नेशनल के लिए चयनित होंगे खिलाड़ी

    चंडीगढ़.

    शहर में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक 48वीं चंडीगढ़ स्टेट रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन की ओर से रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (आरएसएफआई) के तत्वावधान में होने वाली इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चंडीगढ़ के रोलर स्केटिंग खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

    चैंपियनशिप खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का महत्वपूर्ण मंच भी होगी। चैंपियनशिप को 64वीं नेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप 2026-27 के लिए क्वालीफाइंग प्रतियोगिता के रूप में आयोजित किया जा रहा है। स्टेट चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन का अवसर मिलेगा। 64वीं नेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप का आयोजन 5 से 15 दिसंबर तक कर्नाटक में किया जाएगा। ऐसे में चंडीगढ़ स्टेट चैंपियनशिप खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। प्रतियोगिता में खिलाड़ी अपनी गति, तकनीक और खेल कौशल का प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर की टीम में जगह बनाने का प्रयास करेंगे।

    चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन के अनुसार, राज्य चैंपियनशिप का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराने के साथ प्रतिभावान स्केटर्स की पहचान करना है। प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।

  • पंजाब-हरियाणा के बढ़ते तापमान पर चेतावनी, 52 साल के अध्ययन में सामने आया बड़ा बदलाव

    पंजाब-हरियाणा के बढ़ते तापमान पर चेतावनी, 52 साल के अध्ययन में सामने आया बड़ा बदलाव

    अमृतसर.

    पंजाब और हरियाणा के मौसम में आ रहे अप्रत्याशित बदलावों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली वैज्ञानिक रिपोर्ट सामने आई है।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग और राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए 52 वर्षों (1971 से 2022) के व्यापक अध्ययन के अनुसार, पंजाब और हरियाणा अत्यधिक गर्मी, भीषण लू और उमस भरे वातावरण के सबसे बड़े हॉटस्पॉट के रूप में उभरे हैं। पीयर-रिव्यू जर्नल 'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ क्लाइमेटोलॉजी' में प्रकाशित इस शोध में सात अलग-अलग मौसमी संकेतकों को मिलाकर तैयार किए गए 'क्लाइमेट एक्सट्रीम्स इंडेक्स' के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है। यह अध्ययन 'इंटरनेशनल जर्नल ऑफ क्लाइमेटोलॉजी' में प्रकाशित हुआ है।

    इसे मुख्य लेखक थोटा मोहन हैं उनके साथ एम. राजीवन, स्मृतिश्री लेंका, के. निरंजन कुमार, पी. रोहिणी और ओ.पी. श्रीजीत ने इसे तैयार किया है। थोटा मोहन खुद राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र (NCMRWF) नोएडा, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) पुणे और एट्रिया यूनिवर्सिटी बेंगलुरु से संबद्धित हैं। इस शोध में 1971 से 2022 तक के IMD के ग्रिडेड वर्षा और तापमान आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है, जिसकी प्रवृत्तियों की पुष्टि मान-केंडल (Mann-Kendall) विधि से की गई है।

    2000 के बाद बढ़ा अत्यधिक गर्मी का दायरा
    अध्ययन के तथ्य बताते हैं कि वर्ष 2000 के बाद से पंजाब और हरियाणा में अत्यधिक गर्मी से प्रभावित भू-भाग का दायरा बढ़कर 15 प्रतिशत से 20 प्रतिशत या उससे अधिक हो गया है। इससे पहले के दशकों में यह दायरा बेहद कम हुआ करता था। अध्ययन के अनुसार, दिन का तापमान, ह्यूमिड हीट (उमस भरी गर्मी) और एक्सेस हीट फैक्टर (लू की गंभीरता) जैसे संकेतकों में देश के किसी भी अन्य क्षेत्र की तुलना में पंजाब और हरियाणा में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।

    सघन सिंचाई और भूजल का बदला समीकरण
    वैज्ञानिकों के अनुसार, पंजाब और हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्यों में सघन सिंचाई भी गर्मी के पैटर्न को प्रभावित कर रही है। मानसूनी या प्री-मानसून समय में जब सिंचाई का पानी कम पड़ता है, तो भूमि-सतह का अत्यधिक गर्म होना और हवा में मौजूद नमी मिलकर उमस भरी गर्मी को कई गुना बढ़ा देती है।इसके अलावा, घटती मृदा नमी और शुष्क हवाओं के प्रभाव से यह गर्मी लंबे समय तक बनी रहती है।

    रात के न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी से बढ़ा जोखिम
    आंकड़ों से यह भी स्पष्ट हुआ है कि पंजाब और हरियाणा में केवल दिन का ही नहीं, बल्कि रात का न्यूनतम तापमान भी लगातार बढ़ रहा है। रात के समय में पर्याप्त शीतलन न होने के कारण मानव शरीर को गर्मी से राहत नहीं मिल पाती, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो रही हैं। इसके साथ ही, लगातार शुष्क रहने वाले दिनों (CDD) की संख्या में बढ़ोतरी ने कृषि, फसल चक्र और भूजल स्तर पर भी बुरा असर डाला है।

    विशेषज्ञों की चेतावनी: तत्काल कदम उठाने जरूरी
    शोधकर्ताओं का मानना है कि पंजाब और हरियाणा में स्थानीय चरम मौसमी घटनाओं का दायरा जिस तेजी से व्यापक हो रहा है, उसे रोकने के लिए अब क्षेत्र-विशिष्ट अनुकूलन रणनीतियां अपनानी होंगी। इसमें स्वास्थ्य क्षेत्र, जल प्रबंधन, कृषि नीतियों और बुनियादी ढांचे में तुरंत सुधार की जरूरत है। वैज्ञानिकों ने सुझाव दिया है कि क्लाइमेट एक्सट्रीम्स इंडेक्स का उपयोग हर साल परिचालन उपकरण के रूप में किया जाना चाहिए ताकि बढ़ते मौसमी जोखिमों की समय रहते निगरानी की जा सके।

    1971–2022 के डेटा के अनुसार बदलावों के मुख्य कारण:-

    • अधिकतम तापमान में वृद्धि: उत्तर-पश्चिम भारत में दिन के तापमान में सबसे तेज सकारात्मक वृद्धि दर दर्ज की गई है, जिससे अत्यधिक गर्मी के दिन बढ़ रहे हैं।
    • लू और हीट स्ट्रेस की अधिकता: हीट इंडेक्स और एक्सेस हीट फैक्टर में मजबूत बढ़ोतरी के कारण क्षेत्र में लगातार और तीव्र हीटवेव आ रही हैं।
    • सूखे और शुष्क दिनों में बढ़ोतरी: लगातार शुष्क दिनों की संख्या और मानकीकृत वर्षा-वाष्पोत्सर्जन सूचकांक में वृद्धि से क्षेत्र में सूखे जैसी स्थितियां और भू-जल तनाव बढ़ रहा है।
    • रात के तापमान में बदलाव: न्यूनतम तापमान के रुख और आर्द्रता में बदलाव के कारण रात के समय की गर्मी और ठंड के पेटर्न प्रभावित हो रहे हैं।
    • पश्चिमी विक्षोभ में अस्थिरता: पश्चिमी विक्षोभों के पैटर्न में बदलाव और मानसून ब्रेक स्पेल बढ़ने के कारण वर्षा का वितरण अनियमित हो रहा है।
    • मिट्टी की नमी और भूमि-सतह का गर्म होना: शुष्क जलवायु स्थितियों के साथ मिट्टी की नमी में कमी और भूमि-सतह के अधिक गर्म होने से स्थानीय मौसम में चरम स्थिति बन रही है।
    • सिंचाई और कृषि का प्रभाव: गहन सिंचाई के कारण वायुमंडलीय आर्द्रता और स्थानीय ऊर्जा संतुलन प्रभावित होता है, जिससे तापमान और हीट स्ट्रेस के स्तर में बदलाव आता है।
  • PU Senate Election 2026: 7 राज्यों में 271 बूथों पर मतदान, उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर

    PU Senate Election 2026: 7 राज्यों में 271 बूथों पर मतदान, उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर

    चंडीगढ़.

    पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव के तहत रविवार को ग्रेजुएट कांस्टीट्यूएंसी के साथ डिग्री कॉलेज प्रिंसिपल और टीचर्स कांस्टीट्यूएंसी के लिए मतदान शुरू हो गया। ग्रेजुएट कांस्टीट्यूएंसी की 15 सीटों के लिए 51 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

    मतदान सात राज्यों में बनाए गए 271 पोलिंग बूथ पर हो रहा है। मतदान शाम पांच बजे तक जारी रहेगा। चंडीगढ़ में भी विभिन्न स्थानों पर मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतदान शुरू होने के शुरुआती समय में कई पोलिंग बूथ के बाहर सन्नाटा देखने को मिला। पोलिंग बूथ के बाहर लगाए गए प्रत्याशियों के स्टालों पर भी अभी तक बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और मतदाता नहीं पहुंचे थे। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ मतदान में तेजी आने की उम्मीद है।

    ग्रेजुएट कांस्टीट्यूएंसी के चुनाव में 51 प्रत्याशी 15 सीटों के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं डिग्री कॉलेज प्रिंसिपल और टीचर्स कांस्टीट्यूएंसी के मतदाता भी अपने प्रतिनिधियों के चयन के लिए मतदान कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से प्रत्याशियों की ओर से जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा था। अब मतदान शुरू होने के बाद प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की नजर अधिक से अधिक मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक पहुंचाने पर है। शाम पांच बजे मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित किया जाएगा।

  • बैंक डकैती की कोशिश में बड़ा खुलासा, अमृतसर में 3 लुटेरे गिरफ्तार; 3 की तलाश जारी

    बैंक डकैती की कोशिश में बड़ा खुलासा, अमृतसर में 3 लुटेरे गिरफ्तार; 3 की तलाश जारी

    अमृतसर.

    दस सितंबर की दोपहर जंडियाली गुरु में यूनियन बैंक में हथियारों के बल लूट करने पहुंचे तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपितों के कब्जे से तेजधार हथियार बरामद किए गए हैं।

    घटना वाले दिन बैंक के गार्ड की होशियारी और दिलेरी के कारण लूट नहीं हो पाई थी। गार्ड के कारण ही लुटेरे वहां से फरार हुए थे। सीसीटीवी कैमरा ट्रेल के आधार पर की गई जांच के बाद पुलिस ने सभी तीन आरोपितों को रविवार की सुबह गिरफ्तार कर लिया है। पता चला है कि इस गिरोह के तीन और भी सदस्य अभी तक फरार चल रहे है।

    बता दें 11 सितंबर की दोपहर उक्त आरोपितों ने हथियारों के बल पर यूनियन बैंक जंडियाला गुरु शाखा में लूट की वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया था। पता चला है कि लुटेरों को पूरी जानकारी थी कि 10 सिंतबर की सुबह बैंक में पंद्रह लाख रुपये से ज्यादा का कैश पहुंच चुका है।