Category: राज्य

  • बागवानी और एग्री-बिजनेस में नई पहचान बनाएगा हरियाणा, मुख्यमंत्री सैनी ने रखा विजन

    बागवानी और एग्री-बिजनेस में नई पहचान बनाएगा हरियाणा, मुख्यमंत्री सैनी ने रखा विजन

    हरित क्रांति की तरह बागवानी एवं एग्री-बिजनेस क्रांति का अब नेतृत्व करेगा हरियाणा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

    मुख्यमंत्री ने 2,738 करोड़ रुपये की सतत बागवानी संवर्धन परियोजना का किया शुभारंभ, हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर की रखी आधारशिला

    हरियाणा में 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस बनेंगे, बागवानी के किसान होंगे मालामाल

    जापान के कोची विश्वविद्यालय से हरियाणा के किसानों को मिलेगी अनुसंधान की विश्वस्तरीय तकनीक

    विश्व पर्यावरण दिवस पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत किया पौधारोपण

    चंडीगढ़,
    हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में किसान, युवा, महिलाएं और आधुनिक तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। हरियाणा को बागवानी, एग्री-बिजनेस, कोल्ड चेन, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि निर्यात के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी मिलकर कृषि को अधिक टिकाऊ, आधुनिक और लाभकारी बनाने, जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प लें।

    मुख्यमंत्री शुक्रवार को पंचकूला में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 2,738 करोड़ रुपये की लागत से जाईका वित्तपोषित सतत बागवानी संवर्धन परियोजना का शुभारंभ तथा हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर का शिलान्यास के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ये दोनों परियोजनाएं न केवल किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, बल्कि हरियाणा की कृषि व्यवस्था को आधुनिक, टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ इस दौरान प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद थे। दोनों ने इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण भी किया, साथ ही बागवानी विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जीआईसीए के मुख्य प्रतिनिधि टाकेची टकूरो, फर्स्ट सेकेरट्री फूड एंड एग्रीकल्चर टाकेहिको हयासे तथा ब्रिटिश डिप्टी हाईकमीश्नर ऐलबा स्मीरिग्लयो मौजूद थे। तीनों ने अपने संबोधन में हरियाणा सरकार द्वारा किसान हित में उठाये गये कदमों की तारीफ की।

    उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन केवल दो परियोजनाओं के शुभारंभ का नहीं, बल्कि हरियाणा के कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक नई दिशा तय करने का दिन है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा एक बार फिर देश को नई राह दिखाएगा और हरित क्रांति की तरह बागवानी एवं एग्री-बिजनेस क्रांति का नेतृत्व भी करेगा।

    उन्होंने कहा कि हरियाणा ने देश को हरित क्रांति दी थी, लेकिन बदलती जलवायु, गिरते भूजल स्तर, बढ़ती कृषि लागत और छोटी जोत जैसी चुनौतियों को देखते हुए अब कृषि क्षेत्र में नए विकल्प अपनाने की आवश्यकता है। बागवानी, फल, सब्जियां, मसाले, औषधीय पौधे, फूल, मशरूम और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में किसानों के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में जलभराव एवं सेम की समस्या के समाधान के लिए बायोड्रेनेज तकनीक का उपयोग करते हुए इस वर्ष 1,000 हेक्टेयर जलभराव प्रभावित भूमि पर पौधारोपण किया जाएगा, जिससे भूमि पुनः कृषि योग्य बन सकेगी। इसके साथ ही भूमिगत जल संरक्षण के लिए शिवालिक एवं अरावली क्षेत्रों में 25 नए जल भंडारण बांध बनाए जाएंगे तथा 25 पुराने बांधों का जीर्णोद्धार किया जाएगा।

    हरियाणा में 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस बनेंगे
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में फलों और सब्जियों का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा खेत से बाजार तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाता है। इस चुनौती का समाधान सतत बागवानी संवर्धन परियोजना के माध्यम से किया जाएगा। परियोजना के तहत 400 बागवानी क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, 500 उत्पादक समूहों को संगठित एवं सशक्त बनाया जाएगा, 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस, 3 फुलफिलमेंट सेंटर तथा 44 रिटेल आउटलेट स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 1,000 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा तथा 65,000 एकड़ क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि यह परियोजना खेत से बाजार तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगी तथा आधुनिक कोल्ड चेन नेटवर्क किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में सहायक होगा। परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वास्तविक समय निगरानी प्रणाली, मिट्टी एवं जल विश्लेषण, डिजिटल कृषि सलाह, इंटरनेट ऑफ प्लांट्स, भू-स्थानिक तकनीक, ई-मार्केटिंग और आधुनिक पैकेजिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल तथा जापान के कोची विश्वविद्यालय के बीच ज्ञान एवं अनुसंधान के आदान-प्रदान से किसानों को विश्वस्तरीय तकनीकी सहायता उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि कृषि अब केवल खेती तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक बड़ा व्यवसाय बन चुकी है, जिसमें ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, स्मार्ट सेंसर, डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स जैसी तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

    नौकरी देने वाले बने युवां
    उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे नौकरी मांगने के बजाय एग्री-बिजनेस, कृषि प्रसंस्करण, खाद्य उद्योग और निर्यात आधारित उद्यमों के माध्यम से रोजगार सृजनकर्ता बनें। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बागवानी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर हरियाणा के निर्माण में महत्वपूर्ण होगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर किसानों, एफपीओ, उद्यमियों, स्टार्टअप्स और कृषि विशेषज्ञों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे 3 लाख से अधिक किसानों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में 75 प्रतिशत से अधिक सुधार होगा तथा कटाई के बाद होने वाले नुकसान में 10 से 15 प्रतिशत तक कमी आएगी। जीएपी, जीएमपी, जीएचपी तथा एचएसीसीपी जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाकर कृषि निर्यात को भी नई गति मिलेगी।

    जापान और भारत के संबंधों का किया जिक्र
    मुख्यमंत्री ने भारत-जापान संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध सदियों पुराने हैं। हरियाणा में वर्तमान में 394 जापानी उद्योग एवं 600 से अधिक जापानी व्यावसायिक प्रतिष्ठान कार्यरत हैं, जो दोनों देशों की मजबूत मित्रता का प्रमाण हैं। उन्होंने जापान सरकार और जीआईसीए का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। 

    पर्यावरण दिवस को लेकर दिया विशेष संदेश
    मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार विशेष काम कर रही है। मोरनी में गत दिनों प्राकृतिक खेती के ​लिए भी किसानों और एक कंपनी के बीच एमओयू हुआ है। उन्होंने कि जिस कंपनी के साथ एमओयू हुआ है, उन्होंने 4 हजार एकड़ कृषि भू​मि पर अदरक, मिर्च इत्यादि की खेती करवाने की बात कहीं है, ताकि किसानों की आमदन बढ़ सके। उन्होंने मिडल ईस्ट के देशों में बनी स्थिति का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किए आहृवान का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार भी इस दिशा में काम कर रही है, ताकि ईंधन की बचत हो सके। बकायदा इसके लिए इलेक्ट्रिक बसे खरीदी गई है। स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026 में 780 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी। 

    उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए 1,349 औद्योगिक इकाइयों में से 1,308 इकाइयों में ओसीईएमएस स्थापित किए जा चुके हैं। प्रदेश में वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए 23 नए सीएएक्यूएमएस भी स्थापित किए जा रहे हैं। यमुना नदी के संरक्षण के लिए 133 एमएलडी क्षमता के 6 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन हैं, जबकि 7 एसटीपी के उन्नयन और 11 नए एसटीपी के निर्माण की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 147.5 एमएलडी क्षमता के 8 नए कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने सभी नागरिकों से कम से कम एक पौधा लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धरती मां के प्रति सम्मान और पर्यावरण संरक्षण की भावना को जन-आंदोलन का रूप देना समय की आवश्यकता है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने के हो रहे प्रयास: मंत्री श्याम सिंह राणा
    हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नया उत्साह पैदा हुआ है। गांवों, स्कूलों और विभिन्न संस्थाओं में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री राणा ने कहा कि भारत के पास बागवानी और कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद विभिन्न सरकारों ने शासन किया, लेकिन किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप आज देश कृषि उत्पादन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

    उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब देश को खाद्यान्न की आवश्यकता पूरी करने के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन किसानों की मेहनत और कृषि क्षेत्र में हुए सुधारों के कारण आज भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेश में किसानों को विभिन्न फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा भावांतर भरपाई जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल है जहां किसानों की समस्याओं और जरूरतों को समझते हुए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

    कृषि मंत्री ने कहा कि फल एवं सब्जियां जल्दी खराब होने वाली उपज हैं, इसलिए उनके सुरक्षित भंडारण और विपणन के लिए आधुनिक कोल्ड चेन अवसंरचना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर की स्थापना की जा रही है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा तथा फसलोत्तर नुकसान में कमी आएगी। कृषि के साथ-साथ बागवानी, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने के महत्वपूर्ण साधन हैं। सरकार इन क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। 

    इस दौरान गृह सचिव सुधीर राजपाल, अ​तिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह, बागवानी विभाग के विभागाध्यक्ष अर्जुन सैनी, मेयर श्याम लाल बंसल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता,

  • क्लर्क बनने के लिए कंप्यूटर परीक्षा जरूरी, फेल होने पर रुकेगी वेतन वृद्धि और पदोन्नति

    क्लर्क बनने के लिए कंप्यूटर परीक्षा जरूरी, फेल होने पर रुकेगी वेतन वृद्धि और पदोन्नति

     चंडीगढ़

    हरियाणा में लिपिक के 30 प्रतिशत पदों पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पदोन्नत होंगे। 65 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। पांच प्रतिशत पद अनुकंपा नियुक्ति के लिए रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर ट्रांसफर या डेपुटेशन का भी विकल्प रखा गया है। प्रदेश सरकार ने बदले नियम लागू कर दिये हैं।

    जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लिपिक बनना चाहते हैं, उन्हें कम से कम 10+2 पास होना जरूरी रहेगा। ग्रुप-डी में न्यूनतम पांच साल सेवा जरूरी है। 70 प्रतिशत या उससे अधिक वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट अच्छी या बहुत अच्छी होनी चाहिए। कोई विभागीय या न्यायिक मामला लंबित न हो। न ही कोई प्रतिकूल टिप्पणी हो।

    लिपिकों की भर्ती, प्रमोशन, सेवा शर्तें, वरिष्ठता, प्रोबेशन और कंप्यूटर योग्यता एक समान नियमों के तहत तय होंगी। विभागों में नियुक्त होने वाले सभी लिपिक कामन काडर का हिस्सा होंगे। इसमें केवल नई नियमित नियुक्तियां शामिल होंगी। पहले से कार्यरत लिपिकों पर यह कानून लागू

    विभागों में नियुक्त होने वाले सभी लिपिक कॉमन काडर का हिस्सा होंगे, पहले से कार्यरत लिपिकों पर नया कानून लागू नहीं होगा। संवैधानिक संस्थाएं, राजभवन और कानून लागू होने से पहले नियुक्त कर्मचारी भी इससे बाहर रहेंगे।

    अब क्लर्क-कम-टाइपिस्ट, टाइपिस्ट, डाटा एंट्री आपरेटर, कंप्यूटर आपरेटर, डिस्पेचर, रिकार्ड कीपर, कैशियर, केयर टेकर, स्टोर कीपर और पीबीएक्स क्लर्क जैसे पद भी लिपिक की श्रेणी में शामिल होंगे। कंप्यूटर ज्ञान एवं अनुप्रयोग की राज्य पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य है।

    परीक्षा दो हिस्सों में होगी। पहले पार्ट में बेसिक कंप्यूटर नॉलेज टेस्ट और दूसरे पार्ट में कंप्यूटर आधारित टाइपिंग टेस्ट होगा। दोनों टेस्ट पास नहीं किए तो वार्षिक वेतन वृद्धि और पदोन्नति नहीं मिलेगी। सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम उम्र 18 और अधिकतम उम्र 42 वर्ष तय की गई है।

  • पंजाब-चंडीगढ़ में महसूस हुए भूकंप के झटके, अचानक हिली धरती; लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे

    पंजाब-चंडीगढ़ में महसूस हुए भूकंप के झटके, अचानक हिली धरती; लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागे

    चंडीगढ़
    पंजाब और चंडीगढ़ में शुक्रवार रात अचानक धरती कांपने से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। रात करीब 10 बजकर 4 मिनट पर आए भूकंप के झटके कई इलाकों में महसूस किए गए। झटके महसूस होते ही लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.3 दर्ज की गई है। भूकंप का केंद्र हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के पास बताया गया है। राहत की बात यह रही कि घटना के बाद किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई।

    भूकंप के झटके महसूस होने के बाद पंजाब और चंडीगढ़ के कई क्षेत्रों में लोग घरों से बाहर निकल आए। रात के समय आए इन झटकों के कारण कुछ लोगों में घबराहट देखी गई। हालांकि झटके ज्यादा देर तक नहीं रहे, लेकिन लोगों ने धरती में कंपन स्पष्ट रूप से महसूस किया। स्थानीय स्तर पर लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और कई स्थानों पर लोग कुछ समय तक खुले स्थानों में ही रहे।

    कांगड़ा से पंचकूला तक कांपी धरती

    हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में में शुक्रवार रात 10 बजकर 4 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.3 दर्ज की गई. भूकंप का केंद्र धर्मशाला से करीब 18 किलोमीटर दूर बताया गया है। 

    भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए. कई इलाकों में कुछ सेकंड तक धरती हिलती महसूस हुई, जिससे लोगों में भय और दहशत का माहौल बन गया. देर रात तक लोग खुले स्थानों पर खड़े दिखाई दिए। 

    प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक भूकंप का असर केवल कांगड़ा तक सीमित नहीं रहा. आसपास के कई जिलों और राज्यों में भी झटके महसूस किए गए। 

    धर्मशाला के पास रहा भूकंप का केंद्र
    भूकंप का केंद्र हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला क्षेत्र के आसपास दर्ज किया गया है। धर्मशाला और उसके आसपास का इलाका भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। इसी कारण यहां समय-समय पर हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज होते रहते हैं। इस बार आए झटकों का असर हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ पंजाब और चंडीगढ़ तक महसूस किया गया।

    प्रशासनिक और प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार भूकंप के कारण किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की जानकारी नहीं मिली है। न तो किसी बड़े हादसे की सूचना है और न ही किसी संरचनात्मक क्षति की पुष्टि हुई है। अधिकारियों द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।

    दो महीने पहले भी महसूस हुए थे झटके
    करीब दो महीने पहले भी पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस समय भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में था। रिक्टर स्केल पर उसकी तीव्रता 5.9 दर्ज की गई थी। उस भूकंप का प्रभाव उत्तर भारत के कई हिस्सों तक महसूस किया गया था।

    विशेषज्ञों के अनुसार पृथ्वी की सतह सात प्रमुख और कई छोटी टेक्टोनिक प्लेटों से बनी हुई है। ये प्लेटें लगातार गतिशील रहती हैं और समय-समय पर एक-दूसरे से टकराती या खिसकती हैं। जब प्लेटों के बीच दबाव बढ़ जाता है तो उनमें ऊर्जा जमा होने लगती है। दबाव एक सीमा से अधिक होने पर यह ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, जिससे धरती में कंपन पैदा होता है और भूकंप आता है। यही प्रक्रिया दुनिया के अधिकांश भूकंपों का प्रमुख कारण मानी जाती है।

  • डेरा ब्यास की यात्रा मातम में बदली, ट्रॉला और पिकअप की टक्कर में 8 श्रद्धालुओं की मौत

    डेरा ब्यास की यात्रा मातम में बदली, ट्रॉला और पिकअप की टक्कर में 8 श्रद्धालुओं की मौत

    फिरोजपुर

    पंजाब में फिरोजपुर के ब्लाक ममदोट के जंगा वाला मोड़ पर एक भीषण सड़क हादसे में आठ लोगों की माैत हो गई। सभी श्रद्धालु डेरा ब्यास जा रहे थे। शनिवार सुबह हुए हादसे के बाद माैके पर चीख पुकार मच गई। मृतकों में पांच महिलाएं और दस साल का एक बच्चा शामिल है। 

    डेरा ब्यास जा रहे थे श्रद्धालु
    जानकारी के अनुसार, जलालाबाद से एक महिंद्रा पिकअप गाड़ी मे कई श्रद्धालु डेरा ब्यास दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दाैरान सुबह करीब साढ़े छह बजे जंगा वाला मोड़ पर पिकअप की ट्राले से जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि लोगों को संभलने का माैका ही नहीं मिला। लोग उछलकर आगे के शीशे से टकराए और सड़क पर गिरते गए। एक के बाद एक आठ लाशें बिछ गई।

    कैसे हुआ हादसा
    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्राले वाले की आंख लग गई थी और गाड़ी रांग साइड थी। पिकअप वाले को लगा कि ट्राला रांग साइड आ रहा है तो उसने गाड़ी हल्की मोड़ ली। इसी दाैरान अचानक ट्राले वाले की आंख खुल गई और उसने तुरंत अपनी गाड़ी सीधी कर ली। इसी दाैरान दोनों वाहन आपस में टकरा गए। 

    माैके पर पहुंची पुलिस जांच में जुटी
    लोगों के चीखने की आवाज सुनकर आसपास के लोग माैके पर पहुंचे और लोगों को गाड़ी से बाहर निकाला। सूचना के बाद पुलिस भी माैके पर पहुंची और वाहनों को हटाकर रास्ता साफ करवाया।

    माैके पर माैत
    हादसे में महिंद्रा पिकअप में सवार आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि 20 के करीब जख्मी हो गए। तीन की हालत नाजुक बताई जा रही है। जख्मियों को फरीदकोट के मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिंद्रा पिकअप गाड़ी में खचाखच लोग भरे हुए थे। ये सभी डेरा ब्यास जा रहे थे।

    बड़ी लापरवाही
    वहीं हादसे के बाद सामने आया कि पिकअप में लगभग 30 लोग बैठे थे। गाड़ी की छत और फर्श के बीच में एक विभाजन कर लोगों को भरा गया था। इसके अलावा गाड़ी के पीछे भी लकड़ी के फट्टे लगाकर उसे बढ़ाया गया था और एक सीढ़ी लगा दी गई थी। 

     

  • लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 पदों के लिए जारी हुआ है विज्ञापन, 609 पदों के आरक्षण निर्धारण की विभाग ने स्वयं की थी पुष्टि

    लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 पदों के लिए जारी हुआ है विज्ञापन, 609 पदों के आरक्षण निर्धारण की विभाग ने स्वयं की थी पुष्टि

    लेखा परीक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों के उल्लंघन के दावों को आयोग ने बताया भ्रामक और तथ्यहीन

    अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सोशल मीडिया पर चल रहे दुष्प्रचार का किया खंडन, कहा- नियमों का पूरी तरह किया गया पालन 

    लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 पदों के लिए जारी हुआ है विज्ञापन, 609 पदों के आरक्षण निर्धारण की विभाग ने स्वयं की थी पुष्टि

    आयोग ने कहा, तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का किया जा रहा प्रयास

    आयोग की अभ्यर्थियों से अपील, भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 पदों पर भर्ती को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में प्रसारित किए जा रहे दावों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी सभी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन किया गया है तथा पदों का विज्ञापन संबंधित विभागों से प्राप्त अधियाचन और उनकी पुष्टि के आधार पर जारी किया गया है।

    आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार विभिन्न विभागों के नियंत्रणाधीन लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 रिक्त पदों पर चयन के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। विज्ञापन जारी होने के बाद कुछ व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया पर आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय के सहायक लेखाकार के आरक्षित पदों को लेकर आरक्षण नीति के उल्लंघन के आरोप लगाए जा रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि उसे आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय से सहायक लेखाकार के 609 पदों का अधियाचन प्राप्त हुआ था। इन पदों के संबंध में आरक्षण की गणना और श्रेणीवार वर्गीकरण शासन के प्रचलित नियमों एवं आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप किए जाने की पुष्टि स्वयं निदेशालय द्वारा की गई थी। विभाग ने यह भी अवगत कराया था कि पदों की श्रेणीवार गणना संवर्ग में सृजित कुल पदों के आधार पर की गई है, जो पूरी तरह नियमसम्मत है।

    आयोग ने बताया कि कुल 22 अधियाचनों के आधार पर 1829 पदों का विज्ञापन जारी किया गया है, जिसमें आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय के 609 पद भी शामिल हैं। आयोग को प्राप्त प्रत्येक अधियाचन में आरक्षण संबंधी गणना की पुष्टि संबंधित विभागों और निदेशालयों से प्राप्त होने के बाद ही विज्ञापन प्रकाशित किया जाता है। आयोग ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमबद्ध है तथा आरक्षण नीति के उल्लंघन संबंधी दावे निराधार हैं। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

  • यूपी बोर्ड का बड़ा फैसला, फेल और अंक बढ़ाने के इच्छुक छात्र 27 जून तक कर सकेंगे आवेदन

    यूपी बोर्ड का बड़ा फैसला, फेल और अंक बढ़ाने के इच्छुक छात्र 27 जून तक कर सकेंगे आवेदन

    यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों को एक और अवसर, इम्प्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट परीक्षा के लिए 27 जून तक आवेदन

    -योगी सरकार ने दिया असफलता को सफलता में बदलने का मौका, हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा दूसरा अवसर

    – हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू

    – 6 जून से 27 जून की मध्यरात्रि तक किए जा सकेंगे आवेदन

    प्रयागराज/लखनऊ
    शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने और किसी एक परीक्षा परिणाम को उनके भविष्य की बाधा न बनने देने की दिशा में योगी सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल इम्प्रूवमेंट/कम्पार्टमेंट तथा इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ करने की घोषणा की है। पात्र परीक्षार्थी 6 जून से 27 जून की मध्यरात्रि तक परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकेंगे।

    पारदर्शी, तकनीक आधारित और विद्यार्थी हितैषी व्यवस्था के माध्यम से योगी सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिससे प्रत्येक छात्र को अपनी क्षमता सिद्ध करने का अवसर मिल सके और उसका शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके।

    यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार हाईस्कूल इम्प्रूवमेंट परीक्षा के अंतर्गत एक विषय में अनुत्तीर्ण विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे, जबकि कम्पार्टमेंट परीक्षा के अंतर्गत दो विषयों में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थी किसी एक विषय की परीक्षा देने के पात्र होंगे। इसके लिए परीक्षा शुल्क 256.50 रुपये निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा में मानविकी, विज्ञान एवं वाणिज्य वर्ग के ऐसे विद्यार्थी, जो किसी एक विषय के किसी एक प्रश्नपत्र में अनुत्तीर्ण हैं, आवेदन कर सकेंगे। व्यावसायिक वर्ग के ट्रेड विषयों के ऐसे परीक्षार्थी भी पात्र होंगे, जो किसी एक प्रश्नपत्र में अनुत्तीर्ण रहे हैं। इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा का शुल्क 306 रुपये निर्धारित किया गया है।

    योगी सरकार की मंशा है कि किसी भी विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति केवल एक परीक्षा परिणाम के कारण बाधित न हो। इसी उद्देश्य से विद्यार्थियों को अपनी त्रुटियों को सुधारने और बेहतर प्रदर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। यह व्यवस्था उन हजारों छात्र-छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, जो न्यूनतम अंतर से सफलता से वंचित रह गए हैं। परीक्षार्थियों को निर्धारित शुल्क कोषागार चालान के माध्यम से जमा करना होगा। ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के बाद उसकी प्रति तथा शुल्क जमा करने के चालान की मूल प्रति डाउनलोड कर अंतिम तिथि के बाद तीन दिनों के भीतर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को पंजीकृत डाक से भेजना अनिवार्य होगा।

    बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन विषयों में लिखित, प्रायोगिक अथवा प्रोजेक्ट कार्य शामिल हैं, उनके लिए निर्धारित नियमों के अनुसार परीक्षा आयोजित की जाएगी। जो परीक्षार्थी किसी विषय के केवल एक भाग में अनुत्तीर्ण हैं, उन्हें उसी भाग की परीक्षा देने की सुविधा होगी। लिखित, प्रायोगिक एवं प्रोजेक्ट परीक्षाओं की तिथियां अलग से घोषित की जाएंगी।

  • संभल में बड़ी कार्रवाई: खेड़ेश्वर महादेव मंदिर के पास कथित अवैध मजार जमींदोज

    संभल में बड़ी कार्रवाई: खेड़ेश्वर महादेव मंदिर के पास कथित अवैध मजार जमींदोज

     संभल 

    उत्तर प्रदेश के संभल जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनी 'खेड़े वाले बाबा चमन शाह बाबा दरगाह शरीफ मजार' को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है. कोर्ट से अपील खारिज होने के बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह एक्शन लिया गया। 

    संभल के बबराला थाना इलाके के बाघऊ गांव में जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई की मौजूदगी में राजस्व विभाग की टीम ने गाटा संख्या 592 की सरकारी ऊसर भूमि पर अवैध रूप से बनी मजार को जमींदोज कर दिया. लेखपाल की जांच रिपोर्ट में 24 वर्ग मीटर क्षेत्र पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद ग्राम सभा की शिकायत पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी मनोज रावत और चार थानों की पुलिस फोर्स मौके पर मुस्तैद रही। 

    पैमाइश में हुई थी अवैध कब्जे की पुष्टि

    बीते कुछ महीने पहले राजस्व विभाग की टीम, नायब तहसीलदार और एसडीएम विकास चंद्र ने गांव पहुंचकर जमीन की पैमाइश की थी. इसमें मजार बनाकर सरकारी जमीन घेरने की बात साबित हुई, जिसके बाद मजार की देखभाल करने वाले अजीज को नोटिस दिया गया था. तहसीलदार कोर्ट ने इस अवैध निर्माण को हटाने का आदेश जारी किया था। 

    डीएम कोर्ट से अपील खारिज होते ही एक्शन
    तहसीलदार कोर्ट के फैसले के खिलाफ मजार कमेटी ने जिलाधिकारी न्यायालय में अपील दायर की थी, जिसे कोर्ट ने 3 जून को खारिज कर दिया. सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण के लिए विशेष टीम गठित की. सुरक्षा के लिहाज से बबराला थाना प्रभारी निशांत राठी सहित भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात रहे, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। 

  • बूथ से बैलेट तक फोकस: यूपी में प्रचंड जीत के लिए BJP ने बिछाया 1.76 लाख कार्यकर्ताओं का जाल

    बूथ से बैलेट तक फोकस: यूपी में प्रचंड जीत के लिए BJP ने बिछाया 1.76 लाख कार्यकर्ताओं का जाल

    पश्चिम बंगाल और असम में हुए हालिया विधानसभा चुनाव नतीजों से गदगद भाजपा अब देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में न सिर्फ जीत की हैट्रिक लगाने का ख्वाब देख रही है बल्कि बंगाल जैसी प्रचंड जीत की कोशिशों में जुट गई है। हालांकि, यूपी में विधानसभा चुनाव होने में अभी करीब एक साल बाकी हैं, लेकिन पार्टी ने अभी से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। पश्चिम बंगाल और असम चुनावों में 'माइक्रो-मैनेजमेंट' मॉडल की सफलता से उत्साहित भाजपा अब इसे उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर लागू करने जा रही है। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने राज्यभर में लगभग 1.76 लाख "बूथ पालक" नियुक्त करने और जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करने का फैसला किया है।

    हाल ही में राज्य की राजधानी लखनऊ में भाजपा के 98 संगठनात्मक जिलों के अध्यक्षों की एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने सभी जिला अध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राज्य में 'बंगाल चुनाव मॉडल' को दोहराएं। यानी बंगाल की ही तरह बूथ लेवेल तक प्रबंधन करें। इसके तहत बूथ समितियों, पन्ना प्रमुखों और शक्ति केंद्रों पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया गया है।

    जिलाध्यक्षों को क्या निर्देश?
    पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने सभी जिला प्रमुखों को निर्देश दिया है कि वे बूथ समितियों, पन्ना प्रमुखों, शक्ति केंद्रों और स्थानीय स्तर के राजनीतिक अभियानों पर नए सिरे से ध्यान देते हुए उत्तर प्रदेश में बंगाल चुनाव मॉडल को अपनाएं। बीजेपी का लक्ष्य आगामी महीनों में राज्य के सभी 1,62,459 विधानसभा बूथों का आकलन करना है, जिसमें 1,918 मंडलों में फैले 27,633 शक्ति केंद्र भी शामिल हैं। इस कवायद में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के बाद बनाए गए लगभग 14,000 नए बूथ भी शामिल होंगे। पार्टी नेताओं ने जिला इकाइयों को निर्देश दिया कि वे तुरंत बूथ समितियां बनाएं और इन नए जुड़े मतदान केंद्रों के लिए बूथ अध्यक्ष और बूथ देखभाल करने वाले (बूथ पालक) नियुक्त करें।

    बीजेपी का क्या मेगा प्लान?
    पार्टी ने प्रचंड जीत की रणनीति बनाते हुए चार प्रमुख बातों पर ध्यान दिया है। इसके तहत पन्ना प्रमुखों की नियुक्ति करने, शक्ति केंद्रों की स्थापना करने, बूथों का वर्गीकरण करने और हाइपर-लोकल लेवेल पर चुनाव प्रचार करने का फैसला किया गया है। बता दें कि पन्ना प्रमुख प्रणाली में हरेक पन्ना प्रमुख को मतदाता सूची के एक पन्ने पर दर्ज 30 से 35 मतदाताओं की जिम्मेदारी दी जाएगी, जिनसे वे नियमित संपर्क बनाए रखेंगे। इसके अतिरिक्त शक्ति केंद्र प्रणाली में 5 से 7 बूथों के समूहों को मिलाकर एक शक्ति केंद्र बनाने और उसके लिए एक समन्वयक तैनात किए जाने की योजना है, जो अनिश्चित मतदाताओं को प्रभावित करने का काम करेंगे।

    हाइपर-लोकल लेवेल पर चुनाव प्रचार
    इन दोनों उपायों के अलावा सूक्ष्म स्तर तक मतदाताओं को प3भावित करने के लिए भाजपा ने बूथों का वर्गीकरण करने का भी फैसला किया है। इसके तहत सभी बूथों को 'मजबूत', 'प्रतिस्पर्धी' और 'कमजोर' श्रेणियों में बांटा जाएगा ताकि कमजोर क्षेत्रों में अतिरिक्त संसाधन और निगरानी तैनात की जा सके। इसके अतिरिक्त भाजपा हाइपर-लोकल लेवेल पर चुनाव प्रचार करने की योजना पर भी काम कर रही है। इसके तहत स्थानीय मुद्दों के आधार पर बूथ स्तर पर विशेष प्रचार अभियान चलाया जाएगा। लखनऊ से दिल्ली तक बैठकों के दौर में सांगठनिक कामकाज को धार देने के लिए 'जोन वाइज' प्रभारियों की नियुक्ति पर भी विचार चल रहा है।

    पुरानी गलतियों से सबक
    सूत्रों ने बताया कि बैठक में 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने पर भी ध्यान दिया गया। इस कड़ी में भाजपा उन 61 विधानसभा क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है, जिन्हें पार्टी ने 2017 में जीता था लेकिन 2022 के चुनावों में हार गई थी। जिला अध्यक्षों को इन क्षेत्रों में बूथवार समीक्षा करने और हार के कारणों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाने को कहा गया है। उन क्षेत्रों में नए सामाजिक समीकरण बनाने के बी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले का मुकाबला करने के लिए भी भाजपा विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच अपनी पैठ मजबूत करने की कोशिशों में जुट गई है।

    SIR के मद्देनजर विशेष निर्देश
    इन सबसे अलग विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) को ध्यान में रखते हुए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को खास निर्देश दिया है कि वे उन पात्र मतदाताओं की पहचान करें, जिनके नाम मतदाता सूची से गायब हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने निर्देश दिया है कि कार्यकर्ता फॉर्म-6 के माध्यम से उन मतदाताओं के नाम जुड़वाने में उनकी मदद करें। साफ है कि 2027 के महा रण में भाजपा उत्तर प्रदेश की सत्ता में बने रहने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रही।

  • मौसम ने ली करवट: पंजाब में येलो अलर्ट, बारिश और तेज हवाओं से राहत की उम्मीद

    मौसम ने ली करवट: पंजाब में येलो अलर्ट, बारिश और तेज हवाओं से राहत की उम्मीद

    चंडीगढ़ 

    पंजाब में आज और कल भी माैसम खराब रहेगा। इससे पहले वीरवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। कई जिलों में तेज धूल भरी आंधी के साथ बारिश हुई जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली।  अमृतसर में दोपहर करीब तीन बजे तेज हवाओं और बारिश के बाद तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। पिछले कई दिनों से 40 डिग्री के आसपास पहुंच रहे तापमान से परेशान लोगों ने राहत महसूस की।

    हालांकि दिन के समय मौसम शुष्क रहने के कारण पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में 2.1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य में सबसे अधिक 42.5 डिग्री सेल्सियस तापमान बठिंडा में रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान में भी 1.1 डिग्री की वृद्धि हुई। सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस एसबीएस नगर में दर्ज किया गया।

    वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते राज्य का तापमान सामान्य के करीब बना हुआ, जबकि 24 घंटे में तापमान में 2.1 डिग्री की बढ़ौतरी देखने को मिली है। वीरवार को राज्य का अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक दर्ज किया गया और आने वाले दिनों में इसके और बढ़ने का अुनमान है। 

    बठिंडा रहा सबसे गर्म
    वीरवार को राज्य में सबसे अधिकत तापमान बठिंडा दर्ज किया गया। यहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लुधियाना में लगभग 40.4 डिग्री, पटियाला में 40.6 डिग्री, अमृतसर में 38.8 डिग्री और चंडीगढ़ में लगभग 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहा और केवल कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी या नाममात्र वर्षा दर्ज की गई।

    जानें कैसा रहेगा मौसम
    5 जून- इस दिन राज्य के पश्चिमी हिस्सों जैसे फरीदकोट, फिरोजपुर,मुक्तसर और फाजिल्का में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। जबकि अन्य पूरे राज्य में बारिश और तेज हवाओं के साथ आंधी का असर दिख सकता है। इस दौरान बादल छाए रहने और हल्की वर्षा की स्थिति बन सकती है।

    6 जून- इस दिन पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मोगा, मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला और मानसा में बारिश की संभावनाएं बनी हुई हैं। अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।

    7-8 जून- इन दिनों में मौसम विभाग ने कोई अलर्ट जारी नहीं किया। अधिकांश हिस्सों में मौसम काफी हद तक सामान्य या साफ रहने की संभावना है, हालांकि कुछ जिलों में हल्के बादल बने रह सकते हैं। 

    आंधी के दौरान कई स्थानों पर धूल का गुबार छा गया और दृश्यता प्रभावित हुई। बारिश के बाद मौसम साफ हुआ और तापमान में कमी आई। अमृतसर का अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री जबकि लुधियाना 40.4 और पटियाला 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना है। सात जून को भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद आठ और नौ जून को मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 10 जून से नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम फिर बदल सकता है। 

  • मजीठा में सियासी तापमान हाई: पोस्टरबाजी से बढ़ी राजनीतिक तकरार, ‘टाइगर अभी जिंदा है’ की एंट्री

    मजीठा में सियासी तापमान हाई: पोस्टरबाजी से बढ़ी राजनीतिक तकरार, ‘टाइगर अभी जिंदा है’ की एंट्री

     अमृतसर

    शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को लेकर मजीठा हल्के में सियासी पोस्टरबाजी लगातार तेज होती जा रही है। कुछ दिन पहले क्षेत्र में मजीठिया को भगोड़ा बताने वाले पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए थे। इसके जवाब में अब उनके समर्थकों की ओर से “टाइगर अभी जिंदा है” लिखे पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों के सामने आने के बाद इलाके में राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं। समर्थकों का कहना है कि पोस्टरों के जरिए यह संदेश दिया गया है कि राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों के बावजूद बिक्रम सिंह मजीठिया का जनाधार कायम है। वहीं विरोधी दल इसे राजनीतिक संदेशबाजी करार दे रहे हैं।

    गौरतलब है कि हाल ही में थाना मजीठा में हिरासत में लिए गए अकाली कार्यकर्ता जोबनप्रीत सिंह को छुड़वाने के मामले को लेकर बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। जिसके बाद पुलिस लगातार गिरफ्तारी के लिए रेड कर रही है। इसी के बाद से मजीठिया को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और पोस्टरबाजी लगातार जारी है।

    एक ओर विरोधी पक्ष मजीठिया को घेरने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर समर्थक पोस्टरों और सार्वजनिक संदेशों के जरिए उनके समर्थन का प्रदर्शन कर रहे हैं। फिलहाल मजीठा हल्के में लगी यह नई पोस्टर श्रृंखला लोगों और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।