Category: राज्य

  • बच्चे के अपहरण की साजिश नाकाम, जालंधर में आरोपी गिरफ्तार

    बच्चे के अपहरण की साजिश नाकाम, जालंधर में आरोपी गिरफ्तार

    जालंधर.

    कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने चार वर्षीय बच्चे के अपहरण के मामले को सुलझाते हुए बच्चा चोरी और चाइल्ड ट्रैफिकिंग से जुड़े गिरोह के मुख्य आरोपित रजत रत्तू उर्फ रोकी को गिरफ्तार किया है।

    पुलिस का दावा है कि आरोपित ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर चार वर्षीय बच्चे को चाइल्ड ट्रैफिकिंग के उद्देश्य से अगवा किया था। उसने यह बच्चा एक लाख रुपए में बेचना था। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की सफेद एक्टिवा भी बरामद कर ली है। दूसरे आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

    पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह के निर्देश पर डीसीपी सिटी आदित्य एस. वारियर, एडीसीपी जोन-2 माधवी शर्मा और एसीपी वेस्ट आतिश भाटिया की निगरानी में थाना बस्ती बावा खेल पुलिस ने कार्रवाई की। एसआइ गुरदीप चंद, थाना प्रभारी बस्ती बावा खेल, और एएसआइ सुखदेव चंद, चौकी इंचार्ज लेदर कांप्लेक्स, की टीम ने मामले की जांच शुरू की।

  • गोरखपुर की माटी का हुनर दुनिया तक, UP ट्रेड शो में टेराकोटा की धूम

    गोरखपुर की माटी का हुनर दुनिया तक, UP ट्रेड शो में टेराकोटा की धूम

    वैश्विक पटल पर चमक बिखेरेगा गोरखपुर की माटी का शिल्प ‘टेराकोटा’

    ग्रेटर नोएडा के ‘उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो’ में लगेंगे टेराकोटा के चार स्टॉल

    ओडीओपी में शामिल किए जाने के बाद टेराकोटा शिल्पियों और कारोबारियों के जीवन में आई समृद्धि

    गोरखपुर
    गोरखपुर की तमाम विशिष्टताओं में से एक माटी का हस्तशिल्प ‘टेराकोटा’ वैश्विक पटल पर एक बार फिर अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित होने जा रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण में गोरखपुर के टेराकोटा उत्पादों के चार विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। इस अंतरराष्ट्रीय मंच के माध्यम से स्थानीय टेराकोटा शिल्पियों और कारोबारियों को सीधे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, निर्यातकों और बड़े व्यापारिक घरानों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल होने के बाद से इस पारंपारिक शिल्प को नया जीवन मिला है, जिससे शिल्पियों और कारोबारियों के जीवन में आर्थिक समृद्धि और सामाजिक सम्मान का नया दौर शुरू हुआ है।

    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में इस बार गोरखपुर के टेराकोटा के चार स्टॉल आकर्षण का प्रमुख केंद्र होंगे। ट्रेड शो में आने वाले विदेशी प्रतिनिधियों और बड़े कॉरपोरेट खरीदारों के सामने इन उत्पादों की सीधी ब्रांडिंग से निर्यात की संभावनाओं के नए द्वार खुलने की भी पूरी उम्मीद है। उद्योग विभाग ने जिन शिल्पियों और कारोबारियों को यूपीआईटीएस में स्टाल लगाने के लिए चयनित किया है, उनमें मेसर्स अतरंगी कलाकारी के बैनर तले टेराकोटा ज्वेलरी व होम डेकोरेशन प्रोडक्ट बनाने वाली दीपिका सिंह, रीतिका कृतिका क्रिएशन से सुनीता मौर्या, गिफ्ट सिटी से कमलेश तिवारी और मेसर्स रोशनी एक उम्मीद ट्रस्ट की कोमल मद्देशिया शामिल हैं।

    उद्योग उपायुक्त उज्ज्वल सिंह का कहना है कि इंटरनेशनल ट्रेड शो में लगने वाले टेराकोटा के स्टाल न केवल गोरखपुर के शिल्पियों की मेहनत और हुनर का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि यह साबित करेंगे कि यदि पारंपरिक हुनर को सही नीति, तकनीक और बाजार का सहारा मिले तो मिट्टी भी सोना उगल सकती है। यूपीआईटीएस में मिलने वाला अवसर गोरखपुर के टेराकोटा के निर्यात की दिशा में भी काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।

    योगी सरकार ने की ब्रांडिंग तो खूब बढ़ा कारोबार
    भटहट ब्लॉक के औरंगाबाद गांव को टेराकोटा शिल्प का मू
    ल गांव माना जाता है। औरंगाबाद और इसके आसपास के गांवों में पीढ़ियों से टेराकोटा का काम किया जाता रहा है। वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री ने एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना शुरू की और टेराकोटा को गोरखपुर का ओडीओपी उत्पाद घोषित किया गया। इसके तहत शिल्पकारों को विद्युत चालित चाक, पगमिल, अनुदान पर ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ी तो दूसरी तरफ योगी सरकार ने बड़े-बड़े मंचों से टेराकोटा की ब्रांडिंग की। परिणामस्वरूप इसकी मांग में लगातार वृद्धि होती गई। कारोबार में वृद्धि होने से टेराकोटा शिल्पकारों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ है। कच्ची झोपड़ियों में काम करने वाले कई शिल्पियों ने पक्के वर्कशॉप और पक्के मकान बना लिए हैं। नई पीढ़ी, जो कभी मिट्टी के इस काम से दूरी बना रही थी, अब आधुनिक डिजाइनिंग सीखकर अपने पुश्तैनी कारोबार में सक्रिय रूप से हाथ बंटा रही है।

  • पानी उतरते ही सामने आई तबाही, बिहार में सड़क-पेयजल व्यवस्था को भारी नुकसान

    पानी उतरते ही सामने आई तबाही, बिहार में सड़क-पेयजल व्यवस्था को भारी नुकसान

     पटना
     बिहार में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे उतरने के साथ ही तबाही की तस्वीर सामने आने लगी है। बाढ़ से सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं को बड़ा नुकसान पहुंचा है।

    ग्रामीण कार्य विभाग को 17 बाढ़ प्रभावित जिलों से मिली प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 1050 से अधिक ग्रामीण सड़कें प्रभावित हुई हैं।

    इनकी कुल लंबाई करीब 2000 किलोमीटर है। इन सड़कों की मरम्मत में शुरुआती आकलन के मुताबिक करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है।

    ग्रामीण कार्य विभाग के निर्देश पर जिलों से ग्रामीण सड़कों की स्थिति की दैनिक रिपोर्ट मंगाई जा रही है। फिलहाल बड़ी संख्या में सड़कें पानी में डूबी हुई हैं। पानी उतरने के बाद ही पूरी तरह हालात स्‍पष्‍ट होंगे।

    ग्रामीण सड़कों की स्थिति सीधे गांवों के प्रखंड, बाजार और अन्य प्रमुख इलाकों से संपर्क पर असर डालती है, इसलिए क्षतिग्रस्त सड़कों को जल्द दुरुस्त करना चुनौती होगी।

    भागलपुर में सबसे अधिक सड़कें प्रभावित
    प्रारंभिक रिपोर्ट में भागलपुर और पटना में ग्रामीण सड़कों पर बाढ़ का सबसे अधिक असर बताया गया है। भागलपुर में 151 और पटना में 140 ग्रामीण सड़कें पानी में डूबी

    पटना जिले में अकेले दानापुर क्षेत्र में 44 सड़कें प्रभावित बताई गई हैं। अन्य जिलों में भोजपुर की 134, सारण की 101, समस्तीपुर की 86, वैशाली की 82, कटिहार की 60, लखीसराय की 54, बेगूसराय की 49, मुंगेर की 48 और खगड़िया की 36 ग्रामीण सड़कें पानी की चपेट में हैं।

    इसी तरह अरवल की 21, सहरसा की 20, मधेपुरा की 18, पूर्णिया की 18, पश्चिम चंपारण की 16 और अररिया की 10 ग्रामीण सड़कें प्रभावित हुई हैं।

    पानी उतरने के बाद सामने आएगा वास्तविक नुकसान
    विभाग के अनुसार अभी अधिकांश आंकड़े प्रारंभिक हैं। कई सड़कें लगातार पानी में डूबी हुई हैं, इसलिए उनके वास्तविक नुकसान का आकलन फिलहाल संभव नहीं है।

    पानी पूरी तरह उतरने के बाद सड़क की सतह, पुल-पुलिया, संपर्क मार्ग और अन्य संरचनाओं को हुए नुकसान का विस्तृत सर्वे किया जाएगा। इसके बाद मरम्मत के लिए आवश्यक राशि और काम की प्राथमिकता तय की जाएगी।

    3800 चापाकल और नल-जल योजनाएं भी प्रभावित
    बाढ़ ने ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। पिछले महीने आई बाढ़ के बाद 75 प्रखंडों की 307 पंचायतों में करीब 3800 चापाकल और नल-जल योजनाएं प्रभावित होने की जानकारी मिली है।

    आपदा प्रबंधन विभाग को पीएचईडी से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कई चापाकल कई दिनों तक पानी में डूबे रहने के कारण खराब हो गए हैं।

    ऐसे स्थानों पर नए चापाकल लगाने की जरूरत पड़ सकती है। पेयजल योजनाओं को दुरुस्त करने और नए चापाकल लगाने में करीब 24.40 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

    पानी कम होते ही प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति योजनाओं की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा।

    भागलपुर में 760 चापाकल प्रभावित
    पेयजल व्यवस्था में सबसे अधिक नुकसान भागलपुर पीएचईडी प्रमंडल  में बताया गया है। यहां 760 चापाकल प्रभावित हुए हैं।

    इसके बाद खगड़िया में 450, पटना पूर्वी और पश्चिमी प्रमंडल में 294, किशनगंज में 206, हाजीपुर में 136 और बेगूसराय में 134 चापाकल खराब होने की जानकारी है।

    बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब विभागों के सामने सड़क संपर्क बहाल करने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल व्यवस्था को जल्द सामान्य करने की चुनौती है।

     

  • 181 हेल्पलाइन पर शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा, अधिकारियों को दिए संतुष्टि के निर्देश

    181 हेल्पलाइन पर शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा, अधिकारियों को दिए संतुष्टि के निर्देश

    जयपुर
    मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को राजस्थान संपर्क 181 हेल्पलाइन केन्द्र का निरीक्षण कर सम्पर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विभिन्न जिलों के परिवादियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली

    वीडियो कॉल के माध्यम से आमजन से सीधे संवाद
    मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राजस्थान संपर्क पोर्टल के तहत एक अभिनव पहल की गई है। इसके माध्यम से प्रशासनिक सचिव प्रतिदिन वीडियो कॉल के जरिए आमजन से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुन रहे हैं तथा उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस नवाचार से सरकार को आमजन की समस्याओं के स्वरूप और उनकी वास्तविक कठिनाइयों को सीधे समझने में भी मदद मिल रही है।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का संकल्प है कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो, जिससे उनका संतुष्टि स्तर बढ़े तथा समस्याओं का प्रभावी, सार्थक एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि 181 हेल्पलाइन के माध्यम से शासन और आमजन के बीच प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रशासन अधिक संवेदनशील, जवाबदेह और आमजन के प्रति तत्पर बन सके।

    ‘नेक्स्ट जेन जनसम्पर्क’ की दिशा में बढ़ रहा राजस्थान संपर्क
    मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार के सुशासन के संकल्प को साकार करने के लिए राजस्थान संपर्क को नेक्स्ट जेन जनसम्पर्क के रूप में विकसित करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से आमजन और शासन के बीच संवाद को और अधिक प्रभावी बनाकर शिकायतों के त्वरित, सार्थक एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

    परिवादियों की अधिकतम संतुष्टि को सुनिश्चित करें
    मुख्य सचिव ने सभी जिला स्तरीय एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसामान्य से जुड़े विभागों से संबंधित परिवादों के निस्तारण में परिवादियों की अधिकतम संतुष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन परिवादों के निस्तारण के बाद परिवादी की असंतुष्टि सामने आती है, उन पर जिला स्तरीय एवं विभागीय उच्चाधिकारी विशेष ध्यान दें तथा अपने स्तर से उनके संतोषजनक समाधान का प्रयास करें। साथ ही, परिवादों के निराकरण के दौरान सामने आने वाली कमियों को जानकर आवश्यक सुधार किए जाएं, ताकि आमजन को अधिकतम राहत मिल सके।

    परिवादियों से किया सीधा संवाद
    मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परिवादियों से स्वयं संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने बीकानेर के अशोक कुमार, जयपुर के मोहनलाल तथा टोंक के आसाराम सहित अन्य परिवादियों से बातचीत की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से परिवादियों की समस्याओं और उनके निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रशासनिक सुधार विभाग दिनेश कुमार, आयुक्त, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग हिमांशु गुप्ता सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • नितिन नवीन बोले- राष्ट्र प्रथम रखें युवा, 100 करोड़ युवा बदल सकते हैं देश की तकदीर

    नितिन नवीन बोले- राष्ट्र प्रथम रखें युवा, 100 करोड़ युवा बदल सकते हैं देश की तकदीर

    मेरठ
    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यूपी के मेरठ में हैं। यहां सुभारती विश्वविद्यालय के मांगल्य कन्वेंशन सेंटर में नितिन नवीन ने जेएनजी से संवाद करते हुए नितिन नवीन ने उन्हें रील के बजाय रियल में जीने की अपील की है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि युवा नशे और शॉर्टकट से दूर रहें।

    करीब 11 बजे सुभारती विवि पहुंचे नितिन नवीन ने शहीद स्मारक में पहुंचकर सबसे पहले शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद शक्ति केंद्र सम्मेलन पश्चिमी क्षेत्र में उन्होंने युवाओं को संबोधित किया। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आजकल युवा को सबसे ज्यादा नशा और शॉर्टकट प्रभावित कर रहा है। इसलिए युवाओं को इन दोनों से बचना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा नशे के खिलाफ शुरू किए गए अभियान का हवाला देते हुए दूसरों को भी नशे से बचाने की अपील की।

    सौ करोड़ निष्ठावान और ऊर्जावान युवा देश की तकदीर बदल सकते
    नितिन नवीन ने युवाओं से अपील की कि वे रील की दुनिया से बाहर निकलकर 'रियल' को जिएं और राष्ट्र प्रथम को आगे रखें। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि दुनिया में बड़े बदलाव हमेशा युवाओं के कंधों पर सवार होकर हुए हैं। भारत युवाओं का देश है और यही ताकत देश की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई दे रही है। अंतरिक्ष से स्टार्टअप और खेल से तकनीक तक युवा अपनी प्रतिभा का लोहा देश-दुनिया में मनवा रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि सौ करोड़ निष्ठावान और ऊर्जावान युवा देश की तकदीर बदल सकते हैं। उन्होंने युवाओं से प्रत्येक कार्य में राष्ट्र प्रथम की भावना, अनुशासन एवं निरंतरता और सामाजिक समरसत को जीवन में सर्वोपरि रखने की अपील की। कार्यक्रम में मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा यूपी अध्यक्ष पंकज चौधरी मौजूद रहे।

    दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे नितिन नवीन का भव्य स्वागत
    आपको बता दें कि नितिन नवीन का सोमवार को उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली से मेरठ पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के टोल प्लाजा से लेकर सुभारती विश्वविद्यालय तक कई स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने नितिन नवीन का स्वागत किया। मार्ग में जगह-जगह पार्टी कार्यकर्ताओं की भीड़, ढोल-नगाड़े, आतिशबाजी और भाजपा के झंडे नजर आए।स्वागत कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण कई स्थानों पर कतार में खड़े किए गए बुलडोजर रहे। उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर और मेरठ के महापौर हरिकांत अहलूवालिया की अगुवाई में खड़े किए गए बुलडोजरों से नितिन नवीन के काफिले पर पुष्पवर्षा की गई। एक स्थान पर क्रेन के जरिए माला लटकाकर भी उनका स्वागत किया गया।नवीन के मेरठ आगमन के दौरान एक्सप्रेसवे से लेकर शहर के प्रवेश मार्ग तक कई स्थानों पर कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए मौजूद रहे। भाजपा अध्यक्ष का काफिला वहां पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और पुष्पवर्षा की।

  • चंडीगढ़ में VVIP मूवमेंट का असर, स्कूलों के बाहर सड़क पर जाम

    चंडीगढ़ में VVIP मूवमेंट का असर, स्कूलों के बाहर सड़क पर जाम

    चंडीगढ़.

    शहर में यदि कोई व्यक्ति सड़क पर गाड़ी खड़ी कर दे तो ट्रैफिक पुलिस तत्काल उसका चालान कर देती है और यही नहीं उसकी गाड़ी को उठाकर ले जाती है। यह रूल्स सिर्फ आम नागरिकों पर लागू होते नजर आते हैं। बात नेताओं और वीवीआईपी की आ जाती है तो पुलिस बेबस दिखती है।

    इसका उदाहरण सोमवार को सेक्टर-26 के स्ट्रॉबेरी फील्ड स्कूल और सेंट कबीर स्कूल के बाहर देखने को मिला। स्कूलों के बाहर मेन सड़क पर दो या तीन लेन में अफसर और नेताओं की गाड़ियां खड़ी थी, जिसकी वजह से जाम में फंसकर लोग परेशान हो रहे थे।

    ट्रैफिक लाइट पड़ी बंद
    शहर में ट्रैफिक व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी आमतौर पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की होती है, लेकिन बुधवार दोपहर सेक्टर-19/27 की ट्रैफिक लाइट खराब होने के बाद एक ऑटो चालक ने ट्रैफिक लाइट बंद होने और मौके पर कोई ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद नहीं होने के कारण चौराहे के आसपास सड़कों पर लंबा जाम लग गया। जाम में फंसे सैकड़ों वाहन चालकों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    सवारी छोड़कर लौट रहे थे, जाम देखकर रोक दिया ऑटो
    सेक्टर-19/27 के पास ट्रैफिक लाइट खराब होने के कारण चारों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी। मौके पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी नजर नहीं आया। जाम लगातार बढ़ता जा रहा था और वाहन चालक परेशान हो रहे थे। अलग-अलग दिशाओं से आ रहे वाहनों को बढ़ाकर यातायात को व्यवस्थित करने का प्रयास शुरू किया।

  • राष्ट्रीय अध्यक्ष  नितिन नवीन ने कहा- 2027 में खेले जा रहे खेल को करना है खत्म, प्रदेश के विकास के रथ को रुकने नहीं देना है

    राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा- 2027 में खेले जा रहे खेल को करना है खत्म, प्रदेश के विकास के रथ को रुकने नहीं देना है

    यूपी को फिर बांटने की कोशिश कर रहे समाजवादी: नितिन नवीन
     
    मेरठ में भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को दिया 2027 का मंत्र
     
    नितिन नवीन बोले- अंग्रेजों की ‘डिवाइड एंड रूल’ नीति को पहले कांग्रेस और बाद में समाजवादियों ने अपनाया
     
    कहा- पहले पश्चिमी यूपी में भय और अराजकता का वातावरण था, आज भरोसा और कानून का राज, विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा प्रदेश
     
    चौधरी चरण सिंह और बाबा साहेब आंबेडकर के सम्मान को लेकर कांग्रेस को घेरा, बोले- मोदी और अटल ने दिया बाबा साहेब को सम्मान
     
    राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा- 2027 में खेले जा रहे खेल को करना है खत्म, प्रदेश के विकास के रथ को रुकने नहीं देना है
     

    पंकज चौधरी बोले- शक्ति केंद्र प्रमुख बूथों का ठीक से अध्ययन करें तो चुनाव से पहले ही बता सकते हैं अपने क्षेत्र का पूरा परिणाम
     
    प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को बताया भाजपा की रीढ़, बोले- मोदी और योगी के कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएं
     
    मेरठ

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को मेरठ की क्रांति धरा से कांग्रेस और समाजवादियों पर ‘डिवाइड एंड रूल’ की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अंग्रेज चले गए, लेकिन उनकी बांटो और राज करो की नीति को पहले कांग्रेस और बाद में समाजवादियों ने अपना लिया। भाजपा कार्यकर्ताओं को संकल्प लेना होगा कि इस नीति को उत्तर प्रदेश में दोबारा लागू नहीं होने देंगे और विकास के रथ को रुकने नहीं देंगे।
     
    भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि वह उस भूमि पर आए हैं, जो क्रांति की भूमि रही है। इस धरती ने कई ऐसे परिवर्तन दिए हैं, जिन्होंने देश के साथ पूरी दुनिया को संदेश दिया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में आए बदलाव का श्रेय कार्यकर्ताओं की मेहनत को देते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं ने प्रदेश को आतंक और जंगलराज से बाहर निकालकर उत्तम प्रदेश बनाने का काम किया है।
     
    पहले भय था, आज भरोसे का वातावरण
    नितिन नवीन ने कहा कि एक समय यहां भय का वातावरण था, लेकिन आज भाजपा सरकार में भरोसे का वातावरण है। पहले अराजकता का राज था, आज कानून का राज है। पहले विकास का ठहराव था और आज उत्तर प्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
     
    उन्होंने कहा कि समाजवादी उत्तर प्रदेश में घूम-घूमकर फिर से प्रदेश को बांटने का काम कर रहे हैं। हम सभी यहां यह संकल्प लेने आए हैं कि बांटो और राज करो की नीति को उत्तर प्रदेश में दोबारा लागू नहीं होने देंगे।
     
    2027 में खेले जा रहे खेल को करना है खत्म

    राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश में जो खेल खेलने का प्रयास किया जा रहा है, उसे खत्म करना है। उत्तर प्रदेश के विकास के रथ को रुकने नहीं देना है।
     
    चौधरी चरण सिंह के सम्मान पर कांग्रेस को घेरा
    नितिन नवीन ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने किसानों के लिए संघर्ष किया, लेकिन कांग्रेस के लोगों ने उन्हें कभी सम्मान नहीं दिया। उनकी सरकारों को गिराने का काम किया गया। चौधरी चरण सिंह को सम्मान देने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।
     
    उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर भी कांग्रेस पर हमला बोला। कहा कि बाबा साहेब को अपमानित करने का काम कांग्रेस और उसके साथियों ने किया। उन्हें सम्मान दिलाने का काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया। नितिन नवीन ने संत कबीर दास का उल्लेख करते हुए कहा कि हम उनकी 640वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। कांग्रेस के लोग केवल अपने परिवार के लोगों का जन्मदिन मनाते थे।
     
    कार्यकर्ता भाजपा की रीढ़: पंकज चौधरी

    प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने शक्ति केंद्र कार्यकर्ताओं से कहा कि भाजपा को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्यकर्ताओं की मेहनत के बल पर ही चुनाव जीता जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह कार्यकर्ताओं का महत्व बखूबी जानते हैं। कार्यकर्ता उनके लिए सर्वोपरि है और उसके लिए कुछ भी करना पड़े तो वह तैयार रहते हैं।
     
    पंकज चौधरी ने कहा कि शक्ति केंद्र प्रमुख के अधीन जो बूथ आते हैं, उनका ठीक से अध्ययन कर लिया जाए तो वह चुनाव से पहले ही अपने शक्ति केंद्र का पूरा परिणाम बता सकता है।
     
    2017 से पहले पश्चिम की स्थिति जानती है जनता
    प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता जानती है कि 2017 से पहले यहां क्या स्थिति थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डबल इंजन सरकार के माध्यम से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पहचान बदलने का काम किया है और उसी प्रकार पूरे उत्तर प्रदेश की पहचान बदलने का काम किया है।
     
    उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों को लेकर जनता के बीच जाएं तो विरोधी भी उनसे आंख मिलाकर बात नहीं कर पाएंगे।
     
    पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं को भाजपा की रीढ़ की हड्डी बताते हुए कहा कि 2027 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कार्यकर्ता तन, मन और धन से लगकर यूपी में हैट्रिक सरकार बनाने का काम करेंगे।
     
    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
    सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रदेश सह प्रभारी जगदीश पटेल, राष्ट्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. भोला सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल, प्रदेश महामंत्री एवं पश्चिम क्षेत्र प्रभारी राम प्रताप सिंह, पश्चिम क्षेत्र अध्यक्ष नवाब सिंह नागर समेत राष्ट्रीय, प्रदेश और क्षेत्र के पदाधिकारी तथा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक मौजूद रहे।

  • मेरठ से गिनाईं पश्चिमी यूपी की उपलब्धियां, एक्सप्रेसवे, नमो भारत, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया जिक्र

    मेरठ से गिनाईं पश्चिमी यूपी की उपलब्धियां, एक्सप्रेसवे, नमो भारत, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया जिक्र

    समाज को जातियों में बांटने वालों से रहें सावधान, बूथ पर रहें तैयार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
     
    मेरठ में भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी रहे मौजूद
     
    हर बूथ की करें समीक्षा, एक-एक परिवार की मैपिंग रखें, प्रभावी टीम बनाकर पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी करें तय
     
    बोले- पहले यूपी की पहचान थी ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’, आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’
     
    कहा- जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने की फिर होगी कोशिश, महापुरुष किसी जाति के नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के
     
    सपा, बसपा और कांग्रेस पर हमला, बोले- इन्होंने परिवारवाद और जातिवाद की बीमारी दी, भाजपा के लिए व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर देश
     
    कहा- साढ़े नौ लाख युवाओं को दी सरकारी नौकरी, परंपरागत उद्यमों से 3.25 करोड़ नौजवानों को मिला रोजगार
     
    मेरठ से गिनाईं पश्चिमी यूपी की उपलब्धियां, एक्सप्रेसवे, नमो भारत, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का किया जिक्र
     
    मेरठ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को भाजपा कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने वाली ताकतें फिर सक्रिय होंगी। शक्ति केंद्र संयोजक हर बूथ की समीक्षा करें, प्रभावी टीम बनाएं, पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी तय करें और एक-एक परिवार की मैपिंग अपने पास रखें। एक-एक घर की स्क्रीनिंग कर लोगों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी तय हो।
     
    सुभारती विश्वविद्यालय के जनरल मोहन सिंह प्लेग्राउंड में भाजपा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने सपा, बसपा और कांग्रेस पर परिवारवाद और जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन दलों ने सत्ता को परिवार और अपने हित साधने का माध्यम बनाया। भाजपा का मंत्र है कि व्यक्ति से बढ़कर दल और दल से बढ़कर राष्ट्र है। कार्यकर्ता यह न सोचे कि उसे क्या मिला, बल्कि यह सोचे कि वह देश के लिए क्या कर रहा है।
     
    महापुरुष किसी एक जाति के नहीं
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नकारात्मक ताकतें समाज को जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर बांटने की कोशिश करेंगी। महापुरुषों को भी जातियों में बांटने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि महापुरुष सबके होते हैं। कोतवाल धन सिंह गुर्जर स्वाधीनता आंदोलन के नायक हैं। महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह राष्ट्रनायक हैं। दुर्गा भाभी ने क्रांतिकारियों का उत्साह बढ़ाया, इसलिए वह भी पूरे समाज की आदर्श हैं।
     
    उन्होंने कहा कि सरकार ने मेरठ में कोतवाल धन सिंह गुर्जर का भव्य स्मारक बनाया है। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि से जुड़े स्थानों, मंदिरों और मूर्तियों के सौंदर्यीकरण के लिए धनराशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने बाबा साहब के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज का नाम बदल दिया था और सीर गोवर्धन में संत रविदास की जन्मभूमि पर आयोजन नहीं होने दिया।
     
    ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ से बदली पहचान
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य माना जाता था, जबकि आज देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में है। पहले प्रदेश की पहचान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ से होती थी। आज ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कुजीन’ नई पहचान बन रहे हैं।
     
    उन्होंने मेरठ की रेवड़ी, हापुड़ के पापड़ और मुजफ्फरनगर के गुड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों और खान-पान को वैश्विक पहचान दिलाई जा रही है। पहले कट्टा और बम से प्रदेश की पहचान बनाई जाती थी। अब कोई कट्टा और बंदूक की राजनीति नहीं कर सकता।
     
    साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। परंपरागत उद्यमों को पुनर्जीवित करने से 3.25 करोड़ नौजवान रोजगार से जुड़े हैं। दंगाइयों की कमर तोड़ी गई और प्रदेश दंगा व कर्फ्यू मुक्त हुआ। इससे निवेश और रोजगार का रास्ता खुला।
     
    उन्होंने कहा कि पहले बेटी और व्यापारी सुरक्षित नहीं थे। महीनों कर्फ्यू रहता था, व्यापार प्रभावित होता था और युवाओं की नौकरियों पर डकैती पड़ती थी। कार्यकर्ताओं के परिश्रम से उत्तर प्रदेश को उसकी पहचान वापस मिली है।
     
    नमो भारत से स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी तक
    मुख्यमंत्री योगी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मेरठ के बीच नमो भारत ट्रेन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद के नाम पर प्रदेश का पहला स्पोर्ट्स विश्वविद्यालय मेरठ में बन रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तैयार है। फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और सेमीकंडक्टर यूनिट भी विकसित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के 60 फीसदी कंपोनेंट उत्तर प्रदेश में बन रहे हैं और देश में बनने वाले 55 फीसदी मोबाइल फोन का उत्पादन भी प्रदेश में हो रहा है।
     
    राम मंदिर से काशी विश्वनाथ धाम तक
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नया भारत अपनी विरासत पर गर्व करता है। अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बना है और काशी विश्वनाथ धाम का नया स्वरूप सामने आया है। मथुरा-वृंदावन को सजाया-संवारा जा रहा है। शुकतीर्थ के पुनरुद्धार की कार्ययोजना बनाई गई है और विदुर कुटी के लिए धनराशि आवंटित की गई है।
     
    उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर कांवड़ यात्रा रोकने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब कोई कांवड़ यात्रा नहीं रोक सकता। वह स्वयं इसमें शामिल होते हैं और पुष्पवर्षा करते हैं। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को भी कोई नहीं रोक सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यकर्ता आने वाली पीढ़ियों से कह सकेंगे कि उनके समय में राम मंदिर बना, काशी विश्वनाथ धाम मिला, एक्सप्रेसवे बना और नमो भारत चली। उन्होंने कहा, “मुझे पहचान मिली है, मुझे मेरे राम मिले हैं, मुझे मेरे कृष्ण मिले हैं और मुझे भोले शंकर मिले हैं।”
     
    हर परिवार की मैपिंग रखें
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शक्ति केंद्र संगठन की ताकत हैं। हर शक्ति केंद्र के प्रत्येक बूथ की समीक्षा हो। बूथ की प्रभावी टीम बने और पन्ना प्रमुखों की जिम्मेदारी तय हो। बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने प्रत्येक नागरिक को वोट की ताकत दी है। इसलिए एक-एक परिवार की मैपिंग और सर्वे कार्यकर्ताओं के पास होना चाहिए।
     
    उन्होंने शक्ति केंद्र, बूथ संयोजक, प्रभारी और पन्ना प्रमुखों का शत-प्रतिशत गठन सुनिश्चित करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को भाजपा की यात्रा का सारथी बताते हुए कहा कि इतिहास ने शकुनि और मंथरा को सम्मान नहीं दिया, लेकिन भगवान कृष्ण जैसे सारथी को सम्मान दिया। कार्यकर्ता ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव से देश, समाज और अपने क्षेत्र के लिए काम करें।
     
    कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रदेश सह प्रभारी जगदीश पटेल, राष्ट्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. भोला सिंह, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल, प्रदेश महामंत्री एवं पश्चिम क्षेत्र प्रभारी राम प्रताप सिंह, पश्चिम क्षेत्र अध्यक्ष नवाब सिंह नागर समेत राष्ट्रीय, प्रदेश और क्षेत्र के पदाधिकारी तथा पश्चिम क्षेत्र के शक्ति केंद्र संयोजक मौजूद रहे।

  • UPITS में दुनिया देखेगी यूपी की कृषि संस्कृति, 25-29 सितंबर तक होगा आयोजन

    UPITS में दुनिया देखेगी यूपी की कृषि संस्कृति, 25-29 सितंबर तक होगा आयोजन

    इंटरनेशनल ट्रेड शो में यूपी के एग्री 'कल्चर' के होंगे दर्शन 

    सीएम योगी के मार्गदर्शन में 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में होगा यूपीआईटीएस 

    1000 स्क्वायर मीटर में प्रदर्शनी लगाएगा कृषि विभाग, कृषि उत्पादों, उपकरणों, बीज व रसायन निर्माताओं को मिलेगा मंच 

    20 एफपीओ, कृषि निवेशों से संबंधित 40 फर्म, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान वाराणसी भी लेगा हिस्सा

    उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति से रूबरू होंगे आगंतुक, प्रदेश के प्रगतिशील किसान व कंपनियां भी होंगी शामिल 

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में इंटरनेशनल ट्रेड शो का चतुर्थ संस्करण होगा। इसकी तैयारी पूरी की जा चुकी है। इसमें एक तरफ देश- विदेश से आए प्रतिनिधि जहां यूपी की समृद्ध विरासत का दीदार करेंगे तो वहीं एग्री 'कल्चर' के भी दर्शन करेंगे। ट्रेड शो के दौरान 20 एफपीओ, उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम, कृषि निवेशों से संबंधित 40 फर्म, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान, दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र वाराणसी आदि भी हिस्सा लेंगे। कृषि संबधी उत्पादों, उपकरणों, बीज व रसायन निर्माताओं को मंच मिलेगा तो आगंतुकों को उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति और तकनीक से भी रूबरू कराया जाएगा। यहां प्रदेश के प्रगतिशील किसानों व कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म मिलेगा। पूरे उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व एक ही स्थान पर होगा। इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में कृषि विभाग को एक हजार स्क्वायर मीटर आवंटित किया गया है। इसमें कृषि, कृषि शिक्षा, कृषि संबंधी संस्थाएं, मंडी परिषद-कृषि विपणन निदेशालय, कृषि उपकरण, उर्वरक, बीज व पौध संरक्षण रसायन निर्माता कंपनियां भी हिस्सा लेंगी। 

    कृषि विभाग के संवाद-समन्वय से 20 से अधिक एफपीओ करेंगे प्रतिभाग 
    इंटरनेशनल ट्रेड शो के आयोजन में कृषि विभाग की भी बड़ी हिस्सेदारी है। कृषि विभाग के संवाद व समन्वय से इसमें 20 से अधिक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) हिस्सा लेंगे। इसमें अलीगढ़, सीतापुर, वाराणसी, लखनऊ, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, ललितपुर, मीरजापुर, हरदोई, बुलंदशहर, प्रतापगढ़, अलीगढ़, बहराइच, इटावा, गाजियाबाद, अमरोहा, कानपुर, सहारनपुर, गोंडा समेत विभिन्न जनपदों की सहभागिता रहेगी। कृषि विभाग की तरफ से लगने वाली प्रदर्शनी में सीड्स, फर्टिलाइजर, कृषि यंत्रों से जुड़ी कंपनियां भी प्रतिभाग करेंगी। इसमें एफपीओ के 20, कृषि निवेशों (बीज, पेस्टिसाइड, उर्वरक, यंत्र) आदि के 40 व एक शासकीय समेत कुल 61 स्टॉल लगेंगे। 

    संयुक्त कृषि निदेशक (ब्यूरो/नियोजन) एके सिंह बनाए गए नोडल अधिकारी 
    कृषि विभाग की ओर से संवाद, समन्वय व देखरेख के लिए नोडल अधिकारी भी नामित किए गए हैं। संपूर्ण व्यवस्था के लिए संयुक्त निदेशक (ब्यूरो/नियोजन) एके सिंह नोडल अधिकारी रहेंगे। बीज उत्पादन करने वाली कंपनियों से संवाद के लिए अपर कृषि निदेशक (बीज व प्रक्षेत्र) वाईपी सिंह तथा उर्वरक की कंपनियों की देखरेख के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (उर्वरक) हरेंद्र कुमार मिश्र को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। वहीं कृषि रक्षा रसायनों के लिए अपर कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) डॉ. आशुतोष कुमार मिश्र, कृषि उपकरण व ड्रोन बनाने वाली कंपनियों के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (अभियंत्रण) बलराम वर्मा को नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

    वर्जन
    उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के चतुर्थ संस्करण (25 से 29 सितंबर) के आयोजन में कृषि विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विभाग ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है। यहां आने वाले अतिथि व आगंतुक उत्तर प्रदेश की उन्नत कृषि संस्कृति और कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति से रूबरू होंगे। आयोजन में एफपीओ, बीज कंपनी, उर्वरक कंपनी, कृषि यंत्रीकरण कंपनी आदि की भी सहभागिता रहेगी। 
    सूर्य प्रताप शाही
    कृषि मंत्री, उत्तर प्रदेश

  • यतनाम-जापान समेत 6 देश UPITS-2026 में, बढ़ेंगे व्यापार और निवेश के अवसर

    यतनाम-जापान समेत 6 देश UPITS-2026 में, बढ़ेंगे व्यापार और निवेश के अवसर

    यूपीआईटीएस-2026 में दिखेगा यूपी का वैश्विक व्यापारिक विस्तार, छह देशों की भागीदारी से मजबूत होगा अंतरराष्ट्रीय कारोबारी कनेक्ट

    वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस होंगे पार्टनर कंट्री, विदेशी कंपनियां प्रदर्शित करेंगी उत्पाद, तकनीक और निवेश के अवसर

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ विदेशी प्रतिनिधिमंडलों का संवाद, बी2बी बैठकों से बनेगा व्यापार और निवेश का नया रास्ता

    ग्लोबल कंपनियों की मौजूदगी से यूपी के कारोबारियों को मिलेंगे नए अवसर, विदेशी निवेशकों और यूपी के उद्यमियों के बीच बनेगा सीधा कारोबारी संवाद

    पार्टनर कंट्रीज के पवेलियन में दिखेगी दुनिया की तकनीक और उत्पादों की विविधता, तकनीक, पर्यटन, फार्मा, मोबिलिटी और मैन्युफैक्चरिंग पर बनेगी कारोबारी साझेदारी

    लखनऊ/ग्रेटर नोएडा, 
     उत्तर प्रदेश अब केवल देश के बड़े बाजार के रूप में ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार, निवेश और विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा निवेश आकर्षित करने, निर्यात को बढ़ावा देने और प्रदेश के उद्यमियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों की झलक उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 में भी देखने को मिलेगी। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में होने वाले यूपीआईटीएस-2026 में वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस को पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल किया गया है। छह देशों की भागीदारी वाला यह आयोजन यूपी के लिए ‘लोकल से ग्लोबल’ की अवधारणा को मजबूत करने का अवसर बनेगा। पार्टनर देशों के प्रतिनिधि अपने उत्पाद व तकनीक प्रदर्शित करने के साथ ही प्रदेश के उद्यमियों, निवेशकों और कारोबारियों से सीधे संवाद करेंगे। इससे व्यापारिक साझेदारी, तकनीकी सहयोग और नए कारोबारी अवसरों के लिए संभावनाएं बनेंगी।

    36 विदेशी प्रदर्शक और करीब 100 खरीदारों की प्रस्तावित भागीदारी
    यूपीआईटीएस-2026 के पार्टनर कंट्री प्लान के अनुसार, वियतनाम के लिए 54 वर्गमीटर, जापान के लिए 54 वर्गमीटर, सिंगापुर और रूस के लिए 36-36 वर्गमीटर तथा ऑस्ट्रिया के लिए 54 वर्गमीटर प्रदर्शनी क्षेत्र निर्धारित किया गया है। इन पांच देशों के लिए प्रस्तावित सूची में कुल 36 प्रदर्शक और 100 खरीदार शामिल हैं। बेलारूस को भी पार्टनर कंट्री के रूप में शामिल किया गया है और उसके लिए मुख्यमंत्री के साथ संवाद तथा बी2बी गतिविधियां प्रस्तावित हैं। इस भागीदारी का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यहां गतिविधियां केवल उत्पाद प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहेंगी। बी2बी बैठकें, कंट्री सेशंस, राउंडटेबल और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ संवाद के जरिए कारोबारी संबंधों को आगे बढ़ाने की रूपरेखा तैयार की गई है।

    मुख्यमंत्री के साथ संवाद से सीधे जुड़ेगा वैश्विक उद्योग जगत
    यूपीआईटीएस-2026 के पार्टनर कंट्री कार्यक्रम में विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ संवाद के विशेष सत्र प्रस्तावित हैं। 25 सितंबर को अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों के लिए संवाद सत्र आयोजित किए जाने हैं। वियतनाम, जापान, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस से आने वाले प्रतिनिधिमंडलों में राजदूत, हाई कमिश्नर, ट्रेड कमिश्नर, आर्थिक एवं वाणिज्यिक प्रतिनिधि तथा उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हैं। इनमें भारत में जापान के राजदूत एच.ई. केइची ओनो, भारत में सिंगापुर के हाई कमिश्नर एच.ई. साइमन वोंग, रूस के ट्रेड कमिश्नर आंद्रे सोबोलेव और ऑस्ट्रिया के ट्रेड कमिश्नर एवं कमर्शियल काउंसलर हांस-जोर्ग होर्टनाग्ल समेत अन्य प्रतिनिधियों का उल्लेख किया गया है। 

    वियतनाम के पवेलियन में एविएशन से फार्मा और ईवी तक
    वियतनाम की भागीदारी में एविएशन, पर्यटन, कृषि, फार्मास्युटिकल एवं कॉस्मेटिक उत्पाद, खाद्य, टेक्सटाइल, गारमेंट, हस्तशिल्प और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे विविध क्षेत्र शामिल हैं। इसमें वियतनाम एयरलाइंस, पर्यटन क्षेत्र की कंपनियों, फार्मा एवं हेल्थ से जुड़े उद्यमों तथा अन्य कंपनियों की भागीदारी प्रस्तावित है। इससे उत्तर प्रदेश के उद्यमियों को एविएशन, पर्यटन, फार्मा, कृषि आधारित उद्योग, टेक्सटाइल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय कारोबार के संभावित साझेदारों के साथ संवाद का अवसर मिलेगा।

    जापान की तकनीक और औद्योगिक विशेषज्ञता भी बनेगी आकर्षण
    जापान के पवेलियन में तकनीक और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े उत्पादों की व्यापक प्रस्तुति प्रस्तावित है। वाकॉम इंडिया, एयर एंड वॉटर इंडिया, आईटीओ एन, सुशी एंड मोर, कीटो इंडिया और टाइयो इंडिया जैसी कंपनियां सिग्नेचर डिवाइस, औद्योगिक गैस, जापानी चाय, जापानी खाद्य, लिफ्टिंग इक्विपमेंट और मशीनरी स्पेयर पार्ट्स जैसे क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगी। जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन यानी जेट्रो की ओर से निवेश और प्रमोशन नीतियों से संबंधित जानकारी भी साझा की जाएगी। 

    सिंगापुर, रूस और ऑस्ट्रिया से तकनीक, परिवहन और औद्योगिक समाधान
    सिंगापुर की कंपनियां वीडियो सर्विलांस सॉल्यूशन, सोल्डरिंग उपकरण और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े उत्पादों के साथ भाग लेंगी। रूस से पेट्रोकेमिकल्स, औद्योगिक गैस, प्रयोगशाला उपकरण, डायग्नोस्टिक किट, ऑक्सीजन सॉल्यूशन और भर्ती एवं स्टाफिंग सेवाओं से जुड़ी कंपनियां प्रस्तावित हैं। वहीं ऑस्ट्रिया की भागीदारी में फोर्कलिफ्ट और वर्कशॉप इक्विपमेंट, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन, डेकोरेटिव एवं लाइटिंग उत्पाद तथा मोबिलिटी और ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसे क्षेत्रों की कंपनियां शामिल होंगी।

    योगी सरकार की निवेश नीति को मिलेगा वैश्विक कारोबारी मंच
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार की निवेश रणनीति में निवेश आकर्षण के साथ निवेशकों को सुविधा, औद्योगिक बुनियादी ढांचे का विस्तार और वैश्विक कारोबारी नेटवर्क से प्रदेश को जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। यूपीआईटीएस-2026 इसी व्यापक निवेश एवं व्यापारिक कनेक्ट को जमीन पर आगे बढ़ाने का मंच बनेगा। पार्टनर देशों की भागीदारी के जरिए उत्तर प्रदेश के सामने विदेशी बाजारों तक पहुंच बढ़ाने, नई कारोबारी साझेदारियां विकसित करने और तकनीकी सहयोग के अवसर तलाशने की संभावना बनेगी।

    बी2बी बैठकों से कारोबार की संभावनाओं को मिलेगा विस्तार
    यूपीआईटीएस में होने वाली बी2बी बैठकें प्रदेश के उद्यमियों और विदेशी कारोबारियों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने का माध्यम बनेंगी। इससे केवल उत्पादों के प्रदर्शन तक सीमित रहने के बजाय कारोबारी साझेदारी और संभावित निवेश प्रस्तावों पर चर्चा का अवसर मिलेगा। वियतनाम के लिए ‘इनोवेशन टेक्नोलॉजीज एंड टूरिज्म’ विषय पर कंट्री सेशन प्रस्तावित है। वहीं ऑस्ट्रिया की ओर से ‘लेवरेजिंग इंडियाज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स फॉर ग्लोबल बिजनेस ग्रोथ’ विषय पर नॉलेज सेशन प्रस्तावित है। इस तरह यूपीआईटीएस-2026 में व्यापार, निवेश, तकनीक, पर्यटन और निर्यात को एक ही मंच पर जोड़ने की कोशिश साकार होती दिखाई देती है।

    ओडीओपी, एमएसएमई और स्थानीय उत्पादों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार का संपर्क
    उत्तर प्रदेश की बड़ी ताकत उसका व्यापक एमएसएमई नेटवर्क, पारंपरिक उद्योग और स्थानीय उत्पाद हैं। ऐसे में यूपीआईटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच का एक महत्वपूर्ण पक्ष प्रदेश के स्थानीय उद्यमियों और उत्पादों को विदेशी खरीदारों से जोड़ना भी है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के उत्पादों, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, कृषि आधारित उत्पादों, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य विनिर्मित वस्तुओं को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए ऐसे मंच कारोबारी संपर्क का माध्यम बन सकते हैं। पिछले संस्करण में भी यूपीआईटीएस में बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय खरीदार और प्रदेश के प्रदर्शक शामिल हुए थे। इसी तर्ज पर योगी सरकार के नेतृत्व में निवेश सुविधा, औद्योगिक विकास और वैश्विक कारोबारी संपर्क को एक साथ आगे बढ़ाने की दिशा में यूपीआईटीएस-2026 उत्तर प्रदेश की ‘लोकल से ग्लोबल’ यात्रा का महत्वपूर्ण मंच बनने जा रहा है।