Category: राज्य

  • Weather Alert: प्रशासन हाई अलर्ट पर, लोगों से घर में रहने की अपील

    Weather Alert: प्रशासन हाई अलर्ट पर, लोगों से घर में रहने की अपील

    लखनऊ

     मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में सुबह 8.30 से 10.30 बजे के तेज आंधी, मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, भारी वर्षा और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में मौसम का सबसे अधिक कहर बरपने की आशंका जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एसडीआरआएफ की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दी हैं और पुलिस बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं और मौसम की लगातार निगरानी की जा रही है। राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में सबसे गंभीर स्थिति की आशंका है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, भारी वर्षा और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पेड़ गिरने, कमजोर संरचनाओं को नुकसान और यातायात बाधित होने की आशंका के चलते विशेष सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं。

    दूसरे जिलों में मौसम की स्थिति
    रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, बस्ती, बाराबंकी, सीतापुर, बहराइच, गोंडा और लखीमपुर खीरी में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इन जिलों में ओलावृष्टि की संभावना कम है, लेकिन फसलों, बिजली लाइनों और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंच सकता है।

    अन्य जिलों की चेतावनी
    जौनपुर, प्रतापगढ़, आजमगढ़, अंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, उन्नाव, हरदोई, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बरेली और पीलीभीत में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवाओं के साथ हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। हालांकि इन जिलों में प्रभाव अपेक्षाकृत कम रहेगा, फिर भी आकाशीय बिजली को लेकर सावधानी जरूरी है।

    नागरिकों के लिए अपील
    प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अवधि में अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। पेड़ों, बिजली के खंभों और निर्माणाधीन स्थलों से दूरी बनाए रखें। किसानों को फसल और कृषि उपकरण सुरक्षित करने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन या हेल्पलाइन से तत्काल संपर्क करें।

  • बंगाल चुनाव पर पप्पू यादव की चुनौती: BJP की जीत हुई तो खत्म कर दूंगा अपना संघर्ष

    बंगाल चुनाव पर पप्पू यादव की चुनौती: BJP की जीत हुई तो खत्म कर दूंगा अपना संघर्ष

    पटना
    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए दो चरणों में मतदान संपन्न हो चुका है और अब सभी को नतीजों का इंतजार है। लेकिन इससे पहले सियासी सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। इसी बीच बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए ऐलान किया कि अगर बंगाल चुनाव में BJP की जीत होती है, तो वह अपना संघर्ष छोड़ देंगे।

    पप्पू यादव का ऐलान
    सांसद पप्पू यादव ने एग्जिट पोल के उन अनुमानों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है जिनमें बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने की संभावना जताई गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'अगर बंगाल में बीजेपी जीत जाती है तो हम सेवा, मदद और इंसाफ के लिए संघर्ष छोड़ देंगे।' हालांकि, उन्होंने इसके साथ ही अपना अटूट विश्वास भी प्रकट किया और कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि बंगाल की जनता ने बीजेपी का पूरी तरह सफाया कर दिया है।

    तेजस्वी यादव का ममता को समर्थन और बीजेपी पर प्रहार
    पप्पू यादव के अलावा बिहार के कई अन्य नेताओं णे भी बंगाल चुनाव ओर अपनी प्रकातिक्रिया दी है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बंगाल चुनाव को लेकर दावा किया है कि इस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की जीत तय है। उन्होंने कहा कि जनता ममता बनर्जी को फिर से मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है और टीएमसी को भारी जनसमर्थन मिल रहा है। तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए यहाँ तक कह दिया कि भाजपा की हार में ही देश की जीत है।

    दो चरणों में संपन्न हुआ मतदान, अब 4 मई का इंतजार
    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार मतदान दो चरणों में आयोजित किया गया है। पहले चरण की वोटिंग के बाद, दूसरे और अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अब सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम (EVM) में कैद हो गई है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 4 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

  • एनआईसीयू का उद्घाटन: विधायक नीना मित्तल ने किया नवनिर्मित विभाग का उद्घाटन

    एनआईसीयू का उद्घाटन: विधायक नीना मित्तल ने किया नवनिर्मित विभाग का उद्घाटन

     राजपुरा 
    विधायक नीना मित्तल ने  सिविल अस्पताल राजपुरा में नवनिर्मित एनआईसीयू (निकू वार्ड) का उद्घाटन एसएमओ राजपुरा डॉ. शरणप्रीत सिंह की मौजूदगी में किया। इस मौके पर विधायक नीना मित्तल ने कहा कि इस एनआईसीयू वार्ड के खुलने से राजपुरा और आसपास के क्षेत्रों के नवजात शिशुओं को बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत कम होगी और उन्हें यहीं आधुनिक उपचार सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है ताकि लोगों को नजदीक ही बेहतर इलाज मिल सके। एसएमओ. डॉ. शरणप्रीत सिंह ने कहा कि एनआईसीयू में नवजात शिशुओं के लिए उच्च स्तरीय मशीनें और अनुभवी स्टाफ उपलब्ध कराया गया है, जिससे गंभीर स्थिति वाले बच्चों का इलाज संभव हो सकेगा। इस मौके पर डॉ. संदीप, इंदर सपरा, मैट्रन इंदररूप कौर समेत कई डॉक्टर, स्टाफ सदस्य व क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

  • लुधियाना में हरियाणा CM का दौरा, नायब सैनी वर्करों को जीत की राह दिखाएंगे, चुनावी रणनीति पर बैठक

    लुधियाना में हरियाणा CM का दौरा, नायब सैनी वर्करों को जीत की राह दिखाएंगे, चुनावी रणनीति पर बैठक

    फिरोजपुर

    पंजाब में संगठन को धार देने और आगामी चुनावी रणनीतियों को मजबूत करने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी कमर कस ली है। इसी कड़ी में आज हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी लुधियाना के दौरे पर रहेंगे। वे दोपहर को फिरोजपुर रोड स्थित शहंशाह पैलेस पहुंचेंगा। 

    पार्टी के आधार को मजबूत करने की कवायद
    सूत्रों के मुताबिक इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पंजाब में पार्टी के आधार को और मजबूत करना है। मुख्यमंत्री सैनी पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं (वर्करों) से सीधा संवाद करेंगे और उन्हें केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का मंत्र देंगे। बैठक में जिला स्तर के बड़े नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है।

    सुरक्षा के कड़े इंतजाम
    मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए फिरोजपुर रोड और कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने भी रूट को लेकर विशेष प्रबंध किए हैं ताकि आम जनता को असुविधा न हो। भाजपा जिला इकाई ने मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए जोरदार तैयारियां की हैं।

     

  • दिल्ली के विवेक विहार में आग की भयावह घटना, 9 लोगों की दर्दनाक मौत

    दिल्ली के विवेक विहार में आग की भयावह घटना, 9 लोगों की दर्दनाक मौत

     नई दिल्ली
     पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में रविवार तड़के एक आवासीय इमारत में आग लगने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि विवेक विहार फेज-1 में चार मंजिला इमारत में आग लगने की सूचना तड़के करीब तीन बजकर 48 मिनट पर मिली, जिसके बाद पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन दल मौके पर पहुंचे। तुरंत ही बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया।

    विवेक विहार की बिल्डिंग में कैसे लगी आग?
    दिल्ली पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि इस आग की घटना में 9 लोगों की मौत हो गई है। आग दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर बने फ्लैटों में लगी थी। बचाव और आग बुझाने के काम के दौरान, बिल्डिंग से 10-15 लोगों को बचाया गया, जिनमें से दो लोगों को मामूली चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल ले जाया गया।

    भीषण अग्निकांड में 9 लोगों की मौत
    पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आग बुझाने के लिए दमकल की कुल 12 गाड़ियां भेजी गईं। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस के दलों ने बचाव और निकासी प्रयासों में सहायता की। कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान हो गई है। जान गंवाने वालों में एक डेढ़ साल का मासूम भी है।

    भीषण अग्निकांड में इन लोगों ने गंवाई जान
    चार मंजिला इमारत में लगी आग पर काबू पा लिया गया है। हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अलग-अलग मंजिल पर शव मिले हैं। पुलिस ने मृतकों के बारे में जानकारी दी है। जानिए भीषण अग्निकांड किन-किन लोगों ने गंवाई जान।

    दूसरी मंजिल (पीछे की तरफ) पर मृतक:
    1. अरविंद, पिता – छोटे लाल, निवासी – B-13, दूसरी मंज़िल, विवेक विहार; उम्र – 60 वर्ष
    2. अनीता जैन, पत्नी – अरविंद जैन; उम्र – 58 वर्ष
    3. निशांत जैन, पिता – अरविंद जैन; उम्र – 35 वर्ष
    4. आँचल जैन, पत्नी – निशांत जैन; उम्र – 33 वर्ष
    5. मास्टर आकाश जैन, पिता – निशांत जैन; उम्र – 1.5 वर्ष
    पहली मंजिल पर मृतक:

    1. शिखा जैन, पत्नी – नवीन; उम्र – 45 वर्ष
    तीसरी मंजिल पर मृतक – एक ही परिवार के सदस्य:
    1. पति – नितिन जैन; उम्र – लगभग 50 वर्ष
    2. पत्नी – शैले जैन; उम्र – लगभग 48 वर्ष
    3. बेटा – सम्यक जैन; उम्र – लगभग 25 वर्ष
    घायल: नवीन जैन; उम्र – 48 वर्ष

    एसी ब्लास्ट से आग लगने की आशंका
    ऐसी आशंका जताई जा रही की एसी ब्लास्ट से घर में आग लगी है। हालांकि, अभी मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आग लगने की असल वजह क्या है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। फायर कंट्रोल रूम को इस हादसे की सूचना तड़के 3:48 बजे मिली थी, करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 6:25 बजे आग पर काबू पा लिया गया।

    चार मंजिला बिल्डिंग में कैसे फैली आग?
    अधिकारियों ने बताया कि आग बुझाने के बाद भी काफी देर तक सर्च ऑपरेशन जारी रहा। खासकर ऊपरी मंजिलों पर, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अंदर फंसा न रह जाए। पुलिस के अनुसार, आग ने इमारत की दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल पर स्थित कई फ्लैट को अपनी चपेट में ले लिया।

    कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया
    फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीमों ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और करीब 14 से 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ लोग पीछे के फ्लैट में फंसे होने की आशंका थी, हालांकि पुलिस ने फिलहाल किसी के अंदर फंसे होने से इनकार किया है। 
    AC ब्लास्ट से लगी आग की आशंका
    इस घटना के चश्मदीदों के अनुसार, आग लगने की वजह एसी में ब्लास्ट हो सकता है. हालांकि, आग लगने के सही कारणों का अभी आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है और जांच जारी है। 
    बताया जा रहा है कि यह चार मंजिला इमारत थी, जिसमें कुल 8 फ्लैट बने हुए थे. आग लगने के समय ज्यादातर लोग सो रहे थे, जिससे कई लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके। 
    कूलिंग ऑपरेशन जारी
    दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस के मुताबिक, फिलहाल आग पूरी तरह से काबू में है और कूलिंग ऑपरेशन जारी है. साथ ही, इमारत में सर्च ऑपरेशन चलाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई और अंदर फंसा न हो। 
    इस दर्दनाक हादसे ने इलाके में दहशत फैला दी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। 

  • CCTV और मोबाइल लोकेशन से पुलिस ने ग्वालियर से आरोपी को दबोचा

    CCTV और मोबाइल लोकेशन से पुलिस ने ग्वालियर से आरोपी को दबोचा

    नई दिल्ली

     दिल्ली पुलिस ने चावड़ी बाजार में दुकान से 3.85 लाख रुपए की चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि आरोपी दुकान में ही काम करता था। उसे घटना के 36 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया है।

    क्या था पूरा मामला?
    दिल्ली के हौज काजी पुलिस थाने में 29 अप्रैल को चोरी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह चावड़ी बाज़ार इलाके में 'श्याम स्वीट्स' नाम से एक दुकान चलाता है। 28 अप्रैल को रात करीब 9 बजे, उसने अपने मैनेजर और हेल्पर (जिसकी पहचान संजय के रूप में हुई है) को रात 10 बजे तक दुकान बंद करने का निर्देश देकर दुकान छोड़ दी। हालांकि, उसी रात हेल्पर ने कथित तौर पर दुकान की चाबियां लीं, दुकान को फिर से खोला और कैश बॉक्स में रखे 3.85 लाख रुपए लेकर फरार हो गया।

    सीसीटीवी से हुई आरोपी की पहचान
    दिल्ली पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान की। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी का पता लगाने और उसे पकड़ने के लिए एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी फरार है और उसके पास केवल उसका मोबाइल नंबर ही एक अहम सुराग के तौर पर उपलब्ध था।

    जांच में आया सामने
    अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी निगरानी शुरू की गई, जिससे लोकेशन का पता चला। छानबीन के दौरान सामने आया कि आरोपी मध्य प्रदेश के मुरैना और ग्वालियर के बीच घूम रहा है। पुलिस ने कहा, "गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था। इसके बावजूद टीम ने लगातार उसका पीछा किया और उसके सुरागों पर नजर रखी। दृढ़ संकल्प और आपसी तालमेल का प्रदर्शन करते हुए टीम ने सफलतापूर्वक आरोपी को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया।"

    मध्य प्रदेश का रहने वाला है आरोपी
    आरोपी की पहचान संजय शर्मा के रूप में हुई है, जो ग्वालियर का रहने वाला है। पुलिस ने आगे बताया कि आरोपी 8वीं कक्षा तक पढ़ा-लिखा है और पिछले 12 से 13 सालों से दिल्ली में मिठाइयों की दुकानों पर रुक-रुककर काम कर रहा है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि दीपावली के दौरान उसने कुछ समय के लिए उसी दुकान पर भी काम किया था।

     

  • दिल्ली में जज की संदिग्ध मौत, अमन कुमार शर्मा ने किया सुसाइड

    दिल्ली

    दिल्ली के जज अमन कुमार शर्मा ने आत्महत्या कर ली है। शनिवार को सफदरजंग इलाके में उनका शव फंदे से लटका मिला। जानकारी के मुताबिक थाना सफदरजंग एन्क्लेव को आज एक पीसीआर कॉल मिली जिसमें आत्महत्या के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान पुलिस को जानकारी दी गई कि 30 साल के अमन कुमार शर्मा ने अपने आवास पर सुसाइड कर लिया है। वह दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में डीएलएसए (DLSA) के पद पर तैनात थे। घटना की जानकारी अमन के जीजा शिवम ने दी।

    घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले में जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की जांच जारी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, अभी तक किसी भी प्रकार की संलिप्तता साबित नहीं हुई है। हालांकि, जांच प्रक्रिया के तहत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
    सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से पूरी की पढ़ाई

    आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, जज ने 19 जून, 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा में कार्यभार संभाला था। उन्होंने 2018 में पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से पढ़ाई पूरी की।

    अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने कई तरह के आपराधिक और दीवानी (सिविल) मामलों की सुनवाई की। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) और सिविल जज के रूप में अपनी सेवाएं दीं।
    पिछले महीने वकील ने की आत्महत्या

    पिछले महीने ही दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाके में स्थित एक होटल की 15वीं मंजिल से कूद कर 26 साल के वकील ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को रॉयल प्लाजा होटल में हुई इस घटना की सूचना रविवार रात करीब सवा नौ बजे दी गई।

    मृतक की पहचान दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता राजेश सिंह के रूप में हुई है, जो उसी दिन शाम में होटल में ठहरने आया था। पुलिस के एक बयान के मुताबिक, पुलिस दल ने होटल पहुंच कर पाया कि महावीर एनक्लेव निवासी सिंह ने इमारत की 15वीं मंजिल से कथित तौर पर छलांग लगा दी थी। पुलिस के मुताबिक, मृतक कमरे में अकेला ठहरा हुआ था।

    पुलिस ने बताया कि घटना के बाद उसे तुरंत लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल की जांच के लिए अपराध दल और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के दल बुलाए गए। साक्ष्य इकट्ठा किए गए तथा होटल परिसर में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की गई।

    जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें वकील ने किसी को दोषी नहीं ठहराया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़ित कुछ मुद्दों को लेकर डिप्रेशन में था।

     

  • कोटा ग्रामीण में साइबर रैकेट पर शिकंजा, करोड़ों के ट्रांजैक्शन का खुलासा

    कोटा ग्रामीण में साइबर रैकेट पर शिकंजा, करोड़ों के ट्रांजैक्शन का खुलासा

    कोटा

    राजस्थान के कोटा ग्रामीण पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए “ऑपरेशन म्यूल हंटर” के तहत ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. जिसमें पिछले 10 दिनों में 4 प्रकरण दर्ज कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह से जुड़े बैंक खातों में देशभर में करीब 70 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के लेन-देन के प्रमाण मिले हैं.

    डिजिटल अरेस्ट और निवेश के नाम पर बिछाया जाल
     पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर के मुताबिक, यह गिरोह ऑनलाइन फॉरेक्स ट्रेडिंग, शेयर मार्केट निवेश, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन टास्क पूरा करने के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता था.आरोपी नवनीत विजयवर्गीय कोटा के महावीर नगर का रहने वाला है जबकि सलमान अहमद तलवंडी क्षेत्र का रहने वाला है वही एक नाबालिग को भी निरूद्ध किया गया है . आरोपी भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते और सिम कार्ड हासिल करते थे, जिन्हें बाद में साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किया जाता था.

    पेंशन के बहाने 58 करोड़ का 'खूनी' लिंक
    जांच में सामने आया कि अलग-अलग मामलों में करोड़ों रुपये की ठगी की गई. एक मामले में पेंशन चालू करवाने के बहाने सिम और बैंक डिटेल लेकर करीब 58 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से लिंक मिला. वहीं अन्य मामलों में 1.69 करोड़, 71 लाख और करीब 9.71 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन सामने आए हैं. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 मोबाइल फोन और 3 सिम कार्ड जब्त किए हैं. गिरफ्तार आरोपियों में कोटा शहर और ग्रामीण क्षेत्र के युवक शामिल हैं, जो व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए देशभर के साइबर गिरोहों से जुड़े हुए थे.

     साइबर सेल ने किया खुलासा
    इस कार्रवाई में सुल्तानपुर, इटावा, दीगोद और रामगंजमंडी थाना पुलिस सहित साइबर सेल की विशेष टीमों ने संयुक्त रूप से काम किया. पुलिस का कहना है कि अभियान लगातार जारी रहेगा और साइबर ठगों के पूरे नेटवर्क को खत्म किया जाएगा.

  • बिहार में साइबर गैंग का खुलासा, डिजिटल अरेस्ट के बहाने 17 लाख की ठगी, 3 गिरफ्तार

    बिहार में साइबर गैंग का खुलासा, डिजिटल अरेस्ट के बहाने 17 लाख की ठगी, 3 गिरफ्तार

     मुजफ्फरपुर

    बिहार के मुजफ्फरपुर में एक रिटायर अधिकारी को साइबर ठगों ने सीबीआई जांच के नाम पर डराकर 17 लाख रुपए ठग लिए। वीडियो कॉल से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर घर में नजरबंद रखा और धमकाते रहे। पैसे ट्रांसफर कर देने के बाद भी जब फ्रॉड आगे की मांग करने लगे तब जाकर पीड़ित को साइबर ठगी का अहसास हुआ। साइबर थाने में शिकायत के बाद ऐक्शन में आई पुलिस न तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। उनके ठिकाने से कई राज्यों के बैंक पासबुक, एटीएम और फर्जरी से जुड़े अन्य सामान बरामद किए गए हैं। ठगी गिरोह में मुजफ्फरपुर के अलावे वैशाली जिसे के शातिर भी शामिल हैं।

    साइबर फ्रॉड के शिकार मुजफ्फरपुर के सदर थाना क्षेत्र के खबड़ा गांव निवासी भोला प्रसाद बिजली विभाग से अवकाश प्राप्त अधिकारी हैं। पुलिस को दिए आवेदन में उन्होंने बताया कि करीब तीन हफ्ते पहले उनके व्हाट्सएप पर एक अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से वीडियो कॉल आया। उन्होंने रिसीव किया तो फोन करने वाले ने बड़े रौब से बात की और खुद को सीबीआई का बड़ा अधिकारी बताया। उसने भोला प्रसाद को डरा दिया और कहा कि उनके खिलाफ जांच और बड़ी कार्रवाी चल रही है। आरोप लगाया कि बिजली विभाग की नौकरी में रहते हुए उन्होंने काफी गबन किया है। गुप्त तरीके से सीबीआई जांच में आरोप सत्य पाय जाने के कारण गिरफ्तारी वारंट निकल चुका है। कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है। कॉलर ने धमकाया कि आपको वीडियो कॉल से डिजिटल अरेस्ट किया जा चुका है। कैमरे के सामने से हटे तो तुरंत पुलिस घर तक पहुंच जाएगी और गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

    ऐसे हुआ शक
    बदमाशों ने कहा कि उनके खिलाफ 17 लाख गबन का प्रमाण मिला है। अंगर दिए गए अकाउंट में यह राशि जमा करा दें तो गिरफ्तारी से बच सकते हैं। विभागीय कार्रवाई चलती रहेगी। राशि जमा करा देने से कार्रवाई में राहत मिलेगी। डर के मारे उन्होंने मांगी गई राशि अपने खाते से ट्रांसफर कर दिया। जब आगे भी उन्हें धमकाया गया और पैसों की डिमांड की तो उन्हें शक हो गया। जब उन्होंने सवाल पूछना शुरू किया तो फ्रॉड ने कॉल डिस्कनेक्ट कर नंबर को बंद कर दिया। उसके बाद उन्हें सच्चाई का पता चला।

    वैज्ञानिक जांच से चिन्हित हुए शातिर
    पीड़ित ने साइबर थाने में केस दर्ज कराया। साइबर डीएसपी हिमांशु के नेतृत्व में गठित टीम ने बैंक खातों की जांच करके स्थानीय शातिरों को चिन्हित किया और उनकी गिरफ्तारी की गई। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि साइबर टीम ने ट्रांजेक्शन पाथ, मोबाइल नंबर और अन्य तरीकों से वैशाली में छापेमारी की। पुलिस ठिकाने पर पहुंची तो दंग रह गई। ठिकाने पर इंटरनेशन कॉलिंग डिवाइस, कई राज्यों के बैंक खातों के सबूत और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिले। मुजफ्फरपुर के मनियारी में भी छापेमारी करके विक्रम कुमार नाम के शातिर को पकड़ा। उसकी निशानदेही पर बृजेश कुमार और कृष्ण कुमार की गिरफ्तारी की गई। सभी गिरोह से जुड़े हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।

  • अवैध निर्माण पर सख्ती: पानीपत में 29 गलियां और 18 नींव ध्वस्त, प्रशासन का बड़ा एक्शन

    अवैध निर्माण पर सख्ती: पानीपत में 29 गलियां और 18 नींव ध्वस्त, प्रशासन का बड़ा एक्शन

    पानीपत.

    नगर निगम की डीटीपी ब्रांच की टीम ने शुक्रवार को शहर में 3 जगहों पर काटी जा रही अवैध कालोनियों में 29 कच्ची व पक्की गलियां और 18 प्लॉट में बनाई जा रही नींव को उखाड़ा। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि संबंधित अवैध कॉलोनियां काटने वालों को नगर निगम अधिनियम 1994 के तहत 3 बार नोटिस जारी किए गए थे। जिसके बाद भी इन अवैध कालोनियों में न तो कोई निर्माण कार्य हुए और न ही कॉलोनियां काटने वालों ने प्लॉट बेचने का काम बंद कराया।

    कच्ची सड़कों को अब पक्का बनाने का काम भी चल रहा था। जबकि नोटिस के माध्यम से कालोनाइजरों को बोला जा रहा था कि वे निर्माण कार्य बंद करवाकर इस भूमि को कृषि योग्य बनाए। ऐसा नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद भी आदेशों की अनुपालना नहीं की गई।

    अब केस भी दर्ज होंगे
    हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 350-सी के तहत अवैध कॉलोनी काटने वाले मालिकों व डीलरों पर पुलिस केस दर्ज होंगे। साथ ही उचित कानूनी कार्यवाही करते हुए गिरफ्तार करने के निर्देश जारी किए गए हैं। अब इन अवैध कालोनियों को तोड़ने के लिए जिलाधीश पानीपत द्वारा नियुक्त डयूटी मैजिस्ट्रेट भी लगाया गया। साथ ही जिला नगर योजनाकार जितेंद्र, रिंकू व राजेश के अलावा पुलिस बल भी तैनात किया गया।

    कॉलोनियों में की गई कार्रवाई

    • पावर हाउस के पास कुटानी रोड के नजदीक काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 15 सड़कें व 8 नींव उखाड़ी गई।
    • जगदीश कॉलोनी के सामने वर्मा चौक के पास काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 6 गलियां और 3 नींव को उखाड़ा गया।
    • कुटानी रोड पर ही पवन नाम के व्यक्ति द्वारा काटी जा रही अवैध कॉलोनी में 8 नींव और 5 नींव को उखाड़ा गया।