Category: राज्य

  • ई-मेल सबूत के चलते हाईकोर्ट ने धमाकों के दोषियों को सजा पर रोक नहीं दी

    ई-मेल सबूत के चलते हाईकोर्ट ने धमाकों के दोषियों को सजा पर रोक नहीं दी

     जयपुर

    राजस्थान हाईकोर्ट ने साल 2008 में हुए जयपुर सीरियल बम धमाकों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में दो दोषियों को राहत देने से साफ इनकार कर दिया है. जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने शुक्रवार को मोहम्मद सरवर आजमी और शाहबाज अहमद की उस अर्जी (स्टे एप्लीकेशन) को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपनी सजा पर रोक लगाने की मांग की थी.

    क्या है 'नौवें बम' का मामला?
    13 मई 2008 को जयपुर में हुए सिलसिलेवार धमाकों ने पूरे देश को दहला दिया था. इन धमाकों में 71 बेगुनाहों की जान गई थी, और 185 लोग घायल हुए थे. पुलिस को चांदपोल बाजार के पास एक 9वां बम भी मिला था, जिसे फटने से महज 15 मिनट पहले डिफ्यूज कर दिया गया था. इसी 'जिंदा बम' मामले में विशेष अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी है.

    'जब 8 केस में बरी, तो यहां क्यों नहीं?'
    दोषियों के वकील ने तर्क दिया कि हाईकोर्ट पहले ही मुख्य 8 ब्लास्ट मामलों में उन्हें बरी कर चुका है. ऐसे में 'जिंदा बम' मामले में भी उन्हें राहत मिलनी चाहिए. उन्होंने दलील दी कि अपील पर सुनवाई में लंबा समय लग सकता है, इसलिए उनकी सजा पर रोक लगाकर उन्हें जमानत दी जाए.

    ई-मेल बना मुख्य सबूत
    राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए इन दलीलों का पुरजोर विरोध किया गया. सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि इन आरोपियों के खिलाफ पुख्ता और अतिरिक्त साक्ष्य मौजूद हैं. धमाकों के तुरंत बाद दो न्यूज चैनलों को ई-मेल भेजकर इन लोगों ने धमाकों की जिम्मेदारी ली थी. ई-मेल के जरिए धमाकों को 'सही' ठहराना इनके शामिल होने का बड़ा प्रमाण है.

    अदालत का फैसला
    दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल सजा पर रोक लगाना सही नहीं होगा. इस फैसले के बाद अब सरवर और शाहबाज को जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा.

  • सफाई और सीवरेज कर्मचारियों की हड़ताल से कई शहरों में कचरा प्रबंधन प्रभावित

    सफाई और सीवरेज कर्मचारियों की हड़ताल से कई शहरों में कचरा प्रबंधन प्रभावित

    चंडीगढ़

    हरियाणा में शहरी स्थानीय निकाय विभाग और कर्मचारी संघ के बीच खींचतान अब बड़े टकराव का रूप ले चुकी है। चंडीगढ़ में निकाय विभाग के उच्च अधिकारियों और कर्मचारी नेताओं के बीच हुई मैराथन वार्ता बेनतीजा रहने के बाद, आज से प्रदेश के करीब 30 हजार निकाय कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।

    वार्ता विफल होने के मुख्य कारण
    हरियाणा सर्व कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान और नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री के नेतृत्व में 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक मीना के साथ मुलाकात की। वार्ता के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से रखा, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन न मिलने के कारण सहमति नहीं बन सकी।

    कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
        पक्का करने की मांग: सीवरेज से संबंधित ठेका कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
        ठेका प्रथा का अंत: सीवरेज कार्य से जुड़े सभी ठेकों को तुरंत समाप्त किया जाए।
        वेतन वृद्धि: सीवरेज कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन ₹30,000 निर्धारित हो।
        बहाली की मांग: गुरुग्राम के 3,480 कर्मचारियों को वापस नौकरी पर रखा जाए और 26 आंदोलनकारी नेताओं की बर्खास्तगी रद्द हो।

    प्रशासन की अपील और संघ का रुख
    बैठक के दौरान विभाग के सचिव अशोक मीना ने प्रदेश में चल रहे विशेष सफाई अभियान का हवाला देते हुए कर्मचारियों से हड़ताल वापस लेने की भावुक अपील की। हालांकि, कर्मचारी नेताओं ने इसे सिरे से नकार दिया। नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने बताया कि हमें लंबे समय से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। अब हमारे पास आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी।

    आम जनजीवन पर असर की आशंका
    इस हड़ताल में सफाई कर्मचारी, सीवरेज कर्मी और अन्य निकाय कर्मचारी शामिल हैं, जिसके चलते प्रदेश के शहरों में सफाई व्यवस्था और सीवरेज प्रबंधन पूरी तरह ठप हो सकता है। वार्ता के दौरान निकाय विभाग के अतिरिक्त निदेशक वाईएस गुप्ता और कई दिग्गज कर्मचारी नेता भी मौजूद रहे।

    टोहाना में सफाई व्यवस्था ठप, 240 कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर
    नगर परिषद कार्यालय में दमकल कर्मचारियों की 24 दिन से जारी हड़ताल के बीच अब सफाई कर्मचारियों ने भी दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। इसके चलते शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठाने का काम पूरी तरह ठप हो गया है।

    कर्मचारी नेताओं का दावा है कि इस हड़ताल में नगर परिषद के कच्चे, पक्के और डोर-टू-डोर वाले करीब 240 कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों ने शुक्रवार को नगर परिषद परिसर में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, परिवार सहित प्रदर्शन जारी रहेगा।  
    कर्मचारी नेता रविंद्र व सुरेश कुमार ने बताया कि ड्यूटी के दौरान दमकल कर्मचारी की मौत के बाद भी सरकार ने कोई सुनवाई नहीं की। परिवार को मुआवजा और नौकरी देने की मांग को लेकर दमकल कर्मचारी 24 दिन से धरने पर हैं, लेकिन सरकार का रवैया उदासीन है। इसी के विरोध में सफाई कर्मचारियों ने भी काम बंद कर दिया है।

    नेताओं ने कहा कि फिलहाल यह हड़ताल दो दिन के लिए है। अगर इसके बाद भी सरकार नहीं जागी तो आंदोलन को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाया जाएगा। हड़ताल के पहले दिन ही शहर की गलियों और बाजारों में कचरे के ढेर लगने शुरू हो गए हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    नगर परिषद बहादुरगढ़ के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर, कामकाज प्रभावित
    बहादुरगढ़ में नगर परिषद के सभी कच्चे और पक्के सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आज हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने सुबह से ही काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसके चलते शहर में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को अवगत करा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उनकी प्रमुख मांगों में नौकरी की सुरक्षा, वेतन में बढ़ोतरी और ठेका प्रथा को खत्म करना शामिल है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।

  • नए सेक्टरों से हरियाणा में आवास, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा

    नए सेक्टरों से हरियाणा में आवास, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा

    गुरुग्राम

    हरियाणा में नए सेक्टर विकसित करने का पहला चरण शुरू कर दिया है। हरियाणा के 69 शहरों में रिहायशी, व्यावसायिक और संस्थागत सेक्टर विकसित करने के लिए जमीन जुटाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकार की इस पहल को आम लोगों के हित से जोड़ कर देखा जा रहा है, क्योंकि इससे ना सिर्फ आवासीय विकल्प बढ़ेंगे वरन रोजगार, व्यापार और बुनियादी सुविधाओं का भी विस्तार होगा। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने इसके लिए 1 लाख 67 हजार एकड़ जमीन खरीदने की योजना बनाई है।

    ई-भूमि पोर्टल खोला गया
    जमीन खरीदने के लिए ई-भूमि पोर्टल भी खोल दिया गया है, जहां किसान और भूमि मालिकों से आवेदन मांगे गए हैं। हरियाणा के शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नए सेक्टरों का विकास प्लान्ड अर्बन एक्सपेंशन के तहत किया जाएगा। इससे अवैध कालोनियों पर रोक लगेगी, लोगों को रैगुलेटेड और बेसिक सुविधाओं वाले प्लॉट/सेक्टर मिलेंगे। सरकार बड़ी जमीन चिन्हित करके फेज वाइज सैक्टर डिवैल्प करेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर, सडक़, सीवर, बिजली के साथ सेक्टर बसाए जाएंगे।

    गुरुग्राम में खरीदी जाएगी जमीन, फरीदाबाद पर भी प्लान
    गुरुग्राम में 36 गांवों से 17,358 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी, फरीदाबाद के 19 गांवों से 4500 एकड़ और होडल क्षेत्र के 3 गांवों से 1729 एकड़ जमीन ली जाएगी। पंचकूला-अंबाला क्षेत्र में कोट-कैहला के 8 गांवों से 2804 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी।

    इन जिलों में भी खरीदी जाएगी जमीन
    कुरुक्षेत्र के लाडवा में 3 गांवों से 459 एकड़, करनाल के घरौंडा में 329 एकड़, अंबाला के 24 गांवों में 3668 एकड़, नारायणगढ़ में 7 गांवों से 512 एकड़, फतेहाबाद के पिहोवा में 3 गांवों से 687 एकड़, पानीपत के समालखा में 3 गांवों से 499 एकड़, हांसी (नया जिला) में 5 गांवों से 1495 एकड़, जींद के नरवाना में 2172 एकड़, पिंजौर-कालका के चंडी मंदिर क्षेत्र में 3914 एकड़ जमीन खरीदी जाएगी।

    पहले चरण में 13 शहरों में कटेंगे सेक्टर
    पहले चरण में 13 शहरों में करीब 40 हजार एकड़ जमीन खरीदी जाएगी, जिसके लिए 104 गांवों के किसान शामिल होंगे। इनमें पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला, हिसार, पानीपत, सिरसा और यमुनानगर जैसे शहरों में सेक्टर विकसित किए जाएंगे। हिसार, पानीपत, सिरसा और यमुनानगर समेत कई जिलों में जमीन की नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस नीलामी में बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होगी, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहेगी और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

    एक ही जगह मिलेंगी जरूरी सुविधाएं
    नए सेक्टरों के विकास से अनियोजित कालोनियों पर अंकुश लगेगा। साथ ही, नए व्यावसायिक क्षेत्रों में एक ही स्थान पर खुदरा बाजार, कार्यालय, सेवाएं, स्कूल, अस्पताल और सरकारी इमारतें जैसी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इससे लोगों को बेहतर शहरी जीवन मिलेगा और शहरों का संतुलित विकास होगा। इन सेक्टरों में बिल्डिंग कोड में बदलाव के तहत, नए आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग प्वाइंट अनिवार्य होंगे।

    बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक सुविधाएं होंगी
    इसके अलावा बिजली, सीवरेज, पानी की आधुनिक व्यवस्था और स्मार्ट सड़कों का प्रावधान होगा। सैक्टरों में रहने के लिए आधुनिक आवासीय प्लॉट के साथ-साथ व्यावसायिक (कमर्शियल) और औद्योगिक इकाइयां भी विकसित की जाएंगी। औद्योगिक मॉडल टाऊनशिप (आईएमटी) को बढ़ावा देने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक सुविधाएं होंगी। सेक्टरों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए पार्क और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।

  • बिहार सरकार का बड़ा ऐलान: क्राइम, करप्शन और घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

    बिहार सरकार का बड़ा ऐलान: क्राइम, करप्शन और घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

     पटना

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि राज्य में कानून का राज हर हाल में कायम रहेगा। क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से साफ तौर पर कहा कि किसी भी आपराधिक या हत्या की घटना में दोषियों को 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार करें। 12 से 13 दिनों के अंदर ऐसी सख्त कार्रवाई हो, जो लोगों को दिखे। लोगों के बीच सुशासन की अवधारणा स्थापित करनी है।

    मुख्यमंत्री ने गुरुवार को पटना के अधिवेशन भवन में सभी डीएम-एसपी के साथ अपनी पहली बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की और कई अहम निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने नई सरकार की प्राथमिकताएं बतायीं। बैठक में मुख्य सचिव और डीजी समेत प्रशासन और पुलिस के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को दो टूक कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति दिखाएं। कानून और योजनाएं को जमीन पर ठीक ढंग से लागू करें। अपराधी किसी तरह का दुस्साहस न करें, इसको लेकर मुस्तैदी से कार्य करें। अधिकारियों से दो-टूक कहा कि लटकाने भटकाने की प्रवृत्ति नहीं रखें, बल्कि जनता के सहयोगी की भूमिका में रहें। पुलिस दीदी कॉन्सेप्ट को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करें। बच्चियां सुरक्षित स्कूल आएं-जाएं, इसे सुनिश्चित करें।

    डीएम-एसपी जनता से मिलें
    मुख्यमंत्री ने सभी डीएम-एसपी को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यालय में निश्चित रूप से सुबह 10 से दिन में एक बजे तक बैठकर लोगों से मिलें। उनकी समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा, आप जितने लोगों से मिलेंगे, जिले के बारे में उतनी अधिक जानकारी होगी और क्षेत्र का विकास करने में सुविधा होगी। पंचायतों में महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को अधिकारी ‘सहयोग शिविर’ लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के अंदर करें।

    घुसपैठिये बाहर किए जाएंगे
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में हमलोगों की सरकार ने जाति आधारित गणना कराई थी। अब जनगणना का कार्य केंद्र सरकार के द्वारा कराया जा रहा है उसमें सभी हाऊस होल्ड को ठीक से चिह्नित करें। कौन कहां से आया है, यहां का निवासी कैसे है, इन सब चीजों की जानकारी प्राप्त करें। किसी भी धर्म के लोग हों, वे भारत के निवासी हैं तो उन्हें सुविधाएं मिलेंगी। वहीं, किसी भी धर्म के हों, अगर घुसपैठिया है तो उन्हें बिहार से बाहर किया जाएगा।

    हर जिले में 50 डेस्टिनेशन स्पॉट
    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में कम-से-कम 50 डेस्टिनेशन स्पॉट को चिह्नित कर उसे और विकसित करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कई अप्रासंगिक कानूनों को रद्द किया गया। प्रशासन को पारदर्शी एवं सुलभ बनाया गया है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में पिछले 20 वर्षों में बिहार विकास के पथ पर आगे बढ़ा है। कानून-व्यवस्था, बिजली, सड़क सहित सभी क्षेत्रों में प्रगति हुई। राज्य में सुशासन स्थापित रहने से इसका लाभ राज्यवासियों को मिला है।

    शराबबंदी को सफल करें
    सम्राट चौधरी ने कहा कि पूर्व सीएम नीतीश कुमार ने शराबबंदी कानून लागू किया है। शराबबंदी पूरी तरह सफल हो, इसको लेकर बेहतर ढंग से कार्य करें। शराब बेचनेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर इस अवैध धंधे को ध्वस्त करें। शराब और मादक पदार्थों की तस्करी में पुलिस और प्रशासन के जो लोग संरक्षण प्रदान कर रहे हैं, उन्हें चिह्नित कर सख्त कार्रवाई करें। प्रखंड, अंचल और थाना का सीएम कार्यालय प्रतिदिन रियल मॉनीटरिंग करेगा। प्रखंड, अंचल और थाने में सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगाएं।

    मुख्यमंत्री के निर्देश
    ● क्राइम, करप्शन और कम्युनिलिज्म से कोई समझौता नहीं

    ● बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा पर कोताही नहीं होनी चाहिए

    ● दोषियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर 48 घंटे के अंदर गिरफ्तार करें

    ● अपराधी किसी तरह का दुस्साहस न करें, इसको लेकर पुलिस मुस्तैद रहे

    ● पंचायतों में माह के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर लगेगा

    सीएम का बयान
    जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अगर अच्छा काम करते हैं तो जनप्रतिनिधियों के पास लोगों की समस्याओं से जुड़े मामले कम आते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि सभी अधिकारी संवेदनशीलता, तत्परता और पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ जनसेवा सुनिश्चित करेंगे। -सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री

  • राजस्थान के मुख्यमंत्री शर्मा का दावा: 1.25 लाख सरकारी नौकरियां दी गईं, पेपर लीक्स पर कोई समझौता नहीं

    राजस्थान के मुख्यमंत्री शर्मा का दावा: 1.25 लाख सरकारी नौकरियां दी गईं, पेपर लीक्स पर कोई समझौता नहीं

    जयपुर
     मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में बालिका शिक्षा में तेजी से प्रगति हो रही है, जिसका श्रेय राज्य सरकार की उन नीतियों को जाता है जो बुनियादी ढांचे के विस्तार और सभी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं।
    वे पाली जिले के रोहट में राजेश्वर भगवान अंजनी माता कन्या गुरुकुल संस्थान द्वारा स्थापित नवनिर्मित बालिका महाविद्यालय के उद्घाटन और गुरुकुल के 10वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर क्षेत्रीय विकास निर्भर होने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नया महाविद्यालय युवा महिलाओं को शिक्षित करने और क्षेत्र में शैक्षिक पहुंच को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

    उन्होंने यह भी घोषणा की कि क्षेत्र की जल आवश्यकताओं को सुव्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी।

    शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप राज्य सरकार ने युवाओं, महिलाओं, किसानों और श्रमिकों पर केंद्रित एक व्यापक विकास रोडमैप तैयार किया है। राम जल सेतु लिंक परियोजना, देवास परियोजना, यमुना जल समझौता और सोम-कमला-अंबा परियोजना सहित जल और बिजली से संबंधित परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने संतुलित और समावेशी क्षेत्रीय विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में 24 जिलों के किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, और यह सुविधा चरणबद्ध तरीके से 2027 तक पूरे राजस्थान में विस्तारित की जाएगी। रोजगार प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 10 लाख नौकरियां सृजित करना है, जिनमें से 6 लाख निजी क्षेत्र में और 4 लाख सरकारी क्षेत्र में होंगी। अब तक लगभग 1.25 लाख सरकारी पदों पर भर्ती हो चुकी है, 1.33 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, और 1.25 लाख अन्य पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया जा चुका है। निजी क्षेत्र में, विभिन्न पहलों के तहत अब तक लगभग 3 लाख नौकरियां सृजित की जा चुकी हैं।

    उन्होंने परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में पिछली सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि पहले ऐसी घटनाओं से युवाओं की उम्मीदें चकनाचूर हो जाती थीं, लेकिन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक कोई प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है।

    प्रधानमंत्री के नेतृत्व में शुरू की गई पहलों का जिक्र करते हुए शर्मा ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसे प्रमुख अभियानों पर प्रकाश डाला, जिनका उद्देश्य महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और समग्र जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।

    मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट (ग्राम-2026) का आयोजन 23 से 25 मई तक जयपुर में किया जाएगा, जिसमें देशभर के किसान, पशुपालक, वैज्ञानिक और निवेशक भाग लेंगे। उन्होंने किसानों से इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल होने का आग्रह किया।

    शर्मा ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में 71 नए सरकारी कॉलेज खोले गए हैं और 185 कॉलेजों के भवनों का उद्घाटन किया गया है, जिससे राज्य में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिली है। उन्होंने बताया कि पिछली सरकार ने पांच वर्षों में केवल 57 कॉलेज भवनों का निर्माण किया था।

  • आंधी-बारिश से फसलों को भारी नुकसान, आम-लीची और सब्जियों पर असर

    आंधी-बारिश से फसलों को भारी नुकसान, आम-लीची और सब्जियों पर असर

     पटना

    बिहार के अलग-अलग भागों में पांच दिनों तक मेघ गर्जन, वज्रपात संग आंधी-बारिश होगी। 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में तीन डिग्री तक की गिरावट से मौसम सामान्य रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पटना सहित राज्य के ज्यादातर भागों में तेज हवा के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। आज सूर्योदय का वक्त 05:15 AM बजे है, जबकि सूर्यास्त शाम 06:26 PM बजे होगा। वातावरण में नमी का स्तर 47 % है, वहीं वायुमंडलीय दबाव 1008 के स्तर पर है।

    आंधी-बारिश के बाद गुरुवार को पटना सहित बिहार के 20 जिलों के अधिकतम तापमान में भारी कमी आई है। पटना में अधिकतम पारा 29.7 डिग्री और न्यूनतम 19.7 डिग्री रहा। पटना में कुल 25.1 मिमी वर्षा दर्ज हुई। सुपौल के परपतगंज में 72.6 मिमी, पूर्णिया में 60.2 मिमी, मधुबनी के लखनपुर में 58 मिमी , बक्सर में 54.4 मिमी, पूर्णिया के श्रीनगर में 52.8 मिमी, अररिया के सिकटी में 52.2 मिमी, मधुबनी के झंझारपुर में 50 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस बीच, कृषि विभाग ने जिलों से राज्य भर में हुई आंधी-बारिश से फसल, फल-सब्जी के नुकसान की रिपोर्ट मांगी है।

    आंधी-बारिश से सब्जियों की फसल को क्षति
    पटना जिले में बुधवार की रात आई आंधी और बारिश से आम और सब्जियों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। आंधी से लौकी, तरोई, करेला, परवल जैसी सब्जियों के लत्तर टूट गए हैं। कुछ जगहों पर लत्तर चढ़ाने वाली रस्सियां और चार्ली टूटने-बिखरने से तैयार फसल को नुकसान पहुंचा है। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक प्रवीण कुमार द्विवेदी बताते हैं कि तेज बारिश से खेत में पानी लगने से भी नुकसान हुआ है। खीरा, ककड़ी, नेनुआ, झिंगुनी में पानी लगने से पीलापन की शिकायत हो सकती है। खीरा और तरबूज की फसल को भी नुकसान हुआ है। दूसरी तरफ रबी की फसल कटने के बाद खेतों में जमा भूसा 50 किलोमीटर की आई तेज आंधी में उड़ गई। इससे मवेशियों के भोजन जमा करने वाले किसानों को क्षति हुई।

    आम की डालियां टूटीं, लीची को भी नुकसान
    कृषि वैज्ञानिक पीके द्विवेदी बताते हैं कि तेज आंधी और बारिश के कारण आम और लीची को भी हानि पहुंची है। आम की डालियां टूट गई हैं। डालियों पर लटके अधपके आम भी काफी मात्रा में टूट कर गिर गये हैं। लीची का पौधा आम की तुलना में सख्त होने के बावजूद टूटे हैं। आंशिक रूप से मकई की बाहरी दीवार के पौधे गिर गए है। जानवरों की शेड, छपरी उड़ गई है। पटना जिला कृषक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार बताते हैं कि पटना जिला में टमाटर की 90 प्रतिशत फसल खेत से निकल चुकी है। बची हुई 10 प्रतिशत फसल को बीते बुधवार की रात हुई बारिश और आंधी से उसकी गुणवत्ता प्रभावित होगी।

  • दिल्ली के उत्तम नगर में बुलडोजर कार्रवाई जारी, ट्राइब्यूनल ने दी राहत की अर्जी को नकारा

    दिल्ली के उत्तम नगर में बुलडोजर कार्रवाई जारी, ट्राइब्यूनल ने दी राहत की अर्जी को नकारा

    नई दिल्ली

     उत्तम नगर की उसी पुनर्वासित कालोनी में  सुबह एक बार फिर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, जहां कुछ दिन पहले तरुण नाम के युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस बार निगम पूरी कानूनी तैयारी के साथ पहुंचा था। जैसे ही निगम के लिए गठित अपीलीय ट्रिब्यूनल ने डिमालिशन पर रोक हटाई, वैसे ही निगम ने उन विवादित इमारतों को गिराना शुरू कर दिया जो कायदे-कानूनों को ताक पर रखकर बनाई गई थीं।

    के अनुसार तरुण की हत्या के कुछ दिन बाद ही जब निगम ने इस मामले में आरोपितों में से एक के घर के अवैध हिस्से पर हथौड़ा चलाया था, तब इस मामले में 13 पक्षकारों ने निगम की कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट ने उन्हें 15 दिन की राहत देते हुए ट्रिब्यूनल में अपील करने का निर्देश दिया था।

    28 अप्रैल को याचिकाकर्ता ट्रिब्यूनल पहुंचे। 29 अप्रैल हुई सुनवाई में निगम ने दलील दी कि ये निर्माण न केवल अवैध हैं, बल्कि सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं। सुनवाई के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की दलीलें खारिज करते हुए स्टे हटा दिया। इसके अगले ही दिन निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी।

    निगम पश्चिमी जोन के अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को पूरे दिन चली कार्रवाई के दौरान दो संपत्तियों पर निगम ने हथौड़ा चलाया। इनमें एक संपत्ति वह थी जिसपर तीन प्लाटों को जोड़कर इमारत खड़ी की गई थी। वहीं दूसरी संपत्ति ऐसी थी, जिसपर दो प्लाट को जोड़कर घर बनाया गया था। सुबह जब निगम की टीमें कार्रवाई करने पहुंचीं, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात थी।

    इस इलाके में कई आवासीय इकाइयों को आपस में जोड़कर बड़ी इमारतें बना ली गई थीं. एक मामले में तीन घरों को मिलाकर एक ढांचा बनाया गया, जबकि दूसरे मामले में दो इकाइयों को जोड़ा गया था. इस मामले में आरोपी के परिवार ने पहले 13 अप्रैल को दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. अदालत ने उन्हें 15 दिनों की अंतरिम राहत दी थी। 

    कोर्ट ने परिवार को एमसीडी ट्रिब्यूनल में अपील करने का निर्देश दिया था. याचिकाकर्ताओं ने 28 अप्रैल को ट्रिब्यूनल का दरवाजा खटखटाया. 29 अप्रैल को सुनवाई के बाद ट्रिब्यूनल ने ठोस आधार की कमी की बात कही. इसके बाद स्टे ऑर्डर हटा लिया गया. अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 जून, 2026 को होगी। 

    क्या था पूरा मामला?
    बता दें कि 4 मार्च को दिल्ली के उत्तम नगर स्थित जेजे कॉलोनी, हस्तसाल में होली के दौरान तरुण के परिवार की एक बच्ची ने पानी का गुब्बारा फेंका था. गुब्बारे का पानी पड़ोसी महिला पर गिर गया. इसी बात पर दो पड़ोसियों के बीच खूनी संघर्ष हो गया, जिसमें 26 साल के तरुण की मौत हो गई थी. अब उसी मामले के आरोपियों के अवैध निर्माण पर प्रशासन का डंडा चला है। 

  • उच्च तकनीक से बना गंगा एक्सप्रेसवे, भारी ट्रैफिक झेलने में सक्षम संरचना तैयार

    उच्च तकनीक से बना गंगा एक्सप्रेसवे, भारी ट्रैफिक झेलने में सक्षम संरचना तैयार

    लखनऊ

    गंगा एक्सप्रेसवे पर फिलहाल वाहन बिना टोल का भुगतान किए ही दौड़ेंगे। टोल की दरें तय जरूर कर दी गई हैं पर उसकी वसूली शुरू होने में अभी लगभग दो सप्ताह का वक्त लगेगा। सूत्रों के अनुसार, लगभग 15 दिन बाद टोल की वसूली शुरू हो सकेगी। इससे पूर्व गंगा एक्सप्रेसवे के लिए निर्धारित टोल दरों के प्रस्ताव को कैबिनेट से स्वीकृत कराया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए अधिकतम रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।

    वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अभी गंगा एक्सप्रेसवे पर दो पहिया, तीन पहिया और पंजीकृत ट्रैक्टर के लिए टोल दर 1.28 रुपये प्रति किलोमीटर तय की गई है। ऐसे ही कार, जीप, वैन व हल्के वाहन के लिए 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर, हल्के वाणिज्यिक वाहन, हल्के माल वाहन के लिए 4.05 रुपये प्रति किलोमीटर, मिनी बस, बस व ट्रक के लिए 8.20 रुपये प्रति किलोमीटर, भारी निर्माण मशीनरी, मिट्टी हटाने वाले वाहन के लिए 12.60 रुपये प्रति किलोमीटर तथा उपकरण व बहुएक्सल वाहन, अत्यधिक बड़े वाहन (सात व अधिक एक्सेल वाले) के लिए 16.10 रुपये प्रति किलोमीटर टोल दर तय की गई है।

    हर मौसम के अनुकूल है डामर की परत
    लखनऊ।गंगा एक्सप्रेसवे पर 594 किलोमीटर लंबे सफर को आरामदेह व सुरक्षित बनाने के लिए उच्च तकनीक का उपयोग किया गया है। इस एक्सप्रेसवे पर मौसूम अनुकूल डामर परत (डीबीएम) को 100 मिलीमीटर तक की मोटाई दी गई है। यह तकनीक सड़क को भीषण गर्मी और अत्यधिक बारिश के प्रभाव से सुरक्षित रखती है। इसके लिए 3.67.022

    मीट्रिक टन डामर का इस्तेमाल किया गया।
    यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे को मजबूती देने के लिए मिट्टी की मजबूती का पैमाना अपनाया गया है। कैलिफोर्निया बेयरिंग रेशियो (सीबीआर) का प्रयोग किया गया है, जिसकी वैल्यू आठ पर रखी गई है, जो एक अत्यंत स्थिर और ठोस आधार का प्रमाण है। एक्सप्रेसवे पर 19 करोड़ घन मीटर मिट्टी, 2,78,380 मिट्रिक टन स्टील, 14.83.313 मीट्रिक टन सीमेंट व 41.88 लाख घनमीटर रेत का भी प्रयोग किया गया है। संरचनात्मक मजबूती के हर पहलू को ध्यान में रखकर कार्य को पूरा कराया गया है। 154.58 लाख घनमीटर मिट्टी सड़क की निचली और ऊपरी परतों को ठोस स्वरूप देने के लिए प्रयोग की गई है।

    एक्सप्रेसवे के मुख्य कैरिजवे की कुल मोटाई 485 मिलीमीटर से 500 मिलीमीटर तक रखी गई है। यह आधा मीटर मोटी बहु-स्तरीय संरचना सुनिश्चित करती है कि सड़क भारी यातायात का दबाव आसानी से झेल सके। इस एक्सप्रेसवे की क्षमता 79 से 108 मिलियन स्टैंडर्ड एक्सल (एमएसए) तक मापी गई है। अधिकारियों का दावा है कि एक्सप्रेसवे करोड़ों भारी मालवाहक वाहनों के भार को बिना किसी संरचनात्मक क्षति के सहन करने की क्षमता रखता है।

    254 लाख मैन-डेज का श्रम और लाखों टन उच्च गुणवत्ता वाली निर्माण सामग्री एक्सप्रेसवे को सुरक्षा की दृष्टि से भरोसेमंद बनाती हैं। डिजाइन क्रस्ट तकनीक से रखरखाव की लागत में भी कमी आएगी। यात्रा को आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अत्याधुनिक स्विस सेंसर तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।

  • पंजाब में सिलेंडर के दाम 1 हजार रुपए बढ़े, HP सिलेंडर 3190 में मिलेगा, ढाबों की कीमतें बढ़ेंगी

    पंजाब में सिलेंडर के दाम 1 हजार रुपए बढ़े, HP सिलेंडर 3190 में मिलेगा, ढाबों की कीमतें बढ़ेंगी

    लुधियाना 

    पंजाब में कमर्शियल सिलेंडर का रेट बढ़ गया है। 19 किलो के सिलेंडर का रेट 1 हजार रुपए तक बढ़ाया गया है। अलग-अलग कंपनियों के रेट में 7 से लेकर 10 रुपए तक का अंतर है। इसी तरह इंडियन ऑयल की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया कि इंडेन का 19 किलोग्राम वाला सिलेंडर पर 993 रुपए महंगा मिलेगा। बता दें कि, तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की है। राजधानी दिल्ली में अब यह सिलेंडर 3071.50 का हो गया है, जो पहले 2078.50 में मिलता था।

    इसका सबसे बड़ा असर होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग बिजनेस पर पड़ेगा। बढ़ती लागत के कारण खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं। चाय, नाश्ता, थाली और शादी-विवाह के खाने का खर्च बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है।

    आज सुबह कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब एक हजार रुपये के उछाल की खबर आई ही थी कि अब 'छोटू' यानी 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर ने भी बजट बिगाड़ दिया है। सूत्रों के मुताबिक, 5 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में ₹261 प्रति सिलेंडर की भारी बढ़ोतरी की गई है। महंगाई का यह दोहरा वार सीधे तौर पर उन लोगों की जेब पर पड़ा है, जो रोज कमाते और रोज खाते हैं।

    कीमतों में हुई इस बेतहाशा वृद्धि के बाद 5 किलो वाले सिलेंडर के दाम अब आसमान छूने लगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जो सिलेंडर कल तक ₹549 में मिलता था, उसकी कीमत अब बढ़कर ₹810 हो गई है। एक साथ ₹261 का इजाफा छोटे उपभोक्ताओं के लिए बहुत बड़ा झटका है। इससे पहले सुबह ही 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में ₹993 की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर ₹2,078.50 की बजाय अब ₹3,071.50 का मिलेगा।
    छात्रों और मजदूरों पर बढ़ेगा सबसे ज्यादा बोझ

    5 किलो वाले छोटे सिलेंडर का इस्तेमाल सबसे ज्यादा वो लोग करते हैं जिनके पास स्थाई ठिकाना नहीं होता या जो अकेले रहते हैं। अपना गांव-घर छोड़कर दूसरे राज्यों में मजदूरी करने वाले लोग इसी सिलेंडर पर निर्भर हैं। वहीं, पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में रहने वाले छात्रों के मासिक खर्च में अब बड़ी बढ़ोत्तरी होगी। डेली वेज वर्कर्स और छोटे दुकानदार: रेहड़ी-पटरी वाले और छोटे ढाबा चलाने वालों के लिए अब चूल्हा जलाना महंगा हो जाएगा।
    ईरान संकट का दिख रहा है असर

    गैस की कीमतों में इस आग के पीछे वैश्विक परिस्थितियां जिम्मेदार बताई जा रही हैं। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी (LPG) का संकट गहरा गया है। भारत में इसका असर पहले से ही दिख रहा था, जिसकी वजह से दिल्ली, मुंबई और सूरत जैसे बड़े शहरों से प्रवासी मजदूरों का पलायन भी शुरू हो चुका है। अब कीमतों में इस ताजा बढ़ोतरी ने स्थिति को और भी दयनीय बना दिया है।

  • अटारी बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी का समय अब शाम 6:30 बजे तक, हजारों लोग होंगे शामिल

    अटारी बॉर्डर पर रिट्रीट सेरेमनी का समय अब शाम 6:30 बजे तक, हजारों लोग होंगे शामिल

    अमृतसर
     अटारी-वाघा बॉर्डर पर रोज़ाना आयोजित होने वाली मशहूर रिट्रीट सेरेमनी के समय में बदलाव किया गया है। प्रशासन के नए फैसले के अनुसार, अब यह देशभक्ति से भरपूर समारोह शाम 6:00 बजे शुरू होगा और 6:30 बजे तक चलेगा। पहले यह कार्यक्रम शाम 5:30 बजे शुरू होकर 6:00 बजे समाप्त होता था।

    अधिकारियों के मुताबिक, यह बदलाव मौसम और दिन के समय में हो रहे परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। साथ ही, इसका उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर अनुभव देना और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुचारू बनाना भी है। हर दिन बड़ी संख्या में देश-विदेश से लोग इस अनोखे आयोजन को देखने के लिए यहां पहुंचते हैं।

    अब इस नए शेड्यूल पर होगा आयोजन
    नया समय आज यानी 1 मई से लागू कर दिया गया है, इसलिए यहां आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अब इस नए शेड्यूल के अनुसार अपनी योजना बनानी होगी। भारत और पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा किया जाने वाला यह बीटिंग रिट्रीट समारोह अनुशासन, जोश और देशभक्ति का प्रतीक माना जाता है।

    दर्शकों में गूंज उठता है ‘वंदे मातरम्’ का नारा
    हर शाम हजारों दर्शकों की मौजूदगी में “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” जैसे नारों से पूरा माहौल गूंज उठता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय से पहले पहुंचें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके और इस शानदार समारोह का पूरा आनंद लिया जा सके।

    मौसम और दिन की घटती-बढ़ती रोशनी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि दर्शकों को बेहतर अनुभव देने और सुरक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए समय में यह बदलाव जरूरी था। अटारी-वाघा बॉर्डर पर हर रोज होने वाली इस देशभक्ति से भरपूर सेरेमनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

    देशभक्ति की झलक देखने को मिलती है
    यह नया समय आज यानी 1 मई से लागू कर दिया गया है। यानी अब जो भी पर्यटक या स्थानीय लोग इस सेरेमनी को देखने की योजना बना रहे हैं, उन्हें नए समय के अनुसार ही पहुंचना होगा। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी भारत और पाकिस्तान के सैनिकों द्वारा की जाने वाली एक विशेष परंपरा है, जिसमें जोश, अनुशासन और देशभक्ति की झलक देखने को मिलती है।

    हजारों लोग बनते हैं आयोजन का हिस्सा

    हर दिन हजारों लोग इस आयोजन का हिस्सा बनते हैं और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम जैसे नारों से माहौल देशभक्ति से गूंज उठता है। इस बदलाव के बाद उम्मीद है कि लोग समय से पहुंचकर इस अद्भुत दृश्य का आनंद ले पाएंगे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे समय का विशेष ध्यान रखें और निर्धारित समय से पहले ही पहुंचकर अपनी सीट सुनिश्चित करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।