Category: राज्य

  • 2004 से 2014 के बीच भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में था अविश्वास: मुख्यमंत्री योगी

    2004 से 2014 के बीच भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में था अविश्वास: मुख्यमंत्री योगी

    जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें प्रधानमंत्री मोदी ने खाली कराईं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    लोकभवन में ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ पर आधारित नाट्य श्रृंखला मंचन कार्यक्रम को किया संबोधित
     
    मुख्यमंत्री बोले- जनधन खाते खोलने पर विपक्ष उड़ाता था खिल्ली, अब गरीब के खाते में सीधे पहुंच रहा उसका पैसा
     
    2004 से 2014 के बीच भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में था अविश्वास: मुख्यमंत्री योगी
     
    प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्ष की यात्रा बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके सेवा की यात्रा
     
    प्रदेशभर में होगा नाट्य श्रृंखला का मंचन, स्थानीय बोलियों और लोकगीतों को भी जोड़ने के निर्देश
     
     लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनधन खाते खोले जा रहे थे तो विपक्ष खिल्ली उड़ाता था कि खाली खाते खोलकर क्या होगा। आज पता चल गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें खाली कराईं और गरीब का पैसा सीधे उसके खाते तक पहुंचाया। जिनकी जेबों तक जनता का पैसा पहुंचता था, उन्हें बुरा लगना और विरोध करना स्वाभाविक है।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोकभवन सभागार में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ पर आधारित नाट्य श्रृंखला मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से चल रहे सेवा संकल्प अभियान के क्रम में संस्कृति विभाग के तहत भारतेंदु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने प्रस्तुति दी।
     
    बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके 25 वर्ष

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात अक्टूबर को गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे करेंगे। यह बिना रुके, बिना डिगे और बिना झुके सेवा की यात्रा है। इसमें विरासत और विकास के समन्वय के साथ बिना भेदभाव योजनाओं को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाया गया।
     
    उन्होंने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को नरेंद्र मोदी ने ऐसे समय गुजरात की जिम्मेदारी संभाली, जब राज्य भूकंप की त्रासदी से जूझ रहा था। इसके बाद दंगों की चुनौती भी आई। इन परिस्थितियों के बीच गुजरात तेजी से उभरते राज्य और विकास के मॉडल के रूप में सामने आया।
     
    यूपीए सरकार के दस वर्षों पर साधा निशाना
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में अविश्वास था। आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के साथ अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी चुनौतियां थीं। वर्ष 2014 में गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताया।
     
    उन्होंने कहा कि इसके बाद किसी जाति, मत, मजहब, क्षेत्र या भाषा के बजाय 140 करोड़ भारतीयों को केंद्र में रखकर योजनाएं आगे बढ़ाई गईं। पहले योजनाएं बनती थीं, लेकिन प्रभावी ढंग से जमीन तक नहीं पहुंचती थीं। आज गरीबों तक आवास, रसोई गैस, शौचालय, स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त राशन जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
     
    हवाई चप्पल वाला भी कर रहा हवाई यात्रा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवाओं के लिए स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर बने हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो और एयरपोर्ट का विस्तार हुआ है। पहले कोई प्रधानमंत्री यह दावा नहीं कर पाया कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज की यात्रा कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे केवल कहा नहीं, करके दिखाया।
     
    उन्होंने कहा कि सात अक्टूबर हर भारतीय के लिए प्रेरणा का दिन होना चाहिए। यह यात्रा 15 अगस्त 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने से जुड़ी है।
     
    प्रदेशभर में होगा नाट्य श्रृंखला का मंचन

    नाट्य प्रस्तुति में वर्ष 2001 के गुजरात भूकंप की तबाही से लेकर कच्छ के पुनर्निर्माण और नरेंद्र मोदी की जनसेवा की यात्रा को मंच पर उतारा गया। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे पूरे प्रदेश में ले जाने के निर्देश दिए।
     
    उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में भोजपुरी, मध्य क्षेत्र में अवधी, ब्रज में ब्रज भाषा और बुंदेलखंड में बुंदेलखंडी के शब्दों के साथ स्थानीय लोकगीत भी प्रस्तुति में जोड़े जाएं। मुख्यमंत्री ने बाल कलाकारों और भारतेंदु नाट्य अकादमी की टीम की सराहना की और कार्यक्रम के बाद कलाकारों के साथ तस्वीर खिंचवाई।
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर नमन करते हुए श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
     

    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    कार्यक्रम में भाजपा अवध क्षेत्र के अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, लखनऊ जिलाध्यक्ष विजय मौर्य, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, भाजपा के प्रदेश मंत्री अंकुर शर्मा व योगेंद्र पटेल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, पवन सिंह चौहान और प्रदेश सरकार के सलाहकार अवनीश अवस्थी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

  • UP आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सैलरी में 25% इजाफा, ₹23,200 हुआ मासिक मानदेय

    UP आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सैलरी में 25% इजाफा, ₹23,200 हुआ मासिक मानदेय

    लखनऊ 

    बेसिक शिक्षा के जिला परियोजना कार्यालयों में आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मियों के मानदेय में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। आशुलिपिक, लेखाकार, सहायक लेखाकार, टंकक, लिपिक व कंप्यूटर ऑपरेटरों की मानदेय में बढ़ोतरी की गई है। फिलहाल इन्हें बढ़े मानदेय का तोहफा मिल गया है।

    महानिदेशक स्कूल शिक्षा व राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से बढ़ा मानदेय दिए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है। आशुलिपिक व लेखाकार को अभी तक प्रति महीने 18560 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा था। अब इन्हें 23200 रुपये प्रति महीने मानदेय दिया जाएगा। सहायक लेखाकार को 11600 रुपये प्रति महीने मानदेय दिया जा रहा था और अब 14500 रुपये प्रति महीने मानदेय दिया जाएगा। टंकक, लिपिकों व कंप्यूटर ऑपरेटरों को अभी तक 11020 रुपये प्रति महीने मानदेय मिल रहा था। अब इन्हें 13775 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। बढ़ा मानदेय इन्हें अक्तूबर से देने की तैयारी है। फिलहाल, इन्हें किसी भी तरह का कोई एरियर नहीं दिया जाएगा।

    375 कर्मियों को मिलेगा मानदेय बढ़ोत्तरी का लाभ
    वर्षों से कार्य कर रहे इन कर्मियों को बड़ी राहत मिल गई है। सभी जिलों के जिला परियोजना कार्यालयों में पांच-पांच कर्मचारी कार्यरत हैं। यूपी भर में कुल 375 आउटसोर्सिंग कर्मचारी कार्यरत हैं। सेवा प्रदाता के माध्यम से कार्यरत इन कर्मियों को अब बढ़ा मानदेय दिया जाएगा। राज्य परियोजना कार्यालय की ओर से सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह बढ़ा हुआ मानदेय आउटसोर्सिंग पर कार्यरत इन कर्मियों को दिलाना सुनिश्चित करें। किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न हो और पारदर्शी ढंग से मानदेय भुगतान किया जाए।

    डेढ़ महीने पहले आउटसोर्स कर्मियों के वेतन बढ़ोतरी को मिली थी मंजूरी
    डेढ़ महीने पहले उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम में तैनात आउटसोर्स कर्मियों के मानदेय में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की मंजूरी मिली थी। इनमें कम्प्यूटर ऑपरेटर, प्रोग्रामर, लेखाकर, टैली ऑपरेटर्स का मानदेय साल में दो बार जनवरी और जुलाई माह में पांच-पांच फीसदी बढ़ाने पर फैसला हुआ था। ऐसे में परिवहन निगम मुख्यालय से लेकर क्षेत्रों में तैनात आउटसोर्स कर्मियों के बेसिक मानदेय में पांच फीसदी की बढ़ोतरी जुलाई 2026 में करते हुए अगस्त माह के वेतन में मिलने की बात कही गई थी। बतादें कि मैकेनिकों की मजूदरी तय नहींरोडवेज बसों की कार्यशाला में वाह्यस्रोत से मैकेनिक कार्य पर रखे गए है। लेकिन इनका मानदेय श्रेणीवार पुन: निर्धारण नहीं किया गया। इस संबंध में क्षेत्रों के सेवा प्रबंधकों ने मुख्यालय पत्र भेजकर बताया कि पूर्व में जिस प्रकार 7500 रुपये प्रति कार्मिक में वृद्धि करते हुए 8400 प्रति कार्मिक किया गया था।

  • रांची से झरिया और देवघर तक गांधीजी के कदम, झारखंड में आज भी जिंदा हैं बापू की यादें

    रांची से झरिया और देवघर तक गांधीजी के कदम, झारखंड में आज भी जिंदा हैं बापू की यादें

    रांची
    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का झारखंड से गहरा और ऐतिहासिक नाता रहा है, जिन्होंने अपनी विभिन्न यात्राओं के दौरान इस क्षेत्र में चंपारण सत्याग्रह की रणनीति से लेकर रामगढ़ कांग्रेस अधिवेशन तक अहम भूमिका निभाई। कोयला खदानों से लेकर दलित उत्थान तक, बापू के कदम झारखंड की माटी पर अमिट छाप छोड़ गए। आइए जानते हैं उनकी इन ऐतिहासिक यात्राओं के बारे में।

    एक ऐसी भूमि जहां कोयला की कालिमा और किसानों की पीड़ा के बीच उन्होंने अहिंसा की मशाल जलाई। तत्कालीन बिहार के हिस्से रहे झारखंड में गांधीजी की कम से कम छह प्रमुख यात्राएं दर्ज हैं, जो चंपारण सत्याग्रह से लेकर रामगढ़ कांग्रेस तक फैली हैं।

    इनमें रांची, जमशेदपुर, हजारीबाग, देवघर, झरिया (धनबाद) और डालटनगंज जैसे इलाकों में उन्होंने मजदूरों, किसानों और हरिजनों से संवाद किया, फंड संग्रह किया और सामाजिक सुधारों को गति दी।

    कोयला उद्योगपतियों से मिले दान से लेकर हिंसक विरोध तक, ये यात्राएं गांधीजी की विरासत का जीवंत हिस्सा हैं। आइए, क्रमवार इन ऐतिहासिक पड़ावों पर नजर डालते हैं।

    1917: चंपारण की राह में रांची
    गांधीजी की झारखंड से पहली मुलाकात 4 जून 1917 को हुई, जब वे वर्धा आश्रम से चंपारण जा रहे थे। रांची पहुंचकर उन्होंने स्थानीय नेताओं से चर्चा की और चंपारण के नील किसानों के शोषण पर रणनीति बनाई।

    इसी साल जमशेदपुर (तत्कालीन कालिमाटी) से गुजरते हुए उन्होंने किसानों की दुर्दशा पर ध्यान केंद्रित किया। यह यात्रा सत्याग्रह की नींव रखने वाली थी, जिसने गांधीजी को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।

    1921: असहयोग की लहर झरिया तक
    1921 में असहयोग आंदोलन के सिलसिले में गांधीजी झरिया (धनबाद) पहुंचे, जहां कोयला मजदूरों की समस्याओं पर फोकस किया। उन्होंने सार्वजनिक सभाओं में अहिंसा और स्वदेशी का प्रचार किया, जिससे मजदूरों में जागृति आई।

    इसी साल नवंबर में झरिया में ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस का दूसरा सत्र हुआ, जो गांधीजी के प्रभाव से प्रेरित था। हालांकि फंड संग्रह अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन यह दौरा झारखंड के औद्योगिक क्षेत्र को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ने वाला साबित हुआ।

    जब जमशेदपुर आए थे गांधी जी, युनाइटेड क्लब में लगी बापू की तस्वीर। (सौजन्य: सुरेश संथोलिया)

    1925: जमशेदपुर में मजदूरों से संवाद
    सितंबर 1925 में गांधीजी रांची पहुंचे, जहां खादी और ग्रामोद्योग जैसे रचनात्मक कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया। हजारीबाग में सरस्वती देवी और अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया।

    जमशेदपुर में उन्होंने टाटा वर्कर्स यूनियन की नींव रखी, मजदूरों की समस्याएं सुनीं और यूनाइटेड क्लब में सभा को संबोधित किया।टाटा परिवार की सराहना की और देवघर में हरिजनों को मंदिर प्रवेश की परंपरा की प्रशंसा की। राजेंद्र प्रसाद और फ्रंटियर गांधी उनके साथ थे।

    1927: डालटनगंज में दलित उत्थान का आह्वान
    1927 में गांधीजी डालटनगंज (पलामू) पहुंचे, जहां राजेंद्र प्रसाद के साथ दलित उत्थान पर फोकस किया। ग्रामीण समुदायों से बातचीत की और राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया। यह यात्रा झारखंड के पिछड़े इलाकों में गांधीवादी विचारों को फैलाने में सहायक रही।

    1934: देवघर में खतरे का सामना
    1934 में गांधीजी झरिया (धनबाद) पहुंचे, जहां हरिजन उत्थान और राष्ट्रीय शिक्षा के लिए फंड संग्रह किया। स्थानीय लोगों ने 60 हजार रुपये दान दिए, जिसमें कोयला उद्योगपतियों और मारवाड़ी व्यापारियों का बड़ा योगदान था।

    जमशेदपुर में जवाहरलाल नेहरू के साथ स्टील वर्क्स का दौरा किया और हरिजन बस्तियों में धन संग्रह किया। लेकिन देवघर में 25 अप्रैल को जसीडीह स्टेशन पर पंडों ने लाठियों से हमला किया, कारण था हरिजन मंदिर प्रवेश अभियान। गांधीजी की अहिंसा ने स्थिति को शांत किया।

    1940 में रामगढ़: झारखंड का ऐतिहासिक क्षण
    1940 में गांधीजी की अंतिम प्रमुख यात्रा रांची में हुई, जहां रामगढ़ कांग्रेस अधिवेशन में भाग लिया। कोकर में जायसवाल परिवार के घर रुके। कार से रामगढ़ गए। खादी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। नेहरू, पटेल जैसे नेताओं के साथ यह सत्र स्वतंत्रता की दिशा तय करने वाला था।

    वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ चौधरी कहते हैं- गांधीजी की झारखंड यात्राएं स्वतंत्रता संग्राम को मजबूत करने के साथ-साथ सामाजिक न्याय, मजदूर अधिकार और हरिजन उत्थान पर केंद्रित रहीं। आज उनका कमरा और कार संरक्षित हैं। झरिया की खदानें उनकी स्मृतियों को सहेजे हुए हैं। ये यात्राएं झारखंड की विरासत को रोशन करती रहेंगी, युवाओं को प्रेरित करती हुईं।

  • जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें प्रधानमंत्री मोदी ने खाली कराईं: मुख्यमंत्री

    जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें प्रधानमंत्री मोदी ने खाली कराईं: मुख्यमंत्री

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जनधन खाते खोले जा रहे थे तो विपक्ष खिल्ली उड़ाता था कि खाली खाते खोलकर क्या होगा। आज पता चल गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने जनता के पैसे पर डकैती डालने वालों की जेबें खाली कराईं और गरीब का पैसा सीधे उसके खाते तक पहुंचाया। जिनकी जेबों तक जनता का पैसा पहुंचता था, उन्हें बुरा लगना और उनका विरोध करना स्वाभाविक है।

    बिना रुके, बिना झुके और बिना डिगे 25 वर्ष

    मुख्यमंत्री शुक्रवार को लोकभवन सभागार में सेवा संकल्प अभियान के तहत ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ पर आधारित नाट्य श्रृंखला मंचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी 7 अक्टूबर को गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे करेंगे। यह बिना रुके, बिना झुके और बिना डिगे सेवा की यात्रा है। इसमें विरासत और विकास के समन्वय के साथ बिना भेदभाव योजनाओं को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाया गया।
     
    उन्होंने कहा कि सात अक्टूबर 2001 को मोदी जी ने ऐसे समय गुजरात की जिम्मेदारी संभाली, जब राज्य भूकंप की त्रासदी से जूझ रहा था। इसके बाद दंगों की चुनौती भी आई। इन परिस्थितियों के बीच गुजरात तेजी से उभरते राज्य और विकास के मॉडल के रूप में सामने आया।
     
    यूपीए सरकार के दस वर्षों पर साधा निशाना

    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2004 से 2014 के बीच कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के भ्रष्टाचार, अराजकता और अकर्मण्यता से देश में अविश्वास था। आंतरिक और बाह्य सुरक्षा के साथ अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर भी चुनौतियां थीं। वर्ष 2014 में गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिलाओं ने नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व पर विश्वास जताया। इसके बाद किसी जाति, मत, मजहब, क्षेत्र या भाषा के बजाए 140 करोड़ भारतीयों को केंद्र में रखकर योजनाएं आगे बढ़ाई गईं। पहले योजनाएं बनती थीं, लेकिन प्रभावी ढंग से जमीन तक नहीं पहुंचती थीं। आज गरीबों तक आवास, रसोई गैस, शौचालय, स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त राशन जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं।
     
    हवाई चप्पल वाला भी कर रहा हवाई यात्रा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर बने हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो और एयरपोर्ट का विस्तार हुआ है। पहले कोई प्रधानमंत्री यह दावा नहीं कर पाया कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई जहाज की यात्रा कर सकता है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे केवल कहा नहीं, करके दिखाया। 7 अक्टूबर हर भारतीय के लिए प्रेरणा का दिन होना चाहिए। यह यात्रा 15 अगस्त 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने से जुड़ी है।

    देश में कोई व्यक्ति भूखा नहीं सोता

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों तक कभी आवास नहीं पहुंचा था, उनको आवास दिलाया गया। 12 करोड़ गरीबों के घरों में शौचालय बन गए। उज्जवला योजना के जरिए रसोई गैस भी उपलब्ध कराई गई। जो गरीब उपचार से कोसों दूर थे, उनको 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया गया। आज देश में कोई व्यक्ति भूखा नहीं सो सकता, क्योंकि प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना के माध्यम से मुफ्त में अनाज की सुविधा उपलब्ध हो रही है।
     
    देश में अब नौकरी देने वाले नौवजवान

    मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार में आईआईटी, आईआईएम, एम्स, ट्रिपल आईटी, एनआईटी की श्रृंखलाएं खड़ी हुई हैं। मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग संस्थान बन रहे हैं। देश में 2.5 लाख से ज्यादा स्टार्ट अप हो चुके हैं। अब हमारे नौजवान केवल नौकरी लेने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बन रहे हैं। 12 करोड़ किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के साथ जोड़ने का काम भी मोदी जी के नेतृत्व में संभव हो पाया है।

    प्रदेशभर में होगा नाट्य श्रृंखला का मंचन

    सीएम के संबोधन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से चल रहे सेवा संकल्प अभियान के क्रम में संस्कृति विभाग के तहत भारतेंदु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने प्रस्तुति दी। नाट्य प्रस्तुति में वर्ष 2001 के गुजरात भूकंप की तबाही से लेकर कच्छ के पुनर्निर्माण और पीएम नरेन्द्र मोदी की जनसेवा की यात्रा को मंच पर उतारा गया। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुति की सराहना करते हुए इसे पूरे प्रदेश तक विस्तारित करने के निर्देश दिए।
     
    सीएम योगी ने कहा कि पूर्वांचल में भोजपुरी, मध्य क्षेत्र में अवधी, ब्रज में ब्रज भाषा और बुंदेलखंड में बुंदेलखंडी शब्दों के साथ स्थानीय लोकगीत भी इस प्रस्तुति में जोड़े जाएं। मुख्यमंत्री ने बाल कलाकारों और भारतेंदु नाट्य अकादमी के दल की सराहना की और कार्यक्रम के बाद कलाकारों के साथ तस्वीर भी खिंचवाई। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर नमन करते हुए श्रद्धांजलि भी अर्पित की।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

    इस अवसर पर भाजपा अवध क्षेत्र के अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, लखनऊ जिलाध्यक्ष विजय मौर्य, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, भाजपा के प्रदेश मंत्री अंकुर शर्मा व योगेंद्र पटेल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, ओम प्रकाश वास्तव, पवन सिंह चौहान और प्रदेश सरकार के सलाहकार अवनीश अवस्थी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

  • ऑपरेशन शटर डाउन से खुली साइबर धोखाधड़ी की परतें, डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा होगी मजबूत

    ऑपरेशन शटर डाउन से खुली साइबर धोखाधड़ी की परतें, डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा होगी मजबूत

    झालावाड़
    जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म की साइबर सुरक्षा को लेकर शासन सचिवालय में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में झालावाड़ एसपी अमित कुमार ने साइबर अपराध के खिलाफ जिले में की जा रही कार्रवाई और ‘ऑपरेशन शटर डाउन’ के निष्कर्षों पर प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रस्तुतीकरण की सराहना करते हुए राजस्थान पुलिस को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी झालावाड़ एसपी के प्रयासों की प्रशंसा की।

    वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दिए गए प्रस्तुतीकरण में एसपी अमित कुमार ने ‘ऑपरेशन शटर डाउन’ के दौरान साइबर अपराध से जुड़े मामलों में की गई कार्रवाई, आरोपियों के तौर-तरीकों (Modus Operandi) और जांच के दौरान सामने आई प्रणालीगत कमियों की जानकारी दी। साथ ही, भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए संबंधित विभागों के साथ किए जा रहे समन्वय और निवारक उपायों पर भी चर्चा की गई।

    प्रस्तुतीकरण में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), आपदा प्रबंधन सूचना प्रणाली (DMIS), सामाजिक सुरक्षा पेंशन और जन आधार से जुड़ी व्यवस्थाओं में साइबर सुरक्षा के पहलुओं को भी शामिल किया गया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करना जरूरी है।

    मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया पर की तारीफ
    मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने 1 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर झालावाड़ एसपी के प्रस्तुतीकरण को “brilliant presentation” बताया। उन्होंने डीबीटी से जुड़ी व्यवस्थाओं में साइबर अपराध से मुकाबले के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए राजस्थान पुलिस को बधाई दी।

    उन्होंने संबंधित विभागों को डिजिटल प्लेटफॉर्म की नियमित सुरक्षा समीक्षा करने और सामने आने वाली कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक तकनीकी अपडेट सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

    एसओजी को सौंपी गई सरकारी योजनाओं में धोखाधड़ी की जांच
    बैठक के एजेंडे में सरकारी योजनाओं में हुई धोखाधड़ी की जांच और उसकी प्रभावी निगरानी भी शामिल रही। सरकारी योजनाओं से संबंधित धोखाधड़ी के मामलों की जांच एसओजी को सौंपी गई है। बैठक में जांच की प्रभावी निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर चर्चा की गई।

    DMIS और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की भी समीक्षा
    आपदा प्रबंधन, राहत एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की ओर से संचालित DMIS योजना के तहत ‘ऑपरेशन शटर डाउन’ के दौरान बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का पता चला है। बैठक में इस मामले से सामने आए अनुभवों और अन्य योजनाओं की सुरक्षा के लिहाज से उनके उपयोग पर चर्चा की गई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं में धोखाधड़ी की स्थिति और उसके निराकरण के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

    IT सिस्टम और PM-KISAN पर भी चर्चा
    सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के तहत विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के पोर्टल और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रबंधन एवं रखरखाव से जुड़े सुधारात्मक उपायों पर चर्चा हुई। वहीं, सहकारिता विभाग, जो PM-KISAN योजना के क्रियान्वयन में नोडल प्राधिकरण है, से जुड़ी धोखाधड़ी वाली दावों की स्थिति पर भी विचार किया गया। बैठक में साइबर अपराध के बदलते तौर-तरीकों के अनुरूप सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा मजबूत करने, तकनीकी कमियों की पहचान करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।

  • अप्रशिक्षित शिक्षकों की नौकरी पर संकट, बिहार में 31 मार्च 2015 बनी कटऑफ; जानें किस पर क्या होगा असर

    अप्रशिक्षित शिक्षकों की नौकरी पर संकट, बिहार में 31 मार्च 2015 बनी कटऑफ; जानें किस पर क्या होगा असर

    पटना
    31 मार्च 2015 के बाद नियुक्त अप्रशिक्षित प्रारंभिक शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के आलोक में शिक्षा विभाग ने ऐसी नियुक्तियों को अवैध माना है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक निशांत विवेक ने सभी जिलाधिकारियों को ऐसे शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई का निर्देश दिया है।

    वहीं 31 मार्च 2015 से पहले नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों को निर्धारित समयसीमा में डीएलएड करना अनिवार्य होगा।

    31 मार्च 2015 बनी नियुक्ति की कटऑफ
    शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार 31 मार्च 2015 के बाद नियुक्त अप्रशिक्षित प्रारंभिक शिक्षक इस कार्रवाई के दायरे में आएंगे।

    दूसरी ओर, इस तारीख से पहले नियुक्त शिक्षकों को अपनी निर्धारित शैक्षणिक और प्रशिक्षण योग्यता पूरी करनी होगी। ऐसे शिक्षकों को 31 अगस्त तक अनिवार्य रूप से डीएलएड करना होगा।

    बर्खास्त शिक्षकों की फिर हो सकती है बहाली
    प्राथमिक शिक्षा निदेशक के आदेश में यह भी कहा गया है कि जिन अप्रशिक्षित शिक्षकों को उच्च न्यायालय के 30 मार्च 2024 के आदेश के आलोक में बर्खास्त किया गया था, उन्हें दोबारा सेवा में लेने की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी इस संबंध में आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेंगे।

    डीएलएड परीक्षा का परिणाम जल्द होगा जारी
    सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में आयोजित डीएलएड परीक्षा का परिणाम यथाशीघ्र घोषित करने का भी आदेश दिया है। साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि 31 मार्च 2028 के बाद समय विस्तार की कोई प्रार्थना स्वीकार नहीं की जाएगी। ऐसे में शिक्षकों के लिए निर्धारित योग्यता हासिल करना जरूरी होगा।

    आरटीई एक्ट के बाद योग्यता हुई अनिवार्य
    आरटीई एक्ट 2009 लागू होने के बाद प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एनसीटीई की ओर से निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक और प्रशिक्षण योग्यता अनिवार्य की गई थी।

    केंद्र सरकार ने कुछ राज्यों को सीमित अवधि के लिए इस न्यूनतम योग्यता में छूट दी थी। बिहार को यह छूट 31 मार्च 2015 तक मिली थी।

    तय अवधि में योग्यता हासिल करना था जरूरी
    छूट की अवधि के दौरान नियुक्त शिक्षकों को निर्धारित समय में जरूरी शैक्षणिक और प्रशिक्षण योग्यता हासिल करनी थी। अब शिक्षा विभाग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

    2015 के बाद नियुक्त अप्रशिक्षित शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया होगी, जबकि पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए डीएलएड पूरा करना जरूरी रहेगा।

  • त्योहारों पर ट्रेन से सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर, रांची मंडल ने बढ़ाई ट्रेनों की क्षमता

    त्योहारों पर ट्रेन से सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर, रांची मंडल ने बढ़ाई ट्रेनों की क्षमता

     रांची
     दुर्गापूजा, दीपावली और छठ के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रांची रेल मंडल ने यात्री सुविधाओं और ट्रेनों की क्षमता बढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली है। यात्रियों की अतिरिक्त मांग को पूरा करने के लिए रांची रेल मंडल से और रांची होकर कई पूजा स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है।

    साथ ही कई नियमित ट्रेनों में स्थायी रूप से अतिरिक्त कोच लगाए गए हैं। रांची और हटिया स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण के लिए होल्डिंग एरिया, अतिरिक्त टिकट काउंटर, सुरक्षा बलों की तैनाती और 24 घंटे वार रूम की व्यवस्था की गई है।

    इसकी जानकारी डीआरएम करुणा निधि सिंह ने गुरुवार को डीआरएम कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन में यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना मंडल की प्राथमिकता है। ट्रेनों के परिचालन से लेकर स्टेशन प्रबंधन, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं की लगातार निगरानी की जाएगी।

    कई रूटों पर पूजा स्पेशल ट्रेनें
    अजमेर-रांची-अजमेर साप्ताहिक पूजा स्पेशल ट्रेन संख्या 09619 अजमेर से रांची के लिए दो अक्टूबर से 27 नवंबर तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी। वापसी में 09620 रांची-अजमेर ट्रेन चार अक्टूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को चलेगी। दोनों दिशाओं में नौ-नौ ट्रिप होंगे।

    रांची-अलीपुरद्वार-रांची स्पेशल ट्रेन संख्या 08661 रांची से 12 अक्टूबर से नौ नवंबर तक प्रत्येक सोमवार और 08662 अलीपुरद्वार-रांची 14 अक्टूबर से 11 नवंबर तक प्रत्येक बुधवार को चलेगी। दोनों दिशाओं में पांच-पांच ट्रिप होंगे।

    रांची-आनंद विहार टर्मिनल स्पेशल 02877 तीन अक्टूबर से 28 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार और वापसी में 02878 आनंद विहार टर्मिनल-रांची चार अक्टूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को चलेगी। दोनों दिशाओं में नौ-नौ ट्रिप होंगे।

    इसके अलावा रांची होकर सांतरागाछी-अजमेर-सांतरागाछी साप्ताहिक स्पेशल, हटिया-लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक पूजा स्पेशल तथा हटिया-सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल, बेंगलुरु साप्ताहिक पूजा स्पेशल का भी परिचालन होगा। पटना-चर्लपल्ली-पटना द्वि-साप्ताहिक स्पेशल भी रांची होकर चलेगी।

    स्थानीय यात्रियों के लिए भी अतिरिक्त ट्रेन
    स्थानीय यात्रियों की सुविधा के लिए हटिया-बानो और बानो-हटिया अनारक्षित स्पेशल ट्रेनें भी चल रही हैं। ट्रेन संख्या 08631 और 08632 का परिचालन एक सितंबर से 30 नवंबर तक प्रतिदिन किया जाएगा। दोनों दिशाओं में 91-91 ट्रिप होंगे।

    नियमित ट्रेनों में भी बढ़ी क्षमता
    यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए जून के पहले सप्ताह से कई ट्रेनों में स्थायी रूप से अतिरिक्त कोच जोड़े गए हैं। रांची-गोड्डा एक्सप्रेस 18603/18604 में चार अतिरिक्त कोच, रांची-गोड्डा एक्सप्रेस 18619/18620 में दो अतिरिक्त वातानुकूलित तृतीय श्रेणी कोच, रांची-चोपन एक्सप्रेस 18631/18632 में चार अतिरिक्त कोच।

    रांची-सासाराम एक्सप्रेस 18635/18636 में एक अतिरिक्त वातानुकूलित चेयर कार तथा रांची-आरा एक्सप्रेस 18640/18639 में पांच अतिरिक्त कोच लगाए गए हैं।

    भीड़ नियंत्रित करने के लिए होल्डिंग एरिया
    रांची और हटिया स्टेशन पर अधिक भीड़ वाले दिनों में यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर जाने से पहले निर्धारित होल्डिंग एरिया में व्यवस्थित किया जाएगा। यहां बैठने, पेयजल, प्रकाश, पंखे और ट्रेन संबंधी सूचना की व्यवस्था रहेगी। इससे प्लेटफॉर्म और फुटओवर ब्रिज पर भीड़ नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

    स्टेशनों पर आरपीएफ, जीआरपी और अन्य विभागों के साथ समन्वय कर विशेष निगरानी रखी जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात होंगे और सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त टिकट और यूटीएस काउंटर भी संचालित किए जाएंगे।

    10 अक्टूबर से प्लेटफॉर्म टिकट 20 रुपये
    अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रांची और हटिया स्टेशन पर प्लेटफॉर्म टिकट की दर 10 रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये की जाएगी। यह व्यवस्था 10 अक्टूबर से 29 नवंबर तक प्रभावी रहेगी।

    दक्षिण दिशा की ओर जाने वाली हटिया-लोकमान्य तिलक टर्मिनस और हटिया-बेंगलुरु स्पेशल ट्रेनों के लिए बलसिरिंग, गोविंदपुर रोड और बानो में वैकल्पिक ठहराव की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य हटिया स्टेशन पर भीड़ कम करना है।

    रांची स्टेशन का दक्षिणी प्रवेश द्वार 10 अक्टूबर से आंशिक रूप से खोला जाएगा। मांग के अनुसार प्लेटफॉर्म संख्या छह से शुरू होने वाली ट्रेनों का संचालन भी किया जाएगा। यात्रियों की सहायता के लिए 24 घंटे वॉर रूम सक्रिय रहेगा।

     

  • अच्छी बारिश से रांची के जलाशयों में बढ़ा जलस्तर, 1-2 साल तक शहर की जलापूर्ति को मिलेगा सहारा

    अच्छी बारिश से रांची के जलाशयों में बढ़ा जलस्तर, 1-2 साल तक शहर की जलापूर्ति को मिलेगा सहारा

    रांची
    रांची में लगातार हुई बारिश का असर शहर के प्रमुख जलाशयों पर साफ दिखाई देने लगा है। राजधानी के तीनों प्रमुख डैम हटिया, गोंदा और गेतलसूद में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। अच्छी बारिश के कारण जलाशयों में पर्याप्त पानी जमा हो गया है, जिससे अगले साल गर्मी के मौसम में शहरवासियों को पेयजल संकट से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

    जल संसाधन विभाग और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान जल भंडारण से अगले एक से दो साल तक शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को सहारा मिल सकता है।

    हटिया डैम का जलस्तर 37.01 फीट दर्ज किया गया है। डैम की अधिकतम जलधारण क्षमता 38 फीट है। यानी जलस्तर अपनी क्षमता से महज करीब एक फीट नीचे पहुंच चुका है। हटिया डैम से धुर्वा, एचईसी, एयरपोर्ट, रेलवे, तुपुदाना, सीआरपीएफ कैंप आदि क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में प्रतिदिन करीब 10 मिलियन गैलन पर डे (एमजीडी) पानी की आपूर्ति की जाती है।

    वहीं, गोंदा डैम भी पूरी क्षमता के करीब पहुंच गया है। डैम का जलस्तर 28 फीट तक पहुंचने के बाद फाटक खोलकर अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। फाटक खोलने के बाद जलस्तर घटकर 27.09 फीट हो गया। गोंदा डैम की अधिकतम क्षमता 28 फीट है। इस डैम से राजधानी के कई शहरी इलाकों में प्रतिदिन करीब पांच एमजीडी पानी की आपूर्ति होती है।

    गेतलसूद डैम में भी जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसका जलस्तर 1932.30 आरएल फीट दर्ज किया गया, जबकि डैम का उच्चतम जलस्तर 1936 आरएल फीट है। गेतलसूद डैम राजधानी की सबसे बड़ी जलापूर्ति व्यवस्था का आधार है। इससे रुक्का जलशोधन केंद्र के माध्यम से रांची शहर के बड़े हिस्से में प्रतिदिन करीब 37 एमजीडी पानी की आपूर्ति की जाती है।

    गर्मी में नहीं सताएगी पानी की चिंता
    पिछले वर्षों में गर्मी के दौरान डैमों का जलस्तर तेजी से नीचे जाने से शहर में जल संकट की स्थिति बनती रही है। लेकिन इस बार मानसून के दौरान अच्छी बारिश होने से तीनों प्रमुख जलाशयों में पर्याप्त पानी जमा हो गया है। इससे आने वाले गर्मी के महीनों में जलापूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

    पेयजल विभाग के अभियंता प्रमुख निरंजन कुमार का कहना है कि जल संरक्षण और पाइपलाइन लीकेज को नियंत्रित करना भी जरूरी है, ताकि उपलब्ध जल का बेहतर उपयोग किया जा सके। पर्याप्त जल भंडारण के बावजूद शहर में पानी की बर्बादी रोकना और नियमित आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बनी रहेगी। फिलहाल डैमों की स्थिति राजधानीवासियों के लिए राहत लेकर आई है।

  • दिल्ली-पटना रूट पर कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल, त्योहारों से पहले बढ़ी डिमांड; जानें स्पेशल ट्रेनों की डिटेल

    दिल्ली-पटना रूट पर कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल, त्योहारों से पहले बढ़ी डिमांड; जानें स्पेशल ट्रेनों की डिटेल

    पटना
     दुर्गापूजा, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख त्योहारों के आगमन के साथ ही दिल्ली से पटना और बिहार के अन्य शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या में भारी उछाल दर्ज किया जा रहा है। इस फेस्टिव सीजन के चलते नियमित ट्रेनों में सीटें तेजी से फुल हो चुकी हैं और अधिकांश प्रमुख ट्रेनों में लंबी वेटिंग या 'नो रूम' जैसी स्थिति देखने को मिल रही है।

    प्रमुख नियमित ट्रेनें और उनकी समय सारणी
    दिल्ली से पटना रूट पर रोजाना चलने वाली प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का शेड्यूल इस प्रकार है।

    • सम्पूर्ण क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12394): नई दिल्ली (NDLS) से शाम 17:30 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 06:50 बजे पटना जंक्शन पहुंचती है।
    • विक्रमशिला एक्सप्रेस (12368): आनंद विहार टर्मिनल (ANVT) से दोपहर 13:15 बजे खुलकर अगले दिन सुबह पटना जंक्शन पहुंचती है।
    • श्रमजीवी एक्सप्रेस (12392): नई दिल्ली से दोपहर 13:10 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह पटना जंक्शन पहुंचती है।
    • पूर्वा एक्सप्रेस (12304): नई दिल्ली से शाम 17:40 बजे खुलकर अगले दिन सुबह पटना पहुँचती है।
    • मगध एक्सप्रेस (20802): नई दिल्ली से रात 21:05 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर में पटना जंक्शन पहुंचती है।
    • अमृत भारत एक्सप्रेस (22362):नई दिल्ली से शाम 19:10 बजे चलकर अगले दिन सुबह 10:43 बजे पटना पहुँचती है।
    • राजधानी एक्सप्रेस सेवाएं: इसके अतिरिक्त नई दिल्ली से पटना के रास्ते डिब्रूगढ़, अगरतला और राजेंद्र नगर के लिए तीन अलग-अलग राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनें भी संचालित होती हैं।

    त्योहारी भीड़ को देखते हुए पूजा स्पेशल ट्रेनें

    • नियमित ट्रेनों में भारी वेटिंग को देखते हुए भारतीय रेलवे द्वारा लगातार विशेष फेरों के साथ पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
    • पाटलिपुत्र फेस्टिव स्पेशल (04096): आनंद विहार टर्मिनल से मध्यरात्रि रात 00:05 बजे प्रस्थान कर अगले दिन रात 23:00 बजे पाटलिपुत्र/पटना क्षेत्र पहुंचती है।
    • अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें: चंडीगढ़ और अन्य समीपवर्ती राज्यों से भी पटना और दानापुर के लिए विशेष ट्रेनें घोषित की गई हैं।
    • कंफर्म सीट पाने के उपाय
    • यदि आपको नियमित ट्रेनों में कंफर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है, तो इन विकल्पों पर विचार कर सकते हैं:
    • तत्काल कोटा: यात्रा की तिथि से ठीक एक दिन पहले सुबह 10:00 बजे (AC) और 11:00 बजे (स्लीपर) तत्काल कोटे के तहत बुकिंग करें।
    • पूजा स्पेशल ट्रेनें: रेलवे द्वारा घोषित की जाने वाली 0-सीरीज की स्पेशल ट्रेनों के खुलने की तारीखों पर नजर रखें, क्योंकि इनमें सीटें आसानी से मिल जाती हैं।
    • सीटों की लाइव स्थिति और समय सारणी की सटीक जानकारी के लिए IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट (irctc.co.in) या मोबाइल ऐप का उपयोग करें।
  • बिहार के मौसम में बड़ा बदलाव, अक्टूबर में भी रहेगी गर्मी; जानें कब से बढ़ेगी ठंड और बारिश का पूर्वानुमान

    बिहार के मौसम में बड़ा बदलाव, अक्टूबर में भी रहेगी गर्मी; जानें कब से बढ़ेगी ठंड और बारिश का पूर्वानुमान

    पटना
    मानसून की विदाई के बाद मौसम अब ठंड की ओर बढ़ रहा है, पर इसकी गति धीमी रहने के आसार हैं। अक्टूबर से दिसंबर तक प्रदेश का अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। ऐसे में कड़ाके की ठंड देर से पड़ने की संभावना है।

    मौसम विभाग के अनुसार मानसून के बाद ठंड पर अलनीनो का असर फरवरी तक बने रहने के आसार हैं। वहीं, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जनवरी-फरवरी में ठंड में वृद्धि के आसार हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ, कोहरा, हवा की दिशा और अचानक मौसम परिवर्तन से कुछ दिनों के लिए तापमान में गिरावट की संभावना व्यक्त की गई है।

    मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार अक्टूबर के पहले सप्ताह में प्रदेश का अधिकतम तापमान 30-33 डिग्री सेल्सियस के बीच एवं न्यूनतम तापमान 22-24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। इस दौरान उत्तर पूर्व भागों के एक या दो स्थानों पर हल्की वर्षा, मेघ गर्जन, वज्रपात की भी संभावना है। हवा की गति 30-40 किमी प्रतिघंटा हो सकती है

    मौसम में रहेगी गर्माहट
    दिन का तापमान अधिक रहने से सुबह-शाम की ठंडक के बावजूद मौसम में गर्माहट बने रहने के आसार हैं। मौसम में बदलाव आने के साथ रबी फसलों की बोआई और पैदावार पर भी इसका असर पड़ सकता है। अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश का मौसम शुष्क और सामान्य बना रहेगा। तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है।

    मुंगेर में 33 किमी प्रतिघंटा हवा की रफ्तार दर्ज की गई। अगले 48 घंटे के दौरान बिहार-झारखंड, छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से दक्षिण पश्विम मानसून के विदा होने की अनुकूल परिस्थिति बनी हुई है। दक्षिण पूर्व उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इनके कारण कुछ भागों में बादलों की आवाजाही के साथ मौसम शुष्क और सामान्य बना रहेगा।

    पांच से सात अक्टूबर के दौरान उत्तर व दक्षिण भागों के कुछ स्थानों पर छिटपुट वर्षा की संभावना जताई गई है। गुरुवार को पटना का अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री सेल्सियस एवं 36.8 डिग्री सेल्सियस के साथ भभुआ में सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया।

    प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
    शहर     अधिकतम     न्यूनतम
    पटना     33.0     25.7
    गया     32.6     23.6
    भागलपुर     32.7     24.7
    मुजफ्फरपुर     32.0     25.7

    पटना सहित कई शहरों में अधिक वर्षा
    सितंबर में पटना सहित गया, वाल्मीकि नगर एवं डेहरी में बीते वर्षों के दौरान इस बार झमाझम वर्षा दर्ज की गई।

    वर्ष        मान 1     मान 2     मान 3     मान 4
    2026     277.0     270.1     542.9     285.2
    2025     147.9     202.2     460.2     171.5
    2024     201.9     69.5     493.2     242.4
    2023     188.9     212.4     175.2     169.4
    2022     169.8     117.3     508.8     174.0