Category: राज्य

  • CM भजनलाल ने सरपंचों को दिया मंत्र, गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं सरकारी योजनाओं का लाभ

    CM भजनलाल ने सरपंचों को दिया मंत्र, गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं सरकारी योजनाओं का लाभ

    जयपुर
    राजस्थान में पंचायत चुनाव से पहले बीजेपी ने गांवों पर अपना फोकस बढ़ा दिया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर के माहेश्वरी पब्लिक स्कूल स्थित तक्षशिला ऑडिटोरियम में पंचायती राज जनप्रतिनिधियों से संवाद किया। प्रदेश के अलग-अलग जिला मुख्यालयों से भी जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण विकास, जनसेवा और पंचायत स्तर पर सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सरपंचों से चर्चा की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांव मजबूत होंगे तो विकसित भारत का संकल्प भी मजबूत होगा। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं को ग्रामीण विकास और स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। सीएम ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

    नवाचार करने वाले सरपंचों का सम्मान
    कार्यक्रम में अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य और नवाचार करने वाले पंचायती राज जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। सरपंचों ने गांवों में किए जा रहे अलग-अलग प्रयोगों और विकास कार्यों की जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की। इनमें स्वच्छता, बालिका शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और सामुदायिक स्तर पर पारंपरिक त्योहारों के आयोजन जैसे प्रयास शामिल रहे।

    आदिवासी क्षेत्र के एक सरपंच ने बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हॉस्टल निर्माण और आसपास के गांवों की छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने की पहल बताई। वहीं झुंझुनूं जिले की एक सरपंच ने गांव में शुरू किए गए बर्तन बैंक के बारे में जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने ऐसे स्थानीय नवाचारों को ग्रामीण विकास में उपयोगी बताया।

    'सरपंच साहब' वाली पहचान का किया जिक्र
    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सरपंचों की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए कहा कि सरपंच बनने के बाद यह पहचान लंबे समय तक लोगों के साथ जुड़ी रहती है। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी जब वे अपने गांव जाते हैं तो वहां के लोग उन्हें मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि 'सरपंच साहब' कहकर बुलाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पहचान बताती है कि पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों की गांव के लोगों के बीच कितनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

    कांग्रेस पर भी साधा निशाना
    पंचायत चुनाव के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनाव होने से विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है और सरकारी संसाधनों पर अतिरिक्त खर्च होता है। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने पंचायतों में विकास की निरंतरता बनाए रखने के लिए सरपंचों पर भरोसा किया और ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया, जिससे गांवों के विकास कार्य बाधित न हों।

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि जो लोग होटल में बंद रहकर सरकार चलाते थे, वे आम लोगों की समस्याओं को कैसे समझेंगे। उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर सरकार के काम का उल्लेख करते हुए दावा किया कि अब तक 1 लाख 94 हजार युवाओं को नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1 लाख 22 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है।

    योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर
    सीएम ने सरपंचों से कहा कि गांव में उनके आसपास रहने वाला कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने 'दिया तले अंधेरा नहीं होना चाहिए' का संदेश देते हुए जनप्रतिनिधियों से लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए सक्रिय रहने को कहा। उन्होंने कहा कि किसी समस्या के समाधान में सरकारी स्तर पर परेशानी आ रही हो तो उसकी जानकारी सरकार तक पहुंचाई जाए।

    कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्य मंत्री ओटाराम देवासी समेत अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। पंचायत चुनाव से पहले हुए इस संवाद में सरकार ने ग्रामीण विकास और पंचायत स्तर पर जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रमुखता दी।

  • गुरुग्राम के विकास कार्यों पर CM सैनी की बैठक, बड़े फैसलों पर चर्चा

    गुरुग्राम के विकास कार्यों पर CM सैनी की बैठक, बड़े फैसलों पर चर्चा

    गुरुग्राम.

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शुक्रवार को गुरुग्राम की विकास परियोजनाओं को लेकर समीक्षा बैठक शुरू हुई। बैठक में शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जा रही है।

    मुख्यमंत्री संबंधित अधिकारियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण की गति और लंबित कार्यों की जानकारी ले रहे हैं। अधिकारियों से विकास कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए जाने की संभावना है। प्रदूषण के लिए देशभर में बदनाम हो चुकी साइबर सिटी में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के तेवर सख्त नजर आए। गुरुग्राम में चल रही उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर भी अधिकारियों से जवाब-तलब किए जाने की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) के एक क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किए जाने की बात सामने आ रही है।

    प्रदूषण पर अधिकारियों से जवाब-तलब
    मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में चल रही बैठक में गुरुग्राम की सड़कों, जलनिकासी, स्वच्छता, प्रदूषण नियंत्रण और अन्य प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। खासकर प्रदूषण की स्थिति को लेकर प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में आरओ के खिलाफ कार्रवाई की चर्चा को अधिकारियों के लिए मुख्यमंत्री के सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

  • सीएम योगी ने कहा- चरखा केवल चरखा नहीं, भारत की आत्मनिर्भरता का आधार, गांधी आश्रम के वस्त्र आजादी और स्वदेशी के प्रतीक

    सीएम योगी ने कहा- चरखा केवल चरखा नहीं, भारत की आत्मनिर्भरता का आधार, गांधी आश्रम के वस्त्र आजादी और स्वदेशी के प्रतीक

    बापू का चरखा स्वावलंबन का आधार, ओडीओपी उसी स्वदेशी भाव से ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का अभियान: मुख्यमंत्री

    सीएम योगी बोले- स्वच्छता, स्वदेशी, स्वावलंबन और ग्राम स्वराज के बापू के मंत्र आज भी उतने ही प्रासंगिक

    कहा- चरखा केवल चरखा नहीं, भारत की आत्मनिर्भरता का आधार, गांधी आश्रम के वस्त्र आजादी और स्वदेशी के प्रतीक

    ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ योजना के जरिए बापू के स्वदेशी भाव को आगे बढ़ा रहा उत्तर प्रदेश, स्थानीय उत्पादों को मिल रही वैश्विक पहचान

    पीएम मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ भारत से आत्मनिर्भर भारत तक साकार हो रहे बापू के सपने, 12 करोड़ से अधिक परिवारों के घरों में बने शौचालय

    बापू के ग्राम स्वराज की परिकल्पना को आगे बढ़ा रही सरकार, ग्राम सचिवालय के जरिए जनसुविधाओं के साथ मिल रहा रोजगार

    मुख्यमंत्री ने लाल बहादुर शास्त्री को भी किया नमन, कहा- ‘जय जवान-जय किसान’ के मंत्र ने सुरक्षा व खाद्यान्न आत्मनिर्भरता की रखी नींव

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी के स्वदेशी और स्वावलंबन के मंत्र को आत्मनिर्भर और विकसित भारत की आधारशिला बताते हुए कहा कि बापू का चरखा केवल चरखा नहीं था, बल्कि भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का आधार था। उत्तर प्रदेश की ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना उसी स्वदेशी के भाव को आगे बढ़ाते हुए ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने की दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बापू के स्वावलंबन के सपने को आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। विकसित भारत की संकल्पना तभी पूरी होगी, जब देश आत्मनिर्भर बनेगा और इसके लिए प्रत्येक नागरिक, परिवार और गांव को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बापू की स्मृतियों को नमन करते हुए प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के प्रिय भजनों का श्रवण किया और चरखा चलाकर बापू के स्वदेशी एवं स्वावलंबन के संदेश को प्रसारित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता से स्वदेशी, स्वदेशी से स्वावलंबन और स्वावलंबन से ग्राम स्वराज तक बापू के विचार आज भी देश के लिए मार्गदर्शक हैं। नया भारत बापू के इन्हीं सपनों को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रहा है।

    गांधी आश्रम के वस्त्र केवल कपड़े नहीं, आजादी के मंत्र के प्रतीक
    सीएम योगी ने स्वदेशी की चर्चा करते हुए अपने बचपन की स्मृतियों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि बचपन में हम लोग गांधी आश्रम के कपड़ों को बड़ी उत्सुकता से देखते थे। लोगों में इन वस्त्रों को लेकर विशेष उत्साह रहता था, क्योंकि ये केवल वस्त्र नहीं थे। ये भारत की आजादी के मंत्र के प्रतीक भी थे। बापू ने इन्हें स्वदेशी की भावना से जोड़कर आगे बढ़ाने का काम किया। उन्होंने देश को चरखे के माध्यम से स्वावलंबन का संदेश दिया। चरखा केवल सूत कातने का साधन नहीं था। वह भारत के स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का आधार बना। अपने श्रम, अपने उत्पाद और अपनी सामर्थ्य पर भरोसा करके देश कैसे आगे बढ़ सकता है, चरखा इसका प्रतीक बना।

    बापू के स्वदेशी से निकला ‘लोकल टू ग्लोबल’ मंत्र
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना उसी स्वदेशी के भाव के साथ आगे बढ़ रही है। इसके माध्यम से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लोकल से ग्लोबल’ और आत्मनिर्भर भारत के मंत्र से जोड़ते हुए कहा कि बापू ने जिस स्वावलंबन का सपना देखा था, उसे नए स्वरूप में आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री बार-बार कहते हैं कि विकसित भारत की संकल्पना तभी पूरी होगी, जब आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए हम सभी मिलकर कार्य करेंगे। इस आत्मनिर्भरता की शुरुआत स्वदेशी और स्वावलंबन के भाव से होती है।

    दक्षिण अफ्रीका से अन्याय-रंगभेद के खिलाफ उठाई आवाज
    सीएम ने महात्मा गांधी की जीवन यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात के पोरबंदर में एक परम वैष्णव परिवार में जन्मे बापू ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद दक्षिण अफ्रीका में वकालत की प्रैक्टिस प्रारंभ की। परिवार से मिले संस्कार उनके जीवन और संघर्ष में दिखाई दिए। उन्होंने अन्याय और किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ आवाज उठाई। दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के विरुद्ध अभियान को आगे बढ़ाया और वहां भारतीय मूल के नागरिकों को एकजुट किया। इसी संघर्ष ने आगे चलकर भारत की स्वाधीनता की अलख जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    स्वतंत्रता आंदोलन को बापू ने बनाया जन आंदोलन
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सही मायने में जब भारत की स्वाधीनता का आंदोलन पूज्य बापू के हाथों में आया तो उन्होंने लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उसका नेतृत्व किया और उसे एक व्यापक जन आंदोलन में बदल दिया। उस समय देश में हताशा और निराशा का वातावरण था। लोगों को लगने लगा था कि भारत शायद कभी स्वाधीन नहीं हो सकता। बापू के नेतृत्व और मार्गदर्शन ने इस निराशा को आशा और उत्साह में बदल दिया। भारतीय समाज स्वाधीनता की नई सुबह देखने के लिए पूरे उत्साह के साथ आंदोलन का हिस्सा बन गया। बापू के नेतृत्व की विशेषता यह रही कि भारत का स्वाधीनता आंदोलन केवल चंद नगरों तक सीमित नहीं रहा। यह गांव-गांव पहुंचा और हर नर-नारी व बच्चा इस अभियान का हिस्सा बना। इसी जनभागीदारी ने स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक स्वरूप दिया।

    आधी धोती और हाथ में छड़ी, दुनिया थी हैरान
    सीएम ने कहा कि दुनिया के लोगों के लिए यह कौतूहल और आश्चर्य का विषय था कि आखिर वह कौन-सी चमत्कारिक ताकत है, जो भारत की स्वाधीनता के इतने बड़े अभियान से जुड़ी है। आधी धोती पहनकर आंदोलन का नेतृत्व करने वाले बापू के हाथ में एक छड़ी ही सहारा थी, लेकिन दुनिया ने उनके नेतृत्व की ताकत और उस चमत्कार को देखा। आज वही भारत पूज्य बापू के सपनों को साकार करते हुए आगे बढ़ रहा है। बापू ने जिन मूल्यों को स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जनमानस से जोड़ा था, वे आज भी देश और समाज के लिए उतने ही प्रासंगिक हैं।

    स्वच्छता, स्वदेशी और स्वावलंबन आज भी बापू के मंत्र
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के आंदोलन को जन आंदोलन में बदलने के लिए बापू ने जो मंत्र दिए थे, उनकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। हर नागरिक स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा बनाए, हर नागरिक स्वदेशी को अपने जीवन का मंत्र बनाए और प्रत्येक परिवार आत्मनिर्भर बनकर स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़े। बापू के ये संदेश आज भी देश के लिए मंत्र के रूप में काम कर रहे हैं। स्वच्छता केवल आसपास की सफाई का विषय नहीं है और स्वदेशी केवल किसी वस्तु के उपयोग तक सीमित विचार नहीं है। इन विचारों के केंद्र में व्यक्ति, परिवार और समाज को आत्मनिर्भर बनाकर राष्ट्र को सशक्त करने की भावना है।

    स्वच्छ भारत अभियान ने बापू के सपने को दिया नया विस्तार
    सीएम योगी ने कहा कि भारत की स्वाधीनता के समय बापू ने जो संकल्प लिया था, स्वतंत्र भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत अभियान के माध्यम से उस सपने को साकार करने का कार्य किया है। देश में 12 करोड़ से अधिक परिवारों के घरों में शौचालय बनाए गए। स्वच्छ भारत अभियान न केवल स्वच्छता और स्वस्थ भारत की आधारशिला बना, बल्कि इसने लोगों को जागरूक करने के साथ नारी गरिमा की रक्षा का पाठ भी पढ़ाया। स्वच्छता को प्रत्येक नागरिक के जीवन का हिस्सा बनाना ही बापू के संदेश को वास्तविक अर्थों में आगे बढ़ाना है।

    गांव बनेगा स्वावलंबन का आधार, साकार होगा ग्राम स्वराज
    मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की परिकल्पना को वर्तमान ग्रामीण विकास से जोड़ते हुए कहा कि गांव भारत की आधारभूत इकाई हैं। लंबे समय तक हम विकास के बड़े-बड़े दावे करते रहे, लेकिन सच्चाई यह थी कि जिस गांव को विकास की आधारभूत इकाई होना चाहिए था, उसे उपेक्षित छोड़ दिया गया। आज पूज्य बापू के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने के लिए गांव को भी स्वावलंबन का आधार बनाया जा रहा है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने हर गांव में ग्राम सचिवालय का गठन किया है। इनके माध्यम से तकनीक का उपयोग करते हुए नागरिकों को गांव में ही विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। ग्राम सचिवालय स्थानीय स्तर पर रोजगार का भी माध्यम बन रहे हैं। इनके माध्यम से हर गांव में चार से सात लोगों को रोजगार की सुविधा उपलब्ध हो रही है।

    लाल बहादुर शास्त्री को भी किया नमन
    लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की ओर से उन्हें भी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 02 अक्टूबर का दिन एक और कारण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। पूज्य बापू की जयंती के साथ ही यह भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और बापू के अनन्य अनुयायी लाल बहादुर शास्त्री की भी पावन जयंती है। गांधी जी और शास्त्री जी का संपूर्ण जीवन चरित्र हम सभी को बड़ी प्रेरणा देता है। व्यक्ति की वाक्शक्ति में तभी ताकत होती है, जब उसके आचार व विचार में समन्वय हो। दोनों महापुरुषों ने जो कहा, उसे अपने जीवन में करके दिखाया और जितना किया, उतना ही बोला।

    एक ने दिया स्वदेशी का मंत्र, दूसरे ने ‘जय जवान-जय किसान’ का
    सीएम योगी ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वदेशी ने भारत की जनचेतना को जागृत करते हुए स्वाधीनता का मंत्र बनने का काम किया। लाल बहादुर शास्त्री का जीवन सादगी से भरा, भारतीयता से ओतप्रोत और राष्ट्र के प्रति पूरी तरह समर्पित रहा। जब देश के ऊपर संकट आया तो शास्त्री जी ने दिखाया कि कैसे वज्र बनकर भारत की सुरक्षा की जा सकती है और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जा सकता है। उनका ‘जय जवान-जय किसान’ का उद्घोष पूरे भारत का मंत्र बन गया।

    सीमा पर जवान, खेत में किसान ने संभाला देश
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय एक ओर सीमाओं पर भारत का जवान दुश्मन देशों के छक्के छुड़ा रहा था तो दूसरी ओर खेतों में अन्नदाता किसान देश को खाद्यान्न आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहा था। ‘जय जवान-जय किसान’ केवल एक नारा नहीं था। इसने राष्ट्रीय सुरक्षा और खाद्यान्न आत्मनिर्भरता, दोनों को एक साथ देश के संकल्प से जोड़ा। वर्ष 1965 में लाल बहादुर शास्त्री द्वारा देशवासियों को दिया गया यह मंत्र आगे चलकर भारत की आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बना।

    कभी गेहूं के लिए दूसरों पर निर्भर था भारत, आज दुनिया को आपूर्ति
    सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा था जब भारत को गेहूं के लिए भी दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई विकसित देशों से भारत को ऐसा खाद्यान्न तक आपूर्ति किया जाता था, जो खाने योग्य नहीं होता था। आज भारत उस स्थिति से बहुत आगे निकल चुका है। देश ने न केवल खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य प्राप्त किया है, बल्कि दुनिया के अनेक देशों को खाद्यान्न आपूर्ति का माध्यम भी बना हुआ है। इस आत्मनिर्भरता की नींव श्रद्धेय लाल बहादुर शास्त्री ने रखी थी।

    पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता ही उज्ज्वल भविष्य का मार्ग
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान का भाव रखकर कृतज्ञता ज्ञापित करता है, उनके आदर्शों का अनुसरण करता है और उन्हीं आदर्शों से अपनी भावी पीढ़ी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है, उसका भविष्य निश्चित रूप से उज्ज्वल होता है। आज का नया भारत पूज्य बापू के इसी सपने को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रहा है। स्वच्छता को जनभागीदारी से जोड़ने, स्वदेशी को ‘लोकल से ग्लोबल’ तक पहुंचाने, परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और गांवों को स्वावलंबन का आधार बनाने की दिशा में कार्य हो रहा है।

    इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खादी और वस्त्र उद्योग के मंत्री राकेश सचान, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, अल्पसंख्यक आयोग के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन रजा, क्षेत्रीय गांधी आश्रम के मंत्री देवी प्रसाद शर्मा, व्यवस्थापक अखिलेश कुमार उपाध्याय, सरोजित तिवारी, प्रमुख समाजसेवी और साहित्यकार अखिलेश द्विवेदी, क्षेत्रीय गांधी आश्रम से जुड़े हुए अन्य पदाधिकारीगण और विधायकगण उपस्थित रहे।

  • अखिलेश पर NDA नेता संजय निषाद का तीखा हमला, बोले-‘सपा के दावे हवा-हवाई’

    अखिलेश पर NDA नेता संजय निषाद का तीखा हमला, बोले-‘सपा के दावे हवा-हवाई’

    अखिलेश के विपक्षी एकता के आह्वान पर संजय निषाद-दानिश आजाद का पलटवार, बोले- सिर्फ बयानबाजी से कुछ हासिल नहीं होगा

    अखिलेश पर NDA नेता संजय निषाद का तीखा हमला, बोले-'सपा के दावे हवा-हवाई'

    अखिलेश के बयान पर संजय निषाद का वार, बोले- विपक्ष कर रहा सिर्फ बयानबाजी और पोस्टरबाजी 

    2027 में समाजवादी पार्टी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी: दानिश आजाद

    लखनऊ, 
     यूपी में राज्यसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव द्वारा विपक्षी एकता के आह्वान पर सत्ताधारी गठबंधन के मंत्रियों ने पलटवार किया है। कैबिनेट मंत्री संजय निषाद और राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने विपक्षी एकता के दावे को खोखला बताया। जहां कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने विपक्ष पर बयानबाजी, पोस्टरबाजी और एसी-पीसी तक सीमित रहने का आरोप लगाया, वहीं राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने समाजवादी पार्टी के दावों को लेकर निशाना साधा। 

    विपक्ष को लोग 70 साल तक देख चुके: संजय निषाद
    संजय निषाद ने कहा कि विपक्ष के पास केवल बयानबाजी, पोस्टरबाजी और एसी-पीसी के अलावा कोई शक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को लोग 70 साल तक देख चुके हैं। विभिन्न दलों के नेताओं ने यह सब देखने के बाद ही अपने दल खड़े किए हैं या एनडीए के साथ आए हैं। निषाद ने कहा कि सत्ता के बाहर रहने पर अखिलेश को मिलन दिखाई देता है, उनके इन बयानों से कुछ होने वाला नहीं है। संजय निषाद ने दावा किया कि इस बार एनडीए की ऐतिहासिक जीत होगी। 

    अखिलेश के बयान पर दानिश आजाद का पलटवार
    वहीं, राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि समाजवादी पार्टी बहुत बड़े-बड़े दावे कर रही थी लेकिन अब उसके सारे दावों की पोल खुल चुकी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने झूठ का जो गुब्बारा फुलाया था, अब उस गुब्बारे की हवा निकल चुकी है। उत्तर प्रदेश में जिस तरीके से समाजवादी पार्टी ने गफलत और नफरत की राजनीति को फैलाने का काम किया, उसके लिए राज्य की जनता कभी माफ नहीं करेगी।

    2027 में होगी सपा की सबसे बड़ी हार
    दानिश आजाद ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तरफ सपा जिस तरीके से आगे बढ़ रही है, उसकी अब तक की सबसे बड़ी हार होने वाली है। 2027 में समाजवादी पार्टी दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी।

  • अपराध रोकने के लिए बिहार पुलिस का नया प्लान, नाइट स्टे से लेकर ‘गुड मॉर्निंग वॉक’ तक पर जोर

    अपराध रोकने के लिए बिहार पुलिस का नया प्लान, नाइट स्टे से लेकर ‘गुड मॉर्निंग वॉक’ तक पर जोर

    पटना
    राज्य में बेहतर विधि-व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर गुरुवार को गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार और प्रभारी डीजीपी प्रीता वर्मा ने पुलिस मुख्यालय में वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की।

    इस दौरान शुक्रवार से सोमवार तक अलग-अलग जिलों में भेजे गए एडीजी से लेकर आइजी-डीआइजी स्तर के 36 पुलिस अफसरों की रिपोर्ट भी साझा की गई।

    समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि सभी जिलों में संवेदनशील स्थलों को क्राइम स्पाट के रूप में चिह्नित कर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

    प्रभारी डीजीपी ने सभी जिलों में पर्यटन स्थलों एवं सेल्फी प्वाइंट पर पुलिस की तैनाती बढ़ाते हुए प्रभावी निगरानी के लिए 'सुपर पेट्रोलिंग' की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।

    पुलिस महानिदेशक के स्तर से सभी नोडल पदाधिकारियों को थानों में जनसंवाद के लिए बैठक आयोजित करने का निदेश भी दिया गया।

    नारकोटिक्स तथा साइबर क्राइम की रोकथाम को प्राथमिकता देते हुए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। सीसीटीएनएस, सीसीटीवी, पुलिस कंट्रोल रूम, जिला नियंत्रण कक्ष एवं वायरलेस सिस्टम को सक्रिय एवं प्रभावी रूप से संचालित रखने पर विशेष जोर दिया गया।

    भारत-नेपाल के सीमावर्ती जिलों में नारकोटिक्स गतिविधियों के संबंध में विशेष जानकारी एकत्रित करने तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित इकाइयों एवं जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया।

    किशनगंज पुलिस की गुड मार्निंग वॉक को मिली सराहना
    समीक्षा बैठक के दौरान अपराध नियंत्रण, गश्ती व्यवस्था, नारकोटिक्स एवं साइबर क्राइम की रोकथाम से संबंधित बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। इस दौरान किशनगंज पुलिस की ओर से संचालित 'गुड मार्निंग वाक' पहल की सराहना की गई।

    इसमें वरीय पुलिस पदाधिकारियों की तरफ से आमजनों के साथ सुबह भ्रमण कर उनसे संवाद स्थापित किया जाता है। अन्य जिलों को भी स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के सकारात्मक पहल संचालित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

    गृह सचिव की चेतावनी- लापरवाही पर नपेंगे एसडीपीओ-इंस्पेक्टर
    गृह विभाग के प्रधान सचिव ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ), अंचल पुलिस निरीक्षक एवं थाना अध्यक्ष (एसएचओ) को अपने-अपने दायित्वों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में निर्देश दिया गया कि जिन जिलों से वरीय पदाधिकारियों को टैग किया गया है, वे संबंधित जिलों में रात्रि प्रवास (नाइट स्टे) सुनिश्चित करते हुए पुलिसिंग एवं कानून-व्यवस्था की स्थिति की नियमित समीक्षा करें।

    सभी दोपहिया एवं चारपहिया पुलिस वाहनों को डायल-112 से जोड़ने की दिशा में आवश्यक प्रयास करने का निर्देश दिया गया, ताकि आपातकालीन पुलिस सेवा एवं त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके। बैठक में न्यायालय से प्राप्त किसी भी कुर्की आदेश को अनावश्यक रूप से लंबित न रखने का निर्देश दिया गया।

  • खुले में बकरा-मुर्गा बेचने पर लगेगी रोक, झारखंड सरकार ने जारी किए नए रेगुलेशन

    खुले में बकरा-मुर्गा बेचने पर लगेगी रोक, झारखंड सरकार ने जारी किए नए रेगुलेशन

    रांची
    झारखंड हाईकोर्ट में खुले में कटे हुए बकरे और मुर्गे की बिक्री के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई।

    सुनवाई के दौरान सकार की ओर से बताया गया कि झारखंड में मीट दुकानों और स्लाटर हाउस के संचालन को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने नया रूल एवं रेगुलेशन प्रकाशित किया है। सरकार का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने जनहित याचिका को निष्पादित कर दी।

    सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि नगर विकास विभाग ने राज्य में संचालित मीट दुकानों और स्लाटर हाउस को रेगुलेट करने के लिए नया रेगुलेशन प्रकाशित किया है।

    इसके तहत सभी मीट दुकानों और स्लाटर हाउस को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड रेगुलेशन, 2011 तथा प्रिवेंशन आफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स (स्लाटर हाउस) रूल्स, 2001 के प्रविधानों का पालन करना होगा।

    नगर निकाय से एनओसी लेना होगा अनिवार्य
    नए रेगुलेशन के तहत प्रत्येक मीट दुकान और स्लाटर हाउस के लिए संबंधित नगर निगम या नगर निकाय से एनओसी लेना अनिवार्य होगा।

    एनओसी जारी करने से पहले संबंधित नगर निगम या नगर निकाय की ओर से मीट दुकान और स्लाटर हाउस का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद निर्धारित मानकों का अनुपालन पाए जाने पर एनओसी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    खुले में मीट बिक्री के खिलाफ दायर हुई थी याचिका
    राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में दुकानों के बाहर खुलेआम कटे हुए बकरे और मुर्गे की बिक्री किए जाने के खिलाफ प्रार्थी श्यामानंद पांडेय ने झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी।

    याचिका में कहा गया था कि रांची शहर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में मीट विक्रेता खुले में कटे हुए बकरे और चिकन को प्रदर्शित कर बिक्री करते हैं।

    प्रार्थी ने इसे खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के विपरीत बताया था। राज्य सरकार की ओर से नए रेगुलेशन की जानकारी दिए जाने के बाद अदालत ने याचिका को निष्पादित कर दिया।

  • जयपुर में करोड़ों की चोरी से हड़कंप, Rado शोरूम से 251 घड़ियां गायब; CCTV में कैद वारदात

    जयपुर में करोड़ों की चोरी से हड़कंप, Rado शोरूम से 251 घड़ियां गायब; CCTV में कैद वारदात

      जयपुर
    जयपुर में गुरुवार तड़के करीब साढ़े चार बजे जब शहर सो रहा था और टोंक रोड पर राडो लग्जरी घड़ियों के शोरूम में चोरी का पूरा 'ऑपरेशन' चल रहा था। छह-सात नकाबपोश आए, शटर के बाहर दो चादरें तानीं और फिर शुरू हुआ घड़ियां समेटने का सिलसिला। महज 36 मिनट में बदमाश 251 घड़ियां बैगों में भरकर निकल गए। चोरी गई घड़ियों की शुरुआती कीमत करीब 6 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पूरी वारदात शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। सूत्रों के मुताबिक, चोरी की गई घड़ियों की कीमत 90 हजार से लेकर सात लाख रुपए तक है।

    आधा घंटे तक अंदर…क्या पहले से था 'नक्शा'?
    पुलिस को आशंका है कि चोरों को शोरूम की अंदरूनी व्यवस्था और महंगी घड़ियों के डिस्प्ले की पहले से जानकारी थी। हालांकि, यह भी जांच की जा रही है कि घड़ियों का चयन पहले से तय था या मौके पर किया गया। बदमाशों ने पहले आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी। मौका देखकर शटर के बाहर कपड़े की दो चादरें आड़ी लगाईं, ताकि अंदर चल रही गतिविधियां सड़क से दिखाई न दें।

    घटना के बाद जांच करती पुलिस
    इसके बाद शटर तोड़कर उसे ऊपर उठाया और एक-एक कर अंदर दाखिल हो गए। अंदर पहुंचते ही उनका निशाना तय था। महंगी घड़ियों वाले शोकेस और काउंटरों तक पहुंचे और बैगों में घड़ियां भरने लगे। सीसीटीवी फुटेज में नकाब पहने बदमाश टॉर्च की रोशनी में लगातार घड़ियां समेटते नजर आ रहे हैं। कोई शोकेस खंगाल रहा था तो कोई बैग भरने में जुटा था।

    चार राज्यों में पहले भी इसी कंपनी के शोरूम बने निशाना
    शुरुआती जांच में सामने आया है कि देश के अन्य राज्यों में भी राडो घड़ियों के शोरूम चोरों के निशाने पर रहे हैं। जयपुर पुलिस अब इन पुरानी वारदातों के पैटर्न और आरोपियों के तौर-तरीकों का बारीकी से मिलान कर रही है। जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस तेलंगाना में पकड़े गए उस अंतरराज्यीय गिरोह के बारे में भी पता लगा रही है, जिसने 11 राज्यों में ऐसे शोरूम को निशाना बनाने की बात कबूल की थी। कुल 251 घड़ियां चोरी होना बताया गया है।

    सड़क पर लोग गुजरते रहे
    पुलिस को आशंका है कि बदमाश बाइक या चौपहिया वाहन से आए थे। वाहन शोरूम से कुछ दूरी पर खड़ा करने या किसी साथी के उन्हें नजदीक छोड़ने की भी संभावना है। वारदात के दौरान सुबह की सैर करने वाले लोग और वाहन वहां से गुजरते रहे, लेकिन किसी को भनक तक नहीं लगी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पड़ताल शुरू कर दी है।

    सुबह 8 बजे खुला चोरी का राज
    दुर्गापुरा की चंद्रकला कॉलोनी निवासी शोरूम मालिक ने बजाज नगर थाने में मामला दर्ज कराया। सुबह करीब 8 बजे पड़ोसी दुकानदार ने शटर ऊंचा देखा तो मालिक को सूचना दी। अंदर जाकर देखा तो शोरूम में घड़ियों का बड़ा स्टॉक गायब था। शुरुआती जांच में 251 घड़ियां चोरी होना सामने आया है। मॉडल, कीमत और स्टॉक रिकॉर्ड का मिलान जारी है। इसके बाद चोरी गए माल की अंतिम कीमत स्पष्ट होगी। कई लग्जरी मॉडल लाखों रुपए कीमत के हैं।

    कैमरे बंद मिलने और लाइव मॉनिटरिंग न होने से खुली पोल
    पॉश और व्यस्त सड़कों में शुमार टोंक रोड पर चोरों ने सुरक्षा तंत्र को ठेंगा दिखाते हुए सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने लग्जरी घड़ी के शोरूम को आधे घंटे से अधिक समय तक इत्मीनान से खंगाला और करोड़ों रुपए की घड़ियां समेटकर फरार हो गए।

    हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी वारदात हो गई, लेकिन किसी को इसकी भनक नहीं लगी। शोरूम में न तो कोई अलार्म सिस्टम था और न ही कोई ऐसा अलर्ट तंत्र, जो चोरी की भनक लगते ही मालिक या पुलिस को सतर्क कर सके। अगले दिन सुबह जब पड़ोस का दुकानदार शोरूम पर पहुंचा, तब चोरी का खुलासा हुआ और उसने शोरूम मालिक लितेश को इसकी सूचना दी।

    गश्त व्यवस्था पर सवाल
    जिस जगह पर यह चोरी हुई, वहां से बजाज नगर थाना महज सवा किलोमीटर की दूरी पर है। इसके बावजूद बदमाशों का इतनी देर तक बेखौफ होकर शोरूम के भीतर रहना पुलिस की रात्रिकालीन गश्त और खुफिया तंत्र पर सवाल खड़े करता है। यदि रात के वक्त पुलिस की चौकसी मजबूत होती, तो चोरों के लिए इस तरह आसानी से वारदात को अंजाम देना मुश्किल होता।

    सुरक्षा के दावे कागजी
    शहर में अभय कमांड सेंटर के जरिए हजारों कैमरों से पैनी नजर रखने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन इस घटना ने उन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शोरूम के आसपास लगे कई सीसीटीवी कैमरे या तो बंद मिले या फिर उन पर किसी की नजर ही नहीं पड़ी। कैमरों के होने के बावजूद लाइव मॉनिटरिंग का फेल होना बड़ी नाकामी है। एडिशनल डीसीपी ईस्ट पारस जैन ने भी इस बात की पुष्टि की है कि शोरूम में सुरक्षा के नाम पर अलार्म और अलर्ट सिस्टम दोनों ही नदारद थे।

    ये सवाल ताकि शहर रहे सुरक्षित
    बजाज नगर थाना इलाके में करोड़ों के सामान वाले इस शोरूम में हुई चोरी ने शहर के अन्य महंगे आभूषण, घड़ी और इलेक्ट्रॉनिक शोरूमों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस को ऐसे प्रतिष्ठानों एवं शहर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना भी जरूरी हो गया है।

    क्या जयपुर में सुरक्षा का मतलब सिर्फ वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगालना रह गया है? टोंक रोड जैसे व्यस्त मार्ग पर चोर आधे घंटे से ज्यादा सक्रिय रहे, तो पुलिस गश्त कहां थी?

    बजाज नगर थाने से महज सवा किलोमीटर दूर वारदात हुई, फिर पुलिस की मौजूदगी का असर क्यों नहीं दिखा? रात में बंद रहने वाले शोरूमों की सुरक्षा पुलिस गश्त में क्यों नहीं है?

    क्या हजारों कैमरों के होने के बावजूद लाइव मॉनिटरिंग फेल हो रही है? क्या कमांड सेंटर के पास कैमरों के बंद होने या तकनीकी खराबियों का कोई रियल-टाइम डैशबोर्ड है?

    सेंधमारी होने पर मालिक को तुरंत सूचना देने वाला ऑटोमैटिक अलार्म सिस्टम क्यों नहीं था? क्या ऐसे संवेदनशील प्रतिष्ठानों के लिए यह अनिवार्य किया जाना चाहिए?

    अपराध रोकने के लिए पुलिस, कमांड सेंटर और व्यापारियों के बीच कोई एकीकृत सुरक्षा तंत्र काम कर रहा है?

     

  • हरियाणा स्कूल खेलों के शेड्यूल में बदलाव, खिलाड़ियों के लिए बस से लेकर ठहरने तक की व्यवस्था के निर्देश

    हरियाणा स्कूल खेलों के शेड्यूल में बदलाव, खिलाड़ियों के लिए बस से लेकर ठहरने तक की व्यवस्था के निर्देश

     चंडीगढ़
    माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने 59वें राज्य स्तरीय स्कूल खेल प्रतियोगिताओं के शेड्यूल में बदलाव किया है। जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों के अनुरोध के बाद विभाग ने नया शेड्यूल जारी कर दिया है।

    पहले चरण की प्रतियोगिताएं चार से छह अक्टूबर तथा दूसरे चरण की प्रतियोगिताएं नौ से 11 अक्टूबर तक होंगी। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक की ओर से जिला उपायुक्तों तथा जिला खेल अधिकारियों व परिवहन विभाग के महाप्रबंधकों को भी पत्र भेजा गया है।

    परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि दूसरे जिलों से आने-जाने वाले खिलाडिय़ों के लिए आवश्यकतानुसार बसों की निर्बाध सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी इन खेल प्रतियोगिताओं के संचालन और खिलाडिय़ों के खान-पान व ठहरने का खर्च अपने स्वयं के तय बजट व स्कीम से ही जारी करेंगे।

    अकादमिक सेल को भी निर्देश दिए गए हैं कि इस नए टाइम टेबल को टीचर्स डायरी में अपडेट करें ताकि स्कूलों की नियमित पढ़ाई और परीक्षाओं पर इसका असर न पड़े

  • LPU हिंसा के दौरान आगजनी-लूटपाट का मामला, पुलिस ने 9 आरोपियों को दबोचा

    LPU हिंसा के दौरान आगजनी-लूटपाट का मामला, पुलिस ने 9 आरोपियों को दबोचा

    जालंधर.

    लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी हिंसा (LPU protest) में 28 सितंबर को हुए हिंसक प्रदर्शन, तोड़फोड़, आगजनी, लूटपाट और पुलिस वाहनों को आग लगाने के मामले में पंजाब पुलिस ने 9 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

    डीआइजी नवीन सिंगला ने बताया कि, विशेष जांच टीम (SIT) ने अलग-अलग टीमों का गठन कर इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म, समाचार चैनलों की फुटेज, एलपीयू और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों से जांच की। इसी आधार पर हिंसा में शामिल आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों में 7 यूनिवर्सिटी के छात्र हैं जो कि दो बाहरी लोग हैं। इस पूरे मामले को लेकर दो FIR दर्ज की गई हैं। पहली FIR नंबर 163, 28 सितंबर को थाना सतनामपुरा, जिला कपूरथला में दर्ज हुई।

  • तरनतारन में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मुठभेड़, BSF ने 2 पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया

    तरनतारन में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मुठभेड़, BSF ने 2 पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया

    तरनतारन 

    अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों ने आज शुक्रवार (02 अक्तूबर को) पाकिस्तान की तरफ से एक बड़ी घुसपैठ को नाकाम कर दिया है। BSF के जवानों ने पंजाब के तरनतारन सेक्टर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो पाकिस्तानी नागरिकों को मार गिराया है। ये दोनों राजोके गांव के पास भारतीय इलाके में घुसने की कोशिश कर रहे थे।

    शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दोनों पाकिस्तानी नागरिकों ने शुक्रवार की दोपहर 12 बजे के करीब इंटरनेशनल बॉर्डर पार करके भारतीय इलाके में घुसने की कोशिश की। ऐसा करते हुए BSF के जवानों ने उन्हें देख लिया। इसके बाद उन्हें चेतावनी देते हुए रुकने के लिए कहा। लेकिन चेतावनी के बावजूद दोनों लोग भारतीय इलाके की तरफ बढ़ते रहे। इसके बाद BSF जवानों ने फायरिंग की, जिसमें दोनों घुसपैठिए मारे गए।

    मिली जानकारी के अनुसार ये घटना तरनतारन क्षेत्र के अंतर्गत आते राजोके की है। बीती रात सरहद पर पहरा दे रहे जवानों ने भारतीय सरहद में लगाई गई कंटीली तारों के पार हरकत होते हुए देखी। तकरीबन 3 संदिग्ध पाकिस्तानी रात का फायदा उठाकर भारतीय सीमा की ओर धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए दिखाई दिए।

    सुरक्षा के मद्देनजर मौजूदा जवानों ने थर्मल इमेजिंग और दूरबीनों से संदिग्धों की गतिविधी को ट्रैक किया। लेकिन वे भारतीय सीमा में आ चुके थे। 

    जवानों ने दी लौटने की चेतावनी
    मौजूदा जवानों ने संदिग्धों की लोकेशन कंफर्म कर उन्हें वापस लौटने की चेतावनी दी। लेकिन घुसपैठियों ने वापस लौटने की जगह छिपने का प्रयास किया। बार-बार चेतावनी के बाद बीएसएफ के जवानों को सुरक्षा को देखते हुए फायरिंग करनी पड़ी।

    दो संदिग्धों के ढेर होने की सूचना 
    जवानों की तरफ से की गई कार्रवाई के दौरान दो घुसपैठियों को मार गिराने में सफलता मिली है। अनुमान यही है कि ये घुसपैठिए तस्कर थे, जो भारतीय सीमा में खेप पहुंचाने के मकसद से पहुंचे थे। इनसे क्या रिकवरी हुई है, इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है। 

    घटना के तुरंत बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। जल्द ही बीएसएफ के अधिकारी इसे लेकर जल्द जानकारी साझा करेंगे।