Category: राज्य

  • यूपीपीसीएस-2025: 23 सितंबर से शुरू होगा विशेष मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम

    यूपीपीसीएस-2025: 23 सितंबर से शुरू होगा विशेष मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की यूपीपीसीएस-2025 मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को साक्षात्कार की तैयारी के लिए विशेष अवसर मिलेगा। समाज कल्याण मंत्रालय की पहल पर 23 सितंबर से विशेष मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अभ्यर्थियों को वास्तविक साक्षात्कार के लिए तैयार करना और उनके व्यक्तित्व, संचार कौशल व आत्मविश्वास को निखारना है। कार्यक्रम का आयोजन गोमती नगर स्थित छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन में किया जाएगा।

    आईएएस-पीसीएस अधिकारी और विशेषज्ञ बताएंगे इंटरव्यू की बारीकियां

    मॉक इंटरव्यू में उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (उपाम) से जुड़े आईएएस-पीसीएस अधिकारी और विषय विशेषज्ञ अभ्यर्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। इसमें साक्षात्कार की तैयारी की रणनीति, सवालों के प्रभावी जवाब देने, व्यक्तित्व प्रस्तुतीकरण, संचार कौशल और आत्मविश्वास बनाए रखने जैसे पहलुओं पर अभ्यास कराया जाएगा। अभ्यर्थियों को अपनी कमियों की पहचान कर उन्हें सुधारने का अवसर भी मिलेगा। कई चरणों में संचालित होने वाला यह कार्यक्रम अभ्यर्थियों को वास्तविक इंटरव्यू के माहौल से परिचित कराने में मदद करेगा।

    मनोरंजन, खेलकूद और जिम की उपलब्ध कराई जा रही सुविधा

    प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को सुविधाजनक बनाने के लिए समाज कल्याण मंत्रालय की ओर से आठ आवासीय कोचिंग केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में अभ्यर्थियों को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण के साथ मेस, पुस्तकालय, इंटरनेट, टेस्ट सीरीज और अध्ययन सामग्री जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। इसके साथ मनोरंजन, खेलकूद और जिम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

    निःशुल्क मॉक इंटरव्यू में सभी वर्गों के सफल अभ्यर्थियों को अवसर

    समाज कल्याण विभाग के उप निदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि यह मॉक इंटरव्यू निःशुल्क होगा। समाज कल्याण विभाग के छत्रपति शाहू जी महाराज शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, भागीदारी भवन और प्रदेश के अन्य परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केंद्रों से प्रशिक्षण लेने वाले अभ्यर्थियों के साथ मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अभ्यर्थी भी इसका लाभ उठा सकेंगे। इसके अलावा यूपीपीसीएस-2025 मुख्य परीक्षा में सफल किसी भी वर्ग के इच्छुक अभ्यर्थी मॉक इंटरव्यू में शामिल हो सकेंगे। इस पहल के जरिए प्रदेश सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को परीक्षा के अगले और महत्वपूर्ण चरण के लिए अतिरिक्त मार्गदर्शन उपलब्ध करा रही है।

  • LPG ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, 27.43 करोड़ ने कराया Biometric Authentication; बाकी तुरंत करें e-KYC

    LPG ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, 27.43 करोड़ ने कराया Biometric Authentication; बाकी तुरंत करें e-KYC

    नई दिल्ली
     पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी (LPG) रिफिल के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (Biometric Aadhaar Authentication – BAA) को अनिवार्य करने की घोषणा की है। यह नियम 1 अक्टूबर से लागू होगा। मंत्रालय के अनुसार, इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य फर्जी और दोहराए गए कनेक्शनों को खत्म करना है ताकि सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे।

    89.9 प्रतिशत उपभोक्ता करा चुके हैं ऑथेंटिकेशन
    मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के लगभग 27.43 करोड़ उपभोक्ता (89.9 प्रतिशत) पहले ही अपना बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा करा चुके हैं। जिन लोगों ने यह प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा कुछ भी करने की आवश्यकता नहीं है और उनकी सिलेंडर बुकिंग पहले की तरह जारी रहेगी।

    1 अक्टूबर से क्या बदलेगा?
    जिन्होंने ऑथेंटिकेशन करा लिया है, उनके लिए प्रक्रिया पहले जैसी ही रहेगी और वे रियायती दर पर सिलेंडर बुक कर सकेंगे। वहीं, जिन्होंने ऑथेंटिकेशन नहीं कराया है, उनके लिए सब्सिडी वाली तय दर (आरएसपी) पर सिलेंडर बुकिंग ऑथेंटिकेशन पूरा होने के बाद ही संभव हो पाएगी।

    ऑथेंटिकेशन पूरा करने के आसान तरीके
    उपभोक्ता निम्नलिखित तीन में से किसी भी तरीके से अपना बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा कर सकते हैं…

        सिलेंडर डिलीवरी के समय: डिलीवरी बॉय मोबाइल ऐप के जरिए मौके पर ही ऑथेंटिकेशन पूरा कर सकता है।
        डिस्ट्रिब्यूटर के शोरूम पर: उपभोक्ता सीधे अपने एलपीजी वितरक (एजेंसी) के शोरूम पर जाकर बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करा सकते हैं।
        ओएमसी के मोबाइल ऐप द्वारा: उपभोक्ता घर बैठे कंपनियों के आधिकारिक ऐप के माध्यम से खुद भी e-KYC कर सकते हैं…

        इंडेन (Indane) ग्राहक: IndianOil ONE ऐप
        भारतगैस (Bharatgas) ग्राहक: HelloBPCL ऐप
        एचपी गैस (HP Gas) ग्राहक: HP PAY ऐप

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी भी वास्तविक लाभार्थी को एलपीजी सेवा से वंचित करना नहीं, बल्कि प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।

     

  • धनबाद के मुस्लिम मुहल्ले में भू-धंसान से दहशत, कई परिवार घर खाली करने की तैयारी में

    धनबाद के मुस्लिम मुहल्ले में भू-धंसान से दहशत, कई परिवार घर खाली करने की तैयारी में

    धनबाद
    सिजुआ क्षेत्र के लोयाबाद सात नंबर मुस्लिम मुहल्ले में रविवार की सुबह अचानक तेज आवाज के साथ अरमान अंसारी का घर भू-धंसान की चपेट में आकर जमींदोज हो गया. घटना के बाद वहां करीब 15 फीट चौड़ा और 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया है. गड्ढे में लगातार पानी का रिसाव हो रहा है और मिट्टी भी ढह रही है. घनी आबादी के बीच हुई इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गयी. हालांकि घर में मौजूद अरमान अंसारी की पत्नी जमीला खातून और उनके बच्चे बाल-बाल बच गये. कमरे में रखा सामान जमीन में समा गया.

    जमीन धंसते ही कमरे से भागे परिवार के सदस्य
    बताया जाता है कि रविवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे जमीला खातून और उनके बच्चे घर में मौजूद थे. इसी दौरान अचानक एक कमरे की जमीन धंसने लगी. खतरा भांपते ही परिवार के सदस्य कमरे से बाहर निकल गये. कुछ ही देर में पूरा कमरा जमींदोज हो गया. आसपास के लोगों ने भी मौके पर पहुंचकर परिवार के सदस्यों और उनका सामान बाहर निकालने में मदद की. बताया गया कि अरमान अंसारी बाहर काम करते हैं, जबकि उनकी पत्नी और बच्चे घर में रहते हैं.

    लोयाबाद सात नंबर में भू धंसान से प्रभावित लोग
    घटनास्थल से दो घर बाद डबलू अंसारी के घर का एक कमरा भी भू-धंसान की चपेट में आया है. घटना के बाद मो सरफुद्दीन, मो वसीम, सोनू अंसारी, फातिमा खातून, मो इखलाक, आलम मंसूरी, अरमान अंसारी, क़िताबुल खान और बेबी खातून समेत आसपास के लोग अपने-अपने घर खाली करने की तैयारी में हैं.

    पुलिस ने की बैरिकेडिंग, बीसीसीएल भराई की तैयारी में
    घटना की सूचना मिलते ही लोयाबाद पुलिस और बांसजोड़ा कोलियरी प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. चेंबर अध्यक्ष राजकुमार महतो, मुस्लिम कमेटी के अध्यक्ष इम्तियाज अहमद और महामंत्री असलम मंसूरी ने भी घटनास्थल का जायजा लिया. पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर घटनास्थल की बैरिकेडिंग कर लोगों को वहां जाने से रोक दिया है.

    लोयाबाद सात नंबर में भू धंसान से बना गोफ
    बांसजोड़ा कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि भू-धंसान वाली जगह की भराई का काम शुरू कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को दूसरी जगह बसाने की तैयारी भी की जा रही है.

    बीसीसीएल की लापरवाही का लगाया आरोप
    चेंबर अध्यक्ष राजकुमार महतो और असलम मंसूरी ने घटना के लिए बीसीसीएल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया. उनका आरोप है कि इलाके में बीसीसीएल की ओर से खनन किया गया है और यहां सिरमोहन भी था. उनका कहना है कि संभवतः आसपास के तालाब का पानी सिरमोहन में प्रवेश कर रहा है, जिससे जमीन खोखली हुई और भू-धंसान की घटना हुई. हालांकि भू-धंसान के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. दोनों ने सिजुआ जीएम से बात कर प्रभावित लोगों के लिए जल्द राहत कार्य शुरू कराने की मांग की.

  • अमेरिका, ब्रिटेन,जर्मनी समेत दुनिया के दिग्गजों का लखनऊ में होगा ‘टेक महाकुंभ’

    अमेरिका, ब्रिटेन,जर्मनी समेत दुनिया के दिग्गजों का लखनऊ में होगा ‘टेक महाकुंभ’

    लखनऊ

    अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी समेत दुनिया के विभिन्न देशों के उद्यमी, टेक विशेषज्ञ और बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि अगले महीने लखनऊ में जुटेंगे। मौका होगा उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) में 23 से 25 अक्टूबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय इंटरनेशनल डायलॉग 2026 का। देश-दुनिया के करीब 1,200 नीति-निर्माताओं, वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योगपतियों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप, न्यायिक व पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को एक मंच पर लाने की तैयारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर फॉरेंसिक, डाटा सुरक्षा और कानूनी अनुपालन तक भविष्य की तकनीकों पर यहां मंथन होगा। 

    यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के युवाओं को नई टेक्नोलॉजी में दक्ष बनाया जा रहा है, जिससे रोजगार तथा नए अवसरों की असीम संभावनाएं बनेंगी। इसी उद्देश्य से इंटरनेशनल डायलॉग के जरिए नीति, उद्योग और शिक्षा जगत को एक साझा मंच पर लाने की तैयारी है। अब इनोवेशन और रोजगारपरकता के जरिए विकसित भारत की संकल्पना को साकार किया जाएगा।

    सबसे अधिक जोर इस बात पर दिया जा रहा है कि शैक्षणिक संस्थान रिसर्च और प्रतिभा तैयार करें और युवाओं के लिए इंटर्नशिप, रोजगार तथा नए अवसरों का रास्ता खुले।

    फॉरेंसिक डीएनए, साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य और आधुनिक जांच प्रणाली समझने का मिलेगा मौका

    तीन दिन के इस वैश्विक संवाद के केंद्र में ऐसी तकनीकें होंगी, जो आने वाले वर्षों में उद्योग से लेकर सुरक्षा और न्याय व्यवस्था तक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली हैं। एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन और 3-डी प्रिंटिंग के साथ क्वांटम कंप्यूटिंग और क्वांटम कम्युनिकेशन पर चर्चा की जाएगी। पोस्ट-क्वांटम तैयारियों और इस क्षेत्र में राष्ट्रीय क्षमता विकसित करने जैसे विषय भी विमर्श का हिस्सा होंगे। इसी तरह फॉरेंसिक डीएनए, साइबर फॉरेंसिक, डिजिटल साक्ष्य और आधुनिक जांच प्रणालियों पर दुनिया भर के विशेषज्ञ विचार रखेंगे। इसके अलावा डाटा प्रोटेक्शन, प्राइवेसी, ऑडिट, गवर्नेंस और लीगल कंप्लायंस के जरिए नई तकनीक के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी जोर रहेगा।

    उद्योग से होगा सीधा संवाद

    23 अक्टूबर का पहला दिन टैलेंट एंड इंडस्ट्री एंगेजमेंट के नाम रहेगा। इसका फोकस विद्यार्थियों और युवा पेशेवरों को सीधे उद्योग जगत से जोड़ने पर होगा। कंपनियों और विशेषज्ञों के साथ संवाद के दौरान इंटर्नशिप और प्लेसमेंट से लेकर भविष्य में जरूरी कौशल, तकनीकी मार्गदर्शन और मास्टरक्लास तक आयोजित करने की योजना है। तकनीकी प्रदर्शन के साथ स्टार्टअप को भी मंच मिलेगा। उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच रिसर्च, पाठ्यक्रम और प्रशिक्षण में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसके पीछे सोच युवाओं को केवल डिग्री देने तक सीमित न रहकर उन्हें उद्योग और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की है।

    पॉलिसी-इंडस्ट्री राउंडटेबल, टेक्नोलॉजी शोकेस, इन्वेस्टमेंट डायलॉग और होगा नॉलेज एक्सचेंज

    24 अक्टूबर इंटरनेशनल डायलॉग का मुख्य समिट दिवस होगा। इसमें केंद्र और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ वरिष्ठ नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत और स्टार्टअप की भागीदारी की योजना है। इस दौरान पॉलिसी-इंडस्ट्री राउंडटेबल, टेक्नोलॉजी शोकेस, इन्वेस्टमेंट डायलॉग और नॉलेज एक्सचेंज जैसे कार्यक्रम होंगे। विभिन्न कंपनियों और संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापन तथा साझा शोध की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। इसका मकसद नीति बनाने वालों और तकनीक विकसित करने वालों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है।

    युवाओं के लिए इंटर्नशिप से प्लेसमेंट तक का मंच : डॉ. जीके गोस्वामी

    यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक डॉ. जीके गोस्वामी ने बताया कि समिट का एक बड़ा हिस्सा रोजगार और भविष्य के कौशल पर केंद्रित होगा। युवा पेशेवरों और विद्यार्थियों को मेंटर्स तथा उद्योग के विशेषज्ञों से जोड़ने के साथ इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और उद्यमिता नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। उद्योग की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम विकसित करने पर भी बातचीत होगी। इसके जरिए यूपीएसआईएफएस ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहता है, जिसमें शिक्षण संस्थानों से निकलने वाले युवा आधुनिक तकनीक को केवल सैद्धांतिक रूप से न जानें, बल्कि उसका व्यावहारिक इस्तेमाल भी समझें।

    किताबों से लैब तक कानून, यूपीएसआईएफएस दिखाएगा 'लॉ विथ लैब्स'

    इंटरनेशनल डायलॉग में यूपीएसआईएफएस का 'लॉ विथ लैब्स' मॉडल भी प्रमुखता से सामने आएगा। इसकी अवधारणा कानून की पढ़ाई को वैज्ञानिक साक्ष्य और उभरती आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़ने की है। यानी कानून की समझ से प्रयोगशाला, वैज्ञानिक साक्ष्य और अंततः न्याय तक की पूरी कड़ी। संस्थान में फॉरेंसिक डीएनए के साथ एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन, 3-डी प्रिंटिंग, साइबर फॉरेंसिक और एडवांस डिजिटल डायग्नोस्टिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों से जुड़ी प्रयोगशालाएं हैं। जिसका उद्देश्य ऐसे पेशेवर तैयार करना है जो तकनीक के इस्तेमाल के साथ उससे जुड़े कानूनी और अनुपालन संबंधी पहलुओं को भी समझ सकें।

    कंपनियों और स्टार्टअप के लिए भी खुलेगा मंच

    टेक्नोलॉजी कंपनियों, स्टार्टअप, लॉ फर्म, लीगल-टेक कंपनियों और कंप्लायंस से जुड़े संस्थानों को आयोजन में भागीदार बनने का अवसर दिया गया है। इसके लिए सिल्वर श्रेणी में पांच लाख रुपये या अधिक, गोल्ड में आठ लाख रुपये या अधिक और प्लेटिनम में 12 लाख रुपये या अधिक की श्रेणियां निर्धारित हैं। भागीदारी के जरिए टैलेंट डेवलपमेंट, तकनीकी प्रदर्शन, रिसर्च, प्रशिक्षण और पॉलिसी डायलॉग से जुड़ने के अवसर प्रस्तावित हैं। टैलेंट डेवलपमेंट, रिसर्च, इनोवेशन और पॉलिसी सपोर्ट के लिए आगे का रोडमैप तैयार करने की योजना है। यूपीएसआईएफएस इसमें सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सेतु की भूमिका निभाएगा।

  • योगी सरकार में साक्षरता को जन-जन तक पहुंचाने की पहल, 75 जिलों में 5.10 लाख शिक्षार्थियों ने दी परीक्षा

    योगी सरकार में साक्षरता को जन-जन तक पहुंचाने की पहल, 75 जिलों में 5.10 लाख शिक्षार्थियों ने दी परीक्षा

    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा की पहुंच को समाज के प्रत्येक वर्ग तक विस्तार देने के प्रयासों के क्रम में उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार को मूलभूत साक्षरता परीक्षा आयोजित की गई। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एक साथ आयोजित इस परीक्षा में लगभग 5.10 लाख शिक्षार्थियों ने प्रतिभाग किया। परिषदीय विद्यालयों के साथ कारागारों और बाल सुधार गृहों में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए, जिससे साक्षरता अभियान को समाज के विविध वर्गों तक पहुंचाया जा सके।

    ज्ञात हो कि उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान उपलब्ध कराना है। रविवार को हुई परीक्षा के साथ प्रदेश के सभी 75 जनपदों में साक्षरता की इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ। विद्यालयों, कारागारों और बाल सुधार गृहों तक पहुंचे इस अभियान के माध्यम से पढ़ने-लिखने की बुनियादी क्षमता को जीवन के आवश्यक कौशल से जोड़ने की दिशा में प्रयास आगे बढ़ाया गया है।

    75 जिलों में एक साथ परखी गई साक्षरता

    उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित परीक्षा में शिक्षार्थियों के मूलभूत पढ़ने-लिखने तथा संख्यात्मक ज्ञान का आकलन किया गया। प्रदेश के सभी जनपदों में निर्धारित केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ परीक्षा संपन्न कराई गई। लगभग 5.10 लाख शिक्षार्थियों की सहभागिता ने प्रदेश में संचालित वयस्क साक्षरता अभियान के व्यापक दायरे को रेखांकित किया।

    विद्यालय से कारागार तक पहुंचा साक्षरता का संदेश

    इस परीक्षा की विशेषता यह रही कि साक्षरता का अवसर परिषदीय विद्यालयों तक सीमित न रहकर कारागारों एवं बाल सुधार गृहों तक भी पहुंचा। अलग-अलग सामाजिक परिस्थितियों से आने वाले शिक्षार्थियों को मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य से इन स्थानों पर भी परीक्षा आयोजित की गई।

    चंदौली और जौनपुर में भारत सरकार की टीम ने किया निरीक्षण

    परीक्षा के निरीक्षण एवं निगरानी के लिए भारत सरकार की टीम जनपद चंदौली एवं जौनपुर में उपस्थित रही। टीम द्वारा निर्धारित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा संचालन एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

    राज्य मुख्यालय से तीन जिलों में पहुंची निगरानी टीम

    प्रदेश स्तर पर साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा निदेशालय/राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ से भी अधिकारियों ने विभिन्न जनपदों में पहुंचकर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। श्री अनिल भूषण चतुर्वेदी, शिक्षा निदेशक बेसिक/साक्षरता ने जनपद लखनऊ, श्रीमती नीलम, उप निदेशक, साक्षरता ने जनपद प्रतापगढ़ तथा श्रीमती प्रतिमा मिश्रा, सहायक निदेशक, साक्षरता ने जनपद सोनभद्र में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।

  • पंजाब में भाजपा की नशा मुक्ति यात्रा, अर्जुन राम मेघवाल बोले- युवाओं को नशे के दलदल से निकालना लक्ष्य

    पंजाब में भाजपा की नशा मुक्ति यात्रा, अर्जुन राम मेघवाल बोले- युवाओं को नशे के दलदल से निकालना लक्ष्य

    फाजिल्का.

    पंजाब को नशे के दलदल से बाहर निकालने के लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से चलाई जा रही मुहिम के तहत आज तीसरी 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' का भव्य आगाज फाजिल्का से हुआ।

    इस सामाजिक जागरूकता यात्रा के शुभारंभ के लिए विशेष रूप से पहुंचे केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 'बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' के जयघोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा किसी प्रकार का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि समाज सुधार से जुड़ा एक बेहद गंभीर और महत्वपूर्ण अभियान है। मुख्य कार्यक्रम से पूर्व केंद्रीय मंत्री आसफवाला स्थित ऐतिहासिक 1971 युद्ध स्मारक पहुंचे।

    वहां उन्होंने देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले बलिदानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और नमन किया। इसके बाद उन्होंने वार मेमोरियल में दर्ज 1971 के भारत-पाक युद्ध में वीर जवानों के अदम्य साहस, वीरता और शहादत की अमर गाथा के बारे में विस्तृत जानकारी ली।

  • यूपी नीट यूजी-2026: दूसरे चरण की काउंसलिंग का संशोधित कार्यक्रम जारी, 21 सितंबर से च्वाइस फिलिंग

    यूपी नीट यूजी-2026: दूसरे चरण की काउंसलिंग का संशोधित कार्यक्रम जारी, 21 सितंबर से च्वाइस फिलिंग

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार और मेडिकल शिक्षा में प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी एवं निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित करने की दिशा में यूपी नीट यूजी-2026 की दूसरे चरण की ऑनलाइन काउंसलिंग का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार राज्य के राजकीय एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों तथा चिकित्सा विश्वविद्यालयों में संचालित एमबीबीएस/बीडीएस पाठ्यक्रम की स्टेट कोटे की सीटों पर प्रवेश के लिए दूसरे चरण की काउंसलिंग की प्रक्रिया निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार आगे बढ़ेगी। आधिकारिक यूपी नीट पोर्टल पर भी दूसरे चरण की काउंसलिंग से संबंधित अधिसूचना उपलब्ध है। 

    संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दूसरे चरण की मेरिट सूची 21 सितंबर, 2026 को जारी होगी। इसके बाद अभ्यर्थी 21 सितंबर को अपराह्न 2 बजे से 24 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे तक ऑनलाइन च्वाइस फिलिंग कर सकेंगे। सीट आवंटन परिणाम 25 सितंबर को जारी किया जाएगा। सीट आवंटित होने वाले अभ्यर्थी 26 सितंबर से 1 अक्टूबर, 2026 तक आवंटन पत्र डाउनलोड कर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। महानिदेशालय ने स्पष्ट किया है कि दूसरे चरण में सीटों का आवंटन दूसरे चरण की मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा। काउंसलिंग के लिए पहले से निर्धारित नियम एवं शर्तें लागू रहेंगी।

    पहले चरण में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को राहत

    शासन के दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि प्रथम चरण की काउंसलिंग के माध्यम से सरकारी एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों/चिकित्सा विश्वविद्यालयों में जिन अभ्यर्थियों ने प्रवेश ले लिया है, उनका प्रवेश यथावत रहेगा। इससे प्रथम चरण में दाखिला लेने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 4 राजकीय मेडिकल कॉलेजों में विशेष आरक्षण व्यवस्था से संबंधित मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में लंबित प्रकरणों को ध्यान में रखते हुए संबंधित निर्णयों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। महानिदेशालय ने अभ्यर्थियों से नीट यूजी-2026 काउंसलिंग से जुड़ी अद्यतन जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट upneet.gov.in और dgme.up.gov.in को नियमित रूप से देखने की अपील की है।

    योगी सरकार में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को मिला व्यापक आधार

    योगी सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे और मेडिकल कॉलेजों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया गया है। वर्तमान यूपी नीट यूजी-2026 काउंसलिंग पोर्टल पर प्रदेश के अनेक राजकीय एवं निजी मेडिकल संस्थान सूचीबद्ध हैं। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य न्यायालयीन निर्देशों, शासन के निर्णयों और निर्धारित आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप काउंसलिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। 

    हेल्पलाइन से मिलेगी जानकारी
    हेल्पलाइन: 8189011696, 8189011697, 8189011698, 8189011699, 8189011700
    समय: प्रातः 11 बजे से शाम 5 बजे तक।

  • सम्राट चौधरी ने गिनाईं बिहार की विकास योजनाएं, शिक्षा से संस्कृति तक का विजन किया साझा

    सम्राट चौधरी ने गिनाईं बिहार की विकास योजनाएं, शिक्षा से संस्कृति तक का विजन किया साझा

    पटना
    राजधानी के बापू सभागार में आयोजित लव-कुश सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार की परिकल्पना की है। बिहार को आगे बढ़ाने के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है।

    समारोह में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, मंत्री शीला मंडल समेत अन्य लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने लव-कुश समाज की ऐतिहासिक भूमिका का उल्लेख क‍िया।

    लव-कुश की कथा का दिया उदाहरण
    मुख्यमंत्री ने लव-कुश की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि जब माता सीता के त्याग को लेकर स्थिति बनी, तब लव-कुश ने अपनी मां के सम्मान के लिए भगवान श्रीराम के समक्ष भी खड़े होने का साहस दिखाया।

    जब माता सीता को लगा कि पिता और पुत्र के बीच युद्ध नहीं होना चाहिए तो उन्होंने स्वयं हस्तक्षेप कर युद्ध रोक दिया।उन्होंने कहा कि हम उस परंपरा के वंशज हैं, जहां मर्यादा की स्थापना के लिए भगवान श्रीराम ने 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया।

    लव-कुश समाज 1994 में भी एकजुट था और 2026 में भी एक है। समाज किसी के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य न्याय के साथ आगे बढ़ना और गौरवशाली इतिहास को कायम रखना है।

    2005 के बाद बिहार में बदली विकास की दिशा
    सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को विकास का रास्ता दिखाया। उनके अनुसार राज्य की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में बदलाव आया है।

    अपने राजनीतिक अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 1999 में पहली बार सरकार में आने के समय बिहार के बजट की स्थिति को उन्होंने करीब से देखा था।

    तब राज्य का बजट करीब छह हजार करोड़ रुपये था, जिसमें लगभग दो हजार करोड़ रुपये रायल्टी के रूप में चले जाते थे।

    उन्होंने बिहार-झारखंड विभाजन का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय बिहार के बंटवारे को लेकर सभी की आंखों में आंसू थे।

    उन्होंने दावा किया कि बिहार की आय का बड़ा हिस्सा झारखंड क्षेत्र से आता था। 2005 के बाद स्थिति बदली और वर्ष 2024 में बिहार का बजट 3.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

    शिक्षा में बदलाव का किया उल्लेख
    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एक साथ 211 डिग्री कालेजों में पढ़ाई शुरू कराई गई। मॉडल स्कूल बनाए गए, जिनमें करीब साढ़े तीन लाख बच्चे पढ़ रहे हैं।

    अब स्‍कूल से ही मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई के तरीके में भी बदलाव आया है।

    पहले सुबह चार बजे उठकर पढ़ने की बात कही जाती थी, लेकिन अब बच्चे रात में पढ़ना चाहते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए 75 हजार शिक्षकों को एप से जोड़ा गया।

    उन्होंने दावा किया कि रात एक बजे भी एक साथ करीब 1.42 लाख बच्चों को शिक्षकों की सुविधा उपलब्ध कराने में सफलता मिली है।

    बिहार की विरासत को दुनिया तक पहुंचाने पर जोर
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने पर भी काम हो रहा है। उन्होंने सम्राट अशोक का उल्लेख करते हुए कहा कि पाटलिपुत्र की धरती से उन्होंने दुनिया को संदेश दिया। बाद में भगवान बुद्ध की शरण में जाने के बाद बौद्ध धर्म के प्रसार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

    उन्होंने कहा कि बिहार की संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करते हुए आगे बढ़ाना है। इसी क्रम में लव-कुश से जुड़ी मान्यताओं वाले स्थलों के विकास की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

    60 करोड़ से बनेगा लव-कुश पार्क
    सम्राट चौधरी ने कहा कि वाल्मीकिनगर से जुड़ी लव-कुश की विरासत को विकसित करने के लिए नीतीश कुमार की सहमति से 60 करोड़ रुपये की लागत से भव्य लव-कुश पार्क बनाने का काम शुरू किया गया है।

    उन्होंने कहा कि माता सीता की जन्मभूमि से जुड़ी विरासत को भी विकसित किया जा रहा है। उनके अनुसार अमित शाह और नीतीश कुमार ने 2025 में करीब एक हजार करोड़ रुपये की लागत से भव्य सीता मंदिर का शिलान्यास किया। उन्होंने दावा किया कि 31 दिसंबर 2028 से पहले सीता मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा।

    एकता को बताया विकास की ताकत
    मुख्यमंत्री ने गठबंधन की राजनीति का उल्लेख करते हुए कहा कि साथ रहने का अलग प्रभाव होता है। उन्होंने कहा कि 2010 में साथ रहने पर 206 सीटें मिली थीं, जबकि 2020 में अलग होने पर यह संख्या 127 रह गई। इसके बाद 2025 में यह आंकड़ा 200 के पार पहुंचा।

    उन्होंने कहा कि बिहार की समृद्धि के लिए सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास किया जाएगा। पांचों उंगलियां बराबर नहीं होतीं, लेकिन मिलकर मुट्ठी बनाती हैं तो वह एकता का प्रतीक बन जाती है। इसी तरह सभी को मिलकर बिहार के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने बिहार के मुखिया के रूप में आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य की समृद्धि और विकास के लिए सरकार लगातार काम करती रहेगी।

  • आरक्षण की चोरी करने वाले आज ज्ञान दे रहे हैं, अंबेडकर को अपमानित करने वाले आज सम्मान की बात करते हैं: अनिल राजभर

    आरक्षण की चोरी करने वाले आज ज्ञान दे रहे हैं, अंबेडकर को अपमानित करने वाले आज सम्मान की बात करते हैं: अनिल राजभर

    लखनऊ

    समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरक्षण, दलित समाज और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को लेकर भाजपा सरकार पर लगे आरोपों का उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने तीखा जवाब दिया है। एएनआई से बातचीत में राजभर ने कहा कि सपा के मुखिया प्रदेश की राजधानी में बैठकर प्रतिदिन प्रदेश और सम्मानित जनता को गुमराह करने की कोशिश करते हैं। उनके पास जनता के बीच जाने का समय नहीं है, जनता के बीच जाएंगे भी नहीं।

    राजभर ने कहा कि आज सपा आरक्षण की बात कर रही है, जबकि उनकी चार सरकारों में पिछड़ों और दलितों के आरक्षण की जितनी डकैती हुई, उतनी शायद ही कभी हुई हो। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण की चोरी करने वाले आज आरक्षण पर ज्ञान दे रहे हैं। सपा ने सारे पिछड़ों और अति पिछड़ों का आरक्षण चुराया। जब-जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, तब-तब आरक्षण की मलाई एक जाति विशेष के लोगों को दी गई। पूरी मलाई खाकर आज ये आरक्षण और बाबा साहब की बात कर रहे हैं।

    आजम खान पर अनिल राजभर का हमला 

    उन्होंने कहा कि 2012 से 2017 का दौर याद करना चाहिए। यह साजिश है। समाजवादी पार्टी गुंडों को आगे करके समाज में वैमनस्यता पैदा करने की कोशिश कर रही है। राजभर ने कहा कि अब इसकी भी जांच होगी कि समाजवादी पार्टी के किस गुंडे ने कहां मूर्ति खंडित की। उन्होंने सपा से अपने गिरेबान में झांकने को कहा और आरोप लगाया कि 2012 से 2017 के बीच सपा के संरक्षण में बाबा साहब की मूर्तियों को खंडित करने का काम हुआ।

    दोहरे चरित्र के लोग हैं सपाई

    मंत्री ने सवाल किया कि बाबा साहब को भूमाफिया किसने बताया? उन्होंने कहा कि सपा के तत्कालीन मंत्री आजम खान ने बाबा साहब को प्रदेश का सबसे बड़ा भूमाफिया बताया था। जहां बाबा साहब की मूर्तियां लगी हैं और उनके नाम के पार्क बने हैं, वहां यह कहा गया मानो दलित समाज ने उन पर कब्जा कर लिया हो और बाबा साहब सबसे बड़े भूमाफिया हों। राजभर ने कहा कि आज इन्हीं लोगों को बाबा साहब और दलित समाज याद आ रहे हैं। ये दोहरे चरित्र के लोग हैं। आरक्षण की चोरी करने वाले आज आरक्षण पर ज्ञान दे रहे हैं और बाबा साहब को अपमानित करने वाले आज उनके सम्मान की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सपा और उसके नेता जनता को कितना नासमझ समझते हैं, यह उनके बयानों और प्रेस कॉन्फ्रेंस से निकलकर आता है।

    प्रतिदिन बदल रहे पीडीए का परिभाषा

    राजभर ने कहा कि चिंता न करें, समाज गुमराह होने वाला नहीं है। प्रदेश उनके असली चेहरे को अच्छी तरह जानता है। पीडीए में दलित का ‘डी’ है, कल क्या कहेंगे पता नहीं। अखिलेश पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि इतना कन्फ्यूज नेता तो हम लोगों ने देखा ही नहीं। प्रतिदिन पीडीए की परिभाषा बदल रहे हैं। जनता सब कुछ देख और समझ रही है। समाजवादी पार्टी की दाल नहीं गलने वाली, निश्चिंत रहें।

  • झूठ की गूंज में कांग्रेस के युवराज का आचरण नारी शक्ति का अपमान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

    झूठ की गूंज में कांग्रेस के युवराज का आचरण नारी शक्ति का अपमान: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

     ग्रेटर नोएडा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर निशाना साधा। राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्हें ‘कांग्रेस का युवराज’ बताते हुए कहा कि अपने झूठ की गूंज में उन्होंने जिस प्रकार का आचरण किया, वह पूरी नारी शक्ति का अपमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को ऐसे लोगों से उम्मीद करना छोड़ देना चाहिए। ये पथभ्रष्ट और मार्ग से भटके हुए लोग हैं, जिनका लक्ष्य समाज में भ्रम पैदा कर अव्यवस्था और अराजकता फैलाना है।
     
    ग्रेटर नोएडा में दो दिवसीय ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के वक्तव्य को दुर्भाग्यपूर्ण और डरावना बताया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर रहे व्यक्ति से पद की गरिमा के अनुरूप आचरण की अपेक्षा होती है। काश वह भारत की समदृष्टि को समझ पाते तो भारत, भारतीयता और हिंदू दृष्टि को नहीं कोसते। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण, युवाओं को रोजगार, स्टार्टअप और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि बीमारू कहा जाने वाला उत्तर प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस स्टेट और देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है।
     
    नारी सशक्तीकरण भाषण से नहीं, काम से होगा
    मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी गरिमा की रक्षा और महिला सशक्तीकरण केवल भाषणों से नहीं होगा। सरकार ने योजनाओं में महिलाओं को प्राथमिकता दी है। देश में तीन करोड़ परिवारों को घरौनी के माध्यम से मकान का मालिकाना अधिकार दिया गया, जिसमें पहला अधिकार महिलाओं का है। 12 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन और 12 करोड़ घरों में शौचालय की सुविधा दी गई। यूपी में 54 हजार बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी गांवों में बैंकिंग सेवाएं दे रही हैं।
     
    उन्होंने झांसी के बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर का उदाहरण देते हुए कहा कि 2019 में पांच महिलाओं से शुरू समूह से आज 62 हजार महिलाएं जुड़ी हैं। इसका टर्नओवर 115 करोड़ रुपये है और प्रत्येक महिला आठ से 10 हजार रुपये महीने कमा रही है। आगरा, काशी, गोरखपुर और लखनऊ में भी मिल्क प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। इनसे करीब चार लाख महिलाएं जुड़ी हैं।
     
    महिला पुलिस 10 हजार से बढ़कर 44 हजार
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में यूपी पुलिस में केवल 10 हजार महिलाएं थीं, जिनकी संख्या अब 44 हजार हो गई है। अगले तीन-चार महीने में यह आंकड़ा 50 हजार के पार होगा। प्रदेश में महिला वर्कफोर्स की भागीदारी भी 12 प्रतिशत से बढ़कर 36-37 प्रतिशत हो गई है। डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप की नई योजना के तहत आठ हजार न्याय पंचायतों में से चार हजार में महिला उद्यमियों को जोड़कर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
     
    9.5 लाख सरकारी नौकरियां, सवा तीन करोड़ को एमएसएमई में काम
    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में सबसे बड़ी युवा शक्ति उत्तर प्रदेश के पास है और प्रदेश में 56 प्रतिशत युवा हैं। पिछले साढ़े नौ वर्ष में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई। 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में सवा तीन करोड़ युवा काम कर रहे हैं। बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के कारण प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले। इनमें 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतरा और इससे 65 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी मिली।
     
    अब यूपी को कोई बीमारू राज्य नहीं कहता
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट तीन गुना हुआ है। नौ-दस वर्ष पहले बीमारू कहा जाने वाला उत्तर प्रदेश आज रेवेन्यू सरप्लस स्टेट और भारत का ग्रोथ इंजन है। अब प्रदेश के सामने पहचान का संकट नहीं है। यह बदलाव विरासत के सम्मान और अपराध व भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति से आया है।
     
    विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग पहले यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा करते थे, वे फिर दंगा, कर्फ्यू, समाज को बांटने, भेदभाव, अव्यवस्था और अराजकता का दौर लाना चाहते हैं।
     
    120 से कम थे स्टार्टअप, अब 24 हजार से अधिक
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले यूपी में 120 से भी कम स्टार्टअप थे, जबकि आज इनकी संख्या 24 हजार से अधिक है। इनमें करीब आधे महिलाओं द्वारा संचालित हैं। उन्होंने पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर का उल्लेख करते हुए युवाओं से राष्ट्रीय नायकों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।
     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए राष्ट्र प्रथम है। देश सुरक्षित है तो धर्म, उपासना पद्धति, जाति, परिवार और व्यक्ति भी सुरक्षित हैं। नारी और युवा शक्ति का स्वावलंबन ही उत्तर प्रदेश और भारत के स्वावलंबन का आधार बनेगा।
     
    भूतकाल जानेंगे तभी भविष्य के सपने गढ़ेंगे
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने महर्षि अरविंद का उल्लेख करते हुए कहा कि जो समाज अपने भूतकाल के गौरव, वर्तमान की पीड़ा और भविष्य के सपनों को समझता है, वही उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ता है। आचार्य धर्मपाल की पुस्तक ‘द ब्यूटीफुल ट्री’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने देश, संस्कृति और उपलब्धियों को जानकर भविष्य के सपने गढ़ने चाहिए।
     
    2020 में शुरू हुई प्रेरणा विमर्श की यात्रा
    संसद टीवी के संपादक श्याम किशोर ने कहा कि कृपा शंकर के मार्गदर्शन में 2020 में प्रेरणा विमर्श की यात्रा शुरू हुई। इसके तहत स्मारिका, पुस्तकें और ‘केशव संवाद’ प्रकाशित होते हैं। विषय आधारित प्रदर्शनी भी इसका प्रमुख हिस्सा है। समाज और राष्ट्रहित में सकारात्मक पत्रकारिता करने वाली एक महिला को हर वर्ष सम्मानित किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रेरणा विमर्श-2026 का विषय ‘उत्कर्ष नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ है।
     
    दीप प्रज्ज्वलन से हुआ समापन समारोह का शुभारंभ
    मुख्यमंत्री योगी ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में ‘केशव संवाद’ और ‘प्रेरणा विचार’ की वैचारिक यात्रा पर वीडियो दिखाया गया और मुख्यमंत्री को दोनों पत्रिकाओं की प्रतियां सौंपी गईं। एक अन्य वीडियो में प्रदेश की नारी और युवा शक्ति की बदलती तस्वीर प्रस्तुत की गई।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, प्रेरणा विमर्श के कार्यकारी अध्यक्ष वीके गुप्ता, अध्यक्ष अनिल त्यागी, डॉ. मनमोहन सिंह सिसोदिया, प्रेरणा शोध संस्थान की अध्यक्ष प्रीति दादू, सचिव मोनिका चौहान, गौतम बुद्ध नगर के जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवक मौजूद रहे।