Category: पंजाब

  • ‘वर्दी पहनकर न आएं’ ऑडियो पर कांग्रेस का दावा, पंजाब पुलिस ने बताया फर्जी

    ‘वर्दी पहनकर न आएं’ ऑडियो पर कांग्रेस का दावा, पंजाब पुलिस ने बताया फर्जी

    चंडीगढ़

    पंजाब में पुलिसकर्मियों के लिए एक नए निर्देश को लेकर सियासत गरमा गई है। एक वायरल ऑडियो में दावा किया गया है कि पुलिसकर्मियों को घर से वर्दी पहनकर न आने का आदेश दिया गया है। इस ऑडियो के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।

    ऑडियो में कहा गया है कि पुलिसकर्मी थाने आकर ही वर्दी पहनें। इस दावे ने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने इस पर तंज कसते हुए कहा कि जिस वर्दी पर गर्व था, आज वही छिपानी पड़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि फिर इतनी सुरक्षा का क्या फायदा। मजीठिया ने आरोप लगाया कि पुलिस गैंगस्टरों के सामने बेबस है। उन्होंने कहा कि आम पंजाबियों में डर का माहौल है। उनके अनुसार, कानून व्यवस्था पूरी तरह से पुलिस के हाथ से निकल चुकी है। 

    कांग्रेस ने भी साधा निशाना
    कांग्रेस के प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी प्रसारित ऑडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि पंजाब जल रहा है और भगवंत मान मंचों पर चुटकुले सुना रहे हैं। वड़िंग ने स्थिति की तुलना "रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था" से की। उन्होंने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

    अमृतसर देहात, बटाला, गुरदासपुर और पठानकोट के SSP को पुलिस कर्मचारियों की निजी सुरक्षा, ड्यूटी पॉइंट और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा को लेकर विशेष हिदायतें जारी की गई हैं। अधिकारियों को इन निर्देशों की सख्ती से पालन करवाने के लिए कहा गया है।

    ऑडियो में किसी महिला की आवाज है, जो अपने आप को पुलिस मुलाजिम ही बता रही है। वह कह रही है कि अधिकारियों से सभी पुलिसवालों को निर्देश मिले हैं कि वर्दी, बेल्ट, पहचान चिन्ह, पुलिस उपकरण या ऐसा कोई सामान प्रदर्शित नहीं करना है, जिससे उनकी पहचान आसानी से हो सके।

    कर्मचारियों को निजी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने और आने-जाने की दिनचर्या में संभव बदलाव रखने को कहा गया है। पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम मजीठिया ने भी ये ऑडियो पोस्ट की है।

    हालांकि, पंजाब पुलिस ने पोस्ट कर इन दावों को झूठा बताया है। पंजाब पुलिस की पोस्ट में कहा गया है कि अधिकारियों की ओर से ऐसा कोई दावा नहीं किया गया है। मंत्री हरपाल चीमा ने भी इन दावों को फर्जी बताया है।

    पंजाब पुलिस की ओर से ये बातें लिखी गईं
        ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं किया: पुलिस की पोस्ट में लिखा गया है- पंजाब पुलिस मुख्यालय या उसके अधीन किसी भी पंजाब पुलिस कार्यालय की ओर से पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी पर जाते या ड्यूटी से लौटते समय वर्दी न पहनने का कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है।

        दावे फर्जी: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे संदेश फर्जी हैं। इनमें पुलिस कर्मचारियों को ड्यूटी पर आने-जाने के दौरान सिविल कपड़े पहनने की बात कही जा रही है, लेकिन ऐसा कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।

        लोगों से अपील: नागरिकों और पुलिस कर्मचारियों से अपील है कि वे सही और प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल पंजाब पुलिस के आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें।

    पढ़िए, वायरल ऑडियो में क्या कहा जा रहा

        इस्लामाबाद में एनकाउंटर के बाद निर्देश आए: वायरल ऑडियो में कोई महिला कह रही है- सभी मुलाजिम इस ऑडियो को ध्यान से सुन लें। अभी सीपी साहब की मीटिंग हुई है। इस्लामाबाद में, ASI हरजीत सिंह के मर्डर के बाद हुए एनकाउंटर के बाद ये निर्देश दिए गए हैं।

        कोई भी मुलाजिम वर्दी में न आए: ऑडियो में कहा जा रहा है- जांच में पता चला है कि पुलिस मुलाजिमों को आप मारेंगे तो मारने वाले को आगे काम दिया जाएगा। इसलिए, सीपी साहब की ओर से सख्त हिदायत है कि कोई भी मुलाजिम, चाहे गाड़ी में आ रहा हो या साइकिल पर, वह अपनी वर्दी में नहीं होगा। जूते से लेकर पगड़ी तक कोई भी पुलिसकर्मी वर्दी में नजर नहीं आना चाहिए। सभी सिविल ड्रेस में आएंगे। अगर किसी भी मुलाजिम को आते-जाते वर्दी में देखा गया तो एक्शन होगा।

        और मुलाजिमों को निशाना बनाया जा सकता है: वायरल ऑडियो में कहा जा रहा है- जब ड्यूटी पर आना है, थाने तक सिविल ड्रेस में ही आना है और ड्यूटी खत्म होने के बाद भी थाने में ही वर्दी बदलकर जाना है। जांच में यह भी पता चला है कि 5-6 और मुलाजिमों को निशाना बनाए जाने की आशंका है। एक एनकाउंटर होने के बाद ऐसी घटनाएं और बढ़ गई हैं। इनमें शहर के पुलिस मुलाजिम भी निशाने पर होंगे।

        महिला कर्मियों के लिए भी मैसेज: ऑडियो में सुनाई दे रहा है- महिला पुलिस मुलाजिम भी इस निर्देश को ध्यान से सुनें। जो हरविंदर या शरण आदि हैं, वे भी वर्दी पहनकर एक्टिवा पर घूम रही हैं। उन्हें भी सिविल ड्रेस में ही आना-जाना है। थाने पहुंचकर वर्दी पहननी है और ड्यूटी खत्म होने पर थाने में ही वर्दी बदलकर जाना है।

    वायरल पोस्टों में और क्या दावे किए जा रहे

    थानों-चौकियों के आसपास संदिग्धों पर नजर

    सोशल मीडिया पर राजा वड़िंग और बिक्रम मजीठिया की पोस्ट के साथ कुछ कागज भी डाले गए हैं। जिनमें भी दावा किया जा रहा है कि पुलिस अधिकारियों ने पुलिस कैंपों, थानों, चौकियों और न्यायिक स्थानों के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को देने और जरूरी कानूनी व सुरक्षा कार्रवाई करने को कहा गया है।

    रात के समय थानों, चौकियों और संवेदनशील पॉइंटों की चेकिंग के लिए गजटेड अधिकारियों और SHO को व्यक्तिगत तौर पर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। चेकिंग को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए संतरी ड्यूटी, सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की सतर्कता की वास्तविक स्थिति जांचने को कहा गया है।

    नाके पर 360 डिग्री सुरक्षा के निर्देश, अकेले आने-जाने से बचें, बडी पेयर सिस्टम अपनाएं

    दावा किया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों को नाके और चेकिंग पॉइंटों पर 360 डिग्री सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश हैं। सभी कर्मचारियों को एक ही जगह पर बैठने से बचने, एक हथियारबंद और सतर्क संतरी तैनात रखने व संदिग्ध व्यक्ति या वाहन की जांच के दौरान पूरी सावधानी बरतने को कहा गया है।

    ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन के गैर-जरूरी इस्तेमाल और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की हिदायत दी गई है। कर्मचारियों को जहां तक संभव हो, अकेले आने-जाने से बचने और बडी पेयर सिस्टम के तहत आवाजाही करने को कहा गया है।

    संदिग्ध विदेशी संपर्क सामने आने पर उसकी गहन जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा गैंगस्टर और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में एजीटीएफ और नशा तस्करी से जुड़े मामलों में एएनटीएफ के साथ तुरंत सूचना शेयर करने और जरूरत के अनुसार इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    भाजपा बोली-क्या विडंबना है
    भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति ऐसी हो गई है कि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे सड़कों पर या सार्वजनिक और निजी वाहनों में यात्रा करते समय पुलिस की वर्दी न पहनें। जिस वर्दी से अधिकार का भाव झलकता है और जो सुरक्षा का एहसास कराती है, अब उसे ही ऐसा माना जा रहा है जिससे पुलिस अधिकारी किसी हमले का निशाना बन सकते हैं। यह उन लोगों की सुरक्षा का मामला है, जिन पर पंजाब के नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। सम्मान तो है, लेकिन वर्दी पहनना भी खतरे से खाली नहीं है! 

    पुलिस ने ऑडियो को बताया फर्जी
    पंजाब पुलिस ने इस प्रसारित ऑडियो को पूरी तरह फर्जी बताया है। पंजाब पुलिस के आधिकारिक माध्यम से इस मामले में स्पष्टीकरण जारी किया गया है। पुलिस ने कहा कि मुख्यालय या उसके अधीन किसी भी कार्यालय ने ऐसा कोई निर्देश या सलाह जारी नहीं की है। सोशल मीडिया पर फैल रहे ऐसे संदेशों को फर्जी बताया गया है। नागरिकों और पुलिस कर्मियों को सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।

     

  • खरड़ से चमकौर साहिब जाएगी BJP की नशा मुक्त पंजाब यात्रा, मोहाली में कार्यक्रम

    खरड़ से चमकौर साहिब जाएगी BJP की नशा मुक्त पंजाब यात्रा, मोहाली में कार्यक्रम

    मोहाली

    पंजाब में भाजपा द्वारा निकाली जा रही नशा मुक्त पंजाब यात्रा आज मोहाली पहुंचेगी। यहां यात्रा के दो प्रमुख पड़ाव होंगे। पहला कार्यक्रम फेज-11 में पेट्रोल पंप के पीछे होगा, जहां जनसभा को संबोधित किया जाएगा। 

    यात्रा का उद्देश्य नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। आयोजकों ने कार्यक्रमों में लोगों से शामिल होने की अपील की है। पुलिस की तरफ से भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यात्रा को लेकर बीजेपी की तरफ से उचित इंतजाम किए गए हैं। भव्य पंडाल लगाए गए हैं।

    भाजपा सांसद सतनाम सिंह संधू समेत कई हस्तियों के कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है। बीजेपी प्रधान केवल सिंह ढिल्लों भी हाजिरी लगा सकते हैं। मोहाली बीजेपी के नेता संजीव वशिष्ट बताते हैं कि इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। यात्रा राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से नशे के खिलाफ सोशल संदेश देने की कोशिश की जाएगी।

    19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब से शुरू हुई यात्रा यात्रा 19 सितंबर को गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक होने के बाद शुरू हुई। जालंधर में संपन्न होने से पहले यह पंजाब के कई विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। यात्रा का रूट समराला, पायल, खन्ना, अमलोह, फतेहगढ़ साहिब, बस्सी पठाना, डेराबस्सी, एसएएस नगर, खरड़, चमकौर साहिब, रोपड़, आनंदपुर साहिब, गढ़शंकर, चब्बेवाल, होशियारपुर, शाम चौरासी, दसूहा, मुकेरियां, उड़मुड़, आदमपुर, बलाचौर, नवांशहर, बंगा और फगवाड़ा से होकर तय किया गया है।

  • चंडीगढ़ में SIR के बाद बदलेगी वोटर लिस्ट, 56 हजार से अधिक नामों पर सवाल

    चंडीगढ़ में SIR के बाद बदलेगी वोटर लिस्ट, 56 हजार से अधिक नामों पर सवाल

    चंडीगढ़
     विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद मतदाता सूची में हुए बड़े बदलाव को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रेरणा पुरी मंगलवार को प्रेस वार्ता करेंगी।दोपहर 1:15 बजे सेक्टर-18 स्थित निर्वाचन विभाग के नगर योजना भवन के सी-विंग के भूतल पर होने वाली प्रेस वार्ता में SIR की पूरी प्रक्रिया, अब तक हुए सत्यापन और मतदाता सूची में हुए बदलाव की जानकारी दी जाएगी।

    चंडीगढ़ में SIR के बाद मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट सामने आई है। पुनरीक्षण से पहले शहर में 5,16,427 मतदाता दर्ज थे, जबकि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब यह संख्या करीब 4,60,109 रह गई है। हालांकि, अंतिम मतदाता सूची मंगलवार को जारी होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

    किस वार्ड में कितने नाम घटे, आज मिल सकती है जानकारी
    प्रेस वार्ता में सबसे अहम सवाल यह रहेगा कि SIR के दौरान किस वार्ड में कितने नाम हटे, कितने नाम बरकरार रहे और कितने नए मतदाता जोड़े गए। डुप्लीकेट, मृत और दूसरे स्थान पर जा चुके मतदाताओं के नामों के सत्यापन के साथ दावे और आपत्तियों पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी सामने आ सकती है।

    निगम चुनाव से पहले अहम सूची
    दिसंबर में प्रस्तावित नगर निगम चुनाव से पहले अंतिम मतदाता सूची महत्वपूर्ण होगी। चंडीगढ़ में 35 वार्डों में चुनाव होना है। ऐसे में वार्डवार मतदाता संख्या में हुए बदलाव से चुनावी समीकरण पर असर पड़ना स्वाभाविक है।

    2024 के लोकसभा चुनाव में शहर में 6,59,696 मतदाता थे। इसके मुकाबले मौजूदा आंकड़ा करीब दो लाख कम है। मंगलवार को जारी होने वाली अंतिम सूची से ही यह साफ होगा कि वास्तविक कटौती कितनी हुई है।

    3,521 पंजीकृत मतदाताओं की मृत्यु : विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान ये भी सामने आया कि 3,521 पंजीकृत मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 43,878 मतदाता स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके हैं. इसके अलावा 12,886 मतदाता ऐसे मिले, जो सत्यापन के दौरान अनुपस्थित पाए गए और उनके एन्यूमरेशन फॉर्म निर्वाचन विभाग को प्राप्त नहीं हुए। 

    मतदाता सूची को सटीक बनाना लक्ष्य : निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है, ताकि आगामी चुनावों में केवल पात्र और सत्यापित मतदाताओं के नाम ही सूची में शामिल हों। 

  • DIG भुल्लर रिश्वत मामले में अहम सुनवाई 24 सितंबर को, शिकायतकर्ता होंगे पेश

    DIG भुल्लर रिश्वत मामले में अहम सुनवाई 24 सितंबर को, शिकायतकर्ता होंगे पेश

    चंडीगढ़.

    पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े आठ लाख रुपये रिश्वतकांड का पूरा सच अब 24 सितंबर को सामने आएगा। शिकायतकर्ता मंडी गोबिंदगढ़ के व्यापारी आकाश बत्ता पहली बार चंडीगढ़ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में गवाही देने पहुंचेंगे।

    अदालत ने बत्ता को समन जारी किया है। रिश्वत मामले में आरोप तय होने के बाद अब शिकायतकर्ता की गवाही मुकदमे की अहम कड़ी मानी जा रही है। सीबीआई के अनुसार, बत्ता ने शिकायत दी थी कि एक आपराधिक मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे आठ लाख रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।

    हाईकोर्ट और विशेष सीबीआई अदालत से पहले लग चुका है झटका
    भुल्लर ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 10 अगस्त के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसमें उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। इससे पहले 10 अप्रैल को भी सुप्रीम कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। तब अदालत ने उन्हें यह छूट दी थी कि यदि दो महीने के भीतर ट्रायल शुरू नहीं होता है, तो वे दोबारा हाईकोर्ट जा सकते हैं। वहीं, जनवरी में चंडीगढ़ स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने भी भुल्लर को जमानत देने से साफ मना कर दिया था।

    रोपड़ रेंज में तैनाती और पांच लाख रुपये की रिश्वत का आरोप
    यह विवाद पिछले साल अक्टूबर में सामने आई एक शिकायत से जुड़ा है। उस समय भुल्लर रोपड़ रेंज के डीआईजी के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने सरहिंद पुलिस थाने में दर्ज एक एफआईआर के सिलसिले में अनुकूल व्यवहार और राहत देने के बदले एक निजी बिचौलिए के जरिए घूस की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एफआईआर दर्ज कर पिछले साल 16 अक्टूबर को चंडीगढ़ में जाल बिछाया। इस कार्रवाई के दौरान एक सह-आरोपी को रिश्वत की तय रकम में से पांच लाख रुपये की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। इसके बाद सीबीआई ने भुल्लर को गिरफ्तार कर लिया, जिसके चलते उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया गया था।

  • बच्चे के अपहरण की साजिश नाकाम, जालंधर में आरोपी गिरफ्तार

    बच्चे के अपहरण की साजिश नाकाम, जालंधर में आरोपी गिरफ्तार

    जालंधर.

    कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने चार वर्षीय बच्चे के अपहरण के मामले को सुलझाते हुए बच्चा चोरी और चाइल्ड ट्रैफिकिंग से जुड़े गिरोह के मुख्य आरोपित रजत रत्तू उर्फ रोकी को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस का दावा है कि आरोपित ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर चार वर्षीय बच्चे को चाइल्ड ट्रैफिकिंग के उद्देश्य से अगवा किया था। उसने यह बच्चा एक लाख रुपए में बेचना था। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की सफेद एक्टिवा भी बरामद कर ली है। दूसरे आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

    पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के निर्देश पर डीसीपी सिटी आदित्य एस. वारियर, एडीसीपी जोन-2 माधवी शर्मा और एसीपी वेस्ट आतिश भाटिया की निगरानी में थाना बस्ती बावा खेल पुलिस ने कार्रवाई की। एसआइ गुरदीप चंद, थाना प्रभारी बस्ती बावा खेल, और एएसआइ सुखदेव चंद, चौकी इंचार्ज लेदर कांप्लेक्स, की टीम ने मामले की जांच शुरू की।

  • चंडीगढ़ में VVIP मूवमेंट का असर, स्कूलों के बाहर सड़क पर जाम

    चंडीगढ़ में VVIP मूवमेंट का असर, स्कूलों के बाहर सड़क पर जाम

    चंडीगढ़.

    शहर में यदि कोई व्यक्ति सड़क पर गाड़ी खड़ी कर दे तो ट्रैफिक पुलिस तत्काल उसका चालान कर देती है और यही नहीं उसकी गाड़ी को उठाकर ले जाती है। यह रूल्स सिर्फ आम नागरिकों पर लागू होते नजर आते हैं। बात नेताओं और वीवीआईपी की आ जाती है तो पुलिस बेबस दिखती है।

    इसका उदाहरण सोमवार को सेक्टर-26 के स्ट्रॉबेरी फील्ड स्कूल और सेंट कबीर स्कूल के बाहर देखने को मिला। स्कूलों के बाहर मेन सड़क पर दो या तीन लेन में अफसर और नेताओं की गाड़ियां खड़ी थी, जिसकी वजह से जाम में फंसकर लोग परेशान हो रहे थे।

    ट्रैफिक लाइट पड़ी बंद
    शहर में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी आमतौर पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की होती है, लेकिन बुधवार दोपहर सेक्टर-19/27 की ट्रैफिक लाइट खराब होने के बाद एक ऑटो चालक ने ट्रैफिक लाइट बंद होने और मौके पर कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद नहीं होने के कारण चौराहे के आसपास सड़कों पर लंबा जाम लग गया। जाम में फंसे सैकड़ों वाहन चालकों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    सवारी छोड़कर लौट रहे थे, जाम देखकर रोक दिया ऑटो
    सेक्टर-19/27 के पास ट्रैफिक लाइट खराब होने के कारण चारों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी। मौके पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी नजर नहीं आया। जाम लगातार बढ़ता जा रहा था और वाहन चालक परेशान हो रहे थे। अलग-अलग दिशाओं से आ रहे वाहनों को बढ़ाकर यातायात को व्यवस्थित करने का प्रयास शुरू किया।

  • कोर्ट परिसर सहित 4 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, मानसा में अलर्ट

    कोर्ट परिसर सहित 4 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, मानसा में अलर्ट

    मानसा.

    कोर्ट कांप्लेक्स के अलावा चार सरकारी स्कूलों को बंब उड़ाने की मिली धमकी के बाद पुलिस प्रशासन अर्ल्ट हो गया है और कोर्ट कांप्लेक्स के अलावा स्कूलों में पुलिस बल तैनात करते जांच शुरू कर दी गई है।

    अदालत में जाने वाले हर व्यक्ति की तलाशी ली जा रही है और पुरी जांच के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है। पुलिस ने मिले धमकी भरे पत्र को कब्जे में लेने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले के तीन गांवों खीवा, हीरो कलां और अतला के स्कूलों और मानसा शहर के गर्ल्स स्कूल के बाहर भी पुलिस तैनात कर दी गई है। इन सभी स्कूलों को खाली करवा दिया गया है। पुलिस द्वारा स्कूलों और कोर्ट परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

    थाना सिटी-2 की इंचार्ज बेअंत कौर ने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच और सर्च कर रही है। पुलिस द्वारा स्कूलों और कोर्ट परिसर में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। कोर्ट कॉम्प्लेक्स में आने वाले हर व्यक्ति की तलाशी ली जा रही है।

    4 स्कूलों और कोर्ट को उड़ाने की धमकी
    एक वायरल पत्र में लिखा है कि 21 तारीख को खीवा, हीरो कलां और अतला के स्कूलों को बम से उड़ाया जाएगा। इसके साथ ही मानसा कोर्ट और गर्ल्स स्कूल को भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। पत्र में धमकी भरे शब्दों के साथ लिखा है कि यह काम करके दिखाया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

  • लुधियाना-पटियाला में स्वाइन फ्लू का असर, पंजाब में 347 मरीज सामने आए

    लुधियाना-पटियाला में स्वाइन फ्लू का असर, पंजाब में 347 मरीज सामने आए

    चंडीगढ़.

    पंजाब में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1एन1) यानी स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, एक जनवरी से अब तक प्रदेश में कैटेगरी-सी के 1,926 संदिग्ध मामले सामने आए हैं।

    इनमें 347 मरीजों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। स्वाइन फ्लू से लुधियाना और जालंधर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। जिलेवार आंकड़ों में लुधियाना सबसे आगे है। यहां कैटेगरी-सी के 746 संदिग्ध मामले मिले हैं, जबकि 95 मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। संदिग्ध मामलों में मोहाली 135 और जालंधर 115 मामलों के साथ अगले स्थान पर हैं। पटियाला में 110, बठिंडा में 89 और होशियारपुर में 80 संदिग्ध मामले सामने आए हैं।

  • धान कटाई के साथ बढ़ी पराली जलाने की घटनाएं, 6 दिन में 15 मामले

    धान कटाई के साथ बढ़ी पराली जलाने की घटनाएं, 6 दिन में 15 मामले

    पटियाला.

    पंजाब में खरीफ सीजन 2026 के तहत धान की कटाई के साथ ही खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर सैटेलाइट से पैनी नजर रखी जा रही है। पंजाब रिमोट सेंसिंग सेंटर (PRSC) द्वारा 15 सितंबर से शुरू की गई विशेष सैटेलाइट मॉनिटरिंग के बाद शुरुआती आंकड़े जारी किए हैं।

    शुरुआती 6 दिनों में राज्य में आग लगने के 15 मामले सामने आए हैं। राहत की बात यह है कि पिछले दो वर्षों (2024 और 2025) की तुलना में इस बार 15 से 20 सितंबर के शुरुआती छह दिनों के दौरान पराली जलाने के मामलों में काफी गिरावट देखने को मिली है। जारी सैटेलाइट डेटा के अनुसार, 15 सितंबर से पराली जलाने के मामलों की रिकॉर्डिंग शुरू कर दी गई। पहले दिन दो मामले सामने आए, जबकि 16 सितंबर को तीन मामले दर्ज किए गए। 17 सितंबर को खेतों में आग लगाने का कोई मामला नहीं मिला। वहीं, 18 और 19 सितंबर को एक-एक मामला सामने आया। अब 20 सितंबर को कुल 8 मामले सामने आए हैं। जिलावार कुल पराली जलाने के मामले (15 से 20 सितंबर 2026)

  • बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत तेज, सर्दियों से पहले होगा काम पूरा

    बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत तेज, सर्दियों से पहले होगा काम पूरा

    चंडीगढ़.

    शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है, क्योंकि बारिश में बदहाल हुई सड़काें की हालत अब सुधरने लगी है। नगर निगम ने शहर के कई हिस्सों में सड़क निर्माण और री-कारपेटिंग का काम तेज कर दिया है। सर्दियों से पहले सड़कों को चकाचक करने का टारगेट है।

    सेक्टर-9 में भी सड़क निर्माण का काम शुरू हो चुका है। यहां सड़क को केवल ऊपर से नई लेयर डालकर तैयार नहीं किया जा रहा, बल्कि कई जगह पुरानी सड़क की परतों को हटाकर सड़क को काफी नीचे तक खोदा जा रहा है। सेक्टर-9 में सड़क की ऊंचाई वर्षों से लगातार बिटुमन की लेयर चढ़ाए जाने के कारण आसपास के घरों की सतह से भी ऊपर हो गई थी। इसका असर बरसात के दौरान देखने को मिला। कई जगह घरों से निकलने वाला बरसाती पानी सड़क की ऊंचाई अधिक होने के कारण आसानी से बाहर नहीं निकल पा रहा था। अब निगम ने पुरानी लेयर को हटाकर सड़क का लेवल नीचे करने के बाद नई सड़क बनाने का काम शुरू किया है।

    400 किलोमीटर सड़कें दुरुस्त करने का लक्ष्य
    नगर निगम ने सर्दियों की शुरुआत से पहले करीब 400 किलोमीटर सड़कों का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए अलग-अलग हिस्सों के टेंडर जारी कर ठेकेदारों को काम सौंपा जा चुका है। इंजीनियरिंग विभाग की टीमें मौके पर जाकर काम की लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं। अधिकारियों का फोकस काम की गुणवत्ता के साथ निर्माण की रफ्तार बढ़ाने पर है, ताकि निर्धारित समय में अधिक से अधिक सड़कों को दुरुस्त किया जा सके।

    डेढ़ साल से बदहाल थीं शहर की सड़कें
    चंडीगढ़ की सड़कें पिछले करीब एक से डेढ़ साल से लगातार सवालों के घेरे में रही हैं। शहर की कई सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई स्थानों पर सड़क की खराब हालत के कारण हादसे भी हुए। नियोजित और आधुनिक शहर के रूप में पहचान रखने वाले चंडीगढ़ की सड़कों की बदहाली शहरवासियों के लिए बड़ा मुद्दा बन गई थी। अब बारिश के लंबे दौर के बाद जिस तरह से सड़क निर्माण का काम दोबारा शुरू हुआ है, उससे शहरवासियों को सड़कों की हालत सुधरने की उम्मीद जगी है। निगम की ओर से काम में तेजी लाई गई तो आने वाले महीनों में शहर की सड़कों की तस्वीर बदल सकती है।