Category: राज्य

  • वाल्मीकिनगर में 195 मिमी बारिश, पटना में भी बरसे बादल; अब बढ़ेगा तापमान

    वाल्मीकिनगर में 195 मिमी बारिश, पटना में भी बरसे बादल; अब बढ़ेगा तापमान

    पटना
     बिहार के लोगों को अब पिछले दिनों हुई झमाझम बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना (IMD) द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार में मानसून सक्रिय रहा।

    पश्चिमी चंपारण और सीतामढ़ी जिलों के एक-दो स्थानों पर बहुत भारी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा गोपालगंज, सिवान, पूर्वी चंपारण, शिवहर, मधुबनी, सुपौल और पटना जिले में भी भारी वर्षा हुई है।

    पिछले 24 घंटों में वर्षा और हवा के आंकड़े
    पिछले 24 घंटे में वाल्मीकिनगर (194.8 मिमी), सोनबरसा (190.0 मिमी), मैनाटांड़ (168.4 मिमी), मधुबनी (108.6 मिमी), रघुनाथपुर (102.2 मिमी) और पिपराही (100.8 मिमी) बारिश दर्ज की गई है। वहीं, राजधानी पटना में 61.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।

    पिछले 24 घंटे में कैमूर (भोजपुर) जिले में सबसे तेज 65 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में सर्वाधिक अधिकतम तापमान पूर्णिया में 33.2 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान रोहतास के डेहरी में 21.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    कल का मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार कल सोमवार 28 सितंबर को उत्तर-पश्चिम और उत्तर-मध्य भागों में मेघगर्जन, बिजली चमकने तथा 30-40 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं।

    तापमान में बदलाव का अनुमान
    मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिनों के दौरान राज्य के अधिकांश भागों में अधिकतम तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस से 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का पूर्वानुमान है। वहीं, अगले 2-3 दिनों में न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा।

     

  • दौसा-सवाईमाधोपुर में खत्म होगी पानी की परेशानी! 3588 करोड़ की परियोजना तेजी से आगे बढ़ी

    दौसा-सवाईमाधोपुर में खत्म होगी पानी की परेशानी! 3588 करोड़ की परियोजना तेजी से आगे बढ़ी

    जयपुर
    ईसरदा बांध से दौसा और सवाईमाधोपुर के गांवों और शहरों तक पानी पहुंचाने की योजना पर काम तेज हो गया है। ईसरदा बांध से पानी फिल्टर प्लांट तक पहुंच चुका है। 225 एमएलडी क्षमता वाले प्लांट की टेस्टिंग चल रही है।

    करीब 3588 करोड़ रुपए की इस परियोजना के पूरा होने के बाद 1256 गांवों और छह कस्बों को पानी मिलने लगेगा। इससे करीब 35 लाख लोगों को फायदा होगा। परियोजना में 3.06 लाख से ज्यादा घरों तक पानी का कनेक्शन पहुंचाने की योजना है। शहरी इलाकों में नवंबर तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद जिन ग्रामीण इलाकों में पाइपलाइन और पानी की टंकियों का काम पूरा हो चुका है, वहां घरों तक कनेक्शन देकर पानी पहुंचाया जाएगा।

    299 किलोमीटर पाइपलाइन पूरी
    ईसरदा से महुआ तक करीब 341 किलोमीटर लंबी मुख्य पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। इसमें से अब तक लगभग 299 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। यानी ज्यादातर काम पूरा हो चुका है और बाकी हिस्से में भी तेजी से काम किया जा रहा है। इसके साथ ही ईसरदा और बगड़ी में पानी जमा करने के लिए बनाए जा रहे जलाशयों का काम भी पूरा हो गया है। इस पूरे हिस्से में अब तक करीब 1005.60 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।

    अलग-अलग काम, दौसा के 918 गांवों तक पहुंचेगा पानी
    दौसा जिले में पानी पहुंचाने के लिए अलग-अलग हिस्सों में काम चल रहा है। लालसोट क्षेत्र के 302 गांवों और लालसोट शहर को पानी मिलेगा। यहां 2002 किलोमीटर में से 124.7 किलोमीटर पाइपलाइन बिछ चुकी है। दौसा क्षेत्र के 248 गांवों और दौसा शहर के लिए 1709 किलोमीटर पाइपलाइन बिछनी है, जिसमें 154 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है।

    पाइप लाइन बिछी, सवाईमाधोपुर के 177 गांव भी जुड़ेंगे
    बसवा क्षेत्र में 368 गांवों और बांदीकुई शहर को पानी मिलेगा। यहां 2077 किलोमीटर में से 1801 किलोमीटर पाइपलाइन बिछ चुकी है। महुआ क्षेत्र में भी 315 किलोमीटर में से 244 किलोमीटर पाइपलाइन का काम पूरा हो गया है। परियोजना का दायरा सवाई माधोपुर तक भी है। बौंली के 99, मलारना डूंगर के 61 और चौथ का बरवाड़ा के 17 गांवों यानी कुल 177 गांवों को इससे जोड़ा जाएगा।

  • भारत की बदलती व्यापार नीति ने उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के लिए खोले वैश्विक बाजारों के नए अवसर: भूपेंद्र चौधरी

    भारत की बदलती व्यापार नीति ने उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के लिए खोले वैश्विक बाजारों के नए अवसर: भूपेंद्र चौधरी

    ग्रेटर नोएडा

     उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि भारत की बदलती व्यापार नीति ने उत्तर प्रदेश के उद्यमियों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए वैश्विक बाजारों के नए अवसर खोले हैं। भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौतों से टेक्सटाइल, लेदर, इंजीनियरिंग गुड्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, फार्मास्यूटिकल्स तथा ओडीओपी जैसे क्षेत्रों को लाभ मिल सकता है। 'लीवरेजिंग इंडियाज फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स फॉर ग्लोबल बिजनेस ग्रोथ' सेशन में उन्होंने कहा कि मुरादाबाद का पीतल, भदोही के कालीन, अलीगढ़ के ताले और कन्नौज का इत्र जैसे उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों में वैश्विक बाजार में अपनी पहचान मजबूत करने की क्षमता है। प्रदेश के विशाल एमएसएमई आधार, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और ई-इकोनॉमिक एक्सपोर्ट हब तथा लॉजिस्टिक सुविधाओं के विकास से निर्यातकों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल रही है। उन्होंने उद्यमियों और निर्यातकों से भारत के व्यापार समझौतों से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कहा कि गुणवत्ता, नवाचार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता के बल पर उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़कर ‘लोकल से ग्लोबल’ की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है।

    यूपीआईटीएस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर: नंद गोपाल गुप्ता नंदी

    औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि यूपीआईटीएस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की तस्वीर है, जो प्रदेश की स्थानीय ताकत, कारीगरों के हुनर और उद्यमियों की प्रतिभा को वैश्विक अवसरों से जोड़ने का प्रभावी मंच बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के व्यापार एवं औद्योगिक क्षेत्र को नई गति मिली है। वर्ष 2023 में शुरू हुआ यूपीआईटीएस अपने चौथे संस्करण तक पहुंच चुका है और इसमें विदेशी खरीदारों, प्रदर्शकों तथा विभिन्न देशों की भागीदारी प्रदेश की बढ़ती वैश्विक व्यापारिक पहुंच को दर्शाती है। 

    उन्होंने कहा कि यूपीआईटीएस के माध्यम से ओडीओपी, हस्तशिल्प, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, लेदर, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों के उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर मिल रहा है। भारत के विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौतों और एफटीए से निर्यातकों के लिए नए अवसर खुले हैं, जिनका लाभ उत्तर प्रदेश के उद्यमी उठा सकते हैं। प्रदेश में एक करोड़ से अधिक एमएसएमई, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रतिभाशाली युवाओं की उपलब्धता इसकी बड़ी ताकत है। जापान, वियतनाम, सिंगापुर, रूस, ऑस्ट्रिया और बेलारूस जैसे देशों की भागीदारी यूपीआईटीएस की वैश्विक पहुंच को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ते हुए विकसित भारत की विकास यात्रा में मजबूत भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

  • हल्दी में लेड क्रोमेट, लड्डू में मेटानिल येलो! बिहार में 11 सैंपल मानकों पर फेल

    हल्दी में लेड क्रोमेट, लड्डू में मेटानिल येलो! बिहार में 11 सैंपल मानकों पर फेल

    पटना
     राज्य में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य संरक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है।

    विभिन्न जिलों से लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूनों की प्रयोगशाला जांच में 11 नमूने असुरक्षित और निर्धारित मानकों के विपरीत पाए गए हैं।

    स्वास्थ्य सचिव सह खाद्य संरक्षा आयुक्त कुमार रवि ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत इन मामलों में अभियोजन की स्वीकृति दे दी है।

    कोर्ट में अभ‍ियोजन दायर करने का निर्देश
    उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सक्षम न्यायालय में अभियोजन दायर करने का निर्देश दिया है। प्रावधानों के तहत दोष सिद्ध होने पर तीन महीने तक की जेल और तीन लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

    खाद्य संरक्षा विभाग के अनुसार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच और निर्धारित मानकों के उल्लंघन के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    इन खाद्य पदार्थों के नमूनों में मिली गड़बड़ी

    1. अररिया : सिसाउना बस्ती स्थित मैसर्स सेंटर फार नेशनल डेवलपमेंट इनिशिएटिव से लिए गए हल्दी पाउडर के नमूने में मेटानिल येलो पाया गया।
    2. शेखपुरा : बरबीघा स्थित मैसर्स शिव शंकर होटल से लिए गए बेसन लड्डू के नमूने में मेटानिल येलो पाया गया।
    3. भोजपुर : शाहपुर स्थित मैसर्स संतोष किराना दुकान से लिए गए हल्दी के नमूने में लेड क्रोमेट पाया गया।
    4. जमुई : महाराजगंज चौक स्थित मैसर्स गोपाल होटल एंड स्वीट्स शॉप से लिए गए बेसन लड्डू के नमूने में मेटानिल येलो पाया गया।
    5. पूर्णिया : बनमनखी स्थित मैसर्स मोनाज पोद्दार से लिए गए भिंडी के नमूने में बाहरी/अतिरिक्त रंग की उपस्थिति पाई गई।
    6. सीतामढ़ी : मैसर्स गणपति ट्रेडर्स से लिए गए मल्टी-सोर्स एडिबल वेजिटेबल ऑयल के नमूने में निर्धारित सीमा से अधिक एसिड वैल्यू तथा तेल में घुलनशील सिंथेटिक रंग पाया गया।
    7. मुजफ्फरपुर : मैसर्स गोकुल स्वीट्स से लिए गए रोल बर्फी के नमूने में चांदी के वर्क के स्थान पर एल्युमिनियम फॉइल पाए जाने की पुष्टि हुई।
    8. अररिया : मैसर्स सेंटर फार नेशनल डेवलपमेंट इनिशिएटिव से लिए गए धनिया पाउडर के नमूने में ऑयल सॉल्युबल कलर और स्टार्च की उपस्थिति पाई गई।
    9. पटना : दानापुर स्थित मैसर्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट आफ द लंदन बलेरी (काव्या एंटरप्राइजेज) से लिए गए हल्दी पाउडर के नमूने में लेड क्रोमेट पाया गया।
    10. पटना : गुलजारबाग स्थित मैसर्स निखिल एंटरप्राइजेज से लिए गए सौंफ के नमूने में फास्ट ग्रीन एफसीएफ की उपस्थिति पाई गई।
    11. खगड़िया : मैसर्स रौशन पनीर से लिए गए पनीर के नमूने में फार्मेलिन और स्टार्च की उपस्थिति के साथ निर्धारित मानक से कम वसा पाई गई।

     

  • किसी ने फूलों से सजाया पत्र तो किसी ने बनाया मुख्यमंत्री का चित्र

    किसी ने फूलों से सजाया पत्र तो किसी ने बनाया मुख्यमंत्री का चित्र

    लखनऊ

    किसी ने फूलों से चिट्ठी सजाई, किसी ने अपनी नई स्टडी टेबल का चित्र बनाया तो किसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर के साथ ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश उकेरा। देवीपाटन मंडल में एक लाख बच्चों को मिली स्टडी टेबल अब उनके घर में पढ़ाई का अपना छोटा सा कोना बन रही है। इस पहल से खुश बच्चों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने हाथों से पत्र लिखकर धन्यवाद दिया है। इन मासूम चिट्ठियों में सरकारी योजना के आंकड़ों से इतर बच्चों की वह खुशी दिखाई देती है, जो घर में पढ़ाई के लिए अपनी स्टडी टेबल मिलने से उनके जीवन में आई है।

    स्वाती ने लिखा- स्टडी टेबल पाकर काफी प्रसन्न हूं

    स्टडी टेबल पाने वाली स्वाती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे अपने पत्र में खुशी जाहिर की है। उसने लिखा कि उसे स्टडी टेबल और पढ़ने की सामग्री दी गई है, जिसके लिए वह दिल से धन्यवाद करती है। स्वाती ने बताया कि वह प्रतिदिन स्टडी टेबल पर पढ़ाई करती है और मिली सामग्री का उपयोग करती है। उसने अपने पत्र को फूलों से सजाने के साथ नीचे स्टडी टेबल, किताब और पेंसिल का चित्र भी बनाया है।

    सबा की खुशी- अब मेरी पीठ भी दर्द नहीं करती

    कक्षा छह की छात्रा सबा की चिट्ठी स्टडी टेबल से उसकी रोजमर्रा की पढ़ाई में आए बदलाव को बयां करती है। मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए सबा ने लिखा कि पहले उसे घर पर पढ़ाई करने में बहुत असुविधा होती थी। अब स्टडी टेबल मिलने से उसे पढ़ने में सहूलियत हुई है। अपनी मासूम भाषा में उसने लिखा कि अब उसकी पीठ भी दर्द नहीं करती। पत्र के साथ सबा ने स्टडी टेबल का चित्र भी बनाया और ‘सब पढ़ें-सब बढ़ें’ का संदेश लिखा।

    नुजहत फातिमा ने लिखा- अब पहले से अधिक एकाग्र होकर पढ़ रही हूं
    कक्षा सात की नुजहत फातिमा ने मुख्यमंत्री के नाम नीले चार्ट पेपर पर ‘आभार पत्र’ तैयार किया। नुजहत ने लिखा कि स्टडी टेबल मिलने से उसे पढ़ाई का अच्छा वातावरण मिला है। इससे पढ़ाई में उसकी रुचि बढ़ी है और वह पहले की तुलना में अधिक एकाग्र होकर पढ़ पा रही है। उसने यह भी लिखा कि गृहकार्य पूरा करने और पढ़े हुए पाठ को दोहराने में वह स्टडी टेबल का इस्तेमाल कर रही है। पत्र में रंगीन पेंसिलों के साथ पढ़ती हुई छात्रा का चित्र बनाकर उसने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

    बच्चों ने कागज पर उतारी खुशी, CM योगी के बनाए चित्र

    बच्चों के आभार पत्र केवल शब्दों तक सीमित नहीं हैं। कई छात्र-छात्राओं ने पूरी रचनात्मकता के साथ पोस्टर तैयार किए हैं। एक बच्चे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा चित्र बनाया और दोनों ओर ‘बेटी बचाओ’ और ‘बेटी पढ़ाओ’ लिखा। नीचे स्टडी टेबल प्राप्त करती छात्रा का चित्र बनाया गया है। एक अन्य पोस्टर में स्कूल के गेट पर छात्रा को टेबल सौंपते दिखाते हुए लिखा गया ‘बेटी पढ़ेगी, आगे बढ़ेगी, उत्तर प्रदेश का नाम बढ़ाएगी।’ एक बच्चे ने बड़े अक्षरों में ‘Thank You’ लिखकर मुख्यमंत्री, छात्रा और स्टडी टेबल को एक साथ चित्रित किया।

    एक लाख मेधावी बच्चों के घर पहुंची पढ़ाई की मेज

    मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि देवीपाटन मंडल के चार जिलों में ‘शिक्षा की उड़ान’ स्टडी टेबल वितरण अभियान के तहत एक लाख टेबल बांटने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे शत-प्रतिशत पूरा किया गया है। अभियान का उद्देश्य घर पर अनुशासित पढ़ाई की संस्कृति विकसित करने के साथ सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना है। मेधावी विद्यार्थियों को स्टडी टेबल उपलब्ध कराकर कक्षा के बाहर भी निरंतर और एकाग्र अध्ययन के लिए जगह उपलब्ध कराने की पहल की गई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण परिवेश के बच्चों को स्टडी टेबल दी गई है, जो अब उनका पर्सनल स्टडी स्पेस बन चुका है। 

    बहराइच में सबसे ज्यादा 34,260 टेबल का वितरण

    मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के अनुसार अभियान में सबसे अधिक बहराइच में 34,260 टेबल दी गईं। इसके बाद गोंडा में 27,650, बलरामपुर में 26,984 और श्रावस्ती में 11,106 स्टडी टेबल का वितरण किया गया। इस तरह मंडल ने एक लाख टेबल का निर्धारित लक्ष्य पूरा किया।

    मेधावी छात्रों के साथ कस्तूरबा की सभी छात्राओं को लाभ

    उन्होंने बताया कि ‘शिक्षा की उड़ान’ अभियान में सरकारी विद्यालयों के सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्टडी टेबल देने की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की सभी छात्राओं को लाभार्थियों में शामिल किया गया है। इसे सतत अभियान के रूप में तैयार किया गया है, ताकि भविष्य में भी टॉपर विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जा सके।

  • पालोजोरी में वोटर लिस्ट के लिए फर्जी दस्तावेज का मामला, 46 संदिग्ध आवेदकों से मांगा जवाब

    पालोजोरी में वोटर लिस्ट के लिए फर्जी दस्तावेज का मामला, 46 संदिग्ध आवेदकों से मांगा जवाब

    पालोजोरी (देवघर)
    मतदाता सूची में नाम चढ़वाने को लेकर लगातार फर्जीवाड़े की सूचना मिल रही है। ताजा मामला पालोजोरी प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय जमुआ बसहा बूथ संख्या- 251 से जुड़ा हुआ है। मतदाता सूची में नाम चढ़वाने के लिए 46 आवेदकों द्वारा फर्जी प्रमाण-पत्रों का सहारा लेने की बात सामने आई है।

    फर्जी प्रमाण-पत्र का मामला खुलासा होने के बाद प्रखंड प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए सभी 46 लोगों को नोटिस भेजते हुए तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा है। मिली जानकारी के अनुसार इन लोगों ने एडिटेड जाति व निवासी प्रमाण-पत्र जमा किया था।

    सरकारी कार्रवाई और निर्देश जांच में फर्जी दस्तावेज पाए जाने के बाद प्रखंड प्रशासन ने सभी 46 संबंधित संदिग्ध मतदाताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

    प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी को तीन दिनों के अंदर उपस्थित होकर अपने दस्तावेजों पर संतोषजनक स्पष्टीकरण देना होगा।

    यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर उचित और संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो प्रशासन द्वारा इन सभी के खिलाफ फर्जीवाड़े का आपराधिक मामला दर्ज कराया जाएगा।

    राज्य निर्वाचन आयोग की सक्रियता
    वहीं एसआइआर के तहत इस तरह के फर्जीवाड़े को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग भी सक्रिय है। इसके तहत राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में किसी भी प्रकार के अवैध समावेश या प्रविष्टी रोकने के लिए एसआइआर के तहत मल्टी-लेयर जांच की जा रही है।

    सूत्रों के अनुसार, प्रशासन अब इस बात की भी गहन जांच कर रही है कि इन 46 आवेदकों के फर्जी प्रमाण-पत्र किस प्रज्ञा केंद्र या कंप्यूटर आपरेटर द्वारा तैयार की गई है, ताकि फर्जीवाड़ा करने वाले रैकेट पर भी कानूनी नकेल कसी जा सके व फर्जी तरीके से इस तरह के प्रमाण-पत्र बनाने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई हो सके।

  • गर्मी-उमस के बीच नींबू महंगा, आवक आधी होते ही दाम 250 रुपए किलो तक पहुंचे

    गर्मी-उमस के बीच नींबू महंगा, आवक आधी होते ही दाम 250 रुपए किलो तक पहुंचे

    जोधपुर
    जोधपुर में गर्मी और उमस के बीच आमजन की रसोई से नींबू गायब होने लगा है। भाद्रपद माह में मंडी में नींबू की नई आवक शुरू हो जाती है, जिससे अमूमन कीमतें नियंत्रण में रहती हैं। हालांकि, इस बार मुख्य उत्पादक क्षेत्रों से आवक कम होने और स्थानीय मांग में तेजी आने के कारण नींबू के तेवर तीखे हो गए हैं। रिटेल में नींबू 225 से 250 रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर बिक रहा है।

    कीमत सुनकर आवक रह गई जया
    जोधपुर में गृहणी जया कुमारी ने सब्जी ठेले पर आकर जब नींबू का दाम पूछा तो सब्जी वाले ने कहा कि 250 रुपए किलो। कीमत सुनकर जया कुमारी आवक रह गई। फिर काफी सोच विचार कर कहा एक नींबू दे दो। 10 रुपए का एक नींबू लेकर उन्होंने सब्जी वाले इस बढ़े हुए रेट के बारे में पूछा तो उसने कहा पीछे से ही नींबू का रेट तेज है।

    उत्पादन पर मौसम की मार
    जोधपुर में सब्जी मंडी कारोबारियों के अनुसार, इस सीजन में नींबू की फसल पर मौसम की अनिश्चितता का भारी असर पड़ा है। ऐन वक्त पर पैदावार प्रभावित होने से मंडियों में रोजाना आने वाली गाड़ियों की संख्या आधी रह गई है। आवक में गिरावट और गर्मी के कारण बढ़ती मांग से कीमतों में तेजी आई है।

    रसोई का बजट बिगड़ा
    एक पखवाड़े पहले तक 80 से 100 रुपए किलो तक बिकने वाला नींबू अब आम आदमी की पहुंच से बाहर होता दिख रहा है। सब्जी विक्रेता सुनील गहलोत का कहना है कि थोक मंडी से ही माल महंगा मिल रहा है, जिसके चलते उन्हें ऊंचे दामों में बेचना पड़ रहा है। नींबू के महंगा होने का असर अब सड़कों और बाजारों में लगने वाले शिकंजी व जूस के ठेलों पर भी साफ नजर आने लगा है, जहां गिलास के दाम बढ़ा दिए गए हैं।

    सुनील गहलोत ने बताया कि अगले दो-तीन हफ्तों में नई फसल की आवक में सुधार नहीं होता, तब तक कीमतों में गिरावट की उम्मीद कम है।

     

  • UP में अतिवृष्टि से बिगड़े हालात, 56 जिलों में भारी बारिश; सरकार ने अफसरों को फील्ड में उतारा

    UP में अतिवृष्टि से बिगड़े हालात, 56 जिलों में भारी बारिश; सरकार ने अफसरों को फील्ड में उतारा

    लखनऊ
     यूपी में पिछले 48 घंटों से ज्यादा समय से बारिश जारी है। तेज हवाओं और बारिश ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। कई किसानों की खेतों में खड़ी धान की फसलें बर्बाद हो गई हैं। कई जगहों पर मकान ही गिर गए हैं।

    जिसको देखते हुए यूपी सरकार ने सभी अफसरों को फील्ड में रहकर पीड़ितों को हर संभव मदद के निर्देश दिए गए हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को प्रभावित जनपदों के जिलाधिकारियों एवं अपर जिलाधिकारियों से संवाद कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। राहुल आयुक्त ने सभी डीएम, एडीएम एवं आपदा विशेषज्ञों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की प्रभावी निगरानी करने तथा उच्च प्राथमिकता के आधार पर राहत सामग्री एवं सहायता राशि का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    राहत आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारियों को अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं की जानकारी लेने तथा आवश्यक सहायता तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा है।

    यूपी में सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक वर्षा
    राहत आयुक्त ने बताया कि 25 सितम्बर से 27 सितम्बर की सुबह तक प्रदेश में 66.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 7.6 मिमी है। इस प्रकार प्रदेश में वर्षा सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 75 जनपदों में से 56 जनपदों में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि फर्रूखाबाद में सामान्य से 7385 प्रतिशत, कन्नौज में 5664 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 4408 प्रतिशत, हमीरपुर में 4240 प्रतिशत तथा महोबा में 4100 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

    56 जनहानि, 107 पशुहानि एवं 1021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना
    राहत आयुक्त ने बताया कि पिछले 60 घंटों में अतिवृष्टि एवं आंधी-तूफान के कारण प्रदेश में 56 जनहानि, 107 पशुहानि तथा 1021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त 46 व्यक्तियों के घायल होने की सूचना है। जनहानि के मामलों में सीतापुर में 7, लखीमपुर खीरी में 5, बहराइच में 5, बलरामपुर में 5, अयोध्या में 4 तथा गोरखपुर में 4 जनहानि की सूचना प्राप्त हुई है। घायलों में हरदोई में 7, मैनपुरी में 5, श्रावस्ती में 5 तथा बाराबंकी में 5, जबकि सीतापुर एवं लखीमपुर खीरी में 3-3 घायल होने की सूचना है। पशुहानि के मामलों में हरदोई में 28, सीतापुर में 16, कन्नौज में 14, बहराइच में 7, कानपुर देहात में 7 तथा उन्नाव में 6 पशुहानि की सूचना प्राप्त हुई है। मकान क्षति के मामलों में हरदोई में 272, सीतापुर में 108, चंदौली में 75, औरैया में 60, गोंडा में 54, हमीरपुर में 51, शाहजहांपुर में 47 तथा बहराइच में 44 मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।

    फसल क्षति का तत्काल आकलन कर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश
    राहत आयुक्त ने फसल क्षति का तत्काल सर्वेक्षण एवं आकलन कर नियमानुसार मुआवजा प्रदान करने की कार्यवाही सर्वाेच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक आवास की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां आवश्यक हो, पात्र प्रभावित परिवारों को नियमानुसार आवास योजनाओं से लाभान्वित कराने की कार्रवाई की जाए। राहत आयुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों को राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई से नियमित रूप से अवगत कराया जाए। राहत आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों में त्वरितता, संवेदनशीलता एवं समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रभावित परिवारों को हरसंभव आवश्यक सहायता समय से उपलब्ध कराई जाए।

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचें
    राहत आयुक्त ने बताया कि जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव दलों द्वारा लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के साथ ही आवश्यक सहायता एवं राहत उपलब्ध कराई जा रही है। आमजन से अपील है कि जल प्रभावित एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचें। जलभराव, नदियों एवं नालों के तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आपातकालीन सहायता हेतु राहत आयुक्त कार्यालय की हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क करें।

  • पटना से बिहारशरीफ तक छोटी सड़कों का होगा रखरखाव, 7 साल की जिम्मेदारी निर्माण कंपनियों पर

    पटना से बिहारशरीफ तक छोटी सड़कों का होगा रखरखाव, 7 साल की जिम्मेदारी निर्माण कंपनियों पर

     पटना
    इस बार की रोड मेंटेनेंस पालिसी में जिन सड़कों को अगले सात वर्षों के रखाव को ले निर्माण कंपनियों को दिया गया है, उनमें प्राय: सभी जिलों में ऐसी सड़कें हैं जिनकी लंबाई एक किमी भी नहीं है।

    पटना के लिए बने पैकेज में तो इसकी भरमार है। निर्माण कंपनी को अब इन छोटे-छोटे स्ट्रेच में अपनी सक्रियता दिखानी है। कहीं भी शिकायत मिली तो मामला ऊपर जाएगा।

    पटना में 0.10 किमी लंबाई वाली सड़क का रख रखाव भी
    पटना के लिए रोड मेंटेनेंस पालिसी के तहत जो पैकेज बना है उसमें एक छोटी सड़क 0.17 किमी लंबी दिखती है। यह सड़क नेहरू पथ में आयकर गोलंबर से तारमंडल की ओर आगे बढ़ने पर सोना मेडिकल हाल के समीप बनी सर्विस लेन है।

    दिलचस्प यह है कि एक सड़क ऐसी है जिसकी लंबाई 0.10 किमी है। यह सड़क फुलवारीशरीफ स्थित पूर्णेंदुनगर से योगेंद्र भगत के घर तक की है।

    न्यू डाकबंगला रोड में 0.40 किमी, बैंक रोड में 0.80 किमी, बंदर बागीचा में 0.10 किमी, चितकोहरा गाेलंबर से अश्नरोही सैन्य बेस तक 0.22 किमी सड़क के रख रखाव को रोड मेंटेनेंस पालिसी के पैकेज में जगह मिल गयी है।

    बिहारशरीफ में भी छोटी-छोटी सड़कों का रख-रखाव
    पटना से सटे बिहारशरीफ में भी छोटी लंबाई वाली सड़कों को रोड मेंटेनेंस पालिसी के तहत बने पैकेज में शामिल कर लिया गया है।

    शहर के भीतर नालंदा कालेज रोड से बारादरी रोड तक की लंबाई 0.43 किमी है। अब यह रोड मेंटेनेंस पालिसी के पैकेज में शामिल है।

    पावर ग्रिड कल्याणबिगहा से हरनौत रेलवे स्टेशन तक की सड़क 0.33 किमी है, दीपनगर बाजार रोड 0.70 किमी, कल्याण बिगहा बापास से चेरो बहादुरपुर लिंक रोड की लंबाई 0.28 किमी है और राजगीर के इंडो-होक्के लिंक रोड की लंबाई 0.95 किमी है। इन सड़को रख रखाव भी तय निर्माण कंपनी द्वारा किया जाएगा।

    बोधगया में 0.58 किमी सड़क शामिल
    रोड मेंटेनेंस पालिसी में शामिल सड़कों की सूची को देखें तो बोधगया में तिब्बत धर्मशाला से होटल ओम इंटरनेशनल तक की 0.58 किमी सड़क, मोतिहारी में पेट्रोल पंप से लेकर गायत्री मंदिर रोड 0.45 किमी, मुजफ्फरपुर में रेवाघाट रोड 0.60 किमी, समस्तीपुर में रेलवे ओवरब्रिज रोड 0.43 किमी, बेगूसराय में बरौनी रेलवे स्टेशन रोड 0.90 किमी भी छोटी सड़कों की सूची में प्रमुख है।

     

  • ड्यूटी के बीच पढ़ाई, NEET PG में देशभर में दूसरा स्थान; पल्लाक्षी की मेहनत की कहानी

    ड्यूटी के बीच पढ़ाई, NEET PG में देशभर में दूसरा स्थान; पल्लाक्षी की मेहनत की कहानी

    रांची
    24 सितंबर को जब NEET PG 2026 के नतीजे घोषित हुए, झारखंड का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर आ गया। रांची में जन्मीं और एयर फोर्स स्टेशन कानपुर में तैनात 28 वर्षीय मेडिकल ऑफिसर स्क्वाड्रन लीडर पल्लाक्षी प्रसाद ने ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की थी।

    डायरेक्टर जनरल आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल सर्विसेज (DGAFMS) एयर मार्शल संदीप थरेजा ने AFMC के C3 बैच की पूर्व छात्रा को बधाई दी और इसे आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल सर्विसेज के लिए गर्व की उपलब्धि बताया।

    पल्लाक्षी , जिनके नाम का अर्थ 'कोमल' है, उनके लिए यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। यह सफर बरसों की अनुशासित पढ़ाई, सैन्य सेवा और सीखने के प्रति अटूट समर्पण से भरा रहा है।

    TOI से बातचीत में पल्लाक्षी ने कहा, "मैं हमेशा से डॉक्टर बनना चाहती हूं। भले ही मेरे माता-पिता दोनों इंजीनियर हैं, लेकिन उन्होंने कभी मेरे सपने के लिए मना नहीं किया। उन्होंने बस मेरा साथ दिया।"

    पल्लाक्षी का करियर
    रांची में जन्मीं और हैदराबाद में पली-बढ़ीं पल्लाक्षी ने दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ाई की और बिना कोई ड्रॉप ईयर लिए NEET UG 2016 में 1312वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की थी।

    अपने गृह राज्य में दाखिले के नियमों के कारण उनके विकल्प सीमित हो गए थे, लेकिन अपनी मां के कहने पर आर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज (AFMC) में आवेदन करने से उनकी जिंदगी बदल गई।

    सिलेक्शन प्रोसेस में लड़कियों की मेरिट लिस्ट में तीसरा स्थान हासिल करने के बाद उन्होंने AFMC में दाखिला लिया और अपने बैच में ओवरऑल मेरिट में छठे स्थान पर रहीं।

    उन्होंने याद करते हुए कहा, "मुझे AFMC कैंपस और उससे जुड़ी हर चीज से लगाव हो गया। ग्रेजुएशन पूरा होने तक, मुझे यूनिफॉर्म पहनने में कोई हिचकिचाहट या अजनबीपन महसूस नहीं होता था। इसलिए, परमानेंट कमीशन लेने का फैसला मेरे लिए बहुत स्वाभाविक था।"

    नेवी में हुआ सिलेक्शन
    15 मई, 2021 को इंडियन नेवी में कमीशन मिलने के बाद, उन्होंने 2025 में इंडियन एयर फोर्स में जाने से पहले लगभग ढाई साल तक एक वॉरशिप पर मेडिकल ऑफिसर के तौर पर काम किया।

    उनका कहना है कि शिप पर की गई सर्विस ने उनके व्यक्तित्व और काम के प्रति नज़रिए, दोनों को ही बेहतर बनाया। यूनिफॉर्म में रहते हुए भारत के सबसे मुश्किल पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम में से एक की तैयारी करने के लिए असाधारण अनुशासन की जरूरत थी।

    उन्होंने कहा, "मरीजों को देखने के बीच, ड्यूटी के बाद, किताबों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए, जब भी समय मिलता, मैं पढ़ाई करती थी। बात रोज़ घंटों तक पढ़ने की नहीं थी, बल्कि लगातार पढ़ते रहने की थी,"

    अपने मेंटर और मिलिट्री डॉक्टर डॉ. विनीत बेहरा की देखरेख में, उन्होंने अपनी इंटर्नशिप के दौरान बॉम्बे मेडिकल कांग्रेस में क्रॉनिक किडनी डिजीज पर एक रिसर्च पेपर भी पेश किया।

    पलाच्छी का परिवार
    अब वह स्पेशलाइज़ेशन के लिए रेडियोलॉजी, इंटरनल मेडिसिन और डर्मेटोलॉजी के बारे में सोच रही हैं।
    उनके पिता, चंद्र किशोर प्रसाद, जो सेंट्रल रेलवे में प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफ़िसर (PCSO) हैं और 'KAVACH किताब के सह-लेखक हैं और मां इंफोसिस में प्रैक्टिस हेड हैं।

    पल्लाक्षी की शादी IAF के एक डॉक्टर से हुई है और वह 2025 से कानपुर में पोस्टेड हैं। जबकि उनके माता-पिता और छोटे भाई, क्षितिज प्रसाद, सभी ने इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र को चुना, पल्लाक्षी परिवार में सबसे अलग रहीं।

    उन्होंने डॉक्टर बनने के अपने बचपन के सपने को पूरा किया और बाद में आर्म्ड फोर्सेज में सेवा करने वाली परिवार की पहली सदस्य बनीं। उनके भाई हैदराबाद से कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट हैं।