Category: राज्य

  • कानपुर में मुंडन संस्कार के बाद दुखद हादसा, परिवार की कार नहर में गिरने से तीन की जान गई, एक की हालत गंभीर

    कानपुर में मुंडन संस्कार के बाद दुखद हादसा, परिवार की कार नहर में गिरने से तीन की जान गई, एक की हालत गंभीर

     कानपुर देहात
    कानपुर देहात में बड़ा हादसा हो गया. जहां मुंडन संस्कार से लौट रहे कार सवार युवकों की कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई. जिससे तीन लोगों की मौत हो गई. जबकि एक घायल हो गया. हादसा रसूलाबाद क्षेत्र के हरि निवादा गांव के पास हुआ. जहां कार देखते ही देखते नहर में समा गई और वाहन के अंदर पानी भर गया.

    घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने अद्भुत साहस का परिचय दिया. लोगों ने तुरंत कार का शीशा तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार सवार चारों युवकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसूलाबाद पहुंचाया गया. ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर शैलेन्द्र ने जांच के बाद राजेश श्रीवास्तव, मुम्मू श्रीवास्तव और चालक करिया को मृत घोषित कर दिया. जबकि घायल अभिषेक की हालत गंभीर देखते हुए उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया है.

    घायल अभिषेक ने बताया कि सभी लोग गोंडा जिले के निवासी हैं और अकौड़िया गांव में मुंडन संस्कार में शामिल होने आए थे. कार्यक्रम से लौटते समय अचानक कार अनियंत्रित हुई और नहर में गिर गई. ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया. लेकिन उनके पिता, चाचा और चालक की जान नहीं बच सकी. सूचना मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए. फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. 
     

    पुलिस ने बताया कि कानपुर देहात में एक कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई. जिससे तीन लोगों की मौत हो गई. जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया. मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है. 

  • पारदर्शिता और बढ़ेगा युवाओं का विश्वास, RPSC अब हर परीक्षा के नंबर करेगा सार्वजनिक

    पारदर्शिता और बढ़ेगा युवाओं का विश्वास, RPSC अब हर परीक्षा के नंबर करेगा सार्वजनिक

    जयपुर.

    राजस्थान की प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने की दिशा में भजनलाल सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने अब उम्मीदवारों के प्राप्तांकों को लेकर चली आ रही गोपनीयता की दीवार को गिरा दिया है। आयोग ने निर्णय लिया है कि अब हर भर्ती परीक्षा के सफल अभ्यर्थियों के नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे।

    प्रदेश की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित आरएएस (RAS) भर्ती-2023 इस नई व्यवस्था की पहली गवाह बनी है। आयोग ने न केवल परिणाम जारी किए, बल्कि चयनित अभ्यर्थियों के मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के अंक भी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। इससे पहले अभ्यर्थियों को अपने व्यक्तिगत अंकों के लिए एक लंबी प्रक्रिया और समय का इंतजार करना पड़ता था।

    पारदर्शिता कैसे बढ़ाएगा RPSC का फैसला?
    RPSC सचिव रामनिवास मेहता के अनुसार, आयोग की कार्यप्रणाली में यह बदलाव केवल RAS तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में होने वाली सभी परीक्षाओं और वर्तमान में प्रक्रियाधीन भर्तियों के अंक भी इसी तरह सार्वजनिक किए जाएंगे। इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास बहाल करना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

    अभ्यर्थियों को क्या होंगे सीधे फायदे?

    1. अभ्यर्थियों को अब अपनी मेरिट और स्कोर के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
    2. छात्र यह समझ पाएंगे कि वे किस विषय में मजबूत रहे और इंटरव्यू में उनका प्रदर्शन कैसा रहा।
    3. नंबर सार्वजनिक होने से चयन प्रक्रिया पर उठने वाले सवालों और आशंकाओं पर विराम लगेगा।
    4. आयोग अब सिर्फ कट-ऑफ नहीं बताएगा, बल्कि हर सफल उम्मीदवार की मेहनत का पूरा हिसाब (मार्क्स) वेबसाइट पर देगा।

    स्टूडेंट्स को अब क्या ध्यान रखना चाहिए?
    शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस मार्कशीट के बाद अब उम्मीद जगी है कि RPSC उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और आंसर-की विवादों को सुलझाने के लिए भी कुछ ऐसे ही कड़े और पारदर्शी कदम उठाएगा।

  • बैठक में प्रमोशन, पोस्टिंग जैसे हुए अहम फैसले, राजस्व कर्मचारी काम पर लौटे

    बैठक में प्रमोशन, पोस्टिंग जैसे हुए अहम फैसले, राजस्व कर्मचारी काम पर लौटे

    पटना.

    बिहार में राजस्व कर्मियों की हड़ताल खत्म हो गई और वे शुक्रवार से काम पर लौट आए. उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा के साथ बैठक के बाद बिहार राजस्व सेवा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने फैसला लिया कि सभी अधिकारी शुक्रवार से काम पर लौट जायेंगे. उन सभी की मांगों पर उपमुख्यमंत्री ने विचार का आश्वासन दिया है.

    विजय सिन्हा ने बैठक में लिया फैसला
    साथ ही विजय सिन्हा ने यह भी कहा है कि प्रतिभा का सम्मान किया जाएगा. मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राजस्व सेवा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की थी, जिसमें यह निर्णय लिया गया. राजस्व सेवा के अधिकारी अपनी कई मांगों को लेकर दो फरवरी 2026 से सामूहिक अवकाश पर थे. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व सेवा के अधिकारियों की मांग पर विचार किया जाएगा.

    12 फरवरी को जारी होगी अधिसूचना
    बैठक में यह भी फैसला लिया गया कि अब बिहार प्रशासनिक सेवा के नहीं बल्कि राजस्व सेवा के अधिकारी ही डीसीएलआर बनेंगे. बैठक के दौरान जो कुछ भी बातचीत हुई, इसे लेकर अधिसूचना 12 फरवरी को जारी की जाएगी.

    बैठक में और क्या-क्या लिए गए फैसले?

    1. राजस्व सेवा के अफसरों का सेकंड प्रमोशन डीसीएलआर के पद पर होगा.
    2. फिलहाल जो डीसीएलआर हैं, उनका इस पद पर पोस्टिंग नहीं होगी.
    3. अनुमंडल राजस्व अधिकारी के जिम्मे में सर्वे से जुड़े काम होंगे.
    4. डीसीएलआर के 11 पदों पर राजस्व सेवा के अधिकारी तैनात होंगे.
  • सेना में मेजर के साथ हैं लग्जरी फैशन ब्रांड, जोधपुर में थाईलैंड की राजकुमारी का होगा शाही स्वागत

    सेना में मेजर के साथ हैं लग्जरी फैशन ब्रांड, जोधपुर में थाईलैंड की राजकुमारी का होगा शाही स्वागत

    जोधपुर.

    थाईलैंड की राजकुमारी सिरिवन्नवारी नारीरत्ना 8 फरवरी से जोधपुर के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगी। वे विशेष विमान से जोधपुर पहुंचेंगी। राजकुमारी के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सुरक्षा, आवागमन, ठहराव और भ्रमण को लेकर अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    राजकुमारी के शाही स्वागत को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। एयरपोर्ट से लेकर उनके ठहरने और भ्रमण स्थलों तक विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को भी सुचारु रखने के निर्देश दिए गए हैं। राजकुमारी के स्वागत में पारंपरिक और शाही अंदाज अपनाया जाएगा।

    खुदका लग्जरी फैशन ब्रांड
    राजकुमारी सिरिवन्नवारी नारीरत्ना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर के रूप में जानी जाती हैं। उनका खुद का लग्जरी फैशन ब्रांड है, जो दुनिया के कई देशों में लोकप्रिय है। फैशन के क्षेत्र में उनके डिजाइन और कलेक्शन को खास पहचान मिली हुई है।

    सेना में मेजर पद पर कार्यरत
    राजकुमारी सिरिवन्नवारी केवल फैशन तक सीमित नहीं हैं। वे थाईलैंड की शाही सेना में मेजर के पद पर भी कार्यरत हैं। इसके अलावा वे एक कुशल घुड़सवार हैं और खेल, कला व संस्कृति के क्षेत्र में उनकी गहरी रुचि है।

    दुनिया की सबसे अमीर राजकुमारियों में शामिल
    राजकुमारी सिरिवन्नवारी नारीरत्ना को दुनिया की सबसे अमीर राजकुमारियों की सूची में भी शामिल किया जाता है। उनकी संपत्ति अरबों में बताई जाती है।

    राजस्थान और आगरा का भी करेंगी भ्रमण
    राजकुमारी भारत के 5 दिवसीय दौरे पर आई हैं। इस दौरान वे राजस्थान के विभिन्न शहरों के साथ-साथ आगरा का भी भ्रमण करेंगी। जोधपुर प्रवास के दौरान वे ऐतिहासिक धरोहरों, सांस्कृतिक स्थलों और शाही विरासत से रूबरू होंगी।

  • यीडा के औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित हो रहा टॉय पार्क, निवेश और निर्माण दोनों में आई रफ्तार

    यीडा के औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित हो रहा टॉय पार्क, निवेश और निर्माण दोनों में आई रफ्तार

    यमुना एक्सप्रेसवे पर तेजी से आकार ले रहा टॉय पार्क, 154 में से 143 प्लॉट आवंटित

    ड्रीम डेस्टिनेशन यूपी: योगी सरकार की औद्योगिक नीति से निवेशकों का बढ़ा भरोसा, निर्माण की ओर बढ़ी परियोजनाएं

    यीडा के औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित हो रहा टॉय पार्क, निवेश और निर्माण दोनों में आई रफ्तार

    15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत, कुछ इकाइयों में निर्माण कार्य भी शुरू, योजना के दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण प्रगति पर

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की औद्योगिक विकास नीति का असर अब यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में साफ दिखाई देने लगा है। औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित किए जा रहे टॉय पार्क में निवेश और निर्माण दोनों ही स्तर पर तेज प्रगति दर्ज की गई है। प्राधिकरण द्वारा टॉय पार्क के लिए आरक्षित 100 एकड़ भूमि पर कुल 154 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं, जिनमें से 143 भूखंडों का आवंटन पूरा हो चुका है। यह आंकड़े प्रदेश में औद्योगिक निवेश को लेकर निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाते हैं।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार का फोकस स्पष्ट है कि औद्योगिक परियोजनाओं को केवल मंजूरी तक सीमित न रखते हुए उनका समय पर क्रियान्वित सुनिश्चित करना। यमुना एक्सप्रेसवे पर विकसित हो रहा टॉय पार्क इसी नीति का उदाहरण बनकर उभर रहा है। पारदर्शी आवंटन, तेज लीज प्रक्रिया और निर्माण गतिविधियों के चलते उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

    120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी
    यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, टॉय पार्क के अंतर्गत 143 आवंटित भूखंडों में से 124 निवेशकों द्वारा लीज प्लान प्रस्तुत किए जा चुके हैं, जबकि 19 मामलों में लीज प्लान अभी प्राप्त नहीं हुए हैं। इन निवेशकों को एक माह के भीतर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। अब तक 120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है और 4 मामलों में चेकलिस्ट जारी करने की प्रक्रिया प्रगति पर है।

    76 निवेशकों को मिला पजेशन
    भूमि हस्तांतरण के स्तर पर भी टॉय पार्क परियोजना ने ठोस रफ्तार पकड़ी है। अब तक 108 निवेशकों के पक्ष में लीज डीड का निष्पादन पूरा किया जा चुका है, जबकि 76 निवेशकों को विधिवत पजेशन भी प्रदान कर दिया गया है। इसके साथ ही परियोजना अब केवल फाइलों में नहीं, बल्कि जमीनी निर्माण की दिशा में आगे बढ़ चुकी है।

    निर्माण कार्य भी प्रगति पर
    निर्माण गतिविधियों की बात करें तो 15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत हो चुके हैं, जबकि 4 औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य की शुरुआत भी हो गई है। इसे टॉय पार्क के वास्तविक रूप लेने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। योगी सरकार का जोर है कि आवंटन के साथ-साथ परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतरें, जिससे रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिल सके।

    7 भूखंडों के अधिग्रहण की कार्रवाई जारी
    प्राधिकरण के अनुसार, टॉय पार्क के दूसरे चरण के अंतर्गत कुल 11 भूखंडों में से 4 भूखंडों की भूमि उपलब्ध हो चुकी है, जिन्हें नई योजना के तहत प्रकाशित किया गया है। शेष 7 भूखंड, जिनका कुल क्षेत्रफल 6.71 एकड़ है, अभी आवंटन से शेष हैं। इन भूखंडों के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है, ताकि जल्द से जल्द इन्हें भी निवेशकों के लिए उपलब्ध कराया जा सके।

    टॉय इंडस्ट्री के लिए आधुनिक औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की योजना
    टॉय पार्क के अंतर्गत खिलौना उद्योग से जुड़ी विनिर्माण इकाइयों की स्थापना का प्रस्ताव है, जिसमें प्लास्टिक, लकड़ी, फैब्रिक, धातु एवं इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के निर्माण से संबंधित गतिविधियां शामिल होंगी। योजना के तहत कॉमन फैसिलिटी सेंटर, डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स से जुड़ा आधारभूत ढांचा विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही एमएसएमई और स्टार्टअप्स को औद्योगिक गतिविधियों से जोड़ने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन की दिशा में भी व्यवस्था किए जाने की परिकल्पना की गई है, जिससे यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को खिलौना उद्योग के एक संगठित औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।

  • आवारा कुत्तों से निजात दिलाएंगे शेल्टर होम व एबीसी सेंटर

    आवारा कुत्तों से निजात दिलाएंगे शेल्टर होम व एबीसी सेंटर

    आवारा कुत्तों से निजात दिलाएंगे शेल्टर होम व एबीसी सेंटर

    डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं पर योगी सरकार गंभीर, नगर निगमों व जनपद मुख्यालयों पर डॉग शेल्टर होम व एबीसी सेंटर बनाने की कार्यवाही शुरू

    शेल्टर होम्स के लिए अलग डीपीआर तैयार, प्रति यूनिट 470 से 531 लाख रुपये तक लागत आने का अनुमान,  डीपीआर को सैद्धांतिक मंजूरी

    प्रयागराज और लखनऊ सहित कई नगर निगमों में भूमि चिह्नित, जनपद मुख्यालयों पर भी एबीसी सेंटर के लिए जमीन तय

    आवारा कुत्तों की समस्या के मानवीय और वैज्ञानिक समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जारी की हैं गाइडलाइंस,  नागरिक सुरक्षा व पशु कल्याण दोनों को वरीयता

    लखनऊ
     प्रदेश में आवारा कुत्तों की समस्या और डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को योगी सरकार ने गंभीरता से लिया है। जन सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर सख्त व ठोस कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार ने नगर निगमों एवं जनपद मुख्यालयों पर डॉग शेल्टर होम व एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर की स्थापना प्रक्रिया तेज कर दी है। शासन स्तर पर इसे प्राथमिकता देते हुए भूमि चिह्नीकरण, बजट निर्धारण और परियोजना स्वीकृति की कार्रवाही एक साथ आगे बढ़ाई जा रही है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में गाइडलाइंस जारी की थीं।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान मानवीय, वैज्ञानिक व स्थायी तरीके से किया जाए। सरकार का मानना है कि डॉग शेल्टर होम और एबीसी सेंटर की प्रभावी व्यवस्था से जहां एक ओर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी ओर पशु कल्याण को भी मजबूती मिलेगी।
    नगर निगम क्षेत्रों में पहले से संचालित अथवा प्रस्तावित एबीसी सेंटरों के साथ ही डॉग शेल्टर होम विकसित किए जाएंगे। इसके लिए प्रत्येक नगर निगम को निर्देशित किया गया है कि वह उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराए और आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करे। शासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस व पशु कल्याण से जुड़े मानकों के अनुरूप की जा रही है।

    योगी सरकार ने डॉग शेल्टर होम के लिए अलग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार प्रति शेल्टर होम 470 लाख रुपये से लेकर 531 लाख रुपये तक लागत आने का अनुमान है। डीपीआर में शेल्टर होम की क्षमता, इन्फ्रास्ट्रक्चर, पशु चिकित्सा सुविधाएं, भोजन, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती जैसे सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है। शासन स्तर पर इन डीपीआर को सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है और अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप अगले चरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    प्रगति रिपोर्ट के अनुसार प्रयागराज नगर निगम क्षेत्र में ग्राम मऊर उपरहट, तहसील सोरांव में डॉग शेल्टर होम के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। लखनऊ नगर निगम में भूमि की उपलब्धता को लेकर कार्यकारिणी बोर्ड से प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। वहीं अन्य नगर निगमों से भी सूचना प्राप्त की जा रही है, ताकि पूरे प्रदेश में एक समान व्यवस्था लागू की जा सके।

    जनपद मुख्यालयों पर भी एबीसी सेंटर एवं शेल्टर होम की स्थापना को लेकर तेजी से कार्यवाही की जा रही है। ललितपुर में 12.182 हेक्टेयर, हरदोई में 0.2 हेक्टेयर, बुलंदशहर में 2000 वर्ग मीटर तथा फतेहपुर में 0.769 हेक्टेयर भूमि एबीसी सेंटर एवं डॉग शेल्टर होम के लिए चिह्नित कर ली गई है। शेष जनपदों से सूचनाएं प्राप्त होते ही वहां भी भूमि चिह्नीकरण और परियोजना स्वीकृति की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।

  • आज होगी कमेटी की पहली बैठक, श्रम विभाग के 1500 करोड़ के वर्क स्लिक घोटाले की जांच तेज

    आज होगी कमेटी की पहली बैठक, श्रम विभाग के 1500 करोड़ के वर्क स्लिक घोटाले की जांच तेज

    चंडीगढ़.

    हरियाणा में हाल ही में चर्चा में आए श्रम विभाग के 1500 करोड़ रुपये के वर्क स्लिक घोटाले की जांच अब तेज होगी। जांच के लिए गठित कमेटी की पहली बैठक शुक्रवार को चंडीगढ़ में होने जा रही है। हालांकि यह बैठक तय समयावधि के बाद हो रही है, क्योंकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कमेटी का गठन करते समय एक माह के भीतर रिपोर्ट देने के लिए कहा था।

    श्रम मंत्री अनिल विज ने दिसंबर में इस घोटाले को उजागर किया था। शुरू में हिसार, कैथल, जींद, सिरसा, फरीदाबाद और भिवानी जिलों में जांच की गई, जहां बहुत सारी गड़बडिय़ां मिलीं। विभागीय जांच लगभग चार महीने पहले शुरू हुई थी और अब तक 13 जिलों में 100 प्रतिशत जांच पूरी हो चुकी है। 13 जिलों में कुल 5 लाख 99 हजार 758 वर्क स्लिप जारी की गई थीं, जिनमें से सिर्फ 53 हजार 249 ही सही पाई गईं। बाकी 5 लाख 46 हजार 509 वर्क स्लिप गलत निकलीं।

    गलत वर्क स्लिप और फर्जी मजदूरों के नाम दर्ज
    इसी तरह, कुल 2 लाख 21 हजार 517 मजदूरों के नाम दर्ज थे, लेकिन जांच के बाद सिर्फ 14 हजार 240 ही सही पाए गए, जबकि 1 लाख 93 हजार 756 मजदूरों के नाम फर्जी निकले। इसका मतलब है कि बहुत बड़ी संख्या में गलत वर्क स्लिप और फर्जी मजदूरों के नाम दर्ज किए गए थे। आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आइएएस पंकज अग्रवाल की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया था, जिसमें आइएएस राजीव रतन और आइपीएस पंकज नैन सदस्य हैं। एक माह बाद भी कमेटी अपनी रिपोर्ट नहीं दे सकी है।

    जांच कमेटी गठित
    इसका बड़ा कारण कमेटी में शामिल अधिकारियों के पास एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी होना है। विभागों की लगातार हो रही मीटिंगों के कारण अधिकारी इस जांच को लेकर समय नहीं दे पाए। सरकार ने कमेटी का गठन तो कर दिया है लेकिन जांच का स्वरूप तय नहीं किया। आइएएस पंकज अग्रवाल के अनुसार बजट सत्र की तैयारियों के कारण सभी अधिकारी व्यस्त हैं। इसके बावजूद छह फरवरी शुक्रवार को कमेटी की पहली औपचारिक मीटिंग बुलाई गई है। इस मीटिंग की सूचना कमेटी में शामिल सभी सदस्यों को दे दी गई है।

  • पारा गिरने से बढ़ेगी ठंड और घना होगा कोहरा, बिहार में मौसम का यू-टर्न

    पारा गिरने से बढ़ेगी ठंड और घना होगा कोहरा, बिहार में मौसम का यू-टर्न

    पटना.

    राज्य के मौसम में बदलाव जारी है। दिन में धूप निकलने के साथ हल्की गर्मी का एहसास हो रहा है। जबकि, रात में ठंड सता रही है। तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के उत्तरी भागों के आठ जिलों के पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज में घना कोहरे का प्रभाव बन रहेगा।

    पटना सहित आसपास इलाकों में हवा की गति 40 किमी प्रतिघंटा रहने के साथ सुबह-शाम ठंड का असर बना रहेगा। एक से दो दिनों के दौरान राज्य के अनेक स्थानों के अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट की संभावना है। 

    तापमान में गिरावट आने के साथ ठंड में वृद्धि के आसार
    तापमान में गिरावट आने के साथ ठंड में वृद्धि के आसार हैं। पछुआ के कारण प्रदेश का मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहेगा। राज्य का सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस सिवान (जीरादेई) एवं 14.1 डिग्री सेल्सियस राजधानी का न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। बीते 10 वर्षों के दौरान राजधानी का न्यूनतम तापमान सबसे अधिक रहा। दो सौ मीटर के साथ वाल्मीकि नगर में सबसे कम दृश्यता दर्ज की गई। राज्य का न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस से 15.9 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। पटना का अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पटना सहित आसपास इलाकों में मौसम शुष्क बने होने के साथ सुबह-शाम ठंड का प्रभाव बना रहा।

    प्रमुख शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
    शहर     अधिकतम तापमान (°C)     न्यूनतम तापमान (°C)

    पटना     24.8     14.1
    गया जी     25.6     11.6
    भागलपुर     25.5     12.8
    मुजफ्फरपुर     23.4     13.6

  • CM सैनी ने लगाई घोषणाओं की झड़ी, हरियाणा में जेल वॉर्डन और हेड को मिलेगा कॉन्स्टेबल वाला भत्ता

    CM सैनी ने लगाई घोषणाओं की झड़ी, हरियाणा में जेल वॉर्डन और हेड को मिलेगा कॉन्स्टेबल वाला भत्ता

    करनाल.

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जेल प्रशिक्षण अकादमी, करनाल में आयोजित दीक्षांत परेड समारोह को प्रदेश के जेल वार्डरों के लिए ऐतिहासिक और यादगार बना दिया। उन्होंने जेल वार्डर और पुलिस कॉन्स्टेबल के बीच पदोन्नति, सेवा अवधि और भत्तों में चली आ रही विसंगतियों को दूर करने के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं, जिससे जेल विभाग के कर्मियों को लाभ मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब जेल वार्डर को 18 वर्ष की सेवा अवधि पूरी करने पर हेड वार्डर के पद पर पदोन्नति मिलेगी। इसके साथ ही सुधारात्मक सेवा पदक प्राप्त करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को एक वर्ष का सेवा-विस्तार दिया जाएगा। जेल वार्डर और हेड वार्डर को भी पुलिस कॉन्स्टेबल के समान भत्ता देने की घोषणा की गई।

    राशन भत्ता में बढ़ोतरी
    सीएम नायब सिंह सैनी ने राशन भत्ता बढ़ाकर 1500 रुपये, परिवहन भत्ता 50 रुपये से बढ़ाकर 720 रुपये तथा वर्दी भत्ता बढ़ाकर 7500 रुपये करने की घोषणा की। दीक्षांत परेड समारोह में जेल सेवा में नियुक्त हुए 116 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया।
    इस अवसर पर मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं दीं और मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कारागार विभाग के महानिदेशक आलोक मित्तल ने कहा कि करनाल में नवनिर्मित जेल प्रशिक्षण अकादमी विभाग के आधुनिकीकरण और व्यावसायिक दक्षता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। कैदियों के पुनर्वास पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है। प्रदेश की पांच जेलों में आइटीआइ और पालिटेक्निक डिप्लोमा कोर्स शुरू किए हैं, जिनके माध्यम से कैदियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हरियाणा कौशल रोजगार निगम के जरिये रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एमओयू भी किया है।

    राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए
    पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को इस बयान पर तुरंत माफी मांगनी चाहिए।

  • पहचान को आसान बनाने लिया फैसला, श्री हरमंदिर साहिब के सेवादारों की वर्दी का रंग बदला

    पहचान को आसान बनाने लिया फैसला, श्री हरमंदिर साहिब के सेवादारों की वर्दी का रंग बदला

    अमृतसर.

    अमृतसर स्थित श्री हरमंदिर साहिब के सेवादारों की वर्दी का रंग बदल दिया गया है। अब गहरे पीले और नीले चोले के साथ सफेद पजामा, और चोले के रंग के विपरीत पगड़ी होगी। प्रबंधक भगवंत सिंह धंगेड़ा ने बताया कि यह बदलाव श्रद्धालुओं को सेवादारों की पहचान करने में आसानी के लिए किया गया है।

    सेवादार दो दिन पीला और दो दिन नीला चोला पहनेंगे। बता दें, श्री हरमंदिर साहिब की परिक्रमा में तैनात सेवादारों को हर साल मैनेजर गर्मी और सर्दी के मौसम के लिए यूनिफॉर्म देते हैं। हैरानी की बात यह है कि जब भी कोई मैनेजर बदलता है, तो वह अपनी सोच के हिसाब से सेवादारों के लिए यूनिफॉर्म का रंग भी बदल देता है।

    अब तक पीला-नीला चोला, सफेद पजामा, पीली, नीली और काली पगड़ी और हाथ में कमरकस्सा वाली बेल्ट के साथ हाथ में भाले के साथ सेवादार की पहचान रही है। अब इस पीले और नीले चोला का रंग गहरा कर दिया गया है। इसके साथ ही सफेद पायजामा, नीले चोले के साथ पीला व पीले चोले के साथ नीली पगड़ी व हाथ में कमकस्सा और भाले के साथ बेल्ट पहनाकर सेवादार की पहचान बनाई गई है।

    सेवादार दो दिन पीला चोला और दो दिन नीला चोला पहनकर ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। श्री हरिमंदिर साहिब के मैनेजर भगवंत सिंह धंगेड़ा ने कहा कि सेवादारों की वर्दी का रंग यूनिक रखा गया है, ताकि श्रद्धालुओं को सेवादारों की पहचान करने में आसानी हो।