Category: राज्य

  • केजरीवाल बोले- पंजाब से नहीं, मुंद्रा पोर्ट से शुरू हो नशे के खिलाफ लड़ाई

    केजरीवाल बोले- पंजाब से नहीं, मुंद्रा पोर्ट से शुरू हो नशे के खिलाफ लड़ाई

    चंडीगढ़.

    पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर निशाना साधा है।

    केजरीवाल ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कहा कि अगर पंजाब की रत्ती भर भी चिंता है तो गुजरात से आने वाले नशे को रोकना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत पंजाब की धरती से नहीं, बल्कि मुंद्रा पोर्ट से होनी चाहिए। केजरीवाल ने नितिन नवीन के उस पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें प्रधानमंत्री के हवाले से पंजाब के युवाओं और भविष्य को नशे से बचाने की बात कही गई थी।

  • दिल्ली में SIR का स्पेशल कैंप, 33 लाख वोटरों को नोटिस; 27 सितंबर को फिर लगेगा कैंप

    दिल्ली में SIR का स्पेशल कैंप, 33 लाख वोटरों को नोटिस; 27 सितंबर को फिर लगेगा कैंप

     नई दिल्ली
    SIR के तहत रविवार को लोगों की मदद के लिए स्पेशल कैंप लगाया गया। सभी 14,947 पोलिंग स्टेशन पर कैंप लगाए गए थे। सुबह 10 बजे से लगे कैंप में बीएलओ का सर्वर डाउन होने से लोगों के काम नहीं हो पाए। इससे लंबा इंतज़ार करना पड़ा। अधिकतर लोग नाम में करेक्शन के नोटिस जारी होने के बाद पहुंचे थे।

    तुर्कमान गेट के पोलिंग स्टेशन बुलबुल खाना में अधिकतर वोटर और उनके रिश्तेदार नाम में करेक्शन के लिए जारी नोटिस से जुड़ी समस्या लेकर आए थे। यहां सुईवालान के अधिकतर वोटर थे। एक वोटर का नाम पहले मोहम्मद अली था, बाद में शराफ़त अली दर्ज हो गया। वह करेक्शन के लिए आवेदन देने आए थे। जबकि एक वोटर का नाम नसरीन खानम था। शादी के बाद उनका नाम नसरीन तकी हो गया। लास्ट SIR से मैपिंग तो हो गई, लेकिन नाम में करेक्शन के लिए नोटिस किया गया।

    6 से ज्यादा भाई-बहनों वाले मामलों में भी नोटिस, दस्तावेज जुटाने में परेशानी

    • यहां मौजूद बीएलओ जौहर सुल्ताना ने बताया कि कई मामले ऐसे भी आए हैं, जिनमें 6 से ज्यादा भाई-बहन हैं।
    • उनकी उम्र के डिफरेंस के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं। जिनकी उम्र के बीच S महीने या उससे कम का अंतर है, उन्हें नोटिस दिया गया है।
    • डॉक्यूमेंट्स मांगे जा रहे हैं। उन्हें काफी परेशानी हो रही है। जौहर ने बताया कि नोटिस जारी होने वालों की सूची ऑनलाइन जारी कर दी गई है, लेकिन बहुत लोगों को जानकारी नहीं है।
    • कई को पता चला है कि उन्हें नोटिस जारी किया गया है और वे चक्कर काट रहे हैं।
    • अब पहले के पोलिंग स्टेशन भी बदल गए हैं। हालांकि, हमारे पास जो जानकारी है, उससे हम मदद कर रहे हैं।
    • जौहर ने कहा कि कई बार इंटरनेट में नेटवर्क की समस्या हो जाती है। इसलिए वाई-फाई की सुविधा दी जानी चाहिए।

    पहाड़गंज में 168 नोटिस, नाम की स्पेलिंग सुधारने के लिए पहुंचे वोटर
    पहाड़गंज के पोलिंग स्टेशन मुल्तानी ढांडा में 168 नोटिस जारी किए गए हैं। यहां की बीएलओ पूनम ने बताया कि दोपहर 2 बजे तक 45 से 50 के करीब लोग आए हैं। ज्यादातर को नाम करेक्शन के मामले में नोटिस जारी हुआ है। यहां आए वोटर राजेश वाधवा ने बताया कि नाम की स्पेलिंग में गड़बड़ थी। उनका बूथ भी बदल गया है। जानकारी लेने और डॉक्यूमेंट्स देने पहुंचे थे।

    27 सितंबर को लगेगा कैंप
    दिल्ली चुनाव आयोग की ओर से सभी पोलिंग स्टेशन पर अब 27 सितंबर को स्पेशल कैंप लगाया जाएगा। इसमें नोटिस और परेशानियों का निस्तारण किया जाएगा। जारी ड्राफ्ट रोल में करीब 97 लाख लोगों के नाम हैं। दिल्ली चुनाव आयोग ने बताया कि इनमें करीब 33 लाख को नोटिस भेजे गए हैं। इसके अलावा करीब 1.5 करोड़ लोगों में से अब तक 47 लाख लोगों को एब्सेंट, शिफ्ट, डेथ और डुप्लिकेट की सूची में डाला गया है।

    नोटिस को लेकर CEO ने दिया जवाब
    SIR को लेकर वीआईपी और अन्य चिन्हित वोटर्स को नोटिस जारी किए जाने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ऑफिस ने कहा है कि नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित वोटर का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया जाएगा। CEO के अनुसार, 31 अगस्त को जारी की गई ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल वोटर्स को पुराने इंटेंसिव रिवीजन की लिस्ट से लिंक किए जाने के आधार पर देखा गया है। जिन वोटर्स का पुराने रिकॉर्ड से लिंक नहीं हो पाया या उनके द्वारा दी गई जानकारी में कई तरह की कमियां हैं, उन्हें सिस्टम के जरिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इसके अलावा यह भी स्पष्ट किया कि नोटिस वाले वोटर्स को ERO या BLO के पास अपना जवाब और डॉक्यूमेंट्स जमा करने का मौका मिलेगा।

  • इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर विवाद, राहुल गांधी पर BJP-JDU का हमला

    इंदौर के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर विवाद, राहुल गांधी पर BJP-JDU का हमला

     पटना
     इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मिमिक्री को लेकर बिहार में भी सियासत गरमा गई है।

    कार्यक्रम के वीडियो को लेकर भाजपा और जदयू नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ प्रतिक्रिया दी है। कार्यक्रम के दौरान स्टैंडअप कॉमेडियन ने मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की मिमिक्री की थी। इसका वीडियो वायरल हुआ।  

    सम्राट चौधरी बोले- संवाद का स्तर मर्यादित और गरिमापूर्ण होना चाहिए
    बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इंटरनेट मीडिया मंच एक्स पर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए इंदौर के कार्यक्रम को ‘झूठ की गूंज’ करार दिया।

    उन्होंने लिखा कि इंदौर में ‘झूठ की गूंज’ के मंच से राहुल गांधी ने एक बार फिर बुजुर्ग महिला का मजाक उड़ाया। सम्राट चौधरी ने कहा कि किसी की मां और संवेदनशील विषयों को राजनीतिक उपहास का विषय बनाना लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा के अनुरूप नहीं है।

    उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन संवाद का स्तर मर्यादित और गरिमापूर्ण होना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से मुद्दों, विचारों और नीतियों पर स्वस्थ बहस करने की अपील करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध को व्यक्तिगत उपहास और कटुता का रूप देने से बचना चाहिए।

    श्रवण कुमार बोले- लोकतंत्र में लोग अपनी इच्छा से काम करते हैं
    बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने मामले पर कहा कि लोकतंत्र में लोग अपनी इच्छा के अनुसार काम करते हैं। उन्होंने कार्यक्रम में हुए घटनाक्रम के संदर्भ में अपनी प्रतिक्रिया दी।

    जदयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने भी इंदौर के कार्यक्रम को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने व्यक्तिगत लांछन लगाने को दिमागी दिवालियापन और ज्ञान का अभाव करार दिया। उनका कहना था कि राजनीतिक बहस मुद्दों पर होनी चाहिए।

    संजय सरावगी ने कहा- नेता प्रतिपक्ष के पद की गरिमा का सवाल
    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने राहुल गांधी के कार्यक्रम में हुए घटनाक्रम को लेकर कहा कि यह नेता प्रतिपक्ष के पद के विरुद्ध अत्यधिक अमर्यादित आचरण है।

     

  • सरकारी बस सेवा पर संकट, पंजाब में कल से 5500 कर्मचारी हड़ताल पर

    सरकारी बस सेवा पर संकट, पंजाब में कल से 5500 कर्मचारी हड़ताल पर

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़. त्योहारी और कामकाजी सीजन के बीच पंजाब की सड़कों पर एक बार फिर परिवहन सेवाएं ठप होने का खतरा मंडराने लगा है।

    अपनी लंबित मांगों और सेवाओं को नियमित कराने की मांग को लेकर पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के लगभग 6500 अनुबंध कर्मचारी आर-पार की लड़ाई के मूड में आ चुके हैं। यूनियन की घोषणा के मुताबिक आगामी 22 सितंबर से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होगी, जिसके चलते करीब 2700 से ज्यादा सरकारी बसों के पहिए थम सकते हैं। इस बड़े फैसले से रोजाना सफर करने वाले आम यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों की परेशानियां बढ़ना तय माना जा रहा है।

    साढ़े चार साल से टल रही है नियमितीकरण की मांग
    चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी पिछले साढ़े चार साल से लगातार अपनी नौकरी पक्की करने और शोषणकारी ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने की गुहार लगा रहे हैं। सरकार के नुमाइंदों के साथ इस सिलसिले में अब तक 60 से 65 दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन नतीजा सिफर रहा है। बीते 17 सितंबर को परिवहन मंत्री के साथ होने वाली अहम बैठक भी ऐन वक्त पर रद्द कर दी गई, जिसके बाद कर्मचारियों के पास आंदोलन के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा।

    पीएफ, ईएसआई और किलोमीटर स्कीम पर गंभीर आरोप
    यूनियन के महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों ने ठेकेदारों के मार्फत काम कर रहे कर्मियों के भविष्य निधि (PF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) के नाम पर हो रहे कथित शोषण का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि कागजी दावों के उलट धरातल पर कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। इसके साथ ही यूनियन ने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकारी बेड़े की करीब 800 बसें कंडम घोषित हो चुकी हैं, तो नई बसें खरीदने के बजाय किलोमीटर स्कीम को क्यों बढ़ावा दिया जा रहा है? वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरकेश कुमार विक्की ने कहा कि सरकारी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की बजाय इसे कमजोर करने की साजिश रची जा रही है।

    मंत्रियों के आवास के बाहर प्रदर्शन और आर-पार का अल्टीमेटम
    यूनियन नेताओं ने दोटूक शब्दों में चेताया कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगें नहीं मानीं, तो 22 सितंबर को होने वाले चक्का जाम के साथ-साथ कर्मचारी मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के सरकारी आवासों के बाहर भी जोरदार धरने-प्रदर्शन करेंगे। इसके अलावा आंदोलन के दौरान पूर्व में कर्मचारियों पर दर्ज किए गए पुलिस मामलों को वापस लेने और जेलों में बंद साथियों की रिहाई की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई है। बहरहाल, यदि इस गतिरोध को समय रहते बातचीत के जरिए नहीं सुलझाया गया, तो आने वाले दिनों में पंजाब की सड़कों पर यात्रियों का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

  • पारुल चौधरी से गुलवीर सिंह तक, एशियन गेम्स में यूपी के इन खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद

    पारुल चौधरी से गुलवीर सिंह तक, एशियन गेम्स में यूपी के इन खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद

    लखनऊ
    आईची-नागोया में एशिया में खेलों में एशिया का सिरमौर बनने के लिए जोर-आजमाइश शुरू हो गई है। भारतीय दल में करीब दो दर्जन खिलाड़ी उत्तर प्रदेश से भी हैं। राज्य के खिलाड़ी अपना पिछला रिकार्ड पीछे छोड़ने की चाह लिए एशियाई खेलों में पहुंचे हैं। पिछले यानी हांगझोऊ एशियाई खेल में उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों ने कुल सात स्वर्ण समेत 24 पदक जीते थे। इस बार और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
    पारुल चौधरी

    पिछले एशियाई खेलों में उत्तर प्रदेश के 39 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इस बार करीब दो दर्जन खिलाड़ी हैं। पदक की सबसे बड़ी आस मेरठ की एथलीट पारुल चौधरी हैं। उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में दो स्पर्धाओं में हिस्सा लिया था और एक में स्वर्ण और एक में रजत पदक जीते थे। इस बार वह तीन स्पर्धाओं यानी 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर दौड़ में हिस्सा लेंगी। वह 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज में एशिया की सर्वश्रेष्ठ एथलीट हैं। उन्हें दो स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

    गुलवीर सिंह
    गुलवीर सिंह लंबी दूरी की दौड़ में एशिया के सर्वश्रेष्ठ एथलीट हैं। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल में उन्होंने एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। पिछले एशियाई खेलों में उन्होंने 10000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीता था। इस बार गुलवीर तीन स्पर्धाओं यानी 1500 मीटर, 5000 मीटर और 10000 मीटर की दौड़ में हिस्सा लेंगे। तीनों में उनसे पदक की उम्मीद है। 10000 मीटर दौड़ में उनका स्वर्ण अभी से पक्का माना जा रहा है।

    इनके अलावा एथलेटिक्स में जैवलिन थ्रोअर रोहित यादव, लांग जंपर शैली सिंह और हैमर थ्रो की सबसे युवा राष्ट्रीय रिकार्डधारी अस्मिता यादव भी पदक के दावेदार हैं। प्राची चौधरी 400 मीटर और 4 गुणा 400 मीटर रिले में हिस्सा लेंगी। इसमें रिले में उनसे पदक की पूरी उम्मीद है।

    राजकुमार पाल
    पेरिस ओलिंपिक के कांस्य पदक विजेता राजकुमार पाल से पदक की पूरी उम्मीद है। हाकी टीम पिइछले एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता है। इस बार भी उसे स्वर्ण का दावेदार माना जा रहा है।

    दीप्ति शर्मा और विप्रज निगम
    पिछले एशियाई खेलों इस बार भारतीय महिला व पुरुष टीम के चैंपियन बनने की पूरी उम्मीद है। ऐसे महिला टीम की सदस्य दीप्ति शर्मा और विप्रज निगम के खाते में पदक आने तय हैं।

    ये खिलाड़ी भी पदक के दावेदार
    पिछले बार की चैंपियन कबड्डी टीम की तरफ से स्वर्ण जीतने वाली अर्जुन देशवाल इस बार भी टीम में शामिल हैं। उनसे इस बार भी राज्य को पदक को उम्मीद है। ऐसे ही पिछले एशियाई खेलों के पदक विजेता नौकायन खिलाड़ी अरविन्द कुमार भी पदक के दावेदार हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता जूडोका अस्मिता डे एशियाई खेलों में भी पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही हैं। उन्हें जापान और चीन जैसे देशों से टक्कर लेनी पड़ेगी। ये देश राष्ट्रमंडल खेलों में नहीं होते हैं। भारतीय दल के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी 50 वर्षीय निशानेबाज मेराज अहमद खान का यह चौथा एशियाई खेल होगा।

    यूपी के खिलाड़ियों के पास इस बार पदक जीतने के अच्छे मौके हैं। खासकर पारुल चौधरी, जैवलिन थ्रोअर रोहित यादव और गुलवीर सिंह जैसे खिलाड़ियों से मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद की जा सकती है। पारुल ने पिछली बार भी धमाकेदार प्रदर्शन किया था। रोहित लगातार प्रभावित कर रहे हैं। इस बार उत्तर प्रदेश से एथलेटिक्स की सबसे बड़ी टीम गई है, जिसमें 14 खिलाड़ी शामिल है। इसलिए पदक भी अधिक आने चाहिए।
    जेएस भाटिया, द्रोणाचार्य अवार्डी एवं अंतरराष्ट्रीय     
         एथलेटिक्स कोच    

     

  • 500 से अधिक ईवी शटल बसें चलेंगी, सीसीटीवी से होगी निगरानी, आयोजन स्थल रहेगा स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक मुक्त

    500 से अधिक ईवी शटल बसें चलेंगी, सीसीटीवी से होगी निगरानी, आयोजन स्थल रहेगा स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक मुक्त

    यूपी के हुनर और उत्पादों को दुनिया का बाजार देगा ट्रेड शो: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 की तैयारियों की मुख्यमंत्री योगी ने की समीक्षा, अधिकारियों को समय से सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश
     
    एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मिलेगी गति, जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस होंगे भागीदार देश
     
    72 देशों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से आएंगे करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदार, छह देशों के लिए होंगे प्रीमियम पवेलियन और बी2बी बैठकें
     
    20 से अधिक नॉलेज सेशन में उद्योग और निवेश पर होगा मंथन, संबंधित विभागों के मंत्री और प्रमुख सचिव भी होंगे शामिल
     
    ओडीओपी से डिफेंस-एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी, फार्मा और टेक्सटाइल तक दिखेगी यूपी की औद्योगिक ताकत
     
    युवाओं को जोड़ने के लिए रील चैलेंज, यंग एंटरप्रेन्योर प्रतियोगिता और विशेष क्विज, छात्र संभालेंगे वॉलंटियर की जिम्मेदारी
     
    500 से अधिक ईवी शटल बसें चलेंगी, सीसीटीवी से होगी निगरानी, आयोजन स्थल रहेगा स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक मुक्त
     
     ग्रेटर नोएडा

     उत्तर प्रदेश के हुनर, स्थानीय उत्पादों और औद्योगिक क्षमता को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के जरिए वैश्विक मंच मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में ट्रेड शो की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
     
    ट्रेड शो के चौथे संस्करण में जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस छह भागीदार देश होंगे। 72 देशों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के पहुंचने की संभावना है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह आयोजन प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के साथ वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाएगा। युवाओं को यहां प्रत्यक्ष अनुभव और उद्यमिता के अवसर भी मिलेंगे।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने आयोजन की सफलता, सुरक्षा, विदेशी मेहमानों एवं आगंतुकों की सुविधा और विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग निर्धारित समयसीमा में तैयारियां पूरी करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही, अव्यवस्था अथवा कमी नहीं रहनी चाहिए। सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, आवास और आगंतुक सुविधाओं के लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ काम करें।
     
    छह देशों के लिए प्रीमियम पवेलियन, होंगी बी2बी बैठकें
    छह भागीदार देशों के प्रतिनिधिमंडल समर्पित प्रीमियम फोयर पवेलियन, द्विपक्षीय व्यावसायिक सत्रों और संरचित बी2बी बैठकों के जरिए ट्रेड शो में भाग लेंगे। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ और विदेश स्थित भारतीय मिशनों के समन्वित प्रयासों से करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के आने की संभावना है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों के लिए उचित आवास तथा भागीदार देशों के उच्चायुक्तों के लिए लायजन ऑफिसर नियुक्त करने को कहा। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय और तकनीकी विश्वविद्यालयों के छात्रों को आगंतुकों एवं प्रतिनिधियों की सहायता के लिए वॉलंटियर बनाया जाएगा। सीएम फेलो, उद्यमी मित्र और अन्य क्षेत्रीय संस्थानों के युवा स्वयंसेवक भी खरीदारों, प्रदर्शकों और मेहमानों की सहायता के लिए तैनात रहेंगे।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ जोड़ने के निर्देश दिए। मंत्री, उद्योग जगत और व्यापारिक प्रतिनिधियों के बीच सार्थक संवाद के लिए अतिरिक्त बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
     
    20 से अधिक नॉलेज सेशन, मंत्री और प्रमुख सचिव भी जुड़ेंगे
    ट्रेड शो में 20 से अधिक उच्च प्रभाव वाले नॉलेज सेशन होंगे। मुख्य
    मंत्री योगी ने प्रसिद्ध वक्ताओं के साथ इन्हें संक्षिप्त और प्रभावशाली बनाने के निर्देश दिए। टेक्निकल सेशन में संबंधित विभागों के मंत्रियों और प्रमुख सचिवों को आमंत्रित किया जाएगा, जिससे महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श और विभागीय समन्वय हो सके। नॉलेज सेशन में आम लोगों की भागीदारी भी प्रोत्साहित की जाएगी।
     
    अवध, ब्रज और बुंदेलखंड की भी दिखेगी झलक
    मुख्यमंत्री योगी ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के साथ अवध, बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्रों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा, जिससे ट्रेड शो प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक विविधता का प्रतिनिधित्व कर सके। इसके लिए 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के स्लॉट तैयार किए गए हैं। इनमें कथक नृत्य, पखावज और सितार वादन, भोजपुरी एवं आल्हा लोक गायन, राई और थारू जनजातीय नृत्य के साथ स्टार म्यूजिकल नाइट्स शामिल हैं।
     
    ओडीओपी से डिफेंस-एयरोस्पेस तक दिखेगी ताकत

    इस वर्ष ट्रेड शो की केंद्रीय थीम ‘अद्वितीय सोर्सिंग का अद्भुत मंच’ है। इसमें वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, वन डिस्ट्रिक्ट वन क्राफ्ट, सीएम युवा, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी, रक्षा एवं एयरोस्पेस, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल एवं इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा एवं हेल्थकेयर, टेक्सटाइल एवं हथकरघा, टाउन ऑफ एक्सीलेंस एक्सपोर्टर्स, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट (क्रेडाई) तथा पर्यटन एवं संस्कृति जैसे प्रमुख क्षेत्रों का प्रदर्शन होगा।
     
    भूतल और द्वितीय तल के हॉल में 36,500 वर्ग मीटर प्रदर्शनी क्षेत्र पहले ही बुक हो चुका है। औद्योगिक विकास प्राधिकरणों और कॉरपोरेट संस्थाओं के लिए पूरा ले-आउट भी अंतिम रूप ले चुका है।
     
    23 सितंबर तक तैयार होंगे सरकारी विभागों के स्टॉल

    मुख्यमंत्री योगी ने सभी सरकारी विभागों को 23 सितंबर तक स्टॉल लगाने का काम पूरा करने को कहा। प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग, पोस्टर और दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे। नेटवर्क कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त टावर लगाने तथा विश्वसनीय इंटरनेट और वाई-फाई सेवा सुनिश्चित करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।
     
    आयोजन स्थल स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक मुक्त रहेगा। प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित होंगे। यातायात, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन और पेयजल की व्यापक व्यवस्था होगी। तीनों संबंधित प्राधिकरण स्वच्छता, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सुचारू आवागमन के लिए आपसी समन्वय से काम करेंगे। प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं पर सुरक्षा बल की तैनाती, फ्रिस्किंग, भीड़ प्रबंधन, निगरानी और निर्धारित पार्किंग की व्यवस्था रहेगी।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। रील या सोशल मीडिया कंटेंट बनाते समय आगंतुकों को मर्यादा बनाए रखने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
     
    500 से अधिक ईवी शटल बसों से आयोजन स्थल पहुंचेंगे आगंतुक

    पार्किंग क्षेत्रों और प्रदर्शनी स्थल के बीच पर्यावरण अनुकूल और परेशानी मुक्त परिवहन के लिए 500 से अधिक ईवी शटल बसें चलाई जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों और वीवीआईपी की सहायता के लिए नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर समर्पित यूपीआईटीएस सुविधा काउंटर संचालित किया जा रहा है।
     
    एनएमआरसी मेट्रो लाइनों, सिटी बसों के रैप्स, मल्टीप्लेक्स सिनेमा स्क्रीन, रेडियो और डिजिटल चैनलों पर बहु-चैनल प्रचार अभियान चलाए जा रहे हैं। मेटा प्लेटफॉर्म पर प्रचार वीडियो को अब तक 1.3 करोड़ यानी 13 मिलियन से अधिक व्यूज मिल चुके हैं।
     
    युवाओं और स्कूली छात्रों की भागीदारी बढ़ाने के लिए डिजिटल रील चैलेंज, यंग एंटरप्रेन्योर प्रतियोगिता और विशेष क्विज आयोजित की जाएगी। आरडब्ल्यूए, औद्योगिक संगठनों और स्थानीय स्कूल-कॉलेजों के साथ भी समन्वय किया गया है।
     
    ये रहे मौजूद
    समीक्षा बैठक में एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, लोक निर्माण राज्यमंत्री बृजेश सिंह, एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास दीपक कुमार, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक कुमार, एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर, मंडलायुक्त मेरठ भानु चंद्र गोस्वामी सहित प्रशासन, प्राधिकरण और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

  • कोयले की कमी के बीच यूपी में बिजली व्यवस्था सुचारु, दिन में कटौती से राहत; सरकार ने संभाली सप्लाई

    कोयले की कमी के बीच यूपी में बिजली व्यवस्था सुचारु, दिन में कटौती से राहत; सरकार ने संभाली सप्लाई

    कोयला संकट के बावजूद योगी सरकार में बिजली आपूर्ति व्यवस्था सुचारु, दिन में कटौतीमुक्त बिजली

    पीक आवर्स में पावर बैंकिंग के जरिए मिल रही 2,400 मेगावाट बिजली

    महाराष्ट्र, कर्नाटक समेत सात राज्यों से बिजली लेकर आपूर्ति सामान्य रखने के प्रयास

    19 सितंबर को 27,744 मेगावाट पीक डिमांड विद्युत आपूर्ति की गई 

    सभी उपभोक्ताओं को दिन में मिली कटौतीमुक्त बिजली

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के प्रयास लगातार जारी हैं। कोयला संकट और विभिन्न चुनौतियों के बावजूद प्रदेश में विद्युत आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को दिन के समय कटौती-मुक्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी औसतन 20 घंटे से अधिक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

    महाराष्ट्र समेत सात राज्यों से बिजली लेकर आपूर्ति सामान्य रखने के प्रयास

    पीक आवर्स में बिजली की उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्रदेश को विभिन्न राज्यों से पावर बैंकिंग के माध्यम से औसतन लगभग 2,400 मेगावाट बिजली प्राप्त हो रही है। इसमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश शामिल हैं। दूसरे राज्यों से बिजली प्राप्त करने की इस व्यवस्था से प्रदेश में बिजली की मांग के अनुरूप आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिल रही है। सरकार और विद्युत विभाग का जोर उपभोक्ताओं को निर्बाध और सुचारु बिजली उपलब्ध कराने पर है।

    दिन में कटौती मुक्त बिजली

    19 सितंबर को सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को दिन में कटौती-मुक्त बिजली मिली। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 20 घंटे 33 मिनट विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। इस अवधि में 27,744 मेगावाट की विद्युत मांग की आपूर्ति की गई। यूपी पीक डिमांड बिजली आपूर्ति में देश में दूसरे स्थान पर रहा। इससे पहले 18 सितंबर को भी सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को दिन में कटौती-मुक्त बिजली मिली थी।

    रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश

    इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 21 घंटे 43 मिनट विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई थी। प्रदेश में 27,173 मेगावाट की विद्युत आपूर्ति की गई थी। यूपीपीसीएल अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जाएं और जहां से भी बिजली उपलब्ध हो, उसे प्राप्त कर आपूर्ति सामान्य बनाए रखी जाए।

    अनुरक्षण माह में प्रदेशभर में बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए तेजी से हो रहे कार्य

    वहीं, सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत अनुरक्षण माह में प्रदेशभर में बिजली व्यवस्था को बेहतर और सुचारु बनाने के लिए विभिन्न अनुरक्षण कार्य किए जा रहे हैं। यूपीपीसीएल की टीमें फील्ड में आवश्यक रखरखाव कार्यों को पूरा करने में जुटी हैं, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराई जा सके।

  • नशे के कारोबार पर शिकंजा, झारखंड से रामनगर जा रही गांजे की खेप पकड़ी; 2.51 क्विंटल माल जब्त

    नशे के कारोबार पर शिकंजा, झारखंड से रामनगर जा रही गांजे की खेप पकड़ी; 2.51 क्विंटल माल जब्त

    नशे के कारोबार पर योगी सरकार की सख्ती, 2.65 करोड़ रुपये के गांजे के साथ झारखंड का तस्कर गिरफ्तार

    251 किलो से अधिक गांजा कंटेनर में छिपाकर ले जा रहा था, एएनटीएफ ने चंदौली में पकड़ा

    लखनऊ
    नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे योगी सरकार के अभियान में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। एएनटीएफ थाना गाजीपुर की टीम ने मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले झारखंड के एक तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 251 किलो से अधिक अवैध गांजा बरामद किया है। बरामद गांजे की कीमत लगभग 2.65 करोड़ रुपये बताई गई है। 

    एएनटीएफ के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान झारखंड के बोकारो निवासी बजरंग कुमार सिंह के रूप में हुई है। आरोपी को 20 सितंबर को चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र में रामनगर औद्योगिक क्षेत्र की कटारिया सर्विस लेन से गिरफ्तार किया गया। टीम ने उसके कब्जे से गांजे के अलावा एक कंटेनर वाहन, एंड्रॉयड मोबाइल फोन, निर्वाचन कार्ड, आधार कार्ड समेत अन्य सामान भी बरामद किया है।

    पूछताछ में आरोपी ने बताया कि झारखंड के एक व्यक्ति ने कंटेनर में गांजा लदवाकर उसे बोकारो से रामनगर जाने के लिए कहा था। रामनगर में एक व्यक्ति को गांजा सौंपने और इसके बदले रकम लेकर वापस आने की बात कही गई थी। आरोपी के मुताबिक उसे इस काम के बदले हिस्सा मिलना था। आरोपी से तस्करी के नेटवर्क से जुड़ी महत्वपूर्ण अन्य जानकारी भी मिली है। इस मामले में अलीनगर थाने में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे कार्रवाई की जा रही है।

  • काशी के हुनर की दुनिया में बढ़ेगी पहचान, UP International Trade Show के जरिए वैश्विक बाजार से जुड़ेंगे कारीगर

    काशी के हुनर की दुनिया में बढ़ेगी पहचान, UP International Trade Show के जरिए वैश्विक बाजार से जुड़ेंगे कारीगर

    योगी सरकार काशी के पारंपरिक हुनर को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के माध्यम से दिला रही वैश्विक बाजार
     
    ॐ और मंत्र मुद्रित योग स्कार्फ़, शॉल व गाउन से लेकर बनारसी सिल्क साड़ियों तक, दुनिया देखेगी काशी की विरासत

    यूपीआईटीएस में काशी के परंपरागत उत्पादों और आधुनिक उत्पादों का संगम दिखाई देगा 

    25 से 29 सितंबर तक आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में वाराणसी के एक्सपोर्ट को मिलेगा इंटरनेशनल मंच 

    वाराणसी,
     अध्यात्म और संस्कृति की नगरी काशी की पहचान केवल धर्म और परंपराओं तक सीमित नहीं है। सदियों पुरानी हस्तशिल्प और बुनकरी की समृद्ध परंपरा के साथ काशी ने अपने पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों के दम पर देश-दुनिया में अलग पहचान बनाई है। योगी सरकार द्वारा 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित किए जा रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार काशी की इसी समृद्ध विरासत, हुनर और उत्पादों को एक बार फिर वैश्विक मंच मिलने जा रहा है। 

      जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि वाराणसी से 8 निर्यातकों ने ट्रेड शो में अपने उत्पाद प्रदर्शित करने के लिए पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि यूपीआईटीएस में काशी के पारंपरिक और आधुनिक उत्पादों का संगम देखने को मिलेगा। सहायक आयुक्त उद्योग केशव यादव ने बताया कि योगी सरकार यूपीआईटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के साथ ही इसमें प्रतिभाग करने वाले निर्यातकों को सब्सिडी भी प्रदान कर रही है।  

    ॐ और मंत्र मुद्रित योग शॉल और गाउन से लेकर सजावट के सामान तक होंगे प्रदर्शित

    काशी की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भूमि एक बार फिर अपने अनूठे और पारंपरिक उत्पादों के साथ वैश्विक पटल पर चमकने के लिए तैयार है। यहां के उद्यमी अपनी सदियों पुरानी कला और परंपरा को आधुनिक बाजार की जरूरतों के साथ खूबसूरती से जोड़ते नजर आयेंगे। शिवम् आर्ट्स एक्सपोर्ट के निदेशक अभिषेक केशरी ने बताया कि योगी सरकार द्वारा एक बड़ा प्लेटफार्म दिया जा रहा है। ट्रेड शो में  विशेष रूप से  डिजाइन किए गए ॐ और मंत्र मुद्रित योग शॉल ,स्कार्फ़ और गाउन भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इन शॉल को योग और ध्यान के अनुभव को अधिक आध्यात्मिक एवं सहज बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।  इसके अलावा निर्यातक सिल्क ब्रोकेड कुशन कवर, टेबल रनर, वाल हैंगिंग और आकर्षक बेड कवर भी प्रदर्शित करेंगे, जो घर की सजावट और पारंपरिक परिधान प्रेमियों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा।

    अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता वाले 100 प्रतिशत रिसाइकिल बैग उत्पादों की भी होगी प्रदर्शनी

    आर.ए.एस पॉलीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से फ्लेक्सिबल इंटरमीडिएट बल्क कंटेनर्स (एफ.आई.बी.सी) बैग ,मल्टीफिलामेंट यार्न और अन्य उत्पादों प्रदर्शित किए जायेंगे। एफ.आई.बी.सी को जंबो बैग, बल्क बैग,बिग बैग या टनल बैग के नाम से भी जाना जाता है। यह पी.पी. कपड़े से बना औद्योगिक बैग है, जिसका उपयोग विभिन्न वस्तुओं के भंडारण और परिवहन के लिए किया जाता है। यह उत्पाद  लगभग 100 प्रतिशत रिसाइकिल  उपयोग करके उत्पाद तैयार किया जाता है।

    वर्जन 
    पिछले वर्ष यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में कंपनी को अच्छा व्यवसाय और सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। इसी अनुभव के कारण इस वर्ष भी कंपनी ने ट्रेड शो में भाग लेने का निर्णय लिया है। योगी सरकार यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के द्वारा काशी के उद्यमियों और निर्यातकों के लिए अपने उत्पादों को देश-दुनिया के खरीदारों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मंच बना रही है।
    आर.के. चौधरी, डायरेक्टर, आर.ए.एस पॉलीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड 

    वर्जन 
    यूपीआईटीएस में पहले भाग ले चुके निर्यातकों ने बताया कि इस आयोजन से अच्छा व्यापार मिलता है। हम पहली बार इस ट्रेड शो में शामिल होंगे, यहां स्टॉल किफायती है और खरीदारों से सीधे संपर्क का अवसर मिलेगा। बिचौलियों के न होने से लाभ अधिक होगा। योगी सरकार हम जैसे उद्यमियों को अपने उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का अवसर दे रही है। 
     
    असरार अहमद, निदेशक, असरार अहमद साड़ीज़

  • मेरठ में युवाओं से संवाद करेंगे योगी आदित्यनाथ, क्रांतिधरा से गूंजेगी नई पीढ़ी की आवाज; BJP के बड़े नेता भी होंगे शामिल

    मेरठ में युवाओं से संवाद करेंगे योगी आदित्यनाथ, क्रांतिधरा से गूंजेगी नई पीढ़ी की आवाज; BJP के बड़े नेता भी होंगे शामिल

    युवाओं के बीच योगी, क्रांतिधरा से गूंजेगा संवाद

    – सुभारती विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे युवाओं से सीधा संवाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी रहेंगे मौजूद

    – युवा सम्मेलन के बाद पश्चिमी क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजकों का सम्मेलन, संगठन की जमीनी तैयारियों पर भी मंथन

    मेरठ
     सोमवार को क्रांतिधरा मेरठ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के युवा संवाद की साक्षी बनेगी। सुभारती विश्वविद्यालय के मांगल्य प्रेक्षागृह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ युवाओं के बीच पहुंचकर उनसे सीधे संवाद करेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री का करीब पांच घंटे का मेरठ प्रवास प्रस्तावित है। युवा सम्मेलन के बाद इसी परिसर में पश्चिमी क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजकों का सम्मेलन होगा।

    युवा संवाद को लेकर सुभारती विश्वविद्यालय परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। कार्यक्रम में युवाओं के साथ संवाद के जरिए उनके सवालों और प्रदेश में शिक्षा, रोजगार, कौशल, उद्यमिता व भविष्य के अवसरों से जुड़े विषयों पर चर्चा की संभावना है। मुख्यमंत्री के संबोधन का विस्तृत एजेंडा हालांकि अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, इसलिए उनके संबोधन के विषयों को लेकर अंतिम दावा नहीं किया जा सकता। नितिन नबीन भी युवाओं से संवाद करेंगे। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार युवा सम्मेलन के बाद शक्ति केंद्र सम्मेलन प्रस्तावित है।

    युवा शक्ति के बीच मुख्यमंत्री की मौजूदगी

    मुख्यमंत्री के युवा संवाद को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में विशेष तैयारियां की गई हैं। युवाओं के बीच मुख्यमंत्री की मौजूदगी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगी। युवा सम्मेलन के बाद भाजपा के पश्चिमी क्षेत्र की संगठनात्मक गतिविधियां भी इसी परिसर में आगे बढ़ेंगी। इसके लिए अलग जर्मन हैंगर तैयार किया गया है, जहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शक्ति केंद्र संयोजकों और मंडल अध्यक्षों की भागीदारी होगी।

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के मेरठ प्रवास के दौरान युवा संवाद के साथ संगठनात्मक बैठकों का भी कार्यक्रम है। रिपोर्टों के अनुसार पश्चिमी क्षेत्र के करीब पांच हजार शक्ति केंद्र संयोजकों से संवाद प्रस्तावित है। बूथ स्तर की सक्रियता, संगठन की तैयारियों और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कार्ययोजना पर चर्चा होगी।

    पांच घंटे में युवा संवाद से संगठन तक
    मुख्यमंत्री का मेरठ प्रवास करीब पांच घंटे का प्रस्तावित है। वह सुबह करीब 11 बजे सुभारती विश्वविद्यालय पहुंचेंगे और युवा सम्मेलन तथा शक्ति केंद्र सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके बाद शाम करीब चार बजे उनके लौटने का कार्यक्रम बताया गया है।
    वहीं नितिन नबीन का मेरठ प्रवास करीब 24 घंटे का रहेगा। युवा संवाद और शक्ति केंद्र सम्मेलन के बाद वह पश्चिमी क्षेत्र के सांसदों, विधायकों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। होटल ब्रावुरा में भी संगठनात्मक बैठकें प्रस्तावित हैं। अगले दिन उनका सहारनपुर जाने का कार्यक्रम है।
    इस तरह सोमवार को मेरठ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम युवा संवाद के साथ शुरू होकर संगठनात्मक संवाद तक पहुंचेगा। सुभारती विश्वविद्यालय का परिसर दिनभर युवा शक्ति और संगठनात्मक गतिविधियों का केंद्र बना रहेगा।