Category: राज्य

  • लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी हिंसा में गिरफ्तारी तेज, ‘वायरल शख्स’ समेत 12 पुलिस के हत्थे चढ़े

    लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी हिंसा में गिरफ्तारी तेज, ‘वायरल शख्स’ समेत 12 पुलिस के हत्थे चढ़े

    जालंधर 

    लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक नाबालिग छात्र को गिरफ्तार किया है। आरोपी एलपीयू का ही छात्र है और मंडी जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। उसके पिता मंडी के उपायुक्त कार्यालय में अधिकारी के तौर पर तैनात हैं। 

    पुलिस जांच में सामने आया है कि हिंसा के दौरान इस नाबालिग की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई थी। तस्वीर में वह विश्वविद्यालय परिसर में लगे लड़ाकू विमान पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जबकि उसके पीछे आग की लपटें नजर आ रही हैं। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर को उसे ‘हीरो’ की तरह पेश करते हुए प्रसारित किया गया। हालांकि, तस्वीर के आधार पर उसकी भूमिका और उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा। 

    आरोपी की गिरफ्तारी हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से हुई है। वह नाबालिग है, यूनिवर्सिटी का ही छात्र है और हिमाचल के मंडी जिले का रहने वाला है। उसके पिता मंडी के DC ऑफिस में बतौर अफसर तैनात हैं।

    यूनिवर्सिटी में हिंसा के दौरान उस नाबालिग लड़के को सोशल मीडिया पर हीरो की तरह दिखाया गया। उसका एक फोटो बहुत वायरल हुआ, जिसमें वह फाइटर जेट पर खड़ा है और बैकग्राउंड में आग लगी हुई है।

    इस घटना को लेकर यूनिवर्सिटी के चांसलर BJP राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने कहा कि यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर मिग-23 और 1971 की जंग में लड़ाई में इस्तेमाल टैंक लगे हुए हैं। ये फोर्स की हौसला अफजाई करते हैं और युवाओं को प्रेरणा देते हैं। उनके ऊपर चढ़कर सभी की बेइज्जती की गई है।

    चांसलर अशोक मित्तल ने बताया था सेना का अपमान
    हिंसा के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में लगे मिग-23 लड़ाकू विमान और 1971 के युद्ध में इस्तेमाल किए गए टैंक पर प्रदर्शनकारियों के चढ़ने का मामला भी सामने आया था। विश्वविद्यालय के चांसलर और भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। मित्तल ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर के बाहर मिग-23 और 1971 के युद्ध में इस्तेमाल किया गया टैंक लगाया गया है। उनका कहना है कि ये सैन्य उपकरण देश की सेनाओं का सम्मान और युवाओं में प्रेरणा पैदा करने के उद्देश्य से रखे गए हैं। हिंसा के दौरान इन पर चढ़कर प्रदर्शन करना सैनिकों और देश की बेइज्जती है। 

    ज्यादातर आरोपी एलपीयू के ही छात्र
    मित्तल ने कहा कि एलपीयू हिंसा के मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और गिरफ्तार आरोपियों के नाम आधिकारिक रूप से आज सामने रखे जाएंगे। उनके अनुसार गिरफ्तार लोगों में 2-3 बाहरी व्यक्ति हैं, जबकि बाकी अधिकतर एलपीयू के छात्र हैं। 

    पुलिस की जांच में हिंसा से जुड़े लोगों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। इससे पहले पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था और जांच के दौरान करीब 40 लोगों की पहचान किए जाने की बात सामने आई थी। 

    मामले में अब तक 5 की गिरफ्तारी
    वहीं, पुलिस ने LPU हिंसा मामले में अब तक कुल 4 मामले दर्ज किए हैं। इनमें से 3 मामले हाईवे जाम करने, पुलिस की गाड़ी जलाने, यूनिवर्सिटी में तोड़फोड़ करने से जुड़े हैं। इनमें अब तक कुल 5 आरोपियों को पकड़ा जा चुका है, जिनमें 2 पिज्जा डिलीवरी बॉय और 2 यूनिवर्सिटी के ही छात्र हैं।

    पुलिस ने मिग-23 फाइटर जेट पर चढ़े नाबालिग के अलावा हरियाणा में सोनीपत शहर की शिव कॉलोनी में रहने वाले जेम्स दहिया, फगवाड़ा के निवासी गगनदीप उर्फ कोठा और फगवाड़ा में ही स्वामी परम नगर के रहने वाले जसमीत कुमार को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस ने पांचवें आरोपी के रूप में साहिल नाम के युवक को पकड़ा है। वह जम्मू के डोडा जिले का रहने वाला है। यह भी यूनिवर्सिटी का ही छात्र है। पुलिस ने उसे उसके घर से ही गिरफ्तार किया। वहीं, कुछ अन्य लोगों को भी पुलिस ने हिरासत में ले रखा है, जिनसे पूछताछ जारी है।

    कैसे पकड़ा गया मिग-23 पर चढ़ा आरोपी
        सोशल मीडिया पर बना गुमनाम स्टार: यूनिवर्सिटी में हिंसा के दौरान एंट्री पर लगे मिग फाइटर जेट पर लड़का चढ़ा था। उसकी फोटो आकर्षक लगने और वायरल होने से वह सोशल मीडिया पर रातोरात स्टार बनाया, लेकिन कोई भी उसे पहचान नहीं पा रहा था।

        CCTV से हुई पहचान: वहीं, पुलिस की एक टीम सिर्फ CCTV कैमरे ढूंढने में लगी थी। एंट्री पर लगे कैमरे में उस लड़के की तस्वीर साफ नजर आने लगी। इसके बाद पुलिस ने कॉलेज के डेटा से मिलाया तो पता लगा कि वह यूनिवर्सिटी का छात्र है और बी.टेक इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग का छात्र है।

        छापे के समय घर पर ही मिला छात्र: पुलिस ने पहचान के बाद आरोपी के घर पर छापा मारा तो छात्र घर में आराम से बैठा था। उसने अपनी वायरल तस्वीर को मोबाइल वॉलपेपर पर लगा रखा था। पुलिस ने उसे पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने के मामले में गिरफ्तार किया है। उससे मैकबुक M5 और एक iPhone-14प्रो बरामद किया है।

    लूट के लिए आए थे दोनों डिलीवरी बॉय
    पुलिस ने मामले में गुरुवार, 1 अक्टूबर को फगवाड़ा के रहने वाले गगनदीप और जसमीत को गिरफ्तार किया। पुलिस ने जांच के दौरान दोनों को ट्रेस किया था। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी डोमिनोज में पिज्जा डिलीवरी बॉय है। उन्हें सूचना मिली थी कि यूनिवर्सिटी में हिंसा हुई है, तभी ये दोनों लूट के इरादे से वहां पहुंचे थे।

    पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों के आधार पर पहचान कर इन्हें गिरफ्तार किया। आरोपी गगनदीप के मामा ने बताया कि गगन डोमिनोज में पिज्जा डिलीवरी का काम करता है और डेढ़ महीने पहले ही वह नौकरी पर लगा था। गगन की गिरफ्तारी को लेकर परिवार काफी चितिंत है।

    दहिया यूनिवर्सिटी में चला रहा था रेस्टोरेंट
    वहीं, हिंसा मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जेम्स दहिया को गिरफ्तार किया है। उस पर कैंपस में तोड़फोड़ और सोशल मीडिया पर छात्रों को भड़काने के आरोप लगे हैं। जानकारी के मुताबिक, आरोपी यूनिवर्सिटी में छात्र है। वह कैंपस में एक रेस्टोरेंट भी चलाता है, जिसका नाम उसने टेस्ट ऑफ पंजाब रख रखा है।

    इसके इंस्टाग्राम पर 4500 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। वह अक्सर सोशल मीडिया पर कैंपस के अंदर की वीडियो बना कर डालता था। वह हरियाणा के सोनीपत जिले का रहने वाला है और फगवाड़ा में ग्रीन वैली में एक पीजी में रहता था।

    क्या है LPU में हिंसा का मामला
    26 सितंबर 2026 की रात सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि LPU हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ बाहर से आए एक प्लंबर ने रेप किया है और प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा है। इस सूचना के बाद हजारों छात्र भड़क गए।

    छात्रों ने यूनिवर्सिटी के अंदरूनी हिस्सों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और परिसर में बने यूनि मॉल की दुकानों में तोड़फोड़ व लूटपाट की। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-फगवाड़ा मार्ग पर स्थित नेशनल हाईवे-44 को 18 घंटे से अधिक समय तक जाम रखा, जिससे भारी यातायात बाधित हुआ।

     

  • गेस्ट टीचर्स को बड़ी राहत की उम्मीद, हरियाणा सरकार ने नियमितीकरण के लिए केस मंगाने के दिए निर्देश

    गेस्ट टीचर्स को बड़ी राहत की उम्मीद, हरियाणा सरकार ने नियमितीकरण के लिए केस मंगाने के दिए निर्देश

     चंडीगढ़
     हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 20 साल से कार्यरत 12 हजार अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया को निर्देश दिए हैं कि अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण के लिए जिलों से उनके केस मंगवाए जाएं।

    इसके लिए वही प्रक्रिया अपनाने को कहा गया है, जिस तरह कालेजों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों को नियमित करने से पहले अपनाई गई थी। कालेजों में सेवाएं देने वाले अतिथि अध्यापकों को सरकार नियमित कर चुकी है, जबकि स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। अब हाई कोर्ट का फैसला भी इन स्कूल शिक्षकों के पक्ष में जा चुका है।

    राज्य के अतिथि अध्यापकों की सभी यूनियनों के संयुक्त संगठन ने हाल ही में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा से मुलाकात की थी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, उनके उप प्रधान सचिव यशपाल यादव, शिक्षा सचिव विजय दहिया और निदेशक से भी उनकी मुलाकात हो चुकी है।

    अतिथि अध्यापकों द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर शिक्षा मंत्री ने प्रधान सचिव के नाम लिखा कि महाविद्यालयों के अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण की तरह साल 2014 की पालिसी के अनुसार निरीक्षण कर स्कूलों में कार्यरत अतिथि अध्यापकों के केस सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन हेतु अविलंब प्रस्तुत किए जाएं।

    ज्ञापन में कहा गया कि 12 हजार अतिथि शिक्षक 20 वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में सेवाएं दे रहे हैं। सरकार के स्तर पर लंबे समय से नियमितीकरण की मांग रखी जा रही है। हाई कोर्ट के निर्णय तथा संबंधित नीति के अनुरूप उनकी सेवाओं को नियमित किया जाना चाहिए। एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी डा. अजय लोहाना ने बताया कि मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री अतिथि अध्यापकों को नियमित करने के प्रति सकारात्मक हैं।

    31 अगस्त को विधानसभा सचिवालय में मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में भी अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि हाल में शिक्षा विभाग के सेवा नियमों संबंधी जारी पत्र से उनमें निराशा पैदा हुई थी, क्योंकि उनकी मूल मांग नियमितीकरण की है। उनका कहना है कि करीब दो दशक से सेवा दे रहे शिक्षकों के भविष्य को स्थायी आधार देने की जरूरत है।

    इस संबंध में हाई कोर्ट का फैसला भी आ चुका है, जिसे लागू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिलों से सभी शिक्षकों के सेवा संबंधी रिकार्ड और केस मंगवाकर हाई कोर्ट के फैसले तथा सरकार की नीति के अनुरूप नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए। इसके लिए शिक्षा विभाग को जल्दी ही पत्र जारी कर प्रक्रिया आरंभ करनी होगी।

  • दिल्ली जल बोर्ड का बड़ा बदलाव, अब 20-30 फ्लैट वाली बिल्डिंग में भी मिलेगा कनेक्शन

    दिल्ली जल बोर्ड का बड़ा बदलाव, अब 20-30 फ्लैट वाली बिल्डिंग में भी मिलेगा कनेक्शन

    नई दिल्ली
     वॉटर कनेक्शन लेने के लिए अब 40-50 दिनों तक जल बोर्ड के दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी, यह हाथों-हाथ मिलेगा। कनेक्शन की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए जल बोर्ड ने 14 साल पुराने दिल्ली वॉटर एंड सीवर रेगुलेशन -2012 को बदलकर नया रेगुलेशन तैयार किया है। इसे दिल्ली वॉटर एंड सीवर (टैरिफ एंड मीटरिंग) रेगुलेशन-2026 कहा गया है। नए रेगुलेशन में पानी की दरों, टैरिफ चार्ज या आवेदन चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

    जल बोर्ड सूत्रों के अनुसार नया वॉटर कनेक्शन लेने की प्रक्रिया दिल्ली वॉटर एंड सीवर (टैरिफ एंड मीटरिंग) रेगुलेशन-2012 के तहत होती है। इसके तहत कनेक्शन लेने में कम से कम 40-50 दिनों का वक्त लगता है। नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने के बाद प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होती है। पहली प्रक्रिया आवेदन करने और शुल्क जमा कराने की है।

    हाथों हाथ दिया जाएगा कनेक्शन
    आवेदन के 7-15 दिनों के भीतर जूनियर इंजिनियर साइट का निरीक्षण करते हैं। जगह सही पाए जाने पर 3-5 दिनों में भुगतान का डिमांड नोट जारी किया जाता है। डिमांड नोट का भुगतान करने के 15-30 दिनों के भीतर कनेक्शन चालू किया जाता है। लेकिन, नए रेगुलेशन के तहत हाथोंहाथ कनेक्शन देने की प्रक्रिया बनाई जा रही है। प्रावधान किया गया है कि कनेक्शन जारी करने के बाद साइट का निरीक्षण किया जाएगा।

    6 से अधिक वॉटर कनेक्शन होंगे जारी
    साल 2012 के रेगुलेशन के अनुसार, किसी भी रिहायशी बिल्डिंग में वॉटर के अधिकतम 6 कनेक्शन ही जारी किए जा सकते है। पर नए रेगुलेशन में एक ही बिल्डिंग में अगर 20 या 30 फ्लैट्स है, तो सभी को कनेक्शन मिलेगा। हालांकि, शर्त यह होगी कि हर फ्लैट में किचन होना जरूरी होगा।

    2-3 दस्तावेजों की होगी जरूरत
    अभी वॉटर कनेक्शन के लिए लोगों से आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र, पासपोर्ट, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक दस्तावेज देना होता है। प्रॉपर्टी ओनरशिप प्रूफ भी देना पड़ता है। इसमें रजिस्टर्ड सेल डीड/रजिस्ट्री, जीपीए या कन्वेंस डीड, डीडीए अलॉटमेंट लेटर और अगर आवेदक किराएदार है तो मकान मालिक का एनओसी और रेट एग्रीमेंट देना होता है। अन्य कागजातों में एमसीडी प्रॉपर्टी टैक्स रसीद, एड्रेस प्रूफ के तौर पर बिजली का बिल या बैक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और डिवेलपमेंट चार्ज की रसीद देनी होती है। लेकिन, नए रेगुलेशन के अनुसार आधार या पैन कार्ड देने भर से कनेक्शन मिल जाएगा।

  • हरियाणा STF ने दबोचे हिमांशु भाऊ गैंग के तीन आरोपी, जांच में जुटी पुलिस

    हरियाणा STF ने दबोचे हिमांशु भाऊ गैंग के तीन आरोपी, जांच में जुटी पुलिस

    चरखी दादरी.

    एसटीएफ ने इमलोटा गांव के पास कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ के तीन गुर्गों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से तीन पिस्तौल और कुल 50 कारतूस बरामद किए गए हैं।

    पुलिस द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित इन हथियारों का इस्तेमाल झज्जर जिले के बेरी नगर पालिका चेयरमैन बिल्लू की हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए करने वाले थे। चरखी दादरी सदर थाना पुलिस ने तीनों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार एक अक्टूबर की रात एसटीएफ की टीम वांछित अपराधियों की तलाश में इमलोटा बस अड्डे पर मौजूद थी। इसी दौरान टीम को गुप्त सूचना मिली कि गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ, जो विदेश में बैठकर अपनी गैंग के लिए हत्या व फिरौती जैसी वारदातें करवाता है।

    झज्जर का रहने वाला है नीरज
    उसने अपने साथियों को हथियार उपलब्ध करवाए हैं। सूचना के आधार पर टीम ने इमलोटा से मोरवाला जाने वाली सड़क पर रेड की। इस दौरान मौके पर तीन युवक एक प्लसर मोटरसाइकिल के साथ खड़े मिले। पुलिस ने उन्हें काबू कर पूछताछ की तो उनकी पहचान झज्जर जिले के दुबलधन निवासी रोहित उर्फ बासिया, नितिन और झज्जर जिले के ही कोट निवासी नीरज के रूप में हुई। पुलिस ने उक्त युवकों की तलाशी ली तो रोहित उर्फ बासिया के कब्जे से माल्होत्रा संस ईगल लिखा पिस्तौल बरामद हुआ। इसकी मैगजीन में 10 कारतूस और अलग से एक मैगजीन में 10 कारतूस मिले। नितिन से जिगाना पीएक्स-9 लिखा पिस्तौल बरामद हुआ। उसकी मैगजीन में 10 कारतूस और जेब से 12 कारतूस मिले। वहीं नीरज से क्यूगिर रोमानिया लिखा पिस्तौल बरामद हुआ, जिसकी मैगजीन में आठ कारतूस मिले। तीनों आरोपित हथियारों के संबंध में कोई लाइसेंस या परमिट पेश नहीं कर सके। पुलिस ने हथियारों सहित उन्हें काबू कर आगामी कार्रवाई शुरू की है।

    मोबाइल फोन भी कब्जे में लिया
    पुलिस ने रोहित के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया। इस मोबाइल में स्नैपचैट एप पर एक आइडी से बातचीत होना पाया गया। इस संबंध में भी जांच की जा रही है। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में तीनों आरोपितों ने कथित तौर पर हिमांशु उर्फ भाऊ के गैंग से जुड़े होने और उसके कहने पर हथियार अपने पास रखने की बात कही है। वहीं, ये भी सामने आया है कि हथियार बेरी में बिल्लू चेयरमैन की हत्या के लिए भेजे गए थे।

  • झारखंड में राजस्व लक्ष्य से पिछड़ा विभाग, सितंबर तक 1564 करोड़ कम हुआ कुल संग्रह

    झारखंड में राजस्व लक्ष्य से पिछड़ा विभाग, सितंबर तक 1564 करोड़ कम हुआ कुल संग्रह

    रांची
     वित्तीय वर्ष के छह माह बीतने के बाद वाणिज्य कर विभाग के माथे पर बल पड़ने लगा है। आंकड़ों को देखें तो राजस्व में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। वाणिज्य कर विभाग द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के छह महीने बीतने के बाद सितंबर महीने तक कुल राजस्व संग्रह में पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट दर्ज की गई है।

    सूचना के अनुसार यह गिरावट लगभग 14 प्रतिशत की है। दूसरी ओर, गैर-जीएसटी मदों में सुधार देखने को मिला है। आंकड़े बताते हैं कि चालू वित्तीय वर्ष में राजस्व संग्रह की गति काफी धीमी रही है। खासकर जीएसटी कलेक्शन में आई गिरावट चिंता का विषय है।

    पिछले वर्ष की तुलना में 1564 करोड़ कम राजस्व संग्रह
    वाणिज्य कर विभाग की रिपोर्ट देखें तो सितंबर 2026 तक कुल संग्रह (जीएसटी एवं गैर जीएसटी) 9,715.35 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि (11,279.18 करोड़ रुपये) की तुलना में 13.86% कम है। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो राजस्व संग्रह में 1564 करोड़ रुपये से अधिक की कमी आई है।

    राज्य में कुल जीएसटी संग्रह (सेटलमेंट को मिलाते हुए) में भारी गिरावट देखी गई है। सितंबर 2026 तक यह 5,736.25 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष के 7,405.22 करोड़ रुपये से 22.54% कम है। विशेष रूप से आइजीएसटी सेटलमेंट में 56.98% की भारी गिरावट आई है।

    गैर-जीएसटी में मामूली वृद्धि
    गैर-जीएसटी राजस्व में 2.71% की मामूली वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्ष के 3,873.96 करोड़ से बढ़कर 3,979.10 करोड़ रुपये हो गई है। यह वृद्धि मुख्य रूप से वैट संग्रह (13.30% की वृद्धि) के कारण हुई है।

    वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल वार्षिक लक्ष्य 24,000 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है। छह महीने बीतने के बाद सितंबर तक कुल लक्ष्य का केवल 40.48% ही प्राप्त हो पाया है। जीएसटी लक्ष्य (14,563.74 करोड़) का 39.39% और गैर-जीएसटी लक्ष्य (9,436.26 करोड़) का 42.17% हासिल हुआ है।

  • राहुल गांधी से मुलाकात के बाद राजा वड़िंग का भावुक बयान, कहा- ‘अब थोड़ा आराम चाहिए’

    राहुल गांधी से मुलाकात के बाद राजा वड़िंग का भावुक बयान, कहा- ‘अब थोड़ा आराम चाहिए’

    चंडीगढ़.

    पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से करीब एक घंटे तक मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद राहुल गांधी से हुई मुलाकात को पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

    मुलाकात के बाद बाहर निकले वड़िंग ने स्पष्ट किया कि उन्होंने राहुल गांधी को औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राहुल ने उनसे पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, सरकार की स्थिति और आगे पार्टी को किस तरह काम करना चाहिए, इस बारे में जानकारी ली।वड़िंग के मुताबिक उन्होंने राहुल गांधी के साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर अपने करीब साढ़े चार साल के अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि पंजाब में कांग्रेस के सामने कौन-कौन सी चुनौतियां हैं, इन चुनौतियों से किस तरह लड़ना है और पार्टी की ताकत कहां है, इस पर राहुल के साथ विस्तार से चर्चा हुई।

    मुझसे इस्तीफा मांगा नहीं गया, मैंने खुद दिया
    वड़िंग ने यह भी साफ किया कि उनसे इस्तीफा मांगा नहीं गया, खुद इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी बात का मलाल नहीं है। साथ ही यह भी कहा कि अब उन्हें कुछ दिन आराम की जरूरत है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि वह कुछ दिनों के लिए छुट्टी लेना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस से उनका जुड़ाव पहले की तरह रहेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी को जब और जहां उनकी जरूरत होगी, वह वहां खड़े रहेंगे।

    कौन क्या कहता है, फर्क नहीं पड़ता
    वड़िंग ने यह भी कहा कि कौन क्या कहता है, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने राहुल गांधी के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर करते हुए कहा कि उनके ऊपर राहुल गांधी की मेहरबानी रही है। गौरतलब है कि वड़िंग ने करीब साढ़े चार साल तक पंजाब कांग्रेस की कमान संभाली। उनके इस्तीफे के बाद अब पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं तेज हैं। उधर अब उम्मीद जताई जा रहे के शुक्रवार शाम तक पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी की घोषणा कर दी जाएगी माना जा रहा है इस रेस में संगरूर से पूर्व सांसद रहे विजय इंद्र सिंगला का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। लेकिन कई दूसरे उम्मीदवार भी इस रेस में हैं।

  • लुधियाना आर्मी कैंप में महिला से रेप का मामला, साथी जवान पर गंभीर आरोप

    लुधियाना आर्मी कैंप में महिला से रेप का मामला, साथी जवान पर गंभीर आरोप

    लुधियाना
     लुधियाना के जगराओं ब्रिज के पास स्थित सीजी आर्मी कैंप में तैनात एक जवान पर अपने साथी फौजी की पत्नी से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। महिला की शिकायत के मुताबिक, आरोपित ने पहले उसके परिवार को सरकारी क्वार्टर दिलाने में मदद की और इसके बाद घर आना-जाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। महिला का आरोप है कि बाद में आरोपित ने उस पर दबाव बनाकर जबरदस्ती संबंध बनाए।

    पीड़िता का पति इंडियन आर्मी में तैनात है। उसे सीजी आर्मी कैंप में सरकारी क्वार्टर अलॉट हुआ था, जहां महिला अपनी बेटी के साथ रहती थी। कैंप की देखरेख और चार्ज 152 सी रेजिमेंट में तैनात करीब 25 वर्षीय जवान के पास था।

    दोनों के बीच नजदीकी बढ़ने के बाद आरोपी ने कथित तौर पर महिला पर दबाव बनाकर जबरदस्ती फिजिकल रिलेशन बनाए। 28 सितंबर को उसने महिला को अपने गेस्ट रूम में बुलाया, जहां उसके साथ जबरदस्ती करने लगा।

    महिला ने जब इसका विरोध किया तो उसने पति के साथ तलाक करवाने की धमकी देकर जबरदस्ती की। इसके बाद महिला ने मामले की शिकायत पुलिस को दी। डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने 1 अक्टूबर को आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    शिकायत के अनुसार, आरोपित ने परिवार को क्वार्टर दिलाने में मदद की थी। इसके बाद वह मदद और अन्य जरूरतों के बहाने महिला के घर आने-जाने लगा। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और नजदीकियां हो गईं।

    महिला के मुताबिक, बाद में आरोपित उस पर जबरदस्ती संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। विरोध करने पर आरोपित ने धमकी दी कि यदि उसने अपने पति को कुछ बताया तो वह उसका तलाक करवा देगा। महिला ने आरोपित के दबाव की बात भी पुलिस को दी शिकायत में बताई है।

    शिकायत के मुताबिक, 28 सितंबर को आरोपित ने महिला को फोन कर अपने गेस्ट रूम में बुलाया। महिला के वहां पहुंचने के बाद आरोपित ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। घटना के बाद महिला ने पुलिस को शिकायत दी।

    सरकारी क्वार्टर दिलाने में की मदद की

    पीड़िता का पति इंडियन आर्मी में तैनात है। उसे CG आर्मी कैंप में सरकारी क्वार्टर अलॉट हुआ था, जहां महिला अपनी बेटी के साथ रहती थी। कैंप की देखरेख और चार्ज 152 C रेजीमेंट में तैनात 25 वर्षीय जवान के पास था। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने परिवार को क्वार्टर दिलाने में मदद की थी।

    मदद के बहाने घर आने-जाने लगा

    क्वार्टर मिलने के बाद आरोपी का परिवार के घर आना-जाना बढ़ गया। महिला के मुताबिक, मदद और जरूरत के बहाने उसकी आरोपी से बातचीत होने लगी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी और उनके बीच संबंध बन गए।

    विरोध करने पर पति से तलाक करवाने की धमकी

    महिला की शिकायत के अनुसार, बाद में आरोपी उस पर जबरदस्ती संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। महिला ने विरोध किया तो आरोपी ने धमकी दी कि अगर उसने पति को कुछ बताया तो वह उनका तलाक करवा देगा। इसके बाद भी आरोपी के दबाव की बात शिकायत में कही गई है।

    28 सितंबर को गेस्ट रूम बुलाया

    शिकायत के मुताबिक, 28 सितंबर को आरोपी ने महिला को फोन कर अपने गेस्ट रूम में बुलाया। महिला के वहां पहुंचने के बाद आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। घटना के बाद महिला ने पुलिस से शिकायत की।

    1 अक्टूबर को FIR, जांच ASI को

    मामले में ASI परमजीत सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर 1 अक्टूबर को आरोपी जवान के खिलाफ BNS की धारा 64 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

    पुलिस ने कार्रवाई की शुरू
    महिला की शिकायत पर डिवीजन नंबर-5 पुलिस ने 1 अक्टूबर को आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एएसआइ को सौंपी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

     

  • पेट्रोल पंप बने नकली नोट खपाने का आसान जरिया, बांसवाड़ा-डूंगरपुर में लगातार सामने आ रहे मामले

    पेट्रोल पंप बने नकली नोट खपाने का आसान जरिया, बांसवाड़ा-डूंगरपुर में लगातार सामने आ रहे मामले

    बांसवाड़ा
     गुजरात और मध्यप्रदेश से सीधी कनेक्टिविटी दक्षिणी राजस्थान के बांसवाड़ा-डूंगरपुर के कारोबार को बढ़ाने में मददगार साबित होने के साथ ही अपराध की डगर को भी आसान बना रही है। शराब और पशुओं के अवैध परिवहन के बाद अब वागड़ के इन दोनों जिलों के तार नकली करेंसी से भी सीधे जुड़ रहे हैं। गत वर्षों में सामने आए जाली नोटों के मामलों को जोड़कर देखें तो बांसवाड़ा-डूंगरपुर में नकली करेंसी का खेल यहां रच-बस गया है। हर साल वागड़ के किसी न किसी कस्बे में युवा नकली करेंसी को खपाने की जुगत में पुलिस के हत्थे चढ़ रहे हैं। हालांकि, पुलिस के हत्थे अब तक मास्टरमाइंड नहीं आ पाए हैं।

    पेट्रोल पंप : आसान निशाना
    नकली नोट खपाने के लिए पेट्रोल-डीजल पंप बदमाशों के लिए आसान जरिया बन रहे हैं। भीड़भाड़ और लगातार होने वाले नकदी लेनदेन के बीच हर नोट की बारीकी से जांच नहीं हो पाती। यही नकली नोट आगे बाजार और बैंक के कैश काउंटर तक पहुंच जाते हैं।

    2026 : डूंगरपुर में 4.95 लाख के नकली नोट
    सितंबर 2026 में रामसागड़ा थाना क्षेत्र में दो आरोपियों से 4 लाख 95 हजार 500 रुपए के 991 नकली नोट बरामद हुए। पुलिस ने प्रिंटर, कागज, लेमिनेशन मशीन, नोट गिनने की मशीन, मोबाइल, कार और स्कूटी भी जब्त की। आरोपियों ने सोशल मीडिया के जरिए नोट बनाना सीखने की बात सामने आई।

    2025 : आनंदपुरी में अंतरराज्यीय गिरोह
    आनंदपुरी पुलिस ने राजस्थान, मध्यप्रदेश और गुजरात तक जुड़े जाली नोट गिरोह का पर्दाफाश कर मुख्य आरोपी सहित 17 से अधिक आरोपियों को पकड़ा। 500, 200 और 100 रुपए के नोट बनाने के उपकरण मिले। दाहोद से लाकर बाजार में खपाने की बात सामने आई।

    2024 : कुशलगढ़ में दो करोड़ के बदले नकली नोट
    मार्च 2024 में लोगों को पैसा दोगुना करने का लालच देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपियों से करीब 2 करोड़ 90 लाख रुपए के नकली नोट बरामद किए।

    2023 : सागवाड़ा के युवकों का अजमेर कनेक्शन
    अक्टूबर 2023 में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने अजमेर में चल रहे नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश किया। इसमें सागवाड़ा के दो युवकों का कनेक्शन सामने आया। दोनों करीब छह लाख रुपए की नकली करेंसी लेकर दिल्ली पहुंचे थे।

    2022 : सरकारी क्वार्टर में छप रहे थे नोट
    अगस्त 2022 में बांसवाड़ा शहर की विद्युत निगम कॉलोनी में पुलिस ने कार्रवाई कर सरकारी विभाग के लेखाकार सहित तीन लोगों को पकड़ा। मौके से 79 हजार रुपए के नकली नोट बरामद हुए।

    दो राज्यों से सीधा जुड़ाव, निगरानी बड़ी चुनौती
    गुजरात बॉर्डर : डूंगरपुर से महज 35 और बांसवाड़ा से 142 किमी

    एमपी बॉर्डर : बांसवाड़ा से 128 और डूंगरपुर से 228 किमी

    ये 3 प्रमुख कारण

    1. गुजरात-एमपी का जुड़ाव :

    राष्ट्रीय राजमार्ग और लगातार परिवहन की सुविधा के चलते बाहरी क्षेत्रों से यहां पहुंचना आसान है।

    ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग नोट की कागज की मोटाई, छपाई और सुरक्षा चिह्नों पर ध्यान नहीं देते। इसका फायदा उठाकर नकली नोट आसानी से चल जाते हैं।

    गिरोह युवाओं को लालच देकर पेडलर के रूप में इस्तेमाल करते हैं। ये युवक सार्वजनिक परिवहन के जरिए बड़े शहरों से नकली नोट लाकर स्थानीय बाजार में खपा देते हैं।

    पुलिस लेती है एक्शन
    वागड़ गुजरात और एमपी बॉर्डर के नजदीक है। ऐसे में पुलिस को विशेष ध्यान देना पड़ता है और पुलिस आरोपियों की समय-समय पर धरपकड़ भी कर रही है। पुलिस ने अंदरूनी रास्तों पर भी सघन निरीक्षण दल बनाए हैं। वहीं, इन राज्यों की पुलिस से मिलने वाले इनपुट पर भी एक्शन लेते हैं।

    -सुधीर जोशी, जिला पुलिस अधीक्षक, बांसवाड़ा

  • बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, गंडक के उफान से हजारों लोग बेघर; राहत-बचाव के लिए हेलीकॉप्टर भी तैनात

    बिहार में बाढ़ का संकट गहराया, गंडक के उफान से हजारों लोग बेघर; राहत-बचाव के लिए हेलीकॉप्टर भी तैनात

    पटना
    गंगा और कोसी की बाढ़ से अभी बिहार उबरा भी नहीं था कि गंडक नदी का कहर बरपा है। गंडक की बाढ़ से पूर्वी व पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सारण और वैशाली जिले के बड़ी संख्या में गांव घिर गए हैं। चार दिनों के भीतर 14 जगहों पर गंडक के तटबंध या बांध टूटने से हालात भयावह है। पटना जिले के दियारा इलाके में भी परेशानी बढ़ गई है। भयावह होती बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ प्रभावित इलाकों में आपदा राहत बल की 41 टीमें तैनात की गई हैं। राहत व बचाव के लिए एनडीआरएफ की 14 और एसडीआरएफ की 27 टीमें की प्रतिनियुक्ति की गई है।

    सीएम सम्राट चौधरी के निर्देश पर गुरुवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आपदा प्रबंधन विभाग में वीडियो कांफ्रेंसिंग से बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील जिलों में संचालित राहत और बचाव कार्य की समीक्षा की। बैठक में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, वैशाली एवं मुजफ्फरपुर के जिला पदाधिकारी, एसएसपी एवं एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल भी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने संबंधित डीएम को बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखने और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों को पूरी तत्परता के साथ संचालित करने का निर्देश दिया।

    गंडक का पानी इस बार तेज गति से और भारी मात्रा में प्रवाहित हो रहा है। गंडक, कोसी, बागमती, गंगा की बाढ़ से करीब 1200 गांव प्रभावित हैं। इन गांवों के हजारों लोग घर छोड़़ ऊंचे स्थानों पर शरण लिये हुए हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत भोजन, दवाइयां और पशुओं के लिए चारे का है। सारण और गोपालगंज की स्थिति यह है कि प्रभावित परिवार जरूरी सामान लेकर बांध पर पहुंचे हैं। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ उन्हें खुले आसमान या प्लास्टिक के टेंट में समय गुजारना पड़ रहा है। घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान और जरूरी वस्तुओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी बढ़ने के बाद घरों में रहना मुश्किल हो गया।

    राहत सामग्री के वितरण में कोई कोताही न बरतें :सम्राट
    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में सूखा राशन पैकेजिंग सेंटर का निरीक्षण किया। पैकेजिंग किये जा रहे खाद्य पदार्थों एवं उसकी गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत सामग्रियों के वितरण में कोताही न बरती जाए। बाढ़ पीड़ितों को समय पर खाद्य पदार्थों के साथ ही सभी जरूरत के सामान मुहैया कराए जाएं। पैकेट में चूड़ा, चना, सत्तू, चीनी, मसाला, ओआरएस, माचिस, मोमबत्ती सहित जरूरत की अन्य सामग्रियों को रखा गया है। एयरफोर्स के दो हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री को लोगों के बीच वितरित किया जाएगा।

    बाढ़ की स्थिति गंभीर, तटबंधों पर भी दबाव : विजय चौधरी
    उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गंडक सहित अन्य नदियों के तटबंधों पर दवाब की स्थिति है। चार-पांच जगह बगहा, लालगंज में नया उच्चतर बाढ़ स्तर बना हुआ है। अब तक के इतिहास में यह सबसे अधिक ऊंचा पानी पहुंचा है। इस कारण तटबंधों पर दबाव है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थिति के साथ बाढ़ की प्रचंडता बढ़ गई है। तीन-चार दिनों में यूपी और उत्तराखंड में बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। पटना के गांधी घाट में पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है।

  • मोगा की SHO सुनीता बावा बर्खास्त, ₹50 हजार रिश्वत मामले में पंजाब पुलिस का सख्त कदम

    मोगा की SHO सुनीता बावा बर्खास्त, ₹50 हजार रिश्वत मामले में पंजाब पुलिस का सख्त कदम

    मोगा
     रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार मोगा के थाना कोट ईसे खां की तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर सुनीता बावा नंबर 33/एफआर को पंजाब पुलिस सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदाले की ओर से बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए हैं। इंस्पेक्टर सुनीता बावा को 26 सितंबर को विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।

    जानकारी के अनुसार, विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थाना कोट ईसे खां प्रभारी इंस्पेक्टर सुनीता बावा को कथित तौर पर 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए काबू किया था। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी।

    विजिलेंस की कार्रवाई के बाद मामला पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया। मामले की गंभीरता और विभागीय स्तर पर सामने आए तथ्यों को देखते हुए फरीदकोट रेंज की आईजी नीलांबरी जगदाले ने इंस्पेक्टर सुनीता बावा के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की। आदेश के अनुसार उन्हें पंजाब पुलिस सेवा से तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया है।

    50 हजार रुपये की रिश्वत का है मामला
    बताया जा रहा है कि विजिलेंस ब्यूरो के पास रिश्वत मांगने संबंधी शिकायत पहुंची थी। शिकायत की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए सुनीता बावा को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया।

    गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की ओर से मामले में आगे की जांच की जा रही है। पुलिस विभाग में तैनात अधिकारी के खिलाफ रिश्वत के मामले में हुई इस कार्रवाई को विभागीय स्तर पर गंभीरता से लिया गया है। बर्खास्तगी के आदेश जारी होने के बाद अब मामले की कानूनी और विभागीय प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।