Category: राज्य

  • ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर रांची पुलिस की कड़ी कार्रवाई, हेलमेट उल्लंघन में सबसे ज्यादा 45,724 चालान

    ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर रांची पुलिस की कड़ी कार्रवाई, हेलमेट उल्लंघन में सबसे ज्यादा 45,724 चालान

    रांची
    यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ रांची यातायात पुलिस ने अगस्त माह में व्यापक अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक, यातायात के निर्देश पर एक से 29 अगस्त तक चलाए गए विशेष अभियान में चारपहिया, दोपहिया, आटो और टोटो वाहनों की सघन जांच की गई।

    इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ 91,209 चालान काटे गए। वहीं, 268 मामलों को न्यायालय में अभियोजन के लिए भेजा गया। जारी आंकड़ों के अनुसार, हेलमेट नहीं पहनने वालों के खिलाफ सबसे अधिक 45,724 चालान किए गए।

    इसके बाद नो-पार्किंग में 30,732, ओवरस्पीड के 4,047 और रेड लाइट का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 3,796 चालान काटे गए। गलत दिशा में वाहन चलाने के मामले में भी पुलिस ने सख्ती बरतते हुए 3,311 चालान किए।

    इन नियमों के उल्लंघन पर भी कार्रवाई
    पुलिस ने बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन चलाने पर 416, फिक्सचर लाइट के मामले में 272, बिना वर्दी के 129, फैंसी नंबर प्लेट के 163, नो एंट्री के 812, बिना बीमा के 130 और सीट बेल्ट नहीं लगाने पर 206 चालान किए। ट्रिपल राइडिंग के 36, शराब पीकर वाहन चलाने के 54, अतिरिक्त सवारी बैठाने के 243 और प्रेशर हार्न के इस्तेमाल पर 83 चालान काटे गए।

    वहीं, पिलियन राइडिंग के 324, प्रदूषण से जुड़े 229, टो वाहन से संबंधित 70, मॉडिफाइड साइलेंसर के 66 और ब्लैक फिल्म के आठ मामलों में कार्रवाई की गई। अन्य यातायात उल्लंघनों के लिए भी 358 चालान किए गए।

    268 मामले न्यायालय भेजे गए
    यातायात पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान कुल 91,209 चालान जारी किए गए, जिनकी कुल राशि 6,39,98,950 रुपये है। इसके अलावा 268 मामलों को न्यायालय में अभियोजन के लिए भेजा गया। इनमें आटो/टोटो से जुड़े 14, नंबर प्लेट के 16 और ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण से संबंधित 238 मामले शामिल हैं।

    यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों का पालन करते हुए वाहन चलाएं। खासकर दोपहिया वाहन चालक हेलमेट और चारपहिया वाहन चालक सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करें।

  • योगी सरकार में शहरी स्वच्छता को मिली रफ्तार, अब तक बनाए गए 9 लाख से अधिक घरेलू शौचालय

    योगी सरकार में शहरी स्वच्छता को मिली रफ्तार, अब तक बनाए गए 9 लाख से अधिक घरेलू शौचालय

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के आने के बाद से शहरी स्वच्छता अभियान को नई गति मिली है। स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के तहत सरकार ने स्वच्छता अवसंरचना के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों के निर्माण को तेज किया है। इसका असर आंकड़ों में भी साफ दिखाई देता है। जहां 2017-18 तक प्रदेश में योजना के तहत नगरों में सिर्फ 3.10 लाख के करीब व्यक्तिगत घरेलू शौचालय ही निर्मित थे, वहीं योगी सरकार में अभियान को मिली रफ्तार से यह संख्या 9 लाख के पार पहुंच गई है।  

    आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017-18 तक प्रदेश में 3,09,924 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (आईएचएचएल) बने थे। इसके बाद शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। वर्ष 2018-19 तक शौचालयों की संख्या बढ़कर 7,58,949 हो गई थी। प्रदेश में अब तक 9,00,113 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय बन चुके हैं। इस तरह वर्ष 2017-18 के बाद करीब 5.90 लाख अतिरिक्त शौचालयों का निर्माण किया गया है। इससे बड़ी संख्या में शहरी परिवारों को घर में ही सुरक्षित और सम्मानजनक स्वच्छता सुविधा उपलब्ध हुई है।

    सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं का भी विस्तार

    सरकार ने घरेलू शौचालयों के साथ सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं को भी मजबूत किया है। स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय 1.0 के तहत प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में 10 हजार से अधिक सामुदायिक एवं सार्वजनिक शौचालय तथा यूरिनल ब्लॉक्स का भी निर्माण कराया गया है। इनके जरिए 70 हजार से अधिक शौचालय सीटें तैयार की गई हैं। इस तरह बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, व्यावसायिक क्षेत्रों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर इन सुविधाओं के विस्तार से नागरिकों को आसानी से स्वच्छता सुविधाएं मिल रही हैं।

    स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के अगले चरण में भी सार्वजनिक स्वच्छता अवसंरचना के विस्तार पर जोर जारी है। वर्ष 2024-25 से अबतक 2623 सार्वजनिक शौचालय सीटों तथा 1104 यूरिनल सीटों का निर्माण किया गया है। इस प्रकार इस अवधि में कुल 3727 अतिरिक्त सार्वजनिक स्वच्छता जोड़ी गई है। 

    घरेलू शौचालयों से मजबूत हुआ शहरी स्वच्छता ढांचा

    घरेलू शौचालयों से लेकर सार्वजनिक स्वच्छता ढांचे तक हुए इस विस्तार को प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नगर विकास विभाग के सचिव अनुज कुमार झा ने बताया कि प्रदेश सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय के माध्यम से व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों के निर्माण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल शौचालयों का निर्माण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र परिवार को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक स्वच्छता सुविधा उपलब्ध कराना है।

  • यमुनानगर में सफाई व्यवस्था को मिलेगी मजबूती, 350 नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती की तैयारी

    यमुनानगर में सफाई व्यवस्था को मिलेगी मजबूती, 350 नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती की तैयारी

    यमुनानगर
    डोर-टू-डोर कचरा उठान और निपटान का कार्य कर रही एजेंसी का कार्यकाल 31 अगस्त को पूरा हो गया है। नए टेंडर को अभी मंजूरी नहीं मिलने के कारण नगर निगम प्रशासन ने व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए चार माह की अवधि के लिए नया टेंडर लगाया है।

    इसके लिए करीब 6 करोड़ 46 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। जल्द ही एजेंसी को वर्क अलाट कर दिया जाएगा। वर्तमान में डोर-टू-डोर कचरा उठान और निपटान का कार्य एक ही एजेंसी संभाल रही है।

    शहर में दिन के साथ-साथ रात के समय भी कचरा उठाया जा रहा है। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के 22 वार्डों से प्रतिदिन करीब 250 से 300 टन कचरा निकलता है, जिसका निपटान कैल गांव में स्थापित प्लांट में किया जाता है।

    उठान व निपटान के लिए अलग-अलग होंगी एजेंसियां
    नगर निगम प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए इस बार डोर-टू-डोर कचरा उठान और निपटान के कार्य को अलग-अलग करने का निर्णय लिया है। प्रस्तावित नए बड़े टेंडर में यह व्यवस्था होगी। संबंधित प्रस्ताव बीते माह शहरी स्थानीय निकाय विभाग को भेजा जा चुका है।

    ताकि समय रहते मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा सके। लेकिन अभी तक मंजूरी न मिल पाने के कारण छोटा टेंडर चार माह के लिए लगाने का निर्णय लिया है। बता दें कि पहले एक ही एजेंसी दोनों कार्यों को संभाल रही थी और इसका टेंडर एक वर्ष के लिए जारी किया गया था। अब नई व्यवस्था के तहत दोनों कार्यों के लिए अलग-अलग एजेंसियां नियुक्त की जाएंगी।

    350 नए सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की तैयारी
    नगर निगम प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 350 नए कर्मचारियों की नियुक्ति का भी निर्णय लिया है। ये कर्मचारी एजेंसी के माध्यम से रखे जाएंगे। इसके लिए फाइल प्रशासनिक मंजूरी के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग को भेजी गई है।

    वर्तमान में निगम में 627 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि स्वीकृत पदों की संख्या 1197 है। इनमें 560 से अधिक पद खाली पड़े हैं। निगम अधिकारियों के अनुसार करीब 100 कर्मचारियों की ड्यूटी अधिकारियों की कोठियों या अन्य कार्यों में लगी हुई है। ऐसे में नए कर्मचारियों की नियुक्ति होने से सफाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।

    184 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है निगम का दायरा
    नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी का क्षेत्रफल करीब 184 वर्ग किलोमीटर है। वर्ष 2010 में निगम गठन के समय इसमें 45 गांवों को भी शामिल किया गया था। इन क्षेत्रों में सफाई की जिम्मेदारी भी निगम के कर्मचारियों पर है।

    क्षेत्रफल अधिक होने और कर्मचारियों की कमी के कारण सफाई व्यवस्था को सुचारू रखना निगम प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।नई भर्ती नहीं होने और कर्मचारियों के लगातार सेवानिवृत्त होने के कारण सफाई कर्मियों की संख्या में कमी आई है।

    स्वच्छ सर्वेक्षण में सुधार की उम्मीद
    स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी को 47वां स्थान मिला था, जबकि वर्ष 2023 में निगम की रैंकिंग 221वीं रही थी। इस बार हुए सर्वेक्षण के परिणाम अभी जारी नहीं हुए हैं। निगम प्रशासन को उम्मीद है कि डोर-टू-डोर कचरा उठान और निपटान व्यवस्था नियमित रहने से रैंकिंग में सुधार आएगा।

    नगर निगम कमिश्नर महाबीर प्रसाद का कहना है कि नए टेंडर के लिए प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द ही एजेंसी को वर्क अलाट कर दिया जाएगा।

  • रिम्स में डॉक्टर समेत 8 की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव, जिलों में निगरानी बढ़ी

    रिम्स में डॉक्टर समेत 8 की स्वाइन फ्लू रिपोर्ट पॉजिटिव, जिलों में निगरानी बढ़ी

    रांची
     झारखंड में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के बढ़ते संक्रमण ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए 11 संदिग्ध मरीजों के नमूनों की जांच की गई। इनमें आठ की रिपोर्ट पाजिटिव मिली है।

    संक्रमित मरीजों में रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एक चिकित्सक भी शामिल हैं। इसके बाद अस्पताल में संक्रमण से बचाव को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।

    मौसम में बदलाव के साथ राजधानी में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना, बदन दर्द और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण वाले मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।

    चिकित्सकों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों के आधार पर उपचार किया जाता है। हर मरीज की एच1एन1 जांच आवश्यक नहीं होती। गंभीर लक्षण, जोखिम वाले मरीज या चिकित्सकीय रूप से संदिग्ध मामलों में ही जांच की जरूरत होती है।

    अस्पतालों में 10-10 बेड रखने का निर्देश :
    मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सभी जिलों में निगरानी बढ़ाने और अस्पतालों को पूरी तरह तैयार रखने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल सर्जनों और मेडिकल कालेजों को पत्र भेजकर संदिग्ध मरीजों की जल्द पहचान, आवश्यक जांच और उपचार सुनिश्चित करने को कहा है।

    सभी सदर अस्पतालों और मेडिकल कालेजों में 10-10 अतिरिक्त बेड आरक्षित रखने तथा जरूरत पड़ने पर अलग वार्ड में मरीजों के उपचार की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। अस्पतालों को पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाएं, आक्सीजन और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखने को भी कहा गया है। रिम्स में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए पहले से अलग व्यवस्था की गई है।

  • संवाद के जरिये योगी सरकार नारी सशक्तीकरण को दे रही नई दिशा

    संवाद के जरिये योगी सरकार नारी सशक्तीकरण को दे रही नई दिशा

    लखनऊ

    प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी और अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में योगी सरकार की पहल को शैक्षणिक संस्थानों के माध्यम से भी गति मिल रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान, लखनऊ और पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को नारी की राजनीतिक चुनौतियां एवं नारी वंदन अधिनियम विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में महाविद्यालय की 100 से अधिक छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

    कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को महिलाओं से जुड़े संवैधानिक अधिकारों, राजनीतिक सहभागिता और नारी वंदन अधिनियम के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराना रहा। प्रतियोगिता के दौरान छात्राओं ने विषय पर अपने विचारों को निबंध के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। छात्राओं के उत्साह ने कार्यक्रम को खास बना दिया।

    भाषा विभाग की पहल से विचार व जागरूकता को मिला मंच

    उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान द्वारा महाविद्यालय के साथ मिलकर आयोजित यह कार्यक्रम भाषा, लेखन और सामाजिक जागरूकता को जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। निबंध प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं को अपने विचारों को शब्दों में अभिव्यक्त करने के साथ ही महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी जैसे समसामयिक विषय पर चिंतन का अवसर मिला।

    विजेताओं को पुरस्कार व प्रतिभागियों को मिलेंगे प्रमाणपत्र

    भाषा विभाग के निदेशक सर्वेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार और सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र 1 सितंबर को महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किए जाएंगे। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. शिवानी श्रीवास्तव ने छात्राओं को कॉपी और पेन वितरित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

  • चार दिन बारिश से सराबोर रहेगा यूपी, 132 MM तक बरसा पानी; कई जिलों में जलभराव का खतरा

    चार दिन बारिश से सराबोर रहेगा यूपी, 132 MM तक बरसा पानी; कई जिलों में जलभराव का खतरा

    लखनऊ 
     यूपी में अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), लखनऊ के अनुसार 31 अगस्त से चार सितंबर तक पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक तथा कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी भी जारी की गई है।

    आईएमडी के मुताबिक 31 अगस्त को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की बहुत संभावना है। एक सितंबर को भी दोनों अंचलों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। दो से चार सितंबर के दौरान दोनों अंचलों में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 31 अगस्त को प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, संत रविदास नगर और रायबरेली तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।

    वाराणसी, जौनपुर, अमेठी में भारी बारिश
    वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, फतेहपुर, वाराणसी, जौनपुर और अमेठी में भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका है। एक सितंबर को बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, रायबरेली और अमेठी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सुलतानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और बदायूं सहित अन्य जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी है।

    132 किलोमीटर दर्ज की गई बारिश
    दो सितंबर को बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तीन और चार सितंबर को भी दोनों अंचलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। आईएमडी के बारिश के आंकड़ों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में सोमवार को प्रयागराज के कोरांव में सबसे अधिक 132 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। चित्रकूट के राजापुर में 67 और कर्वी में 66 मिलीमीटर, अंबेडकर नगर के अकबरपुर में 63.4, प्रतापगढ़ के पट्टी में 63, अकबरपुर में 60, सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में 60 और सुलतानपुर के लंभुआ में 56 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।

    कहां-कितनी हुई बारिश
    प्रयागराज में 54.5, बांदा के बदुसा में 47.6, कौशाम्बी के चायल में 43.5 और प्रतापगढ़ के लालगंज आरा में 42 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा वाराणसी के राजघाट में 36.6, प्रयागराज के हंडिया में 36, बांदा के अतर्रा में 35, चित्रकूट के मानिकपुर में 35, फतेहपुर के बिंदकी में 34.7, बांदा में 34.6, गाजीपुर के मोहम्मदाबाद में 34 और उन्नाव के पुरवा में 34 मिलीमीटर बारिश हुई। अयोध्या में 33, जौनपुर के शाहगंज में 18.2, कानपुर में 18.2, गोरखपुर में 13.9 तथा मिर्जापुर में 11.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 149.4 मिलीमीटर बारिश मुरादाबाद में दर्ज हुई। मुरादाबाद वेधशाला में 47 और मुरादाबाद में 36.5 मिलीमीटर बारिश हुई। रामपुर में 32.5, मुरादाबाद के बिलारी में 31.2, हमीरपुर के मौदहा में 28, मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा में 27 और बिजनौर के नजीबाबाद में 23 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

    कई जिलों में वज्रपात की संभावना
    मौसम विभाग ने कई जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को गरज-चमक के दौरान घर के भीतर रहने, खिड़की-दरवाजे बंद रखने और संभव हो तो यात्रा से बचने की सलाह दी है। खुले स्थानों में पेड़ के नीचे आश्रय नहीं लेने तथा बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूर रहने की सलाह दी गई है। भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों और सुरंगों में जलभराव, नदियों-नालों और जलाशयों के जलस्तर में अचानक वृद्धि तथा सड़कों पर जलभराव और फिसलन के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका है। विभाग ने लोगों को निचले और बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से दूर रहने तथा जलमग्न सड़कों और उफनते पुलों से बचने की सलाह दी है। आईएमडी ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की शीघ्र निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी है। भारी बारिश से गन्ने में जलभराव के कारण जड़ों में सड़न और फसल गिरने, अरहर में उकठा एवं जड़ गलन, मक्का में पौधों के गिरने तथा धान में लंबे समय तक जलभराव से वृद्धि प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। मूंगफली, तिल, उड़द-मूंग और सब्जियों की फसलों में भी अधिक नमी और जलभराव से रोग तथा फसल क्षति का खतरा बताया गया है।

  • योगी ने बहराइच को दी रेल कनेक्टिविटी की सौगात, विकास को मिलेगी नई रफ्तार

    योगी ने बहराइच को दी रेल कनेक्टिविटी की सौगात, विकास को मिलेगी नई रफ्तार

    बहराइच
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन से स्पेशल ट्रेन नेपालगंज से वाराणसी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके अलावा चार नई ट्रेनों के संचालन का शुभारंभ किया। बहराइच सांसद आनंद गोंड ट्रेन में सवार होकर बहराइच के लिए रवाना हुए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों का लोकार्पण कार्यक्रम सपने साकार करने जैसा है। मित्र राष्ट्र नेपाल की वर्तमान त्रासदी के प्रति संवेदना व्यक्त करने का अवसर है। मित्र देश समेत कई देशों के लोगों को आपदा का शिकार होना पड़ा। सबसे पहले नेपाल के त्रासदी में अपनी परिवार के सदस्यों को खोया है, उनके प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। सुखदुख में हम सब साथ मिलकर चलेंगे।

    उन्होंने कहा कि राजनीतिक रूप से मित्र राष्ट्र नहीं हैं। हमारी सांझी सांस्कृतिक विरासत है। उस भगवान पशुपति नाथ से लेकर काशी विश्वनाथ तक, गोरखा से गोरखपुर तक, जनकपुर से लेकर अयोध्या तक आज ही देश के अंदर अस्मरण करते हैं। इस सांझी विरासत का आदर भी करते हैं। इलाके के लिए दशकों से सपने देखने के लिए लालायित थे, पीढ़ियां चली गईं। आज उस सपने को साकार करते हुए नई पीढ़ियां देख रही हैं।

    आजादी के बाद भी महाराजा सुहेलदेव याद नहीं आए
    सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बहराइच-नानपारा-नेपालगंजरोड आजादी देश की सत्ता संचालन बहराइच करता था। सुहेलदेव एक हजार वर्ष पहले उन्होंने विदेशी आक्रांता को मिट्टी में मिलाने का काम किया था। विदेशी आकांताओं से धरती को मुक्त कराया था। आजादी के बाद भी महाराजा सुहेलदेव को स्मृति नहीं किया। सलार मसऊद के नाम पर मेले व उर्स लगवाकर अपमानित करने का काम किया जाता था। आज विदेशी आक्रांता के नाम पर कोई आयोजन नहीं हो रहा है, लेकिन महाराजा सुहेलदेव का मेला लग रहा है। देश व दुनिया से श्रद्धालु आ रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वह क्षेत्र ही विकास से वंचित रह गया। मीटर गेज में विकास किया गया, नेपाल की कनेक्टविटी नहीं हो पाई गई। मीटरगेज लाइन पूर्व की सरकारों की देन है। बार्डर क्षेत्र उनके लिए भले ही अंतिम क्षोर रहा हो, हमारे लिए बहराइच का क्षेत्र का रुपईडीहा भारत का प्रवेश द्वार रहा है।
    बहराइच से नानपारा और नेपालगंजरोड ब्राड गेज लाइन को लोकार्पण कराया। रुपईडीहा को जोड़ने का काम कर रहा है। इन ट्रेन सेवा के कारण इलाके की कनेक्टिविटी होती है तो वह हमें गति देता है जब गति एक सकारात्मक दिशा अपने गंतव्य की ओर से बढृती है तो प्रगति का आधार बनती है। केवल रेलवे ही नहीं है बल्कि भारत व नेपाल के सांस्कृतिक संसाधनों को मजबूती प्रदान करेगी।

    जिन चार अन्य रेल की घोषणा की है सुरक्षा और सुविधा के लिए ही नहीं पूरे क्षेत्र के विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी। व्यपार, पर्यटन, कृषि को नया आयाम मिलेगा। कतर्निया इको टूरिज्म तक की पहुंच को और आसान करेगा। अयोध्या, वाराणसी व गोरखपुर को जोड़ने का काम करेगा। सामाजिक और आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका होगी। बहराइच व खलीलाबाद के बीच नई रेल लाइन बिछ रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारं माफिया पालते थे, आज मेडिकल कालेज बन रहे हैं। इलाकों में जेई का कहर ढाता था और मासूम बच्चे जान गंवाते थे। अज्ञात बीमारी बताकर बीती सरकार उस फाइल बंद कर देती थी। हमने आंखें नहीं फेरी, धूल नहीं झोंका, बीमारी आज के समय में अज्ञात नहीं हो सकती है। यूपी माफिया समाप्त हुआ है तो जेई बीमारी समाप्त हो गई।

  • प्रभावितों को अब तक 3.02 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए गए, 55 हजार से ज्यादा खाद्यान्न पैकेट भी बांटे

    प्रभावितों को अब तक 3.02 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए गए, 55 हजार से ज्यादा खाद्यान्न पैकेट भी बांटे

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ ही उनके लिए भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य सुविधाएं और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था लगातार की जा रही है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक रविवार तक प्रदेश के 17 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। अब तक प्रदेश में कोई जनहानि नहीं व पशुहानि नहीं होने पाई है। योगी सरकार की निगरानी में राहत कार्य प्रभावित क्षेत्रों में लगातार जारी हैं। 

    वर्तमान में बाढ़ से करीब 1.70 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। ऐसे में सरकार का पूरा जोर प्रभावित आबादी को तत्काल राहत सहायता उपलब्ध कराने और लोगों को सुरक्षित रखने पर है। इसके लिए प्रभावित इलाकों में अब तक कुल 1,633 बाढ़ चौकियां स्थापित की जा चुकी हैं। इन चौकियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर राहत एवं बचाव गतिविधियों की निगरानी की जा रही है।

    बाढ़ पीड़ितों तक भोजन पहुंचाने के लिए व्यापक इंतजाम

    बाढ़ जैसी आपदा में सबसे बड़ी जरूरत प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाने की है। योगी सरकार ने इस मोर्चे पर भी व्यापक इंतजाम किए हैं। रविवार की स्थिति के मुताबिक 2,024 बाढ़ राहत खाद्यान्न पैकेट और 10,784 लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। अब तक कुल 55,572 खाद्यान्न पैकेट और 3.02 लाख लंच पैकेट प्रभावित लोगों तक पहुंचाए जा चुके हैं।

    इससे राहत शिविरों और प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है। प्रशासन द्वारा जरूरत के अनुसार राहत सामग्री का वितरण लगातार किया जा रहा है, ताकि बाढ़ के कारण रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने के बावजूद लोगों को भोजन के लिए परेशान न होना पड़े।

    स्वास्थ्य सेवाओं को भी रखा गया सक्रिय

    राहत कार्यों के साथ सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्राथमिकता दी है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में 200 मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। इसके अलावा स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 5,432 क्लोरीन टैबलेट तथा 5,441 ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। बाढ़ के दौरान दूषित पानी और संक्रमण से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में मेडिकल टीमों की तैनाती और क्लोरीन टैबलेट तथा ओआरएस के वितरण से प्रभावित आबादी को तत्काल स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

    525 नाव-मोटरबोट से राहत-बचाव अभियान

    बाढ़ के कारण जिन क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है, वहां राहत एवं बचाव कार्य के लिए 525 नाव एवं मोटरबोट लगाए गए हैं। इनके माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक पहुंच बनाने और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

    254 बाढ़ शरणालय स्थापित

    प्रशासन ने बाढ़ प्रभावितों के लिए 254 बाढ़ शरणालय स्थापित किए हैं। इनमें से 46 शरणालय वर्तमान में संचालित हैं। संचालित शरणालयों में 1,151 लोग रह रहे हैं, जबकि अब तक लगभग इतनी ही संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

    बाढ़ से प्रभावित जिले

    30 अगस्त की स्थिति के अनुसार प्रदेश के 17 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, हमीरपुर, हरदोई, कासगंज, कन्नौज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर और वाराणसी शामिल हैं। इन सभी जिलों में प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में लगातार जुटी हैं।

    पशुओं के लिए भी राहत इंतजाम

    योगी सरकार के राहत अभियान में प्रभावित पशुओं को भी शामिल किया गया है। वर्तमान में प्रभावित 20,556 पशुओं के लिए 425.89 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है। इससे बाढ़ प्रभावित परिवारों के साथ उनके पशुधन की जरूरतों का भी ध्यान रखा जा रहा है।

    क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी सहायता

    बाढ़ प्रभावित विभिन्न जिलों में अब तक 12 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से 11 मामलों में क्षतिग्रस्त मकानों के सापेक्ष सहायता वितरित की जा चुकी है। वहीं राहत आंकड़ों में बाढ़ से अब तक जनहानि और पशुहानि शून्य दर्ज की गई है।

  • टोरंटो में मोहन भागवत का संबोधन, हिंदू समुदाय से संवाद-सहयोग और विश्व बंधुत्व पर जोर

    टोरंटो में मोहन भागवत का संबोधन, हिंदू समुदाय से संवाद-सहयोग और विश्व बंधुत्व पर जोर

    रांची
     राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डा. मोहन भागवत ने टोरंटो में आयोजित ‘हिंदू विश्व बंधु-मित्रता के साथ विश्व को अपनाएं’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वसुधैव कुटुंबकम् का संदेश दिया।

    कहा, जब भी दुनिया में कहीं भी भारत से सहायता मांगी गई है, भारत ने कभी मना नहीं किया। बल्कि, बिना मांगे भी भारत ने हमेशा सहायता का हाथ बढ़ाया है। यही भारत की परंपरा और उसका स्वभाव है।

    एक समय भारत को महाशक्ति कहा जा सकता था, लेकिन उस समय भारत महाशक्ति नहीं था। उसने दुनिया पर शासन नहीं किया, बल्कि विश्व की सेवा की। अपने चरित्र और आचरण के बल पर भारत ‘विश्वगुरु’ बना, ‘महाशक्ति’ नहीं। इसलिए, भारत का उदय वास्तव में मानवता के अधिक एकजुट और अधिक मुक्त होने का प्रतीक है।

    कनाडा के हिंदू समुदाय के इस महत्वपूर्ण आयोजन में देश के सभी दस प्रांतों से 2,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। आरएसएस के शताब्दी वर्ष के अवसर पर वैश्विक संपर्क अभियान के तहत अमेरिका के न्यूयार्क के बाद मोहन भागवत रविवार को कनाडा के टोरंटो पहुंचे।

    भारतीय समयानुसार रविवार की रात्रि 2.30 बजे के बाद कार्यक्रम का आयोजन कनाडियन हिंदूज फॉर आउटरीच, रिलेशंस एंड डायलाग की ओर से किया गया था।

    आयोजन को कनाडा के 175 से अधिक संगठनों का समर्थन प्राप्त था। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदू समुदाय के बीच आपसी संवाद और अपनत्व को मजबूत करने के साथ कनाडाई समाज में सकारात्मक एवं रचनात्मक योगदान को बढ़ावा देना था।

    आयोजन का मूल भाव हिंदू सभ्यता के शाश्वत आदर्श ‘वसुधैव कुटुंबकम—संपूर्ण विश्व एक परिवार है’ पर आधारित रहा।

    विभिन्न समुदायों के बीच संवाद और सहयोग पर जोर
    अपने संबोधन में मोहन भागवत ने हिंदू पहचान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ विभिन्न समुदायों के बीच पारस्परिक सम्मान, संवाद और सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

    उन्होंने हिंदू समाज की व्यापक वैश्विक भूमिका और समाज के प्रति जिम्मेदारी के संदर्भ में अपने विचार रखे।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अल्बर्टा के पूर्व प्रीमियर और कनाडा के पूर्व संघीय कैबिनेट मंत्री जेसन केनी रहे। सार्वजनिक जीवन में केनी ने कनाडा के विभिन्न सांस्कृतिक समुदायों के साथ संवाद तथा कनाडा-भारत संबंधों से जुड़े विषयों में भी सक्रिय भूमिका निभाई है।

    वहीं, खालसा दीवान सोसाइटी और ऐतिहासिक रास स्ट्रीट गुरुद्वारा का प्रतिनिधित्व करने वाले कश्मीर सिंह धालीवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति को कनाडा में हिंदू और सिख समुदायों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण और मजबूत संबंधों के प्रतीक के रूप में देखा गया।

    कार्यक्रम में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि विविधता से भरे कनाडाई समाज में सभी समुदाय आपसी सम्मान और सहयोग की भावना के साथ देश की प्रगति में योगदान दें।

  • कोटा में सामान्य से 38.54% कम बारिश, सितंबर के पहले सप्ताह में राहत की उम्मीद

    कोटा में सामान्य से 38.54% कम बारिश, सितंबर के पहले सप्ताह में राहत की उम्मीद

    कोटा 
    कोटा शहर में बारिश का दौर थमने से गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान कर दिया है। रविवार को दिनभर धूप खिली और आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन बारिश नहीं हुई। हालांकि अधिकतम तापमान एक डिग्री की गिरावट के साथ 33.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान भी एक डिग्री गिरकर 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    बारिश की कमी का असर इस बार मानसून के आंकड़ों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार कोटा जिले में 30 अगस्त तक सामान्यत: 615 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन इस मानसून सीजन में अब तक केवल 378.3 मिमी बारिश हुई है। यह सामान्य से 38.54 प्रतिशत कम है। पिछले साल अगस्त माह में 269.3 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।

    अगस्त में हुई 190.2 मिमी बारिश
    कोटा शहर में अगस्त माह के दौरान 190.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। जुलाई तक शहर में 188.1 मिमी बारिश हो चुकी थी। इस तरह वर्तमान मानसून सीजन में अब तक कुल 378.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि कोटा शहर में सामान्य औसत वार्षिक बारिश करीब 732 मिमी मानी जाती है।

    बंगाल की खाड़ी में सिस्टम बनने के आसार
    मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और आसपास पश्चिम बंगाल-ओडिशा तट पर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके अगले 24 घंटों में तीव्र होकर वेल मार्क लो प्रेशर एरिया बनने की प्रबल संभावना है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में आगामी चार से पांच दिन मानसून की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। हालांकि उत्तर-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में 3 सितम्बर से बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। वहीं 4 से 7 सितम्बर के दौरान कोटा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।