क्लर्क बनने के लिए कंप्यूटर परीक्षा जरूरी, फेल होने पर रुकेगी वेतन वृद्धि और पदोन्नति

 चंडीगढ़

हरियाणा में लिपिक के 30 प्रतिशत पदों पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पदोन्नत होंगे। 65 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी। पांच प्रतिशत पद अनुकंपा नियुक्ति के लिए रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर ट्रांसफर या डेपुटेशन का भी विकल्प रखा गया है। प्रदेश सरकार ने बदले नियम लागू कर दिये हैं।

जो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लिपिक बनना चाहते हैं, उन्हें कम से कम 10+2 पास होना जरूरी रहेगा। ग्रुप-डी में न्यूनतम पांच साल सेवा जरूरी है। 70 प्रतिशत या उससे अधिक वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट अच्छी या बहुत अच्छी होनी चाहिए। कोई विभागीय या न्यायिक मामला लंबित न हो। न ही कोई प्रतिकूल टिप्पणी हो।

लिपिकों की भर्ती, प्रमोशन, सेवा शर्तें, वरिष्ठता, प्रोबेशन और कंप्यूटर योग्यता एक समान नियमों के तहत तय होंगी। विभागों में नियुक्त होने वाले सभी लिपिक कामन काडर का हिस्सा होंगे। इसमें केवल नई नियमित नियुक्तियां शामिल होंगी। पहले से कार्यरत लिपिकों पर यह कानून लागू

विभागों में नियुक्त होने वाले सभी लिपिक कॉमन काडर का हिस्सा होंगे, पहले से कार्यरत लिपिकों पर नया कानून लागू नहीं होगा। संवैधानिक संस्थाएं, राजभवन और कानून लागू होने से पहले नियुक्त कर्मचारी भी इससे बाहर रहेंगे।

अब क्लर्क-कम-टाइपिस्ट, टाइपिस्ट, डाटा एंट्री आपरेटर, कंप्यूटर आपरेटर, डिस्पेचर, रिकार्ड कीपर, कैशियर, केयर टेकर, स्टोर कीपर और पीबीएक्स क्लर्क जैसे पद भी लिपिक की श्रेणी में शामिल होंगे। कंप्यूटर ज्ञान एवं अनुप्रयोग की राज्य पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य है।

परीक्षा दो हिस्सों में होगी। पहले पार्ट में बेसिक कंप्यूटर नॉलेज टेस्ट और दूसरे पार्ट में कंप्यूटर आधारित टाइपिंग टेस्ट होगा। दोनों टेस्ट पास नहीं किए तो वार्षिक वेतन वृद्धि और पदोन्नति नहीं मिलेगी। सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम उम्र 18 और अधिकतम उम्र 42 वर्ष तय की गई है।

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