Category: राज्य

  • परबतसर में हैरान करने वाला परिणाम, प्रत्याशी के खाते में आया सिर्फ एक वोट

    परबतसर में हैरान करने वाला परिणाम, प्रत्याशी के खाते में आया सिर्फ एक वोट

    जयपुर
     चुनावी मैदान में कई बार ऐसे हैरान कर देने वाले नतीजे सामने आ जाते हैं, जिन पर यकीन करना मुश्किल होता है। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में भी कुछ परिणामों ने प्रत्याशियों के साथ-साथ राजनीतिक दलों को चौंका दिया। कहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रत्याशी को एक भी वोट नहीं मिला, तो कहीं भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खाते में महज एक वोट आया।

    बालोतरा जिले के सिणधरी नगरपालिका के वार्ड संख्या 3 का यह चुनावी परिणाम कुछ ऐसा ही अनूठा किस्सा लेकर आया है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। इस वार्ड में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के उम्मीदवार ओम प्रकाश को एक भी वोट नहीं मिला। ओमप्रकाश खुद इस वार्ड के मतदाता नहीं हैं, इसलिए खुद का वोट भी नहीं मिल सका। वहीं नोटा का बटन दबाने वाला एक मतदाता जरूर मिल गया। यानी यहां नोटा आरएलपी से आगे निकल गया। इस वार्ड में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच रहा, जहां बीजेपी के खेमाराम को 93 वोट मिले और कांग्रेस के भंवरा राम ने 133 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। कुल डाले गए मतों की संख्या 226 रही, जिसमें कांग्रेस उम्मीदवार ने बाजी मार ली।

    एक वोट वाले नतीजे ने खड़े किए कई सवाल
    परबतसर नगर पालिका चुनाव के इन दोनों नतीजों ने राजनीतिक दलों के सामने प्रत्याशी चयन और स्थानीय संगठन की स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

    BJP जैसी बड़ी राष्ट्रीय पार्टी के प्रत्याशी का एक वोट तक सीमित रहना इसलिए ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि उम्मीदवार खुद भी उस वार्ड का मतदाता नहीं था. वहीं, RLP प्रत्याशी के खाते में भी सिर्फ एक वोट आना पार्टी के स्थानीय जनाधार और उम्मीदवार चयन पर चर्चा का कारण बन रहा है। 

    फिलहाल परबतसर नगर पालिका चुनाव का यह 'एक वोट' वाला मामला स्थानीय राजनीति से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा में है. खासकर BJP प्रत्याशी कैलाश चंद्र का खुद को वोट नहीं दे पाना इस पूरे चुनावी नतीजे को और दिलचस्प बना रहा है। 

    परबतसर में BJP प्रत्याशी को सिर्फ एक वोट
    दूसरा हैरान करने वाला नतीजा डीडवाना-कुचामन जिले की परबतसर नगरपालिका के वार्ड नंबर 13 से सामने आया। यहां भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी कैलाशचंद को महज एक वोट मिला। वहीं कांग्रेस की प्रत्याशी हिना खानम ने 376 वोट हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। निर्दलीय प्रत्याशी रसीद खां को भी 195 वोट मिले। यानी निर्दलीय प्रत्याशी भी भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी से 194 वोट आगे रहा। इस वार्ड में कुल 573 वोट पड़े। खास बात यह रही कि भाजपा प्रत्याशी कैलाशचंद के खाते में एक वोट आया और नोटा को भी एक वोट मिला।

    पत्नी और माता-पिता भी नहीं दे पाए वोट!
    कैलाशचंद के लिए यह नतीजा इसलिए और चौंकाने वाला है क्योंकि उनके मुताबिक उनका परिवार जिस वार्ड में रहता है, वहां परिवार के 12 वोट थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें वार्ड नंबर 13 से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा। ऐसे में उनके परिवार के सदस्य भी उन्हें वोट नहीं दे सके।

  • गैंगस्टर-शूटरों की अब खैर नहीं! संयुक्त छापेमारी से लेकर गिरफ्तारी तक, राज्यों ने कसी कमर

    गैंगस्टर-शूटरों की अब खैर नहीं! संयुक्त छापेमारी से लेकर गिरफ्तारी तक, राज्यों ने कसी कमर

    चंडीगढ़
     हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संगठित अपराध के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों और उनके नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार किया है. एसटीएफ हरियाणा द्वारा अब तक 27 गैंगस्टरों को विदेश से डिपोर्ट/एक्सट्रेडाइट कर भारत लाया जा चुका है. इनमें वर्ष 2025 में 7 तथा वर्ष 2026 में अब तक 14 अपराधियों को डिपोर्ट/एक्सट्रेडाइट कराया गया है. हाल ही में एक सक्रिय एवं वांछित अपराधी को 4 अगस्त 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से सफलतापूर्वक डिपोर्ट कर भारत लाया गया. वर्ष 2026 में यह एसटीएफ हरियाणा की 13वीं सफल डिपोर्टेशन रही. डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि अपराधी जहां भी छिपे हो, हरियाणा पुलिस की नजर से दूर नहीं.

    पुलिस महानिदेशक ने दी जानकारी
    पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. विदेश में बैठकर हरियाणा में आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले अपराधियों पर डिपोर्टेशन और एक्सट्रेडिशन के माध्यम से कार्रवाई के साथ-साथ उनके स्थानीय सहयोगियों, हथियार सप्लायरों, फाइनेंसरों और डिजिटल नेटवर्क को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों की पुलिस तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और टेक्निकल सर्विलांस के माध्यम से अपराधियों के पूरे नेटवर्क की पहचान की जा रही है. अपराधी कितना भी दूर क्यों न छिपा हो, हरियाणा पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है और उसे कानून के कटघरे तक पहुंचाने के लिए हरसंभव कार्रवाई की जाएगी.

    12 गैंगस्टरों को कराया गया डिटेन
    पुलिस महानिरीक्षक सतीश बालन ने बताया कि एसटीएफ द्वारा विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों की लोकेशन, ट्रैवल हिस्ट्री और मूवमेंट्स का पता लगाने के लिए ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इंटेलिजेंस का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है. फर्जी पासपोर्ट, फर्जी पहचान तथा बायोमेट्रिक/फिंगरप्रिंट ट्रेसेज का विश्लेषण कर अपराधियों की पहचान और लोकेशन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा रही है. हरियाणा पुलिस द्वारा विदेशों में मौजूद 12 गैंगस्टरों को डिटेन कराया गया है तथा उनके एक्सट्रेडिशन/डिपोर्टेशन की प्रक्रिया जारी है. अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और संबंधित देशों के साथ समन्वय कर इन अपराधियों को भारत लाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं.

    हरियाणा पुलिस जारी कर चुकी है 144 लुक आउट नोटिस
    हरियाणा पुलिस द्वारा विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कानूनी एवं समन्वय तंत्रों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है. इसके तहत अगस्त 2023 से लेकर अब तक 144 लुक आउट सर्कुलर (एलओसी), 54 रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) और 53 इंटरपोल रेफरेंस जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 93 पासपोर्ट रद्द, 9 प्रोविजनल अरेस्ट रिक्वेस्ट तथा 16 एक्सट्रेडिशन रिक्वेस्ट भेजी गई हैं। इन प्रयासों के माध्यम से विदेशों में फरार अपराधियों की पहचान, उनकी आवाजाही पर निगरानी तथा उन्हें भारत वापस लाने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा रहा है.

    इन चार अपराधियों की जानकारी देने पर मिल सकता है इनाम
    विदेशों में छिपे 4 वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में मददगार सूचना उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक पर 10 हजार अमेरिकी डॉलर के इनाम के प्रस्ताव पर भी विचार विमर्श किया जा रहा है. इससे विदेश में छिपे अपराधियों तक पहुंच बनाने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी. एसटीएफ द्वारा आपराधिक नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन, बैंक ट्रांजेक्शन एवं क्रिप्टोकरेंसी/यूएसडीटी चैनल्स को ट्रेस किया जा रहा है. इसका उद्देश्य अपराधियों की गतिविधियों और लोकेशन का पता लगाने के साथ-साथ अपराध से अर्जित अवैध धन के प्रवाह पर अंकुश लगाना भी है.

    लोकल शूटर, हेल्पर और हथियार सप्लायरों के खिलाफ भी एक्शन
    विदेश में बैठे अपराधियों के स्थानीय शूटरों, सहयोगियों, हथियार सप्लायरों एवं मददगारों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई की जा रही है. इससे विदेश से अपराध संचालित करने वाले नेटवर्क की जड़ों को कमजोर कर हरियाणा में उनकी आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिल रही है. अपराधियों एवं उनके सहयोगियों के डिजिटल फुटप्रिंट और सोशल मीडिया गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है. इससे उनकी कम्युनिकेशन, भर्ती गतिविधियों और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी हासिल की जा रही है.

    अंतरराज्यीय बैठकें भी चल रही हैं
    अंतरराज्यीय गैंगों और अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हरियाणा पुलिस ने पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मजबूत अंतरराज्यीय समन्वय तंत्र स्थापित किया है. इसके तहत गैंगस्टरों, शूटरों, हथियार सप्लायरों, फाइनेंसरों और सहयोगियों से संबंधित रियल-टाइम खुफिया जानकारी साझा की जा रही है. विभिन्न राज्यों की सीमाओं के पार सक्रिय वांछित एवं इनामी अपराधियों के खिलाफ संयुक्त छापेमारी और समन्वित गिरफ्तारी की जा रही है. संभावित खतरों के आकलन और संयुक्त रणनीति के लिए नियमित अंतरराज्यीय समन्वय बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं.

  • यूपी में मेधावी छात्राओं को जनवरी तक मिलेगी स्कूटी, जेम पोर्टल पर खरीद प्रक्रिया शुरू

    यूपी में मेधावी छात्राओं को जनवरी तक मिलेगी स्कूटी, जेम पोर्टल पर खरीद प्रक्रिया शुरू

    लखनऊ
    यूपी सरकार मेधावी छात्राओं को स्कूटी देगी। दरअसल, महत्वाकांक्षी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत 40 हजार छात्राओं को जनवरी तक स्कूटी देने की तैयारी है। स्कूटी उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने जेम पोर्टल पर बिड जारी की है। चयनित कंपनी को सिर्फ 100 दिनों में स्कूटी आपूर्ति करनी होगी। उच्च शिक्षा विभाग ने सितंबर अंत तक खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी की है। उसके बाद 100 दिन सप्लाई में लगेगा। इस लिहाज से जनवरी तक छात्राओं को स्कूटी मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि स्कूटियों की डिलीवरी प्रदेश के सभी 75 जिला/मंडल मुख्यालयों पर की जाएगी।

    प्रत्येक स्थान पर कितनी स्कूटी भेजी जाएंगी, इसकी जानकारी खरीद आदेश के समय देंगे। इस बीच छात्राओं की चयन सूची भी तैयार हो जाएगी। हालांकि अधिकारियों ने स्कूटी की संख्या 25 प्रतिशत तक बढ़ाने या घटाने का प्रावधान रखा है, ताकि यदि लाभार्थियों की संख्या बढ़ती है तो अतिरिक्त वाहनों की सप्लाई में किसी तरह की कोई परेशानी न होने पाए। यही नहीं यह संख्या आवश्यकता पड़ने पर और 25 फीसदी से भी अधिक बढ़ या घट सकती है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. मोनिका सिंह के अनुसार स्कूटी खरीद के लिए विक्रेताओं से 21 सितंबर को 12 बजे से ऑनलाइन बैठक होगी।

    स्कूटी के साथ मिलेगी ये एक्सेसरीज
    हर स्कूटी के साथ एक आईएस 4151:2015 मानक का हेलमेट और चार लीटर पेट्रोल भी दिया जाएगा। स्कूटी के साथ कई एक्सेसरीज जैसे गार्ड किट, ग्रिप कवर, किक रबर, सीट कवर समेत अन्य वस्तुंए भी अनिवार्य है। स्कूटी BS6, ऑटोमैटिक और ट्यूबलेस टायर वाला होगा।

    दिव्यांगजनों के लिए बेहतरीन काम करने वालों को मिलेगा प्राइज
    उधर, दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण और उनके लिए उत्कृष्ट काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से योगी सरकार ने राज्य स्तरीय पुरस्कार-2026 की घोषणा की है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

    यह पहल दिव्यांगजनों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए है। राज्य सरकार ने पुरस्कारों के माध्यम से दिव्यांगजनों के लिए बेहतर काम करने वाले लोगों और संस्थाओं को पहचान देने की व्यवस्था की है। पुरस्कार के लिए इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं जिलाधिकारी की संस्तुति के साथ 15 सितंबर तक दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के निदेशालय लखनऊ में आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने पुरस्कार से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर 18001801995 उपलब्ध है।

  • जालंधर में कल बंद रहेगा बाजार, दुकान-होटल-ढाबों को लेकर प्रशासन का बड़ा आदेश

    जालंधर में कल बंद रहेगा बाजार, दुकान-होटल-ढाबों को लेकर प्रशासन का बड़ा आदेश

    जालंधर.

    जालंधर वासियों के लिए जरूरी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार संवत्सरी महापर्व को ध्यान में रखते हुए जालंधर में 15 सितंबर 2026, मंगलवार को मीट और मछली की बिक्री पर रोक रहेगी। इसे लेकर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अमनिंदर कौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं।

    जारी आदेश के अनुसार 15 सितंबर को जिले में मीट-मछली की दुकानों के साथ-साथ बूचड़खानों को भी बंद रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा होटल, ढाबे और अहातों में मांस या किसी भी तरह का नॉन-वेज भोजन परोसने पर भी पूरी तरह पाबंदी रहेगी। प्रशासन ने संबंधित दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    इन्हें दी पालन की जिम्मेदारी
    निगम ने आदेश के पालन की जिम्मेदारी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और जोन स्वच्छता निरीक्षकों को दी है। संबंधित अधिकारी अपने-अपने जोन क्षेत्रों में मांस-मटन दुकानों का सतत पर्यवेक्षण करेंगे और प्रतिबंध का व्यवहारिक रूप से पालन सुनिश्चित कराएंगे।

    होटलों पर भी रहेगी नजर
    महापौर के निर्देश पर निगम की टीम होटल और अन्य प्रतिष्ठानों पर भी निगरानी रखेगी। इन पावन पर्वों के निर्धारित दिनों में यदि किसी होटल या अन्य स्थान पर मांस-मटन का विक्रय करते पाया गया, तो मौके पर ही सामग्री की जप्ती की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ यथोचित कार्रवाई भी की जाएगी।

  • पंजाब में बिजली कटौती से मिलेगी राहत? CM मान बोले- 5 थर्मल प्लांटों को पर्याप्त कोयला मिलेगा

    पंजाब में बिजली कटौती से मिलेगी राहत? CM मान बोले- 5 थर्मल प्लांटों को पर्याप्त कोयला मिलेगा

     चंडीगढ़
    पंजाब में बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि प्रदेश में बिजली की समस्या अब खत्म होने वाली है। उन्होंने कहा कि झारखंड की कोयला खदानों में बाढ़ का पानी भरने के कारण कोयले की शॉर्टेज हुई थी, जिसका असर पूरे देश में बिजली उत्पादन पर पड़ा।

    पंजाब भी इससे अछूता नहीं रहा, लेकिन अब कोयले की उपलब्धता को लेकर रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में उनकी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत हुई है। वह खुद भी दो-चार दिन बाद रांची जाकर हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उनका धन्यवाद करेंगे।

    उन्होंने कहा कि झारखंड की पचवाड़ा कोयला खदान से मिलने वाला कोयला केवल सरकारी थर्मल प्लांटों में इस्तेमाल किया जा सकता है। पंजाब के दो निजी थर्मल प्लांटों को इस व्यवस्था के तहत कोयला उपलब्ध नहीं हो पा रहा था।

    मान ने बताया कि पंजाब सरकार ने कोल इंडिया से अनुरोध किया था कि निजी थर्मल प्लांटों को भी कोयला उपलब्ध करवाया जाए। कोल इंडिया ने इस पर सहमति दे दी है। अब झारखंड सरकार की स्थानीय स्तर पर जरूरी मंजूरी भी मिल गई है। इससे पंजाब के पांचों थर्मल प्लांटों को आने वाले दिनों में पर्याप्त कोयला मिल सकेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयले की उपलब्धता बढ़ने के साथ बंद पड़ी बिजली उत्पादन इकाइयों को भी चलाने में मदद मिलेगी और प्रदेश में बिजली की स्थिति सामान्य होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा संकट किसी एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि झारखंड की खदानों में बाढ़ के कारण पूरे देश में कोयले की आपूर्ति प्रभावित हुई थी।

    मनप्रीत बादल पर भी साधा निशाना
    मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मनप्रीत बादल को किसी एक पार्टी में रहना चाहिए, क्योंकि आज बहुत ज्यादा पार्टियां हो गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मनप्रीत बादल आजकल किस पार्टी में हैं।

    पिछले साल से 3500 मेगावाट ज्यादा मांग
    सौंद ने कहा कि सितंबर में इस वर्ष पंजाब की बिजली मांग पिछले वर्षों की तुलना में करीब 3500 मेगावाट अधिक है। इसके बावजूद पावरकाम की ओर से उपलब्ध सभी स्रोतों से अधिकतम स्तर पर बिजली उत्पादन करवाया जा रहा है।

    हालांकि राज्य में बिजली की मांग लगातार 16 हजार मेगावाट के पार बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों की तुलना में बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन मांग में अपेक्षित कमी नहीं आई है। ऐसे में बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार और पावरकाम के सामने चुनौती अभी भी बनी हुई है।

    उद्योग और किसान जता चुके हैं नाराजगी
    बिजली कटौती को लेकर पंजाब का औद्योगिक क्षेत्र लगातार चिंता जताता रहा है। खासकर रात के समय बिजली प्रतिबंध और उत्पादन प्रभावित होने से उद्योगों की लागत और डिलीवरी शेड्यूल पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। 

    किसानों की ओर से भी धान के सीजन में पर्याप्त बिजली आपूर्ति की मांग लगातार उठाई जाती रही है। ऐसे में बिजली मंत्री का पावर कट खत्म होने का दावा उद्योग और कृषि क्षेत्र के लिए राहत की खबर है। हालांकि 16 हजार मेगावाट से अधिक की लगातार मांग के बीच अगले दिनों में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना पावरकाम के लिए बड़ी चुनौती होगी।

     

  • कार ने बाइक को मारी टक्कर, एक्शन कैमरे में कैद हुआ हादसा; सिया ने कहा- कानूनी कार्रवाई करूंगी

    कार ने बाइक को मारी टक्कर, एक्शन कैमरे में कैद हुआ हादसा; सिया ने कहा- कानूनी कार्रवाई करूंगी

    गुरुग्राम

    गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर लेडी बाइक राइडर सिया को कार से टक्कर मारने के मामले में पुलिस आरोपी चालक की तलाश कर रही है. उधर, घटना के बाद पीड़िता ने सोशल मीडिया पर अपनी बात शेयर की है. उन्होंने लिखा कि, 'जिन्होंने मेरा सपोर्ट किया उन्हें शुक्रिया, साथ ही कहा कि, वह कानूनी कार्रवाई करेंगी, लेकिन फिलहाल अपनी पहचान और चेहरा सार्वजनिक नहीं करना चाहतीं. इसी वजह से उन्होंने किसी भी तरह की मीडिया बातचीत से भी इनकार किया है.

    सिया ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा

    सिया ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि कई लोग आरोपी की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं और उनसे FIR को लेकर भी लगातार सवाल पूछे जा रहे हैं. उन्होंने कहा, 'मैं आज शाम अपने वकील के साथ FIR दर्ज कराऊंगी और कानूनी कार्रवाई करूंगी.' उन्होंने लोगों से धैर्य रखने और शांत रहने की अपील भी की.

    सिया ने बताया कि वह कोई मीडिया इंटरव्यू नहीं देना चाहती हैं और इस समय अपनी पहचान या चेहरा उजागर नहीं करना चाहतीं. उन्होंने लोगों से उनके फैसले का सम्मान करने की अपील की और कहा कि मामले से जुड़े अपडेट वह खुद साझा करती रहेंगी.

    आरोपी की तलाश में पुलिस की तीन टीमें

    पुलिस के मुताबिक, गोल्फ कोर्स रोड पर हुई घटना में कार चालक की पहचान कल्याण बैंसला के रूप में की गई है. उसकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. इससे पहले कार मालिक मनीष का बयान सामने आया था. उसका दावा है कि घटना के समय वह शहर में नहीं था और भारतीय सेना में अपनी सेवा दे रहा था. उसने अपनी कार एक स्कूल फ्रेंड को दी थी. सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो देखने के बाद उसे मामले की जानकारी हुई.

    दोस्तों के साथ वीकेंड राइड पर निकली थीं.

    घटना उस समय हुई जब सिया अपनी Aprilia RS 457 बाइक से दोस्तों के साथ वीकेंड राइड पर निकली थीं. आरोप है कि सफेद कार में सवार युवक उनका पीछा कर रहे थे और कार को बाइक के बेहद करीब ला रहे थे. इसी दौरान कार ने बाइक के आगे कट मारा और टक्कर हो गई. सिया सड़क पर गिर गईं और उनकी बाइक कई मीटर तक घिसटती चली गई.

    पूरी घटना एक्शन कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू की. पुलिस वायरल वीडियो और CCTV फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है.

     

  • बिहार सरकार ने स्कूली छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विद्यालयों में वोकेशनल कोर्स शुरू किए।

    बिहार सरकार ने स्कूली छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विद्यालयों में वोकेशनल कोर्स शुरू किए।

     पटना
     बिहार में कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), बिहार यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से इसके लिए रणनीति तैयार कर रहा है।

    स्कूलों में वोकेशनल कोर्स संचालित करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसी कड़ी में 16 और 17 सितंबर 2026 को पटना में दो दिवसीय आवासीय विचार-विमर्श कार्यशाला आयोजित की जाएगी।

    इसमें जिला स्तर के व्यावसायिक नोडल पदाधिकारी के अलावा प्रत्येक जिले से एक-एक विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के शिक्षक-शिक्षिका शामिल होंगे।

    किसी एक ट्रेड का चयन करेंगे विद्यार्थी
    राज्य के 555 विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई शुरू की जानी है। नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी अपने विद्यालय में आवंटित ट्रेड में से किसी एक का चयन कर उसका अध्ययन कर सकेंगे।

    व्यावसायिक शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के दौरान ही रोजगारपरक कौशल से लैस करना है, ताकि वे आगे नौकरी के साथ अपना उद्यम भी शुरू कर सकें और अपने कौशल से आय अर्जित कर सकें।

    हर विद्यालय में दो ट्रेड की होगी पढा़ई
    व्यावसायिक शिक्षा के तहत प्रत्येक विद्यालय में दो-दो ट्रेड संचालित किए जाएंगे। ट्रेड का आवंटन जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय स्तर से किया जाएगा।

    प्रत्येक ट्रेड के लिए जाब रोल भी निर्धारित किए गए हैं। यानी विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी जाएगी कि संबंधित ट्रेड का प्रशिक्षण लेने के बाद वे किन क्षेत्रों में रोजगार हासिल कर सकते हैं।

    उदाहरण के तौर पर इलेक्ट्रानिक्स एंड हार्डवेयर ट्रेड में नौवीं व 10वीं के विद्यार्थी जूनियर टेक्निशियन- सोलर ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसे जाब रोल के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों को सोलर पैनल इंस्टालेशन टेक्निशियन जैसे रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    कार्यशाला में आने वाले शिक्षकों को लाने होंगे दस्तावेज
    कार्यशाला में शामिल होने वाले शिक्षकों को अपने साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की फोटो कापी लानी होगी। प्रतिभागियों को अपना विवरण निर्धारित गूगल फार्म में 14 सितंबर तक भरना होगा। इससे प्रशिक्षण स्थल पर उनके आवासन की समुचित व्यवस्था की जा सकेगी।

    इन ट्रेड्स में होगी पढ़ाई
        इलेक्ट्रानिक्स एंड हार्डवेयर
        टेलीकॉम
        आइटी
        प्लंबिंग
        कृषि
        अपैरल
        मेड अप्स एंड होम फर्निशिंग
        रीटेल

     

  • धनबाद समेत झारखंड में अवैध खनन बेखौफ, आधे से ज्यादा शिकायतों पर कार्रवाई बाकी

    धनबाद समेत झारखंड में अवैध खनन बेखौफ, आधे से ज्यादा शिकायतों पर कार्रवाई बाकी

    रांची
    झारखंड में अधिकारियाें के ढीले रवैये के कारण अवैध खनन रुक नहीं रहा है। अवैध खनन के आरोपियों की पहचान करना तो दूर की बात है, कार्यालय तक पहुंचनेवाली शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है। विभागीय सचिव की समीक्षा में यह बात खुलकर सामने आई और हालात गंभीर दिखे।

    स्थिति यह है कि झारखंड में पिछले एक वर्ष में अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित 575 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 269 पर ही कार्रवाई हो सकी है। 306 मामलों में अभी भी जिला स्तर से कार्रवाई का इंतजार है। ज्यादातर मामले में आरोपियों पर एफआईआर भी नहीं दर्ज हो पा रही है। खनन सचिव पुलिस-प्रशासन से सख्ती बरतने का निर्देश दिया है।

    यहां यह बताना जरूरी है कि सर्वाधिक शिकायत धनबाद से आई है तो पाकुड़, गिरिडीह और साहिबगंज से भी बड़ी संख्या में शिकायतें पहुंची हैं। झारखंड में अवैध खनन कोई नई बात नहीं है। अधिकारियों के स्तर से कार्रवाई नहीं होने के कारण अवैध खनन करनेवालों का मनोबल बढ़ जाता है

    खान एवं भूतत्व विभाग की रिपोर्ट कम से कम यही बता रही है। पिछले दिनों विभिन्न माध्यमों से 575 शिकायतें जिलों में खनन पदाधिकारी तक पहुंची, लेकिन इनमें से महज 269 मामलों में कार्रवाई की गई है। पूरे राज्य में तीन जिले गोड्डा, खूंटी और गुमला ऐसे हैं जहां शिकायतों पर शत-प्रतिशत कार्रवाई होने के आंकड़े मिले हैं।

    मजेदार बात यह है कि गोड्डा जिले के लिए एक ही शिकायत मिली थी, खूंटी के लिए दो और गुमला के लिए पांच। राज्य में गढ़वा एक ऐसा जिला रहा जहां के लिए कोई शिकायत नहीं मिली है। सरकार ने सभी जिलों से प्राप्त एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) के आधार पर यह जानकारी सामने आई है।

    आधे से अधिक जिलों में टास्क फोर्स की बैठक से संबंधित कोई जानकारी नहीं
    राज्य सरकार के पास अगस्त महीने में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक से संबंधित कोई जानकारी अपलोड नहीं की गई है। स्थापित व्यवस्था के अनुसार सभी जिलों को हर महीने बैठक कर इससे संबंधित मिनट्स को जेम्स पोर्टल पर अपलोड करना होता है। अगस्त महीने में राज्य के 13 जिलों से ऐसी बैठक से संबंधित कोई रिपोर्ट अपलोड नहीं है।

    सबसे अधिक शिकायतें धनबाद से, अवैध खन में गोफ में समा जाते लोग
    झारखंड में अवैध खनन से सर्वाधिक प्रभावित जिलों की बात करें तो सबसे अधिक शिकायतें धनबाद से मुख्यालय तक आती हैं और इस पर कार्रवाई का प्रतिशत भी बहुत कम है। नतीजा आए दिन देखने को मिलता है।

    इस जिले में अवैध खनन के कारण बड़ी घटनाएं आए दिन होती रहती हैं। रविवार को भी धनबाद में अवैध खनन की कोशिशों में दो लोगों की मौत हुई है और कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की भी जानकारी मिल रही है।

    ऐसी जानकारियों की पुष्टि झारखंड में यदा-कदा ही हो पाती है और यही कारण है कि अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। धनबाद के लोग अवैध खनन का दंश दशकों से झेल रहे हैं और हर वर्ष कई लोगों की जान अवैध खनन के परिणाम के स्वरूप बने गोफ में समा जाने से होती है।

    झारखंड के अन्य कई जिलाें में अवैध खनन के कारण लोगों की जान तो जा ही रही है, विधि-व्यवस्था की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। इसे रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां औपचारिकताओं तक ही सीमित हैं। क्षेत्र के लोगों को इसमें शामिल नहीं किया जा रहा है।

    यही कारण है कि कहीं ना कहीं ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं। धनबाद समेत आसपास के तमाम जिलों में इस तरह की घटनाएं बार-बार होने के बावजूद प्रशासनिक विफलता के कारण इसे रोका नहीं जा पा रहा है।

    ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि जब तक आम लोग इसे रोकने के लिए आगे नहीं आएंगे और पुलिस, प्रशासन एवं नेतृत्वकर्ताओं से इसे रोकने के लिए जिद नहीं करेंगे तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। जिम्मेदार लोगों को इसके लिए सतर्कतापूर्वक काम करना होगा।

     

  • लखनऊ में बनेगा बड़ा मेडिसिटी जोन, 98.5 एकड़ जमीन अधिग्रहण को मिली मंजूरी

    लखनऊ में बनेगा बड़ा मेडिसिटी जोन, 98.5 एकड़ जमीन अधिग्रहण को मिली मंजूरी

    लखनऊ
    राजधानी लखनऊ में बनने जा रही मेडिसटी और विस्तार लेगी। शहीद पथ के पास सुलतानपुर रोड पर वेलनेस सिटी फेज-2 के लिए रास्ता साफ हो गया है। छह गांवों की 98.5 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए जिलाधिकारी के स्तर से एसआईए अधिसूचना जारी हो गई। भूमि अर्जन अधिनियम के तहत एसआईए यानी सामाजिक समघात निर्धारण की यह प्रारंभिक अधिसूचना है। दूसरे फेज में विस्तार के लिए मोहनलालगंज तहसील के बक्कास, मस्तेमऊ, मलूकपुर ढकवा, चौरहिया, चौरासी, नूरपुर बेहटा गांव के 201 गांटों की कुल 98.51 एकड़ (39.8658 हेक्टेयर) जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी को एसआईए सर्वे 60 दिनों में पूरा कर रिपोर्ट देनी होगी।

    जिलाधिकारी के अनुसार अधिग्रहण शुरू करने से पहले एसआईए कराया जाना अनिवार्य होता है। योजना में सुलतानपुर रोड के पास लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से सुनियोजित विकास और आधुनिक आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए वेलनेस सिटी का विस्तार किया जा रहा है। इसके पूर्व मई में योजना के दूसरे चरण के लिए भूमि अर्जन और सर्वे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया था। वेलनेस सिटी के फेज-1 के लिए काफी कार्य हो चुका है। जून में लॉटरी का आवंटन किया गया था।

    सबसे बड़ा हेल्थकेयर व मेडिकल जोन होगा
    यह परियोजना लगभग 1,474 एकड़ क्षेत्र में फैली है और इसे 7 अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है। करीब 150 एकड़ का विशेष अस्पताल क्षेत्र और सुपर-स्पेशलिटी मेडिसिटी बनाई जा रही है, जो मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देगी। इसके साथ ही दवाओं का शहर में सबसे बड़ा केन्द्र होगा जो अभी तक अमीनाबाद है। कुल क्षेत्रफल का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा (करीब 204 एकड़) पार्कों, ग्रीन बेल्ट और खुली हरियाली के लिए तय किया गया है।

    ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा प्रोजेक्ट
    इस योजना के तहत लगभग 2,935 प्रीमियम आवासीय प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा और यातायात सुगम बनाने के लिए चार नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा।

    दो साल में बदल जाएगी शहर की सूरत
    लखनऊ विकास प्राधिकरण की वेलनेस सिटी परियोजना का बुनियादी ढांचा और आंतरिक विकास कार्य 2028 तक पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है।चूंकि यह एक विशाल प्रोजेक्ट है, इसलिए इसे अलग-अलग चरणों में तैयार किया जा रहा है। लैंड पूलिंग स्कीम के तहत स्थानीय किसानों और भू-स्वामियों को पहले चरण की लॉटरी के जरिए विकसित भूखंड आवंटित भी किए जा चुके हैं। सीवेज नेटवर्क, बिजली व्यवस्था, पानी की आपूर्ति और ड्रेनेज सिस्टम जैसे बुनियादी कामों के लिए 225 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया जा चुका है, जिस पर काम शुरू हो रहा है।

  • जमानत का जश्न पड़ा भारी! हत्या आरोपी के विजय जुलूस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पेश करने का आदेश

    जमानत का जश्न पड़ा भारी! हत्या आरोपी के विजय जुलूस पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, पेश करने का आदेश

    चरखी दादरी।

    सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक आरोपित द्वारा जमानत मिलने के बाद ‘विजय जुलूस’ निकालने के मामले को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा पुलिस को निर्देश दिया है कि वह आरोपित को न्यायालय में पेश करे।

    न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा कि आरोपित के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद उसे हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश नहीं किया गया।

    पीठ ने शिकायतकर्ता के वकील की इस दलील का संज्ञान लिया कि आरोपित विशाल ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद ‘विजय जुलूस’ निकाला था और गवाहों को धमकाया था।

    अदालत ने मामले पर आठ सितंबर को सुनवाई के दौरान गौर किया कि आरोपित की ओर से उसका वकील पेश हुआ था। पीठ ने आरोपित को पहले आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया और उसके बाद जमानत का अनुरोध करने को कहा। साथ ही पीठ ने फटकार लगाते हुए कहा- ‘जमानत मिलने पर विजय जुलूस निकालना उचित नहीं है।’

    गिरफ्तारी वारंट पर अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की 

    अदालत ने यह भी कहा कि अगस्त में जारी गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट पर अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। शीर्ष अदालत ने चरखी दादरी जिले के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि गैर-जमानती वारंट के तहत कार्रवाई की जाए और आरोपित को सुनवाई की अगली तारीख 21 सितंबर को इस अदालत में पेश किया जाए।पीठ ने न्यायालय की रजिस्ट्री को आदेश की एक प्रति 24 घंटे के भीतर ई-मेल और अन्य माध्यमों से पुलिस अधीक्षक को भेजने का निर्देश दिया।

    तीखी कहासुनी के दौरान विशाल ने कई लोगों पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला किया

    हाई कोर्ट ने हत्या के मामले में आरोपित को 23 अप्रैल को जमानत दी थी। यह घटना 27 अक्टूबर 2022 की है, जिसके बाद विशाल को गिरफ्तार कर लिया गया था और वह तीन वर्ष से अधिक समय तक हिरासत में रहा।शिकायतकर्ता राजबाला के परिवार के सदस्यों और आरोपित के बीच उस समय विवाद हुआ था, जब विशाल ने एक विवादित भूखंड पर टिन शेड का कथित रूप से निर्माण शुरू कर दिया था।आरोप है कि तीखी कहासुनी के दौरान विशाल ने कई लोगों पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे शिकायतकर्ता पक्ष के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और इनमें से 62 साल के गजानंद की बाद में मौत हो गई।

    हाई कोर्ट ने विशाल की जमानत याचिका चार बार खारिज की थी, लेकिन पांचवीं बार यह बताए जाने के बाद उसे जमानत दे दी गई कि मामले में महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ हो चुकी है और आरोपित तीन वर्ष से अधिक समय हिरासत में बिता चुका है।

    ये था पूरा मामला

    हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव बेरला में एक ही परिवार के दो पक्षों में प्लाट की जमीनी विवाद चल रहा था। 27 अक्टूबर 2022 को एक पक्ष के लोग उस जमीन पर टीन शेड बना रहे थे। जिसका विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोग वहां पहुंचे तो लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से हमला किया गया।

    हमलें में गंभीर रूप से घायल हुए 62 वर्षीय गजानंद शर्मा की एक दिन उपचार के दौरान मौत हो गई। बाढड़ा थाना पुलिस ने स्वजनों की शिकायत पर केस दर्ज कर 30 अक्टूबर 2022 को तीन आरोपितों विशाल, साहिल और विष्णु को गिरफ्तार किया।

    अप्रैल 2026 में आरोपित विशाल जमानत पर जेल से बाहर आया तो उसने जश्न मनाते का विडियो इंटरनेट मीडिया पर डाल दिया। जिसके बाद मृतक गजानंद के स्वजनों ने विजयी जुलूस निकालने और धमकी देने के आरोप लगाए।

    जिसके बाद आरोपित के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ। जांच अधिकारी एसआइ सोमबीर सिंह ने बताया कि 21 सितंबर को आरोपित की कोर्ट में पेशी है। उसे गिरफ्तार कर पेशी पर ले जाया जाएगा।