Category: राज्य

  • ग्राम स्वराज पर CM योगी का जोर, बोले- परिवारवादी मॉडल की नहीं है जगह

    ग्राम स्वराज पर CM योगी का जोर, बोले- परिवारवादी मॉडल की नहीं है जगह

    हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    बिना नाम लिए कांग्रेस-सपा के परिवारवाद पर निशाना, बोले- गांवों को वोट बैंक समझने की राजनीति ने उन्हें पीछे रखा
     
    2017 से पहले गांवों को मिले सिर्फ वादे, व्यवस्था में न पारदर्शिता थी न जवाबदेही
     
    57,600 ग्राम सचिवालयों से गांव में मिल रहीं सुविधाएं, हर गांव में 5 से 7 रोजगार के अवसर
     
    11,350 ग्राम पंचायतों में स्थापित की जा रहीं डिजिटल लाइब्रेरी
     
     लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांधी जयंती पर ग्राम स्वराज के मुद्दे पर बिना नाम लिए कांग्रेस और सपा के परिवारवाद को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि गांवों को केवल वोट बैंक समझने और उन्हें अराजकता व जातिवाद की आग में झोंकने वाली राजनीति ने गांवों को पीछे रखा। हमारे ग्राम स्वराज में परिवारवादी मॉडल की कोई जगह नहीं है।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि 2017 से पहले गांवों को विकास नहीं, सिर्फ वादे मिले। गांवों के नाम पर राजनीति हुई, लेकिन व्यवस्था में न पारदर्शिता थी, न जवाबदेही। आय और जाति प्रमाण-पत्र के लिए भी ग्रामीणों को तहसील, थाना और जिला मुख्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार गांव को विकास की अंतिम सीढ़ी नहीं, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की पहली इकाई मानती है। पिछले साढ़े नौ वर्षों में व्यवस्था बदली है। आज 57,600 ग्राम सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीणों को गांव में ही सुविधाएं मिल रही हैं। ई-ग्राम स्वराज, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन मॉनिटरिंग से पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही आई है।
     
    ग्राम सचिवालयों के संचालन से प्रत्येक गांव में पांच से सात रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। वहीं 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम स्वराज उनके लिए कोई राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के सपनों के आत्मनिर्भर गांव का संकल्प है। सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश- यही हमारा ग्राम स्वराज है।

  • हर घर में उजाला पहुंचाने की तैयारी, महराजगंज में लगेगा सौर ऊर्जा कैंप; जानें तारीख और आवेदन प्रक्रिया

    हर घर में उजाला पहुंचाने की तैयारी, महराजगंज में लगेगा सौर ऊर्जा कैंप; जानें तारीख और आवेदन प्रक्रिया

    महराजगंज
    प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में तीन दिवसीय जन-जन तक सौर ऊर्जा, हर घर में उजाला सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया जाएगा।

    पांच से सात अक्टूबर 2026 तक विकास भवन परिसर में लगने वाले शिविर में लोगों को योजना की जानकारी देने के साथ ही उन्हें रूफटॉप सोलर लगवाने के लिए पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया में मार्गदर्शन दिया जाएगा।

    यूपीनेडा एवं डिस्काम की ओर से आयोजित इस अभियान के माध्यम से नागरिकों को प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के लाभों से अवगत कराया जाएगा। स्थानीय प्रशासनिक चैनलों, डिजिटल माध्यमों और सामुदायिक स्तर पर जागरूकता के जरिए अधिक से अधिक परिवारों को योजना से जोड़ने का प्रयास होगा।

    शिविर में पहुंचकर लोग सौर ऊर्जा से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के साथ योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया को समझ सकेंगे। यूपीनेडा के परियोजना प्रभारी प्रेम प्रकाश सिंह ने बताया कि शिविर का उद्देश्य योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

     

  • 60 हजार का कर्ज लेकर पिता ने खरीदा धनुष, कीर्ति शर्मा ने गोल्ड पर साधा निशाना

    60 हजार का कर्ज लेकर पिता ने खरीदा धनुष, कीर्ति शर्मा ने गोल्ड पर साधा निशाना

    जींद.

    हरियाणा के जींद जिले का छोटा सा गांव रिटोली उस समय ख़ुशी से सराबोर हो उठा, जब एशियन गेम्स 2026 से तीरंदाजी में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने की खबर आई. गांव की बेटी कीर्ति शर्मा ने महिला रिकर्व टीम इवेंट में अपनी साथियों अंकिता भकत और कुमकुम अनिल मोहोद के साथ मिलकर फाइनल में दक्षिण कोरिया को पराजित कर यह स्वर्णिम इतिहास रचा है.

    जैसे ही कीर्ति के स्वर्ण पदक जीतने की सूचना गांव पहुंची, उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया. बता दें, भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 बार की ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर एशियाई खेलों में अपना पहला स्वर्ण पदक जीता. अनुभवी अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ ने तेज हवा के कारण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच धैर्य बनाए रखते हुए मौजूदा चैंपियन दक्षिण कोरिया को पछाड़कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की. प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी सोशल मीडिया के जरिए बधाई देते हुए कहा कि हमारी बेटियां लगातार स्वर्णिम प्रदर्शन कर देश का मान बढ़ा रही हैं. कीर्ति की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनके परिवार का वर्षों का संघर्ष और त्याग छिपा है.

    माता गुड्डी देवी ने नम आंखों से यादों के पन्ने पलटते हुए बताया कि कीर्ति की प्रतिभा की पहचान पिल्लूखेड़ा मंडी के एफएस स्कूल में हुई थी. शुरुआत में वह एथलेटिक्स में दौड़ लगाया करती थी. कोच ऊधम सिंह ने जब उनके स्टैमिना और एकाग्रता को देखा, तो उसे तीरंदाजी में किस्मत आजमाने की सलाह दी. बेटी के गोल्ड जीतने  के बाद उनकी मां गुड्डी देवी बताती हैं,"हमारे पास तो इतने पैसे भी नहीं थे. हमने सोचा छोटा-मोटा खेल होगा. पहली बार ₹5,000 का लकड़ी का धनुष उधार पैसे लेकर खरीदकर दिया था. जब उसकी कला में निखार आया तो कोच के कहने पर ₹55,000 का प्रोफेशनल धनुष आढ़ती से कर्ज लेकर लाए."

    कीर्ति के पिता विजय कुमार, जो महज तीन एकड़ जमीन पर खेती करके परिवार का गुजर-बसर करते हैं, बताते हैं कि जब बच्ची का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण के पद्मा हजारीबाग (झारखंड) केंद्र में हुआ, तब उसके अभ्यास के लिए ₹55,000 का नया धनुष भी आढ़ती से ब्याज पर पैसे उठाकर दिलाना पड़ा. पिता ने भावुक होते हुए कहा,"जब बेटी का फोन आया कि 'पापा, हमने कोरिया को हराकर गोल्ड जीत लिया है', तो एक पल के लिए यकीन ही नहीं हुआ. उस वक्त मैं खेत में धान की कटाई की तैयारी कर रहा था. 3 एकड़ जमीन में बच्चों को पढ़ाया और इस मुकाम तक पहुंचाया.

    आज बेटी ने सारा कर्ज चुकता कर दिया."  कीर्ति बीते 4 सालों से परिवार और घर त्यागकर झारखंड में इंटरनेशनल कोच ऊधम सिंह के मार्गदर्शन में दिन-रात कड़ा अभ्यास कर रही थी. घर पर पोती की जीत की सूचना सबसे पहले उनके भाई ने हरिद्वार से दी, जो वहां रहकर जेईई की पढ़ाई कर रहे हैं. दादा रामजवारी और दादी लखपति देवी ने खुशी जताते हुए कहा,"बेटी ने पूरे देश और हरियाणा का नाम पूरे विश्व में ऊंचा कर दिया है. हमारी पोती ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे बुलंद हों तो गांव की गलियों से निकलकर भी दुनिया जीती जा सकती है." गौरतलब है कि एशियन गेम्स 2026 में जींद जिले के खिलाड़ियों का दबदबा कायम है. कीर्ति शर्मा से पहले निशानेबाज नीरू ढांढा दो स्वर्ण पदक, जुलाना की पूजा कबड्डी में स्वर्ण पदक और अलेवा के हिमांशु रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर चुके हैं.

  • 100 प्रधानाचार्यों का ओरिएंटेशन कार्यक्रम, CM स्कूलों में CBSE, ICT और कौशल शिक्षा का बनेगा रोडमैप

    100 प्रधानाचार्यों का ओरिएंटेशन कार्यक्रम, CM स्कूलों में CBSE, ICT और कौशल शिक्षा का बनेगा रोडमैप

    रांची
     रांची में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया. झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) की ओर से धुर्वा स्थित प्रेक्षागृह में नव चयनित 100 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (सीएम-एसओई) के प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों के लिए राज्यस्तरीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया. इन स्कूलों में अगले सत्र से पढ़ाई शुरू होगी.

    कार्यक्रम में आदर्श विद्यालय योजना के विजन और मिशन को लागू करने, स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने की प्रक्रिया, शैक्षणिक व भौतिक सुविधाओं को बेहतर बनाने और पहले से चल रहे सीएम स्कूलों के अनुभवों पर चर्चा हुई.

    विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर अपनाएं शिक्षण पद्धति
    जेईपीसी के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर (एसपीडी) शशि रंजन ने सरकारी स्कूलों को उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करने की रणनीति की जानकारी दी. उन्होंने नये 100 स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों से नेतृत्व की जिम्मेदारी लेने, विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर शिक्षण पद्धति अपनाने और सीबीएसई संबद्धता के लिए निर्धारित समय सीमा के अनुसार कार्य करने पर जोर दिया.

    CBSE संबद्धता के लिए 90 दिन का एक्शन प्लान
    जेईपीसी के विशेषज्ञों ने स्कूलों के संचालन और विकास से जुड़े विषयों पर कार्ययोजना प्रस्तुत की. पीएमयू के प्रोग्राम स्पेशलिस्ट डॉ मनोहर लाल ने सीबीएसई संबद्धता के लिए जरूरी मानकों, दस्तावेजों और शैक्षणिक मापदंडों की जानकारी दी. उन्होंने तीन माह की कार्ययोजना के तहत चरणबद्ध तरीके से आवश्यक तैयारियां पूरी करने की जानकारी दी.

    मजबूत होगी स्कूलों की आधारभूत संरचना
    सिविल वर्क मैनेजर किरण सिन्हा ने कक्षा-कक्षों के आधुनिकीकरण, सुरक्षा मानकों, चारदीवारी और अन्य संरचनात्मक सुधारों की जानकारी दी. सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के निर्धारित मानकों के अनुरूप आधारभूत संरचना विकसित करने पर जोर दिया गया.

    स्मार्ट क्लास और ICT पर जोर
    एसीपी संजीव कुमार गुप्ता ने स्कूलों में डिजिटल संसाधनों के उपयोग और तकनीक आधारित शिक्षण व्यवस्था की जानकारी दी. स्मार्ट क्लास, ICT लैब, डिजिटल कंटेंट और तकनीक आधारित शिक्षण पद्धति को प्रभावी तरीके से लागू करने की रणनीति बतायी गयी.

    व्यावसायिक शिक्षा और लैब विकसित करने की योजना
    व्यावसायिक शिक्षा के नोडल पदाधिकारी अमित कुमार ने स्कूलों में विशेष व्यावसायिक लैब स्थापित करने और रोजगारोन्मुखी कौशल पाठ्यक्रम शुरू करने की जानकारी दी. इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नियमित शिक्षा के साथ कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराना है.

    पुराने सीएम स्कूलों के प्राचार्यों ने साझा किये अनुभव
    कार्यक्रम में पहले से संचालित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के प्रधानाध्यापकों ने अपने अनुभव साझा किये. उन्होंने स्कूल के विकास के दौरान सामने आयी चुनौतियों, समुदाय की भागीदारी और संस्थागत बदलाव से जुड़े अनुभव नये स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के साथ साझा किये.

    जेसी बोस सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, गिरिडीह के प्रधानाध्यापक मुन्ना प्रसाद कुशवाहा, बीपीएम सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, बर्मामाइंस, जमशेदपुर की प्रधानाध्यापिका रंजिता गांधी और जिला सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, लातेहार की प्रधानाध्यापिका तृप्ति भारती ने अपने अनुभव बताये.

    100 प्रधानाध्यापकों ने पूछे सवाल
    कार्यक्रम के दौरान 100 नये सीएम स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया. इसमें सीबीएसई संबद्धता में आने वाली समस्याओं, प्रशासनिक प्रबंधन, आधारभूत संरचना और कार्यों की समय सीमा से जुड़े सवालों का समाधान किया गया.

    कार्यक्रम के समापन पर जेईपीसी के डिप्टी डायरेक्टर सह सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के नोडल पदाधिकारी आशीष कुमार पांडेय ने संबोधन किया और धन्यवाद ज्ञापन दिया. उन्होंने आदर्श विद्यालय योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने को मुख्य उद्देश्य बताते हुए सभी प्रधानाध्यापकों और प्राचार्यों से स्कूलों को बेहतर बनाने की दिशा में पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करने का आह्वान किया.

  • BSF ने पंजाब सीमा पर घुसपैठ की कोशिश की नाकाम, 2 पाकिस्तानी घुसपैठिए ढेर

    BSF ने पंजाब सीमा पर घुसपैठ की कोशिश की नाकाम, 2 पाकिस्तानी घुसपैठिए ढेर

    तरनतारन.

    BSF ने भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, खेमकरण सेक्टर के गांव राजोके के पास 2 पाकिस्तानी नागरिक भारतीय बॉर्डर में घुसने की कोशिश कर रहे थे।

    इस दौरान एक किसान ने बॉर्डर पर तैनात BSF को बॉर्डर पर कुछ हलचल होने की जानकारी दी। इसके बाद जवानों ने सतर्कता दिखाई और चिल्लाकर चेतावनी दी। चेतावनी के बावजूद भी लोग भारतीय इलाके में घुसने की कोशिश करते रहे, जिस पर BSF ने कार्रवाई करते हुए दोनों लोगों पर फायरिंग की। घटना के बाद बॉर्डर इलाके में सुरक्षा एजेंसियां ​​सतर्क हो गई हैं। इस संबंध में BSF, खुफिया एजेंसियों और खालरा थाने की पुलिस ने मिलकर आगे की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, BSF ने मृतकों की पहचान और उनके पास से बरामद सामान के बारे में कोई जानकारी शेयर नहीं की है।

  • जितने संवेदनशील थे, उनका ही संघर्षशील भी था शास्त्री जी का व्यक्तित्वः मुख्यमंत्री

    जितने संवेदनशील थे, उनका ही संघर्षशील भी था शास्त्री जी का व्यक्तित्वः मुख्यमंत्री

    खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी छूटः मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती पर अर्पित किए श्रद्धासुमन 

    एनेक्सी स्थित पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा पर दी पुष्पांजलि, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी किया याद सीएम ने

    जितने संवेदनशील थे, उनका ही संघर्षशील भी था शास्त्री जी का व्यक्तित्वः मुख्यमंत्री

    भारत की स्वाधीनता का मंत्र था खादी, हर व्यक्ति खादी को जीवन का बनाए हिस्साः मुख्यमंत्री

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर प्रदेशवासियों को उपहार दिया। उन्होंने कहा कि खादी भारत की स्वाधीनता का मंत्र है, प्रदेश सरकार ने खादी के वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 फीसदी की छूट उपलब्ध कराई है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि हर व्यक्ति खादी को जीवन का हिस्सा बनाकर कारीगरों, हस्तशिल्पियों व बुनकरों के हुनर को सम्मान दे। सीएम योगी ने एनेक्सी स्थित पूर्व प्रधानमंत्री ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पुष्पांजलि दी। उन्होंने इस अवसर पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी याद किया। 

    भारत की आजादी का मंत्र बना था ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’
    सीएम योगी ने कहा कि भारत की स्वाधीनता के महानायक राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज 157वीं तथा सादगी, सज्जनता के लिए प्रसिद्ध भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती है। बापू का ‘स्वदेशी से स्वावलंबन’ भारत की आजादी का मंत्र बना था। आजादी का जो आंदोलन पहले बिखरा था, वह बापू के नेतृत्व में जनांदोलन बना। जिसके कारण ब्रिटिश हुकूमत को भारत छोड़कर भागने को मजबूर होना पड़ा। 

    स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता
    मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी जी का आत्मनिर्भरता व स्वावलंबन का मंत्र ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगा, इसीलिए पीएम मोदी जी ‘लोकल टू ग्लोबल’ की चर्चा करते हैं। उनका मानना है कि गांवों, कारीगरों, हस्तशिल्पियों, बुनकरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को प्रोत्साहित करना और प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना भारत की स्वाधीनता के महानायकों के प्रति कृतज्ञता भी है। 

    हर भारतीय श्रद्धा से लेता है शास्त्री जी का नाम 
    सीएम योगी ने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री जी का नाम आते ही हर भारतीय के मन में श्रद्धा का भाव उमड़ पड़ता है। वह अपनी सादगी, सज्जनता के लिए सदैव प्रसिद्ध रहेंगे। वह जितने संवेदनशील थे, उनका व्यक्तित्व उतना ही संघर्षशील भी था। उन्होंने जो कहा, वह करके दिखाया। जो किया, उतना ही बोला। 

    ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा बना स्वाधीन भारत का मंत्र
    मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी का ध्येय था कि भारत खाद्यान्न आत्मनिर्भरता में लक्ष्य प्राप्त करे और देश की सीमाओं पर लड़ रहे जवानों के प्रति हर भारतीय के मन में सम्मान का भाव पैदा हो। शास्त्री जी का ‘जय जवान-जय किसान’ का नारा स्वाधीन भारत का मंत्र बना। 

    भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध किसान
    सीएम योगी ने कहा कि एक ओर जवान सीमाओं की रक्षा करते हुए दुश्मनों के छक्के छुड़ा रहे थे तो दूसरी ओर अन्नदाता किसान अपने पसीने, परिश्रम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रहा था। उसी का परिणाम है कि आज भारत ने खाद्यान्न आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त किया है। भारत अब 140 करोड़ देशवासियों का पेट भरने के साथ ही अनेक देशों में खाद्यान्न आपूर्ति का सामर्थ्य रखता है। शास्त्री जी ने 1965 में जो मंत्र दिया था, उसे भारत की आंतरिक/वाह्य सुरक्षा प्रदान करने वाले जवान व देशवासी आज भी आत्मसात करते हैं। 

    इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, लालजी प्रसाद निर्मल, विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

  • त्योहारों से पहले घी की कीमतों में तेजी, जयपुर में ₹725 किलो पहुंचा गाय का घी; जानें मंडी के ताजा भाव

    त्योहारों से पहले घी की कीमतों में तेजी, जयपुर में ₹725 किलो पहुंचा गाय का घी; जानें मंडी के ताजा भाव

     जयपुर
     देशी घी की कीमतों में इन दिनों निरंतर तेजी का रुख देखा जा रहा है। त्योहारी डिमांड एवं डेयरियों के पास स्टॉक नगण्य होने से देशी घी के भावों में फिलहाल मंदी का रुख समाप्त हो गया है। 2 सप्ताह के अंतराल में ही देशी घी 15 रुपए प्रति किलो महंगा हो गया है। दूध के भाव लगातार उछलने से भी घी के भावों को मजबूती मिली है।

    स्थानीय राजधानी जयपुर मंडी कूकरखेड़ा स्थित ब्रोकर आर. मूंदड़ा एंड कंपनी के रामनिवास मूंदड़ा ने बताया कि ब्याह शादी होने एवं फैस्टिव डिमांड के चलते देशी घी में आगे भी तेजी ही बनी रहेगी। उधर साउथ में दूध की कमी होने के कारण गाय का घी काफी महंगा हो गया है। इसमें 30 रुपए प्रति किलो की मजबूती दर्ज की गई है। मूंदड़ा ने बताया कि सोनई एवं तिरूमाला ब्रांड गाय का घी वर्तमान में 725 रुपए प्रति किलो होलसेल में बिकने लगा है।

    बता दें देश में घी और बटर की घरेलू मांग बहुत अधिक है। लगभग 73 फीसदी घी का उपयोग घरेलू स्तर पर होता है। त्योहारी सीजन और सर्दियों के महीनों के दौरान देशी घी निर्माताओं द्वारा बटर का बड़ा स्टॉक खपा दिया जाता है। जबकि गर्मियों में स्टॉक कम हो जाता है। भारत में कुल बटर का उत्पादन बढ़कर लगभग 7.44 लाख टन होने का अनुमान लगाया गया है।

    जयपुर- स्थानीय मंडियों में खाद्य जिंसों के थोक बाजार भाव इस प्रकार रहे:-
    अनाज-दालें
    गेहूं दड़ा मिल डिलीवरी नैट 2800, सरसों 42 प्रतिशत तेल कंडीशन 8650, ग्वार गम जयपुर डिलीवरी 13100, ग्वार जयपुर डिलीवरी 6450 से 6500, मूंग साबुत 8000, मूंग मोगर 10600, चना मिल डिलीवरी 7050 रुपए प्रति क्विंटल।

    ब्रांडेड देशी घी- नंद कृष्णा 9200, कृष्णा 9750, बिलौना 9350, डेयरी फ्रैश 9200, महान 9980, श्रीसरस 9175, श्रद्धा ब्रांड 9150, गोकुल 9150 रुपए प्रति 15 किलो।
    स्किम्ड मिल्क पाउडर- बंगाल टाइगर 380, अमूल 335, सागर 340 रुपए प्रति किलो।
    वनस्पति घी- अशोका 2165 रुपए जीएसटी पेड।
    सरसों तेल (कच्ची घाणी, एगमार्क ग्रेड-1)- अशोका 3000, ज्योति किरण 2990, कबीरा 3010, नेताजी 3015, कबीरा ब्रांड कोल्ड प्रैस्ड् सरसों तेल 3025 रुपए प्रति 15 किलो जीएसटी पेड।
    सोयाबीन रिफाइंड तेल– नेताजी 2470, दीपज्योति 2460, चंबल 2500 रुपए प्रति 15 किलो जीएसटी पेड।
    मूंगफली रिफाइंड तेल- गोल्ड मैजिक 2800, नेताजी 2900, कबीरा 2925 रुपए प्रति 15 लीटर जीएसटी पेड।
    मूंगफली फिल्टर तेल- गोल्ड मैजिक 3000, नेताजी 2975, स्वदेशी 2970, अग्रसेन 2960, कबीरा 2900 रुपए प्रति 15 किलो जीएसटी पेड।
    तिल्ली तेल- कबीरा 3750 रुपए प्रति 15 किलो जीएसटी पेड।
    किराना मेवा- सौंफ डायमंड 200, मधुबाला अजवायन 185, मधुबाला पोस्तदाना 1800, पोहा लाल गणेश 55, पोहा मधुबाला 57 रुपए प्रति किलो।
    कैटलफीड- ग्वाला डायमंड 3000, ग्वाला सुपर फैट प्रो 3400, महाराजा सुपर 2975, महाराजा मोहनभोग 2925, महाराजा राजभोग 2875, आशीर्वाद गोल्ड 2925, एस्सार मिल्क स्पेशल 3175 रुपए। भैंस ब्रांड बिनौला खल 5400 रुपए प्रति क्विंटल। भैंस पशु आहार 1135 रुपए प्रति बैग।

    सरिया प्रति टन जीएसटी पेड। कृष्णा 8 एमएम 61200, 10 एमएम 59100, 12 एमएम 57600 रुपए। प्रीमियर 8 एमएम 61100, 10 एमएम 59000, 12 एमएम 57500 रुपए। जैमिनी 8 एमएम 61000, 10 एमएम 58800, 12 एमएम 57300 रुपए। शर्मा 8 एमएम 61000, 10 एमएम 58800, 12 एमएम 57200 रुपए। शर्मा गर्डर 125 से 150 एमएम 59500 रुपए। बिरला टीएमटी सरिया 8 एमएम 411, 10 एमएम 628, 12 एमएम 887, 16 एमएम 1578, 20 एमएम 2466, 25 एमएम 3844 रुपए प्रति नग।

  • मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती पर खादी आश्रम से की खरीदारी

    मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती पर खादी आश्रम से की खरीदारी

    मुख्यमंत्री ने गांधी जयंती पर खादी आश्रम से की खरीदारी

    सीएम योगी ने गमछा खरीद कर किया भुगतान, आश्रम में उपलब्ध वस्त्रों-उत्पादों को देखा और जानकारी भी ली

    सीएम ने खादी आश्रम में कार्यरत लोगों का कुशलक्षेम जाना और वहां मौजूद बच्चों को चॉकलेट दी

    लखनऊ,
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम पहुंचे। उन्होंने यहां आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के साथ ही खादी उत्पाद खरीदा। मुख्यमंत्री ने भगवा रंग का गमछा खरीदा और इसका भुगतान किया। सीएम ने गांधी आश्रम में विभिन्न खादी उत्पादों को देखा और उनके बारे में जानकारी भी ली। उन्होंने वहां आए लोगों को खादी खरीदने के लिए प्रेरित किया। 

    मुख्यमंत्री ने खादी आश्रम में कार्यरत सभी लोगों का कुशलक्षेम जाना और वहां मौजूद बच्चों को चॉकलेट दी। बच्चों से उनकी पढ़ाई आदि के बारे में भी पूछा। बच्चों ने पैर छूकर मुख्यमंत्री का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, पवन सिंह चौहान, उप्र राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, भाजपा के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

  • लखनऊ में BJP की रणनीतिक बैठक, बूथ मैनेजमेंट से लेकर MLC चुनाव तक बनी योजना

    लखनऊ में BJP की रणनीतिक बैठक, बूथ मैनेजमेंट से लेकर MLC चुनाव तक बनी योजना

    लखनऊ
    भाजपा प्रदेश कार्यालय पर हलचल के बीच गुरुवार दोपहर जिस मनोभाव के साथ प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े कक्ष में पहुंचे, तभी साफ हो गया था कि यह सिर्फ संगठन की बैठक नहीं है। रणनीतिकार आश्वस्त थे कि तावड़े समेत चारों सह-प्रभारियों की प्रदेश इकाई के साथ बैठक में एमएलसी चुनाव एवं मिशन-2027 की तैयारियों की रूपरेखा बनेगी।

    शीर्ष पदाधिकारियों ने पहले बंद कमरे में बैठक की। फिर क्षेत्रीय अध्यक्षों-प्रभारियों एवं प्रदेश महामंत्रियों के साथ बैठक की। 2024 लोकसभा चुनाव में हारे 40 हजार बूथों को जीतने का लक्ष्य दिया गया। शाम तक मोर्चों की प्रदेश टीम एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष भी घोषित कर दिए गए।

    प्रदेश प्रभारी बनने के बाद तावड़े एवं सह प्रभारी जगदीश ईश्वर पटेल दो बार लखनऊ पहुंच चुके हैं, जबकि 23 सितंबर को सह प्रभारी बनाए गए अनंत ओझा, प्रदीप वर्मा एवं मेधा कुलकर्णी पहली बार प्रदेश के दौरे पर आए। पहली बैठक बंद कमरे में हुई, जिसमें तावड़े, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह एवं चारों सह-प्रभारी बैठे।

    बूथ प्रबंधन के साथ ही यूजीसी, जेनजी, आरक्षण, पीडीए, विधायकों के प्रति आक्रोश, एसआइआर, नए नैरेटिव एवं राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे कई विषयों का चुनावी प्रभाव आंका गया। कार्यकर्ताओं के मनोबल को बढ़ाने की बात हुई। इस बैठक से प्रदेश पदाधिकारियों को दूर रखा गया। दूसरे सत्र में तावड़े एवं उनकी टीम ने प्रदेश महामंत्रियों दिलीप पटेल, शंकर लोधी, अभिजात मिश्रा, गीता शाक्य, अभिजात मिश्रा, उपेंद्र रावत, राजेश चौधरी, राम प्रताप सिंह एवं संजय राय के अलावा मोर्चों के अध्यक्ष देवेंद्र चौधरी, रोहित मिश्रा, अशोक रावत, सरोज कुशवाहा, प्रकाश पाल एवं विद्याभूषण गोंड एवं सभी छह प्रभारियों की बैठक ली।

    उन्हें पिछले लोकसभा चुनाव में हारी विधान सभा सीटों एवं जीती सीटों पर हारे बूथों को लेकर विशेष रणनीति बनाने के लिए कहा गया। पदाधिकारियों को स्नातक एवं शिक्षक खंड के 11 एमएलसी प्रत्याशियों को जिताने के लिए कहा। बैठक में संकेत दे दिया था कि शाम तक मोर्चों की प्रदेश इकाइयां घोषित कर दी जाएंगी।

    तावड़े का सबसे ज्यादा फोकस 2027 विधान सभा चुनाव को लेकर रहा, जिसमें एनडीए के घटक दलों से बूथ स्तर तक समन्वय बढ़ाने, कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने एवं ज्यादा से ज्यादा वोटों को मतदान बूथ तक पहुंचाने की रणनीति बनाई गई। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। सात अक्टूबर को वाराणसी में वडनगर से आने वाली जलकलश यात्रा को लेकर भी जानकारी दी गई।

     

  • 20 साल की ‘जीविका’ ने बदली गांवों की तस्वीर, महिलाओं को मिला रोजगार और आत्मनिर्भरता का रास्ता

    20 साल की ‘जीविका’ ने बदली गांवों की तस्वीर, महिलाओं को मिला रोजगार और आत्मनिर्भरता का रास्ता

    पटना
    वर्ष 2006 में गांधी जयंती पर शुरू हुई ‘जीविका’-बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन सोसाइटी (बीआरएलपीएस) की पहल शुक्रवार को 20 साल पूरे कर रही है। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने जीविका समूह से जुड़कर स्वावलंबन की नई कहानी लिखी। दो दशक की इस निरंतर यात्रा ने बिहार के गांवों की तस्वीर बदल दी है।

    घर की चहारदीवारी एवं चूल्हे-चौके तक जो महिलाएं सीमित थीं, वे आज न सिर्फ वित्तीय रूप से सक्षम हुई हैं, बल्कि सामाजिक बदलाव एवं स्थानीय नेतृत्व की धुरी भी बन चुकी हैं

    राज्य में लगभग 11.85 लाख स्वयं सहायता समूह
    विश्व बैंक की सहायता से कुछ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुआ यह अभियान आज पूरे राज्य में वटवृक्ष बन चुका है। वर्तमान में राज्य में लगभग 11.85 लाख स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) संचालित हैं, जिनसे करीब 1.81 करोड़ परिवार जुड़े हैं।

    इसमें भी अनुसूचित जाति व जनजाति के 72 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को सम्मिलित किया गया है। सबसे खास बात यह है कि इन समूहों में 35 प्रतिशत महिलाएं नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं।

    साप्ताहिक बचत आज करीब 2,693 करोड़ रुपये
    महिलाओं की आर्थिक मजबूती के आंकड़े बेहद प्रभावकारी हैं। जीविका दीदियों की साप्ताहिक बचत आज करीब 2,693 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। बैंकों से 69,000 करोड़ रुपये से अधिक का संस्थागत ऋण समूहों को उपलब्ध कराया गया है, जिसकी वापसी दर 99 प्रतिशत के आसपास है। इस संस्थागत व्यवस्था ने ग्रामीण इलाकों में साहूकारों और महाजनों के शोषणकारी चक्र को ध्वस्त कर दिया है।

    जीविका ने महिलाओं को कृषि और उद्यमिता के नये आयामों से जोड़ा है। लगभग 42 लाख महिला किसान आधुनिक खेती से जुड़ी हैं और 61 महिला किसान उत्पादक कंपनियां (एफपीसी) करोड़ों का कारोबार कर रही हैं। लखपति दीदी अभियान के तहत लाखों महिलाएं सालाना एक लाख से अधिक कमा रही हैं। इतना ही नहीं, महिलाएं पारंपरिक बंधनों को तोड़कर राज मिस्त्री की तर्ज पर रानी मिस्त्री की प्रसिद्धि बटोर रहीं हैं।