Category: राज्य

  • भीड़ में यात्रियों को बनाती थीं निशाना, पटना जंक्शन से 8 महिला चोर गिरफ्तार

    भीड़ में यात्रियों को बनाती थीं निशाना, पटना जंक्शन से 8 महिला चोर गिरफ्तार

    पटना
    पटना जंक्शन पर यात्रियों के मोबाइल, बैग और आभूषण पर हाथ साफ करने वाले महिला गिरोह का रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और GRP की संयुक्त टीम ने पर्दाफाश किया है।

    टीम ने पटना जंक्शन से आठ महिला आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चोरी का एक स्मार्ट मोबाइल फोन, चांदी की चेन, हनुमान जी के दो लॉकेट, दुर्गा जी का एक लॉकेट और चांदी की तीन बिछिया बरामद की गई हैं।

    गिरफ्तार आरोपितों में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के कुन्दु थाना क्षेत्र स्थित कुन्दु गांव की पूजा देवी, किरण देवी, शीला देवी, रागणी देवी, चिडई देवी, अंजोरी देवी और शिवाणी कुमारी शामिल हैं।

    आठवीं आरोपित जमुना देवी पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के काली टोला थाना क्षेत्र स्थित बलरामपुर पटरी की रहने वाली है।

    भीड़ और गेट पर धक्का-मुक्की का उठाती थीं फायदा
    पूछताछ में सामने आए तथ्यों के अनुसार आरोपित महिलाएं संगठित तरीके से ट्रेनों और रेलवे परिसरों में सक्रिय थीं। भीड़भाड़ वाले कोच, ट्रेन में चढ़ने-उतरने के दौरान गेट पर होने वाली धक्का-मुक्की और सोए हुए यात्रियों को निशाना बनाया जाता था।

    यात्रियों की असावधानी का फायदा उठाकर मोबाइल, बैग, लगेज, लैपटॉप, चेन, लॉकेट और अन्य कीमती सामान चोरी करने के बाद मौका मिलते ही ट्रेन से उतरकर फरार हो जाती थीं।

    प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, फुट ओवरब्रिज, सर्कुलेटिंग एरिया और चार्जिंग प्वाइंट भी इनके निशाने पर रहते थे। चार्जिंग में लगे मोबाइल और यात्रियों की जेब से सामान उड़ाने का भी आरोप है।

    महिला को देख नहीं बरतें लापरवाही
    आरपीएफ पटना पोस्ट के इंस्पेक्टर साकेत कुमार ने बताया कि यात्रियों को किसी व्यक्ति की वेशभूषा, व्यवहार या लिंग देखकर सुरक्षा के प्रति लापरवाह नहीं होना चाहिए।

    अपराधी किसी भी उम्र, लिंग या वेशभूषा में हो सकता है। उन्होंने कहा कि इसका मतलब किसी महिला या पुरुष यात्री पर संदेह करना नहीं, बल्कि अपनी संपत्ति और व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना है।

    आरपीएफ ने यात्रियों से अपील की है कि मोबाइल को ट्रेन के दरवाजे या खिड़की के पास असावधानी से इस्तेमाल न करें।

    गले की चेन और अन्य आभूषणों को सुरक्षित रखें। अपरिचित व्यक्ति को मोबाइल, पर्स या अन्य कीमती सामान न सौंपें। सोते समय सामान को सुरक्षित रखें और समय-समय पर उसकी जांच करते रहें। किसी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल आरपीएफ या जीआरपी को सूचना दें।

  • जनता दर्शन में CM योगी ने सुनीं फरियादें, बोले- पीड़ितों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करें

    जनता दर्शन में CM योगी ने सुनीं फरियादें, बोले- पीड़ितों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान करें

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रार्थना पत्रों का अवलोकन करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में वैमनस्यता फैलाने वाले लोग मामूली घटनाओं को बड़ा बनाना चाहते हैं।

    ऐसे में जनपदों में हर छोटी से छोटी घटना पर जिलाधिकारी व एसपी स्वयं नजर रखें। तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ितों की सुनवाई करें और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई कर मामलों का पटाक्षेप कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि छोटी-छोटी घटनाओं में भी उदासीनता व लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

    हर पीड़ित से मिले सीएम, समयबद्ध निस्तारण का दिया निर्देश
    मुख्यमंत्री ‘जनता दर्शन’ में कुर्सियों पर बैठे हर पीड़ित से मिले। उनकी समस्याओं व शिकायतों को सुना। मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पुलिस, राजस्व, विद्युत आदि से जुड़ी शिकायतों का प्रार्थना पत्र लेते हुए कहा कि सरकार साढ़े 9 वर्ष से बिना भेदभाव हर पीड़ित की उचित समस्या का समाधान करा रही है।

    अधिकारी संवेदनशील होकर जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। पात्र व्यक्ति को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाएं, मरीजों के इलाज की व्यवस्था कराएं और भूमाफिया/दबंगों पर कठोरतम कार्रवाई करें।

    पुलिस से संबंधित शिकायतों पर हुए सख्त
    सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष पुलिस व राजस्व से जुड़ीं शिकायतें अधिक रहीं। इस पर मुख्यमंत्री सख्त हो गए। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीआईजी, एसएसपी स्तर के अधिकारी नियमित रूप से जनसमस्याओं का जनपदों में निराकरण कराएं। यदि किसी मातहत द्वारा लापरवाही की शिकायत मिले तो उस पर भी कार्रवाई करें। सीएम ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।

    बच्चे से पूछा- कैसे हो, कहां पढ़ते हो
    ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आए नन्हे बच्चे से मुख्यमंत्री ने हालचाल पूछा। फिर पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उसकी तरफ चॉकलेट बढ़ाई तो उसने झट से चॉकलेट ले ली। फिर सीएम ने चॉकलेट वापस मांगी तो बच्चे ने मना कर दिया। इस पर पूरा हॉल खिलखिला उठा। मुख्यमंत्री ने सुखद भविष्य का आशीर्वाद देते हुए बच्चे से मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा।

     

  • सभापति चुनाव से पहले तिजारा में विवाद, कांग्रेस पार्षद को रोकने पर हंगामा

    सभापति चुनाव से पहले तिजारा में विवाद, कांग्रेस पार्षद को रोकने पर हंगामा

    भिवानी.

    तिजारा नगर परिषद के सभापति चुनाव से एक दिन पहले सियासी घमासान तेज हो गया है। हिमाचल प्रदेश में बाड़ेबंदी के बाद तिजारा लौट रहे कांग्रेस पार्षदों को रविवार रात करीब नौ बजे पंचकूला टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक लिया।

    कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिस पार्षदों को अमरावती पुलिस चौकी ले गई और उनके वाहनों को भी थाने में खड़ा करा दिया। घटना की सूचना मिलते ही कांग्रेस नेता इमरान खान के नेतृत्व में नेता और पार्षद पिंजौर पुलिस थाने के बाहर एकत्र हो गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तिजारा विधायक बाबा बालकनाथ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इमरान खान ने आरोप लगाया कि हिमाचल प्रदेश में ठहरे कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षद रविवार को तिजारा के लिए रवाना हुए थे। पंचकूला जिले में टोल प्लाजा के पास पुलिस ने उनकी गाड़ियों को रोक लिया।

    कांग्रेस का आरोप है कि हथियारों से लैस पुलिसकर्मियों और बाउंसरों ने पार्षदों को अपने साथ अमरावती पुलिस चौकी पहुंचाया। कांग्रेस ने इसे सोमवार को होने वाले सभापति चुनाव में पार्षदों को मतदान से रोकने की कोशिश बताया है। सोमवार को तिजारा नगर परिषद सभापति पद के लिए मतदान होना है। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले पार्षदों को रोके जाने की घटना ने तिजारा की सियासत गरमा दी है। कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए तत्काल पार्षदों को छोड़े जाने की मांग की है।

  • 20 लाख वोटरों के नाम कटने पर सवाल, केबीएस सिद्धू ने 2002 मैपिंग नियम को घेरा

    20 लाख वोटरों के नाम कटने पर सवाल, केबीएस सिद्धू ने 2002 मैपिंग नियम को घेरा

    चंडीगढ़.

    पंजाब में मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर पूर्व विशेष मुख्य सचिव केबीएस सिद्धू ने कहा है कि किसी मतदाता के नाम को उसके माता-पिता की 2002-03 की मतदाता सूची में दर्ज नाम से मैप करना कानून में निर्धारित शर्त नहीं है।

    उन्होंने कहा कि ऐसी कृत्रिम शर्त को पुनरीक्षण प्रक्रिया में शामिल किया गया है, जिसके कारण मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। सिद्धू ने कहा कि पंजाब में 13 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची से 20 लाख से अधिक मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट श्रेणी में रखकर बाहर किया गया है। उन्होंने ऐसे लोगों से नया फार्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की अपील की है।

    "एसआईआर" में 12.8 लाख मतदाता लापता
    पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा 4 अगस्त 2026 को जारी किए गए उत्सवपूर्ण प्रेस नोट में, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के घर-घर जनगणना चरण के समापन के उपलक्ष्य में, एक ऐसा वाक्य छिपा है जिस पर जनता का ध्यान कहीं अधिक जाना चाहिए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी, सुश्री अनिंदिता मित्रा, आईएएस ने कहा कि मसौदा मतदाता सूची में शामिल 93.40% मतदाताओं का मिलान 2003 की मतदाता सूचियों या पिछली एसआईआर की सूचियों से सफलतापूर्वक कर लिया गया है। इसके बाद का गणित स्पष्ट है: लगभग 6.60% – 1,93,94,408 एकत्रित जनगणना प्रपत्रों के आधार पर, लगभग 12.8 लाख पंजाबी मतदाता – वर्तमान में मिलान से बाहर हैं। इस समूह को नोटिस 13 अगस्त 2026 से भेजे जाने शुरू होंगे, "ईसीआई के निर्देशों के अनुपालन में।"

    2.14 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं वाले राज्य के लिए 12.8 लाख कोई मामूली संख्या नहीं है। यह कई विधानसभा क्षेत्रों के मतदाताओं की कुल संख्या से भी कहीं अधिक है। प्रत्येक प्रभावित नागरिक और वास्तव में पंजाब की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रत्येक जागरूक पर्यवेक्षक का यह प्रश्न पूछने का पूरा अधिकार है: आगे क्या होगा और इसका क्या समाधान है? समाधान पर चर्चा करने से पहले, प्रेस विज्ञप्ति में उल्लिखित श्रेणियों के अनुसार, पंजाब के 2.14 करोड़ मतदाताओं को जिन विशिष्ट वर्गों में विभाजित किया गया है, उन्हें स्पष्ट रूप से समझना आवश्यक है। ये शब्द एक दूसरे के पर्यायवाची नहीं हैं, और इन्हें आपस में मिलाना समस्या की गंभीरता को गलत समझने का सबसे पक्का तरीका है।

  • भागलपुर में दर्दनाक हादसा, स्नान करने गए 6 बच्चों की डूबकर मौत

    भागलपुर में दर्दनाक हादसा, स्नान करने गए 6 बच्चों की डूबकर मौत

    भागलपुर
     बिहार के भागलपुर में बड़ा हादसा हो गया. सुल्तानगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 27 स्थित विष्णु टोला के छह बच्चे कर्मा-धर्मा पूजा को लेकर स्नान करने गए थे. इसी दौरान सभी बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूब गए. हादसे में छह बच्चों की मौत हो गई. घटना तरैटा नारायणपुर वहियार की बताई जा रही है. पूरे इलाके में मातम पसर गया है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

    बताया जा रहा है कि सभी बच्चे करीब 12 साल की उम्र के थे. कर्मा-धर्मा पूजा को लेकर बच्चे स्नान करने के लिए बाढ़ के पानी में गए थे. इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे. घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में अफरातफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने बच्चों की तलाश शुरू की. काफी प्रयास के बाद सभी बच्चों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी.

    6 बच्चों की मौत से पसरा मातम
    मृत बच्चों की पहचान पूजा, ज्योति, मिंकी, राहुल, आयुष और विकास के रूप में हुई है. सभी सुल्तानगंज नगर परिषद के वार्ड नंबर 27 के विष्णु टोला के रहने वाले बताए जा रहे हैं. हादसे की खबर मिलते ही मृत बच्चों के परिवारों में कोहराम मच गया. एक साथ छह बच्चों की मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, पूजा को लेकर बच्चे स्नान करने के लिए बाढ़ के पानी में गए थे. बाढ़ के कारण इलाके में पहले से ही पानी भरा हुआ है. ऐसे में गहरे पानी में जाने से यह दर्दनाक हादसा हो गया.

    परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल
    घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बाढ़ के पानी में बच्चों के जाने को लेकर चिंता जताई है. लोगों ने प्रशासन से ऐसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और बच्चों को बाढ़ के पानी से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ के दौरान जलभराव वाले स्थानों पर विशेष निगरानी जरूरी है, ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके. प्रशासन की ओर से घटना की जानकारी जुटाई जा रही है. हादसे के बाद इलाके में गम का माहौल है और परिजनों को संभालना मुश्किल हो रहा है.

     

  • UPITS 2026: 6 पार्टनर देश और 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदार होंगे शामिल, CM योगी ने तैयारियों का लिया जायजा

    UPITS 2026: 6 पार्टनर देश और 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदार होंगे शामिल, CM योगी ने तैयारियों का लिया जायजा

    माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने की यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 की तैयारियों की समीक्षा, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

    प्रदेश की समृद्ध परंपरा, हुनर और उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करेगा यूपीआईटीएस-2026

    ओडीओपी स्टॉल्स, स्थानीय कलाकारों और युवाओं की भागीदारी पर जोर

    युवाओं को प्रत्यक्ष अनुभव और उद्यमिता के अवसर प्रदान करने का महत्वपूर्ण मंच होगा ट्रेड शोः मा0 मुख्यमंत्री

    उत्तर प्रदेश के 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था लक्ष्य को गति देने के लिए चौथे संस्करण में शामिल होंगे 06 भागीदार देश, 600 अंतर्राष्ट्रीय खरीदार और 20 से अधिक उच्च-प्रभाव वाले नॉलेज सेशन

    गौतमबुद्धनगर
          उत्तर प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के सभागार में प्रशासनिक, प्राधिकरण एवं पुलिस अधिकारियों के साथ आगामी उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 (UPITS-2026) की तैयारियों की समीक्षा की। मा0 मुख्यमंत्री जी ने आयोजन की सफलता, सुरक्षा, व्यवस्थापन, विदेशी मेहमानों एवं आगंतुकों की सुविधा तथा सभी विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश की समृद्ध परंपरा, हुनर, स्थानीय उत्पादों एवं औद्योगिक क्षमताओं को वैश्विक मंच प्रदान करने के साथ-साथ वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

          मा0 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस संस्करण के लिए अंतर्राष्ट्रीय आउटरीच के बेहतरीन परिणाम सामने आए हैं, जिसके तहत 06 प्रमुख भागीदार देशों- जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस के साथ सक्रिय साझेदारी स्थापित की गई है। इन देशों के प्रतिनिधिमंडल समर्पित प्रीमियम फोयर पवेलियन, द्विपक्षीय व्यावसायिक सत्रों और संरचित बी2बी बैठकों के माध्यम से भाग लेंगे। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ और विदेशी भारतीय मिशनों के समन्वित प्रयासों से 72 देशों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 600 अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों के इस आयोजन में भाग लेने की संभावना है। उन्होंने निर्देश दिये कि विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों के लिए उचित आवास की व्यवस्था की जाये। भाग लेने वाले देशों के उच्चायुक्तों के लिए संपर्क अधिकारी (लायजन ऑफिसर) नियुक्त किए जाएं और आगंतुकों तथा प्रतिनिधियों की सहायता के लिए गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय एवं तकनीकी विश्वविद्यालयों के छात्रों को वाॅलिंटियर्स के रूप में तैनात किया जाए। 
          मा0 मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को माननीय केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ उचित रूप से जोड़ा जाना चाहिए और मंत्री, उद्योगों तथा व्यापारिक प्रतिनिधियों के बीच सार्थक बातचीत को सुगम बनाने के लिए अतिरिक्त बैठकें आयोजित की जाये तथा प्रसिद्ध वक्ताओं के साथ नॉलेज सेशन संक्षिप्त और प्रभावशाली बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि टेक्निकल सेशन में उत्तर प्रदेश शासन के संबंधित विभागों के मंत्रियों एवं प्रमुख सचिवों को आवश्य आमंत्रित किया जाए, ताकि महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श एवं विभागीय समन्वय सुनिश्चित हो सके। नॉलेज सेशन में जनता की भागीदारी को भी प्रोत्साहित और सुनिश्चित किया जाना सुनिश्चित करें। 

          माननीय मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यूपीआईटीएस 2026 में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों के साथ-साथ अवध, बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्रों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे यह आयोजन उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक विविधता का एक सच्चा प्रतिनिधित्व बन सके। इस दृष्टिकोण को साकार करने के लिए 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के स्लॉट तैयार किए गए हैं, जिनमें कथक नृत्य, पखावज और सितार वादन, भोजपुरी और आल्हा लोक गायन, राई और थारू जनजातीय नृत्य तथा स्टार म्यूजिकल नाइट्स शामिल हैं। 
          माननीय मुख्यमंत्री ने आयोजन के दौरान संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन और पेयजल की व्यापक व्यवस्था करने की आवश्यकता पर बल दिया। तीनों संबंधित प्राधिकरणों को स्वच्छता, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने के लिए परस्पर समन्वय बनाना होगा। आयोजन स्थल स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक-मुक्त रहना चाहिए, जिसके प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं। सभी सरकारी विभागों को 23 सितंबर तक अपने स्टॉल लगाने का काम पूरा करने का निर्देश दिया गया, उन्होंने प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग्स, पोस्टर और दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाने तथा अतिरिक्त टावर लगाकर नेटवर्क कनेक्टिविटी बढ़ाने और विश्वसनीय इंटरनेट व वाई-फाई सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों से संपर्क करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाये और रील्स या सोशल मीडिया कंटेंट बनाते समय आगंतुकों को मर्यादा बनाए रखने व सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। 

          मा0 मुख्यमंत्री जी ने सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी-अपनी जिम्मेदारियों एवं दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए सभी तैयारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अंतिम रूप प्रदान करें। उन्होंने सभी विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अव्यवस्था अथवा कमी न रह जाए। आयोजन की सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, आवास, आगंतुक सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 का आयोजन सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

          पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री को यूपीआईटीएस 2026 के लिए यातायात योजना और व्यवस्थाओं के बारे में अवगत कराया। आगंतुकों, प्रदर्शकों, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों और आम जनता की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए स्थल तक जाने और वहां से आने वाले सभी मार्गों की समीक्षा और अद्यतन किया गया है। सभी प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फ्रिस्किंग (जांच) और भीड़-प्रबंधन उपायों सहित व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। संभावित फुटफॉल को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए निरंतर निगरानी के साथ प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं पर पर्याप्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री को आयोजन स्थल तक आवागमन की सुविधा के साथ-साथ आगंतुकों और प्रदर्शकों के लिए निर्दिष्ट पार्किंग सुविधाओं की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी। भीड़भाड़ को कम करने और आगंतुकों के लिए एक सहज अनुभव सुनिश्चित करने के लिए यातायात नियमन, मार्ग प्रबंधन और पार्किंग संचालन का समन्वय किया जाएगा। सभी आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल और भीड़-नियंत्रण उपायों को मजबूत किया गया है, तथा संबंधित टीमों को पूरे आयोजन के दौरान सतर्क और तत्पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। 

          साइट की तैयारी, यातायात प्रबंधन और आगंतुक सुविधाओं के संबंध में स्थानीय प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट ने व्यापक व्यवस्था की है। पार्किंग क्षेत्रों और प्रदर्शनी स्थल के बीच आगंतुकों के लिए पर्यावरण-अनुकूल और परेशानी मुक्त परिवहन की सुविधा के लिए 500 से अधिक ईवी शटल बसें चलाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, आने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों और वीवीआईपी की सहायता के लिए नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक समर्पित यूपीआईटीएस सुविधा काउंटर संचालित किया जा रहा है। एनएमआरसी मेट्रो लाइनों, शहर की बसों के रैप्स, मल्टीप्लेक्स सिनेमा स्क्रीन, रेडियो और डिजिटल चैनलों पर बहु-चैनल प्रचार अभियान चलाए जा रहे हैं, जिन्होंने मेटा प्लेटफॉर्म्स पर पहले ही 1.3 करोड़ (13 मिलियन) से अधिक वीडियो व्यूज हासिल कर लिए हैं। खरीदारों, प्रदर्शकों और मेहमानों की सहायता के लिए सीएम फेलो, उद्यमी मित्र और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय व अन्य क्षेत्रीय संस्थानों के युवा स्वयंसेवक मौके पर तैनात हैं। 

          जिलाधिकारी ने बताया कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस, औद्योगिक संगठनों, जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों के प्रशासकों और प्रतिनिधियों के साथ लक्षित समन्वय बैठकें की गई हैं। Gen-Z  और स्कूली छात्रों की भारी भागीदारी को प्रेरित करने के लिए, जिले ने एक डिजिटल रील चैलेंज, एक यंग एंटरप्रेन्योर प्रतियोगिता और युवाओं को जोड़ने तथा यूपीआईटीएस 2026 के दौरान उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन की गई विशेष क्विज सहित संवाद स्थापित करने के लिए युवा पहलों की एक श्रृंखला की योजना बनाई है। 

          इस वर्ष की केंद्रीय थीम ‘अद्वितीय सोर्सिंग का अद्भुत मंच से प्रेरित, यूपीआईटीएस 2026 में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, वन डिस्ट्रिक्ट वन क्राफ्ट, सीएम युवा, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, रक्षा और एयरोस्पेस, कृषि और संबद्ध क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा और हेल्थकेयर, टेक्सटाइल और हथकरघा, टाउन ऑफ एक्सीलेंस एक्सपोर्टर्स, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट (क्रेडाई), तथा पर्यटन और संस्कृति जैसे प्रमुख विकास चालकों का व्यापक प्रदर्शन होगा। मजबूत औद्योगिक गति का प्रदर्शन करते हुए, भूतल और द्वितीय तल के हॉलों में 36,500 वर्ग मीटर प्रदर्शनी स्थान पहले ही बुक किया जा चुका है, जिसमें भाग लेने वाले औद्योगिक विकास प्राधिकरणों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए पूर्ण ले-आउट को अंतिम रूप दे दिया गया है, जो उत्तर प्रदेश की क्षमता के वैश्विक प्रदर्शन के लिए पूरी तरह तैयार है।

          इस अवसर पर मा0 मंत्री एम0एस0एम0ई0 भूपेन्द्र सिंह चौधरी, मा0 राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग बृजेश सिंह, मा0 राज्यमंत्री एम0एस0एम0ई0 हंसराज विश्वकर्मा, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एव औद्योगिक विकास दीपक कुमार, आयुक्त अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार, ए0डी0जी0 मेरठ जोन भानू भास्कर, मण्डलायुक्त मेरठ भानू चन्द्र गोस्वामी सहित प्रशासन, प्राधिकरण तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहें।
          सौजन्य से सूचना विभाग गौतमबुद्धनगर।

  • बाइक चोरों के निशाने पर पंचकूला, 2026 में 133 वाहन चोरी और 57 ही बरामद

    बाइक चोरों के निशाने पर पंचकूला, 2026 में 133 वाहन चोरी और 57 ही बरामद

    पंचकूला
     जिले में वाहन चोरी की घटनाएं पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई हैं। वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में ही पंचकूला में 133 वाहन चोरी हो चुके हैं, जबकि पुलिस इनमें से केवल 57 वाहन ही बरामद कर सकी है।

    यानी चोरी हुए वाहनों के मुकाबले बरामदगी का आंकड़ा आधे से भी कम है। पिछले वर्षों के आंकड़े देखें तो वाहन चोरी की समस्या लगातार बनी हुई है। वर्ष 2025 में पंचकूला में 339 वाहन चोरी हुए थे, जबकि पुलिस 144 वाहन ही बरामद कर सकी।

    वर्ष 2024 में 342 वाहन चोरी हुए और 73 बरामद हुए। इसी तरह 2023 में 357 वाहन चोरी के मामलों में 94 वाहन बरामद किए गए। वर्ष 2022 में सबसे अधिक 409 वाहन चोरी हुए थे, जिनमें से 115 वाहन बरामद किए गए।

    आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2022 से 2026 के पहले छह महीनों तक जिले में कुल 1,580 वाहन चोरी हुए हैं। इनमें से 483 वाहनों की ही बरामदगी हो सकी।

    आंकड़े बताते हैं कि वाहन चोरी के मामलों में पुलिस के सामने चोरी हुए वाहनों को ट्रेस कर बरामद करना बड़ी चुनौती है। विशेषकर वर्ष 2024 में 342 वाहनों की चोरी के मुकाबले महज 73 वाहन बरामद हुए, जिससे बरामदगी का आंकड़ा काफी कम रहा।

    दोपहिया सबसे ज्यादा निशाने पर
    पुलिस के अनुसार चोरी के ज्यादातर मामलों में दोपहिया वाहन शामिल हैं। 97 सीसी की मोटरसाइकिलें चोरों के निशाने पर रहती हैं। पुलिस के मुताबिक इनके आसान इग्निशन सिस्टम और पर्याप्त एंटी-थेफ्ट फीचर नहीं होने से इन्हें चुराना आसान होता है।

    वर्ष          चोरी हुए वाहन     बरामद वाहन
    (जनवरी-जून)  
    2026               133                57
    2025               339               144
    2024                 342              73
    2023                 357              94
    2022                  409            115
    कुल                     1,580           483

    चोरी की बाइक बरामद, मालिक के लिए फिर भी कागजी दौड़
    चोरी हुई बाइक बरामद होने के बाद उसे वापस लेने के लिए मालिक को लंबी कागजी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। मनीमाजरा निवासी की बाइक चंडीमंदिर थाना पुलिस ने बरामद की, उसे जानकारी अखबार में खबर पढ़कर मिली। थाने पहुंचने पर बाइक की दोनों नंबर प्लेट गायब मिलीं और वाहन क्षतिग्रस्त था। पुलिस ने चेसिस नंबर से पहचान की।

    बाइक लेने के लिए अदालत में सुपुर्दारी अर्जी, वकील और जमानतदार की व्यवस्था करनी पड़ी। कोर्ट से रिलीज आर्डर के बाद मालिक व जमानतदार की अलग फाइल बनी।

    जमानतदार को संपत्ति के दस्तावेज देने, नोटरी से सत्यापन और पुलिस चौकी में प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाइक मिली। करीब एक माह में 3 हजार रुपए कागजी कार्रवाई और पांच हजार रुपए मरम्मत पर खर्च हुए। मुकदमा लंबित रहने तक कोर्ट की अनुमति के बिना बाइक बेचने पर भी रोक है।

    वकील बोले- एक सप्ताह में मिलना चाहिए वाहन
    पंचकूला जिला अदालत के एडवोकेट अवनीत ढाकला ने कहा कि पंजीकृत मालिक का वाहन बरामद होने के बाद प्रक्रिया को सरल किया जाना चाहिए। वाहन को एक सप्ताह के भीतर उसके मालिक को सुपुर्द किया जा सकता है। सामान्य मामलों में भी करीब 20 दिन प्रक्रिया में लग जाते हैं। चोरी के पीड़ित को वाहन चोरी होने के बाद दोबारा कागजी प्रक्रिया में परेशान नहीं होना चाहिए।

     

  • शॉर्ट स्टे फ्लैटों का बढ़ता चलन बना चिंता, पुलिस सत्यापन और जिम्मेदारी पर सवाल

    शॉर्ट स्टे फ्लैटों का बढ़ता चलन बना चिंता, पुलिस सत्यापन और जिम्मेदारी पर सवाल

     रांची
     राजधानी में महंगे अपार्टमेंट और गेटेड सोसाइटियों में फ्लैट खरीदकर परिवार के साथ रहने वाले लोगों की सुरक्षा अब एक नए चलन से प्रभावित हो रही है। कुछ फ्लैटों को स्थायी किराये पर देने के बजाय कुछ घंटे या एक-दो दिन के शॉर्ट स्टे के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराया जा रहा है।

    बुकिंग के बाद कौन व्यक्ति फ्लैट में पहुंच रहा है, उसका स्थानीय स्तर पर सत्यापन हुआ है या नहीं और वहां ठहरने के दौरान वह क्या गतिविधियां कर रहा है, इसकी जानकारी कई बार सोसायटी के स्थायी निवासियों तक नहीं पहुंचती।

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसे फ्लैटों में लगातार बदलते लोगों के आने-जाने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ रही है। उनका सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शार्ट स्टे के लिए दिए गए फ्लैट में कोई अपराध, मारपीट या दूसरी आपराधिक घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी- फ्लैट मालिक की, बिल्डर की, बुकिंग कराने वाले की या सोसायटी प्रबंधन की।

    छह से आठ हजार रुपये तक में कुछ घंटों का ठहराव
    स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, कुछ फ्लैटों को प्रतिदिन करीब छह से आठ हजार रुपये तक की दर पर शॉर्ट स्टे अथवा कुछ घंटे के लिए उपलब्ध कराने की बात सामने आई है। ऑनलाइन मंचों पर रांची में कम अवधि के लिए अपार्टमेंट और सर्विस्ड अपार्टमेंट की उपलब्धता जरूर दिखाई देती है।

    एयरबीएनबी पर भी रांची में निजी वन बीएचके और अन्य आवासीय इकाइयां कम अवधि के ठहराव के लिए सूचीबद्ध हैं। एक सूची में संपत्ति को गेटेड आवासीय परिसर में स्थित बताते हुए छोटे और लंबे दोनों तरह के ठहराव की सुविधा दी गई है।

    इससे साफ है कि कम अवधि के लिए आवासीय संपत्ति उपलब्ध कराने का आनलाइन बाजार राजधानी में मौजूद है, लेकिन इन संपत्तियों की कुल संख्या और उनमें से कितने सामान्य आवासीय फ्लैट हैं तथा कितने विधिवत लाइसेंस प्राप्त आवास/सर्विस्ड अपार्टमेंट हैं, इसका कोई समेकित सरकारी आंकड़ा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

    रांची में ऑनलाइन रियल एस्टेट बाजार का आकार भी काफी बड़ा है। मैजिकब्रिक्स पर हाल में रांची में बिक्री के लिए 1,162 फ्लैट/अपार्टमेंट सूचीबद्ध दिखाई दिए। इसी मंच पर किराये के लिए 971 फ्लैट/अपार्टमेंट उपलब्ध बताए गए हैं।

    स्थायी परिवारों को सबसे ज्यादा चिंता सत्यापन की
    सोसायटी में रहने वाले लोगों की चिंता सिर्फ इस बात को लेकर नहीं है कि बाहर से लोग क्यों आ रहे हैं। सवाल यह है कि कौन आ रहा है और उसकी पहचान क्या है?

    स्थायी निवासी चाहते हैं कि शार्ट स्टे के नाम पर किसी भी व्यक्ति को फ्लैट देने से पहले उसकी पहचान, मोबाइल नंबर, पता और ठहरने की अवधि का रिकार्ड रखा जाए। साथ ही सोसाइटी के सुरक्षा कर्मियों को भी इसकी जानकारी हो। कई मामलों में फ्लैट मालिक या बुकिंग संचालक केवल आनलाइन बुकिंग और भुगतान पर ध्यान देते हैं।

    सोसाइटी प्रबंधन अथवा स्थानीय पुलिस को अतिथि की जानकारी देने की व्यवस्था स्पष्ट नहीं होती। इससे किसी घटना के बाद संबंधित व्यक्ति तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।

    नशे और मारपीट की शिकायतें भी
    कुछ सोसाइटियों के निवासियों ने ऐसे शार्ट स्टे फ्लैटों में नशे के सेवन, देर रात तक शोर-शराबे और आपसी विवाद की शिकायतें होने का दावा किया है। उनका कहना है कि कुछ मामलों में नशे के बाद मारपीट तक की स्थिति उत्पन्न हुई।

    देह व्यापार का भी आरोप, लेकिन पुलिस जांच जरूरी
    स्थानीय निवासियों की ओर से कुछ शॉर्ट स्टे फ्लैटों के इस्तेमाल को लेकर देह व्यापार की आशंका और आरोप भी लगाए जा रहे हैं। यही वजह है कि सुरक्षा के साथ-साथ प्रशासन के सामने यह चुनौती भी है कि आवासीय सोसायटियों में कम अवधि के ठहराव की गतिविधियों पर स्पष्ट निगरानी व्यवस्था कैसे बनाई जाए, ताकि सामान्य वैध अतिथि और आपराधिक गतिविधि के बीच अंतर किया जा सके।

    कौन है जिम्मेदार, क्या कहता है कानून:
    हाई कोर्ट के वरीय अधिवक्ता अनूप अग्रवाल ने बताया कि कानून में यह महत्वपूर्ण अंतर है कि किसी संपत्ति में अपराध हो जाना अपने आप में मालिक को उस अपराध का आरोपी नहीं बना देता। लेकिन यदि किसी मकान मालिक को यह जानकारी हो कि उसकी संपत्ति का इस्तेमाल वेश्यावृत्ति/वेश्यालय के लिए किया जा रहा है और वह जानबूझकर उसे इसकी अनुमति देता है, तो अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 के तहत मालिक, पट्टेदार या परिसर के प्रभारी व्यक्ति पर कार्रवाई का प्रावधान है

    अधिनियम की धारा 3 में ऐसी स्थिति के लिए दंड का प्रावधान है। इसी तरह धारा 7 में सार्वजनिक स्थानों या उनके आसपास वेश्यावृत्ति से जुड़ी गतिविधियों के संबंध में अलग प्रावधान हैं।

    आवासीय फ्लैट को लाजिंग की तरह चलाने पर भी सवाल
    झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 317 में नगरपालिका क्षेत्र में किसी परिसर को होटल या लॉजिंग हाउस के रूप में इस्तेमाल करने के लिए लाइसेंस की व्यवस्था है। कानून नगर आयुक्त को ऐसे परिसर का निरीक्षण करने और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में उपयोग बंद कराने की शक्ति भी देता है। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि सिर्फ आवासीय उपयोग के लिए खरीदे गए फ्लैटों को नियमित रूप से व्यावसायिक शॉर्ट स्टे के रूप में संचालित किया जा रहा है या नहीं और संबंधित परिसर के पास आवश्यक लाइसेंस है या नहीं।

    पुलिस सत्यापन की व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत
    झारखंड पुलिस की वेबसाइट पर नागरिक सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं और पुलिस स्थानीय स्तर पर व्यक्तियों के पूर्ववृत्त की जांच जैसी सेवाओं का उल्लेख करती है। पुलिस पोर्टल पर अपराध संबंधी शिकायत के लिए संबंधित थाने में सूचना देने की व्यवस्था भी स्पष्ट की गई है।

    रांची में पहले भी किरायेदार सत्यापन को लेकर पुलिस की ओर से मकान मालिकों को जागरूक करने की बात सामने आई है। 2025 की एक रिपोर्ट में रांची पुलिस ने किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराने को सुरक्षा की दृष्टि से चिंता का विषय बताते हुए मकान मालिकों से इसका पालन करने की अपील की थी।

    बीट रिपोर्टिंग नहीं होने से अपार्टमेंट-सोसाइटी के लोगों की पुलिस के पास
    जानकारी नहीं
    राजधानी में बीट रिपोर्टिंग व्यवस्था प्रभावी नहीं होने से पुलिस के पास अपने क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। वरीय अधिकारियों ने सभी थानेदारों को अपने-अपने थाना क्षेत्र में बीट पेट्रोलिंग कराने और संबंधित क्षेत्र में रहने वाले लोगों का विवरण रजिस्टर में दर्ज कराने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद अपार्टमेंट और सोसाइटी स्तर पर पुलिस की ओर से कोई रिपोर्ट तैयार नहीं की गई है

    पुलिस को निर्देश दिया गया है कि बीट क्षेत्र में नियमित भ्रमण कर वहां रहने वाले लोगों, किरायेदारों और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाई जाए। खासकर अपार्टमेंट और सोसाइटी में रहने वाले लोगों का सत्यापन कर रिकॉर्ड तैयार किया जाना है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की नियमित बीट रिपोर्टिंग नहीं होने से किसी घटना के बाद पुलिस को संबंधित क्षेत्र की जानकारी जुटाने में परेशानी होती है। अधिकारियों के निर्देश के बावजूद व्यवस्था अब तक जमीन पर प्रभावी नहीं दिख रही है।

  • अखिलेश को सलाह, बोले- जीतना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर दीजिए, हाल सब जगह एक सा

    अखिलेश को सलाह, बोले- जीतना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर दीजिए, हाल सब जगह एक सा

    बुलाई थी बैठक, हो गई कुश्ती, पीडीए मतलब ‘पैसा, दबंगई और आपसी लड़ाई’: ओम प्रकाश राजभर
     
    एटा-कासगंज में सपा नेताओं के विवाद पर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को घेरा
     
    अखिलेश को सलाह, बोले- जीतना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर दीजिए, हाल सब जगह एक सा
     
    बोले- टिकट बंटा नहीं, चुनाव आया नहीं, सत्ता मिली नहीं और अभी से चढ़ गई ‘पैसे की गर्मी’
     
    कहा- राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने नेता भिड़ जाएं तो पार्टी के अनुशासन का हाल समझा जा सकता है
     
    राजभर का तंज- कार्यकर्ता की जगह अपराधी भरेंगे तो क्या होगा, बोए पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय
     
     लखनऊ

     सुभासपा अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एटा-कासगंज में सपा नेताओं के बीच हुए विवाद को लेकर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने तंज किया कि अखिलेश यादव ने बैठक चुनावी रणनीति बनाने के लिए बुलाई थी, लेकिन उनके सामने ही नेताओं में कुश्ती हो गई। उन्होंने पीडीए का नया मतलब भी “पैसा, दबंगई और आपसी लड़ाई” बताया।
     
    राजभर ने लिखा, “अखिलेश यादव जी! क्या से क्या हो गया, देखते-देखते। बुलाए थे बैठक और हो गई कुश्ती।” उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में कार्यकर्ताओं की जगह अपराधियों को भरकर रखा जाएगा तो नतीजा ऐसा ही होगा। इसी के साथ उन्होंने कहावत लिखी, “बोए पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय।”
     
    सत्ता मिली नहीं, अभी से ‘पैसे की गर्मी’
    राजभर ने एटा-कासगंज की बैठक में हुए विवाद और इसके बाद दोनों जिलों की पार्टी इकाइयां भंग किए जाने को लेकर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने अखिलेश की “पैसे की गर्मी” वाली टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि टिकट अभी बंटा नहीं, चुनाव आया नहीं और सत्ता मिली नहीं, लेकिन “पैसे की गर्मी” अभी से चढ़ गई है।
     
    उन्होंने कहा कि जिस पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने ही नेता आपस में भिड़ जाएं और अध्यक्ष को बैठक छोड़कर जाना पड़े, वहां अनुशासन का हाल समझा जा सकता है। राजभर ने कटाक्ष किया कि “सपा और अनुशासन” एक साथ नहीं आ सकते।
     
    प्रदेश की इकाई भी भंग कर दीजिए
    राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज करते हुए कहा कि यदि पार्टी को चुनाव जिताना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर देनी चाहिए। सिर्फ एटा-कासगंज के नेताओं को ही “पैसों की गर्मी” नहीं आई है, बल्कि हाल सब जगह एक जैसा है। पोस्ट के अंत में उन्होंने “जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव” लिखा।

  • उदयपुर में खत्म होगी मीटर रीडिंग की झंझट, ऐप पर मिलेगा बिल और बिजली खपत का हिसाब

    उदयपुर में खत्म होगी मीटर रीडिंग की झंझट, ऐप पर मिलेगा बिल और बिजली खपत का हिसाब

    उदयपुर
    बिजली के स्मार्ट मीटर लगने के साथ ही अब घर-घर जाकर मीटर रिडिंग लेने की प्रक्रिया बंद की जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को बिजली बिल की हार्ड कॉपी नहीं मिलेगी, बल्कि वे ऑनलाइन ही बिजली खपत देख सकेंगे। चाहे तो बिजली बिल डाउनलोड कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था की शुरुआत के लिए शहर के अशोकनगर, पावर हाउस प्रथम और द्वितीय का चयन किया गया है। इन सबडिविजन के 50 हजार उपभोक्ताओं को अगले माह से बिजली बिल नहीं मिलेंगे।

    अमूमन महीने की शुरुआत से करीब 15 दिन तक मीटर रीडिंग का काम ही चलता रहता है। ऐसे में उपभोक्ता को बिजली बिल जमा कराने के लिए कम ही समय मिल पाता है। नई व्यवस्था के तहत महीने की पहली तारीख को ही बिल जनरेट हो जाएगा। ऐसे में उपभोक्ता को बिल जमा कराने का भरपूर समय मिलेगा। इससे जहां बिजली निगम के कार्मिकों को आसानी होगी, वहीं उपभोक्ता को दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

    'बिजली मित्र' ऐप डाउनलोड करना जरुरी
    नई व्यवस्था के तहत बिजली बिल, खपत, भुगतान और शिकायतों से जुड़ी जानकारी के लिए उपभोक्ताओं को बिजली मित्र ऐप डाउनलोड करना होगा। बिजली मित्र ऐप उपभोक्ताओं को बिजली से जुड़ी कई सेवाएं मोबाइल पर उपलब्ध कराएगा। ऐप के जरिए वर्तमान और पुराने बिजली बिल देखे और डाउनलोड किए जा सकते हैं। साथ ही पिछले भुगतानों की जानकारी भी मिल सकेगी। धीरे-धीरे पूरे शहर में यही व्यवस्था लागू होगी।

    खपत पर भी रख सकेंगे नजर
    ऐप की मदद से उपभोक्ता पिछले महीनों की बिजली खपत देख सकते हैं। मासिक और औसत खपत की जानकारी मिलने से यह समझने में मदद मिलती है कि किस महीने बिजली का इस्तेमाल कितना बढ़ा या घटा। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए 'माय स्मार्ट मीटर' सुविधा के जरिए प्रति घंटे, साप्ताहिक और मासिक खपत, रियल टाइम मीटर रीडिंग और ऑन-डिमांड रीडिंग जैसी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

    बिल भुगतान और शिकायत की सुविधा
    ऐप से वर्तमान बिजली बिल का ऑनलाइन भुगतान किया जा सकता है। बिजली आपूर्ति, सुरक्षा, बिजली चोरी या अन्य तकनीकी समस्याओं से संबंधित शिकायत और सुझाव भी दर्ज किए जा सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के बाद उसका स्टेटस ऑनलाइन देखा जा सकता है। ऐप पर नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। कई प्रक्रियाओं में कागजी दस्तावेज लेकर कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी।

    डिजिटल ज्ञान नहीं तो परेशानी
    जिन उपभोक्ताओं को डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने में परेशानी होती है, उनके लिए इन सुविधाओं का लाभ लेना कठिन हो सकता है। एप की सुविधाएं कनेक्शन और मीटर की उपलब्ध सेवाओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। कई घरों में बुजुर्ग ही निवासरत हैं, जो डिजिटल या तकनीकी रूप से सक्षम नहीं हैं, उन्हें बिल देखने में परेशानी आएगी। याद नहीं रखने पर भी बिजली उपभोक्ताओं को दिक्कत आ सकती है।

    इनका कहना है-
    'अजमेर मुख्यालय से लिए गए निर्णय के अनुसार फिलहाल तीन सबडिविजन का चयन किया गया है। इन सबडिविजन के क्षेत्र में आने वाले उपभोक्ताओं तक रीडिंग के माध्यम से बिल नहीं पहुंचाए जाएंगे। वे मोबाइल के जरिये खुद ही खपत व बिल देख सकेंगे।' -केआर मीणा, एसइ, एवीवीएनएल उदयपुर सर्कल