Category: राज्य

  • Punjab Rain Alert: 5 जिलों में अलर्ट, जालंधर-पठानकोट में बारिश; तापमान भी गिरा

    Punjab Rain Alert: 5 जिलों में अलर्ट, जालंधर-पठानकोट में बारिश; तापमान भी गिरा

    जालंधर
    पंजाब में मौसम बदल गया है। जालंधर, लुधियाना और पठानकोट में शुक्रवार को बारिश हुई। वहीं चंडीगढ़ और मोहाली में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज (4 सितंबर) पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर, नवांशहर और मोहाली में कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है।

    राज्य का अधिकतम तापमान 0.1 डिग्री गिरा है। बठिंडा में सबसे अधिक 36.6 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 4 और 5 सितंबर को बारिश का जोर रहेगा। इसके बाद भी बारिश की संभावना है। वहीं, मानसून सीजन में बारिश सामान्य से 34% कम हुई है।

    चंडीगढ़ समेत कई जिलों में बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक आज गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, बरनाला और मानसा में एक-दो जगह बारिश के आसार हैं।

    9 सितंबर तक बारिश की संभावना
    मौसम विभाग के अनुसार उत्तर हरियाणा में बने चक्रवाती सिस्टम व मानसून ट्रफ के असर से पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश का दौर जारी रहेगा। पंजाब में 9 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिलेगी।

    बारिश होने से बिजली की मांग घटी
    पंजाब में बिजली की कुल मांग 11,944 मेगावाट रही, जबकि राज्य में 3,799 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ। 8,146 मेगावाट बिजली ड्रॉ की गई, जो तय शेड्यूल से 68 मेगावाट ज्यादा रही। बिजली की फ्रीक्वेंसी 50 हर्ट्ज दर्ज की गई। हालांकि, वीरवार को दिन में बिजली की मांग 15 हजार मेगावाट से अधिक पहुंच गई थी।

  • मजीठिया-खैहरा के आरोपों पर CM मान की पत्नी का पलटवार, 24 घंटे में माफी नहीं तो कानूनी कार्रवाई

    मजीठिया-खैहरा के आरोपों पर CM मान की पत्नी का पलटवार, 24 घंटे में माफी नहीं तो कानूनी कार्रवाई

    चंडीगढ़ 
    पंजाब के CM भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में दोनों से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने को कहा गया है। नोटिस में कहा गया है कि अगर दोनों ने ऐसा नही किया तो करवाई की जाएगी। 

    यह पूरा मामला हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह के आरोपों से जुड़ा है। जिसमें उन्होंने दावा किया था कि डॉ. गुरप्रीत कौर ने एक रेप केस, जिसमें गुर चहल को मुख्य आरोपी बताया गया, को दबाने और एक कारोबारी के खिलाफ मामला रद्द कराने के लिए कथित तौर पर ₹5 करोड़ की मांग की थी।

    2 सितंबर को अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो-वीडियो पोस्ट किया था। मजीठिया ने दावा किया कि इसमें आरोपी से जुड़े कथित बिचौलियों और डॉ. गुरप्रीत कौर के रिश्तेदार के बीच पैसों के लेनदेन संबंधित बातचीत है।

    इधर, सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा कि आज मुझे सीएम भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर की ओर से एक कानूनी नोटिस मिला है। मैं इस नोटिस का कोई जवाब नहीं दूंगा और उन्हें चुनौती देता हूं कि मेरे खिलाफ मानहानि का केस या उनकी ‘पुलिस स्टेट’ जो भी कार्रवाई कर सकती है, कर ले।

    पहले जानिए क्या है पूरा मामला
    अगस्त 2026 में सीएम भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज रणजीत सिंह ने आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि डॉ. गुरप्रीत ने कथित तौर पर एक रेप के मामले में आरोपी से 5 करोड़ रुपए की मांग की थी, और एक व्यवसायी के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करवाने में मदद करने का प्रस्ताव दिया था।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि डॉ गुरप्रीत का एक करीबी रिश्तेदार आरोपी के लगातार संपर्क में था और उसे पैसे देने और अपनी जान बचाने के लिए परेशान कर रहा था।

    रिटायर्ड जज को नोटिस भेज चुकीं
    23 अगस्त को डॉ. गुरप्रीत कौर ने रिटायर्ड जज रणजीत सिंह को नोटिस भेजते हुए 5 करोड़ रुपए के आरोपों को खारिज किया था। कानूनी नोटिस में रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह से अपने बयान वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया था। इसके लिए 24 घंटे की समय-सीमा दी गई थी।

    नोटिस में दावा किया गया था कि आरोप लगाने वाले रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा के रिश्तेदार हैं। इसमें आरोपों के पीछे राजनीतिक मंशा होने की बात कही गई है।

    NHRC ने दो सप्ताह में मांगा था जवाब
    अगस्त में ही लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी (LRO) की शिकायत के आधार पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मामले का संज्ञान लिया था। आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP से मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी और दो सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा था।

    मजीठिया ने ऑडियो-वीडियो जारी किए
    2 सितंबर को अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की तरफ से सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो-वीडियो शेयर की। मजीठिया ने दावा किया कि इसमें आरोपी से जुड़े कथित बिचौलियों और डॉ. गुरप्रीत कौर के रिश्तेदार के बीच पैसों के लेनदेन, पटियाला जेल में आरोपी को कथित सुविधाएं देने और मुख्यमंत्री आवास में मुलाकात से संबंधित बातचीत है।

    कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने 2 सितंबर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मजीठिया वाला एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का वीडियो शेयर किया था। जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस के DGP से सवाल किया कि क्या वे 5 करोड़ रुपए मांगने वाले अमरदीप ग्रेवाल के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। खैरा ने दावा किया कि अमरदीप का कथित ऑडियो और डॉ. गुरप्रीत कौर के साथ कथित CCTV फुटेज इस मामले से जुड़े हैं।

  • चंडीगढ़ में आज संभलकर निकलें, PU दौरे और जन्माष्टमी के चलते रूट डायवर्जन; नो-पार्किंग पर होगी कार्रवाई

    चंडीगढ़ में आज संभलकर निकलें, PU दौरे और जन्माष्टमी के चलते रूट डायवर्जन; नो-पार्किंग पर होगी कार्रवाई

    चंडीगढ़

    उपराष्ट्रपति और पीयू के चांसलर सीपी राधाकृष्णन आज पंजाब यूनिवर्सिटी के दाैरे पर हैं। उपराष्ट्रपति सुबह करीब 11 बजे चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से सीधे पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित कार्यक्रम स्थल जाएंगे।  चंडीगढ़ में आज उपराष्ट्रपति चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन पंजाब यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

    चांसलर बनने के बाद यह उनका यूनिवर्सिटी का पहला दौरा होगा। इस दौरान वह एसएआईएफ/सीआईएल (सॉफिस्टिकेटेड एनालिटिकल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी/सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन लेबोरेटरी) की अपग्रेड की गई अत्याधुनिक रिसर्च सुविधाओं और पीयू टीआईएफ (पूर्व में बायो नेस्ट) का उद्घाटन करेंगे। उपराष्ट्रपति यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को भी संबोधित करेंगे।

    कार्यक्रम में शामिल होने और लंच के बाद करीब 3:30 बजे एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। इसी दौरान वीआईपी रूट पर ट्रैफिक को नियंत्रित किया जाएगा। उपराष्ट्रपति के दौरे का असर शहर के ट्रैफिक पर भी पड़ेगा। वीआईपी मूवमेंट के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट और नियंत्रित किया जाएगा। 

    चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से प्रभावित रास्तों से बचने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है। उपराष्ट्रपति के दौरे को लेकर पुलिस ने पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस की किलेबंदी कर दी है। सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए वीरवार को रूट रिहर्सल भी की गई।

    ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक सुबह 10:30 से 11:30 बजे और दोपहर 2:45 से 3:30 बजे तक कुछ मार्गों पर यातायात आंशिक रूप से डायवर्ट और नियंत्रित रहेगा। इस दौरान एयरपोर्ट से पीयू आने-जाने वाले वीआईपी रूट पर खास निगरानी रहेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जरूरी होने पर ही इन मार्गों का इस्तेमाल करें। ट्रैफिक की ताजा स्थिति के लिए चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल पर रियल टाइम अपडेट भी देखे जा सकेंगे।

    इन रूटों पर सबसे ज्यादा असर
    दक्षिण मार्ग: एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट से न्यू लेबर चौक (सेक्टर 20/21-33/34) तक।
    सरोवर पथ: न्यू लेबर चौक से सेक्टर 7/8-18/19 चौक तक।
    मध्य मार्ग: सेक्टर 7/8-18/19 चौक से सेक्टर 11/12-14/15 चौक (पीजीआई चौक) तक।
    विद्या पथ: पीजीआई चौक से सेक्टर 24/25 लाइट प्वाइंट होते हुए सेक्टर 25 स्थित यूआईईटी कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर।

      पीयू में गेट नंबर-2 बंद, पार्किंग भी बदली
    सुरक्षा के मद्देनजर गेट नंबर-2 पूरी तरह बंद रहेगा। आमंत्रितों, मेहमानों और आधिकारिक कर्मचारियों को गेट नंबर-3 से प्रवेश दिया जाएगा। कार्यक्रम में शामिल वीवीआईपी गेट नंबर-1 से दाखिल होंगे। आम लोगों के वाहनों के लिए लॉ ऑडिटोरियम के सामने पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

    हाईराइज इमारतों पर स्नाइपर तैनात
    सुरक्षा के लिए वीआईपी मूवमेंट रूट पर आने वाली हाईराइज इमारतों पर स्नाइपर तैनात किए गए हैं। पुलिस ने साइकिल ट्रैक, पैदल मार्ग और नो-पार्किंग जोन में वाहन नहीं खड़े करने की चेतावनी दी है। नियम तोड़ने पर कार्रवाई के साथ वाहन टो किए जा सकते हैं। पुलिस ने लोगों से सहयोग की अपील की है।

     

  • 280 चुनाव लड़कर बनाया अनोखा रिकॉर्ड, ‘धरतीपकड़’ ने इंदिरा से आडवाणी तक को दी थी टक्कर

    280 चुनाव लड़कर बनाया अनोखा रिकॉर्ड, ‘धरतीपकड़’ ने इंदिरा से आडवाणी तक को दी थी टक्कर

    भागलपुर
    वार्ड सदस्य से राष्ट्रपति तक चुनाव लड़ने का रिकॉर्ड बनाने वाले नागरमल बाजोरिया उर्फ धरतीपकड़ नहीं रहे। पटना में इलाज के दौरान गुरुवार को 97 साल की उम्र में निधन हो गया। एमपी द्विवेदी रोड स्थित देवी बाबू धर्मशाला के समीप के रहने वाले नागरमल बाजोरिया ने कुल 280 चुनाव लड़कर रिकॉर्ड कायम किया था। नगर निकाय (वार्ड) से लेकर तमाम चुनावों में पर्चा दाखिल कर वे चर्चा में आए थे। इंदिरा गांधी के खिलाफ रायबरेली से, राजीव गांधी के खिलाफ अमेठी से, संजय गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और एलके आडवाणी जैसे राजनीतिक दिग्गजों के खिलाफ भी उन्होंने चुनाव लड़ा।

    धरतीपकड़ ने वर्ष 2012 में प्रणब मुखर्जी के खिलाफ राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए दाखिल किया लेकिन, उनका पर्चा खारिज हो गया था। पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि वर्ष 1969 में तत्कालीन राष्ट्रपति उम्मीदवार वीवी गिरि के खिलाफ नामांकन किया था और उन्होंने अपना आखिरी चुनाव 2019 में लड़ा था। हालांकि उन्हें किसी भी चुनाव में जीत नहीं मिली। मनिहारी का व्यापार करने वाले बाजोरिया समाजसेवा से भी जुड़े रहे।
    पीएमसीएच में चल रहा था इलाज

    परिजन आलोक कुमार अग्रवाल ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर गुरुवार रात नौ बजे पटना से भागलपुर लाया गया। जिले के पवित्र बरारी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। चार पुत्र और एक पुत्री के पिता धरतीपकड़ के परिवार में एक बेटे विजय बाजोरिया की मृत्यु हो चुकी है। शेष सतीश बाजोरिया, अजय बाजोरिया और दिलीप बाजोरिया व्यापार से जुड़े हैं। सतीश पिता की बनाई मनिहारी दुकान गोविंद चूड़ी भंडार में बैठते हैं। दिलीप पटना और अजय दिल्ली के कारोबार देखते हैं। बेटी मंजू देवी का पटना में ससुराल है। पौत्र सौरव बाजोरिया ने बताया कि करीब 10 से 15 दिनों से उनकी तबीयत खराब थी और उनका इलाज पीएमसीएच, पटना में चल रहा था।
    पाकिस्तान के लाहौर में जन्म, भागलपुर में बस गए

    चांद झुनझुनवाला ने बताया कि नागरमल बाजोरिया का जन्म वर्ष 1930 में पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था। देश की आजादी से पहले ही उनका परिवार भागलपुर आकर बस गया था। वह पूरे देश में 280 बार चुनाव लड़ चुके हैं। उनकी समाजसेवा, कन्या विवाह के प्रति लगन, गरीब महिलाओं के प्रति सेवा की लगन, बच्चों की पढ़ाई के प्रति इनका समर्पण पूरी दुनिया में सबसे अनोखा है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रहे रामगोपाल पोद्दार ने बताया कि नागरमल बाजोरिया की खासियत यह थी कि चुनाव उनके लिए सिर्फ जीत-हार का माध्यम नहीं था, बल्कि लोकतंत्र में भागीदारी का एक जरिया था। बढ़ती उम्र के साथ नागरमल बाजोरिया पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे।
    गधों के गले में तख्तियां डाल निकाली थी नामांकन रैली

    नागरमल बाजोरिया का चुनावी अभियान अनोखा रहा। उनकी पोषाक, उनके कपड़ों पर लिखे श्लोगन और उनकी नामांकन रैली सभी लोगों को ध्यान आकर्षित करने वाली होती थी। वर्ष 2005 के एक चुनाव के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार पर निशाना साधते हुए नामांकन रैली निकाली थी। स्टेशन चौक पर उनकी इस रैली को देखने वालों की भीड़ लगी थी। रैली में कुछ राजनीतिक टिप्पणी वाली तख्तियां गधों के गले में डालकर निकले थे, खूब सुर्खियां बनी थीं।
    निधन पर व‍िधायक ने जताया शोक

    भागलपुर व‍िधानसभा के भाजपा व‍िधायक रोह‍ित पांडेय ने नागरमल बाजोरिया के न‍िधन पर दुख जताया है। उन्‍होंने कहा क‍ि- नागरमल जी का जीवन प्रेरणादायी था। वहीं भाजपा की प्रदेश महामंत्री और पार्षद डॉ. प्रीति शेखर और मोंटी जोशी ने भी शोक जताया है।

  • युवा विदेश गए तो भी बढ़ती रही पंजाब की वोटर लिस्ट, 2009 से 2024 तक 45 लाख से ज्यादा बढ़े मतदाता

    युवा विदेश गए तो भी बढ़ती रही पंजाब की वोटर लिस्ट, 2009 से 2024 तक 45 लाख से ज्यादा बढ़े मतदाता

    चंडीगढ़ 

     पंजाब में एक बड़ा विरोधाभास सामने आया है। राज्य के गांवों और शहरों से युवा बेहतर शिक्षा और रोजगार के लिए विदेश जा रहे हैं। इसके बावजूद पंजाब की मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ी है। यह स्थिति राज्य के बदलते सामाजिक ढांचे पर सवाल उठाती है।

    2009 से 2024 के बीच पंजाब में मतदाताओं की संख्या में करीब 45 लाख की वृद्धि हुई। यह संख्या 1.69 करोड़ से बढ़कर 2.14 करोड़ से अधिक हो गई। 2009 के लोकसभा चुनाव में 1,69,58,380 मतदाता थे। 2022 के विधानसभा चुनाव तक यह आंकड़ा 2,14,99,804 तक पहुंच गया।

    2024 के लोकसभा चुनाव में भी मतदाता आधार करीब 2.15 करोड़ रहा। हालांकि, इसी दौरान मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई। 2012 के विधानसभा चुनाव में 78.60 फीसदी मतदान हुआ था। यह 2024 के लोकसभा चुनाव में घटकर 62.80 फीसदी रह गया। मतदाताओं की संख्या बढ़ने के बावजूद मतदान का उत्साह कम हुआ है।

    विदेश जाने की होड़
    इसी अवधि में पंजाब के युवाओं में विदेश जाने की होड़ तेज हुई है। प्रवासन अध्ययनों के अनुसार कुल विदेश प्रवासन का 73.16 फीसदी हिस्सा 2016 के बाद का है। कनाडा 41.88 फीसदी के साथ पंजाबियों का सबसे पसंदीदा गंतव्य है। दुबई 16.25 फीसदी और ऑस्ट्रेलिया 9.63 फीसदी के साथ अन्य प्रमुख गंतव्य हैं। 2016 के आसपास 75 हजार विद्यार्थी सालाना कनाडा जाते थे, जो 2022 से 2024 के बीच बढ़कर 1.35 लाख से 1.50 लाख हो गए।

    उच्च शिक्षा पर असर और आर्थिक बोझ
    विदेश जाने की इस दौड़ का असर राज्य की उच्च शिक्षा पर भी पड़ा है। पिछले कुछ वर्षों में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एक लाख से अधिक विद्यार्थियों की कमी आई है। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के अध्ययनों के अनुसार ग्रामीण परिवारों ने बच्चों को विदेश भेजने के लिए 14,342 करोड़ रुपये का कर्ज लिया।

    विदेश भेजने की लागत जुटाने के लिए 5,636 करोड़ रुपये की कृषि भूमि और घरेलू संपत्तियां बेची गईं। एक बच्चे को विदेश भेजना कई परिवारों के लिए लाखों रुपये की परियोजना बन चुका है। इसके बावजूद विदेश जाने की चाह लगातार बढ़ी है।

    मतदाताओं की संख्या में वृद्धि का कारण
    राजनीति के विशेषज्ञ प्रो कुणाल ने इस विरोधाभास पर प्रकाश डाला है। उन्होंने कहा कि हजारों युवा विदेश जा रहे हैं, पर पंजाब की जनसांख्यिकी बदली है। चंडीगढ़ से सटे क्षेत्रों में हिमाचल और जेएंडके के लोगों की संख्या बढ़ी है।

    लुधियाना, फतेहगढ़ साहब और मंडी गोबिंदगढ़ जैसे औद्योगिक शहरों में बाहरी प्रदेशों से लोग आकर बसे हैं। मतदाता सूची में नाम होना और चुनाव में मतदान करना अलग बातें हैं। विदेश में रहने वाले भारतीयों की मतदाता पात्रता कानूनी परिस्थितियों पर निर्भर करती है। 

     

  • CM फेस या सामूहिक नेतृत्व? पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पार्टियों की रणनीति, जानें किसे मिल सकता है फायदा

    CM फेस या सामूहिक नेतृत्व? पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पार्टियों की रणनीति, जानें किसे मिल सकता है फायदा

    चंडीगढ़

    पंजाब के विधानसभा चुनावों से पहले सीएम चेहरा घोषित करने का भी ट्रेंड रहा है। यह पैटर्न असरदार तो रहता है मगर इसे निर्णायक नहीं कहा जा सकता, क्योंकि मजबूत सीएम फेस के साथ-साथ जमीनी स्तर पर मजबूत संगठन और अनुकूल राजनीतिक माहौल भी जीत के लिए बड़ा आधार बनते हैं। कमजोर चेहरों और पार्टी विरोधी लहर की वजह से दलों ने नुकसान भी झेला है।

    साल 1997 से 2022 तक के विधानसभा चुनावों में ट्रेंड देखें तो अधिकतर दलों ने सीएम फेस पर ही चुनाव लड़े और उन्हें फायदा भी मिला। इन चुनावों में सीएम फेस के साथ-साथ मुद्दे भी अहम रहे। इसके अलावा दलों ने जातीय समीकरणों को भी साधते हुए अपने सीएम फेस घोषित किए। अब फरवरी 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के दौरान भी दलों की ओर से सीएम फेस पर मंथन जारी है। अभी तक आम आदमी पार्टी अपना सीएम फेस घोषित कर चुकी है, जबकि भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल की रणनीति अबकी इस दिशा में अलग है।

    सीएम फेस के साथ चुनाव लड़ने के पैटर्न को यदि देखें तो साल 1997 में प्रकाश सिंह बादल शिअद-भाजपा गठबंधन के प्रमुख चेहरे थे। मुद्दे भी असरदार रहे, लिहाजा पार्टी को जीत हासिल हुई। साल 2002 के चुनाव में शिअद की ओर से बादल ही चेहरा थे, मगर कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को प्रमुख चेहरा बनाकर मैदान में उतारा। सत्ता विरोधी लहर भी थी। नतीजतन बादल हार गए और कैप्टन अमरिंदर सीएम बने।

    साल 2007 और 2012 में शिअद-भाजपा गठबंधन ने प्रकाश सिंह बादल के नाम और सरकार के काम पर चुनाव लड़ा। इस दौरान कांग्रेस की ओर से पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को ही प्रमुख चेहरा बनाया गया। पहले चुनाव में कांग्रेस सरकार के खिलाफ सत्ता-विरोधी माहौल, मजबूत ग्रामीण-सिख आधार, अकाली दल का संगठन और गठबंधन का सामाजिक समीकरण जीत का आधार बना, जबकि 2012 में बादल के चेहरे और उनकी पहली पारी के विकास कार्यों पर मतदाताओं ने फिर मुहर लगाई।  नतीजतन लगातार दूसरी जीत हासिल हुई।

    साल 2017 में भी मुकाबले में बादल और कैप्टन ही प्रमुख चेहरों के तौर पर आमने-सामने थे, मगर 10 साल की शिअद-भाजपा सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर, नशे, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी जैसे मुद्दों ने कांग्रेस को फायदा पहुंचाया। हालांकि प्रकाश सिंह बादल का व्यक्तिगत कद बड़ा था, लेकिन सरकार के खिलाफ नाराजगी की वजह से शिअद-भाजपा गठबंधन का नुकसान हुआ।

    साल 2022 में बने थे नए समीकरण
    साल 2022 में कांग्रेस ने दलित चेहरे पर दांव खेलते हुए दो बार के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को दरकिनार कर छह माह के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को प्रमुख चेहरा बनाया। ‘साड्डा चन्नी-साड्डा सीएम’ नारा भी दिया गया, मगर कांग्रेस की अंदरूनी कलह और आम आदमी पार्टी के वादों ने सत्ता पलट दी। आप ने अपने वादों और गारंटियों के साथ भगवंत सिंह मान को प्रमुख चेहरे के तौर पर मैदान में उतारा। नतीजतन भगवंत मान की लोकप्रियता ने चन्नी के दलित कार्ड को पीछे छोड़ दिया।

    साल 2027 के लिए क्या?
    आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल साल 2027 के लिए भगवंत सिंह मान को सीएम फेस घोषित कर चुके हैं। कांग्रेस ने 2027 के लिए अब तक किसी एक नेता को औपचारिक मुख्यमंत्री चेहरा घोषित नहीं किया है। इसी मुद्दे पर अंदरूनी कलह के बीच पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल कह चुके हैं कि पार्टी सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ेगी। जीत के बाद राहुल गांधी सीएम फेस तय करेंगे। 

    शिरोमणि अकाली दल की ओर से सुखबीर सिंह बादल चुनावी तैयारी में सक्रिय हैं और उन्होंने चुनाव लड़ने की घोषणा भी की है मगर पार्टी की ओर से औपचारिक सीएम फेस की घोषणा अभी नहीं हुई है। भाजपा भी साफ कर चुकी है कि सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा। जीते तो संभवतः जट सिख चेहरे को सीएम बनाया जाएगा। 

     

  • बेटियों के सम्मानजनक विवाह का सहारा बनी योगी सरकार, सामूहिक विवाह योजना ने पकड़ी रफ्तार

    बेटियों के सम्मानजनक विवाह का सहारा बनी योगी सरकार, सामूहिक विवाह योजना ने पकड़ी रफ्तार

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटियों के सम्मानजनक विवाह का मजबूत सहारा बन रही है। योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 17,758 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 72,448 सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना की बढ़ती रफ्तार से बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों को विवाह के खर्च की चिंता से राहत मिल रही है।

    योजना के तहत 72,787 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवेदनों की जांच के बाद 20,042 आवेदन स्वीकृत किए गए, जबकि 7,245 आवेदन अपात्र पाए गए। योगी सरकार का जोर पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाने पर है।

    पीलीभीत बना प्रदेश में अव्वल, दूसरे स्थान पर शाहजहांपुर

    सामूहिक विवाह संपन्न कराने में पीलीभीत प्रदेश में सबसे आगे है। यहां अब तक 1,271 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। वहीं 1,063 विवाह के साथ शाहजहांपुर दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा सुल्तानपुर में 1,040 और रामपुर में 1,031 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया है। जिलों में लगातार आयोजित हो रहे सामूहिक विवाह समारोह योजना को जमीनी स्तर पर गति दे रहे हैं।

    आर्थिक अभाव किसी बेटी के सम्मानजनक विवाह में बाधा न बने

    समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का संकल्प है कि आर्थिक अभाव किसी बेटी के सम्मानजनक विवाह में बाधा न बने। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना इसी संकल्प को साकार कर रही है। हमारा प्रयास है कि योजना का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंचे, जिसके लिए तकनीक के माध्यम से सत्यापन व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

    तकनीक से मजबूत हुई सत्यापन व्यवस्था, सीधे खाते में पहुंचेगी सहायता

    समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है। आवेदकों के सत्यापन के लिए ई-केवाईसी की व्यवस्था की गई है। वहीं, ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से आय और जाति प्रमाण पत्रों का डिजिटल सत्यापन किया जा रहा है। शीघ्र ही आधार आधारित भुगतान व्यवस्था भी लागू की जाएगी, जिससे अनुदान राशि पात्र लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे पहुंच सकेगी। योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें 64 हजार रुपये गृहस्थी बसाने, 21 हजार रुपये वैवाहिक उपहार सामग्री और 15 हजार रुपये विवाह समारोह की आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए निर्धारित हैं।

  • एमवीडी लॉ कॉलेज में गूंजा ‘रंग दे बसंती’, युवाओं ने दिखाई प्रतिभा

    एमवीडी लॉ कॉलेज में गूंजा ‘रंग दे बसंती’, युवाओं ने दिखाई प्रतिभा

    लखनऊ

     मां वैष्णो देवी एजुकेशनल लॉ कॉलेज में आगामी शिक्षक दिवस के अवसर पर ‘रंग दे बसंती’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जेन-जी के साथ संवाद स्थापित करने के साथ ही उन्हें राजनीतिक जागरूकता, लोकतांत्रिक भागीदारी, नेतृत्व की समझ और आत्म-अभिव्यक्ति के लिए एक संवादात्मक मंच उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। आने वाले दिनों में प्रदेश के हर कैंपस में कंटेंट क्रिएटर्स के लिए ऐसे ही अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

    कार्यक्रम के दौरान छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर संवाद किया गया। राजनीतिक जागरूकता और लोकतांत्रिक भागीदारी को लेकर युवाओं की राय और धारणाओं को समझने का प्रयास किया गया। राजनीतिक क्विज और भाषण जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। साथ ही उन्हें मतदान करने और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने का संदेश दिया गया।

    शिक्षा, युवा भागीदारी जैसे मुद्दों पर साझा किए विचार

    ‘रंग दे बसंती’ टीम की ओर से युवाओं के साथ संवाद करते हुए उनके विचारों, आकांक्षाओं और समकालीन मुद्दों पर चर्चा की गई। चंद्रभूषण ने कॉलेज के प्राचार्य का साक्षात्कार लिया और जेन-जी से जुड़े विभिन्न मुद्दों एवं उनकी चिंताओं पर बातचीत की। इस दौरान शिक्षा, नेतृत्व, युवाओं की भागीदारी और बदलते सामाजिक परिवेश जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए।

    कार्यक्रम में छात्र कंटेंट क्रिएटर्स को भी विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया। टीम की सदस्य अविका सिंह ने कॉलेज के कंटेंट क्रिएटर्स से संवाद कर कंटेंट निर्माण के अवसरों, इसके लाभ और संभावित प्रोत्साहनों की जानकारी दी। आयोजन में विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमता पहचानने और उसे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ अपनी रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने का अवसर भी मिला।

    आगामी शिक्षक दिवस के संदर्भ में आयोजित इस कार्यक्रम में शैक्षिक गतिविधियों में शिक्षकों के योगदान को भी विभिन्न प्रतियोगिताओं और संवाद के माध्यम से रेखांकित किया गया। इस दौरान कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. विजय शंकर पांडे, अधिवक्ता प्रभात सिंह समेत अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। कार्यक्रम में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इससे विद्यार्थियों में उत्साह बढ़ा और उन्हें अपनी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिला। कार्यक्रम के दौरान ‘रंग दे बसंती’ टीम ने छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें अभियान से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया। 

    प्रदेश स्तर पर होगा विस्तार

    टीम के सदस्यों अविका सिंह, स्नेहा सिंह, चंद्रभूषण बारोड़ और विशाल तिवारी ने बताया कि ‘रंग दे बसंती’ के माध्यम से पहले भी प्रयागराज, लखनऊ, मुजफ्फरनगर, मेरठ और अयोध्या समेत विभिन्न जनपदों में कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के मंच उपलब्ध कराए गए हैं। आने वाले समय में टीम प्रदेश के सभी जनपदों तक पहुंचने और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को संवाद, रचनात्मकता और आत्म-अभिव्यक्ति के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।

    रंग दे बसंती का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के युवाओं को अपनी प्रतिभा और विचारों को कलात्मक रूप से सामने लाने के लिए एक मजबूत मंच उपलब्ध कराना है। आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों और कैंपस में ऐसे कार्यक्रमों का विस्तार किया जाएगा, ताकि हर कैंपस से युवा कंटेट क्रिएटर्स और प्रतिभाएं सामने आ सकें।

  • जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि का दर्शन करेंगे मुख्यमंत्री

    जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि का दर्शन करेंगे मुख्यमंत्री

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जन्माष्टमी पर शुक्रवार की सुबह मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन-पूजन करेंगे। मुख्यमंत्री शाम को लखनऊ पुलिस लाइन और देर रात्रि गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में होने वाले जन्माष्टमी आयोजनों में भी शामिल होंगे। 

    मुख्यमंत्री शुक्रवार सुबह श्रीकृष्ण जन्मभूमि जाएंगे। वह परिसर में गोपूजन करेंगे। इसके पश्चात दर्शन-पूजन कर लीलाधारी भगवान के चरणों में श्रद्धा निवेदित करेंगे। मुख्यमंत्री लखनऊ पुलिस लाइन में शाम को होने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने बताया कि मुख्यमंत्री यहां मंदिर में झांकी दर्शन करेंगे। यहां भक्ति से ओतप्रोत अनेक कार्यक्रम भी होंगे। मुख्यमंत्री आध्यात्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिये भक्ति सरिता का आनंद उठाएंगे। 

    इसके पश्चात देर रात्रि गोरखनाथ मंदिर गोरखपुर में होने वाले श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में भी गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मिलित होंगे। गोरखनाथ मंदिर में भजनों के बीच भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद गोरक्षपीठाधीश्वर उनके बालरूप को पालने में झुलाएंगे। 

    गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने बताया कि महंत दिग्विजय नाथ स्मृति भवन में भजनों की प्रस्तुति रात 11:30 बजे तक अनवरत होगी। भजन संध्या के दौरान ही गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में सम्मिलित होंगे। यहां भजन सुनने के साथ ही वह बच्चों को खिलौने और चॉकलेट भी भेंट करेंगे। इस अवसर पर श्रीकृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता भी होगी। 

    रात 11.30 बजे गोरक्षपीठाधीश्वर गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना करने पहुंचेंगे। रात 12 बजते ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वह मंदिर के गर्भगृह में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाएंगे। इसके बाद वह श्रीकृष्ण के बालरूप को पालने में झुलाएंगे।

  • ‘योगी बाबा आयो हैं और 1051 करोड़ लायो हैं’, विधायक श्रीकांत शर्मा ने गिनाए ब्रज के विकास कार्य

    ‘योगी बाबा आयो हैं और 1051 करोड़ लायो हैं’, विधायक श्रीकांत शर्मा ने गिनाए ब्रज के विकास कार्य

    मथुरा

     गुरुवार को विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं भाजपा विधायक श्रीकांत शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत और अभिनंदन करते हुए 2017 के बाद ब्रज में हुए विकास कार्यों को गिनाया। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत ब्रज के अंदाज में करते हुए कहा कि योगी बाबा आयो हैं और 1051 करोड़ लायो हैं। 

    मथुरा-वृंदावन में पुल और सड़कों का जिक्र

    भाजपा विधायक श्रीकांत शर्मा कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में ब्रज ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में यमुना और गंगा की तरह विकास का प्रवाह लगातार तेज गति से जारी है। वर्ष 2017 से पहले ब्रज की हालत बहुत खराब थी। जहां घुटनों तक कीचड़ होता था, वहां अब खड़ंजा बन गया है। जहां गड्ढे होते थे, वहां इंटरलॉकिंग हो गई है और जहां सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे थे, वहां मजबूत सड़कें बन गई हैं। पहले यमुना पार जाने के लिए ब्रजवासियों के पास एक ही पुल था, लेकिन अब तीन पुल उपलब्ध हैं। मथुरा में लक्ष्मी नगर के पास पुल और वृंदावन में दो पुल बनाए गए हैं।  

    भाजपा विधायक ने कहा कि पहले मथुरा से वृंदावन जब शाम को आते थे तो 9 बजे के बाद दूधियों से दूध की कैन और साइकिल तक छीन ली जाती थी। अब मथुरा के भूतेश्वर से रंगजी मंदिर तक चौड़ी सड़क बन गई है और रात में दूधिया रोशनी से पूरा मार्ग जगमगाता है। उन्होंने भूतेश्वर से गोवर्धन चौराहा और गोवर्धन होते हुए डींग बॉर्डर तक सड़क निर्माण का भी जिक्र किया। कहा कि 2017 से पहले इन मार्गों पर जगह-जगह बड़े गड्ढे थे और मोटरसाइकिल-साइकिल सवार गिर जाते थे। आज बेहतर सड़कों के कारण आवागमन सुगम हुआ है।

    यमुना में गिर रहे 36 नालों में से 32 टैप किए जा चुके

    श्रीकांत शर्मा ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले मथुरा-वृंदावन के 36 नाले सीधे यमुना में गिरते थे, लेकिन अब इनमें से 32 नाले बंद किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल चार नाले यमुना में गिर रहे हैं और ये चारों भी अक्टूबर तक पूरी तरह टैप कर दिए जाएंगे। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 70 सालों में कुछ नहीं किया, जबकि 2017 से 2022 के बीच 36 में से 32 नालों को बंद किया गया।

    भाजपा विधायक ने जवाहर बाग का जिक्र करते हुए कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जवाहर बाग पर कब्जे को लेकर हुई घटना कलंक है, जिसे लोगों को समय-समय पर याद दिलाते रहना चाहिए। आज जवाहर बाग को देखकर लोग खुद इसकी बदली तस्वीर देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पूरे ब्रज 84 कोस क्षेत्र में यात्रा के पड़ाव स्थलों को विकसित करने का काम भी किया है।