Category: राज्य

  • बिहार में SIR को लेकर सियासी घमासान, सम्राट चौधरी ने राहुल गांधी-तेजस्वी पर लगाए आरोप

    बिहार में SIR को लेकर सियासी घमासान, सम्राट चौधरी ने राहुल गांधी-तेजस्वी पर लगाए आरोप

    पटना
    विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को प्रेसवार्ता कर भारत निर्वाचन आयोग के पक्ष में सफाई दी।

    उन्होंने बिहार से देश में शुरू हुए मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने को दुर्भाग्‍यपूर्ण बताया।

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि देश हो या राज्‍य के नेता प्रत‍िपक्ष बिना फैक्‍ट के आरोप लगा रहे हैं।

    लोगों को भ्रमि‍त कर रहे हैं राहुल और तेजस्‍वी
    मुख्यमंत्री ने संवाद कार्यालय में आरोप लगाया कि दोनों नेता एसआईआर को लेकर तथ्यहीन बातें कर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं और वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटका रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे लेकर राजनीतिक आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए।

    चुनाव आयोग ने भी SIR से जुड़े फैसलों को सामूहिक रूप से लिए जाने की बात कही है। यह चुनाव आयोग ने भी स्‍पष्‍ट कर दिया है।

    ज‍िनकी पार्टी में लोकतंत्र नहीं, वही उठा रहे सवाल
    सम्राट ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों राजनीति में परिवार के प्रभाव और सत्ता से मिले लाभ की बात करने के बजाय चुनाव आयोग पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

    उन्होंने चुनाव आयोग के कथित दुरुपयोग के आरोपों पर भी विपक्ष पर कटाक्ष किया। कहा कि ज‍िनकी पार्टी में लाेकतंत्र नहीं है, वही लोकतंत्र पर सवाल उठा रहे हैं।   

    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस द्वारा पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों को चुनाव लड़ाए जाने के प्रसंग का उल्लेख करते हुए चुटकी ली और कहा कि जिस संस्था के पूर्व प्रमुखों को बाद में राजनीतिक भूमिका में देखा गया।

    उसी संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। एसआईआर को लेकर विपक्ष पहले भी आयोग पर गंभीर आरोप लगा चुका है।

    उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की गरीबी और आर्थिक संकट के लिए लंबे समय तक सत्ता में रही कांग्रेस जिम्मेदार है।

    उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने चुनाव आयुक्तों को बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां दीं, वही आज चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है।

    सम्राट चौधरी ने तंज कसते हुए कहा कि जब तक सत्ता में आप थे, तब तक लोकतंत्र था, लेकिन गरीब घर से आने वाला कोई दूसरा व्यक्ति सत्ता में आता है तो परेशानी होने लगती है।

     

  • निकाय चुनाव के बाद अब पंचायतों पर BJP की नजर, उदयपुर-प्रतापगढ़ में CM भजनलाल की बड़ी बैठक

    निकाय चुनाव के बाद अब पंचायतों पर BJP की नजर, उदयपुर-प्रतापगढ़ में CM भजनलाल की बड़ी बैठक

    जयपुर
    राजस्थान में हाल ही में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों में शानदार और ऐतिहासिक विजय हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब पूरी तरह से अपने अगले बड़े राजनीतिक लक्ष्य 'मिशन पंचायती राज चुनाव' की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक धार देने और चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। इसी कड़ी में शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रतापगढ़ और उदयपुर दौरे रहे, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया और उन्हें आगामी ग्रामीण चुनावों के लिए पूरी ऊर्जा, समर्पण और अनुशासन के साथ जुटने का स्पष्ट संदेश दिया।

    मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यकर्ता किसी भी राजनीतिक संगठन की सबसे बड़ी और मूल शक्ति होते हैं, जो पार्टी की विचारधारा और विकास कार्यों को सीधे आम जनता तक पहुंचाने का काम करते हैं। उन्होंने उदयपुर और प्रतापगढ़ के कार्यकर्ताओं की पीठ थपथपाते हुए कहा कि निकाय चुनावों में जनता का मिला यह आशीर्वाद हमारे कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनसंपर्क और अटूट निष्ठा का प्रत्यक्ष परिणाम है। अब इसी सकारात्मक ऊर्जा और जोश को बरकरार रखते हुए हमें पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भी विजय का परचम लहराना है।

    'समर्पण और अनुशासन के साथ गांव-गांव पहुंचें'
    प्रतापगढ़ और उदयपुर में आयोजित बैठकों और संवाद कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए सांगठनिक कसावट पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आगामी पंचायत और जिला परिषद चुनावों में सफलता हासिल करने के लिए हर कार्यकर्ता को जनसेवा की भावना के साथ मैदान में उतरना होगा।

    जन-जन का विश्वास: सीएम ने आह्वान किया कि कार्यकर्ताओं को जनता के बीच निरंतर सक्रिय रहना चाहिए और उनकी समस्याओं को समझकर उनका समाधान करवाने का प्रयास करना चाहिए, ताकि जनता का अटूट विश्वास पार्टी के साथ बना रहे।

    बूथ स्तर पर मजबूती: संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी की जीत की नींव हमारा बूथ है, और जब बूथ मजबूत होगा तो विजय अपने आप सुनिश्चित होगी।

    सरकारी योजनाओं का प्रसार: राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, विकास कार्यों और फैसलों को समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं की है, जिसे उन्हें पूरी ईमानदारी से निभाना होगा।

    सरकार-संगठन का तालमेल- पंचायत चुनाव में जीत की सीढ़ी
    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार के गठन के बाद से ही संगठन और सत्ता के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला है। नगर निकाय चुनावों में मिली जीत ने पार्टी के मनोबल को पहले ही काफी ऊंचा कर दिया है, और अब पंचायती राज चुनावों के जरिए बीजेपी ग्रामीण मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को अपने पाले में बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है।

    मुख्यमंत्री के इन दौरों और स्पष्ट निर्देशों से साफ है कि पार्टी किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। पंचायत चुनावों की तारीखों के नजदीक आने के साथ ही राजस्थान की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है, और अब देखना यह होगा कि विपक्षी दल कांग्रेस इस सांगठनिक आक्रामकता का मुकाबला किस प्रकार करते हैं।

  • मोहाली में होगा अनोखा ड्रोन शो, आसमान में 500 ड्रोन बताएंगे गुरु रविदास की कहानी

    मोहाली में होगा अनोखा ड्रोन शो, आसमान में 500 ड्रोन बताएंगे गुरु रविदास की कहानी

    मोहाली.

    मोहाली में 29 सितंबर की शाम आसमान रोशनी से जगमगाएगा। गुरु रविदास महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित विशेष कार्यक्रम के तहत सेक्टर-79 स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल के सामने दशहरा ग्राउंड में करीब 500 ड्रोन एक साथ आसमान में उड़ान भरेंगे।

    शाम 6:30 बजे शुरू होने वाले इस ड्रोन शो में रोशनी और तकनीक के माध्यम से गुरु रविदास के जीवन, बाणी और उनकी शिक्षाओं को दृश्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। शो को खास बनाने के लिए ड्रोन के माध्यम से आसमान में अलग-अलग आकृतियां और दृश्य तैयार किए जाएंगे। इसका उद्देश्य गुरु रविदास के समानता, भाईचारे और सांझीवालता के संदेश को लोगों तक आकर्षक तरीके से पहुंचाना है। जिला प्रशासन के अनुसार बड़ी संख्या में लोगों और संगत के पहुंचने की संभावना को देख आयोजन स्थल पर सुरक्षा, यातायात और पार्किंग समेत अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

    प्रशासन ने अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारियां
    डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने आयोजन की तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने, यातायात संचालन और पार्किंग प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम मोहाली दमनदीप कौर को विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर पीने के पानी, लंगर, बैठने की व्यवस्था, मेडिकल टीम, सफाई और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है। विधायक कुलवंत सिंह ने मोहालीवासियों से परिवार और बच्चों सहित ड्रोन शो देखने पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति गुरु रविदास के जीवन और मानवता को दिए गए संदेशों को याद करने का विशेष अवसर होगी।

  • गांव, खेत और विरासत बनेंगे पर्यटन के नए केंद्र, AI गाइड से जुड़ेगा हरियाणा टूरिज्म

    गांव, खेत और विरासत बनेंगे पर्यटन के नए केंद्र, AI गाइड से जुड़ेगा हरियाणा टूरिज्म

    चंडीगढ़
     हरियाणा अब केवल देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक जाने का मार्ग नहीं, बल्कि अपने आप में एक आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    कुरुक्षेत्र में महाभारत और गीता की विरासत, पिंजौर के ऐतिहासिक उद्यान, सूरजकुंड की समृद्ध शिल्प परंपरा, मोरनी की पहाड़ियां, नारनौल-महेंद्रगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर और गांवों की हरियाणवी संस्कृति को एक साथ जोड़कर प्रदेश के पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी है।

    प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हरियाणा से पर्यटक केवल गुजरें नहीं, बल्कि यहां रुकें, घूमें, संस्कृति और विरासत को करीब से जानें तथा ऐसे अनुभव लेकर लौटें कि वे दोबारा यहां आने के लिए लालायित रहें। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार का नया संदेश है ‘घूमण आओ, हरियाणा देखो।’

    पर्यटन को होटल और पर्यटन परिसरों तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय लोगों, किसानों, शिल्पकारों, गाइड, टैक्सी संचालकों, रेस्तरां और छोटे कारोबारियों से जोड़ने पर जोर है।

    पारंपरिक हाईवे टूरिज्म से आगे बढ़कर विरासत, आध्यात्मिक एवं तीर्थ, इको, एडवेंचर, ग्रामीण एवं फार्म टूरिज्म, होमस्टे, गोल्फ और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 20 पर्यटन हब एवं गंतव्य क्षेत्रों की पहचान की गई है।

    विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि हरियाणा पर्यटन निगम के पास 42 पर्यटन परिसरों का नेटवर्क है। 42 रेस्टोरेंट, पांच फास्ट फूड सेंटर और 15 पेट्रोल पंप संचालित किए जा रहे हैं।

    पर्यटकों तक सीधी पहुंच बनाने के लिए शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मोहाली के आगमन टर्मिनल पर पर्यटक सूचना एवं सुविधा केंद्र शुरू किया गया है। यहां पर्यटकों को हरियाणा के पर्यटन एवं विरासत स्थलों, आध्यात्मिक केंद्रों, पर्यटन सर्किट, होटल-रिसॉर्ट, मेलों और उत्सवों तथा बुकिंग से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

    एआई आधारित ‘सरस्वती’ डिजिटल गाइड से पर्यटन को तकनीक का साथ
    पर्यटन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए एआई आधारित ‘सरस्वती’ डिजिटल गाइड को पर्यटन से जोड़ा गया है। कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए ज्योतिसर में महाभारत अनुभव केंद्र और विराट स्वरूप लाइट एंड साउंड शो तैयार किया गया है।

    सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला को वर्षभर सक्रिय सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। मेला परिसर में विवाह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने तथा सितंबर से दिसंबर के बीच अतिरिक्त मेले के आयोजन का प्रस्ताव है।

    गांव और खेत बनेंगे पर्यटन के नए केंद्र
    ग्रामीण और फार्म टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 38 फार्म टूरिज्म डेस्टिनेशन और 11 होमस्टे पंजीकृत हैं। इनके माध्यम से पर्यटकों को गांव का जीवन, खेती-किसानी, स्थानीय खान-पान, लोक संस्कृति और हरियाणवी मेहमान नवाजी का अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है।

    हथिनीकुंड बैराज, टिक्कर ताल और रोहतक की तिल्यार झील को एडवेंचर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां वाटर स्पोर्ट्स, बोटिंग, बनाना बोट, जेट स्कीइंग और कैंपिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ढोसी की पहाड़ियों पर रोपवे का निर्माण भी प्रगति पर है।

    मेले और उत्सव बनाएंगे वर्षभर पर्यटन का माहौल
    पर्यटन को किसी एक मौसम या आयोजन तक सीमित न रखकर पूरे वर्ष सक्रिय रखने के लिए विभिन्न मेलों और उत्सवों को पर्यटन कैलेंडर से जोड़ा जा रहा है। इनमें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला, बैसाखी उत्सव, पिंजौर आम मेला, तीज उत्सव, सूरजकुंड दीपावली मेला, भक्ति-सूफी उत्सव, अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव, हरियाणवी संस्कृति उत्सव और खाद्य उत्सव शामिल हैं।

     

  • SIR को लेकर सियासी घमासान तेज, CM रेखा गुप्ता ने कांग्रेस-विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

    SIR को लेकर सियासी घमासान तेज, CM रेखा गुप्ता ने कांग्रेस-विपक्ष पर लगाए गंभीर आरोप

    नई दिल्ली
    चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े हालिया विवाद के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर हमला बोला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष देश में एक ऐसा झूठा माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसका हकीकत से कोई दूर-दूर तक वास्ता नहीं है.

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मीडिया से बातचीत करते हुए विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया और कहा कि उनका एकमात्र मकसद जनता को भ्रमित करना है.  उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए.

    उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी नाकामियों, देश के खिलाफ किए गए कृत्यों और चल रहे विकास कार्यों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बेतुके मुद्दे खड़े कर रहा है, जिनका कोई आधार नहीं है.

    सीएम रेखा ने सवाल उठाया कि आज विपक्ष चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल उठा रहा है, उन पर बेबुनियाद आरोप लगा रहा है और गिरफ्तारियों की मांग कर रहा है, जबकि उनके अपने शासनकाल में चुनाव आयोग कैसे काम करता था, ये किसी से छिपा नहीं है. उस दौर में आयोग पूरी तरह से सरकारों के इशारों पर चलता था.

    पारदर्शी तरीके से काम कर रहा है चुनाव आयोग
    चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आयोग पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर रहा है. वर्तमान व्यवस्था में आयोग के तीनों कमिश्नर हर फैसले पर पूरी तरह से एकमत होकर फैसला लेते हैं.

    चुनाव आयोग ने पहले ही सभी तथ्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ जनता के सामने रख दिया है, जिससे ये साफ हो जाता है कि हर फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है. आयोग का कामकाज बेहद तारीफ के काबिल और निष्पक्ष है.

    राहुल गांधी पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग
    विपक्ष के तेवर पर नाराजगी जताते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने सीधे तौर पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी नेताओं पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं द्वारा जिस तरह की गतिविधियां चलाई जा रही हैं और अनर्गल बयान दिए जा रहे हैं, वो देशद्रोह से कम नहीं है.

    मुख्यमंत्री ने मांग की है कि ऐसे नेताओं के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए ताकि देश की संस्थाओं पर उंगली उठाने वालों को कड़ा संदेश मिल सके.

  • सरधना के किसान का 29 लाख रुपये से अधिक पहुंचा फूल उत्पादन का कारोबार

    सरधना के किसान का 29 लाख रुपये से अधिक पहुंचा फूल उत्पादन का कारोबार

    ग्रेटर नोएडा
     इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में मेरठ की खेती और कृषि आधारित उद्यमिता लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उद्यान विभाग के आउटलेट पर मेरठ के किसानों की पॉलीहाउस में तैयार फसल, फूल और शहद के उत्पादों को देखकर देश-विदेश से आए खरीदार और आगंतुक जानकारी ले रहे हैं। जरबेरा और गुलाब के फूलों के साथ कमल ककड़ी, शिमला मिर्च और बैंगन जैसी फसलों ने लोगों का ध्यान खींचा है। खास बात यह है कि प्रदर्शनी में उत्पादों के प्रदर्शन के साथ किसानों को नए बाजार और कारोबार के अवसर भी मिल रहे हैं।
    सरधना तहसील के खेड़ा गांव निवासी रविन्द्र कुमार पांच एकड़ क्षेत्र में पॉलीहाउस के माध्यम से फल और सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने संरक्षित खेती को अपनाया। इससे उनके कृषि कारोबार का सालाना आंकड़ा 29 लाख रुपये से अधिक पहुंच गया है। उनके पॉलीहाउस में 300 से 400 ग्राम तक वजन वाली पीली, हरी और लाल शिमला मिर्च तैयार हो रही है। इस फसल की दिल्ली की आजादपुर मंडी में मांग है।

    ट्रेड शो ने बढ़ाई फूलों की मांग, कंपनियों ने संपर्क किया
    रविन्द्र कुमार ने बताया कि वह पिछले वर्ष भी ट्रेड शो में शामिल हुए थे। प्रदर्शनी में अपने उत्पादों को बाजार और खरीदारों के सामने रखने से उन्हें नई पहचान मिली। इस बार भी कई इवेंट कंपनियों ने जरबेरा और गुलाब के फूलों की आपूर्ति के लिए उनसे संपर्क किया है। कुछ कंपनियों की ओर से समझौता ज्ञापन (एमओयू) के लिए भी बातचीत की गई है। उनका कहना है कि सरकार की योजनाओं से किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक और बाजार आधारित उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

    उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने भी उद्यान विभाग के आउटलेट का निरीक्षण कर किसानों के उत्पाद देखे और उनका उत्साहवर्धन किया। आउटलेट पर मेरठ की फसलों के साथ कृषि से जुड़े अन्य उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं।

    मेरठ के शहद को मिला अंतरराष्ट्रीय बाजार
    उद्यान विभाग के आउटलेट पर मेरठ के रेनट्रॉव नैचुरल के शहद उत्पाद भी लोगों की रुचि का केंद्र बने हुए हैं। युवा उद्यमी राखी अघेरा और उनके भाई भारत अघेरा ने बताया कि पिछले वर्ष उनकी कंपनी को इंडोनेशिया, मलेशिया और वियतनाम से 46 टन शहद का आर्डर मिला था। ट्रेड शो में इस बार भी उन्हें नए कारोबार और बेहतर आर्डर मिलने की उम्मीद है।

    आउटलेट की व्यवस्था में लगे वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक संजय सिंह ने कहा कि मेरठ के किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए ट्रेड शो केवल उत्पादों के प्रदर्शन का मंच नहीं, बल्कि सीधे खरीदारों और कारोबारी संस्थानों से संपर्क का अवसर भी बन रहा है। पॉलीहाउस की सब्जियों और फूलों से लेकर शहद तक, मेरठ के उत्पाद यहां खेती को बाजार से जोड़ने की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं।

  • ₹3 करोड़ से संवरेंगे चंडीगढ़ के पार्क, अब VIP सेक्टरों जैसी मिलेंगी सुविधाएं

    ₹3 करोड़ से संवरेंगे चंडीगढ़ के पार्क, अब VIP सेक्टरों जैसी मिलेंगी सुविधाएं

    चंडीगढ़.

    चंडीगढ़ नगर निगम के वार्ड नंबर 34 के अधीन पड़ते सेक्टर-45 व 46 के पार्कों की सुंदरता बढ़ाने के लिए अब इनमें आकर्षक पशु आकृतियों वाली टोपियरी लगाई जाएंगी। रविवार को वार्ड-34 के पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों, वार्ड के वरिष्ठ नागरिकों और नारी शक्ति के सदस्यों के हाथों सेक्टर-45 ए में मकान नंबर 127 के सामने स्थित पार्क से विधिवत रूप से टोपियरी लगाने के कार्य का शुभारंभ किया गया।

    सेक्टर-45 व 46 के पार्कों का होगा नवीनीकरण
    गुरप्रीत सिंह गाबी ने बताया कि सेक्टर-45 व 46 के विभिन्न पार्कों में टोपियरी आकृतियां लगाई जाएंगी, जिससे पार्कों को नया रूप मिलेगा और उनकी सुंदरता में इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि अभी तक वार्ड के इन पार्कों में इस तरह की पशु आकृतियां नहीं लगाई गई थीं। आमतौर पर टोपियरी का इस्तेमाल वीआईपी सेक्टरों, बड़े पार्कों और ग्रीन बेल्ट में किया जाता रहा है, लेकिन अब सेक्टर-45 व 46 के पार्कों में भी लोग इनकी सुंदरता का आनंद ले सकेंगे।

    पार्क में बनेगा जिम होगी साज-सज्जा
    उन्होंने कहा कि टोपियरी खासकर बच्चों को आकर्षित करती हैं और पार्कों में सेल्फी प्वाइंट के रूप में भी लोगों को पसंद आती हैं। पार्कों में घूमने, व्यायाम और जॉगिंग के लिए आने वाले लोगों के लिए भी ये आकर्षण का केंद्र बनेंगी। गाबी ने बताया कि सेक्टर-45 व 46 के पार्कों की साज-सज्जा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करीब तीन करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य पार्कों में आने वाले वॉकर, जिम करने वालों और जॉगिंग करने वालों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।

    मनोरंजन के साथ रहेंगे फिट भी
    उन्होंने बताया कि सेक्टर-46सी के श्रब गार्डन में नया जॉगिंग ट्रैक बनाया जा रहा है। इसके अलावा अलग-अलग प्रकार के ओपन जिम उपकरण और झूले भी लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को मनोरंजन के साथ-साथ शारीरिक रूप से भी चुस्त-दुरुस्त रहने की सुविधाएं मिल सकें। इस अवसर पर वार्डवासी एम.एल. कालरा, सुखविंदर सिंह, वनीत गर्ग, सुखपाल कौर, सी.एस. भसीन, श्रीमती कांता जिंदल, श्रीमती कालरा, मुक्ता मणि, गुरशरण भसीन, पंकज गुप्ता, तरक्की लाल बहल, राजीव मित्तल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

  • केंद्रीय मंत्री बोले – उत्तर प्रदेश की सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास आज उसकी नई पहचान बन चुके हैं: पीयूष गोयल

    केंद्रीय मंत्री बोले – उत्तर प्रदेश की सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास आज उसकी नई पहचान बन चुके हैं: पीयूष गोयल

    ग्रेटर नोएडा
    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित चौथे इंटरनेशनल ट्रेड शो में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई यात्रा तय की है। आज प्रदेश की सकारात्मक सोच, उद्यमियों का आत्मविश्वास और विकास के प्रति प्रतिबद्धता उसकी नई पहचान बन चुके हैं। उत्तर प्रदेश के विकास की गूंज अब देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। यूपीआईटीएस के तीसरे दिन आयोजित स्पेशल बिजनेस सेशन लीवरेजिंग इंडियाज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स फॉर ग्लोबल बिजनेस ग्रोथ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए पीयूष गोयल ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर शुरू हुआ यह आयोजन आने वाले वर्षों में और बड़ा तथा प्रभावी होता जाएगा। उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को पूरी दुनिया एक उदाहरण के रूप में देखेगी। प्रदेश में निर्मित एक्सप्रेसवे, नए एयरपोर्ट, बड़े औद्योगिक पार्क तथा डिफेंस, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में हो रहा निवेश बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर प्रस्तुत करता है।

    उत्तर प्रदेश के स्थानीय ब्रांड और उत्पाद दुनिया के बाजारों में पहचान बना रहे
    पीयूष गोयल ने कहा कि नोएडा के निकट तेजी से विकसित हो रही रोबोटिक्स फैक्ट्री इस बात का उदाहरण है कि उत्तर प्रदेश अब आधुनिक और उभरते हुए क्षेत्रों में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। प्रदेश के विकास की अगली कड़ी अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निर्यात, विदेशी निवेश और पर्यटन से जुड़ रही है। उत्तर प्रदेश के स्थानीय ब्रांड और उत्पाद दुनिया के बाजारों में अपनी पहचान बना रहे हैं।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के निर्यात को वर्ष 2030 तक पांच लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य प्रदेश के बढ़ते आत्मविश्वास और आर्थिक क्षमता को दर्शाता है। केंद्र और राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से प्रदेश को विकास के नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने व्यापार और उद्योग जगत से जुड़े लोगों का आह्वान किया कि वे इन अवसरों को पहचानें और पूरी ऊर्जा के साथ उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाएं।

    2017 से पहले के माहौल का किया उल्लेख
    केंद्रीय मंत्री ने वर्ष 2017 के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और कारोबारी माहौल को लेकर लोगों में चिंता थी। उद्यमियों में पर्याप्त विश्वास नहीं था और प्रदेश में नए बड़े उद्योग लगाने को लेकर उत्साह का अभाव था। देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों से भी उत्तर प्रदेश की ओर निवेश के लिए देखने की स्थिति नहीं थी, जबकि अंतरराष्ट्रीय निवेश की कल्पना और भी दूर की बात थी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के कारण आम लोगों के साथ-साथ व्यापार और उद्योग जगत में भी निराशा का माहौल था। बड़े पैमाने पर पलायन की चर्चा होती थी और उत्तर प्रदेश को पिछड़े राज्यों की श्रेणी में देखा जाता था। ऐसे वातावरण में रोबोटिक्स, डिफेंस कॉरिडोर और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश की कल्पना करना कठिन था।

    युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के सुझावों को संकलित कर संकल्प पत्र तैयार किया
    पीयूष गोयल ने वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के संकल्प पत्र तैयार करने की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय पार्टी कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों से सुझाव लिए थे। युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों ने अपनी आकांक्षाएं और अपेक्षाएं सामने रखीं। इन सुझावों को संकलित कर संकल्प पत्र तैयार किया गया। उन्होंने कहा कि उस समय सामने आई जन-आकांक्षाएं बहुत व्यापक थीं और उन्हें पूरा करने के लिए बड़ी वित्तीय आवश्यकता थी। उत्तर प्रदेश का बजट सीमित था और वित्तीय संसाधनों पर दबाव था। सरकारी कर्मचारियों के वेतन सहित नियमित दायित्वों के बाद विकास कार्यों के लिए सीमित संसाधन बचते थे। इसके बावजूद जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए हर वर्ष बड़ी अतिरिक्त राशि की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया था।

    ईमानदार और पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा राजस्व
    पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास के साथ-साथ राजस्व संग्रह के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। सरकार की नीतियों और बेहतर प्रशासन के कारण विभिन्न स्रोतों से प्राप्त राजस्व में कई गुना वृद्धि हुई है और इसका उपयोग प्रदेश के विकास कार्यों में किया जा रहा है। उन्होंने आबकारी राजस्व का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2016-17 की तुलना में वर्तमान समय में प्रदेश के आबकारी राजस्व में लगभग पांच गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह वृद्धि किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के विभिन्न राजस्व स्रोतों में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि भूमि वही है, लेकिन भूमि हस्तांतरण, रजिस्ट्रेशन फीस और स्टांप ड्यूटी से प्राप्त राजस्व में बड़ा बदलाव आया है। खनन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्ष 2016-17 में बालू, मौरंग, पत्थर और अन्य खनिजों से प्रदेश का खनन राजस्व लगभग 1,548 करोड़ रुपये था। आज इस क्षेत्र से प्राप्त राजस्व में कई गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह में यह बदलाव सरकार की बेहतर व्यवस्था और संसाधनों के प्रभावी उपयोग को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राजस्व में वृद्धि का असर प्रदेश की विकास यात्रा में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। बेहतर राजस्व संग्रह के कारण सरकार के पास सड़क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक विकास और अन्य विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध हुए हैं। पीयूष गोयल ने कहा कि जहां पहले प्रदेश को वित्तीय दबाव और राजस्व घाटे का सामना करना पड़ता था, वहीं आज उत्तर प्रदेश सरकार सरप्लस बजट प्रस्तुत करने की स्थिति में है। यह वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों पर अनावश्यक कर्ज का बोझ कम रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।

    यूपीआईटीएस ग्लोबल मार्केट एक्सेस की दिशा में बड़ा कदम
    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो केवल एक ट्रेड फेयर नहीं, बल्कि प्रदेश के व्यापार और उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। इसके माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों को दुनिया के बाजारों तक पहुंच बनाने और भारत के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स का लाभ उठाने के नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार समझौतों के माध्यम से दुनिया के विभिन्न बाजार भारतीय उत्पादों के लिए खुल रहे हैं। उत्तर प्रदेश के उद्यमी अपने उत्पादों, सेवाओं और स्थानीय विशेषताओं को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए इन अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। आज उत्तर प्रदेश निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में उभर रहा है। बेहतर औद्योगिक नीतियों और निवेश के अनुकूल वातावरण के कारण बड़ी कंपनियां प्रदेश की ओर आकर्षित हो रही हैं। विभिन्न क्षेत्रों से निवेशक और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल लगातार उत्तर प्रदेश का दौरा कर रहे हैं, जिससे नए निवेश और रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं में उद्योग की जरूरतों के अनुरूप हुनर और कौशल विकसित हो रहा है। उत्तर प्रदेश में लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम और व्यापारिक आयोजन हो रहे हैं, जो उद्यमियों को वैश्विक बाजार से सीधे जुड़ने का अवसर दे रहे हैं। उन्होंने उद्यमियों से वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्ता, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स के माध्यम से दुनिया के कई बाजार भारत के लिए खुले हैं और उत्तर प्रदेश के प्रतिभाशाली उद्यमियों को इन अवसरों का पूरा लाभ उठाना चाहिए।

    इस अवसर पर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भूपेंद्र चौधरी, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील, उद्योग आयुक्त के विजयेंद्र पांडियन और विशेष सचिव एमएसएमई शिशिर उपस्थित रहे।

  • दिल्ली के 14,947 पोलिंग बूथों पर आज विशेष कैंप, SIR में नाम जुड़वाने का मौका

    दिल्ली के 14,947 पोलिंग बूथों पर आज विशेष कैंप, SIR में नाम जुड़वाने का मौका

    नई दिल्ली
     दिल्ली में चल रही एसआईआर के लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) द्वारा जारी ड्राफ्ट पर आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा एक माह के लिए बढ़ा दी गई है

    मतदाता एसआईआर पर अपने दावे और आपत्तियां 30 अक्टूबर तक दर्ज करा सकते हैं। जबकि 30 नंवबर तक ड्राफ्ट एसआईआर में आए नोटिस का निस्तारण किया जाएगा। जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर को जारी करने की तारीख तय की गई है। जबकि पहले यह तारीख चार नवंबर थी।

    नागरिक उपरोक्त समयावधि में ड्राफ्ट सूची में नाम न होने पर फार्म 6 भर सकते हैं। साथ ही पता या आवास बदलने पर फार्म आठ भर सकते हैं।

    पोलिंग बूथों पर लगेंगे विशेष शिविर
    वहीं, सीईओ कार्यालय रविवार यानि 27 सितंबर को को एसआईआर के तहत दिल्ली भर के 14,947 पोलिंग बूथों पर विशेष शिविर लगाएगा। इन शिविरों का उद्देश्य उन पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करना है, जिनका नाम अभी तक सूची में दर्ज नहीं हो पाया है।

    आयोग के अनुसार, दिल्ली में अब तक फार्म- 6 के करीब सवा तीन लाख आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। फार्म- 6 नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

    नाम दर्ज कराने की अपील
    आयोग ने पात्र नागरिकों से विशेष शिविरों का लाभ उठाकर मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की अपील की है। शिविरों में मतदाता नाम जुड़वाने के साथ ही एसआईआर से संबंधित अन्य प्रक्रियाओं और दस्तावेजों को लेकर भी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

    आयोग के मुताबिक, जिन पात्र नागरिकों के नाम सूची में छूट गए हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फार्म- 6 जमा कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि एसआईआर के दौरान प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल किए जाएंगे।

    सीईओ ने 29 और 30 सितंबर को दिल्ली भर के कालेजों, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में 18-25 वर्ष की आयु के युवा मतदाताओं के लिए विशेष शिविरों की भी घोषणा की है।

    SIR में गलती है तो ऐसे कराएं सुधार
    एसआईआर की ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम की स्पेलिंग, उम्र, जन्मतिथि या पता गलत है या मतदाता को शिफ्टेड दिखाया गया है, तो दावा अवधि में सुधार कराया जा सकता है।

    दिल्ली के सीईओ कार्यालय के अनुसार, मौजूदा मतदाता के विवरण में सुधार और पता बदलने के लिए फार्म-8 तथा ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं होने पर नाम जुड़वाने के लिए फार्म- 6 भरना होगा।

    ऑफलाइन तरीका
    संबंधित बीएलओ, ईआरओ, एईआरओ से फार्म-6 या फार्म-8 लें। सही जानकारी भरकर दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रति लगाएं और बीएलओ या चुनाव कार्यालय में जमा करें। जमा करने की रसीद जरूर लें।

    ऑनलाइन तरीका
    voters.eci.gov.in पर जाएं – लॉगिन कर रजिस्ट्रेशन करें। संबंधित फार्म चुनें, विवरण भरें, दस्तावेज अपलोड करें, आवेदन जमा करें। आवेदन का रेफरेंस नंबर सुरक्षित रखें, इसी से स्थिति जांची जा सकती है।

    ऑनलाइन नोटिस कैसे जांचें
    सबसे पहले वोटर सर्विस पोर्टल पर जाएं। विकल्प चुनें, होमपेज या मेनू सेक्शन में ''Submit Document Against Notice Issued'' या ''List of persons to whom notices have been issued'' वाले विकल्प पर क्लिक करें। इसमें जिले का नाम डालें। अपने इलाके का नाम चुनें। पोलिंग स्टेशन चुनें। इसके बाद आपके पोलिंग स्टेशन की लिस्ट खुल जाएगी।

     

  • हरियाणा NMMS छात्रवृत्ति परीक्षा के आवेदन शुरू, 4 साल तक मिलेंगे ₹1000 हर माह

    हरियाणा NMMS छात्रवृत्ति परीक्षा के आवेदन शुरू, 4 साल तक मिलेंगे ₹1000 हर माह

    करनाल
    सरकारी और अनुदान प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए बड़ी खबर है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही राष्ट्रीय साधन-सह-पात्रता छात्रवृत्ति योजना के तहत हरियाणा में इस बार 2337 छात्रों का चयन किया जाएगा।

    चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक चार साल तक प्रति माह 1000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। जो सीधा चयनित विद्यार्थी के खाते में जाएगी। एससीईआरटी गुरुग्राम की ओर से जारी पत्र अनुसार इस परीक्षा के लिए आनलाइन आवेदन 25 सितंबर 2026 से शुरू होंगे और अंतिम तिथि 25 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। परीक्षा का आयोजन 29 नवंबर 2026 को किया जाएगा।

    कौन कर सकता आवेदन?
    इस परीक्षा में बैठने के लिए विद्यार्थी का हरियाणा के किसी सरकारी या अनुदान प्राप्त विद्यालय में कक्षा आठवीं में पढ़ना अनिवार्य है। साथ ही उसने सातवीं कक्षा भी सरकारी या अनुदान प्राप्त स्कूल से ही पास की हो। परीक्षार्थी के माता-पिता की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय 3 लाख 50 हजार रुपये से कम होनी चाहिए। विद्यार्थी का नाम और जन्मतिथि आधार कार्ड के अनुसार तथा आरक्षित श्रेणी का प्रमाण पत्र स्कूल रिकार्ड के अनुसार होना जरूरी है।

    आरक्षण और जिला-वार कोटा
    इस परीक्षा में जिला स्तर पर मेरिट के अनुसार कोटे के हिसाब से चयन होगा। इसमें बीसी-ए वर्ग को 16 प्रतिशत, बीसी-बी को 11 प्रतिशत, एससी को 20 प्रतिशत और दिव्यांग वर्ग को 3 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।

    शेष सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं। जिला-वार कोटे में यमुनानगर सबसे आगे है, जहां 271 छात्रों का चयन होगा। इसमें 136 सामान्य, 43 बीसी-ए, 30 बीसी-बी, 20 एससी के साथ अन्य वर्ग शामिल हैं।

    इसके बाद हिसार में 170, गुरुग्राम में 134, कैथल व कुरुक्षेत्र में 132-132 और करनाल में 127 का कोटा है। वहीं, सबसे कम कोटा फरीदाबाद में 32, पंचकूला में 54 और चरखी दादरी में 58 है।

    अंबाला में 104, भिवानी में 100, फतेहाबाद में 106, रोहतक में 100, सोनीपत में 105 और सिरसा में 107 छात्रों का चयन किया जाएगा। कुल 2337 में से 1167 सामान्य, 373 बीसी-ए, 260 बीसी-बी, 360 एससी, 467 पीएच और 70 दिव्यांग कोटे में चयनित होंगे।

    इच्छुक विद्यार्थी आनलाइन करें आवेदन
    डीएमएस सुमित मान ने बताया कि इच्छुक छात्र हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट बीएसईएच.ओआरजी.इन तथा एससीईआरटी की वेबसाइट एससीईआरटीएचएआरवाईएएनए.जीओवी.आइएन पर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

    आरक्षित वर्ग के छात्रों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र की छायाप्रति भी अपलोड करनी होगी। विस्तृत जानकारी विवरण पुस्तिका में उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 0124-4066243 पर संपर्क किया जा सकता है।