Category: राज्य

  • गंगा नदी पर विक्रमशिला सेतु के स्पैन गिरने से हड़कंप, मरम्मत में लगेंगे 3 महीने

    गंगा नदी पर विक्रमशिला सेतु के स्पैन गिरने से हड़कंप, मरम्मत में लगेंगे 3 महीने

    पटना

     बिहार के भागलपुर जिले में विक्रमशिला पुल टूटने के बाद से हड़कंप मच गया है। अब सरकार ने इसपर ऐक्शन लेते हुए फिलहाल इंजीनियर को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी इस पुल को लेकर मदद मांगी है। रविवार की देर रात उत्तर बिहार को भागलपुर से जोड़ने वाले विक्रमशिला पुल के कुछ हिस्से टूट कर गंगा नदी में समा गए थे। इसकी वजह से भागलपुर का उत्तर बिहार से संपर्क टूट गया है। पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने बताया कि जैसे ही इस दुर्घटना की जानकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मिली, उन्होंने केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से संपर्क करके बोर्डर रोड निगम से भी पुल की मरम्मती में मदद मांगी है। रक्षा मंत्री ने उन्हें हर तरह की मदद का आश्वासन दिया है।

    पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने यह भी बताया कि भागलपुर विक्रमशिला पुल टूटने की जांच के लिए विशेषज्ञ की टीम भेजी गई है। साथ ही वहां के कार्यपालक अभियंता को निलंबित किया गया है। उन्होंने पटना स्थित सूचना भवन में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस पुल की एक महीना पहले जांच की गई थी, जिसमें कोई मेजर फाल्ट नहीं पाया गया था। रविवार की रात अचानक पुल टूट गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश पुल निगम के द्वारा यह पुल बनाया गया था। 2001 से इस पुल पर आवागमन चल रहा है। दक्षिण बिहार को उत्तर बिहार से जोड़ने के लिए मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु और खगड़िया में बने गंगा नदी पर पुल को वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

    स्पैन दुरुस्त करने में तीन महीने लगेंगे
    बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सोमवार को सूचना भवन के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विक्रमशिला सेतु का जो स्पैन गिरा है, उसे दुरुस्त करने में तीन महीने का समय लग सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस साल दिसंबर तक विक्रमशिला सेतु के सामानांतर गंगा नदी पर बन रहे पुल पर वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।

    4.7 किलोमीटर लंबा है विक्रमशिला पुल
    आपको बता दें कि बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा रविवार देर रात को ध्वस्त हो गया, हालांकि इस घटना में किसी के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है। वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। कुल 4.7 किलोमीटर लंबा विक्रमशिला सेतु जिले में भागलपुर और नवगछिया को जोड़ता है। भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने संवाददाताओं को बताया, "रात करीब 12:50 बजे विक्रमशिला सेतु के पिलर संख्या 133 के पास दो स्लैब के बीच दरार बन गयी।

    इसके कुछ ही देर बाद एक बड़ा स्लैब नदी में गिर गया।" उन्होंने कहा कि किसी वाहन के स्लैब के साथ गिरने, किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है। जिलाधिकारी ने कहा, "जैसे ही अधिकारियों को दो स्लैब के बीच दरार बनने की सूचना मिली, उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां से सभी वाहनों और लोगों को हटा दिया।"

  • बैंक घोटाला मामला गरमाया: 590 करोड़ की जांच CBI को, CFO अमित देवन हटाए गए

    बैंक घोटाला मामला गरमाया: 590 करोड़ की जांच CBI को, CFO अमित देवन हटाए गए

    पंचकूला.

    हरियाणा सरकार के विभिन्न सरकारी विभागों के 590 करोड रुपए के बैंक घोटाले में एक और सरकारी अधिकारी पर गाज गिर गई है। हरियाणा के पावर यूटिलिटी सेक्टर में बड़े प्रशासनिक फैसले के तहत मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) अमित देवन को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

    सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आदेश में उन पर अपने पद का दुरुपयोग कर आरोपियों और बैंक अधिकारियों से सांठगांठ कर निगम (HPGCL) के हितों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
    मामले की जांच पहले राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा की जा रही थी, जिसे अब हरियाणा सरकार ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया है। आदेश में कहा गया है कि समानांतर विभागीय जांच चलाने से सीबीआई जांच प्रभावित हो सकती है और सबूतों के समय से पहले उजागर होने या उनके साथ छेड़छाड़ की आशंका बनी रहती है।

    आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते अमित देवन पर उच्च नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां थीं, लेकिन उन्होंने गंभीर कदाचार किया, जिससे राज्य सरकार और पावर यूटिलिटीज की छवि को नुकसान पहुंचा है। प्रबंधन ने यह भी आशंका जताई कि अधिकारी अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर रिकॉर्ड में बदलाव या उन्हें नष्ट कर सकते हैं, साथ ही अधीनस्थ कर्मचारियों के लिए उनके खिलाफ खुलकर गवाही देना भी मुश्किल हो सकता है। इन परिस्थितियों में निष्पक्ष विभागीय जांच कर पाना संभव नहीं माना गया।

    इसी आधार पर उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम कर्मचारी (दंड एवं अपील) विनियम, 2018 के प्रावधानों के तहत विभागीय जांच की प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए सीधे बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी अधिकारी को अपना पक्ष रखने का अवसर देना भी व्यावहारिक नहीं समझा गया। प्रबंध निदेशक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अमित देवन की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है।

  • दिल्ली-लखनऊ में मौसम की मार, यात्रियों को घंटों की देरी का सामना

    दिल्ली-लखनऊ में मौसम की मार, यात्रियों को घंटों की देरी का सामना

    नई दिल्ली

    नई दिल्ली में रविवार-सोमवार की रात को खराब मौसम और लो विजिबिलिटी के कारण हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस आपात स्थिति के चलते दिल्ली जाने वाले कुल 15 विमानों को अचानक लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर डाइवर्ट किया गया। वहीं, सुबह लखनऊ का मौसम खराब होने से दिल्ली चंडीगढ़ समेत तीन स्थानों से आ रही फ्लाइटें लैंड नहीं कर पाईं।

    डाइवर्ट होकर लखनऊ पहुंचने वाले विमानों में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों उड़ानें शामिल थीं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में काठमांडू, मस्कट और फुकेट से आने वाले विमान प्रमुख रहे। वहीं घरेलू स्तर पर जयपुर से सर्वाधिक 4 उड़ानें लखनऊ भेजी गईं। इनके अलावा हैदराबाद (2 उड़ानें), मुंबई, गुवाहाटी, कोयंबटूर, औरंगाबाद और बेंगलुरु की उड़ानों को भी सुरक्षित रूप से उतारा गया। दिल्ली में मौसम में सुधार की सूचना मिलने के बाद, लखनऊ में सुरक्षित रूप से उतारे गए सभी विमानों को रवाना कर दिया गया।

    वहीं, इस पूरे घटनाक्रम से यात्रियों को भारी असुविधा और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई उड़ानें घंटों की देरी से चल रही जा थीं। एयरलाइन कंपनियां और एयरपोर्ट प्राधिकरण स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थे और यात्रियों को समय-समय पर अपडेट दिया जा रहा था।

    लखनऊ में भी मौसम खराब
    लखनऊ में भी सोमवार सुबह मौसम खराब हो गया। जिससे यहां भी उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। खराब विजिबिलिटी के कारण दिल्ली और चंडीगढ़ समेत तीन शहरों से आने वाली फ्लाइटें लैंड नहीं कर सकीं और कुछ देर तक हवा में चक्कर लगाती रहीं। पायलटों को मौसम साफ होने का इंतजार करना पड़ा जिससे उड़ानों में देरी हुई।

    29 अप्रैल को भी डायवर्ट हुईं थी फ्लाइटें
    इससे पहले भी मौसम खराब होने से 29 अप्रैल को फ्लाइटों को डायवर्ट किया गया था। मध्य से लेकर पूर्वी यूपी के कई जिलों में बुधवार को तेज आंधी और बारिश का असर फ्लाइटों के संचालन पर पड़ा। वाराणसी की दो और पटना की एक उड़ान को चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर डाइवर्ट किया गया। कई फ्लाइटें तय समय से लेट रहीं।

    स्पाइस जेट की पुणे से वाराणसी जा रही फ्लाइट एसजी 186 को दिन के 3:55 बजे और अकासा एयर की मुंबई से वाराणसी जा रही उड़ान क्यूपी 1428 शाम 5: 38 लखनऊ पहुंची थी। कोलकाता से पटना जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6ई- 895 शाम 7:56 बजे लखनऊ भेजी गई। लखनऊ में यात्री विमान में बैठे रहे, क्योंकि क्रू का फ्लाइट टाइम पूरा हो चुका था। रात 10 बजे दूसरे क्रू की व्यवस्था कर विमान को पटना रवाना किया गया था। एयर इंडिया की लखनऊ से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट आइएक्स 1618 शाम 7:35 बजे उड़ान नहीं भर सकी थी।

  • Panchayat Index Report: बिहार की 771 पंचायतें ‘उत्कृष्ट’ श्रेणी में, विकास की नई तस्वीर

    Panchayat Index Report: बिहार की 771 पंचायतें ‘उत्कृष्ट’ श्रेणी में, विकास की नई तस्वीर

     पटना

    पंचायती राज मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) 2.0 रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में देश के 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कुल 2,59,867 ग्राम पंचायतों ने भाग लिया।

    रिपोर्ट के अनुसार, देशभर की 3,635 ग्राम पंचायतें ‘फ्रंट रनर’ (ग्रेड-ए) श्रेणी में शामिल हुई हैं, जबकि 1,18,824 पंचायतों ने ‘उत्कृष्ट’ (ग्रेड-बी) श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है।

    पंचायतों ने खासतौर पर ‘गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका’ और ‘स्वस्थ पंचायत’ थीम्स में बेहतर प्रदर्शन किया है।

    बिहार का प्रदर्शन
    बिहार के लिए यह रिपोर्ट मिश्रित लेकिन महत्वपूर्ण रही है। राज्य की दो ग्राम पंचायतों ने ग्रेड-ए (फ्रंट रनर) श्रेणी में जगह बनाई है, जबकि 771 पंचायतें ग्रेड-बी में शामिल हुई हैं। शेष पंचायतें ग्रेड-सी और ग्रेड-डी श्रेणी में रही हैं।

    रोहतास जिले की तेलकप ग्राम पंचायत का प्रदर्शन सबसे उल्लेखनीय रहा है। इस पंचायत ने स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) से जुड़े सभी नौ थीम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

    राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान हासिल करने पर तेलकप पंचायत का चयन ‘नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार’ (राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार) के लिए किया गया है।

    पीएआई 2.0 क्या है?
    पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) 2.0 पंचायतों के समग्र प्रदर्शन का एक विस्तृत ‘रिपोर्ट कार्ड’ है। इसे सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के स्थानीय संस्करण (LSDGs) के आधार पर तैयार किया जाता है।

    इस सूचकांक के माध्यम से पंचायतों के विकास, आधारभूत संरचना, सुशासन, सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आजीविका जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाता है।

    राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतें (थीमवार)
        थीम 1 (गरीबी मुक्त एवं उन्नत आजीविका): अम्बा उतर, प्रखंड पिपराही, जिला शिवहर
        थीम 2 (स्वस्थ पंचायत): कहलावा, प्रखंड नौतन, जिला सिवान
        थीम 3 (बाल अनुकूल पंचायत): डुमरी भागरावा, प्रखंड पिपरासी, जिला पश्चिम चंपारण
        थीम 4 (पर्याप्त जल युक्त पंचायत): पिपरासी, प्रखंड पिपरासी, जिला पश्चिम चंपारण
        थीम 5 (स्वच्छ एवं हरित पंचायत): दुल्लाहपुर, प्रखंड सिमरी, जिला बक्सर
        थीम 6 (आत्मनिर्भर आधारभूत संरचना): जजुआर मध्य, प्रखंड कटरा, जिला मुजफ्फरपुर
        थीम 7 (सामाजिक रूप से न्यायसंगत एवं सुरक्षित): बहेरा, प्रखंड बांका, जिला बांका
        थीम 8 (सुशासन युक्त पंचायत): समोहता, प्रखंड रोहतास, जिला रोहतास
        थीम 9 (महिला अनुकूल पंचायत): गौरा-1, प्रखंड तेघरा, जिला बेगूसराय

     

  • पंजाब में बदला मौसम: पश्चिमी विक्षोभ से आंधी-ओले, मंडियों में पड़ा गेहूं खराब

    पंजाब में बदला मौसम: पश्चिमी विक्षोभ से आंधी-ओले, मंडियों में पड़ा गेहूं खराब

    लुधियाना/हिसार.

    पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से रविवार को पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में वर्षा हुई। पंजाब के ज्यादातर जिलों में सुबह छह से 10 बजे के बीच 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली भी चली।

    लुधियाना में 25.6 और पालमपुर में 38.0 मिलीमीटर वर्षा हुई। वर्षा से कई जगह मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं भीग गया। वहीं, हरियाणा में रविवार रात नौ बजे के बाद हिसार सहित सात जिलों में वर्षा हुई। तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पंजाब में आंधी से कई जिलों में बिजली के खंभे, होर्डिंग व पेड़ टूटकर गिर गए। वर्षा से तापमान में भी गिरावट आई और कई जिलों में अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। लोगों को गर्मी से राहत मिली। पिछले दिनों कई जिलों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर चला गया था।

    मौसम विभाग ने सोमवार-मंगलवार को भी प्रदेश में आंधी चलने और अधिकांश जिलों में सामान्य से मध्यम वर्षा का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ जगह ओलावृष्टि की संभावना है। हिमाचल में कई घरों की छतें उड़ गईं। आंधी व ओलावृष्टि से बागवानी को भी नुकसान पहुंचा। कई जगह पेड़ गिरने से सड़कें अवरुद्ध रहीं। शिमला के बैनमोर वार्ड में बिजली गिरने से एक पेड़ दोफाड़ हो गया।

    भूस्खलन से उड़ी-बारामुला मार्ग बंद
    कश्मीर के उड़ी में रविवार को वर्षा के कारण भूस्खलन होने से उड़ी-बारामुला राजमार्ग बंद कर दिया गया है। सड़क पर भारी मलबा और कीचड़ जमा हो गया है, जिसे हटाने का काम जारी है।

    शहर     वर्षा (मिमी में)
    पालमपुर     38.0
    लुधियाना     25.6
    चंडीगढ़     23.7
    मोहाली     20.9
    अमृतसर     2.2
    फिरोजपुर     2.5
    नवांशहर     2.1
    रूपनगर     1.5

    हिमाचल के रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला में हुआ हिमपात
    हिमाचल के रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला में हिमपात और धर्मशाला में ओलावृष्टि हुई। मौसम सुहाना होने से पर्यटक भी बढ़े हैं। मनाली के होटलों में 75 प्रतिशत आक्यूपेंसी पहुंच चुकी है। शिमला, मनाली, कसौली, मैक्लोडगंज व डलहौजी में भी पर्यटक पहुंचने लगे हैं। लाहुल स्पीति के कोकसर में बर्फ देखने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी है।

    सिरसा और भिवानी में गिरे ओले, तेज आंधी के साथ वर्षा
    हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। हरियाणा के दक्षिणी हिस्सों में तेज गति की हवाओं आंधी अंधड़ के साथ वर्षा हुई। सिरसा-भिवानी में ओले गिरने के बाद रविवार देर रात को हिसार और महेंद्रगढ़ के सतनाली में तेज आंधी के बाद वर्षा हुई। रविवार रात को सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, हांसी, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों में वर्षा हुई। इसके अलावा झज्जर, रोहतक, गुरुग्राम, नूंह मेवात, पलवल और फरीदाबाद जिलों में आंधी अंधड़ व गरज चमक के साथ छिटपुट ओलावृष्टि की संभावना देर रात तक बनी हुई थी। मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से पूरे क्षेत्र में मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। इस दौरान बादलों की आवाजाही, तेज हवाएं, आंधी-अंधड़ और हल्की वर्षा की संभावना बनी रहेगी, लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

  • धनबाद-चंडीगढ़ के बीच समर स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़े, हफ्ते में 2 दिन चलेगी ट्रेन

    धनबाद-चंडीगढ़ के बीच समर स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़े, हफ्ते में 2 दिन चलेगी ट्रेन

    चंडीगढ़

    गर्मी के मौसम में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अंबाला मंडल ने समर स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाने का फैसला किया है। इससे बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे के अनुसार, चंडीगढ़ से पटना के बीच चलने वाली गाड़ी। 

    गाड़ी संख्या 04511 चंडीगढ़ से हर वीरवार रात 11:35 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 9:15 बजे पटना पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 04512 पटना से हर शुक्रवार रात 11:15 बजे चलेगी और अगले दिन रात 9:40 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। यह ट्रेन अंबाला कैंट, सहारनपुर, रुड़की, मुरादाबाद, बरेली, सीतापुर, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, सिवान, छपरा और हाजीपुर होते हुए पटना जाएगी। इसका संचालन 10 जुलाई तक रहेगा।

    धनबाद-चंडीगढ़ स्पेशल भी जारी
    ट्रेन संख्या 03311 धनबाद से चंडीगढ़ के लिए 3 अप्रैल से 14 जुलाई तक हर मंगलवार और शुक्रवार को रात 11:50 बजे चलेगी और तीसरे दिन सुबह 4:30 बजे चंडीगढ़ पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 03312 चंडीगढ़ से 5 अप्रैल से 16 जुलाई तक रविवार और गुरुवार को सुबह 6 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 9 बजे धनबाद पहुंचेगी। यह ट्रेन करीब 1431 किलोमीटर की दूरी 28 घंटे 40 मिनट में तय करेगी।

    अंबाला-मऊ स्पेशल का शेड्यूल
    गाड़ी संख्या 05302 अंबाला से हर शुक्रवार रात 1:40 बजे चलेगी और अगले दिन रात 11 बजे मऊ पहुंचेगी। वहीं, गाड़ी संख्या 05301 मऊ से हर वीरवार सुबह 4 बजे चलकर अगले दिन रात 12:30 बजे अंबाला पहुंचेगी। यह ट्रेन देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, सीतापुर, बरेली, मुरादाबाद, गाजियाबाद, दिल्ली, सोनीपत, पानीपत और कुरुक्षेत्र होते हुए चलेगी। इसका संचालन 17 जुलाई तक रहेगा।

    भीड़ को नियंत्रित करने के लिए फेरे बढ़ाए
    रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इन ट्रेनों के फेरे बढ़ाए गए हैं, जिससे सफर और भी आसान होगा।

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की वृहद पौधरोपण अभियान- 2026 की तैयारियों की समीक्षा, कहा पौधे लगाएं भी-बचाएं भी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की वृहद पौधरोपण अभियान- 2026 की तैयारियों की समीक्षा, कहा पौधे लगाएं भी-बचाएं भी

    एक दिन में 35 करोड़ से अधिक पौधरोपण कर यूपी फिर बनाएगा रिकॉर्ड: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री का आह्वान, हर विद्यार्थी एक पौधा जरूर लगाए, हर आंगनबाड़ी केंद्र 05 सहजन के पौधे रोपे जाएं

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की वृहद पौधरोपण अभियान- 2026 की तैयारियों की समीक्षा, कहा पौधे लगाएं भी-बचाएं भी

    जनभागीदारी से सफल होंगे हरित क्रांति के प्रयास: मुख्यमंत्री

    विगत 09 वर्ष में वन एवं वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई

    वर्तमान में हरित आवरण 9.96%, वर्ष 2030 तक 15% और 2047 तक 20% हरित आवरण का लक्ष्य: मुख्यमंत्री

    मुख्यमंत्री का निर्देश, इस वर्ष गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर हो वृहद पौधरोपण

    हरित उत्तर प्रदेश की दिशा में बड़ा कदम: नदियों के किनारे 4.35 करोड़ पौधरोपण की तैयारी

    रिकॉर्ड वृक्षारोपण के बाद अब फोकस जीवितता पर, टेक्नोलॉजी से होगी हर पौधे की निगरानी

    लखनऊ
    ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष एक दिन में 35 करोड़ पौधरोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा है कि विगत वर्षों में जनभागीदारी से प्रदेश ने वृक्षारोपण में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और अब इसे जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। रविवार को वृहद पौधरोपण अभियान-2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में न्यूनतम 05 सहजन के पौधे लगाए जाएं, जबकि स्कूल-कॉलेजों में हर छात्र कम से कम एक पौधा लगाए। मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सतत जन-अभियान के रूप में विकसित किया जाए।

    बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पिछले वर्षों में वृक्षारोपण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2009 से 2016 के बीच जहां 51.48 करोड़ पौधे लगाए गए थे, वहीं वर्ष 2017 से 2025 के बीच यह संख्या बढ़कर 242.13 करोड़ हो गई। इसी अवधि में वन एवं वृक्ष आवरण में 3 लाख 38 हजार एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है और हरित आवरण लगभग 9.96 प्रतिशत तक पहुंच गया है। कार्बन स्टॉक में वृद्धि के मामले में भी प्रदेश राष्ट्रीय औसत (1.13 प्रतिशत) से आगे है और 2.46 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को हरित क्रांति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2030 तक 15 प्रतिशत और 2047 तक 20 प्रतिशत हरित आवरण का लक्ष्य हर हाल में हासिल करना है।

    मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि वर्ष 2026 के अभियान को पूरी तरह वैज्ञानिक, योजनाबद्ध और परिणामोन्मुख बनाया जाए। उन्होंने माइक्रो प्लानिंग को अभियान की आधारशिला बताते हुए ग्रामीण और शहरी स्तर पर तैयार सभी माइक्रो प्लानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। 

    मुख्यमंत्री ने पौधों की गुणवत्ता और उपलब्धता पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी विभागों को वन विभाग की नर्सरियों से निःशुल्क एवं उच्च गुणवत्ता वाले पौधे उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 1935 विभागीय नर्सरियां संचालित हैं और 50 करोड़ से अधिक पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिसके लिए 34 नई नर्सरियों की स्थापना भी की गई है। उद्यान, रेशम और निजी क्षेत्र की नर्सरियों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों की सुरक्षा और उनकी जीवितता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आधुनिक तकनीक के माध्यम से सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ‘हरीतिमा’ ऐप, जीआईएस मैपिंग, क्यूआर कोड आधारित ट्रैकिंग तथा प्लांटेशन मॉनीटरिंग सिस्टम (पीएमएस) और नर्सरी मैनेजमेंट सिस्टम (एमएमएस) जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वृक्षारोपण की निगरानी की जा रही है। वर्ष 2025 के विशेष सर्वेक्षण में वन विभाग द्वारा लगाए गए पौधों की जीवितता 80 प्रतिशत दर्ज की गई।

    मुख्यमंत्री ने शहीदों, स्वाधीनता संग्राम सेनानियों व अन्य हुतात्माओं के नाम पर वन/वाटिका के स्थापित करने पर बल दिया, नदियों के किनारे, हाइवे आदि के किनारे भी पौधे लगाए जाएं। मुख्यमंत्री ने इस वर्ष अयोध्या में रामायणकालीन पौधे लगाने पर जोर दिया। 

    मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि 30 मई तक अपनी-अपनी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर लें और निर्धारित समयबद्ध कार्यक्रम के अनुसार वृक्षारोपण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। 

    बैठक के दौरान वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को 'शेखा झील पक्षी विहार, अलीगढ़' के रामसर साइट घोषित किए जाने का प्रमाण पत्र भी सौंपा गया। बता दें कि उत्तर प्रदेश में कुल 12 रामसर स्थल नामित किए जा चुके हैं, जो कुल 38,992.25 हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित करते हैं। शेखा झील पक्षी विहार रामसर स्थल 40.309 हेक्टेयर क्षेत्रफल के साथ प्रदेश का सबसे छोटा रामसर स्थल है। 2016 में इसे पक्षी विहार के रूप में अधिसूचित किया गया था।

  • नया सिस्टम लाएगा पारदर्शिता, रियल एस्टेट में बढ़ेगा भरोसा और निवेश

    नया सिस्टम लाएगा पारदर्शिता, रियल एस्टेट में बढ़ेगा भरोसा और निवेश

    नोएडा

    उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा में प्रॉपर्टी से जुड़े लेनदेन को पारदर्शी और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब यहां किसी भी प्लॉट या संपत्ति की पूरी जानकारी जैसे बकाया राशि, आवंटन की तारीख, क्षेत्रफल, लोकेशन और विभागीय देनदारियां घर बैठे एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। नोएडा प्राधिकरण ने जियोग्राफिकल इंफॉर्मेशन सिस्टम (GIS) आधारित यह प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही वेबसाइट पर लाइव किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से न केवल आम खरीदारों और विक्रेताओं को राहत मिलेगी, बल्कि निवेशकों के लिए भी नोएडा में निवेश करना अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बन जाएगा।

    GIS सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता और सुविधा
    नोएडा प्राधिकरण द्वारा तैयार किया गया GIS सिस्टम शहर की संपत्तियों का डिजिटल डेटा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा। इसमें यूजर प्लॉट नंबर डालते ही संबंधित प्लॉट का प्रकार, सेक्टर, क्षेत्रफल और अन्य जरूरी जानकारियां आसानी से देख सकेगा।

    इससे प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने से पहले पूरी जानकारी हासिल करना आसान होगा और किसी भी तरह की अनिश्चितता कम होगी।

    बकाया और NOC से जुड़े झंझट होंगे आसान
    नोएडा में अधिकतर संपत्तियां लीज पर होती हैं और उनके ट्रांसफर के लिए ट्रांसफर ऑफ मेमोरेंडम (TM) प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसमें प्रॉपर्टी ट्रांसफर तभी संभव होता है, जब मूल आवंटी का पूरा बकाया साफ हो और उसे एनओसी जारी हो।

    GIS सिस्टम के जरिए अब प्रॉपर्टी पर बकाया राशि और अन्य देनदारियों की जानकारी पहले से उपलब्ध होगी, जिससे खरीदार धोखाधड़ी से बच सकेंगे और ट्रांसफर प्रक्रिया भी तेज होगी।

    रियल टाइम डेटा से निवेशकों को मिलेगा भरोसा
    प्राधिकरण के अनुसार, इस सिस्टम में रेसिडेंशियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल प्रॉपर्टी का डेटा रियल टाइम में अपडेट किया जा रहा है। इससे निवेशकों को सटीक और ताजा जानकारी मिलेगी, जो निवेश के फैसलों को अधिक सुरक्षित बनाएगी।

    हालांकि, ग्रुप हाउसिंग प्रॉपर्टी को अभी पूरी तरह रियल टाइम नहीं किया जा सका है, क्योंकि कई सोसाइटियों में रजिस्ट्री प्रक्रिया अधूरी है। इसे भी जल्द सिस्टम में शामिल करने की तैयारी है।

    सैटेलाइट मैप से दिखेगी शहर की पूरी तस्वीर
    GIS प्लेटफॉर्म में सैटेलाइट मैपिंग की सुविधा भी दी गई है, जिससे यूजर शहर की भौगोलिक स्थिति को समझ सकेगा। फिलहाल इसमें वर्ष 2022 तक का डेटा उपलब्ध है, जिसे लगातार अपडेट किया जा रहा है।

    यूजर्स बिना किसी रजिस्ट्रेशन के नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाकर GIS लिंक के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

    रियल एस्टेट और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
    नोएडा प्रदेश के राजस्व में बड़ी हिस्सेदारी रखता है। ऐसे में यह सिस्टम विदेशी और घरेलू निवेशकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। पारदर्शी डेटा उपलब्ध होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और रियल एस्टेट सेक्टर को नई गति मिलेगी।

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    DMRC का बड़ा प्लान, 65 नए स्टेशनों से दिल्ली-एनसीआर में सफर होगा आसान

    नई दिल्ली

    राजधानी में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के स्थापना दिवस के मौके पर रविवार को दिल्ली सरकार फेज-5B के तहत नई परियोजनाओं की घोषणा कर सकती है। अधिकारियों के अनुसार, फेज-4 के पूरा होते ही फेज-5 के काम में तेजी लाने की रणनीति बनाई जा रही है। सीएम रेखा गुप्ता भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी।

    बताते चले इससे पहले केंद्र सरकार फेज- 5A के तहत तीन कॉरिडोर को मंजूरी दे चुकी है, जिनमें एरोसिटी-एयरपोर्ट टर्मिनल-1, कालिंदी कुंज-बॉटनिकल गार्डन और आरके आश्रम-इंद्रलोक (सेंट्रल विस्टा) कॉरिडोर शामिल हैं। इन पर निर्माण प्रक्रिया जारी है। फेज-5B के तहत दिल्ली-एनसीआर में कुल 15 नए कॉरिडोर प्रस्तावित हैं, जिनमें से 7 दिल्ली में बनाए जा सकते हैं। इन कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 97 किमी होगी और इनमें 65 स्टेशन शामिल होंगे। परियोजना की अनुमानित लागत 4S,204.56 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इनमें से चार कॉरिडोर को प्राथमिकता देते हुए 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि बाकी तीन कॉरिडोर बाद में बनाए जाएंगे।

    97 किमी का होगा नेटवर्क
        रविवार को डीएमआरसी के स्थापना दिवस के मौके पर होना है कार्यक्रम
        इसके तहत 97 किमी के नेटवर्क में 65 स्टेशन है प्रस्तावित
        15 नए कॉरिडोर है प्रस्तावित, इनमें 7 दिल्ली में बन सकते हैं
        48,204.56 करोड़ आंकी जा रही है अनुमानित लागत इसकी

    कौन-कौन से रूट शामिल?
    प्रमुख प्रस्तावित कॉरिडोर में मयूर विहार फेज-3 से शास्त्री पार्क (13.19 किमी), सेंट्रल विस्टा से वसंत कुंज (14.5 किमी), समयपुर बादली से नरेला स्पोट्र्स कॉम्प्लेक्स (11.6 किमी) और
    मायापुरी से कश्मीरी गेट (12 किमी) शामिल हैं। इसके अलावा सीजीओ कॉम्प्लेक्स से सूर्य विहार फरीदाबाद तक 18 किमी लंबा कॉरिडोर बनाने की योजना है।

     

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    जयपुर

    राजस्थान पुलिस की साइबर यूनिट ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय साइबर अपराधियों के एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने महज एक व्हाट्सएप मैसेज के जरिए एक कंपनी को 5 करोड़ 30 लाख रुपये की चपत लगा दी। पुलिस ने प्रदेश के पांच अलग-अलग जिलों में कार्रवाई करते हुए कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

    DP लगाकर दिया झांसा, खातों में ट्रांसफर कराए करोड़ों
    पुलिस उपमहानिरीक्षक (साइबर अपराध) शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि यह ठगी 24 अप्रैल 2026 को हुई थी. ठगों ने कंपनी के चेयरमैन की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया और अकाउंटेंट दीपेंद्र सिंह को संदेश भेजा. अकाउंटेंट को लगा कि निर्देश सीधे मालिक की ओर से आए हैं, जिसके बाद उसने बताए गए बैंक खातों में 5.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में हकीकत सामने आने पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई.

    तकनीकी जांच और हवाला कनेक्शन
    पुलिस अधीक्षक (साइबर अपराध) सुमित मेहरडा की निगरानी में गठित विशेष टीमों ने जब ट्रांजेक्शन की जांच की, तो परतें खुलती चली गईं। ठगी की राशि को दर्जनों खातों में घुमाया गया और बाद में उसे 'यूएसडीटी' (USDT) और हवाला के जरिए ठिकाने लगाया गया.

    चाय की थड़ियों पर होती थी डील, वकालत का छात्र भी शामिल
    हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार किए गए 17 आरोपियों में कानून (वकालत) का एक छात्र, सैलून कर्मी और स्पेयर पार्ट्स बेचने वाला दुकानदार भी शामिल है, ये लोग किसी को शक न हो, इसलिए कमीशन के बंटवारे और पासबुक-चेकबुक के लेन-देन के लिए चाय की थड़ियों पर मिलते थे,

    इन जिलों से हुई गिरफ्तारियां
    पुलिस ने कोटा ग्रामीण, पाली, बांसवाड़ा, जोधपुर और बाड़मेर पुलिस के सहयोग से छापेमारी की. गिरफ्तार आरोपियों में सोहेल खान, मोहम्मद राशिद, समीर, तोहिद, नवीन सिंह (कोटा), अविनाश जैन, प्रवीण, अमित, भव्य, मुकेश (बांसवाड़ा), घनश्याम, राहुल, कमलेश (जोधपुर), दीपेंद्र, वीरेंद्र, हरीश (पाली) और सदराम (बाड़मेर) शामिल हैं.

    पुलिस की चेतावनी
    पुलिस ने आम जनता और संस्थानों से अपील की है कि व्हाट्सएप या किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाले वित्तीय निर्देशों की पुष्टि सीधे फोन कॉल के जरिए जरूर करें. गिरोह के अन्य सदस्यों और विदेशी कनेक्शन को लेकर जांच जारी है.