Category: राज्य

  • योगी सरकार की पहल से प्रयागराज में विदेशी श्रद्धालुओं की बढ़ी रुचि, आध्यात्मिक पर्यटन को मिली गति

    योगी सरकार की पहल से प्रयागराज में विदेशी श्रद्धालुओं की बढ़ी रुचि, आध्यात्मिक पर्यटन को मिली गति

    योगी सरकार में विदेशी श्रद्धालुओं का बढ़ा भरोसा, प्रयागराज बना आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र

    एक साल में 20.53 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे प्रयागराज, संगम नगरी की बढ़ी लोकप्रियता

    आस्था और संस्कृति का आकर्षण: यूपी में विदेशी मेहमानों की पहली पसंद बना प्रयागराज

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली नीतियों के चलते विदेशी पर्यटकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण प्रयागराज के रूप में सामने आया है, जहां वर्ष 2025 में 20,53,918 से अधिक विदेशी श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि संगम नगरी केवल देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों के लिए आस्था और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। 

    सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक संगम नगरी पहुंचे 
    प्रयागराज में 20,53,918, वाराणसी में 3,21,358, मथुरा में 1,42,134, अयोध्या में 65,487 विदेशी पर्यटक साल 2025 में पहुंचे। प्रयागराज सदियों से गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां की धार्मिक मान्यताएं, प्राचीन मंदिर, घाट, आश्रम और आध्यात्मिक वातावरण विदेशी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। विदेशी श्रद्धालु संगम स्नान, पूजा-अर्चना, योग, ध्यान और भारतीय संस्कृति को करीब से समझने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। खासतौर पर माघ मेला, कुम्भ और धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।

    योगी सरकार की नीतियों से बढ़ा विश्वास

    उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है, जिससे विदेशी पर्यटकों में विश्वास बढ़ा है। पर्यटन स्थलों पर पुलिस व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, साफ-सफाई, बेहतर सड़क संपर्क, एयरपोर्ट और रेलवे सुविधाओं में सुधार का सकारात्मक असर देखने को मिला है। प्रयागराज में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, घाटों के सुंदरीकरण, प्रकाश व्यवस्था और आधुनिक व्यवस्थाओं ने भी विदेशी मेहमानों को आकर्षित किया है। सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के विकास और प्रचार-प्रसार से प्रदेश की छवि वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है।

    आध्यात्मिक पर्यटन का बनता वैश्विक केंद्र

    पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रयागराज केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनकर उभर रहा है। यूरोप, अमेरिका, रूस, जापान, नेपाल, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। विदेशी मेहमान भारतीय परंपराओं, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन शैली से प्रभावित हो रहे हैं। वर्ष 2025 में 20 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों का आगमन इस बात का प्रमाण है कि प्रयागराज की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हुई है। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिससे प्रदेश के पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

    धार्मिक आयोजनों में प्रयागराज ने रचा इतिहास

    प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 ने दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में नया इतिहास रचा। 45 दिवसीय इस भव्य आयोजन में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। महाकुंभ 13 जनवरी 2025 से प्रारंभ हुआ और 144 वर्षों बाद बने विशेष संयोग के कारण देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे। प्रतिदिन औसतन एक करोड़ से ज्यादा लोगों की मौजूदगी दर्ज की गई। वहीं मात्र 33 दिनों में 50 करोड़ श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार होना अपने आप में विश्व रिकॉर्ड है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 7-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। साथ ही 300 से अधिक गोताखोर तैनात किए गए और 10 लाख से अधिक लोगों के ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई थी।

  • JAC Result 2026: Gumla और Dumka से टॉपर, 99.60% अंक हासिल कर 4 छात्रों ने रचा इतिहास

    JAC Result 2026: Gumla और Dumka से टॉपर, 99.60% अंक हासिल कर 4 छात्रों ने रचा इतिहास

    रांची.

    झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस वर्ष कुल पास प्रतिशत 95.27% रहा है। मेरिट लिस्ट में हजारीबाग के स्कूलों का जबरदस्त दबदबा देखने को मिला है, वहीं सिमडेगा और रांची के विद्यार्थियों ने भी टॉप-3 में अपनी जगह बनाई है।

    टॉप-3 में 12 मेधावी, 4 परीक्षार्थियों ने किया स्टेट टॉप
    इस वर्ष मेरिट लिस्ट की सबसे खास बात यह रही कि पहले, दूसरे और तीसरे — तीनों स्थानों पर 4-4 विद्यार्थियों ने कब्जा जमाया है। 99.60% (498 अंक) हासिल कर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले चार परीक्षार्थी निम्नलिखित हैं:

    1. प्रियंशु कुमारी: इंदिरा गांधी बालिका हाई स्कूल, हजारीबाग
    2. शिवांगी कुमारी: एस एस हाई स्कूल, बानो, सिमडेगा
    3. प्रेम कुमार साह: प्रेमचंद हाई स्कूल, मेसरा, रांची
    4. सन्नी कुमार वर्मा: सेंट अलॉयसियस हाई स्कूल, रांची

    हजारीबाग के इंदिरा गांधी बालिका स्कूल का जलवा
    मेरिट लिस्ट में हजारीबाग के इंदिरा गांधी बालिका हाई स्कूल ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता साबित की है। टॉप-3 की सूची में शामिल कुल 12 विद्यार्थियों में से 5 छात्राएं अकेले इसी स्कूल से हैं।
    राज्य में द्वितीय स्थान (99.20%):

    1. दिव्यांशु उरांव (सेंट पैट्रिक हाई स्कूल, गुमला)
    2. खिलेश साह (सेंट पैट्रिक हाई स्कूल, गुमला)
    3. वैष्णवी श्री (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग)
    4. जुलिता मिन्ज (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग)

    राज्य में तृतीय स्थान (98.80%):

    1. महताब अंसारी (सेंट जॉन्स हाई स्कूल, नवाटांड़)
    2. प्रीत राज (सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, ओरमांझी)
    3. अमिषा कुमारी (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग)
    4. दीप्ति रानी (इ.गां.बा. हाई स्कूल, हजारीबाग)

    जिलावार प्रदर्शन: गुमला ने चौंकाया
    जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो गुमला जिला 99.32% पास प्रतिशत के साथ पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर रहा। इसके बाद दुमका (99.02%) और पाकुड़ (98.56%) का स्थान रहा। राजधानी रांची का पास प्रतिशत 94.75% दर्ज किया गया है।

  • झारखंड बोर्ड 10वीं रिजल्ट जारी, 95% पास, रिजल्ट jacresults.com पर चेक करें

    झारखंड बोर्ड 10वीं रिजल्ट जारी, 95% पास, रिजल्ट jacresults.com पर चेक करें

    रांची 

    झारखंड अकादमिक काउंसिल (JAC) ने कक्षा 10वीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है। इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में शीर्ष स्थान के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिली। बोर्ड ने टॉप-3 की पूरी मेरिट लिस्ट जारी की है। चार-चार छात्रों ने संयुक्त रूप से प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया है। चार छात्रों (2 लड़कियां और 2 लड़के) ने 500 में से 498 अंक यानी 99.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त प्रथम स्थान हासिल किया है। वहीं अगर जिलावार प्रदर्शन की बात करें तो गुमला जिला ने 99.32% उत्तीर्ण प्रतिशत के साथ पूरे प्रदेश में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है। दुमका और पाकुड़ जिले शीर्ष तीन जिलों में शामिल रहे। वहीं, रांची, हजारीबाग, गुमला, सिमडेगा समेत विभिन्न जिलों के छात्रों ने मैट्रिक परीक्षा के टॉपर्स लिस्ट में अपना दबदबा बनाया है। अधिक जानकारी के लिए छात्र अपना रोल नंबर और अन्य विवरण दर्ज करके आधिकारिक वेबसाइट jac.jharkhand.gov.in पर रिजल्ट देख सकते हैं।

    पिछले साल झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने पहले इंटरमीडिएट साइंस और कॉमर्स का परिणाम जारी किया था और उसके बाद आर्ट्स का। वहीं 12वीं से पहले जैक बोर्ड 10वीं का परिणाम जारी हुआ था। देखना होगा कि क्या इस बार भी जैक बोर्ड 10वीं का रिजल्ट 12वीं से पहले घोषित होता है। रिजल्ट घोषित होने पर छात्र आधिकारिक पोर्टल के अलावा लाइव हिन्दुस्तान (livehindustan.com) पर भी अपना स्कोरकार्ड देख सकते हैं।

    प्रथम श्रेणी पाने वाले छात्रों की संख्या 2.26 लाख पार

    झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा घोषित 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणामों में शानदार प्रदर्शन देखने को मिला है। प्रथम श्रेणी प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या 2.26 लाख से अधिक हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, इस वर्ष कुल 2.26 लाख से ज्यादा छात्र प्रथम श्रेणी में सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हुए हैं। बड़ी संख्या में छात्रों ने उच्च अंक प्राप्त कर न सिर्फ अपनी मेहनत का फल पाया बल्कि राज्य के शैक्षणिक रिकॉर्ड को भी नई ऊंचाई दी है।

     दक्षिण छोटानागपुर में लड़कियों ने लड़कों को पछाड़ा
     दक्षिण छोटानागपुर संभाग की लड़कियों ने परीक्षा परिणाम में लड़कों को काफी बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है। संभाग में लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 96.25% रहा, जबकि लड़कों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.03% रहा। इस प्रकार लड़कियों ने लड़कों को 2.22 प्रतिशत के अंतर से पछाड़ दिया। 

     इस बार 4 लाख से अधिक छात्र पास
     झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की कक्षा 10वीं की परीक्षा 2026 में अभूतपूर्व सफलता मिली है। इस वर्ष कुल 4,02,178 छात्र-छात्राएं मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण कर सफलता हासिल की है। इस शानदार परिणाम के साथ जेएसी 10वीं का पास प्रतिशत हाल के वर्षों में सबसे मजबूत रहा है। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, चार लाख से अधिक छात्रों के उत्तीर्ण होने से यह परिणाम राज्य की शैक्षणिक प्रगति का प्रतीक बन गया है।

     प्रियंशु कुमारी ने किया 10वीं टॉप
    झारखंड अकादमिक परिषद (JAC) ने वर्ष 2026 की जेएसी 10वीं (मैट्रिक) परीक्षा के लिए शीर्ष 3 छात्रों की पूरी मेरिट सूची जारी कर दी है। इस बार प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर कुल 12 छात्रों का कब्जा रहा है। चार-चार छात्रों ने प्रथम स्थान, चार-चार ने द्वितीय स्थान और चार-चार छात्रों ने तृतीय स्थान हासिल किया है। शीर्ष स्थान के लिए हुई कड़ी टक्कर इस वर्ष के नतीजों की खासियत रही। मेरिट लिस्ट में रांची, हजारीबाग, गुमला, सिमडेगा समेत अन्य जिलों के छात्रों ने अपना दबदबा बनाया है।

     छात्र इस तरह डाउनलोड कर सकते हैं स्कोरकार्ड
    झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) बोर्ड की 10वीं कक्षा का रिजल्ट 2026 आज जारी कर दिया गया है। छात्र अब अपना रिजल्ट आसानी से ऑनलाइन देख और डाउनलोड कर सकते हैं। JAC बोर्ड 10वीं रिजल्ट 2026 चेक करने और स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए छात्र इन स्टेप्स को फॉलो करना होगा…

        सबसे पहले JAC बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट    jacresults.com या jac.jharkhand.gov.in पर जाएं
        होमपेज पर 'JAC Board 10th Result 2026' वाले लिंक पर क्लिक करें
        इसके बाद अपना रोल नंबर और रोल कोड (एडमिट कार्ड के अनुसार) दर्ज करें
        इसके बाद Submit बटन पर क्लिक करें
        इसके बाद आपका JAC मैट्रिक रिजल्ट 2026 आपके सामने स्क्रीन पर होगा
        इसे आप डाउनलोड भी कर सकते हैं, साथ ही प्रिंट भी निकाल सकते हैं

    छात्रों को ओरिजिनल मार्कशीट और सर्टिफिकेट कहां से मिलेगा?
     झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। पास होने वाले छात्रों को बहुत जल्द ही मूल मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट संबंधित स्कूलों से प्राप्त होंगे। JAC के अनुसार, छात्रों को रिजल्ट आने के तुरंत बाद ऑनलाइन अंक प्राप्त हो जाएंगे, लेकिन उनकी ओरिजिनल मार्कशीट और प्रमाण-पत्र स्कूल के माध्यम से दिए जाएंगे। छात्रों को अपनी मार्कशीट और सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए अपने संबंधित स्कूल से संपर्क करना होगा। बता दें कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा रिजल्ट जारी होने के कुछ दिनों बाद ही सभी छात्रों की ओरिजिनल मार्कशीटें संबंधित स्कूलों को भेज दी जाती हैं, जहां से छात्र प्राप्त कर सकते हैं।

  • नगर निगम चुनाव में Panchkula पर फोकस: Bharatiya Janata Party की सूची जारी, Gyan Chand Gupta का प्रभाव कायम

    नगर निगम चुनाव में Panchkula पर फोकस: Bharatiya Janata Party की सूची जारी, Gyan Chand Gupta का प्रभाव कायम

    पंचकूला.

    भाजपा ने नगर निकाय चुनाव 2026 के तहत पंचकूला नगर निगम के लिए पार्षद उम्मीदवारों की वार्डवार आधिकारिक सूची जारी कर दी है। अधिकांश उम्मीदवारों को पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता का समर्थक माना जा रहा है। खास तौर पर उनके पौते पार्थ गुप्ता को वार्ड-6 से टिकट दिए जाने को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

    यह सूची केंद्रीय नेतृत्व से विचार-विमर्श के बाद जारी की गई है। वार्ड नंबर 1 से 20 तक उम्मीदवार मैदान में उतार दिए हैं। पार्टी ने इस बार महिला उम्मीदवारों को भी संतुलित प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया है। पूर्व पार्षद रितु गोयल, ओमवती पूनिया, सोनिया सूद और सुशील गर्ग नरवाना को टिकट दिया गया है। सूची जारी होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। सभी उम्मीदवारों ने अपने-अपने वार्डों में जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। पार्टी अब बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करते हुए चुनाव जीत सुनिश्चित करने की रणनीति पर काम कर रही है।
    वार्डवार उम्मीदवारों की सूची
    वार्ड नंबर     उम्मीदवार का नाम

    1     परमजीत कौर
    2     पमरजीत कौर
    3     सुरेश वर्मा
    4     भारत हितैषी
    5     जय कौशिक
    6     पार्थ गुप्ता
    7     ज्योति प्रसाद
    8     राजकुमार जैन
    9     हरेंद्र मलिक
    10     शेखर पांडेय
    11     अनुराधा पुरी
    12     राकेश जगोता
    13     दीपक गर्ग
    14     राकेश गोयल
    15     प्रियंका
    16     निर्मल देवी
    17     सुदेश बिडला
    18     पूजा देवी
    19     मनीषा रानी
    20     गौतम राणा

  • हरियाणा हाई अलर्ट: Ambala से Delhi तक धमकी, स्कूलों को भी मिले बम धमाके के मेल

    हरियाणा हाई अलर्ट: Ambala से Delhi तक धमकी, स्कूलों को भी मिले बम धमाके के मेल

    अंबाला.

    पंजाब और हरियाणा में रेलवे ट्रैकों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। 24 अप्रैल को 8:11 मिनट पर अंबाला से लेकर दिल्ली तक रेलवे ट्रैक पर धमाके करने की धमकी दी गई है। इसके अलावा पंजाब में भी लुधियाना अमृतसर बठिंडा फिरोजपुर में रेलवे ट्रैक उड़ाने की धमकी दी गई है।

    ईमेल के माध्यम से भेजी गई इस धमकी में हरियाणा के मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और पंजाब के मुख्यमंत्री को भी जान से मारने की धमकी दी गई है। ईमेल में कहा गया है कि 24 अप्रैल को अपने बच्चों को स्कूल में मत भेजो और रेल से सफर मत करो। लुधियाना के स्कूलों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल जारी हुआ है। फिलहाल चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, बीआरएस नगर का डीएवी पब्लिक स्कूल शामिल है।

    धमकी भरा ई-मेल जारी होने के बाद स्कूलों ने अभिभावकों के ग्रुपस में जानकारी शेयर की और पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर दिया। स्प्रिंग डेल स्कूल ने तो बच्चों की छुट्टी कर दी। फिलहाल स्कूल में पुलिस की ओर से चैकिंग चल रही है।
    वहीं आज ही बठिंडा के दो प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों—सेंट जेवियर स्कूल और मिलेनियम स्कूल— को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके साथ ही बठिंडा रेलवे स्टेशन को भी निशाना बनाने की चेतावनी भरा ईमेल सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया और पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।

  • दिल्ली में IRS अफसर की बेटी संग नौकर का कांड, चाबी वाली गलती ने खोली पूरी कहानी

    दिल्ली में IRS अफसर की बेटी संग नौकर का कांड, चाबी वाली गलती ने खोली पूरी कहानी

    नई दिल्ली

    दिल्ली में बुधवार सुबह एक IRS अधिकारी के घर जिस खौफनाक घटना को अंजाम दिया, उसने राजधानी ही नहीं पूरे देश को चिंता में डाल दिया है। खासकर उन लोगों को जो अपने दैनिक कामकाज के लिए घरेलू सहायकों की मदद लेते हैं। कुछ समय पहले काम से निकाले गए एक नौकर ने ना सिर्फ अधिकारी के घर में लूटपाट की, बल्कि उनकी 22 साल की होनहार बेटी की जान ले ली। आशंका यह भी है कि उसने गला घोंटने से पहले पीड़िता पर यौन हमला भी किया। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आईआरएस अधिकारी जिम जाते हुए चाबी को उसी जगह रख गए थे, जहां वह पहले रखते थे। पुराने नौकर को हटाने के बाद उन्होंने इसकी जगह नहीं बदली थी।

    पुलिस की शुरुआती जांच और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ से पता चला कि उसने पीड़िता को काबू करने के लिए पहले उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया और फिर चार्जर केबल से उसका गला घोंट दिया। द्वारका के एक होटल में करीब 12 घंटे बाद गिरफ्तार हुए आरोपी नौकर को आईआरएस अधिकारी ने डेढ़ महीने पहले काम से हटा दिया था। पैसों के लेनदेन में गड़बड़ी करने पर उसे हटाया गया था। जुए और उधार में फंस चुका आरोपी राहुल मीणा खौफनाक घटना को अंजाम देने के बाद घर से 2.5 लाख रुपये कैश और कुछ गहने लेकर फरार हो गया था। जॉइंट सीपी विजय कुमार ने कहा कि आरोपी के खिलाफ रेप, हत्या और लूट जैसे आरोपों में बीएनएस की कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

    जानता था सारे भेद
    जिस समय घटना को अंजाम दिया गया, आईआरएस अधिकारी अपनी पत्नी के साथ सुबह 6 बजे के आसपास ही जिम और वॉकिंग के लिए निकल गए थे। जॉइंट सीपी ने बताया, 'पीड़िता के माता-पिता जिम के लिए निकल गए थे। उन्होंने हर दिन की तरह एक अतिरिक्त चाबी फ्लैट के बाहर रख दी थी। नया नौकर आमतौर पर 6.30 बजे से 7 बजे तक आता था। राहुल को इस बात की जानकारी थी कि चाबी बाहर कहां रखी रहती है।'

    जानता था कहां रखी होती है जाबी, टाइमिंग की भी जानकारी
    आरोपी यह भी जानता था कि आईआरएस अधिकारी और उनकी पत्नी किस समय बाहर होते हैं और बेटी घर पर अकेली होती है। एक दिन पहले ही अलवर में महिला से रेप करके रात में ही दिल्ली पहुंचा नौकर सुबह-सुबह दूसरी वारदात को अंजाम देने के लिए अमर कॉलोनी पहुंच गया था। अधिकारी ने कहा, 'अफसर और उनकी पत्नी के घर से निकलने के बाद राहुल वहां पहुंचा। उसने चाबी उठाई और ताला खोलकर घर के अंदर दाखिल हो गया। अंदर पढ़ाई कर रही पीड़िता को धमकाते हुए उसने अलमारी का पासकोड पूछा। इनकार करने पर उसने मारपीट की। पासकोड लेकर अलमारी खोली और कैश-गहने लिए।' इसके बाद उसने लड़की की गला घोंटकर हत्या कर दी।

    जब बाहर निकलते समय रोका गया था नौकर
    परिजनों ने बताया कि जब वे करीब 8 बजे वापस आए तो बेटी को खून से लथपथ और अचेत पाया। वे तुरंत उसे लेकर फोर्टिस अस्पताल पहुंचे, जहां मृत घोषित किया गया। वहीं, से पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। आरोपी घर के अंदर करीब 40 मिनट तक रहा। सीसीटीवी फुटेज में वह करीब 6.39 बजे घर में दाखिल होता गदिखा। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने कपड़े भी बदले। 7 बजकर 22 मिनट पर वह घर से बाहर निकलते दिखा। घर के बाहर गाड़ी साफ करते हुए एक सहायक ने उसे रोका भी और पूछा कि वह कैसे आया है। उसने आरोपी से रुकने और कुछ खाकर जाने को कहा। लेकिन आरोपी ने कहा कि उसे किसी जरूरी काम से तुरंत जाना है और वह चला गया।

    कैसे हत्यारे तक पहुंची पुलिस
    पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद कई टीमों का गठन किया। 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच के जरिए पुलिस द्वारका के उस होटल तक पहुंची जहां आरोपी छिपा हुआ था। गुरुवार को उसे अदालत में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर लेगी और आगे की पूछताछ से उसके मकसद का पता लगाएगी। पुलिस के मुताबिक, अफसर ने एक जानकार के कहने पर करीब एक साल पहले काम पर रखा था। लेकिन जब उन्हें उसके जुए की लत का पता चला तो काम से हटा दिया था।

  • पंजाब विधानसभा चुनाव में अकेले मैदान में उतरेगी BJP, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा – पिछली बार कम सीटें मिलीं, लेकिन जुड़ाव कम नहीं हुआ

    पंजाब विधानसभा चुनाव में अकेले मैदान में उतरेगी BJP, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा – पिछली बार कम सीटें मिलीं, लेकिन जुड़ाव कम नहीं हुआ

    चंडीगढ़ 

    पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 में शिरोमणि अकाली दल (SAD) व भारतीय जनता पार्टी (BJP) में गठबंधन की अटकलों पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने विराम लगा दिया। एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि पंजाब में भाजपा अकेले चुनाव लड़ेगी।

    नितिन नबीन ने साफ कहा कि भाजपा पंजाब में इस चुनाव में नए स्वरूप में दिखेगी। पार्टी चुनाव मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसमें किसी का सहयोग नहीं होगा।

    उन्होंने कहा- पंजाब का मिजाज हमेशा भाजपा के साथ रहा है और भाजपा पंजाब के मिजाज को समझती है। हमने कभी भी पंजाब के मूल्यों के साथ समझौता नहीं किया। हमें पंजाब में सीटें कम मिलीं, इसके बावजूद पंजाब से भाजपा का जुड़ाव हमेशा बना रहा।

    नितिन नबीन ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) अपने कृत्यों के कारण हारने वाली है। इसमें कोई दो राय नहीं है। पंजाब में जनाधार स्थापित करना निश्चित तौर पर हमारे लिए चुनौती रही है। हमने जनसंघ के समय से पंजाब में निरंतर काम किया और लोगों के साथ हमारा सीधा जुड़ाव है।

    पंजाब में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेगी BJP- अमित शाह

    भारतीय जनता पार्टी 2027 में अपनी सरकार बनाने जा रही है. मैं पंजाब की माताओं-बहनों और बुजुर्गों से आशीर्वाद मांगने आया हूं. आप हमको आशीर्वाद दीजिए, हमारी ताकत बढ़ाइए. अगर पंजाब को नशे से कोई मुक्त कर सकता है, तो केवल और केवल नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी ही कर सकती है. पंजाब को नशे से मुक्त करवाना है, तो डबल इंजन की भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाना है. भारतीय जनता पार्टी पंजाब में सरकार बनाने के लिए जी जान लगा देगी। 

    सुखबीर सिंह बादल बोले- हर पार्टी को फैसला लेना का हक
    वहीं भारतीय जनता पार्टी के आगामी विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने के ऐलान के साथ ही पंजाब में सियासत गरमा गई है. शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने कहा, 'मोस्ट वेलकम है. हर पार्टी को अपना फैसला लेने का हक है. हमारे लिए पंजाब पहले है और पंजाब के लोग पहले हैं। 

  • लुधियाना के स्कूलों में बम की धमकी से हड़कंप, पुलिस ने ईमेल मिलने के बाद बढ़ाई सुरक्षा

    लुधियाना के स्कूलों में बम की धमकी से हड़कंप, पुलिस ने ईमेल मिलने के बाद बढ़ाई सुरक्षा

    लुधियाना
    लुधियाना के स्कूलों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल जारी हुआ है। फिलहाल चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, बीआरएस नगर का डीएवी पब्लिक स्कूल शामिल है।

    धमकी भरा ई-मेल जारी होने के बाद स्कूलों ने अभिभावकों के ग्रुपस में जानकारी शेयर की और पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर दिया। स्प्रिंग डेल स्कूल ने तो बच्चों की छुट्टी कर दी। फिलहाल स्कूल में पुलिस की ओर से चैकिंग चल रही है।

    इससे पहले 10 मार्च को भी लुधियाना के कुछ स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिससे हड़कंप मच गया था। सुबह करीब 7 बजे ई-मेल के जरिए सीबीएसई से संबंधित 3 स्कूलों को धमकी भरा संदेश मिला था, जिसमें स्कूल परिसर में बम होने की बात कही गई थी।

    धमकी भरा मेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं थी और स्कूल परिसरों की गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया था।

    सुबह 9.15 पर मिली धमकी भरी ईमेल
    स्कूल के प्रिंसिपल अनिल शर्मा ने बताया कि सुबह करीब 9:15 बजे स्कूल को एक ईमेल के जरिए धमकी मिली। ईमेल में स्कूल को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। धमकी मिलते ही स्कूल प्रशासन ने बिना देरी किए सभी विद्यार्थियों के अभिभावकों को सूचित किया और करीब 2500 छात्रों को सुरक्षित घर भेज दिया।

    स्कूल की चेयरपर्सन अविनाश कौर वालिया ने बताया कि जब ई-मेल मिला, उस समय स्कूल में बच्चे मौजूद थे। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई और एहतियात के तौर पर सभी बच्चों को सुरक्षित घर भेज दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 9:30 बजे स्कूल प्रबंधन को एक ई-मेल प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि शहर के कई स्कूलों और रेलवे ट्रैक को निशाना बनाया जा सकता है। ई-मेल में यह भी कहा गया कि ‘ब्लैकआउट’ के कारण 23 और 24 अप्रैल को बड़े धमाके हो सकते हैं।

    धमकी के बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस ने रेलवे लाइनों की भी बारीकी से जांच शुरू कर दी है। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। साइबर सेल की मदद से ई-मेल आईडी को ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। पूरे शहर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और हर जगह निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि यह शरारत है या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।

    स्टाफ और अभिभावकों में चिंता का माहौल
    प्रिंसिपल अनिल शर्मा ने बताया कि स्कूल में इस तरह की धमकी पहली बार मिली है, जिससे स्टाफ और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। स्कूल प्रबंधन ने धमकी भरे ईमेल की आईडी पुलिस को सौंप दी है, जिसके आधार पर आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

    मामले की हर एंगल से जांच-पुलिस
    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले को गंभीरता से लिया गया है और हर एंगल से जांच की जा रही है। जल्द ही सच्चाई सामने लाने का दावा किया गया है।

  • दिल्ली में लागू हुआ ‘NO PUC, NO Fuel’ रूल! अब बिना PUC के नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल या CNG

    दिल्ली में लागू हुआ ‘NO PUC, NO Fuel’ रूल! अब बिना PUC के नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल या CNG

     नई दिल्ली
     दिल्ली की सड़कों पर गाड़ी चलाते हैं तो अब यह खबर सीधे आपसे जुड़ी है. क्योंकि सरकार ने साफ कर दिया है कि अब पेट्रोल-डीजल लेने से पहले आपकी गाड़ी का ‘हेल्थ रिपोर्ट’ यानी PUC सर्टिफिकेट देखी जाएगी. नहीं है तो सीधा मना. कोई बहाना नहीं, कोई राहत नहीं. प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए सरकार अब सीधे आम लोगों की जिम्मेदारी तय कर रही है। 

    दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर अब सरकार ने कड़ा रुख अपना लिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ निर्देश दिए हैं कि अब बिना वैलिड पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) के किसी भी वाहन को पेट्रोल या डीजल नहीं मिलेगा. सरकार का कहना है कि यह कदम एयर क्वॉलिटी सुधारने के लिए बेहद जरूरी है और अब इसमें किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

    ‘No PUC, No Fuel’ नियम पर सख्ती
    बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ‘No PUC, No Fuel’ नियम को सख्ती से लागू किया जाए. दरअसल, यह नियम पिछले साल दिसंबर में शुरू की गई थी, लेकिन अब भी कई वाहन बिना वैलिड पीयूसी सर्टिफिकेट के सड़कों पर चल रहे हैं. सरकार का मानना है कि ऐसे वाहन प्रदूषण को तेजी से बढ़ा रहे हैं. नए आदेश के मुताबिक अब पेट्रोल पंप और गैस स्टेशनों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल उन्हीं वाहनों को फ्यूल दें जिनके पास वैलिड PUC सर्टिफिकेट हो. सभी पंपों को इस नियम का सख्ती से पालन करने को कहा गया है ताकि प्रदूषण पर लगाम लगाई जा सके। 

    पेट्रोल पंपों पर जाम की स्थिति
    दिल्ली के कई पेट्रोल पंपों पर इस नए नियम की सख्ती का असर साफ तौर पर देखने को मिलने लगा है. पेट्रोल पंप बिना वैलिड पीयूसी के फ्यूल देने से इंकार कर रहे हैं, ऐसे में कई पेट्रोल पंपों पर वाहनों की भारी भीड़ जमा होते देखी गई है. हालांकि सरकार ने इसकी तैयारी कर रखी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मामले को तत्काल निपटाया जा सके। 

    इस नियम को सख्ती से लागू कराने के लिए फूड एंड सप्लाई विभाग, ट्रांसपोर्ट विभाग, नगर निगम और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को जिम्मेदारी दी गई है. अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस नियम के पालन में किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं होगी. नियम तोड़ने वालों के खिलाफ वाहन जब्त करने और अधिकतम जुर्माना लगाने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे. सभी एजेंसियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है ताकि इस नियम का पूरी सख्ती से पालन हो। 

    रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है. इसमें वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने दिल्ली के लोगों से अपील की है कि वे अपने PUC सर्टिफिकेट को समय-समय पर अपडेट रखें और स्वच्छ और स्वस्थ दिल्ली बनाने में सहयोग करें। 

    क्या बोलीं CM
    राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के लिए हमारी सरकार ने सख्त निर्णय लेते हुए यह फैसला लिया है कि दिल्ली में अब बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र वाले वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा. सभी पेट्रोल पंपों और एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें. अब बिना वैध ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ प्रमाणपत्र वाले किसी भी वाहन को दिल्ली के फ्यूल स्टेशंस पर पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या एलपीजी जैसे ईंधन उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे. वायु प्रदूषण की चुनौती से निपटने के लिए कड़े और प्रभावी कदम उठाना समय की आवश्यकता है और हमारी सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। 

  • योगी सरकार की पहल: मद्यनिषेध विभाग को नई ताकत, संगठित प्रयासों से नशामुक्ति अभियान में तेजी

    योगी सरकार की पहल: मद्यनिषेध विभाग को नई ताकत, संगठित प्रयासों से नशामुक्ति अभियान में तेजी

    योगी सरकार में मद्यनिषेध विभाग को नई ताकत, संगठित ढांचे से तेज हुआ नशामुक्ति अभियान

    7 क्षेत्रीय मुख्यालयों से 75 जिलों तक पहुंचा जनजागरण, समाजोत्थान मिशन को मिली रफ्तार

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के नेतृत्व में मद्यनिषेध विभाग को अधिक संगठित, सक्रिय और जनकेंद्रित स्वरूप देने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश में नशे की प्रवृत्ति, शराब सेवन और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों को चुनौती मानते हुए सरकार ने विभागीय ढांचे को मजबूत किया है। साथ ही जनजागरूकता अभियानों को गांव से शहर तक विस्तार दिया गया है। परिणामस्वरूप मद्यनिषेध विभाग केवल औपचारिक प्रशासनिक इकाई न रहकर समाज में चेतना जगाने वाला प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता कार्यक्रम, संवाद अभियान, रैलियां और सामाजिक सहभागिता आधारित गतिविधियां लगातार चलाई जा रही हैं, जिससे प्रदेश में नशामुक्त समाज की अवधारणा को मजबूती मिल रही है।

    नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक कर रही सरकार 

    योगी सरकार के कार्यकाल में विभाग द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवा मंचों और सामाजिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वहीं नुक्कड़ नाटक, रैली, शपथ अभियान, पोस्टर प्रतियोगिता, सेमिनार और जनसंवाद कार्यक्रमों के जरिए युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य समाज को नशे की बुराइयों से बचाकर स्वस्थ और सक्षम बनाना है। इसी कारण मद्यनिषेध विभाग को सामाजिक उत्थान से जोड़कर देखा जा रहा है। महिलाओं, युवाओं और ग्रामीण परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    प्रदेश में स्थापित 7 क्षेत्रीय मुख्यालय 

    मद्यनिषेध विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान समय में विभाग के 7 क्षेत्रीय मुख्यालय स्थापित हैं, जिनमें लखनऊ, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और मुरादाबाद शामिल हैं। इन क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से 75 जनपदों में मद्यनिषेध संबंधी योजनाओं, जागरूकता कार्यक्रमों और प्रचार अभियानों का संचालन किया जा रहा है। यह सुव्यवस्थित नेटवर्क प्रदेश के हर हिस्से तक सरकार की नशामुक्ति नीति पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

    मुख्यालय स्तर पर तैनात हैं राज्य मद्यनिषेध अधिकारी

    अधिकारियों ने बताया कि विभागीय कार्यों के संचालन के लिए 7 क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी, 6 उप क्षेत्रीय अधिकारी, 27 जिला मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी तथा 7 प्राविधिक पर्यवेक्षक तैनात हैं। इनके साथ कार्यालयी स्टाफ, वाहन चालक और सहायक कर्मचारियों की भी व्यवस्था की गई है, जिससे विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो सके। मुख्यालय स्तर पर भी राज्य मद्यनिषेध अधिकारी, उप राज्य मद्यनिषेध अधिकारी, लेखाकार, लिपिक वर्ग और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति कर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया गया है। इससे योजनाओं की निगरानी, बजट प्रबंधन, समीक्षा और फील्ड स्तर तक निर्देशों के प्रभावी पालन में मदद मिली है।