Category: राज्य

  • ‘यूपी का स्वाद’ से ‘यूपी की खाऊ गली’ तक, एक ही परिसर में मिलेगा प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद

    ‘यूपी का स्वाद’ से ‘यूपी की खाऊ गली’ तक, एक ही परिसर में मिलेगा प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद

    लखनऊ/ग्रेटर नोएडा
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में प्रदेश की औद्योगिक, कारोबारी और उद्यमशील ताकत के साथ ही उत्तर प्रदेश की समृद्ध खानपान परंपरा भी देश-दुनिया के सामने दिखाई देगी। ट्रेड शो के फूड कोर्ट में प्रदेश के अलग-अलग जनपदों और क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों को एक ही स्थान पर प्रस्तुत किया जाएगा। इसके माध्यम से आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों के विशिष्ट स्वाद का अनुभव एक ही परिसर में मिलेगा।

    ‘यूपी का स्वाद’ में दिखेगी प्रदेश की खानपान विरासत
    फूड कोर्ट में ‘यूपी का स्वाद’ के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के प्रसिद्ध व्यंजनों को स्थान दिया गया है। यहां मोदीनगर की जैन शिकंजी, खुर्जा की खुरचन, मुरादाबाद की मुरादाबादी दाल और बिस्कुट रोटी, नोएडा की गुर्जरी थाली, लखनऊ के गलौटी कबाब, टुंडे कबाब और लखनवी बिरयानी तथा वाराणसी का बनारसी पान, टमाटर चाट और कुल्हड़ चाय उपलब्ध रहेगी। इसी क्रम में कानपुर की दही-जलेबी और समोसा चाट, आगरा का पेठा और बेढ़ई संग आलू सब्जी और दालमोट, मथुरा का पेड़ा, प्रयागराज की तहरी, लस्सी और चाट, गोरखपुर का ठेकुआ, बलिया की लिट्टी-चोखा, झांसी का पोहा और बालूशाही, बरेली की आलू टिक्की और सींक कबाब, मेरठ की रेवड़ी और गजक, अयोध्या की गुझिया तथा देसी घी की मिठाइयां, इटावा के मठा के आलू, मुजफ्फरनगर की गजक और गन्ने से जुड़े उत्पाद तथा बरेली की आलू टिक्की और सींक कबाब जैसे स्थानीय स्वाद भी आकर्षण का केंद्र होंगे।

    यूपी की खाऊ गली’ में दिखेगा क्षेत्रीय स्वाद
    ट्रेड शो में ‘यूपी की खाऊ गली’ भी विशेष आकर्षण का केंद्र होगी। इसमें बनारस का स्वाद, कानपुर का स्वाद, इलाहाबाद का स्वाद, अवध के व्यंजन, जौनपुर का स्वाद, लखीमपुर का स्वाद, अलीगढ़ का स्वाद, आगरा का स्वाद, मुरादाबाद का स्वाद, खुर्जा का स्वाद, नोएडा का स्वाद, बरेली का स्वाद, गाजियाबाद का स्वाद, बलिया का स्वाद, गोरखपुर का स्वाद और गाजीपुर का स्वाद सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के खानपान को प्रस्तुत किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की विशिष्ट खानपान परंपराओं को एक बड़े मंच पर प्रदर्शित करने के साथ ही स्थानीय उत्पादों और उनसे जुड़े कारोबार को भी व्यापक पहचान दिलाने का प्रयास किया गया है।

    ग्रामीण आजीविका से जुड़े उत्पादों को भी मिलेगा मंच
    फूड कोर्ट में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का विशेष फूड स्टॉल भी होगा। यहां ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार किए जाने वाले व्यंजनों को प्रदर्शित किया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर आजीविका से जुड़े समूहों को अपने उत्पादों को बड़े मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही फूड कोर्ट में विभिन्न लोकप्रिय खाद्य प्रतिष्ठानों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। इनमें डोमिनोज, वॉव मोमोज, सबवे, वॉव चाइना, केवेंटर, चायोस, टैको बेल, केएफसी, बीकानेरवाला, कोक, बर्गर किंग, सीजन्स कैफे, डोसा किचन, बिटवीन द ब्रेड, बरिस्ता कॉफी, फैट रोल और फ्रूट जूस बार शामिल हैं।

    उद्योग और निवेश के साथ दिखेगी यूपी की सांस्कृतिक पहचान
    योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को निवेश, उद्योग और निर्यात के साथ-साथ अपनी स्थानीय पहचान को बड़े बाजार से जोड़ने की दिशा में भी आगे बढ़ाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो इसी व्यापक प्रयास का महत्वपूर्ण मंच है, जहां प्रदेश की औद्योगिक क्षमता के साथ स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, खानपान और उद्यमिता को भी प्रदर्शित किया जाता है। फूड कोर्ट में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के व्यंजनों को एक साथ प्रस्तुत किए जाने से उत्तर प्रदेश की विविधता में एकता और समृद्ध खानपान परंपरा भी सामने आएगी। देश-विदेश से आने वाले खरीदारों, निवेशकों, उद्यमियों और आगंतुकों के लिए यह प्रदेश की आर्थिक क्षमता के साथ उसकी सांस्कृतिक और स्थानीय पहचान से परिचित होने का अवसर भी बनेगा।

    स्थानीय स्वाद को वैश्विक मंच से जोड़ने की पहल
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में उद्योग, निवेश और कारोबार के साथ प्रदेश के स्थानीय स्वाद को शामिल करना ‘स्थानीय से वैश्विक’ की अवधारणा को विस्तार देता है। एक ही परिसर में पूर्वांचल, अवध, बुंदेलखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और मध्य उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्वादों की मौजूदगी प्रदेश की खानपान विविधता को रेखांकित करेगी। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में जहां उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और कारोबारी क्षमता दुनिया के सामने प्रस्तुत होगी, वहीं ‘यूपी का स्वाद’ और ‘यूपी की खाऊ गली’ के माध्यम से प्रदेश की मिट्टी से जुड़े स्वाद और परंपराओं की खुशबू भी देश-दुनिया तक पहुंचेगी।

  • TMC में चुनावी साजिश के दावे से मचा घमासान, ऋतब्रत ने कहा- मेरे पास 14 नामों की सूची

    TMC में चुनावी साजिश के दावे से मचा घमासान, ऋतब्रत ने कहा- मेरे पास 14 नामों की सूची

    कोलकाता
     विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि 2026 के विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत तृणमूल कांग्रेस के 14 उम्मीदवारों को हराने की योजना पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर उनके कार्यालय कैमक स्ट्रीट से बनाई गई थी।

    एक समाचार पत्र को दिए गए साक्षात्कार में उन्होंने दावा किया कि उनके पास इस संबंध में पर्याप्त साक्ष्य हैं और जरूरत पड़ने पर इसे अदालत में पेश किया जा सकता है। यह दावा हालिया मीडिया रिपोर्ट में भी प्रकाशित हुआ है।

    'ममता को हराकर संगठन पर कंट्रोल चाहते थे अभिषेक'
    ऋतब्रत का दावा है कि इसके तहत संबंधित क्षेत्रों में पार्टी एजेंटों को रोकने और महत्वपूर्ण कार्यकर्ताओं को निष्क्रिय करने जैसे कदम उठाए गए। ऋतब्रत के मुताबिक, उद्देश्य ममता बनर्जी को चुनाव में हराकर संगठन और सरकार पर नियंत्रण हासिल करना था।

    उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास कथित योजना में शामिल सभी 14 नामों की सूची है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में उन्होंने पूरी सूची सार्वजनिक नहीं की है। अभिषेक बनर्जी की ओर से इस विशेष दावे पर तत्काल प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।

    भवानीपुर में ममता की हार का भी जिक्र
    2026 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी भवानीपुर में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से हार गई थीं। चुनाव परिणाम के बाद ममता की ओर से मतदान प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगाए गए थे, जिनमें पार्टी एजेंटों को मतदान केंद्रों में प्रवेश नहीं देने का आरोप भी शामिल था।

    ऋतब्रत के मौजूदा दावे के बाद इन आरोपों और उनके बताए कथित घटनाक्रम के बीच संबंध को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच सीधे संबंध की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

  • 300 करोड़ की हेरोइन तस्करी का खुलासा, फरीदकोट में 4 गिरफ्तार; 3 पिस्टल भी मिलीं

    300 करोड़ की हेरोइन तस्करी का खुलासा, फरीदकोट में 4 गिरफ्तार; 3 पिस्टल भी मिलीं

    फरीदकोट.

    नशा विरोधी अभियान के तहत फरीदकोट पुलिस की सीआईए टीम को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक संदिग्ध होंडा सिटी कार को रोककर उसकी तलाशी ली तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। कार से 47 किलो 332 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली हेरोइन, तीन विदेशी .30 बोर पिस्टल, मैगजीन और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। जिसकी इंटरनेशनल वेल्यू 315 करोड़ है।

    पुलिस ने मौके से ही कार सवार चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। मिली जानकारी के अनुसार, सीआईए स्टाफ की टीम ने सादिक-दीप सिंह वाला मार्ग पर स्थित गांव काउंनी के पास एक गुप्त सूचना और सुरक्षा जांच के सिलसिले में विशेष नाकेबंदी की हुई थी। इसी दौरान दीप सिंह वाला की दिशा से आ रही एक संदिग्ध होंडा सिटी कार को पुलिस कर्मचारियों ने रुकने का इशारा किया। पुलिस टीम को अचानक सामने देखकर कार सवार युवकों के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने तुरंत वाहन को पीछे मोड़कर मौके से तेजी से भागने का प्रयास किया। हालांकि, हड़बड़ाहट में अचानक कार बंद हो गई, जिसका फायदा उठाकर मुस्तैद पुलिस टीम ने चारों युवकों को चारों तरफ से घेरकर मौके पर ही धर दबोचा।

    कार में गट्टे से निकले 42 पैकेट
    इसके बाद जब पुलिस ने गाड़ी की गहनता से तलाशी ली तो कार के अंदर रखे एक बोरे (गट्टे) से 42 अलग-अलग पैकेट बरामद हुए। जांच करने पर उनमें कुल 47 किलो 332 ग्राम हेरोइन पाई गई। इसके अलावा जब पुलिस अधिकारियों ने कार के डैशबोर्ड को खंगाला तो उसमें रखे एक लिफाफे से तीन अत्याधुनिक विदेशी .30 बोर पिस्टल, उनकी मैगजीन और 15 जिंदा कारतूस मिले।

    पुलिस ने मामला किया दर्ज
    पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुरुहरसहाय क्षेत्र के गांव गूदड़ पंजगराई निवासी मंगल सिंह तथा जलालाबाद के गांव लमोचड़ खुर्द निवासी अंकुश, सचिन उर्फ संजू और अनमोल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने थाना सादिक में सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशे और हथियारों की यह इतनी बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां सप्लाई किया जाना था। पुलिस इस गिरोह के बैकवर्ड और फॉरवर्ड नेटवर्क को खंगालने में जुटी है, जिससे आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।

  • रांची स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, टिकट काउंटर से CCTV तक मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

    रांची स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी, टिकट काउंटर से CCTV तक मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

    रांची
     रांची रेलवे स्टेशन की उत्तर दिशा (नार्थ साइड) में यात्रियों की सुगम आवाजाही और भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए बड़े एवं आधुनिक पैसेंजर होल्डिंग एरिया का निर्माण किया जा रहा है।

    1920 वर्गमीटर क्षेत्र में बनने वाले इस होल्डिंग एरिया में एक साथ करीब 2400 से 2500 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। खासकर त्योहारों और विशेष अवसरों पर यात्रियों की बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में यह सुविधा महत्वपूर्ण होगी।

    तीन जोन में व्यवस्थित होगा होल्डिंग एरिया
    होल्डिंग एरिया को यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए तीन प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है। इसमें प्री-टिकटिंग जोन, टिकटिंग जोन और पोस्ट-टिकटिंग जोन होंगे। इससे यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी। परिसर में यात्रियों के बैठने के लिए पर्याप्त सीटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।

    टिकट काउंटर के साथ एटीवीएम की सुविधा
    यात्रियों की सुविधा के लिए होल्डिंग एरिया में पर्याप्त संख्या में टिकट काउंटर बनाए जाएंगे। इसके साथ ही स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) भी लगाई जाएगी। इससे यात्री स्वयं टिकट ले सकेंगे और टिकट काउंटर पर लगने वाली कतार और प्रतीक्षा समय को कम करने में मदद मिलेगी।

    शौचालय और पेयजल की भी व्यवस्था
    होल्डिंग एरिया में यात्रियों के लिए आधुनिक शौचालय और मूत्रालय की सुविधा होगी। इसके अलावा पेयजल के लिए वाटर बूथ भी बनाए जाएंगे। इससे ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों को स्टेशन के प्लेटफार्म पर जाने से पहले ही जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

    अलग प्रवेश और निकास द्वार, 24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी
    यात्रियों की सुगम आवाजाही और भीड़ को नियंत्रित रखने के लिए होल्डिंग एरिया में अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार की व्यवस्था होगी। पूरा परिसर 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेगा। इससे यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखने के साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी बेहतर रखने में मदद मिलेगी।

    त्योहारों में स्टेशन पर भीड़ प्रबंधन में मिलेगी मदद
    रांची स्टेशन पर त्योहारों और विशेष अवसरों पर यात्रियों की संख्या बढ़ने के दौरान प्लेटफार्म और स्टेशन परिसर में भीड़ का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे समय में होल्डिंग एरिया यात्रियों को एक जगह व्यवस्थित रूप से ठहराने में मदद करेगा। पर्याप्त बैठने की व्यवस्था होने से यात्रियों को ट्रेन के इंतजार के दौरान सुविधा मिलेगी। वहीं, अलग प्रवेश-निकास और तीन अलग जोन होने से यात्रियों की आवाजाही को भी व्यवस्थित रखा जा सकेगा।

    रांची रेलवे स्टेशन की उत्तर दिशा में पैसेंजर होल्डिंग एरिया का निर्माण यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। इसमें करीब 2400 से 2500 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। टिकटिंग, बैठने, पेयजल, शौचालय और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
    -श्रेया सिंह, सीनियर डीसीएम, रांची रेल मंडल

    इंटर डिपार्टमेंटल स्पोर्ट्स मीट-2026 रेलवे कर्मचारियों ने दिखाया जौहर
    अब तक अलग-अलग विभागों में रेल परिचालन और यात्रियों की सेवा में जुटे रांची रेल मंडल के कर्मचारी शुक्रवार को खेल के मैदान में एक साथ नजर आए। मौका था पहली बार आयोजित किए जा रहे इंटर डिपार्टमेंटल स्पोर्ट्स मीट-2026 का।

    दक्षिण पूर्व रेलवे खेल संघ (सेरसा), रांची की ओर से आयोजित प्रतियोगिता का शुभारंभ शुक्रवार को हटिया स्थित हाकी स्टेडियम में हुआ। मंडल रेल प्रबंधक सह अध्यक्ष/सेरसा, रांची करुणा निधि सिंह और सर्वो, रांची की अध्यक्षा निधि सिंह ने प्रतियोगिता का शुभारंभ किया।

    उद्घाटन के अवसर पर एथलेटिक्स प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। पुरुष एवं महिला कर्मचारियों के लिए 100 मीटर दौड़ तथा पुरुष कर्मचारियों के लिए 400 मीटर रिले दौड़ हुई। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक सह अध्यक्ष/सेरसा करुणा निधि सिंह ने खिलाड़ियों और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।

    पहली बार आयोजित इस इंटर डिपार्टमेंटल स्पोर्ट्स मीट के माध्यम से रांची रेल मंडल के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों और खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। आयोजन से कर्मचारियों के बीच आपसी समन्वय, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलने के साथ खेल गतिविधियों के प्रति उत्साह भी बढ़ेगा।

    कार्यक्रम में सर्वो, रांची की उपाध्यक्षा अजीता रानी, अपर मंडल रेल प्रबंधक हेमराज मीना, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजू तिर्की, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी सह मंडल क्रीड़ा अधिकारी राजा, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सह मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्रेया सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

  • मेहनत के साथ तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का सपना हुआ पूरा, योग्यता के आधार पर हुआ चयन

    मेहनत के साथ तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का सपना हुआ पूरा, योग्यता के आधार पर हुआ चयन

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की लिपिक संवर्ग सीधी भर्ती-2023 के अंतर्गत चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिल उठे। उन्होंने एक स्वर में कहा कि मेहनत और योग्यता के आधार पर नौकरी मिलने से उनका वर्षों का सपना पूरा हुआ है। चयनित अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बताते हुए योगी सरकार की सराहना की।

    मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को मिली सफलता
    लखनऊ निवासी संजीव वर्मा का चयन उपनिरीक्षक (गोपनीय) के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि परीक्षा 2 नवंबर 2025 को हुई थी और मार्च 2026 में परिणाम आया। संजीव ने कहा कि पूरी नियुक्ति निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से हुई है। मेहनत करने वालों को सफलता मिली है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उन्हें गर्व महसूस हो रहा है। लखीमपुर खीरी निवासी रजत गुप्ता ने बताया कि उनका चयन भी उपनिरीक्षक (गोपनीय) के पद पर हुआ है। यूपी पुलिस में यह उनका दूसरा चयन है। वर्ष 2020 में वह आरक्षी पद पर चयनित हुए थे। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में भर्तियां निष्पक्ष हो रही हैं। लिखित परीक्षा, टाइपिंग और मेडिकल की प्रक्रिया में भी पारदर्शिता रही।

    केवल फॉर्म भरने में खर्च किया था पैसा
    वहीं, पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक पद पर चयनित अंजू भारती ने कहा कि उनका चयन बिना किसी पक्षपात, लेनदेन और सिफारिश के हुआ है। उन्हें केवल फॉर्म भरने में पैसा खर्च किया था। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में बिना सिफारिश नौकरी मिलना संभव हो रहा है। इसी पद पर चयनित आदर्श कुमार जैन ने भी भर्ती को निष्पक्ष और पारदर्शी बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार जताया। पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) पद पर चयनित दर्शना बाजपेयी ने कहा कि भर्ती में कहीं भी सिफारिश या लेनदेन की जरूरत नहीं पड़ी। उन्हें केवल योग्यता के आधार पर नियुक्ति मिली है। दर्शना बाजपेयी ने बताया कि तीन साल की तैयारी के बाद मिली सफलता उनके और परिवार के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलने की उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी।

    मुख्यमंत्री योगी के हाथों नियुक्ति पत्र पाने की है खुशी
    पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पद पर चयनित धीरेंद्र सिंह ने बताया कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को सफलता मिली है। 5 साल से तैयारी कर रहे थे, अब जाकर सफलता मिली है। आज बहुत खुशी का दिन है, मुख्यमंत्री जी के हाथों नियुक्ति पत्र मिला है। सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि सहायक उप निरीक्षक (लिपिक) के पद पर उनका चयन हुआ है। पूरी भर्ती निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न कराई गई है। 2021 से लगातार तैयारी कर रहे थे, आज नियुक्ति पत्र पाकर बहुत अच्छा लग रहा है।

  • अखिलेश ने आंबेडकर और दलितों को मिटाया, योगी जी ने दिया सम्मान: एमएलसी

    अखिलेश ने आंबेडकर और दलितों को मिटाया, योगी जी ने दिया सम्मान: एमएलसी

    लखनऊ
    विधान परिषद सदस्य व उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने 2012 से 2017 तक अखिलेश यादव की सपा सरकार के कार्यकाल को सबसे घटिया बताया, कहा-इसमें खूब दलित उत्पीड़न हुए। इनके कार्यकाल में दो लाख दलित अधिकारी रिवर्ट कर दिए गए थे। इन्होंने नई राजस्व संहिता बनाकर दलितों को जमीन आवंटन में मिलने वाली प्राथमिकता को समाप्त कर दिया और इनके सजातीय बंधुओं ने दलितों की जमीनों पर कब्जा कर लिया।

    डॉ. निर्मल ने आरोप लगाया कि सपा शासन में डॉ. आंबेडकर की मूर्तियों को तोड़ा गया। लखनऊ में इनके कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की प्रतिमा की गर्दन उड़ा दी थी। गाजियाबाद में हज हाउस के उद्घाटन में इनके चहेते मंत्री आजम खान ने डॉ. आंबेडकर को भूमाफिया कहा और रामपुर तारामंडल से डॉ. आंबेडकर का नाम मिटा दिया।

    एमएलसी ने कहा कि सपा स्थापना काल से ही दलित विरोधी रही है, इसीलिए इन्होंने सार्वजनिक रूप से दलितों के प्रोन्नति में आरक्षण का विरोध किया और लोकसभा में आरक्षण का बिल फाड़ डाला। अपनी सरकार में इन्होंने ठेकेदारी और आउटसोर्स में दलितों का आरक्षण समाप्त कर दिया।

    डॉ. निर्मल ने सपा और भाजपा सरकार की तुलना की। कहा कि अखिलेश यादव ने आंबेडकर और दलितों को मिटाया तो योगी जी ने उन्हें इन्हें सम्मान दिलाया और दलितों का सशक्तिकरण किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव द्वारा समाप्त किए गए  संत रविदास नगर भदोही की बहाली की। कन्नौज मेडिकल कालेज का नाम पुनः डॉ. आंबेडकर के नाम से बहाल किया। उनकी प्रतिमाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए 403 करोड़ रुपये का बजट अवमुक्त किया।  योगी जी ने दलितों की मांग पर ऐशबाग में डॉ. आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना भी की ।

  • खालसा पंथ से SGPC सदस्य और अतिरिक्त हेड ग्रंथी निष्कासित, आजीवन सेवा करने पर प्रतिबंध

    खालसा पंथ से SGPC सदस्य और अतिरिक्त हेड ग्रंथी निष्कासित, आजीवन सेवा करने पर प्रतिबंध

    अमृतसर.

    श्री अकाल तख्त साहिब ने गंभीर आरोपों और सिख मर्यादा से जुड़े मामलों में रविवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सदस्य अमरजीत सिंह और अतिरिक्त हेड ग्रंथी मलकित सिंह के खिलाफ फैसला सुनाया।

    पांच सिंह साहिबान की बैठक में दोनों को खालसा पंथ से निष्कासित कर दिया गया। साथ ही, किसी भी सिख संस्था में जीवनभर सेवा करने पर रोक लगा दी गई है। यह मामला एक महिला की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों से जुड़ा बताया गया है। अकाल तख्त साहिब ने दोनों मामलों पर विचार करने के बाद प्रस्ताव पारित किए।श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में रविवार को कार्यकारी जत्थेदार कुलदीप सिंह की अगुवाई में पांच सिंह साहिबान की बैठक हुई। इसमें सिख मर्यादा और गुरुद्वारा प्रबंध से संबंधित विभिन्न मामलों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के बाद चार प्रस्ताव पारित किए गए।

    अमरजीत सिंह के मामले में फैसला
    पहले प्रस्ताव में अमरजीत सिंह के मामले पर निर्णय सुनाया गया। बैठक में कहा गया कि उनके खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों से सिख संगत की भावनाएं आहत हुई हैं और सिख संस्थाओं की छवि को नुकसान पहुंचा है। अकाल तख्त साहिब ने उन्हें खालसा पंथ से निष्कासित करते हुए कहा कि जब तक वह खुद को निर्दोष साबित कर अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश नहीं होते, तब तक संगत उनसे किसी प्रकार का संबंध न रखे। इसके अलावा, सिख संस्थाओं में काम करने पर भी आजीवन रोक लगाई है।

    मलकित सिंह पर भी कार्रवाई
    दूसरे प्रस्ताव में मलकित सिंह के मामले पर फैसला लिया गया। बैठक में कहा गया कि जिम्मेदार पदों पर रहने वाले व्यक्तियों का आचरण गुरु की शिक्षाओं और सिख मर्यादा के अनुरूप होना चाहिए। उनके खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों और मामले से सिख पंथ की बदनामी होने का हवाला देते हुए उन्हें भी खालसा पंथ से निष्कासित कर दिया गया। उन पर सिख संस्थाओं में जीवनभर सेवा करने की रोक लगाई गई है। उल्लेखनीय है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पहले ही मलकित को निलंबित कर चुकी है।

    दिल्ली की गुरुद्वारा कमेटी को चेतावनी
    तीसरे प्रस्ताव में नई दिल्ली के सुभाष नगर स्थित श्री गुरु सिंह सभा की प्रबंधक कमेटी को अकाल तख्त साहिब के आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए गए। कमेटी के प्रधान भूपिंदर सिंह और सदस्यों को चेतावनी दी गई कि आदेशों की अवहेलना जारी रहने पर पंथक मर्यादा के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    मुंबई गुरुद्वारा प्रबंध विवाद पर हिदायत
    चौथे प्रस्ताव में मुंबई के मीरा रोड ईस्ट स्थित श्री गुरु नानक दरबार गुरुद्वारा साहिब के प्रबंध से जुड़े विवाद पर विचार किया गया। अकाल तख्त साहिब ने कमेटी के प्रधान दलवीर सिंह और जनरल सचिव दविंदर सिंह को आदेशों का पालन करने की हिदायत दी। आदेशों का पालन नहीं होने पर अगली पंथक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

  • योगी सरकार का मिशन रोजगार तेज, 9.5 लाख युवाओं को नौकरी देने का दावा; अब 1 लाख भर्तियों का लक्ष्य

    योगी सरकार का मिशन रोजगार तेज, 9.5 लाख युवाओं को नौकरी देने का दावा; अब 1 लाख भर्तियों का लक्ष्य

    लखनऊ
    यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज 912 युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटें। रविवार को कार्यक्रम राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित किया गया। सीएम योगी ने पुलिस विभाग के 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। इन अभ्यर्थियों को यूपी पुलिस में नौकरी मिली है। इस कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना समेत अन्य मौजूद रहे। चयनित अभ्यर्थियों में पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पद शामिल हैं। नियुक्ति पत्र पाने वाले चयनित युवा यूपी पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं देंगे।

    इस दौरान सीएम योगी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में निराशा थी। हर जगह भाई-भतीजावाद हावी था। भर्ती में बिना शामिल हुए भी नौकरी मिल जाती थी। 2017 के बाद हमारी सरकार ने इसमें बदलाव किया। ग्रुप सी और डी पर हमने साक्षात्कार की व्यवस्था खत्म कर दी। पहले साक्षात्कार में खेल कर दिया जाता था। हमने इस चरण को ही खत्म कर दिया। सारे पद पहले जैसे ही हैं, सिर्फ काम करने का तरीका बदला है। पहले हर दूसरे दिन दंगे होते थे। महीनो-महीनो कर्फ्यू रहता था। मुजफ्फरनगर में तो छह महीने दंगे होते रहे। कोसीकलां से शुरू होता था दंगा। माफिया का काफिला आने पर ज्यूडिशरी के अधिकारियों का भी काफिला रोक दिया जाता था। पहले माफिया निकलता था। आज भला कोई असलहा लहरा सकता है, आज कोई त्योहारों के पहले दंगा कर सकता है।

    सीएम योगी ने महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि 66 करोड़ श्रद्धालु आए। लोग उनसे बोलते थे कुछ तो गलत बोलिए, वो लोग कहते थे खाक कुछ बोले, इतनी अच्छी व्यवस्था है। 2017 से पहले जिनके पास क्षमता थी, वो यूपी से बाहर बेटियों को रखते थे। जिनके पास क्षमता नहीं होती थी, वो घर में ही रखते थे। आज कोई शोहदा बेटी को छेड़ नहीं सकता। उसको अंजाम पता है। यदि वह ऐसी हरकत करता है तो वह अपने डेथ सेंटेंस पर खुद साइन कर रहा है। आज यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा होती है। लोग कहते हैं कि अब दंगा नहीं होता है। सीएम ने सपा पर तंज कसा कि आज हम दंगों की मॉक ड्रिल कराते हैं, ताकि लोग भूल न जाएं।

    सीएम योगी ने अंत में ये भी कहा कि यूपी सरकार अगले छह महीने में एक लाख नौकरियां देगी। सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी उन राज्यों में शामिल है जो कह सकता है कि वह रेवेन्यू सरप्लस है। हमने 9.5 साल में 9.5 लाख युवाओं को नौकरी दी है। आज यूपी के नागरिकों के सामने पहचान का संकट नहीं है।

  • शहद से कमाई और निर्यात बढ़ाने की तैयारी, राजस्थान के 25 जिलों में फैला मधुमक्खी पालन का कारोबार

    शहद से कमाई और निर्यात बढ़ाने की तैयारी, राजस्थान के 25 जिलों में फैला मधुमक्खी पालन का कारोबार

    जयपुर
    राजस्थान में शहद अब सिर्फ मिठास नहीं, रोजगार और निर्यात का जरिया भी बन रहा है। देश-दुनिया में बढ़ती मांग के बीच राजस्थान में मधुमक्खी पालन तेजी से विस्तार ले रहा है। इसी संभावना को देखते हुए सरकार भरतपुर और टोंक में 17.5 करोड़ रुपए की लागत से मधुमक्खी एक्सीलेंस सेंटर तैयार कर रही है। यहां युवाओं को प्रशिक्षण, कॉलोनी व बॉक्स निर्माण, शहद की एक्सपोर्ट क्वालिटी तैयार करने और गुणवत्ता जांच जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। राजस्थान में 2.52 लाख से ज्यादा मधुमक्खी कॉलोनियां पंजीकृत हैं। देशभर में 16 हजार 788 पालक और संस्थाएं पंजीकृत हैं, जबकि कॉलोनियों की संख्या 24,92,101 है। ऐसे में मधुमक्खी पालन का दायरा अब छत्ते और शहद के उत्पादन से आगे बढ़ रहा है।

    युवाओं को आवासीय प्रशिक्षण भी
    दोनों एक्सीलेंस सेंटर में पालन से जुड़ी तकनीकी जानकारी के साथ कॉलोनी और बॉक्स तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इच्छुक युवाओं के लिए आवासीय प्रशिक्षण की सुविधा भी होगी। तैयार शहद की प्रोसेसिंग और गुणवत्ता जांच की व्यवस्था भी यहीं होगी, ताकि उत्पाद घरेलू के साथ विदेशी बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा सके। अक्टूबर-नवंबर में कॉलोनी तैयार करने के अनुकूल मौसम को देखते हुए उद्यान विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग 5 हजार कॉलोनी बॉक्स के साथ किट भी वितरित करेगा।

    बढ़ता बाजार, राजस्थान के लिए अवसर
    देश में शहद उत्पादन 2014-15 के 80,530 मीट्रिक टन से बढ़कर 2025-26 में 1,51,690 मीट्रिक टन हो गया। इसी अवधि में निर्यात 29,600 मीट्रिक टन से बढ़कर 1,14,570.19 मीट्रिक टन पहुंच गया। भारत प्राकृतिक शहद के निर्यात में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है। राजस्थान में शुरुआत भरतपुर, कोटा और श्रीगंगानगर तक सीमित थी, लेकिन अब 25 जिलों में मधुमक्खी पालन हो रहा है। सरसों में फूल आने के समय मधुमक्खियां छोड़ने से उत्पादन 25 प्रतिशत तक बढ़ता है।

    एक नजर में राजस्थान
    पंजीकृत मधुमक्खी पालक/संस्थाएं – 1197
    पंजीकृत मधुमक्खी कॉलोनियां – 2,52,179
    देश में हिस्सेदारी – करीब 10 फीसदी
    स्वीकृत परियोजनाएं – 584

    राज्य के टॉप जिले
    जिला – कॉलोनियों की संख्या
    भरतपुर – 1,22,600
    अलवर – 35,740
    हनुमानगढ़ – 25,547
    गंगानगर – 11,577

    जहां फूल, वहीं मधुमक्खियों का डेरा
    मधुमक्खियां मौसम के साथ ठिकाना बदलती हैं। राजस्थान में पालक सालभर फूलों की उपलब्धता के अनुसार कॉलोनियां एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं। नवंबर से जनवरी तक सरसों के खेत इनका प्रमुख ठिकाना रहते हैं। फरवरी-मार्च में धनिया और जंगली बबूल के फूलों के बीच पहुंचती हैं। अप्रेल-मई में रंजका और बरसीम के खेतों में इनका डेरा रहता है। 15 मई से जून तक फर्रुखाबाद और कन्रोज क्षेत्रों में मक्का-बाजरा के फूलों के बीच कॉलोनियां पहुंचती हैं। जुलाई से सितंबर तक भरतपुर-करौली के आसपास तिल और बाजरा के फूलों पर मधुमक्खियां मंडराती हैं। अक्टूबर में इनका कारवां ग्वालियर-शिवपुरी क्षेत्र में अजवाइन के खेतों तक पहुंच जाता है। कुछ पालक उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक कॉलोनियां लेकर जाते हैं। अभी भी राज्य की मधुमक्खियां भ्रमण पर हैं।

  • चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप 31 अक्टूबर से, नेशनल के लिए चयनित होंगे खिलाड़ी

    चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप 31 अक्टूबर से, नेशनल के लिए चयनित होंगे खिलाड़ी

    चंडीगढ़.

    शहर में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक 48वीं चंडीगढ़ स्टेट रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन की ओर से रोलर स्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (आरएसएफआई) के तत्वावधान में होने वाली इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में चंडीगढ़ के रोलर स्केटिंग खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

    चैंपियनशिप खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का महत्वपूर्ण मंच भी होगी। चैंपियनशिप को 64वीं नेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप 2026-27 के लिए क्वालीफाइंग प्रतियोगिता के रूप में आयोजित किया जा रहा है। स्टेट चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन का अवसर मिलेगा। 64वीं नेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप का आयोजन 5 से 15 दिसंबर तक कर्नाटक में किया जाएगा। ऐसे में चंडीगढ़ स्टेट चैंपियनशिप खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगी। प्रतियोगिता में खिलाड़ी अपनी गति, तकनीक और खेल कौशल का प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर की टीम में जगह बनाने का प्रयास करेंगे।

    चंडीगढ़ रोलर स्केटिंग एसोसिएशन के अनुसार, राज्य चैंपियनशिप का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मंच उपलब्ध कराने के साथ प्रतिभावान स्केटर्स की पहचान करना है। प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।