Category: राज्य

  • बिहार सरकार ने स्कूली छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विद्यालयों में वोकेशनल कोर्स शुरू किए।

    बिहार सरकार ने स्कूली छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विद्यालयों में वोकेशनल कोर्स शुरू किए।

     पटना
     बिहार में कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), बिहार यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से इसके लिए रणनीति तैयार कर रहा है।

    स्कूलों में वोकेशनल कोर्स संचालित करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसी कड़ी में 16 और 17 सितंबर 2026 को पटना में दो दिवसीय आवासीय विचार-विमर्श कार्यशाला आयोजित की जाएगी।

    इसमें जिला स्तर के व्यावसायिक नोडल पदाधिकारी के अलावा प्रत्येक जिले से एक-एक विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के शिक्षक-शिक्षिका शामिल होंगे।

    किसी एक ट्रेड का चयन करेंगे विद्यार्थी
    राज्य के 555 विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई शुरू की जानी है। नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी अपने विद्यालय में आवंटित ट्रेड में से किसी एक का चयन कर उसका अध्ययन कर सकेंगे।

    व्यावसायिक शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के दौरान ही रोजगारपरक कौशल से लैस करना है, ताकि वे आगे नौकरी के साथ अपना उद्यम भी शुरू कर सकें और अपने कौशल से आय अर्जित कर सकें।

    हर विद्यालय में दो ट्रेड की होगी पढा़ई
    व्यावसायिक शिक्षा के तहत प्रत्येक विद्यालय में दो-दो ट्रेड संचालित किए जाएंगे। ट्रेड का आवंटन जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय स्तर से किया जाएगा।

    प्रत्येक ट्रेड के लिए जाब रोल भी निर्धारित किए गए हैं। यानी विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी जाएगी कि संबंधित ट्रेड का प्रशिक्षण लेने के बाद वे किन क्षेत्रों में रोजगार हासिल कर सकते हैं।

    उदाहरण के तौर पर इलेक्ट्रानिक्स एंड हार्डवेयर ट्रेड में नौवीं व 10वीं के विद्यार्थी जूनियर टेक्निशियन- सोलर ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसे जाब रोल के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों को सोलर पैनल इंस्टालेशन टेक्निशियन जैसे रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    कार्यशाला में आने वाले शिक्षकों को लाने होंगे दस्तावेज
    कार्यशाला में शामिल होने वाले शिक्षकों को अपने साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की फोटो कापी लानी होगी। प्रतिभागियों को अपना विवरण निर्धारित गूगल फार्म में 14 सितंबर तक भरना होगा। इससे प्रशिक्षण स्थल पर उनके आवासन की समुचित व्यवस्था की जा सकेगी।

    इन ट्रेड्स में होगी पढ़ाई
        इलेक्ट्रानिक्स एंड हार्डवेयर
        टेलीकॉम
        आइटी
        प्लंबिंग
        कृषि
        अपैरल
        मेड अप्स एंड होम फर्निशिंग
        रीटेल

     

  • धनबाद समेत झारखंड में अवैध खनन बेखौफ, आधे से ज्यादा शिकायतों पर कार्रवाई बाकी

    धनबाद समेत झारखंड में अवैध खनन बेखौफ, आधे से ज्यादा शिकायतों पर कार्रवाई बाकी

    रांची
    झारखंड में अधिकारियाें के ढीले रवैये के कारण अवैध खनन रुक नहीं रहा है। अवैध खनन के आरोपियों की पहचान करना तो दूर की बात है, कार्यालय तक पहुंचनेवाली शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है। विभागीय सचिव की समीक्षा में यह बात खुलकर सामने आई और हालात गंभीर दिखे।

    स्थिति यह है कि झारखंड में पिछले एक वर्ष में अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित 575 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 269 पर ही कार्रवाई हो सकी है। 306 मामलों में अभी भी जिला स्तर से कार्रवाई का इंतजार है। ज्यादातर मामले में आरोपियों पर एफआईआर भी नहीं दर्ज हो पा रही है। खनन सचिव पुलिस-प्रशासन से सख्ती बरतने का निर्देश दिया है।

    यहां यह बताना जरूरी है कि सर्वाधिक शिकायत धनबाद से आई है तो पाकुड़, गिरिडीह और साहिबगंज से भी बड़ी संख्या में शिकायतें पहुंची हैं। झारखंड में अवैध खनन कोई नई बात नहीं है। अधिकारियों के स्तर से कार्रवाई नहीं होने के कारण अवैध खनन करनेवालों का मनोबल बढ़ जाता है

    खान एवं भूतत्व विभाग की रिपोर्ट कम से कम यही बता रही है। पिछले दिनों विभिन्न माध्यमों से 575 शिकायतें जिलों में खनन पदाधिकारी तक पहुंची, लेकिन इनमें से महज 269 मामलों में कार्रवाई की गई है। पूरे राज्य में तीन जिले गोड्डा, खूंटी और गुमला ऐसे हैं जहां शिकायतों पर शत-प्रतिशत कार्रवाई होने के आंकड़े मिले हैं।

    मजेदार बात यह है कि गोड्डा जिले के लिए एक ही शिकायत मिली थी, खूंटी के लिए दो और गुमला के लिए पांच। राज्य में गढ़वा एक ऐसा जिला रहा जहां के लिए कोई शिकायत नहीं मिली है। सरकार ने सभी जिलों से प्राप्त एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) के आधार पर यह जानकारी सामने आई है।

    आधे से अधिक जिलों में टास्क फोर्स की बैठक से संबंधित कोई जानकारी नहीं
    राज्य सरकार के पास अगस्त महीने में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक से संबंधित कोई जानकारी अपलोड नहीं की गई है। स्थापित व्यवस्था के अनुसार सभी जिलों को हर महीने बैठक कर इससे संबंधित मिनट्स को जेम्स पोर्टल पर अपलोड करना होता है। अगस्त महीने में राज्य के 13 जिलों से ऐसी बैठक से संबंधित कोई रिपोर्ट अपलोड नहीं है।

    सबसे अधिक शिकायतें धनबाद से, अवैध खन में गोफ में समा जाते लोग
    झारखंड में अवैध खनन से सर्वाधिक प्रभावित जिलों की बात करें तो सबसे अधिक शिकायतें धनबाद से मुख्यालय तक आती हैं और इस पर कार्रवाई का प्रतिशत भी बहुत कम है। नतीजा आए दिन देखने को मिलता है।

    इस जिले में अवैध खनन के कारण बड़ी घटनाएं आए दिन होती रहती हैं। रविवार को भी धनबाद में अवैध खनन की कोशिशों में दो लोगों की मौत हुई है और कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की भी जानकारी मिल रही है।

    ऐसी जानकारियों की पुष्टि झारखंड में यदा-कदा ही हो पाती है और यही कारण है कि अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। धनबाद के लोग अवैध खनन का दंश दशकों से झेल रहे हैं और हर वर्ष कई लोगों की जान अवैध खनन के परिणाम के स्वरूप बने गोफ में समा जाने से होती है।

    झारखंड के अन्य कई जिलाें में अवैध खनन के कारण लोगों की जान तो जा ही रही है, विधि-व्यवस्था की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। इसे रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां औपचारिकताओं तक ही सीमित हैं। क्षेत्र के लोगों को इसमें शामिल नहीं किया जा रहा है।

    यही कारण है कि कहीं ना कहीं ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं। धनबाद समेत आसपास के तमाम जिलों में इस तरह की घटनाएं बार-बार होने के बावजूद प्रशासनिक विफलता के कारण इसे रोका नहीं जा पा रहा है।

    ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि जब तक आम लोग इसे रोकने के लिए आगे नहीं आएंगे और पुलिस, प्रशासन एवं नेतृत्वकर्ताओं से इसे रोकने के लिए जिद नहीं करेंगे तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। जिम्मेदार लोगों को इसके लिए सतर्कतापूर्वक काम करना होगा।

     

  • लखनऊ में बनेगा बड़ा मेडिसिटी जोन, 98.5 एकड़ जमीन अधिग्रहण को मिली मंजूरी

    लखनऊ में बनेगा बड़ा मेडिसिटी जोन, 98.5 एकड़ जमीन अधिग्रहण को मिली मंजूरी

    लखनऊ
    राजधानी लखनऊ में बनने जा रही मेडिसटी और विस्तार लेगी। शहीद पथ के पास सुलतानपुर रोड पर वेलनेस सिटी फेज-2 के लिए रास्ता साफ हो गया है। छह गांवों की 98.5 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए जिलाधिकारी के स्तर से एसआईए अधिसूचना जारी हो गई। भूमि अर्जन अधिनियम के तहत एसआईए यानी सामाजिक समघात निर्धारण की यह प्रारंभिक अधिसूचना है। दूसरे फेज में विस्तार के लिए मोहनलालगंज तहसील के बक्कास, मस्तेमऊ, मलूकपुर ढकवा, चौरहिया, चौरासी, नूरपुर बेहटा गांव के 201 गांटों की कुल 98.51 एकड़ (39.8658 हेक्टेयर) जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी को एसआईए सर्वे 60 दिनों में पूरा कर रिपोर्ट देनी होगी।

    जिलाधिकारी के अनुसार अधिग्रहण शुरू करने से पहले एसआईए कराया जाना अनिवार्य होता है। योजना में सुलतानपुर रोड के पास लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से सुनियोजित विकास और आधुनिक आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए वेलनेस सिटी का विस्तार किया जा रहा है। इसके पूर्व मई में योजना के दूसरे चरण के लिए भूमि अर्जन और सर्वे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया था। वेलनेस सिटी के फेज-1 के लिए काफी कार्य हो चुका है। जून में लॉटरी का आवंटन किया गया था।

    सबसे बड़ा हेल्थकेयर व मेडिकल जोन होगा
    यह परियोजना लगभग 1,474 एकड़ क्षेत्र में फैली है और इसे 7 अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है। करीब 150 एकड़ का विशेष अस्पताल क्षेत्र और सुपर-स्पेशलिटी मेडिसिटी बनाई जा रही है, जो मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देगी। इसके साथ ही दवाओं का शहर में सबसे बड़ा केन्द्र होगा जो अभी तक अमीनाबाद है। कुल क्षेत्रफल का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा (करीब 204 एकड़) पार्कों, ग्रीन बेल्ट और खुली हरियाली के लिए तय किया गया है।

    ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा प्रोजेक्ट
    इस योजना के तहत लगभग 2,935 प्रीमियम आवासीय प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा और यातायात सुगम बनाने के लिए चार नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

    दो साल में बदल जाएगी शहर की सूरत
    लखनऊ विकास प्राधिकरण की वेलनेस सिटी परियोजना का बुनियादी ढांचा और आंतरिक विकास कार्य 2028 तक पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है।चूंकि यह एक विशाल प्रोजेक्ट है, इसलिए इसे अलग-अलग चरणों में तैयार किया जा रहा है। लैंड पूलिंग स्कीम के तहत स्थानीय किसानों और भू-स्वामियों को पहले चरण की लॉटरी के जरिए विकसित भूखंड आवंटित भी किए जा चुके हैं। सीवेज नेटवर्क, बिजली व्यवस्था, पानी की आपूर्ति और ड्रेनेज सिस्टम जैसे बुनियादी कामों के लिए 225 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया जा चुका है, जिस पर काम शुरू हो रहा है।

  • जमानत का जश्न पड़ा भारी! हत्या आरोपी के विजय जुलूस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पेश करने का आदेश

    जमानत का जश्न पड़ा भारी! हत्या आरोपी के विजय जुलूस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पेश करने का आदेश

    चरखी दादरी।

    सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक आरोपित द्वारा जमानत मिलने के बाद ‘विजय जुलूस’ निकालने के मामले को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा पुलिस को निर्देश दिया है कि वह आरोपित को न्यायालय में पेश करे।

    न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा कि आरोपित के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद उसे हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश नहीं किया गया।

    पीठ ने शिकायतकर्ता के वकील की इस दलील का संज्ञान लिया कि आरोपित विशाल ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद ‘विजय जुलूस’ निकाला था और गवाहों को धमकाया था।

    अदालत ने मामले पर आठ सितंबर को सुनवाई के दौरान गौर किया कि आरोपित की ओर से उसका वकील पेश हुआ था। पीठ ने आरोपित को पहले आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया और उसके बाद जमानत का अनुरोध करने को कहा। साथ ही पीठ ने फटकार लगाते हुए कहा- ‘जमानत मिलने पर विजय जुलूस निकालना उचित नहीं है।’

    गिरफ्तारी वारंट पर अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की 

    अदालत ने यह भी कहा कि अगस्त में जारी गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट पर अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। शीर्ष अदालत ने चरखी दादरी जिले के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि गैर-जमानती वारंट के तहत कार्रवाई की जाए और आरोपित को सुनवाई की अगली तारीख 21 सितंबर को इस अदालत में पेश किया जाए।पीठ ने न्यायालय की रजिस्ट्री को आदेश की एक प्रति 24 घंटे के भीतर ई-मेल और अन्य माध्यमों से पुलिस अधीक्षक को भेजने का निर्देश दिया।

    तीखी कहासुनी के दौरान विशाल ने कई लोगों पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला किया

    हाई कोर्ट ने हत्या के मामले में आरोपित को 23 अप्रैल को जमानत दी थी। यह घटना 27 अक्टूबर 2022 की है, जिसके बाद विशाल को गिरफ्तार कर लिया गया था और वह तीन वर्ष से अधिक समय तक हिरासत में रहा।शिकायतकर्ता राजबाला के परिवार के सदस्यों और आरोपित के बीच उस समय विवाद हुआ था, जब विशाल ने एक विवादित भूखंड पर टिन शेड का कथित रूप से निर्माण शुरू कर दिया था।आरोप है कि तीखी कहासुनी के दौरान विशाल ने कई लोगों पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे शिकायतकर्ता पक्ष के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और इनमें से 62 साल के गजानंद की बाद में मौत हो गई।

    हाई कोर्ट ने विशाल की जमानत याचिका चार बार खारिज की थी, लेकिन पांचवीं बार यह बताए जाने के बाद उसे जमानत दे दी गई कि मामले में महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ हो चुकी है और आरोपित तीन वर्ष से अधिक समय हिरासत में बिता चुका है।

    ये था पूरा मामला

    हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव बेरला में एक ही परिवार के दो पक्षों में प्लाट की जमीनी विवाद चल रहा था। 27 अक्टूबर 2022 को एक पक्ष के लोग उस जमीन पर टीन शेड बना रहे थे। जिसका विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोग वहां पहुंचे तो लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से हमला किया गया।

    हमलें में गंभीर रूप से घायल हुए 62 वर्षीय गजानंद शर्मा की एक दिन उपचार के दौरान मौत हो गई। बाढड़ा थाना पुलिस ने स्वजनों की शिकायत पर केस दर्ज कर 30 अक्टूबर 2022 को तीन आरोपितों विशाल, साहिल और विष्णु को गिरफ्तार किया।

    अप्रैल 2026 में आरोपित विशाल जमानत पर जेल से बाहर आया तो उसने जश्न मनाते का विडियो इंटरनेट मीडिया पर डाल दिया। जिसके बाद मृतक गजानंद के स्वजनों ने विजयी जुलूस निकालने और धमकी देने के आरोप लगाए।

    जिसके बाद आरोपित के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ। जांच अधिकारी एसआइ सोमबीर सिंह ने बताया कि 21 सितंबर को आरोपित की कोर्ट में पेशी है। उसे गिरफ्तार कर पेशी पर ले जाया जाएगा।

  • पंजाब में बिजली संकट पर एक्शन, PSPCL चेयरमैन बदले; सरकार ने किया तबादला

    पंजाब में बिजली संकट पर एक्शन, PSPCL चेयरमैन बदले; सरकार ने किया तबादला

    पटियाला.

    पंजाब में बिजली संकट के बीच प्रशासनिक फेरबदल की खबर सामने आई है। पंजाब में लंबे समय से चल रहे बिजली कट के बीच राज्य सरकार ने PSPCL के चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर बसंत गर्ग का ट्रांसफर कर दिया है।

    डॉ. बसंत गर्ग को पद से हटा दिया गया है और प्रिंसिपल सेक्रेटरी गुरकीरत कृपाल सिंह को नया हेड बनाया गया है। इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के सभी चार्ज जो पहले गुरकीरत कृपाल सिंह के पास थे, अब डॉ. बसंत गर्ग को सौंप दिए गए हैं। हालांकि गुरकीरत कृपाल सिंह अलग-अलग डिपार्टमेंट के अच्छे मैनेजमेंट के लिए जाने जाते हैं, लेकिन राज्य के थर्मल प्लांट में कोयले की भारी कमी को देखते हुए पावर डिपार्टमेंट को पटरी पर लाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी। क्योंकि इस समय थर्मल पावर प्लांट कोयले की भारी कमी का सामना कर रहा है।

    अगर साल 2025 की बात करें, तो इस बार पिछले साल के मुकाबले बिजली की डिमांड में भारी बढ़ोतरी हुई है, जो 3,500 MW तक पहुंच गई है। इसलिए बिजली की डिमांड 16,000 MW तक पहुंच गई है। दूसरी तरफ, कोयले की अनियमित सप्लाई के कारण राज्य में केवल 6,000 MW बिजली ही बन पा रही थी। इसलिए, PSPCL को बिजली की मांग को पूरा करने के लिए सेंट्रल पूल पर निर्भर रहना पड़ता है, जिसके कारण पंजाब में लंबे समय तक बिजली कटौती होती रहती है।

  • आगरा में राजनाथ सिंह का अनोखा अंदाज, चांदी का मुकुट लौटाकर बोले- गरीब बेटी के काम आए

    आगरा में राजनाथ सिंह का अनोखा अंदाज, चांदी का मुकुट लौटाकर बोले- गरीब बेटी के काम आए

     आगरा

    उत्तर प्रदेश के आगरा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने प्रवास के दौरान 'खटीक गर्जना सम्मेलन' में हुए स्वागत के दौरान उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया. दरअसल, समाज की ओर से राजनाथ सिंह को चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया गया. सम्मान स्वीकार करने के बाद रक्षा मंत्री ने मुकुट अपने पास रखने के बजाय उसे समाज को वापस लौटा दिया. चांदी का मुकुट वापस लौटाते समय उन्होंने कहा कि मैं सब कुछ स्वीकार कर लेता हूं, लेकिन चांदी का यह मुकुट आपके हवाले करता हूं. किसी गरीब मां-बाप की बेटी शादी के बाद विदा हो रही हो और उसके पैरों में चांदी की पायल न हो, तो इस मुकुट को तुड़वाकर उसके लिए पायल बनवाकर दे देना. राजनाथ सिंह की इस बात ने पूरे कार्यक्रम में मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। 

    'समाज को बांटने की कोशिश में नहीं आएंगे'
    सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ लोग अपने राजनीतिक हित साधने के लिए समाज को भड़काने की कोशिश करते हैं. कभी जाति के नाम पर तो कभी धर्म के नाम पर समाज में दरार पैदा करने का प्रयास किया जाता है। 

    उन्होंने कहा कि हमें संकल्प लेना होगा कि हम किसी के बहकावे में नहीं आएंगे और समाज को बंटने नहीं देंगे. समाज में प्रेम हो, सहयोग हो और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होने की भावना हो, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा. राजनाथ सिंह ने कहा- 'याद रखिए, टूटने से बिखरेंगे और जुड़ने से निखरेंगे। 

    'सनातन और हिंदू धर्म को जाति के चश्मे से देखने वाले मूल भाव नहीं समझते'

    रक्षा मंत्री ने कहा कि सनातन और हिंदू धर्म को केवल जाति के चश्मे से देखने वाले लोग उसके मूल भाव को समझ नहीं पाते हैं. उन्होंने कहा कि हमारी व्यवस्था कर्म आधारित है. इसमें एक ही व्यक्ति के कई कर्तव्य हो सकते हैं और कई लोगों का एक ही कर्तव्य हो सकता है. उन्होंने कहा कि वह साझा कर्तव्य धर्म की रक्षा करना और राष्ट्र की रक्षा करना है। 

    'खटीक समाज ने अत्याचार सहे, लेकिन धर्म परिवर्तन नहीं किया'
    राजनाथ सिंह ने खटीक समाज के इतिहास और योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि समाज ने लंबे समय तक अत्याचार सहे, लेकिन अपने धर्म और आस्था को नहीं छोड़ा. उन्होंने कहा कि खटीक समाज ने अत्याचार सहे, लेकिन धर्म परिवर्तन नहीं किया. यह उसके धैर्य, संघर्ष और अपनी संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 

    रक्षा मंत्री ने समाज से एकजुट रहने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि समाज की ताकत उसके एकजुट रहने में है और किसी भी राजनीतिक स्वार्थ के लिए समाज को बांटने की कोशिशों से बचना होगा। 

    सबका लक्ष्य एक—धर्म और राष्ट्र की रक्षा
    हिंदू धर्म को केवल जाति के चश्मे से देखने वाले लोग उसके मूल भाव को नहीं समझ पाते हैं। हमारी व्यवस्था कर्म-आधारित है। इसमें एक ही व्यक्ति के कई कर्तव्य हो सकते हैं और कई लोगों का एक ही कर्तव्य भी हो सकता है। लेकिन सबका लक्ष्य एक ही है—धर्म और राष्ट्र की रक्षा करना।

    खटीक समाज की तारीफ
    1946 में जब डायरेक्ट एक्शन डे की घोषणा की गई और बंगाल में हिंदुओं को निशाना बनाया जाने लगा, तब गोपाल पाठा के नेतृत्व में खटीक समाज के कई लोगों ने मोर्चा संभाला था। उन्होंने हिंदुओं की रक्षा करने का काम किया था।

    खटीक वो, जो खौफ को भी डरा दे
    समय चाहे कोई भी रहा हो, चुनौती कैसी भी रही हो और शत्रु कितना भी शक्तिशाली रहा हो, खटीक समाज ने धर्म और देश के स्वाभिमान की रक्षा से कभी पीछे हटना स्वीकार नहीं किया। ऐसा भी कहा जा सकता है कि खटीक वो है, जो खौफ को भी डरा दे। खटीक वो है, जो खतरे में सबसे आगे खड़ा रहे। खटीक वो है, जो खुद कठिनाई सहकर भी दूसरों की रक्षा करे।

    यूपी तेजी से विकास कर रहा
    आज उत्तर प्रदेश भी डबल इंजन की सरकार के साथ तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। आप याद कीजिए, एक समय था जब उत्तर प्रदेश में माफिया राज चलता था। ऊबड़-खाबड़ सड़कें होती थीं। असुरक्षा का माहौल था। लोग भय में जी रहे थे और आए दिन दंगे होते थे।

    अपराधियों के लिए सुर्खियों में रहता था यूपी
    उत्तर प्रदेश आज विकास के लिए जाना जा रहा है। विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जा रहा है। जो प्रदेश कभी अपराधियों के लिए सुर्खियों में रहता था, आज औद्योगिक कॉरिडोर बना रहा है। मेट्रो रेल का नेटवर्क फैला रहा है। अब तो आगरा मेट्रो के विस्तार का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

  • करनाल में स्वाइन फ्लू की रफ्तार तेज, अस्पतालों में बनाए गए दो आइसोलेशन वार्ड

    करनाल में स्वाइन फ्लू की रफ्तार तेज, अस्पतालों में बनाए गए दो आइसोलेशन वार्ड

    करनाल
     बदलते मौसम के असर के बीच करनाल जिले में लगातार स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ते जा रहे हैं। सिर्फ सात दिन में जिले में स्वाइन फ्लू के नौ नए मामले सामने आए हैं।

    6 सितंबर तक मरीजों की संख्या 27 थी, जो 13 सितंबर तक बढ़कर 36 हो गई। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि सिर्फ एक हफ्ते में मरीजों की संख्या में करीब 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

    राहत की बात यह है कि अब तक किसी मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है। मगर अस्पतालों के बाहर मरीजों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। पिछले 10 दिनों में 6 और पिछले एक महीने में 15 मामले सामने आए हैं।

    संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज एवं जिला नागरिक अस्पताल में दो आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं।

    लक्षण दिखें तो न बरतें लापरवाही
    स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमित और संदिग्ध मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है। उप सिविल सर्जन (मलेरिया) डा. अनु शर्मा ने लोगों से फ्लू जैसे लक्षणों को हल्के में न लेने की अपील की है।

    सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है। उन्होंने खांसते और छींकते समय नाक-मुंह ढकने, नियमित रूप से हाथ धोने और लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी।

    बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को छूने से भी बचने को
    कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार स्वाइन फ्लू मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है। सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, नाक बहना और भूख कम लगना इसके सामान्य लक्षण हैं।

    समय पर चिकित्सकीय सलाह और सावधानी से संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकता है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार स्वाइन फ्लू मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है।

    सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार, नाक बहना और भूख कम लगना इसके सामान्य लक्षण हैं। समय पर चिकित्सकीय सलाह और सावधानी से संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सकता है।

     

  • बिहार में UCC लागू करने पर JDU का विरोध, मंत्री श्याम रजक बोले- सवाल ही नहीं

    बिहार में UCC लागू करने पर JDU का विरोध, मंत्री श्याम रजक बोले- सवाल ही नहीं

    पटना
    अभी हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया था कि भाजपा शासित राज्यों में यूसीसी लागू होगा। लेकिन यूसीसी को लेकर बिहार में अब पेंच फंसता नजर आ रहा है। दरअसल बिहार में सरकार में सहयोगी जदयू की तरफ से कहा गया है कि बिहार में यूसीसी लागू करने का सवाल ही खड़ा नहीं होता है। बिहार सरकार के मंत्री और जदयू के दिग्गज विधायक श्याम रजक ने कहा कि संसद में उनकी पार्टी यूसीसी का समर्थन किया था लेकिन यह भी कहा था कि इसे बिहार में लागू नहीं होने दिया जाएगा।

    श्याम रजक ने कहा, ‘जब संसद में यह पास हो रहा था तब हमने उसी समय कहा था और हमारे नेता ने कहा था कि इसको हम अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगे। हमने उस बिल का समर्थ किया था। लेकिन समर्थन के साथ-साथ हमने कहा था कि बिहार में लागू नहीं होगा और आज तक हम उसी पर कायम हैं।’ श्याम रजक ने आगे कहा कि बिहार में बीजेपी के मुख्यमंत्री हैं। लेकिन एनडीए का जो गठबंधन है उसमें जनता दल (यू), लोजपा (आर) और रालोमो सभी लोग मिलजुले हुए हैं। यहां स्वतंत्र सरकार नहीं है। श्याम रजक ने कहा कि किसी भी सूरत में इसके लागू होने का सवाल ही नहीं उठता है।

    आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को मुंबई में ऐलान किया था कि देश के 21 राज्यों में भाजपा और भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकारें 2029 से पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करेंगी। गृहमंत्री शाह ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए पिछले 12 वर्षों के दौरान केंद्र की उपलब्धियों और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा की 25 साल की यात्रा का जिक्र किया। इस दौरान शाह ने तीन तलाक, भारतीय न्याय संहिता समेत मोदी सरकार द्वारा लिए गए कई बड़े फैसलों का भी उल्लेख किया।

    उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने भारतीय न्याय संहिता के जरिए देश की आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत किया है। उन्होंने दावा किया कि कई राज्यों में एक ही वर्ष में सजा दिलाने की दर में करीब 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि एक ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे यह तय हो सके कि पीड़ित को तीन साल के भीतर न्याय मिल सके।

    17 से सेवा संकल्प अभियान
    अमित शाह ने पीएम नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और गुजरात तथा केंद्र में मोदी शासन के 25 साल पूरे होने पर 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक देशभर में सेवा संकल्प अभियान की घोषणा की थी।

    समान नागरिक संहिता
    समान नागरिक संहिता का अर्थ है एक देश, एक कानून। इसमें विवाह और तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति बंटवारा, गोद लेना, भरण-पोषण, वसीयत, पारिवारिक अधिकार से जुड़े विषयों पर सभी के लिए एक जैसा कानून होता है। अभी भारत में आपराधिक मामलों के लिए तो एक ही कानून है, लेकिन सिविल मामलों में धर्मों के अपने पर्सनल लॉ लागू होते हैं।

  • काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO विश्वभूषण मिश्र ट्रांसफर, वरखा सिंह बनीं अपर नगर आयुक्त

    काशी विश्वनाथ मंदिर के CEO विश्वभूषण मिश्र ट्रांसफर, वरखा सिंह बनीं अपर नगर आयुक्त

    वनारस 

    श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्र का तबादला कर दिया गया। उन्हें उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में उप सचिव बनाया गया है। उन्होंने फरवरी 2024 में पदभार संभाला था। उनके कार्यकाल में वायु प्रदूषण से बचाव के लिए धाम परिसर में एयर फिल्टर लगाने की पहल हुई।
    श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र का रविवार देर रात तबादला कर दिया गया है। उन्हें उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में उप सचिव की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। विश्वभूषण मिश्र ने 2 फरवरी 2024 को मंदिर के सीईओ का पदभार संभाला था। उन्होंने ढाई साल से अधिक समय तक इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभाली।
    अपने कार्यकाल के दौरान, विश्वभूषण मिश्र ने काशी विश्वनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया। उनके नेतृत्व में वायु प्रदूषण से बचाव के लिए धाम परिसर में एयर फिल्टर लगाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। वर्तमान में धाम परिसर में ये एयर फिल्टर सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं।
    मंदिर की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कई अन्य कार्यों को लेकर भी उनके कार्यकाल में महत्वपूर्ण पहल की गई थी। इसी तबादला सूची में एक और महत्वपूर्ण नियुक्ति हुई है। पीसीएस अधिकारी वरखा सिंह को वाराणसी का अपर नगर आयुक्त बनाया गया है। इससे पहले, वरखा सिंह उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ में प्रधान प्रबंधक के पद पर तैनात थीं। उनके स्थानांतरण के बाद, वह अब वाराणसी नगर निगम में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगी।

    विश्वभूषण मिश्र का कार्यकाल और उपलब्धियां
    विश्वभूषण मिश्र ने 2 फरवरी 2024 को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का पदभार ग्रहण किया था। उन्होंने ढाई साल से अधिक समय तक मंदिर प्रशासन की बागडोर संभाली। उनके कार्यकाल में काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया। वायु प्रदूषण से बचाव के लिए धाम परिसर में एयर फिल्टर स्थापित करने का निर्णय भी उनके कार्यकाल की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। इन एयर फिल्टरों के लगने से धाम परिसर में वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए कई पहल कीं।

    बरखा सिंह की नई जिम्मेदारी
    तबादला सूची में पीसीएस अधिकारी बरखा सिंह को वाराणसी में एक अहम पद दिया गया है। उन्हें वाराणसी का अपर नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। इस नई जिम्मेदारी से पहले, वरखा सिंह उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ में प्रधान प्रबंधक के पद पर कार्यरत थीं। अब वह वाराणसी नगर निगम में अपनी नई भूमिका निभाएंगी। यह स्थानांतरण वाराणसी के स्थानीय प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
    विश्वभूषण मिश्र के तबादले के बाद, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मंदिर प्रशासन में सीईओ का पद अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से बनाए रखना एक बड़ी जिम्मेदारी है। नए अधिकारी के सामने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाने की चुनौती होगी। उन्हें मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं और धाम में चल रहे विकास कार्यों को आगे बढ़ाना होगा।

  • त्योहारी सीजन में ट्रेन यात्रियों को राहत, तत्काल कोटा बढ़ेगा और दर्जनों स्पेशल ट्रेनें चलेंगी

    त्योहारी सीजन में ट्रेन यात्रियों को राहत, तत्काल कोटा बढ़ेगा और दर्जनों स्पेशल ट्रेनें चलेंगी

    लखनऊ
    दिवाली पर अभी से ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट से परेशान यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर रेलवे प्रशासन ने त्यौहार में तत्काल कोटे की सीटें बढ़ाने का फैसला लिया है। रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजकर अनुमति मांगी गई है। मंजूरी मिलते ही लखनऊ से दिल्ली, मुंबई और हावड़ा रूट की ट्रेनों में तत्काल कोटे की सीटें 6,500 से बढ़ाकर 12,000 से अधिक कर दी जाएंगी। यह बढ़ोतरी पूरी तरह अस्थायी होगी। फिलहाल लखनऊ से दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस, गोमती और वैशाली एक्सप्रेस, तथा मुंबई जाने वाली पुष्पक, अवध व कुशीनगर एक्सप्रेस में भारी वेटिंग चल रही है। हावड़ा रूट की ट्रेनों का भी यही हाल है।

    दशहरा, दिवाली और छठ पर स्पेशल ट्रेन
    दशहरा, दीपावली और छठ पर्वों पर यात्रियों की भीड़ के मद्देनजर दरभंगा से अहमदाबाद तक पूजा विशेष गाड़ी चलेगी। यह गाड़ी वाराणसी जंक्शन (कैंट) होकर गुजरेगी। पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ सुमित कुमार ने बताया कि गाड़ी संख्या- 09465 स्पेशल 18, 25 सितम्बर, 2, 9, 16, 23, 30 अक्तूबर, 6, 13, 20 और 27 नवम्बर को हर शुक्रवार अहमदाबाद से रात 8.25 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन रात 11.20 बजे कैंट आएगी।

    यहां से तीसरे दिन सुबह 10.30 बजे दरभंगा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या-09466 विशेष गाड़ी 21, 28 सितम्बर, 5, 12, 19, 26 अक्तूबर, 2, 9, 16, 23, 30 नवम्बर तथा 2 दिसम्बर को हर सोमवार दरभंगा से भोर में 3 बजे प्रस्थान कर दिन में 1.35 बजे कैंट आएगी। यहां से अहमदाबाद प्रस्थान करेगी।

    त्योहारों पर इन स्पेशल ट्रेनों का भी होगा संचालन
    वहीं, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज से भी दुर्गापूजा, दशहरा, दिवाली और छठ पूजा पर ट्रेनों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेनों का संचालन होगा। प्रयागराज जंक्शन से उधना के लिए ट्रेन नंबर 04105/04106 विशेष ट्रेन को एक अक्तूबर से 30 नवंबर चलेगी।गुरुवार और रविवार को प्रयागराज से रवाना होगी। प्रयागराज से साबरमती के लिए गाड़ी संख्या 04179/04180 (गाड़ी संख्या 04111/04112 के स्थान पर) तीन अक्तूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार और मंगलवार को संचालित होगी।प्रयागराज से दादर के लिए गाड़ी संख्या 04139/04140 साप्ताहिक विशेष गाड़ी दो अक्तूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी।

    प्रयागराज से वेरावल के लिए गाड़ी संख्या 04173/04174 एक अक्तूबर से 27 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार को संचालित होगी।सूबेदारगंज से वलसाड के लिए गाड़ी संख्या 04119/04120 साप्ताहिक विशेष ट्रेन तीन अक्तूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को चलाई जाएगी।इसी रूट की एक अन्य गाड़ी संख्या 04177/04178 का संचालन छह अक्तूबर से 25 नवंबर के बीच प्रत्येक मंगलवार को होगा।

    सूबेदारगंज से उधना के बीच द्वि-साप्ताहिक विशेष गाड़ी संख्या 04155/04156 आगामी 19 अक्तूबर से 27 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को उपलब्ध रहेगी।इसके अलावा सूबेदारगंज से दादर के लिए गाड़ी संख्या 04175/04176 साप्ताहिक विशेष गाड़ी चार अक्तूबर से 24 नवंबर के बीच प्रत्येक रविवार को तथा सूबेदारगंज से इंदौर के लिए गाड़ी संख्या 04169/04170 – साप्ताहिक विशेष गाड़ी दो अक्तूबर से 28 नवंबर तक प्रत्येक शुक्रवार और सोमवार को यात्रियों की सेवा के लिए पटरी पर उतरेगी। यह जानकारी उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी अमित मालवीय ने दी।

    हरिहर, केवी-जनता एक्स.बदले रास्ते से जाएगी
    वहीं, उत्तर रेलवे के लखनऊ जंक्शन (चारबाग) स्टेशन पर कॉनकोर्स निर्माण के लिए लिये गए ब्लॉक की अवधि 15 सितम्बर तक बढ़ा दी गई है। इससे आधा दर्जन से ज्यादा ट्रेनें बदले मार्गों से चलेंगी, जबकि एक गाड़ी को शॉर्ट टर्मिनेट और शॉर्ट ओरिजिनेट किया जाएगा।

    पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी (सीपीआरओ) सुमित कुमार ने बताया कि 14 और 15 सितम्बर को बनारस-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस उतरेटिया में यात्रा समाप्त करेगी और यहीं से चलाई जाएगी। वहीं, 14 सितम्बर को अप और डाउन साइड की बरौनी-अम्बाला हरिहर एक्सप्रेस, 14 और 15 सितम्बर को बनारस-नई दिल्ली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस (केवी) और इन्हीं तिथियों में बनारस-देहरादून जनता एक्सप्रेस बदले मार्ग उतरेटिया-ट्रांसपोर्ट नगर-आलमनगर के रास्ते चलाई जाएंगी। 14 सितम्बर को गुवाहाटी-ओखा एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग बाराबंकी-मल्हौर-ऐशबाग-कानपुर सेंट्रल के रास्ते चलाई जायेगी।