Category: राज्य

  • नियमितीकरण की मांग पर अड़े सफाई कर्मचारी, सरकार ने 30 की सेवाएं समाप्त कर बढ़ाया विवाद

    नियमितीकरण की मांग पर अड़े सफाई कर्मचारी, सरकार ने 30 की सेवाएं समाप्त कर बढ़ाया विवाद

    चंडीगढ़
     हरियाणा में एक महीने से चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच प्रदेश सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य के अलग-अलग शहरी निकायों में कार्यरत पे रोल और हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के माध्यम से लगे 30 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।

    इन कर्मचारियों के खिलाफ सफाई कार्य नहीं करने और काम कर रहे कर्मचारियों को भी काम करने से रोकने के आरोप में एफआइआर दर्ज है। हड़ताल लंबी खिंचने के साथ ही प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है।

    सरकार और सफाई कर्मचारियों के बीच मुख्य गतिरोध नियमितीकरण को लेकर है। प्रदेश सरकार कर्मचारियों की 13 में से 12 मांगें मान चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी विधानसभा में कहा है कि कर्मचारियों की 12 मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं और अदालत में विचाराधीन मामलों में न्यायालय के निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    सरकार की ओर से कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा के दायरे में लाने की पेशकश की गई है। इसका मतलब पात्र कर्मचारियों को नौकरी में एक निश्चित सुरक्षा मिलेगी और उन्हें अचानक सेवा से बाहर किए जाने की आशंका कम होगी।

    सरकार के मुताबिक एचकेआरएन के तहत कर्मचारियों को व्यवस्थित और संस्थागत व्यवस्था देने का उद्देश्य भी ठेकेदारों और बिचौलियों की भूमिका को खत्म करना है। एचकेआरएन में समान श्रेणी के काम के लिए मानकीकृत वेतन व्यवस्था लागू है और सरकार इसे कर्मचारी-केंद्रित व्यवस्था बता रही है।

    सरकार ने सेवा सुरक्षा को लेकर यह भी कहा है कि पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ देने की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार 31 अगस्त तक सेवा सुरक्षा पोर्टल पर 62,497 आवेदन मिले थे, जिनमें से हजारों आवेदनों को संबंधित अधिकारियों की ओर से मंजूरी दी जा चुकी थी। सरकार ने आश्वासन दिया है कि अगले दो माह में कोई भी पात्र कर्मचारी सेवा सुरक्षा से वंचित नहीं रहेगा।

    दूसरी ओर, हड़ताली कर्मचारी सेवा सुरक्षा के बजाय नियमितीकरण की मांग पर अड़े हुए हैं। यही मुद्दा सरकार और कर्मचारियों के बीच समझौते में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। हाल के दिनों में हड़ताल के कारण गुरुग्राम समेत कई शहरों में कचरा उठाने और सफाई व्यवस्था पर असर पड़ा है। गुरुग्राम में हड़ताल के 31वें दिन कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप सिर मुंडवाकर प्रदर्शन किया और मंत्री के आवास की ओर मार्च किया।

    सरकार की ओर से 12 मांगें मान लिए जाने के बावजूद हड़ताल समाप्त नहीं हुई है। ऐसे में 30 कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई से विवाद और बढ़ने के आसार हैं। अब सरकार का जोर सेवा सुरक्षा और मौजूदा रोजगार व्यवस्था को मजबूत करने पर है, जबकि कर्मचारी नियमित सरकारी सेवा का दर्जा चाहते हैं। दोनों पक्षों के बीच इसी बिंदु पर गतिरोध बना हुआ है।

  • सपा सरकार में बाबू जगदेव कुशवाहा की प्रतिमा लगेगी, अखिलेश यादव का बड़ा वादा

    सपा सरकार में बाबू जगदेव कुशवाहा की प्रतिमा लगेगी, अखिलेश यादव का बड़ा वादा

      लखनऊ
      समाजवादी पार्टी, प्रदेश मुख्यालय लखनऊ में आज बिहार के समाजवादी नेता श्रद्धेय बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा के शहादत दिवस पर कुशवाहा, शाक्य, मौर्य, सैनी समाज का सम्मेलन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शहीद बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
        इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई बहुत पुरानी है। भाजपा सामाजिक न्याय विरोधी है। नकारात्मक राजनीति करती है। विपक्ष पर झूठे आरोप लगाती है। बदनाम करती है। भाजपा बाबा साहब का संविधान और कानून नहीं मानती है। बाबा साहब का संविधान बचाने और सामाजिक न्याय के लिए पीडीए सरकार बनाना जरूरी है। भाजपा के खिलाफ पीडीए ही विकल्प है। पीडीए की लड़ाई बड़ी है। पीडीए की एकजुटता से भाजपा घबराई है। तरह-तरह का षड्यंत्र कर रही है। भाजपा गरीबों, कमजोरों पर अन्याय कर रही है। उसका एजेण्डा नफरत फैलाना है। उन्होंने कहा कि सच्चा सनातनी कभी दूसरे से नफरत नहीं करता है और दूसरे के साथ अन्याय नहीं करता है।
        अखिलेश यादव ने कहा कि आज कार्यक्रम में सामाजिक न्याय की लड़ाई को लड़ने वाले बड़ी संख्या में लोग मौजूद है। सभी ने पीडीए समाज को और जोड़ने तथा पीडीए आंदोलन को और मजबूत करने का संकल्प लिया। सबने मिलकर पीडीए सरकार बनाने और सामाजिक न्याय के राज की स्थापना का संकल्प लिया है जिससे सबको हक और सम्मान मिले। अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर चक्रवर्ती सम्राट अशोक की जयंती पर छुट्टी घोषित की जाएगी और सपा सरकार में लखनऊ के सबसे महत्वपूर्ण स्थान गोमती रिवर फ्रंट पर बाबू जगदेव कुशवाहा की प्रतिमा लगाकर स्मारक बनाया जाएगा। यादव ने कहा कि श्रद्धेय बाबू जगदेव कुशवाहा ने अपना पूरा जीवन वंचित, शोषित तबके को न्याय दिलाने और सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने में लगा दिया।
        अखिलेष यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार में प्रदेश में भगवान बुद्ध से जुड़े स्थानों कपिलवस्तु, श्रावस्ती, कुशीनगर, सिद्धार्थ नगर, सारनाथ, सोनभद्र और अन्य में विश्वस्तीय इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित कर दुनिया से जोड़ने और सुविधाएं देने का काम होगा।
        अखिलेश यादव ने जातीय जनगणना कराने की मांग करते हुए कहा कि कुशवाहा, शाक्य, मौर्या, सैनी समाज के लोग आबादी में ज्यादा हैं लेकिन संख्या कम बताई जाती है। इनकी गिनती होनी चाहिए। आबादी के हिसाब से हक और सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण रहेगा, जो लोग सुरंग में रहकर आरक्षण के खिलाफ साजिश कर रहे हैं, उनकी सुरंगवादी सोच को नहीं चलने दिया जाएगा।
        समारोह की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने की। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र चौधरी, सांसद बाबू सिंह कुशवाहा, नीरज मौर्य एवं देवेश शाक्य, विधायक ऊषा मौर्य, राम अवतार सैनी, पूर्व एमएलसी लीलावती कुशवाहा, कार्यक्रम संयोजक जयपाल सैनी, कार्यक्रम संचालक अवनीश कुशवाहा पूर्व विधायक, जगदीश कुशवाहा पूर्व सांसद, आलोक शाक्य, प्रवक्ता राज कुमार भाटी, डॉ. नवल किशोर शाक्य आदि ने कार्यक्रम में सक्रिय सहभाग किया। प्रदेश अध्यक्ष छात्र सभा विनीत कुशवाहा, आरएस कुशवाहा, दीनानाथ कुशवाहा, अमरनाथ मौर्य, वैभव सैनी प्रदेश उपाध्यक्ष छात्र सभा शामिल रहे।
           

  • पटेल गोलंबर से गांधी मैदान तक बदलेगा शहर का लुक, फ्लाईओवर के नीचे भी बनेगा ग्रीन जोन

    पटेल गोलंबर से गांधी मैदान तक बदलेगा शहर का लुक, फ्लाईओवर के नीचे भी बनेगा ग्रीन जोन

    पटना
    राजधानी में खाली और कम उपयोग हो रहे स्थानों को अब हरित और मनोरंजक सार्वजनिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है।

    इसके लिए तीन प्रमुख स्थानों पर अर्बन ग्रीन एंड रिक्रिएशनल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का प्रस्ताव नगर निगम की ओर से तैयार किया गया है।

    इसमें पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट होते हुए शेखपुरा मोड़ तक का मार्ग, गांधी मैदान व उसकी बाहरी परिधि और मीठापुर से करबिगहिया के बीच फ्लाईओवर के नीचे का क्षेत्र शामिल है।

    प्रस्तावित योजना में हरियाली बढ़ाने के साथ पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों के लिए सुविधाएं विकसित करने तथा छोटे दुकानदारों के लिए व्यवस्थित वेंडिंग जोन बनाने की परिकल्पना की गई है।

    अर्बन ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होने से तीनों क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने के साथ पैदल यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। साइकिल ट्रैक से साइकिल चलाने वालों को सुरक्षित जगह मिल सकेगी।

    वहीं, व्यवस्थित वेंडिंग जोन बनने से छोटे दुकानदारों को तय स्थान मिलेगा और सड़क किनारे अव्यवस्थित दुकानें लगाने की समस्या कम हो सकती है

    पौधारोपण, लैंडस्केपिंग, बैठने की जगह और बेहतर रोशनी से इन क्षेत्रों की सुंदरता बढ़ने के साथ लोगों को अधिक सुविधाजनक और बेहतर सार्वजनिक वातावरण उपलब्ध होगा। नगर निगम जल्द ही इस प्रस्ताव को धरातल पर उतारने की दिशा में काम कर रहा है।

    पटेल गोलंबर-शेखपुरा मोड़ मार्ग होगा हरित
    पहले स्थल के रूप में पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट होते हुए शेखपुरा मोड़ तक के मार्ग को विकसित करने का प्रस्ताव है। सड़क के किनारे व्यवस्थित फुटपाथ और साइकिल ट्रैक बनाए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही सड़क के आसपास और डिवाइडर क्षेत्र में पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाई जाएगी।

    पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुटपाथ पर टैक्टाइल पथ प्रस्तावित है। इससे दृष्टिबाधित लोगों को भी आवाजाही में सुविधा होगी। सड़क किनारे आकर्षक लाइटें, पौधों की कतार और गमलों से क्षेत्र को बेहतर रूप देने की योजना है।

    इसके अलावा दीवारों पर बिहार की कला और संस्कृति से जुड़े चित्रों के माध्यम से इस मार्ग को आकर्षक बनाया जाएगा। एयरपोर्ट से शहर में प्रवेश करने वाले प्रमुख मार्ग को हरित और व्यवस्थित स्वरूप दिया जाएगा।

    गांधी मैदान के चारों ओर विकसित होगा सार्वजनिक क्षेत्र
    दूसरे स्थल के रूप में गांधी मैदान की बाहरी परिधि को विकसित करने की योजना है। इसके गेट क्षेत्र समेत मैदान के आसपास के हिस्से को बेहतर सार्वजनिक स्थान के रूप में तैयार किया जागा।

    यहां चौड़े फुटपाथ, हरियाली, बैठने की जगह, स्ट्रीट लाइट और व्यवस्थित वेंडिंग कियोस्क प्रस्तावित हैं। चाय-नाश्ता, फल और अन्य सामान बेचने वाली दुकानों के लिए एक समान डिजाइन वाले कियोस्क लगाए जाएंगे।

    इससे दुकानदारों को निर्धारित स्थान मिलेगा और सड़क किनारे बेतरतीब तरीके से दुकानें लगाने की स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। गांधी मैदान के गेट क्षेत्र में ऑटो के लिए व्यवस्थित स्थान का भी प्रस्ताव है।

    कूड़ा प्रबंधन के लिए अलग-अलग डस्टबिन लगाए जाएंगे। लोगों के बैठने के लिए बेंच, पौधों से सजे लैंडस्केप क्षेत्र और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था से मैदान के आसपास का क्षेत्र अधिक सुविधाजनक बनेगा।

    गांधी मैदान की आंतरिक परिधि में भी बढ़ेगी हरियाली
    गांधी मैदान की आंतरिक परिधि को बेहतर बनाने के लिए भी योजना बनाई है। इसमें पैदल पथ को व्यवस्थित करने, हरियाली बढ़ाने और लोगों के बैठने के लिए स्थान विकसित करने की तैयारी है।

    कुछ हिस्सों में अलग साइकिल ट्रैक भी प्रस्तावित है। मैदान के किनारे खुले स्थानों को केवल आने-जाने के रास्ते के रूप में इस्तेमाल करने के बजाय उन्हें टहलने, बैठने और साइकिल चलाने के अनुकूल बनाया जाएगा। इससे गांधी मैदान के आसपास का क्षेत्र अधिक उपयोगी और सुविधाजनक सार्वजनिक स्थान बन सकेगा।

    मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर के नीचे बदलेगा नजारा
    तीसरे स्थल के रूप में मीठापुर से करबिगहिया के बीच फ्लाईओवर के नीचे की जगह को विकसित करने का प्रस्ताव है। फ्लाईओवर के पिलरों के बीच उपलब्ध स्थान में हरियाली, पैदल पथ और बैठने की सुविधा विकसित करने की तैयारी है। इसके साथ आकर्षक प्रकाश व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

    यहां पौधों से सजे छोटे लैंडस्केप क्षेत्र बनाने की योजना है। पैदल यात्रियों के लिए टैक्टाइल पथ और कचरा डालने के लिए अलग-अलग डस्टबिन भी प्रस्तावित स्वरूप में शामिल हैं। इससे फ्लाईओवर के नीचे के स्थान को अधिक साफ-सुथरा और उपयोगी सार्वजनिक क्षेत्र बनाया जाएगा।

    ये जगह होंगे विकसित
        पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट-शेखपुरा मोड़
        गांधी मैदान व उसकी बाहरी परिधि
        मीठापुर-करबिगहिया फ्लाईओवर के नीचे

     

  • स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में रांची 27वें पायदान पर, धनबाद ने बेहतर प्रदर्शन किया

    स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में रांची 27वें पायदान पर, धनबाद ने बेहतर प्रदर्शन किया

    रांची
     National Clean Air Survey-2026 केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में झारखंड की राजधानी रांची 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में 27वें स्थान पर रही। रांची का स्कोर 162.5 रहा। वहीं रांची से बहुत बेहतर प्रदर्शन धनबाद का रहा। धनबाद 17वें स्थान पर रहकर 174.5 अंक के साथ रांची से आगे रहा।

    झारखंड की औद्योगिक नगरी जमशेदपुर को 37वां स्थान मिला, जिसका स्कोर 147.3 रहा। सर्वेक्षण में शहरों में वायु प्रदूषण कम करने के प्रयास, उनकी प्रभावशीलता और परिणामों का आकलन किया गया। रांची नगर निगम के वार्ड 26, 29 और 15 को सबसे स्वच्छ वार्डों में शामिल किया गया। सर्वेक्षण में सीपीसीबी की भी भूमिका रही।

    48 शहरों की श्रेणी में 27वीं रैंक
    इस बार 10 लाख से अधिक आबादी वाले 48 शहरों को एक श्रेणी में शामिल किया गया है। रैंकिंग तय करने में तालिका में दिए गए क्रमांक के बजाय अलग से दर्ज ‘रैंक’ को आधार बनाया गया है। इसी आधार पर रांची की रैंक 27 है। उसका अंतिम प्राप्तांक 162.5 दर्ज किया गया है।

    रांची से आगे रहने वाले पटना को 178 अंक मिले हैं और वह 16वें स्थान पर है। धनबाद को 174.5 अंक मिले और वह 18वें स्थान पर रहा। दोनों शहरों के प्राप्तांक रांची के मुकाबले अधिक हैं।

    लखनऊ शीर्ष पर, मदुरै 39वें स्थान पर
    सर्वेक्षण की सूची में लखनऊ 198 अंक के साथ पहले स्थान पर रहा। इंदौर 197 अंक के साथ दूसरे और जबलपुर 195 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भोपाल और आगरा दोनों को 192-192 अंक मिले और दोनों चौथे स्थान पर रहे।
    सूची के निचले हिस्से में मदुरै 39वें स्थान पर है। उसका अंतिम प्राप्तांक 132.1 रहा। हालांकि सूची में 48 शहर शामिल हैं, उपलब्ध तालिका के ‘रैंक’ खाने में मदुरै के लिए 39 दर्ज है। इसलिए उसे 48वें स्थान पर बताना सही नहीं होगा। उपलब्ध रैंक और प्राप्तांक के आधार पर मदुरै की स्थिति 39वें स्थान की ही मानी गई है।

    शहर की रैंकिंग के बीच वार्डों से राहत
    पूरे शहर की रैंकिंग में रांची भले ही पीछे रही हो, लेकिन वार्ड स्तर पर शहर के दो हिस्सों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग में 30 हजार से अधिक आबादी वाली श्रेणी में रांची नगर निगम का वार्ड-29 शामिल हुआ है। वहीं 10 हजार से 30 हजार आबादी वाली श्रेणी में वार्ड-26 ने जगह बनाई है।

    वार्ड स्तर पर इन दोनों की मौजूदगी रांची के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे यह भी पता चलता है कि शहर के कुछ हिस्सों में स्वच्छ वायु और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रयासों का असर दिखाई दे रहा है।

    हालांकि पूरे शहर की रैंकिंग 27वें स्थान पर रहना यह सवाल भी खड़ा करता है कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्डों में अपनाए जा रहे उपायों को नगर निगम के दूसरे क्षेत्रों में कितनी प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।

     

  • 12 से 20 लाख में ‘सेटिंग’! JSSC CGL पेपर लीक मामले में SIT की जांच में चौंकाने वाले खुलासे

    12 से 20 लाख में ‘सेटिंग’! JSSC CGL पेपर लीक मामले में SIT की जांच में चौंकाने वाले खुलासे

     रांची
     SSC CGL Paper Leak: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (सीजीएल) प्रतियोगिता परीक्षा में कथित अनियमितता की जांच के लिए गठित 17 सदस्यीय एसआइटी को लगातार नई जानकारियां मिल रही हैं। नए सिरे से जब इस मामले की जांच तेज हुई तो गिरफ्तार एक-एक आरोपित इस परीक्षा में कथित पेपर लीक की पुष्टि करने लगे।

    सीआइडी के पूर्व डीजी अनुराग गुप्ता के कार्यकाल में सीआइडी ने जांच के दौरान 16 आरोपितों को गिरफ्तार तो किया था, लेकिन जांच में पेपर लीक की पुष्टि नहीं कर सकी थी। पूर्व की जांच में सीआइडी ने पाया था कि जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुई थी, बल्कि पेपर लीक के नाम पर अभ्यर्थियों से अवैध तरीके से वसूली की गई थी।

    जेपीएससी की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित गड़बड़ी, ओएमआर शीट की हेराफेरी सहित अनियमितता मामले की जांच के क्रम में गिरफ्तार परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी की गिरफ्तारी के बाद ही एक-एक कर गड़बड़ियों का खुलासा होता गया।

    अभय कुमार तिवारी जेपीएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ियों के मामले में गिरफ्तार हुआ था। जब उससे पूछताछ हुई तो उसने जेएसएससी की सीजीएल परीक्षा में भी गड़बड़ी से पर्दा उठाया।

    उसने बताया कि उसने स्वयं सहित अपनी पत्नी सुषमा कुमारी व भाई अक्षय तिवारी को उक्त परीक्षा में पास कराने के लिए जेएसएससी सीजीएल परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आइसीएन के संचालक मिथिलेश सिंह को 12-12 लाख रुपये की रिश्वत दी थी।

    अभय तिवारी ने यह भी बताया था कि उक्त परीक्षा में 12-12 लाख रुपये से लेकर किसी अभ्यर्थी से 15 लाख तो किसी से 20-20 लाख रुपये लेकर अभ्यर्थियों की सेटिंग कराई गई थी और उन्हें पास कराया गया था।

    बोकारो से लेकर नेपाल तक रटवाए गए थे प्रश्न व उत्तर
    सीजीएल परीक्षा मामले में एसआइटी ने गिरफ्तार आरोपितों से सख्ती से पूछताछ की तो आरोपितों ने बताया कि उन्हें बोकारो से लेकर नेपाल तक प्रश्न व उत्तर रटवाए गए थे। रटवाए गए 135 प्रश्नों में से 120 प्रश्न परीक्षा में मैच कर गए थे। रुपये देने वाले अभ्यर्थियों को भी सफलता हासिल हुई थी।

    सीआइडी की एसआइटी ने पिछले एक महीने के भीतर 11 सफल अभ्यर्थियों व परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी आइसीएन के कर्मियों को गिरफ्तार किया है। अभ्यर्थियों व आइसीएन से जुड़े कर्मियों ने पेपर लीक की सूचना पर मुहर लगाई है।

    इसी सिंडिकेट से पूर्व में गिरफ्तार 16 अभ्यर्थी भी जुड़े थे, जिन्होंने अभ्यर्थियों से रुपये वसूले, उन्हें संबंधित ठिकानों तक पहुंचाया, जहां उन्हें प्रश्न व उत्तर रटवाया। इसमें विशेषज्ञों की भी मदद ली गई थी।

    वेबेल को मिला था काम, आइसीएन से करवाया, फिर लीक हुआ प्रश्न पत्र
    जेएसएससी सीजीएल परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी वेबेल एजेंसी को मिली थी। वेबेल ने अपने सहयोगी आइसीएन से परीक्षा संचालन में मदद ली। आइसीएन प्रश्न प्रिंट होने से लेकर स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने में शामिल रहा। सीआइडी की जांच में पुष्टि हो चुकी है कि आइसीएन ने ही पेपर लीक किया

    अभ्यर्थियों, एजेंटों, दलालों, अधिकारियों के सिंडिकेट में आइसीएन भी शामिल था, जिसने पेपर लीक कर अयोग्य अभ्यर्थियों को मदद पहुंचाई है। सीआइडी ने अब तक 250 से अधिक अभ्यर्थियों व संदिग्धों का बयान ले लिया है। हर दिन पूछताछ जारी है।

    प्रखंड कल्याण पदाधिकारी कुंदन कुमार से रिमांड पर होगी पूछताछ
    सीआइडी की एसआइटी अब गिरफ्तार गुमला जिले के सिसई के प्रखंड कल्याण पदाधिकारी कुंदन कुमार को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।

    कुंदन कुमार की नियुक्ति जेएसएससी सीजीएल परीक्षा के माध्यम से हुई थी। सीआइडी ने प्रारंभिक जांच में पाया है कि कुंदन कुमार ने स्वयं व अन्य अभ्यर्थियों के लिए भी एजेंट बनकर अवैध भुगतान किया था और नौकरी हासिल की थी। सीआइडी सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।

    भाजपा लगातार कर रही है पूर्व डीजी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग
    सीआइडी की जांच में पेपर लीक की पुष्टि के बाद भाजपा लगातार पूर्व डीजीपी सह सीआइडी के पूर्व डीजी अनुराग गुप्ता के विरुद्ध कार्रवाई की मांग कर रही है।

    विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से पत्राचार कर व इंटरनेट मीडिया एक्स पर पोस्ट कर पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता की जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

    बाबूलाल मरांडी के अनुसार अनुुराग गुप्ता ने जान-बूझकर सीजीएल परीक्षा में पेपर लीक व अनियमितता के मामलों की अनदेखी करते हुए आरोपों को गलत ठहराया था। सभी आरोप एक-एक कर सही साबित होते जा रहे हैं।

     JSSC-CGL मामले की जांच को प्रभावित करने, उसे गलत दिशा में ले जाने और डिजिटल साक्ष्यों को नष्ट कराने के आरोपों से घिरे पुलिस अधिकारी अनुराग गुप्ता पर कार्रवाई करने से मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM आखिर क्यों हिचक रहे हैं?
        आखिर ऐसी क्या वजह थी कि अनुराग गुप्ता छात्रों द्वारा लगाए गए…

  • लखनऊ में हैरान करने वाला मामला: जिस महिला को समझा था मृत, प्रेमी संग 28 महीने बाद लौटी घर

    लखनऊ में हैरान करने वाला मामला: जिस महिला को समझा था मृत, प्रेमी संग 28 महीने बाद लौटी घर

    लखनऊ
    राजधानी लखनऊ में बड़ा चमत्कार हो गया है। यहां परिवार ने जिस महिला को मृत समझकर उसका अंतिम संस्कार कर दिया था, वह 28 महीने बाद जिंदा घर लौट आई।

    28 वर्ष की शिवानी पांच सितंबर को बीकेटी तहसील के नवीकोट नंदना गांव में अपने मायके पहुंची। उसे देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए। करीब डेढ़ वर्ष पहले आईआईएम रोड के पीछे नाले में एक अज्ञात महिला का शव मिला था। मायकेवालों ने उसकी पहचान शिवानी के रूप में की थी। इसके बाद भैंसाकुंड में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

    इस प्रकरण में ससुरालवालों के खिलाफ दहेज हत्या का केस भी दर्ज कराया गया था। अब शिवानी के जिंदा लौटने से मामला उलझ गया है। सवाल है कि नाले में मिला शव आखिर किस महिला का था। पुलिस शिवानी को थाने ले गई और उससे पूछताछ की जा रही है।

    अपने प्रेमी के साथ पारा में रह रही
    उसके बारे में पता चला है कि वह अपने प्रेमी के साथ पारा में रह रही थी। पुलिस ने मामले में पड़ताल तेज कर दी है। अब सोमवार को पुलिस 164 के बयान दर्ज कराएगी। परिवार के मुताबिक, शिवानी का विवाह की शादी 22 अप्रैल 2020 को मूल रूप से सीतापुर और यहां बीकेटी के भीखापुर निवासी आनंद सिंह से हुई।

    आरोप है कि कुछ समय बाद उससे प्लाट की मांग की जाने लगी। दादी की मौत के बाद मायके आई शिवानी ने मां को जानकारी और फिर वापस ससुराल नहीं गई। दो मई 2024 की सुबह ससुराल से आधार कार्ड लाने की बात कहक शिवानी घर से निकली, लेकिन लौटी नहीं।

    ससुरालवालों ने भी जानकारी से किया इन्कार
    पिता सर्वेश सिंह उर्फ हींगू ने तलाश शुरू की। ससुरालवालों ने भी जानकारी से इन्कार किया तो बीकेटी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। 16 जुलाई को आइआइएम रोड के पीछे नाले में अज्ञात महिला का शव मिला। पुलिस ने शिवानी के स्वजन को सूचना दी। मेडिकल कालेज में स्वजन ने हाथ में बंधे कलावे और अंगूठी के आधार पर शिवानी के रूप में पहचान की। पुलिस की मौजूदगी में भैंसाकुंड में अंतिम संस्कार हुआ और ससुरालवालों पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ।

    शिवानी ने बताया सच
    पुलिस के मुताबिक, शिवानी पारा में जावेद नामक युवक के साथ रह रही थी, जो नगर निगम के शौचालय की देखरेख करता है। शिवानी के अनुसार उसकी मुलाकात जावेद से पारा में हुई। जावेद ने कई बार उसे घर लौटने के लिए कहा, लेकिन वह वापस नहीं गई।

    डीएनए रिपोर्ट में निकला था किसी और का शव
    डीएनए रिपोर्ट में निकला था किसी और का शव एसीपी बीकेटी विकास पांडेय ने बताया कि महिला के शव का डीएनए टेस्ट कराया गया था। रिपोर्ट में पता चला कि शव शिवानी का नहीं है इसलिए ससुराल पक्ष से किसी को जेल नहीं भेजा गया था, लेकिन अपहरण की धारा में जांच चल रही है। साथ ही वह शव किसका था यह पता लगाया जा रहा है। शिवानी से पूछताछ में पता चलेगा कि इतने दिन वह क्यों नहीं लौटी।

     

  • सत्य निकेतन हादसे में सिस्टम पर गिरी गाज, डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारी सस्पेंड; मालिक

    सत्य निकेतन हादसे में सिस्टम पर गिरी गाज, डिप्टी कमिश्नर समेत 5 अधिकारी सस्पेंड; मालिक

    नई दिल्ली
     दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को गिरी 5 मंजिला इमारत मामले में दिल्ली सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। सीएम रेखा गुप्ता के निर्देश पर एमसीडी ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर समेत पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। वहीं इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल अस्पताल में भर्ती हैं।

    जानकारी के मुताबिक, सीएम रेखा गुप्ता के सख्त निर्देश के बाद एमसीडी ने 5 अधिकारियों को सस्पेंड किया है। जिसमें साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार, रणवीर सिंह, ललित कुमार गोयल, सुनील चौहान और जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार शामिल हैं।

    बिल्डिंग के मालिक की तलाश के लिए गठित की गई 10 टीमें
    वहीं बिल्डिंग के गिरने से हुए हादसे के संबंध में भवन मालिक हरिराम बंसल को गिरफ्तार करने के लिए 10 अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद उसे ढूंढने और गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

    इन टीमों में स्थानीय जिला पुलिस और विशेष स्टाफ के कर्मियों के साथ-साथ जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी शामिल हैं। सभी 10 टीमों का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (अतिरिक्त डीसीपी) रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। साथ ही, वरिष्ठ अधिकारी अभियान की निगरानी कर रहे हैं और विभिन्न स्थानों पर तलाशी का समन्वय कर रहे हैं।

    सत्य निकेतन हादसे ने खोली सिस्टम की पोल
    पुलिस के अनुसार, हरिराम का पता लगाने और उसे हिरासत में लेने के प्रयासों के तहत दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।

    पुलिस ने दर्ज की FIR
    पुलिस ने रविवार को हरिराम बंसल और अन्य लोगों के खिलाफ इमारत गिरने के संबंध में एफआईआर दर्ज की। पुलिस के अनुसार, इमारत का उपयोग पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास के रूप में किया जा रहा था और बेसमेंट में कथित तौर पर नवीनीकरण का काम चल रहा था, तभी अचानक इमारत गिर गई।

    इस घटना में सात लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 12 लोगों को बचा लिया गया है और हादसे वाली जगह पर मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी है।

  • बेटियों को नेतृत्व और सुरक्षा का मजबूत कवच, मीना मंचों के 450 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करेगी योगी सरकार

    बेटियों को नेतृत्व और सुरक्षा का मजबूत कवच, मीना मंचों के 450 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित करेगी योगी सरकार

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बेटियों को शिक्षा के साथ नेतृत्व, आत्मविश्वास और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विद्यालय स्तर पर चल रहे कार्यक्रमों को संस्थागत मजबूती दे रही है। इसी नीति के अंतर्गत विशेष परियोजना फॉर इक्विटी के अंतर्गत मीना मंचों को बालिकाओं के सशक्तीकरण और नेतृत्व क्षमता विकास का प्रभावी माध्यम बनाने के लिए राज्य स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।

    महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी के अनुसार एसआईईटी, प्रयागराज में 09 से 24 सितंबर तक नौ बैचों में कुल 450 प्रतिभागियों की ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी) एवं मास्टर ट्रेनर (एमटी) कार्यशाला होगी। कार्यशाला में मीना मंचों के सशक्तीकरण, नेतृत्व क्षमता प्रदान करने तथा यौन शोषण संबंधी प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिभागियों की क्षमता संवर्धित की जाएगी।

    नौ बैचों में होगा प्रशिक्षण
    जारी दिशा निर्देश के अनुसार प्रथम एवं द्वितीय बैच की कार्यशाला 09 एवं 10 सितंबर, तृतीय एवं चतुर्थ बैच की 11 एवं 12 सितंबर, पंचम एवं षष्ठम बैच की 21 एवं 22 सितंबर, सप्तम एवं अष्टम बैच की 16 एवं 17 सितंबर तथा नवें बैच की कार्यशाला 23 एवं 24 सितंबर 2026 को होगी। प्रत्येक बैच में 50 प्रतिभागी शामिल होंगे और कुल 450 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    75 जनपदों से होगी सहभागिता
    कार्यशाला में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से प्रतिभागी शामिल होंगे। प्रथम बैच में बदायूं, बुलंदशहर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, एटा, इटावा, फैजाबाद और फर्रुखाबाद से छह-छह प्रतिभागी शामिल होंगे। द्वितीय बैच में फतेहपुर, फिरोजाबाद, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर और हमीरपुर से प्रतिभागी होंगे। तृतीय बैच में हापुड़, हरदोई, हाथरस, जालौन, जौनपुर, झांसी, कन्नौज और कानपुर देहात तथा चतुर्थ बैच में कासगंज, कौशाम्बी, कुशी नगर, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, लखनऊ और महराजगंज से प्रतिभागी शामिल होंगे।

    इसी तरह पंचम बैच में महोबा, मैनपुरी, मथुरा, मऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद और मुजफ्फरनगर तथा षष्ठम बैच में पीलीभीत, प्रतापगढ़, रायबरेली, रामपुर, सहारनपुर, संभल, संत कबीर नगर और शाहजहांपुर से प्रतिभागी होंगे। सप्तम बैच में शामली, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, सोनभद्र, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, उन्नाव और वाराणसी तथा अष्टम बैच में आगरा, अलीगढ़, औरैया, प्रयागराज, अम्बेडकर नगर, अमेठी, अमरोहा, आजमगढ़ और बागपत से सहभागिता होगी जबकि नवां बैच 23 एवं 24 सितंबर को आयोजित होगा, जिसमें बहराइच, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बरेली, बस्ती, भदोही और बिजनौर से प्रतिभागी शामिल होंगे।

    मीना मंचों को मिलेगा सशक्त नेतृत्व
    कार्यशाला का उद्देश्य मीना मंचों को बालिकाओं के सशक्तीकरण, नेतृत्व क्षमता और सुरक्षा संबंधी जागरूकता से जोड़ते हुए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है। टीओटी एवं एमटी के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागी आगे संबंधित स्तरों पर इस क्षमता को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इससे विद्यालयों में बालिकाओं की सहभागिता को बढ़ाने और उन्हें नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।

    कोट:
    योगी सरकार बालिकाओं को शिक्षा के साथ नेतृत्व, आत्मविश्वास और सुरक्षित वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है। मीना मंच बालिकाओं के सशक्तीकरण और नेतृत्व विकास का प्रभावी माध्यम है। 450 प्रतिभागियों का प्रशिक्षण इस व्यवस्था को और मजबूत करेगा।
    *संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा, उत्तर प्रदेश*

  • बिहार में सत्ता संतुलन का नया फॉर्मूला! विधान परिषद सभापति पद पर JDU की दावेदारी मजबूत

    बिहार में सत्ता संतुलन का नया फॉर्मूला! विधान परिषद सभापति पद पर JDU की दावेदारी मजबूत

     पटना
     बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार के गठन के बाद अब सत्ता के गलियारों में एक और बड़े राजनीतिक बदलाव की चर्चा तेज हो गई है।

    बिहार विधान परिषद के सभापति का पद एक बार फिर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के खाते में जा सकता है। चर्चा है कि इसको लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर सहमति बन चुकी है।

    यदि यह बदलाव होता है तो इसे भाजपा और जदयू के बीच सत्ता-संतुलन साधने की दिशा में अहम कदम माना जाएगा।फिलहाल विधान परिषद के सभापति की जिम्मेदारी भाजपा के वरिष्ठ नेता अवधेश नारायण सिंह के पास है।

    नई सरकार बनने के बाद से ही राजनीतिक हलकों में चर्चा थी कि सरकार में महत्वपूर्ण पदों के बंटवारे के बाद अब विधान परिषद की शीर्ष कुर्सी जदयू को दी जा सकती है।

    भाजपा के पास कई अहम पद, जदयू की दावेदारी क्यों मजबूत?
    सरकार में मुख्यमंत्री पद समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भाजपा के पास हैं। विधानसभा अध्यक्ष का पद भी भाजपा के पास है। ऐसे में विधान परिषद के सभापति का पद जदयू को दिया जाना एनडीए के भीतर राजनीतिक संतुलन बनाने का संदेश माना जा रहा है।

    यानी सदन के दोनों शीर्ष संवैधानिक पदों में से एक पर जदयू की मौजूदगी गठबंधन के भीतर जिम्मेदारियों के संतुलित बंटवारे का संकेत दे सकती है। यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि विधान परिषद में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन जदयू भी मजबूत स्थिति में है।

    आंकड़ों को देखें तो परिषद में भाजपा के 25 और जदयू के 20 सदस्य हैं। इसके अलावा राजद के 15, कांग्रेस के दो, निर्दलीय सात तथा सीपीआई, सीपीएम, हम, रालोमो और लोजपा (रामविलास) के एक-एक सदस्य हैं।

    विधानसभा में भी भाजपा और जदयू के बीच सीटों का अंतर बहुत बड़ा नहीं है। भाजपा के 88 जबकि जदयू के 85 विधायक हैं। ऐसे में दोनों दलों की राजनीतिक ताकत को देखते हुए संवैधानिक पदों का बंटवारा एनडीए के भीतर सत्ता-संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण हो जाता है।

    जदयू के लिए नई नहीं है सभापति की कुर्सी
    विधान परिषद के सभापति पद पर जदयू की दावेदारी पहले भी रही है। भाजपा के अवधेश नारायण सिंह से पहले जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर करीब दो वर्षों तक इस पद पर रहे थे।

    वहीं, महागठबंधन सरकार के दौरान उपसभापति हारुण रशीद ने कार्यकारी सभापति की जिम्मेदारी संभाली थी। इससे साफ है कि विधान परिषद की शीर्ष कुर्सी को लेकर जदयू की भूमिका पहले भी महत्वपूर्ण रही है।

    किसे मिलेगी जिम्मेदारी, इस पर नजर
    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सभापति का पद जदयू के खाते में जाता है तो पार्टी किस वरिष्ठ विधान पार्षद को यह जिम्मेदारी देगी।पार्टी के भीतर अनुभवी नामों पर मंथन की चर्चा है। हालांकि, संभावित नाम को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं हुई है।

    राजनीतिक तौर पर यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि नई सरकार के दौर में भाजपा और जदयू के बीच सत्ता-साझेदारी का नया प्रारूप सामने आ रहा है।

    ऐसे में विधान परिषद सभापति का पद किसके पास जाता है, इसे आने वाले दिनों में एनडीए के भीतर शक्ति-संतुलन के एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जाएगा।

     

  • राजस्थान में बारिश पर लगेगा ब्रेक, जानें 7 से 17 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम का हाल

    राजस्थान में बारिश पर लगेगा ब्रेक, जानें 7 से 17 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम का हाल

    जयपुर
    राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मानसून अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार 7 सितंबर से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने लगेगी। हालांकि पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद 8 से 10 सितंबर तक ज्यादातर इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने की संभावना है। राहत के इस दौर के बाद 12-13 सितंबर से फिर बारिश का नया दौर शुरू होने के संकेत हैं।

    7 सितंबर को भरतपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। बीकानेर संभाग में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।

    7 सितंबर को इन इलाकों में बारिश के आसार
    मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 7 सितंबर को अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों के अलावा टोंक, सवाई माधोपुर, कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, जयपुर, दौसा, अलवर और भरतपुर के कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।

    भरतपुर, जयपुर और कोटा संभाग में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। उदयपुर संभाग में भी कुछ जगह बौछारें पड़ सकती हैं। इसके अलावा श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, बीकानेर और नागौर में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है।
    प्रदेश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।

    उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में बना सिस्टम कमजोर
    राजस्थान में पिछले दिनों हुई बारिश के पीछे उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में बना अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र (Well Marked Low Pressure Area) प्रमुख मौसम सिस्टम था। इसके प्रभाव से मध्य प्रदेश के साथ पूर्वी राजस्थान में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ी थीं। IMD ने 5 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना भी जताई थी।
    अब यह सिस्टम कमजोर पड़ रहा है। इसके कमजोर होने के साथ राजस्थान में मानसून की सक्रियता भी कम होने की संभावना है। इसलिए 7 सितंबर के बाद प्रदेश में बारिश का दायरा और तीव्रता दोनों घट सकती हैं।

    8 से 10 सितंबर तक बारिश से राहत
    मौसम विभाग के अनुसार 8 से 10 सितंबर के बीच राजस्थान में मानसून कमजोर रहने की संभावना है। इस दौरान व्यापक बारिश की संभावना कम रहेगी। हालांकि स्थानीय स्तर पर बादल बनने और कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।
    यानी अगले तीन दिन प्रदेश में बारिश से कुछ राहत मिल सकती है। खासकर पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में छिटपुट बारिश जारी रह सकती है।

    12-13 सितंबर से फिर सक्रिय हो सकता है मानसून
    बारिश में यह कमी लंबे समय तक रहने वाली नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 12 और 13 सितंबर से पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में बारिश का नया दौर शुरू होने के संकेत हैं।
    12 से 15 सितंबर के बीच पूरबाई हवाओं के कारण वातावरण में नमी बढ़ सकती है। इससे पूर्वी, दक्षिण-पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में कई स्थानों पर खंड-खंड बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां प्रदेश के अन्य हिस्सों की तुलना में ज्यादा रह सकती हैं।

    हालांकि इस दौरान किसी एक सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र को लेकर अभी स्पष्ट स्थिति नहीं है। इसलिए इस दौर को फिलहाल नमी बढ़ने और पूरबाई हवाओं के असर से संभावित बारिश के चरण के तौर पर देखना ज्यादा सही होगा।

    16-17 सितंबर से फिर कम हो सकती है बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार 16 और 17 सितंबर के आसपास प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में एक बार फिर कमी आ सकती है। हालांकि 10 से 15 दिन के विस्तारित पूर्वानुमान में बदलाव संभव है। आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी में बनने वाले किसी नए मौसम सिस्टम, मानसून ट्रफ की स्थिति और हवाओं के रुख का राजस्थान की बारिश पर असर पड़ सकता है। इसलिए अगले चरण की बारिश को लेकर स्थिति साफ होने के साथ पूर्वानुमान में बदलाव भी संभव है।