Category: राज्य

  • केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय का संसद में जवाब, दिव्यांगों को सरकारी दफ्तरों में सुलभता की कोई जानकारी नहीं

    केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्रालय का संसद में जवाब, दिव्यांगों को सरकारी दफ्तरों में सुलभता की कोई जानकारी नहीं

    चंडीगढ़.

    केंद्र सरकार के पास चंडीगढ़ में सरकारी कार्यालयों की दिव्यांगजनों के लिए सुलभता का पूरा डेटा उपलब्ध नहीं है। सामाजिक न्याय मंत्रालय ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत यह जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। केंद्र राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

    चंडीगढ़ में पिछले दो वर्षों में 330 श्रवण यंत्र बांटे गए और दो बच्चों का कॉक्लियर इम्प्लांट हुआ। शिकायत निवारण के लिए मोबाइल ऐप और सहायता केंद्र उपलब्ध हैं, साथ ही उपकरणों की गुणवत्ता और वारंटी सुनिश्चित की जाती है। यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने लोकसभा में सांसद मनीष तिवारी द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी। राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने बताया कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत सरकारी भवनों, परिवहन व्यवस्था और सूचना प्रणाली को सुलभ बनाना राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की जिम्मेदारी है। इसी कारण चंडीगढ़ में कितने सरकारी कार्यालयों में रैंप, दिव्यांग शौचालय, संकेतक, लो काउंटर और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसका कोई केंद्रीय स्तर पर संकलित आंकड़ा नहीं रखा जाता।

    मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार दिव्यांगों के लिए बाधारहित वातावरण के निर्माण हेतु राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मांग के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसके लिए दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन से जुड़ी विशेष योजना के तहत अनुदान दिया जाता है। श्रवण सहायक उपकरणों की स्थिति पर सरकार ने बताया कि दिव्यांगों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की योजना के अंतर्गत चंडीगढ़ में पिछले दो वर्षों के दौरान 330 श्रवण यंत्र वितरित किए गए हैं। इसके अलावा दो बच्चों में कॉक्लियर प्रत्यारोपण कराया गया है।

    मंत्री ने कहा कि योजना के तहत लाभ पाने के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र अनिवार्य है। निर्धारित आय सीमा तक के लाभार्थियों को पूर्ण आर्थिक सहायता दी जाती है, जबकि अधिक आय वर्ग के लिए आंशिक सहायता का प्रावधान है। बच्चों के कॉक्लियर प्रत्यारोपण पर उपचार, जांच, यात्रा और पुनर्वास सहित सहायता दी जाती है। सरकारी कार्यालयों और सहायक उपकरणों से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए नागरिकों को मोबाइल अनुप्रयोग, टोल फ्री सेवा और सार्वजनिक शिकायत प्रणाली के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दी गई है। चंडीगढ़ में दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता केंद्र भी संचालित किया जा रहा है, जहां उपकरणों की मरम्मत और शिकायतों का निस्तारण किया जाता है।

    मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि दिव्यांगों को उपलब्ध कराए जाने वाले सभी सहायक उपकरण गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होते हैं और इनके साथ न्यूनतम एक वर्ष की वारंटी दी जाती है, ताकि समय पर मरम्मत और रखरखाव सुनिश्चित हो सके।

  • शहजाद पूनावाला की मां पर हमला, CCTV वीडियो से खुला मामला—जानबूझकर कार चढ़ाई गई

    शहजाद पूनावाला की मां पर हमला, CCTV वीडियो से खुला मामला—जानबूझकर कार चढ़ाई गई

    नई दिल्ली

    भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला की मां हादसे का शिकार हो गईं हैं। पूनावाला ने आरोप लगाए हैं कि उनकी मां को जानबूझकर कार से टक्कर मारी गई थी। उन्होंने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने घटना का वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें उनकी मां को एक सफेद कार टक्कर मारती हुई नजर आ रही है।

    पूनावाला ने लिखा, 'कुछ घंटे पहले एक बेहद घृणित इंसान ने जानबूझकर मेरी मां पर अपनी कार चलाई – जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और फिर वह भाग गया। माताजी की बहुत जल्द एक सर्जरी करानी पड़ेगा। कृपया उनके लिए प्रार्थना करें।' उन्होंने लिखा, 'मेरी मां सबसे दयालु और सबसे अच्छे इंसानों में से एक हैं और इस उम्र में उनके साथ यह होना मुझे अंदर तक कचोट रहा है।'

    उन्होंने पुणे पुलिस के साथ पोस्ट में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी टैग किया है। उन्होंने लिखा, 'आशा है कि पुणे पुलिस उस व्यक्ति को त्वरित गिरफ़्तार कर यह सुनिश्चित करेगी कि उसे उचित सजा मिले।'

    घटना का वीडियो

    शहजाद पूनावाला के भाई और राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला ने लिखा, 'ये सब क्या हो रहा है? मेरी मां सीनियर सिटिजन हैं, जो मेरे ड्राइवर और एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट के साथ गईं थीं और जब वो लोग गैस भरवा रहे थे, तब वह पास में ही खड़ी इंतजार कर रहीं थीं। तब किसी ने उन्हें टक्कर मारी (जानबूझकर लग रहा है) और भाग गया।'

    उन्होंने एक्स रे भी एक्स पर शेयर किया है। उन्होंने लिखा कि उनकी कूल्हे की हड्डी टूट गई है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उन्होंने भी पुणे पुलिस से आरोपी के खिलाफ जल्द कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने लिखा, 'जानबूझकर किया गया या नशे में किया गया। ये जांच में सामने आ जाएगा। पर दुख होता है कि सीनियर सिटिजन मां को इस दर्द से गुजरना पड़ा।'

  • भारत में फिलिस्तीन स्टिकर विवाद: ब्रिटिश कपल पर एजेंसियों का अलर्ट, तुरंत निकाला गया देश से

    भारत में फिलिस्तीन स्टिकर विवाद: ब्रिटिश कपल पर एजेंसियों का अलर्ट, तुरंत निकाला गया देश से

    अजमेर

    राजस्थान के अजमेर में सार्वजनिक स्थलों पर इजरायल के खिलाफ और फिलिस्तीन के समर्थन में स्टिकर चिपकाने के मामले में एक ब्रिटिश दंपति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भारतीय अधिकारियों ने उन्हें देश छोड़ने के निर्देश दिए हैं। खुफिया एजेंसियों ने इसे गंभीर मामला मानते हुए जिला पुलिस को सतर्क किया, जिसके बाद दोनों विदेशी नागरिकों से पूछताछ की गई।

    जानकारी के अनुसार, लुईस गैब्रियल डी. अपनी गर्लफ्रेंड अनुशी एम्मा क्रिस्टीन के साथ पर्यटक वीजा पर भारत आए थे और वे पुष्कर में ठहरे हुए थे। 21 जनवरी को खुफिया विभाग को सूचना मिली कि यह दंपति अजमेर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर राजनीतिक प्रकृति के स्टिकर चिपका रहा है। इसके बाद खुफिया विभाग ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूचनाओं की समीक्षा कर दोनों की पहचान की।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस को शामिल किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सीआईडी) राजेश मीणा के नेतृत्व में गठित टीम ने दोनों संदिग्धों से पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने पर्यटक वीजा की शर्तों का उल्लंघन करते हुए राजनीतिक गतिविधियों में भाग लिया, जो वीजा नियमों के तहत प्रतिबंधित है।

    पुलिस की मदद से सार्वजनिक स्थानों से सभी स्टिकर हटा दिए गए। इसके बाद आव्रजन और विदेशियों से जुड़े कानूनों के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए गए और उन्हें 'लीव इंडिया नोटिस' जारी किया गया, जिसमें देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है।

    अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया जा सकता है, उनके खिलाफ निर्वासन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है और उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है, जिससे भविष्य में भारत में प्रवेश पर रोक लग सकती है। प्रशासन ने दो टूक कहा है कि पर्यटक वीज़ा पर भारत आए किसी भी विदेशी को राजनीतिक, विरोध प्रदर्शन या वैचारिक गतिविधियों की अनुमति नहीं है।

  • खंगाला जा रहा रिकॉर्ड, फरीदाबाद में आयकर विभाग ने कई ठिकानों पर दी दबिश

    खंगाला जा रहा रिकॉर्ड, फरीदाबाद में आयकर विभाग ने कई ठिकानों पर दी दबिश

    फरीदाबाद.

    फरीदाबाद जिले में  इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के द्वारा बड़ी कार्रवाही की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक शहर के अलग-अलग 6 से 8  ठिकानों पर टीमें छापेमारी कर रही है। इनमें कई स्कूल और कपंनी मालिकों के घर शामिल है। आज सुबह करीब 6 बजे ही फरीदाबाद में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की कई टीमें पुलिस बल के साथ शहर में पहुंची।

    शहर में आने के बाद इन टीमों के सदस्यों को अलग-अलग ठिकानों पर रेड की जा रही है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट  की तरफ से एक साथ पहली बार इतनी बड़ी रेड की जा रही है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की टीमें शहर में अलग-अलग जगह पर छापेमारी कर रही है। जिन जगहों पर छापेमारी की जा रही है। उनमें एनआईटी स्थित हिंदुस्तान सिक्योरिटी का ऑफिस और सेक्टर 21 में निवास शामिल है। इसके अलावा सेक्टर सेक्टर 17 और सेक्टर 28, नहर पार इलाके के कई स्कूल शामिल है।

    सूत्रों के मुताबिक 6 से 8 ठिकानों पर आईटी की टीमें छापेमारी कर रही है। सेक्टर नौ के मकान नंबर 504-505 में रानी रॉड के मालिक दीपक गुप्ता के यहां भी छापेमारी हो रही है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ये छापेमारी किसी बड़ी फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन होने के चलते की जा रही है। स्कूलों और कंपनी के रिकॉर्ड को चेक किया जा रहा है।

  • बेटे को नौकरी से निकालने पर CMO को दी थी धमकी, नकली स्वास्थ्य मंत्री गिरफ्तार

    बेटे को नौकरी से निकालने पर CMO को दी थी धमकी, नकली स्वास्थ्य मंत्री गिरफ्तार

    अमृतसर.

    अमृतसर पुलिस ने एक पांचवीं पास व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को स्वास्थ्य मंत्री बताकर सिविल अस्पताल के सीएमओ डॉ. रजनीश को धमका रहा था। आरोपी हरजीत सिंह ने अस्पताल में कथित कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए अवैध निर्देश देने का प्रयास किया। हालांकि, सीएमओ की शिकायत पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

    आरोपी के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी के छह मामले दर्ज हैं। यह मामला सिविल अस्पताल अमृतसर में तैनात एक सीएमओ डॉ. रजनीश द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। डॉ. रजनीश ने बताया कि मंगलवार फरवरी को सुबह 10.34 बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आई। फोन करने वाले व्यक्ति ने सिविल अस्पताल में कथित कुप्रबंधन के आरोप लगाए और डराने-धमकाने का प्रयास किया। आरोपी ने सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप करते हुए कई अवैध निर्देश जारी करने की कोशिश की।

    इसके अलावा अस्पताल स्टाफ के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने की बात करने लगा। आरोपी ने यह भी कहा कि अस्पताल प्रशासन ने एक कर्मचारी को बिना वजह नौकरी से निकाला, जो अनुचित है। जब सीएमओ ने आरोपी की पहचान को लेकर दोबारा सवाल किए तो उसने अपना बयान बदलते हुए खुद को मंत्री कार्यालय से गुरजीत सिंह बताया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने बार-बार झूठा अधिकार जताकर मानसिक रूप से परेशान किया और दबाव बनाने की कोशिश की। इसके बाद सीएमओ ने मामला सिविल सर्जन अमृतसर के संज्ञान में लाया। सिविल सर्जन ने इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह से संपर्क किया, जिन्होंने स्पष्ट रूप से किसी भी तरह की कॉल या निर्देश से इनकार किया और मामले में कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।

    जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी द्वारा सरकारी अधिकारियों को प्रभावित करने के लिए फर्जी पहचान, आपराधिक धमकी और अधिकारों के दुरुपयोग का प्रयास किया गया। इसके आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का नाम हरजीत सिंह है। वह 57 वर्षीय है और वह गुरबख्श नगर का रहने वाला है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी एक प्राइवेट गोताखोर है। उसे गेट हकीमां क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

    बाद में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी हरजीत सिंह का बेटा सिविल अस्पताल में सुरक्षा कंपनी में कार्यरत था, पर जब दस्तावेजों की जांच की गई तो वह पूर्व सैनिक नहीं पाया गया। ऐसे में कंपनी ने उसे नियमों के अनुसार नौकरी से हटा दिया था। डीसीपी विजय आलम ने बताया कि आरोपित के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी के छह मामले दर्ज हैं। मामले की आगे की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

  • मुनव्वर राना की बेटी हिबा राना की निजी जिंदगी में तूफ़ान, पति ने किया तीन तलाक

    मुनव्वर राना की बेटी हिबा राना की निजी जिंदगी में तूफ़ान, पति ने किया तीन तलाक

    सआदतगंज

    दिवंगत मशहूर शायर मुनव्वर राना की बेटी हिबा राना को उनके पति ने तीन तलाक दे दिया. सआदतगंज पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है. हिबा राना ने अपने पति मोहम्मद साकिब और ससुर हसीब अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है.
    2013 में सुन्नी रीति रिवाज से हुई हिबा राना की शादी

    मुनव्वर राना की बेटी हिबा राना की शादी साल 2013 में सुन्नी रीति रिवाज के अनुसार हुई थी. एफआईआर की कॉपी के मुताबिक शादी में दहेज के रूप में पिता और घरवालों ने साकिब को सोने और हीरे के गहनों के अलावा 10 लाख रुपये भी दिए थे.
    दहेज लोभियों ने की 20 लाख रुपये और देने की मांग

    थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक जब हिबा राना शादी के बाद विदा होकर ससुराल गई तो साकिब और उसके पिता की ओर से बीस लाख रुपये और देने की मांग की जाने लगी. कई बार दहेज लोभियों की मांग पूरी भी की गई ताकि वैवाहिक जीवन पर खराब असर न पड़े. हिबा राना और साकिब के दो बच्चे हैं. एक बेटा और बेटी है. साकिब आए दिन अपनी पत्नी हिबा राना के साथ मारपीट भी करता था.
    तीन बार तलाक देते हुए हिबा राना को घर से निकाला

    एफआईआर में इस बात का भी जिक्र है कि 9 अप्रैल 2025 को हिबा राना के साथ उसके पति ने काफी मारपीट और गाली गलौज की थी. जब पीड़िता की बहन आर्शिया राना उनसे मिलने के लिए गई तो साकिब काफी उग्र हो गया और गाली गलौज करते हुए हमले का प्रयास किया. इस बीच साकिब ने हिबा राना को तीन बार तलाक देते हुए उसे अपने घर से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया. साथ ही दोनों बच्चों को घर के कमरे में बंद कर दिया. 

    एफआईआर के मुताबिक पीड़िता मानसिक रूप से परेशान हो गई है और काफी डरी हुई है. पति साकिब और उसके ससुर की ओर से हिबा राना के परिवार को लगातार धमकी भी दी जा रही है. 

  • हरियाणा बिजली सुधार: स्मार्ट मीटर से प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों विकल्प होंगे उपलब्ध

    हरियाणा बिजली सुधार: स्मार्ट मीटर से प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों विकल्प होंगे उपलब्ध

    हिसार
     हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से सभी पुराने बिजली मीटर बदले जाएंगे और उनकी जगह आधुनिक स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जैसे मोबाइल सेवाओं में प्रीपेड और पोस्टपेड विकल्प उपलब्ध होते हैं, उसी तर्ज पर स्मार्ट मीटर व्यवस्था भी लागू की जाएगी, जिससे उपभोक्ता अपनी सुविधा अनुसार प्रीपेड अथवा पोस्टपेड प्रणाली का चयन कर सकेंगे। इससे न केवल बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी पारदर्शी और सुविधाजनक सेवा मिलेगी। अनिल विज आज हिसार में मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि भूमिगत बिजली तारें बिछाने की प्रक्रिया गुरुग्राम और फरीदाबाद में प्रारंभ कर दी गई है। परिस्थितियों के अनुसार अन्य क्षेत्रों में भी अंडरग्राउंड केबल डाली जाएंगी, जिससे खंभे गिरने या ऊपर से तार टूटने जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी और बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनेगी।

    ऊर्जा विभाग में किए जा रहे सुधारों के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में विज ने कहा कि विभाग में एक सुदृढ़ और जवाबदेह प्रणाली विकसित की गई है, जिसके परिणामस्वरूप गर्मियों के दौरान बिजली कटौती की स्थिति काफी हद तक नियंत्रित रही है। उन्होंने बताया कि सभी अधीक्षण अभियंताओं (एसई) को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतिदिन सुबह 11 बजे तक यह जानकारी दें कि उनके क्षेत्र में यदि कहीं बिजली कट लगा है तो उसका कारण, अवधि और परिस्थितियां क्या रही हैं। उन्होंने कहा कि लगभग पूरे प्रदेश में बिजली आपूर्ति संतोषजनक रही है और केवल 6 अधीक्षण अभियंताओं से ही स्पष्टीकरण मांगा गया है।

    विज ने बताया कि बिजली की मांग के अनुरूप सभी ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने (अपग्रेडेशन) का कार्य शुरू कर दिया गया है। साथ ही, बरसात के दौरान जलभराव से होने वाली अनावश्यक बिजली कटौती को रोकने के लिए निचले स्तर पर बने सब-स्टेशनों को ऊंचा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हिसार के खेदड़ में स्थापित की जा रही नई थर्मल यूनिट के लिए कोल लिंकेज की स्वीकृति हरियाणा को प्राप्त हो चुकी है, जो प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

    हरियाणा रोडवेज के आधुनिकीकरण को लेकर विज ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा लगातार सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है, जिससे बसों की आवाजाही की सटीक जानकारी मिल सकेगी। इस दिशा में सभी बस अड्डों पर डिजिटल डिस्प्ले पैनल लगाए जाएंगे तथा एक मोबाइल ऐप भी विकसित की जा रही है, जिसके माध्यम से यात्री अपनी बस की लोकेशन, रूट और समय की जानकारी मोबाइल पर ही प्राप्त कर सकेंगे।
    उन्होंने कहा कि बसों के बेड़े को बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी हैं। साथ ही, सरकार इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है, ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके और एनसीआर क्षेत्र में डीजल की पुरानी बसों पर लगने वाली पाबंदियों से बचा जा सके।

    केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अनिल विज ने कहा कि जब केंद्र मजबूत होता है, तो देश भी मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह बजट एक मजबूत नींव रखता है और देश को “बुलेट ट्रेन की गति” से आगे बढ़ाने वाला साबित होगा।

  • तीन बहनों की आत्महत्या ने खड़े किए सवाल, क्या है ‘कोरियन लवर’ गेम का सच?

    तीन बहनों की आत्महत्या ने खड़े किए सवाल, क्या है ‘कोरियन लवर’ गेम का सच?

     गाजियाबाद

    गाजियाबाद से सनसनीखेज मामला सामने आया है. जहां तीन सगी नाबालिग बहनों ने देर रात 9वीं मंज़िल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना बीती रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है. घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है.

    मृतक तीनों बहनें नाबालिग थीं. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तीनों बहनें एक गेमिंग ऐप की आदी हो गई थीं. बताया जा रहा है कि वे ऑनलाइन टास्क-बेस्ड कोरियन लवर गेम खेला करती थीं. तीनों ने सामूहिक आत्महत्या क्यों की, इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है.

    सुसाइड नोट में लिखा है मम्मी-पापा सॉरी

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. मामला गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ क्षेत्र स्थित भारत सिटी का है. पुलिस का कहना है कि परिजनों से पूछताछ की जा रही है और मोबाइल फोन व डिजिटल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है.

    फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच में जुटी है. मृतक लड़कियों ने नाम निशिका 16 साल, प्राची 14 साल, पाखी 12 साल है. पुलिस को एक पेज का सुसाइड नोट भी मिला है. जिस पर मम्मी- पापा सॉरी लिखा है. 

    स्थानीय लोगों का कहना है कि तीनों बहनें रात में एक साथ 9वें फ्लोर से कूद गईं. ऐसे में किसी चीज के नीचे गिरने और तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे. इस दौरान डराने वाला नजारा था. क्योंकि तीन डेडबॉडी जमीन पर पड़ी थीं और खून बह रहा था. जिसके बाद लड़कियों के परिजन भी मौके पर पहुंच गए. पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. इसके बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. 

    पुलिस ने क्या बताया?

    शालीमार गार्डन, पुलिस आयुक्त अतुल कुमार सिंह ने बताया कि रात्रि करीब 02.15 बजे पीआरवी द्वारा सूचना प्राप्त हुई. जिसमें कहा गया कि थाना टीलामोड़ स्थित भारत सिटी में टावर बी-1 फ्लैट नं0 907 की नवीं मंजिल की बालकनी से तीन बच्चियां कूद गईं. जिससे तीनों की मौत हो गई है. मौके पर पहुंचकर जांच की गई तो तीन बच्चियां क्रमश निशिका उम्र करीब 16 वर्ष, प्राची उम्र लगभग 14 वर्ष, पाखी उम्र लगभग 12 वर्ष पुत्रियां चेतन कुमार की जमीन पर गिरने के कारण मृत्यु हो गई है.

    जिनको एम्बुलेंस द्वारा 50 शैय्या अस्पताल लोनी भेजा गया. जहां पर डॉक्टरों द्वारा तीनों बच्चियों को मृत घोषित कर दिया गया. मामले में पुलिस द्वारा अन्य वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. 

    क्या है 'कोरियन लवर' गेम का रहस्य?

    गाजियाबाद के थाना टीला मोड़ स्थित भारत सिटी में देर रात करीब 2:30 बजे निशिका (16), प्राची (14) और पाखी (12) ने नौवीं मंजिल से छलांग लगा दी. चेतन कुमार की ये तीनों बेटियां 'कोरियन लवर' नामक ऑनलाइन टास्क-बेस्ड गेम की आदी थीं. प्रारंभिक जांच में इस जानलेवा गेम की लत को ही सामूहिक आत्महत्या की वजह माना जा रहा है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर परिजनों से पूछताछ और मोबाइल फोन की डिजिटल जांच शुरू कर दी है.

    आधी रात को पसरा मातम

    सन्नाटे को चीरती हुई चीखों ने पूरी सोसाइटी को झकझोर कर रख दिया. तीनों बहनें एक साथ मौत के आगोश में समा गईं. पुलिस को घटनास्थल से एक पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिस पर सिर्फ 'मम्मी पापा सॉरी' लिखा था. यह साधारण शब्द उस गहरे मानसिक दबाव की ओर इशारा कर रहे हैं, जो शायद उस गेम के टास्क ने पैदा किया था.

    क्या है 'कोरियन लवर' गेम का रहस्य?

    जांच में सामने आया है कि तीनों बहनें अपनी डिजिटल दुनिया में खोई रहती थीं. वे एक कोरियन गेम के टास्क पूरा कर रही थीं. पुलिस अब उन मोबाइल फोन्स को खंगाल रही है, जिनमें छिपे टास्क ने इन मासूमों को इतना बड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया. 

    फिलहाल, परिवार और पड़ोसियों के लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि स्क्रीन के पीछे बैठा कोई अदृश्य खेल तीन जिंदगियां छीन लेगा. वहीं, गाजियाबाद पुलिस हर एंगल से जांच-पड़ताल में जुट गई है. 

    पिता ने कही ये बात 

    मृतक बहनों के पिता चेतन कुमार के मुताबिक, बेटियां कोरियन गेम खेलती थीं. कल आखिरी टास्क था. जांच के लिए पुलिस उनके फोन अपने साथ ले गई है. गेम में कुल कुल 50 टास्क थे, घटना वाले दिन यानी कल आखिरी था. कूदने के लिए बेटियों ने दो स्टेप वाली सीढ़ी का इस्तेमाल किया था.

    पुलिस का बयान 

    इस मामले में एसीपी अतुल कुमार ने बताया कि रात करीब 2.15 बजे पीआरवी द्वारा थाना टीलामोड़ स्थित भारत सिटी में टावर बी-1 फ्लैट नंबर 907 की नवीं मंजिल की बालकनी से तीन बच्चियों के कूदने की और मौके पर ही उनकी मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हुई. फ़ौरन घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की गई तो तीन बच्चियां- निशिका, प्राची, पाखी ग्राउंड पर बेसुध पाई गईं. उनको एम्बुलेंस द्वारा 50 शैय्या अस्पताल लोनी भेजा गया जहां पर डॉक्टरों द्वारा तीनों बच्चियों को मृत घोषित किया गया. अब पुलिस द्वारा आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है. 

  • रूल ऑफ लॉ पूरी मजबूती से लागू, कानून से खिलवाड़ करने की किसी को छूट नहीं

    रूल ऑफ लॉ पूरी मजबूती से लागू, कानून से खिलवाड़ करने की किसी को छूट नहीं

    लखनऊ.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को होटल ताज में आयोजित वैश्विक निवेशकों एवं उद्यमियों के महासंगम “उत्तर प्रदेश फार्मा कॉन्क्लेव 1.0” का शुभारंभ करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज केवल एक राज्य नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए भरोसे की गारंटी बन चुका है। प्रदेश सरकार हर निवेशक को ट्रिपल-एस यानी सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड की पूर्ण गारंटी देती है और उत्तर प्रदेश आज ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन और टाइमली डिलीवरी का रोल मॉडल बनकर उभरा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में रूल ऑफ लॉ पूरी मजबूती से लागू है। कानून से खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं है। यदि कोई कानून को आंख दिखाने की कोशिश करता है, तो कानून अपने दायरे में लाकर उसे उसकी ही भाषा में जवाब देता है। यह नया उत्तर प्रदेश है, जहां व्यवस्था कमजोर नहीं, बल्कि निर्णायक है।

    अराजकता से विश्वास तक का सफर

    मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में उत्तर प्रदेश असुरक्षा, अराजकता और अविश्वास का पर्याय बन चुका था। वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 900 से अधिक दंगे हुए। शायद ही कोई शहर रहा हो, जहां कर्फ्यू न लगा हो। उद्योग, व्यापार और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को गुंडा टैक्स देना पड़ता था। सुरक्षा के अभाव में पहले से स्थापित उद्योग भी प्रदेश छोड़ने पर मजबूर थे, युवा वर्ग पलायन कर रहा था। जिस धरती पर बचपन बीता हो, उसे छोड़ना किसी के लिए भी पीड़ादायक होता है, लेकिन असुरक्षा के चलते मजबूरी थी। यह केवल किसी एक उद्यमी की पीड़ा नहीं थी, बल्कि हर व्यापारी, हर निवेशक और हर नागरिक की व्यथा थी।

    जीरो टॉलरेंस से लौटा भरोसा

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें यह दायित्व सौंपा, तो सबसे बड़ी चुनौती कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और नागरिकों के मन में विश्वास पैदा करना था। सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। हमने स्पष्ट कहा कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा, चाहे कोई कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। आज इसका परिणाम सबके सामने है। बड़े पर्व-त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहे हैं। कहीं दंगे नहीं, कहीं फिरौती नहीं, कहीं गुंडा टैक्स नहीं। उत्तर प्रदेश में शांति, सुरक्षा और स्थिरता का वातावरण है और यही निवेश की सबसे मजबूत नींव है।

    डी-रेगुलेशन में नंबर वन, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर बना है यूपी

    सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज डी-रेगुलेशन रैंकिंग में देश में नंबर वन है और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर बन चुका है। डी-क्रिमिनलाइजेशन के तहत 13 राज्य अधिनियमों में मौजूद आपराधिक प्रावधानों को समाप्त किया गया, ताकि उद्योग बिना भय और बाधा के कार्य कर सकें। एमएसएमई सेक्टर में निवेश करने वाले उद्यमियों को 1000 दिनों तक निरीक्षण से छूट दी गई है। कई अन्य सेक्टरों में भी प्रक्रियाओं को सरल किया गया है। सरकार का उद्देश्य उद्योगों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें सुविधा देना है।

    14 हजार से 30 हजार फैक्ट्रियों तक की छलांग

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में लगभग 14,000 कारखाने कार्यरत थे, जो आज बढ़कर 30,000 से अधिक हो चुके हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से काम कर रही है। प्रदेश में अब तक 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें 20 लाख करोड़ प्रस्तावो की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है और कई प्रोजेक्ट्स में उत्पादन भी शुरू हो चुका है। निवेशकों के साथ सरकार का निरंतर संवाद बना हुआ है।

    फार्मा सेक्टर को बनाया जा रहा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए ठोस नीति और स्पष्ट विजन के साथ कार्य किया जा रहा है। ललितपुर में विकसित किया जा रहा बल्क ड्रग फार्मा पार्क केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं होगा, बल्कि इसे हब एंड स्पोक मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, जहां अत्याधुनिक आर एंड डी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं गौतम बुद्ध नगर में मेडिकल डिवाइस पार्क, यूएस-एफडीए टेस्टिंग लैब और वर्ल्ड-क्लास लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं। फरवरी के दूसरे सप्ताह में बजट सत्र के माध्यम से लखनऊ में एक वर्ल्ड-क्लास फार्मा इंस्टीट्यूट के निर्माण की दिशा में भी कदम बढ़ाया जाएगा। बरेली सहित अन्य जनपदों में भी नए फार्मा पार्क विकसित किए जाएंगे।

    लोकल से ग्लोबल की यात्रा तय की यूपी ने

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने ‘लोकल को ग्लोबल’ बनाने का सफल मॉडल प्रस्तुत किया है। आज मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में देश का लगभग 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स में 60 प्रतिशत उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहा है। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। देश के लगभग 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में हैं। हर जिला मुख्यालय फोरलेन से जुड़ा है। बेहतर रेल नेटवर्क, सर्वाधिक मेट्रो सेवाएं, देश का पहला इनलैंड वाटरवे और सर्वाधिक एयरपोर्ट वाला राज्य आज उत्तर प्रदेश है। वर्तमान में 16 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं, जिनमें चार अंतरराष्ट्रीय हैं और पांचवें नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को जल्द ही प्रधानमंत्री राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

    निवेशकों को सरकार का पूर्ण समर्थन

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। यहां जीरो पॉलिटिकल इंटरफेयर, पारदर्शी नीतियां और समयबद्ध इंसेंटिव वितरण सुनिश्चित किया गया है। आइए निवेश करें, उत्पादन करें और समय पर इंसेंटिव प्राप्त करें, यही उत्तर प्रदेश का मॉडल है। उत्तर प्रदेश आज बीमारू नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस राज्य है और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    विकसित भारत की ओर उत्तर प्रदेश

    मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मा कॉन्क्लेव उसी संकल्प का हिस्सा है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश को फार्मा सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन हब के रूप में स्थापित किया जाएगा। एआई, टेलीमेडिसिन, डीप-टेक, मेड-टेक, हेल्थ-टेक और क्लिनिकल रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से आह्वान किया कि वे उत्तर प्रदेश की इस विकास यात्रा में सहभागी बनें, अपने सुझाव दें, सरकार उन्हें अंगीकार करेगी और लागू भी करेगी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ही उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है, और इसी विश्वास के साथ प्रदेश नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

    कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, औ‌द्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, एमएसएमई विभाग के मंत्री राकेश सचान, औ‌द्योगिक विकास राज्यमंत्री जसवंत सैनी, राज्यसभा सदस्य एवं रामकी ग्रुप के फाउंडर अयोध्या रामी रेड्डी, नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर विनोद कुमार पॉल, सन फार्मा के चेयरमैन दिलीप सांघवी, जाइडस लाइफ साइंसेज के चेयरमैन पंकज पटेल, मैनकाइंड फार्मा के चेयरमैन रमेश जुनेजा, डॉक्टर रेड्डीज लैबोरेटरीज के चेयरमैन सतीश रेड्डी, टोरेंट फार्मा के वाइस चेयरमैन जीनल मेहता, एमएसएन लैब के चेयरमैन एमएनएस रेड्डी तथा संदीप जैन, वी कृष्ण मोहन, आदित्य वर्मा, अमिताभ दुबे समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

    बॉक्स उत्तर प्रदेश फार्मा सेक्टर में बनेगा वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब: जेपी नड्डा

    कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में भारत की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने वाला प्रमुख राज्य बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जिस उद्यमिता और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, उसमें उत्तर प्रदेश की भूमिका निर्णायक है। ललितपुर में विकसित हो रहा बल्क ड्रग फार्मा पार्क, यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क और राज्य की फार्मास्यूटिकल नीति-2023, उत्तर प्रदेश को विश्वसनीय मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित कर रहे हैं। जेपी नड्डा ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण के कारण यूपी फार्मा निवेश का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। केंद्र की नीतिगत दृष्टि और उत्तर प्रदेश सरकार के जमीनी प्रयास प्रदेश को फार्मा और बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।

  • कह नहीं सकते क्या होगा – पूर्व सेना प्रमुख नरवणे को लेकर संजय राउत का बड़ा दावा

    कह नहीं सकते क्या होगा – पूर्व सेना प्रमुख नरवणे को लेकर संजय राउत का बड़ा दावा

    नई दिल्ली
    उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के नेता संजय राउत अपने आक्रामक अंदाज के लिए चर्चा में रहते हैं। अब उन्होंने एक और चौंकाने वाला बयान देते हुए पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की सुरक्षा को ही खतरा होने की बात कह दी है। संजय राउत ने मंगलवार को कहा कि जिस तरह से राहुल गांधी ने संसद में पूर्व आर्मी चीफ का हवाला देकर बात की और सरकार ने उन्हें रोक दिया। वह सही नहीं था। इस घटनाक्रम के चलते मुझे नरवणे की सुरक्षा की चिंता हो रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने एक ऐसा मुद्दा लाने की कोशिश की, जो राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला है।
     
    संजय राउत ने कहा कि जब देश पर संकट आता है या पड़ोसी मुल्क हमला करने की तैयारी में भारत की सीमा पर पहुंचता है तो उस वक्त राजनीतिक नेतृत्व को निर्णय लेना चाहिए। जनरल नरवणे बार-बार कोशिश कर रहे थे कि हमें आदेश दीजिए। उनका पूछना था कि चीन के इस अतिक्रमण के जवाब में हमें आदेश दीजिए। लेकिन 56 इंच का सीना रखने वाले भाग गए। उन्होंने कहा कि अब मुझे मनोज मुकुंद नरवणे की सुरक्षा की चिंता हो रही है। उनके साथ क्या होगा, यह मैं कह नहीं सकता। उनकी सिक्योरिटी बढ़ जानी चाहिए। इससे पहले ऐसे कई हादसे हो चुके हैं। इसलिए सुरक्षा दी जानी जरूरी है।

    संजय राउत का सवाल- आखिर सोनम वांगचुक के साथ क्या हुआ था
    उन्होंने कहा कि आखिर सोनम वांगचुक के साथ क्या हुआ था। उन्होंने भी तो सीमा की सुरक्षा का मसला उठाया था। दरअसल सोमवार को लोकसभा में उस वक्त काफी हंगामा हुआ था, जब मनोज मुकुंद नरवणे की गैर-प्रकाशित पुस्तक का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी बोलने लगे थे। उन्होंने डोकलाम में भारतीय सीमा के पास चीनी टैंकों के पहुंचने का कथित प्रकरण उठाया था। इस पर विवाद तब बढ़ गया, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऐतराज जताया। उनका कहना था कि संसद में ऐसी किसी पुस्तक को कोट नहीं किया जा सकता, जो प्रकाशित ही नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि यदि पुस्तक तथ्य सही होते तो वह प्रकाशित ही हो जाती। उस पर किसी तरह की रोक लगाने की जरूरत नहीं थी।