Category: राज्य

  • हरियाणा में HCS को भी बड़ी राहत, 22 HPS अफसरों के होंगे प्रोमोशन

    हरियाणा में HCS को भी बड़ी राहत, 22 HPS अफसरों के होंगे प्रोमोशन

    चंडीगढ़.

    हरियाणा पुलिस सेवा (एच.पी.एस.) के अधिकारियों के लिए जल्द खुशखबरी आने वाली है। लंबे इंतजार के बाद, हरियाणा सरकार ने 22 एच.पी.एस. अधिकारियों को आई.पी.एस. रैंक पर प्रोमोट करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस बीच 2002 बैच के एच.सी.एस. अफसरों को राहत मिली है, जिन्हें प्रोवीजनल तौर पर आई.ए.एस. में प्रोमोट किया गया था।

    मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा इन अधिकारियों को इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट जारी किए जाने के साथ ही सालों से अटका प्रोमोशन का रास्ता साफ हो गया है। अब राज्य सरकार जल्द ही इन नामों का पैनल यू.पी.एस.सी. को भेजने जा रही है। इन एच.पी.एस. अधिकारियों को मिले सर्टिफिकेटः मुख्य सचिव की ओर से जिन एच.पी.एस. अफसरों को ये सर्टिफिकेट दिए हैं, उनमें मुकेश कुमार, ध्यान सिंह पूनिया, धर्मवीर सिंह, चलजिंद्र सिंह, जयबीर सिंह, कुशाल सिंह, राज कुमार वालिया, ताहिर हुसैन, सिंह, नरेंद्र सिंह, रविंद्र कुमार, राजेश कुमार, ममता खर्च, रविंद्र विजय सिंह, सिद्धार्थ ढांडा, करण गोयल, संदीप कुमार, पूनम, भारती डवास, अमित दहिया, ऊषा देवी और जितेंद्र गहलावत शामिल हैं।

    2 वर्ष पहले प्रोमोशन पर फंसा था पेंच
    दरअसल दो साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में 13 एच. पी. एस. के प्रोमोशन की फाइल की मंजूरी मिली थी, लेकिन गृह विभाग की ओर से एच.पी.एस. अफसरों के प्रोमोशन की तैयार की गई फाइल को तत्कालीन मुख्य सचिव ने आपत्ति जताते हुए वापस भेज दिया था। उस समय कई एच.पी.एस. अफसरों की एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट (ए.सी.आर.) ही पूरी नहीं थी, इसके कारण उनके इंटेग्रिटी सर्टिफिकेट जारी नहीं हुआ था।

    2002 बैच के एच.सी.एस. अफसरों को भी राहत
    2002 बैच के एच.सी.एस. अफसरों को राहत हरियाणा सरकार के 2002 बैच के उन एच.सी. एस. अफसरों को कैट से राहत मिली है, जिन्हें प्रोवीजनल तौर पर आई.ए.एस. में प्रोमोट किया गया था। यू.पी.एस.सी. ने पिछले साल इन अफसरों के नामों पर विचार किया था और लंबित केस के कारण उनका नाम प्रोवीजनल लिस्ट में शामिल किया गया था। अब केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने हरियाणा सिविल सेवा के आठ अधिकारियों को अंतरिम राहत प्रदान की है, जिनकी भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदोन्नति 2002 के भर्ती मामले में कथित संलिप्तता के कारण रुकी हुई है। कैट ने 27 जनवरी को पारित अपने नवीनतम आदेश में, न्यायाधिकरण ने निर्देश दिया कि उसकी पूर्व अंतरिम सुरक्षा 27 अप्रैल, 2026 तक जारी रहेगी, जिससे चयन सूची रद्द नहीं होगी। जिन आठ अधिकारियों को राहत मिली है, उनमें जगदीप ढांडा, सरिता मलिक, कमलेश भादू, कुलधीर सिंह, वत्सल वशिष्ठ, जग निवास, वीना हुडा और सुरेंद्र सिंह-1 का नाम शामिल हैं।

  • पंजाब में यातायात प्रभावित होने की आशंका, हल्की वर्षा के बाद बढ़ा घना कोहरा

    पंजाब में यातायात प्रभावित होने की आशंका, हल्की वर्षा के बाद बढ़ा घना कोहरा

    लुधियाना.

    पंजाब के तीन जिलों में हल्की वर्षा दर्ज की गई, जबकि अन्य सभी जिलों में धूप खिली रही। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार रविवार मध्यरात्रि से सोमवार सुबह पांच बजे के दौरान रूपनगर में चार मिलीमीटर, पठानकोट में 12 व मानसा में 0.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। विभाग के अनुसार बठिंडा में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री रहा।

    विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार को पंजाब के अधिकांश जिलों में घनी धुंध पड़ सकती है। पंजाब के जीरकपुर सहित कई इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे सुबह-सुबह यातायात बाधित हो सकता है।

    कहां कितना रहा तापमान
    मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जोकि पंजाब में सबसे कम था। बठिंडा में न्यूनतम तापमान 4.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं लुधियाना में 5.4 डिग्री सेल्सियस, गुरदासपुर में 6.0 डिग्री सेल्सियस, एसबीएस नगर में 6.8 डिग्री सेल्सियस, पटियाला में 5.8 डिग्री सेल्सियस, अमृतसर में 6.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

  • गुरुग्राम में 32 कॉलोनियों को मिलेगी गंदे पानी से निजात, 50 करोड़ से बनेगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट

    गुरुग्राम में 32 कॉलोनियों को मिलेगी गंदे पानी से निजात, 50 करोड़ से बनेगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट

    चंडीगढ़.

    भोंडसी गांव की सीता राम मंदिर की भूमि पर एसटीपी लगेगा। प्लांट पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे मारुति कुंज की 32 कालोनियों को गंदे पानी की निकासी की समस्या से छुटकारा मिलेगा। कॉलोनी के लोग कई वर्षों से इस समस्या से परेशान थे। इन कॉलोनियों में करीब एक लाख प्रवासी लोग अपने घरौंदा बना कर रहते हैं। मारुति कुंज एवं भाेंडसी गांव निगम के 19 वार्ड के अंतर्गत है।

    समस्या से निजात दिलाने के लिए विधायक तेजपाल तंवर एवं गुरुग्राम नगर निगम की मेयर राजरानी मल्होत्रा ने 6 एमएलडी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। विधायक तेजपाल तंवर ने कहा कि मारुति कुंज की 32 कालोनी के लोगों को इस प्लांट से फायदा होगा। कॉलोनियों में करोड़ों रुपये खर्च कर बिजली व्यवस्था की जाएगी। मारुति कुंज का स्वरूप बढ़ता जा रहा है। उनका प्रयास है भोंडसी गांव में विकास कार्यों को बढ़ाना। जब पंचायत थी तब करोड़ों रुपये पंचायत के खाते में थे। उन्होंने गांव की पंचायत से अपील की थी इस पैसे का विकास कार्यों पर खर्च कर दो, नहीं तो सरकार के पास ही रह जाएंगे।

    भोंडसी पंचायत खर्च नहीं कर सकी। विकास नहीं किया। उनका करोड़ों रुपये दूसरी पंचायत और निगम में चला गया। भोंडसी के कुछ लोग एसटीपी के निर्माण से हो सकता है नाराज हों लेकिन यह जनहित में है। क्षेत्र के सब लोगों की सुविधा के लिए है। विकास के मामले में कालोनी को पीछे नहीं रहने दिया जाएगा। मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है। जनहित के कार्य बताओ, सब कार्य प्राथमिकता से होंगे। वार्ड पार्षद अमित भड़ाना ने बताया कि करीब 7 एकड़ भूमि है, जिसमें एसटीपी के अलावा लोगों को स्वास्थ्य सुविधा के डिस्पेंसरी, मंदिर सहित कई जनहित कार्यों में प्रयोग में ली जाएगी।

  • पंजाब सरकार ने बताया बड़ा खतरा, बजट सत्र में शामिल नहीं हो पाएगा अमृतपाल सिंह

    पंजाब सरकार ने बताया बड़ा खतरा, बजट सत्र में शामिल नहीं हो पाएगा अमृतपाल सिंह

    चंडीगढ़.

    पंजाब सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को अस्थायी रिहाई देने से साफ इनकार कर दिया है। सरकार की ओर से कहा गया कि राज्य की सुरक्षा, लोक व्यवस्था और सार्वजनिक शांति के हित सर्वोपरि हैं। ऐसे में उसे रिहाई की अनुमति नहीं दी जा सकती।

    अमृतपाल ने बजट सत्र में भाग लेने की अनुमति देने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। गृह विभाग ने सोमवार को अमृतपाल की अर्जी खारिज कर दी। सरकार ने कहा कि हिरासत में रहते संसद सत्र में भाग लेना कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है। 23 फरवरी 2023 को थाना अजनाला में खालिस्तानी समर्थक व सांसद अमृतपाल सिंह ने अपने साथी को छुड़वाने के लिए हमला कर दिया था। इस हमले में एसपी जुगराज सिंह, एएसआइ जतिंदर सिंह, पुलिस होमगार्ड का जवान सुरजीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया था। थाना अजनाला की पुलिस ने अमृतपाल सिंह सहित 19 लोगों का बायनेम व 250 के करीब अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद पंजाब सरकार की ओर से इन पर एनएसए लगाया गया था और इन्हें असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया था।

    खडूर साहिब सीट से बना सांसद
    पिछले साल लोकसभा चुनाव में अमृतपाल सिंह ने पंजाब की खडूर साहिब सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव में भाग लिया और यहां से वह सांसद चुना गया।

  • दिल्ली स्कूल फीस कानून पर स्थिति साफ, 2025-26 से पहले नहीं लागू होगा नियम: सरकार

    दिल्ली स्कूल फीस कानून पर स्थिति साफ, 2025-26 से पहले नहीं लागू होगा नियम: सरकार

    नई दिल्ली 
     दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की फीस नियंत्रित करने वाले नए कानून पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। दिल्ली सरकार ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली स्कूल एजुकेशन (ट्रांसपेरेंसी इन फिक्सेशन एंड रेगुलेशन ऑफ फीस) एक्ट, 2025 को वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26 में लागू नहीं किया जाएगा। यह कानून अब अगले शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा। शिक्षा निदेशालय की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने यह जानकारी दी। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कानून को शैक्षणिक सत्र के बीच में जल्दबाजी से लागू करने पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने कहा था कि ऐसा करने से स्कूलों और अभिभावकों को परेशानी हो सकती है और यह व्यावहारिक नहीं होगा। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की पीठ ने माना कि कानून का उद्देश्य अच्छा है। लेकिन, इसे सही समय पर लागू करना जरूरी है। सरकार के इस फैसले के बाद कोर्ट ने कहा कि अब इस पर दखल देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार ने समझदारी दिखाई है।

    यह कानून प्राइवेट स्कूलों में फीस की मनमानी बढ़ोतरी रोकने के लिए बनाया गया है। इसके तहत हर स्कूल को फीस तय करने के लिए एक स्कूल लेवल कमेटी बनानी होगी। इस कमेटी में स्कूल प्रबंधन का प्रतिनिधि, प्रधानाचार्य, तीन शिक्षक, पांच अभिभावक और शिक्षा निदेशालय का एक प्रतिनिधि शामिल होगा।

    कमेटी फीस के प्रस्ताव पर विचार करेगी और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा जिला स्तर पर अपील कमेटी भी होगी। कानून कैपिटेशन फीस वसूलने पर रोक लगाता है और अतिरिक्त शुल्क पर भी नियंत्रण रखता है।
    सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून की वैधता से जुड़ा मामला दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है। अब आगे की सुनवाई और फैसला हाई कोर्ट ही करेगा। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशंस ने इस कानून को चुनौती दी है। लेकिन, कोर्ट ने फिलहाल इसे लागू करने के तरीके पर ही ध्यान दिया। अभिभावक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि इससे फीस में अचानक बढ़ोतरी पर लगाम लगेगी। अगले साल से लागू होने पर स्कूलों को भी तैयारी का समय मिलेगा। यह कदम दिल्ली में शिक्षा की पहुंच और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

  • साध्वी प्रेम बाईसा केस में बड़ा कदम: SIT ने पिता से की गहन पूछताछ

    साध्वी प्रेम बाईसा केस में बड़ा कदम: SIT ने पिता से की गहन पूछताछ

    जोधपुर

    जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच तेज कर दी गई है। सोमवार को डीसीपी वेस्ट विनीत बंसल सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एसीपी कार्यालय पहुंचे, जहां साध्वी के पिता को बुलाकर पूछताछ की गई।

    मीडिया से बातचीत करते हुए डीसीपी वेस्ट विनीत बंसल ने बताया कि घटना के बाद से पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर पूरी टीम गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मृतका के बैकग्राउंड, उनके पिता के बैकग्राउंड, किसी से रंजिश या दुश्मनी, मेडिकल लापरवाही सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

    डीसीपी ने बताया कि रविवार को एफएसएल टीम द्वारा दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया है और वहां से मिले अहम तथ्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। इसके साथ ही साध्वी के पिता के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है, ताकि मामले से जुड़े हर संभावित सुराग की पड़ताल की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में फिलहाल कोई भी व्यक्ति शक के दायरे से बाहर नहीं है और किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है। पूछताछ के लिए किसी व्यक्ति को दोबारा बुलाया जाना जांच प्रक्रिया का हिस्सा है।

    डीसीपी विनीत बंसल ने भरोसा दिलाया कि गठित एसआईटी द्वारा किसी के साथ अनावश्यक दबाव या दुर्व्यवहार नहीं किया जाएगा। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किसी प्रकार की बाहरी या आंतरिक चोट के स्पष्ट निशान सामने नहीं आए हैं, हालांकि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

    वहीं पूछताछ के बाद साध्वी के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें केवल बातचीत के लिए बुलाया गया था और उन पर किसी तरह का पुलिस दबाव नहीं बनाया गया। मोबाइल फोन का पासवर्ड मांगे जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनसे अब तक कोई पासवर्ड नहीं मांगा गया है। उन्होंने बताया कि वे साध्वी के समाधि स्थल जा रहे थे, इसी दौरान पुलिस ने उनसे एक बार कार्यालय आने को कहा था। बातचीत के बाद वे समाधि स्थल के लिए रवाना हो गए।

  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की नियमित जनसुनवाई का असर: समस्याओं के समाधान से आमजन हुए संतुष्ट

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की नियमित जनसुनवाई का असर: समस्याओं के समाधान से आमजन हुए संतुष्ट

    जयपुर,

    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जनता की समस्याओं का सर्वोच्च प्राथमिकता से निस्तारण करने, फॉलोअप सुनिश्चित करने तथा समाधान में कोताही नहीं बरतने के लिए निर्देशित किया।

    श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का संचालन कर रही है, ताकि अंतिम छोर के व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण राहत दी जा सके। हमारी नीतियों और नीयत के केन्द्र में लोककल्याण ही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसेवा की भावना के अनुरूप कार्य नहीं करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही की जाएगी।

    मुख्यमंत्री ने इस दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनका मौके पर ही निस्तारण किया। जनसुनवाई के दौरान महिलाएं, युवा, दिव्यांगजन, वृद्धजन सहित सभी परिवादी अपनी समस्याओं के मौके पर ही समाधान से संतुष्ट नजर आए।
     
    इस दौरान शर्मा ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के पोस्टर विमोचन भी किए। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में संबंधित जनप्रतिनिधि और आमजन उपस्थित रहे।

     

  • सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका, बिक्रम मजीठिया को दी जमानत

    सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका, बिक्रम मजीठिया को दी जमानत

    चंडीगढ़ 

     इस समय सबसे बड़ी खबर सामने आई है।  सुप्रीम कोर्ट ने आज बिक्रम मजीठिया को जमानत दे दी है। मजीठिया को 25 जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह नाभा जेल में बंद थे। बता दें कि बिक्रम मजीठिया की आमदन से ज्यादा संपत्ति मामले में  गिरफ्तारी हुई थी  जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है।  

    सूत्रों के अनुसार, जमानत मिलने के बाद थोड़ी देर पहले डेरा ब्यास प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने नाभा जेल जाकर बिक्रम मजीठिया से मुलाकात की। इस दौरान डेरा प्रमुख ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मजीठिया पर लगे सभी आरोप झूठे हैं। बिक्रम मजीठिया को जमानत मिलने के बाद अब उनके पक्ष में राजनीतिक और सामाजिक हलचल भी तेज हो गई है। इसी बीच ये भी चर्चाएं तेज हो गई हैं आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। 

    सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का समय देते हुए मामले को स्थगित करते हुए कहा था कि मजीठिया की अंतरिम जमानत पर अगली सुनवाई पर विचार किया जाएगा। गौरतलब है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी प्राथमिकी से राहत के लिए श्री मजीठिया ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। फिर मजीठिया ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था।

    प्राथमिकी सात जून, 2025 को मजीठिया के खिलाफ पिछले एनडीपीएस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई थी। एसआईटी ने आरोप लगाया कि मजीठिया और उनकी पत्नी ने घरेलू और विदेशी संस्थाओं के नेटवर्क के माध्यम से अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से 540 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जमा की थी। ये आरोप 2007 और 2017 के बीच की अवधि से संबंधित हैं, जब मजीठिया पंजाब में विधानसभा सदस्य और बाद में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्यरत थे।

    आरोप लगाया है कि मजीठिया दंपति ने सराया इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों सहित कई कंपनियों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण रखा। उन्होंने इन कंपनियों का उपयोग बेनामी संपत्ति हासिल करने के लिए किया। इसके साथ ही, उन्होंने साइप्रस और सिंगापुर स्थित संस्थाओं के माध्यम से विदेशी निवेश और विभिन्न कंपनियों के बीच लेनदेन का उपयोग किया गया। यह भी आरोप लगाया गया कि श्री मजीठिया ने अपने परिवार के सदस्यों और नकली संस्थाओं के माध्यम से शराब, परिवहन और विमानन क्षेत्रों में व्यावसायिक फायदे के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया।

    मजीठिया ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया था कि भ्रष्टाचार का मामला उसी एनडीपीएस मामले का परिणाम है जिसमें उन्हें अगस्त 2022 में जमानत दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में उस जमानत को रद्द करने की राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी थी।

  • सीएम सैनी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, हरियाणा के विकास कार्यों समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा

    सीएम सैनी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, हरियाणा के विकास कार्यों समेत कई मुद्दों पर हुई चर्चा

    चंडीगढ़ 

     हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के विकास कार्यों तथा भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ कई समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। 

    इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय बजट को आत्मनिर्भर, सशक्त और समावेशी विकास की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया। इस दौरान उन्होंने आदमपुर एयरपोर्ट का नाम गुरु रविदास महाराज के नाम पर रखने पर भी पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया।

    हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा, "आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्नेहिल शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ कई समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।''

    उन्होंने आगे लिखा, ''प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत बजट’ देश को आत्मनिर्भर, सशक्त और समावेशी विकास की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम है। यह बजट अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की प्रधानमंत्री जी की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।''

    सीएम नायब सैनी ने एक्स पोस्ट में लिखा, ''पंजाब के 'आदमपुर एयरपोर्ट' का नाम 'श्री गुरु रविदास महाराज जी' एयरपोर्ट किया जाना सामाजिक समरसता, सम्मान और समावेशी राष्ट्र निर्माण का सशक्त संदेश है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।''

    हरियाणा के मुख्यमंत्री ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात की। उन्होंने एक्स पोस्ट में मुलाकात के बाद लिखा, ''नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से शिष्टाचार भेंट हुई। इस अवसर पर संगठन की मजबूती, आगामी राजनीतिक गतिविधियों तथा केंद्र-राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।''

  • Union Budget 2026: दिल्ली पुलिस को मिली बड़ी राशि, ट्रैफिक नियंत्रण के लिए नए उपायों की घोषणा

    Union Budget 2026: दिल्ली पुलिस को मिली बड़ी राशि, ट्रैफिक नियंत्रण के लिए नए उपायों की घोषणा

    नई दिल्ली

    केंद्रीय बजट 2026-27 में दिल्ली पुलिस को 12,503 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं. यह राशि मौजूदा वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुकाबले करीब पांच फीसदी अधिक है. पिछले बजट में दिल्ली पुलिस को 11931 करोड़ रुपए दिए गए थे, जिसे नए वित्तीय वर्ष में बढ़ा दिया गया है.

    बजट से मिलने वाली इस राशि का इस्तेमाल दिल्ली पुलिस के रोजमर्रा के खर्चों और विभिन्न योजनाओं के लिए किया जाएगा. इसमें दिल्ली में एक मॉडल ट्रैफिक सिस्टम का विकास, ट्रैफिक सिग्नल्स की स्थापना और ट्रैफिक प्रबंधन को और बेहतर बनाने पर खास ध्यान दिया जाएगा.

    इसके अलावा कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड और लेटेस्ट टेक्नोलॉजी को शामिल करने पर भी फोकस रहेगा. बेहतर संचार नेटवर्क, आधुनिक उपकरण और पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग को भी इस बजट का अहम हिस्सा बताया गया है. दिल्ली पुलिस ट्रैफिक मैनेजमेंट की जिम्मेदारी भी संभालती है. 

    ऐसे में यह बढ़ा हुआ बजट पुलिसिंग सिस्टम को और प्रभावी बनाने में मददगार माना जा रहा है. इससे पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन की दिशा में एक अहम कदम बताया. उन्होंने कहा कि इस बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है. 

    उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया गया है.